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भोजनालयों में क्यूआर कोड अनिवार्य? सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब
23 Jul, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांवड़ मार्ग पर सभी होटलों को दिखाना होगा लाइसेंस
नई दिल्ली। भोजनालयों के लिए क्यूआर कोड मामले पर सुप्रीम कोर्ट से उत्तर प्रदेश सरकार को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने क्यूआर कोड संबंधी आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कांवड़ यात्रा मार्ग के सभी होटल मालिकों को लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रदर्शित करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने क्यू कोड अनिवार्य करने के मुद्दे पर कोई निर्देश नहीं दिया। अदालत ने कहा कि अभी क्यूआर कोड के मुद्दे पर विचार नहीं किया गया है और मुख्य याचिका पर सुनवाई के दौरान इस पर विचार किया जा सकता है। मुख्य याचिका अभी अदालत में लंबित है।
सर्वोच्च न्यायालय उत्तर प्रदेश सरकार के उस निर्देश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें सरकार ने कांवड़ मार्ग पर सभी खाने-पीने की दुकानों और भोजनालयों पर क्यूआर कोड स्टीकर प्रदर्शित करने और साथ ही दुकानों के बाहर बैनर लगाकर दुकान मालिक के नाम और पहचान को प्रदर्शित करने को कहा था। इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तराखंड सरकार से जवाब मांगा था। सरकार के आदेश के खिलाफ याचिकाएं शिक्षाविद अपूर्वानंद झा, एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और अन्य ने दायर की थीं।
इससे सांप्रदायिक हिंसा बढऩे का खतरा
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि दुकानदारों के नाम प्रदर्शित करने के लिए कहना भेदभाव है और साथ ही यह कांवडिय़ों के लिए संकेत है कि उन्हें किस दुकान को नजरअंदाज करना है। उनके अनुसार, दुकानदारों के नाम प्रदर्शित करने के लिए कहना भेदभाव है और साथ ही यह कांवडिय़ों के लिए संकेत है कि उन्हें किस दुकान को नजरअंदाज करना है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उन्हें डर है कि सरकार के इस फैसले से सांप्रदायिक तनाव बढ़ेगा और इससे भीड़ हिंसा की आशंका भी बढ़ जाएगी, खासकर अल्पसंख्यक समुदाय के दुकानदारों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं हो सकती हैं। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार का आदेश निजता के अधिकार का उल्लंघन है। गौरतलब है कि बीते साल सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारों के ऐसे ही निर्देश पर रोक लगा दी थी।
"इसरो-नासा का संयुक्त मिशन ‘निसार’ 30 जुलाई को होगा लॉन्च"
23 Jul, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और नासा का संयुक्त मिशन ‘निसार’ उपग्रह 30 जुलाई को श्रीहरिकोटा से शाम 5 बजकर 40 मिनट पर लॉन्च होगा। 1.5 बिलियन डॉलर का यह मिशन पृथ्वी की सतह की निगरानी में मददगार होगा। निसार उपग्रह हर 12 दिन में पृथ्वी की भूमि और बर्फीली सतहों को स्कैन करेगा और प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी में मदद करेगा।
सोमवार को इसरो ने एक्स पर एक पोस्ट करके जानकारी दी कि नासा के साथ संयुक्त उपग्रह निसार का प्रक्षेपण करने के लिए तैयार हैं। 30 जुलाई, 2025 को भारतीय समयानुसार श्रीहरिकोटा से पहले संयुक्त पृथ्वी अवलोकन उपग्रह निसार का प्रक्षेपण किया जाएगा।
उपग्रह निसार हर 12 दिनों में पूरे पृथ्वी को स्कैन करेगा और उच्च-रिजॉल्यूशन, सभी मौसमों और दिन-रात के आंकड़े प्रदान करेगा। यह पृथ्वी की सतह में सूक्ष्म परिवर्तनों का भी पता लगा सकता है। जैसे जमीन का विरूपण, बर्फ की चादर में बदलाव और वनस्पति की गतिशीलता। यह मिशन समुद्री बर्फ की निगरानी, जहाजों का पता लगाने, तूफान पर नजर रखने, मिट्टी की नमी में बदलाव, सतही जल मानचित्रण और आपदा प्रतिक्रिया सहित कई महत्वपूर्ण अनुप्रयोगों में सहायक होगा। इसरो ने कहा कि नासा, जेपीएल के बीच एक दशक से भी ज्यादा के सहयोग में एक मील का पत्थर साबित होगा।
उल्लेखनीय है कि निसार उपग्रह दुनिया में अपनी तरह का पहला उपग्रह है जो प्रत्येक 12 दिनों पर समूची पृथ्वी की भूमि और बर्फीली सतहों को स्कैन करेगा। यह एक सेंटीमीटर स्तर तक की सटीक फोटो खींचने व प्रसारित करने में सक्षम है। इसमें नासा की तरफ से तैयार एल-बैंड और इसरो की ओर से विकसित एस-बैंड रडार लगाया गया है, जिन्हें विश्व में सबसे उन्नत माना जा रहा है।
"राष्ट्र निर्माण की ओर कदम: भारतीय नौसेना करेगी 'जहाज निर्माण' पर सेमिनार का आयोजन"
23 Jul, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना 23 जुलाई को नौसेना मुख्यालय में ‘जहाज निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण पर जहाज निर्माण सेमिनार’ का आयोजन करेगी। यह सेमिनार भारत सरकार, भारतीय नौसेना, शिपयार्ड, उद्योग, वर्गीकरण समितियों और शिक्षा जगत के प्रमुख हितधारकों को एक मंच उपलब्ध कराएगा।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य जहाज निर्माण से संबंधित विभिन्न नीतिगत पहलुओं पर सुसंगत और प्रगति-उन्मुख चर्चाओं को आसान बनाना है। प्रतिभागी विश्व स्तर पर लागू की जा रही भविष्य की तकनीकों का भी पता लगाएंगे और वैश्विक मानकों को पूरा करने वाले जहाज बनाने में भारतीय शिपयार्ड और उद्योग के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करेंगे।
सेमिनार, नौसेना मुख्यालय के अंतर्गत एक प्रमुख युद्धपोत डिजाइन संगठन, युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो (डब्ल्यूडीबी), मानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित किया जायेगा।
चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब, 39 लाख से ज्यादा ने किए दर्शन
23 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा में अब तक 39 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए हैं, जो एक नया रिकॉर्ड है।उत्तराखंड सरकार में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने इस उपलब्धि के बारे में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने कहा, “चारधाम यात्रा के लिए गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम के लिए कुल 47 लाख 27 हजार 619 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं। साथ ही हेमकुंड साहिब के लिए 2 लाख, 16 हजार, 960 श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। चारधाम यात्रा के लिए अब तक 49 लाख, 41 हजार, 527 श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराए हैं।”
उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा में इस बार रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि अब तक यमुनोत्री धाम में 5 लाख, 73 हजार, 812, गंगोत्री धाम में 6 लाख, 47 हजार, 571, केदारनाथ धाम में 13 लाख, 91 हजार, 348, बदरीनाथ धाम में 11 लाख, 63 हजार, 867, और हेमकुंड साहिब में 2 लाख, 16 हजार, 305 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। कुल मिलाकर, सभी धामों में 39 लाख, 92 हजार, 903 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं।
मंत्री सतपाल महाराज ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा, “इस रिकॉर्ड को लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की योजना है, जिससे उत्तराखंड का नाम इतिहास में दर्ज हो।” पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाए जाने को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने से इसे लंदन और न्यूयॉर्क जैसे शहरों से जोड़ा जा सकेगा।
इससे विशेष रूप से भारतीय मूल के लोग अपने पूर्वजों की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करने के लिए आसानी से हरिद्वार पहुंच सकेंगे। मंत्री ने बताया कि हरिद्वार चार धाम यात्रा का प्रवेश द्वार है, और यहां हवाई अड्डा बनने से तीर्थयात्रियों को सुविधा होगी। इसके लिए दो स्थानों को चिन्हित किया गया है, लेकिन अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है।
"मुंबई की हवा हुई साफ, वायु प्रदूषण में रिकॉर्ड 44 फीसदी की कमी"
23 Jul, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मुंबई की वायु गुणवत्ता बढ़ती आबादी, वाहनों की भीड़ और दिन-प्रतिदिन बदलते मौसम के कारण प्रदूषित होती जा रही है। इसके कारण मुंबईवासियों को कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, अब एक नए सर्वेक्षण के अनुसार, यह बात सामने आई है कि मुंबई की वायु गुणवत्ता के स्तर में सुधार हुआ है। दरअसल सरकारी आंकड़ों से पता चला है कि मुंबई की वायु गुणवत्ता के स्तर में सुधार हुआ है। इस संबंध में जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार, मुंबई की वायु गुणवत्ता के स्तर में सुधार हुआ है। देश में राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत 130 शहरों में से 103 शहरों ने 2017-18 की तुलना में 2024 और 25 में अपने पीएम 10 के स्तर में सुधार किया है। इसमें मुंबई के प्रदूषण स्तर में 44 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। मुंबई के बाद इस सूची में कोलकाता शहर शामिल है। जबकि दिल्ली में 15 फीसदी और चेन्नई में 12 फीसदी प्रदूषण के स्तर में कमी देखी गई है। सांसद अनिल देसाई और बाबूसिंह कुशवाहा ने बढ़ते प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को लेकर मानसून संसदीय सत्र में यह मुद्दा उठाया था। उठाए गए एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने ये आंकड़े पेश किए। आंकड़ों के अनुसार, देश के 64 शहरों में पीएम 10 के स्तर में 20 प्रतिशत से ज़्यादा और 25 शहरों में 40 प्रतिशत से ज़्यादा की कमी आई है।
मानहानि मामले में कोर्ट सख्त, विकास दिव्यकीर्ति को मिली अदालत से चेतावनी
22 Jul, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दृष्टि आईएएस के संचालक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। विकास दिव्यकीर्ति के खिलाफ चल रहे जजों की मानहानि मामले में अजमेर की जूडिशियल मजिस्ट्रेट नंबर-2 की कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान वह कोर्ट में पेश नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने विकास दिव्यकीर्ति के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और 2 अगस्त को सशरीर कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।
आखिर क्या है मामला?
दरअसल, डॉ. विकास दिव्यकीर्ति के खिलाफ ये केस एक वीडियो को लेकर चल रहा है। इस वीडियो का टाइटल ‘IAS vs. जज—कौन ज्यादा ताकतवर है?’ है। इस वीडियो में दिव्यकीर्ति द्वारा कथित रूप से जजों पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर ही मानहानि मामला दर्ज किया गया है। इस मामले की सुनवाई अजमेर की न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-2 की अदालत में हुई। इस सुनवाई में दिव्यकीर्ति को भी कोर्ट में पेश होना था। लेकिन वे सुनवाई के दौरान कोर्ट नहीं पहुंचे। इसको लेकर कोर्ट में उनके वकील ने हाजिरी माफी की अर्जी पेश की। वहीं, परिवादी वकील कमलेश मंडोलिया की तरफ से कोर्ट में गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग दाखिल की गई।
कोर्ट ने दिखाई सख्ती
इस मामले पर कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए वकीलों को निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि विकास दिव्यकीर्ति को 2 अगस्त को अदालत में स्वयं पेश होना होगा। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो कोर्ट द्वारा कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
आखिर क्या था वीडियो में?
बता दें कि डॉ. दिव्यकीर्ति के इस वीडियो में उन्होंने IAS अधिकारियों को जजों की तुलना में अधिक ताकतवर बताया था। उनके इस बयान को वकील समुदाय ने न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताया। इसके बाद वकील कमलेश मंडोलिया ने अजमेर कोर्ट में उनके खिलाफ मानहानि का केस दायर कर दिया।
तटरक्षक बल को मिला नया समुद्री प्रहरी, लॉन्च हुआ यार्ड-16401
22 Jul, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के लिए नई पीढ़ी के पहले ऑफशोर पेट्रोल वेसल का कील लेइंग समारोह आज मुंबई के मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) में आयोजित हुआ. इस जहाज का नाम यार्ड-16401 रखा गया है और यह 6 नए पेट्रोल जहाजों में से पहला होगा.
समारोह की अध्यक्षता डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल आरएच नंदोडकर ने की. इस मौके पर MDL के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (शिप बिल्डिंग) ए विनोद और ICG व MDL के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. इस प्रोजेक्ट का कॉन्ट्रैक्ट 20 दिसंबर 2023 को हुआ था. यह नया जहाज 117 मीटर लंबा होगा और इसमें 11 अफसरों और 110 नौसैनिकों के रहने की व्यवस्था होगी.
क्या होगी इस जहाज की खासियत?
इसकी रेंज 5,000 नॉटिकल मील होगी और यह अधिकतम 23 नॉट की रफ्तार पकड़ सकेगा. इस जहाज में अत्याधुनिक तकनीकें लगाई जाएंगी जैसे AI बेस्ड मेंटेनेंस सिस्टम, रिमोट पायलटेड ड्रोन, इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम (IBS) और इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम (IPMS).यह जहाज पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन और निर्माण के तहत तैयार किया जा रहा है, जो आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती देता है.इस प्रोजेक्ट से भारत की रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और तटरक्षक बल की ताकत और समुद्री
सुरक्षा क्षमताओं को और मजबूत किया जाएगा. नई NGOPV श्रृंखला के जुड़ने से भारतीय तटरक्षक बल को देश के समुद्री हितों की रक्षा में और अधिक मजबूती मिलेगी.
इमरजेंसी लैंडिंग के बाद फंसा था जेट, अब F-35B लौट गया अपने घर
22 Jul, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ब्रिटिश नेवी का स्टेल्थ फाइटर जेट F-35 तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम) से रवाना हो गया है. पांच हफ्तों से तकनीकी खराबी के चलते ब्रिटिश रॉयल नेवी का ये लड़ाकू विमान त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट पर खड़ा था. इंग्लैंड से रॉयल एयर फोर्स की एक स्पेशलिस्ट टीम ने त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट स्थित एमआरओ फैसिलिटी में मरम्मत के बाद जेट को उड़ाने लायक बनाया.
दिल्ली स्थित यूके हाई कमीशन ने भारत का आभार जताते हुए कहा कि 'रिपेयर और सेफ्टी चेक' के बाद F-35B एयरक्राफ्ट तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट से रवाना हो गया है और फिर से 'एक्टिव' सेवा में आ गया है.
प्रधानमंत्री मोदी की दो दिवसीय इंग्लैंड यात्रा
खास बात है कि बुधवार (23 जुलाई, 2025) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय इंग्लैंड के दौरे पर जा रहे हैं. इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार मुक्त संधि पर हस्ताक्षर के साथ ही रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा होने की संभावना है. स्वदेशी स्टेल्थ फाइटर जेट AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) के लिए इंग्लैंड की रोल्स रॉयस कंपनी के एविएशन इंजन को लेकर भी खास तौर से बातचीत हो सकती है.
गैर-NATO देश में उतरा अमेरिका का फाइटर जेट
पिछले महीने की 14 तारीख (जून) से पांचवी श्रेणी का 'अदृश्य' एफ-35 विमान इमरजेंसी लैंडिंग के चलते त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट पर खड़ा था. शुरुआत में बताया गया था कि फ्यूल की कमी के चलते फाइटर जेट की लैंडिंग कराई गई है. बाद में फिर तकनीकी खराबी कारण बताया गया. त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद फाइटर जेट उड़ नहीं पाया. ऐसे में पूरी दुनिया में ये एक कौतुहल का विषय बन गया, क्योंकि पहली बार किसी गैर-नाटो देश में अमेरिका में बना सबसे उन्नत और आधुनिक फाइटर जेट फंस गया था.
अमेरिका का दावा निकला गलत
ये एफ-35 फाइटर जेट, रॉयल नेवी के विमान-वाहक युद्धपोत HMS-वेल्स पर तैनात था. घटना के वक्त, HMS-वेल्स अरब सागर में तैनात था. अमेरिका, इंग्लैंड और नाटो देशों को इसलिए भी झटका लगा क्योंकि भारतीय वायुसेना ने एफ-35 को 'डिटेक्ट' करने का दावा कर डाला.
वायुसेना ने बताया कि देश के IACCS यानी इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम ने अरब सागर में उड़ान भरते हुए एफ-35 को पकड़ लिया था. जबकि अमेरिका का दावा है कि इस फाइटर जेट को दुनिया की कोई रडार नहीं पकड़ सकती है. अमेरिका ने इंग्लैंड और इजरायल सहित अपने सहयोगी देशों को इस बेहद एडवांस लड़ाकू विमान को सप्लाई किया है.
रॉयल एयर फोर्स की एक स्पेशलिस्ट टीम पहुंची त्रिवेंद्रम
शुरुआत में फाइटर जेट के पायलट ने सुरक्षा का हवाला देकर एफ-35 को त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट के हैंगर में ले जाने से भी मना कर दिया था. ऐसे में सीआईएसएफ की एक क्यूआरटी को एफ-35 की सुरक्षा में तैनात किया गया. रॉयल नेवी के इंजीनियर भी तकनीकी खराबी सही करने में नाकाम रहे. बाद में इंग्लैंड से जब रॉयल एयर फोर्स की एक स्पेशलिस्ट टीम त्रिवेंद्रम पहुंची, तब जाकर एफ-35 को एमआरओ यानी मेंटेनेंस रिपेयर और ओवरहालिंग फैसिलिटी में शिफ्ट किया गया.
अमेरिका से आए ‘आकाश के शिकारी’, भारतीय सेना को मिला ताकतवर अपाचे
22 Jul, 2025 04:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय सेना को लंबे समय से लड़ाकू हेलीकॉप्टर अपाचे का इंतजार था, अब ये इंतजार खत्म हो चुका है. ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका से अपाचे हेलीकॉप्टर की पहली खेप भारत पहुंच चुकी है. भारतीय सेना इन हेलीकॉप्टरों को जोधपुर में तैनात करने वाली है. इस हेलीकॉप्टर का भारतीय सेना को लंबे समय से इंतजार था. इनको अमेरिका से 5 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा में खरीदा गया है. हालांकि, इनकी डिलीवरी एक साल पहले होनी थी, लेकिन एक साल से ज्यादा की देरी के साथ अब इनको भारत को सौंपा गया है.
भारतीय सेना को अमेरिका से खरीदे गए अपाचे AH-64E हेलीकॉप्टर मिले हैं, इन्हें ‘उड़ता हुआ टैंक’ या ‘फ्लाइंग तोप’ कहा जाता है. इनकी कीमत 860 करोड़ रुपये प्रति यूनिट है. पहले फेज में 6 अपाचे हेलीकॉप्टरों में से 3 भारत पहुंचे हैं. बचे हुए 3 हेलीकॉप्टर नवंबर तक भारत पहुंच सकते हैं.
2020 में हुई थी अमेरिका से डील
भारत पहुंचे इन हेलिकॉप्टरों की खरीद 2020 में अमेरिका के साथ 600 मिलियन डॉलर (लगभग 5,000 करोड़ रुपये) के सौदे के तहत हुई थी. सूत्रों के मुताबिक जोधपुर में पहले से स्थापित 451 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन इन हेलिकॉप्टरों का संचालन करेगा, जो पश्चिमी सीमा की रक्षा के लिए तैनात होंगे.
अपाचे हेलीकॉप्टरों से भारतीय सेना की मारक क्षमता और ज्यादा मजबूत होगी. सेना को ये हेलीकॉप्टर बोइंग कंपनी से मिल रहे हैं, जो दुश्मन के ठिकानों पर सटीक वार करने में सक्षम हैं. गौरतलब है कि इससे पहले भारतीय वायुसेना के बेड़े में भी अपाचे हेलीकॉप्टर शामिल हैं. अब थल सेना के लिए भी इन्हें तैनात किया जा रहा है ताकि जमीनी ऑपरेशन को और दमदार बनाया जा सके.
क्या हैं अपाचे की खासियत?
इसमें 30 मिमी की ऑटोमेटिक कैनन (गन) लगी होती है जो चलते-फिरते दुश्मन को भी निशाना बना सकती है.
इसमें हाइड्रा-70 रॉकेट सिस्टम लगे हैं, जो जटिल युद्ध क्षेत्रों में भी प्रभावी साबित होते हैं.
इसमें एंटी-टैंक मिसाइलें (जैसे हेलफायर) लगी होती हैं, जो टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों को तबाह करने में सक्षम हैं.
अपाचे के पास रॉकेट पॉड्स भी होते हैं, जो दुश्मन के ठिकानों पर भारी बमबारी कर सकते हैं.
इसमें नाइट विज़न और एडवांस टारगेटिंग सिस्टम होते हैं, जिससे यह दिन-रात और किसी भी मौसम में ऑपरेशन कर सकता है.
इन्हीं ताकत की वजह से इसे जमीन पर चलने वाले भारी टैंक का हवाई वर्ज़न माना जाता है. यानी जरूरत पड़े तो यह दुश्मन के टैंकों को भी हवा से खत्म कर सकता है.
जगदीप धनखड़ के इस्तीफे से सियासत गर्म, पीएम बोले– ईश्वर आपको स्वस्थ रखे
22 Jul, 2025 01:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जगदीप धनखड़ की ओर से कल सोमवार को उपराष्ट्रपति के पद से अचानक इस्तीफा दिए जाने के बाद सियासी माहौल गरम हो गया है. उन्होंने स्वास्थ्य कारणों को अपने इस्तीफे की वजह बताई है. अब पीएम नरेंद्र मोदी ने धनखड़ के इस्तीफे को लेकर पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैं आपके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने पोस्ट में कहा, “जगदीप धनखड़ को भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है. मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं.”
तत्काल प्रभाव से छोड़ा VP पद
इससे पहले सोमवार देर शाम धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे अपने इस्तीफे में धनखड़ ने कहा कि वह स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने और चिकित्सीय सलाह का पालन करने के लिए, मैं संविधान के अनुच्छेद 67 (ए) के अनुसार, तत्काल प्रभाव से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहा हूं.
राष्ट्रपति ने धनखड़ का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. राष्ट्रपति की ओर से इस्तीफा स्वीकार करने के बाद गृह मंत्रालय को अगली कार्यवाही के लिए भेज दिया गया है. माना जा रहा है कि गृह मंत्रालय थोड़ी देर में उपराष्ट्रपति पद पर गजट नोटिफिकेशन जारी करेगा.
2027 तक था धनखड़ का कार्यकाल
इस बीच जगदीप धनखड़ की ओर से स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद आज मंगलवार को राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने सदन की सुबह की कार्यवाही की अध्यक्षता की. चूंकि उपराष्ट्रपति ही राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं. अमूमन धनखड़ ही दिन की शुरुआत में राज्यसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता किया करते थे.
74 साल के जगदीप धनखड़ ने 3 साल पहले अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति का पदभार संभाला था और उनका कार्यकाल 2027 तक था. लेकिन धनखड़ का इस्तीफा संसद के वर्तमान मानसून सत्र के पहले ही दिन आ गया.
कुछ दिन पहले उनकी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में एंजियोप्लास्टी हुई थी. इस साल मार्च में उन्हें कुछ दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
इस्तीफे पर विपक्ष का सवाल
हालांकि अचानक हुए इस्तीफे पर विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है. कांग्रेस का कहना है कि धनखड़ का यह इस्तीफा उनके बारे में बहुत कुछ कहता है और साथ ही यह उन लोगों की नीयत पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है जिन्होंने उन्हें उपराष्ट्रपति पद तक पहुंचाया.
कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने कहा कि जगदीप धनखड़ ने कल साढ़े 12 बजे राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति की अध्यक्षता की थी. फिर एक बजे से शाम साढ़े चार बजे के बीच कुछ बड़ा घट गया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और किरेन रीजीजू कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में नहीं पहुंचे. वह मानदंडों, मर्यादाओं और नियमों को लेकर बेहद अलर्ट थे और उनका मानना था कि उनके कार्यकाल में इन नियमों की लगातार अवहेलना की जा रही थी. विपक्ष की ओर से किए जा रहे सवाल पर सरकार की ओर से कुछ नहीं कहा गया है.
सीतामढ़ी को मिलेगा नया धार्मिक पहचान, अमित शाह करेंगे मंदिर निर्माण की शुरुआत
22 Jul, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले 8 अगस्त को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सीतामढ़ी स्थित पुनौरा धाम में देवी सीता मंदिर की आधारशिला रखेंगे. इस दौरान उनके साथ सीएम नीतीश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे. नीतीश कैबिनेट ने इस महीने की शुरुआत में ही सीता मंदिर निर्माण के लिए 883 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी थी.
बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले सीतामढ़ी में सीता माता मंदिर का शिलान्यास होगा. बिहार के सीतामढ़ी में सीता माता मंदिर का शिल्यास गृहमंत्री अमित शाह 8 अगस्त को करेंगे. गृहमंत्री शाह 7 और 8 अगस्त को बिहार पर रहने वाले हैं. इस दौरान वे 7 अगस्त को पटना में प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. 8 अगस्त को सीतामढ़ी में सीता माता मंदिर का शिलान्यास करेंगे.
सीतामढ़ी स्थित पुनौरा धाम को श्री राम जन्मभूमि की तर्ज पर डेवलप किया जाएगा. इसके लिए 137 करोड़ रुपये मौजूदा मंदिर के जीर्णोद्धार पर और 728 करोड़ रुपये परिक्रमा पथ और पार्किंग रोड जैसे बुनियादी ढांचे पर खर्च किए जाएंगे. इसके साथ ही मंदिर के 10 सालों के रखरखाव के लिए भी कुछ राशि रखी जाएगी.
लाखों की संख्या में पहुंचते हैं भक्त
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 22 जून को जानकी मंदिर के अंतिम डिजाइन का अनावरण किया था. इस मंदिर को अयोध्या के श्री राम मंदिर की तर्ज पर भव्य रूप में बनाया जाएगा. सीतामढ़ी से 5 किलोमीटर दूर स्थित पुनौरा धाम है. यह मां सीता की जन्मस्थली के रूप में श्रद्धालुओं के बीच चर्चित है. यहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं. सरकार इस मंदिर को अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर ही विकसित करने जा रही है. ऐसा करने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा इसके साथ ही स्थानीय व्यापार और रोजगार भी बढ़ेगा.
सीता माता को लेकर ऐसा माना जाता है कि उनका घर जनकपुर नेपाल में था. हालांकि असल में सीता मां का जन्म बिहार के सीतामढ़ी जिले में हुआ था. ऐसा मान्यता है कि पुनौरा गांव में ही राजा जनक को मां सीता मिली थीं. यही कारण है कि यहां से लोगों की अटूट श्रद्धा जुड़ी हुई है.
सरकार का खुलासा: सुरक्षा उल्लंघन पर एअर इंडिया को मिले 9 नोटिस
22 Jul, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन एक लिखित जवाब में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि पिछले छह महीनों में पांच चिन्हित सुरक्षा उल्लंघनों के संबंध में एअर इंडिया को कुल नौ कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और एक उल्लंघन के संबंध में प्रवर्तन कार्रवाई पूरी कर ली गई है।
दरअसल, नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने एक सदन में एक लिखित उत्तर में बताया कि एअर इंडिया के कुल 33 विमानों में से 31 परिचालन विमानों का निरीक्षण किया गया है, जिनमें से 8 विमानों में मामूली खामियां पाई गईं। इन विमानों को सुधार के बाद परिचालन के लिए जारी कर दिया गया है। शेष 2 विमान निर्धारित रखरखाव के अधीन हैं।
छह महीने में 9 नोटिस जारी किए गए
जानकारी दें कि सदन में वह भाजपा सदस्य अशोकराव शंकरराव चव्हाण के एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक अलग लिखित उत्तर में कहा कि गत छह महीने में दुर्घटनाग्रस्त विमानों के संबंध में एअर इंडिया की विश्वसनीयता रिपोर्टों में कोई प्रतिकूल प्रवृत्ति सामने नहीं आई है।
वहीं, उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों के दौरान, पांच चिन्हित सुरक्षा उल्लंघनों के संबंध में एअर इंडिया को कुल नौ कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। डीएमके नेता कनिमोझी एनवीएन सोमू के सवालों के जवाब में उन्होंने संसद में ये जानकारी दी।
पिछले महीने हुआ था विमान हादसा
गौरतलब है कि 12 जून को हमदाबाद से लंदन गैटविक जा रहा एयर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइन के बोइंग 787-8/9 विमान की अतिरिक्त जांच के आदेश दिए। इस विमान हादसे में 81 लोग घायल हुए थे।
चारधाम यात्रा के दौरान 5 साल में 6 हेलिकॉप्टर हादसे
पिछले 5 वर्षों में चारधाम यात्रा के दौरान कुल 6 हेलीकॉप्टर हादसे हुए, जिनमें से 4 सिर्फ इसी वर्ष जून तक हुए। 8 मई के हादसे में 6 लोगों की मौत हुई। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) जांच कर रहा है और डीजीसीए ने सुरक्षा सख्त कर दी है।
पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद सर्ज प्राइसिंग पर लगाम लगाने के लिए सरकारी हस्तक्षेप के बाद श्रीनगर - दिल्ली उड़ान का किराया 20 हजार रुपए से घटकर 24 अप्रैल को 10 हजार रुपए से भी कम हो गया।
धनखड़ का इस्तीफा: अब मानसून सत्र में कौन संभालेगा राज्यसभा की कार्यवाही?
22 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संसद के मानसून सत्र का आगाज कल सोमवार को विपक्षी सांसदों के हंगामे के साथ हो गया था, और फिर रात होते-होते उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक पद से इस्तीफा देने की घटना ने सभी को चौंका दिया. उपराष्ट्रपति ही संसद के ऊपरी सदन यानी राज्यसभा का पदेन सभापति होता है और उसी के नेतृत्व में संसदीय कार्यवाही का संचालन किया जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर पद छोड़ने वाले धनखड़ के बाद अब राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन किसके हाथों में होगा.
तत्काल प्रभाव से उपराष्ट्रपति का पद छोड़ने वाले जगदीप धनखड़ के इस फैसले ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है. अगला उपराष्ट्रपति चुने जाने के लिए 60 दिनों का वक्त है और संसद की कार्यवाही चल रही है. ऐसे में अब सवाल यह है कि संसद में जारी मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता कौन करेगा?
उपराष्ट्रपति के चुनाव में अभी वक्त
संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा को राज्यों की परिषद भी कहा जाता है. राज्यसभा में देश के सभी राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों के प्रतिनिधि और राष्ट्रपति द्वारा नामित लोग शामिल होते हैं. उपराष्ट्रपति ही राज्यसभा का पदेन सभापति होता है. साथ ही राज्यसभा अपने सदस्यों में से किसी एक को उपसभापति चुनती है. सभापति और उपसभापति ही राज्यसभा की बैठकों की अगुवाई करते हैं.
धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब राज्यसभा के सभापति की कुर्सी अचानक खाली हो गई है. ऐसे में राज्यसभा में शेष मानसून सत्र की अगुवाई अब उपसभापति ही करेंगे. इस समय हरिवंश नारायण सिंह उपसभापति हैं. वह सितंबर 2020 से ही इस पद पर कार्यरत हैं. अब जब तक नए उपराष्ट्रपति का चुनाव नहीं होता और वो अपना पदभार ग्रहण नहीं कर लेते, तब तक हरिवंश नारायण ही राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन करेंगे.
चुनाव आयोग को जल्द से जल्द कराना होगा चुनाव
हालांकि संविधान में इस संबंध में कुछ नहीं कहा गया है कि उपराष्ट्रपति की मौत होने या उनके कार्यकाल खत्म होने से पहले इस्तीफा देने की स्थिति में, या उपराष्ट्रपति के भारत के राष्ट्रपति के रूप में काम करने की सूरत में उनके कर्तव्यों का निर्वहन कौन करेगा.
दूसरी ओर, चुनाव आयोग को अब जल्द से जल्द उपराष्ट्रपति को लेकर चुनाव कराना होगा. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 68 के खंड 2 के तहत उपराष्ट्रपति की मृत्यु, इस्तीफे या पद से हटाए जाने या किसी अन्य वजहों से खाली हुए पद को भरने के लिए जल्द से जल्द चुनाव कराना होगा.
कौन करता है चुनाव
खाली पड़े इस पद के लिए निर्वाचित शख्स का कार्यकाल पूरे 5 साल का होगा. वह पदभार ग्रहण करने की तारीख से अगले 5 साल तक पद पर बना रहेगा. उपराष्ट्रपति देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद होता है. उनका कार्यकाल 5 साल के लिए होता है. लेकिन कार्यकाल खत्म होने तक अगर नए उपराष्ट्रपति का चयन नहीं हो सका तो नए उत्तराधिकारी के आने तक वह पद पर बने रहेंगे.
संविधान के अनुच्छेद 66 के अनुसार, नए उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सदस्यों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत के जरिए कराया जाता है.
उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार को भारत का नागरिक होना चाहिए. दावेदारी पेश करने के दौरान उसकी आयु 35 साल की होनी चाहिए.
उत्तर भारत में मानसून फिर सक्रिय, बारिश से बदलेगा मौसम का मिजाज
22 Jul, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से राजधानी में तेज बारिश नहीं हुई है। जिसके कारण एक बार फिर से लोग उमस और गर्मी का सामना कर रहे हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने दिल्लीवासियों को राहत भरी खबर सुनाई है।
मौसम विभाग की मानें तो आज (22 जुलाई) दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश की उम्मीद है। मौसम विभाग ने यह भी जानकारी दी कि पूरे हफ्ते दिल्ली-एनसीआर में हल्की-मध्यम बारिश की संभावना है।
यूपी-बिहार में आज कैसा रहेगा मौसम?
बात की जाए उत्तर प्रदेश की तो राज्य के कई जिलों में आज हल्की बारिश के आसार हैं। कई जिलों गरज चमक के साथ मूसलाधार बारिश भी हो सकती है।
बिहार में मानसून ने एक बार फिर से रफ्तार पकड़ ली है। जिसके चलते कई इलाकों में रविवार से झमाझम बारिश दर्ज की गई है। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। आज भी कुछ जिलों में बारिश के अलर्ट जारी किया गया हैं।
पहाड़ी राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी
पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने कुमाऊं क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। कुमाऊं क्षेत्र के नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर में रविवार को भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू कश्मीर में 21 से 23 जुलाई तक भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 21 से 27 जुलाई तक बारिश की संभावना है। IMD ने 23 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश में भारी से लेकर बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
कर्नाटक में अगले कुछ घंटों में हो सकती है जबरदस्त बारिश
गोवा और मध्य महाराष्ट्र के समुद्र के तटवर्ती इलाकों में 21 से 27 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश की आशंका जताई गई है।
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ जिलों के कुछ हिस्सों में अगले 24 घंटे में भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान जताया। IMD के अनुसार, उडुपी जिले के हंगालोरू में रविवार को सबसे ज्यादा 92 मिमी बारिश हुई, जबकि गडग जिले में 77.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो जुलाई में अब तक की तीसरी सबसे अधिक बारिश है।
जम्मू: वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन, कई श्रद्धालु मलबे में दबे
21 Jul, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कटरा। जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी है। इसी बीच सोमवार की सुबह कटरा में वैष्णो देवी मंदिर की जाने वाले रास्ते में भूस्खलन हो गया। भूस्खलन से सड़क पर एक शेड गिर गया, जिससे कई लोग फंस गए। चार लोगों को बचा लिया गया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। अभी कई लोगों के फंसे होने की संभावना है। घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है।
भूस्खलन से प्रभावित सड़क पर यात्रा के लिए अवरुद्ध कर दिया है। एक वीडियो में क्षेत्र में भारी बारिश और पास में भूस्खलन दिखाई दे रहा है। इससे पहले जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में खराब मौसम के बीच भारतीय सेना ने एक बार फिर अमरनाथ यात्रियों के जीवन की सुरक्षा के लिए अपनी अटूट प्रतिबद्धता दिखाई। 16 जुलाई की शाम को लगातार बारिश से रायलपथरी और बरारि मार्ग के बीच ज़ेड मोड़ पर भूस्खलन हुआ, जिसके वजह से यात्रा रुक गई और बड़ी संख्या में तीर्थयात्री फंस गए। बता दें 17 जुलाई को भी घाटी में पिछले 36 घंटों से हो रही भारी बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई थी।
मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस बीच उत्तराखंड के छह जिलों में सोमवार को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और उधमसिंह नगर के कुछ इलाकों में तेज़ हवाओं के साथ बिजली गिर सकती है।
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