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एकनाथ शिंदे का विपक्ष पर हमला, बोले- ‘हम सोने के चम्मच लेकर नहीं पैदा हुए
15 Feb, 2025 05:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एकनाथ शिंदे: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने शनिवार को महाराष्ट्र के रत्नागिरी में एक रैली के दौरान कहा कि जिन लोगों ने उन्हें हल्के में लिया. उनका क्या हुआ? इस दौरान उन्होंने विपक्षी पार्टी के नेताओं जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि हम सोने का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुए हैं. हम लोगों को सुनहरे दिन दिखाने के लिए राजनीति में आए हैं. हमने ढाई साल पहले इसकी शुरुआत की थी. अब हमें वह गति दिखानी होगी. अब हम घर बैठकर सरकार नहीं चलाते, हम जनता के लिए सड़कों पर निकलते हैं.
एकनाथ शिंदे ने कहा कि उन्होंने किसानों के साथ बात की. हम कोई भी विकास योजना बंद नहीं करेंगे. शिंदे ने कहा कि हमने सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद योजना बनाई है और स्पष्ट किया कि लड़की बहिन सहित अन्य योजनाएं जारी रहेंगी..
शिंदे ने कहा कि राजनीति में पद ऊपर-नीचे होते रहते हैं, लेकिन एकनाथ शिंदे को लड़का भाऊ के रूप में नई पहचान मिली. यह सभी पदों से अधिक है. मैं इससे संतुष्ट हूं. मुझे गर्व है. मैं महाराष्ट्र के लिए समर्पण की भावना से तब तक काम करूंगा जब तक मेरे खून की एक-एक बूंद बह न जाए. वे बकवास बातें कर रहे हैं. इस महाराष्ट्र ने आपको घर जैसा एहसास कराया. वे अभी भी नहीं समझे.
जिन लोगों ने मुझे हल्के में लिया…
एकनाथ शिंदे ने लोगों का आभार जताते हुए कहा, “एक बार जब मैं कोई प्रतिबद्धता जता देता हूं तो फिर मैं खुद की भी नहीं सुनता. मैं एक साधारण कार्यकर्ता हूं. मुझे हल्के में मत लो. वह बालासाहेब और दिघे साहेब के कार्यकर्ता हैं. एकनाथ शिंदे ने विपक्ष से कहा, आप जानते हैं कि जिन लोगों ने मुझे हल्के में लिया, उनका क्या हुआ उन्होंने बाद में यह भी कहा. मैंने जो वचन दिया था और मैं उसे निभाने आया हूं. मैं बालासाहेब के चरणों में विजय अर्पण करने आया हूं. बालासाहेब को कोंकण बहुत प्रिय था. आप भी शिवसेना, बालासाहेब और धनुषबाण से प्रेम करते थे.
जीत में कोंकणी समुदाय के लोगों ने निभाई अहम भूमिका
एकनाथ शिंदे ने कहा, ‘शिवसेना की जीत में कोंकणी लोगों की बड़ी भूमिका है. कुछ लोगों ने कहा कि वे किसी भी विधायक को निर्वाचित नहीं होने देंगे. मैंने कहा था कि मैं किसी भी विधायक को हारने नहीं देंगे. इस चुनाव में हमारे 232 विधायक चुनकर आये. भारी बहुमत से बहुमत प्राप्त हुआ. हमने केवल 80 सीटों पर चुनाव लड़ा और 60 विधायक चुने गये.’
प्राथमिक शिक्षक भर्ती में भ्रष्टाचार: विपक्ष नेता शुभेंदु अधिकारी के भाई का नाम जांच सूची में
15 Feb, 2025 05:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्राथमिक शिक्षक भर्ती में नौकरी चाहने वालों के नामों की सिफारिश राज्य के विपक्ष नेता शुभेंदु अधिकारी के भाई और पूर्व सांसद दिव्येंदु अधिकारी, भाजपा नेता और पूर्व पुलिस अधिकारी भारती घोष ने पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी से की थी. सूत्रों के मुताबिक, शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले की जांच में सीबीआई को नामों की एक ऐसी ही सूची मिली है. इस सूची में तृणमूल विधायक शौकत मोल्ला और पूर्व तृणमूल सांसद ममताबाला ठाकुर का नाम भी शामिल है. सीबीआई का मानना है कि इनमें से सभी ने नौकरी चाहने वालों के नामों की सिफारिश की थी.
उनमें से किसी से भी सीबीआई ने पूछताछ नहीं की है. केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई की ओर से 2014 की प्राथमिक परीक्षा में भ्रष्टाचार के आरोपों के आधार पर 2022 से जांच कर रही है. जिस साल परीक्षाएं इतनी विवादास्पद थीं, उस दौरान न तो दिव्येंदु और न ही भारती भाजपा में थे. बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए.
भारती घोष ने कहां से लड़ा था चुनाव?
भारती घोष ने भाजपा के टिकट पर लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ा. पिछले साल जून में सीबीआई ने विकास भवन (स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यालयों में से एक) के गोदाम पर छापा मारा था. वहां तलाशी के बाद दस्तावेज बरामद किए गए थे. सीबीआई सूत्रों के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी के भाई दिव्येंदु अधिकारी और भारती घोष की ओर से अनुशंसित उम्मीदवारों के नाम दस्तावेज में लिस्टेड हैं. यह सूची राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को भेजी गई थी. पार्थ चटर्जी इस शिक्षक घोटाले में फिलहाल जेल में हैं. कुल 324 उम्मीदवारों की सिफारिश की गई थी, जिनमें से 134 उम्मीदवारों को प्राथमिक शिक्षक के रूप में नौकरी मिल गई.
क्या बोले शुभेंदु अधिकारी?
शुभेंदु अधिकारी ने भाई का नाम सामने आने कहा कि जिन लोगों की सिफारिश पर अवैध नियुक्तियां की गईं. उनमें भारतीय जनता पार्टी का कोई भी व्यक्ति शामिल नहीं था. आप जिनका नाम बता रहे हैं, वे उस समय राज्य के सत्ताधारी दल के सांसद या विधायक हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि वे उस समय भाजपा पार्टी से जुड़े नहीं थे. अगर कोई अवैध नियुक्ति हुई थी तो उनसे पूछताछ होनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया गया.
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: राजनीतिक दलों की ओर से वोटरों को लुभाने की दौड़ तेज
15 Feb, 2025 02:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में इस साल विधानसभा का चुनाव होना है. हालांकि, अभी इसमें कुछ महीने का समय बचा हुआ है. चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक दलों की कवायद शुरू हो गयी है. सभी राजनीतिक दल उन वोटरों को अपनी तरफ आकर्षित करने में जुट गए हैं, जो उनके लिए चुनाव में मत दे सकते हैं. आलम यह है कि बिहार में रैलियों का रैला शुरू हो गया है.
पहले तेली और धोबी अधिकार रैली, अब अन्य रैलियां
कुछ दिन पहले ही राजधानी के मिलर स्कूल मैदान में तेली जाति को इकट्ठा करने के लिए तेली हुंकार रैली का आयोजन किया गया था. हालांकि, इसे एक सामाजिक रैली का नाम दिया गया था. साथ ही यह भी कहा गया था कि इसका राजनीति से कोई खास लेना देना नहीं है. लेकिन, इसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शामिल हुए और उन्होंने एक के बाद एक कई वादे भी कर दिए. तेजस्वी यादव ने कहा कि तेली समाज हमारा साथ देगा. आप लोगों को आगे बढ़ाने की चिंता हम करेंगे. विकसित बिहार बनाने के लिए सबको साथ लेकर चलेंगे. तेजस्वी यादव ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव के द्वारा तेली समाज के उत्थान के लिए किए गए कामों के बारे में विस्तृत जानकारी दी. खास बात यह कि इस रैली की अध्यक्षता बिहार तैलिक साहू सभा के अध्यक्ष रणवीर साहू ने की. रणविजय साहू राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश प्रधान महासचिव होने के साथ-साथ पार्टी के विधायक भी हैं.
धोबी अधिकार रैली
इसी प्रकार राजधानी में बीती नौ फरवरी को धोबी अधिकार रैली का भी आयोजन हो चुका है. इस रैली के भी माध्यम से धोबी समाज को अपने अधिकार के प्रति जागरूक करने की कोशिश की गई. इस रैली को भी इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है.
कुर्मी एकता रैली
तेली रैली और धोबी अधिकार रैली अभी खत्म ही हुई थी कि अब राजधानी का मिलर स्कूल का मैदान फिर एक रैली का गवाह बनने जा रहा है. दरअसल, अब इस मैदान में एक रैली का आयोजन आगामी 19 फरवरी को किया जाएगा. इसे कुर्मी एकता रैली का नाम दिया गया है. खास बात यह कि इस रैली में छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती का भी जिक्र किया गया है. बिहार की राजनीति में यह पहला मौका है, जब छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम किसी रैली में लिया गया है. इस रैली को लेकर के राजधानी में जो पोस्टर लगाए गए हैं, उनमें छत्रपति शिवाजी महाराज के साथ ही सीएम नीतीश कुमार, सरदार वल्लभभाई पटेल के अलावा अन्य लोगों की तस्वीरें हैं. इस रैली के पोस्टर को प्रदेश जदयू कार्यालय के मेन गेट पर तो लगाया ही गया है, राजधानी में कई जगह पर इसके पोस्टर लगाए गए हैं.
हम पार्टी करेगी दलित समागम
राज्य और केंद्र सरकार में एनडीए की सहयोगी घटक दल हिंदुस्तानी एवं मोर्चा यानी हम पार्टी ने भी इसी माह में समागम करने का फैसला किया है. इसका आयोजन राजधानी के गांधी मैदान में किया जाएगा. इस रैली को सफल बनाने के लिए पार्टी की तरफ से पूरी कोशिश की जा रही है. पार्टी का मानना है कि इस दलित समागम में पूरे राज्य के कोने-कोने से हम पार्टी के समर्थक हिस्सा लेंगे.
नागमणि भी कर रहें रैली
बिहार लेनिन के नाम से प्रसिद्ध शहीद जगदेव प्रसाद के बेटे और अटल सरकार में मंत्री रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि भी रैली की तैयारी में है. नागमणि कोइरी आक्रोश रैली के नाम से रैली करेंगे. उनका दावा है कि इस रैली में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य भी शामिल होंगे. इस रैली का आयोजन राजधानी के गांधी मैदान में इसी महीने 23 तारीख को किया जाएगा. नागमणि लंबे समय तक किसी भी राजनीतिक दल में नहीं रहे हैं. नागमणि जनता दल यूनाइटेड, राष्ट्रीय जनता दल, भारतीय जनता पार्टी, एकीकृत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अलावा तमाम राजनीतिक दलों में रह चुके हैं. नागमणि की पार्टी भी न तो महागठबंधन का हिस्सा है और न ही वह एनडीए में हैं. हालांकि, नागमणि की पूरी कोशिश बिहार की राजनीति के साथ-साथ इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी राजनीतिक उपस्थिति को दिखाने की है. नागमणि कोइरी समाज के नाम पर अपनी रैली को कर रहे हैं. वह इस रैली के माध्यम से कोई समाज को इकट्ठा करने की कोशिश में हैं.
पशुपति पारस की भी पार्टी पीछे नहीं
एक तरफ जहां महागठबंधन और एनडीए के घटक दल अपने-अपने स्तर पर रैली करने की तैयारी कर चुके हैं और इसकी घोषणा भी कर दिए हैं, वही पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख पशुपति कुमार पारस ने भी राजधानी में एक बड़ी रैली आयोजित करने की घोषणा कर दी है. पशुपति पारस न तो अभी आधिकारिक रूप से एनडीए का हिस्सा है न हीं वह महागठबंधन का हिस्सा हैं. पशुपति पारस ने चंद रोज पहले ही इस बात की जानकारी दी थी कि आगामी 14 अप्रैल को वह पटना में एक बड़ी रैली करेंगे. 14 अप्रैल को भारत रत्न डॉक्टर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई जाती है. 14 अप्रैल के दिन पशुपति पारस के द्वारा रैली का आयोजन करने से करके पशुपति पारस दलितों में अपने संदेश को देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.
रैली शक्ति प्रदर्शन का जरिया
वरिष्ठ पत्रकार ध्रुव कुमार कहते हैं राजनीतिक दलों द्वारा रैली का आयोजन करना नयी बात नहीं हैं. रैलियों का आयोजन पहले भी होता रहा है. बिहार कई रैलियों का गवाह रहा है. पार्टी चाहे कोई भी हो, वह अपनी शक्ति का प्रदर्शन करती है. चूंकि यह चुनावी वर्ष है. विधानसभा चुनाव होने हैं. इसलिए चुनाव के पहले सभी राजनीतिक दल अपने समर्थकों के साथ दूसरे दलों को भी अपनी सांगठनिक मजबूती को दिखाने की कोशिश में लग गए हैं. अब इन सारी कवायद का मतदाताओं पर कितना असर पडेगा, यह तो उनके ऊपर निर्भर करता है.
मनोज सिन्हा का शिंकजा: आतंकवाद से जुड़े सरकारी कर्मचारियों की बर्खास्तगी
15 Feb, 2025 01:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू-कश्मीर में दहशत और आतंक को खत्म करने के लिए एलजी एक्टिव मोड में आ गए हैं. जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने हाल ही में तीन सरकारी कर्मचारियों, एक पुलिस कांस्टेबल फिरदौस अहमद भट, शिक्षक मोहम्मद अशरफ भट और वन विभाग के अर्दली निसार अहमद खान को बर्खास्त करने का आदेश दिया है. तीनों कर्मचारी इस समय आतंकवाद से जुड़े अलग-अलग मामलों में जेल में हैं. कथित तौर पर भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल कर्मचारियों पर अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आतंकवाद से संबंधित मामलों से जुड़े तीन सरकारी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने का यह एक्शन लिया है. आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि जिन तीन कर्मचारियों पर एलजी ने एक्शन लिया है वो सभी जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा के लिए हानिकारक गतिविधियों में कथित संलिप्तता के लिए जेलों में बंद हैं.
तीनों आरोपियों ने क्या अपराध किया
प्रशासन ने बर्खास्तगी को अंजाम देने के लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 311(2)(सी) को लागू किया है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों से जुड़े मामलों में सरकारी कर्मचारियों को बिना जांच के बर्खास्त करने की इजाजत देता है. पुलिस कांस्टेबल फिरदौस अहमद भट को कथित तौर पर क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादी समूहों के साथ कथित संबंधों के चलते गिरफ्तार किया गया था. सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि फिरदौस अहमद ने आतंकवादी संगठनों को साजोसामान और दूसरी सहायता दी. मोहम्मद अशरफ भट, जो एक टीचर है उन पर छात्रों को कट्टरपंथी बनाने और प्रतिबंधित संगठनों के साथ संबंध बनाए रखने का आरोप लगाया गया था. वहीं, वन विभाग का निसार अहमद खान कथित तौर पर कश्मीर के जंगली इलाकों में आतंकवादियों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने में शामिल था.
आतंकवाद से मुक्त करने के लिए लिया एक्शन
जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 के निरस्त किए जाने के बाद क्षेत्र को आतंकवाद से आजाद कराने के लिए अब तक ऐसे कई सरकारी कर्मचारियों को बरखास्त किया गया है जिनका किसी भी तरह से आतंकवादी समूह से कनेक्शन है या फिर वो जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं.
केंद्र की ऋण शर्तें अन्यायपूर्ण, वायनाड पुनर्वास पर केरल मंत्री का बयान
15 Feb, 2025 01:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केरल के राजस्व मंत्री के राजन ने शनिवार को केंद्र द्वारा वायनाड पुनर्वास के लिए स्वीकृत 529.50 करोड़ रुपये के ऋण की शर्तों को डरावना और क्रूर मजाक बताया। उन्होंने कहा कि वायनाड के पुनर्वास के लिए केंद्र द्वारा जारी राशि से यह स्पष्ट होता है कि वायनाड और केरल में भूस्खलन पीड़ितों के प्रति केंद्र सरकार का रवैया नहीं बदला है। राजन ने कहा कि केंद्र ने केरल को बिना शर्त वित्तीय सहायता देने के बजाय, ऋण के साथ कठोर शर्तें लगाई हैं, जिसमें 31 मार्च तक पूरी राशि का उपयोग करना अनिवार्य है।
वायनाड के लोगों का आरोप
साथ ही मामले में वायनाड के कुछ आपदा प्रभावित लोगों ने अपनी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वे निराश हैं और आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार उन्हें एक पाले से दूसरे पाले में गेंद की तरह फेंक रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री ने यहां आकर हरसंभव मदद का वादा किया था, तो हमें उम्मीदें थीं, लेकिन अब हमें केवल ऋण दिया गया है।
राज्य सरकार ने बताया व्यावहारिक समस्या
मामले में राज्य के वित्त मंत्री के एन बालगोपाल ने भी 31 मार्च तक पूरी राशि का उपयोग करने की शर्त को व्यावहारिक समस्या बताया। इसके अनुसार, केंद्र से जारी की गई राशि को 10 कार्य दिवसों के भीतर कार्यान्वयन एजेंसियों को भेजना जरूरी है। अगर इसमें देरी हुई, तो राज्य को ब्याज का भुगतान करना होगा।
साथ ही विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने भी केंद्र के फैसले की आलोचना की और इसे अव्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र केरल की मदद करने का दिखावा करते हुए उसका दम घोंटने की कोशिश कर रहा है। बता दें कि इस ऋण को बीते साल केरल के वायनाड में जुलाई 2023 में हुए भूस्खलन में मारे गए 200 से अधिक लोगों के पुनर्वास के लिए स्वीकृत किया गया था, जिसे लेकर केंद्र की आलोचना की गई थी।
उत्तर भारत में बदलेगा मौसम का मिजाज, हिमालयी तूफान से बढ़ेगी ठंड
15 Feb, 2025 11:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिमालय के ऊपर एक नया तूफान (पश्चिमी विक्षोभ ) आने वाला है। इसकी वजह से उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत कई राज्यों में बारिश के आसार हैं। हिमाचल प्रदेश में अभी लोगों को ठंड से राहत नहीं मिलेगी। मौसम विभाग ने यहां शीत लहर का अलर्ट जारी किया है। सिक्किम और हिमालयी पश्चिम बंगाल में लोगों को सुबह के समय घने कोहरे का सामना करना पड़ सकता है।
इन राज्यों में बारिश का अलर्ट
20 फरवरी तक अरुणाचल प्रदेश में छिटपुट से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। अगले 7 दिनों के दौरान असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में छिटपुट से हल्की वर्षा के आसार हैं।
17 फरवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) आने की संभावना है। इसकी वजह से कई राज्यों के मौसम में बदलाव आएगा। मौसम विभाग के मुताबिक 17 से 20 फरवरी के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
19 और 20 फरवरी को हिमाचल प्रदेश, 18 से 20 फरवरी के दौरान राजस्थान, 20 फरवरी को पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में में बारिश की संभावना है।
हिमाचल में शीतलहर का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 16 फरवरी तक उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ इलाकों में सुबह घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। 15 फरवरी यानी आज हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में शीत लहर की संभावना है।
पिछले 24 घंटे में दिन का तापमान
पिछले 24 घंटों में दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में दिन के तापमान में 2-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। आंतरिक महाराष्ट्र, बिहार, उत्तरी कर्नाटक, विदर्भ, तेलंगाना, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों में 1-2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में 1-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है।
मध्य और पूर्वी भारत के कई स्थानों पर दिन का तापमान सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस से 6 डिग्री सेल्सियस तक अधिक बना रहा है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और प्रायद्वीपीय भारत के उत्तरी भागों, उत्तर-पश्चिम व पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश स्थानों पर तापमान सामान्य से 1 डिग्री सेल्सियस से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
कैसा रहा रात का तापमान?
पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी भारत के कई हिस्सों में रात के तापमान में 3-6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। मध्य और पूर्वोत्तर भारत, उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में 1-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
वहीं राजस्थान, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ स्थानों पर तापमान में लगभग 1-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान, गुजरात के कुछ इलाकों में रात का तापमान सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर बना रहा।
रात का तापमान पंजाब, बिहार, ओडिशा, असम, मेघालय, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ स्थानों पर सामान्य से 1 डिग्री सेल्सियस से 3 डिग्री सेल्सियस ऊपर रहा है। मध्य और पूर्वी भारत, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के अलग-अलग इलाकों पर यह सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस) कम रहा है।
एयरो इंडिया शो में दिखा वायु शक्ति का नजारा, बेंगलुरु के आसमान में गरजे फाइटर जेट्स
15 Feb, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। एयरो इंडिया 2025 के आखिरी दिन शुक्रवार को बेंगलुरु के येलहंका एयरफोर्स स्टेशन पर शानदार एयर शो हुआ। यहां रूसी और अमेरिकी लड़ाकू विमानों को एक ही स्थान पर दिखाया गया। देखिए आसमान को चीरती हुई विमानों की तस्वीरें...
विमानों की रफ्तार से बेंगलुरु का आसमान गरज उठा। एयर शो देखने के लिए भारी संख्या में भीड़ भी जमा हुई थी। वायु सेना स्टेशन येलहंका पर खास बात यह हुई 60 वर्षीय अनुभवी रूसी परीक्षण पायलट सर्गेई बोगदान ने Su-57 को उड़ाया।
अपनी प्रतिभा को दिखाते हुए रूसी परीक्षण पायलट सर्गेई बोगदान ने आसमान में पांच टन वजनी फाइटर जेट Sukhoi 57 को नचा दिया। बोगदान ने दिल को थाम देने वाला करतब दिया जब उन्होंने विमान को 600 मीटर पर घुमाया।
भारत अपने लगभग 60 फीसदी रक्षा उपकरणों के लिए रूस पर निर्भर है, लेकिन यूक्रेन में युद्ध ने भविष्य की आपूर्ति के बारे में संदेह बढ़ा दिया है, और अब भारत सरकार अमेरिका, इजरायल, ब्रिटेन और अन्य की ओर अधिक ध्यान दे रही है।
रूसी Su-57 फेलॉन और अमेरिकी निर्मित लॉकहीड मार्टिन F-35 - दोनों प्रतिद्वंद्वी देशों द्वारा बनाए गए उन्नत पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों ने बेंगुलुरु के येलहंका स्टेशन से उड़ान भरी और एयरो इंडिया 2025 अंतरराष्ट्रीय एयरशो में दोनों की भागीदारी ऐसे समय में हुई है जब भारत अपनी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू अंतर को पाटने की कोशिश कर रहा है।
बड़ी संख्या में लोग एयर शो को देखने आए और अपने कैमरों में विमानों के करतबों को कैद किया।
भारत-अमेरिका में व्यापारिक रिश्ते होंगे मजबूत, मिनी ट्रेड डील पर चर्चा जारी
15 Feb, 2025 09:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संयुक्त बयान में दोनों देशों के बीच व्यापार को वर्ष 2030 तक 500 अरब डॉलर तक ले जाने की घोषणा की गई है।
भारत का कुल निर्यात 120 अरब डॉलर का
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दोनों देश इस साल द्विपक्षीय व्यापार समझौता करेंगे। यानी कि अगले पांच साल में दोनों देशों के व्यापार में 310 अरब डॉलर का इजाफा होगा क्योंकि अभी वस्तु व सेवा को मिलाकर दोनों देशों के बीच 190 अरब डॉलर का व्यापार होता है। इनमें भारत का कुल निर्यात 120 अरब डॉलर का है।
इससे पहले ट्रंप के पहले कार्यकाल में भारत व अमेरिका के बीच मिनी ट्रेड डील की शुरुआत की गई थी और काफी हद दोनों देशों के बीच इस डील को लेकर सहमति भी बन गई थी, लेकिन ट्रंप के चुनाव हार जाने के बाद यह डील ठंडे बस्ते में चला गया था।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशंस (फियो) के महानिदेशक व सीईओ अजय सहाय के मुताबिक इसी मिनी ट्रेड डील पर फिर से वार्ता शुरू होगी जो भारत के लिए काफी अहम हो स कता है। विशेषज्ञ इस डील को चीन के साथ अमेरिका के तनावपूर्ण व्यापारिक संबंधों को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
भारत के गारमेंट,फुटवियर, जेम्स व ज्वैलरी जैसे उत्पाद
जानकारों का कहना है अमेरिका भारत में कच्चे तेल, गैस हथियार जैसी वस्तुओं को बेचना चाहेगा और बदले में भारत के गारमेंट,फुटवियर, जेम्स व ज्वैलरी, खिलौने, हैंडीक्राफ्ट्स के लिए अपने दरवाजे को बड़ा कर सकता है क्योंकि अमेरिका इस प्रकार के उत्पादों के लिए मुख्य रूप से चीन पर निर्भर करता है।
ट्रेड डील होने पर चीन की तुलना में भारतीय उत्पाद अमेरिका के बाजार में काफी सस्ते हो जाएंगे जिससे उनकी मांग बढ़ेगी। वैसे भी अमेरिका चीन की वस्तुओं पर अलग से 10 प्रतिशत का शुल्क लगाने की घोषणा कर चुका है।
अमेरिका में भारतीय वस्तुओं का निर्यात बढ़ सकता है
अमेरिका में भारतीय वस्तुओं का निर्यात बढ़ता है तो दुनिया भर में भारतीय वस्तुओं की साख बढ़ेगी जिससे हमारे कुल निर्यात को समर्थन मिलेगा। जानकारोंका कहना है कि अमेरिका में इस प्रकार की वस्तुओं के लिए अभी से भारतीय कंपनियों से पूछताछ होने लगी है।
अरुणाचल में ड्रग्स लेने के आरोप में 2 पुलिसकर्मी निलंबित
14 Feb, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश के क्रा दादी जिले में ड्रग्स का सेवन करने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। मामले में शुक्रवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुधवार रात को जिला मुख्यालय पालिन में एक मीट की दुकान पर छापेमारी के दौरान दोनों को दो नागरिकों के साथ गिरफ्तार किया गया। क्रा दादी के एसपी सेपराज परमे ने बताया कि अभियान के दौरान, 2.24 ग्राम वजन के संदिग्ध प्रतिबंधित पदार्थ की दो शीशियां जब्त की गईं। उन्होंने बताया कि हालांकि, ड्रग सप्लाई का मुख्य संदिग्ध अंधेरे और भारी बारिश की आड़ में भाग निकला।
भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति की पेशकश को विनम्रता से ठुकरा दिया
14 Feb, 2025 07:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ट्रंप ने भारत-चीन सीमा विवाद को सुलझाने के लिए पीएम मोदी से मदद की पेशकश की
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को सुलझाने में मदद की पेशकश की है। लेकिन भारत ने साफ कर दिया कि वह अपने पड़ोसी देशों के साथ किसी भी मुद्दे को द्विपक्षीय तरीके से ही सुलझाएगा। दरअसल, व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'मैं भारत को देखता हूं, वहां सीमा पर झड़पें हो रही हैं, जो काफी हिंसक हैं। अगर मैं किसी भी तरह से मदद कर सकता हूं, तो मुझे खुशी होगी, क्योंकि इसे रोका जाना चाहिए।' इसके साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और चीन के रिश्तों पर भी बात की। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि हमारे चीन के साथ बहुत अच्छे संबंध होंगे। मेरी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अच्छी बनती थी, जब तक कि कोविड नहीं आया... चीन दुनिया में एक बहुत महत्वपूर्ण देश है।'
क्या है भारत-चीन सीमा विवाद?
बता दें कि, भारत और चीन के बीच सीमा विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। साल 2020 में गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। हालांकि, कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक बातचीत के बावजूद यह विवाद पूरी तरह सुलझ नहीं पाया है। भारत हमेशा से इस विवाद को बातचीत के जरिए हल करने का पक्षधर रहा है और किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करता। पीएम ने कहा कि 2030 तक हम भारत-अमेरिकी व्यापार को दोगुनी बढ़ोतरी करेंगे. वहीं, ट्रंप ने पीएम मोदी को खुद से बेहतर नेगोशिएटर बताया है.
लॉस एंजिल्स और बोस्टन में भारत के वाणिज्य दूतावास स्थापित करेंगे
पीएम ने ये भी बताया कि आज हमने अपने द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक दोगुने से भी अधिक बढ़ाकर 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. हमारी टीमें पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए काम करेंगी. अमेरिका में भारतीय समुदाय हमारे संबंधों में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है. हमारे लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाने के लिए, हम जल्द ही लॉस एंजिल्स और बोस्टन में भारत के वाणिज्य दूतावास स्थापित करेंगे.
तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को दी मंजूरी: ट्रंप
ट्रंप ने कहा, 'मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मेरे प्रशासन ने भारत में न्याय का सामना करने के लिए 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के साजिशकतार्ओं (तहव्वुर राणा) में से एक के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है. वह न्याय का सामना करने के लिए भारत वापस जा रहा है.
अमेरिका में पीएम मोदी का भव्य स्वागत देख पाकिस्तानी एक्सपर्ट हक्का-बक्का
इस दौरान दोनों नेताओं के बीच तेल, गैस से लेकर टैरिफ और आप्रवासन समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। वॉइट हाउस में पहुंचने पर ट्रंप ने मोदी का गले लगाकर स्वागत किया और भारतीय प्रधानमंत्री को ग्रेट लीडर कहा। पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा की पाकिस्तान में खूब चर्चा हो रही है। पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने मोदी को अमेरिका के न्योते पर हैरानी जताई है।
फर्जीवाड़े के आरोपों से घिरी IAS पूजा खेडकर को सुप्रीम कोर्ट से राहत, 17 मार्च तक गिरफ्तारी पर रोक
14 Feb, 2025 02:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बर्खास्त IAS पूजा खेडकर की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक सुप्रीम कोर्ट ने आगे बढ़ा दी है. फर्जीवाड़ा कर आईएएस बनने की आरोपी पूजा की अग्रिम जमानत याचिका पर जवाब देने के लिए दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त समय की मांग की. इसे स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 17 मार्च तय कर दी. जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने कहा कि तब तक पूजा की गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक जारी रहेगी.
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें राहत देने से मना करते हुए कहा था कि यह सिर्फ संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के साथ ही नहीं, देश के आम लोगों के साथ भी धोखा है. सिविल सर्विस का हिस्सा बनने के लिए पूरी मेहनत से प्रयास करने वाले युवाओं के हित के लिए भी यह जरूरी है कि मामले की विस्तृत जांच हो. 23 दिसंबर के इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची पूजा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और यूपीएससी को नोटिस जारी कर रखा है.
पूजा खेडकर पर फर्जी ओबीसी सर्टिफिकेट बनवाने, अपने नाम मे बदलाव कर धोखाधड़ी करने और विकलांगता का झूठा प्रमाण पत्र देकर यूपीएससी में चयन की पात्रता हासिल करने जैसे कई आरोप हैं. 2022 में आईएएस चुनी गईं पूजा को पुणे में असिस्टेंट कलेक्टर के तौर नियुक्ति मिली थी. वहां उन पर एडिशनल कलेक्टर के दफ्तर पर कब्जा करने, निजी गाड़ी पर सरकारी बत्ती लगाने जैसी कई अनुशासनहीनता भरी हरकतों का आरोप लगा. पुणे के कलेक्टर की तरफ से सरकार को शिकायत भेजने के बाद मामला चर्चा में आया.
यूपीएससी ने भी अपने स्तर पर जांच की. इसमें पाया गया कि 2012 से 2020 के बीच पूजा ने 9 बार यूपीएससी परीक्षा दी. 9 बार की अधिकतम सीमा खत्म हो जाने के बाद भी 2022 में फर्जीवाड़ा कर अपना चयन करवाया. इस दौरान उन्होंने नाम में बदलाव, फर्जी ओबीसी सर्टिफिकेट, आमदनी और संपत्ति का गलत ब्यौरा देने, विकलांगता का झूठा दावा करने जैसे कई तरह का भ्रष्ट आचरण किया. इस जांच के बाद यूपीएससी ने पूजा को सिविल सेवा से बर्खास्त कर दिया था. मामले में यूपीएससी ने दिल्ली पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करवाई थी.
पुलवामा हमले के शहीदों को पीएम मोदी और अमित शाह की श्रद्धांजलि, बोले- आतंक का खात्मा होगा
14 Feb, 2025 01:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आज ही के दिन यानी 14 फरवरी को छह साल पहले पुलवामा में बड़ा आतंकी हमला हुआ था। हमले में बड़ी मात्रा में जवान शहीद हुए थे। आज पुलवामा हमले की छठी वर्षगांठ पर शहीदों को याद करते हुए पीएम मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
इसी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी शहीद हुए 40 सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि दी। शाह ने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार आतंकवादियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के साथ अभियान चलाकर उन्हें पूरी तरह से नष्ट करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
पीएम मोदी ने कहा,
मैं पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आने वाली पीढ़ी कभी भी इन शहीद जवानों का देश के प्रति बलिदान और साहस को नहीं भूलेगी।
अमित शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा,
मैं पूरे राष्ट्र की ओर से 2019 में आज के दिन पुलवामा में हुए कायराना आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आतंकवाद पूरी मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है और पूरा विश्व इसके खिलाफ एकजुट है।
शाह ने आगे कहा कि चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो या एयर स्ट्राइक, मोदी सरकार आतंकवादियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के साथ अभियान चलाकर उन्हें पूरी तरह से नष्ट करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
2019 में हुआ था पुलवामा हमला
बता दें कि पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद ने 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को ले जा रही एक बस को निशाना बनाया, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए। इसके कुछ दिनों बाद, भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के अंदर बालाकोट में आतंकी शिविरों को निशाना बनाकर बमबारी की।
सेबी को मिल सकती है वॉट्सऐप और टेलीग्राम कॉल मॉनिटर करने की अनुमति
14 Feb, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सरकार से वाट्सएप और टेलीग्राम जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के अनधिकृत वित्तीय सलाह को हटाने के लिए सरकार से व्यापक अधिकार मांगा है। साथ ही इसने बाजार नियमों के उल्लंघनों की जांच के लिए उनके कॉल रिकॉर्ड तक पहुंचने हेतु भी अपनी शक्तियां बढ़ाने की मांग देाहराई है।
नियामक ने बाजार उल्लंघनों की जांच तेज कर दी है
वर्ष 2022 के बाद से यह दूसरी बार है जब सेबी ने ऐसी शक्तियों की मांग की है। हालांकि सरकार से अभी मंजूरी नहीं मिल पाई है। उल्लेखनीय है कि यह अनुरोध ऐसे समय में आया है जब नियामक ने बाजार उल्लंघनों की जांच तेज कर दी है और इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने वाली अनियमित वित्तीय सलाह पर लगाम कस दी है।
सेबी ने कहा है कि इंटरनेट मीडिया कंपनियों ने नियामक के साथ पहले की बैठक के बावजूद अपने कॉल डाटा रिकॉर्ड और समूहों और चैनलों तक पहुंच के लिए सरकार के अनुरोध का अनुपालन नहीं किया है।
सेबी ने अपने पत्र में कही ये बात
पिछले सप्ताह सरकार को भेजे अपने पत्र में सेबी ने कहा कि वाट्सएप जैसी कंपनियों ने नियामक को अपने इंटरनेट मीडिया ग्रुप चैट तक पहुंच से वंचित कर दिया है क्योंकि वर्तमान सूचना प्रौद्योगिकी कानून पूंजी बाजार निगरानी संस्था को अधिकृत एजेंसी के रूप में नहीं पहचानता है।
पत्र में यह दिखाया गया है कि नियामक ने इंटरनेट मीडिया चैनलों पर किसी भी संदेश, सूचना, लिंक और समूहों को हटाने की शक्ति मांगी है, यदि सामग्री प्रतिभूति विनियमों का उल्लंघन करती है।
फॉरेक्स ट्रेडिंग केस: ईडी ने ठगों के खिलाफ कसी नकेल, करोड़ों जब्त
14 Feb, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विदेशी मुद्रा व्यापार की आड़ में मल्टी-लेवल मार्केटिंग स्कीम (एमएलएम) चला रहे एजेंटों के ठिकानों से ईडी की छापेमारी में 30 से अधिक बैंक खातों और लाकरों से 170 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।
विदेशी और भारतीय दस्तावेज बरामद किए गए
मास्टरमाइंड नवाब उर्फ लविश चौधरी के शामली स्थित घर से 96 लाख रुपये कैश, डिजिटल डिवाइस, विदेशी और भारतीय दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इस मामले में विभिन्न राज्यों के 500 निवेशकों को फारेक्स (विदेशी मुद्रा) ट्रेडिंग में एक वर्ष में पैसा दोगुना करने का प्रलोभन देकर 210 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया था।
ईडी कई ठिकानों पर की छापेमारी
मंगलवार को ईडी ने शामली, दिल्ली, नोएडा और रोहतक में आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। ट्रेडिंग कंपनी बोट ब्रो, क्यूएफएक्स ट्रेड की जांच के दौरान कई राजफाश हुए हैं। ईडी चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय की 15 सदस्यीय टीम ने शामली में ट्रेडिंग कंपनी में निवेश कराने वाले एजेंट के घर छापेमारी की। आरोपित राजेंद्र सूद, विनीत कुमार, संतोष कुमार और नवाब पर विदेशी मुद्रा व्यापार की आड़ में मल्टी-लेवल मार्केटिंग स्कीम चलाने का आरोप था।
20 से अधिक एजेंटों से पूछताछ
नवाब समेत 20 से अधिक एजेंटों से पूछताछ की जा चुकी है, जिनमें बागपत के मोबिन, मुजफ्फरनगर, शामली और रोहतक, नोएडा, दिल्ली निवासी एजेंट हैं। हालांकि ईडी की ओर से अभी एजेंटों का नाम साझा नहीं किया गया। ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार जल्द ही मामले में बड़ी गिरफ्तारी भी हो सकती है।
लविश के ठिकाने का पता लगने से बढ़ी पुलिस की उम्मीदें
इस मामले में ईडी की कार्रवाई के साथ अब आरोपित राजेंद्र सूद, विनीत कुमार व संतोष शर्मा जल्द सलाखों के पीछे होंगे।
ईडी ने आरोपितों की संपत्तियों की जांच व जब्ती की मांग की
मामले की जांच के लिए मंडी की तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सौम्या सांबशिवन ने विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से भी संपर्क कर आरोपितों की संपत्तियों की जांच व जब्ती की मांग की थी। अब ईडी ने मास्टरमाइंड लविश चौधरी का शामली में ठिकाना ढूंढ लिया है। इससे आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी हो सकती है।
दुबई भागे आरोपितों के विरुद्ध जारी है लुकआउट नोटिस मामला दर्ज होने के बाद राजेंद्र सूद, विनीत कुमार व संतोष शर्मा दुबई भाग गए थे। तीनों वहां लविश चौधरी के साथ फारेक्स ट्रेडिंग का काम देख रहे थे। राजेंद्र सूद निवेशकों के पैसे से डेढ़ वर्ष में आठ कंपनियों का मालिक बन गया था।
ईडी ने की थी कार्रवाई
ईडी की कार्रवाई से पहले एसआइटी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब व हिमाचल प्रदेश से 11 आरोपितों को गिरफ्तार कर करोड़ों रुपये की संपत्ति फ्रीज की थी। दुबई भागे तीनों आरोपितों के विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी किया था। हालांकि इस मामले में 10 आरोपितों को प्रदेश हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
वक्फ बिल को लेकर संसद में तकरार, सरकार और विपक्ष आमने-सामने
14 Feb, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वक्फ संशोधन विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट में असहमति से जुड़े हिस्सों को कथित रूप से हटाए जाने के मुद्दे पर विपक्षी दलों के हंगामे के बाद भाजपा की मेधा विश्राम कुलकर्णी ने बृहस्पतिवार दोपहर उच्च सदन में एक शुद्धिपत्र पेश किया। कुलकर्णी ने रिपोर्ट के परिशिष्ट पांच का शुद्धिपत्र राज्यसभा में भोजनावकाश के बाद पेश किया। उन्होंने सुबह सदन में रिपोर्ट पेश की थी।
एक विपक्षी सदस्य ने ली चुटकी
रिपोर्ट के परिशिष्ट का अध्याय पांच 'संयुक्त समिति के सदस्यों से प्राप्त टिप्पणियों/असहमतियों के कार्यवृत्त' से संबंधित है और इसमें वे टिप्पणी शामिल हैं जिन्हें पहले की पेश की गई रिपोर्ट में संपादित किया गया था। भाजपा सदस्य ने जैसे ही शुद्धिपत्र पेश किया, एक विपक्षी सदस्य ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह साबित करता है कि सदन को पहले एक मंत्री द्वारा गुमराह किया गया था।
शुद्धिपत्र के लिए सरकार को धन्यवाद देते हुए सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा-'यह दर्शाता है कि संसदीय संस्थाएं फल-फूल रही हैं और भावनाओं का ध्यान रखा जा रहा है। हम चाहते हैं कि संवाद और विचार-विमर्श के माध्यम से ही चीजें हों। 'हालांकि, विपक्षी सांसदों ने कहा कि यह उनके दबाव में किया गया।
विपक्ष रचनात्मक लड़ाई कर रहा है- टीएमसी नेता
तृणमूल कांग्रेस के सांसद साकेत गोखले ने कहा कि सरकार को वक्फ जेपीसी को बिना हटाए गए विपक्षी असहमति नोट्स के साथ प्रस्तुत करने के लिए मजबूर किया गया। संस्थानों को बचाने के लिए विपक्ष रचनात्मक लड़ाई कर रहा है। जब रिपोर्ट को गुरुवार को पहले सदन में प्रस्तुत किया गया था तब गोखले ने मांग की थी कि रिजिजू को जवाब देना चाहिए कि क्या असहमति नोट्स में कोई संशोधन किया गया था।
सरकार ने दोनों सदन में खारिज किया विपक्ष का आरोप
सरकार ने इस आरोप को दोनों सदनों में खारिज करते हुए कहा कि किसी असहमति को हटाया नहीं गया है और विपक्ष इस मामले में वोट बैंक की राजनीति कर रहा है।
लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि कुछ विपक्षी दलों का दावा है कि उनकी आपत्तियों और असहमति को जगह नहीं दी गई है।
मैं अपनी पार्टी (भाजपा) की ओर से उनसे अनुरोध करता हूं कि आपकी जो भी आपत्तियां हैं, उन्हें आप संसदीय परंपराओं के अनुसार रिपोर्ट में शामिल करा सकते हैं। मेरी पार्टी को इसमें कोई आपत्ति नहीं है।
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