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कन्हैयालाल हत्याकांड पर बनी फिल्म का विवाद बढ़ा, अब पीएम से सीधी अपील
12 Jul, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उदयपुर : उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल की हत्या पर उदयपुर फाइल्स फिल्म बनाई। 26 जून को फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया। यह फिल्म गत शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज होनी थी। लेकिन जमीयत उलेमा हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने इसे विवादित बताते हुए फिल्म पर रोक लगाने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगा दी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने रिलीज पर स्टे लगाकर फिल्म के कंटेट पर केंद्र सरकार को निर्णय लेने को कहा। जैसे ही इसकी जानकारी उदयपुर में रह रहीं कन्हैया लाल की पत्नी जशोदा ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर फिल्म रिलीज करवाने की मांग की। पत्र में लिखा कि फिल्म को रिलीज करवा दीजिए ताकि सच्चाई दुनिया के सामने आ सके। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और कई संगठन अब फिल्म को रिलीज़ करने की मांग कर रहे हैं।
मैंने खुद देखी वह फिल्म… सच है
जशोदा ने पीएम को पत्र में लिखा कि मैं खुद यह फिल्म (ट्रेलर) देखी है। वह तो उनकी (कन्हैयालाल) हत्या की कहानी है इसमें कुछ भी गलत नहीं है। 3 साल पहले मेरे पति को मारा, अब उसकी कहानी को दबाया जा रहा है। जशोदा ने आगे लिखा कि लोग कह रहे हैं कि फिल्म नहीं आनी चाहिए, लेकिन मैं पूछती हूं- क्यों? हमारे साथ कितना बड़ा अन्याय हुआ है, दुनिया को यह जानने का यह हक है।
पीएम से मिलने का मांगा समय
फिल्म रिलीज करवाने की मांग करते हुए अंत में जशोदा ने पीएम मोदी से मिलने की इच्छा जताई। उन्होंने लिखा कि निवेदन है कि आप हमें मिलने का समय दे दीजिए। मैं अपने दोनों बच्चों के साथ आपसे दिल्ली आकर मिलना चाहती हूं।
फिल्म पर क्या है विवाद?
फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ को लेकर मुस्लिम संगठनों ने आपत्ति जताई है। उनके वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट में दलील दी कि इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है। कोर्ट ने फिलहाल फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसी के बाद कन्हैयालाल की पत्नी ने यह पत्र लिखा।
क्या है मामला?
28 जून 2022 को उदयपुर के धानमंडी इलाके में टेलर कन्हैयालाल साहू की दुकान पर दो कट्टरपंथियों रियाज अटारी और गौस मोहम्मद ने तलवार से दिनदहाड़े हत्या कर दी थी। वजह महज यह थी कि कन्हैयालाल ने बीजेपी प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में एक पोस्ट की थी, जिन्हें पैगंबर मोहम्मद पर कथित टिप्पणी को लेकर पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया था।
21 साल के बेटे यश की प्रतिज्ञा
बता दें कि कन्हैयालाल के बेटे यश साहू पिछले करीब 3 साल से नंगे पांव हैं। उन्होंने अपने बाल नहीं कटवाए। उनका कहना है कि उनकी प्रतिज्ञा है कि जब तक हत्यारों को फांसी नहीं हो जाती, मैं ऐसा ही रहूंगा। भले ही इस घटना के बाद कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार ने कन्हैया लाल के दोनों बेटों को सरकारी नौकरी दे दी है। यश ने बताया कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक मैं अपने जीवन में कोई आराम नहीं लूंगा।
ISRO ने दी जानकारी, 15 जुलाई को होगी भारतीय अंतरिक्ष यात्री की सुरक्षित वापसी
12 Jul, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। Axiom-04 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) गए भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला जल्द ही धरती पर वापसी कर सकते हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने उनके लौटने की जानकारी दी है।
ISRO के अनुसार, शुभांशु 14 जुलाई को अंतरिक्ष से वापसी करेंगे और वो 15 जुलाई को पृथ्वी पर पहुंच जाएंगे। शुभांशु के साथ ISS में गए बाकी 3 अंतरिक्ष यात्री भी स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट से वापस आएंगे।
कैलिफोर्निया में होगी वापसी
ISRO ने सोशल मीडिया पर शुभांशु की वापसी की जानकारी देते हुए बताया कि, ISS से ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट की अनडॉकिंग के बाद सभी अंतरिक्ष यात्री अमेरिका के कैलिफोर्निया के पास मौजूद तट पर 15 जुलाई 2025 को दोपहर 3 बजे (भारतीय समयानुसार) पहुंचेंगे।
शुभांशु ने रचा इतिहास
बता दें कि शुभांशु शुक्ला 14 दिन के मिशन पर ISS के लिए रवाना हुए थे। वो ISS में जाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। वहीं, भारतीय अंतरिक्ष यात्री विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद वो अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं।
ISS में शुभांशु ने कई तरह के एक्सपेरिमेंट भी किए हैं। इसकी जानकारी देते हुए ISRO ने कहा-
गगनयात्री शुभांशु शुक्ला ने भारत के Axiom-04 मिशन के तहत 7 माइक्रोग्रैवटी एक्सपेरिमेंट किए हैं। इनमें से 4 एक्सपेरिमेंट सफल हो गए हैं और बाकी 3 एक्सपेरिमेंट भी कामयाबी के बेहद करीब हैं।
कल से शुरू होगी वापसी की तैयारी
रविवार यानी कल सभी अंतरिक्ष यात्री अपने एक्सपेरिमेंट के सैंपल पैक करना शुरू करेंगे। फ्लाइट सर्जन की देख-रेख में सभी धरती पर वापसी की तैयारी करेंगे। शुभांशु की वापसी का पूरा देश बेहद बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
एयर इंडिया फ्लाइट में सिर्फ 15 यात्री! 180 सीटों वाली फ्लाइट की जगह आया छोटा विमान
12 Jul, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भुज (गुजरात) : भुज हवाई अड्डे पर एयर इंडिया की एक फ्लाइट में शनिवार को गड़बड़ी सामने आई है. जानकारी के अनुसार एयर इंडिया की भुज से मुंबई जाने वाली फ्लाइट ने केवल 15 यात्रियों के साथ उड़ान भरी. जिसकी वजह से कई यात्री फंस गए. 180 सीटों वाली फ्लाइट आनी थी, लेकिन उसकी जगह पर केवल 155 सीटों वाले विमान के पहुंचने से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा. सीटों की उपलब्धता सीमित होने के कारण 15 से ज्यादा लोग यात्रा नहीं कर पाए.
एयर इंडिया की भुज से मुंबई जाने वाली फ्लाइट 15 से अधिक यात्रियों को छोड़कर रवाना हो गई. इस स्थिति में कई यात्री हवाई अड्डे पर फंस गए, क्योंकि उन्हें सीटें नहीं मिल पाई और उन्हें वैकल्पिक व्यवस्थाओं का इंतजार करना पड़ा. इस कारण यात्री नाराज हो गए. अचानक हुए बदलाव के कारण यात्रियों में नाराजगी देखी गई.
पहले बुकिंग करने पर भी उन्हें सीट नहीं मिली
यात्रियों का गुस्सा इस बात को लेकर है कि समय से पहले बुकिंग करने पर भी उन्हें सीटें नहीं दी गईं. यात्रियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है क्योंकि एयर इंडिया की ओर से अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है. इससे न केवल यात्रियों को असुविधा हो रही है, बल्कि उनकी यात्रा योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं.
180 सीटों वाली फ्लाइट आनी थी, लेकिन उसकी जगह 155 सीटों वाली फ्लाइट आ गई. यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था भुज में स्थित एक निजी होटल में की गई है. हाल ही में टोक्यो से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI357 की कोलकाता में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लाइट के कैबिन में लगातार अत्यधिक गर्मी महसूस की जा रही थी. यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई. 27 जून को मुंबई से चेन्नई जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट को टेक-ऑफ के बाद ही वापस मुंबई लौटना पड़ा था.
AAIB रिपोर्ट के बाद सरकार सतर्क, अंतिम निष्कर्ष आने तक सभी विकल्प खुले
12 Jul, 2025 04:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
AAIB रिपोर्ट पर बोले केंद्रीय मंत्री – “फ्यूल कटऑफ एक पहलू, अंतिम निष्कर्ष रिपोर्ट के बाद ही”
नई दिल्ली/अहमदाबाद। 12 जून को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे ने देश को गहरे सदमे में डाल दिया। इस दुखद घटना में 260 लोगों की जान गई, जिसमें 229 यात्री, 12 क्रू मेंबर और 19 जमीन पर मौजूद नागरिक शामिल थे। इस हादसे के एक महीने बाद शनिवार को एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की।
इस रिपोर्ट में "फ्यूल कटऑफ" यानी ईंधन आपूर्ति बंद होने को एक संभावित कारण बताया गया है, लेकिन सरकार ने इस पर तत्काल निष्कर्ष निकालने से इनकार किया है।
केंद्रीय मंत्री का बयान
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि यह रिपोर्ट प्रारंभिक स्तर पर है और मंत्रालय इसकी बारीकी से समीक्षा कर रहा है।
उन्होंने कहा, "AAIB एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है, और हम उसे हरसंभव सहयोग दे रहे हैं। अंतिम रिपोर्ट के आने तक कोई भी आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा।"
नायडू ने कहा कि सरकार विमानन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और हादसे से जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है।
पायलट्स और क्रू की तारीफ
मंत्री ने कहा, “भारत के पास दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पायलट और क्रू हैं, जो हमारी एविएशन इंडस्ट्री की रीढ़ हैं। जनता को यह भरोसा दिलाया जाता है कि सरकार पूरी गंभीरता से इस हादसे की जांच कर रही है और अंतिम रिपोर्ट के आधार पर कड़े कदम उठाए जाएंगे।”
20 देशों में ऑपरेशन और वैश्विक मंच पर सक्रियता, भारत की छवि में निखार
12 Jul, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने 2024 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें विदेश मंत्रालय द्वारा लिए गए कई अहम कूटनीतिक उपलब्धियों का जिक्र किया गया है। विदेश मंत्रालय की इस रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक मंच पर भारत के कद और साख में इजाफा देखने को मिला है।
विदेश मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि इस साल पूरी दुनिया को आर्थिक उतरा-चढ़ाव, जलवायु परिवर्तन समेत कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। भारत सभी परेशानियों में मजबूती से खड़ा रहा है।
कई सम्मेलनों में लिया हिस्सा
विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने संयुक्त राष्ट्र समेत जी-20, जी-7, एससीओ, क्वाड और ब्रिक्स में सक्रिय भूमिका निभाई है। पिछली बार भारत ने जी-20 सम्मेलन की अध्यक्षता की थी। वहीं, इस बार भी Troika (भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका) के अंतर्गत भारत और ब्राजील ने मिलकर काम किया। 18-19 नवंबर को ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में हुई 19वें जी-20 शिखर सम्मलेन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिस्सा लिया था। यह पहला जी-20 सम्मेलन था, जिसमें अफ्रीकन यूनियन ने भी हिस्सा लिया था।
वॉइस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट को किया होस्ट
भारत ने वॉइस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट का तीसरा संस्करण भी होस्ट किया था। ग्लोबल साउथ देशों के 173 प्रतिनिधियों ने इसमें हिस्सा लिया। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ भी आवाज उठाई।
पीएम मोदी ने जी-7 सम्मेलन में की शिरकत
जी-7 सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जून में इटली भी गए थे। इस दौरान पीएम मोदी ने इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी ने दोनों देशों की साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा की थी। भारत ने पूरी दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा दी है।
20 देशों में चलाए ऑपरेशन
भारत ने आपदाओं के समय भी दुनिया के 20 से अधिक देशों में मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान चलाया है। हैती में ऑपरेशन इंद्रावती, कुवैत में एअरलिफ्ट अभियान और म्यांमार में ऑपरेशन सद्भाव इन्हीं में से एक है।
दवाइयां पहुंचाईं
इसके अलावा भारत ने सीरिया में कैंसर रोधी दवाइयां उपलब्ध कराईं, संयुक्त राष्ट्र राहत एंव कार्य एजेंसी के साथ मिलकर फिलिस्तीन के लोगों के लिए 30 टन मानवीय सहायता और जीवन रक्षक दवाइयां पहुंचाई गईं।
रामबन में दर्दनाक सड़क दुर्घटना, गहरी खाई में समाई गाड़ी, एक घायल
12 Jul, 2025 01:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में एक एसयूवी 600 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में गाड़ी में सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति का अस्पताल में इलाज चल रहा है। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, गाड़ी के फिसलने के कारण शुक्रवार देर रात सेनापति के पास उखरुल पोगल परिस्तान इलाके में यह दुर्घटना हुई।
मौके पर मृत मिला एक व्यक्ति
मृतकों की पहचान, तौकीर अहमद (20), मोहम्मद रफीक (40), अब्दुल लतीफ (40), एजाज अहमद (20) और शकील अहमद (24) के रूप में की गई है। जबकि 25 साल के यावर अहमद की अभी भी हालत गंभीर है। मौके पर पहुंचे बचाव दल को तौकीर अहमद मृत हालत में मिला था, जिसके बाद बाकि बचे पांच लोगों को अस्पताल ले जाया गया।
तीन ने रास्ते में तोड़ा दम
बचाव कर्मी घायलों को अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही मोहम्मद रफीक, अब्दुल लतीफ और एजाज अहमद ने दम तोड़ दिया। जबकि शकील अहमद ने आज सुबह श्रीनगर के एक अस्पताल में अपनी आखिरी सांसें ली है। घटना में अकेले जिंदा बचे यावर अहमद अभी भी गंभीर हालत में है और उनका इलाज चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने आवश्यक मदद देने का किया वादा
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ साथ उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी इस हादसे पर शोक व्यक्ति किया है। उन्होंने दुर्घटना में मारे गए पांचों युवकों और घायल यावर अहमद को हर ज़रूरी मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
रामबान के डिप्टी कमिश्नर ने दी आर्थिक सहायता
रामबान के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद अल्यास खान ने दुर्घटना में मारे गए सभी पांचों युवकों के परिवार को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा घायल युवक को भी डिप्टी कमिश्नर की तरफ से 25000 रुपये दिए जाएंगे। डिप्टी कमिश्नर ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि, प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जा रही है।
भारत की ऐतिहासिक विरासत को मिली पहचान, शिवाजी के किलों को यूनेस्को का दर्जा
12 Jul, 2025 01:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र को एक बड़ी उपलब्धि मिली है. छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े 12 ऐतिहासिक किलों को अब यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कर लिया गया है. ये किले मराठा साम्राज्य की मजबूत सैन्य रणनीति और वास्तुकला का प्रतीक माने जाते हैं. इस बीच अब इसपर प्रधानमंत्री मोदी का ट्वीट सामने आया है, जिसमें पीएम मोदी ने कहा कि इस सम्मान से हर भारतीय गदगद है.
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ” इस उपलब्धि और सम्मान से सभी भारतीय गदगद हैं. इन भव्य मराठा सैन्य परिदृश्यों में कुल 12 ऐतिहासिक किले शामिल हैं जिनमें से 11 महाराष्ट्र में स्थित हैं, जबकि एक तमिलनाडु में स्थित हैं. जब हम मराठा साम्राज्य के गौरव की बात करते हैं, तो यह केवल एक साम्राज्य नहीं, बल्कि एक ऐसी विरासत है जो सुशासन, अद्वितीय सैन्य रणनीति, सांस्कृतिक समृद्धि और सामाजिक न्याय की मिसाल रही है.”
पीएम मेदी ने किया लोगो से आह्वान
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “इसके महान शासक हमें यह सिखाते हैं कि अन्याय चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसके आगे न झुकने के अपने साहस से हमें प्रेरित करते हैं. मैं सभी से आह्वान करता हूं कि वे इन ऐतिहासिक किलों को देखने और मराठा साम्राज्य की गौरवशाली विरासत को नज़दीक से जानने का अनुभव करें.” प्रधानमंत्री मोदी का मराठा साम्राज्य पर यह ट्वीट ऐसे समय आया है जब मराठी पहचान से जुड़ा विवाद बढ़ रहा है, और कुछ समूह इसे हिंदी बनाम मराठी के मुद्दे में बदलने की कोशिश कर रहे हैं. एक खास उपलब्धि यह रही कि पुरातत्व विभाग द्वारा पुरातत्व लैंडस्केप को वर्ल्ड हेरिटेज साइट लिस्ट में दिखाया गया है.
पुरातात्विक परिदृश्य को विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल किया गया, जिसे ट्वीट किया गया है. इसके तहत, समृद्ध स्ट्रॉबेरी भाषा, उसकी संस्कृति, सामाजिक न्याय और जागरूकता के बेहतरीन मॉडल को विशेष रूप से उजागर किया गया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि मराठा मिलिट्री लैंडस्केप्स को वैश्विक मान्यता मिलना पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है.
श्मशान के पास कार में महिला संग आपत्तिजनक स्थिति में मिले भाजपा नेता, हाथ जोड़कर मांगते दिखे माफ़ी
12 Jul, 2025 01:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बुलंदशहर। यूपी के बुलंदशहर में बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला मंत्री राहुल वाल्मीकि को लोगों ने कार में महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा। कई लोग जब इसे मोबाइल के कैमरे से शूट करने लगे तो माफी मांगने लगे। वहां मौजूद महिला दोपट्टे से मुंह छिपाते हुए दिखीं। यह पूरा मामला शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित कैलावन श्मशान घाट का है।
क्या है पूरा मामला?
बुलंदशहर के कैलावन गांव स्थित श्मशान के पास शुक्रवार यानी 11 जुलाई को लोगों ने कार सुनसान जगह पर पेड़ के नीचे खड़ी देखी। लोगों को इस कार पर शक हुआ, उन्होंने पास जाकर पड़ताल की तो पता चला कि उसमें पुरुष और महिला आपत्तिजनक हालत में हैं। लोगों ने मोबाइल का कैमरा ऑन किया और वीडियो शूट करने लगे. इसके साथ ही लोगों ने शोर मचाया तो दोनों कार से निकलकर बाहर आए।
बीजेपी नेता ने माफी मांगी
जैसे ही पुरुष कार से बाहर आया तो तब लोगों को पता चला कि वह अनुसूचित जाति मोर्चा का जिला मंत्री है। जिस महिला के पास बीजेपी नेता पकड़ा गया वो पहले से ही शादीशुदा है। लोगों को वीडियो बनाते देख माफी मांगने लगे। माफी मांगते हुए कहा कि मेरा वीडियो मत बनाओ, मैं हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं।
पार्टी निष्कासित किए गए
इस पूरे मामले के बाद बीजेपी ने जिला महा मंत्री को निष्कासित कर दिया है। बुलंदशहर जिलाध्यक्ष विकास चौहान ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वीडियो में आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया नेता राहुल वाल्मीकि है। मामला संज्ञान में आने के बाद आरोपी को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि अब तक हमारे पास कोई शिकायत नहीं आई है।
आइजोल के बाद अब म्यांमार तक रेलवे विस्तार की तैयारी, मिजोरम में विकास की नई पटरी
12 Jul, 2025 12:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत के पूर्वोत्तर में स्थित मिजोरम की राजधानी आइजोल को आजादी के 75 साल बाद ट्रेन मिली है। यह रेलवे नेटवर्क से जुड़ने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले सालों में इसका दायरा और भी विस्तारित होने जा रहा है। आइजोल तक रेलवे लाइन पहुंचने के बाद अब योजना बनाई जा रही है कि इस ट्रैक को म्यांमार बॉर्डर तक ले जाया जाए, जो लगभग 232 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, यह कदम न केवल पूर्वोत्तर को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रसद नेटवर्क को मजबूत करने के लिहाज से भी बेहद अहम है।
सीमावर्ती राज्य, कनेक्टिविटी की रीढ़
मिजोरम की भौगोलिक स्थिति इसे सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है। यह राज्य बांग्लादेश और म्यांमार से अंतरराष्ट्रीय सीमाएं साझा करती है, जबकि भारत के भीतर इसकी सीमाएं असम, मणिपुर और त्रिपुरा से लगती हैं। ऐसे में इस इलाके में रेलवे कनेक्टिविटी का विस्तार मिलिट्री लॉजिस्टिक्स, राहत आपूर्ति और क्विक ट्रांजिट को सुनिश्चित करेगा।
ऊंची पहाड़ियों पर बसा मिजोरम, समुद्र तल से लगभग 1,132 मीटर (3,715 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है, जिससे यहां सड़क मार्ग से सामान और लोगों की आवाजाही चुनौतीपूर्ण रही है। ऐसे में रेलवे एक स्थायी और ऑल वेदर विकल्प के रूप में उभर कर सामने आएगा।
गुवाहाटी से आइजोल तक ट्रेन से सफर
वर्तमान में असम के बदरपुर से कथकल होते हुए भैरवी तक रेल ट्रैक का संचालन हो रहा है। मिजोरम में 51.38 किलोमीटर लंबा ट्रैक तैयार किया गया है, जो भैरवी, कुर्तिकी, मुलखांग और सायरांग स्टेशनों को जोड़ता है। जल्द ही इस मार्ग पर विस्टाडोम ट्रेनों का परिचालन भी शुरू होने वाला है, जिससे पर्यटकों को पहाड़ी दृश्यों का शानदार अनुभव मिलेगा।
सुरक्षा और व्यापार दोनों का विकास
इस प्रस्तावित ट्रैक के जरिए न सिर्फ स्थानीय लोगों को सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि बॉर्डर मैनेजमेंट और राष्ट्रीय सुरक्षा में भी यह बड़ी भूमिका निभाएगा। सीमाई क्षेत्रों तक पहुंच आसान होने से सैन्य तैनाती, आपातकालीन सामग्री और निगरानी में भी तेजी लाई जा सकेगी। इसके अलावा, भारत-म्यांमार और बांग्लादेश के साथ संभावित व्यापारिक गलियारों को ध्यान में रखते हुए भी यह ट्रैक भविष्य की रणनीतिक जरूरतों को पूरा करेगा।
टूरिज्म और लोकल इकोनॉमी को बढ़ावा
मिजोरम अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और शांत माहौल के लिए मशहूर है। रेलवे रूट की शुरुआत बाद यहां पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावनाएं हैं। इससे स्थानीय व्यवसाय, होमस्टे, हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों को नया जीवन मिलेगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि बढ़ती कनेक्टिविटी से न सिर्फ राज्य की आर्थिक तस्वीर बदलेगी, बल्कि यहां के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
एक नजर मिजोरम पर
मिजोरम राज्य को पहले असम के लुशाई हिल्स के नाम से जाना जाता था। इसके बाद साल 1954 में यहां का नाम बदलकर मिजो हिल्स रख दिया गया और फिर साल 1972 में यह एक केंद्र शासित राज्य घोषित किया गया है। अंत में 20 फरवरी 1987 को इसे भारत के पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया। मिजोरम भारत के तीन ईसाई बहुल राज्यों में से एक है, जहां 87% से अधिक आबादी ईसाई धर्म का पालन करती है। इसके अलावा यहां बौद्ध धर्म (8.51%), हिंदू (2.75%) और इस्लाम (1.35%) भी मौजूद हैं।
स्थानीय संस्कृति और खानपान
यहां की मिजो संस्कृति को सरलता और प्रकृति के प्रति प्रेम की मिसाल माना जाता है। मिजोरम का मुख्य खाद्द पदार्थ चावल है, जिसे मांस, मछली और सब्जियों के साथ खाया जाता है। बांस के अंकुर, जंगली मशरूम और स्थानीय जड़ी-बूटियां यहां के व्यंजनों की खास पहचान हैं।
आइजोल तक रेलवे लाइन का विस्तार और आने वाले समय में म्यांमार सीमा तक उसका विस्तार, मिजोरम को एक नई रणनीतिक ऊंचाई देगा। यह विकास का ट्रैक केवल यात्रियों और व्यापारियों के लिए ही नहीं, बल्कि भारत की सीमाओं की सुरक्षा को भी और मजबूत करेगा।
बर्नीहाट बना देश का सबसे प्रदूषित शहर, राजधानी दिल्ली दूसरे नंबर पर
12 Jul, 2025 11:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
असम-मेघालय सीमा पर स्थित बर्निहाट, 2025 की पहली छमाही में भारत का सबसे प्रदूषित शहर है, जबकि दिल्ली दूसरे स्थान पर है. इंडिपेंडेंट रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) के विश्लेषण के अनुसार, बर्निहाट में पीएम 2.5 (हवा में मौजूद ढाई माइक्रोमीटर या इससे कम व्यास के कण) की औसत सांद्रता 133 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई, जबकि दिल्ली का पीएम 2.5 स्तर राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक से दोगुना, 87 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया.
हाजीपुर (बिहार), गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश), गुरुग्राम (हरियाणा), पटना, सासाराम (बिहार), तलचर (ओडिशा), राउरकेला (ओडिशा) और राजगीर (बिहार) 10 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल हैं.
देश का सबसे साफ शहर
मिजोरम का आइजोल वर्ष की पहली छमाही में देश का सबसे स्वच्छ शहर रहा. सीआरईए के अनुसार, जनवरी से जून तक, सीएएक्यूएमएस वाले 293 शहरों में से 239 में 80 प्रतिशत से अधिक दिनों के लिए सूक्ष्म कण (माइक्रोस्कोपिक पार्टिकल्स) संबंधी आंकड़े उपलब्ध थे. वहीं, 239 शहरों में से 122 में वायु गुणवत्ता वार्षिक राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक (एनएएक्यूएस) 40 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक रही, जबकि 117 शहर वार्षिक सीमा से नीचे रहे.
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन
सीआरईए ने कहा कि दिल्ली में निर्धारित अवधि पूरी कर चुके वाहनों के परिचालन की अनुमति नहीं देने जैसे प्रतिबंध लागू करना वायु गुणवत्ता प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण घटक है, लेकिन इसमें केवल वाहनों से होने वाले उत्सर्जन के जोखिमों पर ही ध्यान केन्द्रित किया गया है और प्रदूषण के अन्य महत्वपूर्ण स्रोतों को नजरअंदाज किया गया है.
पोर्टल फॉर रेगुलेशन ऑफ एयर पॉल्यूश
पोर्टल फॉर रेगुलेशन ऑफ एयर पॉल्यूशन इन नॉन-अटेनमेंट सिटीज (पीआरएएनए) और आईआईटी-दिल्ली के अध्ययनों के अनुसार, परिवहन (17 से 28 प्रतिशत) और धूल (17 से 38 प्रतिशत) के अलावा, कई अन्य क्षेत्रों का पीएम (सूक्ष्म कण) के स्तर में महत्वपूर्ण योगदान है. इनमें आवासीय दहन (8 से 10 प्रतिशत), कृषि दहन (4 से 7 प्रतिशत) और औद्योगिक गतिविधियां एवं बिजली संयंत्र (22 से 30 प्रतिशत) शामिल हैं.
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता का संकट
ये अध्ययन दर्शाते हैं कि दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता का संकट केवल वाहनों से होने वाले उत्सर्जन या मौसमी बायोमास के दहन के कारण नहीं है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न स्रोतों से होने वाले निरंतर उत्सर्जन के कारण भी है. सीआरईए के विश्लेषक मनोज कुमार ने बताया कि उदाहरण के लिए, सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, दिल्ली के आसपास ज्यादातर थर्मल पावर प्लांट्स में फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (एफजीडी) जैसी महत्वपूर्ण प्रदूषण नियंत्रण तकनीक अब भी उपलब्ध नहीं हैं.
विद्युत संयंत्रों में ही एफजीडी चालू
वर्ष 2025 के मध्य तक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में स्थित 11 में से केवल दो संयंत्रों – एनटीपीसी दादरी और महात्मा गांधी ताप विद्युत संयंत्रों में ही एफजीडी चालू अवस्था में पाये गए. सीआरईए ने कहा कि यह नियामक अंतराल सख्त वाहन नीतियों के माध्यम से प्राप्त लाभों को कमजोर करता है और एक ऐसी असमानता को प्रदर्शित करता है, जहां कृषि स्रोतों को कड़ी जांच का सामना करना पड़ता है जबकि अन्य क्षेत्र अनियंत्रित रूप से प्रदूषण फैलाते रहते हैं.
चौंकाने वाला खुलासा: उड़ान भरते ही एक-एक कर बंद हुए दोनों इंजन, हादसे की बड़ी वजह सामने आई
12 Jul, 2025 11:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद में 12 जून को एयर इंडिया विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी कर दी गई है. एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने रिपोर्ट में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं हैं. रिपोर्ट के मुताबिक टेकऑफ के कुछ सेकेंड ही बाद विमान के दोनों इंजन अपने-आप बंद हो गए थे, जिसके बाद विमान क्रैश की नौबत आ गई.
AAIB ने विमान के इंजन में फ्यूल की सप्लाई बंद होने जैसी कई अहम बातों की तरफ इशारा किया है. हालांकि, इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने कहा है कि ये रिपोर्ट प्रारंभिक है. फिलहाल हादसे की विस्तृत जांच चल रही है.
इंजनों में फ्यूल आना बंद
रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया के प्लेन ने सुबह करीब 8 बजकर आठ मिनट पर 180 नॉट्स की अधिकतम इंडिकेटेड एयरस्पीड हासिल की थी. इसके बाद अचानक दोनों इंजन के फ्यूल कट-ऑफ स्विच, जो इंजन को फ्यूल भेजते हैं, वो ‘रन’ से कटऑफ पोजिशन में चले गए. रिपोर्ट में कहा गया है कि यह घटना सिर्फ 1 सेकेंड के गैप पर हुई. इस दौरान इंजनों में फ्यूल आना बंद हुआ. हालांकि, अभी अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है.
पायलटों के बीच बातचीत ने चौंकाया
जांच रिपोर्ट में कॉकपिट में पायलटों के बीच बातचीत की भी जानकारी सामने आई है. कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) के अनुसार, एक पायलट ने दूसरे से पूछा कि तुमने इंजन क्यों बंद किया? इस सवाल के जवाब में दूसरे पायलट ने कहा कि मैंने कुछ नहीं किया. दोनों पायलटों के बीच की बातचीत से यह साफ हुआ है कि फ्यूल कटऑफ किसी ने जानबूझकर नहीं किया था.
रैम एयर टर्बाइन (RAT) सक्रिय
बता दें कि विमान के ऑटोमैटिक सिस्टम ने इमरजेंसी हालात को देखते हुए खुद-ब-खुद मदद करने की कोशिश की. हालांकि, रैम एयर टर्बाइन (RAT) यानी आपातकालीन पंखा और APU जैसी सिस्टम्स को सक्रिय करने के बाद भी प्लेन को क्रैश होने से नहीं बचाया जा सका. जानकारी के मुताबिक RAT तभी बाहर निकलता है, जब प्लेन में बिजली सप्लाई में दिक्कत आती है. इसका मतलब है कि इंजन बंद होने की वजह से प्लेन की मेन पावर सप्लाई भी प्रभावित हुई थी.
RAT दोनों इंजन या पावर सप्लाई बंद होने या फिर हाइड्रोलिक विफलता पर खुद एक्टिव हो जाता है. यह प्लेन को ऊंचाई बनाए रखने में मदद करता है. यह पावर पैदा करने के लिए एयर स्पीड का उपयोग करता है.
प्लेन हादसे में 260 लोगों की मौत
12 जून को एयर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान (उड़ान एआई 171) लंदन गैटविक के लिए अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में क्रैश हो गया, जिससे इसमें सवार 241 लोगों सहित 260 लोगों की मौत हो गई. हालांकि इस हादसे में एक यात्री जिंदा बच गया था. प्लेन में सवार 242 लोगों में 12 क्रू के सदस्य थे. यात्रियों में 169 भारतीय नागरिक, 53 ब्रिटिश नागरिक, एक कनाडाई नागरिक और 7 पुर्तगाली नागरिक शामिल थे.
47 शहरों में एक साथ रोजगार मेला, पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए करेंगे संबोधित
12 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को सुबह लगभग 11 बजे वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए 16वें रोजगार मेले में विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त 51 हजार से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे।
प्रधानमंत्री नियुक्त लोगों को संबोधित भी करेंगे
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नियुक्त लोगों को संबोधित भी करेंगे। रोजगार मेले का उद्देश्य युवाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी के लिए सार्थक अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है।
पीएम मोदी ने खुद दी जानकारी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवा साथियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए हम कृतसंकल्प हैं। इसी कड़ी में कल 12 जुलाई को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक और रोजगार मेले का हिस्सा बनूंगा, जिसमें हजारों युवाओं को नियुक्ति-पत्र सौंपे जाएंगे।
16वां रोजगार मेला देश भर में 47 स्थानों पर होगा
देश भर में आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक 10 लाख से ज्यादा भर्ती पत्र जारी किए जा चुके हैं और 16वां रोजगार मेला देश भर में 47 स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। ये भर्तियां केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में हो रही हैं।
रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, डाक विभाग आदि जगहों पर हुआ है चयन
देश भर से चुने गए नए कर्मचारी रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, डाक विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, तथा अन्य विभागों और मंत्रालयों में शामिल होंगे।
खाटू श्यामजी दर्शन को पहुंचे भक्तों पर टूटा दुकानदारों का कहर , महिलाओं पर डंडों से हमला, श्रद्धालु बोले- आस्था का अपमान
11 Jul, 2025 06:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीकर, राजस्थान। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटू श्यामजी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के साथ हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि स्थानीय दुकानदार और उनके कर्मचारी श्रद्धालुओं को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीट रहे हैं। घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है।
बारिश से बचने के लिए दुकान में घुसे श्रद्धालु, मच गया बवाल
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को भारी बारिश के दौरान कुछ श्रद्धालु एक दुकान के अंदर छिपने के लिए घुस गए। दुकानदार ने उन्हें बाहर निकलने को कहा, जिस पर कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर दुकानदार और उसके सहयोगियों ने श्रद्धालुओं पर लाठियों से हमला कर दिया।
महिलाओं के साथ भी मारपीट
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला श्रद्धालु को तीन दुकानदार मिलकर पीटते नजर आ रहे हैं। यह नजारा मंदिर के मुख्य द्वार के पास का बताया जा रहा है। इस घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई, चार गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
सोशल मीडिया पर उबाल
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की नाराजगी फूट पड़ी है। एक यूजर ने लिखा, “आस्था के स्थलों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। यह बेहद शर्मनाक है।”
एक अन्य यूजर ने कहा, “खाटू श्यामजी में देशभर से श्रद्धालु आते हैं, इस तरह की घटनाएं पर्यटन और धार्मिक भावना दोनों को नुकसान पहुंचाती हैं।”
पूर्व में भी हुई थी ऐसी घटना
गौरतलब है कि हाल ही में मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में भी श्रद्धालुओं से सुरक्षाकर्मियों द्वारा मारपीट की घटना सामने आई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर: NSA डोभाल की रणनीति से 9 आतंकी ठिकानों का खात्मा
11 Jul, 2025 01:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चेन्नई। आईआईटी मद्रास में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कई विदेशी समाचार एजेंसियों ने भारत को लेकर भ्रामक और तथ्यहीन जानकारी प्रकाशित की है। इसके साथ ही अजित डोभाल ने कहा कि भारत का ऑपरेशन बेहद ही सफल रहा। हमने पाकिस्तान में नौ ठिकानों को निशाना बनाया था। इसमें से एक भी नहीं चूका।
विदेशी मीडिया पर बरसे डोभाल
एनएसए डोभाल ने कहा कि विदेशी प्रेस ने कहा कि पाकिस्तान ने यह किया, वो किया, आप मुझे एक भी फोटो या सबूत दिखाइए जिसमें भारत में किसी इमारत को नुकसान हुआ हो, एक कांच तक टूटा हो... उन्होंने बातें लिख दीं और छाप दीं। उन्होंने आगे कहा कि विदेशी मीडिया द्वारा जारी की गईं सैटेलाइट तस्वीरों में 10 मई से पहले और बाद में पाकिस्तान के 13 एयरबेस दिखाए गए, चाहे वह सरगोधा हो, रहीम यार खान हो या चकलाला। मैं सिर्फ वही बता रहा हूं जो उन्होंने अपनी रिपोर्टिंग में छापा। हममें यह क्षमता है कि अगर हम चाहें तो पाकिस्तान के एयरबेस को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
पूरे ऑपरेशन में 23 मिनट लगे- अजीत डोभाल
एनएसए अजीत डोभाल ने कहा कि हमें अपनी स्वदेशी तकनीक विकसित करनी होगी। ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र यहां किया गया था। हमें इस बात पर गर्व है कि इसमें कितनी स्वदेशी सामग्री थी, हमने पाकिस्तान के आर-पार नौ आतंकवादी ठिकानों पर निशाना साधने का फैसला किया, ये सीमावर्ती इलाकों में नहीं थे। हम कोई भी निशाना नहीं चूके। हमने इसके अलावा कहीं और निशाना नहीं साधा। यह उस बिंदु तक सटीक था जहां हमें पता था कि कौन कहां है? पूरे ऑपरेशन में 23 मिनट लगे। आप मुझे एक भी तस्वीर बताइए जिसमें भारत की तरफ से हुआ कोई नुकसान दिखाई दे रहा हो। एनएसए अजीत डोभाल ने कहा कि हम एक ऐसे देश और ऐसी सभ्यता से ताल्लुक रखते हैं, जो हजार वर्षों से संकटग्रस्त, लहूलुहान और अपमानित रही है। हमारे पूर्वजों ने बहुत कुछ सहा है... मुझे नहीं पता कि इस सभ्यता को जीवित रखने और राष्ट्र की इस धारणा को जीवित रखने के लिए उन्होंने कितने अपमान, अभाव और कष्ट सहे होंगे। राष्ट्र, राज्य से अलग होता है। भारत, एक राष्ट्र के रूप में सहस्राब्दियों से अस्तित्व में है। अब से 22 साल बाद जब हम अपनी आजादी के 100 साल पूरे कर रहे होंगे, तब आप अपने करियर के शीर्ष पर होंगे।
यह था ऑपरेशन सिंदूर
दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ। इस हमले में 26 लोगों की बर्बर तरीके से हत्या कर दी गई। उनकी हत्या करने से पहले उनकी धार्मिक पहचान की गई। इन मृतकों में अधिकांश पर्यटक शामिल थे। इसके बाद भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। यही नहीं, पाकिस्तानी सेना के नौ एयरबेस भी ध्वस्त हो गए। हालांकि, बाद में पाकिस्तान सरकार का एक डोजियर लीक भी लीक हुआ, जिसमें यह खुलासा हुआ कि भारतीय सशस्त्र बलों ने इससे भी ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया था। यह सैन्य कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी।
कलयुगी मां का शर्मनाक करतूत: बच्चों से करवा रही थी नशे का धंधा
11 Jul, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू। जम्मू के बाहरी क्षेत्र मीरां साहिब से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। मां जो अपने बच्चों को गलत काम करने से रोकती है। लेकिन यहां पर मां अपने बच्चों के साथ मिलकर नशे का कारोबार कर रही थी। नशे के कारोबार के खिलाफ मीरां साहिब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई कर बलोल नाका पर नियमित जांच के दौरान दो ड्रग तस्करों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की। इस दौरान उन्होंने भारी मात्रा में हेरोइन (चिट्टा) भी बरामद किया।
पुलिस ने बताया कि नाके के दौरान उन्होंने स्कूटी सवार दो लोगों को जांच के लिए रोका। पुलिस को देख दोनों के चेहरों के भाव बदल गए। इसके बाद पुलिस को शक हुआ और स्कूटी की जांच करने पर 550 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) जब्त किया, जिसकी कीमत 70 लाख रुपये के करीब है। पुलिस ने दोनों को स्कूटी सहित अपनी हिरासत में ले लिया।
पकड़ा गया युवक गुरजीत सिंह पुत्र अवतार सिंह निवासी गांव टांडा आरएसपुरा जम्मू और नवनीत कौर दोनों भाई-बहन हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ाई, तब एक बड़ा खुलासा हुआ कि भाई बहन ही नहीं बल्कि उनकी मां राजिंदर कौर पत्नी अवतार सिंह भी नशे के कारोबार में शामिल है। पिछले ही महीने जून में पंजाब पुलिस ने मां राजिंदर को एक मादक पदार्थ तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया था।
पुलिस मामले से जुड़ी अन्य कड़ियों की भी गहनता से जांच कर रही है। यही नहीं अवैध मादक पदार्थों के व्यापार से होने वाली आय का पता लगाने और उचित कानूनी कार्रवाई करने के लिए एक वित्तीय जांच भी शुरू की गई है।
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