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ED में बड़ी भूमिका निभाने वाले IRS अधिकारी कपिल राज ने क्यों छोड़ी सेवा?
19 Jul, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईडी ऑफिसर कपिल राज ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. यह वो ही ईडी ऑफिसर हैं जिन्होंने दो मुख्यमंत्रियों को अरेस्ट किया. कपिल राज ने झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को अरेस्ट किया था. साथ ही उन्होंने दिल्ली के तत्कालीन सीएम अरविंद केजरीवाल को भी अरेस्ट किया था.
भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के 2009 बैच के अधिकारी कपिल राज ने लगभग 16 साल की सेवा के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. वित्त मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी एक आदेश में कहा गया है, भारत के राष्ट्रपति 17 जुलाई से भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क और अप्रत्यक्ष कर) से उनका इस्तीफा स्वीकार करते हैं.
अधिकारी ने क्यों दिया इस्तीफा?
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पूर्व आईआरएस अधिकारी ने सेवा से अपने इस्तीफे के लिए “व्यक्तिगत कारणों” को जिम्मेदार ठहराया. दरअसल, रिटायरमेंट की उम्र 60 साल होती है और अभी उन्हें सेवा में लगभग 15 साल बचे थे. लेकिन, 15 साल बचे होने के बाद भी उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर पद से इस्तीफा दे दिया है.
2 CM को भेजा जेल
कपिल राज ने पिछले साल जनवरी में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की रांची में कथित जमीन घोटाले के एक मामले में गिरफ्तारी की निगरानी की थी. सोरेन ने राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की और ईडी के हिरासत में लिए जाने से पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कपिल इस मुलाकात के दौरान मौजूद थे, जिसके तुरंत बाद उनकी टीम ने हेमंत सोरेन को हिरासत में ले लिया.
बाद में मार्च में, ईडी ने दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी बंगले पर छापेमारी की, कपिल राज उनके फ्लैग स्टाफ रोड स्थित आवास पर पहुंचे. केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और गिरफ्तारी ज्ञापन तैयार करने और आप सुप्रीमो को सौंपे जाने के दौरान कपिल राज मौजूद थे.
नीरव मोदी के खिलाफ की जांच
मुंबई में तैनात रहते हुए कपिल राज ने डीएचएफएल और इकबाल मिर्ची मामलों के अलावा हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की भी जांच की थी.
इसी के साथ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारी इन हाई-प्रोफाइल राजनीतिक गिरफ्तारियों के लिए सवाल तैयार करते थे और उनकी जांच करते थे. वह जांच पर बारीकी से नजर रखने और अपनी टीमों का मनोबल बढ़ाने के लिए कई बार तलाशी स्थलों का दौरा करता थे.
कौन हैं ईडी ऑफिसर कपिल राज?
कपिल राज ने लगभग 8 वर्षों तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में सेवा की. हाल ही में. इस्तीफा देने से पहले वो दिल्ली में जीएसटी इंटेलिजेंस विंग में अतिरिक्त आयुक्त के पद पर तैनात थे. कपिल राज उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले हैं. उन्होंने बीटेक (इलेक्ट्रॉनिक्स) किया हुआ है.
हिमाचल-उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा बढ़ा, पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह
19 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सावन में मानसून जमकर बरस रहा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान कई राज्यों में भारी से भारी बारिश का अलर्ट घोषित है।
मौसम विभाग के चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि आज राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार, हरियाणा-पंजाब समेत हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में अगले एक सप्ताह तक आकाश में बादल छाए रहेंगे और हल्की वर्षा हो सकती है।
इन राज्यों में मानसूनी बारिश के बाद बाढ़ का कहर
इस मानसून में बाढ़ की स्थिति का सामना करने वाले राज्यों में असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, त्रिपुरा, उत्तराखंड, कर्नाटक (विशेष रूप से शिवमोगा के कुछ हिस्से), बंगाल, गुजरात और हिमाचल प्रदेश हैं। हिमाचल सबसे अधिक प्रभावित राज्य है। राज्य में अब तक बाढ़ और भारी वर्षा के कारण 105 लोगों की जान जा चुकी है।
पहाड़ों पर भूस्खलन का खतरा
इस दौरान यूपी-बिहार में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा और पहाड़ों पर बादल फटने और भूस्खलन खतरा बना रहेगा। उधर, महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड में मानसूनी बारिश से नदियां उफान पर रहेंगी। इसके अतिरिक्त अगले 24 घंटे के भीतर पश्चिम बंगाल, असम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में भयंकर बारिश की संभावनाएं बनी हुई हैं।
इन राज्यों में बारिश सामान्य से कम
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के अनुसार कुछ राज्यों जैसे झारखंड, राजस्थान और लद्दाख ने सामान्य से कहीं अधिक वर्षा हुई है, जबकि कई अन्य विशेष रूप से पूर्वोत्तर और दक्षिणी भागों में बड़ी कमी का सामना कर रहे हैं।
एक जून से 16 जुलाई के बीच देश ने 331.9 मिमी वर्षा प्राप्त की, जो इस अवधि के लिए सामान्य 304.2 मिमी वर्षा से लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। लेकिन यह औसत बड़े पैमाने पर स्थानिक भिन्नता को छुपाता है।
राजस्थान में खूब हो रही बारिश
झारखंड में कुल 595.8 मिमी वर्षा के साथ सामान्य से 71 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। जबकि यहां होने वाली सामान्य वर्षा 348.9 मिमी ही होती है। अब तक 271.9 मिमी वर्षा के साथ राजस्थान में भी भारी वृद्धि देखी गई। यहां सामान्य वर्षा 125.6 मिमी होती है जो मौजूदा बारिश से 116 प्रतिशत अधिक है।
इस साल मानसून में हो रही अधिक बारिश
आमतौर पर बहुत कम वर्षा वाले लद्दाख ने 8 मिमी की सामान्य वर्षा के मुकाबले 15.8 मिमी वर्षा प्राप्त की, जो सामान्य से 97 प्रतिशत अधिक है। इन तीनों को ''विशाल अधिकता'' वर्षा प्राप्त करने वाले के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
पांच अन्य राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों ने अधिक वर्षा दर्ज की, जिसका अर्थ है सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत अधिक। इनमें हरियाणा, ओडिशा, मध्य प्रदेश, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव शामिल हैं। उदाहरण के लिए मध्य प्रदेश ने सामान्य 281.3 मिमी के मुकाबले 470.6 मिमी वर्षा प्राप्त की, जो सामान्य से 67 प्रतिशत अधिक है।
गुजरात में भी सामान्य से अधिक बारिश
गुजरात ने 388 मिमी वर्षा प्राप्त की, जो सामान्य से 64 प्रतिशत अधिक है। कई राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों में सामान्य वर्षा देखी गई, जिसका अर्थ है कि वर्षा सामान्य सीमा के 19 प्रतिशत के भीतर या उससे नीचे थी। इनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड, गोवा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, सिक्किम और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।
कृषि के लिए मानसून बेहद आवश्यक
मई में मौसम विभाग ने पूर्वानुमान लगाया था कि भारत को जून-सितंबर मानसून सीजन के दौरान 87 सेमी के दीर्घकालिक औसत वर्षा का 106 प्रतिशत प्राप्त होने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, केरल और तमिलनाडु के कुछ अलग-अलग क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा रिकार्ड की जा सकती है।
मानसून भारत के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, जो लगभग 42 प्रतिशत जनसंख्या की आजीविका का पोषक है और जीडीपी में 18.2 प्रतिशत का योगदान देता है। यह पीने के पानी और बिजली उत्पादन के लिए आवश्यक जलाशयों को फिर से भरने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर दिल दहला देने वाला मंजर, शवों को देखकर कांप उठे लोग
19 Jul, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा: पिता व दो बेटों समेत 6 की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम
आगरा।
यमुना एक्सप्रेसवे पर शनिवार तड़के हुए एक दिल दहला देने वाले हादसे में एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब नोएडा निवासी परिवार भंडारा कराने के लिए अपने पैतृक गांव बटेश्वर जा रहा था। मथुरा के बलदेव क्षेत्र में एक अज्ञात वाहन ने उनकी कार को टक्कर मार दी, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर ही छह लोगों ने दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हादसा इतना भयावह था कि दो शव कार में फंस गए थे, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। एक-एक कर शवों को सड़क पर रखा गया, जिसे देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया।
मृतकों में पिता, दो बेटे, दो भांजे और एक मित्र शामिल
कार सवार बासौनी थाना क्षेत्र के हरलालपुरा गांव निवासी धर्मवीर (48) के साथ उनके दो बेटे, दो भांजे और एक दोस्त की भी मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में महोबा के बढ़पुरा हुसैन गांव निवासी दलवीर उर्फ छुल्ले और पारस सिंह (दोनों भांजे), दिल्ली निवासी दुष्यंत (बेटे का मित्र) तथा बेटे भी शामिल हैं। धर्मवीर की पत्नी सोनी और बेटी पायल गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रही हैं।
रामायण पाठ और भंडारे के लिए जा रहे थे गांव
परिवार दिल्ली के समयपुर बादली इलाके में रहता था और कैटरिंग का व्यवसाय करता था। धर्मवीर के चचेरे भाई प्रह्लाद सिंह ने बताया कि वे सभी बटेश्वर में अखंड रामायण पाठ और भंडारे का आयोजन करने जा रहे थे। इसके लिए धर्मशाला भी बुक की गई थी। शुक्रवार रात ही कार से निकले थे और तड़के यह हादसा हो गया।
रात 3 बजे के करीब हुआ हादसा
परिजनों के अनुसार, शनिवार तड़के करीब 3 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर बलदेव क्षेत्र में यह हादसा हुआ। सुबह 4 बजे बासौनी पुलिस ने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद वे तुरंत मौके पर पहुंचे। हादसे की खबर सुनते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
हरलालपुरा गांव में मातम
मृतक धर्मवीर, जबर सिंह के चार पुत्रों में तीसरे नंबर पर थे। जब परिजन हादसे की जानकारी दे रहे थे, तो उनकी आंखें आंसुओं से भरी थीं। हरलालपुरा गांव गहरे शोक में डूबा हुआ है।
पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
क्षेत्राधिकारी संजीव कुमार राय और थाना प्रभारी रंजना सचान ने बताया कि हादसे में इस्तेमाल कार को अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और वाहन की पहचान के लिए जांच जारी है।
बेंगलुरु के निजी स्कूलों को मिली धमकी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
18 Jul, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु में शुक्रवार सुबह करीब 40 निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिलने से हड़कंप मच गया। यह घटना दिल्ली में हाल ही में स्कूलों को मिली ऐसी ही धमकियों के बाद सामने आई है। धमकी भरे ईमेल राजराजेश्वरी नगर, केंगेरी और शहर के अन्य इलाकों में स्थित स्कूलों को भेजे गए।
तत्काल रूप से शुरू की कार्रवाई
सूचना मिलते ही बेंगलुरु पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और बम निरोधक दस्तों के साथ प्रभावित स्कूलों में तलाशी अभियान शुरू किया। स्कूल प्रशासन ने एहतियातन छात्रों को घर भेज दिया और परिसरों को खाली करा लिया। अभी तक की जांच में किसी भी स्कूल से विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई है, लेकिन पुलिस इसे गंभीरता से ले रही है।
स्कूल परिसर को उड़ाने की धमकी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी भरे ईमेल शुक्रवार सुबह भेजे गए और इनमें स्कूल परिसरों में बम होने का दावा किया गया। बेंगलुरु पुलिस आयुक्त ने बताया कि साइबर क्राइम सेल को इन ईमेल के स्रोत का पता लगाने का जिम्मा सौंपा गया है। प्रारंभिक जांच में संदेह है कि यह सुनियोजित तरीके से दहशत फैलाने की कोशिश हो सकती है, क्योंकि दिल्ली और बेंगलुरु में मिले ईमेल की भाषा और समय में समानता पाई गई है।
जांच में जूता साइबर सेल
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा, "हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। पुलिस और साइबर सेल धमकी के पीछे के मकसद और भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है। अभिभावकों से अपील है कि वे घबराएं नहीं, बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।"
इससे पहले 2023 में मिली धमकी
यह पहला मौका नहीं है जब बेंगलुरु के स्कूलों को इस तरह की धमकियां मिली हैं। दिसंबर 2023 में भी 44 स्कूलों को बम की धमकी भरे ईमेल मिले थे, जो बाद में फर्जी निकले। इसके अलावा, अप्रैल 2022 और मई 2024 में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें कोई विस्फोटक नहीं मिला।
दिल्ली में भी भेजा ईमेल
दिल्ली में हाल ही में 20 से अधिक स्कूलों को बम की धमकी मिलने के बाद वहां भी व्यापक जांच की गई थी, लेकिन सभी धमकियां फर्जी पाई गईं। बेंगलुरु पुलिस ने स्कूलों में सुरक्षा बढ़ा दी है और अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जांच पूरी होने तक स्कूल परिसरों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।
बिहार दौरे पर पीएम मोदी: पिछड़े वर्गों के लिए सरकार कर रही है ईमानदारी से काम
18 Jul, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को बिहार के मोतिहारी पहुंचे. पीएम ने इस मौके पर बिहार को कई सौगातें दी. पीएम ने कहा, यह धरती चंपारण की धरती है . इस धरती ने इतिहास बनाया है. इसी धरती की प्रेरणा बिहार का नया भविष्य भी बनाएगी. आज यहां से 7 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ है. साथ ही पीएम ने इस अवसर पर कांग्रेस और आरजेडी पर तीखा हमला भी किया.
पीएम ने कहा, हमारा संकल्प है आने वाले समय में जैसे पश्चिमी भारत में मुंबई है, वैसे ही पूरब में मोतिहारी का नाम हो, जैसे अफसर गुरुग्राम में है, वैसे ही गया में भी बने. पुणे की तरह पटना में भी औद्योगिक विकास हो. पूर्वी भारत को आगे बढ़ाने के लिए हमें बिहार को विकसित भारत बनाना है.
कांग्रेस-RJD पर साधा निशाना
पीएम ने कहा, बिहार में इतनी तेजी से काम इसीलिए हो रहा है क्योंकि केंद्र और राज्य में बिहार के लिए काम करने वाली सरकार है. जब केंद्र में कांग्रेस और आरजेडी की सरकार थी तो 10 साल बिहार को सिर्फ 2 लाख करोड़ के आस-पास मिले. यानी नीतिश सरकार से बदला ले रहे थे, बिहार से बदला ले रहे थे. 2014 में आप ने मुझे बिहार में सेवा करने का मौका दिया. एनडीए के पिछले 10 सालों में बिहार के विकास के लिए कांग्रेस के मुकाबले कई गुणा ज्यादा पैसा बिहार को हमारी सरकार ने दिया है.
पीएम ने आगे कहा, 2 दशक पहले बिहार हताशा में डूबा हुआ था. आरजेडी और कांग्रेस के राज में विकास पर ब्रेक था. आप लोगों ने इस धरती को आरजेडी और कांग्रेस की बेड़ियों से रिहा किया. उसकी के चलते आज बिहार में गरीब कल्याण की योजनाएं सीधे गरीबों तक पहुंच रही है. पिछले 11 वर्षों में पीएम आवास के तहत गरीबों के लिए 4 करोड़ से ज्यादा घर बनाए गए हैं. इनमें से करीब 60 लाख घर अकेले बिहार में बनाए गए हैं.
गिनाई NDA की कामयाबी
पीएम ने आगे कहा, मोतिहारी में 3 लाख के करीब घर पीएम आवास योजना के तहत बनाए गए हैं. कांग्रेस के राज में गरीब को ऐसे पक्के घर मिलना असंभव था. हम ने जन धन खाते खुलवाए. बिहार में 3 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के जन धन खाते खुले. नीतीश सरकार ने पेंशन स्कीम को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया.
पीएम ने बताया, बिहार में लखपति दीदी की संख्या बढ़ रही है. अब तक डेढ़ करोड़ बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं. देश में हम ने 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है. बिहार में 20 लाख से ज्यादा लखपति दीदी बनी है. पीएम ने कहा, बीजेपी और एनडीए का विजन है जब बिहार आगे बढ़ेगा तभी देश आगे बढ़ेगा. बिहार तब आगे बढ़ेगा जब युवा आगे बढ़ेगा. हमारा संकल्प है, समृद्ध बिहार , हर युवा रोजगार. बिहार के युवाओं को यहीं पर ज्यादा से ज्यादा रोजगार के मौके मिले.
पीएम ने ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र
पीएम ने कहा, भारत को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करके रहेंगे. बिहार की इसी धरती से मैंने ऑपरेशन सिंदूर का संकल्प लिया था. आज उसकी सफलता पूरी दुनिया देख रही है.
पिछड़ों को दी प्राथमिकता
पीएम ने कहा जब हम कहते हैं कि पिछड़ों और अति पिछड़ों के लिए लगातार काम कर रहे हैं. तो यह हमारी नीति और निर्णयों में भी नजर आता है. एनडीए सरकार का मिशन है हर पिछडे़ को प्राथमिकता. दशकों तक हमारे देश में 110 जिलों को पिछड़ा कहकर छोड़ दिया गया था. हम ने इन जिलों को विकसित किया. प्राथमिकता दी. दशकों तक हमारा ओबीसी समाज ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिए जाने की मांग कर रहा था, यह करने का काम भी हमारी ही सरकार ने ही किया.
पीएम ने कामयाबी गिनाते हुए कहा, आज रेल और सड़क से जुड़ी हजारों करोड़ों की परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ. इन से बिहार के कई लोगों को काफी सुविधा होगी. बिहार में कनेक्टिविटी और बेहतर होगी. कांग्रेस और आरजेडी गरीबों, पिछड़ों और आदिवासियों के नाम पर राजनीति करते आए हैं. लेकिन बराबरी का अधिकार तो दूर ये परिवार के बाहर से लोगों को सम्मान तक नहीं देते. हमें बिहार को इनकी बुरी नजर से बचा कर रखना है.
न्यायाधीशों पर FIR की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की आपत्ति, उठाया कानूनी आधार का सवाल
18 Jul, 2025 12:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के कुछ जजों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर आपत्ति जताते हुए याचिकाकर्ता से पूछा कि किस कानून के तहत मुकदमा चले। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस मामले में जस्टिस एस. मुरलीधर को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है। कोर्ट ने पूछा कि किसी न्यायाधीश पर उसके फैसले के लिए मुकदमा कैसे चलाया जा सकता है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि हमें बताइए कि किस कानून के तहत आपके खिलाफ फैसला देने वाले जजों पर एफआईआर दर्ज किया जा सकता है? केवल इसलिए कि आपको फैसला पसंद नहीं आया, आप एफआईआर की मांग नहीं कर सकते है।
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने दावा किया गया वह परीक्षा में टॉपर थे, लेकिन सभी जजों ने उनके मामले को उचित तरह से नहीं सुना। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को आदेश दिया है कि वह नियुक्त एमिकस क्यूरी को सभी दस्तावेज मुहैया कराए ताकि वे अदालत की मदद कर सके। बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था। कोर्ट ने समीक्षा याचिका खारिज करते हुए कहा कि रिकॉर्ड में कोई ऐसी गलती नहीं दिखती, जिससे पहले के फैसले पर दोबारा विचार करने की जरूरत हो। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि फैसले में कई तथ्यात्मक गलतियां हैं, लेकिन कोर्ट ने उनकी दलीलों को गलत ठहराया और कहा कि उन्होंने पूरे फैसले की बजाय केवल चुनिंदा हिस्सों को अपने पक्ष में पेश किया है।
भारतीयों के लिए अमेरिकी बच्चों को गोद लेना असंभव: सामने आई कानूनी पाबंदी
18 Jul, 2025 11:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई, बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक अहम और दिलचस्प मामले में दंपति को उनके रिश्तेदार के बच्चे को गोद का अधिकार देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि किसी भारतीय नागरिक को अमरीकी नागरिकता वाले बच्चे को गोद लेने का मौलिक अधिकार नहीं है, भले ही वह बच्चा उनके रिश्तेदार का ही क्यों न हो। यह फैसला न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति नीला गोखले की खंडपीठ ने लिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह बच्चा न तो देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे की श्रेणी में आता है और न ही कानून का उल्लंघन करने वाला बच्चा है।
इसलिए वह किशोर न्याय अधिनियम या दत्तक ग्रहण विनियमों के तहत गोद लेने योग्य नहीं है। पीठ ने कहा कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो विदेशी नागरिकता वाले बच्चे को भारतीय दंपति द्वारा गोद लेने की अनुमति देता हो, जब तक कि वह बच्चा भारतीय कानून में परिभाषित विशेष श्रेणी में न आता हो। कोर्ट ने दंपति को सलाह दी कि अगर वे वास्तव में बच्चे को गोद लेना चाहते हैं, तो उन्हें अमरीकी कानून और प्रक्रिया के अनुसार अमरीका में गोद लेने की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। उसके बाद ही वे भारत में गोद लेने के बाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकते हैं। बता दें कि बच्चे का जन्म 2019 में अमरीका में हुआ था, कुछ ही महीनों की उम्र में भारत लाया गया था और तब से दंपति के साथ रह रहा है। इसके बावजूद अदालत ने कहा कि सिर्फ बच्चे के साथ रहने से गोद लेने का अधिकार नहीं बनता। कोर्ट ने कहा कि गोद लेने की यह अनुमति कानूनन नहीं दी जा सकती और दंपति की याचिका खारिज कर दी गई।
लौटकर अपनों से मुलाकात, जैसे अंतरिक्ष से धरती पर वापसी: शुभांशु की भावुक झलक
18 Jul, 2025 10:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ, अंतरिक्ष में 18 दिनों का ऐतिहासिक मिशन पूरा करके भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला वापस धरती पर लौट चुके हैं। स्पेस मिशन से उनके सुरक्षित आना पूरे देश के लिए गर्व की बात है, जिसे देख उनके माता-पिता की आंखे खुशी से झलक उठीं, तो अब वह 20 दिन बाद अपनी बीवी और बेटे से मिले। जिस पर शुभांशु काफी भावुक नजर आए। शुभांशु ने पत्नी को गले लगाया और बेटे को गोद में उठाया। शुभांशु ने पोस्ट के जरिए बताया कि स्पेस में जाने से ही पहले ही वह दो महीने तक क्वारंटीन में थे। ऐसे में वह आठ मीटर दूरी से ही अपने परिवार से मिल पाते थे, जो उनके लिए काफी चैलेंजिग था, लेकिन अब जब वह 20 दिन बाद उन्हें दूर से सिर्फ देख नहीं, बल्कि गले लगा सके, तो ये पल बेहद खास था।
जहां हर किसी की नजरें कैप्टन और उनकी गुलाबी साड़ी पहनी बीवी पर टिक गईं। शुभांशु ने इंस्टाग्राम पर बेटे और बीवी से मिलने के दौरान की तस्वीरें शेयर की और साथ में लंबा- चौड़ा कैप्शन भी लिखा। वह कहते हैं कि धरती पर लौटकर जब मैंने अपने परिवार को फिर से गले लगाया, तो सच में ऐसा लगा कि जैसे मैं घर आ गया। आज आप भी अपने किसी लव्ड वन को बताइए कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं। हम जिंदगी की भागदौड़ में अकसर यह भूल जाते हैं कि हमारे जीवन में लोग ही सबसे कीमती होते हैं। अंतरिक्ष मिशन अपने आप में अद्भुत होते हैं, लेकिन अपनों से मिलना भी अंतरिक्ष जाने की तरह अद्भुत होता है। शुभांशु का छह साल का बेटे का तो उन्हें देखते ही उनके गले से लिपट गया। जहां वह भी वाइट टी- शर्ट और ग्रे ट्राउजर पहने नजर आया।
अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर नया दावा: अमेरिकी अख़बार ने बताई इंसानी चूक वजह
18 Jul, 2025 09:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पिछले महीने अहमदाबाद में क्रैश हुए एयर इंडिया के विमान ने 260 लोगों की जान ले ली। यह हादसा क्यों और कैसे हुआ इसको लेकर चल रही जांच के बीच एक अमरीकी अखबार ने उस वक्त कॉकपिट में हुई गतिविधियों को लेकर नए दावे किए हैं। अमरीकी जांचकर्ताओं के प्रारंभिक आकलन की जानकारी रखने वाले लोगों के बयान के आधार पर यह रिपोर्ट दी गई है। ब्लैक बॉक्स रिकॉर्डिंग के आधार पर 12 जून को हुई हादसे से ठीक पहले की स्थिति को समझने की कोशिश की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक विमान के कैप्टन सुमीत सभरवाल ने इंजनों में फ्यूल की सप्लाई रोकी थी। यह खुलासा दोनों पायलटों के बीच बातचीत की कॉकपिट रिकॉर्डिंग से हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक जांच में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग की समीक्षा की गई, जो बताता है कि टेकऑफ के तुरंत बाद दोनों इंजन के लिए फ्यूल सप्लाई कटऑफ हो गया।
रिपोर्ट में कहा गया कि क्रैश की जांच में मिले सबूतों की अमरीकी अधिकारियों द्वारा की गई समीक्षा की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, विमान के दो पायलट के बीच ब्लैक बॉक्स रिकॉर्डिंग से संकेत मिलता है कि कैप्टन ने ही प्लेन के दो इंजन के लिए फ्यूल नियंत्रित करने वाले स्विच को बंद कर दिया। फ्यूल का बंद होना अब जांच की सबसे अहम बिंदु है। रिपोर्ट के मुताबिक रिकॉर्डिंग में घटना के वक्त दो पायलट की इमोशनल स्थिति भी कैद हुई है। अखबार में कहा गया है कि इन लोगों ने बताया कि फस्र्ट ऑफिसर ने हैरानी जाहिर की और फिर पैनिक हुए, जबकि कैप्टन शांत रहे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दो क्रू मेंबर्स के बीच हुई बातचीत, एक अनुभवी और शांत दूसरे हैरान और घबराए हुए कॉकपिट में डिसीजन मेकिंग को समझने में अहम है।
शुरुआती रिपोर्ट को निष्कर्ष न मानें
भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने एयर इंडिया की फ्लाइट एआई 171 हादसे को लेकर इंटरनेशनल मीडिया के कुछ वर्गों द्वारा अनवेरिफाई रिपोर्टिंग के आधार पर निष्कर्ष निकालने की कोशिशों पर चिंता जताई है। एजेंसी ने कहा कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट का उद्देश्य केवल ये बताना है कि हादसे में क्या हुआ और अभी कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा, क्योंकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
रक्षा शक्ति में बढ़ोतरी: भारत ने परमाणु सक्षम मिसाइलों का सफल परीक्षण किया
18 Jul, 2025 08:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: भारत ने गुरुवार को परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों पृथ्वी-2 और अग्नि-1 का सफल परीक्षण किया. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इन मिसाइलों का परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से किया गया. मंत्रालय ने बताया कि विशिष्ट सामरिक बल कमान द्वारा किए गए बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण में सभी परिचालन और तकनीकी मानकों की पुष्टि की गई.
रिपोर्ट के मुताबिक, पृथ्वी-2 मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 350 किलोमीटर है और यह 500 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है. यह पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह के हथियार ले जा सकती है. वहीं, अग्नि-1 मिसाइल की मारक क्षमता 700-900 किलोमीटर है और यह 1,000 किलोग्राम का पेलोड ले जा सकती है.
लद्दाख में आकाश प्राइम मिसाइल का परीक्षण
इससे एक दिन पहले 16 जुलाई को, भारत ने लद्दाख में स्वदेशी रूप से विकसित आकाश प्राइम मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था. मिसाइलों का परीक्षण भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए सैन्य संघर्ष के दो महीने बाद किया गया.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि के लिए भारतीय सेना, डीआरडीओ और उद्योग जगत की सराहना की.
आकाश मिसाइल के परीक्षण के बाद रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इसका महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि यह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की स्वदेशी रूप से विकसित वायु रक्षा प्रणालियों के 'असाधारण प्रदर्शन' के बाद हुआ है.
आकाश प्राइम, भारत की आकाश हथियार प्रणाली का उन्नत संस्करण है. मंत्रालय ने बयान में कहा, "भारत ने 16 जुलाई को भारतीय सेना के लिए आकाश हथियार प्रणाली के उन्नत संस्करण, आकाश प्राइम द्वारा लद्दाख में उच्च ऊंचाई पर दो हवाई उच्च गति वाले मानवरहित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट करके बड़ी उपलब्धि हासिल की."
मंत्रालय ने कहा कि आकाश हथियार प्रणाली को 4,500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर संचालित करने और लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए अपग्रेड किया गया है. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उपयोगकर्ताओं से प्राप्त परिचालन संबंधी फीडबैक के आधार पर, परिचालन प्रभावशीलता में सुधार के लिए विभिन्न अपग्रेड किए गए हैं.
चंडीगढ़ का युवक श्रीखंड यात्रा के दौरान चला गया काल के गाल
17 Jul, 2025 09:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आनी। श्रीखंड यात्रा के दौरान चंडीगढ़ के 33 वर्षीय श्रद्धालू अभय की मौत हो गई है। मृतक सेक्टर 15-डी चंडीगढ़ का रहने वाला था और अपने चचेरे भाई के साथ गत 11 जुलाई को यात्रा पर निकला था। जानकारी के अनुसार शव का पोस्टमार्टम निरमंड अस्पताल में किया जाएगा। मृतक के भाई ने यात्रा के दौरान प्रशासन के इंतजामों पर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया कि किसी मजदूर ने शव को नीचे लाने के लिए 65 हजार रुपए मांगे। पैसा न दे पाने पर उनका मोबाइल व दूसरा सामान छीना। एसडीएम निरमंड मनमोहन ने बताया कि ऐसी शिकायत जरूर मिली है। इसकी जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार अभय अपने चचेरे भाई के साथ श्रीखंड महादेव यात्रा पर गया था और दोनों बीते मंगलवार को श्रीखंड से दर्शन कर वह वापस लौट रहे थे। पार्वती बाग के समीप अभय की तबीयत बिगड़ गई। जहां से रेस्क्यू टीम द्वारा उसे भीम-डवारी तक लाया गया।
जाओ पहुंचने से पहले ही दम तोड़ा
प्राथमिक उपचार के बाद अभय की तबीयत में हल्का सुधार हुआ, जिसके बाद रेस्क्यू टीम द्वारा अभय को भीम-डवारी से बेस कैंप सिंहगाड होते हुए जाओ और फिर निरमंड के सिविल अस्पताल ला रही थी, लेकिन अभय ने सिंहगाड और जाओं के बीच ही दम तोड़ दिया। सडक़ बंद होने से अभी शव जाओ में ही है। कुछ देर बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए निरमंड लाया जाएगा।
अमरनाथ मार्ग पर दुखद हादसा: पहाड़ी से गिरे पत्थर ने ली महिला तीर्थयात्री की जान
17 Jul, 2025 07:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में गंदेरबल जिले में बालटाल से अमरनाथ यात्रा वाले मार्ग पर पत्थर गिरने से एक महिला तीर्थयात्री की मौत हो गई। महिला तीर्थयात्री राजस्थान निवासी थी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना कल बालटाल मार्ग पर घटी, जो दक्षिण कश्मीर में अमरनाथ मंदिर की ओर जाने वाले दो मार्गों में से एक है। मृतक तीर्थयात्री की पहचान सोना (52) के रुप में हुई है। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण दोनों मार्गों पर मरम्मत का काम ज़रूरी हो गया है। बाबा बर्फीनी के स्वनिर्मित शिवलिंग के दर्शन के लिए यात्रा पर दो दिनों के लिए रोक दी गई है। एक आधार शिविर पहलगाम के अनंतनाग में है और दूसरा गंदेरबल के बालटाल में पर है।
गौरतलब है कि कल शाम भारी बारिश के कारण रायलपथरी और ब्रारिमर्ग के बीच भूस्खलन के कारण यात्रा रुक गई है और भारी संख्या में तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। भारतीय सेना, पुलिस, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल और अन्य एजेंसियां ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यात्रियों की सहायता के लिए पहुंच चुकी हैं। रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि ब्रारिमर्ग में तैनात सैन्य टुकड़ी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 500 यात्रियों को दस टेंटों में ठहरा कर चाय और पानी का इंतजाम किया। इसके अलावा लगभग 3000 हजार यात्रियों ने ब्रारिमर्ग और जेड़ मोड़ के बीच स्थित लंगरों में शरण ली। प्रवक्ता ने बताया कि एक गंभीर रूप से बीमार यात्री को खराब मौसम में भारतीय सेना के त्वरित कार्रवाई दल ने मैनुअल स्ट्रेचर की मदद से रायलपथरी पहुँचाया गया, वहां से उन्हें एंबुलेंस द्वारा आगे उपचार के लिए ले जाया गया।
नेवी के बेड़े में शामिल होगा 'निस्तार', जानिए क्या है इसकी खासियत
17 Jul, 2025 04:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष में भारत की ताकत पूरी दुनिया देख चुकी है। भारत का एयर डिफेंस सिस्टम पहले से ही काफी मजबूत है, लेकिन समय-समय पर इसमें कई चीजों को जोड़ा जाता है। अब इंडियन नेवी अपनी ताकत में बढ़ोतरी के लिए ‘निस्तार’ जहाज को शामिल करने जा रही है। यह पूरी तरह से स्वदेशी तरीके से डिजाइन किया गया है। इसके निर्माण के सफर को कुछ दिन पहले ही नेवी ने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया था। इसे 18 जुलाई को लॉन्च किया जाएगा। जानिए ये जहाज किस तरह से समुद्री सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगा?
18 जुलाई को किया जाएगा लॉन्च
भारतीय नौसेना ने पहले निस्तार-श्रेणी के गोताखोरी सहायता पोत को नौसेना में शामिल करने की पूरी तैयारी कर ली है। 18 जुलाई को इसे विशाखापत्तनम के नेवल डॉकयार्ड से लॉन्च किया जाएगा। यह गहरे समुद्र में गोताखोरी प्रणालियों से लैस बनाया गया है। निस्तार हमारी ऑपरेशन्स के लिए फायदेमंद साबित होगा, जिससे ऑपरेशन को मजबूत मिलेगी। यह पनडुब्बियों से कर्मियों को बचाने का काम भी करेगा। यानी जो पनडुब्बियां समुद्र में फंसी होंगी उनको यह आसानी से ऊपर लाने की क्षमता रखता है। इसको 1000 मीटर की गहराई तक निगरानी करने के लिहाज से डिजाइन किया गया है।
कहां से लिया गया निस्तार नाम?
जहाज का नाम ‘निस्तार’ संस्कृत भाषा से लिया गया है। इसका मतलब होता है- बचाव, मोक्ष या मुक्ति। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस जहाज की लंबाई 118 मीटर तक है। इसका वजन करीब 10,000 टन बताया जा रहा है। इसमें खास बात ये है कि यह लगभग 300 मीटर तक समुद्र में सैचुरेशन डाइविंग कर सकता है। यह दुश्मनों से खतरे के बीच अपनी पनडुब्बियों पर पैनी नजर रखेगा।
इस जहाज में 4500 टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है। 450 किलोमीटर लंबी केबल का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही इस शिप को बनाने में एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। इंडियन नेवी के लिए ये एक अचीवमेंट है।
बेटे की बीमारी का अंधविश्वासी इलाज: तीन साल के बच्चे की बलि चढ़ाई
17 Jul, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अंध विश्वास ने एक मासूम की जान ले ली। अपने मानसिक रूप से बीमार बेटे के इलाज के लिए पिता ने तीन साल के मासूम की बलि चढ़ा दी। पहले मिठाई-बिस्कुट खिलाने के बहाने बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। फिर घर में पूजा पाठ कर लोहे की छुरी से मासूम का गला काट दिया। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि सवा साल से पुलिस बच्चे की तलाश कर रही थी। इस बीच आरोपी राजू कोरवा (40) ने गांव में ही किसी को बता दिया कि, उसने ‘महापूजा’ की है। शक के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़ा। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर बताया कि उसने बच्चे की हत्या की है। मामला सामरी थाना क्षेत्र के सुलुगडीह का है।
मंगलवार को अनुविभागीय दंडाधिकारी से अनुमति मिलने के बाद लापता बच्चे का कंकाल नाले के पास से बरामद किया गया है। आरोपी ने बच्चे के सिर को पहले घर में छुपाया और धड़ को नाले के पास दफन कर दिया। इसके बाद डर के कारण सिर को भी नाले के पास दफना दिया। सुलुगडीह निवासी रसोइया बिरेंद्र नगेशिया (24) पत्नी दयामुनि के साथ इलबासा जंगल में झोपड़ी बनाकर रहता था। वह महुआ बीनने का काम कर रहा था। इस बीच उनका 3 साल का बेटा अजय नगेशिया 1 अप्रैल 2024 को जंगल से लापता हो गया और 6 अप्रैल को उसने बच्चे के गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई।
बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर ने बुधवार को बताया कि गुमशुदगी के बाद लगातार खोजबीन की जा रही थी। इस बीच मृतक के दादा और एक सहयोगी को सूचना मिली कि राजू कोरवा ‘बड़ा पूजा’ की बात कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने राजू कोरवा को हिरासत में लिया। पहले तो उसने नशे में बात कहना बताकर टालने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ में उसने पूरी घटना स्वीकार कर ली।
पूछताछ में राजू ने बताया कि उसका बड़ा बेटा (12 साल) बचपन से मानसिक रूप से कमजोर है। उसे मिर्गी की बीमारी है। किसी ने उससे कहा था महादानी देवता को बच्चे की बलि देने से वह ठीक हो जाएगा। अंधविश्वास के चलते इस सोच ने उसे हैवान बना दिया। वह 1 अप्रैल 2024 को राजू कोरवा इलबासा के जंगल में गया था, जहां उसे अजय नगेशिया अकेले घूमते मिला। राजू कोरवा उसे मिठाई और बिस्कुट देने का लालच देकर अपने घर कटईडीह ले आया। उसने घर में महादानी देवता की पूजा की और अजय की गला काटकर उसकी बलि चढ़ा दी।
हत्या के बाद आरोपी ने बच्चे का सिर घर में सुरक्षित रखा, जबकि धड़ को गांव के बाहर नाले के पास दफन कर दिया। जब गांव में बच्चे की खोजबीन शुरू हुई, तो आरोपी ने डर के मारे सिर को भी नाले के पास दफन कर दिया। आरोपी के बताने पर एसडीएम कुसमी के आदेश और तहसीलदार की मौजूदगी में नाले के पास खुदाई कराई गई। पुलिस को वहां से सिर और धड़ की हड्डियां बरामद हुईं। हत्या में इस्तेमाल लोहे की छुरी भी जब्त कर ली गई है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 363 (अपहरण), 302 (हत्या), और 201 (सबूत मिटाना) के तहत केस दर्ज किया। सामरी थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह की टीम ने आरोपी राजू कोरवा को कल गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
RCB भगदड़ रिपोर्ट की जाए सार्वजनिक, कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को दिया आदेश
17 Jul, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह चार जून को हुई भगदड़ की घटना पर अपनी स्थिति रिपोर्ट सार्वजनिक करें, जिसने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई आईपीएल जीत के जश्न को गहरा धक्का पहुंचाया था। इस त्रासदी में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। राज्य सरकार ने हाई कोर्ट से इस रिपोर्ट को गोपनीय रखने का अनुरोध किया था, लेकिन कोर्ट ने सोमवार, 14 जुलाई को स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह की गोपनीयता के लिए कोई कानूनी आधार नहीं है, और ये केवल ‘सरकार की दृष्टि में तथ्यों की प्रस्तुति’ है।
कोर्ट ने सरकार को यह रिपोर्ट मामले के अन्य पक्षों – आरसीबी, कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) और डीएनए एंटरटेनमेंट नेटवर्क्स, जो फ्रेंचाइजी के इवेंट पार्टनर हैं – को सौंपने का भी निर्देश दिया है। इस बीच फ्रेंचाइजी एक विस्तृत सीआईडी जांच और केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सीएटी) की दो सदस्यीय पीठ की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। यह पीठ सरकारी और सार्वजनिक सेवकों से जुड़े मामलों की जांच करने वाला अर्ध-न्यायिक निकाय है। आरसीबी और डीएनए के वरिष्ठ अधिकारियों ने पिछले एक महीने में अपने बयान जमा कराए हैं। फैसले की कोई तय तारीख अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
एक जुलाई को सीएटी की दो सदस्यीय पीठ ने एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर जुटी भीड़ को लेकर एक अहम टिप्पणी की। ट्रिब्यूनल ने पाया कि आरसीबी ने तीन से पांच लाख लोगों की भीड़ को स्टेडियम के बाहर आकर्षित किया, जब फ्रेंचाइजी ने अपनी पहली आईपीएल खिताबी जीत के तुरंत बाद, तीन जून को, सोशल मीडिया पर विजय जुलूस की घोषणा की। इस मामले की जांच का काम सीएटी को तब सौंपा गया जब बेंगलुरु (पश्चिम) के पुलिस महानिरीक्षक और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकास कुमार ने एक याचिका दायर की। यह याचिका मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा उन्हें भगदड़ की घटना के बाद पद से हटाए जाने के खिलाफ दाखिल की गई थी।
विकास और चार अन्य अधिकारियों को “कर्तव्यों में गंभीर लापरवाही” और “निर्देश न लेने” के आरोप में बर्खास्त किया गया था, जिससे हालात “काबू से बाहर” हो गए थे। ट्रिब्यूनल ने कहा किआरसीबी ने बिना जरूरी अनुमति लिए आईपीएल जीत का जश्न मनाकर ‘अव्यवस्था पैदा की।’ ये टिप्पणियां सीएटी के 29-पन्नों के आदेश का हिस्सा थीं।
आरसीबी, के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर निखिल सोसले को पिछले महीने गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा किया गया था। उन्होंने मृतकों के परिजनों को मुआवजा बढ़ाने और घायलों की मदद की घोषणा के बाद से अब तक कोई नया बयान जारी नहीं किया है। फ्रेंचाइजी ने ‘आरसीबी केयर्स’ नाम से एक फंड बनाने का वादा किया है, जिससे त्रासदी से प्रभावित सभी परिवारों की मदद की जा सके। 4 जून की घटना के बाद से उनके किसी भी सोशल मीडिया चैनल पर कोई नई अपडेट नहीं आई है।
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