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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान, कहा-कमजोर रहकर सुनिश्चित नहीं की
12 Feb, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत का स्पष्ट तौर पर मानना है कि कमजोर रहकर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और शांति सुनिश्चित नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि उभरते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में नवीन दृष्टिकोण और मजबूत साझेदारी की आवश्यकता है। आतंकवाद, साइबर अपराध, जलवायु-प्रेरित आपदाओं से सभी को साथ मिलकर लड़ना होगा।
दरअसल, एयरो इंडिया 2025 में रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्चस्व की लड़ाई, हथियार निर्माण के नए तरीके एवं साधन, विघटनकारी प्रौद्योगिकियों ने विश्व व्यवस्था को और अधिक नाजुक बना दिया है।
सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा में कम हो रहा अंतर
उन्होंने कहा कि संघर्षों की बढ़ती संख्या हमारी दुनिया को अप्रत्याशित जगह बना रही है। सीमाओं की सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा के बीच का अंतर कम होता जा रहा है, क्योंकि 'हाइब्रिड' युद्ध शांति काल में भी राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है।
क्या होता है हाइब्रिड युद्ध?
'हाइब्रिड' युद्ध में किसी विरोधी देश की सरकार को अस्थिर करने और कमजोर करने के लिए कूटनीति, राजनीति, मीडिया, साइबरस्पेस और सैन्य बल का प्रयोग किया जाता है। वैश्विक मंच पर भारत की भागीदारी सभी के लिए सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद, साइबर अपराध, मानवीय संकट और जलवायु-प्रेरित आपदाएं जैसी चुनौतियां सीमाओं को पार करती हैं। इन चुनौतियों से एकजुट होकर निपटना होगा।
भारत के व्हीकल-माउंटेड काउंटर-ड्रोन सिस्टम का अनावरण
अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने डीआरडीओ के सहयोग से भारत के व्हीकल-माउंटेड काउंटर-ड्रोन सिस्टम का अनावरण किया। यह अत्याधुनिक प्रणाली उभरते हवाई खतरों के खिलाफ भारत की रक्षा तैयारियों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक युद्ध में टोही और आक्रामक अभियानों के लिए ड्रोन के बढ़ते उपयोग के कारण मजबूत एंटी-ड्रोन सिस्टम की की आवश्यकता अनिवार्य हो गई है।
इस ड्रोन को सिंगल 4म4 व्हीकल के साथ एकीकृत किया गया है। इसमें किसी ड्रोन को मार गिराने के लिए हाई-एनर्जी लेजर सिस्टम लगा हुआ है। इसमें 7.62 एमएम गन और एडवांस रडार है। यह 10 किलोमीटर की रेंज में टारगेट को हिट कर सकता है।
करोड़ों रुपये के ऑर्डर बुक पर एचएएल की नजर
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने घोषणा की कि उसके पास 1.2 लाख करोड़ रुपये के ऑर्डर बुक हैं। आने वाले वर्ष में एक लाख करोड़ रुपये का और ऑर्डर मिलने वाला है। जिससे कुल ऑर्डर बुक 2.2 लाख करोड़ रुपये हो जाएगी, जिसे 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
एचएएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डीके सुनील ने कहा कि एचएएल अनुसंधान और विकास पर सालाना 2,500 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है।
दो प्रमुख अनुबंधों के बारे में जानकारी साझा करते हुए उन्होंने कहा कि इनमें 97 हल्के लड़ाकू विमान (तेजस) और 156 हल्के लड़ाकू हेलीकाप्टर (प्रचंड) के आर्डर शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि अगले पांच से छह महीनों के भीतर इन्हें अंतिम रूप दे दिया जाएगा। कंपनी सुखोई विमान के लिए 240 इंजन का निर्माण कर रही है।
उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए और क्या किया?
कंपनी ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने और अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए टाटा और एलएंडटी सहित निजी कंपनियों के साथ सहयोग किया है। घरेलू ऑर्डर के अलावा, निर्यात के अवसर भी तलाशी जा रही है। डोर्नियर विमान के लिए फिलीपींस के साथ चर्चा जारी है।
गुयाना पहले को एचएएल ने दो डोर्नियर विमानों की आपूर्ति की है। नाइजीरिया, मोरक्को और मिस्त्र में बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि एडवांस्ड मीडियम काम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) का डिजाइन लगभग पूरा हो चुका है। हमें 2028 की शुरुआत में पहली उड़ान की उम्मीद है। उत्पादन 2034 तक शुरू होने की उम्मीद है।
किसान सम्मान निधि योजना का फायद कैसे ले? ऐसे करें चेक
11 Feb, 2025 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त जारी होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को बिहार के दौरे पर रहेंगे और वहीं से वे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए किसानों के खाते में पीएम किसान की 19वीं किस्त भेजेंगे। इस योजना के तहत पात्र किसानों को 2 हजार रुपये दिए जाएंगे। आप भी पता कर सकते हैं कि आपको इस योजना का लाभ मिल पाएगा या नहीं। आइए जानते हैं कि आप लाभार्थी सूची में अपना नाम कैसे चेक कर सकते हैं...
पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट (https://pmkisan.gov.in/) पर जाएं
"लाभार्थी स्थिति" का विकल्प चुनें
आधार नंबर या बैंक खाता नंबर भरें
अब "डेटा प्राप्त करें" चुनें
इसके बाद आपको स्क्रीन पर सारी जानकारी दिखाई देगी। अगर आपका नाम सूची में नहीं है तो आप अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
ई-केवाईसी करवाना जरूरी
आपको बता दें कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को ई-केवाईसी करवाना जरूरी है। ई-केवाईसी करवाने का मतलब है कि किसान योजना का पैसा सही लाभार्थियों तक पहुंचे। योजना में किसी तरह की धोखाधड़ी न हो। आप तीन तरीकों से ई-केवाईसी करवा सकते हैं।
ओटीपी आधारित ई-केवाईसी
फेस ऑथेंटिकेशन आधारित ई-केवाईसी
बायोमेट्रिक आधारित ई-केवाईसी
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना दुनिया की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट पेमेंट DBT योजनाओं में से एक है। इस योजना के जरिए हर साल पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधे 6 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं। यह रकम तीन किस्तों में दी जाती है।
प्रयागराज में भारी वाहनों की NO Entry, यातायात संबंधी समस्याओं के कारण महाकुंभ व्यवस्था पर आदेश
11 Feb, 2025 01:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज: माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर महाकुंभ स्नान के लिए यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। मेला क्षेत्र को आज सुबह 4 बजे से नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है। इस दौरान आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं के वाहनों के अलावा किसी अन्य वाहन को मेला क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
मेला क्षेत्र और शहर में नो व्हीकल जोन
12 फरवरी को माघी पूर्णिमा के पावन स्नान को देखते हुए प्रशासन ने सख्त यातायात नियम लागू किए हैं। मेला क्षेत्र को आज सुबह 4 बजे से नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है। इसके तहत केवल आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही अनुमति दी गई है। इसके अलावा प्रयागराज शहर में भी शाम 5 बजे से नो व्हीकल जोन लागू हो गया है। यह व्यवस्था 13 फरवरी की सुबह तक जारी रहेगी।
बाहरी वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और उनके वाहनों के लिए विशेष पार्किंग व्यवस्था की गई है। शहर के बाहर 36 पार्किंग क्षेत्र बनाए गए हैं, जहां वाहनों को पार्क किया जा सकेगा। इन पार्किंग स्थलों से श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र तक पहुंचने के लिए शटल सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
कल्पवासियों के लिए खास नियम
कल्पवासियों के वाहनों के प्रवेश और निकास पर भी नो व्हीकल नियम लागू रहेगा। उन्हें अपने वाहन भी निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही पार्क करने होंगे। इसके अलावा कल्पवासियों की सुविधा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।
ट्रैफिक जाम की स्थिति
पिछले 3 दिनों में प्रयागराज में करीब 15 लाख वाहन पहुंचे हैं, जिसके चलते शहर के हर एंट्री प्वाइंट पर 20 किलोमीटर तक का ट्रैफिक जाम देखने को मिला है। इस समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार ने कुंभ मेले की व्यवस्था संभालने के लिए 52 नए आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को भेजा है।
श्रद्धालुओं के लिए सलाह
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
ग्रामीण इलाकों में 21.9 और शहरों में 23.4 घंटे बिजली सप्लाई, सरकार का बड़ा दावा
11 Feb, 2025 01:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गर्मी का मौसम शुरू होते ही पूरे देश में बिजली सप्लाई की चर्चा शुरू हो जाती है. शहर से लेकर गांव तक लोग बिजली कटौती को लेकर परेशान रहते हैं. सरकार से सप्लाई ठीक करने की गुहार लगाते हैं. इधर, सरकार ने बिजली को लेकर अलग ही दावा किया है. 2025 में गर्मी के आने से पहले सरकार ने कहा है कि 24 घंटे तो नहीं लेकिन हम 21 घंटे से ज्यादा बिजली पूरे देश में दे रहे हैं.
यानी पूरे भारत के घरों में 21 घंटे से ज्यादा बिजली हर महीने आती है. सरकार का कहना है कि रिन्यूएबल एनर्जी पर भी काम तेजी से हो रहा है. जल्द ही हम हर घर को 24 घंटे बिजली मुहैया करा देंगे.
गांव में 21.9 तो शहर में 23.4 घंटे बिजली
बिहार के सांसद भीम सिंह के एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक ने बताया कि देश में बिजली की सप्लाई को बढ़ाने के लिए लगातार काम हो रहा है. नाइक के मुताबिक वर्तमान में देश के गांवों में 21.9 घंटे बिजली मुहैया कराया जा रहा है, जो 2014 में 12.5 घंटा था.
मंत्री के मुताबिक देश के शहरों में 23.4 घंटे बिजली मुहैया कराया जाता है. पहले यह आंकड़ा 22 घंटे का था. सरकार का कहना है कि देश में बिजली का उत्पादन पूर्ण है. वर्तमान में पूरे देश में 462 गीगवाट बिजली उत्पादन हो रहा है.
एक अन्य सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में 2024 के अप्रैल से दिसंबर तक 1,280,037 मेगावाट बिजली की डिमांड थी, जबकि बिजली विभाग ने 1,278,565 मेगावाट सप्लाई किया. 1,472 मेगावाट का सप्लाई नहीं कर पाया.
हर साल बढ़ रहा है पीक ओवर डिमांड
सांसद डी हेगड़े के एक सवाल के जवाब में बिजली मंत्री ने बताया कि हर साल पीक ओवर डिमांड में बढ़ोतरी हो रही है. सरकार के मुताबिक 2019-20 में 1,83,804 मेगावाट पीक डिमांड था, जो 2024-25 (दिसंबर) तक बढ़कर 2,49,856 मेगावाट हो गया.
वहीं पिक ओवर डिमांड को पूरा करने में सरकार आगे है. 2019-20 में पीक ओवर में 1,271 मेगावाट के डिमांड को पूरा नहीं किया जा सका था, लेकिन 2024-25 में यह सिर्फ 2 मेगावाट था. यानी सरकार पीक ओवर के वक्त सप्लाई पर खासा ध्यान रख रही है.
24 घंटे बिजली देने के लिए क्या कर रही सरकार?
केंद्र सरकार का कहना है कि 2032 तक स्थापित उत्पादन क्षमता 874 गीगावॉट होने की संभावना है. अगर ऐसा होता है तो बिजली की सप्लाई 24 घंटे की हो जाएगी. सरकार इसके अलावा पनबिजली और न्यूकिलियर परियोजना पर भी फोकस कर रही है.
सरकार का कहना है कि 1399 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए पनबिजली परियोजना पर काम कर रही है, जो 2032 में पूर्ण हो जाएगा. वहीं 7,300 मेगावाट की परमाणु क्षमता निर्माणाधीन है, जो 2029-30 में पूर्ण होगा.
सरकार बिजली की डिमांड और सप्लाई को लेकर कोई कन्फ्यूजन न हो, इसके लिए राज्यों से कॉर्डिनेट कर एक कमेटी बनाने पर काम कर रही है.
केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, अटल भूजल योजना से और राज्यों को जोड़ा जाएगा
11 Feb, 2025 01:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्र सरकार ने भूजल स्तर में सुधार वाली अटल भूजल योजना का विस्तार बिहार, पंजाब और तमिलनाडु सहित पांच और राज्यों- तक करने की योजना बनाई है। सोमवार को संसद में पेश की गई एक संसदीय समिति की रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
जल शक्ति मंत्रालय ने संसदीय समिति को यह भी बताया कि सरकार के प्रयासों के बावजूद अप्रत्याशित कारणों से कई राज्यों को गंभीर बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है, खराब जल निकासी और प्राकृतिक जलमार्गों पर अतिक्रमण के कारण संकट और बढ़ गया है।
व्यय विभाग की सैद्धांतिक मंजूरी मिली
जल शक्ति मंत्रालय के तहत जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनरुद्धार विभाग ने राजीव प्रताप रूडी की अध्यक्षता वाली जल संसाधन संबंधी संसदीय स्थायी समिति को सूचित किया है कि उसे अटल भूजल योजना का 8200 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ विस्तार करने के लिए वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है।
अटल भूजल योजना अप्रैल 2020 से लागू है। सात राज्यों-हरियाणा, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के 80 जिलों में पानी के संकट से जूझ रहीं 8774 ग्राम पंचायतों में यह योजना चल रही है। अटल भूजल योजना का विस्तार बिहार, पंजाब, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना में इस शर्त के साथ किया जाएगा कि योजना का क्रियान्वयन केंद्रीय प्रायोजित योजना के रूप में किया जा सकता है।
इन पांचों राज्यों से पिछले साल अगस्त में अटल भूजल योजना को केंद्रीय योजना में बदलने के लिए स्वीकृति मांगी गई थी। पंजाब ने अपनी मंजूरी दे दी है, जबकि अन्य राज्यों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
नहीं पूरा हुआ हर घर नल का लक्ष्य
संसदीय समिति ने जल जीवन मिशन के तहत दिसंबर 2024 की समय सीमा तक भारत के सभी ग्रामीण घरों में नल का पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा नहीं होने पर चिंता जताई है। समिति ने केंद्र से खराब प्रदर्शन करने वाले राज्यों को उनके लक्ष्य हासिल करने में मदद करने का आग्रह किया है। समिति ने सोमवार को लोकसभा में पेश रिपोर्ट में यह भी कहा कि ओडिशा, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, केरल और राजस्थान में योजना की प्रगति राष्ट्रीय औसत से नीचे है।
बाढ़ का सामना क्यों कर रहे बिहार और यूपी?
सरकार ने केंद्रीय बजट में जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाने की घोषणा की। जल शक्ति मंत्रालय ने समिति को बताया है कि खराब जल निकासी और प्राकृतिक जलमार्गों पर अतिक्रमण के कारण बाढ़ का संकट और बढ़ गया है। समिति ने मंत्रालय से पूछा था कि सरकार के पर्याप्त इंतजामों के बावजूद उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों को अभी भी भीषण बाढ़ का सामना क्यों करना पड़ रहा है।बहुउद्देश्यीय
परियोजनाओं की जरूरत
मंत्रालय ने समिति को बताया कि बाढ़ को कम करने के कई प्रयासों और पहलों के बावजूद, कई राज्यों को अप्रत्याशित मौसम, अधिक लगातार और भारी वर्षा, असमान वर्षा वितरण, भूस्खलन, बर्फ पिघलने, बादल फटने और हिमनद झील के फटने के कारण गंभीर बाढ़ की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मंत्रालय ने कहा कि चूंकि बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बाढ़ आम तौर पर नेपाल से आने वाली नदियों के कारण होती है, बाढ़ की समस्या का दीर्घकालिक समाधान के लिए बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं की जरूरत है।
जल की मांग और आपूर्ति के अंतर को पाटने के लिए कार्य बल का गठन हो
संसद की समिति ने भारत में पानी की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर को पाटने के लिए राष्ट्रीय कार्यबल गठित करने की सिफारिश की। जल संसाधन संबंधी स्थायी समिति ने लोकसभा में पेश रिपोर्ट में कहा कि बढ़ती जनसंख्या, तेजी से औद्योगिकीकरण, शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन ने पानी की उपलब्धता को सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बना दिया है।
देश के अधिकांश हिस्सों से ठंड की विदाई, उत्तर भारत में दोपहर में तेज धूप
11 Feb, 2025 11:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली NCR से ठंड की विदाई हो चुकी है। फिलहाल पिछले 24 घंटे के दौरान पूरे दिल्ली एनसीआर का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। देश के कई राज्यों में ठंड का प्रकोप कम हो गया है। IMD ने मौसम को लेकर नया अपडेट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में आज पारा 29 डिग्री तक जा सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत में ठंड के बीच दोपहर को तेज धूप देखने को मिल रही है। वहीं देश के कुछ राज्यों में बारिश की संभावना जताई जा रही है।
इन राज्यों में कल तक बारिश की संभावना
पूर्वोत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। वहीं सिक्किम-पश्चिम बंगाल में बारिश की संभावना है।पश्चिमी विक्षोभ के कारण पर्वतीय इलाकों में 10-12 फरवरी 2025 तक बारिश हो सकती है। यूपी के मौसम की अगर बात करें तो फरवरी के महीने में यूपी में मौसम शुष्क बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश में कुछ दिनों तक सुबह कोहरा छाया रह सकता है।
हिमाचल-कश्मीर में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के मुताबिक कश्मीर के कई इलाकों में 12 फरवरी 2025 तक बारिश हो सकती है। वहीं 16 फरवरी तक यहां मौसम में कोई बदलाव नहीं होने वाला है।
घाटी में जनवरी की तुलना में फरवरी के महीने में तापामन 15-16 डिग्री ज्यादा रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
श्रीनगर में तापमान 5।3 डिग्री दर्ज किया गया। पहलगाम में -5 डिग्री और कुपावड़ा में -4।5 डिग्री तापमान रहा।
हिमाचल की बात करें तो यहां 12 फरवरी तक बारिश और बर्फबारी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार में फसलों पर भी पड़ा असर
बिहार के मौसम की अगर बात करें तो बिहार में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। न्यूनतम तापमान में हो रही बढ़ोतरी फसलों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे होना चाहिए था, लेकिन ये 12 से 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। इससे गेहूं, सरसों, मसूर, चना, आम और लीची की फसलों पर प्रभाव पड़ सकता है।
राजस्थान में तापमान बढ़ने के संकेत
राजस्थान में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फतेहपुर, नागौर, बीकानेर, बाड़मेर, उदयपुर, सीकर और अलवर में तापमान में बढ़ोतरी हुई है। बाड़मेर का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो राज्य में सबसे ज्यादा रहा।
पीएम मोदी पहुंचे पेरिस, फ्रांस और अमेरिका की यात्रा पर वैश्विक रणनीति होगी मजबूत
11 Feb, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैश्विक मंच पर फ्रांस और अमेरिका भारत के दो सबसे अहम रणनीतिक साझीदार देश हैं। बहुत कम होता है कि भारतीय प्रधानमंत्री एक साथ इन दोनों देशों की यात्रा पर गए हों। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को इन दोनों देशों की यात्रा के पहले चरण में पेरिस पहुंचे। मंगलवार को वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ एआई एक्शन समिति की तीसरी बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे।
युद्धक विमान पर होगी बात
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और मैक्रों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी जिसमें दोनों देशों के रिश्तों से जुड़े कुछ अहम समझौतों को अंतिम रूप दिया जाएगा। दोनों नेताओं के बीच फ्रांस से नए युद्धक विमानों की खरीद और फ्रांस के सहयोग से भारत में छोटे परमाणु ऊर्जा रिएक्टर लगाने को लेकर वार्ता काफी अहम मानी जा रही है।
आईटी कंपनियों के प्रमुखों से होगी बात
विमान में सवार होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इस यात्रा के बारे में कहा, 'एआई एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता करते हुए एआई प्रौद्योगिकी और आम जनता के लिए सुरक्षित व भरोसेमंद तरीके से एआई के इस्तेमाल को लेकर वैश्विक नेताओं और आईटी कंपनियों के प्रमुखों से बात होगी।
मित्र राष्ट्रपति मैक्रों के साथ वर्ष 2047 के लिए भारत व फ्रांस की रणनीतिक साझीदारी के रोडमैप पर बात करने का अवसर मिलेगा। हम फ्रांस के ऐतिहासिक शहर मार्शेले का दौरा भी करेंगे जहां भारत के पहले कंसुलेट का उद्घाटन किया जाएगा।'
मैक्रों के भोज में शामिल होंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मजारगेज युद्ध स्मारक का दौरा भी करेंगे जहां विश्वयुद्ध एक व दो में मारे गए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी अपने सम्मान में राष्ट्रपति मैक्रों की तरफ से दिए गए भोज में भी हिस्सा लेंगे। सूत्रों के मुताबिक, मोदी और मैक्रों के बीच होने वाली मुलाकात में रक्षा सहयोग का एजेंडा व्यापक होगा।
राफेल के नए बेड़े खरीद पर होगी वार्ता
खास तौर पर युद्धक विमान राफेल के नए बेड़े की खरीद और स्कोर्पियन वर्ग की छह पनडुब्बी भारत में बनाने के प्रोजेक्ट पी-75 की समीक्षा की जाएगी। साथ ही बेहद अत्याधुनिक (अगले जेनरेशन की) युद्धक विमानों में इस्तेमाल होने वाले इंजन के निर्माण को लेकर दोनों देशों में होने वाली वार्ता की भी समीक्षा होगी। दोनों नेता भारत व फ्रांस की तीसरे देशों के साथ त्रिपक्षीय सहयोग समझौतों की भी समीक्षा करेंगे।
100 देशों की हस्तियां लेंगी हिस्सा
भारत और फ्रांस ने अभी ऑस्ट्रेलिया, यूएई और इंडोनेशिया के साथ तीन अलग-अलग त्रिपक्षीय संगठन स्थापित किए हैं। इस द्विपक्षीय वार्ता के बावजूद मोदी और मैक्रों के बीच एआई नियमन को लेकर होने वाली बैठक काफी महत्वपूर्ण होने जा रही है। एआई एक्शन समिट में दुनिया के 100 देशों की प्रमुख हस्तियों के हिस्सा लेने की संभावना है। इसमें अमेरिका और चीन के उपराष्ट्रपतियों जेडी वेंस और झांग गुओकिंग के अलावा कई देशों की सरकारों के प्रमुख हिस्सा लेंगे।
क्या है एआई एक्शन समिट का उद्देश्य?
अभी जबकि एआई में अमेरिका और चीन के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा की शुरुआत हो चुकी है, तब एआई एक्शन समिट के नतीजों पर सभी की नजर होगी। बैठक का एक उद्देश्य यह भी है कि एआई के विकास में और देश भी जुड़ें एवं यह क्षेत्र सिर्फ अमेरिका व चीन की प्रतिस्पर्धा न बनकर रह जाए। अमेरिकी उपराष्ट्रपति के तौर पर वेंस की यह पहली विदेश यात्रा है जिसमें उनकी पत्नी उषा और तीनों बच्चे भी उनके साथ हैं।
भारत एक ट्रेनिंग सुपरपावर: मैक्रों
मैक्रों ने एक साक्षात्कार में प्रौद्योगिकी और शिक्षा में भारत की ताकत पर प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा, ''भारत एक ट्रेनिंग सुपरपावर है। एक वर्ष में 10 लाख इंजीनियर, जो संयुक्त रूप से अमेरिका और यूरोप से भी अधिक है।" एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ''हम अपनी प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करना चाहते हैं ताकि वे विदेश जा सकें, लेकिन उन्हें घर पर भी रहना चाहिए।''
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा बयान - 'अनियमित भर्ती पाए जाने पर नियुक्ति रद्द हो सकती है'
11 Feb, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल शिक्षक भर्ती मामले में सोमवार को कहा कि जिन लोगों को गलत तरीके से नौकरी मिली है, उन्हें बाहर किया जा सकता है। इसी बयान के साथ सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षकों तथा अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति को अवैध करार देने के कलकत्ता हाई कोर्ट के 22 अप्रैल, 2024 के निर्णय के खिलाफ याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने कहा कि दलीलें सुनी जा चुकी हैं। फैसला सुरक्षित रखा जाता है। पीठ उस समय नाराज हो गई जब कुछ अभ्यर्थियों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय के कथित राजनीतिक पूर्वाग्रह का मुद्दा उठाया।
यह न्यायपालिका के लिए ठीक नहीं
जस्टिस गंगोपाध्याय ने भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। दवे ने कहा कि यह तथ्य है कि जस्टिस गंगोपाध्याय ने कुछ राजनीतिक निर्णय लिया था। जब प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) ने दवे को हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के खिलाफ दलीलें देने से रोकने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि यह न्यायपालिका के लिए ठीक नहीं है।
सीजेआई ने कहा- यह अस्वीकार्य है
इस पर सीजेआई ने कहा कि मिस्टर दवे, यह अस्वीकार्य है। हमने इस मामले में निष्पक्षता से कार्यवाही शुरू की है। सीजेआई ने कहा कि हम साक्ष्य पर जा रहे हैं, राजनीतिक चर्चा में नहीं। भारत में कानून यह है कि सुबूत भले ही अवैध रूप से एकत्र किया गया हो, वह भी स्वीकार्य है। पीठ ने फैसले के खिलाफ बंगाल सरकार द्वारा दायर याचिका सहित 124 याचिकाओं पर सुनवाई की।
तमिलनाडु राज्यपाल की चुप्पी पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी, बिलों को रोकने पर उठाए सवाल
11 Feb, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के राज्यपाल द्वारा विधेयकों को लंबे समय तक दबाए रखने और लंबी चुप्पी साधने पर सोमवार को सवाल उठाया। कोर्ट ने राज्यपाल की ओर से पक्ष रख रहे अटार्नी जनरल आर. वेंकटरमणी से कहा कि आप इतने लंबे समय तक चुप्पी क्यों साधे रहे, अगर आपको विधेयकों पर कोई आपत्ति थी तो राज्य सरकार को क्यों नहीं बताया? हो सकता है कि वह आपसे सहमत होती।
राज्यपाल पर विधेयकों को दबाए रखने का आरोप
कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल दोबारा पारित बिलों को राष्ट्रपति को कैसे भेज सकते हैं? सोमवार को भी कोर्ट ने दोनों पक्षों से कई सवाल पूछे। सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस जेबी पार्डीवाला की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले पर सुनवाई की। तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर राज्यपाल आरएन रवि पर लंबे समय तक विधेयकों को दबाए रखने का आरोप लगाया है।
12 विधेयकों को नहीं दी मंजूरी
याचिका के मुताबिक कुछ विधेयक 2020 से लंबित हैं। तमिलनाडु सरकार के मुताबिक राज्यपाल ने 12 विधेयकों पर पहले लंबे समय तक मंजूरी नहीं दी और उन्हें रोके रखा। उसके बाद विधानसभा ने विशेष सत्र बुलाकर विधेयकों को दोबारा पारित किया। फिर राज्यपाल ने 10 विधेयक राष्ट्रपति को विचार के लिए भेज दिए।
अटार्नी जनरल ने कहा- विधेयकों को राष्ट्रपति के पास भेजना जायज
राज्यपाल की ओर से अटार्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने पक्ष रखा और संविधान में प्राप्त राज्यपाल की शक्तियों का जिक्र करते हुए राज्यपाल के विधेयकों पर मंजूरी रोके रखने और बाद में उन्हें राष्ट्रपति को भेजने को जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल को ऐसा करने का अधिकार है।
राज्य सरकार को क्यों नहीं बताई आपत्ति?
पीठ ने वेंकटरमणी से कई सवाल पूछे। कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल ने जब विधेयकों पर मंजूरी रोकी तो ऐसा करने के पीछे निश्चित रूप से उनके मन में कुछ रहा होगा तब फिर उन्होंने सरकार को क्यों नहीं बताया कि उन्हें किस चीज पर आपत्ति है। वो एक-दो साल तक चुप्पी साधे रहे और मंजूरी रोके रहे। उसके बाद उन्होंने विधेयकों को राष्ट्रपति को भेज दिया। दोबारा पारित बिलों को वह राष्ट्रपति को कैसे भेज सकते हैं।
संविधान में मनाही नहीं: अटार्नी जनरल
वेंकटरमणी ने कहा कि संविधान में इसकी मनाही नहीं है। राज्य सरकार को बताने पर अटार्नी जनरल ने कहा कि राज्यपाल ने पहले राज्य सरकार को बताया था कि उन्हें विधेयक में राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति के लिए चयन समिति के गठन को लेकर आपत्ति है। राज्यपाल जो कि राज्य में विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होते हैं, चाहते थे कि उस समिति में यूजीसी चेयरमैन द्वारा नामित व्यक्ति शामिल किया जाए।
क्या आपत्ति है... विधानसभा को मालूम होना चाहिए
वेंकटरमणी ने कहा कि इसके बाद राज्य विधानसभा ने विधेयक पारित किया जिसमें राज्यपाल जो विश्वविद्यालय का पदेन कुलाधिपति होता है, उसे कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया से हटा दिया। इस पर पीठ ने कहा कि तब आप विधेयक पर चुप क्यों रहे अगर आपको विधेयक केंद्रीय कानून के विपरीत लग रहा था और आपत्ति थी तो राज्य सरकार को क्यों नहीं बताया।
विधानसभा को मालूम होना चाहिए कि उन्हें क्या आपत्ति है। राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी और अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि राज्यपाल बताएं कि क्या कारण है जिसकी वजह से उन्होंने विधेयकों पर मंजूरी रोकी है। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने पर पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट कई कानूनी सवालों पर भी विचार करेगा जिसमें राज्यपाल के मंजूरी रोके रखने का विशेषाधिकार भी शामिल है।
तिरुपति 'प्रसादम' मिलावट घोटाला: मंदिर में प्रसाद के लड्डू में मिलावट का मामला आया सामने, चार आरोपी 20 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में
10 Feb, 2025 06:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुपति: श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले लड्डू में मिलावट के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को तिरुपति की एक अदालत ने 20 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बता दें कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सितंबर में आरोप लगाया था कि राज्य में वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान तिरुपति के लड्डू तैयार करने में पशु वसा का इस्तेमाल किया गया था। नायडू के बयान से बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई के नेतृत्व वाली एसआईटी ने भोले बाबा डेयरी के पूर्व निदेशक विपिन जैन और पोमिल जैन, वैष्णवी डेयरी से अपूर्व चावड़ा और एआर डेयरी से राजू राजशेखरन को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों को सोमवार को तिरुपति की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 20 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एआर डेयरी ने प्रसाद के लड्डू बनाने में इस्तेमाल होने वाले घी की आपूर्ति की थी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि वैष्णवी डेयरी के अधिकारियों ने मंदिर को घी की आपूर्ति करने के लिए एआर डेयरी के नाम पर टेंडर हासिल किए और टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए फर्जी रिकॉर्ड भी तैयार किए।
टेंडर हासिल करने में अनियमितताएं
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने पाया कि वैष्णवी डेयरी ने झूठा दावा किया था कि उसने भोले बाबा डेयरी से घी खरीदा है, जबकि अधिकारियों ने पाया कि डेयरी के पास मंदिर बोर्ड तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम की मांग को पूरा करने की क्षमता नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने तिरुपति लड्डू बनाने में जानवरों की चर्बी के इस्तेमाल के आरोपों की जांच के लिए पिछले साल नवंबर में पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। इस टीम में केंद्रीय एजेंसी के दो अधिकारी, आंध्र प्रदेश पुलिस के दो अधिकारी और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के एक अधिकारी शामिल हैं।
भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी और वाईएसआरसीपी के राज्यसभा सदस्य वाई वी सुब्बा रेड्डी सहित अन्य द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने पिछले साल 4 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा था कि लड्डू बनाने में पशु चर्बी के इस्तेमाल के आरोप की जांच एसआईटी करेगी और इसकी निगरानी सीबीआई निदेशक करेंगे।
आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबाले ने प्रयागराज में जनजाति समागम में लिया हिस्सा, समाज की सराहना
10 Feb, 2025 04:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आरएसएस के सीनियर पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबाले दो दिन के दौरे पर रविवार को प्रयागराज पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कई कार्यक्रमों में भाग लिया. इसी बीच उन्होंने अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा आयोजित जनजाति समागम के एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया. इसमें उन्होंने वनवासी समाज के योगदान की सराहना की. उन्होंने आगे कहा कि हिंदू संस्कृति और सनातन परंपरा को बचाने में जनजातीय संतों और समाज की अहम भूमिका रही है. साथ ही ये भी बताया कि मौजूदा समय में धर्मांतरण और विदेशी विचारधारा जैसे संकट हिंदू समाज के सामने खड़े हैं, जिनका मुकाबला करने के लिए संतों और समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर कोशिश करने की जरूरत है.
वनवासी समाज ने परंपराओं को सहेजकर रखा
दत्तात्रेय होसबाले ने ये भी कहा कि भारत की सनातन परंपरा केवल आस्था और पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण जीवन पद्धति है, जिसमें प्रकृति संरक्षण, सामाजिक समरसता और सेवा कार्य का विशेष महत्व है. वनवासी समाज ने सदियों से इस परंपरा को सहेजकर रखा है. इस दिशा में और ज्यादा काम करने की जरूरत है. इस मौके पर उन्होंने संतों से अपील की कि वो वनवासी समाज में शिक्षा, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाएं. जनजातीय समाज के युवा अगर अपनी परंपराओं और संस्कृति से जुड़ेंगे, तो वे धर्मांतरण जैसी चुनौतियों से बच सकेंगे और समाज की एकता को मजबूत कर सकेंगे.
कई संतों ने साझा किए अपने अनुभव
इस कार्यक्रम में कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, गंगाधर महाराज और दादू दयाल समेत कई राज्यों से आए 77 जनजातीय संत-महंत मौजूद थे. संतों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जनजातीय इलाकों में किस प्रकार विदेशी संगठनों द्वारा धर्मांतरण की साजिशें रची जा रही हैं और किस प्रकार समाज में विभाजन करने की कोशिशें की जा रही हैं. कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए सत्येंद्र सिंह ने कहा कि वनवासी समाज को मजबूत करने के लिए सभी संतों और सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने कहा कि कल्याण आश्रम इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है और संतों से अपेक्षा की कि वे भी इसमें सहयोग दें. सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने समापन भाषण में कहा कि जनजातीय समाज की एकता और अस्तित्व बनाए रखने के लिए सभी को संगठित होकर कोशिशें करनी होंगी, ताकि सनातन संस्कृति को मजबूती मिल सके.
इंडिया गठबंधन ने बीजेपी को बहुमत से दूर किया, लेकिन राज्यों में बीजेपी ने किया कमबैक
10 Feb, 2025 03:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पीएम मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने के लिए विपक्षी दलों ने अपने-अपने गले शिकवे भुलाकर इंडिया गठबंधन का गठन किया था. विपक्ष के एक साथ आने का सियासी लाभ भी 2024 के लोकसभा चुनाव में मिला. इंडिया गठबंधन भले ही सत्ता में वापसी न कर सका हो, लेकिन बीजेपी को अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा नहीं छूने दिया. नरेंद्र मोदी को सरकार बनाने के लिए सहयोगी दलों की बैसाखी का सहारा लेना पड़ा था, लेकिन उसके बाद हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली चुनाव में बीजेपी ने जीत दर्ज सारा हिसाब बराबर कर लिया है. इस तरह से इंडिया गठबंधन के बने मोमेंटम की सात महीने में ही हवा निकल गई है. 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के अगुवाई वाले इंडिया गठबंधन 235 सीटें जीतने में कामयाब रही, जिसमें कांग्रेस की 99 सीटें शामिल थीं. बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए 293 सीटें जीती थी, जिसमें बीजेपी की 240 सीटें थी. 2019 की तुलना में बीजेपी को 63 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा था. बीजेपी के लिए यह सियासी झटका था. संसद से सड़क तक विपक्ष के हौसले बुलंद थे और मोदी सरकार पर आक्रामक रुख अपना रखा था, जिसके बाद सवाल उठने लगा कि बीजेपी के ढलान का वक्त शुरू हो गया है. ऐसे में बीजेपी ने जिस तरह से लोकसभा के बाद हुए राज्यों के विधानसभा चुनाव में कमबैक ही नहीं किया बल्कि इंडिया गठबंधन को मात देकर सारे बने बनाए मोमेंटम की हवा निकाल दी है.
इंडिया गठबंधन के मोमेंटम की निकली हवा
लोकसभा चुनाव के बाद जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली में विधानसभा चुनाव हुए हैं. जम्मू-कश्मीर चुनाव में इंडिया गठबंधन जीता लेकिन कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा. नेशनल कॉफ्रेंस के सहारे इंडिया गठबंधन सत्ता में आई. जम्मू-कश्मीर के साथ हरियाणा में विधानसभा चुनाव हुए हुए. दस साल से सत्ता पर काबिज बीजेपी से कांग्रेस की वन टू वन फाइट हुई. लोकसभा चुनाव में बीजेपी पर भारी पड़ी कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव की बाजी नहीं जीत सकी. बीजेपी ने सत्ता पर अपना दबदबा बनाए रखने में सफल रही. झारखंड विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को जीत जरूर मिली, लेकिन जीत के नायक राहुल गांधी नहीं बल्कि हेमत सोरेन रहे. महाराष्ट्र में कांग्रेस सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ी और बुरी तरह हार गई. लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन महाराष्ट्र में एनडीए पर भारी पड़ा था, लेकिन विधानसभा चुनाव में चारो खाने चित हो गया. बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए गठबंधन ने विपक्ष का सफाया कर दिया और प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करने में कामयाब रही. दिल्ली में विधानसभा चुनाव हुए, जिसमें कांग्रेस को छोड़कर सभी इंडिया गठबंधन के घटक दलों का समर्थन अरविंद केजरीवाल की पार्टी को हासिल था. कांग्रेस अलग चुनाव लड़ रही थी, जिसकी फिक्र किए बगैर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केजरीवाल के साथ रोड शो किया था. सपा नेताओं ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के लिए प्रचार किया. इसके बाद भी बीजेपी से केजरीवाल पार नहीं पा सके. दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को करारी मात खानी पड़ी तो अरविंद केजरीवाल को अपनी सीट तक गंवानी पड़ गई.
कांग्रेस पर कैसे भारी पड़ी बीजेपी
लोकसभा चुनाव में हुए सियासी नुकसान से सबक लेते हुए बीजेपी एक नई रणनीति के साथ विधानसभा चुनावों में उतरी थी. इस तरह इंडिया गठबंधन के लिए बनी सियासी फिजा को बहुत ही अच्छी तरह से अपनी तरफ मोड़ने में बीजेपी कामयाब रही. लोकसभा चुनाव के बाद पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव सात महीने में हुए हैं. यहां पांचों की राज्यों में विधानसभा की सीटों की संख्या 624 हैं, जिनमें कांग्रेस ने 328 सीटों पर चुनाव लड़ा और सिर्फ 75 सीटें जीतीं. यानी जीत का स्ट्राइक रेट महज 23 फीसदी रहा. बीजेपी ने पांच राज्यों में 432 सीटों पर चुनाव लड़ा, जिसमें से 278 सीटें जीतने में कामयाब रही. इस तरह से बीजेपी के जीत का स्ट्राइक रेट 64 फीसदी रहा.
बीजेपी ने कैसे बदली सियासी फिजा
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने समझ लिया था कि वो बीजेपी को अपने दम पर नहीं हरा सकती. इसलिए विपक्ष के तमाम दलों के साथ मिलकर इंडिया गठबंधन का गठन किया. इंडिया गठबंधन ने आरक्षण और संविधान का नैरेटिव गढ़ा. विपक्ष दलों के साथ लेने का फायदा कांग्रेस को जबरदस्त मिला. लोकसभा में 47 सीट से बढ़कर कांग्रेस 99 पर पहुंच गई. इस जीत के बाद कांग्रेस इतना ज्यादा अति आत्मविश्वास से भर गई कि लोकसभा चुनाव के बाद राज्यों के विधानसभा चुनाव में अपने इंडिया गठबंधन के घटक दलों को साधकर नहीं रख सकी. वहीं, बीजेपी ने तमाम छोटे-छोटे दलों को साधकर रखा, जिसके लिए जेडीयू और एलजेपी जैसे दलों को झारखंड और दिल्ली में सीटें देकर चुनाव लड़ाया. लोकसभा चुनाव के बाद पांच राज्यों हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली में चुनाव हुए. तीन राज्यों में बीजेपी ने बंपर जीत के साथ सरकार बनाने में भी सफल रही तो दो राज्यों में जबरदस्त तरीके से टक्कर दिया. इस तरह बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में जो सियासी आधार खोया था, उसे विधानसभा चुनाव में हासिल करने में सफल रही. बीजेपी ने 2024 में खिसके हुए सियासी जनाधार को दोबारा से जोड़ने के लिए लोकसभा चुनाव नतीजे आने के बाद ही एक्टिव हो गई. बीजेपी ने अपने कोर वोटबैंक सवर्णों को साधे रखते हुए दलित और अतिपिछड़ी जातियों के विश्वास को दोबारा से जीतने की कवायद की. इंडिया गठबंधन में आई दरार का भी बीजेपी ने जबरदस्त फायदा उठाया. इस तरह इंडिया गठबंधन बिखरता हुआ नजर आ रहा है. कांग्रेस की पकड़ कमजोर होती दिख रही है, जिसका पूरा लाभ बीजेपी ने उठाया. बीजेपी ने राज्यों के चुनाव से पूरी तरह ही बदल दी और इंडिया गठबंधन के मोमेंटम की हवा निकाल दी.
द्रौपदी मुर्मू ने प्रयागराज महाकुंभ संगम में किया पवित्र स्नान, पावन त्रिवेणी संगम में लगाई डुबकी
10 Feb, 2025 01:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज: सनातन संस्कृति के सबसे बड़े मानवीय समागम महाकुंभ में उमड़े आस्था और भक्ति के सागर में सोमवार को महामहिम भी पहुंचीं। भारत की दूसरी महिला और पहली आदिवासी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रयागराज महाकुंभ में त्रिवेणी संगम पर मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती के पावन संगम में डुबकी लगाकर पूरे विश्व को एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरी आस्था के साथ त्रिवेणी संगम में स्नान किया। पवित्र डुबकी लगाने से पहले राष्ट्रपति ने त्रिवेणी संगम पर पुष्प और नारियल चढ़ाया और अर्घ्य देकर भगवान सूर्य को नमन किया। उन्होंने मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती की पूजा करते हुए एक के बाद एक कई बार पवित्र जल में डुबकी लगाई। इसके बाद उन्होंने वैदिक मंत्रों और श्लोकों के उच्चारण के बीच संगम स्थल पर पूजा की और संगम की आरती भी की। इस दौरान उनके साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
विधिवत पूजन अर्चन किया
त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने परिवार के साथ विधिवत पूजा अर्चना की। संगम में डुबकी लगाने से पहले राष्ट्रपति ने सबसे पहले पूरी आस्था के साथ जल को छूकर आशीर्वाद लिया और फिर पवित्र जल में फूल माला और नारियल चढ़ाकर पूरे देश की खुशहाली और शांति की कामना की। इसके बाद उन्होंने भगवान सूर्य की पूजा की और अर्घ्य देकर माथा टेका। इसके बाद उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ संगम में कई बार डुबकी लगाई। स्नान के बाद उन्होंने विधिवत पूजा अर्चना भी की। राष्ट्रपति ने वैदिक मंत्रों और श्लोकों के बीच संगम त्रिवेणी का दुग्धाभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने अक्षत, नैवेद्य, पुष्प, फल और लाल चुनरी चढ़ाई। इसके बाद उन्होंने संगम स्थल पर तीनों पवित्र नदियों की आरती भी की। वहां मौजूद तीर्थ पुरोहितों ने उन्हें पवित्र धागा बांधकर सम्मानित किया।
प्रयागराज पहुंचने पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया स्वागत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार सुबह प्रयागराज पहुंचीं तो राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत और अभिनंदन किया। यहां से राष्ट्रपति अरैल घाट पहुंचीं, जहां से वह क्रूज पर सवार होकर त्रिवेणी संगम पहुंचीं। इस दौरान राष्ट्रपति ने डेक पर खड़े होकर नौका विहार का भी आनंद लिया और पक्षियों को अपने हाथों से दाना भी खिलाया। इस दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें महाकुंभ के आयोजन और इससे जुड़ी कई व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी।
उत्तर भारत में मौसम बदलेगा! पहाड़ों पर बारिश, दिल्ली में गर्मी का बढ़ेगा असर
10 Feb, 2025 11:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश के अधिकतर राज्यों में ठंड का प्रकोप कम हो गया है। दिल्ली NCR में भी कल दिन में तेज धूप निकली और सुबह-शाम हल्की-हल्की ठंड थी। इसी तरह यूपी, बिहार, राजस्थान और एमपी में भी तापमान में इजाफा देखने को मिल रहा है। बात करें अगर उत्तर प्रदेश की तो यूपी में मौसम की लुकाछिपी जारी है।
दिन में तेज हवाएं परेशान कर रही हैं, जिस कारण मौसम काफी शुष्क बना हुआ है। हालांकि, मौसम विभाग ने मौसम में परिवर्तन की बात कही है। फिलहाल, राज्य के अधिकतर इलाकों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। हालांकि, कई हिस्सों में तेज हवाओं का असर है। यूपी में फिलहाल 5 दिनों तक मौसम को लेकर कोई भी अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?
आईएमडी पहले ही पूर्वानुमान कर चुका है कि दिल्ली में फरवरी में सामान्य से कम बारिश होगी। यही वजह है कि फरवरी के शुरुआती दस दिन में ही दो दिन तापमान 26 डिग्री से अधिक और रविवार को 27 डिग्री के पार पहुंच गया।
इन राज्यों में होगी बारिश
बात करें अगर पहाड़ी राज्यों की तो पहाड़ी इलाकों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से दो दिनों तक बारिश होगी। 10 और 11 फरवरी को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।
पंजाब, हरियाणा चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में आज हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
अरुणाचल प्रदेश के अधिकतर स्थानों पर आज से 13 फरवरी तक बारिश की संभावना है।
बिहार में कैसा रहेगा मौसम?
बिहार में हवाओं के चलते सुबह और शाम हल्की ठंड बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी हिमालयी विक्षोभ के असर से अगले 24 घंटों में मौसम में बदलाव की संभावना है। तराई वाले इलाकों में घने कोहरे का असर जारी रहेगा जिससे विजिबिलिटी कम हो सकती है।
राजस्थान में मौसम शुष्क बना हुआ है। सीकर जिले का फतेहपुर 3।2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा। वहीं जयपुर में न्यूनतम तापमान 10।6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तिरुपति लड्डू घोटाला! CBI ने मिलावट करने वालों को पकड़ा, जांच जारी
10 Feb, 2025 11:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने श्रीवेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भक्तों को प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले प्रसिद्ध तिरुपति के लड्डू में मिलावट के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान विपिन जैन, पोमिल जैन, अपूर्व चावड़ा और राजू राजशेखरन के रूप में की गई है।
पांच सदस्यीय एसआईटी ने की जांच
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने पिछले साल नवंबर में तिरुपति के लड्डू बनाने में जानवरों की चर्बी के इस्तेमाल के आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। टीम में केंद्रीय एजेंसी के दो अधिकारी, आंध्र प्रदेश पुलिस के दो और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का एक अधिकारी शामिल था।
सुब्रमण्यम स्वामी ने दाखिल की थी याचिका
भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी और वाईएसआरसीपी के राज्यसभा सांसद वाइवी सुब्बा रेड्डी समेत अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि लड्डू बनाने में जानवरों की चर्बी के इस्तेमाल के आरोप की जांच एसआईटी द्वारा की जाएगी और इसकी निगरानी सीबीआई निदेशक करेंगे।
जांच में गंभीर उल्लंघन का पता चला
सूत्रों के अनुसार एसआईटी जांच में घी की आपूर्ति के हर चरण में गंभीर उल्लंघन का पता चला है। दावा किया कि वैष्णवी डेयरी के अधिकारियों ने मंदिर को घी की आपूर्ति करने के लिए एआर डेयरी के नाम से निविदाएं हासिल कीं और निविदा प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए फर्जी रिकॉर्ड बनाने में भी शामिल थे।
चंद्रबाबू नायडू ने उठाया था मुद्दा
आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने सितंबर में दावा किया था कि राज्य में पिछली वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान तिरुपति के लड्डू तैयार करने में पशुओं की चर्बी का इस्तेमाल किया गया था। पिछले साल एनडीए विधायक दल की बैठक के दौरान नायडू ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती वाईएसआरसीपी सरकार ने श्री वेंकटेश्वर मंदिर को भी नहीं बख्शा और लड्डू बनाने के लिए घटिया सामग्री और पशु चर्बी का इस्तेमाल किया। इन आरोपों के बाद पूरे देश में सियासी हंगामा शुरू हुआ था।
70 के दशक की दो हसीनाओं में वैचारिक टकराव? जीनत अमान पर मुमताज की तीखी टिप्पणी।
‘रावण’ और ‘जहरीला सांप’ जैसे बयान, खरगे के पुराने विवाद फिर चर्चा में
10 करोड़ की वापसी और 'प्रलय' में पार्टनरशिप; रणवीर सिंह ने फरहान को दिया सुलह का प्रस्ताव।
एमपी में गर्मी से हाल बेहाल, मैहर में 5वीं तक छुट्टी, रातें भी रहेंगी गर्म
ट्रम्प का बयान: ईरान में एकजुटता की कमी, इसलिए बढ़ाया गया सीजफायर
गोविंदा के गिरते करियर पर समीर अंजान भावुक; बोले- 'उनका वक्त फिलहाल खराब चल रहा है'।
एमपी के अनूपपुर में बदमाशों का कहर, पुलिस पर पथराव, सर्विस रिवॉल्वर छीनी
