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टोल दरों में बढ़ोतरी से यात्रियों की जेब पर पड़ेगा असर, NHAI ने जारी किया नोटिफिकेशन
2 Apr, 2025 11:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने पूरे देश में संचालित किए जाने वाले हाइवे और एक्सप्रेसवे के टोल चार्जेस में औसत 4 से 5 प्रतिशत का इजाफा कर दिया है। इसकी वजह महंगाई के कारण बढ़ती लागत को समायोजित करना था।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह समायोजन एनएचएआई की वार्षिक समीक्षा का हिस्सा है, जो थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति के साथ टोल दरों को संरेखित करता है और अतिरिक्त आय से हाइवे रखरखाव और विस्तार परियोजनाओं को सहायता मिलेगी।
एनएचएआई के नोटिफिकेशन के अनुसार, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सराय काले खां से मेरठ जाने वाली कारों और जीपों के लिए एक तरफ का टोल अब 165 रुपये से बढ़कर 170 रुपये हो जाएगा, जबकि गाजियाबाद से मेरठ जाने के लिए टोल 70 रुपये से बढ़कर 75 रुपये हो जाएगा।
इस मार्ग पर हल्के वाणिज्यिक वाहनों और बसों को प्रति ट्रिप 275 रुपये देने होंगे, जबकि ट्रकों को 580 रुपये देने होंगे। एनएच-9 पर छिजारसी टोल प्लाजा पर कारों के लिए टोल 170 रुपये से बढ़कर 175 रुपये हो जाएगा, हल्के वाणिज्यिक वाहनों को 280 रुपये जबकि बसों और ट्रकों को 590 रुपये देने होंगे।
लखनऊ से होकर गुजरने वाले हाइवे पर यात्रा करने वाले मोटर चालकों को, जिनमें राज्य की राजधानी को कानपुर, अयोध्या, रायबरेली और बाराबंकी से जोड़ने वाले हाइवे भी शामिल हैं, हल्के वाहनों के लिए प्रति चक्कर 5 से 10 रुपये अतिरिक्त देने होंगे, जबकि भारी वाहनों को 20 से 25 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
इसके अतिरिक्त, अब कारों के लिए मासिक पास की कीमत 930 रुपये से बढ़कर 950 रुपये हो जाएगी, जबकि कैब के लिए यह राशि 1225 रुपये से बढ़कर 1255 रुपये हो जाएगी। हल्के मोटर वाहनों और मिनी बसों के लिए एक तरफ का टोल 120 रुपये से बढ़कर 125 रुपये हो जाएगा।
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर खेड़की दौला टोल प्लाजा पर निजी कारों और जीपों के लिए टोल वही रहेगा, लेकिन बड़े वाहनों पर प्रति ट्रिप 5 रुपये की बढ़ोतरी होगी। कारों के लिए मासिक पास की कीमत अब 930 रुपये से बढ़कर 950 रुपये हो जाएगी और वाणिज्यिक कारों और जीपों के लिए यह राशि 1225 रुपये से बढ़कर 1255 रुपये हो जाएगी। हल्के मोटर वाहनों और मिनी बसों के लिए सिंगल-ट्रिप टोल 120 रुपये से बढ़कर 125 रुपये हो जाएगा।
भारत के नेशनल हाइवे नेटवर्क पर लगभग 855 प्लाजा हैं, जिनमें से 675 सरकार के द्वारा फंडिंड हैं, जबकि लगभग 180 प्लाजा निजी ऑपरेटरों द्वारा मैनेज किए जाते हैं।
अमित शाह ने कहा- यह विश्वविद्यालय सहकारी क्षेत्र के विकास में करेगा योगदान
2 Apr, 2025 10:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संसद ने देश के पहले सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए विधेयक को मंजूरी दे दी है। गुजरात के आणंद में त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय स्थापित करने संबंधी विधेयक को राज्यसभा ने मंगलवार को ध्वनिमत से पारित किया। यह विधेयक लोकसभा से 26 मार्च को पारित हो चुका है।
विश्वविद्यालय का इनके नाम पर रखा
विश्वविद्यालय का नाम त्रिभुवनदास किशिभाई पटेल के नाम पर रखा गया है, जो भारत में सहकारी आंदोलन के अग्रदूतों में से एक थे और अमूल की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि यह सहकारी क्षेत्र के लिए पहला विश्वविद्यालय होगा और इस क्षेत्र में कार्यरत श्रमबल के क्षमता निर्माण तथा कुशल पेशेवरों की आवश्यकता को पूरा करेगा।
प्रतिवर्ष लगभग आठ लाख प्रशिक्षित प्रोफेशनल तैयार होंगे
'त्रिभुवन' सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक का उद्देश्य सहकारी क्षेत्र में शिक्षा और प्रशिक्षण देना, क्षमता निर्माण करना, डिग्री कार्यक्रम, दूरस्थ शिक्षा और ई-लर्निंग पाठ्यक्रम वाले उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करना और प्रतिवर्ष लगभग आठ लाख प्रशिक्षित प्रोफेशनल तैयार करना है।
अमित शाह ने जताई खुशी
अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट किया कि आज का दिन देश के सहकारी क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है। मोदी जी के विजनरी नेतृत्व में ‘त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक, 2025’ लोकसभा के बाद आज राज्यसभा में भी पारित हो गया। सहकार, नवाचार और रोजगार की त्रिवेणी लाने वाले इस महत्त्वपूर्ण कार्य के लिए मैं सभी सांसदों को बधाई देता हूँ।
देशभर के युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे
आगे कहा कि अब सहकारी शिक्षा भारतीय शिक्षा व पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग बनेगी और इस विश्वविद्यालय के माध्यम से देशभर के प्रशिक्षित युवा सहकारी क्षेत्र को अधिक व्यापक, सुव्यवस्थित और आधुनिक युग के अनुकूल बनाएँगे। सहकारी क्षेत्र से जुड़े सभी बहनों-भाइयों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत-बहुत आभार।
विपक्ष ने वक्फ बिल पर किया विरोध का इरादा, सरकार की ओर से जवाब की तैयारी
2 Apr, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सभी दलों से व्यापक विमर्श के बाद वक्फ संशोधन विधेयक बुधवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा। लगभग तय माना जा रहा है कि यह बुधवार को ही पारित हो जाएगा। इस दौरान भारी हंगामा होने के आसार हैं, क्योंकि विपक्ष के कई दल इसके पक्ष में नहीं हैं।
जदयू-तेदेपा सरकार के साथ
हालांकि सत्तारूढ़ राजग के प्रमुख सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) एवं तेलुगु देसम पार्टी (तेदेपा) समेत अन्य पार्टियां भी सरकार के साथ मजबूती से खड़ी हैं और विधेयक के समर्थन में मतदान करेंगी। सदन में सत्ता पक्ष के पास संख्या भी पर्याप्त है। ऐसे में माना जा रहा है कि विधेयक को दोनों सदनों में आसानी से पारित करा लिया जाएगा।
संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि विधेयक के समर्थन में राजग के सभी दल पूरी तरह एकजुट हैं। यहां तक कि उन्होंने विपक्ष के भी कई सांसदों का समर्थन प्राप्त होने का दावा किया। रिजिजू ने बताया कि 12 बजे प्रश्नकाल समाप्त होने के तुरंत बाद वह विधेयक पेश करेंगे।
गृह मंत्री अमित शाह रहेंगे सदन में मौजूद
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में मंगलवार को सदन की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में इस विधेयक पर आठ घंटे चर्चा के लिए सहमति बनी है, जिसे सदन की भावना के अनुरूप बढ़ाया भी जा सकता है। हालांकि कांग्रेस एवं कई अन्य विपक्षी दलों ने अपनी आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए बैठक से बहिर्गमन किया। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता विधेयक पर चर्चा में हिस्सा ले सकते हैं।
सरकार ने पिछले वर्ष आठ अगस्त को वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया था, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण इसे जगदंबिका पाल के नेतृत्व में बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास विचारार्थ भेज दिया गया था। वक्फ संशोधन विधेयक में जेपीसी ने राजग के सहयोगी दलों द्वारा दिए गए सुझावों को शामिल किया है।
सांसदों के लिए व्हिप भी जारी
इसी का नतीजा है कि तेदेपा, जदयू, शिवसेना, लोजपा (रामविलास) हम, रालोद जैसे सभी सहयोगी दलों ने विधेयक के समर्थन की घोषणा कर दी है और अपने-अपने सांसदों के लिए व्हिप भी जारी कर दिए हैं। जेपीसी ने मूल वक्फ संशोधन विधेयक में कुल 14 बदलावों का सुझाव दिया था, जिन्हें नए संशोधन विधेयक में शामिल कर लिया गया है।
संशोधनों के बाद अब इसे फिर लोकसभा में पेश किया जा रहा है। चूंकि यह सामान्य विधेयक है, इसलिए सत्ता पक्ष को इसे पारित कराने के लिए सदन में उपस्थित सदस्यों के सिर्फ बहुमत की ही जरूरत होगी।
आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर का मत स्पष्ट नहीं
सदन में सदस्यों की संख्या के हिसाब से राजग के पक्ष में स्पष्ट बहुमत दिख रहा है। लोकसभा में कुल सदस्यों की संख्या अभी 542 है, जबकि एक सीट रिक्त है। सदन में अकेले भाजपा के 240 सदस्य हैं और सहयोगी दलों को मिलाकर कुल 293 सदस्य हैं। जबकि विपक्षी खेमे के सदस्यों की संख्या सिर्फ 237 है। कुछ ऐसे भी दल और निर्दलीय सदस्य हैं, जिन्होंने अभी तक अपना पक्ष स्पष्ट नहीं किया है। इनमें आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर शामिल हैं।
वॉकआउट कर सकता है विपक्ष
भाजपा का दावा है कि इनमें से भी अधिकतर का समर्थन उसे हासिल है। देखना रोचक होगा कि विपक्षी दलों में संख्या कितनी पहुंचती है क्योंकि माना जा रहा है कि विपक्ष के कुछ सदस्य सदन से वॉकआउट कर सकते हैं। विधेयक पेश करने की सरकार की घोषणा के बाद विपक्षी नेताओं ने मंगलवार शाम संसद भवन में एक बैठक की।
आइएनडीआइए के दलों ने संयुक्त बैठक के बाद कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक पर मोदी सरकार के विभाजनकारी एजेंडे को परास्त करने के लिए पूरा विपक्ष एकजुट है। कांग्रेस समेत विपक्ष के कई दलों ने अपने सांसदों को अगले तीन दिनों तक सदन में उपस्थित रहने का व्हिप जारी कर दिया है।
राज्यसभा में गुरुवार को हो सकता है पेश
लोकसभा से पारित होने के बाद राज्यसभा में विधेयक गुरुवार को पेश किए जाने की संभावना है। उच्च सदन की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में भी इस पर चर्चा के लिए आठ घंटे निर्धारित किए गए हैं। राज्यसभा में वर्तमान में कुल 236 सदस्य हैं। विधेयक पारित कराने के लिए सत्ता पक्ष को कुल 119 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होगी।
भाजपा के 98 सदस्य
भाजपा के 98 सदस्य हैं, जबकि सहयोगी दलों के 19 सदस्य हैं। इसके अतिरिक्त छह मनोनीत सदस्य हैं। दो निर्दलीय सदस्यों का भी समर्थन भाजपा के पक्ष में है। इस तरह सत्तापक्ष को कुल 125 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, जो बहुमत से छह ज्यादा हैं। दूसरी ओर विपक्षी खेमे में कांग्रेस के 27 सदस्य हैं और अन्य दलों के 60 सदस्य हैं।
विपक्ष की संख्या पहुंच रही 88
एक निर्दलीय को मिलकर कुल संख्या 88 तक ही पहुंच पा रही है। इसके अतिरिक्त वाईएसआर के सात, बीजद के नौ एवं अन्य छोटे दलों के सात सदस्यों ने अभी अपना पक्ष स्पष्ट नहीं किया है। उधर, कैथोलिक बिशप्स कान्फ्रेंस ऑफ इंडिया के बाद चर्च ऑफ भारत ने भी मंगलवार को विधेयक को अपना समर्थन दे दिया।
महाराष्ट्र, गोवा, केरल समेत 6 राज्यों में तेज बारिश की संभावना, IMD का पूर्वानुमान
2 Apr, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देशभर में मौसम का मिजाज बदल रहा है। कहीं तेज हवा, कहीं गर्मी, कहीं बूंदाबांदी तो कहीं लू देखने को मिल रही है। वहीं मौसम विभाग ने गर्मी को लेकर अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 2 अप्रैल 2025 को उत्तर भारत के कई हिस्सों में गर्मी बढ़ने का अनुमान है।
दिल्ली NCR के लोगों पर गर्मी का सितम बढ़ रहा है। तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश,राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में अगले कुछ दिनों में पारा 30 ही नहीं बल्कि 40 डिग्री तक जा सकता है, जिसके चलते अप्रैल में ही लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। महाराष्ट्र, गोवा, केरल समेत 6 राज्यों में तेज बारिश की संभावना है।
इन राज्यों में चलेंगी तेज हवाएं
अगले 24 घंटे के दौरान विदर्भ, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट, गोवा, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में 40-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।
इनमें से कई राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहीं 3-6 अप्रैल के बीच केरल और कर्नाटक में भारी बारिश हो सकती है।
यूपी में गर्मी ने दिखाए तेवर
उत्तर प्रदेश में धीरे-धीरे गर्मी बढ़ती जा रही है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने से दिन के समय गर्मी और बढ़ सकती है। बुधवार को भी प्रदेश में मौसम साफ रहने के कारण गर्मी पड़ सकती है। हालांकि 24 घंटे बाद प्रदेश का मौसम पूरी तरह से बदल सकता है।
दो दिन में होगी बारिश
3 अप्रैल को प्रदेश के दोनों हिस्सों में बूंदाबांदी के साथ ही हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। लेकिन इसके बाद फिर से प्रदेश में गर्मी का सिलसिला जारी हो सकता है।
केंद्र सरकार ने संसद में बताया, पीएम-किसान योजना में मणिपुर में अनियमितताओं की जांच जारी
2 Apr, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने मंगलवार को लोकसभा में अपने लिखित उत्तर में कहा कि एक ऑडिट रिपोर्ट में मणिपुर में पीएम-किसान योजना के कार्यान्वयन में कुछ ''अनियमितताएं'' सामने आई हैं और राज्य सरकार ने इस मामले में एफआइआर दर्ज कराई है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अयोग्य किसानों को हस्तांतरित की गई किसी भी राशि की वसूली करने का आदेश दिया गया है।
उन्होंने कहा, ''मणिपुर सरकार से प्राप्त जानकारी के अनुसार, महालेखाकार ऑडिट रिपोर्ट में कुछ अनियमितताओं की सूचना दी गई थी। तदनुसार, राज्य ने मामले में एफआइआर दर्ज कराई है।'' फरवरी, 2019 में शुरू की गई पीएम-किसान योजना एक केंद्रीय योजना है जिसका उद्देश्य खेती योग्य भूमि वाले किसानों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करना है।
इस योजना के तहत किसानों को प्रत्यक्ष लाभ
अंतरण (डीबीटी) मोड के माध्यम से आधार से जुड़े बैंक खातों में तीन समान किस्तों में प्रति वर्ष 6,000 रुपये का वित्तीय लाभ हस्तांतरित किया जाता है। मंत्री ने कहा कि केंद्र ने शुरुआत से अब तक 19 किस्तों के माध्यम से 3.68 लाख करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया है।
प्रतिबंधित चीनी लहसुन की बिक्री पर जांच के निर्देश
रामनाथ ठाकुर ने यह भी कहा कि खाद्य सुरक्षा नियामक को चेन्नई के बाजारों में प्रतिबंधित चीनी लहसुन की बिक्री के बारे में शिकायतें मिली हैं और उसने तमिलनाडु सरकार को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया है।
चीनी लहसुन के आयात पर सितंबर, 2005 से प्रतिबंध लगा हुआ है, जब इस उत्पाद में फंगस एम्बेलिसिया एली और यूरोसाइटिस सेपुले पाया गया था। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआइसी) और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआइ) ने 2023-24 के दौरान 546 टन और 2024-25 के दौरान 507 टन चीनी लहसुन जब्त किया है।
संसद को बताया, वायनाड भूस्खलन में 298 की मौत
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद को बताया कि पिछले साल केरल के वायनाड जिले में हुए भूस्खलन में कुल 298 लोगों की मौत हुई थी। हालांकि केंद्र सरकार भूस्खलन सहित अन्य आपदाओं के कारण होने वाली मौतों/लापता व्यक्तियों का डाटा नहीं रखती है, लेकिन केरल सरकार ने उन्हें बताया कि वायनाड में भूस्खलन के कारण कुल 298 लोगों की मौत हुई है। इनमें से 32 लापता व्यक्तियों को मृत घोषित कर दिया गया है।
सेप्टिक टैंक की सफाई के कारण दिव्यांगता की कोई घटना नहीं
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि 2014 से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में असुरक्षित सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के कारण दिव्यांगता की कोई घटना सामने नहीं आई है। लोकसभा में एक सवाल के जवाब में उन्होंने डाटा प्रस्तुत किया जिसमें बताया गया कि 2019 से सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के कारण 430 लोगों की मौत हुई है।
झारखंड में मालगाड़ियां टकराईं, 3 की मौके पर ही मौत
1 Apr, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
घटना के कारण रेलवे लाइन पर मालगाड़ियों का परिचालन रोक दिया गया
साहेबगंज। झारखंड के बरहेट में कोयला ढोने वाली दो मालगाड़ियां आपस में टकरा गईं। यह हादसा मंगलवार सुबह करीब 3:30 बजे हुआ। इस रेल दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई। बताया गया है कि दोनों गाड़ियां गलती से एक ही पटरी पर आ गईं, जिसके कारण यह हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, फरक्का से ललमटिया जा रही एक मालगाड़ी बरहेट में खड़ी थी। तभी ललमटिया से एनटीपीसी का कोयला लेकर फरक्का जा रही दूसरी मालगाड़ी ने उसमें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों इंजन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और उनमें आग लग गई। दुर्घटना के बाद तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग को बुझाया। इस घटना के कारण उस रेलवे लाइन पर मालगाड़ियों का परिचालन रोक दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि लाइन को ठीक करने में दो से तीन दिन लग सकते हैं। इस बीच, रेलवे विभाग घटना की जांच कर रहा है। वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि दोनों गाड़ियां एक ही पटरी पर कैसे आ गईं। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रेलवे ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की भी घोषणा की है।
राम नवमी के मौके पर पीएम मोदी का तोहफा, 6 अप्रैल को होगा पंबन पुल का उद्घाटन
1 Apr, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत के ऐतिहासिक पंबन पुल का एक नया अध्याय लिखा जाने वाला है। समुद्र की लहरों के ऊपर, तमिलनाडु के रामेश्वरम को मुख्य भूमि से जोड़ने वाला यह पुल सिर्फ लोहे और कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि भावनाओं, परंपराओं और विकास की एक नई पहचान है। 6 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस आधुनिक रेलवे पुल का उद्घाटन करेंगे, जो 550 करोड़ रुपये की लागत से बना है। यह सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि यात्रियों के सपनों और उम्मीदों का मार्ग भी है। वर्षों बाद ट्रेन की सीटी फिर से इस पुल पर गूंजेगी, और सफर यादगार बन जाएगा।
पीएम मोदी 6 अप्रैल को करेंगे नए पंबन रेलवे पुल का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 अप्रैल को तमिलनाडु में पंबन सागर पर बने नए रेलवे पुल का उद्घाटन करेंगे। यह पुल पुराने ब्रिटिश दौर के पंबन पुल के पास बनाया गया है जिसे कमजोर होने की वजह से 2022 में बंद कर दिया गया था। करीब 550 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल का निर्माण 2019 में शुरू हुआ था और अब यह पूरी तरह तैयार है। भारतीय रेलवे और कोस्ट गार्ड के अधिकारियों ने सोमवार को इस पुल पर ट्रायल रन किया। इसमें ट्रेन चलाने, पुल के ऊपर वाले हिस्से को खोलने और एक कोस्ट गार्ड जहाज को गुजरने में कितना समय लगता है इसकी जांच की गई।
महत्वपूर्ण परीक्षण और तैयारियां
इस नए रेलवे पुल को कई अलग-अलग परीक्षणों से गुजारा गया, जिसमें पुल के ऊपर वाले हिस्से को ऊपर-नीचे करने की प्रक्रिया भी शामिल थी। 26 मार्च को दक्षिण रेलवे के प्रमुख R.N. सिंह और अन्य अधिकारी रामेश्वरम गए और पुल की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 6 अप्रैल को राम नवमी के दिन इस पुल का आधिकारिक उद्घाटन करेंगे। यह नया पुल नई टेक्नोलॉजी से लैस है और यह ट्रेनों की सही तरीके से आवाजाही को सुनिश्चित करेगा।
ट्रेन और जहाज की आवाजाही का समय
उद्घाटन से पहले अधिकारियों ने ट्रेन और जहाज के गुजरने का समय देख कर एक अभ्यास किया। ट्रायल में यह पाया गया कि 30 किमी प्रति घंटे की गति से चलने वाली ट्रेन को पुल पार करने में 1 मिनट 45 सेकंड का समय लगेगा। वहीं जहाज के गुजरने के लिए पुल को ऊपर उठाने और फिर नीचे लाने में 5 मिनट 10 सेकंड का समय लगेगा। कुल मिलाकर, पुल पर ट्रेन और जहाज की आवाजाही में लगभग 12 मिनट का समय लगेगा।
पीएम मोदी पुल से देखेंगे उद्घाटन प्रक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस खास मौके पर पंबन रोड ब्रिज पर एक विशेष मंच से उद्घाटन देखेंगे। वह पूरे 12 मिनट तक पुल के काम को देखेंगे और इस महत्वपूर्ण परियोजना को देश को समर्पित करेंगे। यह नया पुल दक्षिण भारत के लिए एक बड़ी कनेक्टिविटी परियोजना है, जो रामेश्वरम द्वीप को तमिलनाडु की मुख्य भूमि से जोड़ता है। नए पुल के शुरू होने से इस क्षेत्र में रेलवे सेवाएं फिर से शुरू होंगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
नक्सलवाद के खिलाफ मोदी सरकार का संकल्प: अमित शाह ने किया दावा, भारत होगा नक्सल मुक्त
1 Apr, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा दावा किया है। मंगलवार को उन्होंने जानकारी दी कि सरकार नक्सलवाद का सफाया कर रही है। इसकी वजह से नक्सली तेजी से सिमटते जा रहे हैं। देश में अब नक्सलवाद प्रभावित जिलों की संख्या सिर्फ 6 रह गई है। पहले नक्सली 12 जिलों में सक्रिय थे। बीते कुछ महीनों से सरकार और सुरक्षा बलों ने जिस तरह अभियान को तेज किया है, उससे नक्सल प्रभावित इलाकों में राहत मिली है।
अमित शाह ने अपने संकल्प को फिर दोहराया। शाह ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक भारत नक्सलवाद मुक्त देश बन जाएगा। मोदी सरकार देश को सशक्त, समृद्ध और सुरक्षित देश बनाने की दिशा में काम कर रही है। भारत विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्हें उम्मीद है कि तय समय सीमा में नक्सलियों का सफाया कर दिया जाएगा। भारत सरकार नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार ने हासिल की बड़ी उपलब्धि
शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि नक्सल मुक्त भारत के निर्माण में सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या 12 से घटकर 6 रह गई है। यह राहत की बात है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आंकड़े भी जारी किए हैं, जिनके अनुसार वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित जिलों का ब्योरा दिया गया है। इन जिलों में नक्सली गतिविधियां एवं हिंसा अब भी जारी है।
10 साल में 29 जिले नक्सल मुक्त
इन जिलों को ‘सबसे अधिक प्रभावित जिले’ के तौर पर चिह्नित किया गया है। इस शब्दावली को 2015 में प्रयोग में लाया गया था। इसके अलावा एक उपवर्ग ‘चिंताजनक जिले’ की श्रेणी के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। यह उप श्रेणी 2021 में बनाई गई थी। पिछली बार गृह मंत्रालय की समीक्षा में 12 जिलों का ब्योरा दिया गया था, जो नक्सल प्रभावित थे। रिकॉर्ड के अनुसार 2015 में 35 जिलों में नक्सली सक्रिय थे।
2018 में संख्या घटकर 30 जिले रह गई। 2021 में सरकार ने आंकड़े जारी किए थे, जिनमें बताया गया था कि नक्सली सिर्फ 25 जिलों में सक्रिय हैं। अब आंकड़ा तेजी से कम हो रहा है। 10 साल में 29 जिलों से नक्सलियों का सफाया किया जा चुका है। अब नक्सली सिर्फ 6 ही जिलों में सक्रिय हैं।
पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट के बाद लगी भीषण आग, 12 मजदूरों की मौत और 5 बुरी तरह जख्मी
1 Apr, 2025 03:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बनासकांठा| जिले के डीसा स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट के बाद आग भड़क उठी| देखते ही देखते आग के विकराल स्वरूप धारण करने से वहां मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई| इस घटना में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 जितने श्रमिक बुरी तरह घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है| जानकारी के मुताबिक बनासकांठा जिले के डीसा जीआईडीसी में एक पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई| फैक्ट्री में पानी गर्म करनेवाले बोइलर के फटने के बाद एक ब्लास्ट हुआ और उसके बाद आग भड़क उठी| पटाखा फैक्ट्री में ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग ने कुछ ही देर में भीषण रूप धारण कर लिया। इसकी जानकारी मिलने पर डीसा नगर पालिका के दमकल कर्मी मौके पर पहुंच रहे हैं और आग पर काबू पाने की कोशिशें तेज कर दीं| फायर टीम के साथ-साथ डीसा तहसील पुलिस समेत प्रशासनिक टीम भी मौके पर पहुंच गई है और आगे की कार्रवाई शुरू की| फिलहाल पटाखा फैक्ट्री में लगी आग काबू में है| आग इस घटना में 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 लोग बुरी तरह घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए पालनपुर सिविल और डीसा सिविल अस्पतालों में स्थानांतरित कर दिया गया है। आग लगने का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है| आग पर काबू पा लिए जाने के बाद यह पता लगाने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है कि अंदर कोई है या नहीं।
नरेंद्र मोदी सरकार की नई योजना: संसद सत्र में वक्फ बिल लाने की तैयारी
1 Apr, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण चल रहा है. इस चरण की कार्यवाही के भी चार दिन बाकी हैं और अब सरकार वक्फ बिल लाने की तैयारी में है. वक्फ बिल 2 अप्रैल को संसद में आ सकता है. सूत्रों की मानें तो वक्फ बिल 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किया जा सकता है. सरकार अगर 2 अप्रैल को वक्फ बिल संसद में लाती है तो उसे दोनों सदनों से पारित कराने के लिए इस सत्र में केवल दो ही दिन का समय मिलेगा.
वक्फ संशोधन विधेयक संसद के पिछले सत्र में लोकसभा में पेश किया गया था. विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के बीच पेश हुए विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दिया गया था. वक्फ बिल को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद जगदंबिका पाल की अगुवाई में जेपीसी गठित की गई थी.
वक्फ संशोधन विधेयक को जेपीसी के पास भेजा गया था
बताया जा रहा है कि उसी आधार पर सरकार की ओर से ईद के बाद संभवत: मंगलवार को लोकसभा में वक्फ विधेयक पेश किया जा सकता है। कोशिश यह होगी कि इसी सत्र में कम-से-कम एक सदन से विधेयक पारित हो जाए। अगस्त 2024 में वक्फ संशोधन विधेयक को जेपीसी के पास भेजा गया था।
विधेयक को पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्या जरूरी
बजट सत्र के पहले सप्ताह में जेपीसी ने अपनी रिपोर्ट भी दे दी थी। बताते हैं कि सरकार ने रिपोर्ट देख ली है और उसी अनुसार पुराने विधेयक में कुछ बदलाव की तैयारी हो गई है। विपक्षी दलों को इसका अहसास है कि सरकार के पास किसी विधेयक को पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्या है।
भाजपा बना रही यह योजना
ऐसे में विपक्षी दलों की ओर से भाजपा के सहयोगी दलों-जदयू, तेदेपा और लोकजनशक्ति पार्टी के नेताओं से संपर्क साधने की कोशिश हो रही है और सार्वजनिक बयानों में उन्हें आगाह भी करने की कोशिश हो रही है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार सहयोगी दलों में किसी तरह का संशय नहीं है। उनके नेता जेपीसी में भी मौजूद थे और उनके सुझावों पर अच्छे से विचार किया गया। फिर भी विधेयक पेश होने से पहले सहयोगी दलों के नेताओं को औपचारिक रूप से इस बारे में बताया जा सकता है।
विधेयक पारित कराने मे सरकार कोई जल्दबाजी नहीं करेगी
सूत्रों के अनुसार, कोशिश यह होगी कि कम-से-कम एक सदन से विधेयक पारित करा लिया जाए। यह तय है कि इस पर संसद गर्म रहेगी। वैसे यह भी तय है कि विधेयक पारित कराने मे सरकार कोई जल्दबाजी नहीं करेगी और चर्चा के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा। बजट सत्र चार अप्रैल को खत्म हो रहा है।
अमित शाह बोले- संसद के इसी सत्र में पेश होगा वक्फ विधेयक
गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि वक्फ (संशोधन) विधेयक संसद के इसी सत्र में फिर से पेश किया जाएगा। अगस्त 2024 में इस विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया था। चार अप्रैल को समाप्त होने वाले मौजूदा बजट सत्र में अब केवल चार कार्यदिवस बचे हैं।
विपक्ष मुसलमानों को गुमराह कर रहा है- शाह
अमित शाह ने एक निजी चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि हम इसी सत्र में संसद में वक्फ विधेयक पेश करेंगे। प्रस्तावित कानून से किसी को डरना नहीं चाहिए, क्योंकि नरेन्द्र मोदी सरकार संविधान के दायरे में रहकर वक्फ अधिनियम में संशोधन कर रही है। विपक्ष मुसलमानों को गुमराह कर रहा है। मुसलमानों के किसी भी अधिकार पर अंकुश नहीं लगाया जाएगा। विपक्ष सिर्फ झूठ पर झूठ बोल रहा है।
एनडीए के दो घटक दलों जेडीयू और टीडीपी के रुख की भी चर्चा हो रही है लेकिन माना जा रहा है कि इस बिल को लेकर दोनों दलों की चिंताओं का निवारण हो गया है. जेपीसी में भी दोनों दलों के सदस्य थे ही, जेपीसी की रिपोर्ट के आधार पर कैबिनेट की जिस बैठक में संशोधित रिपोर्ट के आधार तैयार नए बिल को मंजूरी दी गई थी, उसमें भी एनडीए के दोनों घटक दलों के कोटे के मंत्री मौजूद थे.
राज्यसभा में छोटे दलों के समर्थन की उम्मीद
राज्यसभा में एनडीए वक्फ बिल पारित कराने के लिए जरूरी बहुमत के आंकड़े से थोड़ा पीछे है. ऐसे में सरकार को कुछ छोटे दलों के समर्थन की उम्मीद है. राज्यसभा में बहुमत नहीं होने के बावजूद सरकार ने पहले भी कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराए हैं और इस बार भी नजर फ्लोर मैनेजमेंट पर होगी.
महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर नया विवाद, MNS कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा गार्ड को मारा थप्पड़
1 Apr, 2025 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश में अब तक तमिल और हिंदी भाषा को लेकर विवाद देखने मिल रहा था, इस सबके बीच महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर विवाद गरमा गया है. मगहाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ता मराठी भाषा को इम्पोर्टेंस दिलाने के लिए अभियान चला रहे हैं. इसी क्रम में बीते दिन मुंबई के पवई स्थित ‘एल एंड टी’ कंपनी में सुरक्षा गार्ड द्वारा कथित तौर पर अपशब्द कहने पर उसके साथ मारपीट कर दी. यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद एक नई जंग छिड़ गई है.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पवई के L&T परिसर में एक व्यक्ति ने मराठी भाषा को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी, गार्ड ने मराठी भाषा को लेकर कहा था कि मराठी गया तेल लगाने, जिसके बाद वहां मौजूद MNS के कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी मिली. MNS कार्यकर्ता तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और सुरक्षा गार्ड को ‘मराठी का सम्मान’ करने की चेतावनी देते हुए उसे एक थप्पड़ मार दिया.
मराठी भाषा को लेकर क्या बोले थे राज ठाकरे?
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने एक बार फिर मराठी के मुद्दे को आगे करते हुए कहा कि मुंबई में कुछ लोग कहते है कि हम मराठी नहीं बोलेंगे लेकिन जो लोग मराठी नहीं बोलेंगे तो उनके कान के नीचे तमाचा मारने का काम भी किया जाएगा( महाराष्ट्र और मुंबई में मराठी का सम्मान किया जाना चाहिए. राज ठाकरे ने मनसे के सैनिकों से अपील की है कि वे पता लगाएं कि महाराष्ट्र के हर बैंक में मराठी भाषा का उपयोग होता है या नही
पहले भी हो चुकी इस तरह की घटनाएं
यह पहली बार नहीं है जब MNS कार्यकर्ताओं ने मराठी भाषा का अपमान करने वालों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है. इससे पहले वर्सोवा स्थित डी-मार्ट में एक कर्मचारी को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि वह मराठी नहीं बोल पा रहा था. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसमें MNS कार्यकर्ता कर्मचारी से कान पकड़कर माफी मंगवाते नजर आ रहे थे.
आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले का बड़ा बयान, मथुरा और काशी विवाद में हिस्सा लेने की दी अनुमति
1 Apr, 2025 12:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले का बड़ा बयान सामने आया है. महासचिव दत्तात्रेय होसबले ने कहा कि अगर आरएसएस के सदस्य मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी विवाद से जुड़े कामों में हिस्सा लेना चाहें, तो संगठन को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है. होसबोले का ये बयान स्वयंसेवकों के लिए एक हरी झंडी मानी जा रही है.
हालांकि, उन्होंने बड़े स्तर पर मस्जिदों पर सवाल उठाने के खिलाफ चेताया और सामाजिक मतभेद से बचने की बात कही है. इससे समाज में झगड़ा हो सकता है, इसे दोहराया नहीं जाना चाहिए.
होसबले ने कन्नड़ में आरएसएस की एक पत्रिका ‘विक्रमा’ से बात करते हुए कहा, ‘उस समय (1984), वी.एच.पी., साधु-संतों ने तीन मंदिरों की बात की थी. अगर हमारे स्वयंसेवक इन तीन मंदिरों (अयोध्या में राम जन्मभूमि सहित) के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं, तो हम उन्हें नहीं रोकेंगे.
गोहत्या, लव जिहाद पर कही ये बात
दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि गोहत्या, लव जिहाद और धर्मांतरण से जुड़ी मौजूदा चिंताओं को स्वीकार किया और माना किया ये चिंताए अभी समाज में मौजूद हैं, उन्होंने कहा कि इसके अलावा भी कई जरूरी चीजें हैं, जिनपर हमें ध्यान देना चाहिए. उन्होंने बताया कि छुआछूत और अपनी संस्कृति को बचाने में युवाओं को लगना चाहिए.
हमने आज भाषा को एक समस्या बना दिया-होसबोले
भाषा नीति पर, होसबोले ने त्रिभाषी दृष्टिकोण का समर्थन किया, इसे 95% भाषाई विवादों का समाधान बताया। उन्होंने “भारतीय” भाषाओं को संरक्षित करने और उनमें शिक्षित लोगों के लिए आर्थिक अवसर सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।
देश में चल रहे भाषा विवाद को लेकर होसबोले ने कहा कि अगर आने वाली पीढ़ियां इन भाषाओं में नहीं पढ़ेंगी और लिखेंगी, तो वे कैसे जीवित रहेंगी? अंग्रेजी के प्रति आकर्षण मुख्य रूप से व्यावहारिक कारणों से है. एक और महत्वपूर्ण पहलू एक ऐसा आर्थिक मॉडल तैयार करना है, जहां भारतीय भाषाओं में शिक्षित लोगों को रोजगार के भरपूर अवसर मिलें.
उन्होंने हिंदी के व्यापक रूप से अपनाए जाने का भी उल्लेख किया, लेकिन हिंदी थोपे जाने की बहस में राजनीतिक कारकों को भी स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि इस तरह के विशाल देश में, अगर हर कोई संस्कृत सीखे तो बहुत अच्छा होगा. यहां तक कि डॉ. अंबेडकर ने भी इसकी वकालत की थी. उन्होंने कहा कि हर कोई हिंदी के अलावा अन्य भाषाए सीखता है. बोले सस्या समस्या तब पैदा हुई जब राजनीति और विरोध के कारण इसे थोपे जाने का मुद्दा बना दिया गया. ऐसा लगता है कि हमने आज भाषा को एक समस्या बना दिया है.
गैस कंपनियों का तोहफा: वाणिज्यिक LPG सिलेंडर की कीमतों में आई राहत
1 Apr, 2025 12:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेल कंपनियों ने गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव किया है। 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 41 रुपये की कटौती की गई है। नई कीमत आज से लागू हो जाएगी। अब दिल्ली में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर 1762 रुपये में मिलेगा।
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। इससे पहले एक जनवरी को भी वाणिज्यिक एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में 14.50 रुपये की कटौती की गई थी।
व्यापारी वर्ग को मिलेगा लाभ
तेल कंपनियां वैश्विक कच्चे तेल की दरों और अन्य कारणों से कीमतों में बदलाव करती हैं। दिसंबर में 19 किलोग्राम के वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 62 रुपये का इजाफा किया गया था। नई कीमतों का लाभ व्यापारियों वर्ग को मिलेगा। रेस्तरां, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इन सिलेंडरों का इस्तेमाल होता है। बता दें कि टैक्स और परिवहन लागतों के आधार पर एलपीजी की कीमतें हर राज्य में अलग-अलग हो सकती हैं।
मार्च में 6 रुपये बढ़ी थी कीमत
पिछले महीने एक मार्च को तेल कंपनियों ने वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 6 रुपये का इजाफा किया था। हालांकि पिछले पांच सालों में सबसे कम मूल्य वृद्धि 2025 में हुई है।
भारत-अमेरिका का संयुक्त सैन्य अभ्यास 'टाइगर ट्रायम्फ' शुरू, 13 दिन चलेगा
1 Apr, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत-अमेरिका की सेनाएं एक साथ थल, वायु और समुद्र पर युद्धाभ्यास करेंगी। इस संयुक्त सैन्य प्रदर्शन को टाइगर ट्रायम्फ नाम दिया गया है। इसमें दोनों देशों की सेनाएं न सिर्फ युद्धक कौशल का प्रदर्शन करेंगी, बल्कि आपदा प्रबंधन में भी नई मिसाल कायम करेंगी।
दोनों देशों की सेनाओं के बीच होने वाला यह अभ्यास एक अप्रैल से शुरू हो रहा है, जो पूर्वी तट पर विशाखापट्टनम और काकीनाडा के तटीय क्षेत्रों में 13 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। इस संयुक्त युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों में दोनों सेनाओं के बीच समन्वय और संचालन क्षमता को बढ़ाना है।
संयुक्त समन्वय केंद्र स्थापित होगा
साथ ही, एक संयुक्त समन्वय केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया तैयार की जाएगी, जिससे किसी आपदा या संकट की स्थिति में भारतीय और अमेरिकी बलों के बीच तेजी से और प्रभावी समन्वय किया जा सके।
अभ्यास में शामिल होने वाले भारतीय दलों में नौसेना के आईएनएस जलश्व, आईएनएस घड़ियाल, आईएनएस मुंबई, आईएनएस शक्ति शामिल हैं। जबकि, वायुसेना में सी-130 विमान, एमआई-17 हेलीकॉप्टर और थल सेना में 91 इन्फैंट्री ब्रिगेड के जवान और विशेष रूप से रैपिड एक्शन मेडिकल टीम साथ रहेगी।
वहीं, अमेरिकी दल में यूएसएस कॉमस्टॉक और यूएसएस रॉल्फ जॉनसन जहाज और अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के सैनिक हिस्सा लेंगे। यह अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है, जब भारतीय सेना म्यांमार में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए तैनात है। इससे पहले 2019, 2021 और 2022 में भी यह अभ्यास आयोजित किया जा चुका है।
भीषण गर्मी के लिए तैयार रहें, UP-बिहार समेत 16 राज्यों में होगा हीटवेव का असर
1 Apr, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अप्रैल के आते ही गर्मी की भी शुरुआत हो गई है। भारत में इस साल भीषण गर्मी पड़ने वाली है। इसकी चेतावनी खुद आईएमडी ने दी है। आईएमडी ने कहा कि अप्रैल से जून तक सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है, जबकि मध्य और पूर्वी भारत तथा उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में अधिक गर्मी पड़ने की संभावना है।
इस बार आसमान से बरसेंगे आग के गोले
मौसम विभाग (IMD) ने कहा कि पश्चिमी और पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में इस बार जमकर लू चलेगी। अधिकतम तापमान सामान्य से काफी अधिक रह सकता है।
आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि अधिकांश क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहेगा।
मृत्युंजय महापात्र ने कहा,
अप्रैल से जून तक उत्तर और पूर्वी भारत, मध्य भारत तथा उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से दो से चार अधिक दिन गर्मी पड़ने की संभावना है।
गर्मी के दिनों की संख्या हो सकती दोगुनी
आमतौर पर भारत में अप्रैल से जून तक चार से सात दिन गर्मी पड़ती है। आईएमडी के एक अधिकारी ने पहले कहा था कि उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी के दिनों की संख्या दोगुनी हो सकती है। इन क्षेत्रों में आमतौर पर मौसम के दौरान पांच से छह दिन गर्मी पड़ती है।
यूपी-बिहार समेत 16 राज्यों में बरसेगी आग
इस साल कई राज्यों में भीषण लू चलेगी। जिन राज्यों में सामान्य से अधिक गर्मी पड़ेगी उनमें राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक और तमिलनाडु के उत्तरी हिस्से शामिल हैं।
पूरा भारत होगा गर्मी की चपेट में....
अप्रैल में, भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, सुदूर दक्षिणी और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों के कुछ इलाकों में सामान्य तापमान रह सकता है।
महापात्रा ने कहा कि उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व में कुछ स्थानों को छोड़कर, देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा, जहां तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा कम हो सकता है।
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