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गणतंत्र दिवस पर सेना को मिला सबसे बड़ा सम्मान पैकेज, हजारों सैनिकों को मिली ऑनररी रैंक
25 Jan, 2026 12:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सबसे पहले बात करें एक्टिव सर्विस पर ऑनररी कैप्टन/लेफ्टिनेंट की। तो गजट नोटिफिकेशन (gazette notification) संख्या 01 (ई) के तहत एक्टिव ड्यूटी पर कार्यरत जूनियर कमीशंड ऑफिसर्स को यह सम्मान दिया गया है। इस श्रेणी में आर्मर्ड कॉर्प्स, आर्टिलरी, इंजीनियर्स, इंटेलिजेंस, मिलिट्री पुलिस, पायनियर कॉर्प्स, डिफेंस सिक्योरिटी कॉर्प्स और टेरिटोरियल आर्मी जैसी विभिन्न शाखाओं के 437 सीनियर जेसीओ को ऑनररी कैप्टन और 1804 अधिकारियों को ऑनररी लेफ्टिनेंट बनाया गया है। यह सम्मान उन सैनिकों को दिया गया है, जिनकी सेवा रिकॉर्ड पूरी तरह संतोषजनक रही है और जिन पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित नहीं थी।
इसके बाद दूसरी बड़ी श्रेणी है रिटायरमेंट के समय ऑनररी कैप्टन/लेफ्टिनेंट की। गजट नोटिफिकेशन संख्या 02 (ई) के अनुसार, इस कैटेगरी में 4014 जेसीओ को उनकी सेवा पूरी होने पर यह मानद रैंक दी गई है। इनमें सूबेदार मेजर, रिसालदार मेजर और सूबेदार स्तर के सैनिक शामिल हैं, जो लंबे समय तक सेना की अलग-अलग यूनिट्स और रेजीमेंट्स में सेवा दे चुके हैं। इस सूची में आर्मर्ड कॉर्प्स, आर्टिलरी, इंजीनियर्स, आर्मी एजुकेशनल कॉर्प्स, डिफेंस सिक्योरिटी कॉर्प्स और टेरिटोरियल आर्मी के सैनिक बड़ी संख्या में शामिल हैं।
तीसरी और सबसे बड़ी संख्या वाली कैटेगरी है ऑनररी नायब रिसालदार/ऑनररी सूबेदार की। गजट नोटिफिकेशन संख्या 03 (ई) के तहत, 805 एनसीओ को यह सम्मान दिया गया है। इनमें हवलदार, दफेदार और नायब सूबेदार स्तर के सैनिक शामिल हैं, जिन्होंने कई वर्षों तक फील्ड एरिया, सीमावर्ती इलाकों और ऑपरेशनल यूनिट्स में सेवा दी है। यह कैटेगरी संख्या के लिहाज से सबसे बड़ी रही, जो यह दिखाती है कि सेना अपने निचले और मध्य स्तर के नेतृत्व को भी समान सम्मान देती है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो गणतंत्र दिवस 2026 पर हजारों सैनिकों को विभिन्न स्तरों पर ऑनररी रैंक देकर उनकी लंबी, निष्ठावान और अनुकरणीय सेवा को औपचारिक सम्मान दिया गया है।
क्या होती है ऑनररी रैंक
ऑनररी रैंक भारतीय सेना में दिया जाने वाला एक विशेष मानद सम्मान है। यह उन सैनिकों को दिया जाता है, जिन्होंने लंबे समय तक ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ देश की सेवा की हो। यह रैंक वास्तविक कमांड या ऑपरेशनल पावर नहीं देती, लेकिन सैनिक की पूरी सेवा को आधिकारिक मान्यता देती है।
ऑनररी रैंक दो तरह से दी जाती है। पहली, एक्टिव सर्विस के दौरान, जैसे ऑनररी कैप्टन या ऑनररी लेफ्टिनेंट। दूसरी, रिटायरमेंट के समय, जब सैनिक अपनी यूनिट से विदा लेता है। आमतौर पर यह सम्मान गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसरों पर घोषित किया जाता है।
क्या हैं ऑनररी रैंक के फायदे?
ऑनररी रैंक का सबसे बड़ा व्यावहारिक फायदा पेंशन से जुड़ा होता है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई सूबेदार ऑनररी लेफ्टिनेंट बनता है, तो उसकी पेंशन उच्च रैंक के अनुरूप तय की जाती है। मौजूदा 7वें पे कमीशन और वन रैंक वन पेंशन के तहत यह बढ़ोतरी लगभग 10 से 20 प्रतिशत तक हो सकती है, जो व्यक्ति की सेवा अवधि और अंतिम रैंक पर निर्भर करती है।
इसके अलावा, सामाजिक और प्रोटोकॉल सम्मान भी एक बड़ा लाभ है। रिटायरमेंट के बाद सैनिक अपने नाम के साथ ऑनररी रैंक का इस्तेमाल कर सकता है, जैसे “ऑनररी कैप्टन” या “ऑनररी सूबेदार”। सैन्य कार्यक्रमों और आधिकारिक आयोजनों में उन्हें उच्च स्थान और सम्मान मिलता है, जिससे परिवार और समाज में उनकी प्रतिष्ठा बढ़ती है।
मेडिकल सुविधाओं और कैंटीन जैसी सुविधाओं की बात करें तो ईसीएचएस मेडिकल स्कीम, सीएसडी कैंटीन और ट्रैवल कंसेशन पहले की तरह जारी रहते हैं। हालांकि रैंक बढ़ने से कुछ मामलों में प्रोटोकॉल और सुविधा स्तर बेहतर हो जाता है।
धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, दुबई-मलेशिया तक फैला नेटवर्क
25 Jan, 2026 12:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मिर्जापुर के धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग (Conversion and blackmailing) रैकेट के मास्टरमाइंड इमरान को पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया है. वो विदेश भागने की फिराक में था. पुलिस ने उसके सिर पर 25 हजार का इनाम घोषित किया हुआ था. लगातार उसकी तलाश की जा रही थी.
इस केस की जांच में चौंकाने वाले अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आए हैं. आजतक के पास मौजूद एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक इस पूरे नेटवर्क का अहम किरदार इमरान 27 जनवरी 2024 को दुबई गया था. जांच एजेंसियों को उसके पासपोर्ट की कॉपी भी हाथ लगी है. साल 2024 में धर्मांतरण गतिविधियों के दौरान वह विदेश यात्रा पर था.
सूत्रों के अनुसार, दुबई में इमरान ने धर्मांतरण के संगठित नेटवर्क से जुड़े कई संदिग्ध लोगों से मुलाकात की थी. इन बैठकों में न सिर्फ नेटवर्क को विस्तार देने पर चर्चा हुई, बल्कि फंडिंग को लेकर भी बातचीत हुई. इमरान की जीवनशैली और विदेश यात्राओं पर हो रहा लाखों रुपए का खर्च जांच एजेंसियों के लिए बड़ा सवाल बन गया है. यह भी खुलासा हुआ है कि इमरान केवल दुबई तक सीमित नहीं था.
वो मलेशिया भी बार-बार जा रहा था. मलेशिया में बैठकर भी इस नेटवर्क के कुछ हिस्सों को ऑपरेट किया गया. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विदेशों से आने वाला पैसा किन रास्तों से भारत पहुंच रहा था. इस पूरे मामले की जड़ मिर्जापुर में चल रहे एक जिम सिंडिकेट से जुड़ी हुई है. यहां पांच जिम की चेन के जरिए अवैध धर्म परिवर्तन और ब्लैकमेलिंग का रैकेट चलाया जा रहा था.
इस गैंग ने कम से कम 30 महिलाओं को निशाना बनाया, जिनमें से ज़्यादातर हिंदू महिलाएं थीं. ये महिलाएं फिजिकल ट्रेनिंग के लिए इन जिम से जुड़ी थीं. आरोपी पहले महिलाओं से दोस्ती करते थे, फिर उनके निजी फोटो और वीडियो हासिल करते थे. इसके बाद AI टूल्स की मदद से अश्लील कंटेंट तैयार कर पीड़ितों को ब्लैकमेल किया जाता था. उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जाती थी.
इन मांगों में यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव शामिल था. इस मामले में GRP हेड कांस्टेबल इरशाद खान समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गिरफ्तार आरोपियों में जिम मालिक और ट्रेनर मोहम्मद शेख अली आलम, फैज़ल खान, ज़हीर, शादाब और फरीद अहमद शामिल हैं. मुख्य आरोपी फरीद अहमद को पुलिस पर फायरिंग के बाद एक एनकाउंटर में पकड़ा गया.
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन से दर्जनों AI-जेनरेटेड अश्लील वीडियो, तस्वीरें और चैट बरामद की हैं. यह रैकेट 2021 से सक्रिय था और इसका मकसद सिर्फ ब्लैकमेलिंग नहीं, बल्कि तकनीक के जरिए महिलाओं का मानसिक और सामाजिक शोषण करना था. मिर्जापुर के डीएम पवन कुमार गंगवार ने जांच के दायरे में आए सभी पांच जिम को 27 फरवरी तक सील करने के आदेश दिए हैं.
इंडिगो पर सरकार का बड़ा एक्शन, 700 से ज्यादा उड़ानों पर चलीइंडिगो पर सरकार का बड़ा एक्शन, 700 से ज्यादा उड़ानों पर चली कैंची! कैंची!
25 Jan, 2026 11:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने घरेलू हवाई अड्डों पर अपने 700 से ज्यादा ‘स्लॉट’ छोड़ दिए हैं. यह कदमDGCA की उस सख्त कार्रवाई के बाद उठाया गया है, जिसमें एयरलाइन की सर्दियों की उड़ानों में कटौती का आदेश दिया गया था. दरअसल, यह पूरा मामला पिछले साल दिसंबर की शुरुआत में हुई भारी अव्यवस्था से जुड़ा है. दिसंबर में कोहरे और अन्य कारणों से उड़ानों में भारी देरी हुई थी. उस दौरान यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा था और हजारों उड़ानें रद्द हुई थीं. आंकड़ों पर नजर डालें तो 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो की करीब 2,507 उड़ानें रद्द हुईं और 1,852 उड़ानें देरी से चली थीं. इसका असर देश भर के तीन लाख से ज्यादा यात्रियों पर पड़ा था.
इसी अव्यवस्था को देखते हुए डीजीसीए ने कड़ा रुख अपनाया और इंडिगो के विंटर शेड्यूल (शीतकालीन कार्यक्रम) में 10 प्रतिशत की कटौती कर दी. इसका सीधा मतलब था कि एयरलाइन को अपनी कुछ सेवाएं बंद करनी पड़ेंगी. इसी आदेश का पालन करते हुए इंडिगो ने अब मंत्रालय को 717 स्लॉट की लिस्ट सौंप दी है, जिन्हें उसने खाली कर दिया है. ‘स्लॉट’ वह तय समय होता है जो किसी एयरपोर्ट पर विमान के उतरने और उड़ान भरने के लिए दिया जाता है.
मेट्रो शहरों पर सबसे ज्यादा असर
इंडिगो द्वारा खाली किए गए स्लॉट्स का सबसे बड़ा हिस्सा देश के प्रमुख महानगरों से जुड़ा है. सूत्रों के मुताबिक, कुल 717 में से 364 स्लॉट दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे छह बड़े मेट्रो एयरपोर्ट्स के हैं. इसमें भी सबसे ज्यादा स्लॉट हैदराबाद और बेंगलुरु के बताए जा रहे हैं. ये स्लॉट जनवरी से मार्च तक की अवधि के लिए खाली किए गए हैं.
इस स्थिति को संभालते हुए नागर विमानन मंत्रालय ने तुरंत हरकत में आते हुए अन्य एयरलाइनों से आवेदन मांगे हैं. सरकार चाहती है कि इंडिगो द्वारा छोड़े गए इन स्लॉट्स का इस्तेमाल दूसरी कंपनियां करें ताकि यात्रियों को परेशानी न हो. हालांकि, मंत्रालय ने स्पष्ट हिदायत दी है कि कोई भी एयरलाइन इन नए स्लॉट्स को पाने के लिए अपने मौजूदा रूट को बंद नहीं करेगी.
दूसरी एयरलाइंस की राह भी नहीं है आसान
भले ही सरकार ने दूसरी एयरलाइंस को न्योता दिया है, लेकिन विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां शायद इसमें बहुत ज्यादा दिलचस्पी न दिखाएं. इसके पीछे दो बड़ी वजहें हैं. पहली यह कि नेटवर्क की प्लानिंग करना और नए रूट शुरू करना एक लंबी प्रक्रिया है, जिसे इतनी जल्दी अंजाम देना मुश्किल है. किसी नए रूट को शुरू करके उसे महज एक-दो महीने बाद बंद कर देना व्यावहारिक नहीं होता.
दूसरी बड़ी वजह यह है कि खाली हुए अधिकतर स्लॉट ‘रेड-आई’ फ्लाइट्स (Red-Eye Flights) के हैं. ये वो उड़ानें होती हैं जो देर रात या तड़के संचालित होती हैं. आमतौर पर यात्री इन समयों पर सफर करना कम पसंद करते हैं, इसलिए एयरलाइंस के लिए ये स्लॉट मुनाफे के लिहाज से बहुत आकर्षक नहीं माने जाते.
डीजीसीए हुआ सख्त
डीजीसीए इस बार एयरलाइंस की मनमानी को लेकर काफी सख्त मूड में नजर आ रहा है. स्लॉट कटौती के अलावा, नियामक ने 17 जनवरी को परिचालन में खामियों के चलते इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया था. साथ ही एयरलाइन के सीईओ पीटर एलबर्स को चेतावनी भी जारी की गई थी. मामला यहीं खत्म नहीं हुआ, बल्कि डीजीसीए ने इंडिगो को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का भी निर्देश दिया है.
जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश से जनजीवन बूरीतरह प्रभावित
25 Jan, 2026 10:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश (Heavy Snowfall and Rain in Jammu-Kashmir) से जनजीवन बूरीतरह प्रभावित हुआ (Severely disrupted Normal Life) ।
बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) ने शनिवार सुबह कहा कि उसके लोग और मशीनरी जमा हुई बर्फ को हटाने का काम कर रहे हैं ताकि आज श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को चालू किया जा सके। शुक्रवार को एयरपोर्ट से कोई फ्लाइट ऑपरेशन नहीं हो सका। श्रीनगर-जम्मू हाईवे भी बंद रहा। साथ ही, श्रीनगर-लेह हाईवे और मुगल रोड पर भी ट्रैफिक बंद रहा और अभी तक इन हाईवे पर ट्रैफिक फिर से शुरू करने के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी से पहले चली तेज हवाओं के कारण ज्यादातर बिजली सप्लाई नेटवर्क बाधित हो गया था, हालांकि बिजली निगम के ग्राउंड स्टाफ और इंजीनियरों ने रात भर काम करके शुक्रवार शाम तक 60 प्रतिशत से ज्यादा सप्लाई बहाल कर दी।
इस बीच, मौसम विभाग ने कहा कि जिस वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण बारिश हुई थी, वह अब जम्मू-कश्मीर से बाहर निकल गया है। पिछले 24 घंटों में जम्मू डिवीजन में बटोटे में 116.8 मिमी बारिश, रामबन में 50, उधमपुर में 68.8, भद्रवाह में 75.4 मिमी और बनिहाल में 22 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं, गुलमर्ग में 50.8 सेमी, कोकरनाग में 47, पहलगाम में 46 और काजीगुंड में 10 सेमी बर्फ की मोटी परत दर्ज की गई। शनिवार को श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 1.4 डिग्री सेल्सियस, गुलमर्ग में माइनस 12 और पहलगाम में माइनस 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जम्मू शहर में 4.5, कटरा शहर में 2, बटोटे में माइनस 3.8, बनिहाल में माइनस 4.4 और भद्रवाह में माइनस 3.8 न्यूनतम तापमान रहा था।
मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि बर्फ से ढके पहाड़ों से घाटी में आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आएगी। शुक्रवार को हुई बर्फबारी जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए एक अच्छी खबर बनकर आई है, क्योंकि इससे न सिर्फ लगातार सूखे का दौर खत्म हुआ, बल्कि ऊपरी इलाकों में बारहमासी पानी के जलाशयों में गर्मियों के महीनों में अलग-अलग जल स्रोतों को बनाए रखने के लिए काफी बर्फ जमा हो गई है। मौसम विभाग ने 26 जनवरी की दोपहर से 28 जनवरी तक जम्मू-कश्मीर में एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने का अनुमान लगाया है। इससे जम्मू-कश्मीर में और बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है।
भारी बर्फबारी ने सफेद चादर से ढंक दिया हिमाचल प्रदेश को
25 Jan, 2026 08:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिमला । हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) को भारी बर्फबारी ने सफेद चादर से ढंक दिया (Heavy Snowfall covered in White Blanket) ।
राजधानी शिमला के जाखू में पिछले 24 घंटों में जहाँ आधा फीट बर्फ गिरी है, वहीं मशहूर पर्यटन स्थल कुफरी और नारकंडा में 1-1 फीट तक बर्फ जम चुकी है। मनाली, चंबा और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों में भी भारी हिमपात दर्ज किया गया है। मौसम के इस मिजाज ने पर्यटकों के चेहरे तो खिला दिए हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और निवासियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
तापमान में भारी गिरावट और ब्लैक-आउट बर्फबारी और बारिश के कारण हिमाचल के तापमान में भारी गिरावट आई है। प्रदेश का अधिकतम तापमान सामान्य से 8 डिग्री नीचे चला गया है, जबकि पिछले 24 घंटों में पारे में करीब 13 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी शिमला में शुक्रवार को ‘ब्लैक-आउट’ जैसी स्थिति बनी रही, जहाँ शहर के 95 प्रतिशत इलाकों में बिजली गुल रही। वर्तमान में प्रदेशभर में 950 से अधिक बिजली के ट्रांसफॉर्मर ठप हैं, जिससे कड़ाके की ठंड में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भारी बर्फबारी के कारण प्रदेश की रफ्तार थम गई है। ठियोग, रोहड़ू, रामपुर और चौपाल सहित अपर शिमला का संपर्क कट गया है। लाहौल-स्पीति, चंबा के भरमौर और पांगी क्षेत्रों में सड़क संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। प्रदेशभर में करीब 550 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। खराब मौसम के बीच कई सैलानी रास्तों में फंस गए थे, जिन्हें पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर शिमला पहुंचाया है।
27 जनवरी तक राहत के आसार नहीं मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते 27 जनवरी तक बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है। विभाग ने ‘कोल्ड-डे’ और घने कोहरे के साथ तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को ऊंचे पहाड़ी इलाकों में न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
पटरी टूटने से हुआ हादसा, दो हिस्सों में बंटी मालगाड़ी; रेलवे की विशेषज्ञों की टीम रवाना
24 Jan, 2026 08:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शाजापुर। जिले के मक्सी रेलवे स्टेशन (Maksi Railway Station) के पास रेल की पटरी टूट जाने से ट्रैक (Track) से गुजर रही मालगाड़ी (Freight Train) पटरी से उतरकर दो हिस्सों में बंट गई। घटना की जानकारी लगते ही रेलवे की विशेषज्ञों की टीम उज्जैन से मक्सी के लिए रवाना हुई है। मामले में रेलवे के पीआरओ खेमराज मीणा ने बताया कि विशेषज्ञों की टीम मौके पर जाने के लिए रवाना हुई है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल रेल यातायात सुचारू है और मौके पर स्थानीय रेलवे की टीम मौजूद है।
रेलवे स्टेशन के समीप शनिवार को एक मालगाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर पटरी से नीचे उतर गई। जानकारी के अनुसार मालगाड़ी उज्जैन से गुना की ओर जा रही थी। हादसे में मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। घटना के बाद रेलवे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटना का मुख्य कारण रेल पटरी का टूटना बताया जा रहा है। पटरी टूटते ही मालगाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और डिब्बे पटरी से उतर गए। गनीमत रही कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
गिनती नहीं लिख पा रही थी मासूम, पिता ने 4 साल की बेटी को उतारा मौत के घाट
24 Jan, 2026 07:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक पिता ने अपनी चार साल की मासूम बेटी की सिर्फ इस बात पर पीट-पीटकर हत्या कर दी कि वह 50 तक गिनती नहीं लिख पाई. यह घटना 21 जनवरी को हुई, जिसकी जानकारी पुलिस ने शुक्रवार को दी.
पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान 31 वर्षीय कृष्णा जायसवाल के रूप में हुई है. वह उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के खेरटिया गांव का रहने वाला है और फरीदाबाद में सेक्टर 58 इलाके में किराए के मकान में रहता था. आरोपी और उसकी पत्नी दोनों निजी कंपनियों में काम करते थे. पत्नी दिन में नौकरी पर जाती थी, जबकि कृष्णा जायसवाल घर पर रहकर बच्चों की देखभाल करता था और बेटी को पढ़ाता था.
घटना वाले दिन कृष्णा ने अपनी चार साल की बेटी को एक से 50 तक गिनती लिखने को कहा. बच्ची जब यह काम पूरा नहीं कर पाई तो वह गुस्से में आ गया. आरोप है कि उसने बच्ची को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया. मारपीट इतनी ज्यादा थी कि बच्ची की मौके पर ही हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई.
शाम को जब मां काम से घर लौटी तो उसने बेटी को मृत हालत में पाया. इसके बाद उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा.
पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है. उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया. पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम के बाद बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया गया है.
सामूहिक रूप से जहर देकर कुत्तों को मारने का आरोप
24 Jan, 2026 06:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद|तेलंगाना में आवारा कुत्तों को कथित तौर पर जान से मारने की एक और घटना सामने आई है। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का दावा है कि जगित्याल जिले में करीब 300 कुत्तों को मार दिया गया। कार्यकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि हालिया घटना के बाद राज्य में अब तक इस तरह की घटनाओं में मारे गए कुत्तों की संख्या 900 तक पहुंच गई है।आरोप है कि कुत्तों को मारने का यह कृत्य सरपंच समेत कुछ निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के इशारे पर किया गया है। कहा जा रहा है कि दिसंबर में हुए ग्राम पंचायत चुनावों से पहले ग्रामीणों से किए गए वादों के तहत आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया। ताजा मामला 22 जनवरी को पेगाडापल्ली गांव से सामने आया, जहां शिकायत दर्ज कराई गई कि 300 आवारा कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देकर मार दिया गया।शिकायत में गांव के सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव को इस जघन्य कृत्य के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। आरोप लगाया गया है कि सरपंच ने आवारा कुत्तों को मारने के लिए कुछ लोगों को यह काम सौंपा था। पुलिस ने शनिवार को बताया कि शिकायत के आधार पर दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।निरीक्षक सी. किरण ने बताया कि जांच के दौरान कब्र से करीब 70 से 80 कुत्तों के शव निकाले गए हैं। प्रारंभिक तौर पर सामने आया है कि इन्हें करीब तीन से चार दिन पहले दफनाया गया था। उन्होंने कहा, “इस स्तर पर हम घटना में आरोपियों की संलिप्तता की पुष्टि नहीं कर सकते।” उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और मामले में जांच जारी है।जनवरी में ही राज्य में आवारा कुत्तों को मारने की कई घटनाएं सामने आई हैं। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की ओर से दर्ज कराई गई एक अन्य शिकायत के अनुसार, 19 जनवरी को हैदराबाद के पास याचारम गांव में 100 कुत्तों को कथित तौर पर जहर देकर मार दिया गया था, हालांकि तत्काल मौके से 50 मरे हुए कुत्ते बरामद हुए थे।इससे पहले इसी महीने हनमकोंडा जिले में श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में करीब 300 आवारा कुत्तों की कथित तौर पर मारे जाने के मामले में पुलिस ने दो महिला सरपंचों और उनके पतियों सहित नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। एक अन्य घटना में कामारेड्डी जिले में करीब 200 आवारा कुत्तों को कथित तौर पर मारने के मामले में पांच ग्राम सरपंचों सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
जम्मू-कश्मीर: डोडा में भारी बर्फबारी जारी, लोगों को घरों में रहने की सलाह
24 Jan, 2026 06:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डोडा (जम्मू-कश्मीर): जम्मू संभाग में डोडा जिले के भलेसा क्षेत्र में पिछले 24 घंटों से लगातार दूसरे दिन भारी बर्फबारी जारी रही. बर्फबारी की वजह से सड़कें और सर्विस रुक गई है, इसलिए डोडा जिला प्रशासन की तरफ से एसडीएम गंडोह, भलेसा ने लोगों को सुरक्षा के लिए घर के अंदर रहने की सलाह दी है. तपमान जीरो से नीचे चला गया है.
मैदानी इलाकों में करीब एक फीट बर्फबारी हुई है, जबकि ऊपरी पहाड़ी इलाकों में करीब दो से तीन फीट बर्फबारी हुई है. बिजली और पानी की सप्लाई समेत सभी जरूरी सर्विस रुक गई हैं. भूस्खलन, पेड़ गिरने और भारी बर्फ जमा होने की वजह से हाईवे और लिंक रोड समेत कई सड़कें बंद हैं.
इलाके में हालात ठीक होने तक सिर्फ इमरजेंसी सर्विस को ही चलने दिया जा रहा है. लगभग तीन महीने के लंबे सूखे के बाद, शुक्रवार आधी रात से डोडा के भलेसा और उसके आस-पास के मैदानी इलाकों और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई. जब पूरा इलाका बर्फ से ढक गया, तो लोगों ने इस लंबे समय से इंतजार की जा रही बर्फबारी पर काफी राहत और खुशी जाहिर की.
रामबन जिले के बनिहाल शहर में भी शुक्रवार को मौसम की पहली भारी बर्फबारी हुई, क्योंकि पूरे इलाके में ताजी बर्फबारी हुई, जिससे सर्दी अपने पूरे जोर पर आ गई. बर्फबारी देर रात शुरू हुई और कई घंटों तक जारी रही, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई और विजिबिलिटी कम हो गई.
इस बीच, बारामूला, बडगाम और रामबन के हिल रिसॉर्ट शहर बटोटे में भी काफी बर्फबारी हुई, जिससे पूरा इलाका सफेद चादर से ढक गया. भारी बारिश और बर्फबारी की वजह से शुक्रवार को जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) बंद कर दिया गया, साथ ही उधमपुर के जखनी चौक पर भी आवाजाही रोक दी गई.
बर्फबारी की वजह से हवाई यात्रा में भी रुकावट आई. श्रीनगर एयरपोर्ट और इंडिगो एयरलाइंस ने कई फ्लाइट को कुछ समय के लिए रोकने और कैंसल करने का ऐलान किया. अधिकारियों ने कहा कि लगातार बारिश और रामसू तक जमा हो रही बर्फ को देखते हुए, सड़क पर फिसलन की वजह से एहतियात के तौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर सभी तरह के ट्रैफिक को सुरक्षित जगहों पर रोक दिया गया.
इससे पहले विधायक दलीप सिंह परिहार ने रविवार को कहा कि चल रहा भद्रवाह विंटर कार्निवल देश भर से टूरिस्ट को खींचकर जम्मू-कश्मीर की इकॉनमी में मदद कर रहा है. उन्होंने फेस्टिवल में शामिल होने के लिए दूर-दूर से आए विजिटर्स का शुक्रिया अदा किया.
धमतरी में 47 लाख के इनामी 9 नक्सली ने सरेंडर किया, अब रायपुर पुलिस रेंज से मिटा नक्सल खतरा
24 Jan, 2026 05:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर । छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में शुक्रवार को कुल 47 लाख रुपए के इनाम वाले 9 माओवादियों (Maoists) ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि अब रायपुर पुलिस रेंज (Raipur Police Range) नक्सली मौजूदगी से मुक्त हो गया है। रायपुर रेंज के धमतरी और गरियाबंद जिलों तथा ओडिशा के निकटवर्ती नुआपड़ा जिले में सक्रिय सभी कैडर या तो मारे गए हैं या सरेंडर कर चुके हैं।
रायपुर रेंज के आईजी अमरीश मिश्रा ने बताया कि छत्तीसगढ़ के धमतारी जिले में शुक्रवार को कुल 47 लाख रुपए के इनाम वाले 9 माओवादियों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया, जिससे रायपुर पुलिस रेंज नक्सलियों की मौजूदगी से मुक्त हो गया।
बस्तर रेंज और राजनांदगांव के कुछ हिस्सों में अभी भी प्रभाव
आईजी ने बताया कि सरेंडर करने वाले कैडरों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष हथियार डाल दिए। उन्होंने इसके पीछे माओवादी विचारधारा से मोहभंग, जंगलों में जीवन की कठिनाइयों और राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के प्रभाव का हवाला दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर रेंज और राजनांदगांव जिले के कुछ हिस्सों में माओवादी प्रभाव अभी भी जारी है। वहां कई कैडर अभी भी सक्रिय हैं।
दो महिला नक्सलियों पर 8-8 लाख का इनाम
7 महिलाओं सहित सरेंडर करने वाले सभी 9 माओवादी ओडिशा राज्य माओवादी समिति के धमतारी-गरियाबंद-नुआपड़ा डिवीजन के तहत संचालित नागरी और सीतानाडी क्षेत्र समितियों और मैनपुर स्थानीय गुरिल्ला दस्ते (एलजीएस) से संबंधित थे।
इनमें सीतानदी एरिया कमेटी की सचिव ज्योति उर्फ जैनी (28) और डिविजनल कमेटी सदस्य उषा उर्फ बलम्मा (45) पर 8-8 लाख रुपए का इनाम था। छह अन्य- रामदास मरकाम (30), रोनी उर्फ उमा (25), निरंजन उर्फ पोडिया (25), सिंधु उर्फ सोमादी (25), रीना उर्फ चिरो (25) और अमिला उर्फ सन्नी (25) पर 5-5 लाख रुपए का इनाम था। इसके अलावा लक्ष्मी पुनेम (18) पर 1 लाख रुपए का इनाम था। बलम्मा तेलंगाना की रहने वाली हैं, जबकि अन्य छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से हैं।
रायपुर रेंज में अब कोई कैडर नहीं
आईजी मिश्रा ने कहा कि रायपुर रेंज के अंतर्गत धमतरी और गरियाबंद जिलों तथा ओडिशा के निकटवर्ती नुआपड़ा जिले में सक्रिय सभी सूचीबद्ध कैडर या तो मारे गए हैं या सरेंडर कर चुके हैं या अब सक्रिय नहीं हैं। सरेंडर करने वालों माओवादियों ने दो इंसास राइफल, दो एसएलआर, एक कार्बाइन और एक मजल-लोडिंग बंदूक सहित कई हथियार भी सरेंडर कर दिए।
छत्तीसगढ़ में 2025 में 1500 से अधिक सरेंडर
इस सरेंडर के साथ छत्तीसगढ़ में इस वर्ष अब तक 189 माओवादियों ने हथियार डाल दिए हैं। 19 जनवरी को 45 लाख रुपए के इनाम वाले 9 माओवादियों ने गरियाबंद में सरेंडर किया, जबकि 15 जनवरी को 52 माओवादियों ने (कुल 1.41 करोड़ से अधिक का इनाम) बीजापुर में सरेंडर किया। केंद्र ने देशव्यापी वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए 31 मार्च की समय सीमा निर्धारित की है। छत्तीसगढ़ में 2025 में 1500 से अधिक माओवादियों ने सरेंडर किया है।
फतेहगढ़ में फ्रेट कॉरिडोर रेलवे लाइन पर धमाका, लोको पायलट घायल
24 Jan, 2026 04:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहगढ़। सरहिंद क्षेत्र में देर रात रेलवे लाइन पर जोरदार धमाके की घटना सामने आई है। यह विस्फोट फतेहगढ़ साहिब-सरहिंद रेलवे स्टेशन से करीब चार किलोमीटर दूर फ्रेट कॉरिडोर रेलवे लाइन पर हुआ। घटना रात लगभग 11 बजे की है, जब एक मालगाड़ी फ्रेट कॉरिडोर लाइन से गुजर रही थी।
जानकारी के अनुसार, यह रेलवे लाइन विशेष रूप से मालगाड़ियों के संचालन के लिए बनाई गई है। जैसे ही मालगाड़ी का इंजन खानपुर फाटकों के पास पहुंचा, अचानक तेज धमाका हो गया। धमाके से रेलवे लाइन का करीब 12 फीट हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
लोको पायलट घायल
इस घटना में मालगाड़ी का लोको पायलट घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद चंडीगढ़ रेफर किया गया है। धमाके के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और रेलवे अधिकारियों को सूचना दी गई। क्षतिग्रस्त इंजन को अंबाला भेजा गया है।
जांच में जुटी एजेंसियां
डीजीपी लॉ एंड ऑर्डर ने बताया कि मामले की जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि धमाके में आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ है या नहीं।
घटनास्थल पर पहुंचे डीआईजी रोपड़ डॉ. नानक सिंह ने कहा कि इस घटना के पीछे आतंकी साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फोरेंसिक सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। डॉग स्क्वाड और बम स्क्वाड ने रेलवे लाइन और आसपास के इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया है।
डीआईजी ने बताया कि सभी जांच एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि धमाका अधिक घातक नहीं था। इंजन में सवार एक रेलकर्मी को मामूली चोटें आई हैं और ब्लास्ट से इंजन के शीशे टूट गए। देर रात चले सर्च अभियान के बाद अब दिन में जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
बांग्लादेश में 17 करोड़ की आबादी के बीच सिर्फ 80 अल्पसंख्यक कैंडिडेट, इस पार्टी ने दिए सबसे ज्यादा टिकट
24 Jan, 2026 04:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. बांग्लादेश (Bangladesh) की जनता 12 फरवरी को नई सरकार (New government) चुनने के लिए वोट डालने जा रही है. पूर्व पीएम शेख हसीना (Sheikh Hasina) को सत्ता से हटाने के बाद बांग्लादेश नए भविष्य की राह देख रहा है. लेकिन इस ट्रांजिशन में भी बांग्लादेश में हिन्दुओं की और दूसरे अल्पसंख्यकों के लिए बहुत स्पेस दिख रहा है. इसका गवाह बांग्लादेश चुनाव से मिल रहे आंकड़े हैं. 17 करोड़ की आबादी वाले बांग्लादेश में मात्र 80 उम्मीदवार अल्पसंख्यक समुदाय से हैं. जी हां आपने सही पढ़ा है.
जिस बांग्लादेश में पिछले एक साल में हिन्दुओं पर तमाम तरह के जुल्म हुए हैं वहां प्रतिनिधित्व की जंग में हिन्दू समेत दूसरे अल्पसंख्यकों का पिछड़ना बेहद चिंताजनक है. 17 करोड़ की आबादी वाले बांग्लादेश में मात्र 80 अल्पसंख्यक कैंडिडेट, इस पार्टी के सबसे ज्यादा उम्मीदवार.
बांग्लादेश की जातीय संसद में कुल 350 सीटें हैं, लेकिन प्रत्यक्ष चुनाव सिर्फ 300 सीटों के लिए होता है. ये 300 सीटें सामान्य निर्वाचन क्षेत्रों से चुनी जाती हैं. बाकी 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होती हैं, जो मुख्य रूप से चुनी गई पार्टियों के अनुपात में बाद में आवंटित की जाती हैं.
हालांकि इस बार बांग्लादेश में 300 सीटों के लिए के चुनाव हो रहा है. यहां बहुमत का आंकड़ा 151 है. इस चुनाव में धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यक समुदायों के कुल 80 उम्मीदवार मैदान में हैं. इन 80 उम्मीदवारों में से 12 निर्दलीय हैं. अल्पसंख्यक कैंडिडेट में 10 महिलाएं हैं. BNP और जमात-ए-इस्लामी सहित कुल 22 राजनीतिक पार्टियों ने इस चुनाव के लिए अल्पसंख्यक समुदायों के 68 उम्मीदवारों को टिकट दिया है.
बांग्लादेश में हिन्दुओं पर जुल्म
बता दें कि पिछले 6 महीनोंमें बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हिंसा की बाढ़ आई है. यहां हिन्दू समेत दूसरे अल्पसंख्यक लगातार हाशिये पर जा रहे हैं. ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार जून 2025 से जनवरी 2026 तक 116 अल्पसंख्यक मौतें हुईं हैं. इनमें ज्यादातर हिंदू हैं. इन मौतों में 12 मॉब लिंचिंग शामिल हैं.
चुनाव लड़ने के लिए कुल 88 अल्पसंख्यक समुदाय के उम्मीदवारों ने नॉमिनेशन पेपर जमा किए थे. चुनाव आयोग ने 5 उम्मीदवारों के नॉमिनेशन पेपर रिजेक्ट कर दिए और 3 उम्मीदवारों ने अपना नॉमिनेशन वापस ले लिया. इस तरह से अब 80 उम्मीदवार मैदान में हैं.
राजनीतिक पार्टियों में बांग्लादेश कम्युनिस्ट पार्टी ने सबसे ज़्यादा अल्पसंख्यक उम्मीदवार उतारे हैं. इस पार्टी 17 अल्पसंख्यकों को टिकट दिया है.
बांग्लादेश के अखबार प्रथम आलो के अनुसार इस बार BNP ने अल्पसंख्यक समुदायों से छह उम्मीदवारों को टिकट दिया है. संसदीय चुनाव में पहली बार जमात-ए-इस्लामी ने अल्पसंख्यक समुदाय से एक उम्मीदवार को नॉमिनेट किया है. कृष्णा नंदी खुलना-1 से चुनाव लड़ रहे हैं, जिसमें डाकोप और बाटियाघाटा के हिंदू-बहुल उपज़िले शामिल हैं. वह खुलना के डुमुरिया उपज़िले के चुकनगर के रहने वाले हैं और डुमुरिया उपज़िला जमात की हिंदू कमेटी के अध्यक्ष हैं.
बांग्लादेश में कथित क्रांति करने वाली पार्टी नेशनल सिटीजन पार्टी ने एक अल्पसंख्यक उम्मीदवार को टिकट दिया है.
बांग्लादेश में कुल 1981 उम्मीदवार
बांग्लादेश के इस चुनाव में 298 सीटों के लिए कुल 1981 उम्मीदवार मैदान में हैं.
चुनाव आयोग के डेटा के अनुसार बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने इस चुनाव में सबसे ज़्यादा सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जो 288 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. जमात-ए-इस्लामी 224 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश के उम्मीदवार 253 सीटों पर हैं. जातीय पार्टी 192 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, और नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के उम्मीदवार 32 सीटों पर हैं.
बांग्लादेश ब्यूरो ऑफ़ स्टैटिस्टिक्स द्वारा पब्लिश 2022 की जनसंख्या और आवास जनगणना के अनुसार अल्पसंख्यक कुल आबादी का लगभग 8.96 प्रतिशत हैं. फिर भी चुनावी मैदान में उनकी मौजूदगी इस डेमोग्राफिक हिस्सेदारी को नहीं दिखाती है. लेकिन ताजा आंकड़े बताते हैं कि इस चुनाव में अल्पसंख्यकों की भागीदारी मात्र 4 प्रतिशत है.
27 जनवरी को देशभर में बैंक हड़ताल, लगातार 3 दिन ग्राहकों को हो सकती है परेशानी
24 Jan, 2026 03:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । बैंक कर्मचारी संगठनों (Bank employee organizations) ने पांच दिन के कार्य सप्ताह की अपनी लंबे समय से अनसुनी मांग को लेकर 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल (strike) पर जाने का निर्णय लिया है। अगर यह हड़ताल होती है, तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज लगातार तीन दिनों तक बाधित रहेंगे। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि 25 और 26 जनवरी को पहले से ही छुट्टियां हैं। ज्यादातर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने पहले ही अपने ग्राहकों को बता दिया है कि अगर हड़ताल होती है, तो बैंकिंग सेवाएं (banking services) बाधित हो सकती हैं।
सुलह बैठक असफल
अधिकारियों और कर्मचारियों के नौ संगठनों के शीर्ष निकाय- यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) द्वारा दिए गए हड़ताल के नोटिस के जवाब में मुख्य श्रम आयुक्त ने बुधवार और गुरुवार को एक सुलह बैठक आयोजित की थी। यूएफबीयू ने एक बयान में कहा, ”बैठक में आईबीए और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों के अलावा, वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। यूएफबीयू की ओर से हमारे सभी नौ संगठन उपस्थित थे। विस्तृत चर्चा के बावजूद, सुलह की कार्यवाही का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला।” बयान में आगे कहा गया कि इसीलिए 27 जनवरी को हड़ताल करने का निर्णय लिया गया है। बता दे कि इस समय बैंक कर्मचारियों को रविवार के अलावा हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी मिलती है।
मार्च 2024 में बनी थी सहमति
सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने पर मार्च 2024 में वेतन संशोधन समझौते के दौरान भारतीय बैंक संघ (आईबीए) और यूएफबीयू के बीच सहमति बनी थी। यूएफबीयू ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार हमारी जायज मांग पर प्रतिक्रिया नहीं दे रही है। इसमें काम के घंटों का कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि हम सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना अतिरिक्त 40 मिनट काम करने के लिए तैयार हो गए हैं। यूएफबीयू ने कहा कि आरबीआई, एलआईसी, जीआईसी, शेयर बाजार और सरकारी कार्यालय पहले ही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह का पालन करते हैं, ऐसे में बैंकों में ऐसा न होने का कोई औचित्य नहीं है। यूएफबीयू की इस हड़ताल का एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे निजी क्षेत्र के बड़े बैंकों की शाखाओं के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका नहीं है।
अमेरिका के टैरिफ में राहत के संकेत, भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ हट सकता है
24 Jan, 2026 12:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
America Tariff On India : को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। अमेरिका ने भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जिसमें 25 प्रतिशत सामान्य टैरिफ और 25 प्रतिशत अतिरिक्त पेनल्टी टैरिफ शामिल है। यह अतिरिक्त टैरिफ भारत पर रूसी तेल की खरीदारी कम करने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से लगाया गया था। हालांकि, अब अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया है कि यह 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ हटाया जा सकता है।
स्कॉट बेसेंट ने अपने बयान में कहा कि भारत ने टैरिफ लगाए जाने के बाद रूसी तेल की खरीदारी में उल्लेखनीय कमी की है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ स्थायी नहीं है और इसे हटाने के लिए एक रास्ता बन सकता है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है और परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं, तो अमेरिका भारत को टैरिफ में राहत दे सकता है।
वर्तमान में भारत पर पहले से 25 प्रतिशत टैरिफ लागू था, जिसे बढ़ाकर कुल 50 प्रतिशत कर दिया गया। अमेरिका, G7 और यूरोपीय देशों ने रूसी तेल पर प्राइस कैप सिस्टम भी लागू किया है, ताकि रूस की ऊर्जा आय पर नियंत्रण रखा जा सके। अमेरिका ने पहले यह चेतावनी भी दी थी कि अगर भारत रूसी तेल खरीद जारी रखता है, तो टैरिफ 500 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है।
हालांकि, भारत का रुख स्पष्ट है कि वह ऊर्जा खरीद अपने राष्ट्रीय हित और किफायती कीमतों के आधार पर तय करता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि America Tariff On India को लेकर अमेरिका अगला कदम क्या उठाता है और क्या वास्तव में भारत को अतिरिक्त टैरिफ से राहत मिलती है या नहीं।
उत्तराखंड के 7 जिलों में बारिश का अलर्ट, इन इलाकों में होगी भारी बर्फबारी
24 Jan, 2026 12:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क: उत्तराखंड (Uttarakhand) में बीते कई दिनों से पड़ रही सूखी ठंड (Cold) के बाद अब मौसम में बदलाव होने जा रहा है. मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई जिलों में हल्की बारिश (Rain) और 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी (Snowfall) की संभावना है. इस पूर्वानुमान से लोगों को राहत मिली है, जो लंबे समय से बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे थे.
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 22 जनवरी से 27 जनवरी तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है. मैदानी इलाकों में हल्की बारिश होगी, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी देखने को मिल सकती है. 23 जनवरी के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इस दौरान उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भारी बर्फबारी की चेतावनी दी गई है.
बुधवार को देहरादून और आसपास के इलाकों में सुबह की हल्की धुंध के बाद तेज धूप निकली. धूप से लोगों को कुछ समय के लिए ठंड से राहत जरूर मिली, लेकिन दिन में मौसम थोड़ा गर्म भी महसूस हुआ. देहरादून में अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री दर्ज किया गया. उधम सिंह नगर में न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री रहा, जबकि मुक्तेश्वर और नई टिहरी में रात का तापमान क्रमशः 2.5 और 3.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
मौसम विभाग के अनुसार 23 जनवरी को ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और तेज हो सकती है. 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के कारण सड़कों के बंद होने की आशंका है. इसे देखते हुए मौसम विभाग ने राज्य सरकार को सतर्क रहने और पहले से ही बर्फ हटाने वाली मशीनें तैनात करने की सलाह दी है.
बर्फबारी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बिजली आपूर्ति बाधित होने और तापमान में गिरावट के लिए तैयार रहने को कहा गया है. लोगों को वैकल्पिक बिजली व्यवस्था और गर्म कपड़ों की व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है. साथ ही, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा करते समय सावधानी बरतने को कहा गया है.
ऑरेंज अलर्ट इस बात का संकेत है कि स्थिति गंभीर हो सकती है, क्योंकि भारी बर्फबारी से आम जनजीवन और यातायात प्रभावित हो सकता है. हालांकि, स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए यह बर्फबारी प्राकृतिक सुंदरता और आनंद भी लेकर आएगी. मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ों में बर्फबारी से सूखी ठंड से राहत मिलेगी.
मौसम विज्ञान केंद्र ने पुष्टि की है कि 27 जनवरी तक उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहेगा. इस मौसम बदलाव से राज्यभर के लोगों को ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.
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