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देश के अधिकांश हिस्सों से ठंड की विदाई, उत्तर भारत में दोपहर में तेज धूप
11 Feb, 2025 11:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली NCR से ठंड की विदाई हो चुकी है। फिलहाल पिछले 24 घंटे के दौरान पूरे दिल्ली एनसीआर का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। देश के कई राज्यों में ठंड का प्रकोप कम हो गया है। IMD ने मौसम को लेकर नया अपडेट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में आज पारा 29 डिग्री तक जा सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत में ठंड के बीच दोपहर को तेज धूप देखने को मिल रही है। वहीं देश के कुछ राज्यों में बारिश की संभावना जताई जा रही है।
इन राज्यों में कल तक बारिश की संभावना
पूर्वोत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। वहीं सिक्किम-पश्चिम बंगाल में बारिश की संभावना है।पश्चिमी विक्षोभ के कारण पर्वतीय इलाकों में 10-12 फरवरी 2025 तक बारिश हो सकती है। यूपी के मौसम की अगर बात करें तो फरवरी के महीने में यूपी में मौसम शुष्क बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश में कुछ दिनों तक सुबह कोहरा छाया रह सकता है।
हिमाचल-कश्मीर में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के मुताबिक कश्मीर के कई इलाकों में 12 फरवरी 2025 तक बारिश हो सकती है। वहीं 16 फरवरी तक यहां मौसम में कोई बदलाव नहीं होने वाला है।
घाटी में जनवरी की तुलना में फरवरी के महीने में तापामन 15-16 डिग्री ज्यादा रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
श्रीनगर में तापमान 5।3 डिग्री दर्ज किया गया। पहलगाम में -5 डिग्री और कुपावड़ा में -4।5 डिग्री तापमान रहा।
हिमाचल की बात करें तो यहां 12 फरवरी तक बारिश और बर्फबारी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार में फसलों पर भी पड़ा असर
बिहार के मौसम की अगर बात करें तो बिहार में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। न्यूनतम तापमान में हो रही बढ़ोतरी फसलों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे होना चाहिए था, लेकिन ये 12 से 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। इससे गेहूं, सरसों, मसूर, चना, आम और लीची की फसलों पर प्रभाव पड़ सकता है।
राजस्थान में तापमान बढ़ने के संकेत
राजस्थान में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फतेहपुर, नागौर, बीकानेर, बाड़मेर, उदयपुर, सीकर और अलवर में तापमान में बढ़ोतरी हुई है। बाड़मेर का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो राज्य में सबसे ज्यादा रहा।
पीएम मोदी पहुंचे पेरिस, फ्रांस और अमेरिका की यात्रा पर वैश्विक रणनीति होगी मजबूत
11 Feb, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैश्विक मंच पर फ्रांस और अमेरिका भारत के दो सबसे अहम रणनीतिक साझीदार देश हैं। बहुत कम होता है कि भारतीय प्रधानमंत्री एक साथ इन दोनों देशों की यात्रा पर गए हों। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को इन दोनों देशों की यात्रा के पहले चरण में पेरिस पहुंचे। मंगलवार को वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ एआई एक्शन समिति की तीसरी बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे।
युद्धक विमान पर होगी बात
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और मैक्रों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी जिसमें दोनों देशों के रिश्तों से जुड़े कुछ अहम समझौतों को अंतिम रूप दिया जाएगा। दोनों नेताओं के बीच फ्रांस से नए युद्धक विमानों की खरीद और फ्रांस के सहयोग से भारत में छोटे परमाणु ऊर्जा रिएक्टर लगाने को लेकर वार्ता काफी अहम मानी जा रही है।
आईटी कंपनियों के प्रमुखों से होगी बात
विमान में सवार होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इस यात्रा के बारे में कहा, 'एआई एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता करते हुए एआई प्रौद्योगिकी और आम जनता के लिए सुरक्षित व भरोसेमंद तरीके से एआई के इस्तेमाल को लेकर वैश्विक नेताओं और आईटी कंपनियों के प्रमुखों से बात होगी।
मित्र राष्ट्रपति मैक्रों के साथ वर्ष 2047 के लिए भारत व फ्रांस की रणनीतिक साझीदारी के रोडमैप पर बात करने का अवसर मिलेगा। हम फ्रांस के ऐतिहासिक शहर मार्शेले का दौरा भी करेंगे जहां भारत के पहले कंसुलेट का उद्घाटन किया जाएगा।'
मैक्रों के भोज में शामिल होंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मजारगेज युद्ध स्मारक का दौरा भी करेंगे जहां विश्वयुद्ध एक व दो में मारे गए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी अपने सम्मान में राष्ट्रपति मैक्रों की तरफ से दिए गए भोज में भी हिस्सा लेंगे। सूत्रों के मुताबिक, मोदी और मैक्रों के बीच होने वाली मुलाकात में रक्षा सहयोग का एजेंडा व्यापक होगा।
राफेल के नए बेड़े खरीद पर होगी वार्ता
खास तौर पर युद्धक विमान राफेल के नए बेड़े की खरीद और स्कोर्पियन वर्ग की छह पनडुब्बी भारत में बनाने के प्रोजेक्ट पी-75 की समीक्षा की जाएगी। साथ ही बेहद अत्याधुनिक (अगले जेनरेशन की) युद्धक विमानों में इस्तेमाल होने वाले इंजन के निर्माण को लेकर दोनों देशों में होने वाली वार्ता की भी समीक्षा होगी। दोनों नेता भारत व फ्रांस की तीसरे देशों के साथ त्रिपक्षीय सहयोग समझौतों की भी समीक्षा करेंगे।
100 देशों की हस्तियां लेंगी हिस्सा
भारत और फ्रांस ने अभी ऑस्ट्रेलिया, यूएई और इंडोनेशिया के साथ तीन अलग-अलग त्रिपक्षीय संगठन स्थापित किए हैं। इस द्विपक्षीय वार्ता के बावजूद मोदी और मैक्रों के बीच एआई नियमन को लेकर होने वाली बैठक काफी महत्वपूर्ण होने जा रही है। एआई एक्शन समिट में दुनिया के 100 देशों की प्रमुख हस्तियों के हिस्सा लेने की संभावना है। इसमें अमेरिका और चीन के उपराष्ट्रपतियों जेडी वेंस और झांग गुओकिंग के अलावा कई देशों की सरकारों के प्रमुख हिस्सा लेंगे।
क्या है एआई एक्शन समिट का उद्देश्य?
अभी जबकि एआई में अमेरिका और चीन के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा की शुरुआत हो चुकी है, तब एआई एक्शन समिट के नतीजों पर सभी की नजर होगी। बैठक का एक उद्देश्य यह भी है कि एआई के विकास में और देश भी जुड़ें एवं यह क्षेत्र सिर्फ अमेरिका व चीन की प्रतिस्पर्धा न बनकर रह जाए। अमेरिकी उपराष्ट्रपति के तौर पर वेंस की यह पहली विदेश यात्रा है जिसमें उनकी पत्नी उषा और तीनों बच्चे भी उनके साथ हैं।
भारत एक ट्रेनिंग सुपरपावर: मैक्रों
मैक्रों ने एक साक्षात्कार में प्रौद्योगिकी और शिक्षा में भारत की ताकत पर प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा, ''भारत एक ट्रेनिंग सुपरपावर है। एक वर्ष में 10 लाख इंजीनियर, जो संयुक्त रूप से अमेरिका और यूरोप से भी अधिक है।" एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ''हम अपनी प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करना चाहते हैं ताकि वे विदेश जा सकें, लेकिन उन्हें घर पर भी रहना चाहिए।''
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा बयान - 'अनियमित भर्ती पाए जाने पर नियुक्ति रद्द हो सकती है'
11 Feb, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल शिक्षक भर्ती मामले में सोमवार को कहा कि जिन लोगों को गलत तरीके से नौकरी मिली है, उन्हें बाहर किया जा सकता है। इसी बयान के साथ सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षकों तथा अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति को अवैध करार देने के कलकत्ता हाई कोर्ट के 22 अप्रैल, 2024 के निर्णय के खिलाफ याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने कहा कि दलीलें सुनी जा चुकी हैं। फैसला सुरक्षित रखा जाता है। पीठ उस समय नाराज हो गई जब कुछ अभ्यर्थियों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय के कथित राजनीतिक पूर्वाग्रह का मुद्दा उठाया।
यह न्यायपालिका के लिए ठीक नहीं
जस्टिस गंगोपाध्याय ने भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। दवे ने कहा कि यह तथ्य है कि जस्टिस गंगोपाध्याय ने कुछ राजनीतिक निर्णय लिया था। जब प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) ने दवे को हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के खिलाफ दलीलें देने से रोकने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि यह न्यायपालिका के लिए ठीक नहीं है।
सीजेआई ने कहा- यह अस्वीकार्य है
इस पर सीजेआई ने कहा कि मिस्टर दवे, यह अस्वीकार्य है। हमने इस मामले में निष्पक्षता से कार्यवाही शुरू की है। सीजेआई ने कहा कि हम साक्ष्य पर जा रहे हैं, राजनीतिक चर्चा में नहीं। भारत में कानून यह है कि सुबूत भले ही अवैध रूप से एकत्र किया गया हो, वह भी स्वीकार्य है। पीठ ने फैसले के खिलाफ बंगाल सरकार द्वारा दायर याचिका सहित 124 याचिकाओं पर सुनवाई की।
तमिलनाडु राज्यपाल की चुप्पी पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी, बिलों को रोकने पर उठाए सवाल
11 Feb, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के राज्यपाल द्वारा विधेयकों को लंबे समय तक दबाए रखने और लंबी चुप्पी साधने पर सोमवार को सवाल उठाया। कोर्ट ने राज्यपाल की ओर से पक्ष रख रहे अटार्नी जनरल आर. वेंकटरमणी से कहा कि आप इतने लंबे समय तक चुप्पी क्यों साधे रहे, अगर आपको विधेयकों पर कोई आपत्ति थी तो राज्य सरकार को क्यों नहीं बताया? हो सकता है कि वह आपसे सहमत होती।
राज्यपाल पर विधेयकों को दबाए रखने का आरोप
कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल दोबारा पारित बिलों को राष्ट्रपति को कैसे भेज सकते हैं? सोमवार को भी कोर्ट ने दोनों पक्षों से कई सवाल पूछे। सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस जेबी पार्डीवाला की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले पर सुनवाई की। तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर राज्यपाल आरएन रवि पर लंबे समय तक विधेयकों को दबाए रखने का आरोप लगाया है।
12 विधेयकों को नहीं दी मंजूरी
याचिका के मुताबिक कुछ विधेयक 2020 से लंबित हैं। तमिलनाडु सरकार के मुताबिक राज्यपाल ने 12 विधेयकों पर पहले लंबे समय तक मंजूरी नहीं दी और उन्हें रोके रखा। उसके बाद विधानसभा ने विशेष सत्र बुलाकर विधेयकों को दोबारा पारित किया। फिर राज्यपाल ने 10 विधेयक राष्ट्रपति को विचार के लिए भेज दिए।
अटार्नी जनरल ने कहा- विधेयकों को राष्ट्रपति के पास भेजना जायज
राज्यपाल की ओर से अटार्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने पक्ष रखा और संविधान में प्राप्त राज्यपाल की शक्तियों का जिक्र करते हुए राज्यपाल के विधेयकों पर मंजूरी रोके रखने और बाद में उन्हें राष्ट्रपति को भेजने को जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल को ऐसा करने का अधिकार है।
राज्य सरकार को क्यों नहीं बताई आपत्ति?
पीठ ने वेंकटरमणी से कई सवाल पूछे। कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल ने जब विधेयकों पर मंजूरी रोकी तो ऐसा करने के पीछे निश्चित रूप से उनके मन में कुछ रहा होगा तब फिर उन्होंने सरकार को क्यों नहीं बताया कि उन्हें किस चीज पर आपत्ति है। वो एक-दो साल तक चुप्पी साधे रहे और मंजूरी रोके रहे। उसके बाद उन्होंने विधेयकों को राष्ट्रपति को भेज दिया। दोबारा पारित बिलों को वह राष्ट्रपति को कैसे भेज सकते हैं।
संविधान में मनाही नहीं: अटार्नी जनरल
वेंकटरमणी ने कहा कि संविधान में इसकी मनाही नहीं है। राज्य सरकार को बताने पर अटार्नी जनरल ने कहा कि राज्यपाल ने पहले राज्य सरकार को बताया था कि उन्हें विधेयक में राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति के लिए चयन समिति के गठन को लेकर आपत्ति है। राज्यपाल जो कि राज्य में विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होते हैं, चाहते थे कि उस समिति में यूजीसी चेयरमैन द्वारा नामित व्यक्ति शामिल किया जाए।
क्या आपत्ति है... विधानसभा को मालूम होना चाहिए
वेंकटरमणी ने कहा कि इसके बाद राज्य विधानसभा ने विधेयक पारित किया जिसमें राज्यपाल जो विश्वविद्यालय का पदेन कुलाधिपति होता है, उसे कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया से हटा दिया। इस पर पीठ ने कहा कि तब आप विधेयक पर चुप क्यों रहे अगर आपको विधेयक केंद्रीय कानून के विपरीत लग रहा था और आपत्ति थी तो राज्य सरकार को क्यों नहीं बताया।
विधानसभा को मालूम होना चाहिए कि उन्हें क्या आपत्ति है। राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी और अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि राज्यपाल बताएं कि क्या कारण है जिसकी वजह से उन्होंने विधेयकों पर मंजूरी रोकी है। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने पर पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट कई कानूनी सवालों पर भी विचार करेगा जिसमें राज्यपाल के मंजूरी रोके रखने का विशेषाधिकार भी शामिल है।
तिरुपति 'प्रसादम' मिलावट घोटाला: मंदिर में प्रसाद के लड्डू में मिलावट का मामला आया सामने, चार आरोपी 20 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में
10 Feb, 2025 06:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुपति: श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले लड्डू में मिलावट के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को तिरुपति की एक अदालत ने 20 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बता दें कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सितंबर में आरोप लगाया था कि राज्य में वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान तिरुपति के लड्डू तैयार करने में पशु वसा का इस्तेमाल किया गया था। नायडू के बयान से बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई के नेतृत्व वाली एसआईटी ने भोले बाबा डेयरी के पूर्व निदेशक विपिन जैन और पोमिल जैन, वैष्णवी डेयरी से अपूर्व चावड़ा और एआर डेयरी से राजू राजशेखरन को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों को सोमवार को तिरुपति की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 20 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एआर डेयरी ने प्रसाद के लड्डू बनाने में इस्तेमाल होने वाले घी की आपूर्ति की थी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि वैष्णवी डेयरी के अधिकारियों ने मंदिर को घी की आपूर्ति करने के लिए एआर डेयरी के नाम पर टेंडर हासिल किए और टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए फर्जी रिकॉर्ड भी तैयार किए।
टेंडर हासिल करने में अनियमितताएं
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने पाया कि वैष्णवी डेयरी ने झूठा दावा किया था कि उसने भोले बाबा डेयरी से घी खरीदा है, जबकि अधिकारियों ने पाया कि डेयरी के पास मंदिर बोर्ड तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम की मांग को पूरा करने की क्षमता नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने तिरुपति लड्डू बनाने में जानवरों की चर्बी के इस्तेमाल के आरोपों की जांच के लिए पिछले साल नवंबर में पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। इस टीम में केंद्रीय एजेंसी के दो अधिकारी, आंध्र प्रदेश पुलिस के दो अधिकारी और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के एक अधिकारी शामिल हैं।
भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी और वाईएसआरसीपी के राज्यसभा सदस्य वाई वी सुब्बा रेड्डी सहित अन्य द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने पिछले साल 4 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा था कि लड्डू बनाने में पशु चर्बी के इस्तेमाल के आरोप की जांच एसआईटी करेगी और इसकी निगरानी सीबीआई निदेशक करेंगे।
आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबाले ने प्रयागराज में जनजाति समागम में लिया हिस्सा, समाज की सराहना
10 Feb, 2025 04:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आरएसएस के सीनियर पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबाले दो दिन के दौरे पर रविवार को प्रयागराज पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कई कार्यक्रमों में भाग लिया. इसी बीच उन्होंने अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा आयोजित जनजाति समागम के एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया. इसमें उन्होंने वनवासी समाज के योगदान की सराहना की. उन्होंने आगे कहा कि हिंदू संस्कृति और सनातन परंपरा को बचाने में जनजातीय संतों और समाज की अहम भूमिका रही है. साथ ही ये भी बताया कि मौजूदा समय में धर्मांतरण और विदेशी विचारधारा जैसे संकट हिंदू समाज के सामने खड़े हैं, जिनका मुकाबला करने के लिए संतों और समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर कोशिश करने की जरूरत है.
वनवासी समाज ने परंपराओं को सहेजकर रखा
दत्तात्रेय होसबाले ने ये भी कहा कि भारत की सनातन परंपरा केवल आस्था और पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण जीवन पद्धति है, जिसमें प्रकृति संरक्षण, सामाजिक समरसता और सेवा कार्य का विशेष महत्व है. वनवासी समाज ने सदियों से इस परंपरा को सहेजकर रखा है. इस दिशा में और ज्यादा काम करने की जरूरत है. इस मौके पर उन्होंने संतों से अपील की कि वो वनवासी समाज में शिक्षा, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाएं. जनजातीय समाज के युवा अगर अपनी परंपराओं और संस्कृति से जुड़ेंगे, तो वे धर्मांतरण जैसी चुनौतियों से बच सकेंगे और समाज की एकता को मजबूत कर सकेंगे.
कई संतों ने साझा किए अपने अनुभव
इस कार्यक्रम में कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, गंगाधर महाराज और दादू दयाल समेत कई राज्यों से आए 77 जनजातीय संत-महंत मौजूद थे. संतों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जनजातीय इलाकों में किस प्रकार विदेशी संगठनों द्वारा धर्मांतरण की साजिशें रची जा रही हैं और किस प्रकार समाज में विभाजन करने की कोशिशें की जा रही हैं. कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए सत्येंद्र सिंह ने कहा कि वनवासी समाज को मजबूत करने के लिए सभी संतों और सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने कहा कि कल्याण आश्रम इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है और संतों से अपेक्षा की कि वे भी इसमें सहयोग दें. सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने समापन भाषण में कहा कि जनजातीय समाज की एकता और अस्तित्व बनाए रखने के लिए सभी को संगठित होकर कोशिशें करनी होंगी, ताकि सनातन संस्कृति को मजबूती मिल सके.
इंडिया गठबंधन ने बीजेपी को बहुमत से दूर किया, लेकिन राज्यों में बीजेपी ने किया कमबैक
10 Feb, 2025 03:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पीएम मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने के लिए विपक्षी दलों ने अपने-अपने गले शिकवे भुलाकर इंडिया गठबंधन का गठन किया था. विपक्ष के एक साथ आने का सियासी लाभ भी 2024 के लोकसभा चुनाव में मिला. इंडिया गठबंधन भले ही सत्ता में वापसी न कर सका हो, लेकिन बीजेपी को अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा नहीं छूने दिया. नरेंद्र मोदी को सरकार बनाने के लिए सहयोगी दलों की बैसाखी का सहारा लेना पड़ा था, लेकिन उसके बाद हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली चुनाव में बीजेपी ने जीत दर्ज सारा हिसाब बराबर कर लिया है. इस तरह से इंडिया गठबंधन के बने मोमेंटम की सात महीने में ही हवा निकल गई है. 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के अगुवाई वाले इंडिया गठबंधन 235 सीटें जीतने में कामयाब रही, जिसमें कांग्रेस की 99 सीटें शामिल थीं. बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए 293 सीटें जीती थी, जिसमें बीजेपी की 240 सीटें थी. 2019 की तुलना में बीजेपी को 63 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा था. बीजेपी के लिए यह सियासी झटका था. संसद से सड़क तक विपक्ष के हौसले बुलंद थे और मोदी सरकार पर आक्रामक रुख अपना रखा था, जिसके बाद सवाल उठने लगा कि बीजेपी के ढलान का वक्त शुरू हो गया है. ऐसे में बीजेपी ने जिस तरह से लोकसभा के बाद हुए राज्यों के विधानसभा चुनाव में कमबैक ही नहीं किया बल्कि इंडिया गठबंधन को मात देकर सारे बने बनाए मोमेंटम की हवा निकाल दी है.
इंडिया गठबंधन के मोमेंटम की निकली हवा
लोकसभा चुनाव के बाद जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली में विधानसभा चुनाव हुए हैं. जम्मू-कश्मीर चुनाव में इंडिया गठबंधन जीता लेकिन कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा. नेशनल कॉफ्रेंस के सहारे इंडिया गठबंधन सत्ता में आई. जम्मू-कश्मीर के साथ हरियाणा में विधानसभा चुनाव हुए हुए. दस साल से सत्ता पर काबिज बीजेपी से कांग्रेस की वन टू वन फाइट हुई. लोकसभा चुनाव में बीजेपी पर भारी पड़ी कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव की बाजी नहीं जीत सकी. बीजेपी ने सत्ता पर अपना दबदबा बनाए रखने में सफल रही. झारखंड विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को जीत जरूर मिली, लेकिन जीत के नायक राहुल गांधी नहीं बल्कि हेमत सोरेन रहे. महाराष्ट्र में कांग्रेस सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ी और बुरी तरह हार गई. लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन महाराष्ट्र में एनडीए पर भारी पड़ा था, लेकिन विधानसभा चुनाव में चारो खाने चित हो गया. बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए गठबंधन ने विपक्ष का सफाया कर दिया और प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करने में कामयाब रही. दिल्ली में विधानसभा चुनाव हुए, जिसमें कांग्रेस को छोड़कर सभी इंडिया गठबंधन के घटक दलों का समर्थन अरविंद केजरीवाल की पार्टी को हासिल था. कांग्रेस अलग चुनाव लड़ रही थी, जिसकी फिक्र किए बगैर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केजरीवाल के साथ रोड शो किया था. सपा नेताओं ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के लिए प्रचार किया. इसके बाद भी बीजेपी से केजरीवाल पार नहीं पा सके. दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को करारी मात खानी पड़ी तो अरविंद केजरीवाल को अपनी सीट तक गंवानी पड़ गई.
कांग्रेस पर कैसे भारी पड़ी बीजेपी
लोकसभा चुनाव में हुए सियासी नुकसान से सबक लेते हुए बीजेपी एक नई रणनीति के साथ विधानसभा चुनावों में उतरी थी. इस तरह इंडिया गठबंधन के लिए बनी सियासी फिजा को बहुत ही अच्छी तरह से अपनी तरफ मोड़ने में बीजेपी कामयाब रही. लोकसभा चुनाव के बाद पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव सात महीने में हुए हैं. यहां पांचों की राज्यों में विधानसभा की सीटों की संख्या 624 हैं, जिनमें कांग्रेस ने 328 सीटों पर चुनाव लड़ा और सिर्फ 75 सीटें जीतीं. यानी जीत का स्ट्राइक रेट महज 23 फीसदी रहा. बीजेपी ने पांच राज्यों में 432 सीटों पर चुनाव लड़ा, जिसमें से 278 सीटें जीतने में कामयाब रही. इस तरह से बीजेपी के जीत का स्ट्राइक रेट 64 फीसदी रहा.
बीजेपी ने कैसे बदली सियासी फिजा
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने समझ लिया था कि वो बीजेपी को अपने दम पर नहीं हरा सकती. इसलिए विपक्ष के तमाम दलों के साथ मिलकर इंडिया गठबंधन का गठन किया. इंडिया गठबंधन ने आरक्षण और संविधान का नैरेटिव गढ़ा. विपक्ष दलों के साथ लेने का फायदा कांग्रेस को जबरदस्त मिला. लोकसभा में 47 सीट से बढ़कर कांग्रेस 99 पर पहुंच गई. इस जीत के बाद कांग्रेस इतना ज्यादा अति आत्मविश्वास से भर गई कि लोकसभा चुनाव के बाद राज्यों के विधानसभा चुनाव में अपने इंडिया गठबंधन के घटक दलों को साधकर नहीं रख सकी. वहीं, बीजेपी ने तमाम छोटे-छोटे दलों को साधकर रखा, जिसके लिए जेडीयू और एलजेपी जैसे दलों को झारखंड और दिल्ली में सीटें देकर चुनाव लड़ाया. लोकसभा चुनाव के बाद पांच राज्यों हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली में चुनाव हुए. तीन राज्यों में बीजेपी ने बंपर जीत के साथ सरकार बनाने में भी सफल रही तो दो राज्यों में जबरदस्त तरीके से टक्कर दिया. इस तरह बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में जो सियासी आधार खोया था, उसे विधानसभा चुनाव में हासिल करने में सफल रही. बीजेपी ने 2024 में खिसके हुए सियासी जनाधार को दोबारा से जोड़ने के लिए लोकसभा चुनाव नतीजे आने के बाद ही एक्टिव हो गई. बीजेपी ने अपने कोर वोटबैंक सवर्णों को साधे रखते हुए दलित और अतिपिछड़ी जातियों के विश्वास को दोबारा से जीतने की कवायद की. इंडिया गठबंधन में आई दरार का भी बीजेपी ने जबरदस्त फायदा उठाया. इस तरह इंडिया गठबंधन बिखरता हुआ नजर आ रहा है. कांग्रेस की पकड़ कमजोर होती दिख रही है, जिसका पूरा लाभ बीजेपी ने उठाया. बीजेपी ने राज्यों के चुनाव से पूरी तरह ही बदल दी और इंडिया गठबंधन के मोमेंटम की हवा निकाल दी.
द्रौपदी मुर्मू ने प्रयागराज महाकुंभ संगम में किया पवित्र स्नान, पावन त्रिवेणी संगम में लगाई डुबकी
10 Feb, 2025 01:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज: सनातन संस्कृति के सबसे बड़े मानवीय समागम महाकुंभ में उमड़े आस्था और भक्ति के सागर में सोमवार को महामहिम भी पहुंचीं। भारत की दूसरी महिला और पहली आदिवासी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रयागराज महाकुंभ में त्रिवेणी संगम पर मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती के पावन संगम में डुबकी लगाकर पूरे विश्व को एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरी आस्था के साथ त्रिवेणी संगम में स्नान किया। पवित्र डुबकी लगाने से पहले राष्ट्रपति ने त्रिवेणी संगम पर पुष्प और नारियल चढ़ाया और अर्घ्य देकर भगवान सूर्य को नमन किया। उन्होंने मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती की पूजा करते हुए एक के बाद एक कई बार पवित्र जल में डुबकी लगाई। इसके बाद उन्होंने वैदिक मंत्रों और श्लोकों के उच्चारण के बीच संगम स्थल पर पूजा की और संगम की आरती भी की। इस दौरान उनके साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
विधिवत पूजन अर्चन किया
त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने परिवार के साथ विधिवत पूजा अर्चना की। संगम में डुबकी लगाने से पहले राष्ट्रपति ने सबसे पहले पूरी आस्था के साथ जल को छूकर आशीर्वाद लिया और फिर पवित्र जल में फूल माला और नारियल चढ़ाकर पूरे देश की खुशहाली और शांति की कामना की। इसके बाद उन्होंने भगवान सूर्य की पूजा की और अर्घ्य देकर माथा टेका। इसके बाद उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ संगम में कई बार डुबकी लगाई। स्नान के बाद उन्होंने विधिवत पूजा अर्चना भी की। राष्ट्रपति ने वैदिक मंत्रों और श्लोकों के बीच संगम त्रिवेणी का दुग्धाभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने अक्षत, नैवेद्य, पुष्प, फल और लाल चुनरी चढ़ाई। इसके बाद उन्होंने संगम स्थल पर तीनों पवित्र नदियों की आरती भी की। वहां मौजूद तीर्थ पुरोहितों ने उन्हें पवित्र धागा बांधकर सम्मानित किया।
प्रयागराज पहुंचने पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया स्वागत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार सुबह प्रयागराज पहुंचीं तो राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत और अभिनंदन किया। यहां से राष्ट्रपति अरैल घाट पहुंचीं, जहां से वह क्रूज पर सवार होकर त्रिवेणी संगम पहुंचीं। इस दौरान राष्ट्रपति ने डेक पर खड़े होकर नौका विहार का भी आनंद लिया और पक्षियों को अपने हाथों से दाना भी खिलाया। इस दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें महाकुंभ के आयोजन और इससे जुड़ी कई व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी।
उत्तर भारत में मौसम बदलेगा! पहाड़ों पर बारिश, दिल्ली में गर्मी का बढ़ेगा असर
10 Feb, 2025 11:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश के अधिकतर राज्यों में ठंड का प्रकोप कम हो गया है। दिल्ली NCR में भी कल दिन में तेज धूप निकली और सुबह-शाम हल्की-हल्की ठंड थी। इसी तरह यूपी, बिहार, राजस्थान और एमपी में भी तापमान में इजाफा देखने को मिल रहा है। बात करें अगर उत्तर प्रदेश की तो यूपी में मौसम की लुकाछिपी जारी है।
दिन में तेज हवाएं परेशान कर रही हैं, जिस कारण मौसम काफी शुष्क बना हुआ है। हालांकि, मौसम विभाग ने मौसम में परिवर्तन की बात कही है। फिलहाल, राज्य के अधिकतर इलाकों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। हालांकि, कई हिस्सों में तेज हवाओं का असर है। यूपी में फिलहाल 5 दिनों तक मौसम को लेकर कोई भी अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?
आईएमडी पहले ही पूर्वानुमान कर चुका है कि दिल्ली में फरवरी में सामान्य से कम बारिश होगी। यही वजह है कि फरवरी के शुरुआती दस दिन में ही दो दिन तापमान 26 डिग्री से अधिक और रविवार को 27 डिग्री के पार पहुंच गया।
इन राज्यों में होगी बारिश
बात करें अगर पहाड़ी राज्यों की तो पहाड़ी इलाकों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से दो दिनों तक बारिश होगी। 10 और 11 फरवरी को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।
पंजाब, हरियाणा चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में आज हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
अरुणाचल प्रदेश के अधिकतर स्थानों पर आज से 13 फरवरी तक बारिश की संभावना है।
बिहार में कैसा रहेगा मौसम?
बिहार में हवाओं के चलते सुबह और शाम हल्की ठंड बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी हिमालयी विक्षोभ के असर से अगले 24 घंटों में मौसम में बदलाव की संभावना है। तराई वाले इलाकों में घने कोहरे का असर जारी रहेगा जिससे विजिबिलिटी कम हो सकती है।
राजस्थान में मौसम शुष्क बना हुआ है। सीकर जिले का फतेहपुर 3।2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा। वहीं जयपुर में न्यूनतम तापमान 10।6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तिरुपति लड्डू घोटाला! CBI ने मिलावट करने वालों को पकड़ा, जांच जारी
10 Feb, 2025 11:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने श्रीवेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भक्तों को प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले प्रसिद्ध तिरुपति के लड्डू में मिलावट के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान विपिन जैन, पोमिल जैन, अपूर्व चावड़ा और राजू राजशेखरन के रूप में की गई है।
पांच सदस्यीय एसआईटी ने की जांच
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने पिछले साल नवंबर में तिरुपति के लड्डू बनाने में जानवरों की चर्बी के इस्तेमाल के आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। टीम में केंद्रीय एजेंसी के दो अधिकारी, आंध्र प्रदेश पुलिस के दो और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का एक अधिकारी शामिल था।
सुब्रमण्यम स्वामी ने दाखिल की थी याचिका
भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी और वाईएसआरसीपी के राज्यसभा सांसद वाइवी सुब्बा रेड्डी समेत अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि लड्डू बनाने में जानवरों की चर्बी के इस्तेमाल के आरोप की जांच एसआईटी द्वारा की जाएगी और इसकी निगरानी सीबीआई निदेशक करेंगे।
जांच में गंभीर उल्लंघन का पता चला
सूत्रों के अनुसार एसआईटी जांच में घी की आपूर्ति के हर चरण में गंभीर उल्लंघन का पता चला है। दावा किया कि वैष्णवी डेयरी के अधिकारियों ने मंदिर को घी की आपूर्ति करने के लिए एआर डेयरी के नाम से निविदाएं हासिल कीं और निविदा प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए फर्जी रिकॉर्ड बनाने में भी शामिल थे।
चंद्रबाबू नायडू ने उठाया था मुद्दा
आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने सितंबर में दावा किया था कि राज्य में पिछली वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान तिरुपति के लड्डू तैयार करने में पशुओं की चर्बी का इस्तेमाल किया गया था। पिछले साल एनडीए विधायक दल की बैठक के दौरान नायडू ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती वाईएसआरसीपी सरकार ने श्री वेंकटेश्वर मंदिर को भी नहीं बख्शा और लड्डू बनाने के लिए घटिया सामग्री और पशु चर्बी का इस्तेमाल किया। इन आरोपों के बाद पूरे देश में सियासी हंगामा शुरू हुआ था।
PM मोदी का बड़ा विदेश दौरा, फ्रांस में AI समिट और राफेल डील पर अहम बैठक
10 Feb, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर सोमवार से तीन दिवसीय फ्रांस की यात्रा पर रहेंगे। वह 11 फरवरी को मैक्रों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता करेंगे। एआई समिट के बाद पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों भारत-फ्रांस सीईओ फोरम को संबोधित करेंगे।
भारतीय सैनिकों को देंगे श्रद्धांजलि
पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी होगी। 12 फरवरी को दोनों नेता प्रथम विश्व युद्ध में बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे। दोनों नेता संयुक्त रूप से मार्सेय में भारत के महावाणिज्य दूतावास का उद्घाटन करेंगे। फ्रांस से पीएम मोदी अमेरिका जाएंगे।
एआई के खतरों पर होगी बात
एपी के अनुसार एआई की चुनौतियों और खतरों को लेकर दुनियाभर के नेता मंथन करेंगे। इस समिट का उद्देश्य यह पता लगाना है कि एआई की क्षमता का उपयोग कैसे किया जाए ताकि प्रौद्योगिकी के असंख्य जोखिमों का समाधान हो और सभी को लाभ हो।
समिट में ये दिग्गज लेंगे हिस्सा
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस - पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा कर रहे हैं। वह पेरिस एआई समिट में भाग लेंगे, जबकि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग अपने विशेष दूत को भेजेंगे। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयेन, ओपनएआई के सीईओ सैम आल्टमैन, माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई सहित 80 देशों के अधिकारियों और सीईओ के साथ भाग ले रहे हैं।
चीन और अमेरिका के बीच एआई पर नया टकराव
ब्रिटेन में 2023 के शिखर सम्मेलन में 28 देशों ने एआई जोखिमों से निपटने के लिए गैर-बाध्यकारी संकल्प लिया था। यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब चीन के किफायती एआई टूल डीपसीक के कारण तकनीकी वर्चस्व को लेकर बीजिंग और वाशिंगटन के बीच भूराजनीतिक टकराव को बढ़ गया है।
दिल्ली के नए सीएम पर सस्पेंस! क्या नया चेहरा लेगा कमान?
10 Feb, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली विधानसभा चुनाव में परचम लहराने के बाद अब भाजपा में नए मुख्यमंत्री के चयन की कवायद तेज हो गई है। इसी कड़ी में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
भाजपा ने दिल्ली के विधानसभा चुनाव में हर क्षेत्र और हर समुदाय के बीच अच्छी बढ़त हासिल की है। इसलिए, उसके पास मुख्यमंत्री पद के संभावित उम्मीदवारों की एक बड़ी सूची है।
विभिन्न राज्यों में अपने मुख्यमंत्रियों को चुनने में पार्टी के विकल्पों को अक्सर बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जाता है। ऐसे में राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिल्ली भी कोई अपवाद नहीं होगा।
इन नेताओं के नाम सबसे आगे?
आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को हराने वाले जाट समुदाय के नेता प्रवेश वर्मा का नाम चर्चा में है। इसके अलावा सतीश उपाध्याय, विजेंद्र गुप्ता, आशीष सूद और पवन शर्मा जैसे संगठन के अनुभवी नेताओं के नाम की भी चर्चा है। लेकिन, यहां समझने वाली बात यह है कि भाजपा हमेशा चौंकाने वाले निर्णय लेने के लिए जानी जाती है। वह कम चर्चित नेताओं को भी आगे बढ़ाती रही है।
दिल्ली की अगली सीएम कोई महिला होगी?
भाजपा के एक नेता ने कहा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व राजनीतिक समीकरणों के आधार पर पूर्वांचल की पृष्ठभूमि वाले किसी व्यक्ति के नाम पर विचार कर सकता है। यही नहीं, वह सिख समुदाय से आने वाले नेता पर भी विचार कर सकता है। आवश्यकता हुई तो शीर्ष नेतृत्व किसी महिला के नाम को आगे बढ़ा सकता है।
अन्य राज्यों जैसे चौंकाने वाले नाम आएंगे सामने?
मध्य प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा को लेकर पार्टी ने जो निर्णय लिए, वो किसी से छिपे नहीं हैं। ऐसे में पिछले अनुभव को देखते हुए इस मामले में अटकलों के लिए बहुत कम गुंजाइश बचती है।
भाजपा ने मध्य प्रदेश में मोहन यादव, राजस्थान में भजनलाल शर्मा और ओडिशा में मोहन चरण माझी को चुना। इससे राजनीतिक विश्लेषक हैरान रह गए थे। भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि मुख्यमंत्री पर फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व लेगा।
भारतीयों के साथ गलत व्यवहार न हो ये सुनिश्चित किया जा रहा है: जयशंकर
9 Feb, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। अमेरिका में कथित रूप से अवैध रूप से रह रहे भारतीयों के डिपोर्टेशन से देश में बड़ा विवाद पैदा हो गया है। भारतीय नागरिकों ने दावा किया है कि उनके हाथ-पैरों में बेड़ियां बांधकर उन्हें सैन्य विमान से वापस भेजा गया। विपक्ष ने संसद में यह मुद्दा उठाते हुए मांग की है कि केंद्र सरकार इस मुद्दे को अमेरिका के साथ सुलझाए। इससे चलते विदेश मंत्री एस जयशंकर को सरकार की ओर मोर्चा संभालना पड़ा। वह राज्यसभा में आए और उन्होंने सभी सवालों का जवाब दिया। जयशंकर ने कहा, अमेरिका द्वारा निर्वासन का आयोजन और क्रियान्वयन इमीग्रेशन एंड कस्टम इंफोर्समेंट (आईसीई) अथॉरिटी द्वारा किया जाता है। आईसीई विमान द्वारा डिपोर्टेशन के लिए जिस एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) का इस्तेमाल करता है वो 2012 से प्रभावी है। इसके तहत संयम बरतने का प्रावधान है। हमें आईसीई द्वारा सूचित किया गया है कि महिलाओं और बच्चों के लिए कोई प्रतिबंध नहीं है।
जयशंकर ने कहा कि केंद्र सरकार डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से बात कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारतीयों के साथ गलत व्यवहार न हो। उन्होंने कहा कि यदि कोई देश अपने नागरिकों को अवैध रूप से विदेश में रहते हुए पाता है तो उसे उन्हें वापस लेना होगा। जयशंकर ने कहा, मैं दोहराता हूं कि पांच फरवरी को अमेरिका द्वारा भेजी गई उड़ान के लिए पिछली एसओपी में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सबसे पहले, इमीग्रेशन एंड कस्टम इंफोर्समेंट (आईसीई) अथॉरिटी पर एक नजर डालते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आईसीई होमलैंड सुरक्षा विभाग (डीएचएस) की दो प्रमुख एजेंसियों में से एक है। अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (सीबीपी) डीएचएस की दूसरी प्रमुख एजेंसी है, जो अवैध रूप से सीमा पार करने की कोशिश करने वालों को गिरफ्तार करती है। डीएचएस अमेरिका में इमीग्रेशन को लागू करने के लिए जिम्मेदार है। सीबीपी जहां सीमा पर ध्यान केंद्रित करती है, वहीं आईसीई उन लोगों को हटाने का काम करती है जो अवैध रूप से देश में हैं। डिपोर्टेशन तब होता है जब कोई इमीग्रेशन जज निष्कासन का अंतिम आदेश सुनाता है। इसके बाद अवैध आप्रवासी को वाणिज्यिक विमान या आईसीई उड़ान के माध्यम से मेक्सिको के साथ दक्षिण-पश्चिमी सीमा पर स्थित किसी एक स्थान पर ले जाया जाता है। इसके बाद अवैध आप्रवासियों को कुछ दिनों तक यहां रखा जाता है। बता दें कि बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप की अवैध अप्रवासियों पर कार्रवाई के तहत 104 भारतीय नागरिकों को लेकर अमेरिकी वायुसेना का एक विमान अमृतसर में उतरा। डिपोर्ट किए गए लोगों में से अधिकांश पंजाब, हरियाणा और गुजरात से थे।
गौतम अडाणी ने बेटे की शादी पर स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास के लिए किया 10 हजार करोड़ का दान
9 Feb, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद | अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी के छोटे बेटे जीत और दिवा शाह का विवाह संपन्न हो गया है| अरबपति बिजनेसमैन अडाणी ने न सिर्फ विवाह समारोह को सादा रखा बल्कि 10 हजार करोड़ रुपए का दान भी दिया है। उनके दान का एक बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और कौशल विकास पर खर्च किया जाएगा। अडाणी समूह का यह प्रयास समाज के सभी वर्गों को सस्ती कीमतों पर विश्व स्तरीय अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की सुविधाएं प्रदान करने पर केंद्रित है। इसके अलावा, रोजगार क्षमता के साथ-साथ 12 स्कूलों और उन्नत वैश्विक कौशल अकादमियों के नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। उल्लेखनीय है गौतम अडाणी के छोटे बेटे जीत अडानी ने पेनसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। वह 2019 में अदानी ग्रुप में शामिल हुए। उन्होंने रणनीतिक वित्त, पूंजी बाजार और जोखिम और शासन नीति की देखभाल करने वाले ग्रुप सीएफओ के रूप में अपना करियर शुरू किया। जीत अदानी एयरपोर्ट्स व्यवसाय के साथ-साथ अदानी डिजिटल लैब्स के प्रमुख हैं। गौतम अडाणी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बेटे जीत की विवाह की तस्वीरें शेयर की हैं। इसके साथ ही उन्होंने करीबी लोगों को न्योता न देने के लिए माफी भी मांगी है| गौतम अडाणी ने लिखा- परमपिता परमेश्वर के आशीर्वाद से जीत और दिवा विवाह के बंधन में बंध गए हैं| शादी अहमदाबाद में पारंपरिक रीति-रिवाज और परिवार के सदस्यों के बीच शुभ मंगल के साथ हुई। यह एक छोटा और निजी समारोह था, इसलिए इच्छा के बावजूद सभी शुभचिंतकों को आमंत्रित न कर पाने के लिए मैं क्षमा चाहता हूं। मैं पुत्री दिवा और जीत के लिए आप सभी के प्यार और आशीर्वाद की कामना करता हूं। विवाह से पहले अडाणी ग्रुप ने मंगल सेवा शुरू की थी| इसके तहत हर साल 500 नवविवाहित दिव्यांग महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी| इससे वे शादी के बाद अपना जीवन स्वाभिमान और आत्मविश्वास के साथ शुरू करने में सक्षम होंगी। अडानी ग्रुप की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक उन्हें नई जिंदगी शुरू करने के लिए हर साल 10 लाख रुपये दिए जाएंगे| जीत अडाणी ने 25 नवविवाहित दिव्यांग महिलाओं और उनके पतियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान की।
कोलकाता में तीन लोग हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार
9 Feb, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता । पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पुलिस विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने बुर्राबाजार इलाके से तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है।
पुलिस अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कार से जा रहे तीन लोगों को रोककर और कार की तलाशी के दौरान उसमें से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। पुलिस ने मामले में तीनों लोगों को गिरफ्तार किया। ये तीनों उत्तर प्रदेश निवासी हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा, कार से नौ एमएम की एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, सात एमएम की एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, चार मैगजीन और गोला-बारूद बरामद किया गया। तीनों लोग उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और उन्हें शस्त्र अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।
मरीजों को इंतजार, कर्मचारी जनगणना में तैनात—SMS अस्पताल बेहाल
ममता बनर्जी का ऐलान, बोलीं- बंगाल के बाद दिल्ली हमारी
रेल यात्रियों का बुरा हाल: जबलपुर रूट की स्पेशल ट्रेनें घंटों लेट
रिपोर्ट लेट, पानी गंदा: शहर में पेयजल संकट पर हल्ला बोल
महिला आरक्षण मुद्दे पर गर्माई राजनीति, कांग्रेस का 26 अप्रैल को पैदल मार्च
कुर्सी की लड़ाई के बीच डिप्टी CM का बड़ा बयान, ‘हवा खाने नहीं आया’
बिहार विधानसभा में बहुमत की जंग, दोनों पक्षों की परीक्षा
गांवों को ‘आत्मनिर्भर बस्तियों’ में बदलने की योजना
जय शाह और BCCI ने सोशल मीडिया पर दी खास बधाई
“भय जाने वाला है…” अमित शाह के बयान से गरमाई सियासत
