राजनीति
गडकरी पीएम पद के लिए सही च्वॉइस, बीजेपी करे संघ प्रमुख के बयान का सम्मान
13 Jul, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। कांग्रेस के एक विधायक ने नितिन गडकरी को पीएम बनाने की मांग की है। उन्होंने इसके लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत के रिटायरमेंट वाले बयान का हवाला दिया है। कांग्रेस विधायक बेलूर गोपालकृष्णा कर्नाटक की सागर विधानसभा से विधायक हैं। उन्होंने भागवत के बयान का स्वागत करते हुए कहा कि अगर इसके हिसाब से नरेंद्र मोदी पीएम पद से रिटायर होते हैं तो गडकरी को पीएम बनना चाहिए। वह इस पद के लिए सही च्वॉइस होंगे। बता दें मोहन भागवत ने कहा था कि 75 साल की उम्र पूरी होने के बाद नेताओं को सत्ता से इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके बाद कांग्रेस ने निशाना साधते हुए कहा था कि मोहन भागवत का इशारा पीएम मोदी के लिए है। पीएम मोदी इस साल 75 साल के होने वाले हैं। विधायक गोपालकृष्णा ने अपने बयान में कहा है कि अगर भागवत के 75 साल में रिटारयमेंट वाली बात के हिसाब से पीएम मोदी पद से हटते हैं तो नितिन गडकरी को अगला पीएम बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गडकरी पीएम पद के लिए सही च्वॉयस होंगे। उन्होंने कहा कि गडकरी को देश के गरीब लोगों की ज्यादा चिंता है। गोपालकृष्णा ने कहा कि बीजेपी ने 75 साल का होने के बाद बीएस येदियुरप्पा को इस्तीफा देने पर मजबूर किया। उस वक्त उनकी आंखों में आंसू भरे हुए थे। अब बीजेपी को संघ चीफ की इच्छा का सम्मान करना चाहिए और यही फॉर्मूला पीएम पद भी लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश गरीब लोगों की संख्या बढ़ रही है। अमीर और अमीर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश का धन कुछ लोगों के हाथ में जा रहा है। इसको देखते हुए नितिन गडकरी पीएम पद के लिए सबसे योग्य इंसान हैं। बीजेपी हाईकमान को इस बारे में सोचना चाहिए।
भाजपा विधायक और आप के नवनिर्वाचित विधायक की चुनौतियों को लेकर राज्य की राजनीति गरमाई
13 Jul, 2025 01:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद| हाल ही में हुए जूनागढ़ के विसावदर उपचुनाव जीतने वाले आम आदमी पार्टी (आप) के गोपाल इटालिया और मोरबी से भाजपा विधायक कांति अमृतिया की चुनौतियों को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है| देखना होगा कि सोमवार को दोनों एक-दूसरे की चुनौती स्वीकार करते हुए विधायक पद से इस्तीफा देते हैं या फिर मुकर जाते हैं| दरअसल कांति अमृतिया ने सबसे पहले गोपाल इटालिया को चुनौती दी कि अगर वह मोरबी से चुनाव जीत गए तो मैं उन्हें 2 करोड़ रुपये दूँगा। गोपाल इटालिया ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए कहा कि मुझे यह चुनौती स्वीकार है। गोपाल इटालिया ने कहा कि अब कांति अमृतिया को इस्तीफा दे देना चाहिए। कांति अमृतिया ने कहा था कि मैं भी इस्तीफ़ा दे दूँगा और गोपाल इटालिया भी इस्तीफ़ा दे दें और हम दोनों मोरबी से चुनाव लड़ें। अगर मैं हार गया, तो जैसा मैंने कहा है, गोपाल इटालिया को 2 करोड़ रुपये दूँगा। उन्होंने यह भी कहा कि अब अगर गोपाल वापस लौटेगा तो वे अपने पिता की संतान नहीं और अगर मैं मुकरता हूं तो मैं अपने पिता की संतान नहीं है| अब मोरबी विधायक कांति अमृतिया ने घोषणा की है कि वह सोमवार सुबह 11 बजे 150 वाहनों के विशाल काफिले के साथ अपना इस्तीफा लेकर विधानसभा पहुँचेंगे। कांति अमृतिया अपने समर्थकों के साथ मोरबी से गांधीनगर के लिए रवाना होंगे और विधानसभा के गेट नंबर 4 के बाहर शक्ति प्रदर्शन करेंगे। अमृतिया ने स्पष्ट कर दिया है कि वह विधानसभा के प्रवेश द्वार पर 30 मिनट तक गोपाल इटालिया का इंतजार करेंगे। कांति अमृतिया ने शर्त रखी है कि वह तभी इस्तीफा देंगे जब मनोनीत विधायक गोपाल इटालिया वहां आएंगे। अगर गोपाल इटालिया नहीं आते हैं, तो अमृतिया इस्तीफा नहीं देंगे। कांति अमृतिया के इस कदम से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है और सोमवार का दिन राजनीतिक लिहाज से अहम होगा।
बीजेपी का नया बॉस चुनने के बाद दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लिए चुना जाएगा प्रदेश अध्यक्ष
13 Jul, 2025 12:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति के करीब है। चुनाव की पात्रता प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा के बाद ही होने है। पार्टी के वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा के बाद, भाजपा दो महत्वपूर्ण राज्यों, दिल्ली और उत्तर प्रदेश, में प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करेगी।
दोनों राज्यों का राजनीतिक महत्व बहुत अधिक है। दिल्ली में, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में 27 साल बाद सत्ता में वापसी है। यह अभी अनिश्चित है कि सचदेवा को दूसरा कार्यकाल मिलेगा या पार्टी दिल्ली इकाई का नेतृत्व किसी नए चेहरे पर दांव लगाएगी। उत्तर प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की उम्मीद है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट नेता और वर्तमान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का कार्यकाल जनवरी 2023 में समाप्त हो चुका था। हालाँकि, उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव तक विस्तार दिया गया था।
हाल के चुनावों में राज्य में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन को देखकर नेतृत्व परिवर्तन की संभावना बढ़ गई है। अधिकांश राज्यों में संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और कई अन्य राज्यों में हाल ही में नए राज्य इकाई प्रमुखों की नियुक्ति की गई है। बिहार, सिक्किम, गोवा और असम जैसे अन्य प्रमुख राज्यों में नए अध्यक्ष पहले ही नियुक्त किए जा चुके हैं। शेष राज्यों में भी यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी होने की उम्मीद है।
तेजस्वी यादव के घर INDIA गठबंधन की 6 घंटे बैठक, सीट शेयरिंग और इन मुद्दों पर बनी सहमति
13 Jul, 2025 12:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Elections: बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर INDIA गठबंधन ने शनिवार को पटना में एक अहम बैठक की। यह बैठक विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर करीब 6 घंटे तक चली, जिसमें सीट शेयरिंग, मतदाता सूची में संभावित गड़बड़ी और चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में कांग्रेस, वाम दल और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) समेत गठबंधन में शामिल प्रमुख दलों के नेता मौजूद रहे।
सीट बंटवारे पर बातचीत शुरू, अभी सार्वजनिक नहीं होगा फॉर्मूला
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, हां, सीट बंटवारे पर बातचीत शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी ज्यादा कुछ सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। जब सब तय होगा, तब सभी को जानकारी दी जाएगी। वहीं, वीआईपी प्रमुख मुकेश साहनी ने भी बैठक के बाद सीट शेयरिंग की पुष्टि करते हुए कहा कि बातचीत शुरू हो गई है, लेकिन अभी साझा नहीं कर सकते। बैठक में तय हुआ कि जल्द ही कोऑर्डिनेशन कमेटी का गठन कर सीटों के बंटवारे और संयुक्त रैलियों की योजना तैयार की जाएगी।
एनडीए सरकार पर तेजस्वी का तीखा हमला
बैठक के दौरान तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार में कोई स्पष्ट विजन नहीं है और बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। तेजस्वी ने कहा, हमने युवाओं के लिए युवा आयोग और बुजुर्गों की पेंशन बढ़ाने की बात की थी, अब ये वही कर रहे हैं। मुझे पूरा यकीन है कि हमारी ‘माई बहन सम्मान योजना’ को भी जल्द ही ये लोग कॉपी करेंगे।
बता दें कि इस योजना के तहत आरजेडी ने वादा किया है कि सत्ता में आने पर राज्य की महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। जब केंद्रीय मंत्री और एनडीए नेता चिराग पासवान के कानून व्यवस्था पर चिंता जताने से जुड़े सवाल पर तेजस्वी से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, उन्हें जाकर केंद्र को बताना चाहिए कि बिहार में जंगल राज है।
SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची पर चर्चा
बैठक में आगामी मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण (SIR) के दौरान गड़बड़ी रोकने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। मुकेश साहनी ने कहा कि उनकी पार्टी SIR का विरोध करती है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक नियमों का पालन किया जाएगा।
तेजस्वी को सीएम चेहरा बनाने की संभावना प्रबल
इस बैठक के बाद साफ संकेत मिला है कि INDIA गठबंधन बिहार में एकजुट होकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। बैठक में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने पर भी सहमति बनती दिख रही है। हालांकि, डिप्टी सीएम के चेहरे पर सवाल पूछे जाने पर मुकेश साहनी ने मुस्कराते हुए कहा, और कौन? मैं ही हूं। इसके बाद वह मुस्कराते हुए तुरंत वहां से रवाना हो गए।
INDIA गठबंधन की चुनावी तैयारियां तेज
INDIA गठबंधन की यह लंबी बैठक बताती है कि विपक्ष अब बिहार चुनाव में नीतीश कुमार और एनडीए को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में सीट शेयरिंग पर तस्वीर और साफ होने की संभावना है, जिसके बाद गठबंधन अपने साझा एजेंडे और सीट वितरण की घोषणा करेगा।
बिहार को एनडीए ने बनाया क्राइम कैपिटल: अखिलेश का आरोप, चुनाव आयोग को भी घेरा
13 Jul, 2025 10:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने राज्य की कानून-व्यवस्था और चुनाव आयोग की कार्यशैली पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने एनडीए सरकार पर बिहार को क्राइम कैपिटल ऑफ इंडिया बना देने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के लोग अब भगवान भरोसे हैं।
कांग्रेस नेता अखिलेश ने कहा, कि बिहार आज जिस दौर से गुजर रहा है, उसमें हर कोई भगवान की तरफ देख रहा है। अकेले पटना में ही पिछले छह महीने में 116 से ज्यादा हत्याएं हो चुकी हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने इसे एनडीए की विफल कानून व्यवस्था का नतीजा बताया और कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में है। चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट रिवीजन में आधार कार्ड को अनिवार्य नहीं मानने पर भी कांग्रेस नेता ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा, पूरे देश में प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं – मेरी आधार, मेरी पहचान, लेकिन चुनाव आयोग इस पहचान को ही मान्यता नहीं दे रहा है। यह विरोधाभास है। उन्होंने यह भी बताया कि राहुल गांधी ने इसी मुद्दे को लेकर बिहार में सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया था ताकि किसी नागरिक को मताधिकार से वंचित न किया जा सके।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में वोटर वेरिफिकेशन संभव नहीं
बिहार में गंगा के किनारे बसे 60प्रतिशत क्षेत्रों में हर साल बाढ़ आती है, इस पर ध्यान दिलाते हुए सिंह ने कहा, इन इलाकों में एक जिला से दूसरे जिला जाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में मात्र 25 दिनों में वोटर लिस्ट रिवीजन कराना संभव नहीं है। इलेक्शन कमीशन को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश का हवाला
अखिलेश सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी चुनाव आयोग को आधार, वोटर आईडी और राशन कार्ड को पहचान पत्र के रूप में शामिल करने की सिफारिश की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 28 जुलाई को चुनाव आयोग की बैठक में जनहित में फैसला लिया जाएगा।
अब सीधे चुनाव नहीं लड़ूंगा, केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओरांव ने किया ऐलान
13 Jul, 2025 09:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संबलपुर। वरिष्ठ आदिवासी नेता और केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओरांव ने घोषणा की है कि वह अब सीधे चुनाव नहीं लड़ूंगा। जिससे ओडिशा के राजनीतिक परिदृश्य में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत मिलता है। संबलपुर में एक रोज़गार मेला में मंत्री ओरांव ने पुष्टि की कि वे लोकसभा या विधानसभा के लिए दोबारा चुनाव नहीं लड़ूंगा। और अपने उस रुख की पुष्टि की जिसका संकेत उन्होंने पिछले चुनावों के दौरान भी दिया था।
ओरांव ने कहा कि मैंने 10 बार चुनाव लड़ा है, इसलिए मेरी इच्छा है कि मैं सीधा चुनाव नहीं लड़ूंगा। ओराम ने भारतीय जनता पार्टी में युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने के अपने इरादे पर ज़ोर देकर कहा कि मैंने पिछले चुनावों में स्पष्ट कर दिया था कि मैं दोबारा चुनाव नहीं लड़ूँगा। अब युवा पीढ़ी के लिए रास्ता बनाने का समय आ गया है। चुनावी राजनीति से दूर होने के बावजूद, ओराम ने भाजपा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया और कहा कि वह पार्टी द्वारा सौंपी गई ज़िम्मेदारियों को निभाने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने संकेत दिया कि अगर पार्टी उचित समझे, तब उन्हें राज्यसभा की सीट या राज्यपाल का पद भी मिल सकता है। सुंदरगढ़ से चार बार सांसद रहे जुएल ओराम पहली बार 1998 में लोकसभा के लिए चुने गए और अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी दोनों के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्रिमंडल में रहे। उनकी राजनीतिक विरासत आदिवासी कल्याण, क्षेत्रीय सशक्तिकरण और ओडिशा के आदिवासी हृदयस्थल में निरंतर उपस्थिति में गहराई से निहित है। ओराम की घोषणा के साथ, ओडिशा के आदिवासी राजनीतिक आख्यान का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त होता दिख रहा है, जिससे राज्य और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर नए नेतृत्व के उभरने का मार्ग प्रशस्त होगा।
छोटे व्यापारियों के लिए खुशखबरी, साय सरकार ने माफ किया 25 हजार रुपए तक का बकाया
12 Jul, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तीसगढ़: छोटे व्यापारियों को अपना व्यवसाय आसानी से करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार छोटे व्यापारियों के 10 साल से अधिक लंबित पुराने मामलों में 25 हजार रुपए तक की वैट देनदारियों को खत्म करने जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत जीएसटी प्रावधानों में भी कई संशोधन किए जाएंगे।
संशोधन विधेयक 2025 को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक और छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान संशोधन विधेयक 2025 के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया गया है। इन दोनों विधेयकों को विधानसभा के मानसून सत्र में पटल पर रखा जाएगा। 10 साल से अधिक पुराने 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियों को खत्म करने से राज्य के लगभग 40 हजार से अधिक व्यापारियों को फायदा मिलेगा। इसके साथ ही 62 हजार से अधिक मुकदमों के मामले भी कम हो जाएंगे।
मंत्रिपरिषद की बैठक निर्णय
मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक के प्रारूप का भी अनुमोदन किया गया। इस प्रारूप में जीएसटी परिषद की 55वीं बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुरूप संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं। किए गए प्रस्ताव के अनुसार इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा आईजीएसटी में लिए गए आरसीएम का वितरण भी अब अपने ब्रांच ऑफिस में किया जा सकेगा। इससे जीएसटी अधिनियम में विसंगति को दूर करने में मदद मिलेगी और व्यापारियों को इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कारोबार करने में आसानी होगी।
एक अन्य संशोधन प्रस्ताव अनुसार, ऐसे पेनाल्टी की राशि जिनमें टैक्स की डिमांड सम्मिलित नहीं होती है, उन प्रकरणों में अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक पूर्व डिपॉजिट 20 प्रतिशत राशि को घटाकर 10 प्रतिशत किया गया है। यह निर्णय व्यापार जगत को सहूलियत देने वाला साबित होगा।
जीएसटी प्रणाली में वाउचर पर करदेयता के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए ‘टाइम ऑफ सप्लाई’ के प्रावधान को विलोपित किया गया है। इस संबंध में विभिन्न एडवांस रूलिंग अथॉरिटी में मतभिन्नता थी, अतः एकरूपता के प्रयोजन से यह संशोधन लाया गया।
कैपेसिटी बेस्ड टैक्सेशन एवं स्पेशल कंपोजिशन लेवी विषय पर गठित मंत्री समूह की अनुशंसा के आधार पर डिमेरिट गुड्स जैसे तंबाकू उत्पाद के लिए ट्रेस एंड ट्रैक मैकेनिज्म लागू किया गया है, जिसके द्वारा इन उत्पादों का निर्माण से अंतिम उपभोक्ता तक विक्रय के समूचे सप्लाई चेन की कारगर निगरानी की जा सकेगी।
विशेष आर्थिक क्षेत्रों के वेयरहाउस में रखे गए वस्तुओं, जिनके फिजिकल मूवमेंट के बिना कई बार क्रय-विक्रय संव्यवहार किया जाता है, ऐसे मामलों में ऐसे संव्यवहारों को जीएसटी की परिधि से बाहर रखने के लिए संशोधन लाया गया है, जिससे विशेष आर्थिक क्षेत्रों को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके।
कानून में नक्सलवाद और आतंकवाद का जिक्र तक नहीं विपक्ष का वॉकआउट, फिर भी बहुमत से विधेयक पारित : उद्धव ठाकरे
12 Jul, 2025 12:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
क्या यह जनसुरक्षा कानून है या भाजपा सुरक्षा कवच? विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल
मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा में पारित हुए जनसुरक्षा विधेयक पर राज्य की राजनीति गरमा गई है। शिवसेना (उद्धव गुट) ने इसे एक "राजनीतिक हथियार" बताते हुए तीखा विरोध किया है और आरोप लगाया है कि यह विधेयक "भाजपा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है, न कि आम जनता के लिए।"
"पहले से हैं प्रभावी कानून, तो नया क्यों?"
शिवसेना विधायक एड. अनिल परब ने विधान परिषद में सवाल उठाया कि जब पहले से ही UAPA, MPDA जैसे चार कानून अस्तित्व में हैं, तो फिर इस नए कानून की जरूरत क्या है? उन्होंने कहा, "इस कानून का उद्देश्य आतंकवादियों से ज़्यादा राजनीतिक संगठनों पर दबाव बनाना हो सकता है।"
परब ने विधेयक में संशोधन कर इसे दोबारा सदन में लाने की मांग की। जबकि गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने विधान परिषद में विधेयक पेश किया और विपक्ष के वॉकआउट के बाद इसे बहुमत से पारित भी करवा लिया।
विवादित बयान से हंगामा, सदन 10 मिनट के लिए स्थगित
विधान परिषद में भाजपा विधायक प्रसाद लाड ने कहा कि "हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे ने कम्युनिस्ट विचारधारा को मारकर शिवसेना बनाई थी।" इस बयान पर विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने आपत्ति जताते हुए पूछा, "क्या यह कानून किसी विचारधारा के खिलाफ है?" इसी विरोध के चलते विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया और सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
उद्धव ठाकरे का हमला: यह कानून भाजपा के लिए सुरक्षा कवच
विधान भवन परिसर में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधेयक की भाषा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "इस कानून में 'देशविरोधी', 'आतंकवादी', 'नक्सलवादी' जैसे शब्दों का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। केवल 'कट्टर वामपंथी' संस्थाओं को निशाना बनाया गया है।" उन्होंने सवाल उठाया कि "क्या सरकार सिर्फ एक विचारधारा के विरोध में कानून ला रही है?"
उद्धव ने कहा, "यह कानून 'मीसा' और 'टाडा' जैसे दमनकारी कानूनों की तरह दुरुपयोग की आशंका से घिरा है।" उन्होंने यह भी कहा कि जब देश के गृहमंत्री स्वयं कहते हैं कि नक्सलवाद खत्म हो रहा है, तो फिर इस कानून की आवश्यकता क्या है?
भाजपा का जवाब: अन्य राज्यों में भी लागू है कानून
भाजपा का तर्क है कि यह कानून केवल महाराष्ट्र में नहीं, बल्कि तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और आंध्र प्रदेश जैसे गैर-भाजपा शासित राज्यों में भी लागू है। इसके बावजूद विपक्ष इसे राजनीतिक हथियार कहकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है।
निष्कर्ष: सवाल विधेयक पर नहीं, मंशा पर उठ रहे हैं
विधेयक को लेकर विवाद की जड़ इसकी परिभाषाएं और प्रयोग की आशंकाएं हैं। विपक्ष का कहना है कि यह कानून विचारधारा-विशेष के खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है, जबकि सरकार इसे देशविरोधी गतिविधियों के विरुद्ध एक आवश्यक कदम बता रही है।
पीएम मोदी की पहल रंग लाई, 51 हजार युवाओं को मिली नौकरी की सौगात
12 Jul, 2025 12:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 51 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए अपॉइंटमेंट लेटर बांटे हैं। इस बीच उन्होंने युवाओं को संबोधित भी किया। पीएम ने युवाओं को संबोधित करते हुए सबसे पहले उन्हें बधाई दी और कहा कि आप सभी ने कड़े परिश्रम से ये सफलता हासिल की है। इस सफलता का आपके जीवन में बहुत बड़ा महत्व है। पीएम ने कहा कि देश में गणेश महोत्सव की धूम चल रही है, इस बीच आप सभी के नए जीवन का भी श्रीगणेश हो रहा है। जब आप जैसे लाखों युवा सरकारी सेवाओं में शामिल होते हैं, तो नीतियों को लागू करने की गति और पैमाने भी बढ़ जाते हैं।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र
इस बीच पीएम ने महिला सशक्तिकरण पर भी बात करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी जिक्र किया। पीएम ने कहा कि आज देश की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। नवनियुक्तों में महिलाएं भी ज्यादा संख्या में है, जो नारी सशक्तिकरण का उदाहरण है। आज हमारा देश ऐतिहासिक उपलब्धियों और फैसलों का साक्षी बन रहा है। कुछ दिन पहले ही नारी शक्ति वंदन अधिनियम के रूप में देश की आधी आबादी को बहुत बड़ी ताकत मिली है। 30 वर्षों से महिला आरक्षण का जो विषय लंबित था, वो रिकॉर्ड वोटों के साथ दोनों सदनों से पास हुआ है। ये मांग तब से हो रही थी, जब आप में से तमाम लोगों का जन्म भी नहीं हुआ होगा। पीएम ने कहा कि ये नई संसद में देश के नए भविष्य की शुरुआत हुई।
तेजी से बढ़ रही है भारत की जीडीपी
पीएम ने कहा कि आज वैश्विक अर्थव्यवस्था में मुश्किलों के बीच भारत की जीडीपी तेजी से बढ़ रही है। हमारे उत्पादन और निर्यात में भारी वृद्धि हुई है। आज देश अपने आधुनिक बुनियादी ढांचे में जितना निवेश कर रहा है, उतना पहले कभी नहीं किया गया है। पीएम ने कहा कि टेक्नोलॉजिकल ट्रांसफॉर्मेशन से गवर्नेंस कैसे आसान होती है, आपने पिछले नौ वर्षों में देखा है। पहले लोग रेलवे स्टेशनों के बुकिंग काउंटरों पर कतारों में खड़े रहते थे। टेक्नोलॉजी ने ये मुश्किल आसान कर दी। आधार कार्ड, डिजिटल लॉकर और ईकेवाईसी ने दस्तावेज़ीकरण की जटिलता को समाप्त कर दिया है। टेक्नोलॉजी से भ्रष्टाचार कम हुआ है और विश्वसनीयता बढ़ी है। बता दें कि रोजगार मेला 46 स्थानों पर आयोजित किया गया था। केंद्र सरकार की भर्तियों के अलावा, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भी भर्तियां की गई हैं। देश भर से नई भर्तियों में चयनित होने वाले नवनियुक्त कर्मचारी डाक विभाग, भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा विभाग, परमाणु ऊर्जा विभाग, राजस्व विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, रक्षा मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और विभागों में काम करेंगे।
अब तक कितने रोजगार मेले हो चुके हैं आयोजित
रोजगार मेले का सिलसिला 22 अक्टूबर 2022 से शुरू हुआ था। इस दिन पहला रोजगार मेला आयोजित किया गया था और इसमें 75 हजार से ज्यादा नियुक्ति पत्र वितरित किए गए थे। इसके बाद दूसरा मेला 22 नवंबर 2022 को आयोजित हुआ, जिसमें 71 हजार से ज्यादा युवाओं को जॉइनिंग लेटर दिए गए। तीसरा मेला 20 जनवरी 2023 और चौथा 13 अप्रैल 2023 को आयोजित हुआ, दोनों में 71-71 हजार से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। पांचवां रोजगार मेला 16 मई, छठा 13 जून और सातवां 22 जुलाई 2023 आयोजित हुआ। इनमें भी 70-70 हजार से ज्यादा युवाओं को जॉइनिंग लेटर दिए गए. आठवां रोजगार मेला 28 अगस्त 2023 को आयोजित किया गया था और इसमें भी 51,000 से ज्यादा युवाओं को देश में सरकारी नौकरी के अपॉइंटमेंट लेटर दिए गए थे। आज 9वां रोजगार मेला है।
संविधान बचाओ रैली में राहुल गांधी का तीखा वार – ‘जनता का खून चूस रही है सरकार’
11 Jul, 2025 11:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भुवनेश्वर: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आज शुक्रवार को ओडिशा के एकदिनी दौरे पर हैं. दोनों नेता भुवनेश्वर बारामुंडा में आयोजित संविधान बचाओ रैली में शामिल हुए.
भुवनेश्वर में संविधान बचाओ रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कुछ नया शुरू हुआ है. ओडिशा में 40,000 से अधिक महिलाएं गायब हो गई हैं. आज तक यह पता नहीं चल पाया है कि ये महिलाएं कहां गईं. यहां हर दिन महिलाओं पर अत्याचार होता है. उनके साथ रेप होता है. ओडिशा में हर दिन 15 महिलाओं के साथ दुष्कर्म होता है. आपकी सरकार चौबीसों घंटे केवल आपका खून चूसती है, आपकी जमीन छीनती है.
उन्होंने कहा कि अडानी ओडिशा की सरकार चलाते हैं, अडानी ही नरेंद्र मोदी को चलाते हैं. जब ओडिशा में जगन्नाथ यात्रा निकलती है, जब जगन्नाथ यात्रा के रथ खींचे जाते हैं, तो लाखों लोग इसे देखते हैं और इसके पीछे चलते हैं. फिर, एक नाटक होता है - अडानी और उनके परिवार के लिए रथ रोक दिए जाते हैं. इससे आपको ओडिशा सरकार के बारे में सब कुछ समझ आ जाएगा. यह ओडिशा सरकार नहीं है, यह अडानी जैसे 5-6 अरबपतियों की सरकार है. इसका लक्ष्य आपकी जमीन, जंगल और भविष्य को छीनना है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि मैं कल गुरुवार को बिहार में था. जिस तरह महाराष्ट्र में चुनाव की चोरी की गई, उसी तरह की कोशिश बिहार में की जा रही है. चुनाव चोरी के लिए चुनाव आयोग ने एक नई साजिश रची है. चुनाव आयोग भाजपा की शाखा के रूप में काम कर रहा है, वह अपना काम नहीं कर रहा है. महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच 1 करोड़ नए मतदाता जुड़े. कोई नहीं जानता कि ये मतदाता कौन थे और कहां से आए. हमने चुनाव आयोग से कई बार मतदाता सूची और वीडियोग्राफी उपलब्ध कराने के लिए कहा, लेकिन चुनाव आयोग ने हमें ये उपलब्ध नहीं कराए. वे बिहार में भी वही चोरी करने जा रहे हैं, जो महाराष्ट्र में की गई थी. मैंने भारतीय गठबंधन के नेताओं से कहा कि हम चुनाव आयोग और भाजपा को बिहार चुनाव की चोरी नहीं करने देंगे.
संविधान बचाओ रैली में राहुल गांधी ने कहा कि ओडिशा सरकार का एक ही काम है - राज्य के गरीब लोगों के हाथों से ओडिशा की संपत्ति चुराना. पहले बीजद सरकार ने यही किया और अब भाजपा सरकार यही कर रही है. एक तरफ ओडिशा की गरीब जनता, दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग, किसान और मजदूर हैं, और दूसरी तरफ 5-6 अरबपति और भाजपा सरकार है. यह लड़ाई जारी है. केवल कांग्रेस कार्यकर्ता, ओडिशा की जनता के साथ मिलकर इस लड़ाई को जीत सकते हैं, कोई और नहीं.
इससे पहले राहुल और खरगे के दौरे को लेकर पार्टी ने तमाम तैयारियां की है. इनके दौरे को लेकर कांग्रेस खेमा बहुत उत्साहित है. बता दें, विधानसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी का यह पहला ओडिशा दौरा है. इसके लिए यातायात व्यवस्था चाक-चौबंद है. संविधान बचाओ रैली को लेकर पार्टी कार्यकर्ता जुटने शुरू भी हो गए हैं. वहीं, यह भी पता चला है कि दोनों नेता इस संविधान बचाओ रैली के अलावा कई कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे.
इस सभा में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होंगे. इस बीच, राहुल गांधी के लंबे समय बाद ओडिशा आने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह देखा जा रहा है. संगठन महासचिव वेणुगोपाल भी कांग्रेस की 'संविधान बचाओ' महारैली में शामिल होंगे. इस बीच, राहुल गांधी के ओडिशा दौरे को देखते हुए भुवनेश्वर कमिश्नरेट पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए एडवाइजरी भी जारी की है.
रैली को संबोधित करने से पहले दोनों नेता भुवनेश्वर में एयरपोर्ट चौक से जयदेव बिहार तक एक रोड शो भी करेंगे. पता चला है कि राहुल गांधी सुबह 11 बजे भुवनेश्वर एयरपोर्ट पहुंचेंगे. उसके बाद वे एयरपोर्ट से बारामुंडा स्क्वायर जाएंगे. रास्ते में विभिन्न चौराहों पर कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी का स्वागत करेंगे. वे दोपहर 12 बजे बरमूडा में संविधान बचाओ रैली में शामिल होंगे.
बैठक के बाद, राहुल गांधी और खरगे किसानों के दो प्रतिनिधिमंडलों से मिलेंगे. यह बैठक दोपहर 3 बजे कांग्रेस भवन में होगी. राहुल और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सबसे पहले राजनीतिक मामलों की समिति के साथ बैठक करेंगे. इसके बाद विधायकों और प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे. शाम 5 बजे उनका दिल्ली लौटने का कार्यक्रम है.
पवन कल्याण का बयान: हिंदी को लेकर डरना क्यों, हर किसी को आनी चाहिए यह भाषा
11 Jul, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद: आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा है कि हिंदी का अंधा विरोध उचित नहीं है, खासकर ऐसे दौर में जब भाषा शिक्षा, रोजगार या व्यवसाय में बाधा नहीं रही. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा विरोध आने वाली पीढ़ियों की प्रगति में बाधा बन सकता है.
गाचीबावली स्थित GMC बालयोगी स्टेडियम में आयोजित राज्य भाषा विभाग के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए पवन कल्याण ने हिंदी को अपनाने की व्यावहारिक आवश्यकता पर जोर दिया, खासकर विभिन्न क्षेत्रों में इसके बढ़ते प्रभाव को देखते हुए.
उन्होंने पूछा, "हम दूसरे देशों में जाकर उनकी भाषाएं सीखते हैं. फिर हिंदी को लेकर इतना डर क्यों है?" उन्होंने आगे कहा, "जब हम अंग्रेजी में आराम से बात कर लेते हैं, तो हिंदी में बात करने में हमें झिझक क्यों होती है?"
हिंदी में डब की जा रही फिल्में
बता दें कि 'दक्षिण संवादम' विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं. पवन कल्याण ने बताया कि 31 प्रतिशत दक्षिण भारतीय फिल्में हिंदी में डब की जा रही हैं, जिससे अच्छी-खासी कमाई हो रही है.
उन्होंने सवाल किया, "क्या आपको व्यवसाय के लिए हिंदी की जरूरत है या नहीं?" उन्होंने आगे कहा कि हिंदी सीखने का मतलब अपनी पहचान खोना नहीं है.
'हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है'
उन्होंने कहा, "अब्दुल कलाम तमिल थे फिर भी उन्हें हिंदी से प्यार था. हमें सांस्कृतिक गौरव को भाषाई कठोरता से नहीं जोड़ना चाहिए. चाहे कितनी भी भाषाएं हों, हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है. अगर मातृभाषा मां है, तो हिंदी हमारी दादी जैसी है. दूसरी भाषा को अपनाने का मतलब खुद को खोना नहीं, बल्कि साथ मिलकर आगे बढ़ना है."
उन्होंने लोगों से भाषा की राजनीति से ऊपर उठकर सोचने और यह सोचने का आग्रह किया कि अगली पीढ़ी को क्या लाभ होगा. उन्होंने कहा, "हिंदी बोलने से इनकार करना भविष्य के अवसरों के द्वार बंद करने जैसा है."
भारतीय भाषाओं के लिए स्वर्णिम काल
इस दौरान केंद्रीय मंत्री जे किशन रेड्डी ने कहा कि पीएम मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में भारतीय भाषाओं के लिए स्वर्णिम काल चल रहा है.पिछले एक दशक में राष्ट्र विभाग ने हिंदी समेत अन्य भारतीय भाषाओं की सक्रीयता बढ़ाने के लिए अलग-अलग काम किए हैं.
मेरा जन्म हिंदुत्व की सेवा के लिए...', इस्तीफा देने के बाद राजा सिंह का बयान, कहा- फैसला व्यक्तिगत लाभ से प्रेरित नहीं
11 Jul, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गोशामहल से विधायक राजा सिंह का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. इस्तीफा स्वीकार किए जाने के कुछ ही घंटों बाद राजा सिंह ने एक भावुक बयान जारी कर हिंदुत्व और हिंदू समुदाय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
राजा सिंह ने कहा, "ठीक 11 साल पहले मैं जनता, देश की सेवा और हिंदुत्व की रक्षा के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुआ था." उन्होंने लगातार तीन बार तेलंगाना विधानसभा चुनावों में टिकट देने के लिए पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया.
'व्यक्तिगत लाभ से प्रेरित नहीं था फैसला'
सिंह ने स्पष्ट किया कि इस्तीफा देने का उनका फैसला किसी पद, शक्ति या व्यक्तिगत लाभ से प्रेरित नहीं था. उन्होंने कहा, "यह फैसला किसी पद या स्वार्थ के कारण नहीं लिया गया है. मैं शायद दिल्ली तक उन लाखों बीजेपी कार्यकर्ताओं का दर्द नहीं पहुंचा पाऊंगा जो तेलंगाना में भाजपा की सरकार देखने के लिए दिन-रात प्रयास कर रहे हैं."
'मेरा जन्म हिंदुत्व की सेवा के लिए हुआ है'
अपने जीवन भर के मिशन को दोहराते हुए सिंह ने कहा, "मेरा जन्म हिंदुत्व की सेवा के लिए हुआ है और मैं अपनी अंतिम सांस तक ऐसा करता रहूंगा. मैं हिंदुत्व और सनातन धर्म की रक्षा के लिए हमेशा पूरी निष्ठा से काम करता रहूंगा." उन्होंने अपने संदेश का अंत समाज सेवा और हिंदू समुदाय के अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहने के संकल्प के साथ किया.
राजा सिंह का इस्तीफा स्वीकार
इससे पहले बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव अरुण सिंह ने राजा सिंह के पत्र को लेकर कहा, " यह 30 जून, 2025 को लिखे आपके पत्र का संदर्भ है, जो आपने भाजपा तेलंगाना प्रदेश के अध्यक्ष जी किशन रेड्डी जी को पार्टी से अपने इस्तीफे के संबंध में लिखा था.
अरुण सिंह ने कहा कि उपरोक्त पत्र माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के संज्ञान में लाया गया है. आपके द्वारा उल्लिखित विषयवस्तु अप्रासंगिक है और पार्टी की कार्यप्रणाली, विचारधारा और सिद्धांतों से मेल नहीं खाती. माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशानुसार मैं सूचित करता हूं कि आपका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है.
नेताओं की उम्र सीमा पर संघ प्रमुख का सुझाव, 75 पार नेताओं की राजनीति पर गरमाया माहौल
11 Jul, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत की एक टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति 75 साल का हो जाता है, तो उसे खुद रुक जाना चाहिए और दूसरों के लिए रास्ता छोड़ देना चाहिए. यह बात उन्होंने नागपुर में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कहीं.
राजनीतिक गलियारे में नई बहसः मोहन भागवत के बयान ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है. राजनीतिक गलियारे में इस बयान के मायने निकाले जा रहे हैं. क्या राजनीति में भी उम्र की एक सीमा तय होनी चाहिए? खास बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अब उस उम्र के करीब पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी और मोहन भागवत इस साल सितंबर में 75 साल के हो जाएंगे.
क्या कहा था मोहन भागवत नेः नागपुर में बुधवार 9 जुलाई को दिवंगत RSS विचारक मोरोपंत पिंगले को समर्पित एक पुस्तक विमोचन में भागवत ने याद दिलाया कि पिंगले ने एक बार कहा था, 'जब 75 साल की शॉल ओढ़ाई जाती है तो अर्थ होता है कि हमारी उम्र हो चुकी है और अब थोड़ा किनारे हो जाना चाहिए.' आरएसएस चीफ ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा के प्रति अपने समर्पण के बावजूद मोरोपंत समय आने पर विनम्रतापूर्वक पीछे हटने में विश्वास रखते थे.
क्या था कार्यक्रमः आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने संघ के विचारक दिवंगत मोरोपंत पिंगले को 'पूर्ण निस्वार्थता की प्रतिमूर्ति' बताया. नागपुर में एक पुस्तक विमोचन समारोह में भागवत ने राष्ट्र निर्माण के प्रति पिंगले के 'मौन समर्पण' और विभिन्न विचारधारा वाले लोगों से जुड़ने की उनकी क्षमता की सराहना की. 'मोरोपंत पिंगले: द आर्किटेक्ट ऑफ हिंदू रिसर्जेंस' पुस्तक का विमोचन करने के बाद, भागवत ने जटिल विचारों को सरल भाषा में समझाने की अद्वितीय क्षमता को याद किया.
मोरोपंत ने क्या भविष्यवाणी की थीः भागवत ने कहा, 'मोरोपंत पूर्ण निस्वार्थता की प्रतिमूर्ति थे'. उन्होंने अनेक काम यह सोचकर किए कि यह कार्य राष्ट्र निर्माण में सहायक होगा.' आपातकाल के बाद राजनीतिक मंथन के दौरान पिंगले की भविष्यवाणियों का हवाला देते हुए भागवत ने कहा, 'जब चुनाव का मुद्दा चर्चा में आया, तो मोरोपंत ने कहा था कि अगर सभी विपक्षी दल एकजुट हो जाएं तो लगभग 276 सीटें जीती जा सकती हैं. जब नतीजे आए, तो जीती गई सीटों की संख्या 276 ही थी.'
पीएम मोदी के लिए अप्रत्यक्ष संदेशः आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शुक्रवार को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बीच सब कुछ ठीक नहीं होने की आशंका जतायी. उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी के लिए एक अप्रत्यक्ष संदेश है, जो इस साल के अंत में 75 साल के हो जाएंगे.
विधायकों की क्लास लगाएगी कांग्रेस, राहुल गांधी VC से करेंगे संबोधित
11 Jul, 2025 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में बीजेपी की तरह विधायक और नेताओं की ट्रेनिंग की जाएगी। धार के मांडू में दो दिन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा. 21- 22 जुलाई को ट्रेनिंग का आयोजन किया जाएगा। विधायकों को प्रशिक्षण देने के दिल्ली से ट्रेनर आएंगे, जो मध्य प्रदेश के विधायकों को ट्रेनिंग देंगे। पिछले दिनों भाजपा ने भी पचमढ़ी में विधायकों को दो दिन ट्रेनिंग में प्रशिक्षण दिया।
मानसून सत्र को लेकर प्लानिंग बनेगी
कांग्रेस नेताओं की माने तो विधायकों को प्रशिक्षण देने के लिए दिल्ली से ट्रेनर आएंगे। भविष्य की रणनीति और मानसून सत्र को लेकर प्लानिंग बनेगी। विधायकों को बताया जाएगा कैसे विपक्ष को घेरें और जनता के बीच जाकर सरकार की कमियों को गिनाए।विधायक और संगठन के बीच समन्वय और जनता की मुद्दे को किस तरीके से उठाया जाए। इसको लेकर उन्हें टिप्स दिए जाएंगे ट्रेनिंग का कांग्रेस में नाम भी दिया है। नव संकल्प के नाम से कांग्रेस विधायकों की ट्रेनिंग होगी। इस ट्रेनिंग में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल सहित कई नेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विधायकों को संबोधित भी करेंगे। हालांकि जब भी मानसून सत्र या फिर विधानसभा शुरू होना होता है, विपक्ष विधायक दल की बैठक बुलाता है। लेकिन यह पहली बार हो रहा है कि उन्हें बाकायदा ट्रेनिंग के लिए बड़े नेता संबोधित करेंगे। खास तौर पर मध्य प्रदेश के ज्वलनशील मुद्दों को लेकर किस तरीके से विधानसभा में सवाल उठते हैं। इसको लेकर भी तैयारी ट्रेनिंग के दौरान कराई जाएगी।
मानसून सत्र के चलते वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ेंगे नेता
मध्य प्रदेश के अलावा दिल्ली में भी संसद का मानसून सत्र इस दौरान चलेगा। इसलिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ने के लिए दिल्ली के नेताओं को कहा गया है। बड़े नेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विधायकों को संबोधित करेंगे। फिलहाल 21 जुलाई से दिल्ली में संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। उससे पहले मध्य प्रदेश में भी ट्रेनिंग का दौर चलेगा।
मोहन सरकार पेश करेगी मानसून सत्र में सप्लीमेंट्री बजट
28 जुलाई को मध्य प्रदेश में विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है। इस मानसून सत्र में सरकार अपना सप्लीमेंट्री बजट पेश करेगी करीब एक सप्ताह तक चलने वाले मानसून सत्र में विधायकों ने पूरी तैयारी कर ली है। कांग्रेस विधायक मध्य प्रदेश में हो रहे भ्रष्टाचार के मामले को भी उजागर करेगी। इस रणनीति पर भी चर्चा के लिए ट्रेनिंग में अलग से नेता प्रतिपक्ष विधायकों के साथ बैठक करेंगे।
राष्ट्रपति मुर्मू का ओडिशा दौरा: 14 जुलाई से शुरू होगा दो दिवसीय प्रवास
11 Jul, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भुवनेश्वर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 14 जुलाई को दो दिवसीय दौरे पर ओडिशा आ रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान राष्ट्रपति अखिल भारतीय आय़ुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भुवनेश्वर और कटक स्थित रावेनशॉ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोहों में भाग लेंगी। मीडिया रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि मुर्मू रावेनशॉ गर्ल्स हाईस्कूल में विकास कार्यों की आधारशिला रखेंगी, आदिकवि सरला दास के 600वीं जयंती समारोह में हिस्सा लेने कटक जाएंगी और कलिंग रत्न पुरस्कार 2024 के विजेताओं को सम्मानित करेंगी।
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति 15 जुलाई की शाम को वापस नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी। राष्ट्रपति के दौरे की तैयारियों का जायजा लेने मुख्य सचिव मनोज आहूजा ने एक उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति के स्वागत और विदाई के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को राजभवन में अस्थायी आवास का इंतजाम करने, सुरक्षा बढ़ाने, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था करने और आयोजन स्थलों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति तय करने को भी कहा है।
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