राजनीति
जान चली गई पर न्याय नहीं मिला: भुवनेश्वर में छात्रा की मौत पर राहुल गांधी ने कानून व्यवस्था पर लगाए गंभीर आरोप
15 Jul, 2025 03:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भुवनेश्वर। न्याय के लिए एक छात्रा ने गुहार लगाते लगाते जान दे दी पर उसे न्याय नहीं मिला। फकीर मोहन स्वशासी महाविद्यालय में एक शिक्षक द्वारा प्रताड़ित किए जाने के बाद आत्महत्या करने वाली सौम्यश्री बीसी की सोमवार देर रात मौत हो गई। कांग्रेस सांसद और विपक्षी नेता राहुल गांधी ने इस पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ओडिशा में इंसाफ़ के लिए लड़ती एक बेटी की मौत, सीधे-सीधे भाजपा के सिस्टम द्वारा की गई हत्या है। उस बहादुर छात्रा ने यौन शोषण के खिलाफ आवाज उठाई - लेकिन न्याय देने के बजाय, उसे धमकाया गया, प्रताड़ित किया गया, बार-बार अपमानित किया गया। उन्होंने आगे लिखा, जिन्हें उसकी रक्षा करनी थी, वही उसे तोड़ते रहे। हर बार की तरह भाजपा का सिस्टम आरोपियों को बचाता रहा - और एक मासूम बेटी को खुद को आग लगाने पर मजबूर कर दिया। ये आत्महत्या नहीं, सिस्टम द्वारा संगठित हत्या है। मोदी जी, ओडिशा हो या मणिपुर - देश की बेटियां जल रही हैं, टूट रही हैं, दम तोड़ रही हैं। और आप? खामोश बने बैठे हैं। देश को आपकी चुप्पी नहीं, जवाब चाहिए। भारत की बेटियों को सुरक्षा और इंसाफ चाहिए। उल्लेखनीय है कि बालेश्वर के भोगराई प्रखंड के पलासिया गांव में सौम्याश्री का पार्थिव शरीर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया।
निशिकांत ने राहुल को घेरा कहा- नेहरू ने उड़ीसा का चरबटिया एयरपोर्ट अमेरिका को दिया
15 Jul, 2025 02:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक बार फिर कांग्रेस पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने एक पोस्ट में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर बड़ा आरोप लगाया है। दुबे ने लिखा कि राहुल गांधी और कांग्रेस के परिवार का अमेरिका के आगे सरेंडर। नेहरूजी ने 1963 में हमारे उड़ीसा का चरबटिया एयरपोर्ट अमेरिका को दे दिया। गुलामी और देश बेचने,तोड़ने की मानसिकता ने हमें पाकिस्तान की तरह अमेरिका के सामने खड़ा कर दिया। इस काले अध्याय से मन विचलित भी है,व्यथित भी।
बीजेपी सांसद ने अपने आरोपों के लिए पोस्ट के साथ एक डॉक्यूमेंट भी शेयर किया है। ये कोई पहली बार नहीं है जब निशिकांत दुबे ने नेहरू, राहुल गांधी और कांग्रेस पर अटैक किया है। एक दिन पहले भी उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी को टारगेट किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि डूब मरो कांग्रेसी यह अमेरिका की सरकार का गोपनीय दस्तावेज है जो 2013-14 में जनता के सामने आया। उन्होंने ये भी बताया कि इस डॉक्यूमेंट में क्या-क्या है।
निशिकांत दुबे के एक्स पर दो डॉक्यूमेंट शेयर किए और इन डॉक्यूमेंट के जरिए कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा- उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, बंगाल, सिक्किम, असम में कैंसर, दमा, टीबी, डायबिटीज का जिम्मेदार नेहरू जी अमेरिका का समझौता है। 1962 में नेहरू जी के साथ हिमालय पर न्यूक्लियर जेनेरेटर बैठाने का समझौता हुआ और 1963-65 में सीबीआई बनाने के बाद पहला मामला यही सीआईए के साथ अंजाम दिया। न्यूक्लियर जेनेरेटर आज भी मौजूद जिसके कारण पूरा पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत बर्बाद करने का बीड़ा कांग्रेस ने उठाया
पप्पू यादव ने दिया तेजस्वी को झटका कहा- कांग्रेस दलित को बनाएगी सीएम का चेहरा
15 Jul, 2025 12:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात के बाद बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासी हलचल मचाने वाला बयान दिया। उन्होंने इशारों में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार मानने से इनकार करते हुए राजेश राम और तारिक अनवर को कांग्रेस की ओर से संभावित चेहरे के रूप में पेश किया। बता दें कि पप्पू यादव अपनी जन अधिकार पार्टी को कांग्रेस में विलय कर चुके हैं। वह कांग्रेस के बड़े नेताओं के संपर्क में हैं। हाल में ही राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात के बाद कहा कि उन्हें दोनों नेताओं का आशीर्वाद प्राप्त है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी की प्राथमिकता एनडीए और बीजेपी को रोकना है। पप्पू यादव ने बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम को बड़ी भूमिका सौंपे जाने की बात कही और उन्हें संभावित मुख्यमंत्री चेहरों में से एक बताया। इसके साथ ही उन्होंने तारिक अनवर का नाम भी प्रस्तावित किया, जिससे तेजस्वी यादव की उम्मीदवारी पर सवाल उठ गए।
पप्पू यादव के इस बयान ने महागठबंधन में दरार की अटकलों को हवा दी है, जबकि राजद ने स्पष्ट किया कि तेजस्वी यादव ही उनके नेता रहेंगे। राजद ने उनके बयान को खारिज करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव 2020 की तरह ही 2025 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन का नेता हैं। वहीं, दूसरी ओर पप्पू यादव का कांग्रेस के नेताओं को आगे करने वाला यह बयान बिहार की राजनीति में नये मोड़ का संकेत देता हुआ प्रतीत हो रहा है। पप्पू यादव ने स्पष्ट किया कि वह स्वयं मुख्यमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं, लेकिन कांग्रेस की ओर से तेजस्वी यादव को सीएम उम्मीदवार घोषित करने पर भी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। हालांकि, उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का अंतिम निर्णय ही मायने रखेगा। जाहिर है पप्पू यादव का यह बयान महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठाता है, खासकर तब जब राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने दोहराया कि 2020 की तरह 2025 में भी तेजस्वी यादव ही उनके नेता हैं और मुख्यमंत्री पद का चेहरा भी।
जानकार बताते हैं कि पप्पू यादव का तेजस्वी को सीएम चेहरा न मानना और हाल के बिहार बंद में उनके साथ मंच साझा न करने की घटना महागठबंधन में तनाव का संकेत देती है। बीते 9 जुलाई को पटना में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ चक्का जाम के दौरान पप्पू यादव और कन्हैया कुमार को मंच पर जगह नहीं दी गई थी, जिसे राजद के दबदबे से जोड़कर देखा गया। पप्पू यादव ने इसे अपमान न मानते हुए जनता के लिए बलिदान बताया, लेकिन उनके ताजा बयान से साफ है कि वह राजद की एकछत्र भूमिका को चुनौती दे रहे हैं। जानकारों का मानना है कि पप्पू यादव का यह कदम सीमांचल क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ और मुस्लिम-यादव वोट बैंक पर प्रभाव को बताता है। उनकी स्वतंत्र उम्मीदवाक के तौर पर जीत और लोकप्रियता महागठबंधन के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन राजद के साथ उनकी तल्खी गठबंधन की रणनीति को प्रभावित कर सकती है। दूसरी ओर, कांग्रेस बिहार में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में है और राहुल गांधी की लगातार यात्राओं से दलित और शहरी वोटरों को लुभाने की रणनीति बना रही है।
नेतृत्व को लेकर मतभेद गहरा
दूसरी ओर राजद प्रवक्ता मृत्युंजय कुमार तिवारी ने पप्पू यादव के बयान को उनकी निजी राय बताकर पल्ला झाड़ लिया, लेकिन यह स्पष्ट है कि महागठबंधन में सीट बंटवारे और नेतृत्व को लेकर मतभेद गहरा रहे हैं। अगर कांग्रेस तेजस्वी को सीएम चेहरा घोषित करने में देरी करती है तो गठबंधन की एकता खतरे में पड़ सकती है। पप्पू यादव का यह रुख बिहार की सियासत में नया मोड़ ला सकता है, जहां एनडीए के खिलाफ लड़ाई में विपक्ष की एकजुटता अहम होगी।
बिहार चुनाव के लिए महागठबंधन में होगी इन 2 नए दलों की एंट्री! दलित-आदिवासी वोट बैंक को साधने का प्लान
14 Jul, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव का काउंटडाउन चालू है. सीट शेयरिंग को लेकर इंडिया गठबंधन यानी महागठबंधन में बैठकों का दौर चल रहा है. शनिवार को पांचवें दौड़ की बैठक के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि जल्द ही सीटों का बंटवारा हो जाएगा. इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (आरएलजेपी) और झारखंड की सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के भी गठबंधन में शामिल होने की चर्चा जोरों पर है.
इन 2 दलों को मिलेगी एंट्री?: महागठबंधन में अभी 6 दल शामिल हैं. इनमें आरजेडी, कांग्रेस, वीआईपी, सीपीआई, सीपीआईएम और सीपीआई माले शामिल हैं. एनडीए से नाता तोड़ने वाले पशुपति पारस भी तेजस्वी के साथ आना चाहते हैं, जबकि झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में आरजेडी और कांग्रेस भी सहयोगी है. ऐसे में जेएमएम को भी साथ लाने की तैयारी है. हालांकि सीटों को लेकर दोनों दलों के साथ पेंच फंसा हुआ है.
महागठबंधन में आना चाहते हैं पारस?: 2024 लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी को एनडीए की तरफ से बिहार में एक भी सीट चुनाव लड़ने के लिए नहीं दिया गया. हालांकि पशुपति कुमार पारस ने ठीक चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था लेकिन उन्होंने एनडीए के लिए कई सीटों पर प्रचार किया था. वहीं, इसी साल अंबेडकर जयंती के अवसर पर उन्होंने एनडीए से अलग होने का औपचारिक ऐलान कर दिया. उसी के बाद से उनके इंडिया गठबंधन में शामिल होने की चर्चा होने लगी.
लालू-तेजस्वी से कई बार मिले: पशुपति कुमार पारस ने खुलकर इंडिया गठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई है. रामविलास पासवान की जयंती के अवसर पर पशुपति कुमार पारस ने बहुत जल्द इंडिया गठबंधन में शामिल होने की बात भी कही थी. उस दिन उनकी नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मुलाकात भी हुई थी. जहां तेजस्वी ने पारस को अभिभावक बताया था. इससे पहले भी पारस कई बार लालू और तेजस्वी से मिल चुके हैं. हालांकि सीटों को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है.
हेमंत भी चाहते हैं गठबंधन: झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन की सरकार है. इस सरकार में राष्ट्रीय जनता दल भी कांग्रेस के साथ सहयोगी दल के रूप में शामिल है. हेमंत भी बिहार में इंडिया गठबंधन में शामिल होना चाहते हैं. झारखंड से सटे बांका और जमुई के इलाकों में कई विधानसभा क्षेत्र में आदिवासियों की संख्या अच्छी खासी है. यही कारण है कि झारखंड से सटे हुए विधानसभा क्षेत्र में झामुमो अपना प्रत्याशी भी उतारता रहा है.
सीटों को लेकर पेंच बरकरार: बिहार सरकार के मंत्री सुमित सिंह पहली बार चकाई विधानसभा क्षेत्र से झामुमो के टिकट पर ही विधायक चुने गए थे. यही कारण है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा भी बिहार में कुछ सीटों पर चुनाव लड़ना चाहता है. हेमंत सोरेन की पार्टी भी यहां इंडिया गठबंधन में शामिल होना चाह रही है लेकिन यहां भी सीट शेयरिंग को लेकर विवाद है. जिस वजह से महागठबंधन की बैठकों में नहीं बुलाया जा रहा है.
किस दल का कितनी सीटों पर दावा?: बिहार विधानसभा में कुल 243 सीट है. महागठबंधन के 6 घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई. कांग्रेस 2020 सीट शेयरिंग के फार्मूले के आधार पर 70 सीटों पर दावा कर रही है. वही मुकेश साहनी की पार्टी 60 सीट, सीपीआईएमएल 40 और सीपीआई और सीपीएम दो दर्जन सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा कर रही है. यही कारण है कि गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है.
क्या था 2020 सीट शेयरिंग का फॉर्मूला?: 2020 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के 5 घटक दलों ने एक साथ चुनाव लड़ा था. 2020 विधानसभा चुनाव में आरजेडी, कांग्रेस, सीपीआईएमएल, सीपीआई और सीपीएम ने एक साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जो सीट शेयरिंग का फार्मूला तय किया गया उसके अनुसार आरजेडी 144, कांग्रेस 70, सीपीएम को 4, सीपीआई को 6 और सीपीआई माले को 19 सीट दी गई थी.
क्या बोले आरएलजेपी प्रवक्ता?: राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण कुमार अग्रवाल का कहना है कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस लगातार बोल रहे हैं कि वह इंडिया गठबंधन के साथ जाएंगे, उनका लक्ष्य है कि बिहार से एनडीए की सरकार को हटाना है. खुद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 5 जुलाई को स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती समारोह पर स्पष्ट कर दिया है कि पारस जी के साथ उनका पारिवारिक संबंध है.
"आरएलजेपी के इंडिया गठबंधन में शामिल करने को लेकर जल्द ही घोषणा हो जाएगी. इंडिया गठबंधन के घटक दलों के साथ रालोजपा का अंडरस्टैंडिंग बहुत अच्छा है. लोगों का एक ही लक्ष्य है बिहार में सामाजिक न्याय की सरकार बनाना"- श्रवण अग्रवाल- राष्ट्रीय प्रवक्ता, आरएलजेपी
गठबंधन में कोई दिक्कत नहीं: आरजेडी के प्रवक्ता एजाज अहमद का कहना है कि इंडिया गठबंधन के समन्वय समिति की बैठक में लगातार इस बात को लेकर चर्चा चल रही है. सभी दल इस बात को लेकर एकमत है कि बिहार में नफरत फैलाने वाली सरकार जो संवैधानिक शक्तियों को कमजोर कर रही है, इस डबल इंजन की सरकार के खिलाफ एकजुट होकर मैदान में जाएंगे. तेजस्वी यादव के हाथों को मजबूत करने के लिए सभी दल एकजुट हैं.
"पारस जी एवं झामुमो के मामले को लेकर इंडिया गठबंधन की कल की बैठक में भी चर्चा हुई है. इसको लेकर स्मूथली वार्ता हो रही है समय आने पर सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा समय का इंतजार कीजिए. हम बिहार में ऐसी सरकार देंगे जो बिहार के लिए नजीर पेश करेगी"- एजाज अहमद, प्रवक्ता, राष्ट्रीय जनता दल
कोऑर्डिनेशन कमिटी करेगी निर्णय: कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौर का कहना है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इंडिया गठबंधन का सदस्य है. राष्ट्रीय परिपेक्ष में देखा जाए तो जेएमएम हमारा इंडिया एयरलाइंस का पार्टनर है, लेकिन राज्यों के परिपेक्ष में जहां क्षेत्रीय दल एवं कांग्रेस के बीच समन्वय कैसे बने इसको लेकर बिहार में इंडिया गठबंधन के कोऑर्डिनेटर एवं अन्य सदस्य तय करेंगे.
"इंडिया गठबंधन में यदि कोई अन्य दल शामिल होना चाहता है तो उसमें कोई दिक्कत नहीं लेकिन इसका फैसला बिहार में इंडिया गठबंधन को नेतृत्व करने वाले एवं सभी सहयोगी दल के बड़े नेता तय करेंगे."- राजेश राठौर, प्रवक्ता, कांग्रेस
क्या कहते हैं जानकार?: इंडिया गठबंधन में पशुपति कुमार पारस की पार्टी एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा की एंट्री में हो रही देरी पर वरिष्ठ पत्रकार रवि उपाध्याय का कहना है कि आरएलजेपी और झामुमो की इंडिया गठबंधन में एंट्री तय है, क्योंकि इंडिया गठबंधन के 6 घटक दलों के बीच अभी खुद सीटों का बंटवारा तय नहीं हुआ है. यही कारण है कि इन दोनों दलों की एंट्री गठबंधन में नहीं हो पाई.
बहुत जल्द हो सकता है ऐलान: रवि उपाध्याय का कहना है कि पशुपति कुमार पारस के बहाने तेजस्वी यादव की नजर दलित वोट बैंक पर है. इसके अलावा सूरजभान सिंह की पकड़ भूमिहार बहुल मुंगेर, नवादा, बेगूसराय और लखीसराय इलाके में है, जिसका लाभ इंडिया गठबंधन को हो सकता है. इसीलिए आरएलजेपी की एंट्री इंडिया गठबंधन में बहुत जल्द हो जाएगी. जहां तक झामुमो का सवाल है तो उसके साथ राजद झारखंड में सरकार में शामिल है. झारखंड से सटे हुए इलाकों में एवं आदिवासी बहुल क्षेत्र में झामुमो चुनाव लड़ना चाहती है.
"पशुपति कुमार पारस लगभग एक दर्जन सीट एवं झामुमो तीन से चार सीट पर चुनाव लड़ने की मांग कर रहा है. जैसे ही इंडिया गठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारा पर सहमति बन जाएगी, दोनों दलों की इंडिया गठबंधन में एंट्री हो जाएगी."- रवि उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार
कविंदर गुप्ता लद्दाख के उपराज्यपाल नियुक्त, अशोक गजपति राजू गोवा के राज्यपाल बनाए गए
14 Jul, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रो. असीम कुमार घोष को हरियाणा का राज्यपाल नियुक्त किया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री अशोक गजपति राजू को गोवा का राज्यपाल बनाया गया है. वहीं कविंदर गुप्ता को लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया. कविंदर गुप्ता जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं.
राष्ट्रपति भवन ने सोमवार को नई नियुक्तियों की जानकारी दी. आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि ये नियुक्तियां उनके संबंधित पदों का कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होंगी.
राष्ट्रपति भवन ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल ब्रिगेडियर बीडी मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और कविंदर गुप्ता को लद्दाख का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है.बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति मुर्मू ने इन नियुक्तियों पर खुशी जताई है.
कविंदर गुप्ता का राजनीतिक करियर
कविंदर गुप्ता की निगती जम्मू-कश्मीर में भाजपा के बड़े नेताओं में होती है. वह लंबे समय से राजनीति में हैं. वह 1993 से 1998 तक भारतीय युवा मोर्चा की जम्मू और कश्मीर इकाई के प्रमुख रहे. गुप्ता 2005 से 2010 तक, लगातार तीन बार जम्मू शहर के मेयर चुने गए.
2014 के जम्मू और कश्मीर विधानसभा चुनाव में वह भाजपा की तरफ से जम्मू के गांधीनगर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए. 19 मार्च 2015 को गुप्ता जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए. 30 अप्रैल 2018 को, गुप्ता को जम्मू-कश्मीर राज्य का उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया. 19 जून 2018 को, गुप्ता ने शपथ लेने के 51 दिन बाद उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया क्योंकि भाजपा ने पीडीपी के साथ गठबंधन तोड़ लिया था.
अशोक गजपति राजू का राजनीतिक सफर
टीडीपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अशोक गजपति राजू आंध्र प्रदेश के वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं में से एक हैं. 16 जून, 1951 को जन्मे, राजू सात बार विधायक और एक बार सांसद रह चुके हैं. वह पहली बार 1978 में जनता पार्टी की ओर से विधायक चुने गए थे, बाद में टीडीपी में शामिल हो गए. टीडीपी से छह बार विधायक और एक बार सांसद चुने गए. उन्होंने 2014 में टीडीपी से लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में केंद्र सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री के रूप में कार्य किया.
अशोक गजपति राजू ने आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एनटी रामा राव की सरकार में मंत्री रहे और कई प्रमुख विभागों का कार्यभार संभाला. वह लंबे समय तक टीडीपी पोलित ब्यूरो के सदस्य रहे हैं. 2024 के चुनावों में, अशोक गजपति राजू की बेटी अदिति गजपति राजू विजयनगरम से विधायक चुनी गईं.
पंजाब कैबिनेट ने बेअदबी कानून को मंजूरी दी, उम्रकैद तक की सजा, जुर्माने का भी प्रावधान
14 Jul, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: पंजाब कैबिनेट ने बेअदबी के मामलों पर सख्त कानून बनाने के लिए तैयार किए गए विधेयक को मंजूरी दे दी है. इस कानून में धार्मिक ग्रंथों और धार्मिक स्थलों का अपमान करने वालों को उम्रकैद की सजा का प्रावधान है. विधान सभा में विधेयक पेश होने के बाद इसे लागू करने से पहले विभिन्न संगठनों और आम जनता से भी राय ली जाएगी.
इस ड्राफ्ट में किसी भी धर्म या धार्मिक ग्रंथ से संबंधित बेअदबी का आरोपी पाए जाने पर कम से कम 10 साल की जेल का प्रस्ताव है, जिसे उम्रकैद तक बढ़ाया जा सकता है. अगर आरोपी नाबालिग है तो माता-पिता को भी पक्षकार बनाया जाएगा. इसे द पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ऑफेंस अगेंस्ट हॉली स्क्रिप्चर एक्ट 2025 नाम दिया गया है.
बेअदबी विरोधी कानून का उद्देश्य माता-पिता या अभिभावकों को, जो 'जानबूझकर या अन्यथा आरोपी बालक या मानसिक विक्षिप्त या विकलांग व्यक्ति को नियंत्रित करने और प्रबंधित करने के अपने कर्तव्य को पूरा करने में चूक जाते हैं या विफल हो जाते है उन्हें आरोपी माने जाने का प्रावधान भी ड्राफ्ट मे किया गया हैं
कानून में जुर्माना का भी प्रावधान
मसौदा प्रस्ताव में कहा गया है कि अगर ऐसा अपराध सांप्रदायिक दंगों को भड़काता है, जिससे मानव जीवन की हानि होती है या सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान होता है, तो सजा 20 वर्ष से लेकर शेष जीवन तक हो सकती है, साथ ही 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. अधिकतम सजा पाने वाले या जुर्माना ना भरने वालों के लिए पैरोल या फरलो का कोई प्रावधान नहीं है।
अगर ग्रंथी, पाठी सिंह, सेवादार, रागी, ढाडी, प्रबंधक, पंडित, पुरोहित, मौलवी या पादरी - जिन्हें अपने पवित्र धर्मग्रंथों से संबंधित धार्मिक कर्तव्यों का पालन करने के लिए नियुक्त किया जाता है - इस कानून के तहत किसी अपराध का दोषी पाया जाता है, तो उन्हें उस कैटेगरी के अपराध के लिए निर्धारित की गई अधिकतम सजा मिलेगी.
साजिश रचने वालों पर भी होगा एक्शन
इस कानून के तहत बेअदबी की साजिश रचने वालों या इसे भड़काने वालों पर भी मुकदमा चलाया जाएगा. साथ ही उन लोगों पर भी मुकदमा चलाया जाएगा जो धार्मिक पूजा या धार्मिक समारोहों में बाधा डालते हैं, या उन्हें परेशान करते हैं. प्रस्तावित अधिनियम का मसौदा इस विधानसभा के जारी विशेष सत्र की दौरान ही तैयार किया गया है.
आज से ओडिशा के दो दिनी दौरे पर राष्ट्रपति मुर्मू, दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल
14 Jul, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भुवनेश्वर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सोमवार से ओडिशा के दो दिवसीय दौरे हैं। राष्ट्रपति अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) और कटक में रावेनशॉ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोहों में भाग लेंगी। राष्ट्रपति मुर्मू भुवनेश्वर पहुंचने के बाद सोमवार शाम को एम्स के पांचवें दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी। मंगलवार को वह कटक जाएंगी, जहां वह रावेनशॉ विश्वविद्यालय के 13वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी और विभिन्न क्षेत्रों में योगदान के लिए प्रसिद्ध हस्तियों को मानद उपाधियां प्रदान करेंगी।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि वह रावेनशॉ बालिका उच्च विद्यालय की तीन इमारतों के पुनर्विकास की आधारशिला भी रखेंगी। बयान के मुताबिक, वह कटक में आदिकवि सरला दास की जयंती पर आयोजित समारोह में शामिल होंगी और कलिंग रत्न पुरस्कार-2024 भी प्रदान करेंगी।
राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भुवनेश्वर और कटक में राष्ट्रपति के दोनों कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
भुवनेश्वर-कटक पुलिस आयुक्तालय ने राष्ट्रपति की यात्रा के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। राष्ट्रपति की यात्रा के लिए पुलिस बल की कम से कम 70 टुकड़ी (एक टुकड़ी में 30 जवान होते हैं) और 300 अधिकारी तैनात किए गए हैं।
रावेनशॉ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय के। नायक ने कहा कि प्रसिद्ध परमाणु भौतिक विज्ञानी और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बार्क) के पूर्व निदेशक डॉ। अजीत कुमार मोहंती को स्वास्थ्य सेवा, खाद्य सुरक्षा और जल सुरक्षा सहित परमाणु ऊर्जा से संबंधित सामाजिक उद्देश्यों में उनके विशिष्ट योगदान के लिए मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।मोहंती वर्तमान में परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव और परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ सांसद भर्तृहरि महताब को भी मानद उपाधि प्रदान की जाएगी। प्रसिद्ध संरक्षणवादी और किसान पद्मश्री साबरमती को उनके कार्यों के लिए डी।लिट। की मानद उपाधि प्रदान की जाएगी। साबरमती ने स्वदेशी बीज संरक्षण और जैविक खेती पर व्यापक रूप से काम किया है।
तेजस्वी के सूत्र को मूत्र समझने वाले बयान पर विवाद, बीजेपी का आरोप अशिक्षित और गैरजिम्मेदार
14 Jul, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बिहार मतदाता सूची में अवैध प्रवासियों की संभावित मौजदूगी पर एक पत्रकार के सवाल के जवाब में हम इसतरह के सूत्र को मूत्र समझते हैं कहकर विवाद पैदा कर दिया है। तेजस्वी मतदाता सत्यापन और मतदाता सूची से नामों के संभावित विलोपन को लेकर चिंता जता रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग स्वयं सामने आने के बजाय सूत्रों के हवाले से खबर प्लांट कर रहा है, ताकि इसकी आड़ में खेला कर सके। उन्होंने इन सूत्रों को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्लामाबाद, लाहौर और कराची पर कब्जा करने वाले सूत्रों के समान बताकर कहा कि वे दुर्गंध फैलाने वाले अपशिष्ट पदार्थ के समान हैं।
तेजस्वी की इस विवादित टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता संजय जायसवाल ने तेजस्वी को अशिक्षित और गैरजिम्मेदार बताकर माफी मांगने और घर में जो सिखाया जाता है, उससे आगे न बोलने की शपथ लेने का आग्रह किया है। बीजेपी नेता जायसवाल ने कहा कि तेजस्वी की समस्या यह है कि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं और जो उनके घर के लोग रटा देते हैं, बस उनता ही वे बोलते हैं।
दरअसल चुनाव आयोग के अधिकारियों ने दावा किया कि बिहार में मतदाता सूची की चल रही गहन समीक्षा के लिए घर-घर जाकर किए गए दौरे के दौरान नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार से बड़ी संख्या में लोग मिले हैं।
राज्यपालों की नई सूची जारी, असीम घोष और कविंदर गुप्ता को अहम भूमिका
14 Jul, 2025 03:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को दो राज्यों के राज्यपालों और एक केंद्रशासित प्रदेश के उपराज्यपाल की नियुक्ति की है। असीम कुमार घोष को हरियाणा का राज्यपाल बनाया गया है, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री अशोक गजपति राजू गोवा के राज्यपाल का पद सौंपा गया है। असीम घोष होंगे हरियाणा के नए राज्यपाल, बीजेपी नेता कविंदर गुप्ता को लद्दाख की जिम्मेदारी लद्दाख के नए उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को दो राज्यों के राज्यपालों और एक केंद्रशासित प्रदेश के उपराज्यपाल की नियुक्ति की है। असीम कुमार घोष को हरियाणा का राज्यपाल बनाया गया है, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री अशोक गजपति राजू गोवा के राज्यपाल का पद सौंपा गया है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर से बीजेपी के नेता कविंदर गुप्ता को लद्दाख का उपराज्यपाल बनाया गया है.लद्दाख के मौजूदा राज्यपाल ब्रिगेडियर बीडी मिश्रा का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। वहीं, नए राज्यपालों और उपराज्यपाल की नियुक्ति उनके संबंधित कार्यालयों का कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होंगी।
दुबई में उद्योग समूहों से मुलाकात, सीएम यादव देंगे 'पीएम मित्र' और लॉजिस्टिक्स हब का प्रस्ताव
14 Jul, 2025 01:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुबई : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को दुबई यात्रा के पहले दिन मध्यप्रदेश की आर्थिक, सांस्कृतिक और वैश्विक पहचान को मजबूत करने वाले कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। प्रवासी भारतीयों, उद्योगपतियों और फ्रेंड्स ऑफ एमपी के साथ संवाद की श्रृंखला शुरू होगी, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के नवाचार, निवेश और संस्कृति से जुड़े विविध पहलुओं को सामने रखेंगे।
ब्रांड मध्यप्रदेश कार्यक्रम से होगी शुरुआत
दिन की शुरुआत दुबई के होटल अटलांटिस में ‘ब्रांड मध्यप्रदेश’ कार्यक्रम से होगी। प्रदेश की उपलब्धियों, निवेश अवसरों और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाने वाली प्रेरणादायक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश की विविधता और क्षमताओं को दर्शाने वाली थीम प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। साथ ही प्रवासी समुदाय को मध्यप्रदेश की बदलती तस्वीर से अवगत कराएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव फ्रेंड्स ऑफ एमपी’ और प्रवासी भारतीयों से करेंगे संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई में रह रहे मध्यप्रदेश मूल के प्रवासी भारतीयों और फ्रेंड्स ऑफ एमपी के साथ संवाद करेंगे। इस संवाद में वे उन्हें प्रदेश के निवेश अवसरों, अधोसंरचना, जन-कल्याणकारी योजनाओं और वैश्विक भागीदारी के लिए तैयार नई व्यवस्था से अवगत कराएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रवासी प्रतिभाओं को राज्य के विकास से जोड़ने के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी भी देंगे।
दुबई के भारतीय मूल के उद्योगपतियों से करेंगे मुलाकात
मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई में सक्रिय भारतीय मूल के प्रमुख उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों से भेंट करेंगे। इस दौरान वे ईएसडीएम, फार्मा, टेक्सटाइल, ग्रीन हाइड्रोजन और अन्य संभावित क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा करेंगे। मध्यप्रदेश में उद्योगों को पारदर्शी नीति, आवश्यक अधोसंरचना और सरकार की सक्रिय भागीदारी के साथ मजबूत समर्थन से अवगत कराया जायेगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिखेगी मध्यप्रदेश की विरासत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश की लोक-संस्कृति से जुड़े विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस आयोजन में लोकनृत्य, गीत, बटिक प्रिंट और अन्य पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाया जाएगा। मुख्यमंत्री इस अवसर पर प्रवासी भारतीयों को राज्य की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़ने का संदेश भी देंगे।
उद्योग प्रतिनिधियों के साथ होगा निवेश संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई के उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों के साथ निवेश संवाद में शामिल होंगे। संवाद के दौरान मध्यप्रदेश में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क, लॉजिस्टिक्स हब, ग्रीन एनर्जी ज़ोन और ‘एक जिला-एक उत्पाद’ जैसी पहलों की जानकारी दी जायेगी। साथ ही प्रदेश में उद्योगों के लिए स्थायित्व, पारदर्शिता और स्पष्ट नीति से भी अवगत कराया जायेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आयोजित रात्रि भोज मे शामिल होंगे उद्योगपति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रात्रि भोज में दुबई के प्रमुख उद्योगपति, प्रवासी भारतीय और प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं और सामाजिक सहभागिता पर चर्चा भी करेंगे।
भारत एक राष्ट्र, एक चुनाव पर विचार करने को तैयार: चौधरी
14 Jul, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जयपुर । एक राष्ट्र, एक चुनाव के मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष और भाजपा सांसद पीपी चौधरी ने कहा है कि इस प्रस्ताव को लेकर देशभर में रचनात्मक और व्यापक भागीदारी देखी गई है। उन्होंने बताया कि समिति को विभिन्न राजनीतिक दलों, राज्य सरकारों, कानूनी विशेषज्ञों, नागरिक संगठनों और आम नागरिकों से व्यापक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है। चौधरी ने कहा कि विशेषज्ञों की आम राय है कि यह विचार संवैधानिक रूप से स्वीकार्य और व्यावहारिक रूप से संभव है, बशर्ते इसे उचित सुरक्षा उपायों के साथ लागू किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि समिति इसी लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है। जेपीसी अध्यक्ष ने बताया कि देश के कई पूर्व मुख्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ संवैधानिक विशेषज्ञों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह प्रस्ताव संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन नहीं करता। उन्होंने ऐसे संवैधानिक प्रावधानों की ओर इशारा किया, जो चुनावों में समन्वय की अनुमति देते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के मुख्य लाभों में चुनाव खर्च में कमी, प्रशासनिक स्थिरता, और लगातार चुनावी प्रक्रियाओं से मुक्ति शामिल है। हालांकि, कुछ चिंताएं भी सामने आई हैं, खासकर कार्यान्वयन तंत्र को लेकर, लेकिन समग्र रूप से देश इस पर गंभीरता से विचार करने को तैयार दिख रहा है। पीपी चौधरी ने यह भी कहा कि समिति सभी प्रतिक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित और व्यावहारिक समाधान की ओर अग्रसर है।
कांग्रेस ने कभी नहीं कहा- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को रोका जाए
14 Jul, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कांग्रेस ने संतोष जताया है और भाजपा पर गलत सूचना फैलाने और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि विपक्ष की ओर से एसआईआर पर रोक लगाने की कोई मांग नहीं की गई थी। कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और सांसद डॉ अभिषेक मनु सिंघवी ने शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड को पहचान प्रमाण के तौर पर स्वीकार किया है, जो कि एसआईआर के तहत मांगे जा रहे नागरिकता प्रमाण के मुद्दे पर लगभग 90 प्रतिशत प्रभावित लोगों को राहत देता है।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के कारण करीब 2 करोड़ मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं, जिनका नाम 2003 के बाद जोड़ा गया है और जिन्हें अब नागरिकता का प्रमाण देने के लिए कहा जा रहा है। डॉ सिंघवी ने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग का नागरिकता सत्यापन करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने सवाल किया कि जब 2003 के बाद पिछले दो दशकों में 10 चुनाव कराए जा चुके हैं, तो अब बिहार चुनाव से ठीक पहले इस पुनरीक्षण की अचानक जरूरत क्यों आन पड़ी? उन्होंने बताया कि 2003 में जब विशेष पुनरीक्षण हुआ था, तब वह लोकसभा चुनावों से एक साल और विधानसभा चुनावों से दो साल पहले हुआ था, न कि चुनाव के ठीक पहले। डॉ सिंघवी ने चिंता जताई कि यह प्रक्रिया गरीब, हाशिए पर खड़े, वंचित और अल्पसंख्यक मतदाताओं को सबसे ज्यादा प्रभावित करेगी। उन्होंने कहा कि जुलाई-अगस्त के महीनों में अधिकांश मज़दूर वर्ग धान की बुआई के कारण राज्य से बाहर रहते हैं। वहीं बिहार में बाढ़ का खतरा भी रहता है। ऐसे में इन वर्गों के लिए इतने कम समय में अपने माता-पिता के जन्म प्रमाण जैसे दस्तावेज़ जुटा पाना लगभग असंभव है। उन्होंने आधार कार्ड को पहचान के सबसे व्यापक और प्रामाणिक दस्तावेज़ों में से एक बताया और कटाक्ष करते हुए कहा, भारत का जीवन आधार से चलता है, लेकिन चुनाव में इसे अचानक परीकथा बना दिया जाता है? उन्होंने तंज कसते हुए कहा, आपने कानून में संशोधन कर आधार को अपनाया, और अब चुनावी मंडी से उसे बाहर कर दिया। कुल मिलाकर, कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को लोगों के अधिकारों की रक्षा करने वाला करार दिया और चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए।
अपनों पर नजर...टिकट के दावेदारों की खोज से लेकर चुनाव प्रचार की पल-पल की खबर
14 Jul, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में कांग्रेस हुई हाईटेक... वॉर रूम
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस बेहद सक्रिय नजर आ रही है। हाईटेक वॉर रूम के जरिए 50 से 60 प्रोफेशनल्स न केवल 24 घंटे अपनों पर पैनी नजर रख रहे हैं, बल्कि विरोधियों पर सधे अंदाज में प्रहार की योजना भी बना रहे हैं। पार्टी का वॉर रूम दो स्तर पर काम कर रहा है। पीसीसी यानी प्रदेश कमेटी जहां कार्यक्रमों की निगरानी कर रही है, वहीं युवा कांग्रेस कार्यक्रमों और आंदोलनों को धार देने में जुटा है। इस बार कांग्रेस ने प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम से दूर मंत्री इन्क्लेव गर्दनीबाग में वॉर रूम बनाया है। यहां तकनीक से लैस प्रोफेशनल्स जहां चौबीसों घंटे कार्यक्रमों की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, क्षेत्र में 500 से अधिक कांग्रेस नेता फीडबैक लेने में सक्रिय हैं। इसी का परिणाम है कि पार्टी की गतिविधियों और बयानों में पैनापन साफ नजर आ रहा है। ये पार्टी कार्यकर्ताओं को रिचार्ज भी कर रहे हैं। माई बहिन मान योजना, हर घर झंडा और चौपाल कार्यक्रम पर पार्टी का विशेष फोकस है। माई बहिन मान योजना का फार्म भरते ही वॉर रूम में बैठे व्यक्ति को पता चल जाता है कि किस नेता ने कहां फार्म भरवाया है। घरों पर झंडा लगाने के बाद उसकी तस्वीर मंगाकर अपडेट लिया जा रहा है, तो चौपाल को लाइव देखकर संख्या का अनुमान लगाया जा रहा है। यानी निगरानी इतनी कड़ी है कि कोई चाहकर भी कागज पर अपने को बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं कर पाएगा। इसके अलावा मजबूत टिकट दावेदारों की खोज-खबर रखने में भी वॉर रूम सक्रिय है। आवेदन लेकर उनके दावे को परखा जा रहा है। संबंधित क्षेत्र की जनता से उनके बारे में फीडबैक लिए जा रहे हैं।
मजबूत शोध विंग कर रहा प्रहार
इस बार पार्टी ने मजबूत शोध विंग बनाया है। किसी भी मुद्दे की गहराई तक जाकर अध्ययन करना शोध विंग का काम है। बेरोजगारी, अपराध, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सुरक्षा पर विभिन्न एजेंसियों के डाटा का विश्लेषण कर विरोधियों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जा रहा है। केंद्र के आंकड़े से ही बिहार सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जा रही है।
सोशल मीडिया पर मजबूत उपस्थिति
सोशल मीडिया पर मजबूत उपस्थिति बनाए रखना वॉर रूम के तहत काम कर रहे सोशल मीडिया विंग की जिम्मेदारी है।
चार हस्तियां जाएंगी राज्यसभा
14 Jul, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। राष्ट्रपति मुर्मू ने राज्यसभा के लिए 4 सदस्यों को नॉमिनेट किया है। इनमें पूर्व सरकारी वकील और लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार रहे उज्ज्वल निकम शामिल हैं। निकम, 26/11 के मुंबई हमला समेत कई हाई-प्रोफाइल मामलों में पब्लिक प्रॉसिक्यूटर रहे हैं। इनके अलावा, केरल के वरिष्ठ समाजसेवी और शिक्षाविद सी. सदानंदन मास्टर, भारत के पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और इतिहासकार एवं शिक्षाविद मीनाक्षी जैन भी राज्यसभा जाएंगी। ये नियुक्तियां उन सीटों के लिए की गई हैं, जो पहले के नामित सदस्यों के सेवानिवृत्त होने से खाली हुई थीं।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80(3) के तहत, राष्ट्रपति को राज्यसभा में 12 सदस्यों को नॉमिनेट करने का अधिकार है। ये सदस्य कला, साहित्य, विज्ञान, सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विशेष योगदान के लिए चुने जाते हैं। वर्तमान में राज्यसभा की कुल सदस्य संख्या 245 है, जिसमें 233 निर्वाचित और 12 नामांकित सदस्य शामिल हैं।
राष्ट्रपति ने चार हस्तियों को किया राज्यसभा के लिए नामित, पीएम ने दी शुभकामनाएं
13 Jul, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश के चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चार हस्तियों को राज्यसभा के लिए नामित किया, जिनमें वरिष्ठ अधिवक्ता उज्जवल निकम, केरल के प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता सी. सदानंदन मास्टर, भारत के पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और इतिहासकार मीनाक्षी जैन शामिल हैं। पीएम मोदी ने इन सभी मनोनीत सदस्यों को शुभकामनाएं दी हैं।
पीएम मोदी ने एक्स पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट किए, जिनमें सभी नामांकित सदस्यों के बारे में बताते हुए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। पीएम ने उज्ज्वल निकम की तारीफ की कि कानून के क्षेत्र और संविधान के प्रति उनकी निष्ठा अनुकरणीय है। उन्होंने लिखा कि वह न केवल एक सफल वकील रहे, बल्कि अहम मामलों में न्याय दिलाने की प्रक्रिया में अग्रणी भूमिका भी निभाते रहे हैं। अपने पूरे विधिक करियर के दौरान उन्होंने हमेशा संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने और आम नागरिकों को गरिमा के साथ न्याय दिलाने का कार्य किया है। यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि राष्ट्रपति ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया है। उनके संसदीय कार्यकाल के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।
पीएम मोदी ने हर्षवर्धन श्रृंगला के भारत की विदेश नीति में अहम योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा- हर्षवर्धन श्रृंगला ने एक राजनयिक, बुद्धिजीवी और रणनीतिक विचारक के रूप में बेहद शानदार काम किया है। उन्होंने भारत की विदेश नीति को सशक्त बनाने में अहम योगदान दिया है। साथ ही भारत की जी20 अध्यक्षता में भी उनका विशेष योगदान रहा है। मीनाक्षी जैन का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने एक विद्वान, शोधकर्ता और इतिहासकार के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। शिक्षा, साहित्य, इतिहास और राजनीति विज्ञान के क्षेत्र में उनके कार्यों ने अकादमिक विमर्श को समृद्ध किया है। उनके संसदीय कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं।
पीएम मोदी ने सी. सदानंदन मास्टर को अन्याय के आगे न झुकने की भावना का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि हिंसा और भय का माहौल भी उनके राष्ट्र निर्माण के संकल्प को डिगा नहीं सका। एक शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में उनके प्रयास सराहनीय हैं। उन्हें राष्ट्रपति की ओर से राज्यसभा के लिए नामित किए जाने पर हार्दिक बधाई और उनके संसदीय कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं।
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