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शिफ्टिंग में बेटियों की सेहत और विशेष ज़रूरतों का ध्यान जरूरी था' – चंद्रचूड़
7 Jul, 2025 04:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बंगला खाली करने की देरी पर बोले पूर्व CJI डी. वाई. चंद्रचूड़
मुख्य बातें: पूर्व CJI डी. वाई. चंद्रचूड़ ने कहा – "बंगला खाली करने में कोई दुर्भावना नहीं, परिवार की विशेष मेडिकल जरूरतें कारण हैं। बेटियों के लिए घर में ICU सेटअप, नई जगह पर शिफ्टिंग में सावधानी जरूरी। बोले सामान पैक हो चुका है, 10 दिन या अधिकतम दो हफ्ते में घर खाली कर दूंगा।
सुप्रीम कोर्ट ने शहरी विकास मंत्रालय को लिखा था पत्र, जल्द बंगला खाली करवाने की सिफारिश की थी। पूर्व CJI चंद्रचूड़ ने सफाई दी – देरी की वजह निजी नहीं, मजबूरी है , पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ इन दिनों दिल्ली के 5 कृष्णा मेनन मार्ग स्थित टाइप-8 सरकारी बंगले में रह रहे हैं। बंगला खाली करने में देरी को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका कोई निजी या जानबूझकर कारण नहीं है, बल्कि इसकी वजह उनकी बेटियों की गंभीर चिकित्सीय स्थिति है।
बेटियों की जरूरतें प्राथमिकता: 'नया घर चुनते समय करना पड़ता है कई बातें तय'
बार एंड बेंच से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी दोनों बेटियां – प्रियंका और माही – ‘नेमालाइन मायोपैथी’ नामक दुर्लभ न्यूरोमस्कुलर बीमारी से पीड़ित हैं। घर में उनके लिए ICU सेटअप किया गया है। नए घर में स्थानांतरण के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं चाहिए, जैसे व्हीलचेयर के लिए बाथरूम के दरवाजे का साइज।
'घर में ICU है, ट्रेकियोस्टॉमी ट्यूब को रात में बदलना पड़ता है' पूर्व CJI ने साझा किया कि एक बार शिमला में उनकी बेटी की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें चंडीगढ़ लाना पड़ा था, जहां 44 दिन ICU में रहना पड़ा। उनकी बेटी आज भी ICU-सपोर्टेड ट्रेकियोस्टॉमी ट्यूब पर है, जिसकी सफाई और देखभाल रोज़ करनी होती है।
सामान पैक कर लिया है, 10 दिन में शिफ्टिंग पूरी हो जाएगी ,उन्होंने कहा, "सामान और फर्नीचर पैक हो चुका है, सिर्फ रोजमर्रा की चीजें बाकी हैं। बस अब इसे ट्रक में लोड कर नए घर में ले जाना है, इसमें 10 से 14 दिन और लग सकते हैं।" तीन मूर्ति मार्ग वाला नया आवास अभी भी तैयार नहीं था ,नया आवंटित आवास तीन मूर्ति मार्ग पर है, लेकिन उसमें मरम्मत और सुविधाओं का काम चल रहा था।
चंद्रचूड़ ने कहा कि दो साल से वह बंगला खाली था क्योंकि कोई अन्य जज उसमें रहना नहीं चाहता था। ठेकेदार ने जून 2025 तक काम पूरा करने का आश्वासन दिया था। किराये का घर भी नहीं मिला, कम समय की वजह से हुआ इनकार उन्होंने बताया कि वे तीन महीने के लिए किराये पर घर लेने को भी तैयार थे, लेकिन इतने कम समय के लिए कोई मकान मालिक तैयार नहीं हुआ।
संजीव खन्ना और गवई से मांगी थी अनुमति
चंद्रचूड़ ने बताया कि उन्होंने पहले तत्कालीन CJI संजीव खन्ना से 28 अप्रैल तक बंगले में रहने की अनुमति मांगी थी, जिसे स्वीकृति मिली। बाद में नए CJI भूषण गवई से भी अनुरोध किया गया, और कहा गया कि यदि नियम में अनुमति नहीं है तो वह मार्केट रेट पर किराया देने को भी तैयार हैं।
सुप्रीम कोर्ट की चिट्ठी बनी चर्चा का कारण
नवंबर 2024 में रिटायर हुए चंद्रचूड़ को इस बंगले में रहते आठ महीने हो चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में शहरी विकास मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर बंगला खाली करवाने की सिफारिश की थी। चंद्रचूड़ को पहले टाइप-7 आवास दिया गया था, लेकिन उन्होंने विशेष कारणों से टाइप-8 में रहने की अनुमति मांगी थी।
निष्कर्ष:
पूर्व CJI डी. वाई. चंद्रचूड़ की सफाई भावनात्मक और व्यावहारिक दोनों दृष्टि से संतुलित है। उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि बंगला खाली करने की देरी जानबूझकर नहीं हुई, बल्कि उनकी बेटियों की गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों और घर की अनुकूलता की मजबूरी से जुड़ी है।
रेल पटरी पर जलभराव, गुहालिडीही स्टेशन पर रुकी वंदे भारत एक्सप्रेस
7 Jul, 2025 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देशभर में झमाझम बारिश का दौर जारी है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात सहित कई राज्यों में बाढ़ के हालात बने हुए है। ओडिशा में मूसलाधार बारिश होने की वजह से जनजीवन ठप सा हो गया है। क्योंझर जिले में भारी बरसात के कारण रेल सेवाएं भी बुरी तरह बाधित रही। रेलवे ट्रैक पानी में डूब जाने की वजह से वंदे भारत एक्सप्रेस में सवार सैकड़ों यात्री करीब सात घंटे तक फंसे रहे। रेल के साथ सड़क यातायात भी काफी प्रभावित रहा।
पानी में डूब गया रेलवे ट्रैक
क्योंझर में टाटानगर से बरहामपुर जा रही हाई-स्पीड ट्रेन शाम को सात बजे गुिहालिडीही स्टेशन पर रूकी रही। पटरियों पर कई फीट पानी भर जाने के कारण ट्रेन को आगे नहीं बढ़ाया गया। इस दौरान यात्रियों को कई घंंटों खड़ी ट्रेन के अंदर रहना पड़ा। हालांकि इस अवधि के दौरान किसी यात्री को कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं हुई।
7 घंटे तक फंसी रही वंदे भारत एक्सप्रेस
भारी बारिश की वजह से कथित तौर पर पटरियों पर करीब तीन फीट पानी बह रहा था। सात घंटे तक हाई-स्पीड ट्रेन एक जगह रूकी रही। इस पर एक बयान जारी कर रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्होंने आश्वासन दिया कि इस दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
रेलवे ने ट्रेन को खींचने के लिए भेजा दूसरा इंजन
पानी ज्यादा जमा हो जाने की वजह से तुरंत राहत कार्य शुरू नहीं किया गया। रेलवे विभाग ने हालात सामान्य होने के बाद ट्रेन को केंदुझारगढ़ स्टेशन तक खींचने के लिए एक बचाव इंजन भेजा। इस दौरान यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई जिलों में रेड अलर्ट
इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मयूरभंज और क्योंझर सहित राज्य के कई हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार, अगले 24 घंटों में गंगीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी ओडिशा में बने कम दबाव वाले क्षेत्र के कारण अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चल सकती है।
मक्का उत्पादन को लेकर बड़ा लक्ष्य, 2047 तक दोहरी बढ़ोतरी का प्लान
7 Jul, 2025 03:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत अपना मक्का उत्पादन साल 2047 तक बढ़ाकर दोगुना यानी 8.6 करोड़ टन कर सकता है। अभी भारत में मक्का उत्पादन 4.2 करोड़ टन के करीब है। कृषि मंत्री ने ज्यादा उपज और ज्यादा स्टार्च वाले बीजों के विकास की जरूरत पर बल दिया। फिक्की द्वारा आयोजित 11वें मक्का सम्मेलन में बोलते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि भारत को अनुवांशिक रूप से संशोधित बीजों का इस्तेमाल किए बिना अपनी उत्पादकता बढ़ाने की जरूरत है।
कृषि मंत्री बोले- मक्का उत्पादन बढ़ाने की जरूरत
गौरतलब है कि भारत अभी दुनिया में मक्का का पांचवा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 'हम अनुवांशिक रूप से संशोधित बीजों का इस्तेमाल नहीं करते हैं, लेकिन इसके बावजूद हम अपनी उत्पादकता बढ़ा सकते हैं। भारत में औसत मक्का उत्पादन 3.7 टन प्रति हेक्टेयर है। वहीं पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों में मक्का उत्पादन राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है, लेकिन अभी भी इसे बढ़ाने की जरूरत है।'
कृषि मंत्री ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने मक्का की 265 किस्में विकसित की हैं, जिनमें 77 हाइब्रिड और 35 बायो फोर्टिफाइड किस्में हैं, लेकिन अभी और काम किया जाना चाहिए। मक्का में स्टार्च का स्तर बढ़ाने की जरूरत है। अभी ये 65-70 प्रतिशत है, लेकिन इसे बढ़ाकर 72 प्रतिशत किया जाना चाहिए। ताकि मक्का का बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सके। साल 1900 में भारत में मक्का उत्पादन एक करोड़ टन था, जो आज बढ़कर 4 करोड़ से ज्यादा हो चुका है। कृषि मंत्री ने कहा कि पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों को भी मक्का का उत्पादन बढ़ाना चाहिए, जो अभी मुख्यतः धान की फसल पर ही फोकस करते हैं।
घटिया बीजों और उर्वरकों पर जताई चिंता
चौहान ने कहा कि मक्का की कीमतें, जो 2,400 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम थीं, सरकार के 2025-26 तक 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण लक्ष्य के बाद ज्यादा हुई हैं। मंत्री ने घटिया बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की बिक्री पर चिंता व्यक्त की और ऐसे आपूर्तिकर्ताओं और निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नीतिगत रूपरेखा बनाने का आह्वान किया।
नालंदा में दोहरे हत्याकांड से हड़कंप, विवाद ने ली किशोर और युवती की जान
7 Jul, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Crime: बिहार में इन दिनों आपराधिक घटनाएं चरम पर है। बैखाफ बदमाश सरेआम घूम रहे है। आम जनता में डर का माहौल बना हुआ है। बीते दिनों पटना में हुई एक बिजनेसमेन की हत्या का मामला अभी शांत नहीं हुआ और एक नई घटना सामने आई है। नालंदा में डबल मर्डर से सनसनी फैल गई है। मामूली विवाद के बाद रविवार (6 जुलाई, 2025) की रात हथियारबंद बदमाशों ने दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मृतकों में एक 20 वर्षीय युवती और एक 16 वर्षीय किशोर शामिल है। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने दोनों को करीब से सिर में गोली मारी है। इस घटना को लेकर इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
दोनों के सिर में मारी गोली, मौके पर ही मौत
घटना दीपनगर थाना क्षेत्र के डुमरावां गांव के पासवान टोला की है। मृतकों की पहचान 15 वर्षीय अन्नु कुमारी, पिता ओमप्रकाश पासवान, और 16 वर्षीय हिमांशु कुमार, पिता संतोष पासवान, के रूप में हुई है। हमलावरों ने दोनों को बेहद करीब से सिर में गोली मारी। अन्नु को सिर के पिछले हिस्से में और हिमांशु को सिर के अगले हिस्से में गोली लगी, जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई।
कीर्तन में बच्चों के विवाद से फैली हिंसा
परिजन रंजन कुमार ने बताया कि गांव में अखंड कीर्तन का आयोजन हो रहा था। इसी दौरान बच्चों का दूसरे टोला के बच्चों से किसी बात पर विवाद हो गया। इसी विवाद में आक्रोशित होकर दूसरे टोले के लोग हथियार लेकर पासवान टोला में घुस आए और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में अन्नु और हिमांशु की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव फैल गया और लोग दहशत में घरों में दुबक गए।
पोस्टमार्टम पर विवाद, सड़क जाम
घटना से आक्रोशित परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और शव लेकर गांव लौटने लगे। पुलिस के पोस्टमार्टम कराने की बात कहने पर परिजन भड़क गए और सुभाष पार्क के पास अस्पताल चौक-बड़ी पहाड़ी मार्ग पर शवों को स्ट्रेचर पर रखकर सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस ने सात को हिरासत में लिया
घटना की जानकारी मिलते ही दीपनगर थाना पुलिस और सदर डीएसपी नूरुल हक मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने बताया कि इस दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात लोगों को हिरासत में लिया है। गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। डीएसपी ने बताया कि हत्या के पीछे विवाद की वजह स्पष्ट है और मामले की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बिहार वोटर लिस्ट विवाद: कपिल सिब्बल की अपील पर सुप्रीम कोर्ट देगा सुनवाई, 10 जुलाई को सुनवाई तय
7 Jul, 2025 12:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव आयोग के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। अब कोर्ट इस मामले की सुनवाई 10 जुलाई को करेगा।
क्या है मामला?
चुनाव आयोग ने बिहार में SIR के तहत वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की है, जिस पर आपत्ति जताते हुए कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि यह प्रक्रिया लाखों गरीब, महिला और प्रवासी मतदाताओं को मताधिकार से वंचित कर सकती है।
कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि यह फैसला संवेदनशील समय पर लिया गया है और इसकी वैधानिकता पर गंभीर सवाल हैं। कोर्ट ने जब पूछा कि बिहार में चुनाव कब प्रस्तावित हैं, तो बताया गया कि चुनाव इस साल के अंत में हो सकते हैं। इसके बाद कोर्ट ने जल्द सुनवाई के लिए 10 जुलाई की तारीख तय की।
कौन-कौन पहुँचा सुप्रीम कोर्ट? इस मामले में याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं:
राष्ट्रीय जनता दल (RJD),टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा , सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव , चुनाव सुधारों से जुड़ा संगठन ADR (Association for Democratic Reforms)इन सभी ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग का यह निर्णय मनमाना और असंवैधानिक है, जिससे लाखों मतदाता मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।
चुनाव आयोग की सफाई
विवाद के बीच निर्वाचन आयोग ने कहा है कि यह अभियान चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। आयोग ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए 11 मान्य दस्तावेजों की सूची जारी की है। इन दस्तावेजों में से कोई भी एक बीएलओ (Booth Level Officer) को देने पर नाम जोड़ा जाएगा।
बिहार प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस अभियान से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए लिखा: "सोच बदलिए, भ्रम छोड़िए — वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए 11 में से कोई एक दस्तावेज दें।"
महत्वपूर्ण तिथियाँ – विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 2025 (बिहार) हाउस-टू-हाउस सर्वेक्षण: 25 जून – 26 जुलाई ,ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन: 1 अगस्त , दावे और आपत्तियाँ: 1 अगस्त – 1 सितंबर और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 30 सितंबर
वोटर्स के लिए हेल्पलाइन
चुनाव आयोग ने हेल्पलाइन नंबर 1950 जारी किया है, जिस पर कॉल कर दस्तावेज़ संबंधी जानकारी ली जा सकती है। साथ ही QR कोड स्कैन कर ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा भी दी गई है।
MP निवेश वर्ष का तीसरा अध्याय: टेक्सटाइल शहर लुधियाना में मोहन यादव से मिले उद्योगपति
7 Jul, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP CM Mohan Yadav Road Show Today in Punjab Ludhiana: मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए राज्य सरकार बेंगलूरु और सूरत के बाद इस साल का तीसरा इंटरैक्टिव सेशन और रोड शो सोमवार को पंजाब के लुधियाना में आयोजित करेगी। इसमें टेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और आइटी आदि सेक्टर में निवेश पर विशेष फोकस रहेगा। पर्यटन सहित अन्य क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पंजाब के उद्योगपतियों और निवेशकों से सीधे चर्चा करेंगे। वे वर्धमान, ट्राइडेंट समूह आदि का दौरा भी करेंगे।
प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों का दौरा करेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव लुधियाना स्थित वर्धमान टेक्सटाइल और दीपक फास्टनर जैसे प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों का दौरा करेंगे। वे उद्योगों की उत्पादन प्रक्रियाओं, तकनीकी दक्षता और प्रबंधन प्रणाली को देखेंगे और समझेंगे। वे इन समूहों के साथ संभावित निवेश के बिंदुओं पर चर्चा भी करेंगे। उद्योगों की कार्य संस्कृति और नवाचार क्षमताओं को जानने के साथ मध्यप्रदेश में इन्हें लागू करने के रास्तों पर भी चर्चा करेंगे। शाम को ट्राइडेंट ग्रुप के मुयालय में आयोजित हाई-टी इंटरएक्शन में भाग लेंगे। इसमें कंपनी के नेतृत्व, संभावित निवेश, साझेदारी के पहलुओं पर चर्चा होगी।
निवेश की उम्मीद में वन टू वन बैठक करेंगे सीएम
मुख्यमंत्री लुधियाना के प्रमुख उद्यमियों, निवेशकों और औद्योगिक समूहों के पदाधिकारियों के साथ व-टू-वन बैठकें करेंगे। इसमें उद्योग प्रतिनिधियों से संभावित निवेश प्रस्तावों, साझेदारी के क्षेत्रों और आवश्यक सरकारी सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। विशेष सत्र में उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं, पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल ओडीओपी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और लॉजिस्टिक्स-सक्षम क्लस्टर्स की जानकारी देंगे।
मॉनसून का जोर: दिल्ली-राजस्थान सहित कई राज्यों में तड़के से मूसलधार बारिश
7 Jul, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देशभर में मानसून सक्रिय हो गई है। कई राज्यों में भारी बारिश के कारण बाढ़ के हालात बने हुए है तो कुछ जगह बारिश का इंतजार किया जा रहा है। इसी बीच मौसम ने करवट बदली है। देश की राजधानी दिल्ली के आसपास के इलाकों, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में सुबह सुबह झमाझम बारिश हो गई। बारिश की वजह से तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहाना हो गया है। इसी बीच मौसम विभाग ने ताजा अपडेट जारी किया है।
दिल्ली में देर रात से झमाझम बारिश
दिल्ली-एनसीआर में देर रात शुरू हुई झमाझम बारिश हो रही है। सोमवार सुबह भी तेज बारिश होने से मौसम सुहाना हो गया है। फिलहाल दिल्ली के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। बरसात की वजह से कई जगह पानी भर गया है। बारिश की वजह से तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को उमस से राहत मिली है। आईएमडी के अनुसार, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुड़गांव, गाजियाबाद, फरीदाबाद समेत दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। रात भर हुई बारिश की वजह से तापमान दिल्ली का गिरकर 32 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है।
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा में भी बारिश
दिल्ली के अलावा कई राज्यों में सोमवार तडके से बारिश हो रही है। आज सुबह राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ सहित कई राज्यों में बारिश होने से मौसम सुहाना हो गया है। सुबह सुबह ही आसमान में काले बादल छाने से अंधेरा हो गया। भारी बारिश की वजह से कुछ जगहों पर पानी भराव की खबरे भी सामने आ रही है।
अगले 7 दिन अत्यधिक बारिश का अलर्ट, IMD की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले 7 दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। छत्तीसगढ़ में 6-7 जुलाई और विदर्भ में 7 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। मध्यप्रदेश में 6-10 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहेगी। पश्चिम मध्यप्रदेश में 8-9 जुलाई और पूर्वी मध्यप्रदेश में 7-8 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर पश्चिम भारत में अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में 6 जुलाई और पूर्वी राजस्थान में 9 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6-10 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।
पश्चिम भारत में मूसलधार बारिश
मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में 6-7 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। कोंकण, गोवा, गुजरात और मराठवाड़ा में अगले 6 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
उत्तर पूर्व और दक्षिण भारत में भी बारिश
उत्तर-पूर्वी राज्यों में अगले 7 दिनों तक बारिश जारी रहने के साथ 6 और 12 जुलाई को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण भारत में कर्नाटक, केरल, तेलंगाना में 6-12 जुलाई के दौरान भारी बारिश हो सकती है।
तेज हवाएं और बिजली गिरने की चेतावनी
IMD ने चेतावनी दी है कि कई राज्यों में 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अलर्ट पर रहें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित रह सकें।
केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के पिता आनंद सिंह का निधन, कांग्रेस के चार बार सांसद रहे
7 Jul, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के पिता पूर्व सांसद व पूर्व मंत्री आनंद सिंह का रविवार की देर रात लखनऊ में निधन हो गया। एक जमाना था। जब उन्हें पूर्वांचल की राजनीति का भीष्म पितामह माना जाता था। वह कांग्रेस के टिकट से चार बार सांसद बने। अखिलेश सरकार में कृषि मंत्री रहे। उसके बाद उन्होंने राजनीतिक जीवन से सन्यास ले लिया। उनके निधन से जिले सहित राजनीतिक इलाकों में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।
यूपी के गोंडा जिले के मनकापुर राजघराना की राजनीति में एक अलग ही छवि रही है। जिले के विकास में राजघराने का बहुत बड़ा योगदान रहा है। वर्तमान में बीजेपी सरकार में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया के पिता आनंद सिंह ने रविवार की देर रात लखनऊ में तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां पर उन्होंने जीवन की अंतिम सांस ली। यह खबर यहां पर आते ही लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। आनंद सिंह का जन्म 4 जनवरी 1939 को हुआ था। गोंडा संसदीय क्षेत्र वह चार बार संसद सदस्य चुने गए थे। 2012 से 2017 तक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार में वह कृषि मंत्री भी रहे। इसके बाद से उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया था। उनके पुत्र गोंडा से भाजपा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह वर्तमान में केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री है।
आनंद सिंह को यूपी टाइगर के नाम से जाना जाता था
उनके करीबियों का कहना है कि राजा आनंद सिंह एक दो बार नहीं, चार बार सांसद रहे। पूर्वांचल की राजनीति में अपने सियासी दबदबे को लोहा मनवाने वाले मनकापुर के राजा आनन्द सिंह को यूपी टाइगर के नाम से जाना जाता था। एक जमाने की बात थी। जब कांग्रेस पार्टी उन्हें सादा सिम्बल दे देती थी, फिर आनंद सिंह जिसे चाहते नाम भरकर सिम्बल दे देते थे। जिसके सिर पर मनकापुर कोट का हाथ होता था। वह सांसद, विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख बन जाता था।
मंडी में फिर फटे बादल, 9 जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी
6 Jul, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिमला। हिमाचल प्रदेश में बारिश तबाही मचा रही है। मंडी में एक बार फिर बादल फटा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के रविवार को जारी रेड अलर्ट के बीच सुबह से राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो रही है। मंडी, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि शिमला, सोलन और हमीरपुर समेत 9 जिलों में अगले 24 घंटे के लिए फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की गई है।
इस बीच मंडी जिला में फिर बादल फटने से दहशत फैला गई। पधर उपमंडल की टिक्कन पंचायत के सिलबधानी गांव में बीती देर रात बादल फटा, जिससे स्थानीय नाले में बाढ़ आ गई और दो पुलियां बह गईं। इस घटना में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। प्रशासन की टीम क्षति का आकलन कर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश कांगड़ा जिला के नगरोटा सुरियां में 102 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा ऊना में 62 मिमी, धर्मशाला में 61 मिमी, कटुआला और घमरूर में 40-40 मिमी, बरठीं में 38, सुजानपुर टीहरा में 36, भराड़ी में 35, नादौन में 30 और मंडी में 21 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग ने रविवार के लिए कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि सोमवार को बहुत भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट जारी किया है। 8 से 10 जुलाई तक येलो अलर्ट और 11 व 12 जुलाई को सामान्य बारिश की संभावना जताई है। लगातार बारिश से राज्य में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक रविवार सुबह तक प्रदेश में 269 सड़कों, 285 बिजली ट्रांसफॉर्मरों और 278 पेयजल योजनाओं पर असर पड़ा है। अकेले मंडी जिले में 200 सड़कें, 236 ट्रांसफॉर्मर और 278 जल योजनाएं ठप पड़ी हैं। यह जिला इस समय सबसे ज्यादा प्रभावित है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक 20 जून से 5 जुलाई के बीच हिमाचल प्रदेश में बादल फटने, भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और सड़क हादसों में अब तक 74 लोगों की मौत हो चुकी है। 115 घायल हैं, जबकि 37 लोग अभी भी लापता हैं। इस अवधि में राज्य को 566 करोड़ रुपए से ज्यादा की जनधन हानि का सामना करना पड़ा है। मंडी जिले में 30 जून की रात बादल फटने की 12 घटनाओं में 14 लोगों की जान चली गई और 31 लोग लापता हो गए। कांगड़ा जिले में 13 मौतें हुई हैं, जिनमें 7 भूस्खलन और 2 बादल फटने से हुईं।
प्राकृतिक आपदाओं के चलते 19 मकान पूरी तरह ध्वस्त, 93 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त, 213 पशुशालाएं और 21 दुकानें बर्बाद हो चुकी हैं। खेती और बागवानी को भी भारी नुकसान पहुंचा है। साथ ही 10,000 पोल्ट्री पक्षी और 253 मवेशी मारे गए हैं। फिसलनभरी सड़कों और कमजोर पुलों के चलते सड़क हादसों में 27 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें चम्बा में 6, मंडी, बिलासपुर और कुल्लू में 3-3 मौत हुई हैं।
निपाह वायरस के नए मामले सामने आने से 425 प्रभावित लोग निगरानी में
6 Jul, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुवनंतपुरम। केरल में निपाह वायरस के नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सैकड़ों लोगों को निगरानी में रखा है। स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि सबसे ज्यादा 228 लोग मलप्पुरम जिले में, 110 पलक्कड़ में और 87 कोझिकोड में निगरानी में रखे गए हैं। एक व्यक्ति का टेस्ट नेगेटिव आया है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है और प्रभावित क्षेत्रों में रोकथाम के उपाय तेज कर दिए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक मलप्पुरम में वायरस के सोर्स का पता लगाने और इसके प्रसार को रोकने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। मक्करापारंबा, कुरुवा, कूट्टिलंगडी और मंकदा पंचायतों के 20 वार्डों में 65 टीमों ने 1655 घरों में जांच की। पलक्कड़ में एक व्यक्ति को आइसोलेशन में रखा गया है और 61 स्वास्थ्यकर्मी संपर्क में हैं। यहां मरीजों को स्थानीय स्तर पर आइसोलेट किया जा रहा है और उनके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। मलप्पुरम और पलक्कड़ में पुष्ट मामलों के रूट मैप जारी किया है ताकि लोग सतर्क रहें।
कोझिकोड में सभी 87 लोग स्वास्थ्यकर्मी हैं, जो मरीजों के इलाज करते समय वायरस की चपेट में आ गए। स्वास्थ्य विभाग ने एम्बुलेंस सेवाओं को तैयार रखा है। प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और निगरानी में रखे गए लोगों को मदद दी जा रही है। चमगादड़ों को वायरस का स्रोत माना जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिला कलेक्टर, पुलिस और अन्य विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बता दें निपाह एक खतरनाक वायरस है, जो चमगादड़ों या सूअरों से इंसानों में फैलता है। इसके संक्रमण के बाद दिमाग में सूजन के साथ सांस लेने में तकलीफ होती है। केरल में साल 2018 से अब तक छह बार इस वायरस के प्रकोप देखे गए हैं, जिसमें 2018 में 17 लोगों की मौत हुई थी। निपाह के लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, उल्टी और बेहोशी शामिल हैं। इसके लिए कोई वैक्सीन या विशेष इलाज नहीं है। लोगों से चमगादड़ों के काटे फल न खाने और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
कश्मीर में मनाया गया यौम-ए-आशूरा, शोक जुलूस में शामिल हुए LG सिन्हा, लोगों को बांटा पानी
6 Jul, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा शनिवार को आशूरा (मुहर्रम का 10वां और अंतिम दिन) में शामिल हुए और हजारों शोक मनाने वालों (अजादारों) में शामिल हुए, जिन्होंने कर्बला की लड़ाई में इमाम हुसैन की शहादत को याद किया.
मुहर्रम के 10वें दिन यौम-ए-आशूरा पर शहर के डाउनटाउन हिस्से में श्रीनगर के बोटा कदल में एक बड़ा शोक जुलूस निकाला जाता है. काले कपड़े पहने शोक मनाने वाले लोग शोकगीत (मरसिया) पढ़ते हैं और कर्बला के शहीदों के साथ एकजुटता दिखाते हैं. सिन्हा जुलूस में शामिल हुए और शोक मनाने वालों के बीच पानी भी बांटा.
इमामबाड़ा जदीबल में समाप्त हुआ जुलूस
श्रीनगर में बोटाकादल से निकाला गया शोक जुलूस शहर के डाउनटाउन इलाके में इमामबाड़ा जदीबल में समाप्त हुआ. जुलूस के साथ-साथ सड़कें सिर्फ जुलूसों के लिए ही रखी गई हैं, जहां स्वयंसेवकों ने पानी और दूसरे जूस के लिए स्टॉल लगाए हैं, जिन्हें शोक मनाने वालों में बांटा जाता है.
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मार्ग पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जबकि मार्ग के इस हिस्से पर यातायात को बंद रखा गया है. घाटी के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के जुलूस निकाले गए, जहां शिया आबादी रहती है.
उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी
कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक विधि कुमार भिर्डी ने कहा कि पुलिस ने श्रीनगर शहर में मुहर्रम जुलूसों के लिए व्यापक व्यवस्था की है और अन्य जिलों से आने वाले लोगों की परेशानी मुक्त आवाजाही के लिए कई सुरक्षा तैनात की गई हैं. मुहर्रम के जुलूसों के लिए जम्मू कश्मीर प्रशासन ने शोक मनाने वालों को दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश जारी किए थे और उनका उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी.
दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर FIR
पुलिस ने शहर में मुहर्रम जुलूस मार्ग पर दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ व्यक्तियों ने एमए रोड पर जुलूस के दौरान जानबूझकर और गैरकानूनी कार्य किए.
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत पुलिस स्टेशन कोठीबाग में एफआईआर दर्ज की गई क्योंकि इन कार्यों का उद्देश्य अशांति भड़काना, सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ना और सांप्रदायिक सद्भाव को बाधित करना था, जिससे राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता को गंभीर खतरा पैदा हो गया.
आगा रूहुल्लाह मेहदी ने पुलिस पर साधा निशाना
सांसद और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता आगा रूहुल्लाह मेहदी ने जम्मू-कश्मीर पुलिस से पूछा कि वह गाजा के समर्थन की शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए क्यों एफआईआर दर्ज कर रही है. उन्होंने पूछा जम्मू कश्मीर पुलिस से-एक आसान सवाल: क्या आप हम कश्मीरियों की सेवा कर रहे हैं या जायोनी शासन की इच्छा को लागू कर रहे हैं? अगर आप हमारी सेवा कर रहे हैं, तो बताएं: आप गाजा के समर्थन की शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति के खिलाफ किस कानून के तहत एफआईआर दर्ज कर रहे हैं? हम आपके जवाब का इंतजार कर रहे हैं.
वहीं, लोकप्रिय शिया नेता आगा सैयद मुहम्मद हादी ने भी इस पुलिस कार्रवाई के खिलाफ 14 मुहर्रम पर विरोध प्रदर्शन की धमकी दी है.
बता दें कि 1989 में तत्कालीन राज्यपाल जगमोहन के नेतृत्व में उग्रवाद के उभार के बाद कश्मीर में 8वीं और 10वीं मुहर्रम के जुलूसों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. तब से जुलजनाह जुलूसों को केवल चुनिंदा शिया आबादी वाले इलाकों में ही अनुमति दी गई थी. 2023 में एलजी प्रशासन ने प्रतिबंध हटा दिया, जिससे जुलूसों को कुछ चुनिंदा पारंपरिक मार्गों पर वापस जाने की अनुमति मिल गई. जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा श्रीनगर में आशूरा जुलूस में शामिल हुए.
पटाखा फैक्ट्री में भयानक विस्फोट, 10 किलोमीटर दूर तक हुआ कंपन
6 Jul, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विरुधुनगर: तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में रविवार को एक और पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट होने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य कर्मचारी घायल हो गए. यह हादसा जिले के सात्तूर इलाके में गणेशन के स्वामित्व वाली एक पटाखा फैक्ट्री में हुआ. एक हफ्ते में जिले में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट की यह दूसरी घटना है.
बताया गया है कि इस पटाखा फैक्ट्री में 50 से अधिक कमरे हैं. रविवार सुबह पटाखा बनाने वाले कर्मचारी हमेशा की तरह काम पर आए. उस समय एक कमरे में अचानक आग लग गई और पटाखे तेज आवाज के साथ फट गए, जिससे करीब 10 किलोमीटर दूर तक कंपन हुआ. आग आस-पास के कमरों में फैल गई, जिससे 10 से अधिक कमरे जलकर राख हो गए. सूचना पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.
अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के बाद आग लगने की घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई. चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए शिवकाशी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटनास्थल पर पुलिस और राजस्व विभाग के कर्मचारी बचाव कार्य में जुटे हुए हैं.
पुलिस ने बताया कि पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के सिलसिले में फोरमैन को गिरफ्तार कर लिया गया है. जबकि मालिक फरार है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है. वहीं, राजस्व विभाग ने फैक्ट्री के संचालन पर अस्थायी रोक लगा दी है.
पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 10 लोगों की मौत
इससे पहले, 1 जुलाई को विरुधुनगर जिले के शिवकाशी के पास एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई थी. पुलिस ने फैक्ट्री मालिक समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. यह पटाखा फैक्ट्री चिन्नाकमनपट्टी में कमल कुमार गोकुलेश फायर वर्क्स नाम से चल रही थी. मालिक ने नागपुर में केंद्रीय पेट्रोलियम और विस्फोटक नियंत्रण विभाग (पेस्को) से लाइसेंस प्राप्त किया था.
स्थानीय पुलिस ने फैक्ट्री मालिक कमल कुमार, फैक्ट्री मैनेजर विजय, फोरमैन रवि समेत छह लोगों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था. बाद में फोरमैन रवि को गिरफ्तार कर लिया गया था. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की थी.
राजनाथ, डोभाल के बाद अब जयशंकर जा रहे चीन की तीन दिवसीय यात्रा पर
6 Jul, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर 13 जुलाई से चीन के तीन दिवसीय दौरे पर जा रहे है। इस दौरान वे द्विपक्षीय और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की बैठकों में भाग लेने वाले है। यह दौरा तब हो रहा है जब भारत और चीन पूर्वी लद्दाख में गश्त के अधिकारों पर सहमति के बाद संबंधों को सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले साल अक्टूबर में इस मुद्दे पर सहमति बनी थी, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कजान में हुई थी। जयशंकर का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह गलवान झड़पों के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश का हिस्सा है। उम्मीद है कि इस दौरे से भारत और चीन के रिश्तों में सुधार आएगा।
बात दें कि जयशंकर तियानजिन में एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने वाले है। यह बैठक 1 सितंबर को होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन से पहले हो रही है, जिसके लिए चीन ने प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किया है। जयशंकर बीजिंग में चीन के कई नेताओं से मुलाकात करने और आपसी सहयोग पर बातचीत करने वाले है। इस दौरे का मुख्य लक्ष्य दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों को सामान्य करना है। इसके तहत कैलाश मानसरोवर यात्रा पांच साल के बाद फिर से शुरू हो गई है, और दोनों देश सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने पर भी बातचीत कर रहे हैं।
दरअसल जयशंकर के दौरे के बाद, चीनी विदेश मंत्री वांग यी भी इसी महीने भारत आ सकते हैं। वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के साथ सीमा वार्ता कर सकते है। डोभाल इससे पहले दिसंबर 2024 में और पिछले महीने एससीओ एनएसए की बैठक में भाग लेने के लिए चीन जा चुके हैं। विदेश सचिव विक्रम मिसरी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी हाल ही में चीन का दौरा कर चुके हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पहला दल रवाना, सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी
6 Jul, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चम्पावत। उत्तराखंड से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए शनिवार को पहला दल रवाना हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर पर्यटक आवास गृह से यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दल में 11 राज्यों के 45 श्रद्धालु शामिल हैं, जिनमें 32 पुरुष और 13 महिलाएं हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने यात्रियों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया और उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ा स्मृति चिह्न भी भेंट किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से संवाद करते हुए देवभूमि उत्तराखंड में उनका हार्दिक स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मिक और आध्यात्मिक जागरण का मार्ग है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उन चंद भाग्यशाली लोगों को ही नसीब होती है जो भोलेनाथ की कृपा से इसे पूर्ण कर पाते हैं। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य, भोजन, आवास, सुरक्षा और परिवहन समेत हर स्तर पर पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। सभी पड़ावों पर आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं, जिससे किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा न हो।
सीमाओं से परे शिव साक्षात्कार
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पहले जहां इस यात्रा को पूरा करने में सात दिन या उससे अधिक का समय लगता था, अब उन्नत कनेक्टिविटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर के चलते यह कुछ ही घंटों में संभव हो सकी है। उन्होंने कहा, कि यह यात्रा अब केवल भौगोलिक मार्ग नहीं रही, बल्कि सीमाओं को लांघकर शिव से साक्षात्कार का सशक्त माध्यम बन चुकी है।
इन राज्यों से पहुंचे हैं श्रद्धालु
कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल में छत्तीसगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सहित 11 राज्यों के यात्री शामिल हुए हैं। इन यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने भगवान भोलेनाथ से सभी यात्रियों की सफल, मंगलमय और सुरक्षित यात्रा की कामना की।
तेज बारिश के चलते मणिकर्णिका घाट डूबा, छत पर हो रहे अंतिम संस्कार
6 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली/भोपाल/लखनऊ। देश के उत्तर और मध्य भारत में मानसून ने तबाही मचाने वाली दस्तक देकर सभी को हैरान-परेशान कर दिया है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हिमाचल और राजस्थान में भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। यहां काशी के पवित्र मणिकर्णिका घाट के प्लेटफॉर्म गंगा में डूब गए। अब लोगों को शवों का अंतिम संस्कार घाट की छतों पर करना पड़ रहा है।
मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। राज्य के मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया। टीकमगढ़ में 24 घंटे में 6 इंच बारिश दर्ज की गई। जबलपुर में एक गैस सिलेंडर से भरा ट्रक पानी में डूब गया, जिससे गैस सिलेंडर नदी में बहते हुए देखे गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। मंडला जिले में कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति है।
उत्तर प्रदेश की बात करें तो गंगा का जलस्तर 15 फीट बढ़ गया जिससे, मणिकर्णिका घाट डूब गया है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। बीते चार दिनों में जलस्तर 15 फीट तक बढ़ चुका है। शुक्रवार रात 11 बजे तक जलस्तर 62.63 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (71.262 मीटर) के करीब पहुंच रहा है। काशी का पवित्र मणिकर्णिका घाट पूरी तरह से जलमग्न हो गया। शवदाह के प्लेटफॉर्म पानी में डूब जाने से अंतिम संस्कार अब घाट की छत पर किया जा रहा है। इसके भी फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। रत्नेश्वर महादेव मंदिर भी आधा से अधिक डूब चुका है। वहीं, पंडा-पुरोहितों की 300 से अधिक चौकियां पानी में डूब गई हैं।
वहीं राजस्थान में मानसून ने सभी जिलों को भिगो दिया है, अब एक भी जिला सूखा नहीं है। 1 जून से अब तक राज्य में 167.1 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 137 प्रतिशत अधिक है। जबकि पिछले साल जुलाई के पहले सप्ताह तक 14 जिले सूखे की चपेट में थे।
हिमाचल प्रदेश: लैंडस्लाइड और बाढ़ से 69 की मौत, 500 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में लगातार मूसलाधार बारिश से हालात बदतर हो चुके हैं। कांगड़ा, मंडी, शिमला और चंबा जिलों में बाढ़ और भूस्खलन से 69 लोगों की मौत हो चुकी है। मंडी में सबसे अधिक 17 मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि 40 लोग लापता हैं। राज्य में 14 पुल बह चुके हैं और 500 से ज्यादा सड़कें बंद हैं।
देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। धार्मिक, सामाजिक और परिवहन गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। मणिकर्णिका घाट पर छतों पर अंतिम संस्कार की स्थिति हो या हिमाचल की सड़कों का बंद होना—हर जगह संकट की तस्वीर साफ है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में और भारी बारिश की चेतावनी दी है।
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
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सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
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