राजनीति
हिमाचल प्रदेश में बाढ़ पर सियासत, कंगना रनौत ने राज्य सरकार पर निशाना साधा
7 Jul, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिमला । हिमाचल प्रदेश में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान मंडी जिले में हुआ है। इस त्रासदी के बाद सियासत शुरू हो गयी है। अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने मीडिया से बात करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। कंगना रनौत ने बताया कि वह स्थिति का पूरा ब्यौरा केंद्र सरकार को प्रस्तुत करेंगी और राज्य के लिए राहत और फंड की मांग करेंगी।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, ”बहुत नुकसान हुआ है। जानमाल की हानि हुई है। कई दुकानें और घर बह गए हैं। मैं इसका ब्यौरा केंद्र सरकार को दूंगी, साथ ही राज्य के लिए राहत और फंड की मांग करूंगी। पिछली बार केंद्र सरकार ने हिमाचल को हजारों करोड़ की सहायता दी थी, जो पूरी तरह से जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पाई। इस बार उम्मीद करती हूं कि राज्य सरकार राहत राशि को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाएगी।”
वहीं, हिमाचल प्रदेश के मंडी में बादल फटने से भारी तबाही मची है। जिले के पधर उपमंडल की चौहारघाटी स्थित कोरतंग गांव से सटे नाले में अचानक आए पानी के सैलाब में तीन पुल बह गए। तेज बहाव के कारण नाले के किनारे स्थित खड़ी फसलें व बागीचे भी पानी और पहाड़ से आए मलबे में समा गए। गनीमत रही कि इस आपदा में कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि खराब मौसम में लोगों को अपनी जान का खतरा भी सता रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे गांव को ही भविष्य में गंभीर खतरे का सामना करना पड़ सकता है।
भाषाई लड़ाई अब महाराष्ट्र तक पहुंची, यह एकता का संकेत
6 Jul, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उद्धव-राज ठाकरे के मिलन पर सीएम स्टालिन ने की खुशी जाहिर
चेन्नई/मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला जब उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे सालों बाद एक मंच पर नजर आए। शनिवार को मुंबई में आयोजित वॉयस ऑफ मराठी रैली में दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाकर दूरियों खत्म करने का संकेत दिया। इस ऐतिहासिक मिलन से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन बहुत खुश नजर आए और उन्होंने इसे भाषाई अधिकारों की लड़ाई में एक नया मोड़ बताया।
सीएम स्टालिन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा-तमिलनाडु में हिंदी थोपने के खिलाफ जो लड़ाई दशकों से चली आ रही है, वह अब राज्य की सीमा से निकलकर महाराष्ट्र तक पहुंच गई है। यह एकता का संकेत है कि भारत की भाषाई विविधता का सम्मान किया जाना चाहिए। स्टालिन ने कहा कि देशभर के क्षेत्रीय नेता अब अपनी-अपनी मातृभाषाओं की रक्षा के लिए साथ आ रहे हैं, जिससे केंद्र सरकार को साफ संदेश मिल रहा है कि हिंदी को देश पर थोपने की राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुंबई में आयोजित वॉयस ऑफ मराठी रैली में महाराष्ट्र सरकार द्वारा तीन-भाषा नीति को वापस लिए जाने का स्वागत किया गया। मंच से उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने मराठी को राज्य की प्राथमिक भाषा बताते हुए कहा कि हिंदी को थोपने का कोई औचित्य नहीं है। मनसे प्रमुखा राज ठाकरे ने मंच से कहा कि मराठी पहले है। महाराष्ट्र में हर बच्चे को मराठी आनी चाहिए। वहीं उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाषा के नाम पर विभाजन की जरूरत नहीं, पर मराठी को सम्मान जरूर मिलना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ठाकरे बंधुओं की नजदीकी आने वाले मुंबई, पुणे, नासिक और ठाणे जैसे शहरों के नगर निकाय चुनावों में असर डाल सकती है। अगर मनसे और शिवसेना (यूबीटी) में गठबंधन होता है, तो यह महाविकास आघाड़ी (एमवीए) और बीजेपी दोनों के लिए चुनौती बन सकता है। हालांकि राज ठाकरे के पुराने विवादित बयानों, खासकर मस्जिदों में लाउडस्पीकर को लेकर, अल्पसंख्यक मतदाताओं की नाराज़गी भी देखने को मिल सकती है, जिससे गठबंधन की राजनीति में संतुलन बनाना मुश्किल हो सकता है।
एक तरफ उद्धव-राज मिलन महाराष्ट्र में मराठी अस्मिता और क्षेत्रीय गर्व का प्रतीक बन रहा है, तो दूसरी ओर स्टालिन जैसे नेता इसे राष्ट्रीय स्तर पर भाषाई अधिकारों की एकता के रूप में देख रहे हैं। यह घटनाक्रम न केवल राजनीति बल्कि भाषाई संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान की बहस को नई दिशा दे सकता है।
चिराग पासवान लड़ेंगे विधानसभा चुनाव, बोले- बिहार की 243 सीटों पर उतरेगी पार्टी
6 Jul, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छपरा। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रविवार को बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि वह आगामी बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और उनकी पार्टी राज्य की 243 सीटों पर अपने उम्मीदवार मैदान में उतारेगी।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान छपरा के राजेंद्र स्टेडियम में आयोजित ‘नव संकल्प महासभा’ को संबोधित कर रहे थे। यहां पर चिराग ने कहा कि बिहार के विकास और युवाओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए वह सीधे मैदान में उतरना चाहते हैं। उनके इस ऐलान को एनडीए में खिंचाव के रूप में देखा जा रहा है, जिससे बीजेपी और जेडीयू की रणनीति पर असर पड़ सकता है।
विरोधियों पर साधा निशाना
चिराग ने कहा, कि मेरे विरोधी मेरी राह में रोड़े अटकाना चाहते हैं, लेकिन मैं बिहार के हित में चुनाव लड़ूंगा और जनता की आवाज बनूंगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि पार्टी अब सिर्फ सहयोगी भूमिका नहीं निभाएगी, बल्कि पूरे राज्य में अपने दम पर लड़ाई लड़ेगी।
खेमका हत्याकांड पर उठाए सवाल
राजधानी पटना में व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या पर चिराग ने चिंता जताई। उन्होंने कहा, कि यह घटना उस सरकार में हो रही है जिसकी पहचान सुशासन की है और मैं खुद उस सरकार का हिस्सा हूं। यह सवालों से भागने का वक्त नहीं है। चिराग ने सरकार और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी तय करने की बात कहते हुए पूछा कि क्या प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी थी? उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार की होती है, चाहे घटना पटना में हो या किसी दूरस्थ गांव में।
एनडीए के लिए नई चुनौती?
हालांकि चिराग पासवान अभी एनडीए का हिस्सा हैं, लेकिन उनकी पार्टी द्वारा 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा को बीजेपी-जेडीयू गठबंधन के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि अगर लोजपा (रामविलास) अकेले दम पर सभी सीटों पर उतरेगी, तो इससे वोटों का बंटवारा होगा और महागठबंधन को फायदा मिल सकता है। बिहार की राजनीति में चिराग पासवान का यह कदम न सिर्फ सत्ता समीकरणों को चुनौती देगा, बल्कि एनडीए की एकता को भी कसौटी पर ले आएगा।
महाराष्ट्र भाषा विवाद पर सामने आया बाबा रामदेव का बयान, सनातनियों को दिया बड़ा संदेश
6 Jul, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरिद्वार: देशभर में इन दिनों भाषा विवाद सुर्खियों में है. अब इस विवाद पर योग गुरू बाबा रामदेव का बयान सामने आया है. योग गुरू बाबा रामदेव ने कहा सनातनियों को जाती-पाती और भाषाओं में नहीं बंटना चाहिए. उन्होंने कहा अगर हम इसमें बंट जाएंगे तो हमारा सनातन धर्म कमजोर होगा. ये बयान बाबा रामदेव ने पतंजलि में दन्त कांति गंदुश आयल पुल्लिंग की लॉन्चिंग के मौके पर दिया.
महाराष्ट्र में हिंदी का हो रहा विरोध को लेकर रामदेव ने कहा हमें राष्ट्रीय भाषा और मराठी सहित संपूर्ण भाषा को सामान गौरव देना चाहिए, लेकिन, भाषाओं के नाम पर लड़ना गलत है. उन्होंने कहा हम सब भारतवासियों को मिलकर एकजुट रहना चाहिए. उन्होंने कहा हमारी एकता में ही राष्ट्रीय एकता अखंडता अक्षुण रहेगी. उन्होंने कहा हम भारत माता धरती माता की संतान हैं.
इस दौरान योग गुरू बाबा रामदेव ने कांवड़ यात्रा में पहचान मामले पर भी बयान दिया. उन्होंने कहा जैसे बाबा रामदेव को अपने हिन्दू होने पर गर्व है, उसी प्रकार हर मुस्लिम भाई को भी मुस्लिम होने पर गर्व होना चाहिए, किसी को अपनी पहचान छुपानी नहीं चाहिए, अगर किसी को उनकी दुकान पर खाना, खाना होगा तो खायेगा, अगर नहीं खाना होगा तो नहीं खायेगा. बाबा रामदेव ने कांवड़ यात्रा में आने वाले कांवड़ियों से नशे से दूर रहने की अपील की. उन्होंने कहा यह अच्छा दुर्व्यसनों को छोड़ने का यह अच्छा मौका है.
योगगुरु बाबा रामदेव ने बिहार में गोयल खेमका की हत्या पर बोलते हुए कहा की हर भारतीय की सुरक्षा शासन प्रशासन की जिम्मेदारी है. इसलिए हर भारतीय हर स्थान पर सुरक्षित रहे इसके लिए ऐसा वातावरण सभी सरकारों को बनाना चाहिए.
मुख्यमंत्री फडणवीस ने की आषाढ़ी एकादशी पूजा, किसानों की समृद्धि के लिए मांगी दुआ, विट्ठल मंदिर ने किया सम्मानित
6 Jul, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी पत्नी अमृता के साथ रविवार को सोलापुर के पंढरपुर कस्बे में 'आषाढ़ी एकादशी' महापूजा की . इस दौरान उन्होंने किसानों की समृद्धि और राज्य से सभी संकटों को दूर करने के लिए भगवान विट्ठल का आशीर्वाद मांगा. यह एक लंबे समय से चली आ रही वार्षिक परंपरा है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री आषाढ़ी एकादशी पर भगवान विट्ठल और देवी रुक्मिणी को समर्पित प्रसिद्ध मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं.
नासिक जिले के जटेगांव के एक जोड़े कैलास दामू उगले और कल्पना उगले को मुख्यमंत्री के साथ अनुष्ठान करने का सम्मान मिला. लाखों 'वारकरी' (भगवान विट्ठल के भक्त) उत्सव के लिए पंढरपुर में एकत्र हुए. पूजा के बाद अपने संबोधन में फडणवीस ने कहा कि उन्होंने भगवान विट्ठल से प्रार्थना की कि वे "किसानों को खुश और संतुष्ट रखें, राज्य से सभी संकटों को दूर करें और सभी को धर्म के मार्ग पर चलने के लिए बुद्धि प्रदान करें."
'हर साल बढ़ रही परंपरा'
इस साल की तीर्थयात्रा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि 'वारी' परंपरा हर साल बढ़ती जा रही है. इस वर्ष की वारी (तीर्थयात्रा) ने भक्तों, विशेष रूप से युवाओं की भारी भीड़ के साथ नए रिकॉर्ड बनाए हैं, जिनमें से कई भगवान विट्ठल का आशीर्वाद लेने के लिए पंढरपुर तक पैदल गए थे.
वारी का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व
फडणवीस ने कहा, "वारी का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है. इस यात्रा में हर भक्त एक दूसरे में भगवान विट्ठल को देखता है. दुनिया में कहीं और ऐसी परंपरा नहीं पाई जाती है. वारी में हरि के नाम का जाप नई ऊर्जा लाता है. वारी भक्ति आंदोलन की सच्ची भावना को कायम रखती है." उन्होंने कहा कि स्वच्छता और स्थिरता को बढ़ावा देने के राज्य के प्रयास का जिक्र करते हुए,
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल की वारी "निर्मल" (स्वच्छ) और पर्यावरण के प्रति जागरूक दोनों थी. उन्होंने स्वच्छता पहलों के सफल कार्यान्वयन की प्रशंसा करते हुए कहा, "हमने अपने संतों की शिक्षाओं को सही मायने में महसूस किया है जिन्होंने हमेशा अच्छी स्वच्छता प्रथाओं पर जोर दिया है."
वीआईपी दर्शन रोकने के फैसले की सराहना
मुख्यमंत्री ने स्थानीय अधिकारियों द्वारा वीआईपी दर्शन की पहुंच को रोकने के निर्णय की भी सराहना की, जिससे आम भक्तों के लिए वेटिंग टाइम पांच घंटे कम हो गया. फडणवीस ने कहा, "इस कदम से यह सुनिश्चित हुआ कि प्रत्येक भक्त को भगवान विट्ठल के दर्शन के लिए समान और समय पर पहुंच मिले."
समिति ने फडणवीस को सम्मानित किया
इससे पहले विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर समिति के उपाध्यक्ष गहिनीनाथ महाराज आओसेकर ने गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और कहा कि इस वर्ष की व्यवस्थाओं ने बड़ी संख्या में वारकरियों को संतुष्ट किया है, साथ ही भीड़ प्रबंधन और सुविधाओं में भी वृद्धि की है. समारोह के बाद, समिति ने फडणवीस को सम्मानित किया.
वारकरी दंपत्ति, जिन्हें महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) द्वारा एक साल के लिए मुफ्त राज्य परिवहन बस पास प्रदान किया गया था, को भी फडणवीस ने सम्मानित किया. बाद में, फडणवीस ने स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने में उत्कृष्टता के लिए 'दिंडियों' (तीर्थयात्री समूहों) को प्रतिष्ठित श्री विट्ठल निर्मल दिंडी पुरस्कार भी प्रदान किए.
इस कार्यक्रम में राज्य के संरक्षक मंत्री जयकुमार गोरे, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, विधायक समाधान औताडे, सचिन कल्याणशेट्टी, बाबासाहेब देशमुख, रंजीतसिंह मोहिते पाटिल, संजय सावकारे, देवेंद्र काठे और अभिजीत पाटिल, संभागीय आयुक्त चंद्रकांत पुलकुंडवार, सोलापुर जिला कलेक्टर कुमार आशीर्वाद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी और मंदिर समिति के सदस्य शामिल हुए.
शिंदे के जय गुजरात कहने पर भड़की शिवसेना, इसे मराठी अस्मिता के खिलाफ बताया
6 Jul, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने पुणे में जैसे ही ‘जय हिंद, जय महाराष्ट्र, जय गुजरात’ का नारा लगाया, वैसे ही राजनीतिक भूचाल आ गया। विपक्ष ने इसे मराठी अस्मिता के खिलाफ बताया है। आदित्य ठाकरे ने इसे बीजेपी की गुलामी बताया है। वहीं शिवसेना (यूटीबी) के सांसद संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की धरती पर ‘जय गुजरात’ का नारा पहले कभी नहीं सुना गया। विवाद बढ़ा तो शिंदे ने सफाई दी।
बता दें एकनाथ शिंदे गुजरात समुदाय के कार्यक्रम में पहुंचते ही कहा ‘जय गुजरात’। देवेंद्र फडणवीस ने समर्थन करते हुए कहा कि शरद पवार ने भी कभी कर्नाटक में ‘जय कर्नाटक’ कहा था, लेकिन यह सफाई शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और मनसे को रास नहीं आई। अब सवाल उठने लगे कि क्या महाराष्ट्र में गुजरात का प्रभुत्व बढ़ रहा है। इसका जवाब सिर्फ राजनीति में नहीं, इतिहास और सामाजिक चेतना में भी छिपा है। बॉम्बे (मुंबई) की पहचान को लेकर मराठी राजनीति हमेशा असहज रही है। क्योंकि हकीकत यह है कि इस शहर को पारसियों, मुसलमानों और गुजराती व्यापारियों ने बनाया है। महाराष्ट्रीय समाज का परंपरागत केंद्र पुणे और नागपुर रहे हैं। बंबई यानी अब मुंबई तो आर्थिक राजधानी बनी लेकिन संस्कृति में मिश्रित। 1960 में महाराष्ट्र बना और मुंबई उसकी राजधानी बनी, लेकिन तब भी मुंबई पर महाराष्ट्र का अधिकार विवादित रहा। 1966 में बाल ठाकरे ने शिवसेना बनाई। उद्देश्य था कि मुंबई में मराठी लोगों को नौकरी मिले। शुरुआती हमला दक्षिण भारतीयों पर हुआ, फिर उत्तर भारतीयों पर। बाद में शिवसेना ने गुजराती और मारवाड़ी व्यापारियों को भी निशाना बनाया। मराठी अस्मिता की राजनीति यहीं से शुरू हुई।
अब जब एकनाथ शिंदे ‘जय गुजरात’ बोलते हैं, तो शिवसेना को यह केवल एक नारा नहीं लगता। यह प्रतीक बन जाता है उस खतरे का, जिसमें उन्हें लगता है कि मुंबई फिर बाहरी लोगों के हाथ में जा सकती है। इसलिए यह मामला भावनाओं से जुड़ा है। उद्धव ठाकरे पहले भी आरोप लगा चुके हैं कि मोदी और शाह गुजरात को बाकी भारत से ऊपर रख रहे हैं। वे कहते हैं कि पीएम मोदी की हर योजना का केंद्र गुजरात होता है। चाहे वेदांता-फॉक्सकॉन हो या एयरबस प्रोजेक्ट, कई बड़े निवेश महाराष्ट्र से गुजरात चले गए। यह आक्रोश अब सड़कों पर नजर आ रहा है।
राज ठाकरे ने भी कभी उत्तर भारतीयों के खिलाफ ऐसा ही आंदोलन चलाया था। अब उनके लिए नया निशाना गुजराती समुदाय बन सकता है, क्योंकि महाराष्ट्र में गुजराती व्यापारी काफी प्रभावशाली हैं। मुंबई, ठाणे, नासिक जैसे शहरों में उनकी आर्थिक पकड़ है। राजनीति में उन्हें घेरना आसान और फायदेमंद हो सकता है।
राहुल गांधी, उनके साथी और कांग्रेस पार्टी नकारात्मकता फैलाते हैं: पीयूष गोयल
6 Jul, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा अमेरिका के साथ भारत की व्यापार वार्ता पर दिए गए बयान पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत समय-सीमा के तहत बातचीत नहीं करता है, हम राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए बातचीत करते हैं। दुनिया भर में हमारे सभी कार्यों में राष्ट्रीय हित सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा कि आज हम आत्मविश्वास से भरे हैं और दुनिया में किसी से भी मुकाबला कर सकते हैं। राहुल गांधी पर तंज सकते हुए गोयल ने कहा कि यह यूपीए शासन वाला भारत नहीं है, जो राष्ट्रीय हित के बिना बातचीत के लिए भीख मांगता था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अब कोई गंभीरता से नहीं लेता है, क्योंकि वे उनके साथी और उनकी पार्टी नकारात्मकता फैलाते हैं। उन्होंने भारत के लोगों का विश्वास खो दिया है, जिन्होंने बार-बार कांग्रेस को नकार दिया है। आज तक वे देश के विकास के लिए कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं बना पाए हैं।
इससे पहले राहुल गांधी ने उनके इस बयान को लेकर एक्स पर पोस्ट में लिखा- पीयूष गोयल जितना चाहें अपनी छाती पीट सकते हैं, मेरे शब्दों पर गौर करें, ट्रंप की शुल्क संबंधी समयसीमा के सामने मोदी आसानी से झुक जाएंगे। ट्रंप ने भारत से आयात होने वाले उत्पादों पर दो अप्रैल को 26 फीसदी का अतिरिक्त जवाबी शुल्क लगा दिया था। हालांकि, कुछ दिन बाद ही इसे 90 दिन के लिए टाल दिया गया था जिसकी मियाद 9 जुलाई को पूरी हो रही है।
रेवंत के बयान पर बीजेपी का तंज...‘मोहब्बत की दुकान’ नहीं, बल्कि ‘आपातकाल’ की मानसिकता वाली पार्टी
6 Jul, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयान को आधार बनाकर कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी के बयान ने साबित कर दिया है कि कांग्रेस ‘मोहब्बत की दुकान’ नहीं, बल्कि ‘आपातकाल’ की मानसिकता वाली पार्टी है।
भाजपा प्रवक्ता पूनावाला ने कहा, सीएम रेड्डी ने आज फिर साबित किया है कि कांग्रेस ‘मोहब्बत की दुकान’ नहीं, बल्कि ‘आपातकाल’ की मानसिकता वाली पार्टी है। 50 साल बाद भी रेड्डी का यह रवैया साबित करता हैं कि वे इंदिरा गांधी के सच्चे समर्थक हैं। उन्होंने जय संविधान रैली में धमकी दी कि जो लोग इंदिरा गांधी को नहीं समझते, उन्हें वे बुरी तरह से पीटूंगा। 50 साल पहले इंदिरा ने भी हमारे लोकतंत्र के साथ ऐसा ही करने की कोशिश की थी। आज भी कांग्रेस में वहीं आपातकाल की मानसिकता में जी रही है।
उन्होंने कहा, चाहे तेलंगाना हो, कर्नाटक हो या हिमाचल प्रदेश, जहां मंत्री भी अफसरों को पीटते हैं और यह कांग्रेस पार्टी की आपातकाल वाली मानसिकता को दिखाता है। यह सब कुछ इसलिए हो रहा हैं ताकि सच्चाई को दबाकर लोगों को डराया जाए। तेलंगाना में कथित तौर पर 40 लोगों की हत्या राज्य प्रायोजित तरीके से हुई है। वहां जवाबदेही के बजाय, पत्रकारों को धमकाया जा रहा है, जैसा कि रेवंत रेड्डी पहले भी कर चुके हैं। उन्होंने जंगल की जमीन के लिए प्रदर्शन करने वाले लोगों को धमकाया है। यह दिखाता है कि कांग्रेस की आपातकाल वाली मानसिकता आज भी पूरी तरह जीवित है।
दरअसल सीएम रेड्डी ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था, इंदिरा द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी और विकास योजनाएं गरीबों के जीवन को रोशन कर रही हैं और यही कारण है कि हम अपनी कल्याणकारी योजनाओं का नाम इंदिरा गांधी के नाम पर रख रहे हैं। हैदराबाद में गरीबों को 5 रुपए में भोजन और यहां तक कि उन्हें नाश्ता उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार ने कैंटीन का नाम इंदिरा गांधी के नाम पर रखा है। इन मूर्ख लोगों ने इंदिरा गांधी के नाम पर कैंटीन का नाम रखे जाने के खिलाफ प्रदर्शन किया। जब तक उन्हें बुरी तरह से पीटा नहीं जाएगा, तब तक वे इंदिरा गांधी की महानता को नहीं समझ पाएंगे।
कार्यपालिका कानून लागू करने से क्यों पीछे हट रही है?’ –कांग्रेस ने पूछा
5 Jul, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में ओबीसी को 27% आरक्षण देने के मामले में कोट की टिप्पणी के बाद प्रदेश में सियासत गरमाई गई है। मामले को लेकर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जीतू पटवारी ने कहा कि जुलाई के आखिरी में राहुल गांधी एमपी आएंगे। वे बुंदेलखंड का दौरा और ओबीसी के लोगों से संवाद करेंगे।
कमलनाथ ने लागू किया था 27% आरक्षण
जीतू पटवारी ने कहा कि ओबीसी को 2019 में कमलनाथ ने आरक्षण 27% लागू किया था। बीजेपी ने सरकार की चोरी की, ओबीसी के भविष्य की चोरी की, बीजेपी सरकार ने प्रयास किया कैसे आरक्षण रुके, स्टे लगाकर बीजेपी ओबीसी के साथ धोखा कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून बन गया है तो लागू क्यों नहीं किया गया। 4 जुलाई को कोर्ट ने पूछा तो वकीलों ने कहा हम 27% आरक्षण के विरोध में है। आपके कंधे में बैठकर ओबीसी का गला घोट रहे है। अपनी अंतिम बूंद तक कांग्रेस ओबीसी के लिए लड़ेगी।
ओबीसी के छात्र खेतों में काम कर रहे
प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा प्रदेश के अंदर ओबीसी के लिए शिवराज सिंह आरक्षण की लड़ाई नहीं लड़ पाए। मोहन यादव पीएम को पिछड़े वर्ग का बताते है। पिछड़ों को पिछड़ा कर रहे हैं। ओबीसी छात्र मेहनत करते लेकिन उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाता है। SC ने कहा था 50% से ज्यादा नहीं होगा। तुषार मेहता सरकार की बात कर रहे, ये सरकार का मत था। सरकार को तत्काल इस पर निर्णय लेना चाहिए। रिजल्ट होल्ड हो गए। ओबीसी के छात्र खेतों में काम कर रहे हैं। ये भविष्य सरकार ने ओबीसी का तय किया है।
जनगणना के अनुसार आरक्षण का प्रतिशत
सिंघार ने कहा कि राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना की बात की है। जनगणना के अनुसार आरक्षण का प्रतिशत तय हो जाएगा। तेलंगाना में ओबीसी आरक्षण 42% बढ़ाने का रखा गया है। घर घर सर्वे में 57% से ज्यादा निकले। केंद्र की सरकार ओबीसी वर्ग के आरक्षण को रोककर रखना चाह रही है। मंडल कमीशन ने 27% आरक्षण की कई राज्यों में बात की थी। बीजेपी भाषण देने वाली पार्टी है। ये नीति लागू करने वाली पार्टी नहीं है। सीएम हमेशा कोर्ट के पाले में डाल देते हैं। बीजेपी को बहुमत मिला है, पिछड़ों के लिए निर्णय लें।
कांग्रेस की मांगें
1- 27% ओबीसी आरक्षण को बिना एक पल की देरी के तत्काल लाग किया जाए, जैसा कि कांग्रेस ने सुनिश्चित किया था।
2- 87-13 फॉर्मूले के तहत रुकी हुई भर्तियों में चयनित ओबीसी अभ्यर्थियों की नियुक्तियां तुरंत बहाल की जाएं!
3- ओबीसी समाज को राजनीतिक शिकार, वोट बैंक की भेंट और गुलामी की जंजीरों में जकड़ना बंद किया जाए-यह उनका हक है, न कि बीजेपी की जागीर !
बड़ी खबर: बिहार में चुनाव आयोग का आदेश मनमाना करार, 'SIR' का मामला पहुंचा शीर्ष अदालत
5 Jul, 2025 02:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसी बीच चुनाव आयोग की ओर से मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) को लेकर सियासी हलचल मच गई है. अब एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है. वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है.
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि चुनाव आयोग का आदेश मनमाना है. इससे लाखों मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं. SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई है.
SC का खटखटाया दरवाजा
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक की याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संचालन के लिए भारत के चुनाव आयोग की ओर से जारी 24.06.2025 के आदेश और संचार, साथ में दिए गए दिशा-निर्देशों को भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21, 325, 326 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए रद्द करने के लिए रिट, आदेश या निर्देश जारी करें.
दरअसल, चुनाव आयोग के निर्देश में बिहार में वोटर लिस्ट के संशोधन की बात कही गई, जिसके अनुसार 2003 की मतदाता सूची में शामिल नहीं होने वाले मतदाताओं को यह अपनी नागरिकता साबित करने के लिए दस्तावेज देने होंगे.
याचिकाकर्ता ने क्या कहा?
इसी को लेकर याचिकाकर्ता का तर्क है कि जब तक 24.06.2025 के इस आदेश को रद्द नहीं किया जाता, तब तक यह मनमाने ढंग से और बिना उचित प्रक्रिया के लाखों मतदाताओं को मताधिकार से वंचित कर सकता है, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को कमजोर कर सकता है. इस तरह संविधान के मूल ढांचे पर प्रहार कर सकता है. दूसरी तरफ विपक्ष ने इसको लेकर वोटबंदी का नाम दिया है.
वोटर लिस्ट पर छिड़ी सियासत
बिहार में वोटर लिस्ट के मामले पर पूरी तरह से सियासत छिड़ गई है. इस कदम के बाद से विपक्षी पार्टी इसके खिलाफ नजर आ रही है. विपक्ष का कहना है कि वोटर लिस्ट जांच के लिए जिस तरह के कागजात मांगे जा रहे हैं उसके हिसाब से हजारों की संख्या में लोग वोट देने से वंचित रह सकते हैं. अब इस मामले को लेकर हाल ही में आरजेडी नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव बिहार चुनाव आयोग से मिले हैं.
महागठबंधन के नेताओं के साथ राज्य चुनाव आयोग से मुलाकात करने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा, बिहार में चुनाव आयोग के अधिकारी तो डाकिया हैं, असली अधिकारी तो दिल्ली में बैठे हैं और वो किसी और ही जगह से संचालित होते हैं.
मेरा चक्र चलने वाला है: तेजप्रताप यादव का नया बयान, सियासी गलियारों में हलचल तेज!
5 Jul, 2025 02:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आरजेडी और परिवार से निष्कासित तेजप्रताप यादव ने बड़ा बयान दिया है. बातचीत में तेजप्रताप ने कहा, मैं अपने क्षेत्र हसनपुर से 11 जुलाई से अपना अभियान शुरू करने जा रहा हूं. जनता मालिक है. वही तय करेगी कि मैं चुनाव लड़ूंगा या नहीं और कहां से चुनाव लड़ूंगा. मुझे लोग बहुत परेशान कर रहे हैं लेकिन यही समय मेरे लिए मौका है. तेजप्रताप ने अपने भाई तेजस्वी को लेकर भी प्रतिक्रिया और बिना किसी का नाम लिए बड़ी चेतावनी भी दी.
लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप ने कहा, तेजस्वी मुख्यमंत्री बनें, यही मेरा आशीर्वाद है. आज भी कृष्ण अपने अर्जुन के साथ है. मैं ‘तेजस्वी सरकार’ बनाने में लगा हूं. मैं गीता के उपदेश के अनुसार बिना फल की चिंता किए सिर्फ कर्म कर रहा हूं. मैं 99 गलती माफ करूंगा. इसके बाद मेरा चक्र चलेगा. मैं किसी से डरता नहीं हूं.
पत्नी को लेकर तेजस्वी यादव ने शेयर की बड़ी जानकारी
उधर, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बड़ी जानकारी साझा की है. उनकी ओर से बताया गया है कि उनकी पत्नी अब बिहार की वोटर बन गई हैं लेकिन उनके पास जन्मस्थान से संबंधित कोई कागजात नहीं है. शुक्रवार को तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के सभी नेता चुनाव आयोग से मिलकर अपनी आपत्ति दर्ज कराने पहुंचे थे.
बिहार चुनाव आयोग के अधिकारी तो डाकिया हैं: तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग से मिलकर आधार कार्ड और मनरेगा जॉब कार्ड को वैलिड डॉक्यूमेंट मानने की मांग की है. तेजस्वी ने कहा कि बिहार के चुनाव आयोग के अधिकारी तो डाकिया हैं. असली अधिकारी जो दिल्ली में बैठे हैं और वो किसी और ही जगह से संचालित होते हैं.
लोकसभा चुनाव कराया तब क्या आयोग अंधा था?
तेजस्वी यादव मतदाता पुनरीक्षण कार्य को लेकर लगातार चुनाव आयोग पर हमलावर हैं. इससे पहले उन्होंने कहा था किबिहार के गरीब क्यों सिद्ध करें कि वो वोटर हैं या नहीं? 2024 में जब लोकसभा चुनाव कराया तब क्या आयोग अंधा था? अगर चुनाव आयोग द्वारा थोपी जा रही औपचारिकता किसी कारणवश कोई पूरी नहीं कर पाएगा तो क्या मोदी सरकार उसकी नागरिकता रद्द कर उसे देश से भगा देगी?
मराठी विजय दिवस रैली में राज-उद्धव का जोरदार संदेश: हिंदी थोपना नहीं चलेगा
5 Jul, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को एक बड़ा मोड़ आया। लंबे समय बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने एक साथ सार्वजनिक मंच साझा किया। यह 'विजय रैली' मुंबई के वर्ली इलाके में एनएससीआई डोम में आयोजित की गई, जहां इन दोनों नेताओं ने महाराष्ट्र सरकार की तीन-भाषा नीति को वापस लेने की खुशी में लोगों को संबोधित किया। शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) द्वारा संयुक्त रैली के दौरान भाईयों, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने गले मिलकर एक दूसरे को बधाई दी। महाराष्ट्र सरकार ने हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में लागू करने के लिए दो सरकारी प्रस्तावों को रद्द कर दिया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) राज ठाकरे मुंबई के वर्ली डोम पहुंचे, जहां उद्धव ठाकरे गुट (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेता एक संयुक्त रैली कर रहे हैं, क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में पेश करने के लिए दो सरकारी प्रस्तावों को रद्द कर दिया है।
'मातोश्री' से रवाना हुए उद्धव-आदित्य ठाकरे
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने बेटे और पार्टी नेता आदित्य ठाकरे के साथ अपने निवास 'मातोश्री' से उस स्थान के लिए रवाना हुए, जहां शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) का एक संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
'शिवतीर्थ' से कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए राज ठाकरे
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) राज ठाकरे अपने निवास 'शिवतीर्थ' से कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए, जहां शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) का एक संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
ठाणे में जश्न का माहौल
इससे पहले रैली की पूर्व संध्या पर ठाणे में मनसे और शिवसेना यूबीटी कार्यकर्ताओं ने मिलकर लड्डू बांटे। ढोल-ताशों के साथ लोगों को मिठाइयां बांटी गईं और सड़कों पर बड़े-बड़े पोस्टरों में उद्धव और राज ठाकरे साथ दिखे। वहीं कोली समाज ने ठाणे के आई एकविरा मंदिर में विशेष पूजा की और ठाकरे बंधुओं की एकता की प्रार्थना की।
रैली के राजनीतिक मायने
लोकसभा चुनाव 2024 में शिवसेना यूबीटी ने 20 सीटें जीती थीं, लेकिन मनसे पूरी तरह खाली हाथ रही। निकाय चुनाव खासकर मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के पहले यह एकजुटता उनके लिए राजनीतिक ताकत दिखाने का मंच बन सकती है।
कौन-कौन शामिल हो रहा है?
एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता सुप्रिया सुले या जीतेन्द्र आव्हाड कार्यक्रम में शामिल होंगे। कांग्रेस इस मंच पर शामिल नहीं होगी, लेकिन उसने मराठी भाषा के समर्थन में अपनी वैचारिक एकजुटता जताई है। इसके साथ ही साहित्य, कला, नाटक और सांस्कृतिक क्षेत्रों के लोग भी आमंत्रित किए गए हैं।
अब क्या हो रहा है?
उद्धव ठाकरे (शिवसेना यूबीटी) और राज ठाकरे (मनसे) अब इसे जनता की जीत मानते हुए शनिवार को विजय उत्सव मना रहे हैं। यह आयोजन वर्ली के एनएससीआई डोम में होगा, जो आदित्य ठाकरे का विधानसभा क्षेत्र भी है। इस मौके पर कोई पार्टी झंडा, चुनाव चिह्न या झंडा इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, लेकिन इस एकता का राजनीतिक संदेश साफ है। दोनों ठाकरे भाई आखिरी बार 2005 में मालवण उपचुनाव के दौरान एक साथ मंच पर आए थे। उसी साल राज ठाकरे ने शिवसेना छोड़कर 2006 में अपनी पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना बनाई थी।
ट्रंप ने खोल दी मोदी की आक्रामकता की असलियत, राहुल का बड़ा सवाल
5 Jul, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। दरअसल वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने दावा किया है कि भारत, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर समयसीमा के तहत कोई डील नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि समझौता तभी फाइनल होगा, जब यह राष्ट्रीय हित में होगा।
राहुल गांधी की पीएम मोदी पर हमला
पीयूष गोयल के बयान के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि 'पीयूष गोयल जितना चाहें छाती पीट लें, लेकिन मेरे शब्दों पर ध्यान दें, मोदी, ट्रंप की टैरिफ समयसीमा के आगे झुक जाएंगे।' कांग्रेस पार्टी भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने के राष्ट्रपति ट्रंप के दावे पर भी जवाब न देने को लेकर प्रधानमंत्री पर हमलावर है। अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते के बारे में पूछे जाने पर पीयूष गोयल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुक्त व्यापार समझौता तभी संभव है, जब दोनों पक्षों को फायदा हो। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित हमेशा सर्वोच्च होना चाहिए। इसे ध्यान में रखते हुए अगर कोई सौदा होता है तो भारत इसके लिए तैयार है।
9 जुलाई की समयसीमा तय की है ट्रंप ने
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 9 जुलाई की समयसीमा तय की है। भारत सरकार, अमेरिका के साथ ही यूरोपीय संघ, न्यूजीलैंड, ओमान, चिली और पेरू के साथ भी व्यापार समौते पर चर्चा कर रही है। पीयूष गोयल ने कहा कि उनकी फिलहाल व्यापार समझौते को लेकर वॉशिंगटन जाने की कोई योजना नहीं है। भारतीय वार्ताकार राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में अमेरिका से व्यापार समझौते पर बात कर रहा भारतीय प्रतिनिधि दल वापस लौट आया है। कृषि और ऑटोमोबाइल जैसे मुद्दों पर अभी भी सहमति बनना बाकी है।
आष्टा में खंडेलवाल बोले,कार्यकर्ताओं की आवाज मेरी प्राथमिकता होगी
5 Jul, 2025 11:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीहोर । भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक हेमंत खंडेलवाल एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद आष्टा, जावर, डोडी, कोठरी और सीहोर में स्वागत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने स्वागत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति में बहुत सारे दल होते हैं। कई दल परिवार चलाते हैं। कई दल जात, समाज बेश चलाते हैं। भाजपा एक मात्र ऐसा दल है, जो अपने देवतुल्य कार्यकर्ताओं की ताकत से चलता है। कार्यकर्ता चाह ले तो हर चुनाव के परिणाम सकारात्मक आते हैं। अगर कार्यकर्ता में थोड़ा सा भी निराशा का भाव हो तो परिणाम सकारात्मक नहीं आ पाते हैं। भाजपा के हम सब कार्यकर्ता एक परिवार की तरह हैं। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता ही भाजपा की असली पूंजी है। सब कार्यकर्ता उत्साह से रहें, एक रहें, अनुशासन में रहें और अपनी क्षमता का उपयोग पार्टी को मजबूत करने में करें। मातृशक्ति का सम्मान करें। हम सब मिल कर कार्य करेंगे भाजपा एक पार्टी नहीं, एक परिवार है। मेरा पूरा प्रयास होगा कि पार्टी के हर कार्यकर्ता का सम्मान होगा, आदर होगा, सभी कार्यकर्ता मिलजुलकर कार्य करेंगे। हर कार्यकर्ता की बात सुनने, उनसे मिलने का प्रयास करूंगा। हम सब का कर्तव्य है कि पार्टी को और मजबूत बनाने की दिशा में हम सब मिल कर कार्य करें और एक नया इतिहास रचें। हमारी पार्टी आज भी बुलंदियों पर है, इसे हम सबको मिल कर और आगे ले जाना हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम दुनिया के सिरमौर बनने जा रहे हैं। हमारे प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई इबारत लिख रहा है। सरकार के कार्य, योजनाओं को जनता तक, घर घर पहुंचाना हम सब कार्यकर्ताओं का दायित्व है।
मध्यप्रदेश को नई ऊंचाई पर ले जाकर विकसित बना रहे
खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यकर्ता देश की अखंडता व आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए भाजपा को और मजबूत बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उद्योग व रोजगार की नई परंपरा विकसित कर मध्यप्रदेश को नई ऊंचाई पर ले जाकर विकसित बना रहे हैं। मैं और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सत्ता और संगठन में संतुलन बनाकर डबल इंजन सरकार के जनहितैषी कार्यों से जनता को लाभ दिलाकर प्रदेश को विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के परिश्रम, प्रतिबद्धता से ही भाजपा को लंबे समय से जनता की सेवा करने का अवसर मिला। भाजपा संगठन कार्यकर्ताओं को क्षमता और योग्यता के आधार पर दायित्व सौंपता है। स्वागत सम्मान कार्यक्रम को जिला भाजपा अध्यक्ष नरेश मेवाडा, सीहोर विधायक सुदेश राय ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। जिला मीडिया प्राभारी सुशील संचेती ने बताया की प्रदेश भाजपा के नव निर्वाचित अध्यक्ष के सीहोर जिले में आगमन पर जावर जोड़, आष्टा में बाईपास पर, कोठरी मेन रोड पर एवं सीहोर में रेस्टहाउस पर आयोजित स्वागत सम्मान समारोह रखे गये थे। सीहोर जिले की सीमा में प्रवेश के बाद प्रदेश अध्यक्ष का जावर, डोडी, आष्टा कोठरी, सीहोर मंडलों में सभी मंडल अध्यक्षों ने मंच बना कर स्वागत, सम्मान कर स्मृति चिह्न भेंट किये। इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, जिला भाजपा के प्रभारी बहादुरसिंह मुकाती, विधायक गोपालसिंह इंजीनियर,सुदेश राय उपस्थित रहे।
केसीआर की सेहत को लेकर विपक्ष और सहयोगी एक मंच पर, ओवैसी का भावुक संदेश
4 Jul, 2025 04:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद: तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति (BRS) प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (KCR) को गुरुवार, 3 जुलाई को कमजोरी महसूस होने के बाद सोमाजीगुड़ा स्थित यशोदा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। अस्पताल द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि KCR को ब्लड शुगर और सोडियम लेवल कम होने की शिकायत थी। उनकी स्थिति अब नियंत्रण में है, और डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।
इस बीच, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर KCR के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने लिखा, "जनाब के शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामनाएं।" राजनीतिक हलकों में ओवैसी का यह ट्वीट एक सद्भावना संदेश के रूप में देखा जा रहा है, विशेषकर तब जब राज्य स्तर पर AIMIM और BRS के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा रही है।
हालांकि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ दोनों दल अक्सर एक साथ खड़े दिखाई देते हैं, लेकिन राज्य की राजनीति में दोनों दलों के बीच टकराव आम है। ऐसे में ओवैसी का यह ट्वीट राजनीति से ऊपर उठकर मानवता और सह-अस्तित्व का संदेश देता है।
यशोदा हॉस्पिटल की टीम ने जानकारी दी कि केसीआर की डायबिटीज को नियंत्रित करने और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बनाए रखने के लिए आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होने में एक से दो दिन का समय लग सकता है।
तेलंगाना की राजनीति के इस अहम चेहरे के स्वास्थ्य को लेकर राज्य भर से शुभकामनाएं मिल रही हैं, और सभी की नज़र उनके जल्द ठीक होने की ओर टिकी है।
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