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परिवार के साथ भारत दौरे पर ऋषि सुनक, मोदी से मुलाकात कर द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा
19 Feb, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से मुलाकात की और उन्हें भारत का महान मित्र बताकर उनकी प्रशंसा की। पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए ऋषि सुनक और उनके परिवार से मिलने की खुशी जताई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और विविध विषयों पर शानदार बातचीत की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि भारत और ब्रिटेन के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए उत्सुक हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऋषि सुनक से मुलाकात की
उन्होंने यह भी कहा कि सुनक का भारत के प्रति स्नेह और सहयोग की भावना हमेशा मजबूत रही है और दोनों देशों के रिश्तों में यह मुलाकात एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऋषि सुनक से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने बाजार आधारित वित्तीय संबंधों को मजबूत करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नए रास्तों पर चर्चा की।
वित्त मंत्रालय ने अपनी इंटरनेट मीडिया पोस्ट में कहा कि इस बैठक में दोनों नेताओं ने वित्तीय सहयोग को बढ़ावा देने के संभावित उपायों पर विचार किया। मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस दौरान जी7 एजेंडे के तहत ग्लोबल साउथ (विकसित देशों) के लिए साझा हितों पर चर्चा की और राष्ट्रमंडल के माध्यम से इन मुद्दों को आगे बढ़ाने के महत्व को रेखांकित किया।
भारत-ब्रिटेन रिश्तों को मजबूत करने की वकालत की
इससे पहले सुनक परिवार के साथ 15 फरवरी को ताजमहल का दीदार किया था। सुनक ने 17 फरवरी को दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी। विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत-ब्रिटेन रिश्तों को मजबूत करने में सुनक के निरंतर समर्थन की सराहना की।
सुनक ने परिवार के साथ किया संसद भवन का दौरा
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक अपने परिवार के साथ मंगलवार को संसद भवन पहुंचे। उनके साथ राज्यसभा सदस्य और उनकी सास सुधा मूर्ति, पत्नी अक्षता और बच्चों थे। लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह ने संसद भवन परिसर में उनका स्वागत किया।
इस दौरान सुनक ने परिवार के साथ संसद भवन परिसर का भ्रमण किया और इसकी वास्तुकला को बारीकी से देखा। इस दौरान वह उत्साहित नजर आए। सुनक ने संसद भवन की गैलरी, चैंबर और संविधान की प्रति को भी देखा।
फुटबॉल मैच से पहले पटाखों में विस्फोट, केरल के मलप्पुरम में मची अफरा-तफरी
19 Feb, 2025 09:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मलप्पुरम। केरल के मलप्पुरम में एरीकोड के पास एक फुटबॉल मैदान में पटाखों में विस्फोट होने से 30 से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। इस घटना में घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है।
एरीकोड पुलिस के मुताबिक कि यह घटना एक फुटबॉल मैदान में हुई जहां एक फुटबॉल मैच शुरू होने से पहले पटाखों का इस्तेमाल किया गया था। पटाखे फूट गए और मैदान में फैल गए, जहां लोग मैच देखने के लिए बैठे थे।
पुलिस ने कहा कि घायलों को इलाज के लिए पास के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, हालांकि किसी गंभीर चोट की सूचना नहीं है।
घरेलू हिंसा पर सख्त सुप्रीम कोर्ट, राज्यों से तत्काल स्थिति रिपोर्ट देने को कहा
19 Feb, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू हिंसा कानून के क्रियान्वयन पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल नहीं करने के लिए कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को फटकार लगाई है और पांच हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने राज्यों को दी चेतावनी
कोर्ट ने इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चार सप्ताह का समय दिया है। साथ ही चेतावनी दी कि अगर वे रिपोर्ट दाखिल नहीं करते हैं, तो अगली बार जुर्माना दोगुना हो जाएगा। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को निर्धारित की है।
जस्टिस बीवी नागरत्ना और प्रसन्ना बी.वराले की पीठ ने सुनवाई के दौरान यह आदेश तब दिया जब याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद अपनी स्थिति रिपोर्ट दाखिल नहीं की।
कोर्ट ने कहा कि आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, ओडिशा, तेलंगाना, बंगाल और असम इन डिफाल्टर राज्यों में शामिल हैं। साथ ही दादर और नागर हवेली, दमन और दीव, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और लक्षद्वीप जैसे केंद्र शासित प्रदेशों ने भी अपनी रिपोर्ट नहीं दी है।
जस्टिस नागरत्ना ने कहा-जुर्माना अगली बार दोगुना कर दिया जाएगा
जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि अगर आप रिपोर्ट नहीं दाखिल करते हैं, तो जुर्माना अगली बार दोगुना कर दिया जाएगा। यह मामला 2005 के घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर है और सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2024 में आदेश दिया था कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस कानून के कार्यान्वयन पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले दो दिसंबर, 2024 को आदेश दिया था कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस कानून के कार्यान्वयन पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करनी चाहिए। 17 जनवरी को कोर्ट ने रिपोर्ट दाखिल करने की समय सीमा 14 फरवरी तक बढ़ा दी थी।
आश्रय गृहों की पर्याप्त नियुक्ति की मांग की गई
कोर्ट ने कहा कि घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम के प्रविधानों का सही तरीके से पालन और कार्यान्वयन केवल केंद्र का नहीं, बल्कि संबंधित राज्य सरकारों का भी कर्तव्य है। याचिका में महिलाओं के लिए सुरक्षा अधिकारियों, सेवा प्रदाताओं और आश्रय गृहों की पर्याप्त नियुक्ति की मांग की गई है, ताकि इस कानून का सही तरीके से पालन हो सके।
प्रयागराज से आ रही ट्रेन में लगी आग, त्रिवेणी एक्सप्रेस में पहियों से निकला धुआं, जान बचाने को कूदे यात्री
18 Feb, 2025 09:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोनभद्र । उत्तर प्रदेश में सोनभद्र जिले के खैराही रेलवे स्टेशन के पास टनकपुर सिंगरौली त्रिवेणी एक्सप्रेस में चैन पुलिंग के बाद ट्रेन के पहिए में घर्षण होने से धुआं निकलता देख यात्रियों में हड़कंप मच गया। रेलवे सूत्रों के अनुसार मंगलवार करीब डेढ़ बजे टनकपुर-सिंगरौली 15074 डाउन एक्सप्रेस खैराही रेलवे स्टेशन के पास पहुंची कि चालक ने पहिए से धुआं देख कर ट्रेन को रोक दिया। अचानक ट्रेन रुकने से यात्रियों को लगा कि आग लग गई है जिससे अफरातफरी का माहौल हो गया। राबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि चैन पुलिंग के कारण पहिए में घर्षण हुआ जिसके कारण धुआं निकलने लगा। ट्रेन में किसी तरह की आग नहीं लगी थी। सभी यात्री सुरक्षित है और लगभग 40 मिनट बाद ट्रेन अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गई है।
काशी और कामायनी एक्सप्रेस में मिली बम से उड़ाने की धमकी, अफरा-तफरी मची, गाड़ी रुकते ही कूदने लगे यात्री
18 Feb, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उप्र: गाजीपुर जिले में मंगलवार को गोरखपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनल मुंबई जा रही काशी एक्सप्रेस ट्रेन में बम की अफवाह से हड़कंप मच गया। स्थानीय औड़िहार जंक्शन पर ट्रेन के रुकते ही यात्रियों में अफरातफरी मच गई। अफवाह के चलते कुछ यात्री प्लेटफार्म पर अपना सामान लेकर ट्रेन से कूदने लगे। सूचना मिलने पर सैदपुर क्षेत्राधिकारी अनिल के नेतृत्व में पुलिस ने डॉग स्क्वायड टीम की मदद से पूरी ट्रेन की गहन तलाशी ली। कोई विस्फोटक वस्तु न मिलने पर उक्त ट्रेन आधे घंटे देरी से अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई।
महाकुंभ की भीड़ के चलते अफवाहों का बाजार भी गर्म है। ऐसे में हर दिन ट्रेनों में बम होने की अफवाह फैलाई जा रही है। हालांकि इस मामले को लेकर पुलिस जगह-जगह अलर्ट है और हर प्रमुख स्टेशन पर जांच कर रही है।
जांच में जुटी पुलिस
बलिया रेलवे स्टेशन पर कंट्रोल रूम से कामायनी एक्सप्रेस में संदिग्ध बैग (बम) रखे जाने की सूचना पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में स्टेशन पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मौके पर सीओ सिटी श्यामकांत, आरपीएफ उपनिरीक्षक जयेंद्र कुमार मिश्रा, जीआरपी प्रभारी विवेकानंद भारी पुलिस बल के साथ सफाई के लिए वाशिंग पिट पर खड़ी कामायनी एक्सप्रेस का निरीक्षण किया। जवानों ने डिटेक्टर से जांच की, जिससे घंटों अफरातफरी मची रही। प्लेटफार्म पर बैठे यात्रियों के सामान व संदिग्ध बैग, बंडल की जांच की। कंट्रोल को पल-पल की जानकारी मिलती रही। कामायनी एक्सप्रेस में मैनुअल जांच में कुछ नहीं मिलने पर छपरा से डॉग स्क्वायड व आजमगढ़ से बम निरोधक दस्ता बुलाया गया।
रेलवे स्टेशन की पुलिस चप्पे-चप्पे पर जांच करती रही। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। सुबह करीब छह बजे मुंबई से बलिया जाने वाली कामायनी एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर तीन पर खड़ी थी। करीब 11 बजे गोरखपुर कंट्रोल से कामायनी एक्सप्रेस में संदिग्ध बैग (बम) रखे होने की सूचना मिली। पुलिस बल ने यात्रियों को ट्रेन से उतारकर जांच के लिए वाशिंग पिट ले गए। सीओ सिटी श्यामकांत ने बताया कि ट्रेन में संदिग्ध बैग (बम) रखे होने की सूचना पर जांच की गई है। सुरक्षा के लिए डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है।
कुख्यात बदमाशों और पटना पुलिस के बीच ज़बरदस्त मुठभेड़, लगभग दो घंटे से जारी ऑपरेशन
18 Feb, 2025 04:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार की राजधानी पटना में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ जारी है। पटना की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने एक घर के अंदर छिपे बदमाशों को घेर लिया है। कंकड़बाग थाना क्षेत्र में स्थित इस मकान से दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हो रही है। राम लखन पथ पर इस मकान में चार अपराधी मौजूद हैं, जो अंदर से फायरिंग कर रहे हैं। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और अपराधियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन बदमाशों ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी।
पुलिस ने स्थिति को ध्यान में रखते हुए बदमाशों को एक कमरे में घेर लिया है और जवाबी फायरिंग की है। सूचना मिलने पर पुलिस के उच्च अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से, पुलिस ने इस मकान के निकट स्थित एक स्कूल में एहतियात के तौर पर छुट्टी घोषित कर दी है।
चारो थानों की टीम मौके पर
पुलिस की चार थानों की टीम मौके पर पहुंची है। पटना के एसएसपी अवकाश कुमार के अनुसार, कंकरबाग थाना पुलिस के साथ-साथ अन्य तीन थानों से भी बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। पुलिस का मानना है कि अंदर से हो रही फायरिंग के आधार पर बदमाशों की संख्या चार हो सकती है। जानकारी के अनुसार, बदमाश दीवारों के पीछे छिपकर फायरिंग कर रहे हैं, जबकि पुलिस की टीमें भी अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए लगातार बदमाशों के नजदीक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
एसटीएफ के कमांडो मौके पर
एसटीएफ के कमांडो मौके पर पहुंचे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एसटीएफ ने अपने विशेष कमांडो दस्ते को घटनास्थल पर बुला लिया है, जो अब इस भवन की घेराबंदी कर रहा है। जानकारी के अनुसार, यह चार मंजिला भवन है, जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें स्थित हैं, जबकि दूसरे और तीसरे मंजिल पर लोग निवास करते हैं। पुलिस ने इस समय भवन में रह रहे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
यह भवन उपेंद्र सिंह का है। पुलिस के अनुसार, जिस भवन में अपराधी घुसे हैं, वह उपेंद्र सिंह के स्वामित्व में है। बताया जा रहा है कि चारों बदमाश डकैती की नीयत से इस भवन में प्रवेश किए थे, लेकिन समय रहते स्थानीय लोग सतर्क हो गए और इन अपराधियों को भवन के अंदर ही घेर लिया गया।
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर केंद्रीय विश्वविद्यालय में महिला छात्राओं का विरोध प्रदर्शन, सुरक्षा की मांग
18 Feb, 2025 03:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अनंतपुर केंद्रीय विश्वविद्यालय: आंध्र प्रदेश के बुक्कारायसमुद्रम मंडल में स्थित अनंतपुर केंद्रीय विश्वविद्यालय में रविवार 16 फरवरी को कुछ बाहरी लोग छात्रों के छात्रावास के कमरों और बाथरूम में झांक रहे थे, जिसको लेकर छात्राएं जमकर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं. महिला छात्राओं ने अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की. साथ ही विश्वविद्यालय अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए नारे लगाए.
प्रदर्शनकारी छात्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस से बार-बार शिकायत करने के बावजूद, उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अज्ञात व्यक्ति, जो आस-पास की साइटों में काम कर रहे हैं वो अक्सर छात्रावास के कमरों की खिड़कियों और बाथरूम के वेंटिलेटर से झांकते रहते हैं. साथ ही महिला टॉयलेट में कैमरा लगाने या वीडियो बनाने जैसी घटनाएं भी होती हैं जो उनके लिए सुरक्षा पर बड़ा सवाल है.
पिछले साल भी दिसंबर में हुई थी ऐसी घटना
छात्राओं का आरोप है कि यह पहली बार नहीं है जब अजनबियों ने उनके शौचालय में घुसने की कोशिश की हो या उसके अंदर झांकने की कोशिश की हो. पिछले साल दिसंबर में भी यूनिवर्सिटी में ऐसी ही घटना हुई थी. परेशान छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार करने का फैसला किया है. साथ ही छात्राओं का विभिन्न छात्र संघों ने अपना समर्थन दिया, जिससे आंदोलन और तेज हो गया। प्रदर्शनकारी छात्रों में से एक ने स्थानीय मीडिया से कहा, “हम लगातार डर में जी रहे हैं, इस बात को लेकर अनिश्चित हैं कि कौन हमें देख रहा है. यह अस्वीकार्य है, और हम तत्काल सुरक्षा उपायों की मांग करते हैं.
वॉशरूम में दिखी थी परछाई
पुलिस ने बताया कि रविवार दोपहर से शाम तक बिजली नहीं थी. इस दौरान रात में छात्राओं में से एक ने दावा किया कि उसने वॉशरूम में एक परछाई देखी और आरोप लगाया कि कोई झांक रहा था. ऐसे में जब उसने चिल्लाया, तो व्यक्ति भाग गया. यह घटना छात्रावास की इमारत की तीसरी मंजिल पर हुई. छात्रा के आरोप से विरोध शुरू हो गया.
रामलीला मैदान में बीजेपी का शपथ ग्रहण, 27 साल बाद फिर गूंजेगा ऐतिहासिक उत्सव
18 Feb, 2025 03:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजेपी: दिल्ली का रामलीला मैदान एक बार फिर ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह का गवाह बनने जा रहा है. करीब 27 साल बाद बीजेपी के मुख्यमंत्री रामलीला ग्राउंड में शपथ लेने जा रहे हैं. यह समारोह एक बार फिर दिल्ली के इतिहास में एक नया पन्ना जोड़ने जा रहा है. दिल्ली के रामलीला मैदान के संघर्ष की भी अपनी दास्तां है. अतीत में कई उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरा है यह मैदान. इस मैदान की नींव मुगलकाल में ही पड़ गई थी. संघर्ष और आंदोलन इस मैदान का आधार था. रामलीला के आयोजन के लिए लोगों को काफी लड़ाइयां लड़नी पड़ीं. आज भी जब कभी बड़े जन आंदोलन, रैली, परिवर्तन की मुनादी और शपथ ग्रहण समारोह की दरकार होती है, इस रामलीला मैदान को ही चुना जाता है.
दिल्ली के रामलीला मैदान के मंच पर राम-रावण युद्ध का मंचन जितना प्रसिद्ध है, इसे विभिन्न माध्यमों से देश-विदेश में देखा-सुना जाता है, उसी तरह यहां के मंच से उठी राजनीतिक रैलियों और संबोधनों की आवाजें भी देश के कोने-कोने तक पहुंचती हैं. यहां दिये गये संदेश देश के प्रबुद्ध वर्ग की बहस में शामिल होते हैं तो परिवर्तनशील राजनीतिक आंदोलनों पर असर भी डालते हैं. यानी यहां से उठी हर आवाज बहुत दूर तलक जाती है. इस प्रकार दिल्ली के रामलीला मैदान का करीब दो सौ साल के इतिहास कला, संस्कृति, इतिहास, राजनीति से ताल्लुक रखता है.
औरंगजेब ने उजाड़ा जबकि बहादुर शाह जफर कायल थे
दिल्ली का आज का रामलीला मैदान आखिरी मुगल शासक बहादुर शाह जफर के शासन काल में पूरी तरह से आकार ले सका था लेकिन रामलीला जैसे धार्मिक आयोजनों के लिए इस जगह का इस्तेमाल औरंगजेब के शासन काल में ही हो गया था. औरंगजेब की सेना में हिंदू सेना की संख्या कम हुआ करती थी जबकि बहादुर शाह जफर के दौर तक आते-आते हिंदू सैनिकों की संख्या अच्छी खासी हो चुकी थी. औरंगजेब की क्रूरता की वजह से रामलीला मैदान बार-बार उजड़ता रहा. लोग छुप छुप कर रामलीला मनाते थे.
बाद में जब इस जगह पर भव्य रामलीला होने लगीं तो बहादुर शाह जफर खुद भी इसके कायल हो गये. अपने जुलूस के दौरान वह इस मैदान को दूर से निहारते थे. कहते हैं उन्हें यहां की रौनकें और खुलापन खूब भाता था. वह इसे शान की जगह समझते थे. यानी बहादुर शाह जफर के शासन के आखिरी दौर में ही यह स्थान रामलीला मैदान के नाम से विख्यात हो चुका था. भव्य धार्मिक आयोजन होने लगे थे.
पहले इस जगह को बस्ती का तालाब कहा जाता था
देश की राजधानी दिल्ली में रामलीला मैदान अजमेरी गेट से सटा है. यह करीब 10 एकड़ में फैला है. पहले यहां एक बड़ा तालाब होता था जिसके चारों तरफ पहले कभी घनी बस्तियां हुआ करती थीं. मुगल सेना के हिंदू सैनिक पहले डर-डर कर रामलीला और अन्य धार्मिक उत्सव मनाते थे. धीरे-धीरे जैसे-जैसे इसका उपयोग बढ़ता गया, लोग तालाब को भरते गये. तालाब होने की वजह से ही इस जगह को पहले बस्ती का तालाब कहा जाता था.
फिर अंग्रेजों का शासन आते-आते सन् 1850 के आस-पास इस जगह को पूरी तरह से समतल कर दिया गया. बाद में अंग्रेजों ने अपनी छावनी के लिए इस जगह का उपयोग करना शुरू कर दिया. इसके बावजूद यहां हर साल रामलीला होती रही. अब इस स्थान का उपयोग भले ही साल में केवल एक बार रामलीला के लिए होता है लेकिन सियासी घमासान से यह स्थान हमेशा गुंजायमान रहता है.
आजादी के बाद रामलीला मैदान का उपयोग बदला
दिल्ली के रामलीला मैदान का इतिहास कई मामलों में अनोखा है. इसकी बुनियाद भले ही धार्मिक आयोजनों के लिए पड़ी लेकिन आज यह जगह सियासी आंदोलनों का सबसे बड़ा अड्डा बन चुकी है. हालांकि हर साल यहां बड़े ही भव्य तरीके से रामलीला का भी आयोजन होता है. इसे देखने के लिए लोग दूर दूर से आते हैं. लेकिन आजादी के आंदोलन के समय भी यह स्थान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष का अड्डा बन गया. महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसे नेता इस ग्राउंड से आजादी का बिगुल फूंक चुके हैं.
सन् 1945 में मोहम्मद अली जिन्ना को यहीं पर मौलाना की उपाधि दी गई थी. 1952 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसी जगह पर जम्मू-कश्मीर के लिए सत्याग्रह किया. पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने पाकिस्तान को परास्त करने के बाद सन् 1965 में यहीं से देशावसियों को संबोधित किया था.
रामलीला मैदान से परिवर्तन की मुनादी और शपथ
साठ के दशक के बाद दिल्ली का रामलीला मैदान सत्ता परिवर्तन के लिए आंदोलन करने की सबसे खास जगहों में एक बन गया. सन् 1975 में जेपी यानी जयप्रकाश नारायण ने यहीं पर भ्रष्टाचार के खिलाफ संपूर्ण क्रांति का नारा बुलंद किया था, जिसका प्रभाव पूरे देश में देखा गया. नारे और आंदोलन से परेशान होकर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करनी पड़ी. इसके बाद जब सन् 1977 में जब आपातकाल हटा और केंद्र में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी तब एक बार फिर जय प्रकाश नारायण ने यहां से देशवासियों को संबोधित किया.
इसके बाद यूपीए सरकार के खिलाफ इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन के लिए भी रामलीला मैदान को चुना गया. समाज सेवी अन्ना हजारे ने जनलोकपाल बिल के लिए आमरण अनशन किया था. इस अनशन और आंदोलन के समय दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ-साथ प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, किरण बेदी, कुमार विश्वास और मनीष सिसोदिया भी थे. भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत माता की जय के नारों से मैदान दिन रात गुंजायमान हो रहा था. इसी आंदोलन की कोख से आम आदमी पार्टी का जन्म हुआ. 2013 में दिल्ली तो 2014 में केंद्र की सत्ता बदली. आप को सत्ता मिलने पर अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद की शपथ इसी रामलीला मैदान में ली.
इसी रामलीला मैदान में योग गुरु स्वामी रामदेव भी काले धन के खिलाफ आंदोलन कर चुके हैं तो केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन ने भी 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले विशाल रैली यहीं पर बुलाई थी. अब बीजेपी ने दिल्ली के नये मुख्यमंत्री की शपथ के लिए इसी जगह का चुनाव करके नया संदेश दे दिया है. बीजेपी रामलीला मैदान की तस्वीर को देश में परिवर्तन और विकास की नई लहर के नजीर के तौर पर पेश करना चाहती है.
अभद्र टिप्पणी मामले में रणवीर इलाहाबादिया की याचिका पर SC में सुनवाई आज
18 Feb, 2025 11:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यूट्यूब पर एक शो के दौरान कथित रूप से अभद्र टिप्पणियों को लेकर दर्ज प्राथमिकियों के खिलाफ रणवीर इलाहाबादिया की याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। जस्टिस सूर्यकांत और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ इस मामले पर सुनवाई कर सकती है।
तुरंत सुनवाई की अपील हुई खारिज
शुक्रवार को इलाहाबादिया के वकील अभिनव चंद्रचूड़ ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था। जब चंद्रचूड़ ने कहा कि असम पुलिस ने इलाहाबादिया को दिन में जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है, तो प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना ने कहा कि मैंने पीठ निर्धारित कर दी है। यह मामला दो-तीन दिनों में (पीठ के समक्ष) आएगा।
माता-पिता और यौन संबंधों पर दिया था बयान
बताते चलें कि हास्य कलाकार समय रैना के यूट्यूब शो 'इंडियाज गाट लैटेंट' पर माता-पिता और यौन संबंधों पर पाडकास्टर इलाहाबादिया की टिप्पणी ने विवाद खड़ा कर दिया और देश के विभिन्न हिस्सों में उनके और अन्य के खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इलाहाबादिया और रैना के अलावा असम में दर्ज मामले में आशीष चंचलानी, जसप्रीत सिंह और अपूर्वा मखीजा के नाम भी हैं।
इलाहाबादिया, रैना और अन्य लोगों के खिलाफ जयपुर में भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। जय राजपूताना संघ ने साइबर थाने में यह रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस बीच, महाराष्ट्र साइबर सेल ने रणवीर इलाहाबादिया को 24 फरवरी को अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है।
24 फरवरी को जांच के लिए बुलाया गया
एक अधिकारी ने बताया कि इससे पहले साइबर सेल ने इलाहाबादिया को पेश होने के लिए कहा था, लेकिन वह नहीं आए। अब उन्हें 24 फरवरी को जांच में शामिल होने के लिए फिर से बुलाया गया है। एएनआइ के अनुसार, समय रैना को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये अपना बयान दर्ज कराने की अनुमति नहीं मिली।
रैना को भी दर्ज कराना होगा बयान
महाराष्ट्र साइबर सेल ने इस सिलसिले में रैना के अनुरोध को ठुकरा दिया है। रैना ने कहा था कि वह फिलहाल अमेरिका में हैं और पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण 17 मार्च से पहले भारत नहीं लौट पाएंगे। लेकिन, महाराष्ट्र साइबर सेल ने रैना को 18 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहा है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी समन जारी किया
राष्ट्रीय महिला आयोग ने यूट्यूबर द्वारा की गई अपमानजनक और अश्लील टिप्पणियों के संबंध में जारी समन का जवाब देने में विफल रहने के बाद सुनवाई की नई तारीख जारी की है। महिला आयोग ने कहा कि रणवीर इलाहाबादिया, समय रैना, अपूर्वा मखीजा, आशीष चंचलानी और अन्य यूट्यूबर इंडियाज गाट लैटेंट शो विवाद के सिलसिले में व्यक्तिगत रूप से पेश होने में विफल रहे हैं। इन लोगों को 17 फरवरी को आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा गया था।
भारत और बांग्लादेश के सुरक्षा बलों की आज बड़ी बैठक, क्या बदलेगी रणनीति?
18 Feb, 2025 10:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बार्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल द्विपक्षीय वार्ता के लिए सोमवार को दिल्ली पहुंचा। दोनों सेनाओं के बीच 55वां महानिदेशक-स्तरीय सीमा समन्वय सम्मेलन लोधी रोड पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा।
शेख हसीना सरकार के पतन के बाद पहली बैठक
पिछले साल अगस्त में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद दोनों सीमा सुरक्षा बलों के बीच यह पहली शीर्ष स्तरीय बैठक होगी। बैठक का आयोजन मंगलवार को होना है। बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल 20 फरवरी तक यहां रहेंगे।
गृह मंत्रालय के अधिकारी भी होंगे बैठक का हिस्सा
अधिकारियों ने कहा कि वार्ता में भाग लेने के अलावा वे केंद्रीय गृह मंत्रालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात कर सकते हैं। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बीएसएफ के महानिदेशक (डीजी) दलजीत सिंह चौधरी कर रहे हैं, जबकि दौरे पर आई बांग्लादेशी टीम का नेतृत्व बीजीबी डीजी मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमां सिद्दीकी कर रहे हैं।
सीमा सुरक्षा बलों के बीच समन्वय के लिए हो रही बैठख
बीएसएफ ने पिछले हफ्ते कहा था कि सीमा संबंधी मुद्दों पर चर्चा करने और सीमा सुरक्षा बलों के बीच समन्वय में सुधार के लिए यह आयोजन किया जा रहा है। इसमें कहा गया था कि बांग्लादेश स्थित बदमाशों/नागरिकों द्वारा बीएसएफ कर्मियों और भारतीय नागरिकों पर हमलों को रोकने के साथ-साथ सीमा पार अपराधों, बाड़ के निर्माण, सीमा बुनियादी ढांचे से संबंधित मुद्दों, समन्वित सीमा प्रबंधन योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए संयुक्त प्रयासों, विश्वास निर्माण उपायों और अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट में उठी भोपाल गैस कचरे के निस्तारण की गूंज, पीथमपुर में तनाव
18 Feb, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
1984 की भोपाल गैस त्रासदी के खतरनाक कचरे के निस्तारण का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को एक याचिका पर केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश और उसके प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा। इस त्रासदी में 5,479 लोगों की मौत हो गई थी और पांच लाख से ज्यादा लोग दिव्यांग हो गए थे।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
अब बंद हो चुकी यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के लगभग 377 टन खतरनाक कचरे को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जो भोपाल से 250 किलोमीटर और इंदौर से लगभग 30 किलोमीटर दूर है।
शीर्ष अदालत ने स्वास्थ्य के अधिकार और इंदौर शहर सहित आस-पास के क्षेत्रों के निवासियों के लिए जोखिम के मुद्दे को उठाने वाली याचिका का संज्ञान लिया। दो-तीन दिसंबर, 1984 की रात को यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से अत्यधिक जहरीली गैस मिथाइल आइसोसाइनेट का रिसाव हुआ था। इसे दुनिया की सबसे भयानक औद्योगिक आपदाओं में से एक माना जाता है।
पीथमपुर में कचरा निस्तारण से लोग चिंतित
जस्टिस बीआर गवई और आगस्टीन जार्ज मसीह की पीठ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के तीन दिसंबर, 2024 और छह जनवरी, 2025 के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गई। याचिकाकर्ता चिन्मय मिश्र ने अधिवक्ता सर्वम ऋतम खरे के माध्यम से शीर्ष अदालत में दायर याचिका में कहा है कि वह पीथमपुर में 337 टन खतरनाक रासायनिक कचरे के निस्तारण के अधिकारियों के निर्णय से चिंतित हैं।
निस्तारण स्थल से एक किलोमीटर के दायरे में कम से कम चार-पांच गांव स्थित हैं। इन गांवों के निवासियों का जीवन और स्वास्थ्य अत्यधिक जोखिम में है। यह उल्लेख करना उचित है कि 'गंभीर नदी' औद्योगिक क्षेत्र के बगल से बहती है और 'यशवंत सागर बांध' को पानी उपलब्ध कराती है।
धारा 370 से लेकर राम मंदिर तक, ज्ञानेश कुमार का रहा अहम योगदान
18 Feb, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ज्ञानेश कुमार देश के मुख्य चुनाव आयुक्त होंगे। वह मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की जगह लेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय चयन समिति ने सोमवार शाम को ज्ञानेश कुमार के नाम की सिफारिश की, जिस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मुहर लगाई। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। वहीं, डॉ. विवेक जोशी तीन सदस्यीय चुनाव आयोग के नए सदस्य होंगे।
अभी तक की परंपरा के अनुसार सबसे वरिष्ठ चुनाव आयुक्त को ही मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया जाता रहा है। राजीव कुमार के बाद ज्ञानेश कुमार सबसे वरिष्ठ चुनाव आयुक्त हैं। चुनाव आयुक्त के रूप में उनका कार्यकाल 26 जनवरी 2029 तक है। ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त बनाए जाने के कारण उनकी जगह रिक्त हुए पद पर डॉ. विवेक जोशी की नियुक्ति की गई है।
सोमवार को हुई थी बैठक
बता दें कि राजीव कुमार 18 फरवरी यानी मंगलवार को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति की साउथ ब्लाक कार्यालय में बैठक हुई। इसमें पांच नाम रखे गए लेकिन नेता विपक्ष और समिति के सदस्य राहुल गांधी ने इन सभी नामों पर असहमति दर्ज कराई। समिति में पीएम मोदी और राहुल गांधी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह भी सदस्य हैं।
जानिए ज्ञानेश कुमार के बारे में
बता दें कि 61 वर्षीय ज्ञानेश कुमार पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय का हिस्सा थे। उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म करने वाले विधेयक का मसौदा तैयार करने में मदद करना और पूर्ववर्ती राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करना शामिल था। उस वक्त वह गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (कश्मीर संभाग) थे।
ठीक इसके एक साल बाद गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में ज्ञानेश कुमार ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के बारे में सुप्रीम कोर्ट के मामले से संबंधित दस्तावेजों को भी संभाला।
सूत्रों की मानें तो ज्ञानेश कुमार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। वे पिछले साल जनवरी में सहकारिता मंत्रालय के सचिव के रूप में सिविल सेवा से सेवानिवृत्त हुए, जिसका नेतृत्व भी गृहमंत्री अमित शाह करते हैं।
निभाएंगे बड़ी जिम्मेदारी
बता दें कि ज्ञानेश कुमार निवर्तमान राजीव कुमार की जगह लेंगे। ज्ञानेश कुमार इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव और अगले साल बंगाल, असम और तमिलनाडु में होने वाले चुनावों की देखरेख करेंगे।
ज्ञानेश कुमार केरल कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। चुनाव आयोग में वह तीन सदस्यीय पैनल के दो आयुक्तों में से वरिष्ठ हैं। इसी पैनल पैनल के दूसरे आयुक्त उत्तराखंड कैडर के अधिकारी सुखबीर सिंह संधू हैं। इस पैनल का नेतृत्व राजीव कर रहे थे।
10वीं-12वीं पेपर लीक की खबरों को लेकर, आया CBSE का ये जवाब
17 Feb, 2025 03:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 2025 की बोर्ड परीक्षा के पेपर लीक होने की खबरों को पूरी तरह से निराधार बताया है। बोर्ड ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही ये अफवाहें सिर्फ छात्रों और अभिभावकों में दहशत पैदा करने के लिए फैलाई जा रही हैं। 10वीं और 12वीं की सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हो चुकी हैं और 4 अप्रैल तक चलेंगी। इस साल देश-विदेश के 8,000 से ज्यादा स्कूलों से करीब 44 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। बोर्ड ने परीक्षा को निष्पक्ष और सुचारू रूप से कराने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं।
फैलाई जा रही हैं पेपर लीक की अफवाहें?
सीबीएसई के मुताबिक, कुछ लोग यूट्यूब, फेसबुक, 'एक्स' (ट्विटर) और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर झूठी खबरें फैला रहे हैं कि उन्हें 2025 की परीक्षा के प्रश्नपत्र मिल गए हैं। बोर्ड ने ऐसी अफवाहों से सावधान रहने की सलाह दी है और कहा है कि ऐसे झूठे दावे करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि वह गलत सूचना फैलाने वालों पर नजर रख रहा है। बोर्ड कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर इन अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर रहा है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अफवाह फैलाने वालों को दंडित किया जाएगा
अगर कोई भी छात्र ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसे सीबीएसई के अनुचित साधनों के नियमों के तहत दंडित किया जाएगा। इसके तहत छात्र की परीक्षा रद्द की जा सकती है और उसे अगले तीन साल तक किसी भी विषय की परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी है कि वे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें। बोर्ड ने सभी से आग्रह किया है कि परीक्षा से जुड़ी कोई भी जानकारी बिना जांचे सोशल मीडिया पर साझा न करें।
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने सैम पित्रोदा और कांग्रेस पर चीन से संबंधों को लेकर हमला बोला
17 Feb, 2025 03:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुधांशु त्रिवेदी: बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने एक बार फिर सैम पित्रोदा और कांग्रेस को लेकर निशाना साधा. हाल ही में सैम पित्रोदा ने चीन को लेकर बयान दिया था जिस पर अब बीजेपी ने उन्हें घेरना का काम किया है. बीजेपी सांसद ने कहा, आज अनेक प्रतिगामी शक्तियां भारत के विकास को रोकने के लिए षड्यंत्र करती नजर आ रही हैं. ओवरसीज कांग्रेस के प्रेसिडेंट सैम पित्रोदा की चीन को लेकर दिए बयान से साफ है कि कांग्रेस के चीन के साथ हुए करार का इजहार हो गया है. सैम पित्रोदा की बात भारत की संप्रभुता और कूटनीति के खिलाफ है. साथ ही उन्होंने कहा, इसी तरह के अनेक स्टेटमेंट राहुल गांधी दे चुके हैं. इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा ने एलएसी सीमा विवाद पर एक बयान दिया है. उनके इसी बयान की वजह से अब वो सुर्खियों में आ गए हैं और बीजेपी ने उनको घेर लिया है. सैम पित्रोदा ने कहा, भारत-चीन मुद्दे को अमेरिका ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है और चीन को हमारा दुश्मन मानना अनुचित है. हालांकि, भारतीय जनता पार्टी ने पित्रोदा पर पलटवार करते हुए कांग्रेस पार्टी पर भारत की जमीन पड़ोसी देश को सौंपने का आरोप लगाया.
राहुल गांधी पर साधा निशाना
कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए बीजेपी सांसद ने कहा, राहुल ने कहा था कि चीन बहुत तेजी से अच्छे से आगे बढ़ रहा है. फिर उन्होंने कहा चीन ने बेरोजगारी को बहुत बढ़िया से टैकल किया है. फिर कहा प्रेस फ्रीडम में हम से आगे हैं. आगे कहा की चीन की इकोनॉमिक ग्रोथ बहुत अच्छी है. इस प्रक्रिया में ये सैम पित्रोदा का बयान देखा जाए तो गलवान के सैनिकों का अपमान है कि नहीं. ये बयान भारतीय सैनिकों के बलिदान का घनघोर अपमान है. साथ ही उन्होंने कहा, समुद्रपार से हमारे चुनावी व्यवस्था पर गड़बड़ी चल रही है ये भी सामने आया है. चुनाव आयोग के संबंधित एक संस्था को CCPEM नामक अमेरिकी संस्था से फंडिंग आ रही है. जो भारत में 3.5 लाख डॉलर प्रतिवर्ष आ रहे थे.
गौरव गोगोई को लेकर उठाए सवाल
बीजेपी सांसद ने सवाल पूछा कि ये कौन सी शक्तियां चुनाव को प्रभावित करने या समस्या पैदा करने के लिए काम कर रही है. सोरोस की सुर और कांग्रेस के सुर इस मामले पर एक नजर आते हैं. वहीं गौरव गोगोई की सोरोस की फाउंडेशन के साथ नजदीकी साफ-साफ नजर आ रही है. उन्होंने कहा, देश के ऊपर आघात करने का एजेंडा इसमें साफ है. विदेशी शक्तियों के साथ मोहब्बत की दुकान दिख रही है और भारत के अंदर विभाजनकारी बात करना. देश की भाषा, प्रांत, क्षेत्र, अगड़े पिछड़े में लड़ाने का काम ये लोग कर रहे हैं. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, राहुल ने जो बयान दिया था कि इंडियन स्टेट के खिलाफ लड़ाई जारी है. वो एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा था ना कि अचानक निकला हुआ बयान.
सैम पित्रोदा ने क्या बयान दिया
सैम पित्रोदा ने कहा था कि मैं चीन से खतरे को नहीं समझता. मुझे लगता है कि इस मुद्दे को अमेरिका की वजह से अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है. मेरा मानना है कि सभी देशों के लिए टकराव नहीं बल्कि सहयोग करने का समय आ गया है.
गोवा में 2017 में विदेशी पर्यटक के रेप और मर्डर के दोषी विकट भगत को आजीवन कारावास
17 Feb, 2025 02:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोवा: गोवा की एक कोर्ट ने आज सोमवार को 31 साल के स्थानीय निवासी को 2017 में आयरिश-ब्रिटिश नागरिक डेनियली मैकलॉघिन के साथ रेप और मर्डर के लिए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही दोषी पर सबूत मिटाने के आरोप में जुर्माना भी लगाया गया है. कोर्ट ने पिछले हफ्ते शुक्रवार को आरोपी विकट भगत को 28 साल की विदेशी पर्यटक के साथ रेप करने और फिर मर्डर करने का दोषी ठहराया था, जिसका शव 14 मार्च, 2017 को दक्षिण गोवा के कैनाकोना गांव के एक जंगली इलाके में मिला था.
जेल के साथ-साथ जुर्माना भी ठोका
डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज क्षमा जोशी ने आज सोमवार को विकट भगत को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही रेप और मर्डर के लिए 25,000 रुपये और सबूत नष्ट करने के लिए 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया. पीड़िता की मां एंड्रिया ब्रैनिगन के वकील विक्रम वर्मा ने बताया कि दोषी को सबूत नष्ट करने के लिए 2 साल की सजा भी होगी, साथ ही कोर्ट ने अपने फैसला में कहा कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी.
पिछले हफ्ते शुक्रवार को भगत को दोषी करार दिए जाने के फैसले के बाद पीड़िता के परिवार के सदस्यों ने भी मीडिया में बयान जारी किया. परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया, डेनियली के परिवार और दोस्तों के तौर पर हम न्याय की लड़ाई में शामिल उन सभी लोगों के बहुत आभारी हैं, उन्होंने उसे अपनी बेटी की तरह माना और उसके लिए अथक संघर्ष किया.
फैसले पर क्या कहा परिवार ने
परिवार ने कहा कि वे आभारी हैं कि उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई और विकट भगत को डेनियली को उनसे छीनने का दोषी पाया गया. मामले की जांच करने वाली पुलिस इंस्पेक्टर फिलोमेना कोस्टा ने कहा कि सावधानीपूर्वक जांच के कारण ही दोषी को सजा मिल पाई है. उन्होंने कहा कि वे फैसले से बेहद खुश हैं. गोवा पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट के अनुसार, नॉर्थवेस्ट आयरलैंड के डोनेगल की रहने वाली डेनियली मार्च 2017 में गोवा की यात्रा पर आई थी, जब भगत ने उससे दोस्ती की. उसने उसके साथ एक शाम गुजारने के बाद उसकी नृशंस हत्या कर दी. चार्जशीट के अनुसार, डेनियली पर पत्थर से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई. उसका शव खून से लथपथ, बिना कपड़ों के, सिर और चेहरे पर चोटों के साथ जंगली इलाके में पड़ा मिला.
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