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हज 2026: आवेदन प्रक्रिया शुरू, जानें कैसे करें रजिस्ट्रेशन
8 Jul, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अगर आप साल 2026 में हज पर जाने की इच्छा रखते हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद अहम है. अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय हज समिति ने मुस्लिम समुदाय के लिए हज 2026 के लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. हज 2026 के लिए आवेदन विंडो 7 जुलाई 2025 से खुल गई है. ऑनलाइन आवेदन 31 जुलाई तक स्वीकार किए जाएंगे.
ऐसे में जो भी लोग हज पर जाना चाहते हैं वो आधिकारिक हज पोर्टल https://hajcommittee.gov.in या HAJ SUVIDHA मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए अपना आवेदन जमा कर सकते हैं. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के मुताबिक ऑनलाइन आवेदन विंडो 7 जुलाई 2025 से 31 जुलाई 2025 (रात 11:59 बजे) तक खुली रहेगी.
जरूरी दिशा-निर्देश
मंत्रालय के अनुसार आवेदकों से अनुरोध किया गया है कि वो अपने फॉर्म जमा करने से पहले दिशा-निर्देश और वचन-पत्र अच्छी तरह पढ़ लें. आवेदन की अंतिम तिथि को या उससे पहले जारी किया गया पासपोर्ट अनिवार्य है. पासपोर्ट कम से कम 31 दिसंबर 2026 तक वैध होना चाहिए.
हज कमेटी ने आवेदकों को आवेदन करने से पहले अपनी तैयारियों पर सावधानीपूर्वक विचार करने की सलाह दी है. कमेटी का कहना है कि मृत्यु या गंभीर चिकित्सा आपात स्थिति की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को छोड़कर आवेदन रद्द करने की स्थिति पर आवेदक पर जुर्माना लग सकता है और उसे वित्तीय नुकसान हो सकता है. विस्तृत निर्देशों के लिए https://hajcommittee.gov.in पर जा सकते हैं.
40 दिनों की होती है हज यात्रा
हर साल दुनियाभर से लाखों मुसलमान में हज करने जाते हैं. हज करना हर मुसलमान का सपना होता है. अपनी जिंदगी में हर कोई एक बार हज पर जरूर जाना चाहता है. मुस्लिम धर्म के लिए पवित्र हज यात्रा काफी अहम मानी जाती है. हज इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है और हर सक्षम मुसलमान को अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार हज करना जरूरी है. हज के लिए मुसलमान सऊदी अरब के मक्का और मदीना शहर जाते हैं. हज यात्रा 40 दिनों की होती है.
हादसों पर उठे सवाल, एअर इंडिया और DGCA अधिकारियों से हुई गहन पूछताछ
8 Jul, 2025 04:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एअर इंडिया के अधिकारी मंगलवार को संसदीय समिति के सामने पेश हुए। इस दौरान संसदीय समिति ने एअर इंडिया हादसे के बारे में जानकारी ली और पूछा कि हादसे की जांच रिपोर्ट कब तक पूरी हो पाएगी। संसद सदस्यों ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद श्रीनगर की फ्लाइट के दामों में अचानक बढ़ोतरी पर भी चिंता जाहिर की।
एअर इंडिया हादसे की जांच को लेकर किए सवाल
संसदीय समिति के सदस्यों ने ब्यूरो ऑफ सिविल एसोसिएशन सिक्योरिटी के ऑडिट की भी मांग की। संसद की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी की अध्यक्षता वरिष्ठ कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने की। संसदीय समिति के सामने पेश होने वाले अधिकारियों में एअर इंडिया के सीईओ और एमडी कैंपबेल विल्सन भी शामिल रहे। समिति ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों से हादसे का शिकार हुए एअर इंडिया विमान के ब्लैक बॉक्स की जांच पूरी होने की समयसीमा के बारे में पूछा। बीती 12 जून को हुए विमान हादसे में 270 लोगों की मौत हो गई थी। एअर इंडिया की अहमदाबाद से लंदन गैटविक एयरपोर्ट जा रही फ्लाइट उड़ान के कुछ ही मिनट बाद एक हॉस्टल पर क्रैश हो गई। जिससे विमान में सवार 242 यात्रियों और क्रू सदस्यों में से 241 की मौत हो गई थी और हॉस्टल में रहने वाले 29 लोग भी मारे गए थे।
विमान हादसे के अलावा हवाई किराये पर भी हुई बात
संसदीय समिति के सामने पेश होने वाले अधिकारियों में डीजीसीए, एयरपोर्ट्स इकॉनोमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, एएआई कार्गो लॉजिस्टिक और अलाइड सर्विस कंपनी लिमिटेड के साथ ही ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी के अधिकारी शामिल थे। बैठक में हवाई किराये, टैरिफ, रेगुलेशन और आधारभूत ढांचे को लेकर चर्चा हुई। वहीं हादसे की जांच कर रही विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट नागरिक उड्डयन मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों को सौंप दी है।
अश्विनी वैष्णव के पिता के निधन पर शोक की लहर, नेताओं ने जताया दुख
8 Jul, 2025 01:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के पिता दाऊलाल वैष्णव का मंगलवार (08 जुलाई, 2025) की सुबह एम्स अस्पताल में निधन हो गया. वे पिछले लंबे समय से सांस लेने की दिक्कत होने के कारण एम्स हॉस्पिटल जोधपुर में भर्ती थे. पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद उनको वेंटिलेटर पर रखा गया. जोधपुर एम्स ने आज मेडिकल बुलेटिन जारी करते हुए बताया कि 11:52 बजे पर उन्होंने अंतिम सांस ली है.
पाली जिले के निवासी थे दाऊलाल वैष्णव
रेल मंत्री के पिता दाऊलाल वैष्णव मूल रूप से पाली जिले के जीवंत कला गांव के निवासी थे. वे अपने परिवार के साथ जोधपुर में आकर बस गए थे. उनका घर जोधपुर के भास्कर चौराहा के पास महावीर कॉलोनी, रातानाडा में स्थित है. दाऊलाल वैष्णव अपने गांव के सरपंच भी रह चुके हैं और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं. उन्होंने जोधपुर में एक वकील और कर सलाहकार के रूप में लंबे समय तक कार्य किया है.
आज जोधपुर में किया जाएगा अंतिम संस्कार
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव आज सुबह 10 बजे जोधपुर पहुंचे. वे एयरपोर्ट से सीधे एम्स (AIIMS) पहुंचे, जहां काफी देर तक मौन भाव से बैठे रहे. बताया जाता है कि अश्विनी वैष्णव को अपने माता-पिता से गहरा लगाव था. प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के पिता दाऊलाल वैष्णव का अंतिम संस्कार आज जोधपुर में ही किया जाएगा. इसे लेकर परिजनों ने तैयारी शुरू कर दी है.
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने व्यक्त किया शोक
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के पिता के निधन पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शोक व्यक्त किया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, "माननीय केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के पिताजी दाऊ लाल वैष्णव जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं. ईश्वर पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं परिजनों को संबल प्रदान करें."
बिहार सरकार की नई पहल: दिव्यांगजनों को मिलेगी सिविल सेवा की तैयारी में आर्थिक मदद
8 Jul, 2025 01:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 43 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक सुबह 10:30 बजे शुरू हुई और लगभग एक घंटे तक चली। इसमें युवा, महिला एवं दिव्यांगजनों से संबंधित कई अहम निर्णय लिए गए।
बिहार में बनेगा राज्य युवा आयोग
बैठक में सबसे प्रमुख प्रस्ताव बिहार के युवाओं से जुड़ा रहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य युवा आयोग के गठन की स्वीकृति देते हुए इसकी घोषणा की। आयोग का उद्देश्य युवाओं के सशक्तिकरण और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्य करना होगा।
मूल निवासी महिलाओं को मिलेगा 35% क्षैतिज आरक्षण
सामान्य प्रशासन विभाग के प्रस्ताव के तहत, अब बिहार की सभी सरकारी सेवाओं में सीधी नियुक्तियों के हर स्तर पर केवल राज्य की मूल निवासी महिलाओं को ही 35 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिलेगा। बाहर के राज्यों की महिलाएं इस आरक्षण के दायरे में नहीं आएंगी।
दिव्यांग अभ्यर्थियों को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी हेतु आर्थिक सहायता
समाज कल्याण विभाग के प्रस्ताव के अंतर्गत, मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना ‘संबल’ को मंजूरी दी गई। इसके तहत राज्य के पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के दिव्यांग पुरुष अभ्यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफल होने पर:
मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए ₹50,000
साक्षात्कार की तैयारी के लिए ₹1,00,000
की आर्थिक सहायता दी जाएगी। हालांकि, समान योजना के अंतर्गत इन वर्गों के पुरुष दिव्यांगों को अन्य सामान्य प्रोत्साहन राशि नहीं दी जाएगी। इस बैठक में समाज कल्याण, पंचायती राज, पथ निर्माण और कृषि विभाग सहित कई अन्य विभागों के प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई।
टीबी के खिलाफ तमिलनाडु का नया हथियार: समय रहते अस्पताल में भर्ती
8 Jul, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टीबी संक्रमण से मरीजों में जान का जोखिम कम करने के लिए भारतीय वैज्ञानिकों ने नया मॉडल विकसित किया है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने दावा किया कि इस मॉडल के जरिये किसी भी राज्य या जिले में टीबी से होने वाली मौतों में बड़ी गिरावट लाई जा सकती है। इसे हर राज्य में लागू करवाने के लिए केंद्र सरकार से सिफारिश की गई है। कर्नाटक और गुजरात में भी छोटे पैमाने पर परीक्षण हुए, लेकिन तमिलनाडु पहला राज्य बना जहां इसे राज्य स्तर पर लागू किया।
गंभीर मरीजों की पहचान कर समय रहते अस्पताल में भर्ती कराने के मॉडल तमिलनाडु कसनोई एरप्पिला थिट्टम यानी टीएन-केईटी नाम दिया गया है। रिपोर्ट बताती है कि 2024 की पहली तिमाही में राज्य के 21 जिलों में टीबी मृत्यु दर में कम से कम 20% की गिरावट दर्ज की गई है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ने बताया कि अगर कोई मधुमेह रोगी है और उसे टीबी संक्रमण होता है, तो ऐसे रोगी को जोखिम श्रेणी में रखा जा सकता है। हैरानी यह है कि जब इस मॉडल को लागू किया गया, तो दूसरी तिमाही के बीच टीबी मौत में 21% की कमी आई। 2024 की रिपोर्ट बताती है कि इस मॉडल को अपनाने के बाद 21 जिलों में 20% से अधिक मृत्यु दर में गिरावट आई है।
क्या है टीएन-केईटी मॉडल?
यह भारत का पहला राज्य-व्यापी डिफरेंशिएट टीबी केयर मॉडल है, जिसमें सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में मरीजों की त्रैजिंग यानी प्रारंभिक स्थिति का मूल्यांकन किया जाता है। जिन मरीजों में बहुत गंभीर कुपोषण, सांस लेने में तकलीफ या कमजोर शारीरिक स्थिति पाई जाती है, उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती किया जाता है। 2024 में टीबी से पीड़ित 53,793 वयस्कों में से 52,603 (98%) की त्रैजिंग की गई, जिनमें से 6,687 (12%) मरीजों को त्रैज पॉजिटिव पाया गया। इनमें से 93% मरीजों को भर्ती किया और इलाज पूरा कर उन्हें घर वापस भेजा गया। इनमें अधिकतर गंभीर कुपोषण की चपेट में थे। शोधकर्ताओं का मानना है कि इससे शुरुआती दो महीने के भीतर होने वाली टीबी मौतों को रोका जा सकता है।
क्या रहा असर?
टीएन-केईटी से इलाज के दौरान, जुलाई-सितंबर 2022 की तुलना में राज्य के दो-तिहाई जिलों में टीबी मृत्यु दर में कमी आई है। जनवरी-मार्च 2022 की तुलना में जुलाई-सितंबर 2022 में शुरुआती टीबी मौतों में 21% की कमी दर्ज की गई। इसके अलावा, कुल मृत्यु दर में 10% की गिरावट देखी गई, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रभाव तीसरी और चौथी तिमाही में कमजोर हो गया, जो संकेत देता है कि स्थायी असर के लिए निगरानी और समर्थन लगातार जरूरी है।
पुडुचेरी के मेडिकल कॉलेज टीबी उन्मूलन में अग्रणी
पुडुचेरी देश में तपेदिक (टीबी) उन्मूलन की दिशा में आदर्श मॉडल के रूप में उभर रहा है। इसका श्रेय प्रदेश के 10 मेडिकल कॉलेजों को जाता है, जिन्होंने न सिर्फ टीबी की अधिसूचना में 50% से अधिक योगदान दिया है, बल्कि सक्रिय खोज, सामुदायिक परीक्षण, तकनीकी नवाचार और मेडिकल छात्रों की भागीदारी से भी राष्ट्रीय कार्यक्रम को गति दी। प्रदेश के टीबी अधिकारी डॉ. का दावा है कि 10 मेडिकल कॉलेजों ने सामुदायिक चिकित्सा विभाग के सहयोग से 5.2 लाख व्यक्तियों की घर-घर जाकर जांच की।
मंदिर के रत्न भंडार में मरम्मत का कार्य संपन्न, अगला चरण गिनती का
8 Jul, 2025 12:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय पुरातत्व संस्थान ने पुरी जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की मरम्मत का काम पूरा कर लिया है। रत्नों की गिनती और उनकी सूची बनाने का काम राज्य सरकार की मंजूरी मिलने के बाद किया जाएगा। श्री जगन्नाथ मंदिर के मुख्य प्रशासक अरबिंद पधी और पुरातत्व संस्थान के प्रमुख पुरातत्ववेता डीबी गरनायक ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। भारतीय पुरातत्व संस्थान ही 12वीं सदी के पुरी जगन्नाथ मंदिर का संरक्षक है।
95 दिनों में पूरा हुआ काम
श्री जगन्नाथ मंदिर का बाहरी चैंबर भगवान की पूजा और त्योहारों पर इस्तेमाल होने वाले रत्नों को रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। वहीं सबसे ज्यादा महंगे और सोने-चांदी और हीरे के आभूषण अंदरुनी चैंबर में रखे जाते हैं। अंदरुनी चैंबर बीते 46 वर्षों से नहीं खोला गया था। बीते साल अंदरुनी चैंबर की मरम्मत और उसमें रखे हीरे जेवरात की गिनती के लिए इसे खोला गया। आईएएस अधिकारी और मंदिर के प्रमुख प्रशासक अरबिंद पधी ने बताया कि मंदिर के अंदरुनी चैंबर की मरम्मत और पुनिर्माण का काम पुरातत्व संस्थान ने किया, जिसमें 95 दिनों का समय लगा। करीब 80 लोगों की टीम ने भगवान के खजाने को संरक्षित किया।
रत्न भंडार में साल 1978 की सूची के अनुसार, 128 किलो सोना
पुरी में भगवान जगन्नाथ मंदिर राज्य सरकार के विधि विभाग के अधीन काम करता है। पिछले साल जुलाई में जब रत्न भंडार को खोला गया था, तब लोहे की पेटियों और अलमारियों में रखे आभूषण और अन्य कीमती सामान को दो चरणों में मंदिर के अंदर अस्थायी स्ट्रांग रूम में स्थानांतरित किया गया था। पधी ने कहा कि रत्न भंडार की मरम्मत पूरी हो जाने के बाद जल्द ही आभूषणों को रत्न भंडार के अंदर ले जाया जाएगा। भगवान जगन्नाथ के रत्नों की पिछली सूची 1978 में बनाई गई थी। मंदिर के सूत्रों ने बताया कि उस सूची के अनुसार मंदिर में 128 किलोग्राम सोना और 200 किलोग्राम से अधिक चांदी है। उन्होंने कहा कि कुछ आभूषणों पर सोने की परत चढ़ी हुई है और उस समय उनका वजन नहीं किया गया था।
पधी ने कहा कि रत्न भंडार की मरम्मत और संरक्षण का काम राज्य सरकार द्वारा तय दिशा-निर्देशों के अनुसार किया गया। उन्होंने कहा, 'भगवान की कृपा से 8 जुलाई को देवताओं के नीलाद्रि बिजे से पहले मरम्मत का काम पूरा हो गया।' नीलाद्रि बिजे अनुष्ठान का मतलब है कि इस दिन भगवान जगन्नाथ अपने भाई-बहन भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा के साथ मंदिर के गर्भ गृह में वापस लौटते हैं। जो रथ यात्रा उत्सव के समापन का प्रतीक है।
रत्न भंडार में किया गया सुधार
पुरातत्व विभाग के अधिकारी गरनायक ने कहा कि 'रत्न भंडार के आंतरिक और बाहरी कक्षों में कुल 520 क्षतिग्रस्त पत्थर के ब्लॉक को बदला गया। ये पिछले कुछ वर्षों में खराब हो गए थे। साथ ही अब फर्श पर ग्रेनाइट के पत्थर लगाए गए हैं। इसके अलावा, संरचना में 15 क्षतिग्रस्त बीमों को स्टेनलेस स्टील की बीमों से बदल दिया गया है। जीर्णोद्धार कार्य पूरी तरह से पारंपरिक सूखी चिनाई पद्धति से किया गया है।'
पुलिस ने देखी अनोखी हाइट, एयरपोर्ट के पास 3 विदेशियों की तलाशी में मिली रहस्यमयी हरी चीज़
8 Jul, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु. कर्नाटक के केंपेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास पुलिस ने तीन नाइजीरियाई लोगों को गिरफ्तार किया. तीनों के पास से 2.8 किलोग्राम सिंथेटिक मादक पदार्थ बरामद हुआ.करीब 400 किलोग्राम हाइड्रो गांजा भी बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत चार करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई. बेंगलुरु रुरल एसपी सीके बाबा ने बताया कि विदेशी नागरिक मेडिकल वीजा पर भारत आए थे. जांच में सामने आया कि निर्धारित अवधि परी होने के बाद भी वे भारत में रुके हुए थे. बाबा ने कहा, ‘विश्वसनीय खुफिया जानकारी और निगरानी के आधार पर, हमारी टीम ने विदेशी नागरिकों की संदिग्ध गतिविधि की पहचान की. राजानुकुंटे स्थित उनके आवास की तलाशी ली गई. इस दौरान पुलिस ने 2.8 किलोग्राम एमडीएमए क्रिस्टल, लगभग 400 किलोग्राम हाइड्रो गांजा, दो लाख रुपये से अधिक नकदी, सात मोबाइल फोन, पैक करने की सामग्री और इलेक्ट्रोनिक तराजू जब्त की.’
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपियों ने चिकित्सा कारणों का हवाला देते हुए दिसंबर 2024 में दिल्ली के रास्ते भारत में एंट्री ली थी. दिल्ली में तय अवधि तक रहने के बाद वे बेंगलुरु पहुंचे. यहीं पर वे मादक पदार्थों की तस्करी करने लगे.
बाबा ने कहा, ‘आरोपियों ने कपड़ों को पैक करने में इस्तेमाल होने वाली कार्डबोर्ड शीट के भीतर मादक पदार्थ को छिपाया था. इसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक गुप्त रूप से ले गए. तीनों के खिलाफ कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.’
IMD का पूर्वानुमान: उत्तर भारत में तेज बारिश का दौर रहेगा जारी
8 Jul, 2025 10:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले तीन दिन तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, गुजरात और राजस्थान में कहीं-कहीं भारी बारिश के आसार हैं। बारिश के चलते जनजीवन पर असर पड़ना तय है। पंजाब-हरियाणा में तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। अधिकांश क्षेत्रों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट होगी। उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन जलभराव और भूस्खलन जैसे खतरे बढ़ सकते हैं।
किन राज्यों में उमस और गर्मी से मिलेगी राहत
उत्तर भारत के साथ मध्य भारत में भी कहीं-कहीं भारी बारिश तो कही हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे उमस और गर्मी से राहत मिलेगी। पंजाब और हरियाणा में तीन दिनों तक लगातार तेज बारिश की संभावना है। उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों—जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश से राहत के आसार नहीं हैं। IMD ने जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है, जबकि हिमाचल और उत्तराखंड में भी मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
उत्तराखंड के देहरादून, चंपावत, नैनीताल में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। पंजाब-हरियाणा में तेज हवाएं और जम्मू कश्मीर-हिमाचल में तेज बारिश का पूर्वानुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं गरज के साथ बौछारें संभव हैं। वहीं 8-10 जुलाई तक राजस्थान के कई इलाकों में जलभराव का खतरा बना है।
मध्य भारत में भारी बारिश का खतरा
मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में अगले 24 घंटों में तेज बारिश का अनुमान है। नौ और दस जुलाई को ग्वालियर संभाग में भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं, छत्तीसगढ़ में मंगलवार को अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। गुजरात और पूर्वी राजस्थान में भी बारिश का नया दौर शुरू हो चुका है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत खासकर पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, झाड़ग्राम और मेदिनीपुर में भारी बारिश की संभावना है। असम, मेघालय में भारी बारिश से बाढ़ का खतरा है।
बिहार में कब आएगी बारिश?
पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में इस दौरान मानसून कमजोर बना रहेगा। वहीं, बिहार में बारिश की कोई खास संभावना नहीं है और तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि दो-तीन दिनों के बाद मानसून थोड़ा और उत्तर की ओर बढ़ेगा, जिससे इन इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। फिलहाल, बिहार को बारिश का इंतजार करना होगा।
दक्षिण भारत में भारी बारिश, पश्चिमी भारत में ऑरेंज अलर्ट
दक्षिण भारत के राज्यों कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं, तमिलनाडु और तेलंगाना में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बौछारें संभव हैं। जबकि पश्चिमी भारत में महाराष्ट्र के मुंबई, पालघर, और रायगढ़ में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, विशेषकर तटीय क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है। आकाशीय बिजली और तेज हवाओं से बचने के लिए खुले मैदानों में जाने से बचें। बारिश के कारण कई शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार होगा।
मौसम की वजह क्या है?
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमीभरी हवाएं उत्तर और मध्य भारत में मानसून को सक्रिय बना रही हैं। हरियाणा के पास बने निम्न दबाव क्षेत्र और पंजाब से लेकर विदर्भ तक फैली ट्रफ लाइन के चलते बड़े क्षेत्र में मूसलाधार बारिश की स्थिति बन रही है। स्काइमेट के अनुसार, बारिश का सिलसिला शाम से शुरू होकर देर रात तक जारी रह सकता है। इस दौरान जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
बाबा बर्फानी के जयकारों से गूंजे पहाड़, अमरनाथ यात्रा में 70 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे
8 Jul, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रीनगर. अमरनाथ यात्रा को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह दिख रहा है. पिछले चार दिनों में 70 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने अमरनाथ यात्रा की, जबकि 8,605 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था सोमवार को कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुआ. अधिकारियों के अनुसार, तीन जुलाई से शुरू अमरनाथ यात्रा के बाद से अब तक करीब 70 हजार लोगों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए. इनमें से 21,512 यात्रियों ने रविवार को दर्शन किए. इसके अलावा, 8,605 यात्रियों का एक और जत्था सोमवार को दो सुरक्षा काफिलों में जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुआ.
अधिकारियों ने बताया कि पहला काफिला 3,486 श्रद्धालुओं को लेकर उत्तर कश्मीर के बालटाल बेस कैंप जा रहा है, जबकि दूसरा काफिला 5,119 श्रद्धालुओं को लेकर दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप जा रहा है. श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों ने बताया कि जम्मू में भगवती नगर यात्री निवास में आने वाले यात्रियों के अलावा, कई श्रद्धालु यात्रा में शामिल होने के लिए मौके पर पंजीकरण के लिए सीधे बालटाल और नुनवान (पहलगाम) पहुंच रहे हैं.
सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत को बढ़ाने के लिए सीएपीएफ की 180 अतिरिक्त कंपनियां लाई गई हैं. पूरे मार्ग को सुरक्षा बलों द्वारा सुरक्षित कर लिया गया है. इस साल की अमरनाथ यात्रा में स्थानीय लोगों ने पूरा सहयोग दिया है, जैसा वे पहले भी करते रहे हैं. पहलगाम आतंकी हमले से कश्मीरियों के आहत होने का संदेश देने के लिए, स्थानीय लोग पहले जत्थे के यात्रियों का स्वागत करने सबसे पहले पहुंचे. जैसे ही यात्री नौगाम सुरंग पार कर काजीगुंड से कश्मीर घाटी में पहुंचे, स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया.
डिब्रूगढ़ के नाम पर मिली जैव विविधता की नई पहचान, ब्रह्मपुत्र में खोजी गई अनोखी मछली
8 Jul, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुवाहाटी: पूर्वोत्तर भारत की नदियों की जैवविविधता को लेकर एक बड़ी खोज सामने आई है. ब्रह्मपुत्र नदी की गहराइयों में वैज्ञानिकों को मछली की एक नई प्रजाति मिली है, जिसे ‘पिथिया डिब्रूगढ़ेन्सिस’ (Pethia dibrugarhensis) नाम दिया गया है. इस मछली का नाम असम के डिब्रूगढ़ जिले की उस जगह के नाम पर रखा गया है, जहां इसे खोजा गया. यह खोज भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के सेंट्रल इनलैंड फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (CIFRI) की गुवाहाटी और बैरकपुर स्थित टीमों तथा मणिपुर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने मिलकर की है. यह सर्वे ब्रह्मपुत्र नदी में मीठे पानी के जीवों की खोज के तहत किया गया था. इस नई प्रजाति पर आधारित शोध हाल ही में Springer Nature के अंतरराष्ट्रीय जर्नल National Academy Science Letters में प्रकाशित हुआ है.
ब्रह्मपुत्र ने छिपा रखीं हैं कई प्रजातियां
ICAR-CIFRI के निदेशक और इस शोध के नेतृत्वकर्ता डॉ. बसंता कुमार दास ने बताया, ‘ब्रह्मपुत्र बेसिन में अब भी कई रहस्यमयी प्रजातियां मौजूद हैं. हर नई प्रजाति की खोज हमें इस क्षेत्र की जलीय पारिस्थितिकी को बेहतर ढंग से समझने में मदद करती है. पर्यावरणीय बदलावों से पहले इन प्रजातियों को दर्ज करना और संरक्षित करना बेहद ज़रूरी है.’
नई मछली Pethia dibrugarhensis साइप्रिनिडे (Cyprinidae) परिवार से संबंधित है और यह एक बार्ब प्रजाति है. यह मछली सामान्य रूप से मध्यम गति से बहने वाले पानी में पाई गई, जहां तलछट में कीचड़, रेत और पत्थर मौजूद थे. यह मछली अन्य स्थानीय मछलियों के साथ सह-अस्तित्व में रहती है.
इस मछली की पहचान उसके कुछ विशेष शारीरिक गुणों के आधार पर की गई है- जैसे अधूरी लेटरल लाइन (पार्श्व रेखा), पूंछ की जड़ (caudal peduncle) पर ऊपर और नीचे दोनों ओर फैला हुआ गहरा काला धब्बा, और शरीर पर ‘ह्यूमरल मार्क’ तथा मूंछों (barbels) का अभाव.
हाई कोर्ट से तुर्की की कंपनी को बड़ा झटका, एयरपोर्ट सेवाओं पर लगी रोक बरकरार
8 Jul, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली, दिल्ली हाई कोर्ट ने तुर्की की विमानन कंपनी सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर उसका सिक्योरिटी क्लीयरेंस रद्द करने के सरकार के फैसले को चुनौती दी गई थी। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और सेलेबी दिल्ली कार्गो टर्मिनल मैनेजमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया। ये दोनों कंपनियां कई भारतीय हवाई अड्डों पर ग्राउंड हैंडलिंग और कार्गो ऑपरेशन का काम देखती हैं। इस मामले में हाई कोर्ट ने 23 मई को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। भारत के एविएशन सिक्योरिटी रेगुलेटर, ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) ने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों का हवाला देते हुए 15 मई को सेलेबी की सुरक्षा मंजूरी वापस ले ली थी।
यह फैसला तुर्की द्वारा पाकिस्तान का खुलकर समर्थन करने और पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी शिविरों पर भारत के हमलों की निंदा करने के कुछ दिनों बाद आया, जिससे भारत में व्यापक जनाक्रोश भडक़ उठा। तुर्की की कंपनी सेलेबी भारत के एविएशन सेक्टर में 15 वर्षों से अधिक समय से काम कर रही है और देश के नौ हवाई अड्डों पर ग्राउंड हैंडलिंग और कार्गो ऑपरेशन का काम देखती है। सेलेबी ने केंद्र के इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की आधुनिकरण पहल को मिली बड़ी सफलता
7 Jul, 2025 07:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुवाहाटी। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने अलीपुरद्वार मंडल के फकिराग्राम (एफकेएम) स्टेशन को आधुनिक बनाते हुए यार्ड लेआउट का सुधार कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस परियोजना का उद्देश्य स्टेशन संचालन को अधिक सुगम बनाना और ट्रेनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है।
स्टेशन के पैनल इंटरलॉकिंग (पीआई) सिस्टम में वर्ष 2005 से लंबित जटिल सुधार कार्यों को एनएफआर की टीम ने कुशलता से संपन्न किया। एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि यह उपलब्धि रेलवे के सतत आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास को दर्शाती है, जिससे यात्री और मालगाड़ी संचालन दोनों में सुधार आएगा।
परियोजना के तहत 782 नए इलेक्ट्रिक कॉन्टैक्ट्स को बिना किसी व्यवधान के जोड़ा गया, 28 मार्गों का पुनर्गठन किया गया और 3 नए मार्गों की शुरुआत की गई। इसके अतिरिक्त, सिग्नलिंग और दूरसंचार प्रणाली को भी अपग्रेड किया गया है।
इस तकनीकी उन्नयन में शामिल हैं:
2 नए प्वाइंट्स
4 उन्नत ट्रैक सर्किट
1 नया हाई-गेन मेन सिग्नल
इन सुधारों से स्टेशन पर भीड़भाड़ में कमी आई है, ट्रेनों की समयपालन क्षमता बढ़ी है और संचालन पहले से कहीं अधिक सुव्यवस्थित हुआ है।
श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा: बदरीनाथ के लिए हेली शटल सेवा जल्द शुरू होने की तैयारी
7 Jul, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देहरादून: राजधानी देहरादून में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के साथ हुए देश के तमाम राज्यों के मंत्रियों के सम्मेलन के बाद उत्तराखंड में चारधाम के लिए कुछ बेहतर होने की उम्मीद है. यह उम्मीद बदरीनाथ धाम के लिए हेली शटल सेवा शुरू करने से जुड़ी है. बीते लंबे समय से केंद्र सरकार से इस बाबत बातचीत कर रही है. अब उम्मीद यही जताई जा रही है कि जल्द ही बदरीनाथ धाम में हेली शटल सेवा शुरू हो सकती है.
बता दें अभी तक केदारनाथ में यह सेवा जारी है. बदरीनाथ के लिए भी कई बार इस तरह के प्लान केंद्र को भेजे गए हैं. राज्य सरकार ने अब एक बार फिर एक ठोस प्रस्ताव बनाकर केंद्र को भेजा है. जिसमें यह मांग की है कि देहरादून से बदरीनाथ, देहरादून से जोशीमठ, देहरादून से पिथौरागढ़, पिथौरागढ़ से धारचूला, धारचूला से मुनस्यारी के लिए भी हेली सर्विस शुरू की जाए.
इस प्रस्ताव में सबसे खास बात बदरीनाथ धाम से जुड़ी है. अब बदरीनाथ धाम को हेली शटल सेवा से जोड़ने की बात कही जा रही है. इससे पहले कई बार कई कंपनियों ने इसमें रुचि भी दिखाई, लेकिन केंद्र सरकार की हामी के बिना यह सेवाएं नहीं चल पाई.
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन सचिन सचिन कुर्वे की माने तो इस बार बेहतर प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है. उम्मीद यही है कि इस दिशा में आने वाले समय में कुछ बेहतर हो सकेगा. उन्होंने कहा शटल सेवा शुरू होने की वजह से यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी. यात्रा में भी भक्तों की भीड़ में इजाफा होगा. उम्मीद तो यह भी है कि जोशीमठ से हेमकुंड साहिब के लिए भी परमानेंट हेली सर्विस शुरू की जाएगी.
क्या होती है शटल सेवा: मौजूदा समय में केदारनाथ में शटल सेवा सुचारु रूप से चल रही है. शटल सेवा के अंतर्गत किसी भी छोटी दूरी के लिए यात्रियों कS आने और जाने के लिए चलाई जाने वाली लगातार हेली सर्विस को शटल सेवा कहा जाता है. केदारनाथ के अलावा शटल सेवा जम्मू कश्मीर के वैष्णो देवी मंदिर में भी संचालित हो रही है. इसकी बुकिंग आईआरसीटीसी के माध्यम से भी की जा सकती है.
तेलंगाना हादसा: फैक्ट्री विस्फोट में 42 की मौत, लापता 8 की तलाश जारी
7 Jul, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
घटनास्थल से कुछ हड्डियां और शरीर के जले अंग मिले, डीएनए से होगी पहचान
हैदराबाद। तेलंगाना की केमिकल फैक्ट्री धमाके में मरने वालों की संख्या 42 हो गई है। एक व्यक्ति की अस्पताल में मौत हो गई, जबकि एक शव की पहचान डीएनए जांच से हुई। 8 लोगों अभी भी लापता हैं। हादसे से 6 दिन बाद भी सर्च ऑपरेशन जारी है।
मीडिया रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया कि रविवार को घटनास्थल से कुछ हड्डियां और शरीर के जले अंग मिले हैं। इनका डीएनए कराया जा रहा है। यदि इनका मिलान होता है तो लापता लोगों की संख्या घट सकती है। हादसा 30 जून को पाशमिलारम इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सिगाची इंडस्ट्रीज में सुबह 8.15 बजे से 9.30 बजे के बीच हुआ था। घटना के समय फैक्ट्री में 150 लोग मौजूद थे, जहां ब्लास्ट हुआ वहां 90 लोग थे। उस दिन रेस्क्यू और मेडिकल टीम ने 31 शव बरामद किए थे। मृतकों के परिजन को 1 करोड़ 2 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।
पीएम मोदी ने पीएम नेशनल रिलीफ फंड से मृतकों के परिजन को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार की मदद की घोषणा की थी। वहीं, कंपनी ने मृतकों के परिजन को 1 करोड़ रुपए, गंभीर रूप से घायलों को 10 लाख और अन्य घायलों को 5 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की थी।
रक्षा मंत्री का बड़ा बयान- ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाई भारतीय हथियारों की ताकत
7 Jul, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार (07 जुलाई, 2025) को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा दिखाए गए शौर्य और स्वदेशी हथियारों की उत्कृष्ट क्षमता ने दुनिया भर का ध्यान खींचा है. उन्होंने कहा कि अब भारत में बने रक्षा उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय मांग तेजी से बढ़ रही है.
रक्षा मंत्री ने एक कार्यक्रम में कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जो हमने शौर्य दिखाया है, जो हमने डोमेस्टिक इक्विपमेंट की क्षमता का प्रदर्शन किया है, उसके बाद हमारे स्वदेशी प्रोडक्ट्स की ग्लोबल डिमांड और भी बढ़ गई है."
राजनाथ सिंह ने कही ये बड़ी बात
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का रक्षा बजट न केवल देश में सबसे बड़ा है, बल्कि वह दुनिया के कई देशों की कुल GDP से भी ज्यादा है. ऐसे में उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बजट के साथ देश की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां भी कई गुना बढ़ जाती हैं.
रक्षा मंत्रालय के बजट को लेकर क्या बोले राजनाथ सिंह?
उन्होंने कहा, "आप सब जानते हैं कि रक्षा मंत्रालय का बजट देश में सबसे ज्यादा है. देश की क्या बात की जाए, अगर आप रक्षा मंत्रालय का बजट देखें तो दुनिया के कई देशों की GDP तक इतनी नहीं है. जब देश की जनता की मेहनत की कमाई का एक बड़ा हिस्सा रक्षा मंत्रालय को मिलता है तो जाहिर सी बात है, हमारी जिम्मेदारियां भी उसी अनुपात में बढ़ जाती हैं."
उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी देश की सेनाओं और रक्षा से जुड़े अधिकारियों की है, जो राष्ट्र की सुरक्षा और संसाधनों की पारदर्शिता दोनों को सुनिश्चित करें. रक्षा मंत्री ने कहा, "हमारा रक्षा व्यय कुछ ऐसा होना चाहिए, जिसमें सिर्फ हमारा बजट न बढ़े, बल्कि उस बजट का सही समय पर, सही उद्देश्य के लिए सही तैनाती भी उतना ही जरूरी हो और यह जिम्मेदारी आप लोगों की ही है."
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