राजनीति
हंगामा नहीं रुका तो स्पीकर ने विधानसभा सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए टाली
6 Aug, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का आज आठवां दिन है। सदन की कार्यवाही जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू होगी। इसके बाद प्रश्न काल और शून्य काल समेत दूसरी कार्यवाही की जाएगी। आज मोटरवाहन कराधान विधेयक पर चर्चा होगी।
कई विधायकों ने लगाए ध्यानाकर्षण
अमरपाटन से कांग्रेस विधायक राजेंद्र कुमार सिंह ने उमराही मधुरियान गांव को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं कराने को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लगाया है। वहीं बुरहानपुर से बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस ने इंटीग्रेटेड पैक हाउस में चोरी से बने हालात और किसान कल्याण को लेकर ध्यानाकर्षण लगाया है। इसके साथ ही डिंडोरी से कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने विद्यालयों के जर्जर भवन को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखा है। पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को सदन में श्रद्धांजलि दी गई।मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि अच्छे नेता थे। उन्होंने देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई, इसके साथ ही उत्तराखंड हादसे में मृतकों को भी श्रद्धांजलि दी गई। कांग्रेस ने विधानसभा परिसर में बेरोजगारी के मुद्दे पर खाकी कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया।
महिला सशक्तिकरण की ओर कदम: शिवराज सिंह चौहान की लोन सुविधा बढ़ाने को लेकर समीक्षा बैठक
6 Aug, 2025 11:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के अंतर्गत खरीफ सीजन में अधिक से अधिक किसानों के नामांकन के लिए और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अधिक लोन उपलब्ध कराने के लिए सभी बैंकों और राज्य सरकारों के साथ वर्चुअल बैठक ली।
मंत्री ने बैंकों को निर्देश दिए कि वे महिलाओं को लोन देने पर विशेष फोकस करें और दूरदराज, दुर्गम क्षेत्रों में भी कवरेज बढ़ाएं ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों को वित्तीय सहायता मिल सके।
कृषि मंत्री ने निर्णय लिया कि खरीफ सीजन में किसानों को फसल बीमा का सुरक्षा कवच देने के लिए 16 से 30 अगस्त तक पूरे देश में एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा किसान योजना से जुड़ सकें।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विकास गति तेजी से बढ़ रही है। कृषि हमारे देश की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा। सरकार गरीब, ग्रामीण और महिलाओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि देश में लगभग 90 लाख स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनमें 10 करोड़ से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हैं। इन समूहों को अब तक 11 लाख करोड़ रुपए का लोन दिया जा चुका है। स्वयं सहायता समूह महिलाओं के सशक्तिकरण का बड़ा माध्यम बन चुके हैं।
शिवराज सिंह ने बैंकों की सराहना की, लेकिन साथ ही कहा कि कुछ राज्य और जिले अभी पीछे हैं। बैंकों से आग्रह किया कि वे वित्तीय समावेशन बढ़ाने और पिछड़े क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करें।
मंत्री चौहान ने जोर दिया कि सिर्फ स्वयं सहायता समूहों को ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी महिलाओं को लोन देना जरूरी है ताकि वे “लखपति दीदी” बनने के लक्ष्य को पूरा कर सकें। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों का एनपीए केवल 0।7% है, जो उनकी विश्वसनीयता दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड से ऋण 10।25 लाख करोड़ रूपये को पार कर गया है। बैंकों द्वारा अब 75% ऋण किसानों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे किसान महंगे ब्याज दरों से बच रहे हैं। हालांकि कुछ शिकायतें भी आती हैं, जैसे छोटे लोन पर कोलेटरल मांगना, जिस पर मंत्री ने कड़ा निर्देश दिया कि किसानों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
राहुल गांधी पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर प्रियंका गांधी का बयान—संविधान बताएगा, अदालत
6 Aug, 2025 10:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मंगलवार को संसद परिसर में कहा कि माननीय जजों का पूरा सम्मान रखते हुए मैं ये कहना चाहती हूं कि वे यह तय नहीं करेंगे कि सच्चा भारतीय कौन है। उन्होंने कहा कि सरकार से सवाल पूछना विपक्ष के नेता का कर्तव्य है। मेरा भाई कभी भी सेना के खिलाफ नहीं बोलेगा, उनके प्रति सम्मान रखता है। भाई की बातों का गलत मतलब निकाला गया। इधर, संसद भवन में एनडीए संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने इसी मुद्दे पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट की इससे बड़ी फटकार हो ही नहीं सकती।
दरअसल, प्रियंका का ये जवाब सुप्रीम कोर्ट के राहुल के सच्चे भारतीय होने पर उठाए सवाल पर आया। 4 अगस्त को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सेना पर की गई टिप्पणी मामले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि सच्चा भारतीय ऐसा नहीं कहेगा। आपको कैसे पता चला कि चीन ने भारत की 2000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है। 16 दिसंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल ने विवादित बयान दिया था। कहा था कि लोग भारत जोड़ो यात्रा के बारे में पूछेंगे, लेकिन चीन ने 2000 वर्ग किमी भारतीय जमीन कब्जा की है, 20 भारतीय सैनिक मारे गए और हमारे सैनिकों को अरुणाचल में पीटा जा रहा है, उसके बारे में बात नहीं कर रहे हैं।
शिबू सोरेन को मिले भारत रत्न, इरफान अंसारी और पप्पू यादव ने उठाई मांग
6 Aug, 2025 09:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची । झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और दिशोम गुरु के नाम से मशहूर शिबू सोरेन के निधन के बाद, उन्हें भारत रत्न देने की मांग उठी है। झारखंड सरकार में मंत्री इरफान अंसारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से यह मांग कर कहा कि शिबू सोरेन क्रांतिकारी और गरीबों की आवाज़ थे, और वह इस सम्मान के सच्चे हकदार हैं।
सोरेन सरकार में मंत्री अंसारी ने शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके निधन से एक ऐसी क्षति हुई है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। उन्होंने शिबू को एक आंदोलनकारी और गरीबों के मसीहा के रूप में याद किया। अंसारी के अलावा, बिहार के सांसद पप्पू यादव ने भी शिबू सोरेन को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की है। शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव नेमरा में आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। अंतिम संस्कार में कई राजनीतिक हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें राहुल गांधी भी शामिल हो सकते हैं।
मायावती ने अफवाहों पर लगाया विराम....न एनडीए और न ही इंडी गठबंधन में बसपा
6 Aug, 2025 08:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बयान जारी कर साफ किया है कि उनकी पार्टी किसी भी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि बसपा न बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन में है और न ही कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन में है। मायावती ने पोस्ट में कहा कि उनकी पार्टी सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय के अंबेडकरवादी सिद्धांतों पर चलती है, और वह इन दोनों गठबंधनों से अलग है। उन्होंने मीडिया के कुछ वर्गों पर बसपा की छवि को खराब करने और राजनीतिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक यूट्यूब चैनल ने बीजेपी के साथ आ आई मायावती कर दिया बड़ा ऐलान? शीर्षक से गलत और तथ्यहीन खबर चलाई, जबकि खबर का अंदरूनी हिस्सा कुछ और था। उन्होंने इस तरह के प्रयासों की निंदा कर कहा कि चैनल को माफी मांगनी चाहिए। मायावती ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे ऐसे राजनीतिक षड्यंत्रों से सावधान रहें और किसी के बहकावे में न आएं, क्योंकि जातिवादी तत्व हमेशा अंबेडकरवादी विचारधारा को कमजोर करने के घिनौने षड्यंत्रों में लगे रहते हैं।
जो हम कहते हैं वही करते हैं नीतीश, रोडमैप शून्य: तेजस्वी यादव का वार
5 Aug, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने प्रदेश में शिक्षक भर्ती में डोमिसाइल नीति लागू करने का फैसला किया है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने पहले ही सरकार में आने पर इसे लागू करने की बात कही थी। तेजस्वी ने इसको लेकर नीतीश सरकार को घेरा।
तेजस्वी ने कहा कि हमने पहले ही कहा था कि हमारी सरकारी आएगी तो इसे लागू करेंगे। ऐसे में जो हम कहते हैं, उसको यह नीतीश की एनडीए सरकार कर रही है। सरकार आगे हमारी मां-बहन योजना को भी कॉपी करेगी। सरकार के पास अपना कोई रोडमैप या विजन नहीं है। डोमिसाइल की बात लगातार 20 सालों से की जा रही है। हम सभी चाहते हैं कि बिहार के लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार और नौकरी मिले। कई राज्यों में डोमिसाइल है, लेकिन यहां यह अब लागू किया है। अब यह देखना होगा कि सरकार इसे कैसे इंप्लीमेंट करती है। एक बात साफ है कि जो विपक्ष कहता है, सरकार उसे कॉपी कर रही है। हम कहते हैं और वे करते हैं।
तेजस्वी यादव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक एवं पूर्व सीएम शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार में भाग लेने पर कहा कि बहुत दुखद समाचार हैं, हम सभी रांची जा रहे हैं। शिबू सोरेन का योगदान हम कभी भूल नहीं सकते। गरीबों और वंचितों के लिए, खासतौर पर आदिवासी समाज के लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी। वे मेरे पिता लालू यादव के भी करीबी सहयोगी रहे। राजद और झामुमो लगातार गठबंधन में रहे। उनके नहीं रहने पर देश को राजनीतिक क्षति हुई है। उनके परिवार के प्रति पूरी संवेदना है।
तेजस्वी ने वोट अधिकार यात्रा को लेकर कहा कि शिबू सोरेन के निधन के कारण शेड्यूल में बदलाव किया गया है। हम जल्द ही वोट अधिकार यात्रा निकालेंगे। दो-दो मतदाता पहचान पत्र विवाद पर उन्होंने कहा कि मेरे पास इसका जवाब है, जो आगे दिया जाएगा। बूथ वाइज कई लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं है। वहीं कई घरों में 50 लोगों का नाम है। चुनाव आयोग को इसके बारे में बताना चाहिए। कई गड़बड़ियां हुई हैं, जो हम चुनाव आयोग को भेजेंगे और कोर्ट में भी अपना पक्ष रखेंगे।
चिराग की दोहरी चाल: एक तरफ प्रशंसा, दूसरी तरफ तंज
5 Aug, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने बीते दिनों बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नीतीश सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराधी हावी हैं और प्रशासन नतमस्तक हैं। चिराग का निशाना सीएम नीतीश कुमार पर माना जा रहा था। वही, दूसरी ओर चिराग यह भी कहते हैं कि वे एनडीए में थे, हैं और रहेंगे। उनका यह दोहरा रुख राजनीतिज्ञों को चक्कर में डाल देता है। राजनीति के जानकारों की नजर में उनकी रणनीति का हिस्सा है, जिससे वे एनडीए में रहते हुए अपनी सियासी मजबूत कर रहे हैं।
चिराग ने कहा कि महत्वाकांक्षी होना गलत नहीं, लेकिन मेरी महत्वाकांक्षा गठबंधन से ऊपर नहीं है। उन्होंने नीतीश के नेतृत्व में एनडीए के चुनाव लड़ने की बात दोहराई, लेकिन चिराग पासवान के बयानों से साफ है कि वे बिहार में अपनी पार्टी की हिस्सेदारी बढ़ाना चाहते हैं। बता दें 2020 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने अकेले 135 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसने जेडीयू को नुकसान हुआ था। इस बार भी उनकी रणनीति सीट बंटवारे में बड़ा हिस्सा लेने की बताई जा रही है।
चिराग और नीतीश के रिश्ते लंबे समय से असहज रहे हैं। वर्ष 2020 में चिराग ने एनडीए से अलग होकर जेडीयू को 34 सीटों पर नुकसान पहुंचाया था। अब नीतीश कुमार के नेतृत्व का समर्थन करते हुए भी वे बिहार की कमियों को उजागर कर रहे हैं। उनके समर्थकों के पोस्टर में चिराग के स्वागत को तैयार है बिहार लिखा रहता है। जानकारों की नजर में यह उनकी सीएम बनने की महत्वाकांक्षा को जाहिर करता है।
चिराग पासवान और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की आपसी तारीफें भी सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। दोनों नीतीश सरकार की आलोचना करते हैं जिससे नए समीकरण की अटकलें लगने लगी हैं। हालांकि चिराग ने साफ कहा है कि उनकी प्राथमिकता एनडीए के साथ है और नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही वह चुनाव लड़ेंगे। उन्होने यह कहा है कि आने वाले पांच सालों तक नीतीश कुमार ही बिहार के सीएम रहेंगे। हालांकि बीच-बीच में चिराग की पीके की तारीफ को लेकर कन्फ्यूजन भी है और प्रशांत किशोर की यह तारीफें भविष्य में गठजोड़ की संभावना को जन्म दे रही है।
राजनीति के जानकार कहते हैं कि चिराग की रणनीति बिहार में दलित और गैर-यादव पिछड़े वर्गों में पैठ बढ़ाने की है। उनकी “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” की नीति युवाओं और बहुजन समुदायों को आकर्षित कर रही है। 2025 के विधानसभा चुनाव में वे ज्यादा सीटें हासिल कर किंगमेकर की भूमिका निभाना चाहते हैं। जाहिर है चिराग एक ओर नीतीश को समर्थन देने की बात कहते हैं, लेकिन दूसरी ओर उनकी सियासी महत्वाकांक्षा भी जाहिर हो रही है जिससे एनडीए में तनाव बढ़ रहा है।
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन, राजनीतिक यात्रा के समापन पर शोक की लहर
5 Aug, 2025 02:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन हो गया है। लंबी बीमारी के बाद 79 वर्षीय सत्यपाल मलिक ने दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में अंतिम सांस ली। पूर्व राज्यपाल की तबीयत काफी समय से खराब थी और 11 मई को उन्हें राम मनोहर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह किडनी की समस्या से जूझ रहे थे। उनके निधन की जानकारी आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर दी गई है।
लंबा रहा राजनीतिक करियर
सत्यपाल मलिक ने अपने करियर में कई दलों में काम किया, जिसमें भारतीय क्रांति दल, कांग्रेस, जनता दल और भारतीय जनता पार्टी शामिल हैं। वे दो बार 1980 से 1989 तक उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य और एक बार 1989 से 1991 तक अलीगर से लोकसभा के सदस्य भी रहे। 2017 में उन्हें बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया और इसके बाद उन्होंने जम्मू-कश्मीर, गोवा और मेघालय के राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उनका जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के रूप में कार्यकाल खास रहा, क्योंकि उनके कार्यकाल के दौरान ही अनुच्छेद 370 को हटाया गया था। इसके बाद उन्हें 2022 तक गोवा का राज्यपाल नियुक्त किया गया. इसके बाद वे किसी भी पद पर नजर नहीं आए। अपने अंतिम वर्षों में, वे केंद्र सरकार के कुछ फैसलों के खिलाफ मुखर रहे और किसानों के मुद्दों पर भी खुलकर अपनी राय रखी।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी का बड़ा फैसला, मुख्य सचेतक पद छोड़ा
5 Aug, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक कलह सामने आई है। सांसद महुआ मोइत्रा के साथ टकराव के बीच लोकसभा में पार्टी के सचेतक सांसद कल्याण बनर्जी ने पद से इस्तीफा दे दिया है। सांसद कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि सांसदों के बीच समन्वय की कमी के लिए उन्हें गलत तरीके से दोषी ठहराया जा रहा है। जबकि संसद में कुछ सांसद बमुश्किल ही आते हैं। इससे पहले टीएमसी अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने एक वर्चुअल बैठक के दौरान पार्टी की संसदीय समिति में खराब समन्वय पर नाराजगी जाहिर की। बैठक के बाद टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि मैंने लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक का पद छोड़ दिया है। क्योंकि ममता बनर्जी ने वर्चुअल बैठक में कहा कि पार्टी सांसदों के बीच समन्वय की कमी है। इसका दोष मुझ पर है। इसलिए मैंने पद छोडऩे का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि मुझे अपमानित महसूस हो रहा है कि पार्टी अनुशासनहीनता और कम उपस्थिति के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह नहीं ठहरा रही है, बल्कि मुझे ही दोषी ठहरा रही है।सांसद कल्याण बनर्जी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि एक साथी सांसद द्वारा किए गए अपमान पर पार्टी की चुप्पी से मैं बहुत आहत हूं। दीदी (ममता बनर्जी) कहती हैं कि लोकसभा सांसद लड़ रहे हैं और झगड़ा कर रहे हैं। क्या मुझे उन लोगों को बर्दाश्त करना चाहिए जो मुझे गाली देते हैं? मैंने पार्टी को सूचित किया, लेकिन मेरा अपमान करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय वे मुझे दोषी ठहरा रहे हैं। ममता बनर्जी को पार्टी को अपने हिसाब से चलाने दें।
भ्रष्टाचार मामले में बड़ी राहत: सत्येंद्र जैन पर कोर्ट ने बंद किया मामला
5 Aug, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन के खिलाफ चल रहा भ्रष्टाचार का मामला बंद कर दिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को इस मामले में किसी भी तरह के अवैध लाभ का कोई सबूत नहीं मिला है। राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (पीसी अधिनियम) डिग विनय सिंह ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट (मामला बंद करने की रिपोर्ट) को मान लिया। उन्होंने कहा कि चार साल की जांच के बाद भी जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई सबूत नहीं मिला है। जो आरोप पेश किए गए हैं और जो तथ्यात्मक पृष्ठभूमि है,वे आगे की जांच या कार्यवाही शुरू करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि शक सबूत की जगह नहीं ले सकता।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि किसी को आरोपी ठहराने के लिए केवल शक काफी नहीं है। कार्यवाही आगे बढ़ाने के लिए कम से कम मजबूत सबूत होना जरूरी होता है। आप के नेता पर आरोप लगा था कि जब वह दिल्ली सरकार में लोक निर्माण विभाग मंत्री के रूप में कार्यरत थे,तो उन्होंने आउटसोर्सिंग के माध्यम से पीडब्ल्यूडी के लिए 17-सदस्यीय सलाहकारों की टीम को नियुक्त करने की मंजूरी दी थी। ऐसा करके सत्येंद्र जैन ने मानक सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को दरकिनार कर दिया था। सतर्कता विभाग ने एक शिकायत दर्ज की, जिसके आधार पर मई 2019 में जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
तेलंगाना में ओबीसी हक की लड़ाई तेज, के. कविता की भूख हड़ताल शुरू
5 Aug, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद। हैदराबाद में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की एमएलसी के.कविता ने तेलंगाना में सरकारी नौकरियों, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़े वर्गों (बीसी) के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण की तत्काल मंज़ूरी की मांग को लेकर सोमवार को 72 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल हैदराबाद के धरना चौक पर चल रही है।
बीआरएस नेता कविता ने अपनी हड़ताल से पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों पर तेलंगाना के ओबीसी के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि तेलंगाना ओबीसी आरक्षण विधेयक, जिसमें 42 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है, राष्ट्रपति के पास मंज़ूरी के लिए लंबित है। इसके अतिरिक्त, राज्यपाल के स्तर पर एक अध्यादेश भी लंबित है। कविता ने मांग की है कि या विधेयक को तुरंत मंजूरी दी जाए या अध्यादेश को पारित किया जाए। उन्होंने कांग्रेस पर चुनाव के दौरान ओबीसी के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण का वादा पूरा न करने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने भाजपा की इस शर्त की आलोचना की कि वह तभी आरक्षण देगी जब इसमें मुसलमान शामिल न हों। कविता ने ज़ोर दिया कि कांग्रेस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि राष्ट्रपति के पास भेजे गए 42 प्रतिशत आरक्षण विधेयक में मुसलमान शामिल हैं या नहीं।
कविता के अनुसार, भूख हड़ताल का उद्देश्य इन राष्ट्रीय दलों के झूठ को उजागर करना और यह सुनिश्चित करना है कि हमें इन दोनों राष्ट्रीय दलों से किसी तरह की स्पष्टता मिले। यह भूख हड़ताल सोमवार सुबह 10 बजे से शुरू होकर 7 अगस्त को सुबह 10 बजे समाप्त होगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने उन्हें विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, जिसके बाद उन्हें उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा। कविता ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सत्याग्रह, जो पूरी तरह से गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा, में उच्च न्यायालय ओबीसी की आवाज़ उठाने में उनका साथ देगा। उन्होंने यह भी बताया कि तेलंगाना में लगभग 112 ओबीसी समुदाय हैं।
स्कूलों से लेकर डिजिटल क्लास तक: बिहार में शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव
5 Aug, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने ऐलान किया कि शिक्षकों की बहाली में अब बिहार के निवासियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग को संबंधित नियमों में आवश्यक संशोधन करने का निर्देश दिया गया है। ये बदलाव टीआरई-4 से लागू किया जाएगा।
सीएम नीतीश कुमार ने बताया कि नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही राज्य में शिक्षा के सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और इसी दिशा में बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि टीआरई-4 की परीक्षा वर्ष 2025 में आयोजित की जाएगी, जबकि टीआरई-5 का आयोजन अगले साल यानी 2026 में होगा। टीआरई-5 के पहले एसटीईटी का आयोजन कराने का निर्देश भी दिया गया है।
बता दें कि नई डोमिसाइल नीति को लागू करने की मांग को लेकर पटना में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का ये प्रदर्शन गांधी मैदान में चल रहा है, उनकी मुख्य मांग है कि बिहार में निकलने वाली सरकारी नौकरियों में 90-95 प्रतिशत आरक्षण बिहार के मूल निवासियों के लिए लागू किया जाए। छात्रों का कहना है कि दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों की बजाय बिहार के लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
लंबे समय से उठ रही थी मांग
सरकारी नौकरियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की यह मांग लंबे समय से उठती रही है,लेकिन अब सीएम नीतीश कुमार ने शिक्षक बहाली में डोमिसाइल पॉलिसी लागू करने का ऐलान कर दिया है। हाल ही में राज्य कैबिनेट ने एक अहम फैसला लिया था, इसके तहत सरकारी नौकरियों में महिलाओं को मिलने वाले 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ अब सिर्फ बिहार की स्थायी निवासी महिलाओं को ही मिलेगा।
शिबू सोरेन के सम्मान में राज्यसभा कल तक के लिए सस्पेंड
4 Aug, 2025 09:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के 11वें दिन सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के जोरदार हंगामे के चलते कार्यवाही बाधित रही। लोकसभा में सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने बिहार में वोटर्स लिस्ट रिवीजन (एसआईआर) को लेकर चर्चा की मांग रखी और सुनवाई होती नहीं देख जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद स्पीकर ने पहले 2 बजे तक के लिए और फिर कल मंलगलवार 11 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया।
यहां राज्यसभा में सोमवार सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद सिटिंग सांसद शिबू सोरेन के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उच्च सदन में मौजूद सांसदों ने उनके सम्मान में मौन रखा। इसके बाद सभापति हरिवंश नारायण सिंह ने राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। यहां बताते चलें कि उच्च सदन में आज गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को 13 अगस्त से छह महीने और बढ़ाने का प्रस्ताव पेश करने वाले थे। यह प्रस्ताव लोकसभा में 30 जुलाई को मंजूर किया जा चुका है।
इस प्रकार संसद के मानसून सत्र के 11वें दिन लोकसभा की कार्यवाही विपक्ष के हंगामें के चलते पहले 2 बजे तक के लिए फिर मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस प्रकार 21 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र की संसदीय कार्यवाही लगातार हंगामें की भेंट चढ़ती रही है। इस दौरान, महज 28 और 29 जुलाई को सदन में पूरे दिन की कार्यवाही चली। दरअसल इन दोनों ही दिनों में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चर्चा की गई थी।
तेजस्वी को नोटिस, पप्पू यादव का हमला– आयोग नहीं, 'संदिग्ध संस्था' बन चुका EC
4 Aug, 2025 08:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया
पटना। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव को दो मतदाता पहचान पत्र मामले में चुनाव आयोग (ईसी) द्वारा नोटिस जारी करने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर काम कर रहा है और यह खुद संदिग्ध आयोग बन गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अलादीन का चिराग नहीं है। उनका यह बयान तब आया जब आयोग ने तेजस्वी यादव को उनके ईपीआईसी (ईपीआईसी) कार्ड का विवरण मांगने के लिए नोटिस भेजा। सांसद यादव ने कहा कि भाजपा और मोदी जी भ्रम फैला रहे हैं। चुनाव आयोग अपने आप में एक संदिग्ध आयोग है। उन्होंने कहा है कि वे हर हाल में भाजपा के प्रवक्ता हैं।
दरअसल पटना में मौजूद निर्वाचन निबंधन अधिकारी ने तेजस्वी से उस ईपीआईसी कार्ड का विवरण देने को कहा था, जिसका जिक्र उन्होंने अपनी प्रेसवार्ता में किया था, ताकि मामले की गहन जांच हो सके। नोटिस में लिखा है कि तेजस्वी द्वारा प्रेसवार्ता में उल्लेखित ईपीआईसी नंबर आरएबी 2916120 आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया प्रतीत होता है। आयोग ने तेजस्वी से उल्लेखित ईपीआईसी कार्ड का विवरण (मूल प्रति सहित) उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि तेजस्वी के मतदाता पहचान पत्र का वास्तविक ईपीआईसी नंबर आरएबी 0456228 है। आयोग ने बताया कि तेजस्वी का नाम मतदान केंद्र संख्या 204 (बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पुस्तकालय भवन) के क्रमांक 416 पर दर्ज है। इसके बाद बिहार में सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरु हो गया। जहां पप्पू यादव ने चुनावी राज्य बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए चुनाव आयोग की आलोचना कर आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग बिहार के लोगों के अधिकारों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कांग्रेस ही एकमात्र विकल्प है। जिस तरह से भाजपा और चुनाव आयोग ने पिछले दरवाजों से एसआईआर पर हमला किया है, उससे बिहार और बिहारियों के अधिकारों पर हमला हुआ है। उन्होंने बताया कि 10 अगस्त से राहुल गांधी और गठबंधन के नेता बिहार का दौरा करने वाले है।
बात दें कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब तेजस्वी यादव ने दावा किया कि उनका नाम मतदाता सूची से गायब है और उनका मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) नंबर बदल दिया गया है। इस दावे का खंडन करते हुए, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि तेजस्वी का नाम मतदाता सूची के मसौदे में क्रमांक 416 पर शामिल है।
JMM के संस्थापक संरक्षक शिबू सोरेन का सोमवार 4 अगस्त को लंबी बिमारी के कारण निधन हो गया
4 Aug, 2025 11:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक संरक्षक शिबू सोरेन का सोमवार, 4 अगस्त को निधन हो गया। उनके बेटे और वर्तमान झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसकी पुष्टि की। शिबू सोरेन की तबीयत पिछले कुछ समय से खराब थी और वे दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती थे।
लंबे समय से अस्पताल में थे भर्ती
शिबू सोरेन को जुलाई 2025 के अंतिम सप्ताह में किडनी से संबंधित समस्याओं के कारण दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती किया गया था। उनकी स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी और नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञों की एक टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित कई नेताओं ने अस्पताल में उनसे मुलाकात की थी।
नेताओं की प्रतिक्रिया
शिबू सोरेन के निधन पर झारखंड और देश भर के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक्स पर लिखा- ‘आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं. आज मैं शून्य हो गया.’ हेमंत सोरेन के इस पोस्ट से उनके निजी और राजनीतिक नुकसान का अंदाजा लगाया जा सकता है. नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.
पीएम मोदी ने लिखा पोस्ट
इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शिबू सोरेन के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा- ‘शिबू सोरेन एक ज़मीनी नेता थे, जिन्होंने जनता के प्रति अटूट समर्पण के साथ सार्वजनिक जीवन में ऊंचाइयों को छुआ। वे आदिवासी समुदायों, गरीबों और वंचितों के सशक्तिकरण के लिए विशेष रूप से समर्पित थे। उनके निधन से दुःख हुआ। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात की और संवेदना व्यक्त की. ॐ शांति।
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