राजनीति
“35% महिलाओं की आरक्षण में बदलाव: बिहार में अब नौकरी केवल डोमिसाइल होल्डर्स को ही मिलेगा”
9 Jul, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार सरकार ने महिलाओं के लिए डोमिसाइल पॉलिसी लागू कर दी है। अब सरकारी नौकरियों में महिलाओं को इसका फायदा मिलेगा। बिहार की बाहर की महिलाओं को जनरल कैटेगरी में जोड़ा जाएगा। पहले दूसरे राज्यों की महिलाओं को भी 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलता था। अब सिर्फ बिहार की महिलाओं को फायदा मिलेगा। नीतीश कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को ये फैसला लिया गया। इसके साथ ही 43 एजेंडों पर मुहर लगी है।
बिहार में पहली बार बिहार युवा आयोग का गठन होगा। चुनावी साल में बिहार युवा आयोग के गठन का निर्णय नीतीश सरकार ने लिया है। दरअसल, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने कहा था कि सरकार बनने पर वह युवा आयोग का गठन करेंगे।
दिव्यांग के लिए सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना
बिहार सरकार ने एक नई योजना शुरू की है, जिसका नाम दिव्यांगजन सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना है। इसका लाभ दिव्यांग पुरुष अभ्यर्थी पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग अभ्यर्थियों को मिलेगा। हालांकि, ये सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें राज्य की किसी दूसरी सिविल सेवा तैयारी योजना से कोई आर्थिक मदद नहीं मिल रही है। ऐसे में बीपीएससी या यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास कर लेते हैं, तो उन्हें मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए 50 हजार रुपए और इंटरव्यू की तैयारी के लिए 1 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। यह योजना दिव्यांगों को सिविल सेवा में सफलता पाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई है।
मप्र के विकास और संगठन विस्तार पर हुई चर्चा
9 Jul, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को दिल्ली प्रवास पर रहे। जहां उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने मप्र के विकास को लेकर चर्चा की। इस दौरान मप्र भाजपा के नए अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रदेश भाजपा संगठन के विस्तार की भी चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मंगलवार को दिल्ली पहुंचे। जहां सीएम ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी और केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन से मुलाकात की। सीएम डॉ. मोहन ने केंद्रीय मंत्रियों से मध्य प्रदेश के विकास समेत कई मुद्दों को लेकर चर्चा की। इस दौरान भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे। आपको बता दें कि यह दौरा हेमंत खंडेलवाल के लिए खास है, क्योंकि यह उनकी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद पहली दिल्ली यात्रा थी।
नड्डा से मिलकर जताया आभार
शाम को सीएम डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान हेमंत खंडेलवाल ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का आभार जताया।
जल्दी बनेगी खंडेलवाल की टीम
बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एक महीने में अपनी टीम बना सकते हैं। दिल्ली दौरे के वक्त प्रदेश कार्यकारिणी, मोर्चों और विभागों के पुर्नगठन को लेकर चर्चा संभावित है। निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष द्वारा बनाई गई टीम को 5 साल का वक्त हो चुका है। भाजपा के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा कोरोना संकट के दौरान 15 फरवरी 2020 को प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए थे। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद सितंबर में उन्होंने सिर्फ 5 प्रदेश महामंत्रियों की नियुक्ति की। इसके बाद जनवरी 2021 में प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया था।
"ठाकरे भाइयों की नजदीकी से बदला सियासी समीकरण"
8 Jul, 2025 11:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई और उपनगरों में मराठी और हिंदी भाषा को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। मराठी मुद्दे पर राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) एक खेमे में है। हालांकि दोनों दलों ने अभी तक आगामी बीएमसी चुनावों में गठबंधन को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है। हालांकि आज मीरा-भायंदर में निकाले गए मोर्चे में मनसे और ठाकरे गुट एक बार फिर एक साथ नजर आया। इससे पहले 5 जुलाई को मुंबई में उद्धव और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे दो दशक बाद एक मंच साथ आये थे।
मराठी भाषा से जुड़े विवाद को लेकर हुए इस मोर्चे में मनसे और उद्धव ठाकरे गुट के कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित हुए। उद्धव ठाकरे गुट के पूर्व सांसद राजन विचारे ने भी इस मोर्चे में भाग लिया। मनसे के नेता संदीप देशपांडे और पूर्व विधायक नितीन सरदेसाई भी मौजूद रहे।
गठबंधन पर क्या बोली कांग्रेस?
महाराष्ट्र में इस वर्ष के अंत में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा, "शिवसेना और कांग्रेस संविधान की रक्षा के लिए साथ आए हैं। भविष्य में उनका गठबंधन जारी रहेगा या नहीं, या इसका क्या होगा, इस पर स्थिति आने पर टिप्पणी करना उचित होगा।" फिलहाल राज ठाकरे महाविकास आघाडी (एमवीए) में शामिल नहीं हैं, लेकिन शिवसेना (UBT) विपक्षी गठबंधन एमवीए का हिस्सा है।
इससे पहले महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के साथ आने को लेकर जारी चर्चा के बीच कहा था कि कांग्रेस गठबंधन के संदर्भ में सिर्फ शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख से बात करेगी तथा किसी तरह का ‘सहायक गठजोड़’ बनाने का फैसला उन पर छोड़ देगी। लेकिन बहुत से कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता चाहते है कि पार्टी स्थानीय निकाय चुनाव अपने दम पर लड़े।
दरअसल कांग्रेस का एक बड़ा वर्ग चाहता है कि पार्टी राज्य के उन ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अकेले चुनाव लड़कर अपनी खोई हुई जमीन वापस हासिल करे, जहां बीजेपी की स्थिति मजबूत हो रही है।
चुनावी माहौल में मराठी अस्मिता का मुद्दा गरमाया
गौरतलब है कि मुंबई महानगरपालिका चुनाव (BMC Election) की घोषणा कुछ ही दिनों में हो सकती है। ऐसे में मराठी अस्मिता के नाम पर उठाया गया यह मुद्दा राजनीतिक दृष्टिकोण से काफी अहम हो गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा किसको ज्यादा फायदा पहुंचाता है और इसका चुनावी असर क्या होगा।
महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों, 248 नगर परिषदों, 32 जिला परिषदों और 336 पंचायत समितियों के चुनाव इस वर्ष के अंत में या अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले हैं। ये चुनाव 2029 में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में सबसे अहम चुनाव है।
संजय राउत ने कसा तंज, बोले– 'फडणवीस किस तरह के मुख्यमंत्री हैं?'
8 Jul, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने मंगलवार को मराठी-हिंदी भाषा के बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणी पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके मंत्रिमंडल की 'चुप्पी' पर हैरानी जताई. मीडिया को संबोधित करते हुए संजय राउत ने हिंदी भाषी नेताओं से सीएम फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए निशिकांत दुबे की टिप्पणी की निंदा करने की अपील की.
उन्होंने कहा, "सबसे पहले, यह दुबे कौन है? मैं यहां हिंदी भाषी नेताओं से दुबे द्वारा दिए गए बयान की निंदा करने की अपील करता हूं.भी मैं कहूंगा कि आप महाराष्ट्र से हैं." राउत ने आगे कहा, "मुझे आश्चर्य है कि महाराष्ट्र के सीएम और उनका मंत्रिमंडल चुप है. जब एक भाजपा सांसद मराठी लोगों के खिलाफ बयान दे रहा है. वह किस तरह के सीएम हैं? उसे छत्रपति शिवाजी महाराज और बालासाहेब ठाकरे का नाम लेने का कोई अधिकार नहीं है."
'शिंदे को अपनी दाढ़ी कटवा लेनी चाहिए'
उन्होंने कहा, "खुद को डुप्लीकेट शिवसेना का नेता मानने वाले एकनाथ शिंदे को अपनी दाढ़ी कटवा लेनी चाहिए. उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्हें जाकर मोदी और शाह से पूछना चाहिए कि महाराष्ट्र में क्या हो रहा है?" संजय राउत की यह टिप्पणी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के बयान पर BJP सांसद निशिकांत दुबे की तीखी प्रतिक्रिया से उपजे राजनीतिक विवाद के बाद आई है.
'आप लोग हमारे पैसे पर जिंदा हैं'
बता दें कि राज ठाकरे के अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को दिए गए विवादास्पद निर्देश 'पीटो लेकिन वीडियो मत बनाओ' पर दुबे ने निशाना साधते हुए कहा, "आप क्या कर रहे हैं, किसकी रोटी खा रहे हैं? आप लोग हमारे पैसे पर जिंदा हैं. आपके पास किस तरह के उद्योग हैं? झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में सभी खदानें हमारे पास हैं. आपके पास कौन सी खदानें हैं? सभी सेमीकंडक्टर रिफाइनरियां गुजरात में हैं."
'पटक पटक के मारेंगे'
उन्होंने हिंदी भाषी व्यक्तियों को निशाना बनाने वालों को चुनौती देते हुए कहा, "अगर आप हिंदी बोलने वालों को पीटने की हिम्मत रखते हैं, तो उर्दू, तमिल और तेलुगु बोलने वालों को भी पीटें. अगर आप इतने 'बॉस' हैं, तो महाराष्ट्र से बाहर आएं - बिहार, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु आएं. 'तुमको पटक पटक के मारेंगे'..."
दुबे ने आगे कहा, "हम सभी मराठी और महाराष्ट्र के लोगों का सम्मान करते हैं, जिन्होंने भारत की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी. हम सभी स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करते हैं - छत्रपति शिवाजी, तात्या टोपे, लाला लाजपत राय, गोपाल कृष्ण गोखले - महाराष्ट्र ने हमारी आजादी और स्वाधीनता में बहुत योगदान दिया है.
निशिकांत दुबे के बयान पर क्या बोले देवेंद्र फडणवीस?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे को जवाब देते हुए कहा, "निशिकांत दुबे ने जो कुछ भी कहा है, वह आम मराठी लोगों के लिए नहीं कहा है, बल्कि उन संगठनों के लिए कहा है, जिन्होंने इस विवाद को हवा दी है."मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह दुबे की टिप्पणी से पूरी तरह सहमत नहीं हैं और उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि निशिकांत दुबे का बयान पूरी तरह सही नहीं है."
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भारत के विकास में महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला और कहा, "देश की प्रगति में महाराष्ट्र के योगदान को कोई नकार नहीं सकता या भूल नहीं सकता और अगर कोई ऐसा करता है, तो यह पूरी तरह गलत होगा."
अश्वनी कुमार शर्मा को मिली बड़ी जिम्मेदारी, पंजाब बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त
8 Jul, 2025 08:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: पंजाब में बीजेपी ने बड़ा बदलाव करते हुए पठानकोट से विधायक अश्वनी कुमार शर्मा को पंजाब भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. इससे पहले अश्वनी कुमार शर्मा प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
अश्वनी कुमार शर्मा कॉलेज के दिनों से ही आरएसएस और भाजपा की छात्र शाखा एबीवीपी से जुड़े हुए थे. वह 2007 से 2010 तक पंजाब भाजपा के महासचिव भी रहे. वह गुरदासपुर जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन भी रहे. वह 2004 में पार्टी की युवा शाखा के प्रधान भी रहे.
गौरतलब है कि पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि पार्टी हाईकमान ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है. इससे पहले पंजाब में चार विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के दौरान भी सुनील जाखड़ सक्रिय नहीं दिखे थे. उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व से पद की जिम्मेदारियों से मुक्त करने का अनुरोध किया था.
वहीं, अब भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को देखते हुए अश्वनी शर्मा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाना रणनीतिक फैसला माना जा रहा है. अश्वनी शर्मा अनुभवी नेता हैं. वो इससे पहले पार्टी में कई अहम पदों पर रह चुके हैं. उन्हें भाजपा का पुराना सिपाही माना जाता है और संगठन पर उनकी अच्छी पकड़ है. भाजपा पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में भी फैसले ले रही है.
अश्वनी शर्मा ने हाईकमान का आभार जताते हुए लिखा, "मुझे भारतीय जनता पार्टी पंजाब का कार्यकारी अध्यक्ष बनाने और मुझ पर भरोसा जताने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष, तरुण चुघ, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, राष्ट्रीय सचिव और पंजाब सह प्रभारी नरेंद्र रैना और पूरे हाईकमान का आभार। मैं अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाऊंगा और पंजाब में पार्टी को मजबूत करने के लिए पूरी लगन से काम करुंगा."
कौन हैं अश्वनी शर्मा? अश्वनी कुमार शर्मा वर्तमान में पठानकोट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं. अश्वनी कुमार शर्मा आरएसएस और भाजपा की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े रहे हैं.
अश्वनी कुमार शर्मा 2004 में भाजपा युवा मोर्चा पंजाब के अध्यक्ष थे. इसके बाद 2007 से 2010 तक वह भाजपा पंजाब के महासचिव रहे. फरवरी 2010 से जनवरी 2013 और फिर जनवरी 2020 से जुलाई 2023 तक अश्वनी शर्मा पंजाब भाजपा के अध्यक्ष रहे.
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप, पवन खेड़ा ने कहा – गरीबों का हक छीन रही है चुनाव आयोग की चाल
8 Jul, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी खास समीक्षा को लेकर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग गरीब आदमी का वोट चुराने की साजिश कर रहा है। इसके साथ ही पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर समर्थन चाहिए होता है, तब कोई देश भारत के साथ नहीं खड़ा होता।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि बिहार में जो वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन हो रही है, उसमें कई गड़बडिय़ां हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने खुद ही मजाक बना दिया है। पहले तो आयोग विज्ञापन निकालता है कि वोटर लिस्ट में सुधार होगा, लेकिन फिर उसी विज्ञापन के खिलाफ बयान देता है। खेड़ा ने कहा कि आयोग की यह प्रक्रिया गरीब आदमी का वोट चुराने की साजिश है।
25-30 दिन में पूरा कैसे होगा काम?
पवन खेड़ा ने सवाल उठाया कि जब पिछली बार यही काम पूरा करने में एक साल लगा था, तो अब 25-30 दिन में कैसे हो जाएगा? उन्होंने कहा कि अब तो मानसून का समय भी है, ऐसे में काम करना और मुश्किल हो जाता है। खेड़ा ने दावा किया कि सरकार जल्दबाजी में वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ करना चाहती है। इसी वजह से कांग्रेस पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
गरीब आदमी के वोट पर साजिश
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जो लोग गरीब हैं, जिनके पास साधन नहीं हैं, जिनकी आवाज नहीं सुनी जाती, उनका वोट चुराने की पूरी कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में नाम कटवाना या जोडऩे में गड़बड़ी करना, गरीब जनता के लोकतांत्रिक अधिकार पर हमला है। खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस इसका विरोध करती रहेगी।
राहुल गांधी का आरोप: शेयर सूचकांकों में हेराफेरी, सरकार पूंजीपतियों की बन गई है सेवा मंडली
8 Jul, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली। शेयर सूचकांकों में कथित रूप से हेराफेरी करने के मामले में सेबी की कार्रवाई के बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा है। राहुल गांधी ने का कि शेयर बाजार में बड़े खिलाड़ी हेरफेर कर रहे हैं और सरकार चुप्पी साधे है। इससे साफ है कि सरकार अमीरों को और अमीर बना रही है। जबकि आम निवेशकों को बर्बादी के कगार पर धकेल रही है। बता दें कि सेबी ने हाल ही में अमेरिकी ट्रेडिंग कंपनी जेन स्ट्रीट समूह पर हेराफेरी मामले में प्रतिबंध लगाया है।
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि मैंने पहले ही वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) बाजार में खामियों की भविष्यवाणी की थी। मैंने 2024 में स्पष्ट रूप से कहा था कि एफएंडओ बाजार बड़े खिलाडिय़ों के लिए खेल का मैदान बन गया है और छोटे निवेशकों की जेबें लगातार खाली हो रही हैं। अब सेबी खुद मान रही है कि जेन स्ट्रीट ने हजारों करोड़ रुपये की हेराफेरी की। सेबी इतने समय तक चुप क्यों रही? उन्होंने केंद्र सरकार की चुप्पी को लेकर सवाल दागा कि क्या बाजार में हेराफेरी करने वाले और भी खिलाड़ी हैं? किसके इशारे पर मोदी सरकार आंखें मूंदकर बैठी थी? कितने बड़े शार्क अभी भी खुदरा निवेशकों को धोखा दे रहे हैं? राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हर मामले में यह स्पष्ट है कि मोदी सरकार अमीरों को और अमीर बना रही है तथा आम निवेशकों को बर्बादी के कगार पर धकेल रही है। राहुल गांधी ने 2024 की एक पोस्ट को भी साझा किया। इसमें उन्होंने लिखा था कि अनियंत्रित एफएंडओ ट्रेडिंग पांच साल में 45 गुना बढ़ गई है। 90 प्रतिशत छोटे निवेशकों ने 3 वर्षों में 1.8 लाख करोड़ रुपये खो दिए हैं। सेबी को उन तथाकथित बड़े खिलाडिय़ों के नाम उजागर करने चाहिए जो उनके खर्च पर मुनाफा कमा रहे हैं।
सेबी ने लगाया था प्रतिबंध
डेरिवेटिव सेगमेंट में पोजिशन लेकर शेयर सूचकांकों में कथित रूप से हेरफेरी करने के मामले में बाजार नियामक सेबी ने अमेरिकी ट्रेडिंग कंपनी जेन स्ट्रीट समूह को प्रतिभूति बाजारों से प्रतिबंधित कर दिया था। जेन स्ट्रीट समूह ने जनवरी, 2023 से मई, 2025 के बीच 21 से अधिक एक्सपायरी डे में नकदी में कई बड़े ट्रेड किए थे। इंडेक्स को प्रभावित कर मुनाफा कमाने के लिए बाजार में अपने भारी पोजिशन का इस्तेमाल किया था।
चुनाव आयोग के साथ बैठकें तेज, बिहार में एक्टिव हुई बीजेपी; लालू ने AI तस्वीर से ली चुटकी
8 Jul, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य ने एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। विपक्ष ने केंद्र, बिहार सरकार और चुनाव आयोग पर चुनावों में गड़बड़ी करने के लिए करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने सोमवार को बिहार में चल रही मतदाता सूची सत्यापन प्रक्रिया को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला किया। उन्होंने अपने एक्स हैंडल से एक एआई जनरेटेड तस्वीर पोस्ट की, जिसमें पीएम मोदी चेयर पर बैठे हुए हैं और उनके पीछे इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया का लोगो लगा है, जिस पर लिखा है भाजपा चुनाव आयोग।
इस एआई जनरेटेड तस्वीर में पीएम मोदी के सामने दो अफसर बैठे नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर पर लिखा है, भाजपा चुनाव आयोग की बिहार चुनाव को लेकर तैयारी जोरों पर। लालू यादव ने अपने इस एक्स पर किए पोस्ट के कैप्शन में लिखा, भारत के उपयुक्त प्रधान चुनाव आयुक्त!
इससे पहले एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में राजद सुप्रीमो ने पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए लिखा, दो गुजराती मिलकर 8 करोड़ बिहारियों के वोट का अधिकार छीनने का प्रयास कर रहे हैं। इन दो गुजरातियों को बिहार, संविधान और लोकतंत्र से सख्त नफरत है। जागो और आवाज उठाओ! लोकतंत्र और संविधान बचाओ।
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी इस पर निशाना साधते हुए इसे बिहार में मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की एक गहरी साजिश करार दिया। तेजस्वी ने लिखा, बिहार में वोटबंदी की गहरी साजिश। दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के वोट काटने और फर्जी वोट जोड़ने का खेल शुरू हो गया है। बिहार में वोटबंदी लागू करने की यह सबसे गहरी साजिश है। उन्होंने आगे आरोप लगाया, मोदी-नीतीश चुनाव आयोग के माध्यम से काम कर रहे हैं, संविधान और लोकतंत्र को कुचलने और आपके वोट के अधिकार को छीनने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। ये लोग अब अपनी सीधी हार देखकर बौखला गए हैं। जब मतदाता का वोट ही खत्म हो जाएगा तो फिर लोकतंत्र और संविधान किस काम का?
सुनील आंबेकर का बड़ा बयान: एक नहीं, हर भारतीय भाषा है हमारी राष्ट्रभाषा
8 Jul, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। मराठी भाषा विवाद के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा है कि सभी भारतीय भाषाएं राष्ट्रीय भाषाएं हैं। आंबेकर दिल्ली में प्रांत प्रचारकों की तीन दिवसीय बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कई जानकारी साझा की। साथ ही कहा कि संघ के स्वयंसेवक जातीय हिंसा से जूझ रहे मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच बातचीत को बढ़ावा देकर राज्य में तनाव में कमी लाने का प्रयास कर रहे हैं और धीरे-धीरे शांति लौट रही है।
आरएसएस नेता सुनील आंबेकर से एक पत्रकार ने हालिया भाषा विवाद को लेकर सवाल पूछा था। इस पर आंबेकर ने कहा कि संघ का हमेशा से यह रुख रहा है कि भारत की सभी भाषाएं राष्ट्रीय भाषाएं हैं। लोग अपने-अपने स्थानों पर अपनी भाषा बोलते हैं। प्राथमिक शिक्षा उसी भाषा में दी जानी चाहिए, जिसकी सभी मांग कर रहे हैं। यह पहले से ही स्थापित है।
सुनील आंबेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दिल्ली में प्रांत प्रचारकों की तीन दिवसीय बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने मणिपुर की मौजूदा स्थिति और राज्य में हो रहे सकारात्मक घटनाक्रमों के बारे में जानकारी साझा की। आंबेकर ने रविवार को संपन्न हुई बैठक के निष्कर्षों के बारे में जानकारी देते हुए कहा, ‘‘देशभर से लोग बैठक में शामिल होने आए। उन्होंने यह भी जानकारी साझा की कि (आरएसएस के) स्वयंसेवक कैसे जल्द से जल्द वहां (मणिपुर में) शांति बहाल करने और सद्भाव स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उद्योगपतियों को सीधा संबोधन
7 Jul, 2025 08:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना। इस अवसर पर आप सब सत श्री अकाल, मैं महाकाल की नगरी से आता हूं जय महाकाल आज बदलते दौर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जिस प्रकार से हमारे देश की गति, प्रगति और उन्नति हो रही है। हमें गर्व है मैं ऐसी धरती पर हूं जिस धरती की एक अलग ही पहचान है। यह वीरों और महावीरो की धरती है और दुश्मनों के दांत खट्टे करने वालों की, पंजाब की धरती है। हमारे गुरु परंपरा की अद्भुत धरती जो अपने मन के भाव से परस्पर आत्मीयता भी जोड़ती है। "खुश हो जाए तो प्राण दे दे और दुश्मनी हो जाए तो जमीन में गाड़ दें।" इस मामले में परमात्मा की दया है। जिस भाव को लेकर पंजाब ने अपनी पहचान बनाई। मैं आज के इस अवसर पर लुधियाना की उस धरती पर आज अपनी कोई बात करने के लिए खड़ा हूं जो मध्य प्रदेश के साथ, जैसे हमारे नगरों की इंदौर की स्वच्छता की पहचान होगी लेकिन उद्योगों की राजधानी मध्य प्रदेश के समान अगर यह पंजाब की बात करें तो ये पंजाब का लुधियाना शहर उद्योगों की राजधानी की तरह है। यह भारत के मैनचेस्टर की तरह है।
मैं अपनी ओर से यहां के सभी उद्यमशील पुरुषार्थी लोगों को बधाई देना चाहता हूं, आपका अभिनंदन करता हूं, नमस्कार करता हूं
जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो मैं लुधियाना का इतिहास देख रहा था। लुधियाना का इतिहास वैसे तो सिंधु घाटी सभ्यता से पहले प्रारंभ हो गया बाद के काल में भी हर समय 2000 साल पहले, 500 साल पहले, लोदी वंश में, अलग-अलग समय में यहां के उद्यमशील लोगों ने अपने वस्त्र से लघु उद्योग से, अपने इस पूरे देश को ईरान और आगे तक कई सारी जगह तक अपनी व्यापार-व्यवसाय से पहचान बनाई। और अभी आजादी के बाद और साथ में तो 40 से 47 तक का दशक कहां छोटी-छोटी साइकिलो के इतने जबरदस्त रूप से काम करने वाले लोग मिले, ए-1 साइकिल, हीरो साइकिल। कोई एक बात नहीं सभी क्षेत्रों में मै मानकर चलता हूं, मध्य प्रदेश और खासकर पंजाब के संदर्भ में कहूं तो "यह दोनों सगे बिछड़े हुए भाई हैं।" इनको मैं इस नाते से भी बधाई देता हूं। क्योंकि एक तरफ पंजाब का गेहूं, एक तरफ मध्य प्रदेश का गेहूं दोनों किसी से कम नहीं है। पंजाब बड़ा भाई है तो मध्य प्रदेश छोटा भाई है। हमको मिलकर काम करने की आदत है।
आज बदलते दौर में जिस प्रकार से समय बदला है, यह बात तो सही है कि जैसे राजनीतिक दलों को छूट है, कोई कहीं भी आकर काम करें अपनी पहचान बनाए, हमारे लिए भी तो छूट है कि हम आपको आमंत्रित करें और आप भी अपना व्यापार-व्यवसाय बढ़ाएं, यहां भी काम करें और मध्य प्रदेश में भी काम करें; सरकार आपकी सभी मदद करने के लिए तैयार है, किसी प्रकार से कोई कमी आने वाली नहीं है।जब मैं दिल खोल कर बात कर रहा हूं तो आपका भी दिल खोलकर संदेश आना चाहिए। सरकार की व्यवस्थाओं के बलबूते पर मैं पॉलिसी पर बात नहीं करूंगा।पॉलिसीयों पर बात हमारे सारे अधिकारियों ने कर ली है कि हम किस-किस प्रकार से कैसे कैसे मदद करेंगे। उसी प्रकार से जो ऑलरेडी मध्य प्रदेश में काम कर रहे हैं वो यहां भी काम कर रहे हैं ऐसे स्वनाम धन्य हमारे परिवार से जुड़े हुए सभी उद्योगपति भी मंच पर बैठे हैं। जैसे हम आपसे बैठकर बात कर रहे हैं तो यह बात सही है की बदलते दौर में जब हम भारत को सिरमौर बनाना चाहते हैं। आज का दौर तो और कैसा आदर्श है देखो, बड़े-बड़े राष्ट्रों के राष्ट्र अध्यक्ष, छोटे-छोटे मामलों में रोज व्यापार की बात करते हैं। कैसी बात करते हैं आपको मालूम है एक तरफ युद्ध की बात चलती है और हाथों-हाथ डील की बात भी चलती है। ये नए दौर का समय आया है। कभी आपने सुना था कि ऐसा कुछ होने वाला है, लेकिन यह समय वास्तव में सजगता और तत्परता का भी है और इसी प्रकार से त्वरित गति से निर्णय लेने का भी है। समय के साथ बदलते दौर में हमको कदम से कदम मिलाकर चलना है। वैसे तो मैं उद्योगपतियों को ऐसा भी मान कर चलता हूं कि उद्योगपति केवल अपने लिए इंडस्ट्री नहीं चलाते आपके माध्यम से कई सारे लोगों का पेट पलता है और गरीबों की जिंदगी में उजाला आता है इसलिए मैं आपको बधाई देता हूं। ये बहुत बड़ा पवित्र काम आपके माध्यम से होता है।यह एक तरह से हमारे उस पवित्रता के भाव को रेखांकित करता है जिसके कारण से हमको लगता है कि ईश्वर ने हमको अगर जन्म दिया है तो हमारे अपने जीवन में जीवन-यापन के माध्यम से हम अपने परिवार का पालन पोषण तो करते ही हैं लेकिन अपने पालन पोषण के साथ-साथ हमारे देश की आर्थिक समृद्धि भी आए और परमात्मा ने हमको यश दिया है तो हम अपने यश को भी हासिल करें और बदलते दौर में समय के साथ बदलते जाए।आप मित्रों, एक बात जरूर देखना। अभी हमारे यहां ज्यादा पुरानी बात नहीं है केवल 300 साल के अंदर की बात है। व्यापार करते-करते इस देश ने गुलामी की जंजीरें कब पहन ली हमको मालूम ही नहीं पड़ा। ये वो धरती है जहां भगत सिंह खड़े हो गए। जिन्होंने अपने आप से इस देश को न केवल लोकतंत्र दिया बल्कि आजादी के साथ-साथ अपनी बलिदान से एहसास कराया कि इस देश के लोगों को अगर कोई गुलाम रख सकता है तो गुलामी की मानसिकता के लिए उन्होंने अपनी शहादत इतनी छोटी उम्र में दी। यह भी मानते हुए अगर वह चाहते तो अपने आप को अलग प्रकार से बचा सकते थे लेकिन उन्होंने अपने मित्र चंद्रशेखर आजाद सहित सभी क्रांतिकारियों से कहा, आज का समय बलिदान मांग रहा और बलिदान मांग कर उन्होंने यह एहसास कराया कि भारत आजादी मांग रहा है। मुझे बलिदान देना पड़ेगा। मैं नमन करता हूं भगत सिंह के उस वीर बलिदान को जिसके कारण से पूरा देश धन्य हुआ है, हमारी आजादी सोभान्वित हुई। मैं मानकर चलता हूं कि आज के इस अवसर पर जब आपसे बात कर रहा हूं तो आज के बदलते दौर में मध्य प्रदेश से आपको बुलावा आया है, मध्य प्रदेश आपको आमंत्रित कर रहा है।
एक घर मध्य प्रदेश में भी बनाना और एक घर यहां भी रखना। एक फैक्ट्री वहां भी लगाना है और एक काम यहां भी रखना है
जब मैं आपको देख रहा हूं तो मुझे लगता है भविष्य की दृष्टि से हमारे अपने अतीत के काल के आधार पर, पंजाब के अंदर एक मालवा भी है, है कोई मालवा?जब सम्राट विक्रमादित्य ने उस समय के अपने उस दौर में जब शकों का साम्राज्य आ गया तो शक हमारे देश के नहीं थे; वह दुनिया के पता नहीं किस हिस्से से आए थे रोम के आगे से। ऐसे में उन्होंने पूरे देश को गुलाम बना लिया था और गुलाब बनाने के बाद इस देश में जैसे अपने यहां पिछले समय के या दुनिया के कई देशों की हालत हम देख रहे हैं। ऐसे समय में विक्रमादित्य ने अपनी तलवार के बलबूते पर न केवल देश को आजाद कराया बल्कि पंजाब के मालवा और मध्य प्रदेश के मालवा को मिलाकर पूरे देश में एक अलग प्रकार का आनंद उत्साह का वातावरण दिया था। वह हजारों साल का हमारा इतिहास, जिसके आधार पर हम और आप जुड़े हुए हैं।माल वाले के पास मालवा होता है और किसके पास मालवा होता है। मालवा का मतलब क्या है..? मालवा नाम थोड़ी है.. और माल वाले कहां है, या तो पंजाब में या मध्य प्रदेश में। आज के इस बदलते दौर में हम सब एक दूसरे को देख रहे हैं। ऐसे समय में जब मध्य प्रदेश के अंदर बात कर रहा हूं तो आप से निवेदन करना चाहता हूं, आप यहां भी अपना व्यापार व्यवसाय रखें। यहां पर भी काम धंधा करें लेकिन काम धंधा बढ़ना भी तो चाहिए। यह जो अपने हाथ का यश है यह निरंतर फलता-फूलता रहना चाहिए इसलिए बड़ी संभावना है मध्य प्रदेश में। मध्य प्रदेश के अंदर की संभावनाओं को लेकर के जैसा मैंने कहा कि हमारी सरकार ने एक संकल्प लिया है। संकल्प में यह गुंजाइश दी है कि अगर आप रोजगार परक इंडस्ट्री लगाते हो तो रेडीमेड गारमेंट्स इंडस्ट्री डालते हो तो फैक्ट्री आपकी है लेबर आपके यहां काम करेंगे प्रॉफिट आप कमाओगे लेकिन ₹5000 प्रति लेबर का भुगतान हम करेंगे ताकि हमारे अपने लोगों को रोजगार मिले। रोजगार परक इंडस्ट्री की अपनी कठिनाइयां भी होती है इसलिए उनकी मदद करना। जमीन अपनी, ब्याज, बिजली और बाकी चीजों में मदद करेंगे लेकिन मजदूरों के लिए भी मदद करेंगे इसलिए हम देशभर में इस बुलावे के लिए निकले।अभी तो हम कोयंबटूर से आए थे कोयंटूर से बड़ी मात्रा में रेडीमेड गारमेंट्स की इंडस्ट्री हमारे यहां भी काम कर रही है। जब मैं लुधियाना में देखता हूं तो सर्दी आने वाली है। लुधियाना के अलावा कहीं गर्मी नहीं आती तो बड़े पैमाने पर हमारे लिए संभावना की जगह है। मुझे मालूम है बड़े-बड़े नाम हम भी जब घर में स्वेटर पहनते थे तो उसमें ओसवाल के उन लाते थे दूसरा तो हमको मुश्किल ही जाता था।
एक से बढ़कर एक ग्रुप, ट्रिडेंट दुनिया में सबसे ज्यादा टॉवेल के लिए आपकी अपनी सेवा पंजाब के माध्यम से चलती है
मैं आपको केवल दो-तीन जानकारी देना चाहूंगा हमारी सरकार ने जनहितैसी योजनाएं खास करके जिस जिस क्षेत्र में हमारी कमजोरी थी उन कमजोरी में हम आगे बढ़कर के अपनी सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना के बलबूते पर कई सारी योजनाएं चालू की। जैसे, स्कूल जाने वाला बच्चा अगर छठी या नौवीं के बाद वह स्कूल जाता है और 4 किलोमीटर से ज्यादा दूर उसका घर है तो हमने कहा है कि बच्चा पैदल नहीं जाएगा। साइकिल हमारी सरकार की तरफ से दिलवाई जाएगी। लाखों साइकिल हम हर साल देते हैं। इसके माध्यम से हम आपकी संभावनाएं खोल रहे हैं क्योंकि साइकिल हम दे रहे हैं तो साइकिल हम तो नहीं बना सकते तो पंजाब की साइकिल मध्य प्रदेश में भी बन सकती है। इसमें कोई परेशानी नहीं है। ऐसी अपने बीच में बहुत सारी संभावनागत इंडस्ट्री है। मैं मानकर चलता हूं आज जिस प्रकार का समय बदला है इसलिए GIS में यशस्वी प्रधानमंत्री भोपाल आए थे। GIS में हमने जिस प्रकार का प्रयास किया उसी सिलसिले में हम यहां आए हैं। जब से हमारी सरकार बनी हमने पूरे देश के अंदर भी और अपने प्रदेश में भी और दुनिया में भी हमारे मध्य प्रदेश की नीतियों को लेकर के खुलेआम सबके बीच बात करते हुए अधिकारियों को भी लेकर जाते हैं लेकिन अधिकारी के साथ-साथ वैसे मेरा डबल रोल भी है। मैं अपने मध्य प्रदेश का उद्योग मंत्रालय का काम भी मेरे पास रखा है और मुख्यमंत्री भी मैं ही हूं दोनों ही काम मेरे पास है। यह आप सबसे सरलता से बात करने के लिए ही है। जब उद्योगपति से हम बात करते हैं तो उद्योगपति थोड़े बहुत ऐसा तो है नहीं की वो केवल अपना उद्योग चलाते तो वह अपनी बुद्धि भी चलाते हैं उनकी बुद्धि चलाने में उनकी मदद करने के लिए; वह समझ जाते हैं कि बात किससे करना चाहिए और कैसी करना चाहिए कोई भी व्यापार व्यवसाय करने के लिए निश्चित रूप से यह योग्यता भी चाहिए।
हमारी हजारों साल पुरानी परंपरा जिसके बलबूते पर भारत सोने की चिड़िया के नाते से पहचाना जाता है लेकिन आज के इस बदलते समय में आने वाले समय में यशस्वी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आप देखो केवल उदाहरण, मैं राजनीतिक बात ना करूं थोड़ी सी तुलना जरूर कर रहा हूं। 1947 में देश आजाद हुआ और आजादी के समय देश की आर्थिक व्यवस्था विश्व के बाकी सारे देशों की तुलना में 15 वे नंबर पर थी लेकिन दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है वही इसराइल भी तो हमारे 1 साल बाद आजाद हुआ था आज इजराइल कहां से कहां चला गया। हीरोशिमा और नागासाकी की घटना के बाद जापान की हालत क्या थी लेकिन जापान आज उठकर कहां खड़ा हो गया अभी हमारी आर्थिक व्यवस्था में एक या दो-चार महीने बाद उसको क्रॉस करेंगे लेकिन क्रॉस करने में कितने साल लग गए वो दोबारा उस दौर में पहुंच गया। हमारे गुरु परंपरा के आधार पर यह वीरों और महावीरो की धरती है तो आज बदलते दौर में 2014 में हमारे देश की 11 नंबर की आर्थिक व्यवस्था में नंबर था लेकिन आज बदलते दौर में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था से हम तीसरी की तरफ जा रहे हैं। इसके लिए जोरदार अभिनंदन श्रीमान नरेंद्र मोदी जी के लिए 11 साल से भी कम समय में इस देश का पूरा आर्थिक तंत्र बदला है, व्यापार-व्यवसाय की संभावना बदली है और देश के नेता कैसे होना चाहिए जो आंख में आंख डालकर हमारे लिए रूस का भी वही महत्व है जो अमेरिका का है। हमारे लिए चीन के लिए अपने देश का नेतृत्व देश के नागरिकों के लिए देश के भविष्य की योजनाओ के लिए जिस प्रकार से काम कर रहा है इससे बढ़कर कोई समय नहीं है। आइए, हम सब आगे बढ़ें क्योंकि आप आपके लिए नहीं कर रहे हैं आपके साथ बहुत सारी जिंदगी के लिए काम कर रहे हैं। इस देश की उन्नति के लिए काम कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के साथ पंजाब की उन्नति के लिए मैं केवल निमंत्रण देने आया हूं। उम्मीद करता हूं कि आज का यह सत्र हमारे उसी भाव की तरह रहेगा। इसी प्रकार की इंडस्ट्री कॉन्क्लेव करते हुए और राज्य के बाहर रोड शो करते हुए हम अपनी बात सबके सामने रखते जा रहे हैं उसका परिणाम निकला कि बीते फरवरी में हमने लगभग 30 लाख करोड़ के निवेश के प्रस्ताव पूरे देश से आमंत्रित किया हु। मध्य प्रदेश में इतना बड़ा इन्वेस्टमेंट पहली बार हुआ। इसी प्रकार से सिंगरौली, सतना, रीवा माइनिंग के क्षेत्र में जितनी संभावना मध्यप्रदेश में है । मध्य प्रदेश देश का एक मात्र राज्य है जिसकी जमीन में हीरा भी मिलता है और सोने की खदान भी मध्य प्रदेश में है।
मैं आपको आमंत्रित करने आया हूं कि आप सब आइए
निवेश के सभी सेक्टर में, कोई सेक्टर ऐसा बाकी नहीं है जहां बड़ी संभावनाए ना हो। मैं मान कर चलता हूं कि जब आप निवेशको से बात करते हो तो आपको भी इस बात की ध्यान आ ही रही है। जिस प्रकार से आज मुझे रिस्पांस मिला है सच मानो इतनी जगह गया लेकिन लुधियाना में जो प्यार मिला है वह वाकई में मुझे अभिभूत कर दिया। मैं आपको धन्यवाद करता हूं।
बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट' की राह पर चिराग, NDA को झटका?
7 Jul, 2025 05:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना : बिहार में अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने अभी मतदान की तारीखों की घोषणा नहीं की है, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच बयानबाज़ी और रणनीति का दौर शुरू हो गया है।
इस बीच लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान करके NDA खेमे में नई हलचल मचा दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के करीबी माने जाने वाले चिराग पासवान का यह कदम NDA की एकजुटता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है।
एक हफ्ते में क्यों बदले चिराग पासवान के सुर
हाजीपुर से सांसद चिराग पासवान ने एक महीने पहले आयोजित 'नवसंकल्प महासभा' में घोषणा की थी कि लोजपा बिहार की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” का नारा देते हुए खुद को जनता के हितों का प्रतिनिधि बताया था।
हालांकि, इसके कुछ दिन बाद उन्होंने कहा कि बिहार में NDA की सरकार बनेगी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे। लेकिन 6 जुलाई को छपरा में एक जनसभा के दौरान उन्होंने फिर दोहराया कि लोजपा सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इस यू-टर्न ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या चिराग बना रहे हैं दबाव की रणनीति
राजनीतिक जानकार ओपी अश्क के अनुसार, चिराग पासवान के बार-बार बदलते रुख के पीछे रणनीतिक दबाव की कोशिश हो सकती है। उनका उद्देश्य एनडीए में सीटों को लेकर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना हो सकता है। साथ ही, उनके भीतर मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा भी देखी जा रही है।
चिराग पासवान को केंद्र में मंत्री पद जरूर मिला है, लेकिन राज्य सरकार में उनकी राजनीतिक भूमिका सीमित रही है, जिससे वह असहज महसूस कर सकते हैं।
बिहार में कौन रोक रहा है चिराग को
छपरा की जनसभा में चिराग ने यह भी कहा कि उन्हें बिहार आने से रोकने की साजिश हो रही है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, पर संकेत नीतीश कुमार की ओर माना जा रहा है।
चिराग लंबे समय से बिहार की कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आलोचना करते रहे हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जेडीयू के खिलाफ 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिससे जेडीयू को भारी नुकसान हुआ था।
क्या 2020 की रणनीति फिर दोहराएंगे चिराग
2020 के विधानसभा चुनाव में लोजपा सिर्फ एक सीट जीत पाई थी, लेकिन चिराग की रणनीति ने जेडीयू को बड़ा नुकसान पहुंचाया था। जेडीयू को सिर्फ 43 सीटें मिली थीं, जबकि लोजपा ने कई सीटों पर जेडीयू को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
अब फिर से सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा से चिराग ने यह संकेत दे दिया है कि वह एक बार फिर जेडीयू को चुनौती देने की तैयारी में हैं।
नीतीश कुमार को 'पलटू राम' क्यों कहा गया
2024 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद का साथ छोड़कर एक बार फिर एनडीए का दामन थाम लिया था। इसके बाद उद्धव ठाकरे की शिवसेना गुट ने उन्हें 'पलटू राम' की संज्ञा दी थी।
शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में लिखा गया था –
“अयोध्या में जय श्रीराम के नारे लग रहे हैं और बिहार में जय श्री पलटू राम के।”
यह व्यंग्य नीतीश कुमार के बार-बार पाला बदलने को लेकर था।
निष्कर्ष:
बिहार चुनाव 2025 से पहले चिराग पासवान की सक्रियता और उनके बयानों में बदलाव से यह साफ हो गया है कि NDA के भीतर समीकरण बदल सकते हैं। कहीं चिराग एक बार फिर ‘किंगमेकर’ की भूमिका में तो नहीं आना चाहते?
राज और उद्धव पर भड़के फडणवीस- शिंदे बोले ये सिर्फ सत्ता की लालसा के अलाव कुछ नहीं
7 Jul, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। भाजपा और महायुति गठबंधन के नेताओं ने इसे सियासी मजबूरी और भाईचारे की नौटंकी करार दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के भाषण पर कटाक्ष करते हुए कहा, राज ने जहां मराठी भाषा के प्रति संवेदनशीलता दिखाई, वहीं उद्धव का पूरा भाषण ईर्ष्या, कटुता और सत्ता की लालसा से भरा था।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज ठाकरे पर व्यंग्य करते हुए कहा, अगर मैंने ठाकरे भाइयों को मिला दिया तो शायद बालासाहेब की भी मुझ पर कृपा है। उन्होंने रैली को “रुदाली कार्यक्रम” बताया और कहा कि मराठी का नाम लेकर सत्ता की राजनीति की जा रही है। फडणवीस ने यह भी पूछा, 25 साल मुंबई नगर निगम आपके पास थी, आपने मराठी के लिए कौन सा कार्य किया? वहीं शिंदे ने कहा कि यह रैली मराठी मानुष की आवाज बनने के बजाय, सत्ता प्राप्ति की व्यक्तिगत कोशिश बन गई। उन्होंने उद्धव पर 2019 में भाजपा से नाता तोड़कर मराठी अस्मिता और बालासाहेब की विचारधारा के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। राज्य मंत्री आशीष शेलार ने तो इसे भाई-भाई के मेल की रैली बताते हुए कहा, यह मराठी भाषा के प्रेम के लिए नहीं, बल्कि शिवसेना (यूबीटी) की सियासी जमीन बचाने का प्रयास था। वहीं, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, मराठी से प्रेम होना ठीक है, लेकिन हिंदी-विरोधी भावना गलत है। मारपीट और धमकी देकर कोई भाषा नहीं सिखाई जा सकती।
शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस की यह एकजुटता बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से पहले एक बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखी जा रही है। उद्धव की पार्टी जहां लोकसभा में पिछड़ती दिखी, वहीं एमएनएस हालिया विधानसभा चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत पाई। यह मंच साझा करना न केवल बालासाहेब ठाकरे की विरासत को फिर से एकजुट करने की कोशिश है, बल्कि मराठी मतदाताओं के बीच भाजपा के खिलाफ एक भावनात्मक और सांस्कृतिक मोर्चा खड़ा करने की रणनीति भी लगती है।
महाराष्ट्र में भाषा विवाद बीजेपी की सुनियोजित साजिश है: कांग्रेस नेता
7 Jul, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इलाहाबाद । महाराष्ट्र में हाल ही में हिंदी भाषा को लेकर उठे विवाद ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में डिप्टी लीडर प्रमोद तिवारी ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। प्रयागराज में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भाषा विवाद बीजेपी की सुनियोजित साजिश है, जिसका मकसद जनता का ध्यान महंगाई, बेरोजगारी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों से भटकाना है। प्रमोद तिवारी ने स्पष्ट किया कि हिंदी बोलने वालों को महाराष्ट्र में किसी भी तरह की रोक-टोक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी देश की संपर्क भाषा है, लेकिन हर प्रदेश की अपनी स्थानीय भाषा का सम्मान जरूरी है। भारत एक ऐसा देश है जहाँ कश्मीर से कन्याकुमारी तक हर नागरिक को अपनी भाषा, जाति या धर्म के आधार पर कहीं भी जाने का अधिकार है। इसे रोकना संविधान के खिलाफ है और देश की एकता को कमजोर करने जैसा होगा। बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महाराष्ट्र में बढ़ रहे भाषा विवाद पर तिवारी ने बीजेपी की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी वह पार्टी है जो हर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने में माहिर है, चाहे वह मुद्दा कितना भी संवेदनशील क्यों न हो। उनकी सियासी चालों पर भरोसा करना मुश्किल है। कांग्रेस नेता ने देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के विवादित मुद्दों में फंसने के बजाय महंगाई, बेरोजगारी और अन्य जनहित के विषयों पर ध्यान दें और अपनी आवाज बुलंद करें। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा जो लोगों को बांटने की कोशिश करे।
राहुल गांधी ने कहा- बिहार को बना दिया क्राइम कैपिटल, अब बदलाव जरूरी
7 Jul, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा और प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जबरदस्त निशाना साधा है। उन्होंने प्रमुख व्यवसायी गोपाल खेमका हत्याकांड को लेकर कहा कि भाजपा और नीतीश कुमार ने मिलकर बिहार को भारत की क्राइम कैपिटल बना दिया है। अब जबकि बिहार विधानसभा चुनाव करीब ही हैं तो ऐसे में बदलाव जरुरी हो गया है। राज्य में क्राइम रेट बढ़ने से राजनीति भी गर्मा गई है।
दरअसल कांग्रेस नेता व सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा, कि पटना में व्यवसायी गोपाल खेमका की सरेआम गोली मारकर हत्या ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भाजपा और नीतीश कुमार ने मिलकर बिहार को भारत की क्राइम कैपिटल बना दिया है। बिहार आज लूट, गोली और हत्या के साए में जी रहा है। अपराध यहां नया नॉर्मल बन चुका है- और सरकार पूरी तरह नाकाम। इसी के साथ ही राहुल गांधी ने पोस्ट में आगे लिखा है, कि बिहार के भाइयों और बहनों, यह अन्याय अब और नहीं सहा जा सकता। जो सरकार आपके बच्चों की सुरक्षा नहीं कर सकती, वह आपके बेहतर भविष्य की जिम्मेदारी भी नहीं ले सकती। हर हत्या, हर लूट, हर गोली- एक चीख है बदलाव की। अब समय है एक नए बिहार का- जहां डर नहीं, तरक्की हो। इस बार वोट सिर्फ सरकार बदलने के लिए नहीं, बल्कि बिहार को बचाने के लिए भी है।
यहां बताते चलें कि बिहार के प्रमुख उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या शुक्रवार रात करीब 11 बजे की गई थी। गांधी मैदान थाना क्षेत्र के रामगुलाम चौक के पास स्थित अपार्टमेंट के गेट के सामने अज्ञात हमलावरों ने उन्हें सिर में गोली मारी थी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
हत्या को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और कहा है, भाजपा-नीतीश कुमार ने बिहार को क्राइम कैपिटल बना दिया है। व्यापारी, आम नागरिक, महिलाएं— कोई सुरक्षित नहीं। वहीं इस घटना के बाद आरजेडी, कांग्रेस, और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी बिहार में बिगड़ी कानून-व्यवस्था को लेकर नीतीश सरकार और भाजपा पर सवाल उठाए हैं। बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता शनिवार को खेमका परिवार से मिलने भी पहुंचे थे।
पुलिस ने कहा हत्याकांड से जल्द पर्दा उठेगा
इस हत्याकांड के बाद से जहां व्यवसायियों में गुस्सा भरा हुआ है तो वहीं राज्यभर में रोष है। इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। बिहार डीजीपी विनय कुमार ने रविवार को मीडिया से कहा कि आगामी एक-दो दिनों में इस हत्याकांड की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। पटना और वैशाली जिलों में पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर रात में छापेमारी करती रही हैं। इस छापेमारी में दर्जनभर से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि व्यवसायी खेमका पर गोली चलाने वाले हमलावर को घटनास्थल के आस-पास के अलावा शहर के अन्य हिस्सों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से ट्रैक किया गया है। हमलावर की मोटरसाइकिल भी पहचान ली गई, हेलमेट के कारण आरोपी के चेहरे की स्पष्ट पहचान होने में दिक्कत आ रही है, लेकिन मामले को जल्द सुलझा लिया जाएगा।
शिवराज-खट्टर समेत 6 चेहरे भाजपा अध्यक्ष की रेस में
7 Jul, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भाजपा जल्द ही नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर सकती है। भाजपा नए अध्यक्ष के लिए 6 नामों पर विचार कर रही है, इनमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर, भूपेंद्र यादव और धर्मेंद्र प्रधान शामिल हैं। वहीं, भाजपा महासचिव सुनील बंसल और विनोद तावड़े भी रेस में बताए जा रहे हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने के लिए तीन मुख्य बातों-संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन, जातीय समीकरण को ध्यान में रख रही हैं। जल्द ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए एक केंद्रीय चुनाव समिति का गठन हो सकता है। यदि चुनाव की जरूरत पड़ती है तो यह समिति नामांकन, जांच और मतदान की प्रक्रिया की पूरी करेगी। बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल जून 2024 को खत्म हो है। वह एक्सटेंशन पर हैं। वहीं, वह केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं, इस वजह से भाजपा जल्द नया अध्यक्ष चुनने की तैयारी में जुटी है।
भाजपा के 37 में से 26 प्रदेश अध्यक्ष चुने गए
पार्टी संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव 50 प्रतिशत राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष चुनने के बाद ही होता है। फिलहाल भाजपा की 37 मान्यता प्राप्त स्टेट यूनिट हैं। इनमें से 26 राज्यों में अध्यक्ष चुने जा चुके हैं। भाजपा ने जुलाई के शुरुआत 2 दिन में 9 राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष चुने। इसके बाद से राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। पार्टी ने 1-2 जुलाई को 9 राज्यों (हिमाचल, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दमन दीव और लद्दाख) में प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव किया।
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