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दिल्ली पुलिस की लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटरों के साथ मुठभेड़, एनकाउंटर के बाद दो शार्प शूटर गिरफ्तार
15 Jan, 2026 04:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर्स के साथ मुठभेड़ हुई है. इस मुठभेड़ के बाद दो शूटर्स को गिरफ्तार किया गया है. बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) जोन-1 रविंद्र यादव ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी हाल ही में पश्चिम विहार ईस्ट और मधु विहार में हुई फायरिंग की घटनाओं में शामिल थे.
स्पेशल सीपी रविंद्र यादव ने बताया कि नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के एंटी-नारकोटिक्स टीम को एक अहम सुराग मिला था, जिसके आधार पर टीम ने बराड़ी इलाके में दोनों बदमाशों को इंटरसेप्ट किया. बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी दीपक के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे आरोपी जो नाबालिग है, उसको भी मौके से पकड़ लिया गया. दोनों के पास से फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद कर लिए गए हैं.
स्पेशल सीपी रविंद्र यादव के अनुसार, हाल के दिनों में दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टरों के खिलाफ व्यापक व सख्त अभियान चलाया था, जिससे फिरौती कॉल्स और गैंग एक्टिविटी में कमी आई थी. इसके बावजूद इन फायरिंग की घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी थी. इस घटना के बाद से सभी जिलों को अलर्ट पर रखा गया. इसी सतर्कता के चलते 24 घंटे के भीतर आरोपियों को ट्रैक कर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है.
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को अपराध में धकेला जा रहा
स्पेशल सीपी रविंद्र यादव ने बताया कि गैंगस्टर सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम के जरिए युवाओं व नाबालिगों को लालच देकर अपराध की दुनिया में धकेल रहे हैं. इस मामले में नाबालिग आरोपी का रोहिणी इलाके में किसी से झगड़ा हुआ था. बदला लेने के इरादे से उसने सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें डालने वाले एक फर्जी अकाउंट से संपर्क किया. उसे लालच दिया गया कि अगर वह गैंग के लिए काम करेगा तो उसे हथियार और पैसा मिलेगा. इसके बाद अलग-अलग जगह बुलाकर उसे हथियार दिए गए. साथ ही फायरिंग की लोकेशन बताई गई. निर्देश ये भी था कि एक ही जगह नहीं, बल्कि अलग-अलग समय पर कई बार फायरिंग कर इलाके में दहशत फैलाई जाए.
फिरौती की कॉल आए तो पुलिस को तुरंत दें सूचना
स्पेशल सीपी रविंद्र यादव ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क में रणदीप मलिक का नाम सामने आ रहा है, जो पहले भी एक चर्चित मर्डर केस में वांटेड है. उसी के जरिए यह संपर्क हुआ. इसके बाद में सोशल मीडिया पर फायरिंग की जिम्मेदारी भी ली गई. मामले में इंटरस्टेट कनेक्शन की भी जांच की जा रही है. हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, चंडीगढ़ व उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने जनता से अपील की कि यदि किसी को भी इस तरह की धमकी या फिरौती की कॉल आती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें. इससे दिल्ली पुलिस न सिर्फ सुरक्षा प्रदान करेगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर मकोका, बीएनएस की धारा 111 जैसे सख्त कानूनों के तहत कार्रवाई भी करेगी.
आधुनिक हथियार और सैन्य वाहन ने दिखाई शक्ति
15 Jan, 2026 01:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जयपुर |जयपुर में महाल रोड पर गुरुवार को 78वें आर्मी डे परेड का आयोजन किया गया, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल, आधुनिक हथियार प्रणाली और बख्तरबंद वाहन प्रदर्शित किए गए। इस परेड में भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की मौजूदगी रही। परेड से पहले सेना प्रमुख ने शहीद जवानों को पोस्टह्यूमस सेना मेडल से सम्मानित किया। इसमें सुबेदार मेजर पवन कुमार, हवलदार सुनील कुमार, लैन्स नाइक दिनेश कुमार, लैन्स नाइक सुभाष कुमार और लैन्स नाइक प्रदीप कुमार शामिल थे।परेड कमांडर और अन्य वीर पुरस्कार विजेताओं ने सलामी ली, जबकि तीन चेतक हेलीकॉप्टरों ने परेड स्थल पर फूलों की बारिश की। 61वीं कैवेलरी की घुड़सवार टुकड़ियों ने सैन्य विरासत का प्रदर्शन किया। साथ ही अर्जुन टैंक, K-9 वज्र, धनुष तोपें, BMPs और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे आधुनिक हथियार और बख्तरबंद वाहन भी प्रदर्शित किए गए।
300 आवारा कुत्तों की बेरहमी से हुई हत्या, सरपंचों और अधिकारियों पर लगे गंभीर आरोप
15 Jan, 2026 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कामरेड्डी। तेलंगाना (Telangana) के कामरेड्डी जिले (Kamareddy District) से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिले में लगभग 300 आवारा कुत्तों (Stray Dogs) की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस सामूहिक हत्या को 6, 7 और 8 जनवरी 2026 को यानी कि 3 दिनों के अंदर अंजाम दिया गया। आरोप है कि यह काम गांव के सरपंचों, सचिवों और कुछ स्थानीय व्यक्तियों ने किया है, जो पशु संरक्षण कानूनों (Animal Protection Laws) का खुला उल्लंघन है। घटना की जानकारी मिलते ही पशु कल्याण कार्यकर्ता और स्ट्रे एनिमल फ़ाउंडेशन ऑफ इंडिया नाम के क्रूरता निवारण प्रबंधक अदुलापुरम गौतम ने तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी।
गौतम ने शायंपेटा पुलिस स्टेशन जाकर मामले की औपचारिक शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने एक FIR दर्ज की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक पूर्व केंद्रीय मंत्री ने भी इसमें हस्तक्षेप किया। उन्होंने सर्कल इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर से बात की और उन्हें सख्त निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि FIR दर्ज करने के साथ-साथ मृत जानवरों का पोस्टमॉर्टम भी कानून के मुताबिक कराया जाए, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों को सजा मिले। इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अदुलापुरम गौतम ने कहा, ‘आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने का एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) ही एकमात्र वैज्ञानिक और मानवीय समाधान है।’
गौतम ने जोर देकर बताया कि ABC नियम 2023 को लागू करने में विफलता और स्थानीय निकायों की निष्क्रियता ने सीधे तौर पर आवारा कुत्तों की संख्या में वृद्धि में योगदान दिया है। गौतम ने राज्य सरकार से अपील की कि वे तुरंत बड़े पैमाने पर नसबंदी और बड़े पैमाने पर एंटी-रेबीज़ टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करें। उन्होंने आगे कहा, ‘गैरकानूनी हत्याएं कोई समाधान नहीं हो सकतीं, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।’ पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई की उम्मीद है।
दिल्ली समेत 10 राज्यों में चलेगी शीतलहर, घने कोहरे पर मौसम विभाग ने दिया अपडेट
15 Jan, 2026 11:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 जनवरी को छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर शीतलहर (Cold wave) चलने की संभावना जताई है. हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर कोल्ड डे रहेगा. असम और मेघालय, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर घना कोहरा छाने की बहुत संभावना है. वहीं हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर घना से बहुत घना कोहरा छाने की बहुत संभावना है.
किन-किन राज्यों में छाएगा घना कोहरा?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक 15 जनवरी को उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में 16 जनवरी तक सुबह/रात के घंटों में बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है और 19 जनवरी 2026 तक अलग-अलग इलाकों में घना कोहरा रहेगा.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग/कुछ हिस्सों में 19 जनवरी तक सुबह/रात के घंटों में बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है और 15, 20 और 21 जनवरी 2026 को अलग-अलग इलाकों में घना कोहरा रहेगा. जम्मू डिवीजन, हिमाचल प्रदेश में 16 जनवरी तक, पश्चिमी राजस्थान में 15 जनवरी तक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 15-19 जनवरी के बीच, बिहार में 21 जनवरी तक, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 16-19 जनवरी के दौरा, असम और मेघालय में 18 जनवरी तक घना कोहरा छाए रहने की संभावना है.
IMD से जानें, किन-किन राज्यों में चलेगी शीतलहर
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के अलग-अलग इलाकों में 15 जनवरी को शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर की स्थिति रहने की बहुत अधिक संभावना है और 16 जनवरी को अलग-अलग इलाकों में शीतलहर की स्थिति रहेगी. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड में 15 और 16 जनवरी को, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली में 15 जनवरी को, ओडिशा में 15-17 जनवरी के दौरान अलग-अलग इलाकों में शीतलहर की स्थिति रहने की बहुत अधिक संभावना है.
IMD से जानें, किन राज्यों में कब बारिश की चेतावनी?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक 16-20 जनवरी के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी और उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर बारिश बर्फबारी की संभावना है. 18-20 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में और 19 और 20 जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर बारिश की संभावना है. 15 जनवरी को लक्षद्वीप में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की/मध्यम बारिश की संभावना है.
IMD से जानें, किन राज्यों में कितना रहेगा तापमान?
अगले 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी की संभावना है और उसके बाद अगले 2 दिनों तक कोई खास बदलाव नहीं होगा. अगले 3 दिनों के दौरान मध्य भारत में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा; अगले 4 दिनों के दौरान 2-4°C की धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी.
अगले 4 दिनों के दौरान पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा; अगले 3 दिनों के दौरान 2-3°C की धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी. अगले 24 घंटों के दौरान महाराष्ट्र में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा; अगले 2 दिनों के दौरान 2-3°C की धीरे-धीरे गिरावट होगी और उसके बाद अगले 4 दिनों के दौरान 2-3°C की धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी. अगले 24 घंटों के दौरान गुजरात राज्य में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा और अगले 2 दिनों के दौरान 2-3°C की धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और उसके बाद अगले 4 दिनों तक कोई खास बदलाव नहीं होगा.
MP में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक ने बाइक को मारी टक्कर, 2 लोगों की मौके पर ही मौत
15 Jan, 2026 10:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टीकमगढ़। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के टीकमगढ़ (Tikamgarh) में बुधवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जहां ट्रक की टक्कर (truck collision) से बाइक सवार 2 लोगों की मौत हो गई। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। दरअसल, बाइक सवार 2 लोग जतारा बाईपास से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दो। जिसके बाद डायल 112 मौके पर पहुंची और अन्य लोगों के मदद से एंबुलेंस के जरिए शवों को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल में भेज दिया और पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
राजस्थान में भीषण सड़क हादसा, ट्रक और कार की हुई भिड़ंत, 6 महिलाओं की मौत, तीन गंभीर घायल
15 Jan, 2026 10:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीकर। राजस्थान (Rajasthan) के सीकर जिले (Sikar district) में बुधवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे फतेहपुर कस्बे (Fatehpur town) और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को शोक में डुबो दिया। फतेहपुर उपखंड क्षेत्र के हरसावा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर कार और ट्रक की जोरदार भिड़ंत हो गई, जिसमें फतेहपुर निवासी 6 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह तहस-नहस हो गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस व एंबुलेंस की मदद से घायलों को कार से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
सभी महिलाएं फतेहपुर निवासी
थानाधिकारी सुरेंद्र देगड़ा ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान संतोष पत्नी सत्यनारायण माली, तुलसी देवी पत्नी ललित, मोहन देवी पत्नी महेश, इन्द्रा पुत्री महेश, आशा पत्नी मुरारी और चंदा पत्नी सुरेन्द्र के रूप में हुई है। सभी महिलाएं फतेहपुर क्षेत्र की रहने वाली थीं और रघुनाथपुर से लक्ष्मणगढ़ किसी बैठक में शामिल होकर कार से वापस लौट रही थीं। इसी दौरान हरसावा गांव के पास NH-52 पर तेज रफ्तार ट्रक से कार की जोरदार टक्कर हो गई।
तीन गंभीर घायल, सीकर रेफर
इस दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनकी पहचान वशीम पुत्र मनीर खां, सोनू पुत्री सुरेन्द्र और बरखा पत्नी ओमप्रकाश के रूप में हुई है. हादसे के तुरंत बाद घायलों को स्थानीय लोगों और पुलिस की सहायता से एंबुलेंस के माध्यम से फतेहपुर के राजकीय उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने सीकर रेफर कर दिया।
दुर्घटना के बाद हाईवे पर लगा जाम, पुलिस ने संभाला मोर्चा
हादसे के बाद हाईवे-52 पर करीब आधे घंटे तक वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही फतेहपुर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर ट्रक और कार को सड़क से हटवाया और यातायात को सुचारु करवाया। मृतकों के शवों को फतेहपुर के राजकीय उपजिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया, जहां पोस्टमार्टम की कार्यवाई सोमवार सुबह होने की संभावना है।
तेलंगाना के कामारेड्डी में सड़क पर तेंदुआ!
15 Jan, 2026 09:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कामारेड्डी: तेलंगाना (Telangana) के कामारेड्डी जिले (Kamareddy District) में प्रकृति और मानव के बीच बढ़ते टकराव का एक रोमांचक और डरावना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिले के मेंगारम (Mangaram) और कोट्टल वन क्षेत्र (Kottal Forest Area) के पास एक तेंदुए (Leopard) को मुख्य सड़क पर बेखौफ घूमते देखा गया. इस घटना ने न केवल राहगीरों के रोंगटे खड़े कर दिए, बल्कि वन विभाग की सुरक्षा तैयारियों पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं.
घटना उस समय की है जब एक कार सवार इस वन क्षेत्र से गुजर रहा था. अचानक सड़क के बीचों-बीच एक विशालकाय तेंदुए को देखकर ड्राइवर ने तुरंत ब्रेक लगाए. तेंदुए ने भागने के बजाय कुछ देर सड़क पर ही टहलना जारी रखा, जिसे वाहन के अंदर बैठे व्यक्ति ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तेंदुआ इंसानों की मौजूदगी से जरा भी विचलित नहीं हुआ और अपनी शाही चाल में सड़क पार कर फिर से झाड़ियों में गायब हो गया.मेंगारम, कोट्टल और येलारेड्डी मंडल के आसपास के गांवों में भारी दहशत है. स्थानीय किसानों और चरवाहों का कहना है कि शाम ढलते ही अब वे खेतों में जाने से कतरा रहे हैं. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में जंगली जानवरों के रिहायशी इलाकों के करीब आने की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे मवेशियों पर हमले का खतरा बढ़ गया है.
वन विभाग के अधिकारियों ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. अधिकारियों का कहना है कि यह क्षेत्र तेंदुए का प्राकृतिक आवास है, इसलिए यात्रियों को इस मार्ग पर रात के समय वाहन नहीं रोकने और खिड़कियां बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं. विभाग अब तेंदुए की आवाजाही पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप लगाने की योजना बना रहा है.
बंगाल में डरा रहा निपाह वायरस! 2 नए संदिग्ध मरीज मिले, अस्पताल में भर्ती
15 Jan, 2026 08:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता: पश्चिम बंगाल (West Bengal) के कोलकाता (Kolkata) में निपाह वायरस (Nipah Virus) को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं. बारसात क्षेत्र से दो और संदिग्ध मरीजों को बेलेघाटा आईडी अस्पताल (Beleghata ID Hospital) में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों का कहना है कि दोनों मरीज (Patient) हाल ही में निपाह वायरस से संक्रमित लोगों के संपर्क में आए थे, जिसके कारण उन्हें यह संक्रमण होने की आशंका है. अस्पताल में इन मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है.
इस बीच राहत की बात यह सामने आई है कि संक्रमितों के संपर्क में आए 5 स्वास्थ्य कर्मियों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है. इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग कोई जोखिम नहीं लेना चाहता. नदिया जिले के CMOH ने अब तक कुल 45 सैंपल एम्स कल्याणी भेजे हैं, जिनकी रिपोर्ट का इंतजार है. नदिया जिले की दो नर्सें संक्रमित पाई गई थीं और उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है. एक नर्स गहरे कोमा में है. दूसरी नर्स को वेंटिलेशन सपोर्ट पर रखा गया है. डॉक्टरों का संदेह है कि वे नदिया के कालीगंज में एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने के बाद संक्रमित हुईं. इसके अलावा, दूसरी नर्स संभवतः पहली संक्रमित नर्स के साथ बारसात अस्पताल में दो दिनों तक नाइट ड्यूटी करने के दौरान संक्रमित हुई.
स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम आज कालीगंज में जांच के लिए पहुंच रही है ताकि संक्रमण के स्रोत और वायरस के फैलाव को समझा जा सके. सबसे बड़ी चिंता यह है कि निपाह वायरस का अभी तक कोई टीका या पक्का इलाज मौजूद नहीं है. डॉक्टर जयदेव राय बताते हैं, “कुछ दवाओं का परीक्षण हुआ है, पर कोई भी विशेष रूप से कारगर नहीं मिली. फिलहाल उपचार केवल लक्षणों के आधार पर किया जाता है. गंभीर मरीजों को तुरंत ICU में भर्ती करना जरूरी होता है.” उनके अनुसार, निपाह वायरस तेजी से मस्तिष्क पर असर करता है. मरीज बेहोश हो सकता है, उसे दौरे पड़ सकते हैं, दिल की धड़कन रुक सकती है और सांस लेने में गंभीर समस्या पैदा हो सकती है. ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी है, क्योंकि इस वायरस की मृत्यु दर काफी अधिक है.
इसरो का मिशन फेल, लेकिन जिंदा बच निकला छोटू कैप्सूल, भेज रहा सिग्नल
14 Jan, 2026 10:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुंसाधन केंद्र इसरो का पीएसएलवी रॉकेट मिशन तकनीकी खराबी के कारण असफल हो गया, लेकिन स्पेन की निजी कंपनी का छोटा स्पेस कैप्सूल सुरक्षित रह गया और इस कैप्सूल से जमीन पर सिग्नल मिल रहा है। यह कैप्सूल, जो कि केआईडी कहा जाता है, रॉकेट फेल होने के बावजूद करीब 190 सेकंड तक उड़ान का डेटा भेजने में सफल रहा। इस विशेष रूप से धरती के वातावरण में फिर प्रवेश के परीक्षण के लिए बनाया गया था।
बात दें कि पीएसएलवी-सी62 ने सुबह 10:18 बजे श्रीहरिकोटा से उड़ान भरी थी। रॉकेट में भारत का उपग्रह अन्वेषा और कुल 15 सैटलाइट के साथ स्पेन का यह कैप्सूल शामिल था। हालांकि, रॉकेट के तीसरे चरण में तकनीकी खराबी के कारण उपग्रह अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच सके और खो गए। नष्ट हुए उपग्रहों में डीआरडीओ का अन्वेषा उपग्रह था, जो करीब 500 किलोमीटर दूर से सैन्य गतिविधियों और छलावरण को निगरानी करने में सक्षम है। इसके अलावा भारत का पहला इन-ऑर्बिट ईंधन भरने वाला उपग्रह, आयुलसैट, और आपातकालीन संचार तथा आपदा प्रबंधन के लिए डिज़ाइन किया गया एक छोटा एलईओ उपग्रह, सीजीयूसैट भी शामिल थे। पृथ्वी अवलोकन के लिए थाईलैंड और ब्रिटेन ने संयुक्त रूप से एक उपग्रह बनाया था। मई 2025 में किया गया पिछला पीएसएलवी मिशन (सी61-ईओएस-09) भी मोटर दबाव की समस्या के कारण असफल हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि इसरो को घटना का डेटा इकट्ठा करने, विश्लेषण करने और सुधारात्मक कदम तय करने में समय लगेगा। आधिकारिक निष्कर्ष आने वाले दिनों में जारी होने की उम्मीद है।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन खत्म होने से पहले बढ़ी हलचल, अलग प्रशासन की मांग पर अड़े कुकी संगठन
14 Jan, 2026 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: मणिपुर में सरकार गठन को लेकर चल रही गहमागहमी के बीच, कुकी जो काउंसिल (KZC) और इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (ITLF) ने बुधवार को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 239A के तहत 'विधायिका के साथ केंद्र शासित प्रदेश' के रूप में एक अलग प्रशासन की अपनी मांग को फिर से दोहराया है. कुकी-जो काउंसिल के अध्यक्ष हेनलियनथांग थांगलेट ने गृह मंत्री अमित शाह को एक ज्ञापन सौंपा है.
ज्ञापन में कहा गया है- "भारत सरकार इस बात से पूरी तरह वाकिफ है कि कुकी-जो समुदाय के लोग न तो इंफाल वापस जा सकते हैं और न ही संघर्ष से पहले जैसी स्थिति को स्वीकार करेंगे. इसलिए, हम केंद्रीय गृह मंत्री से विनम्र अपील करते हैं कि वे इन शिकायतों का अत्यंत गंभीरता से संज्ञान लें. हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए हमारे अधिकृत प्रतिनिधियों (KNO और UPF) के साथ राजनीतिक बातचीत तेज करे, ताकि जल्द ही एक उचित और संवैधानिक राजनीतिक समाधान निकाला जा सके."
थांगलेट ने गृह मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में जिसकी एक प्रति ETV Bharat के पास उपलब्ध है, कहा कि पिछले लगभग तीन वर्षों से कुकी-जो लोग मैतई समुदाय के साथ हुए जातीय संघर्ष के कारण अत्यधिक कष्ट सह रहे हैं.
थांगलेट ने कहा, "250 से अधिक निर्दोष कुकी-जो लोगों की जान गई है. 7,000 से ज्यादा घर जला दिए गए. 360 पूजा स्थलों को अपवित्र या क्षतिग्रस्त किया गया, और 40,000 से अधिक लोगों को उनके घरों और संपत्तियों से जबरन बेदखल कर दिया गया. कुकी-जो आबादी को इंफाल घाटी से पूरी तरह बाहर निकाल दिया गया है, जिससे कुकी-जो और मैतई लोगों के बीच शारीरिक, प्रशासनिक और मनोवैज्ञानिक रूप से पूर्ण अलगाव हो गया है. यह स्पष्ट रूप से देखा और दर्ज किया गया है कि राज्य सरकार की मशीनरी के कुछ हिस्से इन अत्याचारों में शामिल थे या इन्हें रोकने में विफल रहे. ऐसी परिस्थितियों में, कुकी-जो लोगों के लिए उसी प्रशासन के अधीन बने रहने की कोई गुंजाइश नहीं बची है."
बफर ज़ोन क्षेत्रों में मैतई आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (IDPs) के पुनर्वास का विरोध करते हुए थांगलेट ने कहा, "ऐसी विश्वसनीय रिपोर्टें हैं कि मैतई विस्थापितों को चुराचांदपुर के तोरबुंग और सुगनु के सेरो इलाके में फिर से बसाया गया है, और डोइलाथाबी क्षेत्र में भी ऐसी ही कोशिशें की गई हैं. ये सभी इलाके बफर ज़ोन और कुकी-जो बस्तियों के भीतर या उनके बेहद करीब आते हैं. ऐसी कार्रवाइयों को सीधे उकसावे के रूप में देखा जा रहा है, जिससे फिर से संघर्ष शुरू होने की भारी आशंका है."
उन्होंने कहा कि बफर ज़ोन की स्थापना विशेष रूप से आमना-सामना और खून-खराबे को रोकने के लिए की गई थी. थांगलेट ने चेतावनी दी, "इस व्यवस्था का कोई भी उल्लंघन, इसे कमजोर करना या इसे चुनिंदा तरीके से लागू करना जनता के विश्वास को कम करता है, कानून व्यवस्था को कमजोर करता है और इस नाजुक शांति के लिए खतरा पैदा करता है."
इंफाल घाटी में कुकी-जो समुदाय की ज़मीन और संपत्तियों की सुरक्षा की मांग करते हुए थांगलेट ने कहा कि 3 मई, 2023 को जातीय हिंसा भड़कने के बाद, हजारों कुकी-जो लोगों को इंफाल घाटी से जबरन बेदखल कर दिया गया, जिससे उन्हें अपनी ज़मीन, घर और संपत्तियां पीछे छोड़नी पड़ीं.
थांगलेट ने कहा, "ऐसी व्यापक रिपोर्टें हैं कि इनमें से कई संपत्तियों को जला दिया गया, लूटा गया, नष्ट कर दिया गया या उन पर अवैध कब्जा कर लिया गया, जबकि बची हुई संपत्तियों पर भी अवैध कब्जे और गैर-कानूनी हस्तांतरण का खतरा बना हुआ है. गृह मंत्री से विनम्र आग्रह करते हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि इंफाल घाटी में कुकी-जो समुदाय की सभी ज़मीनों और संपत्तियों को सुरक्षित और संरक्षित रखा जाए, और किसी भी परिस्थिति में उनके हस्तांतरण या आवंटन की अनुमति न दी जाए."
इस बीच, मणिपुर में लंबे समय तक चलने वाली शांति सुनिश्चित करने के लिए गृह मंत्रालय में सलाहकार (उत्तर-पूर्व) ए.के. मिश्रा, राज्य के विभिन्न विद्रोही गुटों के 'सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस' (SoO) समूहों के साथ अलग से बातचीत कर रहे हैं. यहां यह बताना जरूरी है कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन का वर्तमान चरण 13 फरवरी 2026 को समाप्त हो जाएगा. पिछले साल मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद, 13 फरवरी 2025 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था.
कांग्रेस प्रवक्ता M. लक्ष्मण के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज
14 Jan, 2026 06:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु|कर्नाटक में कांग्रेस के प्रवक्ता एम. लक्ष्मण के खिलाफ कथित रूप से भड़काऊ और भ्रामक बयान देने को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। यह शिकायत भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एम. ए. सलीम से मुलाकात कर की है। शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि एम. लक्ष्मण ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना के खिलाफ बिना किसी सबूत के गंभीर आरोप लगाए, जिससे राज्य में अशांति फैलने और जनता में डर और नफरत पैदा होने की आशंका है।शिकायत के अनुसार, 8 जनवरी 2026 को मैसूर स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एम. लक्ष्मण ने दावा किया कि अमित शाह के इशारे पर ही बेल्लारी में दंगा हुआ, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शव मिले। लक्ष्मण ने यह भी दावा किया कि केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना ने अमित शाह का संदेश कुछ नेताओं तक पहुंचाया था। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेन्स के दौरान भाजपा पर “शव गिराकर राजनीति करने” जैसी बेहद आपत्तिजनक आरोप भी लगाए थे। उन्होंने कहा था कि अगर अमित शाह का संदेश लाने वाले केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना की ब्राउन मैपिंग की जाए, तो साजिश का पर्दाफाश हो जाएगा। उन्होंने दावा किया था कि वी. सोमन्ना के बेल्लारी जाने और जनार्दन रेड्डी और श्रीरामुलु से बातचीत करने के बाद ही दंगा हुआ।
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शांति भंग होने का खतरा
भाजपा प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि ये बयान बिना किसी दस्तावेज़, सबूत या ठोस आधार के दिए गए हैं। शिकायत में प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ऐसे झूठे बयान (i) जनता के बीच डर, चिंता और अशांति पैदा कर सकते हैं। (ii) सरकार के खिलाफ नफरत और अविश्वास पैदा करने के इरादे से दिए गए हैं। (ii) केंद्र और राज्य सरकारों और जनता के बीच शांति और सद्भाव को बिगाड़ सकते हैं, और (iv) उच्च पदस्थ केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ झूठे आरोप फैलाकर लोगों को भड़का सकते हैं।
पहले से लंबित हैं मामले
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी दावा किया कि एम. लक्ष्मण इससे पहले भी इस तरह के बयान दे चुके हैं और उनके खिलाफ मानहानि के कई मामले पहले से अदालतों में लंबित हैं। भाजपा नेताओं ने पुलिस से मांग की है कि एम. लक्ष्मण के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक फायदे के लिए समाज की शांति और सौहार्द बिगाड़ने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए। फिलहाल, पुलिस ने शिकायत को संज्ञान में ले लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
दिल्ली में 81 नए 'आयुष्मान आरोग्य मंदिरों' का शुभारंभ, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
14 Jan, 2026 05:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार लोगों को बेहतर और सुलभ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं देने की दिशा में बुधवार को 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर जनता को समर्पित किए हैं. दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में बने इन जन आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया गया. रेखा सरकार की इस पहल से दिल्ली में वार्ड और मोहल्ला स्तर पर प्राइमरी हेल्थकेयर सेवाओं को और ज्यादा मजबूती मिलेगी. वहीं, कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र के गीता कॉलोनी चार ब्लॉक में शुरू किए गए जन आरोग्य मंदिर का उद्घाटन केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने किया.
उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता चुनाव के दौरान किए गए सभी वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा कर रही हैं. उन्होंने बताया कि बुधवार को एक साथ पूरी दिल्ली में 81 जन आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया गया है, जिन्हें सीधे जनता को समर्पित किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि पिछले 11 महीनों में भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान दिल्ली में 200 से अधिक जन आरोग्य मंदिर शुरू किए जा चुके हैं.
केंद्रीय राज्य मंत्री मल्होत्रा ने कहा; ''जन आरोग्य मंदिरों को शुरू करने के लिए पहले से मौजूद सरकारी भवनों और इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर उपयोग किया जा रहा है. पुरानी इमारतों की मरम्मत और सुधार कर इन केंद्रों को विकसित किया गया है, जिससे सरकारी धन की बचत के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें. इन जन आरोग्य मंदिरों में डॉक्टर द्वारा जांच के साथ-साथ ब्लड टेस्ट जैसी जांचें पूरी तरह मुफ्त होंगी. जरूरत पड़ने पर बाहर की जांच भी सरकार की ओर से मुफ्त कराई जाएगी. जन आरोग्य मंदिरों में जनरल फिजिशियन और अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर विशेष रूप से तैनात रहेंगे''
81 आरोग्य मंदिरों के उद्घाटन पर दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने कहा, "मकर संक्रांति के इस त्योहार पर, आज दिल्ली में हम अगले 81 आरोग्य मंदिरों को जनता को समर्पित करने का काम आगे बढ़ा रहे हैं. इससे पहले, दिल्ली में 238 आरोग्य मंदिर पहले ही खोले जा चुके हैं. लगातार, इन आरोग्य मंदिरों के ज़रिए, हम दिल्ली को प्राइमरी हेल्थ के लिए एक सुविधाजनक जगह दे रहे हैं. लोगों को दिल्ली में अच्छी हेल्थकेयर मिलेगी. हमारा लक्ष्य 1100 आरोग्य मंदिरों का है, और हम उसे हासिल करने के लिए काम कर रहे हैं."
वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टली, अब 29 को होगा फैसला
14 Jan, 2026 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत के मामले में एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है। न्यायालय ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई 29 जनवरी 2026 तक के लिए टाल दी है, जिसमें उन्होंने अपने पति के खिलाफ लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) को चुनौती दी है। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली तारीख तय की है।
गीतांजलि ने अपनी याचिका में दलील दी है कि उनके पति की हिरासत पूरी तरह से अवैध और मनमानी है। उन्होंने शीर्ष अदालत को बताया कि अधिकारियों ने हिरासत का आदेश जारी करते समय अपने विवेक का सही इस्तेमाल नहीं किया और केवल अप्रासंगिक सामग्री को आधार बनाया। याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि लेह में वांगचुक द्वारा दिए गए भाषणों का उद्देश्य हिंसा भड़काना नहीं, बल्कि लोगों को शांत करना था। गीतांजलि का आरोप है कि प्रशासन तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है ताकि एक सामाजिक कार्यकर्ता को अपराधी के रूप में चित्रित किया जा सके। सोनम वांगचुक को पिछले साल 26 सितंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद की गई थी। उस हिंसा में चार लोगों की जान चली गई थी और लगभग 90 लोग घायल हुए थे। सरकार और लेह के जिलाधिकारी का दावा है कि वांगचुक ने हिंसा को भड़काने में मुख्य भूमिका निभाई थी और उनकी गतिविधियां राज्य की सुरक्षा व सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक थीं। वहीं, गीतांजलि ने अदालत में कहा कि वांगचुक को उनकी हिरासत के पूर्ण आधार की जानकारी नहीं दी गई और न ही उन्हें उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने का मौका मिला। उन्होंने स्पष्ट किया कि 24 सितंबर को लेह में हुई दुर्भाग्यपूर्ण हिंसा के लिए उनके पति के बयानों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। दूसरी ओर, जिलाधिकारी ने हलफनामे के जरिए इन आरोपों का खंडन किया है कि वांगचुक के साथ कोई अनुचित व्यवहार किया जा रहा है। अब सभी की निगाहें 29 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत इस संवेदनशील मामले पर विस्तार से विचार करेगी।
विधवा बहू को है अपने ससुर की संपत्ति से भरण-पोषण का हक
14 Jan, 2026 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए विधवा बहू को राहत दी है। कोर्ट ने कहा कि मनुस्मृति में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि माता, पिता, पत्नी और पुत्र को कभी नहीं छोड़ना चाहिए और ऐसा करने वाले व्यक्ति को दंडित किया जाना चाहिए। इसी सिद्धांत के आधार पर कोर्ट ने माना कि विधवा बहू को अपने ससुर की संपत्ति से भरण-पोषण का हक है। मामला यह था कि यदि बहू ससुर के जीवनकाल में ही विधवा हो जाती है तो उसे भरण-पोषण मिल सकता है, लेकिन यदि ससुर की मृत्यु के बाद वह विधवा होती है तो क्या उसे यह अधिकार मिलेगा?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया था कि ससुर की मृत्यु के बाद विधवा बहू को भरण-पोषण का कोई हक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने इस तर्क को पूरी तरह खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि पति की मृत्यु के समय के आधार पर विधवा बहुओं के बीच भेदभाव करना पूरी तरह से तर्कहीन और असंवैधानिक है। दोनों ही परिस्थितियों में चाहे बहू ससुर के जीवन में विधवा हुई हो या उनकी मृत्यु के बाद उसे भरण-पोषण का पूरा अधिकार है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह प्रावधान मृतक हिंदू के निर्भर व्यक्तियों के भरण-पोषण की व्यवस्था करता है। मृतक की संपत्ति से उसके सभी वारिसों पर यह दायित्व बनता है कि वे निर्भर व्यक्तियों, जिनमें विधवा बहू भी शामिल है उसका भरण-पोषण करें। पीठ ने कहा कि पुत्र या कानूनी वारिस मृतक द्वारा कानूनी एवं नैतिक रूप से भरण-पोषण की जिम्मेदारी वाले सभी निर्भर व्यक्तियों को संपत्ति से सहायता देने के लिए बाध्य हैं इसलिए पुत्र की मृत्यु पर ससुर की धार्मिक एवं नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह अपनी विधवा बहू का भरण-पोषण करे। बशर्ते विधवा बहू स्वयं या मृत पुत्र द्वारा छोड़ी गई संपत्ति से अपना गुजारा नहीं कर सकती।
कोर्ट ने कहा कि अधिनियम इस जिम्मेदारी को किसी भी तरह से सीमित या समाप्त नहीं करता, चाहे बहू ससुर के जीवनकाल में विधवा हुई हो या उनकी मृत्यु के बाद। विधवा बहू को भरण-पोषण से वंचित करना, कानून की संकीर्ण या तकनीकी व्याख्या के आधार पर उसे गरीबी, असहायता और सामाजिक हाशिए पर धकेल देगा। इससे महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा को गंभीर खतरा होगा। यह फैसला हिंदू परिवारों में विधवा महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। इससे अब विधवा बहुओं को ससुर की विरासत वाली संपत्ति से भरण-पोषण का स्पष्ट कानूनी संरक्षण मिल गया है।
स्पा सेंटर में चौंकाने वाला खुलासा, एक युवक के साथ 20 युवतियां मौजूद
14 Jan, 2026 02:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर की खबर आपको भी हैरान कर देगी. मेरठ पुलिस ने अवैध रूप से संचालित एक स्पा सेंटर पर छापेमार कार्रवाई की है. जिसमें कई ऐसे सच उजागर हुए, जो आपको सोचने के लिए मजबूर कर देंगे. पुलिस को काफी समय से स्पा सेंटर पर अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिल रही थी. जिसके बाद पुलिस ने छापा मारा तो देखकर दंग रह गई. पुलिस को चकमा देने के लिए प्रक्रिया पर काफी गोपनीयता रखी जाती थी. इसके अलावा कानून से बचने के लिए रास्ता भी तैयार किया था. स्पा सेंटर से पुलिस ने 1 युवक के साथ 20 लड़कियों को हिरासत में लिया है. फिलहाल, पुलिस सभी एंगल से जांच करने में जुटी है. पुलिस ने जब स्पा सेंटर में छापेमारी की तो वहां से 20 लड़कियां और 1 युवक मिला. जिसको देखकर पुलिस भी हैरान रह गई कि 20 लड़कियों के साथ 1 युवक? मेरठ एसपी आयुष विक्रम ने बताया कि काफी समय से लगातार स्पा सेंटर में अनैतिक गतिविधियों को लेकर सूचनाएं आ रही थीं. स्थानीय लोगों ने भी इसकी शिकायत की थी. जिसके बाद मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने कार्रवाई की. हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है. इसमें जो भी सामने आएंगे, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
लंबे समय से चल रहा था खेल
पुलिस की जांच में सामने आया कि स्पा सेंटर की बुकिंग डॉयरेक्ट नहीं बल्कि व्हाट्सएप और अन्य कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से की जाती थी. ताकि पुलिस को किसी प्रकार का शक ना हो. ऐसे में ग्राहक भी सीधे सेंटर नहीं पहुंचते थे. गिरोह में शामिल कुछ लोग ग्राहकों से संपर्क करते और उनको ‘सर्विस’ से जुड़ी जानकारी देते थे.
इसके बाद जब ग्राहक तैयार हो जाए तो लोकेशन पर बताया जाता था. सवाल यह भी है कि आखिर जब यह खेल काफी लंबे समय से चल रहा था तो पुलिस की नजर से कैसे बचा?
पुलिस के हाथ लगे कई सबूत
पुलिस ने जब यह कार्रवाई की तो स्पा सेंटर से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया. क्योंकि पुलिस ने टीम बनाकर एक-साथ कई सेंटरों पर रेड मारी. छापेमारी के दौरान पुलिस को कई सबूत भी हाथ लगे हैं. जिसमें रजिस्टर, मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरण शामिल हैं. पुलिस का मानना है कि इससे आरोपियों की तह तक जानें में मदद मिलेगी और उन पर कार्रवाई की जा सकेगी. फिलहाल, अभी जांच जारी है. जांच के बाद ही क्लियर हो पाएगा कि इन गतिविधियों का दायरा कितना बड़ा था और इन स्पा सेंटरों के काले कारोबार में कौन-कौन शामिल है? इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं. पुलिस इन चारों स्पा सेंटरों को सील करने की भी तैयारी कर रही है।
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