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दिल्ली-एनसीआर में भूकंप: 5 किमी गहराई से आया झटका, लोग हुए चकित
17 Feb, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। सुबह-सुबह अभी लोगों की नींद भी नहीं खुली थी कि जोर-जोर से बेड और खिड़कियां हिलने लगी। लगातार दो झटकों से हर कोई सहम गया।
काफी तेज झटके महसूस हुए
सुबह 5 बजकर 37 मिनट पर भूकंप के झटकों से लोग डर गए। लोग घरों से बाहर निकल आए। भूकंप की गहराई 5 किमी नीचे थी। भूकंप की तीव्रता 4.0 मैग्नीट्यूड मापी गई है, लेकिन झटके काफी तेज महसूस हुए। नोएडा से लेकर दिल्ली तक हर कोई कुछ मिनटों तक डर के साय में रहा।
घरों से बाहर निकले लोग
भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। दरअसल, भूकंप का केंद्र नई दिल्ली था, इसी कारण कम तीव्रता होने के बावजूद झटके काफी तेज महसूस हुए।
दिल्ली पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया
भूकंप के बाद दिल्ली पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। किसी भी सहायता के लिए 112 डायल करें।
हालांकि, भूकंप के झटके तेज थे, लेकिन अभी तक किसी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
नेताओं ने भी किया पोस्ट
दिल्ली में भूकंप के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। नेताओं ने भी भूकंप को लेकर पोस्ट किए। भाजपा नेता तजिंदर बग्गा ने लिखा, "भूकंप?"। वहीं, कांग्रेस नेता अलका लांबा ने भी इसी तरह का पोस्ट किया।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी बताया कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।
दिल्ली में कब-कब आए तेज झटके
27 जुलाई 1960: दिल्ली में 5.6 तीव्रता का भूकंप आया, कई इमारतों को आंशिक नुकसान पहुंचा
5 मार्च 2012: दिल्ली में 4.9 तीव्रता का भूकंप आया
12 नवंबर 2022: दिल्ली में 5.4 तीव्रता का भूकंप
23 जनवरी 2023: दिल्ली में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया
21 मार्च 2023: दिल्ली में 6.6 तीव्रता का भूकंप
5 अगस्त 2023: दिल्ली में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया
भूकंप आए तो कैसे बचें
भूकंप के दौरान सुरक्षित रहने के लिए आप कई कदम उठा सकते हैं। नीचे बैठना, छिप और पकड़ना... जैसी विधि का पालन किया जा सकता है।
भूकंप के दौरान नीचे बैठना: अपने हाथों और घुटनों के बल जमीन पर लेट जाएं।
छिपना: किसी मजबूत टेबल या डेस्क के नीचे छिप जाएं।
पकड़ें: एक हाथ से वस्तु को पकड़ें और दूसरे हाथ से अपने सिर और गर्दन को सुरक्षित रखें।
अगर आप घर के बाहर हैं तो जमीन पर लेट जाएं और खुली जगह की ओर रेंगते हुए जाएं। इमारतों, बिजली की लाइनों और पेड़ों से दूर रहें। अगर आप गाड़ी चला रहे हैं तो गाड़ी रोक दें और उसमें ही रहें। इमारतों, पेड़ों, ओवरपास और बिजली के तारों के पास रुकने से बचें।
अगर आप बिस्तर पर हैं तो वहीं रहें और अपने सिर और गर्दन को तकिये से ढक लें। अगर आप व्हीलचेयर पर हैं या वॉकर का इस्तेमाल करते हैं तो अपने पहियों को लॉक करें और कंपन बंद होने तक बैठे रहें।
फास्टैग और टोल टैक्स में कड़ी निगरानी, आज से लापरवाही पर लगाए जाएंगे कड़े जुर्माने
17 Feb, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Fastag New Rules टोल भुगतान को सुव्यवस्थित करने, विवादों को कम करने और धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन आफ इंडिया (एनपीसीआइ) और सड़क परिवहन मंत्रालय ने फास्टैग से जुड़े नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
आज से फास्टैग के नए नियम लागू
आज यानी सोमवार से लागू होने वाले नए फास्टैग नियमों के तहत कम बैलेंस, देरी से भुगतान या ब्लैकलिस्टेड टैग वाले यूजर पर अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा। नए नियम उन यूजर को प्रभावित करेंगे जो भुगतान में देरी करते हैं या जिनके टैग ब्लैकलिस्टेड हैं।
यदि वाहन टोल पार करने से पहले 60 मिनट से अधिक समय तक फास्टैग निष्क्रिय रहता है और वाहन के टोल पार करने के 10 मिनट बाद तक निष्क्रिय रहता है तो लेनदेन अस्वीकार कर दिया जाएगा। सिस्टम ऐसे भुगतानों को अस्वीकार कर देगा।
तो देना पड़ेगा अतिरिक्त शुल्क...
इसके अलावा, टोल भुगतान को सुव्यवस्थित करने और विवादों को कम करने के लिए चार्जबैक प्रक्रिया और कूलिंग पीरियड के साथ-साथ लेनदेन अस्वीकृति नियमों में भी बदलाव किए गए हैं।
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि वाहन के टोल रीडर से गुजरने के समय से 15 मिनट से अधिक समय के बाद टोल लेन-देन अपडेट होता है तो फास्टैग यूजर को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
इस मामले में यूजर 15 दिन बाद शिकायत दर्ज कर सकेगा
अपडेट किए गए राष्ट्रीय इलेक्ट्रानिक टोल संग्रह के दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि लेनदेन में देरी होती है और यूजर के फास्टैग खाते में पर्याप्त शेष राशि नहीं है तो टोल ऑपरेटर को जिम्मेदार माना जाएगा। हालांकि, यदि राशि कट जाती है तो यूजर 15 दिन बाद शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इससे पहले, यूजर टोल बूथ पर अपने फास्टैग को रिचार्ज कर सकते थे और फिर आगे निकल सकते थे।
आनंद महिंद्रा का बयान: "राष्ट्रीय मिशन की आवश्यकता है" – नई दिल्ली स्टेशन हादसे पर दी प्रतिक्रिया
17 Feb, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ के एक दिन बाद महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने कहा कि भारत को भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को राष्ट्रीय मिशन बनाने की जरूरत है।
भीड़ प्रबंधन के लिए एक खाका बनाने की जरूत
महिंद्रा ने कहा कि भारत को भीड़ प्रबंधन के लिए एक खाका (टेम्पलेट) बनाने की जरूरत है जिसमें प्रौद्योगिकी और प्रक्रिया विश्लेषण का संयोजन हो। उन्होंने हैदराबाद स्थित महिंद्रा विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग और प्रबंधन स्कूलों से इस समस्या पर मिलकर काम करने और एक टेम्पलेट तैयार करने का अनुरोध किया और कहा, ''हम सभी को इसमें योगदान देने की जरूरत है।''
यह एक दिल दहला देने वाली राष्ट्रीय त्रासदी
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की भगदड़ का जिक्र करते हुए महिंद्रा ने कहा कि यह एक दिल दहला देने वाली राष्ट्रीय त्रासदी थी।
आनंद महिंद्रा ने एक्स पर लिखा,
दुनिया के सबसे अधिक आबादी एवं सबसे कम प्रति व्यक्ति आय वाले देशों में से एक के रूप में हमें भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को आस्था का विषय व राष्ट्रीय मिशन बनाने की जरूरत है।
बोम्मई ने भी उठाए सवाल
उधर, भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने रविवार को कहा कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ की गहन जांच होनी चाहिए। इसमें तीन बच्चों सहित 18 लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन पर भीड़ अभूतपूर्व थी क्योंकि लोग नई दिल्ली से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जा रहे थे।
बोम्मई ने कहा, ''रेलवे अधिकारी अब हरकत में आ गए हैं और स्थिति सामान्य हो रही है। दिल्ली होते हुए प्रयागराज जाने वाले लोगों की भीड़ अभूतपूर्व है। इस भगदड़ की गहन जांच होनी चाहिए और उचित व्यवस्था की जानी चाहिए।''
डेरेक ओ ब्रायन का रेल मंत्री पर निशाना
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने रविवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पर कटाक्ष किया। उन्होंने अपने सहयोगी अभिषेक बनर्जी के लोकसभा में दिए गए भाषण का हवाला दिया। इसमें अभिषेक बनर्जी ने वैष्णव पर तीन मंत्रालयों के बीच 'बाजीगरी' करने का आरोप लगाया था।
एक हफ्ते पहले बनर्जी ने वैष्णव पर निशाना साधते हुए उन्हें 'आधा मंत्री' कहा था और यह भी कहा था कि भारतीय रेलवे को लाखों लोगों के लिए जीवन रेखा माना जाता है। इसे चलाना वह कोई 'साइड गिग' (गैर-जरूरी जिम्मेदारी) नहीं है।
तहव्वुर राणा का भारत प्रत्यर्पण तय, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने साजिशकारों में शामिल बताया
17 Feb, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
26/11 मुंबई आतंकी हमलों के आरोपित तहव्वुर हुसैन राणा ने हमले से पहले अपनी पत्नी के साथ उत्तर से लेकर दक्षिण भारत में कुछ जगहों का दौरा किया था। अमेरिका से राणा के संभावित प्रत्यर्पण के बाद वह 2008 में की गई अपनी इन यात्राओं के बारे में अहम जानकारी दे सकता है।
इससे इन यात्राओं की गुत्थी सुलझेगी। 64 वर्षीय राणा पाकिस्तान में जन्मा कनाडाई नागरिक हैं और पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली का करीबी सहयोगी है।
ट्रंप ने दी प्रत्यर्पण की मंजूरी
2023 में 14 साल की सजा पूरी करने के बाद से राणा लास एंजेलिस के एक महानगरीय हिरासत केंद्र में निगरानी में हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि उनके प्रशासन ने राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। उन्होंने उसे दुनिया के साजिशकर्ताओं और बहुत बुरे लोगों में से एक बताया।
प्रत्यर्पण के बाद, राणा इस मामले में अजमल कसाब और जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जुंदाल के बाद भारत में मुकदमे के लिए भेजे जाने वाला तीसरे व्यक्ति होगा। हमले में शामिल एकमात्र जीवित पाकिस्तानी आतंकवादी कसाब को नवंबर 2012 में पुणे की यरवदा जेल में फांसी दी गई थी।
राणा ने पत्नी के साथ किया था भारत का दौरा
27 अक्टूबर 2009 को एफबीआइ द्वारा गिरफ्तार किए गए राणा को 2011 में एनआइए द्वारा भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और आतंकवाद के दमन पर सार्क सम्मेलन की धारा 6(2) के तहत आरोपित बनाया गया था। भारत में हेडली के कदमों का पता लगाते समय, केंद्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने पाया कि राणा ने 13 नवंबर से 21 नवंबर 2008 के बीच अपनी पत्नी समराज राणा अख्तर के साथ हापुड़, दिल्ली, आगरा, कोच्चि, अहमदाबाद और मुंबई का दौरा किया था।
राणा ने 'इमिग्रेंट ला सेंटर' से बिजनेस स्पांसर लेटर और कुक काउंटी से संपत्ति कर भुगतान नोटिस को अपने पते के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया था।
अब इन यात्राओं के उद्देश्य के बारे में जाना जाएगा
अधिकारियों ने कहा कि एक बार राणा को भारत लाने के बाद इन यात्राओं के उद्देश्य के बारे में जाना जाएगा। 2009 में गिरफ्तार होने के बाद राणा को 2011 में दोषी ठहराया गया और 14 साल की सजा सुनाई गई। राणा को डेनमार्क में आतंकी साजिश में मदद करने और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को सहायता देने के एक मामले में अमेरिका में दोषी ठहराया गया था।
मुकदमे के सुबूतों में रिकार्ड की गई बातचीत भी शामिल थी। इसमें सितंबर 2009 की वह बातचीत भी शामिल थी, जब हेडली और राणा ने पाकिस्तानी आतंकी इलियास कश्मीरी के मारे जाने की रिपोर्ट के बारे में बात की थी। अन्य बातचीत में राणा ने हेडली से कहा था कि मुंबई नरसंहार में शामिल हमलावरों को पाकिस्तान का सर्वोच्च मरणोपरांत सैन्य सम्मान मिलना चाहिए।
चंद मिनटों में ऐसा क्या हुआ जिसने ले ली 18 बेकसूरों की जान
16 Feb, 2025 11:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आपात खिड़की से ट्रेन में घुसते लोग हादसे के बावजूद अव्यवस्था में कोई कमी नहीं
नई दिल्ली। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात हुई भगदड़ के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हुई है। रविवार को भी स्टेशन में यात्रियों की भारी भीड़ रही और अव्यवस्था का माहौल ऐसा कि कुछ लोग इमरजेंसी विंडो से ट्रेन में प्रवेश करते देखे गए।
दिल्ली से बिहार जाने वाली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में रविवार को यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। हालात ऐसे थे कि जब दरवाजे से चढ़ने की जगह नहीं मिली, तो यात्री आपातकालीन खिड़की से ट्रेन में घुसते नजर आए। भीड़ का दबाव, धक्का-मुक्की और अव्यवस्था तस्वीरों और चश्मदीदों के अनुसार, ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही यात्री तेजी से चढ़ने के लिए दौड़ पड़े। रिजर्वेशन टिकट से अधिक अनारक्षित और वेटिंग टिकट धारकों की भारी भीड़ मौजूद थी, जिससे ट्रेन में चढ़ने के दौरान अफरा-तफरी मच गई। स्लीपर कोच की आपातकालीन खिड़की से यात्री न केवल खुद को अंदर घुसाने की कोशिश कर रहे थे, बल्कि अपने सामान को भी पहले ट्रेन में फेंक रहे थे। इस दौरान धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति बनी रही। गौरतलब है कि शनिवार रात प्लेटफॉर्म नंबर 16 पर भगदड़ मचने से 18 लोगों की जान चली गई थी।
रेलवे प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने के लिए उचित प्रबंधन नहीं होने के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है। अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन इस अव्यवस्था से निपटने के लिए क्या कदम उठाता है और यात्रियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करता है।
सीढ़ियों से उतरा रेला और दबते गए लोग
दिल्ली के कापसहेड़ा के रहने वाले एक श स ने कहा कि भगदड़ की शुरुआत सीढ़ियों से हुई थी। प्लैटफॉर्म पर भीड़ जरूर थी लेकिन हलचल कम थी। ट्रेन के प्लैटफॉर्म परिवर्तन के बाद लोगों का इधर से उधर आना जाना शुरू हो गया। वहीं सीढ़ियों के ऊपर से एक रेला आया और उसकी चपेट में आकर लोग गिरने लगे। गिरने वाले लोग दबते चले गए। और लाशें बिछती गईं। यह पूरा वाकया बताने वाले श स की मां भी भगदड़ में गिर गईं। उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि वह परिवार के साथ छपरा जा रहे थे। महाकुंभ जाने की ललक और अथाह भीड़ की वजह से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर करीब डेढ़ दर्जन लोगों की जान चली गई। इसमें कई बच्चे भी शामिल हैं।
रेलवे बोर्ड ने घटना की जांच कराने के आदेश दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है। राजधानी के प्रमुख रेलवे स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण की असफलता को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि महाकुंभ जाने के लिए बहुत सारे लोग बिना टिकट के ही प्लैटफॉर्म पर पहुंच गए थे।
इससे पहले कब कहां हुए हादसे
16 मई, 2010 में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मची थी जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और 30 लोग घायल हो गए थे।
10 फरवरी 2013: 10 फरवरी 2013 को कुंभ मेले के दौरान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर अचानक भगदड़ मच गई थी, जिसमें कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक 10 फरवरी 2013 को मौनी अमावस्या थी और इस वजह से भारी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे थे।
3 अक्टूबर 2014: इस दिन पटना के गांधी मैदान में दशहरा के दौरान भगदड़ मची थी, इस वजह से 32 लोगों की मौत हो गई थी।
14 जुलाई 2015: आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में गोदावरी नदी के तट पर आयोजित धार्मिक उत्सव में भगदड़ मचने से 27 लोगों की मौत हो गई।
1 जनवरी 2022 : मां वैष्णो देवी मंदिर कटरा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण भगदड़ मचने से 12 श्रद्धालुओं की मौत हो गई।
31 मार्च 2023: इंदौर में रामनवमी के मौके पर आयोजित हवन के दौरान एक प्राचीन कुंए के ऊपर लगी स्लैब ढही 36 लोगों की मौत हो गई।
2 जुलाई 2024 : हाथरस में एक धार्मिक सत्संग के कार्यक्रम में भगदड़ होने से 107 लोगों की मौत।
29 जनवरी 2025: प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ होने से 30 श्रद्धालुओं की मौत।
नई दिल्ली भगदड़ः मृतकों के परिजनों को 10 लाख देगी सरकार
महाकुंभ जाने के लिए उमड़ी भीड़ के कारण नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। हादसे में करीब 18 लोगों की मौत हो गई जबकि कई घायल हुए हैं। हादसे को लेकर सरकार ने मुआवजे का ऐलान कर दिया है। हादसे में अपने परिजनों को खोने वालों को 10 लाख रुपए दिए जाएंगे। घायलों को ढाई लाख जबकि मामूली घायलों को एक लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। मुआवजे की राशि वितरित की जा रही है।
वहीं दूसरी तरफ पूरी घटना को लेकर रेलवे प्रशासन ने कहा कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रात करीब 10 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 13 और 14 के पास अप्रत्याशित भीड़ की स्थिति पैदा हो गई। अचानक हुई भीड़ के कारण प्लेटफॉर्म पर मौजूद कुछ यात्री बेहोश हो गए। इससे भगदड़ जैसी स्थिति की अफवाह फैल गई। इससे अफरा-तफरी मच गई। बाद में भीड़ को कम करके स्थिति को नियंत्रित किया गया। उत्तर रेलवे ने अप्रत्याशित अचानक हुई भीड़ को निकालने के लिए तुरंत 4 विशेष ट्रेनें चलाईं। अब भीड़ कम हो गई है। इस बीच, बेहोश और घायल यात्रियों को आरपीएफ और दिल्ली पुलिस द्वारा नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया है। दुर्भाग्यपूर्ण घटना की रेलवे ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
नई दिल्ली स्टेशन पर भगदड़ में मरने वाले अधिकांश बिहार के लोग, 18 की हुई पहचान
शनिवार रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई तो दर्जनों लोग घायल हो गए। घटना में जान गंवाने वाले अधिकतर लोग बिहार के हैं। 7 साल के बच्चे से लेकर 79 साल के बुजुर्गों तक ने घटना में अपनी जान गंवाई है। मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए मुआवजे का ऐलान किया गया है। मृतकों में 12 महिलाएं शामिल हैं तो 4 बच्चों को भी जान चली गई। भगदड़ में मारे गए बच्चों की उम्र 7 साल से लेकर 15 साल तक की है। 18 मृतकों में से 9 की पहचान बिहार निवासी के रूप में हुई है। बक्सर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और पटना के कई लोगों ने हादसे में अपनी जान गंवा दी।
इनकी गई जान
आहा पत्नी पति रविंदे नाथ, निवासी बक्सर, उम्र- 79 साल, पिंकी पत्नी पति उपेंद्र शर्मा, निवासी संगम विहार दिल्ली, उम्र- 41 साल, शीला पत्नी पति उमेश गिरी, निवासी सरिता विहार दिल्ली, उम्र 50 साल, व्योम पुत्र धर्मवारी, निवासी बवाना दिल्ली, उम्र- 25 साल, पूनम देवी पत्नी मेघा नाथ, निवासी सारन बिहार, उम्र- 40 साल, ललिता देवी पत्नी संतोश, निवासी- पटना बिहार, उम्र- 35 साल
सुरुचि पुत्री मनोज शाह निवासी मुजफ्फरपुर बिहार, उम्र- 11 साल, कृष्णा देवी पत्नी विजय शाह, निवासी- समस्तीपुर बिहार, उम्र- 40 साल, विजय शाह पुत्र राम स्वरूप शाह निवासी- समस्तीपुर बिहार, उम्र- 15 साल, नीरज पुत्र इंद्रजीत पासवान, निवासी वैशाली बिहार, उम्र- 12 साल, शांति देवी पत्नी राज कुमार मांझी, निवासी- नवादा बिहार, उम्र 40 साल, पूजा कुमार पुत्री राज कुमार मांझी, नवादा बिहार, उम्र- 8 साल, संगीता मलिक पत्नी मोहित मलिक, निवासी- भिवानी हरियाणा, उम्र 34 साल, पूनम पत्नी वीरेंद्र सिंह, निवासी महावीर एनक्लेव उम्र 34 साल, ममता झा पत्नी विपिन झा, निवासी- नांगलोई दिल्ली, उम्र 40 साल, रिया सिंह पुत्री ओपिल सिंह, निवासी- सागरपुर दिल्ली, उम्र 7 साल, बेबी कुमारी पुत्री प्रभु शाह, निवासी- बिजवासन दिल्ली, उम्र- 24 साल, मनोज पुत्र पंजदेव कुशवाहा, निवासी नांगलोई दिल्ली, उम्र 47 साल।
बिहार जाने वाली स्वतंत्रता सेनानी भी थी लेट
शनिवार रात महाकुंभ जाने वाले यात्रियों की रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। प्लेटफॉर्म 14, 15 के बीच पुल पर भीड़ के अनियंत्रित हो जाने से सीढ़ियों पर खड़े लोग हादसे का शिकार हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस देरी से चल रही थीं और इन ट्रेन के यात्री भी प्लेटफार्म नंबर 12, 13 और 14 पर मौजूद थे। स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस प्रयागराज होते हुए बिहार जाती है। बड़ी संख्या में लोग स्वतंत्रता सेनानी में बैठना चाहते थे। कई गाड़ियों के लेट होने के बीच जब एक स्पेशल ट्रेन की घोषणा हुई तो अधिक से अधिक लोग उसकी तरफ बढ़ना चाहते थे, जिससे यह हादसा हुआ।
15 सालों में देश में कब-कब हुई भगदड़ की बड़ी घटनाएं कितने लोगों की हुई मौत
16 Feb, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात मची भगदड़ ने कई लोगों की जान ले ली। इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई और 25 से अधिक घायल हुए हैं। बता दें कि महाकुंभ जाने के लिए प्रयागराज की ट्रेन पकड़ने पहुंचे यात्रियों की भीड़ अनियंत्रित हो गईं थी। इस वजह से ये हादसा हुआ,धार्मिक उत्सव के दौरान हुई इस तरह की भगदड़ की घटना नई नहीं है, पहले भी ऐसी कई घटनाएं घट चुकी हैं और कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
अब आपको विस्तार से बताते हैं, पहले इस तरह की घटना कब और कहां हुई थी। 16 मई, 2010 में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मची थी जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और 30 लोग घायल हो गए थे। 10 फरवरी 2013: 10 फरवरी 2013 को कुंभ मेले के दौरान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर अचानक भगदड़ मच गई थी, जिसमें कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक 10 फरवरी 2013 को मौनी अमावस्या थी और इस वजह से भारी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे थे।
3 अक्टूबर 2014: इस दिन पटना के गांधी मैदान में दशहरा के दौरान भगदड़ मची थी, इस वजह से 32 लोगों की मौत हो गई थी।
14 जुलाई 2015: आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में गोदावरी नदी के तट पर आयोजित धार्मिक उत्सव में भगदड़ मचने से 27 लोगों की मौत हो गई।
1 जनवरी 2022 : मां वैष्णो देवी मंदिर कटरा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण भगदड़ मचने से 12 श्रद्धालुओं की मौत हो गई।
31 मार्च 2023: इंदौर में रामनवमी के मौके पर आयोजित हवन के दौरान एक प्राचीन कुंए के ऊपर लगी स्लैब ढही 36 लोगों की मौत हो गई।
2 जुलाई 2024 : हाथरस में एक धार्मिक सत्संग के कार्यक्रम में भगदड़ होने से 107 लोगों की मौत।
29 जनवरी 2025: प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ होने से 30 श्रद्धालुओं की मौत।
नई दिल्ली में हुई हालिया घटना में हुई इस भगदड़ की जांच जारी है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 13 और 14 पर शनिवार देर रात उस समय भगदड़ मच गई जब कथित तौर पर यात्रियों के बीच प्रयागराज जा रही दो ट्रेनों के रद्द होने की अफवाह फैल गई।
नई दिल्ली भगदड़ः मृतकों के परिजनों को 10 लाख देगी सरकार
16 Feb, 2025 06:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। महाकुंभ जाने के लिए उमड़ी भीड़ के कारण नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। हादसे में करीब 18 लोगों की मौत हो गई जबकि कई घायल हुए हैं। हादसे को लेकर सरकार ने मुआवजे का ऐलान कर दिया है। हादसे में अपने परिजनों को खोने वालों को 10 लाख रुपए दिए जाएंगे। घायलों को ढाई लाख जबकि मामूली घायलों को एक लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। मुआवजे की राशि वितरित की जा रही है।
वहीं दूसरी तरफ पूरी घटना को लेकर रेलवे प्रशासन ने कहा कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रात करीब 10 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 13 और 14 के पास अप्रत्याशित भीड़ की स्थिति पैदा हो गई। अचानक हुई भीड़ के कारण प्लेटफॉर्म पर मौजूद कुछ यात्री बेहोश हो गए। इससे भगदड़ जैसी स्थिति की अफवाह फैल गई। इससे अफरा-तफरी मच गई। बाद में भीड़ को कम करके स्थिति को नियंत्रित किया गया। उत्तर रेलवे ने अप्रत्याशित अचानक हुई भीड़ को निकालने के लिए तुरंत 4 विशेष ट्रेनें चलाईं। अब भीड़ कम हो गई है। इस बीच, बेहोश और घायल यात्रियों को आरपीएफ और दिल्ली पुलिस द्वारा नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया है। दुर्भाग्यपूर्ण घटना की रेलवे ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
पटना जंक्शन पर 25000 वोल्ट बिजली करंट से युवक की जलकर मौत
16 Feb, 2025 04:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । बिहार के पटना जंक्शन पर पश्चिमी फुट ओवर ब्रिज से एक युवक अचानक कूद गया और रेलवे ट्रैक पर गिर गया लेकिन गिरने से पहले वह 25000 वोल्ट के बिजली की तार के संपर्क में आ गया जिससे वह नीचे गिरने के बाद धू धू कर जलने से उसकी मौके पर ही हो मौत हो गई। युवक को जलते हुए देखकर लोग डर गए और स्टेशन पर अफरातफरी मच गई। मृत युवक की पहचान नहीं हो पाई है। घटना के बारे में बताया जा रहा है कि पटना जंक्शन पर शनिवार की शाम एक युवक पश्चिमी फुटओवर ब्रिज पर थोड़ी देर तक टहलता रहा और फिर अचानक पुल की 5 फुट ऊंची जाली पर चढ़ गया, जब तक कोई कुछ समझ पाता युवक वहां से नीचे कूद गया लेकिन रेलवे ट्रैक पर गिरने से पहले वह 25 हजार वोल्ट के बिजली तार से छू गया जिससे वह धू-धू जलते हुए नीचे गिरा। कुछ ही मिनट में उसका पूरा शरीर जल गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। तक की पहचान नहीं हो सकी है वहीं रेलवे प्रशासन के सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर कैसे वह युवक फुट ओवर ब्रिज पर चढ़ गया और किसी पुलिसकर्मी ने उसे रोकने की कोशिश भी नहीं की। वह कूद गया और हाई वोल्टेज तार से टकरा कर मर गया और उसे बचाने की कोशिश तक नहीं की गई। जलते हुए ट्रैक पर गिरने से मौत हो गई और रेलवे प्रशासन अब तक मौन है।
रात 8 बजे बिगड़ने लगे थे हालात आंख मूंदे रहे अधिकारी भगदड़ मची तो चली गईं जानें
16 Feb, 2025 12:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में रेल प्रशासन की लापरवाही के कारण 18 लोगों की जान चली गई। स्टेशन पर भीड़ बढ़ती गई, लेकिन इन्हें संभालने के लिए समय से कोई कदम नहीं उठाया गया। रेलवे प्रशासन देर रात तक मृतकों की संख्या छिपाने में लगा रहा। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर विश्व स्तरीय सुविधा उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है। भीड़ प्रबंधन को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन शनिवार रात सारे दावों की पोल खुल गई। प्रयागराज जाने के लिए पिछले कई दिनों से अधिक संख्या में यात्री पहुंच रहे थे। प्रतिदिन विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। यात्रियों की संख्या बढ़ने के बावजूद भीड़ प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया गया। पिछले दिनों की तुलना में शनिवार शाम से स्टेशन पर भीड़ अधिक बढ़ने लगी थी। टिकट काउंटर पर जनरल टिकट लेने वालों की लंबी लाइन लग रही थी। प्लेटफॉर्म पर भी क्षमता से अधिक लोग पहुंच रहे थे। रात आठ बजे के बाद से स्थिति अनियंत्रित होने लगी। इसके बावजूद न रेलवे और आरपीएफ के अधिकारियों ने कोई कदम उठाया। रात लगभग नौ बजे प्लेटफार्म नंबर 14 पर भगदड़ के बाद रेलवे प्रशासन की नींद टूटी। उसके बाद दमकल की गाडि़यां और एंबुलेंस मंगाई गईं। प्लेटफार्म पर भीड़ नियंत्रित करने का प्रयास शुरू हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जांच नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में लोग बिना टिकट के भी प्लेटफार्म पर पहुंच गए थे। इस कारण स्थिति अधिक खराब हो गई। फुट ओवरब्रिज (एफओबी) की सीढि़यों पर भी लोग खड़े थे। रात लगभग साढ़े नौ बजे प्लेटफार्म नंबर 14 को जोड़ने वाली सीढ़ी से किसी के फिसलने से कई लोग गिर गए। इससे भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। दुर्घटना के बाद आरपीएफ के अतिरिक्त जवानों के साथ ही दिल्ली पुलिस के जवानों को स्टेशन पर तैनात किया गया। यदि शाम के समय से ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए जाते, तो लोगों की जान नहीं जाती।
भीड़ में घुटा लोगों का दम नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कैसे मच गई भगदड़
16 Feb, 2025 11:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार शाम को मची भगदड़ में अबतक 18 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 15 लोग घायल हैं। मंत्रालय ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दिए हैं और प्रयागराज महाकुंभ के लिए चार विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। रिपोर्टों से पता चला है कि प्रयागराज में महाकुंभ के लिए ट्रेन सेवाओं के कारण बहुत ज्यादा भीड़ के चलते प्लेटफॉर्म नंबर 14 और 15 पर अफरा-तफरी मच गई जिसके कारण भगदड़ की स्थिति पैदा हुई। रेलवे बोर्ड में सूचना एवं प्रचार के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने रविवार को बताया कि मामले की जांच करने और शनिवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ के कारणों का पता लगाने के लिए दो सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। भगदड़ में करीब 18 लोगों की मौत हो गई है। दिलीप कुमार ने कहा, मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। कुमार ने आश्वासन दिया है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और यात्रियों को विशेष ट्रेनों में बिठाया गया है। स्टेशन पर भी सामान्य ट्रेन की आवाजाही दोबार शुरू हो गई है। जांच टीम घटना के कारणों की पहचान करेगी और भविष्य में ऐसी स्थिति न उपजे उसे रोकने के लिए उपाय बताएगी। रेल मंत्रालय के अनुसार, दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर रेलवे द्वारा उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। कुमार के अनुसार, स्टेशन पर यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा थी, जिसके कारण रेलवे को भीड़ नियंत्रित करने के लिए चार अतिरिक्त विशेष रेलगाड़ियां चलानी पड़ीं। दुर्भाग्य से यात्रियों की बड़ी संख्या के चलते भगदड़ मच गई। दम घुटने से लोग बेहोश होने लगे, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए रेलवे स्टेशन में एंट्री को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। अब स्थिति नियंत्रण में है। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब प्लेटफार्म नंबर 14 पर भारी भीड़ जमा हो गई, जहां प्रयागराज एक्सप्रेस खड़ी थी। स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और भुवनेश्वर राजधानी के प्रस्थान में देरी के कारण स्टेशन पर भीड़ और बढ़ गई, जिससे प्लेटफार्म 12, 13 और 14 पर लोगों का सैलाब आ गया। रिपोर्ट्स बताती हैं कि करीब रेलवे ने 1,500 जनरल टिकट बेचे, जिसके वजह से भारी भीड़ हो गई, खास तौर पर प्लेटफार्म नंबर 14 और प्लेटफार्म नंबर 1 पर एस्केलेटर के पास।
18 को रिटायर हो रहे राजीव कुमार, नए मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर बैठक जल्द
16 Feb, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिलेक्शन कमेटी में पीएम मोदी, राहुल गांधी और एक केंद्रीय मंत्री होंगे शामिल
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सिलेक्शन कमिटी अगले हफ्ते नए मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए बैठक करेगी। मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार 18 फरवरी को रिटायर हो रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक सिलेक्शन कमिटी में पीएम मोदी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पीएम की ओर से नामित एक केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे। यह बैठक 16 या 17 फरवरी को हो सकती है।
बैठक में शॉर्टलिस्ट नाम रखे जाएंगे। सिलेक्शन कमिटी एक नाम फाइनल करके उसकी सिफारिश करेगी। कमिटी की सिफारिश पर राष्ट्रपति मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति करेंगी। वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के बाद सबसे सीनियर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हैं, जिनका कार्यकाल 26 जनवरी 2029 तक है। अन्य चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू हैं।
बता दें मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए पीएम, नेता प्रतिपक्ष और पीएम की ओर से नियुक्त एक केंद्रीय मंत्री की तीन सदस्यीय कमिटी चुनाव आयुक्त और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की सिफारिश करेगी। इससे पहले सर्च कमिटी पांच नामों को शॉर्टलिस्ट करती है। इनमें से एक नाम मुख्य चुनाव आयुक्त के लिए सिलेक्शन कमिटी फाइनल करती है। कानून के मुताबिक उम्मीदवार को भारत सरकार के सचिव-स्तर का अधिकारी होना चाहिए या रह चुका हो। उसे ईमानदार, निष्पक्ष और चुनाव प्रबंधन और संचालन का अनुभव रखने वाला व्यक्ति होना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट उस याचिका पर 19 फरवरी को सुनवाई करेगा, जिसमें चुनाव आयुक्त और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए बनाए गए नए कानून को चुनौती दी गई है। 2023 के कानून के तहत चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में मुख्य न्यायाधीश को हटा दिया गया था। नए कानून के तहत नियुक्ति करने वाली समिति में प्रधानमंत्री, नेता विपक्ष और एक केंद्रीय मंत्री को रखा गया है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि चुनाव आयोग को राजनीतिक और कार्यकारी हस्तक्षेप से मुक्त रखा जाना चाहिए, ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किए जा सके।
उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा में जंगलों में भीषण आग, बुझाने में जुटे कर्मचारी
16 Feb, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांदीपोरा । उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा के ओनागाम जंगलों में भीषण आग लगी हैं, जो तेजी से एक बड़े इलाके में फैल गई। वन विभाग के कर्मचारियों ने वन सुरक्षाबल और निवासियों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया।
आग काफी ऊंचाई पर लगी है और सड़क संपर्क की कमी के कारण आग बुझाने के प्रयास बेहद मुश्किल हो रहे हैं। चुनौतीपूर्ण इलाके के कारण अधिकारियों ने दमकल गाड़ियों को तैनात करने से इंकार कर दिया है, जिससे बचाव दल को पारंपरिक आग पर काबू पाने के तरीकों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
इन बाधाओं के बावजूद वन कर्मचारी आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। आग लगने का सही कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से सतर्क रहने और जहां भी संभव हो, आग बुझाने के प्रयासों में सहायता करने का आग्रह किया है।
नई दिल्ली स्टेशन पर प्रयागराज महाकुंभ जाने वाली भीड़ के कारण भगदड़, हादसे में 10 महिलाओं, 3 बच्चों समेत 18 लोगों की मौत की खबर
16 Feb, 2025 09:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे में घायल हुए यात्री मदद के लिए इधर-उधर भटक रहे थे, तो दूसरी तरफ घायल दर्द से चीख रहे थे। अपनों को अस्पताल पहुंचाने के लिए स्वजन मददगार ढूंढ रहे थे। लेकिन, आलम यह था कि उन्हें न तो मदद के लिए जवान मिल रहे थे और न ही कहीं एंबुलेंस मिली। ऐसे में कोई पैदल तो कोई निजी वाहनों से अपनों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश में जुटा हुआ था। ये हालात तब थे, जबकि प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों को लेकर स्टेशन पर पिछले कुछ दिनों से लगातार भीड़ बढ़ रही थी। लापरवाही का आलम यहां तक था कि भगदड़ से घायल हुए लोगों को अस्पताल ले जाने के लिए भी कोई इंतजाम नहीं थे, जिससे कई लोग समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सके।
कहां जाने के लिए जुटी थी भीड़?
प्रशासन भी तब जागा जब लोकनायक अस्पताल में पहुंचने वाले घायलों में 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई। हादसे के कारणों को लेकर जुटाई गई जानकारी में सामने आया है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन शाम को आठ बजे के बाद प्रयागराज के लिए अधिकतर ट्रेनें रवाना होती हैं।
पीएम मोदी ने लिखा, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ से दुख पहुंचा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, "नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ से दुख पहुंचा है.""मेरी सहानुभूति उनके साथ है जिन्होंने अपनों को खो दिया. घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं. प्रशासन भगदड़ से प्रभावित होने वालों का पता लगा रहा है."सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लिखा कि वो नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे से काफ़ी दुखी हैं.उन्होंने कहा, "उन्हें इस बात से आघात पहुँचा है कि रेलवे प्लेटफ़ॉर्म पर भगदड़ की वजह से जानें गई हैं. दुख की इस घड़ी में उनकी संवेदनाएँ शोकाकुल परिवारों के साथ हैं. घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं." वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे के संबंध में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी व अन्य संबंधित अधिकारियों से बात की.""दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात कर सभी को हर संभव सहायता पहुँचाने के निर्देश दिए. इस दुर्घटना में जान गँवाने वाले लोगों के परिवारजनों के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ. घायलों को हर संभव उपचार दिया जा रहा है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ."
वो 3 बड़े कारण... जिससे हालात बिगड़े और जानें गईं
प्रयागराज स्पेशल ट्रेन, भुवनेश्वर राजधानी और स्वतंत्रता सेनानी एक्स. तीनों ही प्रयागराज जाने वाले थीं। दो ट्रेनें भुवनेश्वर राजधानी और स्वतंत्रता सेनानी लेट थीं। इन तीनों ट्रेनों की भीड़ प्लेटफॉर्म-14 पर थी। जब प्रयागराज स्पेशल ट्रेन यहां पहुंची, तभी अनाउंस हुआ कि भुवनेश्वर राजधानी प्लेटफॉर्म नं. 16 पर आ रही है। सुनते ही 14 पर मौजूद भीड़ 16 की तरफ भागी।
कई लोग टिकट काउंटर पर थे। इनमें 90% प्रयागराज जाने वाले थे। अचानक ट्रेन आने का अनाउंसमेंट हुआ तो लोग बिना टिकट प्लेटफार्म की तरफ भागे। इससे भगदड़ मची।
दो वीकेंड से कुंभ जाने वालों की भीड़ हो रही थी, पर स्टेशन प्रशासन ने कोई कंट्रोल रूम नहीं बनाया। शनिवार को भी शाम 7 बजे से भीड़ बढ़ने लगी थी, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सोमनाथ के प्रांगण में सोमनाथ महोत्सव का भव्य आयोजन
16 Feb, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद | महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सोमनाथ यात्राधाम में कला और भक्ति के अनूठे त्रिवेणी संगम दर्शन होंगे। 24 से 26 फरवरी 2025 तक सोमनाथ मंदिर के प्रांगण में सोमनाथ महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया है, जिसमें देश के पद्म, पद्म भूषण और पद्म विभूषण पुरस्कार विजेता कला के माध्यम से आराधना करेंगे। राज्य पर्यटन विभाग और इंदिरा गांधी कला केंद्र, वडोदरा की संयुक्त पहल पर आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन 24 फरवरी को शाम 7 बजे गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल करेंगे। महोत्सव के दौरान वीणा भजन, रास, डायरा और दिग्गज कलाकारों के विभिन्न अलौकिक कार्यक्रम भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे। सोमनाथ महादेव न केवल एक ज्योतिर्लिंग हैं, बल्कि शैव आगम की परंपराओं का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। यहां संगीत और नृत्य न केवल कला के रूप हैं, बल्कि पूजा के पवित्र साधन हैं, जो दिव्य और नश्वर के बीच की दूरी को पाटते हैं। शैव धर्म में शिव को नटराज के रूप में पूजा जाता है, जिनका तांडव नृत्य ब्रह्मांड को लयबद्ध करता है। उनके डमरू से ही संगीतमय धुन का जन्म हुआ, जो भारतीय शास्त्रीय संगीत का आधार है। सोमनाथ ज्योतिर्लिंग शिव भक्ति के साथ-साथ रंगमंच और गायन का भी केंद्र रहा है। महोत्सव में वाद्यम-नादस्य यात्रा नामक एक विशेष प्रदर्शनी भी होगी, जो संगीत, आध्यात्मिकता और कलात्मक अभिव्यक्ति के बीच संबंधों को उजागर करेगी। प्रदर्शनी में संगीत वाद्ययंत्रों के विकास, दिव्य कथाओं के साथ उनके जुड़ाव और शिल्पकला में उनके प्रतिनिधित्व को दिखाया जाएगा। सोमनाथ यात्राधाम तीन पवित्र नदियों - कपिला, हिरन और सरस्वती के त्रिवेणी संगम पर स्थित है, और उत्सव के दौरान हर शाम यहां एक विशेष संगम आरती आयोजित की जाएगी, जिसमें भक्तिपूर्ण माहौल बनाने के लिए 108 दीपक जलाए जाएंगे। इसके अलावा, सोमनाथ संस्कृत महाविद्यालय ने 24 और 25 फरवरी को सौमनाथ: मंदिर, तीर्थ और परंपरा विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया है, जिसमें विद्वानों द्वारा सोमनाथ के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व पर चर्चा की जाएगी। महाशिवरात्रि के शुभ दिन यानी 26 फरवरी को सुबह 8 बजे मारुति बीच पर शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ पार्थिवेश्वर महापूजन का भी आयोजन किया गया है| तीन दिवसीय महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे| 24 फरवरी को डा. सोनलमान सिंह द्वारा नाट्यकथा, सूर्य गायत्री द्वारा शिव भजन, रमा वैद्यनाथन द्वारा निमग्न और पंडित शिवमणि और पंडित रोनू मजूमदार द्वारा जुगलबंदी मुख्य आकर्षण होंगे। 25 फरवरी को राम चंद्र पुलेवाज़ द्वारा छाया कठपुतली, सुधा रघुरामन का वोकल म्यूजिक, कुमुदिनी लाखिया और कदंब द्वारा नृत्य और अतुल पुरोहित द्वारा भजन आयोजित किया जाएगा। उत्सव के अंतिम दिन, बड़ौदा केरल समाज द्वारा सिंगरी मेलम, नीलेश परमार द्वारा गुजरात लोक नृत्य, योगेश गढ़वी द्वारा डायर, राज वरियर और टीम द्वारा प्रस्तुति, मैसूर मंजूनाथ द्वारा वायलिन एन्सेम्बल, स्पर्श स्टूडियो द्वारा 8 शास्त्रीय नृत्य रूपों में शिव महिमा, पंडित विश्वमोहन भट्ट द्वारा डेजर्ट स्लाइड्स, पंडित शशांक सुब्रमण्यम द्वारा बांसुरी वादन और पंडित बिक्रम घोष द्वारा भक्ति संगीत जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राज्य पर्यटन निगम ने सभी श्रद्धालुओं को कला और भक्ति के इस अनूठे उत्सव में भाग लेने के लिए हार्दिक निमंत्रण दिया है।
मुंबई में समुद्री लहरों से बिजली पैदा करने की कवायद
16 Feb, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। देश में बिजली की मांग बढ़ रही है। इसलिए, बिजली उत्पादन के विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। पवन ऊर्जा और सौर ऊर्जा जैसी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन मुंबई में एक अलग प्रयोग होने जा रहा है। मुंबई में समुद्री लहरों से बिजली पैदा की जाएगी। यह परियोजना केन्द्र सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी भारत पेट्रोलियम कंपनी लिमिटेड (बीपीसीएल) द्वारा शुरू की जाएगी। इसके लिए एक इजराइली कंपनी का सहयोग लिया जाएगा। खबर है कि समुद्री लहरों से बिजली पैदा करने की देश की पहली पायलट परियोजना मुंबई में चल रही है। भारत ऊर्जा सप्ताह (IEW) कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित किया गया। इसका ध्यान देश की बढ़ती ईंधन एवं ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने पर केंद्रित था। इसका फोकस पर्यावरण अनुकूल एवं स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन पर था। इसके तहत बीपीसीएल ने मुंबई महासागर जैसे तट पर अक्षय ऊर्जा स्रोतों से बिजली उत्पादन की योजना बनाई है।
इजरायली कंपनी वेव पावर के साथ होगा समझौता
बीपीसीएल और इजराइल की इको वेव पावर तरंग ऊर्जा उत्पादन परियोजना के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। मुंबई तट पर 100 किलोवाट बिजली उत्पादन परियोजना शुरू की जाएगी। इको पावर कंपनी ने इस परियोजना को इजराइल में सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने इस संबंध में इसी सप्ताह समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना जताई है।
यह परियोजना किन देशों में चल रही है?
इजराइल के तेल अवीव में मुख्यालय वाली इको वेव पावर ने कुछ देशों में समुद्री लहरों से बिजली पैदा करने की परियोजनाओं को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है। इनमें इजराइल, स्पेन में जिब्राल्टर और पुर्तगाल जैसे स्थान शामिल हैं। इस स्थान पर पांच से 20 मेगावाट की तरंग ऊर्जा परियोजना चल रही है। इसी तकनीक का उपयोग मुंबई तट पर बिजली पैदा करने के लिए किया जाएगा। भारत में बिजली की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसलिए, बिजली उत्पादन के नए विकल्प तलाशे जा रहे हैं। वर्तमान में सौर ऊर्जा के बड़े पैमाने पर उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। लेकिन सूर्यास्त के बाद सौर ऊर्जा की उत्पादकता कम हो जाती है।
शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने थपथपाई विभाग की पीठ; नवाचार और टीमवर्क को बताया सफलता का मंत्र।
मतदान से पहले चुनावी प्रचार का शोर खत्म, नेताओं ने झोंकी पूरी ताकत
बिलासपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: बहू पर भी लागू होगी पति वाली कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी।
बयानबाजी पर सियासी-धार्मिक तकरार, धीरेंद्र शास्त्री ने दिया करारा जवाब
किसानों के हित में फैसला, कैबिनेट ने 4 गुना मुआवजा किया मंजूर
