राजनीति
दिल्ली की BJP सरकार कर रही मोहल्ला क्लीनिकों का 'भगवाकरण', सौरभ भारद्वाज ने घेरा
17 Jun, 2025 07:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आम आदमी पार्टी ने केजरीवाल सरकार में बने मोहल्ला क्लीनिकों और डिस्पेंसरीज का नाम बदलने पर आपत्ति जताई है और दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चिराग दिल्ली स्थित एक वातानुकूलित डिस्पेंसरी का वीडियो साझा कर हमला किया. उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार में बने मोहल्ला क्लीनिकों और डिस्पेंसरीज की रंगाई पुताई करके भाजपा सरकार दिल्लीवालों को बता रही है कि उसने नया आयुष्मान आरोग्य मंदिर बना दिए.
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि चिराग दिल्ली स्थित डिस्पेंसरी का उद्घाटन तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने किया था. आज भी डिस्पेंसरी पर सत्येंद्र जैन और मेरे नाम का पत्थर लगा हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तरह बाकी मोहल्ला क्लीनिकों का भी नाम बदल कर आरोग्य मंदिर किया जा रहा है.
33 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने का दावा झूठा- आप
सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर कहा कि केजरीवाल सरकार द्वारा बनाए गए मोहल्ला क्लिनिक और डिस्पेंसरी पर नया पेंट करके उन्हें नया आयुष्मान आरोग्य मंदिर बताया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने 33 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने का दावा किया है. उन्होंने भाजपा सरकार पर झूठ बोलने का गंभीर आरोप लगाया.
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार ने 100 दिन पूरे होने पर अपनी 20 बड़ी उपलब्धियां गिनाईं. इसमें भाजपा सरकार अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि आयुष्मान आरोग्य मंदिर को बताया. सरकार का कहना है कि उसने अभी तक दिल्ली में 33 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बना दिए हैं, जो कि पूरी तरह झूठ है. क्योंकि चिराग दिल्ली में भाजपा की सरकार आने से पहले वातानुकूलित डिस्पेंसरी बन गई थी. इसे 2017 में केजरीवाल सरकार द्वारा बनवाया गया था. अब भाजपा कह रही है कि उसने यहां नया आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाया.
दिल्ली सरकार की पुरानी डिस्पेंसरी को बदला जा रहा
सौरभ भारद्वाज का कहना है कि यह कोई आयुष्मान आरोग्य मंदिर नहीं है, बल्कि यह दिल्ली सरकार की पुरानी डिस्पेंसरी है, जिसका उद्घाटन 3 दिसंबर 2017 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और मैंने किया था. आज भी डिस्पेंसरी पर ‘दिल्ली सरकार, आप की सरकार’ लिखा हुआ है. साथ ही, डिस्पेंसरी पर उद्घाटन करने वाले स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और विधायक सौरभ भारद्वाज का नाम भी लिखा हुआ है. यह भाजपा की सच्चाई है.
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह वही आयुष्मान आरोग्य मंदिर है, जिसके बारे में भाजपा और एलजी बार-बार कहते थे कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर केंद्र सरकार की बहुत बड़ी स्कीम है. जिसे आम आदमी पार्टी नहीं बनने दे रही है. भाजपा अगर सरकार में आ जाएगी तो केंद्र सरकार बहुत पैसा दे देगा. इसलिए दिल्ली की जनता को सच्चाई जाननी जरूरी है. लोग सोचते होंगे कि 33 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खुल गए हैं और उसमें कुछ अलग सुविधाएं होंगी. लेकिन सच ये है कि यह आरोग्य मंदिर नहीं है, बल्कि दिल्ली सरकार की पुरानी डिस्पेंसरी है.
कांग्रेस का दावा: जातिगत जनगणना से पता चलेगा शिक्षा-रोजगार का असली हाल, 'BJP की आंखें बंद'
17 Jun, 2025 07:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूरे देश में जाति जनगणना इस समय सुर्खियों में है. सरकार ने ऐलान किया है कि साल 2027 में जाति जनगणना की जाएगी. अब कांग्रेस पार्टी ने जाति जनगणना को लेकर बीजेपी को घेरने का काम किया है. पार्टी ने जनगणना की तारीख पर सवाल खड़े किए हैं. साथ ही कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, बीजेपी की नियत पर हमें शक है.
सचिन पायलट ने पीसी के दौरान कहा, राहुल जी बोलते थे कि हम देश का एक्स-रे चाहते हैं, उसका मुख्य उद्देश्य यह था कि हम देश की वास्तविक स्थिति सामने आए. कितने लोगों की कितनी भागीदारी है, कितने लोग किस हालात में रह रहे हैं. कहा और काम करने की जरूरत है. यह पूरी जानकारी हासिल करने के लिए जाति जनगणना बहुत जरूरी थी.
जाति जनगणना को लेकर BJP को घेरा
सचिन पायलट ने जाति जनगणना को लेकर बीजेपी को घेरा. उन्होंने कहा, बीजेपी ने कई बार कहा कि जो लोग जाति जनगणना की मांग कर रहे हैं वो अर्बन नक्सली हैं. फिर बीजेपी ने अचानक जाति जनगणना को स्वीकार किया और हमारी मांग को माना.
कांग्रेस को BJP की नियत पर शक
सचिन पायलट ने आगे कहा, जो नोटिफिकेशन जारी की है उसमें बताया गया है कि यह जनगणना साल 2027 में की जाएगी. जाति जनगणना को लेकर भी हम सबको इनकी नियत में शक है कि यह सिर्फ बात को टालने के लिए और अपना वादा पूरा नहीं करने के लिए पूरी भूमिका बांध चुके हैं.
आवंटित बजट को लेकर उठाए सवाल
जातिगत जनगणना के लिए 10 हजार करोड़ चाहिए, जबकि, सिर्फ 574 करोड़ ही आवंटित किए गए हैं. सरकार की नीयत में खोट है, जैसे महिला आरक्षण कब लागू होगा, कुछ साफ नहीं है. सरकार ने जनगणना के लिए बहुत कम पैसे अलॉट किए है देर से जनगणना करवा रहे हैं. स्टार्ट भी देर से होगी. जाति जनगणना में सिर्फ ये नहीं पता करना है कि कौन किस जाति का है? ये भी पता करना है कितना पढ़ें है, क्या आर्थिक स्थिति है, क्या सामाजिक स्थिति है ताकि उनकी बेहतरी के लिए नीति और योजना बना सकें.
पहले ये कहते थे जो जाति जनगणना की मांग करते हैं जैसे राहुल गांधी वो अर्बन नक्सल हैं बाद में इन लोगों ने वही किया. हमारी मांग है कि तेलंगाना सरकार की तरह ही जाति जनगणना मोदी सरकार कराए. ये सरकार बहुत जिद्दी है, बिना दबाव के नहीं मानी है, लेकिन संसद में इसपर आगे भी हम दबाव बनाते रहेंगे. इतिहास गवाह है बीजेपी जाति जनगणना के सख्त खिलाफ थी. पीएम ने कहा ये मांग करने वाले अर्बन नक्सल हैं.
जो यह लोग बोलते थे कि यह देश को तोड़ने का काम है, इससे जातिवाद बढ़ जाएगा, देश को तोड़ने का काम है, यह बिल्कुल गलत है. इतनी लंबी समय सीमा बांध दी है. तत्काल शुरू करना चाहिए था, पर्याप्त बजट आवंटित किया जाना चाहिए था और जिस मकसद से हम ने इसको रखा था, वो बिल्कुल जुदा है.
बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा
हमेशा की तरह कांग्रेस पार्टी को दिखाई देना बंद हो जाता है. पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक का वीडियो नजर नहीं आया. CAA में भी काफी कुछ नजर नहीं आया. 30 अप्रैल 4 जून और 15 जून को प्रेस रिलीज में सामाजिक आर्थिक जनगणना की बात कही गई थी. बिहार में भी हमारी सरकार में जातीय जनगणना का सर्वे करवाया था. लेकिन कांग्रेस को यह नहीं दिखता.
हमारी सोच है सभी जातियों की पहचान सभी जातियों का उत्थान, लेकिन कांग्रेस पार्टी सिर्फ परिवार का उत्थान चाहती है. जातीय जनगणना का अधिकार केंद्र का है. तेलंगाना में जातीय सर्वे हो रहा है. वहां के सीएम पैसे की कमी की बात कर रहे हैं.
कांग्रेस के खटा खट मॉडल पर किया वार
कांग्रेस के खटा खट मॉडल के बाद हिमाचल, कर्नाटक के बाद तेलंगाना में भी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है. बिहार में भूरा बाल, कभी परवल की बात कही जाती थी. वहीं मोदी जी सबका साथ सबका विकास कर रहे हैं पश्चिम बंगाल में नए ओबीसी जातियों में मुस्लिम समाज के लोगों को शामिल किया जा रहा है. आरक्षण के नाम पर वोट बैंक की राजनीति की जा रही है.
तारीख को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि दो चरण में यह जनगणना होगी. अखिलेश यादव अपनी पार्टी में परिवार के अलावा अपनी जाति की गणना बताइए. साथ ही उन्होंने कहा, लालू प्रसाद यादव को बाबा साहेब आंबेडकर के चित्र को पैर के सामने रखना इसके लिए माफी मांगनी चाहिए.
मुस्लिम सियासत की नई बिसात: कांग्रेस और AIMIM की सक्रियता से सपा को 'डर'
17 Jun, 2025 07:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर प्रदेश में दो साल के बाद विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन अभी से ही मुसलमानों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच सियासी शह-मात का खेल शुरू हो गया है. सूबे में 20 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं, जो सपा का कोर वोटबैंक माना जाता है. कांग्रेस की ओर से सांसद इमरान मसूद मुसलमानों को साधने की कवायद में जुटे हैं, तो मायावती की नजर भी मुस्लिम वोटों पर है. असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM मुस्लिमों से आस लगाए है, तो बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा ने कमान संभाल ली है.
सूबे में मुस्लिमों को लेकर बिछाई जा रही सियासी बिसात को देखते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव अलर्ट हो गए हैं क्योंकि सपा की राजनीति मुस्लिम वोटों पर ही टिकी हुई है. इमरान मसूद से लेकर मायावती और ओवैसी तक जिस तरह से सपा पर मुस्लिम समुदाय की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं, उससे अखिलेश यादव की सियासी बेचैनी बढ़ गई है. यही वजह है कि अखिलेश ने सोमवार को आनन-फानन में अपने मुस्लिम नेताओं की एक बैठक बुलाई और उनकी सभी शंकाओं को दूर करने की कवायद करते नजर आए.
अल्पसंख्यक समाज को सपा का संदेश
यूपी में 2027 की सियासी सरगर्मी बढ़ने के साथ ही मुस्लिम वोट को लेकर लामबंदी तेज हो गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ में अल्पसंख्यक मोर्चे के साथ बैठक की. इस बैठक में मुस्लिमों के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों का जिक्र करते हुए बीजेपी व योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा गया. इसके साथ ही वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए उन्हें ठीक करवाने की बात उठाई. इसी बैठक में अखिलेश यादव ने कहा कि इंडिया गठबंधन था, है और रहेगा. हम हर हाल में कांग्रेस के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे.
यूपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष मौलाना इकबाल कादरी ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारे घर, मस्जिद, रोजगार सब खतरे में हैं. राज्य में नफरत की दीवार खड़ी की जा रही है, जबकि अल्पसंख्यकों की समस्याएं हाशिए पर हैं. साफ है कि पिछले चुनाव में मुस्लिम समाज का करीब 90 फीसदी वोट पाने के बावजूद सपा अपने साथ बनाए रखने के लिए अलर्ट है और किसी तरह की कोई भी रिस्क लेने के मूड में नहीं है क्योंकि विपक्षी दलों की नजर सपा के इसी मजबूत वोट बैंक पर है.
मुस्लिम वोटों पर कांग्रेस की नजर
उत्तर प्रदेश में एक समय मुस्लिम मतदाता कांग्रेस का परंपरागत वोटर हुआ करता था, लेकिन 90 के दशक के बाद से सपा के साथ खड़ा नजर आ रहा है. राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद मुस्लिमों का नजरिया कांग्रेस को लेकर बदला है. 2024 में मुस्लिमों ने एकमुश्त होकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को दिया है. सहारनपुर से कांग्रेस के टिकट पर सांसद बने इमरान मसूद ने इन दिनों मुस्लिम वोटों को कांग्रेस के साथ जोड़ने का बीड़ा उठा रखा है, जिसके लिए सपा और अखिलेश यादव को लगातार टारगेट पर ले रहे हैं. इतना ही नहीं सपा की मुस्लिम सियासत पर भी लगातार इमरान सवाल उठ रहे हैं.
इमरान 2024 के बाद से ही कह रहे हैं कि यूपी में कांग्रेस को अब किसी बैसाखी की जरूरत नहीं है. वो कहते हैं कि अखिलेश यादव मुस्लिम नेतृत्व को खत्म कर रहे हैं. इसके लिए आजम खान से लेकर इरफान सोलंकी तक के उदाहरण दे रहे हैं. इमरान ने कहा कि आजम खान और उनके परिवार पर झूठे मुकदमे लगा कर उन्हें परेशान किया जा रहा है. उन्हें और उनके परिवार को जेल भेजा जा रहा है. मुस्लिम मुद्दों पर सपा की खामोशी के लेकर भी घेरने में जुटे हैं. इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि सपा को बोलने वाले मुसलमान नहीं, सिर्फ दरी बिछाने वाले मुस्लिम नेता चाहिए.
AIMIM की मुस्लिम वोटों से लगी आस
यूपी में 2027 की बढ़ती सियासी तपिश को देखते हुए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM और बीजेपी ने भी मुस्लिम वोटों को साधने की कवायद तेज कर दी है. ओवैसी की AIMIM ने शनिवार को लखनऊ में राज्य स्तरीय सम्मेलन किया, जिसमें 2027 के चुनाव लड़ने की रूपरेखा बनाई गई. AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने योगी सरकार को अल्पसंख्यक विरोधी करार देते हुए कहा कि सूबे में हर दिन मुस्लिमों के मदरसों और मस्जिदों को टारगेट किया जा रहा है, गैर-कानूनी तरीके से बुलडोजर के जरिए दरगाहों को तोड़ा जा रहा है, लेकिन अपने आपको सेकुलर कहलाने वाली सपा और कांग्रेस खामोश है.
AIMIM ने साफ कहा कि सपा को 90 फीसदी मुस्लिम वोट देते हैं, लेकिन मुस्लिमों के मुद्दे पर अखिलेश यादव की जुबान तक नहीं खुलती. AIMIM पूरे दमखम के साथ मुस्लिम और दलितों के हक की लड़ाई लड़ती रहेगी. 2026 के पंचायत और 2027 के विधानसभा चुनाव पूरी ताकत से लड़ेंगे. AIMIM ने ओवैसी के बिना सम्मेलन किया था और अब ऐसे ही प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भी सम्मेलन करने की योजना बनाई है. AIMIM ने मिशन-2027 का आगाज कर दिया है और मुस्लिमों को जोड़ने का खास प्लान बनाया है.
बीजेपी भी डाल रही मुस्लिम पर डोरे
वहीं, मोदी सरकार के 11 साल पूरे होने पर उत्तर प्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने पिछले हफ्ते ‘मोदी के साथ मुसलमान’ सम्मेलन किया. बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने कहा कि मोदी सरकार बनने के बाद मुस्लिम समाज की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आए हैं. पीएम मोदी ने केंद्र में सरकार बनाने के बाद सबसे पहले मुसलमानों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक हाथ में कुरान और एक हाथ में कंप्यूटर का नारा दिया.
बासित अली ने कहा कि अल्पसंख्यक का पैगाम, मोदी के साथ मुसलमान’ अभियान के ज़रिए बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चे से जुड़े नेता और कार्यकर्ता यूपी के हर जिले में मुसलमानों के बीच जाकर मोदी सरकार की मुसलमानों के लिए किए गए कामों की उपलब्धियों को गिनाने का काम करेंगे. साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि मुसलमानों को बीजेपी के किए काम बताने से जो उन्हें भरमा के बीजेपी के खिलाफ किया गया है, वो भ्रम खत्म होगा. बासित ने कहा कि मदरसों, दरगाहों, मस्ज़िदों और मुसलमान बहुल इलाकों में जाकर चौपाल लगाकर मुस्लिमों को बीजेपी के साथ जोड़ने की कोशिश की जाएगी.
मुस्लिम वोटों को लेकर सपा हुई अलर्ट
यूपी में मुस्लिम वोटों को लेकर बुने जा रहे सियासी ताना बाना को देखते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव अलर्ट हो गए हैं. इसी मद्देनजर उन्होंने सोमवार को सपा अल्पसंख्यक मोर्चे की बैठक की, जिसमें सांसद इमरान मसूद को लेकर अखिलेश से सवाल किया. इसे लेकर अखिलेश यादव उनकी शंका को दूर करने की कोशिश करते नजर आए. सपा नेताओं ने अखिलेश के सामने सवाल उठाया कि इमरान मसूद के बयान से माहौल खराब हो रहा है और इमरान मसूद जिस तरह कहते हैं कि समाजवादी पार्टी में मुसलमान दरी बिछाते हैं, तो इसका जवाब हम कैसे दें. अखिलेश ने इमरान मसूद के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए बाकायदा अपने मुस्लिम नेताओं का नाम लेकर संदेश देने की कोशिश की कि वो उन्हें नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं.
अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के मुस्लिम नेताओं से कहा कि आप लोग अपना काम करें. पार्टी को मजबूत करें. हमारा कांग्रेस से गठबंधन है. हमें मिल कर चुनाव लड़ना है. इमरान मसूद को लेकर हम कांग्रेस में बड़े नेताओं से बात कर लेंगे. ये कोई बड़ा मामला नहीं है. आप सब गठबंधन को जिताने में जुटिए. विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सत्ता से हटाना है. उन्होंने कहा कि हमें फिलहाल वोटर लिस्ट पर ध्यान रखना चाहिए ताकि बीजेपी कोई गड़बड़ी न कर सके. मुस्लिम मतदाताओं से कहा कि वह चुनाव से पहले अपने नाम वोटर लिस्ट में चेक कर लें और अगर न हों तो उसे जुड़वाएं.
मुस्लिमों के मुद्दे पर मुखर नजर आए अखिलेश
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बहराइच और बाराबंकी में गाजी मियां के नाम पर लगने वाले मेले पर रोक लगाए जाने के लिए बीजेपी को निशाने पर लेने का काम किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी समाज में नफरत बढ़ाने का काम कर रही है, जो हमारे भाईचारे का मेला होता था उसको भी बंद करा दिया है. मेला कारोबार का स्थान होता है, वहां गरीब लोग मेला लगाते हैं. यह मेला आपसी भाईचारे का और सद्भाव का मेला होता है, लेकिन इनको उससे भी आपत्ति है. यह जो मेला लगता है यह हजारों सालों से लगता है. मेला, मेलजोल का स्थान है. मेला हमें जोड़ता है. कारोबार हमें जोड़ता है, पर ये लोग खुशियों के खिलाफ हैं. मेले से एकता का संदेश जाता है, लेकिन इन हर चीज से भाजपा खिलाफ है. इस तरह से अखिलेश यादव ने मुस्लिमों के साथ खड़े होने की कवायद करते नजर आए हैं.
उत्तर प्रदेश में कैसी रही मुस्लिम सियासत
उत्तर प्रदेश की सियासत में मुसलमानों को लेकर सियासी दलों ने अपनी-अपनी चाल चलनी शुरू कर दी है. यूपी में करीब 20 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं, जो सूबे की कुल 403 विधानसभा में से लगभग एक तिहाई यानी 143 विधानसभा सीटों पर असर रखते हैं. यूपी की 43 सीटों पर मुस्लिम वोटों का ऐसा असर है कि मुस्लिम उम्मीदवार यहां अपने दम पर जीत हासिल कर सकते हैं. इन्हीं सीटों पर मुस्लिम विधायक जीतकर आते रहे हैं. 2017 के चुनाव में 24 मुस्लिम विधायक जीतकर आए थे, तो 2022 में 34 मुस्लिम जीते हैं.
बता दें कि आजादी के बाद से नब्बे के दशक तक उत्तर प्रदेश का मुस्लिम मतदाता कांग्रेस का परंपरागत वोटर रहा है, लेकिन राममंदिर आंदोलन के चलते मुस्लिम समुदाय कांग्रेस से दूर हुआ तो सबसे पहली पंसद मुलायम सिंह यादव के चलते सपा बनी और उसके बाद समाज ने बसपा को अहमियत दी. इन्हीं दोनों पार्टियों के बीच मुस्लिम वोट बंटता रहा, लेकिन 2022 चुनाव में एकमुश्त होकर सपा के साथ गया. मुसलमानों का सपा के साथ एकजुट होने का फायदा अखिलेश यादव को मिला. इसी का नतीजा था कि सपा 47 सीटों से बढ़कर 111 सीटों पर पहुंच गई थी और 2024 में सपा 37 सीटें जीतने में कामयाब रही.
सीएसडीएस की रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में 83 फीसदी मुस्लिम सपा को वोट दिया था. बसपा और कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवारों को भी मुसलमानों ने वोट नहीं किया था. इतना ही नहीं, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को भी मुस्लिमों ने नकार दिया था. इसके बाद साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में मुस्लिम समुदाय ने कांग्रेस-सपा गठबंधन को 90 फीसदी वोट दिया है. सपा 37 और कांग्रेस 6 लोकसभा सीटें जीतने में कामयाब रही. इसी को देखते हुए सपा मुस्लिम वोटों को लेकर किसी तरह का कोई बंटवारा नहीं चाहती है, जिसके लिए अखिलेश यादव ने साफ कहा कि 2027 में भी सपा का कांग्रेस के साथ गठबंधन बरकरार रहेगा.
जगदीप धनखड़ का आह्वान: 'राजनीति में मर्यादा रखें, अपने धैर्य को कमजोर न करें युवा'
17 Jun, 2025 06:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि सनातन गर्व फिर से पुनर्निर्मित हो रहा है. मंगलवार को पुडुचेरी विश्वविद्यालय में छात्रों और संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए धनखड़ ने कहा कि जो खो गया था, उसे अब और भी मजबूत संकल्प के साथ फिर से बनाया जा रहा है. इसके साथ-साथ उन्होंने राजनीतिक दलों को सलाह देते हुए कहा कि पार्टियों को राजनीति का तापमान कम करना चाहिए. भाषाओं के आधार पर हम कैसे बंट सकते हैं? हमारी भाषाएं समावेशिता की प्रतीक हैं.
उन्होंने कहा कि भारत की शैक्षणिक भूगोल और इतिहास, तक्षशिला, नालंदा, मिथिला, वल्लभी जैसे महान शिक्षा केंद्रों से सजे हुए थे. उस कालखंड में इन संस्थानों ने दुनिया के सामने भारत को परिभाषित किया. दुनिया भर के विद्वान यहां ज्ञान साझा करने और भारतीय दर्शन को समझने आते थे. परंतु, कुछ तो गलत हुआ. नालंदा की नौ मंजिला पुस्तकालय के बारे में सोचिए, 1300 साल पहले धर्मगंज नामक वह पुस्तकालय खगोलशास्त्र, गणित और दर्शनशास्त्र के समृद्ध ग्रंथों से भरा था. दो चरणों की आक्रमण लहरों में पहले इस्लामी आक्रमण और फिर ब्रिटिश उपनिवेशवाद भारत की ज्ञान परंपरा को गहरी चोट पहुंची.
खिलजी ने अमानवीयता और बर्बरता का प्रदर्शन किया- उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति ने कहा कि लगभग 1190 के आसपास बख्तियार खिलजी ने अमानवीयता और बर्बरता का प्रदर्शन किया. उसने सिर्फ किताबें नहीं जलाईं, बल्कि भिक्षुओं की हत्या की, स्तूपों को नष्ट किया और भारत की आत्मा को रौंदने का प्रयास किया, यह जाने बिना कि भारत की आत्मा अविनाशी है. आग कई महीनों तक जलती रही. नौ लाख ग्रंथ और पांडुलिपियां जलकर भस्म हो गईं. नालंदा केवल एक विचार का केंद्र नहीं था, वह मानवता के लिए ज्ञान का जीवंत मंदिर था.
राजनीतिक संवाद और संयम पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि मित्रों, हमें राष्ट्रीय मानसिकता में भी बदलाव लाने की आवश्यकता है. राजनीतिक व्यवस्था की बात करें तो हम केवल मतभेद के लिए मतभेद करते हैं, समाधान के लिए नहीं. किसी और के द्वारा दी गई अच्छी बात भी हमें तभी गलत लगती है क्योंकि वह हमारे विचार से नहीं आई. यह हमारे वेदांत के अनंतवाद की भावना के विपरीत है. हमें अभिव्यक्ति, वाद-विवाद और संवाद की दिशा में बढ़ना होगा. हम राजनीतिक तापमान बढ़ाने को आतुर हो गए हैं.
उपराष्ट्रपति बोले- टकराव की कोई जगह नहीं होनी चाहिए
जलवायु परिवर्तन तो वैसे भी तापमान बढ़ा ही रहा है. फिर हम क्यों अपने धैर्य के हिमखंडों को पिघलाएं? क्यों अधीर होकर अपनी सभ्यतागत और आध्यात्मिक आत्मा से दूर जाएं? मैं सभी राजनीतिक नेताओं से अपील करता हूं. राजनीति का तापमान घटाएं. टकराव की कोई जगह नहीं होनी चाहिए. संविधान सभा ने हमें विघटन और अवरोध का रास्ता नहीं सिखाया है. आज जब भारत उन्नति के मार्ग पर है और सारी दुनिया हमारी ओर देख रही है, ऐसे में हमें राष्ट्रीय हित और विकास की भावना से संवाद करना होगा.
शिक्षा के बाजारीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, एक समय था जब शिक्षा और स्वास्थ्य को समाज सेवा का माध्यम माना जाता था. जिनके पास संसाधन होते थे, वे समाज को लौटाने के लिए इन क्षेत्रों में योगदान देते थे, लाभ के लिए नहीं. यह हमारी प्राचीन परंपरा थी. आज शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ती वाणिज्यिक सोच के चलते हमें मूल्यों की ओर लौटना होगा. हमारी शिक्षा व्यवस्था भारत के पारंपरिक गुरुकुल मॉडल से प्रेरित होनी चाहिए, जिसे भारतीय संविधान की 22 लघु चित्रों में स्थान मिला है. शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्ति नहीं है, उसमें चरित्र निर्माण भी होना चाहिए. आज जो वाणिज्यिक मॉडल उभर रहा है, वह शिक्षा को सेवा के स्वरूप से दूर कर रहा है. मैं कॉरपोरेट जगत से अपील करता हूं, मानसिकता में बदलाव लाएं. भारत हमेशा से परोपकार की भूमि रहा है. अपने CSR संसाधनों को समाहित कर ग्लोबल उत्कृष्टता के संस्थान बनाएं जो बैलेंस शीट से परे सोचें.
एक छोटा प्रयास बड़ी उपलब्धि बन सकता है
पूर्व छात्रों के योगदान की महत्ता पर बल देते हुए उन्होंने कहा, अगर आप दुनिया के विकसित लोकतंत्रों को देखें तो पाएंगे कि वहां विश्वविद्यालयों के एंडोमेंट फंड अरबों डॉलर में हैं. एक विश्वविद्यालय का फंड 50 अरब डॉलर से अधिक है. माननीय कुलपति जी, शुरुआत कीजिए. इस विश्वविद्यालय के हर पूर्व छात्र से अपील करें कि वे इसमें योगदान दें. बच्चों, राशि का आकार महत्वपूर्ण नहीं है. भावना महत्वपूर्ण है. वर्षों में इसका प्रभाव आप देखेंगे न केवल फंड बढ़ेगा, बल्कि पूर्व छात्रों में अपने संस्थान के प्रति लगाव भी गहराएगा. यह एक छोटा कदम हो सकता है, लेकिन जैसे नील आर्मस्ट्रांग ने चंद्रमा पर कदम रखते हुए कहा था. यह एक छोटा कदम है, पर मानवता के लिए एक विशाल छलांग. वैसे ही यह एक छोटा प्रयास बड़ी उपलब्धि बन सकता है.
हम भाषाओं के आधार पर कैसे बंट सकते हैं? बोले उपराष्ट्रपति
भारतीय भाषाओं की समावेशिता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हम भाषाओं के आधार पर कैसे बंट सकते हैं? कोई देश भारत जितना भाषाई समृद्ध नहीं है. संस्कृत आज वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण है. तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, ओड़िया, मराठी, पाली, प्राकृत, बंगाली, असमिया, ये 11 भाषाएं हमारी शास्त्रीय भाषाएं हैं. संसद में 22 भाषाओं में सदस्य संवाद कर सकते हैं. बच्चों, हमारी भाषाएं समावेशिता की प्रतीक हैं. सनातन धर्म हमें साथ रहने की, एकत्व की शिक्षा देता है. तो फिर यह समावेशिता कैसे विभाजन का कारण बन सकती है? मैं सभी से अपील करता हूं आत्मचिंतन करें, गौरवमई अतीत को देखें, बच्चों का भविष्य सोचें और इस तूफान से ऊपर उठें.
रोजगार के मोर्चे पर सरकार फेल? अखिलेश यादव ने कहा- 'बुनकर समुदाय को बचाने के लिए विशेष पैकेज की जरूरत'
17 Jun, 2025 06:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में बुनकरों की बड़ी समस्या है. उनकी आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है. साथ ही यहां किसानों के गेहूं की खरीद तक नहीं हो रही है. मुख्यमंत्री फसलों को देखने के लिए हवाई यात्रा कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में दूग्ध उत्पादन नहीं हो रहा है और सरकार भी इसकी मदद बंद कर रही है. सरकार काउ मिल्क प्लांट भी बंद कर चुकी है.
बुनकरों की समस्या का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा कि बुनकर कारीगरों के लिए आर्थिक समस्या बनी हुई है. कम आय होने की वजह से जीवन स्तर में गिरावट आ रही है. इस कारण लोग अपने भविष्य की योजना तक नहीं बना पा रहे हैं. बिचौलियों द्वारा उनका शोषण किया जा रहा है.
बिचौलिए कर रहे बुनकरों का शोषणः अखिलेश यादव
उन्होंने कहा कि बुनकरों की कमाई का बड़ा हिस्सा बिचौलियों के पास चला जाता है. उनके पास काम करने के लिए पूंजी नहीं बचती है. हालत यह हो गई है कि बुनकरों के लिए बनाए कपड़ों के लिए अब कोई खरीददार नहीं मिलता है.
अखिलेश ने राज्य सरकार से अलग से योजना चलाने की मांग करते हुए कहा कि इन लोगों की आर्थिक समस्या का समाधान करने के लिए सरकार को अलग तरह योजनाएं चलानी पड़ेगी. उनका कहना है कि लंबे समय तक एक ही पोजिशन में काम करने से बुनकरों को काफी समस्या हो जाती है. बुनकरों को अस्थमा बोनकैटिस जैसी बीमारी का सामना करना पड़ता है.
डबल इंजन की सरकार के डिब्बे टकरा रहेः अखिलेश
प्रदेश में बिजली की बढ़ती कीमतों पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में बिजली मंहगी करने की तैयारी चल रही है. प्रदेश में पहले से ही मंहगाई बढ़ रही है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर संकट आया तो हम लोग मोबाइल कैसे चार्ज करेंगे.
प्रदेश सरकार के अंदर जारी टशन को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि अब डबल इंजन की सरकार के डिब्बे टकरा रहे हैं. कौशांबी में दोनों डिप्टी सीएम माहौल खराब कर रहे हैं. पीडीए के लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है. वहीं सरकार के सीएम और डीप्टी सीएम आपस में लड़ रहे हैं और अब सीएमओ को लेकर स्पीकर डीएम और विधायक तक आपस में लड़ने लगे हैं.
उन्होंने कहा, “सुनने में आया है उनके किसी एमएलसी को कूट दिया गया है. पहले हम सुनते थे डीसीएम और और ओसीएम में लड़ाई थी. लेकिन अब डबल इंजन की सरकार में इंजन टकराने लगे. उसी का परिणाम देखिए कोई कूटा जा रहा है तो कोई पीटा जा रहा.”
असम CM हिमंत बिस्वा सरमा का सनसनीखेज दावा: "कांग्रेस का हाथ, मंदिरों पर मांस फेंकने वालों के साथ"
17 Jun, 2025 06:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि राहुल गांधी हमेशा सांप्रदायिक तत्वों की रक्षा करना चाहते हैं. उन्हें बचाने की कोशिश करते हैं. सीएम सरमा ने मंदिरों पर मांस के टुकड़े फेंकने की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा जो लोग इसमें शामिल हैं, कांग्रेस और राहुल उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं.
दरअसल, 8 जून को ईद के दौरान कई जगहों पर कथित तौर पर अवैध रूप से मवेशियों का वध किया गया था और मांस के कुछ हिस्से पूजा स्थलों पर फेंके गए थे. पुलिस ने अब तक इन घटनाओं के सिलसिले में धुबरी में 50 और गोलपारा में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है.
सांप्रदायिक तत्वों को बचाना राहुल की खासियत
सीएम सरमा ने कहा कि स्थानीय लोगों ने बताया कि इन घटनाओं में कुछ असमाजिक तत्व शामिल थे. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि कांग्रेस इन तत्वों को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है. यह राहुल गांधी की खासियत है. वे हमेशा सांप्रदायिक तत्वों की रक्षा करना चाहते हैं. वो नहीं चाहते हैं कि लोगों के बीच सामाजिक सद्भाव रहे. इस दौरान उन्होंने असम कांग्रेस चीफ गौरव गोगोई पर भी निशाना साधा.
क्या कोई हिंदू व्यक्ति गाय का वध करेगा?
सरमा ने कहा कि जो लोग यह दावा करने की कोशिश कर रहे हैं कि हिंदू गाय का वध कर सकते हैं और फिर उसके अंगों को मंदिर में रख सकते हैं, वे कुछ भी कहने के काबिल नहीं हैं. ऐसे लोगों की मानसिकता बहुत अलग है. क्या कोई हिंदू व्यक्ति गाय का वध करेगा और फिर उसका एक हिस्सा मंदिर में रख देगा?
दरअसल, घटना के बाद गोगोई ने दावा किया था कि इन घटनाओं और उसके बाद हुई झड़पों ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की खुफिया विफलता को उजागर किया है. गोगोई ने यह आरोप भी लगाया था कि आरएसएस ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले असम के हर गांव में पैठ बना ली है और समुदायों के बीच दुश्मनी पैदा करने की कोशिश कर रहा है.
दामाद के बाद संजय झा की बेटियों को लेकर नीतीश पर हमलावार तेजस्वी
17 Jun, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के बड़े नेताओं के रिश्तेदारों को लेकर राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। बिहार राज्य अनुसूचित जाति आयोग में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बहनोई मृणाल पासवान और जीतनराम मांझी के दामाद देवेंद्र मांझी, बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड में अशोक चौधरी के दामाद सायन कुणाल के मनोनयन के बाद विपक्ष नीतिश सरकार पर हमलावार है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा था कि नीतीश की सरकार को जमाई आयोग का गठन हुआ। अब राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की बेटियों को सुप्रीम कोर्ट में सरकारी वकील बनाने पर सवाल उठा दिया है।
आरजेडी के सोशल मीडिया खाते से केंद्र सरकार के आदेश की कॉपी पोस्ट करके दलितों, पिछड़ों और अति पिछड़ों की हकमारी पर सवाल उठाया गया है। कानून मंत्रालय के 9 अक्टूबर 2024 के आदेश के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में केंद्र की ओर से केस लड़ने के लिए संजय झा की बेटियों अद्या झा और सत्या झा की सेवा तीन साल के लिए ली गई है। कानून की पढ़ाई कर चुकी दोनों बेटियों की सेवा वकीलों के ग्रुप ए पैनल में ली गई है। बात दें कि केंद्र और राज्य सरकारें जिला से सुप्रीम कोर्ट तक वकीलों की सेवा लेती है, इसके लिए पैनल में नाम होना चाहिए। जिल स्तर पर पीपी व एपीपी की सेवा भी इसी तरह ली जाती है।
राजद ने आरोप लगाया है कि जेडीयू नेता संजय झा की दोनों बेटियों को कोई विशेष अनुभव नहीं है। राजद ने पूछा है कि जदयू के कितने दलित, पिछड़े और अति पिछड़े नेताओं, सांसदों, मंत्रियों या कार्यकर्ताओं के बेटे-बेटियों को यह विशेषाधिकार प्राप्त है कि बिना अनुभव यह उपलब्धि प्राप्त कर लें।
मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र पर मनरेगा खत्म करने का आरोप लगाया
17 Jun, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के आवंटन में कटौती करके इसे खत्म करने की कवायद में जुटी है, जो संविधान के खिलाफ अपराध है।
उन्होंने खबरों का हवाला देते हुए दावा किया कि मोदी सरकार ने अब वर्ष के पहले 6 महीनों के लिए मनरेगा खर्च की सीमा 60 प्रतिशत तय कर दी है।
खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मोदी सरकार गरीबों की जीवन-रेखा मनरेगा को तड़पा-तड़पा कर ख़त्म करने की कवायद में जुटी है। मोदी सरकार ने अब वर्ष के पहले 6 महीनों के लिए मनरेगा खर्च की सीमा 60 प्रतिशत तय कर दी है। मनरेगा जो संविधान के तहत काम के अधिकार का क़ानूनी अधिकार सुनिश्चित करती है, उसमें कटौती करना संविधान के ख़िलाफ़ अपराध है।’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या ऐसा मोदी सरकार केवल इसलिए कर रही है, क्योंकि वो गरीबों की जेब से करीब 25,000 रुपये करोड़ छीनना चाहती है, जो कि हर साल, साल के अंत तक, मांग ज़्यादा होने पर उसे अगले वित्तीय वर्ष में अलग से ख़र्च करने पड़ते हैं?’’
खरगे ने कहा कि मनरेगा एक मांग आधारित योजना है, इसलिए यदि आपदाओं या प्रतिकूल मौसम की स्थिति में पहली छमाही के दौरान मांग में वृद्धि होती है, तो क्या होगा? क्या ऐसी सीमा लागू करने से उन गरीबों को नुकसान नहीं होगा, जो अपनी आजीविका के लिए मनरेगा पर निर्भर हैं?’’
उन्होंने कहा, ‘‘सीमा पार हो जाने पर क्या होगा? क्या राज्य मांग के बावजूद रोज़गार देने से इनकार करने के लिए मजबूर होंगे, या श्रमिकों को समय पर भुगतान के बिना काम करना होगा? कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया कि क्या ये सच नहीं कि एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, केवल 7 प्रतिशत परिवारों को वादा किए गए 100 दिन का काम मिल पाया है?
खरगे ने पूछा, ‘‘करीब 7 करोड़ पंजीकृत श्रमिकों को मनरेगा से आधार आधारित भुगतान की शर्त लगाकर बाहर क्यों किया गया? 10 वर्षों में मनरेगा बजट का पूरे बजट के हिस्से में सब से कम आवंटन क्यों किया गया? ग़रीब विरोधी मोदी सरकार, मनरेगा मजदूरों पर जुल्म ढाने पर क्यों उतारू है?’’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘‘मनरेगा पर ख़र्च रोकने की कुल्हाड़ी, हर ग़रीब के जीवन पर मोदी सरकार द्वारा किया गया गहरा आघात है। कांग्रेस पार्टी इसका घोर विरोध करेगी।’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने आग्रह किया, ‘‘मनरेगा श्रमिकों के लिए रोजाना 400 रुपये की न्यूनतम मजदूरी तय की जाए। दूसरी, साल में कम से कम 150 दिन का काम मिले।’
भाजपा शासित राज्यों में बांग्लाभाषियों को बांग्लादेशी कहकर निशाना बनाया जा रहा - ममता
17 Jun, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में भाजपा बंगाली भाषी नागरिकों को निशाना बना रही है और यहां तक कि वैध दस्तावेज धारकों को भी अवैध बांग्लादेशी प्रवासी बता रही है।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान उस समय हंगामा शुरू हो गया जब मुख्यमंत्री ने भाजपा पर भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषी लोगों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
बनर्जी ने कहा, आपको शर्म आनी चाहिए कि आप वास्तविक भारतीय नागरिकों को सिर्फ उनकी भाषा के आधार पर बांग्लादेशी बता रहे हैं। बंगाली के साथ-साथ गुजराती, मराठी और हिंदी में बोलने में भी गर्व महसूस होना चाहिए। अगर आप मुझसे पूछें तो मैं इन सभी भाषाओं में बोल सकती हूं।
उन्होंने कहा, एक ओर आप भारतीयों को उनके द्वारा बोले गए शब्दों के कारण बांग्लादेशी बता रहे हैं, और दूसरी ओर आप इन लोगों को, जिनके पास मतदाता पहचान पत्र, पैन और आधार कार्ड हैं, अपने राज्यों में आजीविका कमाने के अधिकार से वंचित कर रहे हैं।
केंद्र पर राज्य को मिलने वाली केंद्रीय धनराशि रोकने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के सौतेले व्यवहार के बावजूद राज्य ने पथश्री के तहत 69,000 किलोमीटर सड़कें बनाई हैं और 11,000 करोड़ रुपये की आवास योजना शुरू की है।
ममता ने कहा, बंगाल लगातार पांच बार सड़क और ग्रामीण आवास परियोजना रैंकिंग में शीर्ष पर रहा है।
उन्होंने दावा किया कि वित्तीय संकट के बावजूद राज्य में लोगों को औसतन 50 दिन का रोजगार मिल रहा है और उनकी सरकार ने विभिन्न योजनाओं के तहत 1.5 करोड़ कार्य दिवस सृजित किए हैं।
ममता ने कहा, ‘‘एक ओर आप बंगाल के गरीब लोगों को वंचित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आपके राज्यों में विभिन्न दुर्घटनाओं में मौतों का सिलसिला जारी है।’’
बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार सामाजिक कल्याण पर सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप अनुसूचित जाति (26 प्रतिशत), अनुसूचित जनजाति (6 प्रतिशत), पिछड़ी जातियों और मुसलमानों (30 प्रतिशत) के हितों की रक्षा के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा, कोई भी हमारे मार्ग को बाधित नहीं कर सकता या हमें अपने सपनों को साकार करने से नहीं रोक सकता।
कनाडा में खालिस्तानी प्रदर्शन पर भड़के हरदीप पुरी, कहा- 'ये किराए के टट्टू हैं'
16 Jun, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कनाडा में जी-7 सम्मेलन का आगाज होने वाला है। कनाडा के पीएम मार्क कार्नी के खास बुलावे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस सम्मेलन में हिस्सा लेने जा रहे हैं। हालांकि, जी-7 सम्मलेन से पहले खालिस्तानी समर्थकों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का गुस्सा उनपर फूट पड़ा है।
हरदीप सिंह पुरी ने खिलास्तानी प्रदर्शनकारियों को 'किराए का टट्टू' करार दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।
खालिस्तानी समर्थकों पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री?
हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, "छोड़ो इनको। कल फिर कोई और वीडियो वायरल होगा। वो (खालिस्तानी समर्थक) पड़ोसी मुल्क (पाकिस्तान) में धरना देने बैठ जाएंगे क्योंकि वहीं से उन्हें फंडिंग मिलती है। मगर जब फंडिंग नहीं मिलेगी तो वो उन्हीं (पाकिस्तान) पर ही हमला बोल देंगे।"
केंद्रीय मंत्री ने साफ शब्दों में कहा-यह जो किराए के टट्टू हैं, इनको गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।
6वीं बार जी-7 समिट में शामिल होंगे पीएम मोदी
बता दें कि साइप्रस की यात्रा के बाद पीएम मोदी आज कनाडा के लिए रवाना होंगे। पीएम मोदी आज और कल यानी 16-17 जून को कनाडा में होने वाले जी-7 सम्मेलन में शिरकत करेंगे। पीएम मोदी को खुद कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने जी-7 समिट में आने का न्यौता दिया है। इसी के साथ बतौर पीएम वो लगातार छठीं बार जी-7 सम्मेलन में शामिल होंगे।
पीएम मोदी ने दिया था साफ संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी विदेश यात्रा शुरू करने से पहले ही संदेश दे दिया था कि यह यात्रा भारत के अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को धन्यवाद देने के लिए है, जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत का साथ दिया है।
क्रोएशिया जाएंगे पीएम मोदी
वहीं, कनाडा के बाद पीएम मोदी क्रोएशिया जाएंगे। क्रोएशिया की धरती पर कदम रखने वाले वो देश के पहले प्रधानमंत्री होंगे। इस दौरान पीएम मोदी की मुलाकात क्रोएशिया के राष्ट्रपति ज़ोरान मिलानोविक और प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविक से होगी।
प्रशांत किशोर की मुसलमानों से अपील
16 Jun, 2025 03:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झंझारपुर। जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को झंझारपुर के केजरीवाल मैदान में संध्याकालीन सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार विधानसभा चुनाव में जात-पात और नोट पर वोट न दें। उन्होंने कहा कि आप लालू, नीतीश और मोदी के नाम पर भी वोट न करें, बल्कि अपने बच्चों की पढ़ाई एवं रोजगार के नाम पर वोट दें।
उन्होंने कहा कि बिहार के वोट से केन्द्र में एनडीए की सरकार बनती है और फैक्ट्री गुजरात में लगाई जाती हैं। उन्होंने भीड़ से पूछा कि क्या झंझारपुर और मधुबनी में बीते 11 साल के मोदी शासनकाल और नीतीश के बीस वर्षों के शासनकाल में एक भी फैक्ट्री लगी। प्रशांत किशोर पूरे रौब में थे।
उन्होंने आम लोगों से कहा कि आप से अच्छे तो लालू यादव हैं, जिन्हें अपने बच्चों को मुख्यमंत्री, विधायक, सांसद बनाने की चिंता है। उन्होंने कहा कि पहले विकल्प नहीं था। लोग लालू, नीतीश और मोदी के बीच फंसे थे। हमने ढाई साल पदयात्रा की। एक करोड़ लोगों को जोड़ा और तब लोगों ने बनाया जनसुराज जिसका सीधा अर्थ है जनता का राज।
उन्होंने लोगों से दो संकल्प करवाएं। पहला बिहार में लूटनेवालों का वोट नहीं देना है और दूसरा जीवन में वोट अपने बच्चों की पढ़ाई और रोजगार के लिए देना है। उन्होंने अपनी पार्टी के चुनाव में जीत के बाद सरकार के संकल्प भी गिनाए।
पीके ने कहा कि वे कमाने गए लोगों को बिहार में ही दस से बारह हजार के रोजगार देंगे। साथ ही 60 वर्ष के ऊपर के लोगों को सााजिक सुरक्षा पेंशन की राशि चार सौ से बढाकर दो हजार किया जाएगा। साथ ही जब तक सरकारी विद्यालय की व्यवस्था सुद्ढ नहीं हो जाती तब तक गरीबों के बच्चों को प्राईवेट अंग्रेजी स्कूल में पढाने पर उसका खर्च सरकार वहन करेगी। उन्होंने मुस्लिमों से कहा कि आप भी सचेत होइए, कब तक लालटने में केरोसीन बनकर जलते रहेंगे।
इससे पूर्व प्रशांत किशोर का झंझारपुर आगमन पर कन्हौली, रामचौक सहित अन्य जगहों पर स्वागत किया गया। उन्होने लंगड़ा चौक स्थित अम्बेदकर प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया और जाते जाते आम लोगों के साथ गाड़ी से धीरे धीरे लंगड़ा चौक तक गए। केजरीवाल का पंडाल पूरा खचाखच भरा हुआ था। सभा के बाद मुख्य पथ पर जाम की स्थित थी। मंच पर जनसुराज के तमाम बड़े नेता जिलाध्यक्ष सहित अन्य उपस्थित थे।
बिहार कांग्रेस में पहली बार उठे सवर्णों की उपेक्षा के स्वर
16 Jun, 2025 03:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार कांग्रेस में पहली बार सवर्णों की उपेक्षा के स्वर उठ रहे हैं। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य डा. अखिलेश प्रसाद सिंह ने यह मामला उठाया। उनका कहना था कि इस समय पार्टी के सवर्ण नेता-कार्यकर्ता स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
सवर्णों की उपेक्षा का आरोप पहली बार
अनुसूचित जातियों, पिछड़ों एवं अल्पसंख्यकों की उपेक्षा के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। लेकिन, सवर्णों की उपेक्षा का आरोप पहली बार लगा है। विधायक दल की बैठक रविवार को हुई थी। डा. सिंह ने सवर्णों की उपेक्षा के बारेे में जो कुछ कहा, वह इस वर्ग के आम कांग्रेसियों की राय है। असल में कांग्रेस पहले के चुनावों की तुलना में इस बार बदली-बदली सी नजर आ रही है।
कांग्रेस भी राजद के राह पर चल रही
पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी बिहार की अपनी यात्राओं में दलित, पिछड़े, अति पिछड़े और अल्पसंख्यकों के कल्याण की बात अधिक करते हैं। आरक्षण की सीमा बढ़ाने की उनकी वकालत सवर्ण समर्थकों को नहीं भा रही है। उन्हें लग रहा है कि कांग्रेस भी राजद के राह पर चल रही है। विधायक राजेश राम प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष हैं।
कृष्णा अल्लाबारू प्रभारी हैं। हाल के दिनों में अनुसूचित जाति से जुड़े दूसरे दलों के कई नेता कांग्रेस से जुड़े हैं।प्रचारित यह किया जा रहा है कि राजेश कुमार के अध्यक्ष बनने से कांग्रेस के प्रति रविदास बिरादरी का झुकाव बढ़ेगा।जाति आधारित गणना में रविदास की आबादी सवा पांच प्रतिशत बताई गई है। यह पासवान से मामूली कम है।
धारणा यह बनाई जा रही है कि व्यापक रूप से यह आबादी अगर कांग्रेस से जुड़ जाए तो उसकी चुनावी उपलब्धि पहले से कहीं बेहतर होगी। रविदास के अलावा पासी बिरादरी को जोड़ने के लिए भी कांग्रेेस श्रम कर रही है। इनकी आबादी एक प्रतिशत से कम है। हालांकि, कांग्रेस के नेता दलितों के प्रभाव में वृद्धि या सवर्णों की उपेक्षा पर खुल कर कुछ नहीं बोल रहे हैं। लेकिन, निजी बातचीत में इन दोनों स्थिति को स्वीकार किया जा रहा है।
पार्टी के सवर्ण समर्थकों का कहना है कि चुनावी वर्ष में सभी दलों में अतिथियों की संख्या बढ़ ही जाती है। कांग्रेस में नजर आ रही चहल-पहल भी उसी की देन है। इसे स्थायी मानने की भूल नहीं होनी चाहिए। दूसरी तरह सवर्णों के वर्चस्व को यह कह कर चुनौती दी जा रही है कि ये कांग्रेस में हैं ही कितने? सब के सब तो भाजपा में पड़े बैठे हैं।
लालू ने नाती-नतिनी पर लुटाया प्यार, नन्हें-मुन्नों को खिलाया सत्तू
16 Jun, 2025 12:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव 78 वर्ष के हो गए हैं। जन्मतिथि के अवसर पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री को उनके स्वजनों संग देश की बड़ी हस्तियों ने शुभकामनाएं दीं। इस बीच लालू का नाती-नतिनी से प्रेम इंटरनेट मीडिया पर सुर्खियां बना है।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पटना स्थित राबड़ी आवास पहुंचे
लालू प्रसाद यादव की जन्मतिथि पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पटना स्थित राबड़ी आवास पहुंचे। दूर-दराज रहने वाले स्वजन भी इस खास मौके पर घर आए हैं। तेजस्वी यादव राजधानी में हैं ही, बेटियां भी बच्चों के साथ पिता की जन्मतिथि पर मायके आई हैं।
नाती-नतिनी उन्हें हैप्पी बर्थडे कहने पटना आए
लालू का बच्चों से लगाव पहले भी दिखा है। इस बार जन्मतिथि पर नाती-नतिनी उन्हें हैप्पी बर्थडे कहने पटना आए हैं। इस दौरान लालू का बच्चों संग खास अंदाज इंटरनेट मीडिया पर वायरल है। बेटी रोहिणी आचार्य ने लालू और नन्हें-मुन्नों संग वीडियो अपने एक्स पर पोस्ट किया है।
खूब कहानियां सुनाते नाना
वीडियो पोस्ट करते हुए रोहिणी ने लिखा है, हम नन्हे- मुन्नों के सबसे अच्छे सच्चे दोस्त हमारे नाना। उनके राजदुलारे हैं हम, सबसे प्यारे, सबसे न्यारे हमारे नाना। खूब कहानियां सुनाते नाना, सबसे अनूठे हमारे नाना। हम सबों का ख्याल रखते हमारे नाना। दिल से बिल्कुल ही हम जैसे हमारे नाना।
आप जिएं हजारों साल नाना
रोहिणी ने अपने एक अन्य पोस्ट में वीडियो साझा करते हुए लिखा है, आप जिएं हजारों साल नाना, नटखटों की टोली को आलिंगन में लेकर नाना सारे जहान का लाड़- प्यार-दुलार और आशीर्वाद समेट कर उड़ेल देते... तभी तो नाना सबको भाते, छुट्टियों में सब नाना के पास दौड़े चले आते...।
बेरोजगारी के मुद्दे पर कन्हैया कुमार का हल्ला बोल
16 Jun, 2025 12:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मधुबनी। बढ़ती बेरोजगारी पर मैं गहरा रोष प्रकट करता हूं। हम शासन-प्रशासन और सरकार से अपील करते हैं कि या तो आप बिहार के लोगों को रोजगार और नौकरी दें, नहीं तो उन दफ्तरों को बंद कर दें, जो बेरोजगारी और नौकरी के सवाल पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उक्त बातें बिस्फी विधानसभा क्षेत्र के सिबौल उत्क्रमित उच्च विद्यालय में न्याय संवाद कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के युवा नेता डॉ. कन्हैया कुमार ने कही।
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व एमएलसी प्रत्याशी मो. इम्तियाज नुरानी के आह्वान पर यहां कार्यक्रम तय किया गया था।
कन्हैया कुमार ने कहा कि रोजगार का अधिकार सिर्फ नेताओं के बेटों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि गरीब किसानों, मजदूरों और आम लोगों के बच्चों को भी नौकरी मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारे नौजवान यहां जन्म लेते हैं, पढ़ाई करते हैं, लेकिन नौकरी के लिए उन्हें अपने घर-जमीन छोड़कर दिल्ली, पंजाब,गुजरात जाना पड़ता है।
कन्हैया कुमार ने करत-करत अभ्यास से वाली कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी एक गंभीर सवाल उठा रही है और इसका असर निश्चित तौर पर होगा।
उन्होंने सरकार पर पलायन को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा जो सरकार लोगों को पलायन करवा रही है, हम उस सरकार का ही पलायन कर देंगे।
उन्होंने कहा, अगर इस देश में सिर्फ नेताओं के बेटों को रोजगार मिलेगा, तो हम वैसे नेताओं को बेरोजगार बनाएंगे।
बेटा बीसीसीआई का अध्यक्ष है, क्या यह परिवारवाद नहीं- कन्हैया
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगाने वाले अमीत शाह से भी सवाल किजिए कि आपका बेटा बीसीसीआई का अध्यक्ष है, क्या यह परिवारवाद नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा जातिवाद का जहर खोलकर लोगों को आपस में बांटना चाहती है। देश में जीएसटी लागू करने का राहुल गांधी ने विरोध किया था।
राहुल गांधी का कहना था कि जीएसटी से छोटे-छोटे व्यापारी का कारोबार बंद हो जाएगा। लेकिन मोदी सरकार ने नही सुना और जीएसटी लागू कर दिया।
आज देश के छोटे-छोटे व्यापारी की हालत क्या है, वह हर कोई जानते हैं। मोदी सरकार ने हर वो काम किया है जिससे गरीबों को नुकसान और अमीरों को फायदा हुआ है। उन्होंने कहा मोदी सरकार बड़े बड़े कारोबारी को फायदा पहुंचाने के लिए देश में काम कर रही है।
कांग्रेस की संविधान बचाओ रैली में AAP पर जमकर बरसे प्रताप बाजवा
16 Jun, 2025 12:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मजीठा (अमृतसर)। कांग्रेस पार्टी द्वारा वरिष्ठ कांग्रेस नेता एडवोकेट अमनदीप जैंतीपुर की अध्यक्षता में गांव जैंतीपुर में संविधान बचाओ रैली का आयोजन किया गया।
इसमें विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा, विधायक अरुणा चौधरी, अशोक चौधरी, विधायक कुलबीर सिंह जीरा, पंजाब महासचिव संदीप संधू, वरिष्ठ नेता सुखविंदर सिंह डैनी जंडियाला, पूर्व विधायक हरप्रताप सिंह अजनाला, पूर्व विधायक अमित विज आदि ने भाग लिया।
संबोधित करते हुए बाजवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह से विफल रही है। प्रदेश की जनता का आम आदमी पार्टी सरकार से मोह पूरी तरह से खत्म हो चुका है और अब लोग इस पार्टी की बातों में नहीं आएंगे।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एक मंच पर आकर पार्टी को मजबूत करने का काम करें और पार्टी की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाएं ताकि आगामी चुनावों में कांग्रेस पार्टी ऐतिहासिक जीत दर्ज कर सके।
इस अवसर पर बोलते हुए अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि आप सरकार अपने हकों के लिए आवाज उठा रहे किसानों, कर्मचारियों और मजदूरों के संघर्ष को दबाने के लिए हथकंडे अपना रही है और खुलेआम धौंस जमा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आम आदमी पार्टी की हर धमकी का मुंहतोड़ जवाब देगी। इस अवसर पर बोलते हुए एडवोकेट अमनदीप जैंतीपुर ने कहा कि वह बटाला हलके में कांग्रेस पार्टी को मजबूत करेंगे।
वे पार्टी के लिए दिन-रात काम करेंगे और पार्टी की नीतियों को घर-घर पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग अब अच्छी तरह समझ चुके हैं कि प्रदेश का भविष्य केवल कांग्रेस पार्टी के हाथों में ही सुरक्षित है और वे अब विपक्षी दलों की बातों में नहीं आएंगे।
अंत में अमनदीप जैंतीपुर ने आए हुए सभी कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया और आए हुए मेहमानों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
अमित शाह का तीखा हमला, बोले—राहुल की पार्टी बंगाल में शून्य पर सिमटेगी
शांति वार्ता पर संकट, होर्मुज में फिर भड़का सैन्य तनाव
टिफिन में परांठे हो जाते हैं कड़े? सुबह से शाम तक नरम रखने के लिए अपनाएं ये 5 जादुई टिप्स।
बयान पर नहीं थम रहा विवाद, BJP ने EC के सामने रखा मुद्दा
आसमान में गरजे सुखोई-मिराज, एक्सप्रेस-वे पर दिन-रात युद्धाभ्यास
क्या आपका पीरियड फ्लो कम हो गया है? तनाव और डाइट हो सकते हैं जिम्मेदार
इंतजार खत्म! यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं का रिजल्ट कल शाम 4 बजे जारी
