राजनीति
भारतीय अर्थव्यवस्था पर ट्रंप का हमला, राहुल बोले – सब जानते हैं सच्चाई, बस सरकार नहीं
1 Aug, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और रूस को डेड इकोनॉमी बताया है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि भारत और रूस अपनी अर्थव्यवस्था को साथ ले डूबें, मुझे क्या। एक दिन पहले ही ट्रंप ने पहली अगस्त से भारत पर टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। उधर, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को मरा हुआ बताया था। राहुल गांधी ने इस बयान को सही ठहराते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अडानी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को छोडक़र सब जानते हैं कि भारत एक ‘डेड इकोनॉमी’ (बर्बाद अर्थव्यवस्था) है तथा भाजपा ने ही यह स्थिति पैदा की है। उन्होंने यह दावा भी किया कि अमरीका के साथ व्यापार समझौता ट्रंप की शर्तों पर होगा और प्रधानमंत्री मोदी वही करेंगे, जो अमरीकी राष्ट्रपति कहेंगे। इसके अलावा एक्स पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मर चुकी है। मोदी ने इसे खत्म कर दिया। उन्होंने इसके पीछे पांच कारण गिनाते हुए कहा कि अडानी-मोदी साझेदारी, नोटबंदी और त्रुटिपूर्ण जीएसटी, असफल असेम्बल इन इंडिया, एमएसएमई का सफाया और किसानों को कुचलने से यह स्थिति आई है।
मोदी ने भारत के युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है, क्योंकि नौकरियां नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत के सामने आज मुख्य मुद्दा है कि इस सरकार ने हमारी आर्थिक नीति को तबाह कर दिया, हमारी रक्षा नीति को तबाह कर दिया और हमारी विदेश नीति को तबाह कर दिया है। वे देश को रसातल में ले जा रहे हैं। प्रधानमंत्री सिर्फ एक व्यक्ति (गौतम) अडानी के लिए काम करते हैं। सारे छोटे कारोबार खत्म कर दिए गए। राहुल गांधी ने कहा कि ट्रंप ने 30-32 बार यह बोला है कि उन्होंने युद्धविराम करवाया। ट्रंप ने यह भी बोला कि हिंदुस्तान के पांच जहाज गिरे। अब ट्रंप ने बोला है कि 25 प्रतिशत शुल्क लगाऊंगा। क्या किसी ने सवाल पूछा कि नरेंद्र मोदी जी जवाब क्यों नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियंत्रण किसके हाथ में है, बात समझिए। बता दें कि डेड इकोनॉमी उस स्थिति को कहते हैं, जब किसी देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाए या बिल्कुल सुस्त पड़ जाए। इसमें व्यापार, उत्पादन, नौकरियां और लोगों की कमाई लगभग रुक सी जाती है। विकास रुक जाता है और लोग आर्थिक तंगी में फंस जाते हैं।
मालेगांव ब्लास्ट पर बवाल: सभी आरोपी निर्दोष करार, विपक्ष ने जताई नाराज़गी
1 Aug, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: महाराष्ट्र की एक विशेष अदालत ने मालेगांव में 2008 के बम विस्फोट मामले में सभी सातों आरोपियों को बरी कर दिया। इस फैसले के बाद ‘सैफ्रॉन टेरर’ या भगवा आतंकवाद शब्द के इस्तेमाल पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। इस मामले में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की प्रतिक्रियाएं सामने आई। भाजपा के नेताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि हिंदू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता। वहीं विपक्ष ने फैसले को निराशाजनक बताया है। कांग्रेस का कहना है कि जांच कमजोर की गई और एनआईए की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आतंकवादी न कभी भगवा था, न है और न कभी होगा। कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि आतंकवाद को किसी धर्म से नहीं जोडऩा चाहिए। आतंक का कोई धर्म नहीं होता। हिंदू आतंकवाद या इस्लामी आतंकवाद जैसी कोई चीज नहीं है।
हर धर्म प्रेम, सद्भाव, सत्य और अहिंसा का प्रतीक है। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। कांग्रेस के हिंदू आतंकवाद का षड्यंत्र आज धाराशायी हो गया। किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई सबूत नहीं था। भाजपा इस फैसले का स्वागत करती है। एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से सवाल किया कि क्या वे इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे या नहीं? समाजवादी पार्टी के मुख्यिा अखिलेश यादव ने कहा कि जो बात आप (मीडिया) समझ रहे हो वही मैं समझ रहा हूं। जो आप कहना नहीं चाहते वे मैं नहीं कह रहा। कहीं ऐसा तो नहीं कि खबरें दबाने के लिए खबर आ रही हो?
जयशंकर का सख्त संदेश: 'एक साथ नहीं बहेंगे खून और पानी'
31 Jul, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लोकसभा के बाद जब आपरेशन सिंदूर को लेकर विपक्ष ने राज्यसभा में मोर्चा खोला, तब विदेश मंत्री एस. जयशंकर न सिर्फ तथ्यों से लैस थे, बल्कि उनका लहजा भी आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से भरा था। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अब किसी आतंकी हमले के बाद सिर्फ निंदा नहीं करता, बल्कि कार्रवाई करता है। जवाब ऐसा कि पूरी दुनिया देखे। उन्होंने ऑपरेशन की बारीकियां साझा करते हुए यह भी बताया कि सरकार की नीति अब ‘प्रतीक्षा और प्रतिक्रिया’ नहीं, बल्कि ‘पहचान और प्रत्युत्तर’ की है। इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को चीन गुरु कहा। जयशंकर ने एक निर्णायक मोड़ पर बात करते हुए बताया कि भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित कर पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश दिया कि अब खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे।
सिंधु समझौते को इतिहास की सबसे उदार और असंतुलित संधियों में गिनते हुए उन्होंने यह भी कहा कि जब देश पर हमले हो रहे हों, तब उदारता की कोई जगह नहीं बचती। पाकिस्तान की जल निर्भरता को दबाव का हथियार बनाकर भारत ने कूटनीति और भू-राजनीति का अनोखा मेल प्रस्तुत किया। सिंधु संधि की बात आते ही जयशंकर ने सीधा इतिहास में प्रवेश किया और नेहरू सरकार की नीतियों पर गहरी चोट की। उनका कहना था कि कौन-सा राष्ट्र अपनी जीवनरेखाओं को किसी अन्य देश के हवाले करता है? यह कोई दयालुता नहीं, रणनीतिक भूल थी। जयशंकर ने कहा कि आज जब भारत इस संधि को स्थगित करता है, तब यह जरूरी है कि जनता को उस ऐतिहासिक भूल की जानकारी हो, जो दशकों से भारत को रणनीतिक रूप से कमजोर करती रही।
दिल्ली में प्रधानमंत्री से सीएम मोहन यादव ने मुलाकात की, प्रदेश से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई
31 Jul, 2025 01:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव दिल्ली दौरे पर हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।सीएम ने प्रदेश से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की। इससे पहले मुख्यमंत्री ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात उनके आवास पर की।
BSL आउटरीच समिट में शामिल होंगे सीएम
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार यानी 31 जुलाई को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किए जा रहे BSL ग्लोबल आउटरीच समिट 2025 में शामिल होंगे। यह टेक्सटाइल और अपैरल उद्योगों का एक महत्वपूर्ण दो दिवसीय वैश्विक आयोजन है। ये समिट भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करेगी। इस समिट में वैश्विक उद्योग जगत के निवेशक सहभागिता करेंगे। समिट वैश्विक सोर्सिंग और खरीद समुदाय की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप, सप्लाई चेन के प्रमुख हितधारकों को एक मंच प्रदान करेगी।
राहुल और प्रियंका का तंज: मोदी ट्रंप को झूठा कहने की हिम्मत करें, सच सामने आए
31 Jul, 2025 11:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के हालिया तनाव को खत्म करने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से लगातार किए गए दावों से भारत में सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में एक बार फिर इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ नहीं कहा कि ट्रंप झूठ बोल रहे हैं, क्योंकि वे खुद बोल नहीं पा रहे हैं।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर पीएम मोदी बोलेंगे तो ट्रंप सच सामने ला देंगे, इसलिए मोदी चुप हैं। उन्होंने यह भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप अपनी व्यापार डील के लिए पीएम मोदी पर दबाव बना रहे हैं और देखना होगा यह डील कैसी बनती है।
प्रियंका गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी पीएम मोदी पर ट्रंप के दावों को लेकर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान गोलमोल हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सुझाव दिया कि उन्हें साफ-साफ कहना चाहिए कि अमेरिकी राष्ट्रपति झूठ बोल रहे हैं। देखा जाए तो संसद में ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर चल रहे बहस के दौरान कांग्रेस नेताओं की यह आलोचना मोदी सरकार की अमेरिका के प्रति नरम रुख पर सवाल उठाती है।
ननों की गिरफ्तारी पर प्रियंका गांधी का विरोध
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को छत्तीसगढ़ में दो कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार का आरोप लगाया। साथ ही संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन भी किया। केरल से कांग्रेस और विपक्षी सांसदों के साथ मिलकर प्रियंका गांधी ने संसद भवन के मकर द्वार के पास प्रदर्शन किया और गिरफ्तार ननों की रिहाई की मांग की। प्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और आरएसपी सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन भी शामिल रहे। बता दें कि 25 जुलाई को छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन से नन प्रीति मेरी, वंदना फ्रांसिस और सुकामन मंडावी को गिरफ्तार किया गया। बजरंग दल के एक स्थानीय पदाधिकारी की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ये नन नारायणपुर की तीन लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन करवा रही थीं और उन्हें मानव तस्करी के तहत ले जा रही थीं।
भारत का खुलासा: टीआरएफ सिर्फ लश्कर-ए-तैयबा का नया चेहरा - जयशंकर
31 Jul, 2025 10:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने राज्यसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिद्ध किया है कि ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का मुखौटा है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने भारत के इस पक्ष को मान्यता दी है, और अमेरिका ने टीआरएफ को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी संगठन घोषित किया है।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में टीआरएफ द्वारा 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या के बाद शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को रेखांकित किया है। उन्होंने स्पष्ट किया, “भारत किसी भी मध्यस्थता या परमाणु धमकी को स्वीकार नहीं करेगा। हमने दुनिया को बता दिया है कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।”
विदेश मंत्री ने सिंधु जल संधि को लेकर कहा कि यह समझौता तुष्टीकरण के उद्देश्य से किया गया था, न कि शांति के लिए। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने धारा 370 हटाकर और अब सिंधु जल संधि को स्थगित करके यह साबित किया है कि ऐतिहासिक गलतियों को सुधारा जा सकता है। डॉ. जयशंकर ने कहा, “जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, यह संधि स्थगित रहेगी।”
डॉ. एस. जयशंकर ने बताया कि मोदी सरकार ने आतंकवाद को वैश्विक एजेंडा बनाया है। वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF) के जरिए पाकिस्तान पर दबाव बनाया गया है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2006-08 के आतंकी हमलों, जैसे मुंबई ट्रेन बम विस्फोट, हैदराबाद और जयपुर हमलों के बाद भारत की प्रतिक्रिया कमजोर थी। उन्होंने उदाहरण दिया कि 2006 के मुंबई हमले के तीन महीने बाद ही भारत हवाना में पाकिस्तान के साथ संवाद में था, जो आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई की कमी को दर्शाता है।
विदेश मंत्री ने सिंधु जल संधि को एक अनूठा समझौता बताया, जिसमें भारत ने अपनी प्रमुख नदियों को बिना अधिकार के पाकिस्तान में बहने दिया। उन्होंने कहा, “ऐसा समझौता दुनिया में कहीं और देखने को नहीं मिलता। अब इसे स्थगित करना ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने की दिशा में एक कदम है।” उन्होंने आगे कहा ”कुछ लोग इतिहास से असहज हैं। वे लोग चाहते हैं कि ऐतिहासिक चीजों को भुला दिया जाए। शायद यह उन्हें शोभा नहीं देता; वे केवल कुछ चीजों को याद रखना पसंद करते हैं।”
देशभर में 4,557 पब्लिक EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित - नितिन गडकरी
31 Jul, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । देश में राज्य, राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर 1,46,342 किलोमीटर की लंबाई में कुल 4,557 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पब्लिक चार्जिंग स्टेशन (पीसीएस) स्थापित किए गए हैं। यह जानकारी बुधवार को संसद को दी गई।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि उत्तर प्रदेश में 507 पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन हैं, जिसके बाद कर्नाटक में 489, महाराष्ट्र में 459, तमिलनाडु में 456 और राजस्थान में 424 पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन हैं।
उन्होंने कहा, “ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, देश में राज्य/राष्ट्रीय राजमार्गों/एक्सप्रेसवे पर कुल 4,557 ईवी पब्लिक चार्जिंग स्टेशन (पीसीएस) स्थापित किए गए हैं।” केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि चार्जिंग पॉइंट ऑपरेटरों (सीपीओ) को प्रोत्साहन देने की कोई योजना नहीं है।
इस बीच, देश के टियर 2 शहरों में वर्तमान में 1 अप्रैल, 2025 तक 4,625 ईवी चार्जिंग स्टेशन चालू हैं। सरकार ने हाल ही में कहा था कि 2,000 करोड़ रुपए के वित्तीय परिव्यय के साथ, पीएम ई-ड्राइव योजना देश भर में लगभग 72,000 ईवी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना में सहायता करेगी।
भारी उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि ये स्टेशन 50 राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों, मेट्रो शहरों, टोल प्लाजा, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों, ईंधन आउटलेट और राज्य राजमार्गों जैसे उच्च-यातायात स्थलों पर रणनीतिक रूप से स्थापित किए जाएंगे।
पीएम ई-ड्राइव योजना मांग प्रोत्साहनों के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाने में तेजी लाने और देश भर में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने के लिए अक्टूबर 2024 में शुरू की गई थी। केंद्र ने इस योजना के तहत ईवी को सब्सिडी के लिए 10,900 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।
केंद्र ने एफएएमई -II योजना के तहत तीन ऑयल मार्केटिंग कंपनियों आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल द्वारा 8,932 इलेक्ट्रिक वाहन सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन (ईवीपीसीएस) स्थापित करने के लिए 873.50 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।
इस महीने की शुरुआत में, सरकार ने प्रधानमंत्री ई-ड्राइव पहल के तहत इलेक्ट्रिक ट्रकों (ई-ट्रकों) के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए एक अभूतपूर्व योजना शुरू की, जिसमें प्रति वाहन अधिकतम प्रोत्साहन राशि 9.6 लाख रुपए निर्धारित की गई है।
राज्यसभा में अमित शाह का खुलासा: पाकिस्तान के आग्रह पर हुआ था सीजफायर
31 Jul, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा में शाम 7 बजे सदन में बोलना शुरू किया। विपक्ष ने हंगामा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को बुलाने की मांग की। इस पर शाह ने कहा- प्रधानमंत्री इस वक्त ऑफिस में हैं।
इस पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- प्रधानमंत्री के दिल्ली में रहते हुए भी वो यहां नहीं आ रहे, ये तो सदन का अपमान है। सदन-सदस्यों का अपमान करना ठीक नहीं है। इसके बाद विपक्ष ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया।
ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा में अमित शाह ने रात 8:25 बजे तक भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने कहा- पाकिस्तानी आतंकियों ने जो नुकसान किया, उसके जवाब में भारत सरकार और सेना ने जो मजबूत जवाब ऑपरेशन सिंदूर से दिया। ऑपरेशन महादेव में तीन आतंकी मारे गए। शाह के भाषण के बाद राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसी के साथ राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर दो दिन की बहस भी खत्म हो गई।
शाह ने कहा विपक्ष ने 24 अप्रैल की बिहार में पीएम मोदी की जनसभा पर सवाल किए। मैं बताना चाहता हूं कि पीएम मोदी ने 24 अप्रैल को बिहार की जनसभा में कहा था भारत एक-एक आतंकियों की पहचान करेगा, उन्हें सजा देगा, न्याय मिलेगा। उनका बोला हुआ एक-एक शब्द सच हो गया। पीएम ने कहा था आतंकियों के आकाओं को नहीं छाड़ेंगे। सेना ने उन्हें भी नहीं छोड़ा। शाह ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में 2014 तक एक भी साल ऐसा नहीं था जब आतंकी हमले, बम धमाके न हुए हों। 609 से ज्यादा लोगों की जानें गई। कांग्रेस ने पोटा कानून का विरोध किया। ये टेररिस्ट की मदद करने वाली पार्टी है। मोदी सरकार में जम्मू-कश्मीर छोड़कर पूरे देश में कहीं भी बम धमाके नहीं हुए। घर में घुसकर परखच्चे उड़ाने का काम हमारी सरकार कर रही है। शाह ने कहा - चिदंबरम ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर निर्णायक नहीं था। वे अभी यहां (सदन) मौजूद नहीं हैं, लेकिन मैं उन्हें जवाब देना चाहूंगा। क्या 1965 और 1971 के युद्ध निर्णायक थे? अगर हां, तो आतंकवाद क्यों फैलता रहा? जब तक दुश्मन डरेगा या सुधरेगा नहीं, तब तक उसका निर्णायक अंत नहीं होगा। इतने सालों में उन्हें डराने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे क्यों डरेंगे? शाह ने कहा - विपक्ष पूछ रहा है कि सीजफायर किसके कहने पर हुआ। यह किसी के कहने पर नहीं हुआ। पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए और हमारे डीजीएमओ से संघर्ष रोकने की गुहार लगाई। शुरू से ही हमारा इरादा युद्ध का नहीं था, न ही हम पाकिस्तान के लोगों को नुकसान पहुंचाना चाहते थे। पीएम मोदी ने तुरंत कहा- अगर पाकिस्तान रुकना चाहता है, तो रुक जाए, लेकिन राहुल गांधी अब भी मामले को तूल देने की कोशिश कर रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं।
जयशंकर का पलटवार: पीएम मोदी और ट्रंप के बीच कोई बात नहीं हुई, विपक्ष फैला रहा अफवाहें
30 Jul, 2025 07:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, कुछ लोग चीनी राजदूत से ट्रेनिंग लेते
नई दिल्ली। राज्यसभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत की विदेश और रक्षा नीति पर विपक्ष के सवालों का दो टूक जबाव दिया। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारतीय सेना ने निर्धारित लक्ष्यों पर सटीक कार्रवाई की और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर दुनिया के किसी भी नेता ने भारत पर दबाव नहीं बनाया। इसी दौरान विदेश मंत्री जब संसद में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जवाब दे रहे थे, तभी विपक्षी नेता हंगामा करने लगे। इस दौरान विपक्ष के नेताओं को टोकते हुए कहा, मैं उन्हें बताना चाहता हूं, वे कान खोलकर सुन लें। 22 अप्रैल से 16 जून तक, एक बार भी प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच बातचीत नहीं हुई थी।
उन्होंने कहा कि अमेरिका, सऊदी अरब और अन्य देशों से जो भी संवाद हुआ, वह पूरी तरह पारदर्शी और रिकॉर्ड में है। उन्होंने कहा कि भारत ने स्पष्ट कर दिया कि पाकिस्तान यदि संघर्ष विराम चाहता है, तब हमारे डीजीएमओ चैनल से संवाद करना होगा।
चीन और पाकिस्तान को लेकर विपक्ष पर हमला बोलकर जयशंकर ने कहा कि भारत की कूटनीतिक सफलता इससे साबित होती है कि यूएनएससी में भारत भले ही स्थायी सदस्य न हो, लेकिन सुरक्षा परिषद प्रमुख का बयान भारत के पक्ष में आया। रूस सहित कई देशों ने भारत के बयान का समर्थन किया।
उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, जो लोग मुंबई आंतकी हमलों पर चुप रहे थे, आज वे हमें ज्ञान दे रहे हैं। जयशंकर ने कहा कि भारतीय सेना को किसी के समर्थन की जरूरत नहीं है, सेना ने आतंकियों के ठिकानों पर खुद ही सफलतापूर्वक कार्रवाई की है। उन्होंने नूर खान एयरबेस सहित कई आतंकवादी और सैन्य ठिकानों पर की गई तबाही का जिक्र कर कहा कि सेना का श्रेय किसी और को देना उसका अपमान होगा।
चीन-पाकिस्तान संबंधों पर उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ नेता ‘ओलंपिक की क्लासरूम’ में जाकर चीन का ज्ञान लेकर आए हैं और चीनी राजदूत से ‘ट्यूशन’ लेते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2006 में कांग्रेस सरकार ने हू जिंताओ की यात्रा के दौरान चीनी कंपनियों को 3जी और 4जी जैसे क्षेत्रों में आमंत्रित कर देश की सुरक्षा से समझौता किया।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री माणकचंद के निधन पर व्यक्त किया शोक
30 Jul, 2025 07:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जयपुर, 30 जुलाई। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को जयपुर के मालवीय नगर स्थित पाथेय भवन पहुंचकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं पाथेय कण के संरक्षक श्री माणकचंद के निधन पर शोक व्यक्त किया।
श्री शर्मा ने स्व. माणकचंद की पार्थिव देह पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने एवं शोकाकुल परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने स्व. माणकचंद के व्यक्तित्व को याद कर कहा कि उनका जीवन उच्च आदर्शों और सिद्धांतों के लिए समर्पित था। समाज में राष्ट्रीय चेतना और मूल्यों के प्रसार में उनके अतुलनीय योगदान को सदैव याद किया जाएगा।
शरद पवार ने की तारीफ, गडकरी को मिला चिंतामनराव देशमुख सम्मान
30 Jul, 2025 06:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को चिंतामनराव देशमुख राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान एनसीपी(एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने दिया और उनकी जमकर तारीफ की। दोनों ही नेताओं की अलग-अलग विचारधारा है। इसके बाद भी मंच पर दोनों की जुगलंबदी देखते को मिली। शरद पवार ने नितिन गडकरी की तारीफ की तो गडकरी ने उनका आभार माना। महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार का बड़ा कद है। वह अकसर सरकार से लेकर विपक्ष तक का रुख तय करते रहे हैं और हमेशा केंद्रीय भूमिका में रहे हैं।
उन्होंने पुणे स्थित एनजीओ ‘सरहद’ द्वारा स्थापित यह पुरस्कार गडकरी को प्रदान किया और देश भर में राजमार्गों का नेटवर्क विकसित करने के लिए उनकी तारीफ भी की। पवार ने गडकरी की बेबाकी और कठिन परियोजनाओं को लागू करने की उनकी क्षमता की तारीफ की। उन्होंने पार्टी लाइन से परे सांसदों के बीच मंत्री की लोकप्रियता पर भी प्रकाश डाला। पवार ने कहा कि बड़ी संख्या में सांसदों ने देश में परियोजनाओं को क्रियान्वित करने और सड़कों का जाल विकसित करने की गडकरी की क्षमताओं पर गहरा विश्वास व्यक्त किया है।
पवार ने कहा कि सांसदों के बीच गडकरी की लोकप्रियता इस बात से पैदा हुई है कि वह पार्टी लाइन के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं करते हैं। वास्तव में मानते हैं कि अच्छी सड़कें किसी भी देश की समृद्धि के लिए एक शर्त है। बता दें महाराष्ट्र के रहने वाले देशमुख 1943 में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर नियुक्त होने वाले पहले भारतीय थे और उन्होंने 1950 से 1956 तक वित्त मंत्री के रूप में भी कार्य किया। बता दें गडकरी की इस बात के लिए विपक्षी दल तारीफ करते रहे हैं कि वह किसी भी परियोजना के लिए इनकार नहीं करते और प्राथमिकता के आधार पर उसे पूरा कराते हैं।
मनोज झा का कटाक्ष: हर मुद्दे पर नेहरू को क्यों दोष?
30 Jul, 2025 05:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। राज्यसभा में बुधवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर जारी चर्चा के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वरिष्ठ सांसद प्रो. मनोज झा ने सरकार पर तीखा हमला बोला। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के वक्तव्य के बाद मनोज झा ने अपनी बात रखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा, कश्मीर, सेना और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम पर हो रही राजनीति को लेकर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि नेहरु को दोष देना इस सरकार की अब आदत बन गई है।
सांसद झा ने कहा, कि राष्ट्रीय सुरक्षा कोई नारा नहीं है, यह एक संवेदनशील मुद्दा है। इसे नारेबाजी में बदलना खतरनाक है। सेना और राजनीतिक नेतृत्व अलग-अलग चीजें हैं। हमें सेना के शौर्य का सम्मान करना चाहिए, लेकिन उसके नाम पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। कश्मीर को लेकर उन्होंने कहा कि वहां सिर्फ जमीन नहीं, लोग रहते हैं। पहलगाम हमले के बाद जो दृश्य सामने आए, वे असाधारण थे। लोग मदद कर रहे थे, शोक मना रहे थे। कश्मीर ने भी कुर्बानियां दी हैं। कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिया जाना चाहिए।
पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू का जिक्र करते हुए मनोज झा ने चुटकी ली, नेहरू इस सरकार के लिए लाइफ वेस्ट बन चुके हैं। हर बार नेहरू को दोष देना अब सरकार की आदत बन गई है। मैं तो कहता हूं, एक मुकदमा कर दो और नेहरू को हाजिर करो। अगर इतने वर्षों बाद भी वह सरकार को परेशान कर रहे हैं, तो जरूर कुछ बात थी उस व्यक्ति में। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसा और कहा, कि कल प्रधानमंत्री ने कहा कि वह भारत का पक्ष रखने आए हैं। लेकिन यह संसद खुद भारत है। यहां तो आपको सरकार का पक्ष रखना चाहिए। सरकार देश नहीं है, देश को देश रहने दीजिए।
सांसद मनोज झा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर दिए गए बयान का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री मोदी से अपील की कि वह खुद सदन में आकर इस पर स्पष्ट रूप से प्रतिक्रिया दें और ट्रंप को सदी का सबसे बड़ा झूठा व्यक्ति करार दें। सांसद झा की भावनात्मक और व्यंग्यपूर्ण टिप्पणी से सदन में माहौल गर्म हो गया। उनके भाषण को विपक्षी सांसदों ने तालियों से समर्थन दिया।
"गिरिराज सिंह का हमला: राहुल गांधी सेना के ऑपरेशन में 'मज़ा' ढूंढ रहे हैं"
30 Jul, 2025 03:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र बुधवार को जारी रहा. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ऑपरेशन सिन्दूर पर राज्यसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिन्दूर पर प्रकाश डाला. उन्होंने विस्तार से बताया कि इस अभियान में मोदी सरकार सभी मोर्चों पर सफल रही है. मोदी सरकार आतंकवाद को हर वैश्विक एजेंडे में शामिल करने में कामयाब रही. वहीं मंगलवार को चर्चा में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से तीखी बहस और तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर के तहत सशस्त्र बलों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की. सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े रुख का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सीजफायर में किसी विदेशी ताकतों की दखलंदाजी नहीं हुई. उन्होंने आगे कहा कि किसी भी विश्व नेता ने भारत से ऑपरेशन रोकने के लिए नहीं कहा था, जो राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक दृढ़, स्वतंत्र रुख का संकेत था. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र पर सशस्त्र बलों को पूर्ण परिचालन स्वतंत्रता देने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सैन्य और वायु रक्षा बुनियादी ढांचे पर हमला न करने के लिए राजनीतिक नेतृत्व द्वारा दी गई बाधाओं के कारण विमान खो दिए. इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने आंतकवाद के मुद्दे पर कांग्रेस की जमकर खिंचाई की.
राहुल गांधी ओछी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं: मनोज तिवारी
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा, 'ऐसा किसी देश में नहीं होता कि संसद इस बात पर चर्चा करे कि राष्ट्र ने युद्ध जीता या नहीं. लेकिन यह केंद्र सरकार का साहस है कि उसने इसे स्वीकार किया. राहुल गांधी ओछी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री के लिए भी इसी तरह का लहजा इस्तेमाल किया. जिस वंश से वह आते हैं, वह यह स्वीकार नहीं कर सकते कि परिवार के बाहर का कोई प्रधानमंत्री हो. प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि दुनिया के किसी भी नेता ने हमें युद्ध रोकने के लिए मजबूर नहीं किया.'
ट्रंप सीजफायर मुद्दे पर विपक्ष का आरोप बेबूनियाद है: अठावले
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, 'विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने आज राज्यसभा में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हमारी कोई बातचीत नहीं हुई. जब ट्रंप ने कहा कि युद्धविराम होना चाहिए, तो हमने स्पष्ट कर दिया था कि हमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है. पाकिस्तान को सीधे बात करनी चाहिए. विपक्ष आरोप लगाता रहता है.'
युद्धविराम पर पीएम मोदी 'गोल-मोल' जवाब दे रहे हैं: प्रियंका गांधी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्धविराम और टैरिफ पर दिए गए बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, 'पीएम मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया है, अगर आप ध्यान से सुनें तो वे 'गोल-मोल' शब्द हैं. राहुल गांधी ने कल भी कहा था, उन्हें सीधे कहना चाहिए कि अमेरिकी राष्ट्रपति झूठ बोल रहे हैं.
राष्ट्रीय सुरक्षा को 'नारेबाजी' का विषय बना दिया: मनोज झा
राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को 'नारेबाजी' का विषय बना दिया गया.
कांग्रेस नेताओं का उथलापन दुनिया के सामने आया: विपक्ष पर वार
30 Jul, 2025 11:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर पीएम मोदी ने जवाब दे कहा- भारत को अपनी सुरक्षा में कार्रवाई करने से किसी ने नहीं रोका
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया में किसी भी देश ने भारत को अपनी सुरक्षा में कार्रवाई करने से रोका नहीं है। यूएन के 193 देशों में सिर्फ 3 देशों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के समर्थन में बयान दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि देश-दुनिया भर से भारत को समर्थन मिला। लेकिन दुर्भाग्य है कि मेरे देश के पराक्रम को कांग्रेस का समर्थन नहीं मिला है। 22 अप्रैल के हमले के बाद 3-4 दिन में ही ये उछल रहे थे, कह रहे थे कहां गई 56 इंच की छाती, कहां गया मोदी, मोदी फेल हो गया। क्या मजा ले रहे थे। उन्हें लग रहा था कि इस बार बाजी मार ली। कांग्रेसी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों की हत्या में भी अपनी राजनीति तलाश रहे थे। अपनी स्वार्थी राजनीति के लिए मुझ पर लगातार निशाना साध रहे थे। कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी उथलापन से देश के सुरक्षा बलों का मनोबल गिरा रहा था। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस को न भारत के सामर्थ्य पर भरोसा है। न सेना पर इसलिए वे लगातार सवाल उठा रहे हैं। ऐसा करके मीडिया में छा सकते हैं, लेकिन देशवासियों के दिलों में जगह नहीं बना सकते।
पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान सोच नहीं सकता था कि कोई बहावलपुर मुरीदके भी जमींदोज कर सकता है। लेकिन हमारी सेनाओं ने आतंकी अड्डों को तबाह किया। ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया कि भारत अपनी शर्तों पर अपने तरीके से जवाब देगा। पीएम मोदी से पहले राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 29 बार कहा है कि हमने भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाया। अगर दम है तब प्रधानमंत्री यहां सदन में यह बोल दें कि वह झूठ बोल रहे हैं। कहें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारा एक भी फाइटर जेट नहीं गिरा।
राहुल गांधी को करार जबाव देकर पीएम मोदी ने कहा कि मैं डंके की चोट पर दोबारा दोहराता हूं भारत की सेना ने पाकिस्तान की सेना को चंद मिनट में बता दिया कि हमारा ये लक्ष्य था हमने पूरा कर दिया। ताकि उन्द्धहें यह पता चले कि हमारे दिल दिमाग में क्या चलता है। हमारी सेना ने अपना लक्ष्य सौ प्रतिशत हासिल किया है। अगर पाकिस्तान में समझदारी होती, तब आतंकियों के समर्थन में खुलेआम न खड़ा होता है। उसने निर्लज्ज होकर आतंकियों के साथ खड़े होने का फैसला किया। हम पूरी तरह तैयार थे। मौके की तलाश में थे, लेकिन हमारा लक्ष्य साफ था कि आतंक और आतंकियों को नष्ट करना।
9 मई की रात हमारी मिसाइलें पाकिस्तान के हर कोने में प्रचंड प्रहार किया, जिसकी उसके कभी कल्पना नहीं की थी, हमारे प्रचंड प्रहार से पाकिस्तान को घुटनों पर आने मजबूर कर दिया।
आपने देखा होगा कि वहां से लोगों के क्या बयान आते थे कि अरे मैं स्विमिंग पूल में नहा रहा था, मैं दफ्तर जाने की तैयारी में था। मैं सोच भी नहीं पाया और भारत ने हमला कर दिया।
इसके बाद पाकिस्तानी डीजीएमओ न गुहार लगाई बस करो बहुत हो गया, अब और ज्यादा मार झेलने की ताकत नहीं है। इसके बाद सीजफायर हुआ।
मैं आज दोबारा कह रहा हूं कि यह भारत की स्पष्ट और सेना के साथ मिलकर तैयार की गई नीति थी कि हमारा लक्ष्य क्या है। हमने पहले दिन ही कहा था हमारा एक्शन नॉन एक्सेलेटरी है। दुनिया के किसी भी नेता ने भारत से पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन रोकने नहीं कहा।
पीएम मोदी ने कहा कि बालाकोट के समय भी यही हुआ। हमारी सेना ने अंदर घूसकर मार दिखाया। ऑपरेशन सिंदूर के समय हमारा लक्ष्य तय था। हमारा लक्ष्य था कि आतंक के जो एपिसेंटर हैं, जहां से योजना बनी ट्रेनिंग मिली उस पर हमला किया जाएगा। हमने उनकी नाभि पर हमला कर दिया। जहां पहलगाम के आतंकियों का रिक्रूटमेंट हुआ, ट्रेनिंग मिलती थी, उस जगह को आइडेंटिफाई किया और ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकियों की नाभि पर प्रहार किया। इस बार भी हमारी सेना ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करके देश के सामर्थ्य का परिचय दिया। देश भूलता नहीं देश को याद है, 6 मई को ऑपरेशन सिंदूर हुआ, 7 मई को प्रेस वार्ता स्पष्ट कर दिया कि आतंकियों अड्डे, आकाओं को हम नष्ट करना चाहते हैं। हमने स्पष्ट कर दिया कि हमने जो तय किया वह कर दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि 10 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत हो रहे एक्शन को रोकने की घोषणा की। कुछ लोग सेना द्वारा दिए गए तथ्यों की जगह पाकिस्तान के झूठे प्रचार को आगे बढ़ाने में लगे हैं। कुछ चीजें मैं याद दिलाना चाहता हूं जब सर्जिकल स्ट्राइक हुआ हमने लक्ष्य तय किया था, कि हम दुश्मन के इलाके में जाकर आतंकियों के ठिकानों को नष्ट करने वाले है। एक रात के उस ऑपरेशन में हमारे लोग सूर्योदय तक अपना काम करके वापस आ गए।
पीएम ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर में तीनों सेनाओं के बीच के कोआर्डिनेशन और सिनर्जी ने पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए। आतंकी घटनाएं पहले भी देश में होती थीं। पहले उनके मास्टरमाइंड निश्चिंत रहते थे। उनको पता होता था कि कुछ नहीं होगा। लेकिन अब स्थिति बदल गई है अब उनके मास्टरमाइंड को नींद नहीं आती। अब उनको पता है कि अब भारत आएगा और मार कर जाएगा। ये न्यू नॉर्मल भारत ने सेट कर दिया है।
दुनिया ने देख लिया है कि हमारी कार्रवाई का दायरा कितना बड़ा है। सिंदूर से लेकर सिंधु तक पाकिस्तान पर कार्रवाई की है। ऑपरेशन सिंदूर ने तय कर दिया है कि भारत पर आतंकी हमले की पाकिस्तान और उसके आकाओं को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। आप ऐसे ही नहीं जा सकते है।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का मोदी सरकार पर तंज....सच सुनने का साहस दिखाएं
30 Jul, 2025 10:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा कर कहा कि पाकिस्तान के साथ सीजफायर के बाद, बीजेपी के राज्यसभा सांसद ने कहा था कि पहलगाम के शहीदों की विधवाओं में वीरांगना जैसा जज्बा नहीं दिखा, इसलिए वे हाथ जोड़कर खड़ी रहीं। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि बीजेपी सांसद का यह रुख महिलाओं और उनके दुःख के प्रति आपकी (सरकार) संवेदनशीलता या उसकी कमी को दिखाता है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आप इसतरह के लोगों को अपनी पार्टी से कान पकड़ कर बाहर क्यों नहीं निकालते?
राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान खरगे ने कहा कि आज जवाहर लाल नेहरू पर ये टिप्पणी कर रहे। कभी जब ये बच्चे थे, तब कहते थे चाचा नेहरू आए। खरगे ने केंद्र पर टारगेट कर कहा कि आपने सिर्फ झूठ के कारखाने बनाए। लोग आपकी बातों पर भरोसा नहीं करने वाले है। आपको सच बोलना चाहिए। मोदी सरकार सच सुनने का साहस दिखाए। आप बिना बुलाए गले जाकर मिलते हैं।
खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधकर कहा कि आखिर पहलगाम में आतंकी कैसे आए, क्या गृह मंत्री की जिम्मेदारी नहीं बनती। सभी 1 और 2 नंबर से डरते हैं। एलजी मनोज सिन्हा ने जिम्मेदारी ली। एलजी ने माना कि हमला सुरक्षा चूक से हुई। सुरक्षा तंत्र फेल हुआ था, तब जिम्मेदारी कब तय होगी। क्या एलजी ने गृह मंत्री को बचाने के लिए ये जिम्मेदारी स्वीकार की।
राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करते हुए खरगे ने कहा कि कांग्रेस को सेना पर गर्व है। सेना के शौर्य और बहादुरी को सलाम है। लेकिन मोदी सरकार जिम्मेदारी से भाग रही है। जिम्मेदार लोगों पर प्रधानमंत्री मोदी को एक्शन लेना चाहिए। इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश को आजादी दी। ऑपरेशन सिंदूर पर देश हित में सरकार का सपोर्ट किया। विपक्ष के लेटर कूड़े में फेंक दिए जाते हैं। हम सर्वदलीय बैठक में गए लेकिन प्रधानमंत्री नहीं आए। तीन आतंकी मारे गए बाकी कहां छिपे हैं।
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