राजनीति
बिहार में CM चेहरे पर कन्हैया कुमार का बड़ा बयान: 'महागठबंधन जीतेगा तो तेजस्वी ही होंगे मुख्यमंत्री!'
28 Jun, 2025 02:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं. इसे देखते हुए सियासी पारा हाई होता जा रहा है. इस बीच कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा अगर विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को बहुमत मिला तो मुख्यमंत्री आरजेडी से होगा. इसमें कोई भ्रम या विवाद नहीं है कि तेजस्वी यादव सीएम फेस होंगे. हालांकि, चुनावी मुद्दे सबसे ऊपर होंगे. उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष गठबंधन के सीएम चेहरे का मुद्दा बनाकर लोगों का ध्यान भटकाने की साजिश कर रहा है.
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने इस दौरान बीजेपी को लेकर भी बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी को जैसे ही मौका मिलेगा वो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हटा देगी. उनके स्थान पर बीजेपी अपने नेता को बैठाएगी. बीजेपी अपनी पुरानी रणनीति पर काम रही है, जिसमें वो पहले क्षेत्रीय पार्टी का सपोर्ट लेती है फिर धीरे-धीरे उसे निगल जाती है.
इसलिए मुख्यमंत्री भी उनका ही होगा
एक इंटरव्यू में कन्हैया ने कहा, जिसके पास ज्यादा विधायक होंगे, उसी की पार्टी से मुख्यमंत्री बनेगा. आरजेडी महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी है और उसके पास अधिक विधायक होंगे, इसलिए मुख्यमंत्री भी उनका ही होगा. इसमें कोई संदेह नहीं है. रही बात बीजेपी को तो उन्हें खुद नहीं पता कि उनके मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा, नीतीश कुमार या कोई और. महागठबंधन में नेतृत्व को लेकर सब कुछ साफ है.
महागठबंधन के सभी दलों की अपनी अहमियत
महागठबंधन को लेकर उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि कार में क्लच, ब्रेक और रियरव्यू मिरर सबकी अपनी भूमिका होती है. ठीक वैसे ही महागठबंधन के सभी दलों की अपनी अहमियत है. कांग्रेस सहित महागठबंधन के सभी दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे. रही बात सीट बंटवारे की तो हमारी एकता मुद्दों पर है, सीटें प्राथमिकता नहीं हैं. बड़ी जिम्मेदारी बड़े दलों की है और छोटी जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी होती है.
आपदा में अवसर खोजने में माहिर हैं अमित शाह
कन्हैया कुमार ने सीएम नीतीश कुमार के स्वास्थ्य और बीजेपी की रणनीति को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा, अमित शाह आपदा में अवसर खोजने में माहिर हैं. जैसा उन्होंने महाराष्ट्र में किया, वैसा ही बिहार में भी करने की कोशिश कर रहे हैं. बीजेपी पहले सहयोगी बनती है और फिर धीरे-धीरे निगलने की कोशिश करती है. मौजूदा राज्य सरकार नौकरशाहों के हाथों तानाशाही तरीके से चलाई जा रही है.
शिवनकुट्टी ने राज्यपाल पर आरोप लगाया: 'भारत माता की तस्वीर लगाने का दबाव'
28 Jun, 2025 01:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केरल में भारत माता की तस्वीर को लेकर विवाद लगातार जारी है। इस बीच केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने भारत माता की तस्वीर को लेकर बेतुका बयान दिया। मंत्री ने भारत माता के चित्र को धार्मिक चित्र बताया। साथ ही राजभवन में आधिकारिक समारोहों के दौरान भारत माता का चित्र प्रदर्शित करने के लिए राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर पर हमला बोला। बृहस्पतिवार को शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी भारत माता की तस्वीर देखकर राजभवन में आयोजित राज्य सरकार के एक कार्यक्रम को छोड़कर चले गए थे। मंत्री ने कहा कि सांविधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति द्वारा आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान ऐसी प्रतिमा की पूजा करना संविधान के मूल सिद्धांतों को नष्ट करने के समान है। देश की प्रस्तावना में इसे एक धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया है। सांविधानिक पदों पर बैठे लोगों द्वारा सरकारी कार्यक्रमों में किसी भी धार्मिक प्रथा को बढ़ावा देना प्रतिबंधित है। शिवनकुट्टी ने कहा कि राज्यपाल की कार्रवाई भारतीय संविधान की धर्मनिरपेक्ष प्रकृति पर एक स्पष्ट हमला है। यह न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि संविधान द्वारा गारंटीकृत धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को भी कमजोर करने वाला कृत्य है।
उन्होंने राजभवन में भारत माता की तस्वीर लगाए जाने के बाद समारोह का बहिष्कार करने के अपने फैसले को भी उचित ठहराया। मंत्री ने कहा कि मैंने इसलिए कार्यक्रम छोड़ दिया क्योंकि मैं ऐसे सांविधानिक उल्लंघनों का गवाह नहीं बन सकता था। मैं केवल संविधान को बनाए रखने की अपनी जिम्मेदारी निभा रहा था। मैं संविधान की धर्मनिरपेक्ष प्रकृति की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए प्रतिबद्ध हूं। राज्यपाल को लेकर राज्य मंत्री ने कहा कि वे तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित करके संविधान की धर्मनिरपेक्ष प्रकृति का अपमान कर रहे हैं। किसी आधिकारिक समारोह में भारत माता की छवि प्रदर्शित करना और उसकी पूजा करना किसी विशेष धार्मिक प्रतीक को आधिकारिक रूप से समर्थन देने के समान होगा। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि भारत माता की छवि को एक धार्मिक प्रतीक के रूप में देखा जाता है और आधिकारिक समारोहों में इसके प्रदर्शन की आलोचना की जाती है क्योंकि यह संवैधानिक, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
क्या है मामला
केरल में विवाद तब शुरू हुआ जब राजभवन ने विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम में 'भारत माता' की तस्वीर का उपयोग किया। इसका राज्य के कृषि मंत्री और सीपीआई नेता पी. प्रसाद ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया था। कृषि मंत्री पी प्रसाद ने कहा था कि धर्मनिरपेक्ष केरल में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। राज्य सरकार भारत माता का सम्मान करती है लेकिन राजभवन के आधिकारिक समारोह में आरएसएस शाखाओं से जुड़ी तस्वीर का इस्तेमाल करना असांविधानिक है।
अगले 24 घंटे में अत्यधिक बारिश की संभावना, सीएम धामी ने की सभी से अलर्ट रहने की अपील
28 Jun, 2025 01:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देहरादून । उत्तराखंड में मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के भीतर पहाड़ी और कुछ मैदानी क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा की संभावना जताई है। चेतावनी को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पीसीएस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से समय से पहले परीक्षा केंद्र के लिए प्रस्थान करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि आपकी सुरक्षा और परीक्षा दोनों हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। धामी ने बताया कि राज्य सरकार मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और स्थानीय प्रशासन को हर आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने जनता से संयम और सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य के कई क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और यातायात अवरुद्ध होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में लोगों से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करें।
राहुल गांधी का चुनाव आयोग से सवाल पूछना कुछ लोगों को नहीं हो रहा हजम
27 Jun, 2025 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि जिस अंदाज में राहुल गांधी चुनाव आयोग से सवाल पूछ रहे हैं वह कुछ लोगों को रास नहीं आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र चुनाव में मैच फिक्सिंग हुई है और राहुल गांधी ने इस मुद्दे की ओर पूरे देश का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि चुनाव आयोग की भूमिका हमेशा से ही संदेह के घेरे में रही है। राहुल गांधी भी इस मुद्दे को हमेशा उठाते रहे हैं।
कांग्रेस नेता भगत ने दावा किया कि महाराष्ट्र में मैच फिक्सिंग हुई है, जिसमें चुनाव आयोग की भी भूमिका रही है, और इसी मुद्दे को राहुल गांधी उठा रहे हैं, जिसे कुछ लोग हजम नहीं कर पा रहे हैं। हम इस मुद्दे को लगातार उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी हुई। इसे लेकर हमने आयोग से कई साक्ष्य मांगे थे, लेकिन आयोग ने हमारी मांग नहीं मानी। हम चाहते हैं कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता बरकरार रहे और उसकी गरिमा पर किसी भी प्रकार का कुठाराघात नहीं लगे। अगर ऐसा हुआ, तो हम इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।
वहीं भारत-पाक सीजफायर को लेकर उन्होंने इसे सही नहीं बताया। भगत ने कहा कि आतंकवाद को एक सभ्य समाज में किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। आतंकवाद को वैश्विक मोर्चे पर हम सभी को परास्त करने के लिए एकजुट होना ही होगा, तभी जाकर हम सभी को इसमें अपेक्षित सफलता मिल पाएगी और इस दिशा में हमें सफलता मिली भी है। उन्होंने कहा कि इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि चाहे वो इजराइल और ईरान के बीच युद्ध हो या फिर रूस-यूक्रेन, भारत ने दोनों ही स्थिति में अहम भूमिका निभाई। भारत बढ़त की स्थिति में रहा, लेकिन पाकिस्तान के साथ स्थिति बिल्कुल उलट रही। पहले हम पाकिस्तान पर हावी हुए, लेकिन जब मसला सीजफायर का आया, तो कहीं ना कहीं हमारी भूमिका कमतर साबित हुई, जिसे लेकर आज भी केंद्र की मोदी सरकार से देश की जनता सवाल पूछ रही है, लेकिन केंद्र सरकार इस सवाल का जवाब देने से बच रही है।
वोटर लिस्ट पर भड़कीं ममता बनर्जी, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाया सवाल
27 Jun, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बिहार चुनाव के नाम पर पूरे देश में एनआरसी जैसी प्रक्रिया लागू करने की तैयारी हो रही है। उन्होंने इसे देश के लोकतंत्र के लिए खतरनाक और अलार्मिंग करार दिया। ममता ने कहा कि राज्य सरकार को चुनाव आयोग से कुछ दस्तावेज प्राप्त हुए हैं, जिनमें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए माता-पिता के जन्म प्रमाण पत्र जमा करने की बात कही गई है। यह फिलहाल बिहार में लागू किया गया है, लेकिन साफ है कि इसे देश के हर राज्य में लागू किया जाएगा। असली निशाना बंगाल है, क्योंकि वे प्रवासी मजदूरों और गरीब वोटरों से डरते हैं। सीएम ने सवाल उठाया कि गरीबों और श्रमिकों के पास अपने माता-पिता के प्रमाण पत्र कहां से आएंगे? उन्होंने इस नई प्रक्रिया की तुलना सीधे एनआरसी से की और इसे उससे भी अधिक खतरनाक बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग जानबूझकर गरीबों और युवा वोटरों का हक छीनना चाहते हैं। क्या युवा पीढ़ी को वोट देने का अधिकार नहीं है? बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बिना किसी राजनीतिक दल से चर्चा किए, एकतरफा फैसले ले रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को लगता है कि राजनीतिक दल और चुनी हुई सरकारें उनके बंधुआ मजदूर हैं। ये मानसिकता लोकतंत्र को कमजोर करती है।
चुनाव से पहले कांग्रेस ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, वोटर लिस्ट की डिजिटल कॉपी की मांग
27 Jun, 2025 10:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली, महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। कांग्रेस ने पत्र लिखकर चुनाव की वोटर लिस्ट की डिजिटल कॉपी, मतदान के दिन की वीडियो रिकॉर्डिंग तथा मशीन रीडेबल कॉपी उपलब्ध कराने की मांग की है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग सचिवालय के सचिव अश्विनी कुमार मोहल को लिखे पत्र में कहा है कि महाराष्ट्र तथा हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जिन सवालों को उठाया है उन्हें लेकर आयोग ने 12 जून को जो जवाब दिया है,उसके मद्देनजर पार्टी मांग करती है कि उसे मतदाता सूची और मतदान के दिन के वीडियो फुटेज एक सप्ताह में उपलब्ध कराएं जाएं।
पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस यह मांग लगातार कर रही है और उसकी मांग के अनुरूप वोटर लिस्ट तथा वीडियो फुटेज उपलब्ध कराना आयोग के लिए कठिन काम नहीं है। पार्टी का कहना है कि इससे न सिर्फ राजनीतिक दलों का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि जनता में भी चुनावी प्रक्रिया को लेकर भरोसा कायम रहेगा।
आप की मुश्किलें बढ़ीं: सौरभ और सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप, ACB ने दर्ज किया केस
27 Jun, 2025 09:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता, दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने आम आदमी पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं और पूर्व स्वास्थ्य मंत्रियों सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन के खिलाफ बड़ा भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि 2018-19 में दिल्ली सरकार द्वारा मंजूर किए गए स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के 24 परियोजनाओं में करोड़ों की लागत लगाई गई, लेकिन कोई भी परियोजना पूरी नहीं हुई। आरोप है कि इन परियोजनाओं में 11 ग्रीनफील्ड (नई जमीन पर निर्माण) और 13 ब्राउनफील्ड (पुरानी इमारतों का विस्तार) शामिल थे।
कुल बजट था 5,590 करोड़, लेकिन एसीबी की जांच के मुताबिक, अधिकतर निर्माण अधूरे हैं और कई को तो बीच में ही छोड़ दिया गया है। 22 अगस्त, 2024 को नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें बजट में हेरफेर, निजी कंपनियों से मिलीभगत और पारदर्शिता में बाधा डालने के आरोप लगाए गए थे। हाल ही में दिल्ली के उपराज्यपाल ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत अभियोजन की अनुमति दी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई।
AAP को करारा झटका, जीत के जश्न के बीच विधायक ने थामा इस्तीफे का रास्ता
27 Jun, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद, गुजरात की विसावदर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मिली जीत के जश्न में डूबी आम आदमी पार्टी (आप) को जोर का झटका लगा है। बोटाद सीट से विधायक उमेश मकवाना ने गुरुवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी के सभी पदों और जिम्मेदारियों को छोडऩे का ऐलान करते हुए एक खत पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को भेजा है।
हालांकि उनका कहना है कि वह पार्टी के साथ जुड़े रहेंगे और कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहेंगे। मकवाना ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है, जब विसावदर सीट पर उपचुनाव में गोपाल इटालिया की जीत से पार्टी में जश्न का महौल है। एक दिन पहले ही अरविंद केजरीवाल ने गोपाल इटालिया का मुंह मीठा कराते हुए गुजरात में 2027 में सरकार बनाने का भरोसा जाहिर किया था। उधर, मकवाना की बगावत पर आम आदमी पार्टी ने बड़ा एक्शन लिया है। पार्टी विरोधी और गुजरात विरोधी गतिविधियों के लिए उन्हें पांच साल के लिए सस्पेंड किया गया है।
उमर अब्दुल्ला का सियासी ऐलान...... अगर ऐसा हैं मैं कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार हूं
26 Jun, 2025 10:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर राज्य के दर्जे को लेकर फिर सियासत तेज है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलाने के लिए भाजपा का मुख्यमंत्री जरूरी है, तब मैं उसके लिए कुर्सी छोड़ने को भी तैयार हूं। केंद्र की मोदी सरकार को अपना इरादा साफ रखना चाहिए। वहीं, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और भाजपा ने मुख्यमंत्री की घेराबंदी कर उनके बयान का ड्रामा बताया।
बता दें कि उमर ने कहा था कि राज्य का दर्जा मिलते ही अगले दिन मैं विधानसभा भंग कर दूंगा। उन्होंने कहा कि केंद्र को स्पष्ट शब्दों में बताना चाहिए कि क्या वह राज्य का दर्जा तभी देगी जब यहां भाजपा का मुख्यमंत्री होगा। अगर ऐसा हैं मैं कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार हूं।
प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह यही कहते आए हैं कि पहले चुनाव हो, फिर राज्य का दर्जा मिलेगा, हमें यहां सरकार बनाए हुए आठ माह हो चुके हैं। चुनावी वादों से पीछे हटने के लगाए जा रहे आरोपों पर उमर ने कहा कि हमें लोगों ने पांच वर्ष के लिए चुना है। आरक्षण संबंधी सवाल पर उमर ने कहा कि कानूनी स्पष्टता के लिए मामले को कानून विभाग को भेज दिया है। हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कैबिनेट का फैसला अदालत में न अटके।
वहीं भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि उमर राज्य का दर्जा पाने के लिए नहीं, बल्कि नेकां को टूटने से बचाने के लिए ये ड्रामा कर रहे हैं। अगर उन्हें सच में अपनी बात पर यकीन है, तब उमर को इस्तीफा दे देना चाहिए।
इसके साथ ही पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन सज्जाद गनी लोन ने कहा कि उमर का इस्तीफा देने की पेशकश का ऐलान सिर्फ छलावा है। नेकां और इसके नेताओं को सिर्फ सत्ता से मतलब है। इन्हें राज्य का दर्जा नहीं कुर्सी चाहिए। पांच अगस्त 2019 को संसद में नेकां के तीन सांसद थे, क्या किसी ने इस्तीफा दिया था? लोन ने तंज कसते हुए कहा कि हां, मुझे याद आया वर्ष 1989 में जब कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई तब तत्कालीन मुख्यमंत्री फारूक साहब और नेकां की पूरी मंत्रिपरिषद इस्तीफा देकर कश्मीर छोड़कर भाग गई थी।
2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में 50 से भी कम सीटें जीतेगी बीजेपी : अभिषेक बनर्जी
26 Jun, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि 2026 में होने वाले बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को 50 से कम सीटें जीतेगी। बनर्जी ने कहा कि मैं वादा करता हूं कि 2026 में भाजपा द्वारा जीती गई सीटों की कुल संख्या 50 से कम होगी। 2021 में, भाजपा की गिनती 77 पर रुकी थी। मैंने कहा था कि 2024 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल की सीटें बढ़ेंगी, यह सच साबित हुआ।
बनर्जी ने भाजपा नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी पर हमला कर कहा कि अधिकारी ने दावा किया था कि अगर वह नहीं होते, तब ममता बनर्जी दीदी से दादी बन जातीं। उन्होंने 2020 में पार्टी छोड़ दी। उसके बाद, ममता बनर्जी 2021, 2023 के पंचायत चुनावों में कैसे जीत गईं?
उन्होंने कहा कि उनके भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी ने एक भी चुनाव नहीं जीता। बंगाल में हुए सभी 11 उपचुनावों में भाजपा हार गई। उन्होंने कहा कि वे यहां ऑपरेशन बंगाल चलाएंगे, जिसका मतलब है कि वे विधायकों को खरीद सकते है। अभिषेक ने कहा, ममता बनर्जी लोगों के आशीर्वाद से 34 साल पुरानी सीपीआई(एम) सरकार को सत्ता से बेदखल करने के बाद अपने बलबूते पर सीएम बनी हैं।
अखिलेश ने किया तेज प्रताप यादव को फोन, बिहार से लेकर यूपी तक सियासी चर्चा हुई तेज
26 Jun, 2025 08:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। पार्टी और परिवार से निकाले जाने के बाद तेज प्रताप यादव ने दो टूक कहा कि वे चुप नहीं बैठने वाले है। अपने राजनीतिक भविष्य और निजी जीवन को लेकर बढ़ती अटकलों के बीच तेज प्रताप लगातार सक्रिय हैं। तेज प्रताप ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से वीडियो कॉल पर बात की। बाद में उन्होंने लिखा, अखिलेश हमेशा से मेरे दिल के बहुत करीब रहे हैं। जब उन्होंने अचानक मेरा हालचाल पूछने के लिए फोन किया, तब लगा कि मैं इस लड़ाई में अकेला नहीं हूं।
इससे सवाल उठने लगा है कि क्या तेजप्रताप अखिलेश की मदद से राजनीतिक वापसी की तैयारी में हैं। तेज प्रताप ने न सिर्फ अखिलेश से बात की, बल्कि उसी दिन पटना में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कई बैठकें भी कीं। उन्होंने लिखा, मुलाकातों का सिलसिला जारी है। जब जनता का प्यार हमारे साथ होता है, तब हमें हर परिस्थिति का हिम्मत से सामना करने की ताकत मिलती है। अपनी राजनीतिक पार्टी से निकाले जाने और अपने ही परिवार की आलोचनाओं का सामना करने के बावजूद तेज प्रताप की बढ़ती सार्वजनिक सक्रियता यह दर्शाती है कि वे राजनीति से दूर नहीं जा रहे हैं।
कई लोग पूछ रहे हैं कि आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में तेज प्रताप की क्या भूमिका होगी। क्या वह अपना खुद का गुट बनाएंगे? क्या वह किसी दूसरी पार्टी से हाथ मिलाएंगे? या फिर वह अपने अगले कदम को तय करने के लिए सार्वजनिक और कानूनी फैसलों का इंतजार करेंगे?
अरे ये क्या हुआ.....पीएम मोदी से बंद कमरे में शशि थरुर की मुलाकात, फिर सीधे रुस रवाना
26 Jun, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोदी सरकार ने फिर थरुर को किसी विशेष काम से मॉस्को भेजा
नई दिल्ली। इनदिनों कांग्रेस पार्टी से नाराज चल रहे शशि थरूर मॉस्को पहुंचे हैं और अचानक ये सबकुछ हुआ है। एक घंटे तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मीटिंग होती है और फिर थरूर अचानक मॉस्को के लिए रवाना होते हैं। उन्होंने मॉस्को में बड़े बड़े नेताओं से मुलाकातों का दौर भी शुरू कर दिया है। अब इसके बाद में चर्चा तेज हो चली है कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी ने अचानक ये कौन सी जिम्मेदारी देकर कांग्रेस नेता थरुर को रूस भेज दिया। इसके पहले पीएम मोदी ने थरूर को ऑपरेशन सिंदूर के डेलीगेशन में भेजा था। लेकिन फिर से थरूर को रूस भेजा है। ये सबकुछ इतना भी सरल नहीं लग रहा है।
दरअसल गौर करने वाली बात है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता थरूर को अचानक पीएम मोदी बुलाते हैं। फिर बंद कमरे में दोनों नेताओं के बीच कुछ बात होती है। इस मुलाकात के दौरान तीसरे किसी शख्स की मौजूदगी नहीं होती है। फिर पीएम मोदी की ओर से निर्देश मिलता हैं, कि आप तुरंत ही रूस के लिए फ्लाइट पकड़ लो।
पीएमओ से निकलकर कांग्रेस नेता थरुर थोड़ी देर के लिए अपने घर गए और उसके बाद फ्लाइट पकड़ कर मॉस्को निकल गए। मॉस्को पहुंच उन्होंने सबसे पहले एंड्री डेनिसोव से मुलाकात की है। एंड्री डेनिसोव संयुक्त राष्ट्र संघ में रूस के एंबेसडर हैं। इससे पहले वे चीन में एंबेसडर रह चुके हैं।
चीन के साथ इनके बेहतर संबंध हैं। आप देख सकते हैं कि चीन में ही अभी एससीओ की बैठक जारी है, जिसमें अजित डोभाल और राजनाथ सिंह मौजूद हैं। सारा कुछ एससीओ की बैठक को लेकर हो रहा है। कुछ अंदर ही अंदर खिचड़ी पक रही है। भारत, चीन और रूस आपस में कुछ तय कर रहे हैं। ये मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है कि इस बार की एससीओ की बैठक का चेयरमैनशिप रूस के पास है। जिस तरह से शशि थरूर विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव या चीन और संयुक्त राष्ट्र संघ में रूस के एंबेसडर से मुलाकात हुई है। ये बहुत हाई प्रोफाइल मीटिंग है। पहले से प्लानिंग के बिना ये हो नहीं सकता था।
अब सवाल उठ रहा है अगर किसी महत्वपूर्ण मामले को लेकर योजना हो रही है, तब फिर शशि थरूर को ही क्यों चुना गया। मोदी सरकार के पास और भी बहुत सारे लोग हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर को भेजा जा सकता था। डोभाल की वांग यी से उनकी मुलाकात में ऐसा क्या हुआ कि वहां से पीएम मोदी को मैसेज आया। फिर पीएम मोदी ने थरूर को बुलाकर एक घंटे में सारी ब्रीफिंग के बाद मॉस्को भेज दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत का मोदी सरकार पर हमला, देश में बीते 11 साल से अघोषित आपातकाल लागू
26 Jun, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर तीखा हमला कर केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी पर देश में संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री समझ नहीं पा रहे हैं, जनता बहुत परेशान है। लोगों की शिकायतें नहीं सुनी जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि अधिकारी विधायकों की भी नहीं सुन रहे हैं।
मौजूदा स्थिति को अघोषित आपातकाल बताकर गहलोत ने कहा कि भाजपा की कार्रवाइयां पिछले 11 वर्षों में लोकतांत्रिक मूल्यों के व्यवस्थित क्षरण को दिखाती हैं। उन्होंने कहा, यह विडंबना है कि भाजपा सरकारें संविधान हत्या दिवस मना रही हैं। यह एक बेईमान व्यक्ति द्वारा ईमानदारी पर व्याख्यान देने जैसा है। गहलोत ने आरोप लगाया कि देश में नागरिक स्वतंत्रता, प्रेस की स्वतंत्रता और विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत में मौजूदा स्थिति को केवल दो शब्दों में बयां किया जा सकता है अघोषित आपातकाल। संविधान को भले ही निलंबित नहीं किया गया हो और न ही राष्ट्रपति ने कोई औपचारिक घोषणा की हो, लेकिन लोगों के अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विपक्ष की आवाज को दबाने के प्रयास जारी हैं।
आतंकवाद के ठिकाने अब सुरक्षित नहीं हैं, भारत उन्हें निशाना बनाने में संकोच नहीं करेगा
26 Jun, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के समक्ष आतंकवाद पर भारत का रूख एकदम स्पष्ट करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि आतंकवाद का हर कृत्य आपराधिक तथा अनुचित है और संगठन को सामूहिक सुरक्षा के लिए इस खतरे को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए एकजुट होना चाहिए। राजनाथ सिंह ने चीन के किंगदाओ में गुरुवार को एससीओ देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में जोर देकर कहा, “शांति और समृद्धि आतंकवाद और सरकार से इतर तत्वों के हाथों में सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार के साथ सह-अस्तित्व में नहीं रह सकती। आतंकवाद के अपराधियों, समर्थकों, वित्तपोषकों और प्रायोजकों को न्याय के कटघरे में लाने की आवश्यकता है।”
उन्होंने पाकिस्तान और चीन की मौजूदगी में साफ शब्दों में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने आतंकवाद के खिलाफ बचाव और सीमा पार हमलों को रोकने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के ठिकाने अब सुरक्षित नहीं हैं और भारत उन्हें निशाना बनाने में संकोच नहीं करेगा। राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति का उल्लेख करते हुए सदस्य देशों से सामूहिक सुरक्षा के लिए इस खतरे को समाप्त करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
रक्षा मंत्रियों, एससीओ महासचिव, एससीओ के क्षेत्रीय आतंकवाद रोधी ढांचे (आरएटीएस) के निदेशक और अन्य प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां शांति, सुरक्षा और विश्वास की कमी से संबंधित हैं, बढ़ती कट्टरता, उग्रवाद और आतंकवाद इन समस्याओं का मूल कारण हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद और उससे जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता है। यह जरूरी है कि जो लोग संकीर्ण और स्वार्थी उद्देश्यों के लिए आतंकवाद को प्रायोजित, पोषित और इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा, “कुछ देश सीमा पार आतंकवाद को नीति के रूप में इस्तेमाल करते हैं और आतंकवादियों को आश्रय देते हैं। ऐसे दोहरे मानदंडों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। एससीओ को ऐसे देशों की आलोचना करने में संकोच नहीं करना चाहिए।”
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम मे जघन्य आतंकवादी हमले के जवाब में आतंकवाद से बचाव और सीमा पार से होने वाले हमलों को रोकने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के दौरान पीड़ितों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर गोली मार दी गई थी। संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के एक प्रतिनिधि द रेजिस्टेंस फ्रंट ने हमले की जिम्मेदारी ली। पहलगाम हमले का पैटर्न भारत में एलईटी के पिछले आतंकी हमलों से मेल खाता है। भारत ने इस ऑपरेशन से आतंकवाद को बर्दाश्त न करने की अपनी नीति को स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा, “इसमें आतंकवाद के खिलाफ खुद का बचाव करने का हमारा अधिकार भी शामिल है। हमने दिखाया है कि आतंकवाद के केंद्र अब सुरक्षित नहीं हैं और हम उन्हें निशाना बनाने में संकोच नहीं करेंगे।”
राजनाथ सिंह ने सीमा पार आतंकवाद सहित आतंकवाद के निंदनीय कृत्यों के अपराधियों, उनके आकाओं, वित्तपोषकों और प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने की आवश्यकता दोहराई। उन्होंने आतंकवाद के हर कृत्य को आपराधिक और अनुचित करार दिया, चाहे वह किसी भी उद्देश्य से, किसी भी समय, किसी भी स्थान पर और किसी भी व्यक्ति द्वारा किया गया हो। उन्होंने कहा कि एससीओ सदस्यों को इस बुराई की स्पष्ट रूप से निंदा करनी चाहिए। उन्होंने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से लड़ने के भारत के संकल्प की पुष्टि की। रक्षा मंत्री ने युवाओं में कट्टरपंथ के प्रसार को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “भारत की अध्यक्षता के दौरान ‘आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद को जन्म देने वाली कट्टरपंथ का मुकाबला करने’ पर एससीओ के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद का संयुक्त वक्तव्य हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”
बिहार में 'नाव' चलाएंगे मुकेश सहनी: VIP सहित 8 पार्टियों को मिला नया चुनाव चिन्ह
26 Jun, 2025 01:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव इस साल के अक्टूबर या नवंबर माह में हो सकते हैं. इसे लेकर के एक तरफ जहां एनडीए और महागठबंधन के तमाम दल अपनी चुनावी किस्मत को आजमा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कई ऐसे अन्य दूसरे दल भी हैं, जो इस चुनाव में अपनी दावेदारी को पेश करेंगे और यह चुनाव काफी रोचक होने वाला है.
इस बीच, बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर के भारत निर्वाचन आयोग ने कई दलों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया है. अहम यह है कि महागठबंधन की घटक दल और मुकेश सहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी को नाव चुनाव चिन्ह फिर से प्रदान कर दिया गया है. पार्टी ने इस फैसले पर अपनी खुशी भी जताई है.वीआईपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति ने कहा कि चुनाव आयोग ने इसे लेकर आज अधिसूचना जारी कर दी. यह भीमराव अंबेडकर के संविधान की जीत है.
पिछले लोकसभा चुनाव में मिला पर्स चुनाव चिन्ह
देव ज्योति ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी को पर्स चुनाव चिन्ह दिया गया था, लेकिन कई प्रावधानों को पार करने के बाद एक बार फिर पुराना चुनाव चिन्ह नाव प्राप्त हो गया. चुनाव आयोग द्वारा इसकी अधिसूचना भी आज जारी कर दी गई है. वीआईपी का नाव चुनाव चिन्ह से भावनात्मक लगाव रहा है. उन्होंने एक बार फिर नाव चुनाव चिन्ह मिलने पर प्रसन्नता जताई.
चुनाव आयोग ने कई दलों को आवंटित किए चुनाव चिन्ह
भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा जिन दलों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए हैं. उनमें एनडीए की घटक दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा भी शामिल है. लोक मोर्चा को गैस सिलेंडर चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है. वहीं, भारतीय सार्थक पार्टी को सीजर यानी कैंची, लोहिया जनता दल को बकेट यानी बाल्टी, जन सहमति पार्टी को लेडी पर्स, जन सुराज पार्टी को स्कूल बैग, भारतीय जनता समाजसेवी पार्टी को बांसुरी तथा राष्ट्रीय समाजवादी लोक अधिकार पार्टी को रिंग चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है.
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