राजनीति
ओवैसी ने नेतन्याहू को बताया फिलिस्तीनियों का कसाई, अमरीकी हमले पर भडक़े AIMIM चीफ
23 Jun, 2025 12:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद: AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने अमरीका की ओर से ईरान के परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की जमकर आलोचना की। ओवैसी ने कहा कि अमरीका के इस हमले से नेतन्याहू को फायदा हुआ है, जिन्हें उन्होंने फिलिस्तीनियों का कसाई करार दिया। ओवैसी ने कहा कि यह व्यक्ति फिलिस्तीनियों का नरसंहार कर रहा है और वेस्ट बैंक व गाजा में जातीय सफाई कर रहा है। इतिहास उन्हें फिलिस्तीनियों के कसाई के रूप में याद रखेगा।’ मालूम हो कि अमरीका ने ईरान के नतांज, इस्फहान और फोर्डो में परमाणु स्थलों पर हवाई हमले किए हैं।
असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान की ओर से अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की सिफारिश की भी कड़ी आलोचना की। लोकसभा सांसद ओवैसी ने सवाल उठाया कि क्या पाकिस्तान ने ट्रंप का समर्थन एक संप्रभु राष्ट्र पर बमबारी देखने के लिए किया था। उन्होंने रविवार को हैदराबाद में कहा कि पाकिस्तानियों से पूछना चाहिए कि क्या इसके लिए वे ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देना चाहते हैं?
आज नहीं जागे, तो कल आपकी बारी, मुस्लिम देशों की चुप्पी पर पूर्व सीएम फारुख अब्दुल्ला ने चेताया
23 Jun, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने ईरान में अमरीकी हमलों पर मुस्लिम देशों की चुप्पी पर निराशा जाहिर की है। उन्होंने मुस्लिम देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वे आज खड़े नहीं हुए, तो आने वाले वक्त में उन्हें भी इसी तरह से परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने ईरान की जिद की तारीफ करते हुए कहा कि ईरान कभी नहीं झुकेगा। फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि मुझे इस बात पर निराशा है कि ईरान पर किए गए हमले को लेकर पूरी मुस्लिम दुनिया चुप है। आज ईरान इन हमलों का सामना कर रहा है, अगर इस पर भी मुस्लिम देश नहीं जागे तो कल अमरीका उनके लिए आएगा, अगर वह चुप रहे तो यह मानकर चलिए कि वह अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
फारुख अब्दुल्ला ने ईरान की जिद की तारीफ करते हुए कहा कि अमरीका हमलों के बाद भी ईरान अपनी महत्त्वाकांक्षा को नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है कि इन हमलों से ईरान अपनी महत्त्वाकांक्षा को छोड़ देगा, तो वह बहुत बड़े भ्रम में है। ईरान कर्बला को याद करता है और सोचता है कि यह दूसरा कर्बला है। उनकी गर्दनें कट जाएंगी, लेकिन वे झुकेंगे नहीं। अमरीका और इजरायल का लंबे समय से मानना है कि वे ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, लेकिन अगर उन्हें लगता है कि वे ईरान को अपनी महत्त्वाकांक्षा छोडऩे के लिए मजबूर कर सकते हैं, तो वे गलतफहमी में हैं।
छत्तीसगढ़ में बोले अमित शाह, नक्सलियों से कोई बात नहीं, सरेंडर करें
23 Jun, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमित शाह रविवार को छत्तीसगढ़ पहुंचे और नक्सलवाद के खात्मे को लेकर अपना संकल्प एक बार फिर दोहराया। उन्होंने एक सभा को संबोधित करते हुए नक्सलियों से कोई बात नहीं करने की दो-टूक बात कही। साथ ही 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद का सफाया करने की डेडलाइन में कोई बदलाव नहीं किए जाने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान बारिश यानी मानसून के सीजन में भी जारी रहेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) परिसर और एक केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की आधारशिला रखी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस बार तो नक्सलियों को मानसून सीजन में भी चैन नहीं मिलेगा, क्योंकि उनके खिलाफ अभियान बारिश में भी जारी रहेगा। शाह ने कहा कि हर बार बरसात के मौसम में नक्सलियों को आराम मिल जाता था।
ऐसा इसलिए क्योंकि इस सीजन में घने जंगलों में उफनती नदियां नक्सल विरोधी अभियानों में बाधा डालती हैं, लेकिन इस बार हम उन्हें मानसून के दौरान भी चैन से सोने नहीं देंगे और हम 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आगे बढ़ते रहेंगे। अपने संबोधन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों को केवल एक ऑप्शन दिया। उन्होंने नक्सलियों से हथियार डालकर विकास की यात्रा में शामिल होने की अपील की। साथ ही नक्सलियों से किसी भी तरह की बातचीत से इनकार किया। उन्होंने कहा कि नक्सलियों से बातचीत की कोई जरूरत नहीं है। नक्सली हथियार डालें और मुख्यधारा में शामिल हो जाएं। उन्होंने नक्सलियों से सरेंडर करने और सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाने की अपील की।
भाषा पर रार: भाजपा सांसद निशिकांत ने कसा राहुल पर तंज
23 Jun, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर तंज कसते हुए कहा है कि आखिर गुलामों की तरह अंग्रेजी पर गर्व क्यों करते हैं? दरअसल राहुल गांधी ने संघ और भाजपा नेताओं के अंग्रेजी पर शर्म जैसे बयान पर टिप्पणी करते हुए गरीब और वंचित तबकों के बच्चों को अंग्रेज़ी सिखाने का समर्थन किया था।
राहुल गांधी के बयान को केंद्र लेते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा, कि रूस, चीन, फ्रांस, जापान सबको अपनी भाषा पर गर्व है। आप गुलामों की तरह अंग्रेज़ी पर क्यों गर्व करते हैं? उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (नेप) 2020 का विरोध कर रहे हैं, जबकि उनके पिता भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की नेप-1986 भी क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने और अंग्रेज़ी अनुवाद की ही बात करती थी।
सांसद दुबे ने अपनी पोस्ट में कहा है, कि केंद्र की नई नीति से क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है और 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवल “छोटा-सा परिष्कार” करके इसे अधिक समावेशी बनाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि तमिल, बांग्ला, कन्नड़, संथाली जैसी भारतीय भाषाओं पर “हमें गर्व है” और अंग्रेज़ी को “रोज़गार का एक विकल्प” मानना ठीक है, लेकिन उसे “श्रेष्ठता का प्रमाण” बनाना मानसिक ग़ुलामी है।
यहां बताते चलें कि इससे पहले कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था, कि अँग्रेज़ी बाधा नहीं, पुल है। अँग्रेज़ी शर्म नहीं, शक्ति है। अँग्रेज़ी कोई ज़ंजीर नहीं—यह ज़ंजीरें तोड़ने का औज़ार है। राहुल गांधी ने इसी पोस्ट में आगे कहा था, कि भाजपा-आरएसएस नहीं चाहतीं कि गरीब बच्चे अंग्रेज़ी सीखें, क्योंकि इससे वे सवाल पूछने लगेंगे और बराबरी की दौड़ में आगे बढ़ेंगे।
कौन बनेगा भाजपा का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष? संघ की प्रांत प्रचारकों की बैठक में चर्चा संभव
22 Jun, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) 4 से 6 जुलाई, 2025 तक नई दिल्ली में अपने प्रांत प्रचारकों की एक महत्वपूर्ण तीन दिवसीय बैठक आयोजित करने जा रहा है. इस बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित संघ के शीर्ष नेतृत्व हिस्सा लेंगे.
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन पर भी चर्चा होने की संभावना है, जो मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा के कार्यकाल समाप्त होने के बाद एक अहम मुद्दा बन गया है. इसके अलावा, संघ के शताब्दी समारोह की तैयारियां, सामाजिक एकजुटता, और आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर भी गहन चर्चा होगी.
जेपी नड्डा का कार्यकाल 2023 में समाप्त हो चुका था, लेकिन इसे 2024 के लोकसभा चुनाव, हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव, और फिर दिल्ली विधानसभा चुनाव तक बढ़ाया गया था. अब, संसद के मानसून सत्र (21 जुलाई, 2025 से शुरू) से पहले बीजेपी को नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज करने की उम्मीद है.
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रियों धर्मेंद्र प्रधान, मनोहर लाल खट्टर, और शिवराज सिंह चौहान इस पद के लिए मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. रघुबर दास का नाम भी चर्चा में है, जिन्हें झारखंड में स्थिर शासन देने और संगठन में मजबूत पकड़ के लिए जाना जाता है.
हालांकि, सूत्रों की माने तो बीजेपी के नए अध्यक्ष का चयन में आरएसएस की सहमति बहुत हद तक शामिल होती है और संघ की मंजूरी के बिना इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देना संभव नहीं हो पाता है. माना जा रहा है कि इस बैठक में संघ के नेतृत्व और बीजेपी के संगठन मंत्रियों के बीच भी इस मुद्दे पर गहन विचार-विमर्श ही सकता है.
अन्य प्रमुख एजेंडे
बीजेपी के अध्यक्ष चयन के अलावा, बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होगी. इसमें संघ की सामाजिक पहल, वैचारिक विस्तार, और प्रशिक्षण मॉड्यूल को मजबूत करने की रणनीति शामिल है. यह बैठक आरएसएस के शताब्दी समारोह की तैयारियों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. 11 क्षेत्रीय प्रमुखों, 46 प्रचारकों, और वरिष्ठ स्वयंसेवकों की भागीदारी के साथ यह बैठक संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा और भविष्य की योजनाओं को अंतिम रूप देने पर केंद्रित होगी.
राजनीतिक रणनीति और सामाजिक एकजुटता
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए आरएसएस की ओर से हिंदू सम्मेलन आयोजित करने की योजना भी इस बैठक में चर्चा का हिस्सा हो सकती है. ये सम्मेलन हिंदू वोटों को एकजुट करने और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं.
हालांकि अटकलों की बात करें तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अध्यक्ष बनाने की अटकलें भी लगाई गई हैं, लेकिन ऐसी किसी संभावना की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है. विशेषज्ञों का मानना है कि बीजेपी और आरएसएस एक ऐसे नेता को चुनना चाहेंगे जो संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सके, साथ ही आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी को मजबूती प्रदान करे.
वहीं, कुछ पार्टी नेता ये भी कहते नजर आए कि बिहार चुनाव तक वर्तमान स्थिति ही बरकरार रह सकती है. हालांकि, पार्टी सूत्रों की माने तो संसद के मानसून सात्विकी शुरुआत से पहले बीजेपी को नया अध्यक्ष मिल सकता है.
हालांकि, संघ के मुद्दे पर भाजपा से कोई भी नेता टिप्पणी करने से बचते नजर आए. मगर नाम ना लेने की शर्त पर पार्टी के उत्तर प्रदेश से एक सांसद ने कहा कि इतिहास गवाह है कि भाजपा में जब भी कोई नया अध्यक्ष बना है उस पर संघ की सहमति की गई है. अगले अध्यक्ष की प्रक्रिया में भी संघ की मंजूरी ली जाएगी. मगर पार्टी के आला नेता भी इस निर्णय में शामिल रहेंगे.
आरएसएस की यह बैठक न केवल बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आगामी राजनीतिक और सामाजिक रणनीतियों को आकार देने में भी अहम भूमिका निभाएगी. बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन का मुद्दा इस बैठक का सबसे चर्चित विषय रहने की उम्मीद है, जिसका असर पार्टी के भविष्य और देश की राजनीति पर देखने को मिल सकता है.
किसी कार्यकर्ता की क्या जिम्मेदारी होगी और वह क्या काम करेगा, यह पार्टी तय करती है - नितिन गडकरी
22 Jun, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पार्टी ही अपने कार्यकर्ताओं के लिए जिम्मेदारियां तय करती है और भाजपा उनके लिए जो भी जिम्मेदारी तय करेगी, वह उसे निभायेंगे। उन्होंने नरेन्द्र मोदी सरकार के 11 साल पूरे होने पर एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘अभी तक जो हुआ है वो तो न्यूज रील थी। असली फिल्म शुरू होना बाकी है।
गडकरी ने 2029 (के आम चुनाव) में उनकी भूमिका के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘किसी कार्यकर्ता की क्या जिम्मेदारी होगी और वह क्या काम करेगा, यह पार्टी तय करती है। मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, मैं उसे पूरा करूंगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने कभी अपना राजनीतिक बायोडेटा प्रकाशित नहीं किया है और न ही उन्होंने कभी समर्थकों से हवाईअड्डों पर उनके लिए भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा है। पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी व्यक्तिगत इच्छा विदर्भ में किसानों की आत्महत्या रोकने की दिशा में काम करना है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा, ‘‘आजकल मैं सड़क निर्माण के बजाय कृषि और अन्य सामाजिक पहलों पर अधिक काम करता हूं। यह पूछे जाने पर कि भारत की प्रति व्यक्ति आय दुनिया में शीर्ष 10 में क्यों नहीं है, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसके लिए देश की जनसंख्या जिम्मेदार है। जनसंख्या नियंत्रण विधेयक का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यह कोई धार्मिक या भाषाई मुद्दा नहीं है। यह एक आर्थिक मुद्दा है। इतना विकास होने के बावजूद, परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसका कारण बढ़ती जनसंख्या है।
नीतीश जी की उम्र हो चुकी है, अब बिहार उनसे संभल नहीं रहा - तेजस्वी
22 Jun, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। भाजपा-जदयू की चुनावी रणनीति और एनडीए में टिकट बंटवारे पर तेजस्वी ने कहा कि जदयू का टिकट भी अमित शाह बाटेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संजय झा भाजपा के आदमी है। यह सिर्फ नीतीश कुमार का इस्तेमाल कर रहे हैं, चुनाव के बाद सब जान रहा है नीतीश जी का क्या होगा? तेजस्वी ने आगे कहा कि नीतीश जी की उम्र हो चुकी है। अब बिहार उनसे संभल नहीं रहा है।
पेंशन राशि बढ़ाने जाने के फैसले पर तेजस्वी ने कहा कि 20 साल से आज तक पेंशन नहीं बढ़ा लेकिन जब मैंने बोला तो इनलोगों ने इसे बढ़ा दिया। आप लिख कर गारंटी ले ले कि यह सरकार माई बहिन योजना की भी कॉपी लाएगी।
बिहार में शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पेंशन बढ़ाने की घोषणा की। बिहार में वृद्धा पेंशन जो अभी तक प्रतिमाह 400 रुपए मिला करती थी, उसे बढ़ाकर 1100 करने का फैसला किया गया है। नीतीश सरकार के इस फैसले पर तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार सरकार नकलची सरकार है। बिहार सरकार ने आज वृद्धा पेंशन की राशि को 400 से बढ़ाकर 1100 किया। हमने पिछले ही साल इसका ऐलान किया था कि हमारी सरकार बनेगी तो वृद्ध पेंशन योजना को हमलोग बढ़ाकर 1500 कर देंगे।
अपने दावे के साथ तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपना पुराना वीडियो भी जारी किया, जिसमें वो सरकार आने पर पेंशन राशि बढ़ाने का आश्वासन देते नजर आ रहे हैं।
भारत के सामाजिक और आर्थिक प्रगति का प्रतिबिम्ब है योग : ज्योतिरादित्य सिंधिया
22 Jun, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इन्दौर । 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एतिहासिक इमारत राजवाड़ा में सामूहिक योग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केन्द्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, पद्मश्री जनक पलटा भी विशेष रूप से शामिल हुए। इस बार योग दिवस की थीम एक पृथ्वी- एक स्वास्थ्य के लिये योग था। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वस्थ्य जीवन शैली के साथ पर्यटन को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में केन्द्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने माँ अहिल्या की नगरी और होल्कर राजवंश की भूमि को प्रणाम करते हुए कहा कि देवी अहिल्याबाई ने भारत के सांस्कृतिक वैभव को चारों दिशाओं में फैलाकर एक अद्भूत कार्य किया है। इससे भारत का वैभव और बड़ा है। आज के आयोजन से इन्दौर का नाम राष्ट्रीय पटल पर एक और उभरकर सामने आया है। इन्दौर ने देश में अपनी एक वैशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व पटल पर योग को एक नई शक्ति देकर उसे और निखारने का कार्य किया है। वर्ष-2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने योग को संपूर्ण विश्व का योग बनाने के लिये एक प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र संघ के मंच पर ले गये, जहां सैकड़ों देशों ने सर्वसम्मति से प्रधानमंत्री मोदी के इस प्रस्ताव को पास कर दिया। संयुक्त राष्ट्र संघ के इतिहास में यह पहला प्रस्ताव था, जो मात्र 75 दिन में पास हो गया। सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के वैश्वविक क्षमता का प्रतिबिम्ब है योग, जो भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास की प्रगति को दर्शाता है। योग केवल हमें शारीरिक और मानसिक रूप से ही मजबूत नहीं करता बल्कि हमारी आत्मा को भी एक नई ऊर्जा प्रदान करता है।
कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि योग हमारे ऋषि-मूनियों का महाप्रसाद है, जिसे वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना के साथ हमने इसे पूरी दुनिया को बाटा है। आज योग केवल भारत की नहीं संपूर्ण विश्व की धरोहर बन गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने योग को आज पूरी दुनिया में फैलाकर भारत का परचम पूरी दुनिया में फहराया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ इन्दौर के साथ अब हमें स्वस्थ्य इन्दौर करना है।
कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भोपाल से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उद्बोधन का सीधा-प्रसारण किया गया, जिसे सभी ने सुना। उसके बाद विशाखापट्टनम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रभावी उद्बोधन को सुना गया। इस मौके पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम हुआ। जिसमें केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक महेन्द्र हार्डिया, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, संभागायुक्त दीपक सिंह, कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, जिला पंचायत के सीईओ सिद्धार्थ जैन एवं अन्य अधिकारी एवं विभिन्न शिक्षा संस्थाओं के छात्र-छात्राओं ने सामूहिक योग किया।
शहबाज शरीफ ने ट्रंप से लगाई गुहार, सूखे के डर से भारत से बातचीत को इच्छुक
21 Jun, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम हमले के बाद भारत द्वारा की गई कार्रवाई से पाकिस्तान घुटनों पर आ गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भारत से बातचीत को लेकर एक बार फिर अमेरिका के सामने गिड़गिड़ाए हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जम्मू-कश्मीर, सिंधू जल संधि, व्यापार और आतंकवाद की खिलाफत जैसे लंबित मुद्दों पर वार्ता की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो से ये बात कही है। पाकिस्तान के सरकारी टीवी पीटीवी की ओर से एक सोशल मीडिया पोस्ट में ये दावा किया गया है। इसमें कहा गया कि गर्मजोशी और सौहार्दपूर्ण बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपनी शुभकामनाएं दीं.
उन्होंने राष्ट्रपति की उनके साहसिक नेतृत्व के लिए प्रशंसा की और विदेश मंत्री रुबियो की सक्रिय कूटनीति की सराहना की, जिसने 'पाकिस्तान और भारत को संघर्षविराम समझौते पर पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.' शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान के बारे में राष्ट्रपति ट्रंप के सकारात्मक बयान दक्षिण एशिया में स्थायी शांति के लिए सबसे उत्साहजनक हैं, जिसे पाकिस्तान और भारत के बीच सार्थक बातचीत शुरू करके ही संभव बनाया जा सकता है.पीटीवी के अनुसार, शहबाज ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूबियो की भूमिका की सराहना की।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के बारे में राष्ट्रपति ट्रंप के सकारात्मक बयान दक्षिण एशिया में स्थायी शांति के लिए अत्यंत उत्साहजनक हैं, जिसे केवल पाकिस्तान और भारत के बीच सार्थक वार्ता शुरू करके ही संभव बनाया जा सकता है।दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ। इस हमले में 26 लोगों की बर्बर तरीके से हत्या कर दी गई। उनकी हत्या करने से पहले उनकी धार्मिक पहचान की गई। इन मृतकों में अधिकांश पर्यटक शामिल थे। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ पांच रणनीतिक फैसले लिए थे। जिनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना और नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या घटाना भी शामिल था।
"जिससे जवाब चाहिए था, वही सबूत मिटा रहा": राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
21 Jun, 2025 10:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को चुनाव आयोग की एक हालिया अधिसूचना को लेकर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग द्वारा चुनाव से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक डेटा और सीसीटीवी फुटेज को जल्द नष्ट करने का निर्देश लोकतंत्र के खिलाफ है और इससे स्पष्ट होता है कि “मैच फिक्स” किया गया है.
चुनाव आयोग ने हाल ही में अपने राज्य निर्वाचन अधिकारियों को एक निर्देश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि अगर चुनाव के नतीजों को 45 दिनों के भीतर अदालत में चुनौती नहीं दी जाती, तो वे संबंधित चुनावी सीसीटीवी फुटेज, वेबकास्टिंग रिकॉर्डिंग और वीडियोग्राफी को नष्ट कर सकते हैं. यह निर्देश 30 मई को जारी किया गया था.
आयोग ने अपने पत्र में कहा कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सीसीटीवी, वेबकास्टिंग, वीडियोग्राफी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से रिकॉर्डिंग करवाई जाती है, लेकिन हाल के वर्षों में इन रिकॉर्डिंग्स का इस्तेमाल तथाकथित “दुर्भावनापूर्ण विमर्श” बनाने के लिए भी किया गया है, जिससे आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं.
राहुल गांधी ने उठाए गंभीर सवाल
इस निर्देश के सामने आने के बाद, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक तीखा बयान जारी किया. उन्होंने लिखा, “वोटर लिस्ट? ‘मशीन रीडेबल फॉर्मेट’ नहीं देंगे. सीसीटीवी फुटेज? कानून बदलकर छिपा दी. चुनाव की फोटो-वीडियो? अब 1 साल नहीं, 45 दिनों में ही मिटा देंगे.”
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि जिनसे जवाब मांगा जाना चाहिए था, वही अब सबूत मिटा रहे हैं. उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि साफ दिख रहा है, मैच फिक्स है और फिक्स किया गया चुनाव, लोकतंत्र के लिए जहर है.
कांग्रेस नेता का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों ने 2024 के आम चुनावों में ईवीएम की कार्यप्रणाली, वोटर डेटा तक पहुंच और पारदर्शिता को लेकर पहले से ही कई सवाल उठाए हैं.
महाराष्ट्र चुनाव में राहुल ने लगाए थे मैच फिक्सिंग के आरोप
कई विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया की निगरानी में पारदर्शिता की मांग की है. इस संदर्भ में राहुल गांधी का बयान न केवल कांग्रेस के रुख को स्पष्ट करता है, बल्कि लोकतंत्र और चुनाव प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर गहराते विश्वास संकट की ओर भी इशारा करता है.
इससे पहले भी राहुल गांधी ने महाराष्ट्र चुनाव में मैच फैक्सिंग का आरोप लगाया था और इसे लेकर चुनाव आयोग ने जवाब भी दिया था. इस विषय पर राहुल गांधी और चुनाव आयोग के बीच जमकर बयानबाजी हुई थी और अब फिर से राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है.
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की ओर से बार-बार महत्वपूर्ण चुनावी डेटा तक पहुंच सीमित करना, पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत है. वहीं, आयोग का कहना है कि रिकॉर्ड नष्ट करने की समयसीमा तय करना प्रक्रियात्मक और विधिक कारणों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य डेटा के दुरुपयोग को रोकना है.
चुनाव आयोग के नए नियम पर भड़के राहुल गांधी
21 Jun, 2025 05:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को चुनाव आयोग के एक नए फैसले पर तीखा सवाल उठाया है। राहुल गांधी ने कहा कि जब चुनाव आयोग से जवाब मांगे जा रहे हैं, तब वह उल्टे सबूतों को मिटा रहा है। यह बयान उन्होंने उस समय दिया, जब चुनाव आयोग ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चुनाव की सीसीटीवी, वेबकास्टिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग को 45 दिन बाद नष्ट कर दिया जाए।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मतदाता सूची? मशीन-रीडेबल फॉर्मेट नहीं देंगे। सीसीटीवी फुटेज? कानून बदल कर छिपा दी। चुनाव की फोटो और वीडियो? अब 1 साल नहीं, 45 दिन में मिटा देंगे। जिससे जवाब चाहिए था – वही सबूत मिटा रहा है।' उन्होंने आगे लिखा, स्पष्ट है कि मैच फिक्स है। और फिक्स किया गया चुनाव लोकतंत्र के लिए जहर है।
बता दें कि, राहुल गांधी लंबे समय से चुनाव आयोग से मतदाता सूची, चुनावी आंकड़ों और चुनाव से जुड़ी वीडियो फुटेज की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में गड़बड़ी हुई है।
उत्तराखंड बना योग नीति वाला पहला राज्य, CM धामी ने "हर घर योग, हर जन निरोग" का नारा दिया
21 Jun, 2025 05:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण शनिवार को एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनी, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यहां 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर राज्य की पहली योग नीति का औपचारिक शुभारंभ करते हुए घोषणा की. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में विकसित किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने ‘हर घर योग, हर जन निरोग’ का संदेश देते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन स्थापित किए जाएंगे. इन क्षेत्रों को आयुर्वेद, योग और आध्यात्मिक पर्यटन के अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा.
योग से जुड़ेगी अर्थव्यवस्था, रुकेगा पलायन
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन जोन्स के माध्यम से राज्य में रोजगार सृजन को भी गति मिलेगी, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन पर अंकुश लगेगा. उन्होंने कहा कि दो नए आधुनिक नगर बसाए जाएंगे जो वेलनेस और योग उद्योग के वैश्विक हब बनेंगे. दुनिया भर से योग-प्रशिक्षक, आयुर्वेदिक संस्थान और आध्यात्मिक गुरु यहां आमंत्रित किए जाएंगे.
20 लाख तक सब्सिडी, 10 लाख तक रिसर्च ग्रांट
नई योग नीति के तहत प्रदेश में योग एवं ध्यान केंद्रों की स्थापना पर 20 लाख रुपए तक की सब्सिडी मिलेगी और योग या प्राकृतिक चिकित्सा से संबंधित शोध को 10 लाख तक का अनुदान मिलेगा. मार्च 2026 तक सभी आयुष हेल्थ वेलनेस सेंटरों में योग सेवाएं सुनिश्चित की जाएंगी और 2030 तक 5 नए योग हब विकसित किए जाएंगे.
विश्व भर के प्रतिनिधियों ने किया प्रतिभाग
इस विशेष अवसर पर मेक्सिको, नेपाल, फिजी, मंगोलिया, सूरीनाम, लातविया, श्रीलंका और रूस सहित 8 देशों के राजनयिकों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया और मुख्यमंत्री के साथ मिलकर सामूहिक योग किया. इस आयोजन में योग गुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण की भी मौजूद थे.
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से की मुलाकात
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री स्थानीय छात्रों और नागरिकों से संवाद करने पहुंचे. छात्रों के साथ उनकी बातचीत में ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला. उन्होंने युवाओं से कहा कि योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं.
‘योग ने दुनिया को एक सूत्र में बांधा है’
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन का दर्शन है, जिसने दुनिया को जाति, धर्म और सीमाओं से परे एक सूत्र में बांधने का काम किया है. यह वैश्विक एकता और मानवता का सबसे शक्तिशाली सेतु बन चुका है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से आज योग विश्व मंच पर ग्लोबल हेल्थ और कनेक्टिविटी का प्रतीक बन चुका है.
भराड़ीसैंण संस्कृति और प्रकृति का मिलन स्थल
मुख्यमंत्री ने भराड़ीसैंण को उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र बताया. उन्होंने कहा कि यह स्थल अब योग, अध्यात्म और नीति निर्माण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
विशेष उपस्थिति में शामिल प्रमुख हस्तियां
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, भारत में मैक्सिको के राजदूत फेडेरिको सालास, नेपाल के राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा, फिजी, मंगोलिया, रूस, लातविया, श्रीलंका और सूरिनाम के राजनयिक, चमोली के डीएम संदीप तिवारी, एसपी सर्वेश पंवार समेत कई प्रशासनिक अधिकारी और हजारों प्रतिभागी मौजूद रहे.
विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार का बड़ा दांव: सामाजिक पेंशन में तीन गुना बढ़ोतरी का ऐलान
21 Jun, 2025 05:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में इस साल चुनाव होने हैं. चुनावी साल में नीतीश सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है. राज्य सरकार ने सामाजिक सहायता पेंशन में तीन गुना बढ़ोतरी कर दी है. सीएम नीतीश कुमार ने खुद पेंशन बढ़ाने को लेकर ऐलान किया है.
सीएम ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर ऐलान किया है कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत विधवा महिलाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगजनों को अब हर महीने 400 रुपए की जगह 1100 रुपए पेंशन मिलेगी.
कब से मिलेगी बढ़ी हुई पेंशन?
सीएम नीतीश कुमार ने ऐलान किया कि सभी लाभार्थियों को जुलाई महीने से पेंशन बढ़ी हुई दर पर मिलेगी. सभी लाभार्थियों के खाते में यह राशि महीने की 10 तारीख को भेजना सुनिश्चित किया जाएगा. इससे 1 करोड़ 9 लाख 69 हजार 255 लाभार्थियों को काफी मदद मिलेगी.
सीएम ने बुजुर्गों को बताया अहम हिस्सा
सीएम ने साथ ही कहा, वृद्धजन समाज का अनमोल हिस्सा हैं और उनका सम्मानजनक जीवन-यापन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. राज्य सरकार इसके लिए लगातार काम कर रही है.
इस बीच, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सीएम नीतीश कुमार की तरफ से किए गए इस ऐलान पर पोस्ट किया. उन्होंने कहा,आज एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि सीएम ने विधवाओं, बुजुर्गों और विशेष रूप से विकलांगों के लिए पेंशन में वृद्धि की है. मैं इसके लिए सीएम को धन्यवाद देता हूं.
चुनाव के बीच किया बड़ा ऐलान
बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने है. इसी के चलते कांग्रेस, आरजेडी समेत एनडीए दल और सभी पार्टियां एड़ी चोटी का दम लगा रही है. जहां एक तरफ सत्ता में वापस लौटने के लिए आरजेडी और कांग्रेस जनता से वादे कर रहे हैं और नीतीश सरकार की खामियां गिना रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ नीतीश सरकार अपनी पार्टी की उपलब्धी बता रही है. इसी के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शुक्रवार को रैली को संबोधित करने के लिए सिवान पहुंचे थे.
पीएम ने यहां कई करोड़ की परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया और जनता को नीतीश सरकार और बीजेपी की उपलब्धी गिनाई. अब इसी दिशा में जनता का फोकस अपनी तरफ हासिल करने के लिए नीतीश ने पेंशन का दांव चल दिया है.
चुनाव से पहले जयंत चौधरी की अनोखी शर्त: 'योग' बनेगा टिकट का आधार, क्यों उठाया ये कदम?
21 Jun, 2025 04:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुनियाभर में शनिवार को 11 वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है. देशभर के अधिकतर नेता योग दिवस को सेलिब्रेट कर रहे है. इसी दौरान मेरठ के सरधना चर्च में योग करने के बाद केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने एक बयान दिया. जिसमें उन्होंने कहा कि इस बार टिकट उन्हीं को मिलेगी जो ठिक से योग करके दिखाएंगे.
जयंत चौधरी ने कहा कि इस बार जब टिकट बाटेंगे तो योग करवाएंगे. इस बात को लेकर जब उनसे सवाल पूछा गया, तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि बहुत से लोगों की सांस टिकट लेते-लेते फूल जाती है. इसलिए इस बार टिकट देने से पहले योग करवाएगें. उन्होंने कहा इस बार अच्छी मानसिकता और अच्छे स्वास्थ्य वालों को टिकट देगें और आप स्वस्थ तभी होगें जब आप योग करेगें.
युवाओं को टिकट देने पर बोले चौधरी
भारत देश युवाओं का ही देश है. उन्होंने कहा इस बार युवाओं को टिकट बेशक मिलेगा. वह युवा को कितना सपोर्ट करते है इस बात को उन्होंने एक उदाहरण से समझाया. उन्होंने कहा कि युवा की राजनीति में भागीदारी अधिक हो, इसके लिए वह संसद में एक प्राइवेट बिल भी लेकर आए थे. उस बिल में युवाओं को एमपी या एमएलए बनाने की उम्र 25 साल से 21 साल करने का प्रस्ताव रखा था. उन्होंने कहा जब युवा 21 वर्ष की उम्र में नौकरी कर सकते हैं,अधिकारी बन सकते हैं, बिजनेस कर सकते हैं तो फिर एमपी या एमएलए क्यों नहीं बन सकते हैं?
योग के माध्यम से शांति लाने का प्रयास
आज के समय दुनियाभर में बेवजह युद्ध हो रहे हैं. चारों तरफ तनाव की स्थिति बनी हुई है. उन्होंने कहा कि हमारे योग दिवस की आज की जो थीम है वह पूरे विश्व को एक साथ ला सकती है. भारत हमेशा से शांति पर भरोसा करता है और उसी परंपरा को हम आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम योग के माध्यम से लोगों को एक साथ लाने का प्रयास कर रहे हैं.
योग दुनिया को जोड़ता है- पीएम
प्रधानमंत्री मोदी ने विशाखापट्टनम में 3 लाख लोगों और 40 देशों के राजनयिकों के साथ योग दिवस मनाया. पीएम ने लोगों को योग का मतलब समझाते हुए कहा कि योग का मतलब होता है जोड़ना. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया को योग ने ही जोड़ रखा है. पीएम ने कहा कि जहां पूरे विश्व में युद्ध की वजह से तनाव चल रहा है, तो ऐसी स्थिति में शांति पाने का एक ही साधन है, वह है सिर्फ योग.
आज मेरे कमरे की बिजली गुल हो गई': कैबिनेट मीटिंग में पावर कट पर CM सोरेन ने जताई नाराजगी
21 Jun, 2025 04:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जल-जंगल और प्राकृतिक खनिजों से संपन्न, यूं तो पूरे देश का लगभग 40 फीसदी खनिज झारखंड से ही प्राप्त होता है, जिसमें उन्नत किस्म का कोयला, यूरेनियम शामिल है. लेकिन विडंबना यह है कि सबसे अधिक कोयला उत्पादन करने के बावजूद झारखंड में बिजली का संकट इस कदर हो गया कि आम जनता की बात छोड़िए, राज्य के मुखिया यानी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी पावर कट से परेशान हो गए.
दरअसल हुआ भी कुछ ऐसा ही. 20 जून को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंत्रालय ( प्रोजेक्ट भवन) में मंत्रीपरिषद की बैठक कर रहे थे. मुख्यमंत्री के अलावा इसमें राज्य के सभी 11 मंत्री शामिल थे, बैठक चल ही रही थी और उसी दौरान एकाएक लाइट कट गई.
विकास पर हो रही थी चर्चा, तभी गुल हो गई बिजली
आश्चर्य की बात है कि जिस झारखंड मंत्रालय में बैठकर मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ झारखंड के विकास और प्रगति की योजनाओं से संबंधित प्रस्ताव पर मुहर लगा रहे थे, उसी दौरान बिजली कट गई. हालांकि थोड़ी देर के बाद बिजली सेवा बहाल कर दी गई. बिजली कटने से परेशान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जब यह पूछा गया कि राज्य की जनता पावर कट से जूझ रही है इसे लेकर क्या योजना है? तब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वयं कह दिया कि आज तो जब मैं कैबिनेट की बैठक कर रहा था उसी दौरान मेरे ही कमरे की बिजली गुल हो गई है. उन्होंने अधिकारियों को बिजली की परेशानी दूर करने का निर्देश दिया गया है.
बिजली से परेशान हर शख्स
बता दें कि चाहे बात राजधानी रांची की हो या झारखंड के अन्य 24 जिलों की, बिजली की आंख मिचौली से आम से लेकर के खास , हर वर्ग त्रस्त है. अब तो यह आलम हो गया कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी बिजली की कटौती से त्रस्त हो गए हैं.
बैठक में 26 प्रस्ताव को दी गई मंजूरी
बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 20 जून को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 26 प्रस्ताव पर मुहर लगी है. इन प्रस्ताव में रांची विश्वविद्यालय, रांची के अंतर्गत खूंटी जिले में महिला महाविद्यालय, खूंटी के निर्माण कार्य को स्वीकृति दी गई. इसके अलावा, झारखण्ड राज्य हिन्दू धार्मिक न्याय बोर्ड के सुचारू रूप से चलाने के लिए तीन करोड़ की सहायता देने की स्वीकृति दी गई. झारखण्ड राजकीयकृत प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक प्रोन्नति नियमावली, 2025 के गठन की स्वीकृति दी गई. इसके अलावा भी अन्य कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है.
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