देश
मुंबई में बनेगा 30 मंजिला बिहार भवन, मनसे ने दी चेतावनी, कहा मुंबई में नहीं बनने देंगे बिहार भवन
20 Jan, 2026 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। बिहार सरकार मुंबई में अधिकारियों, मेहमानों और रोगियों के लिए 30 मंजिला बिहार भवन बनाने की योजना बना रही है। इसपर 314 करोड़ रूपये खर्च होंगे। इस बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने इस परियोजना का विरोध करते हुए महाराष्ट्र के मुद्दों के बीच इसकी आवश्यकता पर सवाल उठाया और बिहार में अस्पताल निर्माण का सुझाव दिया है। दरअसल बिहार सरकार ने घोषणा की है कि दिल्ली के बाद अब वह महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बिहार भवन बनाएगी। बिहार के आवास विभाग के सचिव कुमार रवि ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बिहार भवन मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के एल्फिंस्टन एस्टेट इलाके में बनाया जाएगा और राज्य कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट के लिए 314.20 करोड़ रुपये के प्रशासनिक खर्च को मंज़ूरी दे दी है। कुमार रवि ने कहा कि मुंबई में बिहार भवन का निर्माण राज्य की प्रगति और जन कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, इस बिहार भवन के निर्माण का विरोध अभी से शुरू हो गया है, जिसमें नवनिर्वाचित मनसे नगरसेवक यशवंत किल्लेदार ने चेतावनी दी है कि वे मुंबई में बिहार भवन नहीं बनने देंगे। उन्होंने कहा, महाराष्ट्र में इतनी सारी समस्याएं हैं, किसान परेशान हैं, छात्रों की शिक्षा महंगी हो गई है और ऐसी स्थिति में वे बिहार भवन बनाने के लिए 314 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि इस इमारत में बिहार से आने वाले मरीज़ों के लिए सुविधाएं होंगी। तो फिर वे उसी रकम से बिहार में ही एक बड़ा अस्पताल क्यों नहीं बनाते ?
* कैसा होगा बिहार भवन ?
प्रस्तावित बिहार भवन बेसमेंट सहित लगभग 30 मंज़िला होगा और इसमें आधुनिक सुविधाएं होंगी। बिहार राज्य कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट के लिए 314.20 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंज़ूरी दे दी है। यह बिल्डिंग लगभग 0.68 एकड़ ज़मीन पर बनाई जाएगी और इसकी ऊंचाई ज़मीन से लगभग 69 मीटर होगी। बिल्डिंग में 178 कमरे होंगे, जिनका इस्तेमाल सरकारी अधिकारी, मेहमान और ज़रूरतमंद लोग करेंगे। हालांकि, बिहार सरकार द्वारा घोषित इस बिहार भवन के निर्माण का मनसे ने विरोध किया है।
* मरीज़ों के लिए विशेष सुविधाएं
बिहार से बड़ी संख्या में मरीज़ टाटा मेमोरियल जैसे अस्पतालों में कैंसर के इलाज के लिए मुंबई आते हैं। उन्हें होने वाली असुविधा से बचने के लिए इस बिल्डिंग में विशेष इंतज़ाम किए गए हैं।
- मरीज़ों के लिए रहने की जगह: बिल्डिंग में कुल 178 कमरे होंगे।
• डॉरमेट्री: मरीज़ों और उनके रिश्तेदारों के लिए 240 बेड वाली एक बड़ी डॉरमेट्री बनाई जाएगी।
• मेडिकल रूम: बिल्डिंग में एक अलग मेडिकल रूम और अन्य ज़रूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
• गाड़ियों के लिए सेंसर-आधारित स्मार्ट ट्रिपल और डबल-डेकर पार्किंग सुविधा होगी, जहाँ एक साथ 233 गाड़ियां पार्क की जा सकती हैं। 72 सीटों वाला कॉन्फ्रेंस हॉल, कैफेटेरिया, सरकारी काम के लिए अलग हॉल और मीटिंग रूम की भी व्यवस्था की गई है।
UAE President India Visit: पीएम मोदी ने तोड़ा प्रोटोकॉल, एयरपोर्ट पर किया स्वागत
20 Jan, 2026 08:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
UAE President India Visit : संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार को भारत पहुंचे। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए एयरपोर्ट पहुंचकर उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी और गहरी मित्रता साफ झलकी, जिसने भारत-यूएई संबंधों को एक बार फिर नई ऊर्जा दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरे को बेहद खास बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वे “अपने भाई, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का हवाई अड्डे पर स्वागत करने गए।” उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत-यूएई की मजबूत मित्रता और आपसी विश्वास को दर्शाती है। पीएम मोदी द्वारा ‘भाई’ शब्द का इस्तेमाल दोनों देशों के रिश्तों की निकटता को रेखांकित करता है।
करीब साढ़े तीन घंटे के इस संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण दौरे में दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। रक्षा साझेदारी, अंतरिक्ष बुनियादी ढांचा और ऊर्जा सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इसे छोटा लेकिन ठोस शिखर सम्मेलन बताया, जिसमें प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी शामिल रही।
इस दौरान पीएम मोदी की ‘कार डिप्लोमेसी’ भी एक बार फिर चर्चा में आ गई। पीएम मोदी और यूएई राष्ट्रपति की कार में साथ बैठी तस्वीर सामने आने के बाद यह रणनीति फिर सुर्खियों में है। इससे पहले भी पीएम मोदी रूस, ब्रिटेन, जॉर्डन और जर्मनी के नेताओं के साथ इस तरह की अनौपचारिक कूटनीति करते नजर आ चुके हैं।
अंत में, UAE President India Visit के दौरान भारत-यूएई के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में संयुक्त पहल, परमाणु ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और तकनीक से जुड़े समझौते हुए। साथ ही, अबू धाबी में ‘हाउस ऑफ इंडिया’ की स्थापना पर भी सहमति बनी, जो दोनों देशों की साझा विरासत को प्रदर्शित करेगा।
सोनमर्ग में पारा माइनस 8.9 डिग्री, हिमाचल में बर्फबारी
20 Jan, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली/भोपाल। जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी के कारण पारा लगातार माइनस में बना हुआ है। रविवार को सोनमर्ग घाटी का तापमान माइनस 8.9 डिग्री, श्रीनगर का माइनस 4.7 डिग्री , शोपियां का माइनस 6.7 डिग्री और पहलगाम में माइनस 6 डिग्री रहा। हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पहाड़ी बर्फबारी हुई। हमीरपुर में तापमान 2.1 डिग्री, ऊना में 2.7 डिग्री और मंडी में मंडी 3.9 डिग्री रहा। इधर, पंजाब के अमृतसर का तापमान 1.7 डिग्री रहा। उत्तर के मैदानी राज्यों में पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, चंडीगढ़, हरियाणा, यूपी में सर्दी का असर है। इन इलाकों में घना कोहरा छाया है। पंजाब के हलवारा में सुबह से विजिबिलिटी जीरो है। वहीं, यूपी में अचानक मौसम पलट गया है। लखनऊ-बाराबंकी समेत कई शहरों में सोमवार सुबह बारिश हुई। अलीगढ़ में ओले गिरे हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना है। इससे 23 जनवरी से 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम और बिगड़ सकता है। पश्चिमी विक्षोभ पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। तापमान में गिरावट आएगी, साथ ही पाला पडऩे और कोल्डवेव के हालात बन सकते हैं।
भारतीय प्रवासियों पर सख्ती, सबसे ज्यादा डिपोर्ट करने वाले देशों की सूची सामने
19 Jan, 2026 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|अवैध प्रवासन सभी देशों के लिए चुनौती बनी हुई है। कई देशों में यह राजनीतिक मुद्दा भी बना है। विदेश मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि विदेशों में भारतीयों के अवैध रुप से प्रवासन के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले पांच सालों के दौरान 81 देशों से एक लाख से भी ज्यादा भारतीयों को डिपोर्ट (वापस भेजना) किया गया है। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। मौजूदा समय में औसतन 25 हजार भारतीय हर साल डिपोर्ट होकर आ रहे हैं। जबकि, पांच साल पहले तक यह संख्या 14-15 हजार के बीच होती थी।विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार दुनिया के तमाम छोटे बड़े देशों से भारतीयों को डिपोर्ट किया जा रहा है। यहां तक की बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, कंबोडिया से भी सैकड़ों भारतीयों को डिपोर्ट किया गया है। 2021-2025 के दौरान करीब 1.05 लाख भारतीय वापस भेजे गए हैं।
विदेशों से वापस भेजने के दो प्रमुख कारण विदेश मंत्रालय के अनुसार दो प्रमुख कारणों से डिपोर्ट किया जाता है। एक वीजा की अवधि खत्म होने के बावजूद अवैध रुप से रहने के कारण। दूसरे, बिना वर्क वीजा के किसी दूसरे देश में रोजगार करना। कुछ मामलों में छोटे-मोटे आपराधिक कृत्यों के कारण भी डिपोर्ट कर दिया जाता है। मंत्रालय के अनुसार पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा 68258 भारतीयों को सऊदी अरब से डिपोर्ट किया गया है। दूसरे नंबर पर अमेरिका से 7824 तथा मलेशिया से 6553 लोगों को डिपोर्ट किया गया।कुछ देशों से डिपोर्ट होने वालों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। 2021 में अमेरिका से 808 लोग डिपोर्ट हुए थे लेकिन 2025 में यह संख्या 3812 हो गई। यूएई से तब 358 डिपोर्ट हुए थे लेकिन 2025 में यह 1467 पहुंच गई। इसी प्रकार म्यांमार से डिपोर्ट होने वालों की संख्या 338 से बढ़कर 1591 हो गई। बहरीन से वापस भेजे गए भारतीय 273 से बढ़कर 764 तक हो गए। बांग्लादेश से 64 से 156, थाइलैंड से 256 से 481, मालदीव से 16 से 127, कंबोडिया से 44 से 305, कनाडा से 27 से 188 लोग भारत भेजे गए हैं।अमेरिका और खाड़ी देशों से सबसे अधिक भारतीय भेजे गए आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका, खाड़ी देशों के साथ-साथ यूरोप के छोटे देशों से भी बड़े पैमाने पर लोग डिपोर्ट होकर भारत आ रहे हैं। इनमें जार्जिया से 133, पनामा से 188, पोलेंड से 127, यूके से 578, म्यांमार से 2165, चीन से 1000, बांग्लादेश से 478, श्रीलंका से 1866 भारतीय पिछले पांच सालों में वापस भेजे गए हैं।अवैध प्रवासन चुनौती हालांकि सभी देश इस प्रकार के आंकड़ों को साझा नहीं करते हैं। विदेश मंत्रालय के ये आंकड़े अपने दूतावासों से मिले हैं। लेकिन डिपोर्ट होने वाले नागरिक चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका सभी के हैं। दरअसल, ज्यादातर मामले रोजगार से जुड़े हैं जिसके चलते में लोग गलत वीजा पर रोजगार करते हैं या वीजा खत्म होने के बाद भी काम करते रहते हैं।कैसे होते हैं डिपोर्ट यदि कोई भारतीय डिपोर्ट किया जाता है तो संबंधित देश भारत के दूतावास से संपर्क करता है। दूतावास उसकी नागरिकता की पुष्टि होने के बाद उसे भारत भेजने की अनुमति देता है। इसके लिए जरूरी दस्तावेज जारी किया जाता है।
एक गोत्र में कैसे होगी शादी? 15 दिन तक कपल की पेड़ से लटकी रही लाश
19 Jan, 2026 12:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डूंगरपुर: राजस्थान के डूंगरपुर जिले (Dungarpur District) के वरदा थाना (Varada Police Station) क्षेत्र से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां मांडव गांव (Mandav Village) के पास स्थित जंगल में एक पेड़ (Tree) से प्रेमी युगल (Loving Couple) के शव लटके मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई. शवों की हालत बेहद खराब थी. पुलिस के अनुसार वे करीब 15 दिन पुराने बताए जा रहे हैं. तेज दुर्गंध और शवों के सड़ने की स्थिति से अंदाजा लगाया जा रहा है कि दोनों की मौत काफी पहले हो चुकी थी.
पुलिस ने बताया कि मृतक युवक और युवती 1 जनवरी से अपने-अपने घरों से लापता थे. दोनों के अचानक गायब होने के बाद परिजनों ने आसपास के इलाकों में उनकी तलाश की थी और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका. परिजनों को उम्मीद थी कि दोनों कहीं आसपास होंगे और लौट आएंगे, लेकिन जंगल में मिले शवों ने सभी उम्मीदों को तोड़ दिया.
शनिवार को कुछ ग्रामीण जंगल में लकड़ियां बीनने गए थे. इसी दौरान उनकी नजर एक पेड़ पर पड़ी, जहां दो शव फंदे से लटके हुए थे. ग्रामीणों ने जब पास जाकर देखा तो बदबू के कारण वहां रुकना मुश्किल हो गया. उन्होंने तुरंत गांव लौटकर अन्य लोगों को सूचना दी और फिर पुलिस को इस बारे में बताया गया. सूचना मिलते ही वरदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया.
वरदा थानाधिकारी रिजवान खान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है. मृतक युवक और युवती एक-दूसरे से प्रेम करते थे और शादी करना चाहते थे, लेकिन दोनों का गोत्र एक होने के कारण उनके परिजन इस रिश्ते को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थे. सामाजिक और पारिवारिक दबाव के चलते दोनों मानसिक रूप से परेशान थे. आशंका जताई जा रही है कि इसी कारण दोनों ने घर छोड़ दिया और जंगल में जाकर आत्मघाती कदम उठा लिया.
पुलिस ने घटनास्थल पर वीडियोग्राफी करवाई और एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया. परिजनों की मौजूदगी में दोनों शवों को पेड़ से नीचे उतारा गया. इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए सागवाड़ा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी.
उमर खालिद मामले में पूर्व CJI डी वाई चंद्रचूड़ का बयान, बोले- जुर्म साबित होने से पहले जमानत मिलनी चाहिए
19 Jan, 2026 11:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
DY Chandrachud On Umar Khalid: दिल्ली दंगों की साजिश मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका नामंजूर कर दी थी. उच्चतम न्यायालय के इस फैसले के करीब दो हफ्ते बाद पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि बिना मुकदमे के लंबी जेल की सजा संवैधानिक न्याय की प्रक्रिया को कमजोर करती है.
पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने क्या कहा?
पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ रविवार (18 जनवरी) को जयपुर में एक कार्यक्रम में शामिल हुए. इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि दोषसिद्धि से पहले जमानत मिलना नागरिक का एक अधिकार है. यदि कोई मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है तो गहराई से पड़ताल की जानी चाहिए.
‘उन्हें सुनवाई का अधिकार है’
पूर्व सीजेआई ने कहा कि उमर खालिद पांच साल से जेल में हैं. मैं न्यायालय की आलोचना नहीं कर रहा हूं. जमानत की शर्तों का दुरुपयोग किया जाता है तो आप शर्तें लगा सकते हैं. इसके साथ ही आपको ध्यान रखना होगा कि उन्हें सुनवाई का अधिकार है. वर्तमान में परिस्थितियों में जल्द सुनवाई संभव नहीं है तो जमानत अपवाद नहीं बल्कि नियम की तरह होना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि मैंने अपने 24 महीने के कार्यकाल में 21 हजार याचिकाओं का निपटारा किया. कई ऐसे मामले हैं, जिनके बारे में सुप्रीम कोर्ट के किसी मामले में जमानत ने देने पर आलोचना करते समय नहीं सोचते हैं.
जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?
2020 में हुए दिल्ली दंगे की साजिश रचने में सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को मुख्य योजनाकार माना है.
खालिद-शरजील समेत अन्य आरोपियों पर UAPA की धारा 15 के तहत मामला दर्ज किया गया था.
जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया ने याचिका पर सुनवाई करते हुए आरोपियों गुलशिफा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी थी.
कोर्ट ने मुख्य सूत्रधारों और सहयोगियों के बीच अंतर बताया था.
पीएम मोदी के निमंत्रण पर UAE के राष्ट्रपति नाहयान आज भारत आएंगे भारत
19 Jan, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति (President) मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (Mohammed bin Zayed Al Nahyan) सोमवार को भारत (India) की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। रविवार को विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति नाहयान की भारत का यह तीसरा आधिकारिक दौरा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति नाहयान भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर चर्चा करेंगे। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होगा, जिन पर दोनों देशों की सोच काफी हद तक समान है। राष्ट्रपति बनने के बाद यह नाहयान की भारत की तीसरी आधिकारिक यात्रा होगी, जबकि पिछले दस वर्षों में यह उनका पांचवां भारत दौरा है। यह यात्रा भारत और यूएई के बीच हाल के उच्चस्तरीय संपर्कों से बनी मजबूत गति को आगे बढ़ाएगी। इनमें सितंबर 2024 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान और अप्रैल 2025 में दुबई के क्राउन प्रिंस व यूएई के उप प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की भारत यात्रा शामिल है।
भारत-यूएई प्रमुख व्यापार साझेदार
भारत और यूएई के बीच राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्रों में मजबूत और बहुआयामी संबंध हैं। दोनों देश एक-दूसरे के प्रमुख व्यापार और निवेश साझेदार हैं। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए), लोकल करेंसी सेटलमेंट (एलसीएस) प्रणाली और द्विपक्षीय निवेश संधि ने इन रिश्तों को और मजबूती दी है। ऊर्जा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक आपूर्ति समझौते सहित मजबूत साझेदारी है। भारत और यूएई ने 1972 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। दोनों देश संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स और यूएई-फ्रांस-भारत त्रिपक्षीय मंच जैसे कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
J&K में गणतंत्र दिवस से पहले आतंकियों के खिलाफ बड़ा अभियान, 8 जवान घयाल
19 Jan, 2026 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू। जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) में किश्तवाड़ जिले (Kishtwar district) के एक सुदूर वन क्षेत्र में रविवार को सुरक्षाबलों (Security forces) और आतंकवादियों (Terrorists) के बीच छिड़ी मुठभेड़ में आठ जवान घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच घंटों तक भीषण गोलीबारी हुई। उन्होंने बताया कि फिलहाल गोलीबारी बंद है। अधिकारियों के मुताबिक, घेराबंदी को मजबूत करने और आतंकवादियों को मार गिराने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। सेना की जम्मू आधारित व्हाइट नाइट कोर द्वारा ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ नाम से शुरू किया गया यह अभियान दोपहर के समय शुरू हुआ।
‘व्हाइट नाइट कोर’ ने ‘एक्स’ पर बताया कि जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर चलाए जा रहे संयुक्त आतंकवाद रोधी अभियान के तहत तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों का चतरू के उत्तर-पूर्व में सोननार क्षेत्र में आतंकवादियों से सामना हुआ।
सेना ने कहा, ‘‘घेराबंदी को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया है तथा नागरिक प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय के साथ अभियान जारी है।’’ सेना ने चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति और परिस्थितियों में गोलीबारी का जवाब देते हुए असाधारण पेशेवर अंदाज एवं दृढ़ रुख प्रदर्शित करने पर जवानों की सराहना की।
रुक-रुककर होती रही गोलीबारी
अधिकारियों ने कहा कि एक तलाशी दल का सामना दो- तीन विदेशी आतंकवादियों से हुआ, जो कथित तौर पर पाकिस्तान आधारित जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि इन आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की और घेराबंदी तोड़कर भागने की कोशिश के तहत हथगोले फेंके। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की तथा घेराबंदी को और कड़ा करने के लिए सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिस के अतिरिक्त जवान मौके पर भेजे गए। उन्होंने बताया कि शाम 5.40 बजे तक दोनों पक्षों के बीच रुक-रुककर गोलीबारी होती रही।
तीसरी मुठभेड़
अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान आठ सैनिक घायल हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा कि घायलों में अधिकतर को हथगोले में धमाके से निकले छर्रे लगने से चोटें आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि अभियान में तेजी लाने के लिए ड्रोन सहित उन्नत निगरानी उपकरण और खोजी कुत्तों को तैनात किया गया है। जम्मू क्षेत्र में इस साल सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच यह तीसरी मुठभेड़ है। इससे पहले कठुआ जिले के बिलवार क्षेत्र के कहोग और नजोते जंगलों में 7 और 13 जनवरी को मुठभेड़ हुई थी।
गणतंत्र दिवस से पहले घुसपैठ की फिराक में आतंकी
पिछले साल 15 दिसंबर को उधमपुर जिले के माजलता क्षेत्र के सोआन गांव में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक पुलिस अधिकारी की जान गई थी जबकि घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकवादी फरार होने में सफल रहे थे।
अधिकारियों ने बताया कि ये मुठभेड़ पिछले साल दिसंबर में जम्मू क्षेत्र के वन क्षेत्र में छिपे लगभग तीन दर्जन आतंकवादियों को खदेड़ने के लिए शुरू किए गए एक बड़े आतंकवाद रोधी अभियान के बाद हुई है। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस से पहले शांतिपूर्ण समारोह सुनिश्चित करने के लिए अभियान को तेज किया गया है, क्योंकि खुफिया जानकारी मिली है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के आका और अधिक आतंकवादियों को भेजने की फिराक में हैं।
गाजा में शांति पहल के लिए भारत को न्योता, ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का दिया प्रस्ताव
19 Jan, 2026 10:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन. अमेरिका (US) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत (India) को गाजा (Gaza) में शांति बहाली के लिए बनाए जा रहे ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) का हिस्सा बनने का निमंत्रण दिया है। यह बोर्ड गाजा में चल रहे संघर्ष को खत्म करने और शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बनाया जा रहा है। साथ ही यह पहल गाजा में चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति योजना से जुड़ी है। अमेरिका इस योजना के दूसरे चरण को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
बता दें कि भारत को यह न्योता उसकी वैश्विक साख, संतुलित विदेश नीति और शांति प्रयासों में भूमिका को देखते हुए दिया गया है। माना जा रहा है कि इस बोर्ड में शामिल देश गाजा की स्थिति पर नजर रखेंगे, मानवीय सहायता, पुनर्निर्माण और संघर्ष रोकने से जुड़े कदमों पर विचार करेंगे। हालांकि, इस प्रस्ताव पर भारत की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसे में यदि भारत इस पहल में शामिल होता है, तो यह पश्चिम एशिया में शांति प्रक्रिया में उसकी भूमिका को और मजबूत कर सकता है।
क्या है ‘बोर्ड ऑफ पीस’?
व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को बोर्ड ऑफ पीस के सदस्यों की सूची जारी की। यह बोर्ड गाजा में शांति, स्थिरता, पुनर्निर्माण और लंबे समय तक विकास की निगरानी करेगा। इस बोर्ड के चेयरमैन खुद डोनाल्ड ट्रंप होंगे। व्हाइट हाउस के अनुसार, बोर्ड में कई बड़े और प्रभावशाली नाम शामिल हैं, जिनमें
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर
ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ
वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा
ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर
अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के सीईओ मार्क रोवन
अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट गेब्रियल
इसके अलावा, तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान और कतर के राजनयिक अली अल थवाड़ी को भी गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड में शामिल किया गया है।
अब समझिए बोर्ड की जिम्मेदारी क्या होगी?
व्हाइट हाउस ने बताया कि बोर्ड के सदस्य गाजा से जुड़े कई अहम क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभालेंगे, जैसे कि प्रशासन और शासन व्यवस्था को मजबूत करना, क्षेत्रीय देशों से रिश्ते सुधारना, गाजा का पुनर्निर्माण, निवेश आकर्षित करना और बड़े पैमाने पर फंडिंग और पूंजी जुटाना शामिल है।
गाजा शांति बोर्ड में शामिल होने के लिए चुकाने पड़ सकते हैं एक अरब डॉलर
गौरतलब है कि गाजा शांति बोर्ड में शामिल होने के लिए देशों को एक अरब अमेरिकी डॉलर का भुगतान करना पड़ सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बोर्ड को संस्थापक अध्यक्ष होंगे। मसौदा पत्र के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्षों से ज्यादा नहीं होगा। सदस्यता के नवीनीकरण का मसला अध्यक्ष पर निर्भर करेगा।
हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट के भ्रामक बताया है। उसने कहा कि बोर्ड में शामिल होने के लिए न्यूनतम फीस निर्धारित नहीं की गई है। व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह बस उन साझेदार देशों को स्थायी सदस्यता देता है जो शांति, सुरक्षा और खुशहाली के लिए गहरी प्रतिबद्धता दिखाते हैं।
जमीन पर काम कौन देखेगा?
वहीं बोर्ड के एक सदस्य निकोलाय म्लादेनोव को गाजा का हाई रिप्रेजेंटेटिव बनाया गया है। वे बोर्ड और नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (एनसीएजी) के बीच कड़ी का काम करेंगे।एनसीएजी को ट्रंप की शांति योजना के दूसरे चरण का अहम हिस्सा बताया गया है। इसकी अगुवाई अली शाअथ करेंगे, जो गाजा में जरूरी सार्वजनिक सेवाओं की बहाली, नागरिक संस्थानों के पुनर्निर्माण, आम लोगों के जीवन को स्थिर करने और भविष्य में आत्मनिर्भर शासन की नींव रखने का काम करेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था भी शामिल
इतना ही नहीं गाजा में सुरक्षा बनाए रखने के लिए मेजर जनरल जैस्पर जेफर्स को इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स (आएसएफ) का कमांडर नियुक्त किया गया है। वे सुरक्षा संचालन, हथियारों से मुक्त माहौल मानवीय मदद और निर्माण सामग्री की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।
घने कोहरे के चपेट में UP… 24 घंटे में हुए अलग-अलग सड़क हादसों में 20 लोगों की मौत
19 Jan, 2026 10:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। यूपी (UP) में शीतलहर (Cold Wave) से जूझ रहे लोगों पर रविवार को कोहरा (Fog.) काल बनकर टूटा। रविवार को 17 शहरों में घना कोहरा छाया रहा। इनमें आठ में तो दृश्यता शून्य तक पहुंच गई। नतीजतन सड़क हादसों की बाढ़ आ गई। रविवार को कम दृश्यता से अलग-अलग हुए सड़क हादसों (Road Accidents) में 20 लोगों (20 people) की मौत हो गई। इनमें अवध क्षेत्र में 9, मुरादाबाद मंडल में 5,आजमगढ़ में दो, रोजा में दो, बुलंदशहर और बरेली में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। 20 जनवरी के बाद कोहरा कम होने के आसार हैं।
बहराइच (Bahraich) में तीन हादसों में तीन लोगों की जान चली गई। सुलतानपुर के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के शारदा सहायक खंड 16 नहर की पटरी पर बाइक से बाजार जा रही छात्राओं को मिट्टी लदी ट्रैक्टर ट्राली ने कुचल दिया जिससे दो छात्राओं की मौत हो गई। अमेठी में बस व कार की टक्कर में दो युवकों की मौत हो गई। फुरसतगंज के अकेलवा चौराहे पर बस-पिकअप की टक्कर में पिकअप चालक की मौत हो गई। रायबरेली में बुजुर्ग की जान चली गई गई।
बाराबंकी में गोंडा-बहराइच मार्ग पर बस, कार और इनोवा की टक्कर में यात्री की मौत हो गई। आजमगढ़ में चार वाहनों के टकराने से दो की मौत हो गई। रोजा में ट्रक ने बाइक-टेंपो को रौंद दिया, हादसे में साले-बहनोई की मौत हो गई। बुलंदशहर में कोहरे में नाले में गिरने से स्कूटी सवार की जान चली गई। मुरादाबाद मंडल में हुए सड़क हादसों में पिता-पुत्र समेत पांच की मौत हो गई। रामपुर के शहजादनगर में टेंपो ने बाइक पर सवार पिता-पुत्र, भतीजे को कुचल दिया। गजरौला-मूंढापांडे के पास 17 वाहन टकरा गए। अमरोहा में कार खंदक में गिर गई। हादसे में महिला की मौत हो गई। पिकअप पलटने से एक मजदूर की जान चली गई। बरेली में नेशनल हाईवे पर 25 वाहन एक-दूसरे से टकरा गए। हादसे में रोडवेज बस चालक की मौत हो गई, 26 लोग घायल हुए।
पहाड़ों पर आज से बारिश और बर्फबारी के आसार
उत्तर, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का असर जारी है। हिमालयी राज्यों में पारा शून्य से नीचे बना हुआ है, मैदानों में सुबह-शाम घना कोहरा परेशानी बढ़ा रहा है। अगले कुछ दिन पर्वतीय राज्यों में बारिश-हिमपात के आसार हैं। यूपी-बिहार आदि राज्यों में कोहरा बना रहेगा। पूर्वी यूपी में शीतलहर चली।
जांच में खुलासा, दिल्ली में धमाके के लिए यासिर ने इस कारण फिदायीन बनने से किया था इनकार
19 Jan, 2026 09:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली में लाल किले (Red Fort in Delhi) के पास हुए कार बम धमाके (Car bomb attacks) की जांच में सामने आया है कि साजिश का मास्टरमाइंड डॉ. उमर उन नबी (Dr. Omar Un Nabi) दूसरे आत्मघाती हमलावर की भर्ती करने की कोशिश कर रहा था। हालांकि वह इसमें सफल नहीं हो सका क्योंकि उसके टार्गेट शोपियां के यासिर अहमद डार ने सेब की पैदावार के मौसम में अपने परिवार की मदद करने की जरूरत का हवाला देते हुए फिदायीन बनने से पीछे हट गया था। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि डार संभावित दूसरा फिदायीन हमलावर था लेकिन उसके पीछे हटने से डॉ. उमर के मंसूबे पर पानी फिर गया।
यासिर अहमद डार किया गया था अरेस्ट
श्रीनगर पुलिस और एनआईए ने नबी की ओर से चलाए जा रहे एक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि डॉ. नबी ही 10 नवंबर को लाल किले के पास विस्फोटकों से भरी कार ले गया था जिसके धमाके में 12 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ में डॉ. नबी की रणनीतियों का खुलासा हुआ है। इन्हीं जानकारी के आधार पर एनआईए ने शोपियां के रहने वाले यासिर अहमद डार को गिरफ्तार किया था।
यासिर को फिदायीन बनने के लिए कर लिया था तैयार
जांच अधिकारियों के अनुसार, डॉ. उमर उन नबी ने यासिर अहमद डार को फिदायीन यानी आत्मघाती हमलावर बनने के लिए तैयार कर लिया था लेकिन पिछले साल अगस्त में वह पीछे हट गया था। उसने अंतिम समय में अपना इरादा बदलने के लिए घर की मरम्मत और सेब के सीजन का बहाना बनाया। जांच में सामने आया है कि डार साल 2023 से ही नबी के संपर्क में था। डॉ. उमर के जरिए उसको पूरी तरह कट्टरपंथी बनाया जा चुका था।
इंसाफ मांगते-मांगते थम गईं रेप पीड़िता की सांसें, लेकिन ढाई साल बाद भी आरोपी का सुराग तक नहीं
19 Jan, 2026 08:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मणिपुर: मणिपुर Manipur) में साल 2023 की शुरुआत में जातीय हिंसा (Ethnic Violence) शुरू हुई थी. इसी दौरान गैंगरेप (Gang Rape) 18 साल की युवती (Young Women) गैंगरेप का शिकार हुई थी, जिसकी 2 साल बाद मौत हो चुकी है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो युवती को तीन साल पहले किडनैप किया गया था. इसी दौरान उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया था. इस घटना से युवती आज तक उबर नहीं पाई थी. इसी के कारण उसकी मौत हो गई. इस मामले के 3 साल बाद भी पुलिस और सीबीआई आरोपियों की पहचान भी नहीं कर पाई है. यही वजह है कि जांच पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.
युवती के परिजनों ने बताया कि उस घटना के बाद वह आज तक उबर नहीं पाई थी. उसको कई शारीरिक चोटें आईं थीं. जो आज तक पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाई हैं. युवती की इलाज के दौरान 10 जनवरी को गुवाहाटी में मौत हो गई. युवती ने अपने साथ हुई इस घटना की शिकायत 21 जुलाई, 2023 को पुलिस को दी थी. इसमें बताया था कि हथियारबंद लोग उसे सफेद कार में किडनैप कर पहाड़ी इलाके में ले गए थे. यहां बारी-बारी से उसके साथ कई रेप की घटना को अंजाम दिया. हालांकि शिकायत दर्ज होने के एक महीने बाद ही यह केस CBI को सौंप दिया गया.
26 जनवरी से पहले देश में हाई अलर्ट
18 Jan, 2026 11:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने देशभर में हाई अलर्ट जारी किया है। खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, खालिस्तानी आतंकवादी संगठनों और बांग्लादेश में सक्रिय आतंकी समूहों की ओर से दिल्ली समेत कई बड़े शहरों को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई गई है।
इंटेलिजेंस इनपुट में बताया गया है कि पंजाब से जुड़े कुछ गैंगस्टर विदेश में बैठे खालिस्तानी और कट्टरपंथी हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहे हैं। आरोप है कि ये हैंडलर्स अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने और देश की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के लिए आपराधिक नेटवर्क का सहारा ले रहे हैं।
आतंकवादी नेटवर्क से बढ़ते संपर्क
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी चेतावनी में कहा गया है कि ये गैंगस्टर हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय हैं। धीरे-धीरे इनके खालिस्तानी आतंकवादी तत्वों से संपर्क मजबूत होने की बात भी सामने आई है, जिसे लेकर एजेंसियां सतर्क हैं।
अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के सरोवर में मुस्लिम युवक ने धोए हाथ और किया कुल्ला
18 Jan, 2026 10:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। पंजाब (Punjab) के अमृतसर (Amritsar) स्थित स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के पवित्र सरोवर में एक मुस्लिम युवक (Muslim Youth) ने हाथ धोए हैं और कुल्ला किया है। इससे जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। गौरतलब है कि इस पवित्र सरोवर में सिख श्रद्धालु (Sikh Devotees) स्नान करते हैं। इस मामले के सामने आने के बाद SGPC ने इस घटना पर ऐतराज जताया है।
एसजीपीसी के सचिव कुलवंत सिंह मनन ने कहा कि बीते दिनों हुई घटना के संबंध में वह जांच कर रहे हैं। जो भी श्रद्धालु अन्य राज्यों से आते हैं या जो अन्य धर्म के हैं, उन्हें गुरु मर्यादा के बारे में जानकारी नहीं होती। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में अपनी कमेटी मेंबरों से मीटिंग्स भी कर रहे हैं, जिससे किसी को किसी प्रकार की मुश्किल का सामना न करना पड़े और जो भी तस्वीरें खींचना चाहते हैं, उनके संबंध में अभी अलग प्वाइंट पर तस्वीर खींचने के प्रबंध की चर्चा भी चल रही है।
भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री को मेमोरियल बनाने का प्लान, CM मोहन यादव ने किया दौरा
18 Jan, 2026 09:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh ) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने शनिवार को भोपाल के आरिफ नगर स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री (Union Carbide Factory) का दौरा किया। इसके बाद सीएम ने जानकारी दी कि राज्य सरकार यहां पर गैस त्रासदी में मारे गए लोगों की याद में मेमोरियल बनाने की प्लानिंग में है। अपने दौरे के दौरान सीएम ने भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal gas tragedy) राहत एवं पुनर्वास विभाग के अधिकारियों संग भी इस संबंध में बातचीत की।
उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को विश्वास में लेकर और हाई कोर्ट के सुझाव पर इस जगह पर मेमोरियल बनाएंगे। भोपाल में दो और तीन दिसंबर 1984 की दरमियानी रात यूनियन कार्बाइड कारखाने से बेहद जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हुआ था। इससे कम से कम 5,479 लोग मारे गए थे और हजारों लोग अपंग हो गए थे। इसे दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदाओं में गिना जाता है।
राहुल को माफी मांगनी चाहिए
सीएम ने कहा कि तब की सरकार ने इस एरिया को लावारिस छोड़ दिया और साथ ही फैक्ट्री में मौजूद जहरीले कचरे को भी हटाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई, नतीजन डरावने कांड ने फैक्ट्री को भूतिया बनाकर छोड़ दिया। वहीं भोपाल गैस त्रासदी के मुख्य आरोपी वॉरेन एंडरसन को भगाकर कांग्रेस ने लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया था। राहुल गांधी को इसके लिए देश से मांफी मांगनी चाहिए।’
विश्व के लिए एक मिसाल पेश
सीएम ने कहा ‘राज्य सरकार हर कदम पर गैस पीड़ितों के साथ खड़ी है और उनके कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। हमारी सरकार ने कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों के जरिए फैक्ट्री में मौजूद यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को हटाया है जो कि विश्व के लिए एक मिसाल पेश करता है।’ मोहन यादव ने बताया कि भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने के साथ ही शहर के अंदर भी विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं।
AAP में सियासी भूचाल—राघव चड्ढा बोले- दो तिहाई सांसद बदलेंगे पाला, BJP में होंगे शामिल
भोपाल-इटारसी-जबलपुर समेत कई शहरों को तोहफा, पीएम मोदी देंगे 2 अमृत भारत ट्रेन
हाई-प्रोफाइल स्टार्स नहीं निभा पाए उम्मीदों का दबाव
तपती गर्मी से राहत: स्कूलों में पहले ही कर दी गई समर वेकेशन की घोषणा
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर कार्रवाई की तैयारी
दमदम में पीएम मोदी का वार—“तृणमूल राज में बंगाल की पहचान खतरे में”
गहलोत का बड़ा बयान: ‘राजस्थान में उल्टी गंगा बह रही है’
पोषण पखवाड़ा के तहत रेल मंडल में चला जनजागरूकता अभियान
