राजनीति
मुंबई हमले पर चिदंबरम का बड़ा कुबूलनामा, अमेरिका ने हमें जवाबी कार्रवाई से रोका, BJP बोली- बहुत देर कर दी
1 Oct, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री (Former Union Home Minister) पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने खुलासा किया है कि तत्कालीन यूपीए सरकार (UPA government) ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव और विदेश मंत्रालय के रुख की वजह से पाकिस्तान (Pakistan) पर जवाबी कार्रवाई न करने का फैसला किया था. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने स्वीकार किया कि ‘मेरे मन में बदला लेने का विचार आया था’, लेकिन सरकार ने सैन्य कार्रवाई न करने का फैसला किया.
दिल्ली आईं थी अमेरिकी विदेश मंत्री
उनके बयान की बीजेपी नेताओं ने तीखी आलोचना की है और कहा कि यह कुबूलनामा ‘बहुत कम और बहुत देर से आया’ है. एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में चिदंबरम ने कहा, ‘पूरी दुनिया दिल्ली में यह कहने आई थी कि ‘युद्ध शुरू मत करो’. उन्होंने आतंकवादी हमलों के कुछ ही दिन बाद केंद्रीय गृह मंत्री का पदभार संभाला था, जिसमें 175 लोगों की जान चली गई थी.
उन्होंने स्वीकार किया, ‘कोंडोलीजा राइस, जो उस समय अमेरिकी विदेश मंत्री थीं, मेरे कार्यभार संभालने के दो-तीन दिन बाद मुझसे और प्रधानमंत्री से मिलने आईं. और कहा, ‘कृपया प्रतिक्रिया न दें’. मैंने कहा कि यह एक ऐसा फैसला है जो सरकार लेगी. बिना कोई आधिकारिक राज़ बताए, मेरे मन में यह विचार आया कि हमें बदले की कार्रवाई करनी चाहिए.’ चिदंबरम ने आगे कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री और ‘अन्य अहम लोगों’ के साथ संभावित जवाबी कार्रवाई पर चर्चा की.
पाकिस्तानी आतंकियों ने किया था हमला
उन्होंने याद करते हुए कहा, ‘जब हमला हो रहा था, तब भी प्रधानमंत्री ने इस पर चर्चा की थी और निष्कर्ष यह था कि, जो काफी हद तक विदेश मंत्रालय और आईएफएस से प्रभावित था, हमें स्थिति पर शारीरिक प्रतिक्रिया नहीं करनी चाहिए.’
26 नवंबर, 2008 को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों के एक ग्रुप ने छत्रपति शिवाजी महाराज रेलवे स्टेशन, ओबेरॉय ट्राइडेंट, ताज महल पैलेस एंड टावर होटल, लियोपोल्ड कैफ़े, कामा अस्पताल और नरीमन हाउस पर हमले किए. मुंबई पुलिस की ओर से पकड़े गए आतंकवादियों में से एक, अजमल कसाब को 2012 में फांसी दे दी गई थी.
बीजेपी का तीखा पलटवार
वरिष्ठ कांग्रेस नेता की टिप्पणी बीजेपी नेताओं को रास नहीं आई और उन्होंने इस कुबूलनामे के लिए उनकी आलोचना की. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि पूर्व गृह मंत्री ने स्वीकार किया है कि देश पहले से ही जानता था कि मुंबई हमलों को ‘विदेशी ताकतों के दबाव के कारण गलत तरीके से संभाला गया था.’
टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि चिदंबरम मुंबई हमलों के मद्देनजर शुरू में गृह मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के लिए तैयार नहीं थे, वह पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई चाहते थे, लेकिन ‘दूसरों का दबदबा रहा.’
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी या तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस कदम को रोका था, और दावा किया कि ऐसा लगता है कि यूपीए सरकार कोंडोलीज़ा राइस के प्रभाव में काम कर रही थी. पूनावाला ने पूछा, ‘यूपीए उनसे आदेश क्यों ले रहा था? सोनिया गांधी गृह मंत्री पर क्यों हावी हो गईं?’
उन्होंने कांग्रेस पर मुंबई हमलों और 2007 समझौता एक्सप्रेस बम धमाकों पर पाकिस्तान को ‘क्लीन चिट’ देने और साथ ही ‘हिंदू आतंकवाद’ की कहानी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. उन्होंने बार-बार आतंकवादी हमलों के बावजूद पाकिस्तान को सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) का दर्जा देने के लिए यूपीए सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि कांग्रेस को इस्लामाबाद के खिलाफ नई दिल्ली की सैन्य कार्रवाई को लेकर अब भी शक है.
अल्लाह सबसे बड़ी ताकत है, किसी से डरने की जरूरत नहीं : ओवैसी
30 Sep, 2025 08:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोल्हापुर । ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद मुस्लिमीन ने यशोलक्ष्मी मैदान में विशाल जनसभा का आयोजन किया। प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने कहा कि कोल्हापुर और इचलकरंजी में उनकी सभाओं का विरोध करने की कोशिश की गई। लेकिन, एआईएमआईएम डटकर मुकाबला करेगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में आई लव मोहम्मद बैनर को लेकर हुए विवाद का जिक्र कर कहा कि पैगंबर मोहम्मद का स्थान उनके दिलों में है, जिसे कोई मिटा नहीं सकता। मुस्लिम समुदाय को संदेश देकर ओवैसी ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद से सच्चा प्रेम दिखाने के लिए पांच वक्त की नमाज पढ़ें, रोजा रखें और किसी महिला पर हाथ न उठाएं।
हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने अपने भाषण में कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने पहलगाम में 26 भारतीय नागरिकों की मौत का जिक्र कर भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि जब प्रधानमंत्री कहते हैं कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते, तब भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच क्यों कराया गया?
ओवैसी ने हिंदुत्ववादी संगठनों पर निशाना साधकर कहा, मैं धर्म के लिए मरने को तैयार हूं, क्या तुम तैयार हो? इतना ही नहीं ओवैसी ने पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें, जो चार बार सांसद और दो बार विधायक रहे, नोटिस थमाया गया, जबकि अन्य नेताओं को ऐसी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ता। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधकर ओवैसी ने कहा कि फतेहपुर में दरगाह पर हमले के दौरान वे चुप थे, लेकिन बरेली में आई लव मोहम्मद पोस्टर पर तुरंत कार्रवाई की गई। उन्होंने वक्फ कानून हटाने के लिए मोदी सरकार की आलोचना कर कहा कि मुस्लिम समुदाय अपनी मस्जिदें नहीं छोड़ेगा। ओवैसी ने कहा, अल्लाह सबसे बड़ी ताकत है, किसी से डरने की जरूरत नहीं।
पीएम मोदी को हिंसा और डर की राजनीति बंद कर संवाद करना चाहिए: राहुल
30 Sep, 2025 05:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लद्दाख में हुई हिंसा को लेकर मंगलवार को केंद्र सरकार को घेरा। एक पूर्व सैनिक के मारे जाने का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने इस केंद्रशासित प्रदेश के लोगों के साथ धोखा किया है। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी को हिंसा और डर की राजनीति बंद करके संवाद करना चाहिए। हिंसा की न्यायिक जांच होनी चाहिए। बीते 24 सितंबर को हुई हिंसा में कारगिल युद्ध में भाग लेने वाले पूर्व सैनिक त्सावांग थारचिन की भी मौत हो गई थी। राहुल गांधी ने एक्स पर थारचिन के पिता का वीडियो साझा किया।
राहुल गांधी ने पोस्ट में लिखा- पिता फौजी, बेटा भी फौजी, जिनके खून में देशभक्ति बसी है। फिर भी बीजेपी सरकार ने देश के वीर बेटे की गोली मारकर जान ले ली, सिर्फ इसलिए क्योंकि वह लद्दाख और अपने अधिकार के लिए खड़ा था। उन्होंने कहा कि पिता की दर्द भरी आंखें बस एक सवाल कर रही है- क्या आज देशसेवा का यही सिला है?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमारी मांग है कि लद्दाख में हुई इन हत्याओं की निष्पक्ष न्यायिक जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी, आपने लद्दाख के लोगों को धोखा दिया है। वह अपना हक मांग रहे हैं। संवाद कीजिए। हिंसा और डर की राजनीति बंद कीजिए। केंद्र के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) की ओर से बंद बुलाया गया था। इस दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प के बाद 24 सितंबर को लेह में कर्फ्यू लगा दिया गया। हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई। यह संगठन राज्य का दर्जा और लद्दाख में छठी अनुसूची के विस्तार के लिए आंदोलन का नेतृत्व कर रहा है।
एशिया कप पर कांग्रेस की टिप्पणी से भड़की BJP, बोली- ऑपरेशन सिंदूर का अपमान
30 Sep, 2025 01:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: एशिया कप में भारत की जीत पर बधाई देते हुए जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ऑपरेशन सिंदूर से जोड़ा, उसके बाद बीजेपी मैच के अलग-अलग पहलुओं को ऑपरेशन सिंदूर से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर कैंपेन चला रही है। पार्टी के आधिकारिक हैंडल के साथ ही बीजेपी नेता पाकिस्तान की शिकस्त को इसे ऑपरेशन सिंदूर का ही एक्सटेंशन बता रहे हैं। साथ ही बीजेपी नेता कांग्रेस पर भी निशाना साध रहे हैं।
बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि जिस तरह भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को घर में घुसकर मारा, उसी तरह भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तानी टीम को मारा है।
राहुल-प्रियंका पर हमलावर हुई बीजेपी
बीजेपी नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पीएम मोदी ने बहुत स्पष्ट रूप से कहा कि ऑपरेशन सिंदूर हो या खेल का मैदान, निष्कर्ष एक ही है, भारत की शानदार जीत। परंतु दुख का विषय है और आश्चर्य की बात नहीं है कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी या प्रियंका गांधी का अभी तक भारतीय क्रिकेट टीम के लिए कोई बधाई संदेश नहीं आया। त्रिवेदी ने कहा कि मैं उनसे कहना चाहता हूं कि खेलों को राजनीति से अलग रखिए।
बीजेपी ने कांग्रेस पर लगाए आरोप
बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि चाहे जंग का मैदान हो, कूटनीति का मैदान हो या खेल का मैदान, कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के लोग हमेशा पाकिस्तान का मार्ग प्रशस्त करने के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम की इस शानदार जीत पर कांग्रेस नेताओं के मुंह से एक शब्द तक नहीं निकला। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि कांग्रेस पार्टी पाकिस्तान के पक्ष में हर प्रकार के प्रोपेगेंडा में साथ देने को तैयार रहती है।
पीएम मोदी बोले- कांग्रेस ने हमेशा रोका, जनसंघ ने दिया बलिदान
30 Sep, 2025 12:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बीजेपी के दिल्ली ऑफिस का उद्घाटन किया। इन दौरान उन्होंने बीजेपी और जनसंघ द्वारा दिल्ली के लिए किए गए योगदान पर बात की। पीएम मोदी ने कांग्रेस की 2014 से पहले की टैक्स नीति की आलोचना की। उन्होंने विपक्ष पर जनहित के खिलाफ काम करने का आरोप भी लगाया। इसके लिए उन्होंने हिमाचल प्रदेश में सीमेंट की कीमतों में बढ़ोतरी का उदाहरण दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की स्थापना को 45 वर्ष हो चुके हैं। अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, नानाजी देशमुख, राजमाता विजयाराजे सिंधिया, मुरली मनोहर जोशी। ऐसे अनेक व्यक्तित्वों के आशीर्वाद और परिश्रम से ये पार्टी आगे बढ़ी है, लेकिन जिस बीज से बीजेपी आज इतना बड़ा वटवृक्ष बना है, उसका रोपण अक्टूबर 1951 में हुआ था। तब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में जनसंघ की स्थापना हुई थी और उसी दौर में दिल्ली जनसंघ को भी वैद्य गुरुदत्त के रूप में अपना पहला अध्यक्ष मिला।
दिल्ली के हितों से जुड़ी पार्टी..
पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली और भाजपा का संबंध सिर्फ एक शहर और पार्टी का नहीं है। ये संबंध सेवा, संस्कार और सुख-दुख की साथी होने का है। पहले जनसंघ के रूप में और फिर बीजेपी के रूप में, हमारी पार्टी दिल्ली के दिल से, दिल्ली के हितों से जुड़ी रही है।
1984 के सिख दंगे का भी पीएम मोदी ने किया जिक्र
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौर में दिल्ली के लोगों के साथ जनसंघ के नेताओं ने सत्ता के दमन के खिलाफ संघर्ष किया। 1984 में जिन सिख दंगों में दिल्ली की आत्मा पर मानवता पर एक भयंकर आघात हुआ, उस संकट काल में भी दिल्ली बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने हमारे सिख भाइयों की हर संभव रक्षा की। दिल्ली और भाजपा का साथ भावना का है, भरोसे का है।
पीएम मोदी की 'ऑपरेशन सिंदूर' पोस्ट पर कांग्रेस का वार: "देश क्रिकेट देख रहा था, आप राजनीति कर रहे थे
30 Sep, 2025 11:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: एशिया कप में भारतीय क्रिकेट टीम की जीत के बाद पीएम मोदी द्वारा किए गए पोस्ट पर अब कांग्रेस हमलावर हो गई है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग क्रिकेट मैच देख रहे थे और जीत का जश्न मना रहे थे, उन्होंने देशभक्ति का सही अर्थ नहीं समझा। श्रीनेत ने ट्वीट कर लिखा कि जिन बेटियों के सुहाग सरहद पर शहीद हुए सैनिकों की वजह से उजड़ गए, उनका ख्याल क्यों नहीं आया।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मोदी ने सैनिकों की कुर्बानी की तुलना पैसा कमाने वाले क्रिकेटर्स से करके हद पार कर दी। उन्होंने कहा, पीएम मोदी का बयान उन परिवारों के दर्द और बलिदान के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है।
सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, 'जिसने क्रिकेट मैच देखा, जिसने जीत का जश्न मनाया, जो खुशी से झूमा वो इस देश से प्यार नहीं करता, जिन बेटियों के सुहाग उजड़ गए उनका ख्याल नहीं आया? नरेंद्र मोदी ने तो सरहद पर अपनी जान कुर्बान करने वाले सैनिकों की तुलना पैसा पीटने वाले क्रिकेटर्स से करके बेशर्मी की हद कर दी।'
पीएम मोदी ने क्या किया पोस्ट?
नरेंद्र मोदी ने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा, "ऑपरेशन सिंदूर खेल के मैदान पर भी जारी है। परिणाम भी सेम है- भारत की जीत। हमारे क्रिकेटरों को हार्दिक बधाई।" इसी पोस्ट के बाद पाकिस्तान से लेकर भारत तक सियासत गरमा गई।
पवन खेड़ा ने भी दी तीखी प्रतिक्रिया
पवन खेड़ा ने पीएम मोदी की पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी, पहली बात तो एक क्रिकेट मैच की तुलना युद्ध के मैदान से करना ठीक नहीं है। दूसरी बात, अगर आपने तुलना कर ही दी तो आपको भारतीय टीम से यह सीखने की जरूरत है कि जब जीत के करीब हों, तो किसी थर्ड अंपायर के कहने पर अच्छे कप्तान सीजफायर नहीं करते। पवन खेड़ा के थर्ड अंपायर को लेकर इशारा साफ-साफ डोनाल्ड ट्रंप की तरफ था।
हम तो छोटी गली के खादिम, बड़े नेता आए तो अच्छा लगेगा; रामपुर में अखिलेश के आगमन पर आजम खान ने कसा तंज
30 Sep, 2025 10:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Akilesh yadav rampur visit azam khan taunt: सपा मुखिया अखिलेश यादव के आठ अक्तूबर को रामपुर आने की खबर पर सपा के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान ने मीडिया के जरिए जानकारी होने की बात कही। उन्होंने कहा, “हम तो छोटी सी गली में रहते हैं। यहां कई फीट तक पानी भर जाता है। बड़े लोग आएंगे तो अच्छा लगेगा।” उनके इस तंज ने राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।
दिल्ली से स्वास्थ्य जांच करा लौटे आजम खान
आजम खान हाल ही में तीन दिन दिल्ली में अस्पताल में इलाज करवा रहे थे। सीतापुर जेल से रिहा होने के बाद स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली गए थे। सोमवार को जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में रामपुर दौरे की खबर पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
छोटी गली में रहने वाले खादिम का बड़ा तंज
सपा मुखिया के आगमन को लेकर आजम खान ने कहा, “बड़े लोगों का छोटी गली में रहने वाला यह खादिम खैर मकदम करता है।” उन्होंने हंसते हुए कहा कि उनकी गली में जब बड़े नेता आते हैं तो खुशी होती है, लेकिन छोटे स्तर पर रह रहे लोगों की मुश्किलें भी कम नहीं होतीं।
जेल के अनुभव किए साझा
आजम खान ने अपने जेल के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि दोपहर में केवल पतली रोटी और शाम को आधी रोटी खाते थे। पेट भरने के लिए नींबू से आचार बनाकर खा लिया करते थे। उन्होंने पूर्व राज्यसभा सांसद शाहिद सिद्दीकी के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि वह हमेशा खाने-पीने में सतर्क रहते थे।
दिल्ली में BJP मोदी ने नए दफ्तर का किया उद्घाटन, भाजपा की ताकत को बताया कार्यकर्ताओं की मेहनत
30 Sep, 2025 09:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Delhi BJP New Office: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली में बीजेपी के नए ऑफिस का उद्घाटन किया। इस दौरान दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई नेता मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को भी संबोधित किया। पीएम मोदी ने संबोधित करते हुए कहा- आज नवरात्रि के इन पावन दिनों में दिल्ली भाजपा को अपना नया कार्यालय मिला है। दिल्ली भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को बहुत-बहुत बधाई।
BJP की स्थापना को हुए 45 साल
पीएम मोदी ने कहा- बीजेपी की स्थापना को 45 वर्ष हो गए हैं, लेकिन जिस बीज से भाजपा इतने विशाल वटवृक्ष के रूप में विकसित हुई है, उसका बीजारोपण अक्टूबर 1951 में हुआ था, जब डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में जनसंघ की स्थापना हुई थी। आज दिल्ली भाजपा के पास जो ताकत है, वह पिछले दशकों में हमारे लाखों कार्यकर्ताओं के त्याग और कड़ी मेहनत का परिणाम है।
आपातकाल और सिख दंगों का किया जिक्र
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने आपातकाल और सिख दंगों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जनसंघ की स्थापना के बाद से हमने हर तरह से दिल्ली के लोगों की सेवा की है। आपातकाल के दौरान जनसंघ के नेताओं ने दिल्ली के लोगों के साथ मिलकर सरकारी दमन के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी। यहां तक कि 1984 के सिख दंगों के दौरान दिल्ली भाजपा ने हमारे सिख भाइयों की रक्षा की थी।
‘दिल्ली के हितों के लिए प्रतिबद्ध रही पार्टी’
बीजेपी ऑफिस के उद्घाटन अवसर पर पीएम ने कहा- दिल्ली और बीजेपी का रिश्ता सिर्फ़ एक शहर और एक पार्टी का नहीं है, ये सेवा, संस्कार और सुख-दुख में साथ निभाने का है। पहले जनसंघ और फिर भाजपा के रूप में हमारी पार्टी हमेशा दिल्ली के हितों के लिए प्रतिबद्ध रही है।
दिल्ली में आज BJP की सरकार-PM Modi
पीएम ने कहा- कई वर्षों के अंतराल के बाद आज दिल्ली में बीजेपी की सरकार है। दिल्ली के लोगों ने अपने बेहतर भविष्य के सपने और उम्मीदें भाजपा में लगाई हैं। इसलिए नए प्रदेश कार्यालय में बैठे हर व्यक्ति की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। दिल्ली सरकार दिल्ली के पुनर्निर्माण में जुटी है।
गहलोत-पायलट खेमे के 6 नेताओं की कांग्रेस में एंट्री, पहले क्यों हुआ था निलंबन? अब क्यों हुई वापसी? जानें
30 Sep, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Rajasthan Politics: राजस्थान कांग्रेस ने हाल ही में छह नेताओं मेवाराम जैन, बालेंदु सिंह शेखावत, संदीप शर्मा, बलराम यादव, अरविंद डामोर और तेजपाल मिर्धा के निलंबन को रद्द कर उनको पार्टी में वापस लिया है। इन नेताओं को विभिन्न कारणों से अनुशासनहीनता के आरोपों में निष्कासित किया गया था, लेकिन इनमें से एक नेता की वापसी से प्रदेश की सियासत में भूचाल आया हुआ है।
दरअसल, पार्टी के इस निर्णय को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के खेमों के बीच संतुलन साधने की कोशिश बताया जा रहा है। हालांकि, कुछ नेताओं की वापसी पर विरोध भी सामने आया है, जिससे पार्टी के भीतर गुटबाजी फिर से उभर रही है।
किन-किन नेताओं की हुई वापसी?
AICC के राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इन छह नेताओं का निष्कासन रद्द करने का आदेश जारी किया। इनमें से कुछ नेता गहलोत खेमे से जुड़े हैं तो कुछ पायलट समर्थक माने जाते हैं। इन नेताओं के निलंबन के पीछे अलग-अलग कारण थे, जैसे अनैतिक आचरण, पार्टी विरोधी गतिविधियां और पार्टी आदेशों की अवहेलना। अब इनकी वापसी से पार्टी ने दोनों खेमों को साधने की कोशिश की है, लेकिन इस निर्णय पर सवाल भी उठ रहे हैं।
मेवाराम जैन- विवादों के बीच वापसी
इन सभी नेताओं में बाड़मेर के पूर्व विधायक मेवाराम जैन की वापसी की सबसे अधिक चर्चा हो रही है। जनवरी 2024 में उन के खिलाफ जोधपुर के राजीव नगर थाने में एक विवाहिता ने रेप का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद उनके कथित अश्लील वीडियो वायरल होने पर डोटासरा ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था। निलंबन पत्र में कहा गया था कि मेवाराम का आचरण पार्टी संविधान के खिलाफ है।
‘भविष्य में और बढ़ेंगे समुद्री खतरे, चुनौतियों से निपटने के लिए पारंपरिक तरीके अब पर्याप्त नहीं’
29 Sep, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। राजनाथ सिंह ने युद्धों के बदलते स्वरूप और इनमें नयी-नयी प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल का उल्लेख करते हुए भारतीय तटरक्षक (आईसीजी) से ऐसा भविष्योन्मुखी रोडमैप विकसित करने को कहा है जो नई चुनौतियों का पूर्वानुमान लगा सके, अत्याधुनिक तकनीकों को एकीकृत कर सके और रणनीतियों के अनुकूल हो। राजनाथ सिंह ने सोमवार को यहां भारतीय तटरक्षक के शीर्ष कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि अब युद्ध महीनों में नहीं, बल्कि घंटों और सेकंडों में मापा जाता है, क्योंकि उपग्रह, ड्रोन और सेंसर संघर्ष की प्रकृति को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तैयारी, अनुकूलनशीलता और त्वरित प्रतिक्रिया बल के दृष्टिकोण की आधारशिला होनी चाहिए।
रक्षा मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में भारत का मार्ग समृद्धि और सुरक्षा के दो स्तंभों पर टिका है। उन्होंने आईसीजी के आदर्श वाक्य, ‘वयं रक्षाम: यानी हम रक्षा करते हैं का उल्लेख करते हुए इसे केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक प्रतिज्ञा बताया। उन्होंने कहा, “यह प्रतिज्ञा, जो प्रत्येक आईसीजी कर्मी में निहित है, यह सुनिश्चित करेगी कि हम आने वाली पीढ़ियों को एक मजबूत, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत सौंपें।”
बिहार में अबकी बार तेजस्वी सरकार, सवाल- क्या बदल रही है बयार?
29 Sep, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव की अभी तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है। लेकिन यहां चुनावी हवा को भांपने वाले सर्वे शुरु हो गए है। हाल ही में आए एक चुनाव पूर्व सर्वे ने राज्य की राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। लोक पोल के सर्वे के अनुसार, बिहार चुनाव में आरजेडी नीत महागठबंधन को 118 से 126 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन 105 से 114 सीटों तक सिमट सकता है। यह सर्वे तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनता दल और उसके सहयोगियों के लिए एक बड़ा बढ़ावा माना जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड और बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए के लिए यह एक चेतावनी हो सकता है। इस सर्वे को देखकर सवाल उठ रहा है कि क्या नीतीश कुमार की तमाम चुनावी रेवड़ियां फेल हो रही हैं?
बिहार की राजनीति लंबे समय से जाति, वर्ग, और क्षेत्रीय समीकरणों पर आधारित रही है। नीतीश कुमार ने 2005 से इन समीकरणों को संतुलित करके अपनी सरकार बनाई है, लेकिन 2025 के चुनाव में ये समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। लोक पोल के सर्वे में यह सामने आया है कि युवा वोटर और महिलाएं इस बार महागठबंधन की ओर ज्यादा झुकाव दिखा रहे हैं। राहुल गांधी की वोटर अधीकार यात्रा ने भी महागठबंधन के पक्ष में माहौल बनाया है।लोक पोल के सर्वे में बताया गया है कि बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से महागठबंधन को 118 से 126 सीटें मिल सकती हैं, जबकि एनडीए को 105 से 114 सीटें। वहीं अन्य पार्टियों को 2 से 5 सीटें मिलने की संभावना है। वोट शेयर की बात करें तो महागठबंधन को 39प्रतिशत से 42प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है, जबकि एनडीए को 38प्रतिशत से 41प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। यह अंतर वैसे तो बेहद कम है, लेकिन सीटों की संख्या में महागठबंधन का बढ़त लेना तेजस्वी यादव के लिए एक बड़ा नैरेटिव सेट करता है। सर्वे में यह भी बताया गया है कि राहुल गांधी की वोटर अधीकार यात्रा और एनडीए नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोपों ने वोटरों के मन में बदलाव लाया है। युवा और पहली बार वोट डालने वाले मतदाता महागठबंधन की ओर ज्यादा झुकाव दिखा रहे हैं। इसमें एक बड़ा वर्ग तेजस्वी यादव की ‘नौकरी देने वाली सरकार’ के वादे से प्रभावित हैं। नीतीश कुमार की सरकार ने पिछले कुछ महीनों में कई वेलफेयर स्कीम्स की घोषणा की है, जैसे बुजुर्ग और विधवा महिलाओं के लिए मासिक भत्ता, बेरोजगार युवाओं के लिए मासिक सहायता और 125 यूनिट मुफ्त बिजली… इन चुनावी रेवड़ियों पर राज्य का सालाना खर्च 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है, जो राज्य की कुल राजस्व प्राप्ति का लगभग 70प्रतिशत है।लोक पोल सर्वे के नतीजे इशारा करते हैं कि इन स्कीम्स का असर सीमित रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वेलफेयर स्कीम्स लंबे समय में प्रभाव डालती हैं, लेकिन चुनाव से ठीक पहले इनकी घोषणा वोटरों को ज्यादा प्रभावित नहीं करती, खासकर जब विपक्ष नौकरी और विकास के मुद्दे पर आक्रामक हो।
बी टीम कहने वालों बीजेपी के राज्य में ही मुझ पर हुआ था हमला, बरसाईं थी गोलियां
29 Sep, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ओवैसी ने बिहार में जनसभाओं को संबोधित कर सीमांचल न्याय यात्रा का किया समापन
कटिहार। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को बिहार में अपनी पार्टी पर लगने वाले राजग की बी टीम होने के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि कुछ साल पहले बीजेपी शासित राज्य यूपी में उन पर हमला हुआ था, जिसमें वह किसी तरह बच गए थे। ओवैसी ने कहा कि अगर कोई गठबंधन सहयोगी नहीं मिलता तो उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में अकेले ही चुनाव मैदान में उतरेगी। ओवैसी ने कटिहार जिले में कई जनसभाओं को संबोधित कर अपनी सीमांचल न्याय यात्रा का समापन किया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ओवैसी ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता के तथाकथित ठेकेदार आरोप लगाते हैं कि हम यहां बीजेपी की बी टीम हैं। उन्हें याद रखना चाहिए कि 2022 में यूपी विधानसभा चुनावों में मेरी कार पर छह गोलियां चलाई गई थीं। ओवैसी ने राजद के नेता तेजस्वी यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि तेजस्वी ने बिहार में एआईएमआईएम के पांच में से चार विधायकों को खरीद लिया था। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद मैंने भारी मन से गठबंधन की कोशिश की।
ओवैसी ने आगे कहा कि हमारे प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने मुझे फोन पर बताया कि लोग इस बात से नाराज हैं कि ओवैसी राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन के साथ गठबंधन में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। मैंने कहा कि जो जनता की मर्जी है वह करो।
ओवैसी ने कहा कि हमारी संस्कृति में, जब पिता जीवित होता है तो हम बेटे से बात करने से पहले उससे संपर्क करते हैं। इसलिए इमाम ने राजद प्रमुख लालूजी को पत्र लिखकर सूचित किया कि एआईएमआईएम गठबंधन के लिए तैयार है। बाद में उन्होंने तेजस्वी को भी एक पत्र भेजा। अब, अगर वे जवाब नहीं दे रहे हैं, तो हम क्या कर सकते हैं?
उन्होंने दावा किया कि जब गठबंधन का प्रस्ताव रखा गया तो पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने साफ कहा था कि अगर महागठबंधन सरकार बनाता है, तो एआईएमआईएम की मंत्री पद की कोई मांग नहीं होगी। ओवैसी ने कहा कि हमारी एकमात्र शर्त छह सीटें थीं, क्योंकि हम पहले ही पांच सीटें जीत चुके थे और एक लिखित आश्वासन कि सीमांचल विकास परिषद की स्थापना की जाएगी, लेकिन उनकी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं थी। एआईएमआईएम प्रमुख ने ऐलान किया कि कोई पार्टी गठबंधन न भी करे तो उनकी पार्टी आगामी चुनावों में पूरी ताकत से उतरेगी। उन्होंने कहा कि बाघ कभी झुंड बनाकर नहीं चलता।
उन्होंने राजद नेताओं द्वारा उन्हें बाहरी कहे जाने पर भी नाराजगी जताई और कहा कि मैं किसी और दूसरे ग्रह से नहीं आया हूं। राजद नेताओं को अपने नेता से पूछना चाहिए कि उन्होंने हरियाणा के एक व्यक्ति को राज्यसभा क्यों भेजा। अब देखना है कि ओवैसी के यात्रा और बयानों का चुनाव में लोगों पर क्या असर होता है। पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी या गठबंधन के साथ यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
पीएम मोदी ने संघ की 100 सालों की यात्रा, हर स्वयंसेवक के लिए राष्ट्र प्रथम की भावना हमेशा सर्वोपरि
29 Sep, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की 100 सालों की उल्लेखनीय, अभूतपूर्व और प्रेरणादायक यात्रा की खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि आरएसएस स्वयंसेवकों के हर प्रयास में राष्ट्र प्रथम की भावना हमेशा सर्वोपरि रही है। पीएम मोदी ने कहा, अगले कुछ ही दिनों में हम विजयादशमी मनाने वाले हैं। इस बार कि विजयादशमी एक और वजह से बहुत विशेष होने वाली है। इसी दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष हो रहे हैं। एक शताब्दी की संघ की ये यात्रा जितनी अद्भुत है, अभूतपूर्व है, उतनी ही प्रेरक है।
पीएम मोदी ने कहा कि 100 साल पहले जब संघ की स्थापना हुई थी, तब देशसदियों से गुलामी की जंजीरों में बंधा था। सदियों की गुलामी ने हमारे स्वाभिमान और आत्मविश्वास को गहरी चोट पहुंचाई थी। विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यता के सामने पहचान का संकट खड़ा हुआ था। देशवासी हीन-भावना का शिकार होने लगे थे। इसलिए देश की आजादी के साथ-साथ ये भी महत्वपूर्ण था कि देश वैचारिक गुलामी से भी आजाद हो।
इस दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने संघ संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को याद किया। उन्होंने कहा, हेडगेवार जी ने इस विषय में मंथन करना शुरू किया और फिर इस भागीरथ कार्य के लिए उन्होंने 1925 में विजयादशमी के पावन मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। उनके जाने के बाद गुरु जी ने राष्ट्र सेवा के इस महायज्ञ को आगे बढ़ाया।
उन्होंने कहा, परम पूज्य गुरुजी कहा करते थे, इदं राष्ट्राय इदं न मम यानी, ये मेरा नहीं है, ये राष्ट्र का है। इसमें स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्र के लिए समर्पण का भाव रखने की प्रेरणा है। गुरुजी गोलवरकर जी के इस वाक्य ने लाखों स्वयंसेवकों को त्याग और सेवा की राह दिखाई है। त्याग और सेवा की भावना और अनुशासन की सीख यही संघ की सच्ची ताकत है।
तेजस्वी का नीतीश और मोदी सरकार पर हमला, बिहार की समझदार जनता आपके झांस में नहीं आएगी
29 Sep, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने डबल इंजन सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और केंद्र की भाजपा सरकार विधानसभा चुनाव से पहले योजनाओं की घोषणाएं कर जनता को भ्रमित करने में जुटी है, लेकिन बिहार की समझदार जनता इनके झांसे में नहीं आने वाली है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार के पास राजस्व की कमी है, फिर वादे कैसे पूरे हो सकते है। तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश और केंद्र सरकार से बिहार की जनता पूछ रही है कि आपके पास 1 लाख करोड़ रुपए नहीं हैं, फिर 7 लाख 8 हजार 729 करोड़ रुपए की घोषणाएं कैसे पूरी होगी, बिहार का राजस्व सृजन कितना है? यह पैसा कहां से आएगा?
तेजस्वी ने भ्रष्टाचार पर नीतिश सरकार की घेराबंदी की। उन्होंने कहा कि भाजपा और जदयू से ज्यादा, भ्रष्ट अधिकारी डरे हुए हैं। उन्हें लगता है कि अगर तेजस्वी सत्ता में आए, तब उनका रैकेट खत्म हो जाएगा और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करने वाले है। उन्होंने दावा किया कि राजद के पास ठोस योजनाएं हैं, जबकि डबल इंजन सरकार केवल खोखले वादे कर रही है। तेजस्वी ने कहा कि यह डबल इंजन सरकार इस बार दोगुनी गति से हारने वाली है। ये घोषणाएं डर के मारे की जा रही हैं। बता दें कि हाल ही में पीएम मोदी ने बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत 75 लाख महिलाओं के बैंक खाते में 10 हजार रुपए की सहायता राशि ट्रांसफर की गई है।
चुनाव आयोग का ऐलान: बिहार विधानसभा चुनाव में तैनात होंगे 320 आईएएस
29 Sep, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव और कुछ राज्यों में उपचुनावों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक (सामान्य, पुलिस और व्यय) तैनात करने का फैसला लिया है। आयोग ने विभिन्न राज्यों में सेवाएं दे रहे कुल 470 अधिकारियों को केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त करने का फैसला किया है। इनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 320 अधिकारी, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 60 अधिकारी और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के 90 अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा, आईआरएएस, आईसीएएस जैसी सेवाओं से अधिकारी इसमें शामिल हैं।
आयोग के मुताबिक, ये सभी अधिकारी बिहार में होने वाले विधानसभा आम चुनाव और जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, झारखंड, तेलंगाना, पंजाब, मिजोरम और ओडिशा में होने वाले उपचुनावों के लिए नियुक्त किए जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने एक प्रेस नोट में बताया, बिहार विधानसभा चुनाव और कुछ राज्यों में उपचुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों (सामान्य, पुलिस और व्यय) की तैनाती होगी। आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 और प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20बी के तहत प्रदत्त शक्तियों के तहत निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव की निगरानी के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त करता है। पर्यवेक्षक नियुक्ति से लेकर चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक आयोग की देखरेख, नियंत्रण और अनुशासन में कार्य करते हैं।
पर्यवेक्षक यह सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण और गंभीर जिम्मेदारी निभाते हैं कि चुनाव निष्पक्ष, तटस्थ और विश्वसनीय हों, जो हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव है। वे आयोग की आंख और कान होते हैं और समय-समय पर रिपोर्ट देते रहते हैं। पर्यवेक्षक आयोग को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी चुनाव कराने में मदद करते हैं और साथ ही मतदाताओं की जागरूकता और भागीदारी बढ़ाने में योगदान देते हैं।
पर्यवेक्षकों का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों की पहचान कर ठोस सुझाव देना है जिनमें सुधार की जरूरत है। अपनी वरिष्ठता और प्रशासनिक सेवाओं के अनुभव के आधार पर सामान्य और पुलिस पर्यवेक्षक चुनाव के निष्पक्ष संचालन में आयोग की सहायता करते हैं और क्षेत्र स्तर पर चुनाव प्रक्रिया के प्रभावी प्रबंधन की निगरानी करते हैं। व्यय पर्यवेक्षक उम्मीदवारों के चुनाव खर्च की निगरानी करते हैं। जारी प्रेस नोट में आगे कहा गया, चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव और जम्मू-कश्मीर (बडगाम एवं नगरोटा), राजस्थान (अन्ता), झारखंड (घाटसिला), तेलंगाना (जुबली हिल्स), पंजाब (तारण-तारन), मिजोरम (डम्पा) और ओडिशा (नुआपाड़ा) में होने वाले उपचुनावों के लिए विभिन्न राज्यों में तैनात 470 अधिकारियों को केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में तैनात करने का निर्णय लिया है।
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