देश
किराना हिल्स पर स्ट्राइक रही निर्णायक, विदेशी विशेषज्ञ का विश्लेषण
18 Feb, 2026 11:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|दुनिया के मशहूर विमानन विशेषज्ञ टॉम कूपर ने दावा किया है कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के किराना हिल्स इलाके पर हमला किया था। उनका कहना है कि यह जगह पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के स्टोरेज से जुड़ी मानी जाती है। हालांकि भारतीय वायुसेना ने पहले इस तरह के हमले से इनकार किया था, लेकिन कूपर का कहना है कि उनके पास कई सबूत हैं।
10 राज्यों में राज्यसभा चुनाव की तारीखें तय
18 Feb, 2026 11:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राज्यसभा की 37 सीटों पर चुनाव की तारीख का एलान कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने बुधवार को बताया कि इन 37 सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होंगे। इनमें महाराष्ट्र की सात, पश्चिम बंगाल और बिहार की 5-5 सीटों पर चुनाव कराया जाएगा। वहीं ओडिशा की चार, तमिलनाडु की छह, , असम की तीन, छत्तीसगढ़ की दो, हरियाणा की दो, तेलंगान की दो और हिमाचल प्रदेश की एक राज्यसभा सीट पर चुनाव होना है।
ऐसा रहेगा पूरा शेड्यूल
राज्यसभा की 37 सीटों पर चुनाव के लिए चुनाव आयोग द्वारा जो शेड्यूल जारी किया गया है, उसके मुताबिक 26 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी होगा। 5 मार्च को नामांकन भरे जाएंगे और 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 9 मार्च तक नामांकन पत्र वापस लिए जा सकेंगे। 16 मार्च को सुबह 9 बजे से 4 बजे तक मतदान होगा और 16 मार्च को ही वोटों की गिनती होगी। 20 मार्च 2026 से पहले चुनाव पूरा होना है।
10 राज्यों में राज्यसभा चुनाव: आयोग ने जारी किया कार्यक्रम
18 Feb, 2026 10:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राज्यसभा की 37 सीटों पर चुनाव की तारीख का एलान कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने बुधवार को बताया कि इन 37 सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होंगे। इनमें महाराष्ट्र की सात, पश्चिम बंगाल और बिहार की 5-5 सीटों पर चुनाव कराया जाएगा। वहीं ओडिशा की चार, तमिलनाडु की छह, , असम की तीन, छत्तीसगढ़ की दो, हरियाणा की दो, तेलंगान की दो और हिमाचल प्रदेश की एक राज्यसभा सीट पर चुनाव होना है।
समंदर में शक्ति प्रदर्शन, लड़ाकू विमानों की गूंज के बीच राष्ट्रपति की मौजूदगी
18 Feb, 2026 10:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिटी ऑफ डेस्टिनी कहे जाने वाले विशाखापत्तनम के समुद्री तट पर बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (आईएफआर) के जरिये दुनिया को भारत की बढ़ती नौसैनिक शक्ति का परिचय देंगी। इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए राष्ट्रपति मुर्मू मंगलवार शाम विशाखापत्तनम पहुंची।मुर्मू सुबह बंगाल की खाड़ी में स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस सुमेधा पर सवार होकर समुद्र के बीच खड़े बेड़े का निरीक्षण करेंगी। इस रिव्यू में भारतीय नौसेना के साथ-साथ मित्र देशों के कुल 71 जहाज और पनडुब्बियां शामिल होंगी। कार्यक्रम के दौरान 50 से ज्यादा लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर फ्लाई-पास्ट कर राष्ट्रपति को सलामी देंगे। आकाश में मिग-29के, एलसीए तेजस, पी-8आई टोही विमान और सी-किंग हेलिकॉप्टरों की गड़गड़ाहट सुनाई देगी। दुनिया के सबसे घातक समुद्री कमांडो माने जाने वाले नौसेना के मार्कोस समुद्र के बीच विशेष युद्ध कौशल का प्रदर्शन भी करेंगे।
समुद्री कूटनीति का बड़ा मंच
यह आयोजन सैन्य शक्ति के साथ-साथ भारत की समुद्री कूटनीति का एक बड़ा मंच है। प्रधानमंत्री मोदी के महासागर विजन के तहत, भारत खुद को हिंद महासागर क्षेत्र में एक सुरक्षा प्रदाता के तौर पर पेश कर रहा है। अगले कुछ दिन यहां आईएफआर के साथ ही मिलन युद्धाभ्यास और हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी जैसे आयोजन होंगे।
65 देशों की नौसेनाओं की मौजूदगी
इनमें एकसाथ 75 देशों और कुल 65 नौसेनाओं की मौजूदगी भारत के बढ़ते वैश्विक कद को दर्शाती है। भारत अपनी नौसैनिक शक्ति के जरिए विकासशील देशों की आवाज बन रहा है, जिससे उसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक सामरिक बढ़त मिल रही है। भारतीय नौसेना केवल एक सैन्य बल नहीं, बल्कि समुद्री व्यवस्था को आकार देने वाली एक कूटनीतिक शक्ति में तब्दील हो रही है।
सबसे पहले राजेंद्र प्रसाद ने किया था फ्लीट रिव्यू
भारत में फ्लीट रिव्यू की परंपरा 1953 में शुरू हुई थी। तब प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने 33 भारतीय जहाजों का निरीक्षण किया था। 2016 में विशाखापत्तनम में ही यह भव्य समारोह हुआ था। इस बार का आयोजन इसलिए विशेष है क्योंकि यह दुनिया के सबसे बड़े नौसैनिक अभ्यासों में से एक मिलन-2026 के साथ आयोजित हो रहा है।
दमकल की बड़ी सफलता: भारी पानी की सप्लाई से बुझी आग
18 Feb, 2026 10:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्वोत्तर के दुर्गम इलाकों में भड़की भीषण जंगल की आग पर काबू पाने के लिए भारतीय वायुसेना बड़े स्तर पर अभियान चला रही है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों और कठिन उड़ान परिस्थितियों के बीच दो अलग-अलग मोर्चों पर भारी-भरकम हेलीकॉप्टरों को तैनात किया गया है।
1.39 लाख लीटर पानी से बुझाई गई आग
अरुणाचल प्रदेश के वालांग क्षेत्र में वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने प्रभावित इलाके में 1,39,800 लीटर पानी गिराकर बड़ी आग को सफलतापूर्वक बुझा दिया है। वहीं नागालैंड की द्जूकू वैली में अभियान अभी भी जारी है, जहां Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर दीमापुर के पास पदुमपोखरी झील से पानी भरकर जापफू पीक के नजदीक लगी आग पर काबू पाने में जुटे हैं। अधिकारियों के अनुसार, खड़ी ढलानों, कम दृश्यता और ऊंचाई पर विरल हवा जैसी परिस्थितियां इन हवाई अभियानों को बेहद चुनौतीपूर्ण बना रही हैं।
भारतीय वायुसेना एआई-आधारित मॉडलों की ओर बढ़ रही
इसी बीच, एयर वाइस मार्शल अजय कुन्नाथ ने कहा कि वायु अभियानों में तकनीक के इस्तेमाल के तरीके में बदलाव की जरूरत है, खासकर ऐसे क्षेत्रों में जहां जीरो-एरर वातावरण में काम करना होता है। एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान बातचीत में उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना अब स्थिर (फिक्स्ड) सिस्टम्स से हटकर एआई-आधारित मॉडलों की ओर बढ़ रही है।उन्होंने कहा कि फिलहाल वायुसेना एक निर्धारक (डिटरमिनिस्टिक) ढांचे में काम कर रही है, लेकिन अब उसे संभाव्य (प्रोबैबिलिस्टिक) मॉडल की ओर बढ़ना होगा। उनके मुताबिक, हवाई अभियानों में भरोसा और फेलसेफ सिस्टम बेहद जरूरी हैं क्योंकि यह ऐसा क्षेत्र है जहां गलती की गुंजाइश लगभग शून्य होती है।अजय कुन्नाथ ने कहा कि लक्ष्य ऑटोमेशन से ऑटोनॉमी की ओर बढ़ना है, जहां मानव की भूमिका धीरे-धीरे बदलती है, पहले ह्यूमन इन द लूप (निर्णयकर्ता), फिर “ह्यूमन ऑन द लूप” (निगरानी करने वाला) और अंततः ह्यूमन आउट ऑफ द लूप यानी पूर्ण स्वायत्त प्रणाली। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि एआई समाधानों को एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में सीधे लागू नहीं किया जा सकता, क्योंकि हर डोमेन की अपनी जटिलताएं होती हैं।एयर वाइस मार्शल ने एआई की सटीकता को लेकर भी अहम चुनौती की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि प्रोबैबिलिस्टिक मॉडल 95 प्रतिशत तक सटीकता दे सकते हैं, लेकिन आखिरी पांच प्रतिशत की कमी ही सबसे बड़ा जोखिम पैदा करती है। इस अंतर को कम करने के लिए बेहतर मॉडल और उच्च गुणवत्ता वाले डेटा की आवश्यकता होगी।
अनुप्रिया पटेल का बयान: AI डॉक्टरों की जगह नहीं, उन्हें सपोर्ट करने के लिए बना
17 Feb, 2026 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: भारत के हेल्थकेयर इकोसिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बड़े इस्तेमाल की संभावना के बीच, केंद्र राज्यों, रेगुलेटर्स और पब्लिक और प्राइवेट प्रोग्राम में जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने में मदद के लिए एक नेशनल गाइडेंस फ्रेमवर्क (राष्ट्रीय मार्गदर्शन ढांचा) लाएगा.
मंगलवार को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में 'इनोवेशन टू इम्पैक्ट – AI एज ए पब्लिक हेल्थ गेमचेंजर' पर राउंडटेबल के दौरान यह बताते हुए, स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि नेशनल गाइडेंस फ्रेमवर्क गुरुवार को भारत मंडपम में लॉन्च किया जाएगा.
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि, AI को डॉक्टरों की जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें बढ़ाने और सपोर्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है. हेल्थकेयर में जिम्मेदार और सबको साथ लेकर चलने वाले AI को अपनाने के भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, पटेल ने आगे कहा कि, भारत के लिए हेल्थकेयर में AI के लिए रणनीति (SAHI) एक तय केंद्रीकृत अधिदेश के बजाय जिम्मेदार AI को अपनाने में मदद करेगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन पर जोर देते हुए, पटेल ने जोर दिया कि भारत के लिए, AI सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नहीं है, यह सबको साथ लेकर चलने वाला है, जो एक विकसित भारत के लिए बराबर और भरोसेमंद हेल्थकेयर को आगे बढ़ा रहा है.
पटेल ने AI को एक पब्लिक हेल्थ गेमचेंजर बताया और इस बात पर जोर दिया कि AI को डॉक्टरों की जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें बढ़ाने और सपोर्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है.
उन्होंने कहा कि, सबसे अच्छी बात यह है कि AI डॉक्टरों का काम का बोझ कम कर सकता है, नियमित प्रक्रिया को बेहतर बना सकता है, और उन्हें मुश्किल और जरूरी मामलों पर ज्यादा ध्यान देने में मदद कर सकता है, जिससे पूरे सिस्टम में हेल्थकेयर डिलीवरी मजबूत हो सके.
पटेल ने आगे कहा कि AI सबको साथ लेकर चलने और बराबरी के लक्ष्यों को पाने में एक फोर्स मल्टीप्लायर है. उन्होंने कहा, "AI डॉक्टरों की जगह ले सकता है, न कि डॉक्टरों को बढ़ा सकता है. इसलिए, हमें AI से जुड़े भविष्य के लिए तैयार डॉक्टरों की जरूरत है और मेडिकल बिरादरी के सभी सदस्यों से यह मैसेज फैलाने की अपील की कि AI डॉक्टरों से मुकाबला नहीं कर सकता, यह सिर्फ उनकी कमी पूरी कर सकता है. पटेल ने दोहराया कि, डॉक्टरों को AI से जुड़ा होना चाहिए.
पटेल ने कहा कि, भारत में नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस ने हाल ही में पूरे देश के डॉक्टरों के लिए हेल्थ केयर में AI पर एक ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है. यह 20 घंटे का स्पेशल कोर्स है जिसके जरिए उन्हें AI की बेसिक बातें और फायदों से अवगत कराया जाएगा.
यह कहते हुए कि हेल्थ केयर सिस्टम में AI का इस्तेमाल नैतिक और जिम्मेदारी से होना चाहिए, पटेल ने कहा कि, इसके लिए हमें एक मजबूत रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की जरूरत है. उन्होंने कहा कि, भारत में हमने एक मजबूत रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाया है, ताकि AI का इस्तेमाल नैतिक और जिम्मेदारी से किया जा सके.
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि, ICMR ने AI के एथिकल इस्तेमाल पर गाइडलाइंस बनाई हैं और साथ ही, क्योंकि AI को कभी भी अपने फैसलों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन इंसानों को ठहराया जाना चाहिए. इसलिए CDSCO AI और मेडिकल डिवाइस के तौर पर सॉफ़्टवेयर और मेडिकल डिवाइस में सॉफ़्टवेयर के इस्तेमाल के लिए गाइडलाइंस डेवलप कर रहा है. पटेल ने कहा कि भारत, आज, 2047 तक एक विकसित भारत के बड़े विजन के साथ आगे बढ़ रहा है.
पटेल ने आगे यह भी कहा कि, भारत के सामने बड़ी और अलग-अलग तरह की आबादी, गांव और शहर का बंटवारा, और गैर-संक्रामक बीमारी (NCDs) और संक्रामक बीमारी का दोहरा बोझ जैसी बराबर चुनौतियां हैं. जब हम खास चुनौतियों को देखते हैं तो यह बहुत जरूरी हो जाता है कि हम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें. उन्होंने कहा कि, हमारे पास नेशनल हेल्थ केयर फ्रेमवर्क में एक बड़ा तकनीकी एकीकरण है, जिसे हम सिर्फ टेक्नोलॉजी को अपनाने के तौर पर नहीं देखते, बल्कि हमारे सामने मौजूद खास चुनौतियों के लिए एक रणनीतिक जवाब के तौर पर देखते हैं.
यह कहते हुए कि भारत ने AI को हेल्थ इकोसिस्टम के साथ एकीकृत किया है, पटेल ने कहा कि, बीमारी की निगरानी से लेकर रोकथाम, डायग्नोसिस और इलाज तक, यह हर जगह है और यह बदलाव लाने में AI की ताकत दिखाता है.
मापनीयता और सामर्थ्य पर जोर देते हुए, पटेल ने कहा कि भारत जैसी बड़ी आबादी और कम रिसोर्स वाली जगह पर, सॉल्यूशन स्केलेबल, किफायती और सिस्टम की कमियों को दूर करने में सक्षम होने चाहिए.
उन्होंने कहा कि, सरकार ने हेल्थकेयर में एक मजबूत AI इकोसिस्टम बनाने के लिए सक्रिय होकर काम किया है, जिसमें AIIMS दिल्ली, PGIMER चंडीगढ़ और AIIMS ऋषिकेश में AI के लिए तीन सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस बनाना शामिल है, ताकि पब्लिक हेल्थकेयर डिलीवरी में वर्ल्ड-क्लास एआई विशेषज्ञता को एकीकृत किया जा सके.
समिट को संबोधित करते हुए, NITI आयोग के सदस्य (हेल्थ) प्रोफेसर वीके पॉल ने जोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत के हेल्थकेयर लैंडस्केप को बदलने और यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की दिशा में प्रोग्रेस को तेज़ करने का एक रणनीतिक मौका देता है.
पॉल ने कहा कि, भारत के स्केल, डायवर्सिटी और संक्रामक और और नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियों के दोहरे बोझ को देखते हुए, सर्विस डिलीवरी को मज़बूत करने और हेल्थ आउटकम को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी-ड्रिवन, एविडेंस-बेस्ड इंटरवेंशन जरूरी हैं.
उन्होंने कहा कि AI प्राइमरी हेल्थकेयर को काफी बेहतर बना सकता है, जल्दी निदा को सक्षम बना सकता है. रोग निगरानी को मजबूत कर सकता है और डेटा-संचालित नीति निर्माण में सपोर्ट कर सकता है. उन्होंने कहा कि भारत के बढ़ते डिजिटल पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ AI को एकीकृत करने से, स्वास्थ्य प्रणाली में सुचारू डेटा आदान-प्रदान, वास्तविक समय सत्यापन और ज्यादा कुशल संसाधन आवंटन पक्का होगा.
पॉल ने सुरक्षा और लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए मजबूत नियामक ढांचा, नैतिक सुरक्षा उपायों और लगातार मान्यकरण के महत्व पर भी जोर दिया. उन्होंने सरकार, अकादमी और उद्योग के बीच लगातार सहयोग की अपील की ताकि ऐसे स्केलेबल, सस्ते और स्वदेशी AI सॉल्यूशन डेवलप किए जा सकें जो आबादी के बड़े पैमाने पर मापने लायक असर डाल सकें.
प्रोग्राम के दौरान बोलते हुए, रॉयल फिलिप्स के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रॉय जैकब्स ने कहा कि AI का सबसे बड़ा असर हेल्थकेयर के क्षेत्र में होगा. उन्होंने कहा कि, बढ़ती डिमांड, वर्कफोर्स की कमी और केयर की बढ़ती कॉम्प्लेक्सिटी की वजह से दुनिया भर में हेल्थ सिस्टम बहुत ज़्यादा दबाव में हैं, जिससे AI का इंटीग्रेशन न सिर्फ एक मौका बल्कि एक जरूरत बन गया है.
भारत की डिजिटल हेल्थ पहल की तारीफ करते हुए, रॉय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना जैसे प्रोग्राम इंटरऑपरेबल डेटा सिस्टम और आबादी के बड़े पैमाने पर केयर की निरंतरता के लिए नींव रख रहे हैं. ठीक वैसी ही नींव जिसकी AI को मतलब वाला और टिकाऊ असर डालने के लिए जरूरत है.
उन्होंने कहा कि, भारत में बने सॉल्यूशन तेजी से दुनिया भर में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जो दिखाता है कि स्केल, डायवर्सिटी और कॉम्प्लेक्सिटी के लिए डिज़ाइन की गई टेक्नोलॉजी दुनिया भर में लचीली और अनुकूलनीय होती हैं.
पिनाका रॉकेट सिस्टम बना भारत की ताकत, राफेल समझौते के बीच फ्रांस की नजर
17 Feb, 2026 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद: भारत और फ्रांस के बीच रक्षा संबंध बेहद गहरे हैं. दोनों देशों के बीच एक बड़ी ट्रेड डील होने वाली है. इसके लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत आए हुए हैं. मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैक्रों के बीच द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा, व्यापार, कौशल विकास, स्वास्थ्य और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों को लेकर डील होने की संभावना है. इन सबके बीच एक बड़ी बात भी सामने आ रही है कि फ्रांस अपनी सेना के लिए भारत से हथियार खरीदेगा.
खासकर भारत का पिनाका (Pinaka) मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम. राफेल विमान के साथ अगर यह डील भी हो जाती है तो भारत के हथियार निर्यात के लिए एक बहुत बड़ी बात होगी. क्योंकि फ्रांस एक विकसित देश है. ग्लोबल आर्म्स मार्केट का एक बहुत बड़ा हिस्सा फ्रांस के पास है. वह नाटो का सदस्य होने के साथ एक सुपर पावर भी है. ऐसे में फ्रांस अगर पिनाका पर भरोसा करता है तो यह भारत के हथियारों की विश्वसनीयता के लिए बहुत बड़ी बात होगी. आईए जानते हैं, पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम की क्या खासियत है और इसे फ्रांस क्यों खरीद रहा है?
पिनाका (Pinaka) मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम क्या है: पिनाका भारत का एक बेहतरीन मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है, जो अपनी श्रेणी में दुनिया के किसी भी सिस्टम को कड़ी टक्कर देता है. इस सिस्टम का सीधा मुकाबला अमेरिकी रॉकेट सिस्टम हिमर्स (HIMARS) और रूसी टोर्नाडो-एस (Tornado-S) से है. पिनाका ने कारगिल और ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान पाकिस्तानी मिसाइल लॉन्चरों, तोपखाने और आपूर्ति लाइनों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया था.
पिनाका डील के लिए बातचीत कहां तक पहुंची: फ्रांस और भारत के बीच पिनाका रॉकेट सिस्टम के लिए बातचीत चल रही है. फ्रांसीसी सेना प्रमुख जनरल पियरे शिल ने अक्टूबर 2025 में अपनी भारत यात्रा के दौरान, अपनी सेना के लिए लंबी दूरी के रॉकेट लॉन्चर को अपग्रेड करने के लिए भारतीय पिनाका का परीक्षण किया था. उन्होंने विशेष रूप से भारत की पिनाका की संभावित खरीद का उल्लेख किया था. इससे पहले 2024 में एक फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल ने पिनाका प्रणाली का मूल्यांकन किया था और इसके प्रदर्शन को संतोषजनक पाया था.
क्या फ्रांस के पास अपना कोई रॉकेट लॉन्चर नहीं है: मौजूदा समय में फ्रांस की आर्मी के पास एम270 लान्स रोक्यूट्स यूनिटेयर नामक रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है, जो काफी पुराना हो चुका है. फ्रांस इसको अपग्रेड करना चाह रहा है. हालांकि, फ्रांस अपना नया रॉकेट सिस्टम फ्रैप लॉन्ग पोर्टी टेरेस्ट्री सिस्टम तैयार भी कर रहा है. लेकिन, माना जा रहा है कि उसके तैयार होने में काफी समय लगेगा. ऐसे में तब तक सेना की जरूरत को पूरा करने के लिए फ्रांस पिनाका खरीदना चाहता है.
पिनाका की खासियतें: दरअसल, पिनाका एक बहुत की किफायती रॉकेट सिस्टम है, जो अमेरिकी सिस्टम हिमर्स को क्वालिटी में टक्कर देता है. बीते करीब 3 दशक से पिनाका भारतीय सेना में है और लगातार अपग्रेड होता रहा है. इसने कारगिल युद्ध में अपनी क्षमता दिखाई थी. अर्मेनिया पहले ही भारत से यह सिस्टम खरीद चुका है.
पिनाका की मारक क्षमता कितनी है: मौजूदा समय में पिनाका की मारक क्षमता 75 से 90 किमी की रेंज की है. भारत ने पिनाका एमके3 भी डेवलप कर लिया है, जिसकी रेंज 120 से 130 किमी है. इसके अलावा पिनाका एमके4 पर भी काम चल रहा है, जिसकी रेंज 300 किमी तक रहने की उम्मीद है. मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम की ग्लोबल रैकिंग में पिनाका हमेशा से टॉप-5 में रहा है. अमेरिकी सिस्टम की रेंज 300 से 499 किमी है जबकि रूस की 120-200 किमी है. हालांकि, पिनाका की रेंज कम है लेकिन, उसकी रैपिड फायर क्षमता अन्य पर भारी पड़ती है. यह 44 सेकेंड में 12 रॉकेट फायर करता है जबकि अमेरिकी हिमर्स 45 सेकेंड में छह रॉकेट दागता है.
अमेरिकी रॉकेट लॉन्चर से काफी सस्ता है पिनाका: कीमत के मामले में भी पिनाका अन्य देशों को रॉकेट लॉन्चर से काफी सस्ता है. अमेरिकी रॉकेट सिस्टम की बात करें तो यह करीब 19.5 करोड़ रुपए का आता है. जबकि, भारत का पिनाका मात्र 2.3 करोड़ रुपए का है. यानी भारत का सिस्टम अमेरिका से करीब 8 गुना सस्ता है. डीआरडीओ ने इसको पूरी तरह देसी अंदाज में बनाया है. सभी कल-पुर्जे देश में ही बने हैं.
भारत फ्रांस से खरीदेगा 114 राफेल विमान: पीएम नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बातचीत में 4.5+ पीढ़ी के 114 राफेल विमानों की डील पर मुहर लग सकती है. जो करीब 3.25 लाख करोड़ की डील होगी. इस सौदे के तहत पहली बार राफेल का निर्माण भारत में किया जाएगा. लगभग 90 विमानों का निर्माण भारत में होगा और इनमें करीब 50% स्वदेशी उपकरण इस्तेमाल किए जाएंगे. ये विमान भारतीय वायुसेना की गिरती हुई स्क्वाड्रन संख्या (वर्तमान में 29, लक्ष्य 42) को सुधारने में मदद करेंगे.
भारत-फ्रांस मिलकर करेंगे हैमर (HAMMER) मिसाइलों का निर्माण: भारत और फ्रांस हैमर मिसाइलों के निर्माण के लिए एक संयुक्त उद्यम (Joint Venture) बनाने पर भी बात करेंगे. यह समझौता भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और फ्रांस की सफरान (Safran) कंपनी के बीच होगा. हैमर हवा से जमीन पर मार करने वाली एक स्मार्ट मिसाइल है जो राफेल विमानों में इस्तेमाल होती है.
भारत के लड़ाकू विमानों के लिए जेट इंजन तैयार करेगा फ्रांस: फ्रांसीसी कंपनी सफरान भारत के लड़ाकू विमान के लिए 120kN क्षमता वाला जेट इंजन बनाने में मदद करेगा. सफरान कंपनी हैदराबाद में राफेल के M88 इंजन के लिए एक MRO (रखरखाव और मरम्मत) केंद्र भी बना रही है.
पनडुब्बियों पर भी होगी बात: इस वार्ता के जरिए दोनों देश अपने रणनीतिक रक्षा सहयोग समझौते को अगले 10 वर्षों के लिए बढ़ाएंगे. इसके साथ ही 3 अतिरिक्त स्कॉर्पीन (Scorpene) पनडुब्बियों के निर्माण को लेकर भी बातचीत होगी. ये पनडुब्बियां मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (MDL) में बनाई जा सकती हैं.
भारत-फ्रांस संबंधों पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों का बयान, सहयोग के नए अध्याय का संकेत
17 Feb, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण मुंबई के लोक भवन में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की. मोदी और मैक्रों की चर्चा रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने और उन्हें नए और उभरते क्षेत्रों में विस्तारित करने पर केंद्रित होगी. दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे और भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे.
राष्ट्रपति मैक्रों प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर 17 से 19 फरवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं. वह भारत में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में भाग लेंगे और मुंबई में मोदी के साथ द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन करेंगे.
राष्ट्रपति मैक्रों की यह भारत की चौथी और मुंबई की पहली यात्रा है. इससे पहले दिन में, महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया.
इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मंगलवार तड़के मुंबई पहुंचे और उन्होंने अपने दिन की शुरुआत कोस्टल रोड के पास मरीन ड्राइव पर ‘जॉगिंग’ के साथ की. मैक्रों और प्रथम महिला ब्रिगिट मैक्रों ने बाद में दक्षिण मुंबई के ताज महल पैलेस होटल में नवंबर 2008 में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को पुष्पांजलि अर्पित की. मैक्रों ने मरीन ड्राइव पर ‘जॉगिंग’ के साथ दिन की शुरुआत की, उनके साथ उनके सुरक्षाकर्मी भी थे. मुंबई पुलिस ने भी आसपास के क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा की हुई थी.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की यात्रा और द्विपक्षीय संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने को लेकर उत्साहित है. मोदी ने 'एक्स' पर मैक्रों की एक ‘पोस्ट’ पर टिप्पणी करते हुए यह बात कही.
‘तुगलकी आयोग’ बयान से गरमाई राजनीति
17 Feb, 2026 05:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता|पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्यभर की राजनीति में गर्माहट तेज है। चुनावी रण में राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारियां भी तेज कर दी है। हालांकि राज्य में जारी गहमागहमी का का एकमात्र कारण चुनाव नहीं है। इसका बड़ा कारण राज्य में चल रहे मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) भी है। ऐसे में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर कोलकाता में चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब 'तुगलकी आयोग बन गया है और किसी राजनीतिक पार्टी के इशारे पर काम कर रहा है।ममता बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा आईटी सेल की एक महिला पदाधिकारी ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर पश्चिम बंगाल में 58 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटवा दिए। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी कर रहा है, वोटरों को निशाना बना रहा है और लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ेगी।
ईमेल/फोन से मिली धमकी, सुरक्षा एजेंसियों की जांच शुरू
17 Feb, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात| में स्कूलों के बाद मंगलवार को छह अलग-अलग अदालतों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस पहुंची। आनन-फानन में कोर्ट परिसर को खाली कराया गया। हालांकि, जांच के बाद कहीं भी कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। अधिकारियों ने इसे अफवाह बताया है।अधिकारियों के मुताबिक, अहमदाबाद, वडोदरा, वलसाड, राजकोट, गांधीनगर और मेहसाणा की अदालतों को ये धमकी भरे ईमेल मिले हैं। ईमेल मिलते ही पुलिस की टीमें बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंचीं। इसके बाद कोर्ट परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया।
वडोदरा और वलसाड में क्या हुआ?
वडोदरा जिला अदालत को भेजे गए ईमेल में परिसर में 19 बम रखे होने का दावा किया गया। पुलिस अधिकारी मंजिता वंजारा ने बताया कि ईमेल में दोपहर तक परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। ईमेल भेजने वाले ने तमिलनाडु की एक अदालत के फैसले की आलोचना भी की है।इसी तरह, वलसाड के एसपी युवराजसिंह जडेजा ने बताया कि वहां की जिला अदालत को भी धमकी मिली है। ईमेल में कहा गया कि परिसर में 19 आईईडी लगाए गए हैं, जो दोपहर की नमाज से पहले फट जाएंगे। इसके बाद अदालत के 19 कमरों को खाली कराकर जांच की गई।
कई और शहरों में भी अफरा-तफरी
अधिकारियों ने पुष्टि की कि राजकोट, गांधीनगर और अहमदाबाद की जिला अदालतों को भी मंगलवार सुबह खाली कराया गया। इन सभी जगहों पर घंटों तक चली तलाशी के बाद भी कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। दोपहर में मेहसाणा जिला अदालत को भी ऐसा ही ईमेल मिला, जिसके बाद वहां भी तलाशी अभियान चलाया गया।आपको बता दें कि इससे एक दिन पहले सोमवार को भी गुजरात के अहमदाबाद और वडोदरा के 34 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले थे। बाद में ये सभी धमकियां भी झूठी निकली थीं। पुलिस अब इन दोनों मामलों के बीच संबंध की जांच कर रही है।
Grand Mufti of India: कौन हैं केरल में जन्मे मुस्लिमों के मसीहा शेख अबू बक्र अहमद? PM Modi से मुलाकात की हो रही चर्चा
17 Feb, 2026 01:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Grand Mufti of India: सोमवार को पीएम मोदी ने दिल्ली में भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद से मुलाकात की. इस दौरान कई विषयों पर दोनों के बीच लंबे समय तक चर्चा भी हुई. इस मुलाकात की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं. PM Modi अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा है कि “उनकी भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद साहब के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई. हमने कई मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया”.
इन मुख्य मुद्दों पर हुई चर्चा
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “सामाजिक सद्भाव, भाईचारे को बढ़ाने और शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए उनके प्रयास उल्लेखनीय हैं. इस मुलाकात में सामाजिक, मानवीय, शैक्षिक और विकासात्मक मुद्दों, अल्पसंख्यक कल्याण मामलों और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों सहित कई विषयों पर चर्चा हुई. लेकिन क्या आप जानते है कि आखिर ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद हैं कौन? और दुनिया भर में उनकी पीएम मोदी के साथ हुई मुलाकात चर्चा का केंद्र क्यों बन रही है.
कौन हैं ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बक्र अहमद?
दरअसल शेख अबू बक्र अहमद भारत के प्रमुख इस्लामी धर्मगुरुओं में से एक हैं और उन्हें भारत का ग्रैंड मुफ्ती कहा जाता है. इन्हें सूफी परंपरा का बड़ा विद्वान व्यक्ति माना जाता है. वे इस्लाम की उदार, शांतिपूर्ण और समावेशी व्याख्या के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हैं. खास बात ये है कि शेख अबूबक्र अहमद का जन्म भारत के केरल राज्य के कंथापुरम में 1931 में हुआ था. वह केरल के एक जाने-माने सुन्नी स्कॉलर हैं, जो कई तरह के सामाजिक कामों को कर रहे हैं. साथ ही ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलमा को लीड करते हैं. शेख अबू बक्र अहमद भारत के 10 वें मौजूदा ग्रैंड मुफ्ती हैं. इस पद के पर उन्हें फरवरी 2019 में नियुक्त किया गया था.
20 हजार प्राइमरी एजुकेशन सेंटर की देखरेख
गौरतलब है कि जामिया मरकज के फाउंडर के तौर पर, उन्होंने भारत के सबसे बड़े एजुकेशनल और ह्यूमैनिटेरियन नेटवर्क में से एक बनाया है, जो 200 से ज़्यादा इंस्टीट्यूशन, 300+ CBSE स्कूल और 20 हजार प्राइमरी एजुकेशन सेंटर की देखरेख करते हैं.
सबरीमाला में महिलाओं के साथ भेदभाव मामले में नौ जजों की पीठ गठित
17 Feb, 2026 12:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सात अप्रैल से होगी सुनवाई
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की 9-न्यायाधीशों की बेंच 7 अप्रैल से धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के भेदभाव के मामलों पर सुनवाई शुरू करेगी। इस मामले में प्रमुख रूप से केरल के सबरीमाला मंदिर से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी पक्ष अपनी लिखित दलीलें 14 मार्च तक जमा करें। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह सबरीमाला फैसले की समीक्षा का समर्थन करते हैं। बेंच में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली शामिल हैं।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील परमेश्वर और शिवम सिंह को एमिकस क्यूरी के रूप में नियुक्त किया है, ताकि न्यायालय को आवश्यक मार्गदर्शन और पक्षों की दलीलों का विश्लेषण प्रदान किया जा सके। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि सुनवाई 22 अप्रैल तक पूरी की जाएगी। सबरीमाला फैसले की समीक्षा का समर्थन करने वाले पक्षों के लिए कृष्ण कुमार सिंह को नोडल काउंसल नियुक्त किया गया है, जबकि फैसले का विरोध करने वालों के लिए शश्वती परी को नोडल काउंसल बनाया गया।
सुनवाई से पहले बढ़ी सियासी हलचल
यह मुद्दा इसलिए फिर सामने आया है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट सोमवार को 2018 के फैसले से जुड़े रिव्यू और रिट याचिकाओं पर विचार करने वाला है। उस फैसले में हर उम्र की महिलाओं को भगवान अयप्पा के मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। विपक्षी कांग्रेस का कहना है कि सरकार को अदालत में जाने से पहले जनता को अपना रुख साफ-साफ बताना चाहिए। उनका आरोप है कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर अब तक असमंजस की स्थिति में है। 11 मई 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पांच-न्यायाधीशों की बेंच सीमित समीक्षा शक्तियों के तहत कानून के सवालों को बड़े बेंच को भेज सकती है। 2018 के सबरीमाला फैसले ने सभी उम्र की महिलाओं के मंदिर प्रवेश को अनुमति दी थी।सुप्रीम कोर्ट ने धार्मिक स्वतंत्रता और संविधान के अनुच्छेद 25 एवं 26 के दायरे पर सात प्रमुख सवाल भी तैयार किए हैं। इसमें यह भी स्पष्ट किया गया कि धार्मिक समूह या संप्रदाय की प्रथाओं को किसी अन्य व्यक्ति द्वारा पीआईएल (जनहित याचिका) के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है या नहीं। सबरीमाला मामले के अलावा बेंच ने मस्जिदों और दरगाहों में मुस्लिम महिलाओं के प्रवेश और पारसी महिलाओं के अगियारी (पवित्र अग्नि स्थल) में प्रवेश से जुड़े मुद्दों को भी बड़े बेंच के समक्ष भेजा है।
एआई शिखर सम्मेलन का उद्देश्य: तकनीक का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे
17 Feb, 2026 11:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली में आयोजित पांच दिवसीय इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य यह पता लगाना है कि एआई का इस्तेमाल सभी के फायदे के लिए कैसे किया जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, 'बुद्धिमत्ता, तर्कसंगतता और निर्णय लेने की क्षमता विज्ञान और प्रौद्योगिकी को जनता के लिए उपयोगी बनाती है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का उद्देश्य यह पता लगाना भी है कि एआई का उपयोग सभी के लाभ के लिए कैसे किया जा सकता है।'
ग्लोबल साउथ में AI पर पहला वैश्विक सम्मेलन
16 फरवरी से शुरू हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों, मंत्रियों, वैश्विक प्रौद्योगिकी नेताओं, प्रख्यात शोधकर्ताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और उद्योग जगत के हितधारकों को एक मंच पर लाया गया ताकि समावेशी विकास को आगे बढ़ाने, सार्वजनिक प्रणालियों को मजबूत करने और सतत विकास को सक्षम बनाने में एआई की भूमिका पर विचार-विमर्श किया जा सके। साथ ही, यह पहली बार है कि इस मुद्दे पर इतने बड़े पैमाने पर वैश्विक सम्मेलन का आयोजन ग्लोबल साउथ में किया जा रहा है।
20 फरवरी को शिखर सम्मेलन का समापन
पांच दिवसीय शिखर सम्मेलन जो 20 फरवरी को समाप्त होगा, इसमें 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि भाग लेंगे, जिनमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और उप मंत्री शामिल हैं, साथ ही सीईओ, संस्थापक, शिक्षाविद, शोधकर्ता, सीटीओ और परोपकारी संगठनों सहित 500 से अधिक वैश्विक एआई नेता भी शामिल होंगे। 19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन भाषण देंगे, जो वैश्विक सहयोग की दिशा तय करेगा और समावेशी एवं जिम्मेदार एआई के लिए भारत के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करेगा।
क्या हैं सम्मेलन प्रमुख आकर्षण?
शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण तीन प्रमुख वैश्विक प्रभाव चुनौतियां हैं- एआई फॉर ऑल, एआई बाय हर और युवआई- जिनका समापन फाइनलिस्टों की घोषणा और ग्रैंड फिनाले शोकेस के साथ होगा। समावेशी, जिम्मेदार और विकासोन्मुखी एआई को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई ये चुनौतियां राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक विकास उद्देश्यों के अनुरूप स्केलेबल, उच्च-प्रभाव वाले एआई समाधानों को गति प्रदान करने के लिए शुरू की गई थीं।इन चुनौतियों के लिए 60 से अधिक देशों से 4650 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जो मजबूत अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को दर्शाते हैं और जिम्मेदार और स्केलेबल एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) नवाचार के लिए एक विश्वसनीय वैश्विक केंद्र के रूप में भारत के उदय को मजबूत करते हैं। कई क्षेत्रों के विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के नेताओं द्वारा किए गए एक कठोर बहुस्तरीय मूल्यांकन के बाद, तीनों श्रेणियों में शीर्ष 70 टीमों को फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया है। ये फाइनलिस्ट नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों और शिक्षाविदों के साथ जुड़ेंगे, साथ ही राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अपने नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए मान्यता और सहयोग प्राप्त करेंगे।18 फरवरी को हैदराबाद स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के सहयोग से एआई और उसके व्यापक प्रभावों पर एक महत्वपूर्ण अनुसंधान संगोष्ठी आयोजित की जा रही है। यह संगोष्ठी शिखर सम्मेलन का प्रमुख शैक्षणिक मंच मानी जा रही है,
जहां एआई से जुड़े कई आयामों पर गंभीर विमर्श होगा। इस संगोष्ठी के लिए अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका सहित कई देशों से लगभग 250 शोध प्रस्तुतियां प्राप्त हुई हैं, जो इस विषय पर वैश्विक रुचि और सहभागिता को दर्शाती हैं। कार्यक्रम में एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी भाग ले रहे हैं। यह विश्व स्तर पर प्रसिद्ध एआई विशेषज्ञों और अग्रणी अनुसंधान संस्थानों को एक साथ लाता है ताकि एआई-संचालित वैज्ञानिक खोज, सुरक्षा और शासन ढांचे, बुनियादी ढांचे तक समान पहुंच और ग्लोबल साउथ में अनुसंधान सहयोग पर विचार-विमर्श किया जा सके।
IFR 2026 में भारत की समुद्री ताकत का प्रदर्शन, 70 युद्धपोत शामिल
17 Feb, 2026 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंगलवार को दो दिन के दौरे पर आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम पहुंचेंगी। वे विशाखपत्तनम में आयोजित होने जा रहे इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (आईएफआर) में शामिल होंगी। राष्ट्रपति देश की सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर होती हैं। इसी नाते वह इस कार्यक्रम का निरीक्षण करेंगी। आईएफआर, इंटरनेशनल नेवल डेलिगेशन, जहाजों, सबमरीन और एयरक्राफ्ट की एक सेरेमोनियल बैठक है।
आईएनएस विक्रांत रहेगा आकर्षण का केंद्र
1) इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 की शुरुआत मंगलवार को राष्ट्रपति बैंक्वेट से होगी। इसके बाद अगले दिन राष्ट्रपति विशाखापत्तनम तट के पास निर्धारित क्षेत्र में भारत और मित्र देशों के 70 जहाजों के फ्लीट का रिव्यू करेंगी।
2) इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल जस्टिस एस. अब्दुल नजीर (रिटायर्ड) और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद रहेंगे।
3) भारतीय नौसेना के अनुसार, यह आयोजन समुद्री शक्ति, आपसी सहयोग और मित्रता को प्रदर्शित करता है, साथ ही यह देश की संप्रभु निगरानी को भी दर्शाता है।
4) इससे पहले भारत वर्ष 2001 में मुंबई और 2016 में विशाखापत्तनम में आईएफआर का आयोजन कर चुका है।
5) मित्र देशों के युद्धपोत, पनडुब्बियां और विमान समुद्र में एकत्र होकर अपनी ताकत और क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अहम भूमिका निभाने वाला भारतीय विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत इस बार का मुख्य आकर्षण रहेगा। मित्र देशों की नौसेनाएं भारत में निर्मित इस विमानवाहक पोत को नजदीक से देखेंगी।
6) ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विक्रांत कैरियर बैटल ग्रुप इंडियन नेवी के अटैकिंग डिटरेंट पोस्चर का मेन हिस्सा था। उसने भारतीय नौसेना की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसकी मौजूदगी के कारण पाकिस्तान नौसेना रक्षात्मक
7) स्थिति में आने को मजबूर हुई और उसे जल्द युद्धविराम का अनुरोध करना पड़ा।
मिलन 2026 का भी आयोजन
1) आईएफआर 2026 के तहत अंतरराष्ट्रीय सिटी परेड, सांस्कृतिक प्रदर्शनियां और आम जनता से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य विश्व की समुद्री विरासत का उत्सव मनाना है।
2) विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के प्रमुख बहुपक्षीय अभ्यास ‘मिलन 26’ का 13वां संस्करण भी आयोजित हो रहा है। यह अभ्यास बंगाल की खाड़ी में पूर्वी नौसैनिक कमान के नेतृत्व में हो रहा है। इसमें 135 से अधिक देशों को आमंत्रित किया गया है।
3) मिलन अभ्यास का उद्देश्य मित्र देशों की नौसेनाओं के बीच पेशेवर संबंध मजबूत करना, बेहतर अनुभव साझा करना और समुद्री सहयोग बढ़ाना है। इस अभ्यास में बड़े स्तर पर संयुक्त नौसैनिक अभियान चलाए जाएंगे, जिससे सभी देशों की नौसेनाओं को साथ मिलकर काम करने का अनुभव मिलेगा।
4) इसके अलावा शहर में इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम सम्मेलन भी आयोजित किया जा रहा है। यह पहली बार है जब भारत एक साथ तीन बड़े समुद्री आयोजनों की मेजबानी कर रहा है।
5) पहला आईएफआर वर्ष 2001 में आयोजित किया गया था, जब तत्कालीन राष्ट्रपति के. आर. नारायणन ने आईएनएस सुकन्या से बेड़े का निरीक्षण किया था। दूसरा आईएफआर वर्ष 2016 में विशाखापत्तनम में हुआ था, जिसमें बंगाल की खाड़ी में पहले से कहीं ज़्यादा देशों की नेवी ने हिस्सा लिया था। 50 देशों से कुल मिलाकर लगभग 100 वॉरशिप आए थे। यह भारतीय समुद्री क्षेत्र में युद्धपोतों का अब तक का सबसे बड़ा जमावड़ा था। उस समय तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आईएनएस सुमित्रा से फ्लीट का निरीक्षण किया था। उनके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी मौजूद थे।
भारत-फ्रांस दोस्ती की झलक: पीएम मोदी का मैक्रों को खास संदेश
17 Feb, 2026 11:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट करके भारत यात्रा पर आए फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों का स्वागत किया। पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा 'भारत में आपका स्वागत है! भारत आपके आने और हमारे आपसी रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का इंतजार कर रहा है, मुझे पूरा भरोसा है कि हमारी बातचीत से अलग-अलग सेक्टर में सहयोग और मजबूत होगा और दुनिया भर में तरक्की में मदद मिलेगी। मुंबई में और बाद में दिल्ली में मिलते हैं, मेरे प्यारे दोस्त इमैनुएल मैक्रों।गौरतलब है कि फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों मंगलवार को भारत यात्रा के लिए मुंबई पहुंचे। उनकी यह यात्रा 19 फरवरी तक चलेगी। फ्रांसीसी राष्ट्रपति और प्रथम महिला का मुंबई के हवाई अड्डे पर महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वागत किया।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में होंगे शामिल
राष्ट्रपति मैक्रों और प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त रूप से इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेंगे। यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर साझेदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा। दोनों नेता भारत-फ्रांस नवाचार फोरम के तहत नवाचार, स्टार्ट-अप सहयोग, उच्च शिक्षा और अनुसंधान में संयुक्त परियोजनाओं पर ठोस फैसले भी सकते हैं।
114 राफेल लड़ाकू विमानों का मेगा रक्षा सौदा होगा केंद्र
मैक्रों की इस यात्रा का सबसे बड़ा सामरिक आकर्षण 114 राफेल लड़ाकू विमानों का मेगा रक्षा सौदा हो सकता है। करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये के इस सौदे को रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) से हाल ही में मंजूरी मिली है। दोनों नेता संयुक्त रूप से कर्नाटक के वेमगल में टाटा एयरबस की एच125 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर (एलयूएच) की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन भी करेंगे।
अन्य मुद्दों पर भी होगी वार्ता
पीएम मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा, उभरती प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, संयुक्त नौसैनिक अभ्यास व खुफिया साझेदारी, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और वैश्विक भू-राजनीतिक मुद्दे केंद्र में रहने की उम्मीद है। दोनों देशों ने हाल के वर्षों में अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी से आगे बढ़ाकर व्यापक वैश्विक साझेदारी का रूप दिया है।
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