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ERCP योजना से अलवर को मिलेगी गर्मियों में भी पानी की गारंटी , पूर्वी राजस्थान के विकास की नई राह 3491 करोड़ की योजना का आगाज़
14 Jul, 2025 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजस्थान को मिलेगा साल भर पेयजल, अलवर में शुरू हुई ERCP की गूंज
अलवर: पूर्वी राजस्थान के जलसंकट से जूझते जिलों के लिए राहत की बड़ी खबर है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (PKC-ERCP) अब अलवर जिले में धरातल पर उतरने को तैयार है। राज्य सरकार ने अलवर में ERCP के लिए अलग कार्यालय की स्थापना कर दी है, जिसमें एक एक्सईएन (XEN) और एक एईएन (AEN) की नियुक्ति कर दी गई है। इससे परियोजना की क्रियान्वयन प्रक्रिया को गति मिलेगी।
3491 करोड़ के टेंडर जारी, वर्क ऑर्डर जल्द
जल संसाधन विभाग ने इस योजना के अंतर्गत 3491 करोड़ रुपए के टेंडर जारी कर दिए हैं। वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद अगले एक महीने में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। यह परियोजना पूर्वी राजस्थान के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित है और अब इसके शुरू होने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा चुके हैं।
चार साल में निर्माण, बीस साल मेंटेनेंस की जिम्मेदारी
योजना के तहत जिस फर्म को कार्य सौंपा जाएगा, उसे चार साल के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना होगा। साथ ही, बीस वर्षों तक योजना के रखरखाव की जिम्मेदारी भी उसी कंपनी के पास रहेगी। इससे परियोजना की दीर्घकालिक स्थायित्व और गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।
अलवर समेत पूर्वी राजस्थान को होगा बड़ा लाभ
ERCP का क्रियान्वयन अलवर सहित पूरे पूर्वी राजस्थान के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकता है। अलवर जिले के कई इलाकों में गर्मियों के दौरान गंभीर जल संकट रहता है, जिसे यह योजना दूर करने में सहायक होगी। योजना पूरी तरह लागू होने के बाद इन जिलों में साल भर भरपूर पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
दिव्यांश नासा में लहराएगा भारत का परचम, शुभांशु को मानता है आइडल
14 Jul, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करनाल। भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को अपना आइडल मानने वाला करनाल का दिव्यांश का चयन अमेरिका के प्रतिष्ठित यूनाइटेड स्पेस स्कूल के लिए हुआ है, जहां वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगा। अमेरिका के एक स्पेस एजुकेशन की ओर से हर साल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं, जिसमें चयनित होने वाले छात्रों को नासा वैज्ञानिकों, अंतरिक्ष यात्रियों और इंजीनियरों के मार्गदर्शन में अंतरिक्ष मिशन की शिक्षा देती है।
इस साल कार्यक्रम में 25 देशों के 44 विद्यार्थियों को बुलाया गया, जो मिलकर मंगल ग्रह पर मानव मिशन की रूपरेखा तैयार करेंगे। कार्यक्रम के लिए भारत से हजारों छात्रों ने आवेदन किया, लेकिन सिर्फ दो छात्रों का ही चयन हुआ, जिसमें से एक दिव्यांश कौशिक हैं। अमेरिका जाने से पहले दिव्यांश के लिए करनाल के स्कूल में सम्मान समारोह रखा गया। इसमें करनाल की मेयर रेणु बाला गुप्ता मौजूद थीं।
दिव्यांश का सपना एरोनॉटिकल इंजीनियर बनने का है और इस चयन ने उनके सपनों को नई ऊंचाइयां दी है। दिव्यांश ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं। यूनाइटेड स्पेस स्कूल में आने वाले छात्रों से बात हुई है। हम सब एक-दूसरे से मिलने के लिए उत्साहित हैं। दिव्यांश ने बताया कि यूनाइटेड स्पेस स्कूल में स्पेस एजुकेशन के बारे में पढ़ाई के साथ ट्रेनिंग होगी। कुछ अध्ययन भी कराए जाएंगे।
अंतरिक्ष में गए शुभांशु शुक्ला को लेकर दिव्यांश ने कहा कि उसने पीएम मोदी के साथ शुभांशु शुक्ला इंटरव्यू देखा। वे मेरे आइडल बन चुके हैं। मुझे उनसे बहुत प्रेरणा मिली है। दिव्यांश की मां ने कहा कि मेरा बेटा वहां जाकर सर्वश्रेष्ठ काम करे। वह 15 दिन के लिए जा रहा है, उसे वहां बहुत कुछ सीखना है। उन्होंने कहा कि मैं चाहती हूं कि वो अपना बेस्ट करे और भारत का नाम रोशन करे।
करनाल की मेयर रेणु बाला गुप्ता ने दिव्यांश को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि दिव्यांश ने बहुत मेहनत की है, जिससे उसे नासा में जाने का मौका मिला है। मैंने उसका विजन समझा है, जिस तरह वह एक अंतरिक्ष यात्री बनना चाहता है। उसके लिए 15 दिन ऐतिहासिक होने वाले हैं।
हरिद्वार में कांवड़ लेने पहुंच रहे शिव भक्त, अब तक 6 लाख ने भरे कावड़
14 Jul, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरिद्वार। सावन के महीने में हरिद्वार में चल रहे कांवड़ मेले में शिवभक्तों की श्रद्धा देखने को मिल रही है। देश के कई राज्यों से आए श्रद्धालु गंगाजल भरकर अपने-अपने गंतव्यों को जा रहे हैं। मेला प्रशासन के मुताबिक शुक्रवार को करीब 4 लाख शिवभक्तों ने गंगाजल भरकर यात्रा शुरू की, जबकि शनिवार को कांवड़ यात्रियों की संख्या 6 लाख पहुंच गई। जो अब तक के आंकड़ों में सबसे बड़ी संख्या बताई जा रही है। हरिद्वार में कांवड़ यात्रियों की संख्या गुरु पूर्णिमा से शुरू हो गई थी। गुरुपूर्णिमा पर 3.90 लाख शिवभक्तों ने हरकी पैड़ी समेत कई घाटों से गंगाजल एकत्र कर जलाभिषेक के लिए प्रस्थान किया था। अब कांवड़ मेले में दिन-प्रतिदिन शिवभक्तों की संख्या में तीव्र वृद्धि हो रही है।
गंगाजल भरने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी है। पुलिस और प्रशासन द्वारा भीड़ नियंत्रण के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिला और मेला नियंत्रण कक्ष लगातार सक्रिय है। एसएसपी के मुताबिक शुक्रवार व शनिवार करीब दस लाख शिवभक्तों ने जल भरा। सुरक्षा की दृष्टि से ड्रोन कैमरों से निगरानी, जगह-जगह चेक पोस्ट और ट्रैफिक डायवर्जन की प्रभावी व्यवस्था लागू की गई है। महिला सुरक्षा को लेकर भी महिला पुलिस कर्मियों को कई संवेदनशील स्थलों पर तैनात किया है।
जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखें और किसी भी स्थिति में नियमों का उल्लंघन न करें। किसी भी समस्या की स्थिति में कांवड़ नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करें। प्रशासन की ओर से जो मार्ग व दिशा निर्देश दिए गए हैं उन्हीं के अनुसार चले। कांवड़ पटरी का ही उपयोग करें। कांवड़ पटरी पर सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। कांवड़ मेले के दृष्टिगत शनिवार को डीएम व एसएसपी ने मेला क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने बताया कि कांवड़ पटरी पर पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य की सुविधा सुचारू है। शनिवार उन्होंने नहर पटरी बहादराबाद, धनौरी, कलियर होते हुए वापस सिटी कंट्रोल रूम तक निरीक्षण किया। कई स्थानों पर कांवड़ यात्रियों से भी बातचीत की। कंट्रोल रूम में सीसीटीवी कैमरों से मेला क्षेत्र की मॉनिटरिंग की जा रही है।
बता दें शंकराचार्य चौक और ऋषिकुल तिराह के बीच कांवड़ पटरी के किनारे चद्द को उखाड़कर और लोहे के एंगिल तोड़कर कांवड़िए हाईवे पर आ गए। यह क्रम शनिवार की सुबह से दोपहर तक चलता रहा। दोपहर में जब जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निरीक्षण के लिए पहुंचे तो उनकी नजर में यह घटनाक्रम आया। जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ियों द्वारा पटरी के किनारे जो हिस्सा तोड़ा गया है, उसे सही कराया जा रहा है, जिससे हाईवे पर आने वाला रास्ता बंद हो सके। कांवड़ यात्रियों के लिए कांवड़ पटरी को पूरी तरह से सुरक्षित और सुविधा युक्त बनाया गया है।
म्यांमार बॉर्डर पर उल्फा कैंप पर ड्रोन हमले का दावा, सेना ने किया खारिज
14 Jul, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन उल्फा (आई) द्वारा म्यांमार सीमा पर भारतीय सेना द्वारा कथित ड्रोन अटैक के दावे ने हलचल मचा दी। संगठन ने आरोप लगाया कि 150 से अधिक ड्रोन का उपयोग करते हुए उनके कई मोबाइल कैंपों पर हमला किया गया, जिसमें उनके सीनियर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नयन असोम सहित कई शीर्ष नेता मारे गए। लेकिन भारतीय सेना और असम सरकार ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
उल्फा ने दावा किया कि हमला रविवार तड़के म्यांमार सीमा के भीतर ड्रोन और मिसाइलों से किया गया। इसमें लेफ्टिनेंट जनरल नयन असोम, ब्रिगेडियर गणेश असोम, कर्नल प्रदीप असोम की मौत हो गई। वहीं लगभग 19 कैडर घायल बताए गए हैं। कथित रूप से 150 से ज्यादा ड्रोन इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है। उल्फा संगठन ने दो प्रेस विज्ञप्तियां जारी करते हुए उक्त कथित हमलों की जानकारी दी और भारत पर आरोप लगाए हैं।
भारतीय सेना का जवाब
इस मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत (रक्षा प्रवक्ता) ने कहा, कि ऐसे किसी ऑपरेशन की कोई जानकारी नहीं है। असम राइफल्स और अन्य सैन्य एजेंसियों ने भी म्यांमार में किसी सैन्य कार्रवाई की पुष्टि नहीं की। वहीं असम पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा, कि राज्य की धरती से कोई हमला नहीं हुआ।
बताया जा रहा है कि उलफा का दावा भले ही सनसनीखेज हो, लेकिन अब तक कोई स्वतंत्र पुष्टि या सबूत सामने नहीं आए हैं। भारतीय सेना और असम सरकार का इनकार यह दर्शाता है कि या तो यह दावा झूठा है, या फिर यह डिनायबिलिटी रणनीति के तहत गुप्त ऑपरेशन को छिपाने की कोशिश हो सकती है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय और सैटेलाइट इंटेलिजेंस से मिल सकने वाले संकेत, इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई को उजागर कर सकते हैं।
श्रद्धालुओं की कार ट्रैक्टर से टकराई, चार की मौत, दो गंभीर घायल
14 Jul, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें चार श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा पटहेरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत बगही कुट्टी के पास एनएच-28 पर उस समय हुआ जब श्रद्धालुओं से भरी अर्टिका कार सामने से आ रहे ट्रैक्टर से आमने-सामने टकरा गई।
कार सवार सभी लोग सिद्धार्थनगर जिले के निवासी थे और झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर तथा बिहार के थावे मंदिर से दर्शन-पूजन कर लौट रहे थे। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल तमकुहीराज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां से एक की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के वक्त सभी श्रद्धालु कार में सो रहे थे। कार चालक ने बताया कि अचानक सामने से ट्रैक्टर आ गया और कोई प्रतिक्रिया देने से पहले ही जोरदार टक्कर हो गई। एयरबैग खुलने से चालक की जान तो बच गई, लेकिन चार श्रद्धालु काल के गाल में समा गए। तीन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
🔴 प्रशासन मौके पर पहुंचा, जांच जारी
हादसे की सूचना मिलते ही एसडीएम तमकुहीराज आकांक्षा मिश्रा, कसया विधायक पीएन पाठक तथा पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है।
एसडीएम आकांक्षा मिश्रा ने बताया कि कार में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें से चार की मृत्यु हो चुकी है, जबकि दो का इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि घटना अत्यंत दुखद है और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस दुर्घटना ने पूरे इलाके को शोकाकुल कर दिया है। मृतकों के गांवों में मातम पसरा हुआ है और शोक संवेदनाओं का तांता लगा है। अजय कुमार त्रिपाठी, ईएमएस
शहीद दिवस पर सरकार ने दिखाई सख्ती, नौहट्टा इलाके की सड़कें सील कर एनसी नेताओं को कर दिया नजरबंद
13 Jul, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 13 जुलाई शहीद दिवस के मौके पर श्रीनगर के संवेदनशील नौहट्टा इलाके की ओर जाने वाली सभी सड़कों को सील कर दिया। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए केवल अधिकारियों और सुरक्षाबलों के वाहनों को ही इन मार्गों से गुजरने की अनुमति दी गई। वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने दावा किया कि उनके कई वरिष्ठ नेताओं को नजरबंद कर दिया गया। शहर के ख्वाजा बाजार स्थित ऐतिहासिक शहीदों के कब्रिस्तान तक जाने के लिए हर साल की तरह इस बार भी एनसी ने श्रद्धांजलि अर्पित करने की अनुमति मांगी थी, जिसे जिला प्रशासन ने अस्वीकार कर दिया। इसके बाद श्रीनगर पुलिस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सार्वजनिक परामर्श जारी कर नागरिकों को इन क्षेत्रों की ओर न जाने की सलाह दी। यहां पुलिस ने सख्त चेतावनी दी कि जिला प्रशासन के आदेशों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा को देखते हुए श्रीनगर के सभी प्रवेश मार्गों पर भारी पुलिस बल और केंद्रीय अर्धसैनिक बल तैनात किए गए। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने प्रशासन के इस कदम की निंदा की है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा कि 13 जुलाई कोई आम दिन नहीं है, बल्कि यह न्याय और अधिकारों के लिए बलिदान देने वालों की स्मृति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी लोग हर हाल में अपने शहीदों का सम्मान करते रहेंगे। सादिक ने दावा किया कि उन्हें और उनके कई सहयोगियों को शनिवार रात से नजरबंद कर दिया गया है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को अनावश्यक, अनुचित और असंवेदनशील बताया।
क्यों होता है शहीद दिवस
गौरतलब है कि 13 जुलाई 1931 को महाराजा हरि सिंह के शासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 22 कश्मीरियों की डोगरा सेना की गोलीबारी में मौत हो गई थी। इस घटना को कश्मीर के राजनीतिक इतिहास में निर्णायक मोड़ माना जाता है। एनसी और कुछ अन्य इसे शहीद दिवस के तौर पर मनाते हैं और गोलीबारी में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। इस बार प्रशासन की सख्ती को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है, और एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति के बीच संतुलन बना पाना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है?
ओडिशा कॉलेज में छात्रा ने खुद को लगाई आग: सेक्शुअल हैरेसमेंट से परेशान थी, एचओडी गिरफ्तार, प्रिंसिपल सस्पेंड
13 Jul, 2025 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भुवनेश्वर। ओडिशा के बालेश्वर जिले में फकीर मोहन कॉलेज की बीएड सेकंड ईयर की छात्रा ने सेक्शुअल हैरेसमेंट से तंग आकर कॉलेज कैंपस में खुद को आग लगा ली। यह दिल दहला देने वाली घटना शनिवार दोपहर करीब 1 बजे हुई और कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई है। छात्रा को बचाने की कोशिश में एक अन्य छात्र भी झुलस गया। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां छात्रा की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। पीड़ित छात्रा और अन्य छात्राओं ने इंटीग्रेटेड बीएड डिपार्टमेंट के एचओडी समीर कुमार साहू पर मानसिक और शारीरिक शोषण के आरोप लगाए थे। आरोप है कि साहू ने एक छात्रा से फिजिकल होने की मांग तक की थी। 30 जून को आधिकारिक शिकायत प्रिंसिपल के पास दी गई थी, जिसके बाद कॉलेज में प्रदर्शन भी हुआ था।
प्रिंसिपल का बयान
इस मामले में कॉलेज के प्रिंसिपल दिलीप कुमार घोष ने कहा, कि छात्रा शनिवार को मुझसे मिलने आई थी। मैंने उसे 20 मिनट तक समझाने की कोशिश की, लेकिन वह बोली अब और इंतजार नहीं कर सकती। कुछ देर बाद पता चला कि उसने खुद को आग लगा ली है। प्रिंसिपल ने बताया कि छात्राओं की शिकायत के बाद इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (आईसीसी) बनाई गई थी, जिसने 7 दिन में रिपोर्ट दी थी। लेकिन कुछ छात्र तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
इन पर हुई कड़ी कार्रवाई
इस मामले में एचओडी समीर कुमार साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ओडिशा सरकार ने कॉलेज प्रिंसिपल दिलीप घोष को भी सस्पेंड कर दिया है। इसी के साथ प्रिंसिपल को बिना अनुमति शहर छोड़ने से रोक दिया गया है।
सीसीटीवी फुटेज में दर्ज हुआ सारा मामला
छात्रा कैंपस में केरोसीन लेकर पहुंची और खुद पर डालकर आग लगा ली। पास मौजूद एक छात्र ने बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी घायल हुआ। यह सब कॉलेज की निगरानी कैमरों में रिकॉर्ड हो गया है, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।
कोरोना के नए वेरिएंट एक्सएफजी ने फिर चिंता बढ़ाई....159 नए केस
13 Jul, 2025 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कोरोना के नए वेरिएंट एक्सएफजी ने फिर चिंता बढ़ा दी है। देश में अब तक 206 एक्सएफजी के केस सामने आ चुके हैं। सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र (89) में हैं, फिर पश्चिम बंगाल (49), तमिलनाडु, केरल, गुजरात और दिल्ली में भी केस मिले हैं। सिर्फ मई महीने में 159 नए केस आए थे।
एक्सएफजी वेरिएंट मध्य प्रदेश में भी तेजी से फैल रहा है। एम्स भोपाल की रिपोर्ट के अनुसार 63 प्रतिशत से ज्यादा केस एक्सएफजी वेरिएंट के हैं। यहां कुल 44 में से 28 सैंपलों में एक्सएफजी वेरिएंट पहचाना गया है। कोरोना का एक्सएफजी वेरिएंट सबसे पहले कनाडा में मिला था और अब तक भारत सहित 38 देशों में फैल चुका है। कोविड के दूसरे वेरिएंट की तरह ही इससे भी सबसे ज्यादा बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को है।
एक्सएफजी वेरिएंट क्या है?
एक्सएफजी कोविड-19 वायरस का एक रिकॉंबिनेंट वेरिएंट है। इसका मतलब है कि यह वायरस के 2 पुराने वेरिएंट्स, एलएफ.7 और एलपी.8.1.2 के आपस में मिल जाने से बना है। जब कोई व्यक्ति एक साथ दो अलग-अलग वेरिएंट्स से संक्रमित होता है, वायरस उनके जीन को आपस में मिक्स कर सकता है। उसी से इसतरह के वेरिएंट बनते हैं। एक्सएफजी, ओमिक्रॉन फैमिली का ही हिस्सा है, जो 2021 के अंत से पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा फैलने वाला वेरिएंट रहा है। इसे पहली बार कनाडा में पहचाना गया था।
दिल्ली में तेज रफ्तार का कहर! ऑडी ने फुटपाथ पर सो रहे 5 लोगों को रौंदा
13 Jul, 2025 01:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Delhi Crime News: देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर रफ्तार का कहर देखन को मिला है। दिल्ली के वसंत विहार में शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार ऑडी कार ने फुटपाथ पर सो रहे पांच लोगों को रौंद डाला। इस हादसे में सभी लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। यह घटना देर रात करीब 1:45 बजे की बताई जा रही है।
फुटपाथ पर सो रहे 5 लोगों को रौंदा
यह घटना वसंत विहार के शिवा कैंप के सामने हुई है। कुछ लोग अपने परिवार के साथ सड़क किनारे सो रहे थे। एक सफेद रंग की ऑडी कार तेज रफ्तार से आई और सो रहे लोगों को कुचल डाला। इस घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई।
नशे में धुत था ड्राइवर
पुलिस ने आरोपी ड्राइवर पर पकड़ लिया है। आरोपी की पहचान 40 वर्षीय उत्सव शेखर के रूप में हुई है। मेडिकल जांच में पुष्टि हुई है कि ड्राइवर घटना के समय शराब के नशे में धुत था। ज्यादा नशा करने की वजह से अपनी कार को कंट्रोल नहीं कर पाए।
राजस्थान के रहने वाले हैं पीड़ित
पुलिस के अनुसार इस हादसे के पीड़ित राजस्थान के रहने वाले है। इनकी पहचान 40 वर्षीय लाधी, उनकी 8 साल की बेटी बिमला, पति साबामी उर्फ चिरमा (45), 45 वर्षीय राम चंदर और उनकी पत्नी 35 वर्षीय नारायणी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि यह सभी राजस्थान के रहने वाले हैं और दिल्ली में दिहाड़ी मजदूरी का काम कर रहे थे।
विवेक कुमार गुप्ता ने पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक का कार्यभार संभाला
13 Jul, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद | भारतीय रेल इंजीनियर्स सेवा (आईआरएसई) के 1988 बैच के वरिष्ठ अधिकारी विवेक कुमार गुप्ता ने शुक्रवार, 11 जुलाई, 2025 को पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक का कार्यभार ग्रहण कर लिया। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक के रूप में अपनी नियुक्ति से पहले वे नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत थे, इस संगठन को भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना के क्रियान्वयन का दायित्व सौंपा गया है। गुप्ता ने रेलवे बोर्ड, रेल मंत्रालय में प्रधान कार्यपालक निदेशक/गति-शक्ति के रूप में कार्य किया है, जहाँ वे पीएम गति-शक्ति पहल के तहत स्टेशन विकास सहित सभी प्रमुख रेल परियोजनाओं की योजना और क्रियान्वयन के लिए एकीकृत इकाई के रूप में कार्यरत सात (07) विभागों - सिविल (निर्माण, परियोजना निगरानी और स्टेशन विकास), विद्युत (आरई), सिगनल और दूरसंचार, यातायात, वित्त, योजना और आर्थिक निदेशालयों के एकीकृत कामकाज के लिए उत्तरदायी थे। गुप्ता, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण), मुख्य ट्रैक इंजीनियर, मुख्य पुल इंजीनियर और मंडल रेल प्रबंधक जैसे कई प्रतिष्ठित पदों पर पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे में कार्यरत रहे हैं। इन पदों पर उन्होंने नई लाइन निर्माण, गेज परिवर्तन, दोहरीकरण और मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं, ट्रैक निर्माण कार्यों, यातायात सुविधाओं और पुल रखरखाव सहित महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे के कार्यों का पर्यवेक्षण किया। मुंबई रेलवे विकास कॉरपोरेशन (एमआरवीसी) में मुख्य इंजीनियर के रूप में कार्य करते हुए गुप्ता ने लगभग रु. 20,000 करोड़ की संचयी परियोजना मूल्य वाली एमयूटीपी I, II और III परियोजनाओं के समन्वय और कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने ₹34,000 करोड़ की एमयूटीपी 3ए परियोजना के प्रारंभिक कार्य का भी नेतृत्व किया। उनकी जिम्मेदारियों में योजना और कार्यान्वयन के मामलों में विश्व बैंक, एआईआईबी, एमएमआरडीए, सिडको और महाराष्ट्र सरकार जैसी विभिन्न एजेंसियों के साथ व्यापक समन्वय कार्य शामिल था। मध्य रेलवे के भुसावल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (अप्रैल 2019 से अगस्त 2021) के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संरक्षा, बुनियादी ढांचे में सुधार, कर्मचारी कल्याण, ग्राहक संतुष्टि और व्यय नियंत्रण और राजस्व सृजन पर ध्यान केंद्रित करते हुए कुशल संचालन सुनिश्चित किया| गुप्ता को रेल परिचालन, बुनियादी ढाँचे के प्रबंधन तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन का समृद्ध अनुभव प्राप्त है। वे अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच समान रूप से सम्मानित हैं और पूरा विश्वास है कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व में पश्चिम रेलवे नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगी।
सामने कांच पर फास्टैग नहीं लगाने वाले ब्लैकलिस्ट होंगे
13 Jul, 2025 10:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। लूज फास्टैग रखने वाले यूजर्स को अब ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। जानबूझकर फास्टैग को गाड़ी की विंडस्क्रीन पर न लगाने वाले हाईवे यूजर्स को लूज फास्टैग या टैग-इन-हैंड कहा जाता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार, इससे ई-टोल कलेक्शन सिस्टम में गड़बड़ी आती है और बाकी यात्रियों को परेशानी होती है। गौरतलब है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने फास्टैग के दुरुपयोग को रोकने के लिए कुछ नियम लागू किया है। अब अगर कोई ड्राइवर फास्टैग को गाड़ी की विंडशील्ड पर नहीं चिपकाता और उसे हाथ में रखकर टोल प्लाजा पर दिखाता है, तो उसका फास्टैग ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
दरअसल, कुछ ड्राइवर जानबूझकर फास्टैग को विंडस्क्रीन पर नहीं चिपकाते। वे इसे हाथ से दिखाकर स्कैन कराते हैं। इससे ज्यादा समय लगता है और टोल प्लाजा पर जाम लगता है। इससे दूसरे यात्रियों को भी परेशानी होती है। इसके अलावा कुछ ड्राइवर एक ही फास्टैग को कई गाडिय़ों के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं। इससे टोल से गुजरने वाली गाडिय़ों का डेटा मिस मैच होता है। यह गैर कानूनी है। एनएचएआई ने 11 जुलाई को इसकी घोषणा की थी। टोल कलेक्शन एजेंसियों को तुरंत ऐसे फास्टैग की रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है, जिसके आधार पर एनएचएआई फास्टैग को ब्लैकलिस्ट करेगी। एनएचएआई जल्द ही एनुअल पास सिस्टम और मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग शुरू करने वाली है। इन नए सिस्टम्स में फास्टैग की सही स्थिति बहुत जरूरी है, ताकि टोल कलेक्शन बिना रुकावट हो और सिस्टम की विश्वसनीयता बनी रहे। एनएचएआई ने टोल कलेक्शन एजेंसियों को एक खास ईमेल आईडी दी है, जिसके जरिए वे तुरंत ऐसे फास्टैग की जानकारी दे सकते हैं। इसके बाद एनएचएआई उस फास्टैग को ब्लैकलिस्ट या हॉटलिस्ट कर देगी, जिससे वह काम करना बंद कर देगा।
अहमदाबाद विमान हादसा... जांच रिपोर्ट में खुलासा..
13 Jul, 2025 09:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फ्यूल स्वीच ऑफ... दोनों इंजन बंद होने से विमान गिरा
अहमदाबाद। अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया विमान के ब्लैक बाक्स की जांच में पता चला है कि विमान का फ्यूल कटआफ स्वीच बंद होने से विमान के दोनों इंजनों को ईंधन सप्लाय बंद हो गया और टेकऑफ के कुछ सेकंड ही बाद विमान की स्पीड धीमी हुई और क्रैश हो गया।
12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहे विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने हादसे के कारणों की अब 15 पेज की शुरुआती रिपोर्ट जारी की। इसमें तकनीकी कारणों का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उड़ान भरने के ठीक बाद दोनों इंजन के फ्यूल कटऑफ स्वीच रन से कटऑफ की स्थिति में आ गए थे, वो भी सिर्फ एक सेकंड के अंतराल में। इसके बाद दोनों इंजनों की थ्रस्ट क्षमता पूरी तरह खत्म हो गई और विमान अहमदाबाद स्थित मेडिकल कॉलेज के होस्टल पर जा गिरा।
आपातकालीन बिजली सप्लाय भी काम नहीं कर पाई
रिपोर्ट के अनुसार दोनों इंजन में रीलाइट की प्रक्रिया शुरू हुई। विमान के एक इंजन ने थोड़ी देर के लिए काम करना शुरू किया, लेकिन दूसरा इंजन पूरी तरह से स्पीड रिकवर नहीं कर पाया। इस दौरान पावर यूनिट भी ऑटोस्टार्ट मोड में सक्रिय हुआ, लेकिन वह भी विमान को स्थिर नहीं कर पाया। एयरपोर्ट के सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद यह सामने आया कि टेकऑफ के तुरंत बाद विमान का आपातकालीन पंखा बाहर आ गया। आमतौर पर यह तभी बाहर निकलता है, जब विमान की बिजली सप्लाई में समस्या आती है। इसका मतलब है कि इंजन बंद होने के कारण विमान की मेन पावर सप्लाई भी प्रभावित हुई थी। रैम एयर टर्बाइन एक छोटा प्रोपेलर जैसा उपकरण होता है, जो दोनों इंजन के बंद होने या पावर सप्लाई बंद होने अथवा हाइड्रोलिक विफलता पर स्वचालित रूप से तैनात हो जाता है। यह विमान को ऊंचाई बनाए रखने में मदद करता है। आरएटी आपातकालीन शक्ति उत्पन्न करने के लिए हवा की गति का उपयोग करता है।
फ्यूल कट आफ स्वीच कैसे बंद हुआ
विमान दुर्घटना में फ्यूल स्वीच बंद होने का कारण पता लगने के बाद अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फ्यूल कटआफ स्वीच कैसे बंद हुआ। कहीं इसमें फ्यूल रिफील करने वाले कर्मचारियों की गलती तो नहीं है। हालांकि वर्ष 2018 में विमान की जांच के दौरान तकनीकी विशेषज्ञों ने इस बारे में एयर इंडिया को सचेत किया था, लेकिन उन्होंने इस बात पर कोई ध्यान नहीं दिया। इस मामले की भी जांच हो सकती है।
दोनों पायलटों की चंद सेकंड की बात... एक ने दूसरे से पूछा...फ्यूल क्यों बंद किया
इस दौरान दोनों पायलटों के बीच बातचीत होती है। एक पायलट ने पूछा- आपने फ्यूल क्यों बंद कर दिया? इस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया- मैंने ऐसा नहीं किया। इस बातचीत के कुछ सेकंड बाद ही प्लेन की स्पीड धीमी होने लगती है और यह विमान मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग से जा टकराता है।
पायलट कोशिश के बाद क्रैश से नहीं बचा पाए
रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे वाले विमान में दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच बंद थे, जिसके बाद पायलटों ने इसे चालू किया और दोनों इंजन को दोबारा शुरू करने की कोशिश की थी। लेकिन विमान बहुत कम ऊंचाई पर था, इसलिए इंजनों को दोबारा ताकत पाने का समय नहीं मिल सका और विमान क्रैश हो गया। हालांकि ये सामने नहीं आया है कि फ्यूल स्विच बंद कैसे हुए थे। 15 पन्नों की रिपोर्ट के मुताबिक, टेकऑफ से लेकर हादसे तक की पूरी उड़ान करीब 30 सेकेंड ही चली।
इसरो के मानव अंतरिक्ष अभियान की तैयारी तेज, गगनयान की उड़ान के लिए इंजन तैयार
13 Jul, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शनिवार को बताया कि उसने गगनयान मिशन के लिए सर्विस मॉड्यूल प्रोपल्शन सिस्टम (एसएमपीएस) का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इसके साथ ही इस सिस्टम के सभी जरूरी परीक्षण भी पूरे कर लिए गए हैं। शुक्रवार को इस सिस्टम का 350 सेकंड (करीब 6 मिनट) तक एक बड़ा परीक्षण किया गया। इसका मकसद यह देखना था कि अगर उड़ान के दौरान कोई गड़बड़ी हो जाए और मिशन को बीच में रोकना पड़े (जिसे ‘मिशन एबॉर्ट’ कहा जाता है), तो यह सिस्टम सही तरीके से काम करता है या नहीं।
गगनयान मिशन भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है, जिस पर काम किया जा रहा है। इसरो ने एक बयान में कहा कि हॉट परीक्षण के दौरान प्रोपल्शन सिस्टम का प्रदर्शन पूर्वानुमानों के अनुसार सामान्य रहा। इसरो के मुताबिक, गगनयान के सर्विस मॉड्यूल में एक खास सिस्टम लगाया गया है, जो दो तरह के ईंधन से चलता है। यह सिस्टम उस हिस्से को मदद करता है, जो इनसानों को लेकर अंतरिक्ष में जाएगा। इसका काम रॉकेट को सही कक्षा (ऑर्बिट) में पहुंचाना, उड़ान के दौरान दिशा को नियंत्रित करना, जरूरत पडऩे पर रॉकेट की गति को धीमा करना और अगर कोई गड़बड़ी हो जाए, तो मिशन को बीच में रोककर अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित वापस लाना है।
चार घंटे तक परीक्षण
इस मॉडल पर इसरो ने 25 बार अलग-अलग तरह के परीक्षण किए, कुछ सामान्य हालात और कुछ मुश्किल हालातों में। ये सारे परीक्षण कुल 14,331 सेकंड (करीब चार घंटे) तक चले। इनका मकसद यह देखना था कि यह सिस्टम गगनयान इनसान को सुरक्षित ले जाने की जरूरतों पर खरा उतरता है या नहीं।
B.Sc और M.Sc Nursing बिना NEET: जानिए Army Nursing College में दाखिले का पूरा प्रोसेस
12 Jul, 2025 10:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली:
हर साल लाखों छात्र NEET UG परीक्षा में बैठते हैं ताकि मेडिकल फील्ड में करियर बना सकें, लेकिन बड़ी संख्या में छात्र इस परीक्षा को पास नहीं कर पाते। अगर आप भी NEET में सफल नहीं हो सके हैं और फिर भी मेडिकल क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहते हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आपके पास अब भी एक बेहतरीन विकल्प मौजूद है - आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग (AIN), गुवाहाटी।
क्या है AIN गुवाहाटी?
AIN गुवाहाटी की स्थापना वर्ष 2006 में सैन्यकर्मियों और पूर्व-सैन्यकर्मियों के बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली नर्सिंग शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। यह संस्थान श्रीमंत शंकरदेव यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज SSUHS) से संबद्ध है और इसे इंडियन नर्सिंग काउंसिल, असम नर्सिंग काउंसिल, और आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी (AWES) से मान्यता प्राप्त है।
यहां दो प्रमुख कोर्स कराए जाते हैं:
B.Sc. Nursing
M.Sc. Nursing
B.Sc Nursing के लिए योग्यता और चयन प्रक्रिया:
अभ्यर्थी ने फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी और इंग्लिश के साथ 10+2 पास किया हो और कम से कम 50% अंक प्राप्त किए हों।
आवेदन के समय आयु 17 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
चयन OAT (Online Admission Test) और काउंसलिंग के आधार पर होता है।
M.Sc Nursing के लिए योग्यता और चयन प्रक्रिया:
अभ्यर्थी के पास मान्यता प्राप्त संस्थान से B.Sc Nursing या Post Basic B.Sc Nursing की डिग्री होनी चाहिए, जिसमें कम से कम 55% अंक अनिवार्य हैं। प्रवेश PG-WAT (Post Graduate Written Admission Test) के माध्यम से होता है।
किनके लिए है यह खास मौका?
AIN गुवाहाटी विशेष रूप से भारतीय सैनिकों के परिवारों, खासकर बेटियों, के लिए एक सुनहरा अवसर है। यहां से पढ़ाई करके छात्राएं एक मजबूत मेडिकल करियर बना सकती हैं — वो भी बिना NEET पास किए।
निष्कर्ष:
अगर आपने NEET पास नहीं किया है और फिर भी नर्सिंग के माध्यम से मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं, तो Army Institute of Nursing, Guwahati आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह संस्थान न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि भारतीय सेना से जुड़े परिवारों को एक सम्मानजनक और स्थिर भविष्य की राह भी दिखाता है।
अमित शाह ने केरल में भाजपा कार्यालय का किया लोकार्पण, पूर्व अध्यक्ष को दी श्रद्धांजलि
12 Jul, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुवनंतपुरम : केरल में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियों में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयार भी तेज कर दी है। इसी सिलसिले में शनिवार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में भाजपा के नए राज्य समिति कार्यालय 'मरारजी भवन' का भव्य उद्घाटन किया। इस दौरान अमित शाह ने पार्टी का झंडा फहराया, भवन के सामने पौधा लगाया, फीता काटकर कार्यालय के अंदर प्रवेश किया और पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलित कर नए कार्यालय का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया। उन्होंने भवन के केंद्रीय हॉल में स्थापित पूर्व भाजपा राज्य अध्यक्ष केजी मरार की कांस्य प्रतिमा को पुष्प अर्पित कर सम्मानित किया।
निकाय चुनाव की तैयारी में भाजपा
भाजपा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार उद्घाटन के बाद अमित शाह पुथरिकंडम मैदान में एक बड़े वार्ड स्तरीय नेतृत्व बैठक में हिस्सा लेंगे। इसके बाद दोपहर में भाजपा केरल नेतृत्व के साथ एक बंद बैठक होगी, जिसमें स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। शाम को अमित शाह कन्नूर के लिए रवाना होंगे, जहां वे तलीपारंब में प्रसिद्ध राजराजेश्वर मंदिर का दर्शन करेंगे। इसके बाद वे दिल्ली वापस लौट जाएंगे।
शाह के दौरे से पहले कन्नूर हवाईअड्डे के आसपास ड्रोन पर प्रतिबंध
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कन्नूर जिले के निर्धारित दौरे से एक दिन पहले जिलाधिकारी ने शुक्रवार को यहां हवाईअड्डे के आसपास ड्रोन, पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून या किसी अन्य मानवरहित हवाई यान के इस्तेमाल पर तीन दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया।
जिला प्रशासन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि कलेक्टर अरुण के विजयन के लगाया गया प्रतिबंध हवाईअड्डे के आसपास के पांच किलोमीटर के दायरे में लागू होगा। ऐसी कोई भी गतिविधि, जिससे विमान के उतरने या उड़ान भरने में बाधा उत्पन्न हो, उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को देनी होगी।
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