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मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा कदम, ED ने अतुल राय की कंपनी की करोड़ों की संपत्ति जब्त की
15 Jul, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ED : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इलाहाबाद उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने 15 जुलाई को को एक अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया है, जिसमें मेसर्स स्पेक्ट्रम इंफ्रासर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (उत्तर प्रदेश के घोसी निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व सांसद अतुल राय के स्वामित्व और नियंत्रण वाली कंपनी) और जितेंद्र सपरा की 4.18 करोड़ रुपये मूल्य की 06 अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन (दिवंगत मुख्तार अंसारी द्वारा नियंत्रित कंपनी) और अन्य से जुड़ी धन शोधन जांच का हिस्सा है। ईडी द्वारा कुर्क की गई अचल संपत्तियों में नई दिल्ली में 01 आवासीय अपार्टमेंट, वाराणसी में 03 आवासीय भूखंड और उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में स्थित 02 कृषि भूमि शामिल हैं।
ईडी ने मऊ के दक्षिण टोला पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर अपनी जांच शुरू की थी। एफआईआर की समीक्षा से पता चला है कि मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन, गाजीपुर ने रैनी गांव, मऊ में स्थित सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया था और उस पर अवैध रूप से एक गोदाम का निर्माण किया था। इसी तरह, गाजीपुर में एक और गोदाम बनाया गया और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को पट्टे पर दिया गया। इससे सरकारी जमीन पर गोदाम बनाकर और एफसीआई से किराया प्राप्त करके अपराध की आय (पीओसी) अर्जित की गई। कुल किराया 15.31 करोड़ रुपये (लगभग) था। नाबार्ड से गोदाम निर्माण के लिए सब्सिडी के रूप में 2.25 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त की गई। मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन के पूर्व साझेदारों से 3.10 करोड़ रुपये (लगभग) अवैध रूप से विनियोजित किए गए।
जांच में क्या-क्या आया सामने?
ईडी की जांच से पता चला है कि मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन फर्म दिवंगत मुख्तार अंसारी के प्रभाव में संचालित की गई थी, जिसमें उनके करीबी रिश्तेदार और सहयोगी साझेदार थे। इनमें आतिफ रजा (उनके बहनोई) भी शामिल थे, जिनकी फर्म में 15% हिस्सेदारी थी। दिवंगत मुख्तार अंसारी के संबंध में पुलिस अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए डोजियर के अनुसार, उनके खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में हत्या, जबरन वसूली और जमीन हड़पने से संबंधित कुल 49 आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे।
वहीं आगे की जांच से संकेत मिलता है कि मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन से उत्पन्न लगभग 8.49 करोड़ रुपये की पीओसी, मेसर्स आगाज़ प्रोजेक्ट एंड इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स इनिज़ियो नेटवर्क सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खातों में जमा की गई थी। दोनों कंपनियां दिवंगत मुख्तार अंसारी और उनके रिश्तेदारों/सहयोगियों के स्वामित्व और नियंत्रण में थीं।
इन निधियों को नियमित खर्चों के बहाने व्यावसायिक खातों के माध्यम से भेजा गया, ताकि अवैध धन को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली में एकीकृत किया जा सके और उनके मूल को छुपाया जा सके। इसके बाद, यह राशि मेसर्स कुसुमविजन इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स स्पेक्ट्रम इंफ्रासर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स कुसुम कंस्ट्रक्शन एंड टेलीकॉम सर्विसेज के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी गई। ये कंपनियां अतुल राय, पूर्व सांसद के स्वामित्व और नियंत्रण में हैं।
एक व्यावसायिक लेनदेन व्यवस्था के हिस्से के रूप में, जिसे अब एक लेयरिंग प्रक्रिया के हिस्से के रूप में स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त, मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन, आतिफ रजा (आरोपी), मेसर्स आगाज़ प्रोजेक्ट एंड इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स इनिज़ियो नेटवर्क सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड से जितेंद्र सपरा और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में 1 करोड़ रुपये का पीओसी स्थानांतरित किया गया। इसके बाद इस पैसे का इस्तेमाल अचल संपत्तियां खरीदने के लिए किया गया, जिन्हें अब कुर्क कर लिया गया है।
केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण रद्द, किसानों की जीत
15 Jul, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कर्नाटक : कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने किसानों के विरोध के बाद बंगलूरू में केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास देवनहल्ली में 1777 एकड़ कृषि भूमि अधिग्रहण की अंतिम अधिसूचना वापस लेने का एलान किया है। सिद्धरमैया ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रारंभिक और अंतिम अधिसूचनाएं पहले ही जारी कर दी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, हमने 1777 एकड़ जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना पूरी तरह से रद्द कर दी है। हालांकि, हम उन भूखंडों को स्वीकार करेंगे, जो किसान औद्योगिक विकास के लिए स्वेच्छा से देने को तैयार हैं। यह निर्णय परियोजना के फायदे और नुकसान के विस्तृत मूल्यांकन के बाद लिया गया। जिन मामलों में किसान अपनी जमीन देने के लिए आगे आते हैं, वहां जमीन अधिग्रहण नहीं रोका जा सकता।
उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। यह जमीन अधिग्रहण इसी उद्देश्य से किया गया है और हम उचित मुआवजा देंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार विकसित भूमि का 50 प्रतिशत किसानों को वापस कर देगी। मुख्यमंत्री ने कहा, हम ऐसी किसी भी भूमि को छोड़ देंगे, जिसके मालिक उसे देने को तैयार नहीं हैं। वास्तव में, हम पूरी अधिसूचना ही वापस ले रहे हैं।
सिद्धरमैया ने कहा कि उन्होंने किसानों, जनप्रतिनिधियों और प्रदर्शनकारियों को इस फैसले से अवगत करा दिया है, जिन्होंने इसका स्वागत किया है। इसके साथ ही सीएम सिद्धारमैया ने यह भी साफ कर दिया कि यह फैसला केवल देवनहल्ली पर लागू होगा, राज्य के अन्य हिस्सों पर नहीं। उन्होंने कहा कि चूंकि यह जमीन केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास हरित क्षेत्र में स्थित है, इसलिए किसानों ने सरकार से इसे अधिगृहीत न करने का आग्रह किया था और इस योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया था।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के समुद्री सुरंग कार्य में बड़ी उपलब्धि
15 Jul, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत की पहली बुलेट ट्रेन को लेकर काम तेजी से चल रहा है. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की पहली 21 किलोमीटर लंबी सुरंग बनकर तैयार हो गई है. रेल मंत्रालय के अनुसार, यह सुरंग बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (Bandra-Kurla Complex (BKC) को घनसोली होते हुए ठाणे के शिलफाटा से जोड़ती है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस सुरंग की कुछ तस्वीरें साझा की हैं.
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के अंतर्गत हाल ही में 310 किलोमीटर लंबे विशेष पुल वायडक्ट यानी इलेवेटेड ब्रिज (Elevated Bridge) का निर्माण कार्य भी पूरा किया गया है. ट्रैक बिछाने, ओवरहेड बिजली के तारों, स्टेशनों और पुलों को बनाने का काम तेजी से चल रहा है. खासकर महाराष्ट्र में संबंधित निर्माण कार्य में खासी तेजी आई है. इसके अलावा ट्रेन ऑपरेशन और कंट्रोल सिस्टम की खरीद का काम भी चल रहा है.
रोलिंग स्टॉक: इस रूट के लिए जापान में तेज गति वाली रेलवे लाइनों के नेटवर्क शिंकानसेन में अभी E5 ट्रेनें चलाई जा रही हैं. इसकी अगली पीढ़ी की अपग्रेडेड न्यू जेनरेशन ट्रेन E10 हैं. भारत और जापान के बीच अहम साझेदारी के तहत जापान की सरकार ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में E10 शिंकानसेन ट्रेन चलाने पर रजामंदी जताई है. खास बात यह है कि E10 ट्रेनें भारत और जापान में एक साथ चलनी शुरू होंगी.
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में जापानी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. प्रोजेक्ट के तहत कुल 508 किलोमीटर लंबे गलियारे को जापानी शिंकानसेन तकनीक से तैयार किया जा रहा है. यह स्पीड, सिक्योरिटी और विश्वसनीयता के नए स्टैंडर्ड स्थापित करेगा. साथ ही यह दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ रणनीतिक और तकनीकी सहयोग को भी दिखाता है.
निर्माण कार्य में आई तेजी, 5 स्टेशन तैयार
बुलेट ट्रेन के पूरे रूट पर काम तेजी से चल रहा है. इसमें 310 किलोमीटर लंबे विशिष्ट पुल वायडक्ट बनाया जा चुका है. 15 रिवर ब्रिज भी बनकर तैयार हो चुके हैं जबकि 4 ब्रिज का काम अपने अंतिम चरण में है. इसके 12 स्टेशनों में 5 बनकर तैयार हो चुके हैं जबकि 3 का काम जल्द पूरा होने वाला है.
बांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स स्थित स्टेशन इंजीनियरिंग का नायाब नमूना है. यह स्टेशन धरती से 32.50 मीटर नीचे स्थित बनाया गया है. साथ ही इसकी नींव इस तरह से तैयार की गई है कि इसके ऊपर 95 मीटर ऊंची इमारत भी बनाई जा सके.
पाइपलाइन में कई फ्यूचर कॉरिडोर
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (एमएएचएसआर) प्रोजेक्ट की सफलता देश में भविष्य के बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का आधार तैयार कर रही है. भविष्य की इस तरह की हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर सक्रियता से विचार किया जा रहा है.
मुंबई और अहमदाबाद को जोड़ने वाली बुलेट ट्रेन महज 3 घंटे में 508 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की आधारशिला 14 सितंबर, 2017 को अहमदाबाद में पीएम नरेंद्र मोदी और तत्कालीन जापानी पीएम शिंजो आबे ने रखी थी. फिलहाल इस रूट पर सबसे तेज चलने वाली ट्रेन, दुरंतो एक्सप्रेस, करीब साढ़े 5 घंटे का समय लेती है. जबकि नियमित ट्रेन 7 से 8 घंटे का वक्त लेते हैं. बुलेट ट्रेन की स्पीड 350 किमी/घंटा है.
इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 1.08 लाख करोड़ रुपये है. इस रूट पर कुल 12 स्टेशन बनाए जाने हैं, मुंबई, ठाणे, विरार, बोईसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती. मुंबई स्टेशन को अंडरग्राउंड बनाया जाएगा.
भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की सकुशल वापसी, परिवार में खुशी की लहर
15 Jul, 2025 04:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर 18 दिन के गहन वैज्ञानिक प्रयोगों के बाद शुभांशु शुक्ला की पृथ्वी पर सकुशल वापसी हो गई, जिसके लिए लखनऊ में उनके पिता अपने परिवार समेत लगातार पूजा अर्चना करते रहे हैं. शुक्ला की वापसी मंगलवार (15 जुलाई, 2025) को हो गई.
इसके पहले परिजनों ने हवन-पूजन और रुद्राभिषेक कर शुभांशु के बिना किसी परेशानी के पृथ्वी पर वापस लौटने की प्रार्थना की. राजधानी के त्रिवेणी नगर इलाके में स्थित शुभांशु के पैतृक घर को रोशनी से सजाया गया है और घर के बाहर उनके उपनाम 'शक्स' के पोस्टर लगे हैं. घर में शुभांशु के आने पर जश्न की तैयारी हो रही है.
परिवार के लिए खुशी का पल
उनकी मां आशा शुक्ला और बहन सुचि शुक्ला शुभांशु की अंतरिक्ष यात्रा पर बधाई देने वाले फोन कॉल्स का लगातार जवाब दे रही हैं. मंगलवार को मिडिया से बात करते हुए शुभांशु के पिता शंभू दयाल शुक्ला ने कहा, 'आज हमारे लिए बहुत खुशी का दिन है. हम ईश्वर से उसकी सुरक्षित 'लैंडिंग' के लिए प्रार्थना करते रहे हैं. यह बहुत खुशी की बात है कि वह अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा करके वापस लौटा है.'
उन्होंने परिवार की गहरी सम्मान और संतुष्टि की भावना व्यक्त करते हुए कहा, 'यह हमारे और देश के लिए बेहद गर्व का क्षण है कि उसने इतना महत्वपूर्ण मिशन पूरा किया है. अब हम अपने परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के साथ यहां उत्सव मनाएंगे.'
इस साल 40 के हो जाएंगे शुभांशु
शुभांशु की पत्नी कामना अभी लखनऊ में नहीं हैं. उनके बारे में शंभू दयाल ने कहा, 'अभी कामना फ्लोरिडा में है. दोनों लखनऊ में एक साथ पढ़ते थे और परिवार की सहमति से दोनों का विवाह हुआ. उनका छह साल का बेटा कियाश है.'
शुभांशु इस अक्टूबर में 40 साल के हो जाएंगे. उनकी बहन, सुचि ने बताया कि शुभांशु अपने साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 'गाजर का हलवा और मूंग दाल का हलवा' जैसी भारतीय मिठाइयां ले गए थे, क्योंकि उन्हें ये बहुत पसंद है. सुचि ने कहा कि वह चाहते थे कि उनकी अंतरिक्ष यात्रा पर उनके सह-यात्री भी इसका स्वाद चखें.
वीडियो और पोस्ट के जरिए मिली जानकारी
उन्होंने कहा, 'वीडियो और पोस्ट के जरिए हमें जो कुछ भी पता चला है, उससे लगता है कि उन सभी को यह बहुत पसंद आया.' शुक्ला ड्रैगन 'ग्रेस' अंतरिक्ष यान से लौटे हैं, जो सोमवार (14 जुलाई, 2025) को शाम 4:45 बजे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अलग हुआ. उनके साथ मिशन कमांडर पैगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोज उज़्नान्स्की-विस्नीव्स्की और हंगरी के टिबोर कापू भी हैं. ये सभी 'एक्सिओम-4' मिशन का हिस्सा हैं.
राकेश शर्मा के 1984 के मिशन के बाद अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री के रूप में शुक्ला ने इतिहास रच दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की बढ़ती उपस्थिति में एक और उपलब्धि जुड़ गयी.
कनाडा में रथ यात्रा के दौरान फेंके गए अंडे, भारत ने जताई कड़ी नाराजगी
15 Jul, 2025 11:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत ने कनाडा के टोरंटो शहर में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान अंडे फेके जाने की घटना पर कड़ी आपत्ति जताई. इस घटना को ‘घृणित करार देते हुए भारत ने सोमवार को कहा कि इस मामले को कनाडा के प्राधिकारियों के सामने मजबूती से रखा गया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टोरंटो में आयोजित रथ यात्रा के दौरान कुछ लोगों ने अंडे फेंककर बाधा डाली.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि शरारती तत्वों ने यात्रा में बाधा डाली. उन्होंने कहा कि ऐसी घृणित हरकतें खेदजनक हैं और इस त्योहार की भावना के विरुद्ध हैं, जिसका उद्देश्य एकता, समावेशिता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना है.
धार्मिक अधिकारों की रक्षा
उन्होंने कहा कि हमने इस मामले को कनाडाई प्राधिकारियों के समक्ष उठाया है ताकि इस कृत्य के दोषियों को जवाबदेह ठहराया जा सके. रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमें उम्मीद है कि कनाडा सरकार लोगों के धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगी.
पूर्व मुख्यमंत्री ने जताई चिंता
बीजू जनता दल (बीजेडी) अध्यक्ष नवीन पटनायक ने कनाडा के टोरंटो में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं पर अंडे फेंके जाने की कथित घटना को लेकर चिंता व्यक्त की. पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि कनाडा के टोरंटो में रथयात्रा समारोह के दौरान श्रद्धालुओं पर अंडे फेंके जाने की खबरों के बारे में जानकर बहुत व्यथित हूं.
भक्तों की भावनाएं हुईं आहत
ऐसी घटनाएं न केवल दुनिया भर में भगवान जगन्नाथ के भक्तों की भावनाओं को आहत करती हैं, बल्कि ओडिशा के लोगों को भी गहरी पीड़ा पहुंचाती हैं, जिनके लिए यह त्योहार गहरा भावनात्मक और सांस्कृतिक महत्व रखता है.
मामले को गंभीरता से ले ओडिशा सरकार
ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने कहा कि यदि मीडिया की ये खबरें सही हैं, तो ‘ओडिशा सरकार को मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और विदेश मंत्रालय से कनाडाई अधिकारियों के सामने कड़ा विरोध दर्ज करने का आग्रह करना चाहिए.
18 दिन के अंतरिक्ष मिशन के बाद आज होगी भारत के बेटे शुभांशु की घर वापसी
15 Jul, 2025 11:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला आज अपना मिशन पूरा कर चार एस्ट्रोनॉट के साथ वापस पृथ्वी पर लौट रहे हैं. शुंभाशु ने अपने इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष में करीब 18 दिन का समय बिताया है. इस दौरान उन्होंने कई प्रयोग भी किए हैं. करीब 23 घंटे के सफर के बाद उनका ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट दोपहर 3 बजे कैलिफोर्निया के तट पर स्प्लैशडाउन होगा.
शुंभाशु शुक्ला अपने चार एस्ट्रोनॉट ने साथ 25 जून को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से फाल्कन 9 रॉकेट से ISS के लिए निकले थे. पृथ्वी से 28 घंटे की यात्रा कर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचे थे. यहां उन्होंने 18 दिन का समय बिताया है.
ये नासा और SpaceX का संयुक्त मिशन है. इस स्पेस मिशन में 4 देशों के 4 एस्ट्रोनॉट शामिल हैं. ये देश हैं भारत, अमेरिका, पोलैंड, हंगरी जिनके एस्ट्रोनॉट मिशन में शामिल हैं.
कब और कहां लैंड करेंगे शुभांशु?
शुंभाशु शुक्ला के साथ चारों एस्ट्रोनॉट 14 जुलाई को शाम 4:45 बजे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से पृथ्वी के लिए रवाना हुए थे. ये सभी एस्ट्रोनॉट 15 जुलाई को पृथ्वी पर पहुंचेंगे. 15 जुलाई को दोपहर करीब 3 बजे कैलिफोर्निया के तट पर स्प्लैशडाउन होगा. इसके बाद सभी एस्ट्रोनॉट को समुद्र से बाहर निकाला जाएगा.
एक्सिओम स्पेस वेबसाइट पर अंतरिक्ष में उतरने का सीधा प्रसारण भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजे से शुरू होगा. स्पेसएक्स ने एक्स पर जानकारी शेयर करते हुए कहा कि अंतरिक्ष यान पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करने और सैन डिएगो के तट पर उतरने की रास्ते पर है. इस मिशन को सफल बनाने के लिए 60 से अधिक वैज्ञानिक अध्ययन और 20 से अधिक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए गए.
क्यों खास है शुंभाशु का ये मिशन?
शुंभाशु का ये मिशन इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि साल 1984 के बाद अंतरिक्ष जाने वाले वे भारत के दूसरे एस्ट्रोनॉट हैं. इससे 41 साल पहले राकेश शर्मा ने 1984 में सोवियत यूनियन के स्पेसक्राफ्ट से अंतरिक्ष यात्रा की थी. शुंभाशु के इस मिशन के बाद भारत भविष्य में कमर्शियल स्पेस स्टेशन की स्थापना कर सकता है. इसके साथ ही स्पेस में नई तकनीकों का परीक्षण और विकास भी किया जा सकेगा. इस मिशन के जरिए 2027 में मानव अंतरिक्ष यान को लॉन्च करने में मदद मिलेगी.
कई प्रयोगों में लिया हिस्सा
शुभांशु भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन कमांडर हैं. 2000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है. शुभांशु ने अपनी इस अंतरिक्ष यात्रा के दौरान 60 से ज्यादा प्रयोगों में हिस्सा लिया है, जिसमें भारत के 7 प्रयोग शामिल हैं. शुभांशु ने अंतरिक्ष में मेथी और मूंग के बीजों को उगाया है. पिछले दिनों उसकी तस्वीरें भी सामने आईं थीं.
माता पिता कर रहे बेटे का इंतजार
एक्सिओम-4 मिशन के ड्रैगन अंतरिक्ष यान के अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से सफलतापूर्वक अनडॉक होने के बाद, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के माता-पिता ने सोमवार को कहा कि वे उनकी सुरक्षित लैंडिंग के लिए प्रार्थना करेंगे. उनके पिता ने कहा, “हमें बहुत खुशी है कि अनडॉकिंग सुरक्षित रूप से हुई. हमें उम्मीद है कि आज लैंडिंग भी सुचारू रूप से होगी. हमें ईश्वर पर पूरा भरोसा है.”
दिल्ली-NCR में मौसम हुआ सुहाना, लेकिन ट्रैफिक और जलभराव से लोग परेशान
15 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग की मानें तो मंगलवार को भी दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश की उम्मीद है। यही नहीं, 18 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
कैसा रहेगा यूपी-बिहार में मौसम का मिजाज?
बात करें उत्तर भारत की तो उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन राज्यों में आज भारी की आशंका है।उत्तर प्रदेश के 13 जिलों में आज भारी बारिश की अलर्ट जारी की गई है।
मौसम विभाग ने बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, आजमगढ़, जौनपुर, महाराजगंज, वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, अंबेडकर नगर, चंदौली, प्रयागराज, बलिया में भारी बारिश की संभावना जताई है।
वहीं, बिहार के आरा, पटना, नालंदा, लखीसराय, जमुई, औरंगाबाद, जमुई में भी आज झमाझम बारिश हो सकती है।
पहाड़ी राज्यों में भी लगातार बारिश हो रही है, जिसकी वजह से जनजीवन अस्तव्यस्त हो चुका है। हिमाचल प्रदेश में 17 जुलाई तक बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, मंडी, शिमला और सोलन जिले में बारिश का यलो अलर्ट रहेगा।
उत्तराखंड के देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राज्य के दूसरे जिलों में भी हल्की बारिश की उम्मीद है।
एमपी-राजस्थान में तेज बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश में आज मौसम के बदलाव की संभावना है। प्रदेश के कई जिलों में आज बारिश के आसार हैं। कुछ स्थानों पर तापमान सामान्य से थोड़ा कम रह सकता है, जिसकी वजह से उमस भी बनी रहेगी।
बात करें राजस्थान की तो मौसम विभाग ने कोटा, जयपुर, अजमेर, जयपुर और जोधपुर संभाग के जिलों में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
महाराष्ट्र-गोवा में भी जमकर बरसेंगे बादल
13 से 15 जुलाई के दौरान, कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
अगले 7 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत में कई स्थानों पर गरज और बिजली कड़कने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है. 13-18 जुलाई के दौरान असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।
नर्स निमिषा प्रिया को बचाने की कोशिशें तेज, केरल के CM ने पीएम मोदी से हस्तक्षेप करने का किया अनुरोध
14 Jul, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: यमन में केरल की नर्स, निमिषा प्रिया को हत्या के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई है. यमन के राष्ट्रपति ने उनकी फांसी की सजा पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, और अब उन्हें 16 जुलाई को फांसी दी जाएगी. इस गंभीर स्थिति में, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा. उन्होंने इस मामले में पीएम मोदी से तुरंत हस्ताक्षेप करने की मांग की है ताकि निमिषा की जान बचाई जा सके.
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए अपने पत्र में यह कहा कि यह मामला पूरी तरह से 'सहानुभूति' से संबंधित है. उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि इस मामले को बिना किसी देरी के यमन के अधिकारियों के समक्ष उठाया जाए और निमिषा प्रिया की जान बचाने के लिए हस्तक्षेप किया जाए. मुख्यमंत्री ने इसके अलावा, केंद्र सरकार और विदेश मंत्री एस जयशंकर को 6 फरवरी और 24 मार्च 2025 को भेजे गए अपने पत्रों का भी उल्लेख किया, जिनमें उन्होंने पहले भी निमिषा की जान को बचाने की गुजारिश की थी.
सुप्रीम कोर्ट में भी हो सकती है सुनवाई
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें केंद्र को एक भारतीय नर्स को बचाने के लिए राजनयिक माध्यमों का इस्तेमाल करने का निर्देश देने की मांग की गई है. नर्स को यमन में हत्या के आरोप में 16 जुलाई को फांसी दिए जाने की संभावना है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ इस मामले की सुनवाई कर सकती है. वकील सुभाष चंद्रन केआर द्वारा जल्द से जल्द राजनयिक माध्यमों की तलाश करने की बात कहने के बाद, इस मामले को 10 जुलाई को तत्काल सुनवाई के लिए भेजा गया था.
उन्होंने दलील दी थी कि शरिया कानून के तहत मृतक के परिवार को ब्लड मनी के भुगतान की अनुमति दी जा सकती है. पीठ ने वकील से याचिका की कॉपी अटॉर्नी जनरल को देने को कहा और उनकी सहायता मांगी.
जेल में है निमिषा
बता दें कि केरल के पलक्कड़ जिले की 38 वर्षीय नर्स निमिषा प्रिया को 2017 में अपने यमनी व्यापारिक साझेदार की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था. इसके बाद उन्हें 2020 में मौत की सजा सुनाई गई थी और उसकी अंतिम अपील 2023 में खारिज कर दी गई थी. निमिषा वर्तमान में यमन की राजधानी सना की एक जेल में कैद है.
निमिषा प्रिया के साथ क्या हुआ
पलक्कड़ के कोल्लेंगोडे की मूल निवासी निमिषा प्रिया के खिलाफ मामले से जुड़ी घटना 2017 में हुई थी. यह मामला तलाल अब्दुल महदी नामक एक यमनी मूल निवासी की हत्या से संबंधित है.
शादी के बाद निमिषा प्रिया साल 2012 में नर्स के तौर पर यमन चली गईं. उनके पति टॉमी भी काम के सिलसिले में यमन पहुंच गए थे. निमिषा की ज़िंदगी उस समय संकट में पड़ गई, जब उन्होंने यमनी नागरिक तलाल अब्दुल महदी के साथ मिलकर एक क्लीनिक शुरू की.
क्लिनिक शुरू होने के बाद, उनके पति और बेटी घर लौट आए, लेकिन इसी बीच यमन में युद्ध छिड़ गया और निमिषा वापस नहीं लौट सकीं. इस तरह निमिषा उस यमनी नागरिक के जाल में फंस गईं.
तलाल अब्दुल महदी ने निमिषा और एक अन्य यमनी लड़की को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया. तलाल ने उनके पासपोर्ट भी ज़ब्त कर लिए. उसकी प्रताड़ना सहन न कर पाने के कारण निमिषा और उस यमनी महिला ने उन्हें नशीले इंजेक्शन देकर उनके पासपोर्ट लेकर भाग गईं. हालांकि, पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और जेल में डाल दिया.
इसी बीच, तलाल का शव उनके क्लीनिक से बरामद हुआ और उन पर हत्या का मुकदमा चलाया गया. निमिषा यमनी अदालत को यह विश्वास नहीं दिला पाई कि उसने तलाल की हत्या नहीं की थीं. इसके साथ ही निमिषा प्रिया को मौत की सजा और यमन की महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई.
निचली अदालत ने इसके खिलाफ निमिषा की अपील खारिज कर दी. हालांकि यमन ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भी अपील खारिज कर दी. यहां यमनी सुप्रीम कोर्ट ने भी निमिषा को मिली मौत की सजा को बरकरार रखा और खून के पैसे को ही अंतिम कानूनी विकल्प के रूप में छोड़ दिया. 16 जुलाई को निमिषा को फांसी देने की तारीख तय की गई है.
इसके साथ ही निमिषा की जान पर बन आई है. निमिषा प्रिया अब मौत की सजा से तभी बच पाएगी, जब मारे गए व्यक्ति के वारिस उसे माफ कर दें. या खून के बदले पैसा दिए जाएं.
इंजन में नहीं थी कोई मेकैनिकल खराबी', अहमदाबाद विमान दुर्घटना पर बोले एयर इंडिया के CEO
14 Jul, 2025 08:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: गुजरात के अहमदाबाद में हुई एयर इंडिया विमान दुर्घटना पर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूर (AAIB) की ओर से जारी प्रारंभिक रिपोर्ट पर एयर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अधिकारियों द्वारा सुझाई गई किसी भी नई जांच को जारी रखेंगे.
उन्होंने कहा, "प्रारंभिक रिपोर्ट में विमान या इंजन में कोई मेकैनिकल या मैनटेनेंस संबंधी समस्या नहीं पाई गई और सभी अनिवार्य रखरखाव कार्य पूरे कर लिए गए थे. फ्यूल की क्वालिटी में भी कोई समस्या नहीं थी और टेक-ऑफ रोल में कोई असामान्यता नहीं मिली. पायलटों ने मैंडेटरी प्री-फ्लाइट ब्रेथलाइजर टेस्ट पास कर लिया था और उनकी मेडिकल स्टेट्स के बारे में कोई ओब्जर्वेशन नहीं किया गया था."
'जांच जारी रखेंगे'
कैंपबेल विल्सन ने कहा, "मैं यह भी याद दिलाना चाहूंगा कि अत्यधिक सावधानी के साथ और डीजीसीए की निगरानी में हमारे बेड़े में शामिल हर बोइंग 787 विमान की दुर्घटना के कुछ दिनों के भीतर जांच की गई थी और सभी सर्विस के लिए ठीक पाए गए थे. हम सभी आवश्यक जांचें जारी रखे हुए हैं और अधिकारियों द्वारा सुझाई गई किसी भी नई जांच को हम जारी रखेंगे."
AAIB कर रही मामले की जांच
बता दें कि 12 जून को एयर इंडिया का विमान अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस हादसे में लगभग 260 लोगों की मौत हो गई थी. AAIB मामले की जांच कर रही है. इसको लेकर चल रही जांच की शुरुआती रिपोर्ट सामने आ गई है.
रिपोर्ट से पता चला है कि उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद बोइंग 787 विमान के इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच कुछ देर के लिए बंद हो गए थे, जिससे उनमें ईंधन की कमी हो गई थी. रिपोर्ट के अनुसार उड़ान भरने के कुछ सेकंड बाद स्विच वापस 'रन' स्थिति में आ गए. वहीं, दुर्घटनास्थल पर भी दोनों ईंधन नियंत्रण स्विच 'रन' स्थिति में पाए गए थे.
6 दिन से लापता DU छात्रा का यमुना में मिला शव, सदमें में परिवार
14 Jul, 2025 07:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: छह दिनों से लापता दिल्ली विश्वविद्यालय की 19 वर्षीय छात्रा का शव गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास यमुना नदी में मिला. त्रिपुरा की रहने वाली छात्रा दिल्ली के पर्यावरण कॉम्प्लेक्स में रहती थी और आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज में बीए गणित की पढ़ाई कर रही थी. परिवार के अनुसार छात्रा एक प्रतिभाशाली और महत्वाकांक्षी युवती थी, जो जीवन और सपनों से भरी थी.
मां का छात्रा से आखिरी संपर्क 7 जुलाई को सुबह 5:56 बजे हुआ था. परिवार ने बताया कि सुबह 8:45 बजे दोबारा फोन करने पर उसका का फोन बंद था. बाद में पता चला कि उसके ने कमरे में एक सुसाइट नोट छोड़ा था, जिसमें उसने आत्महत्या की इच्छा जताई थी.
कैब चालक सिग्रेचर ब्रिच पर छोड़ा था
जानकारी मिलने पर पहुंची महरौली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. डीसीपी (दक्षिण) अंकित चौहान ने बताया कि कैब चालक ने छात्रा को सिग्नेचर ब्रिज पर छोड़ा था, जहां उसकी आखिरी लोकेशन थी. प्रत्यक्षदर्शियों ने उसे पुल पर देखा था. जिसके बाद से एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस ने निगम बोध घाट से नोएडा तक खोज अभियान चलाया, जिसके बाद छात्रा का शव नदी में तैरता मिला. परिवार ने शव की पहचान की.
मानसिक रुप से थी परेशान
पुलिस से दोस्तों से बात की तो पता चला की छात्रा पिछले कुछ महीनों से मानसिक रूप से परेशान थी. एक दोस्त ने सिग्नेचर ब्रिज पर सीसीटीवी न होने की शिकायत की, एक पारिवारिक मित्र ने कहा कि छात्रा ने चार महीने से अपने खाते से पैसे नहीं निकाले थे और 7 जुलाई को परिवार से बात करने के बाद बिना सामान लिए घर से निकल गई थी. पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है.
ईडी की शिकायत पर संज्ञान लेने के मामले पर फैसला सुरक्षित, 29 जुलाई को आदेश सुनाएगा कोर्ट
14 Jul, 2025 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड से जुड़े मामले में ईडी की शिकायत पर संज्ञान लेने के मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. स्पेशल जज विशाल गोगने ने संज्ञान लेने के मामले पर 29 जुलाई को फैसला सुनाने का आदेश दिया. मामले में सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा कि जिन लोगों ने कांग्रेस को दान दिया उनके साथ धोखाधड़ी की गयी. ईडी ने कहा कि जिन लोगों ने दान दिया उनमें से कुछ को टिकट दिए गए.
सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से एएसजी एसवी राजू ने इस मामले में गवाहों के बयान का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी को जिन लोगों ने दान दिया उनके साथ धोखाधड़ी की गयी. कुछ दानदाताओं को टिकट भी दिए गए. राजू ने गांधी परिवार की उस दलील का विरोध किया कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) पर उनका कोई नियंत्रण नहीं था. उन्होंने कहा कि एजेएल ही मूल रुप से नेशनल हेराल्ड की प्रकाशक थी.
कोर्ट ने 29 जुलाई को फैसला सुनाने का दिया आदेश: इस मामले में 5 जुलाई को लोकसभा में विपक्ष और कांग्रेस के नेता राहुल गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील आरएस चीमा ने कहा था कि कांग्रेस ने एजेएल को बेचने की कोशिश नहीं की थी बल्कि वो इस संस्था को बचाना चाहती थी, क्योंकि वो स्वतंत्रता आंदोलन का हिस्सा थी. चीमा ने कहा था कि ईडी एजेएल का मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन क्यों नहीं दिखा रही है. एजेएल की स्थापना जवाहर लाल नेहरु, जेबी कृपलानी, रफी अहमद किदवई और दूसरे कांग्रेस नेताओं ने 1937 में की थी. चीमा ने कहा था कि एजेएल के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएएशन में कहा गया है कि उसकी सभी नीतियां कांग्रेस की होंगी.
ईडी ने एक आश्चर्यजनक और अप्रत्याशित मामला बनाया-सोनिया के वकील :
बता दें कि 4 जुलाई को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि ईडी ने एक आश्चर्यजनक और अप्रत्याशित मामला बनाया. उन्होंने कहा था कि ईडी ने आश्चर्यजनक से भी ज्यादा मामला बनाया है. ये मनी लाऊंड्रिंग का ऐसा मामला है जिसमें संपत्ति का कोई जिक्र नहीं है. सिंघवी ने कहा था कि यंग इंडियन ने पूरी कार्रवाई एसोसिएटेड जनरल लिमिटेड को कर्ज मुक्त करने के लिए किया. उन्होंने कहा था कि हर कंपनी अपने को कर्ज मुक्त करने के लिए कानून के मुताबिक कदम उठाती है.
ईडी ने निजी शिकायत को आधार बनाकर कार्रवाई शुरु की :कंपनियां अपने को कर्ज मुक्त करने के लिए दूसरी कंपनी को दे देती हैं. उन्होंने कहा था कि यंग इंडियन लाभ कमाने वाली कंपनी नहीं है. सिंघवी ने कहा था कि ईडी ने सालों तक कुछ नहीं किया और किसी निजी शिकायत को आधार बनाकर कार्रवाई शुरु की.
ईडी की ओर से 3 जुलाई को दलीलें पूरी कर ली गयी थीं.
मनी लाउड्रिंग का एक क्लासिक मामला -एएसजी : ईडी की ओर से पेश एएसजी एसवी राजू ने कहा था कि यंग इंडियन दो हजार करोड़ रुपये की आपराधिक आय प्राप्त करने का एक साधन था और यह मनी लाऊंड्रिंग का एक क्लासिक मामला है. राजू ने कहा था कि शेयरहोल्डिंग सिर्फ नाम के लिए है और अन्य आरोपी गांधी परिवार की कठपुतली हैं. ईडी ने कहा था कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी कांग्रेस को नियंत्रित करते हैं. उनका उद्देश्य 92 करोड़ प्राप्त करना नहीं था, बल्कि उनका उद्देश्य दो हजार करोड़ रुपये प्राप्त करना था.
दो हजार करोड़ की संपत्ति के लिए मात्र 50 लाख रुपये दिए गए : ईडी ने कहा था सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने दो हजार करोड़ की संपत्ति के लिए मात्र 50 लाख रुपये ही दिए. ईडी ने कहा था कि एसोसिएटेड जनरल्स लिमिटेड का स्वामित्व लेने के बाद गांधी परिवार के नियंत्रण वाली यंग इंडियन लिमिटेड ने घोषणा की कि वो नेशनल हेराल्ड अखबार का प्रकाशन नहीं करेगा. कोर्ट ने 2 मई को इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत सात आरोपियों को नोटिस जारी किया था.
मनी लाउंड्रिंग कानून की धारा 44 और 45 के तहत शिकायत दर्ज : ईडी ने 15 अप्रैल को कोर्ट में अभियोजन शिकायत दाखिल किया था. ईडी ने इस मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सैम पित्रोदा को आरोपी बनाया है. ईडी ने मनी लाउंड्रिंग कानून की धारा 44 और 45 के तहत शिकायत दाखिल किया है.
बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए दिए गए आदेश : इस मामले में शिकायतकर्ता सुब्रह्ण्यम स्वामी का आरोप है कि दिल्ली में बहादुर शाह जफर मार्ग पर स्थित हेराल्ड हाउस की 16 सौ करोड़ रुपये की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए साजिश के तहत यंग इंडियन लिमिटेड को एजेएल की संपत्ति का अधिकार दिया गया. स्वामी का कहना है कि हेराल्ड हाउस को केंद्र सरकार ने समाचार पत्र चलाने के लिए जमीन दी थी, इस लिहाज से उसे व्यावसायिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.
SIMI पर जारी रहेगा बैन, सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध के खिलाफ दायर याचिका को सुनवाई लायक नहीं समझा
14 Jul, 2025 06:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक न्यायिक न्यायाधिकरण के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया. इस याचिका में स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) पर लगाए गए प्रतिबंध को 5 साल के लिए बढ़ाने की पुष्टि की गई थी.
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने न्यायाधिकरण के 24 जुलाई, 2024 के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी.
केंद्र द्वारा 29 जनवरी, 2024 को सिमी पर प्रतिबंध को 5 साल के लिए बढ़ाने का निर्णय लेने के बाद, न्यायाधिकरण का गठन गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत किया गया था.
सिमी को पहली बार साल 2001 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान गैर कानूनी घोषित किया गया था. उसी के बाद से इस प्रतिबंध को समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा है.
सिमी की स्थापना 25 अप्रैल, 1977 को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में युवाओं और छात्रों के एक प्रमुख संगठन के रूप में हुई थी. ये संगठन जमात-ए-इस्लामी-हिंद (जेईआईएच) में आस्था रखता था. हालांकि, इस संगठन ने 1993 में एक प्रस्ताव के माध्यम से खुद को स्वतंत्र घोषित कर दिया.
गौर करें तो सिमी 25 अप्रैल 1977 को अस्तित्व में आया. इसके मकसद "जिहाद" यानी धार्मिक युद्ध और राष्ट्रवाद को नुकसान पहुंचाना था. इसके साथ ही इसका इस्लामी शासन या खिलाफत की स्थापना इसके कुछ उद्देश्य थे.
वही केंद्र सरकार ने भी सिमी के बारे में कहा था, "ये संगठन राष्ट्र-राज्य या भारतीय संविधान में अपनी धर्मनिरपेक्ष प्रकृति पर विश्वास नहीं करता है. संगठन मूर्ति पूजा को पाप के रूप में मानता है. इसके साथ ही इस तरह की प्रथाओं को खत्म करने के अपने 'कर्तव्य' का प्रचार करता है."
केंद्र सरकार के हलफनामे में कहा गया है कि सिमी का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर से अन्य बातों के साथ-साथ संचालित विभिन्न कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादी संगठनों द्वारा किया गया था. इसके साथ ही, हिज्ब-उल-मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठन भी भारत विरोधी लक्ष्य को लेकर सिमी कैडरों में घुसने में सफल रहे हैं.
गौर करें केंद्र सरकार ने ये हलफनामा हुमाम अहमद सिद्दीकी द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका के जवाब में दायर किया था. इसने संगठन के पूर्व सदस्य होने का दावा किया था. इसमें 2019 की अधिसूचना को चुनौती दी गई थी.
बता दें कि केंद्र सरकार ने 29 जनवरी, 2024 को सिमी पर प्रतिबंध 5 साल के लिए बढ़ाने का फैसला लिया था. इसके बाद, न्यायाधिकरण का गठन गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत किया गया था. इसी न्यायाधिकरण ने सिमी पर बैन को सही ठहराया था. उसके बाद इसी आदेश को चुनौती देने के लिए सुप्रीमी कोर्ट में दायर की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया.
भारत ने म्यांमार में किया ड्रोन हमला! उग्रवादी संगठन उल्फा-आई के दावे को सेना ने नकारा
14 Jul, 2025 05:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुवाहाटी: क्या भारत ने म्यांमार स्थित उग्रवादी संगठनों के ठिकाने पर एयर स्ट्राइक किया है? उल्फा (स्वतंत्र) नामक संगठन ने ऐसा ही दावा किया है. उल्फा आई ने दावा किया कि रविवार को भारत की ओर से किये गये ड्रोन हमले में उनके तीन नेता मारे गये हैं. हालांकि, गुवाहाटी के रक्षा जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने इस तरह के ऑपरेशन की कोई जानकारी नहीं होने से इंकार किया है.
क्या है मामलाः
उल्फा-आई ने एक बयान जारी कर हमलों और अपने तीन सदस्यों की मौत की पुष्टि की है. उल्फा-आई के प्रचार विभाग के सहायक सचिव, सेकेंड लेफ्टिनेंट इशान असोम द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में, समूह ने दावा किया कि हमलों के लिए भारतीय सेना ज़िम्मेदार है. ड्रोन हमला रविवार तड़के भारत-म्यांमार सीमा पर नागालैंड के लोंगवा से लेकर अरुणाचल प्रदेश के पंगसौ दर्रे तक हुए. निशाने पर उल्फा-आई और आरपीएफ/पीएलए के विभिन्न शिविर थे.
उल्फा-आई का बयानः
"आज, 13 जुलाई, 2025 को लगभग 2 बजे से 4 बजे तक, भारतीय सेना ने लोंगवा से अरुणाचल-म्यांमार अंतरराष्ट्रीय सीमा पंगसौ दर्रे तक नागालैंड-म्यांमार अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 'यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट, असम (इंडिपेंडेंट)' और 'आरपीएफ/पीएलए' के विभिन्न मोबाइल कैंपों पर इजराइली और फ्रांसीसी निर्मित ड्रोनों का इस्तेमाल करके अचानक हमला किया. 150 से ज़्यादा ड्रोनों ने उनके कैंपों पर बम गिराए. संगठन की निचली परिषद के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल नयन असोम की मौत हो गई"
अंतिम संस्कार के दौरान मिसाइल हमला :
उल्फा-आई का दूसरा बयान भी आया. जिसमें कहा, "ड्रोन हमले में शहीद हुए लेफ्टिनेंट जनरल नयन असोम का अंतिम संस्कार चल रहा था, तभी मिसाइलें दागी गईं. इस हमले में ब्रिगेडियर गणेश असोम और कर्नल प्रदीप असोम की मौत हो गयी. कई अन्य अधिकारी/सदस्यों के साथ-साथ आम नागरिक भी घायल हुए."
भारतीय सेना और मुख्यमंत्री ने किया खंडनः
भारतीय सेना ने हमले में शामिल होने के दावों से इनकार किया है. गुवाहाटी में रक्षा जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "भारतीय सेना के पास ऐसे किसी ऑपरेशन की कोई जानकारी नहीं है."
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी कहा कि राज्य पुलिस ऐसे किसी भी ड्रोन हमले में शामिल नहीं है. मीडिया को संबोधित करते हुए, सरमा ने एक कथित घटना में राज्य पुलिस की भूमिका के बारे में अटकलों का खंडन करते हुए कहा, "असम पुलिस इस घटना में शामिल नहीं है. असम की धरती से कोई हमला नहीं हुआ है."
क्या है उल्फा आईः
गौरतलब है कि परेश बरुआ के नेतृत्व वाले उल्फा (आई) का केवल एक वरिष्ठ पदाधिकारी, अरुणोदय दोहोतिया म्यांमार में बचा है. म्यांमार के शिविरों से सक्रिय उल्फा (आई) के एक अन्य वरिष्ठ कमांडर, रूपोम असोम को असम पुलिस ने मई में गिरफ्तार किया था. सूत्रों ने खुलासा किया है कि बरुआ, के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से गहरे संबंध हैं. दावा किया जाता है कि अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में रह रहा था.
थोड़ी देर में धरती के लिए रवाना होंगे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला
14 Jul, 2025 04:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अपने अन्य सहयोगियों के साथ धरती पर वापसी के लिए तैयार हैं। Undocking की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शाम साढ़े चार बजे के करीब सारे अंतरिक्ष यात्री धरती पर लौटे के मिशन पर चल पड़ेंगे। शुभांशु शुक्ला समेत चार अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी होने जा रही है।
नासा लाइव कवरेज का पूरा कार्यक्रम
भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजे – नासा+ पर हैच समापन कवरेज शुरू हुआ।
भारतीय समयानुसार दोपहर 2.25 बजे – चालक दल अंतरिक्ष यान में प्रवेश किए और हैच बंद हुआ।
भारतीय समयानुसार शाम 4.15 बजे – नासा+, एक्सिओम स्पेस और स्पेसएक्स चैनलों पर अनडॉकिंग कवरेज शुरू किया।
भारतीय समयानुसार शाम 4.35 बजे – अनडॉकिंग की प्रक्रिया ।
केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह का बयान
शुभांशु शुक्ला की वापसी पर केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि शुभ्रांशु ने वहां जो प्रयोग किए हैं, जीवन विज्ञान या वृक्षारोपण से संबंधित, उसके लिए किट हमारे जैव प्रौद्योगिकी विभाग और हमारे संस्थानों जैसे भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर और आईआईटी से उपलब्ध कराए गए थे। स्वदेशी किट, स्वदेशी प्रयोग, स्वदेशी लोगों द्वारा किए गए, जिनका लाभ दुनिया के अन्य देश उठाएंगे और उनका उपयोग करेंगे। ये सारे प्रयोग आज तक कभी कल्पना भी नहीं की गई थी। भारत की पहल पर, शुभांशु ने ये पूरी दुनिया के लिए किया है। पहली बार, भारतीय मूल के प्रयोग किसी भारतीय व्यक्ति द्वारा दुनिया के लिए किए गए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद ब्रह्मोस मिसाइल की डिमांड में उछाल
14 Jul, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए संघर्ष के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल ने अहम भूमिका निभाई थी. ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल से ही पाकिस्तान पर हमला किया था. इस मिसाइल की सफलता के बाद अब पूरी दुनिया इसका लोहा मान रही है. यही कारण है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद 14-15 देशों ने ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने में रुचि दिखाई है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस मिसाइल की अहम भूमिका रही है. यही कारण है कि तब से अब तक एक दर्जन से ज्यादा देशों ने इसमें अपनी रुचि दिखाई है. ये सभी देश ब्रह्मोस मिसाइल को खरीदना चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही, मैंने लखनऊ में ब्रह्मोस एयरस्पेस इंटीग्रेशन और परीक्षण केंद्र का उद्घाटन किया. आपने देखा होगा कि ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस मिसाइल ने चमत्कारी काम किया है और इतना ही नहीं, ब्रह्मोस मिसाइल के चमत्कार के बाद, दुनिया के लगभग 14-15 देशों ने भारत से ब्रह्मोस मिसाइल की मांग की है.
उन्होंने कहा, “ब्रह्मोस मिसाइल अब लखनऊ से भी निर्यात की जाएगी. मेरा मानना है कि यह सुविधा रक्षा क्षेत्र में हमारे देश की आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगी और साथ ही रोजगार भी पैदा करेगी. मेरा प्रयास है कि यहां और भी उद्योग आएं ताकि लखनऊ के साथ-साथ राज्य का भी तेजी से विकास हो.”
ब्रह्मोस मिसाइल नहीं आत्मविश्वास की पहचान
रक्षा मंत्री ने कहा कि ब्रह्मोस अब एक मिसाइल नहीं, भारत के सैन्य आत्मविश्वास की पहचान बन चुका है. ऑपरेशन सिंदूर में इसका परफॉर्मेंस देखकर दुनिया हैरान रह गई है. भारत अब सिर्फ डिफेंस इंपोर्टर नहीं एक ग्लोबल डिफेंस एक्सपोर्टर बनता जा रहा है.
बुनियादी ढांचे से हो रहा ऐतिहासिक बदलाव- रक्षा मंत्री
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दावा किया कि मजबूत कानून-व्यवस्था और मजबूत बुनियादी ढांचे के बल पर उत्तर प्रदेश ज्यादा से ज्यादा उद्योगों को आकर्षित कर रहा है. उन्होंने कहा, “बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव हो रहे हैं. एक्सप्रेस वे, हवाई अड्डा, मेट्रो, मेडिकल कॉलेज, ये सभी विकास की एक नई तस्वीर पेश कर रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “देश की सुरक्षा में उत्तर प्रदेश का बहुत बड़ा योगदान है. मैंने पहले भी कहा है और आज मुझे लगता है कि कम से कम उत्तर प्रदेश की धरती पर तो कोई अपराधी निडर होकर चलने की हिम्मत नहीं कर सकता है. “
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