देश
उदयपुर में बड़ा हादसा, यात्रियों से भरी जीप खाई में गिरी; 3 ने मौके पर ही तोड़ा दम
21 Jan, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले (Udaipur District) में सवारी से भारी जीप (Jeep) बेकाबू होकर खाई में जा गिरी। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल (Injured) हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भर्ती करवाया गया है। जानकारी के अनुसार उदयपुर जिले के आदिवासी अंचल कोटड़ा में बिलवन की ओर से जा रही जीप का चढ़ाई के दौरान अचानक ब्रेक फेल हो गया। ड्राइवर ने जीप को काबू में करने की पूरी कोशिश की। लेकिन जीप सड़क से उतरकर सीधे लगभग 60 फीट गहरी खाई में गिर गई। बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान जीप में कुल 27 लोग सवार थे।
इस घटना के बाद मौके पर कई लोग जमा हो गए और तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। मौके पर जमा लोगों ने पुलिस को घटना के बारे में जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद कोटड़ा पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। घायलों को कोटड़ा अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। इस हादसे में काबू पिता नरसा गरासिया, रेशमी पति वख्ता गरासिया और सुरेश पिता रोशन गरासिया की मौके पर ही मौत हो गई। शवो को कोटड़ा अस्पताल की मॉर्चरी में रखवाए हैं।
राजस्थान के उदयपुर जिले में कोटड़ा पूरी तरह से आदिवासी इलाका है। इस इलाके में 120 से अधिक जीपें चलती हैं, जो अक्सर ओवरलोड होती हैं। पूर्व में भी कई बार इस तरह के हाथ से हो चुके हैं और कई लोगों की जान जा चुकी हैं, इसके बावजूद सभी वहां ओवरलोड चलते हैं। बुधवार को हादसे के दौरान जीप में क्षमता से ज्यादा 27 सवारियां बैठी थी।
नोटिस बना तनाव की वजह? SIR प्रकरण में बुजुर्ग की मौत से हड़कंप
21 Jan, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता|पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई, जिसके बाद परिवार ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद को लेकर चिंता के कारण उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। यह जानकारी पुलिस ने बुधवार को दी।पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मृतक की पहचान सहर अली मंडल के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि वह एक परिवार के पांच सदस्यों में से एक थे, जिन्हें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत बुधवार को सुनवाई के लिए नोटिस मिला था।उन्होंने बताया कि यह घटना मंगलवार रात हारोआ के पूर्व मदारतला गांव में घटी। परिवार के सदस्यों का दावा है कि नोटिस मिलने के बाद से ही मंडल गंभीर मानसिक तनाव में थे, उन्हें मतदाता सूची में अपने बेटों के नामों की स्थिति और संभावित कानूनी या प्रशासनिक जटिलताओं की चिंता सता रही थी।यह घटना एक राजनीतिक विवाद में तब्दील हो गई है, जिसमें सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर फैले भय के कारण राज्य भर में कई मौतें हुई हैं। तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय पंचायत सदस्य स्वपन मंडल ने एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निर्वाचन आयोग के माध्यम से इस प्रक्रिया का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए एसआईआर प्रक्रिया और मौत के बीच किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया।
पाकिस्तान से जुड़े अवैध हथियारों के मॉड्यूल का भंडाफोड़, पंजाब पुलिस ने ऐसे पाई कामयाबी
21 Jan, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब पुलिस (Punjab Police) ने 2 लोगों को अरेस्ट करके पाकिस्तान (Pakistan) में मौजूद तस्करों (Smugglers) से जुड़े बॉर्डर पार के अवैध हथियार मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने 6 अत्याधुनिक पिस्तौल, दो ग्लॉक और चार 30 बोर बरामद की। इसके साथ 2 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि अरेस्ट किए गए आरोपी हथियारों की इलीगल स्मगलिंग में शामिल थे। वे अपने विदेशी आकाओं के निर्देश पर कुख्यात अपराधियों को हथियारों को पहुंचा रहे थे। उन्होंने कहा कि अमृतसर में पुलिस स्टेशन इस्लामाबाद में आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है। पंजाब पुलिस संगठित अपराध नेटवर्क को खत्म करने और पूरे पंजाब में सुरक्षा एवं शांति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
जान लें कि अवैध हथियारों की तस्करी को रोकने के मामले में यह बड़ी कामयाबी है। पुलिस ने सीमा पार के नेटवर्क से जुड़े लोगों को पकड़ा है। पुलिस ने उनसे पूछताछ कर रही है और अन्य जुड़े लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले जुड़े जितने भी लोग हैं उनको सजा जरूर मिलेगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
तगड़े मुनाफे के बीच बड़ा बदलाव, दीपिंदर गोयल CEO पद से अलग
21 Jan, 2026 04:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Deepinder Goyal Resigns:इटरनल (Zomato की पेरेंट कंपनी) के फाउंडर और ग्रुप CEO दीपिंदर गोयल ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने शेयरधारकों को चिट्ठी लिखकर बताया है कि वह अब ग्रुप CEO की भूमिका से 1 फरवरी 2026 से हटेंगे। हालांकि, वह कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं होंगे और शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद वाइस चेयरमैन के तौर पर इटरनल से जुड़े रहेंगे। उनकी जगह अब अलबिंदर ढिंडसा को इटरनल का नया ग्रुप CEO बनाया जाएगा। कंपनी ने साफ किया है कि यह बदलाव एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है ताकि मैनेजमेंट और भविष्य की योजनाओं पर बेहतर फोकस किया जा सके। बता दें कि कंपनी के शेयर आज कारोबार के दौरान 6 पर्सेंट तक चढ़ गए थे। इसका बंद प्राइस 283.40 रुपये रहा। बता दें कि दिसंबर तिमाही में कंपनी को तगड़ा मुनाफा हुआ है।
दीपिंदर गोयल ने क्या कहा
अपने फैसले की वजह बताते हुए दीपिंदर गोयल ने कहा कि हाल के समय में उनका रुझान कुछ नए और अलग तरह के आइडियाज की तरफ बढ़ा है, जिनमें काफी ज्यादा जोखिम और प्रयोग शामिल हैं। गोयल के मुताबिक, इस तरह के प्रयोग किसी लिस्टेड यानी शेयर बाजार में दर्ज कंपनी के दायरे में रहकर करना सही नहीं होता। उन्होंने कहा कि ये नए आइडियाज इटरनल की मौजूदा रणनीति का हिस्सा नहीं हैं और इन्हें कंपनी के बाहर रहकर आगे बढ़ाना ज्यादा बेहतर रहेगा। इसी वजह से उन्होंने CEO की जिम्मेदारी छोड़ने का फैसला किया है, ताकि वह नए प्रयोगों पर खुलकर काम कर सकें।
मुनाफे में कंपनी
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो इटरनल ने शानदार नतीजे पेश किए हैं।फूड इटरनल ने 21 जनवरी 2026 को अक्टूबर से दिसंबर तिमाही (Q3) के नतीजे घोषित किए। कंपनी ने दिसंबर तिमाही में ब्लिंकइट और क्विक कॉमर्स सेगमेंट में निरंतर गति के दम पर मजबूत वृद्धि दर्ज की। कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर से दिसंबर तिमाही का शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की इसी तिमाही के ₹59 करोड़ की तुलना में 73% बढ़कर ₹102 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में कंपनी के मुख्य परिचालन से राजस्व में 201% की वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹16,315 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि एक वर्ष पहले इसी अवधि में यह ₹5,405 करोड़ था।
T20 World Cup 2026 पर सस्पेंस चरम पर, बांग्लादेश पर बाहर होने का खतरा
21 Jan, 2026 01:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप के आयोजन को लेकर जारी सस्पेंस में आज का दिन सबसे अहम है. जहां एक ओर बांग्लादेश भारत में खेलने को लेकर अपनी जिद पर अड़ा है, वहीं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के ताजा रुख ने बांग्लादेश की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. आज बांग्लादेश को मिले आईसीसी के अल्टीमेटम का आखिरी दिन है. अब देखना होगा क्या बांग्लादेश वर्ल्ड कप से बाहर होगा.
‘समर्थन’ मगर ‘बहिष्कार’ नहीं?
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को लेकर आज सुबह से विरोधाभासी खबरें आ रही हैं, जिन्होंने इस विवाद को और उलझा दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पीसीबी ने साफ कर दिया है कि वह टूर्नामेंट का बहिष्कार नहीं करेगा. उनका तर्क है कि पाकिस्तान के सभी मैच पहले से ही श्रीलंका में तय हैं, इसलिए उनके पास हटने का कोई ठोस आधार नहीं है.
इसके साथ ही पीसीबी ने आईसीसी बोर्ड को एक ईमेल भेजकर बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताओं का समर्थन भी किया है. यानी पाकिस्तान कूटनीतिक तौर पर बांग्लादेश के साथ खड़ा दिखना चाहता है, लेकिन अपनी टीम को वर्ल्ड कप से बाहर करने का जोखिम नहीं उठाएगा.
बांग्लादेश के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति
बांग्लादेश सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने साफ कर दिया है कि वे दबाव में भारत नहीं आएंगे. आईसीसी की स्वतंत्र सुरक्षा एजेंसी ने भारत में खतरे को ‘नगण्य’ (Nil) बताया है, लेकिन बांग्लादेश इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है. बांग्लादेश ने आयरलैंड के साथ ग्रुप बदलने की कोशिश की थी ताकि वे श्रीलंका में खेल सकें, लेकिन आयरलैंड ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है.
रील विवाद ने लिया खौफनाक मोड़, पत्नी ने पति की जीभ काटी
21 Jan, 2026 12:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Ghaziabad News : सोशल मीडिया रील के बढ़ते चलन से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर स्थित संजयपुरी कॉलोनी में रील बनाने को लेकर पति-पत्नी के बीच चल रहा विवाद हिंसक रूप ले बैठा। गुस्से में आकर पत्नी ने अपने पति की जीभ काट दी, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार, ईशा नाम की महिला अपने पति विपिन और सास गीता देवी के साथ रहती थी। बीते कुछ समय से ईशा रील बनाने में काफी व्यस्त रहने लगी थी और घर के कामों में उसका ध्यान कम हो गया था। पति जब इसका विरोध करता, तो दोनों के बीच अक्सर कहासुनी होती थी। पहले ये विवाद शांत हो जाते थे, लेकिन इस बार मामला बेकाबू हो गया।
बताया गया कि घटना वाले दिन ईशा ने रील बनाने के चलते रात का खाना नहीं बनाया। इसी बात को लेकर पति-पत्नी में बहस हुई और गुस्से में पति ने पत्नी को थप्पड़ मार दिया। बाद में बाहर से खाना मंगवाया गया और मामला शांत होता दिखा। इसके बाद दोनों कमरे में सोने चले गए।
लेकिन रात करीब एक बजे अचानक चीख-पुकार सुनाई दी। सास ने कमरे में जाकर देखा तो विपिन की जीभ कटी हुई थी। आरोप है कि ईशा ने हमला करने के बाद छत पर जाकर खुद को बंद कर लिया और अपने मायके वालों को बुला लिया। मायके वालों ने आकर गाली-गलौज और मारपीट की, जिसके बाद पड़ोसियों ने हस्तक्षेप किया।
जाली नोट और रुपया डबलिंग केस में भाजपा के पूर्व प्रवक्ता के घर हरियाणा-बिहार STF की छापेमारी
21 Jan, 2026 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
समस्तीपुर : जाली नोट और रुपया डबलिंग के नाम पर ठगी से जुड़े एक गंभीर मामले में बिहार के समस्तीपुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है. हरियाणा और बिहार की स्पेशल टास्क फोर्स ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक राजनीतिक रूप से जुड़े व्यक्ति के घर छापेमारी की है. इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं.
संयुक्त STF कार्रवाई से गांव में दहशत : हरियाणा एसटीएफ और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने समस्तीपुर में छापेमारी की. कार्रवाई दलसिंहसराय अनुमंडल के अजनौल गांव में की गई. STF और स्थानीय थाना पुलिस के डेरा डालते ही गांव में दहशत का माहौल बन गया.
रुपया डबलिंग के नाम पर ठगी का आरोप : सूत्रों के अनुसार मामला हरियाणा में दर्ज एक ठगी और लूट की प्राथमिकी से जुड़ा है. आरोप है कि एक व्यक्ति से दो लाख रुपये लेकर चार लाख रुपये देने का झांसा दिया गया. रुपयों के लेन-देन के बाद रास्ते में लूट की वारदात को अंजाम दिया गया.
पंकज कुमार लाल का नाम आया सामने : इस पूरे मामले में पंकज कुमार लाल का नाम सामने आने के बाद जांच तेज हुई. हरियाणा STF ने मामले की कड़ियां बिहार से जुड़ती देख बिहार STF से संपर्क किया. इसके बाद संयुक्त टीम बनाकर अजनौल गांव में छापेमारी की गई.
घर की तलाशी और इलाके की घेराबंदी : STF टीम ने पंकज कुमार लाल के आवास की गहन तलाशी ली. छापेमारी के दौरान घर के आसपास के पूरे इलाके को घेर लिया गया. ग्रामीणों के मुताबिक किसी भी बाहरी व्यक्ति को घर के नजदीक नहीं जाने दिया गया.
भाजपा का पूर्व प्रवक्ता था पंकज : बताया जाता है कि पंकज कुमार लाल पूर्व में भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रवक्ता रह चुके हैं. फिलहाल वे रेलवे के लिए नीर-नीर पानी की सप्लाई के काम से जुड़े बताए जाते हैं. इसके अलावा विभूतिपुर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर में रिक्शा एजेंसी भी संचालित करते हैं.
तीन करोड़ से अधिक का आलीशान मकान : जानकारी के अनुसार करीब दो वर्ष पहले उन्होंने अजनौल गांव में जमीन खरीदी थी. इसके बाद लगभग तीन करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आलीशान मकान का निर्माण शुरू कराया गया. मकान का निर्माण कार्य अभी भी जारी बताया जा रहा है.
जांच के दायरे में संपत्ति और नेटवर्क : STF की टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि संपत्ति का स्रोत क्या है. साथ ही जाली नोट और रुपया डबलिंग गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है. संभावना जताई जा रही है कि यह मामला किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है.
DSP का बयान : दलसिंहसराय DSP विवेक शर्मा ने छापेमारी की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि कार्रवाई अभी जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. छापेमारी समाप्त होने के बाद पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी दी जाएगी.
कश्मीर में होकरसर वेटलैंड का सीमांकन शुरू, यूरोपीय प्रवासी पक्षियों का फेमस स्पॉट
21 Jan, 2026 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रीनगर: जम्मू- कश्मीर सरकार ने श्रीनगर के बाहरी इलाके में होकरसर वेटलैंड की सीमा तय करना शुरू कर दिया है. इसे 2005 में रामसर साइट के तौर पर लिस्ट किया गया था. इस पर कब्जा होने और इसके पर्यावरण के खराब होने का खतरा था.
सर्दियों के महीनों में लाखों प्रवासी पक्षियों का घर, 13.75 वर्ग किलोमीटर में फैली ‘आर्द्रभूमि की रानी’ जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर से 10 किलोमीटर दूर बडगाम जिले में स्थित है. केंद्र शासित प्रदेश में सरकार के रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने वेटलैंड और उससे सटे नंबली-नरकारा रिजर्व की सीमाओं का सीमांकन करने के लिए कई विभागों के अधिकारियों की 16 सदस्यों की एक टीम बनाई है.
बडगाम जिले के एक बड़े रेवेन्यू कमिश्नर जिनके अधिकार क्षेत्र में यह वेटलैंड आता है, उन्होंने टीम से फील्ड सर्वे करने और वेटलैंड की सीमाओं को साफ तौर पर मार्क करने को कहा है. यह वेटलैंड सुरक्षित इकोलॉजिकल और बायो-डायवर्सिटी वाले हैबिटैट में से एक है, लेकिन इसकी मिट्टी पर कब्जे और खनन का खतरा है.
फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के एक रेंज ऑफिसर की लीडरशिप में टीम में रेवेन्यू और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारी होंगे जो वेटलैंड के भविष्य के प्रोटेक्शन के लिए एसीआर बडगाम को अपनी रिपोर्ट सबमिट करेंगे. अधिकारियों ने कहा कि सीमांकन की इस प्रक्रिया में राजस्व रिकॉर्ड प्रमाणीकरण, सीमा सत्यापन, भू-संदर्भन, वेटलैंड एरिया का सीमांकन, और ज़मीन के मालिकाना हक के रिकॉर्ड में मौजूद गड़बड़ियों को दूर करना शामिल होगा, ताकि यह पक्का हो सके कि वेटलैंड अतिक्रमण और अनियमित गतिविधियों से सुरक्षित है.
वेटलैंड का पहला सीमांकन 1935 में किया गया था और 1946 में इसे नोटिफाई किया गया था. सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि अतिक्रमण और हालात की वजह से वेटलैंड 13 वर्ग किमी से घटकर लगभग 10 वर्ग किमी रह गया है. हालांकि, अधिकारी अतिक्रमण से इनकार करते हैं और दावा करते हैं कि इसकी सुरक्षा और बचाव के लिए कदम उठाए गए हैं.
रामसर वेबसाइट के अनुसार होकरसर, झेलम बेसिन से सटा एक प्राकृतिक बारहमासी वेटलैंड है. यह कश्मीर के बचे हुए रीडबेड और साइबेरिया, चीन, मध्य एशिया और उत्तरी यूरोप से आने वाले लार्ज इग्रेट, ग्रेट क्रेस्टेड ग्रीब, लिटिल कॉर्मोरेंट, कॉमन शेल्डक, टफ्टेड डक और लुप्तप्राय व्हाइट-आइड पोचार्ड जैसी 68 जलपक्षी प्रजातियों के लिए एकमात्र जगह है.
वेबसाइट इस वेटलैंड को खाने का एक जरूरी सोर्स, मछलियों के अंडे देने की जगह और नर्सरी के तौर पर बताती है, साथ ही यह कई तरह के पानी के पक्षियों को खाना और ब्रीडिंग की जगह भी देता है. इसकी खास दलदली वनस्पति में टाइफा, फ्रैगमाइट, एलियोकेरिस, ट्रापा और निम्फोइड प्रजातियां पाई जाती हैं, जो कम गहरे पानी से लेकर खुले पानी में रहने वाले पानी के पौधों तक में पाई जाती हैं.
इसमें कहा गया है कि संभावित खतरों में घरों के कंस्ट्रक्शन से अतिक्रमण, फैला हुआ कचरा और टूरिस्ट सुविधाओं को बढ़ाने की मांग शामिल है. कुछ साल पहले, जम्मू- कश्मीर सरकार ने प्रवासी पक्षियों और दूसरे जानवरों और पेड़-पौधों को जिंदा रखने के लिए वेटलैंड में पानी का लेवल बनाए रखने के लिए एक वॉटर इनलेट सिस्टम बनाया था लेकिन, एनवायरनमेंट पॉलिसी ग्रुप, जो एक सिविल सोसाइटी ग्रुप है, ने हाल ही में जम्मू- कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सामने धान की खेती के लिए वेटलैंड से पानी निकालने और वेटलैंड से जुड़ी दूसरी दिक्कतों के बारे में बात की.
ईपीजी के संयोजक फैज बख्शी ने कहा, 'होकरसर वेटलैंड को जरूरी वॉटर लेवल को रेगुलेट करने के लिए इनलेट और आउटलेट गेट बनाने पर बहुत सारा पैसा खर्च होने के बावजूद गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. वेटलैंड को ठीक करने में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे माइग्रेटरी पक्षियों को रखने की इसकी क्षमता पर असर पड़ सकता है. इससे जरूरी इकोलॉजिकल साइकिल में रुकावट आ सकती है. वेटलैंड में गैर-कानूनी तरीके से मिट्टी की खुदाई हो रही है, जिससे माइग्रेटरी पक्षियों के रहने की जगह को खतरा होगा. ग्रुप ने जम्मू-कश्मीर सरकार से जम्मू-कश्मीर में वेटलैंड के गलत मैनेजमेंट और खराब होने पर तुरंत कार्रवाई करने की अपील की थी.'
BJP अध्यक्ष बनते ही नितिन नवीन एक्शन में… विनोद तावड़े को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
21 Jan, 2026 10:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बीजेपी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष (National President) का पद संभालते ही नितिन नवीन (Nitin Naveen) ने पहले ही दिन ताबड़तोड़ फैसले लिए हैं। उन्होंने वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े (Vinod Tawde) को केरल विधानसभा चुनाव (Kerala Assembly Elections) के लिए चुनाव प्रभारी और चंडीगढ़ मेयर चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनके साथ ही शोभा करंदलाजे को सह प्रभारी बनाया गया है। बता दें कि मंगलवार को ही उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का औपचारिक ऐलान किया गया है। हालांकि कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद ही तय हो गया था कि नितिन नवीन बीजेपी का कमान पूरी तरह से संभालने जा रहे हैं।
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि तेलंगाना नगर और स्थानीय निकाय के चुनाव के लिए आशीष शेलार को चुनाव प्रभारी और अशोक परनामी व रेखा शर्मा को सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा वरिष्ठ नेता राम माधव को ग्रेटर बेंगलुरु निकाय चुनाव का प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके साथ सतीश पुनिया और संजय उपाध्याय को सह प्रभारी का दातित्व सौंपा गया है।
युवाओं का अह्वान
भाजपा मुख्यालय में पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अपने नाम की घोषणा के बाद नवीन ने एक कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा की सफलता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने, “सनातन परंपराओं और आस्था” की रक्षा करने और देश को जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से बचाने का भी आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “15 अगस्त, 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के युवाओं से सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने का आह्वान किया था। मैं देश के युवाओं से कहना चाहता हूं कि राजनीति से दूर रहना समाधान नहीं, बल्कि सक्रिय योगदान देना ही समाधान है।” नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के भारत को विकसित देश बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए युवाओं को आगे आकर “सकारात्मक राजनीति” में भाग लेने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं युवाओं को यह भी बताना चाहूंगा कि राजनीति में कोई शॉर्टकट नहीं है। राजनीति सौ मीटर की दौड़ नहीं, बल्कि मैराथन है, जहां गति नहीं बल्कि सहनशक्ति की परीक्षा होती है। आगे आइए और अपनी जड़ों को मजबूत रखते हुए इस राजनीतिक मैदान पर काम कीजिए।”
Sabarimala Gold Theft: ED का आरोपियों पर शिकंजा, तीन राज्यों में 21 जगहों पर छापेमारी
21 Jan, 2026 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुवनंतपुरम: सबरीमला सोना चोरी मामले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को 'ऑपरेशन गोल्डन शैडो' नाम से कई राज्यों में तलाशी अभियान शुरू किया. केंद्रीय एजेंसी की कोच्चि, कोझिकोड, बेंगलुरु और चेन्नई यूनिट के 100 से अधिक अधिकारियों ने केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में 21 जगहों पर एक साथ छापेमारी की.
ईडी की टीमों ने सबरीमला मंदिर का प्रबंधन करने वाले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व अध्यक्ष, बड़े अधिकारियों और उन कॉन्ट्रैक्टर के घरों और ऑफिस में तलाशी अभियान चलाया, जिन पर सोना चोरी में शामिल होने का शक है.
सेंट्रल एजेंसी की जांच अब देवास्वोम प्रबंधन के सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंच गई है. केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के पेट्टा में देवास्वोम के पूर्व कमिश्नर और अध्यक्ष एन. वासु के घर पर छापेमारी की गई. साथ ही, दिल्ली में रजिस्टर्ड गाड़ी में आई पांच अधिकारियों की ईडी टीम ने पतनमतिट्टा के अरनमुला में TDB के पूर्व अध्यक्ष ए. पद्मकुमार के घर की तलाशी ली.
कोल्लम विजिलेंस कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद पद्मकुमार के घर पर सुबह 6 बजे तलाशी शुरू हुई और कई घंटों तक चली. अधिकारियों ने उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए फाइलों और फैसलों की जांच की. इस कदम को जांच की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है; पद्मकुमार से पूछताछ करने में राज्य पुलिस की हिचकिचाहट को लेकर पहले हुई आलोचनाओं से राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगे थे. ईडी का दखल ऐसी जांच का संकेत है जिसमें ऐसी कोई छूट नहीं है.
मुख्य आरोपी के घर पर नाटकीय दृश्य
ईडी की छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी के तिरुवनंतपुरम स्थित घर पर हाई ड्रामा हुआ. घर बंद मिलने पर, अधिकारियों को पड़ोसियों से पता चला कि पोट्टी की मां कुछ दिन पहले ही वेंजरामूडू में एक रिश्तेदार के घर चली गई थीं. टीम को घर का ताला खोलने के लिए उन्हें बुलाना पड़ा.
ईडी सबूतों से छेड़छाड़ को लेकर भी सावधान है. एसआईटी ने पहले पाया था कि उन्नीकृष्णन पोट्टी ने डॉक्यूमेंट्स और जरूरी सबूत अपनी बहन के वेंजरामूडू स्थित घर पर ले गए थे - अक्सर उसकी जानकारी के बिना - जिससे वह जगह आगे की तलाशी के लिए एक संभावित टारगेट बन गई.
आधिकारिक मिलीभगत और गलत रिकॉर्ड
ईडी की जांच में प्रशासनिक तंत्र पर भी ध्यान दिया गया. CRPF सुरक्षा में पूर्व एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राजेंद्रप्रसाद के अंगमाली घर और पूर्व बोर्ड सेक्रेटरी जयश्री के कक्कनाड फ्लैट पर तलाशी ली गई.
जयश्री, जो 2017 से 2019 तक सेक्रेटरी और बाद में तिरुवभरणम कमिश्नर रहीं, पहले से ही सोना चोरी केस में आरोपी हैं. SIT ने पहले ऐसे सबूत खोजे थे जिनसे पता चलता है कि उन्होंने पोट्टी को सोने की प्लेटें दी थीं. ईडी की शुरुआती जांच से 2019 और 2025 के बीच गंभीर गड़बड़ियों का पता चला है, जिसमें सोने की परत चढ़ी प्लेटों को मंदिर परिसर से हटाने के लिए सरकारी रजिस्टरों में धोखे से "कॉपर प्लेट्स" के तौर पर दर्ज किया गया था.
'ऑपरेशन गोल्डन शैडो' केरल से आगे बढ़कर पैसे के लेन-देन और चोरी की चीजों को ठिकाने लगाने की जांच के लिए चलाया गया. चेन्नई और बेंगलुरु में पंकज भंडारी (स्मार्ट क्रिएशन्स) के ऑफिस और कर्नाटक के बल्लारी में बुलियन व्यापारी गोवर्धन (रोड्डम ज्वैलरी) के घर और दुकान पर छापे मारे गए. जांच एजेंसियों को शक है कि मंदिर से चुराए गए सोने को पिघलाकर मार्केट में लाने के लिए पोट्टी, भंडारी और गोवर्धन के बीच कोई गलत सांठगांठ है.
ईडी इस मामले में इंटरनेशनल स्मगलिंग सिंडिकेट से लिंक की भी जांच कर रही है, जिसमें सुभाष कपूर जैसे कुख्यात लोगों का जिक्र सामने आ रहा है, जिससे लगता है कि इस मामले के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव हो सकते हैं.
संपत्ति कुर्क होने की संभावना
जांच अधिकारियों का मानना है कि चोरी किया गया सोना पुराना है. इस वजह से असल बाजार कीमत बहुत ज्यादा है. हाई कोर्ट ने हाल ही में आशंका जताई थी कि पूरी सोने की प्लेटें बदल दी गई होंगी.
ईडी अभी डिजिटल सबूत, बैंक रिकॉर्ड और प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट इकट्ठा कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों ने अपराध से मिले पैसे का इस्तेमाल करके अधिक संपत्ति तो नहीं बनाई.धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत, यह साबित करने की जिम्मेदारी आरोपियों की है कि उनकी संपत्ति गैर-कानूनी तरीकों से नहीं कमाई गई थी.
सूत्रों का कहना है कि एजेंसी आरोपियों की प्रॉपर्टी अटैच करने की तैयारी कर रही है और जल्द ही TDB के पूर्व अध्यक्ष को डिटेल में पूछताछ के लिए अपने कोच्चि ऑफिस बुलाएगी.
गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के हाईटेक इंतजाम, पहली बार AI वीडियो, कार-कॉलिंग का इस्तेमाल
21 Jan, 2026 09:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस (Delhi Traffic Police) ने गणतंत्र दिवस (Republic Day) और बीटिंग रिट्रीट समारोह (Beating Retreat ceremony) के लिए कड़ी सुरक्षा के मद्देनजर आवाजाही के आधुनिक इंतजाम किए हैं। पहली बार एआई आधारित वीडियो (AI-based Video) के जरिए लोगों को पार्किंग और रास्तों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही समारोह के बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार-कॉलिंग प्रणाली शुरू की गई है। इसकी मदद से लाउडस्पीकर के माध्यम से वाहनों को मौके पर बुलाया जाएगा। गूगल मैप्स का भी सहारा लिया जा रहा है और सुरक्षाकर्मियों के लिए शटल सेवा भी उपलब्ध कराई गई है। सहायता केंद्रों की संख्या भी बढ़ाकर 12 कर दी गई है।
\
पहली बार एआई वीडियो का इस्तेमाल
ट्रैफिक पुलिस ने पहली बार एआई की मदद से विस्तृत एनिमेटेड वीडियो बनाए हैं जिनमें मेहमानों के आनेए गाड़ी से उतरने और पार्किंग की पूरी योजना दिखाई गई है। अधिकारियों के मुताबिक इन वीडियो का मकसद आने वाले लोगों को पहले से ही रास्तों और पार्किंग की व्यवस्था की जानकारी देना है।
कैसे उपलब्ध होंगे ये VIDEO
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, ये वीडियो रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर देखे जा सकते हैं और मेहमान इन्हें अपने पार्किंग पास पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके भी देख सकते हैं। इन वीडियो में कार्यक्रम के दिन कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने, वाहन से उतरने और पार्किंग करने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है।
पार्किंग के लिए कुल 22 स्थान
पुलिस के अनुसार, पार्किंग व्यवस्था के लिए कुल 22 स्थान बनाए गए हैं जहां करीब 8,000 वाहन खड़े किए जा सकते हैं। हर साल गणतंत्र दिवस परेड के लिए लगभग 77,000 पास जारी किए जाते हैं जिनमें से करीब 8,000 पास उन लोगों के लिए होते हैं जो अपने निजी वाहनों से आते हैं।
सुरक्षाकर्मियों के लिए शटल बस सेवा
इस साल एक नई पहल करते हुए गणतंत्र दिवस की ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के लिए शटल बस सेवा शुरू की गई है। यह सेवा खान मार्केट, अमृता शेरगिल मार्ग, पटेल चौक मेट्रो स्टेशन और एचसी माथुर लेन से चलाई जाएगी जो हर 10 मिनट में उपलब्ध होगी ताकि कर्मी अपने गंतव्य तक आसानी से पहुंच सकें।
गूगल मैप करेगा मदद
आमंत्रित मेहमान और टिकट धारक गणतंत्र दिवस पर अपने तय पार्किंग स्थल तक पहुंचने के लिए गूगल मैप या मैप प्लस का सहारा ले सकते हैं। ये डिजिटल प्लेफॉर्म कर्तव्य पथ तक जाने के लिए सही रास्ते और आवंटित पार्किंग की सटीक जानकारी देंगे।
इस साल 12 सहायता केंद्र
अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल सुविधाओं के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस ने जमीनी स्तर पर भी मदद के इंतजाम बढ़ाए हैं। इस साल मुख्य जगहों पर 12 सहायता केंद्र बनाए गए हैं जबकि पहले इनकी संख्या महज दो थी। इन केंद्रों पर तैनात कर्मचारी पार्किंग, पैदल रास्तों और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में लोगों का मार्गदर्शन करेंगे।
इस बार कार कॉलिंग व्यवस्था
समारोह खत्म होने के बाद भीड़ से बचने और मेहमानों की सुरक्षित वापसी के लिए इस साल कार कॉलिंग व्यवस्था शुरू की गई है। इसके जरिए मेहमान बाहर निकलते समय वहां मौजूद अधिकारी को जानकारी देंगे जिसके बाद पार्किंग में लगे लाउडस्पीकर से गाड़ी का नंबर या ड्राइवर का नाम पुकारा जाएगा।
काम करेगा स्पेशल कंट्रोल रूम
ट्रैफिक पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल के लिए 26 जनवरी को एक विशेष नियंत्रण कक्ष काम करेगा जिसमें पुलिस, दमकल और अन्य इमरजेंसी सेवाओं के अधिकारी मौजूद रहेंगे। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सरकारी निर्देशों का पालन करें और आने-जाने के लिए ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक परिवहन और डिजिटल मैप का इस्तेमाल करें
माघ मेला प्राधिकरण को अविमुक्तेश्वरानंद ने अंग्रेजी में चिट्ठी लिखकर दिया जवाब, लिखा-हां मैं हूं शंकराचार्य …
21 Jan, 2026 08:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज. प्रयागराज माघ मेला (Magh Mela) प्राधिकरण की तरफ से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwaranand) को मंगलवार को नोटिस भेजा गया था. नोटिस (Notice) में कहा गया है कि था कि आप कैसे खुद को ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य (Shankaracharya) के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं. जबकि यह मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में है. वहीं अब मेला प्राधिकरण के इस नोटिस का स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से जवाब दिया गया है. यह जवाब 8 पन्नों का है.
अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से जवाब मेला प्राधिकरण की मेल आईडी से लेकर सेक्टर-4 में बने मेला प्राधिकरण के दफ्तर को तक भेज दिया गया है. जिस वक्त अविमुक्तेश्वरानंद की टीम मेला प्रशासन को नोटिस देने कार्यालय में गई. उस वक्त कोई भी जिम्मेदार अफसर नोटिस का जवाब लेने के लिए नहीं मिला. जिसके बाद गेट पर ही अनुयायियों ने जवाब चिपका दिए.
प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण को जवाब सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील अंजनी कुमार मिश्रा की तरफ से भेजा गया है. जिसमें मेला प्राधिकरण के भेजे गए नोटिस को अपमानजनक के साथ-साथ इसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ करने वाला भी बताया गया है.
वहीं इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के वकील पीएन मिश्रा ने अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से जवाब देते हुए कहा गया कि जो सिविल अपील का हवाला दिया गया उसमें 14 अक्टूबर 2022 में आदेश दिया गया था. जिसका हवाला प्रशासन दे रहा है. उसके पहले 21 सितंबर 2022 का ऑर्डर है. जिसके ऑर्डर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य बताया गया था.
स्वामी का पट्टाभिषेक तो 12 अक्टूबर 2022 को ही हो चुका था. जो ऑर्डर सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन बता रहा वो 17 अक्टूबर का है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पट्टाभिषेक पहले ही हो चुका था. सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऑर्डर में ही कई जगह शंकराचार्य लिखा है. प्रशासन के अफसरों ने जो नोटिस भेजी है वो सुप्रीम कोर्ट की अवमानना बनता है. क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने 17 अक्टूबर के बाद किसी पट्टाभिषेक पर रोक लगाई है.
वासुदेवानंद ने गलत एफिडेविट देकर ऑर्डर लिया था
पीएन मिश्रा ने कहा कि वासुदेवानंद ने गलत एफिडेविट देकर ऑर्डर लिया था. जिस पर याचिका फाइल की जा चुकी है. हमने इस नोटिस के जवाब में स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद की तरफ से जवाब भेज दिया है. जिन अफसरों ने नोटिस देकर भ्रम खड़ा किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
मेनका गांधी की टिप्पणी पर भावी CJI भड़के, अवमानना की चेतावनी
20 Jan, 2026 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|सुप्रीम कोर्ट ने पशु अधिकार कार्यकर्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को आज (मंगलवार, 20 जनवरी को) कड़ी फटकार लगाई है। शीर्ष अदालत ने एक पॉडकास्ट के दौरान आवारा कुत्तों के मामले में कोर्ट की टिप्पणियों पर उनकी "बॉडी लैंग्वेज" और बयानों पर भी सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश और देश के भावी मुख्य न्यायाधीश जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजनिया की पीठ ने कहा कि यह अदालत की “दरियादिली” है कि मेनका गांधी के खिलाफ अवमानना (कंटेम्प्ट) की कार्रवाई नहीं की जा रही है।कोर्ट ने साफ किया कि जब उन्होंने (मेनका गांधी ने) अपने पॉडकास्ट में आवारा कुत्तों के हमलों के लिए कुत्तों को खाना खिलाने वालों को जिम्मेदार बनाने की बात कही थी, तो वह गंभीर टिप्पणी थी, कोई मज़ाक नहीं कर रही थीं। कोर्ट ने गांधी के वकील राजू रामचंद्रन से कहा, “कुछ देर पहले, आप कोर्ट से कह रहे थे कि हमें सावधान रहना चाहिए। क्या आपने पता लगाया कि आपकी क्लाइंट किस तरह की टिप्पणियां कर रही हैं? आपकी क्लाइंट ने अवमानना की है। हम उस पर संज्ञान नहीं ले रहे हैं। यह हमारी महानता है। क्या आपने उनका पॉडकास्ट सुना है? उनकी बॉडी लैंग्वेज कैसी है? वह क्या कहती हैं और कैसे कहती हैं।”
दिल्ली में आवारा कुत्तों को लगेंगे माइक्रोचिप और टीका, 35 करोड़ का बजट तय
‘यह अवमानना है’
बार एंड बेंच के मुताबिक, बेंच ने कहा, "आपने टिप्पणी की कि कोर्ट को सावधान रहना चाहिए। दूसरी ओर, आपकी क्लाइंट जिसे चाहे और जिस पर चाहे, हर तरह की टिप्पणियां कर रही हैं।" पीठ की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस विक्रम नाथ ने साफ शब्दों में कहा कि मेनका गांधी की टिप्पणियाँ अदालत की अवमानना के दायरे में आती हैं, लेकिन कोर्ट ने इस पर कार्रवाई नहीं की। इस पर रामचंद्रन ने कहा कि यह अवमानना की सुनवाई नहीं है, इसलिए वह टिप्पणी नहीं करेंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह 26/11 के आतंकवादी अजमल कसाब के लिए भी पेश हुए थे। इस पर जस्टिस नाथ और भड़क गए। उन्होंने तपाक से कहा, "कसाब ने अवमानना नहीं की थी।"
बजट और जिम्मेदारी पर सवाल
कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब मेनका गांधी एक पशु अधिकार कार्यकर्ता और पूर्व कैबिनेट मंत्री रही हैं, तो आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए उन्होंने बजट और योजनाओं में क्या योगदान दिया? इस बीच, वकील ने रेबीज नियंत्रण उपायों, टीकों की उपलब्धता और आवारा कुत्तों के हमलों से निपटने के लिए पेशेवरों की क्षमता निर्माण के बारे में बात करना जारी रखा।
समझना चाहिए, लोग कितने टेंशन में हैं; बंगाल SIR के बीच CJI का EC को बड़ा आदेश
कुत्तों की नसबंदी पर बहस
याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि नसबंदी (स्टेरिलाइजेशन) से आवारा कुत्तों की आक्रामकता कम होती है, लेकिन ज्यादातर शहरों में इसे ठीक से लागू नहीं किया जा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट की कुछ टिप्पणियों के कारण डॉग फीडर्स पर हमले हो रहे हैं। इस पर जस्टिस नाथ ने दोहराया कि अदालत की बात व्यंग्य नहीं बल्कि गंभीर थी।
पहले क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने?
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर आवारा कुत्तों के हमले में बच्चों या बुजुर्गों की मौत या चोट होती है, तो राज्य सरकारों से भारी मुआवजा दिलाया जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा था कि जो लोग कुत्तों को खाना खिलाते हैं, उनकी जिम्मेदारी और जवाबदेही भी तय की जा सकती है, और सवाल उठाया था कि अगर लोग जानवरों से इतना प्रेम करते हैं तो उन्हें अपने घर क्यों नहीं रखते। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि आवारा कुत्तों का मुद्दा गंभीर जन सुरक्षा से जुड़ा विषय है, और इस पर की गई टिप्पणियों को हल्के या मज़ाक के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सार्वजनिक मंचों पर अदालत के खिलाफ बयान देते समय जिम्मेदारी और मर्यादा जरूरी है।
गुजरात तट पर अरब सागर में रहस्यमयी उबलते पानी ने मचाई हड़कंप
20 Jan, 2026 06:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गांधीनगर। गुजरात तट से सटे अरब सागर में एक असामान्य समुद्री हलचल देखी गई, जिसने मछुआरों और प्रशासन दोनों को चौंका दिया। पालघर जिले के मछुआरों ने कुछ वीडियो प्रशासन को सौंपे, जिसमें समुद्र का पानी उबलते हुए और बुलबुले निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं। पानी की सतह पर सफेद झाग और बड़े बुलबुले उठ रहे थे, जिससे ऐसा प्रतीत होता था मानो समुद्र ‘उबल’ रहा हो। पालघर जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख ने कहा कि यह घटना अत्यंत असामान्य है और इसके पीछे गहन जांच की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र समुद्री परिवहन मार्गों और मछली पकड़ने के प्रमुख इलाकों के पास है, इसलिए क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखना जरूरी है। प्रशासन ने इलाके में गुजरने वाले जहाजों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं को अधिक सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख ने हलचल के संभावित कारणों के लिए तीन मुख्य कारण बताए है। पहला, गैस रिसाव, समुद्र के नीचे प्राकृतिक गैस का रिसाव पानी में बुलबुले पैदा कर सकता है। दूसरा, पाइपलाइन में खराबी, इस क्षेत्र में तेल और गैस कंपनियों (जैसे ओएनजीसी) की कई अंडरवाटर पाइपलाइनें हैं, जिसमें दरार आने से दबाव उत्पन्न हो सकता है। तीसरा, भू-वैज्ञानिक गतिविधियां, समुद्र तल पर हलचल, छोटे भूकंप या ज्वालामुखीय गतिविधियों के कारण पानी का तापमान और दबाव बदल सकता है।
विशेषज्ञों ने इस घटना को लेकर चार प्रमुख खतरे भी बताए हैं। सबसे बड़ी चिंता सबमरीन गैस लीक की है, जो आग या विस्फोट का कारण बन सकती है। दूसरा, समुद्र तल पर जमा मीथेन क्लाथ्रेट्स का अचानक उत्सर्जन, जिससे पानी उबलता प्रतीत हो सकता है। तीसरा, ज्वालामुखी या विवर्तनिक गतिविधियां, जो समुद्री प्लेटों में दरारों या हलचल का संकेत देती हैं। चौथा, औद्योगिक अपशिष्ट का रिसाव, हालांकि बुलबुलों की तीव्रता इसे कम संभावित बनाती है। समुद्री सुरक्षा एजेंसियां और तटरक्षक बल जांच कर रहे हैं कि क्या यह घटना प्राकृतिक भू-वैज्ञानिक बदलावों का नतीजा है या किसी औद्योगिक गतिविधि से संबंधित है। प्रशासन ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और समुद्र में गुजरने वाले सभी जहाजों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं को इस हॉटस्पॉट से दूर रहने का निर्देश दिया है।
आशीष दुबे / 20 जनवरी 2026
Nitin Nabin Networth: कितने अमीर हैं BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन? पत्नी के पास करोड़ों की प्रॉपर्टी
20 Jan, 2026 05:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Nitin Nabin Networth: बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन आज से आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं. आज मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को उन्होंने पद भार संभाला है. नितिन नबीन के पास कुल कितनी संपत्ति है और आय के स्त्रोत क्या हैं? यहां जानेंगे. उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को जो अपनी संपत्ति का हलफनामा पेश किया था. उसके अनुसार नितिन नबीन की नेटवर्थ 3 करोड़ रुपए से ज्यादा है.
बता दें, नितिन नबीन बिहार सरकार में मंत्री हैं और वे पटना के बांकीपुर से लगातार पांच बार के विधायक हैं. 2025 में चुनाव आयोग को दिए हलफनामे के अनुसार उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई की है और नेटवर्थ 3 करोड़ रुपए से ज्यादा है. उनकी कार कलेक्शन की बात की जाए तो नितिन नबीन के नाम पर एक स्कॉर्पियो और एक इनोवा क्रिस्टा कार है.
इसके अलावा उनके नाम पर कोई भी जमीन नहीं है, चाहे वह खेती की जमीन हो या कॉमर्शियल. उनके नाम पर कोई घर भी नहीं है. उन्होंने शेयर बाजार में भी कोई निवेश नहीं किया है. उनके ऊपर 56 लाख रुपए का कर्ज भी है. नितिन नबीन के नाम पर 3 LIC और एक HDFC पॉलिसी है. लेकिन ऐसा नहीं है कि उनके परिवार के पास कुछ नहीं है. उनसे ज्यादा प्रॉपर्टी परिवार के नाम पर दर्ज है.
11 लाख रुपए के जेवरात
चुनावी हलफनामे के अनुसार, नितिन नबीन के पास कुल 92.71 लाख रुपए की अचल संपत्ति है, तो वहीं बच्चों और पत्नी के नाम पर 68 लाख रुपए से ज्यादा की चल संपत्ति है. नितिन नबीन और उनकी पत्नी-बच्चों के पास लगभग 11 लाख रुपए की सोने-चांदी की ज्वेलरी है. नकदी की अगर बात की जाए तो उनके पूरे परिवार के पास सिर्फ 60 हजार रुपए है. जबकि परिवार के खातों पर 98 लाख रुपए से ज्यादा जमा है.
नितिन नबीन से अमीर हैं उनकी पत्नी
नितिन नबीन की पत्नी ने शेयर बाजार में भी निवेश किया है. हलफनामे के अनुसार, मिडकैप और मल्टीकैप फंड्स में 6 लाख रुपए से ज्यादा का निवेश किया है. इसके अलावा LIC और एसबीआई लाइफ इंश्योंरेंस पॉलिसी है. नितिन नबीन की पत्नी Navira Enterprises कंपनी की डायरेक्टर भी हैं. अचल संपत्ति की अगर बात की जाए तो पत्नी के पास करोड़ों रुपए की अचल संपत्ति है. जिसमें 28 लाख रुपए कीमत की कृषि योग्य भूमि और पटना में 1.18 करोड़ रुपए का घर है. नितिन नबीन की प्रोपर्टी का यह डेटा विधानसभा चुनाव 2025 में दिए गए हलफनामे के आधार पर है.
पश्चिम बंगाल में चुनावी छापे: 510 करोड़ की नकदी और सामान पकड़ा
आग का खौफनाक मंजर: बेंगलुरु में PG से कूदकर बचाईं 50 लड़कियों ने जान
सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए पाकिस्तानी बल्लेबाज, यूजर्स ने दी नसीहत
कटहल: पोषक तत्वों से भरपूर एक बहुमुखी फल
दिल्ली में हुई घटना को लेकर सरकार पर निशाना
आयुर्वेदिक तरीके से सिरदर्द का समाधान, आज ही शुरू करें
युवक की मौत पर फूटा गुस्सा, परिजनों ने हाईवे पर किया प्रदर्शन
