देश
भारतीय सेना को मिले ‘रुद्र’ और ‘भैरव’, अब दुश्मनों के उड़े होश
26 Jul, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Indian Army chief General Upendra Dwivedi: कारगिल विजय दिवस पर शनिवार को पूरा देश शहीद वीर जवानों को याद कर रहा है। विजय दिवस के मौके पर भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने बड़ा ऐलान किया है। आर्मी चीफ ने 'रुद्र' नाम की नई सर्व-शस्त्र ब्रिगेड की घोषणा की है। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कारगिल के द्रास में कहा कि आधुनिकीकरण और बदलाव की दिशा में सेना में 'रुद्र' और 'भैरव' नामक ब्रिगेड की भी स्थापना की जा रही हैं। ऑल आर्म ब्रिगेड और सबसे खतरनाक स्पेशल फोर्स की बटालियन तैयार की जा रही हैं।
दुश्मन का बनेगा काल
आर्मी चीफ ने भारतीय सेना के आधुनिकीकरण को लेकर बड़ा कदम उठाया है। इस फैसले से सीमा पर चीन और पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारतीय सेना न केवल चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर रही है, बल्कि दुश्मनों की रणनीति के खिलाफ खुद को मजबूती से तैयार करने में जुटी हुई है।
सेना की नई ताकत रुद्र
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को कहा कि वर्तमान में भारतीय सेना हर चुनौतियों को डटकर मुकाबला कर रही है। इसे आधुनिक और भविष्य के लिए ओर मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में 'रुद्र' नाम की एक नई ऑल आर्म ब्रिगेड बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में इसकी मंजूरी मिल गई है। यह ब्रिगेड इन्फैंट्री, मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री, टैंक, आर्टिलरी, स्पेशल फोर्स और ड्रोन जैसी यूनिटों से लैस होगी। इसको आवश्यकता पड़ने पर रसद और युद्ध के दौरान हर तरह की मदद मिलेगी। बॉर्डर पर भारतीय सेना दुश्मन को करारा जवाब दे रही है। यह ब्रिगेड में पाकिस्तान और चीन की साजिश को झटके में नाकाम करने की ताकत होगी।
क्या है 'भैरव' बटालियन
आर्मी चीफ ने बताया कि भैरव नाम की नई लाइट कमांडो बटालियन का गठन किया गया है। यह विशेष रूप से चुस्त और सबसे खकरनाक स्पेशल फोर्स की तरह काम करती है। अब हर इन्फेंट्री बटालियन में ड्रोन की एक अलग प्लाटून होगी। आर्टिलरी रेजिमेंट में ‘दिव्यास्त्र बैटरियों’ और लोइटर म्यूनिशन की तैनाती से उनकी मारक क्षमता में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। सेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय सेना की एयर डिफेंस सिस्टम को अब स्वदेशी मिसाइल सिस्टम से लैस किया जा रहा है। इससे हमारी रक्षा पहले से ज्यादा मजबूत हुई है।
झारखंड में बड़ी सफलता: मुठभेड़ में JJMP के 3 नक्सली ढेर, हथियारों का जखीरा बरामद
26 Jul, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Naxalites Encounter: झारखंड के गुमला जिले में शनिवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच एक भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें झारखंड जन मुक्ति परिषद (JJMP) के तीन नक्सली मारे गए। यह मुठभेड़ घाघरा थाना क्षेत्र के लावादग गांव के पास हुई, जहां झारखंड जगुआर और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया।
गुप्त सूचना पर की गई थी घेराबंदी
पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि JJMP के नक्सली लावादग चोरालतवा गांव के पास एक घर में छिपे हुए हैं और किसी बड़ी हिंसक कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए झारखंड जगुआर और गुमला पुलिस की टीम ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची, नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला और हुई मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए। दो नक्सली भागने में सफल रहे।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
मुठभेड़ के बाद मौके से एक एके-47 राइफल और दो इंसास राइफलें बरामद की गई हैं। इसके अलावा कारतूसों के कई खोखे भी पाए गए, जिससे स्पष्ट है कि दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई। गुमला के एसपी हारिस बिन जमान ने बताया कि मारे गए नक्सलियों में से एक की पहचान दिलीप लोहरा (32) के रूप में हुई है, जो बेलागड़ा गांव का निवासी था। बाकी दो की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी
फिलहाल सुरक्षाबलों ने इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, ताकि भागे हुए नक्सलियों को पकड़ा जा सके। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के लिए कहा गया है।
ऑपरेशन को मिली बड़ी सफलता
JJMP संगठन माओवादी संगठन CPI (Maoist) से अलग होकर बना एक गुट है, जो झारखंड के कई जिलों में सक्रिय है। यह कार्रवाई नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षाबलों की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। लगातार बढ़ रहे नक्सली खतरे के बीच यह ऑपरेशन न केवल सुरक्षाबलों की तत्परता को दर्शाता है, बल्कि इससे आम लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।
कारगिल युद्ध की विरासत एकता और देशभक्ति की भावना को सशक्त करती है– बोले राज्यपाल
26 Jul, 2025 06:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सशस्त्र बलों और नागरिक संगठनों की संयुक्त रणनीति से बहाल हो रही व्यवस्था
इंफाल।
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मणिपुर के राज्यपाल अजय भल्ला ने कहा कि सरकार, सशस्त्र बलों और नागरिक समाज संगठनों के समन्वित प्रयासों से राज्य में शांति और सामान्य स्थिति धीरे-धीरे लौट रही है। जातीय हिंसा से जूझ रहे इस पूर्वोत्तर राज्य में हाल के महीनों में उग्रवाद और जबरन वसूली में लिप्त कई तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई से कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है। मिलिशिया समूहों की फंडिंग, जबरन वसूली और साइबर योजनाओं से जुड़े कई उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं।
मणिपुर पुलिस ने नागरिकों को सुरक्षा देने के उद्देश्य से ‘जबरन वसूली विरोधी सेल’ और एक गोपनीय हेल्पलाइन शुरू की है। इस अभियान में राज्य पुलिस, सीएपीएफ, असम राइफल्स और सेना की संयुक्त भागीदारी है।
राज्यपाल भल्ला ने कहा कि सामुदायिक संपर्क और सुरक्षा बलों की संयुक्त रणनीति से उग्रवादी नेटवर्क कमजोर हो रहे हैं। नागरिक व्यवस्था बहाल की जा रही है और विस्थापित लोगों को पुनर्वास के माध्यम से आशा और आत्मनिर्भरता की दिशा में लौटाया जा रहा है। इसके लिए मैतेई, कुकी-ज़ो और नागा समुदायों के साथ संवाद जारी है।
कारगिल विजय दिवस पर वीरों को श्रद्धांजलि
राज्यपाल ने कारगिल विजय दिवस की स्मृति में कहा कि यह दिन हमें एकता, लचीलापन और देशभक्ति के मूल्यों की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि मणिपुर के सात वीर सैनिकों ने कारगिल युद्ध में देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा, “मैं उन सभी शहीदों को नमन करता हूं जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया। भारत अपनी अखंडता की रक्षा करता रहेगा और किसी भी आतंकी या युद्ध की चुनौती का डटकर सामना करेगा।”
मोदी की लोकप्रियता का डंका, ट्रंप और अन्य वैश्विक नेताओं को पछाड़ा
26 Jul, 2025 03:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका की बिजनेस इंटेलिजेंस फर्म मॉर्निंग कंसल्ट द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में दुनिया के सामने उभरकर आए हैं. मॉर्निंग कंसल्ट ने जो रेटिंग जारी की है उसमें पीएम मोदी को 75 प्रतिशत लोगों की अप्रूवल रेटिंग मिली है. इसके बाद साउथ कोरिया ली जे-म्युंग 59% रेटिंग के साथ दूसरे स्थान पर है. 57% रेटिंग अर्जेंटीना के जेवियर मिलेई को, 56% रेटिंग कनाडा के मार्क कार्नी को मिली है. यहां सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात यह है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आठवें स्थान पर हैं. उन्हें खाली 44% रेटिंग ही मिली. इसके साथ ही वो टॉप 5 की रेस में अपनी जगह नहीं बना पाए. इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को 10वां स्थान मिला है.
इस सर्वे में सामने आया कि दुनिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ रही है. उनके मजबूत नेतृत्व पर लोग भरोसा करते हैं. विकास नीतियां विश्व में उनकी लोकप्रियता को बढ़ाती जा रही हैं. हर 4 में से 3 लोगों के विचार पीएम मोदी को लेकर एक लोकतांत्रिक नेता के रूप में सकारात्मक थे. इस बात को करीब 18% लोगों ने माना और करीब 7% लोगों की कोई स्पष्ट राय नहीं थी.
PM मोदी सबसे भरोसेमंद नेता
वहीं अब इसपर भारतीय जनता पार्टी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय की प्रतिक्रिया सामने आई हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया का सबसे विश्वसनीय लीडर बताया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एकस पर लिखा, “एक अरब से ज्यादा भारतीयों के प्रिय और दुनिया भर में लाखों लोगों के सम्मान के पात्र, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मॉर्निंग कंसल्ट ग्लोबल लीडर अप्रूवल ट्रैकर में एक बार फिर शीर्ष पर हैं, दुनिया भर में सबसे ज़्यादा रेटिंग वाले और सबसे भरोसेमंद नेता, मज़बूत नेतृत्व, वैश्विक सम्मान, भारत सुरक्षित हाथों में है.”
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की. 4 से 10 जुलाई 2025 के बीच कराए गए इस सर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 75% जनता का समर्थन प्राप्त हुआ, जिससे वे वैश्विक स्तर पर अन्य प्रमुख नेताओं की तुलना में कहीं आगे नजर आते हैं.
शनिवार सुबह डोडा में महसूस किए गए भूकंप के झटके, लोगों में दहशत
26 Jul, 2025 02:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू-कश्मीर के डोडा में शनिवार सुबह भूंकप के झटके महसूस किए गए. राज्य में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गई. जानकारी के अनुसार इस भूकंप की वजह से अभी तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है. भूकंप का केंद्र धरती के नीचे 5 किलोमीटर की गहराई में मापा गया. इस भूकंप का भौगोलिक केंद्र 33 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 76.14 डिग्री पूर्वी देशांतर पर रहा.
जम्मू कश्मीर के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला शहर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. बता दें कि धर्मशाला शहर हिमाचल प्रदेश की दूसरी सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला शहर है.
4.1 मापी गई तीव्रता
शनिवार सुबह जम्मू कश्मीर के डोडा में महसूस किए गए भूकंप के झटके की तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गई. इस भूकंप का केंद्र मात्र 5 किमी नीचे ही था. राहत एवं बचाव विभाग भूकंप आने के बाद स्थिति पर अपनी नजर बनाए हुए है. उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि वह किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
पिछले महीने भी महसूस हुए भूकंप के झटके
पिछले महीने 28 जून को भी जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.6 थी. 9 किमी की गहराई पर आए भूकंप से किसी तरह के कोई नुकसान की सूचना नहीं मिली थी. यह भूकंप शाम करीब 7:30 के बाद आया था.
दिल्ली में 14 दिनों में पांच बार आया भूकंप
दिल्ली एनसीआर में बार-बार भूकंप के झटके महसूस किए गए. राष्ट्रीय विज्ञान भूकंप केंद्र के अनुसार दिल्ली में पिछले 14 दिनों में पांच बार भूकंप के झटके महसूस किए गए. 22 जुलाई मंगलवार आए भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई थी. इस भूकंप का केंद्र फरीदाबाद था. इससे पहले 17 जुलाई, 16 जुलाई, 11 जुलाई और 10 जुलाई को भी दिल्ली में भूकंप के झटके से महसूस हुए थे. दिल्ली-एनसीआर में लगातार आए भूकंप के झटकों के मद्देनजर रखते हुए जिला प्रशासन ने 1 अगस्त को मेगा माकड्रिल आयोजित करने का निर्णय लिया है. यह अभ्यास दिल्ली के सभी 11 जिलों में 55 से अधिक स्थानों पर होगा.
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस को लेकर बम की धमकी, सर्च ऑपरेशन जारी
26 Jul, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
CSMT स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप
मुंबई। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शनिवार, 26 जुलाई 2025 को सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। धमकी एक अज्ञात कॉलर द्वारा दी गई थी, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि स्टेशन परिसर में बम रखा गया है, जिससे यात्रियों की जान को खतरा हो सकता है।
DGP ऑफिस में आया धमकी भरा कॉल
यह कॉल सीधे महाराष्ट्र पुलिस के महानिदेशक (DGP) कार्यालय में किया गया, जिसके बाद तत्काल अलर्ट जारी कर दिया गया। सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और स्टेशन परिसर को घेरते हुए सघन तलाशी अभियान शुरू किया।
दो घंटे चला तलाशी अभियान, कोई विस्फोटक नहीं मिला
करीब दो घंटे तक चले तलाशी अभियान के दौरान स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से जांच की गई, लेकिन कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। राहत की बात यह रही कि यह धमकी झूठी निकली, फिर भी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। स्टेशन पर CCTV फुटेज की निगरानी भी तेज कर दी गई है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, साइबर सेल को सौंपी जांच
कोलाबा पुलिस थाने में IPC की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। कॉल करने वाले की पहचान और उसकी लोकेशन का पता लगाने के लिए साइबर सेल की सहायता ली जा रही है। पुलिस ने जल्द ही आरोपी को पकड़ने का भरोसा जताया है।
बम धमकी की घटनाओं में बढ़ोतरी, कानून व्यवस्था पर चुनौती
हाल के महीनों में देशभर में बम से उड़ाने की धमकियों में तेजी आई है। रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट, स्कूल, अस्पताल और सरकारी संस्थानों को निशाना बनाते हुए फर्जी कॉल या मेल भेजे जा रहे हैं। हालांकि इन मामलों में ज्यादातर धमकियां झूठी साबित हुई हैं, लेकिन कानून व्यवस्था के लिए यह एक गंभीर चुनौती बन चुकी है।
26वां करगिल विजय दिवस: द्रास में गूंजा शौर्य का स्वर
26 Jul, 2025 12:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रीनगर: करगिल की जंग में पाकिस्तान को भारत से कई मोर्चों पर हार का सामना करना पड़ा था. इस जीत को हर साल 26 जुलाई को करगिल विजय दिवस के तौर पर बड़े गर्व से मनाया जाता है. यह दिन उन वीर सपूतों को समर्पित है, जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ करगिल की जंग में अदम्य साहस का परिचय दिया.
करगिल युद्ध का द्रास कनेक्शन
साल 1999 में लद्दाख के करगिल जिले में स्थित द्रास शहर भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच मुख्य युद्ध का क्षेत्र था. करगिल विजय दिवस के 26 साल पूरे होने के अवसर पर, द्रास शहर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने और कट्टर दुश्मन पाकिस्तान के खिलाफ जीत की कहानियां सुनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है.
मई 1999 में, भारत और पाकिस्तान के बीच जंग कारगिल जिले के द्रास नामक छोटे से पहाड़ी कस्बे में छिड़ गया था. उस दौरान पाकिस्तानी सेना और घुसपैठियों ने कारगिल जिले के द्रास के पहाड़ी और रणनीतिक इलाके पर कब्जा कर लिया था. 500 से ज़्यादा सैनिकों के बलिदान और द्रास के पहाड़ी इलाके में दो महीने की लड़ाई के बाद, भारतीय सेना ने 26 जुलाई को उस इलाके पर फिर से कब्जा किया और विजय की घोषणा की.
वैसे तो मुख्य युद्ध द्रास में लड़ा गया था, फिर भी इस दिन को 1999 से 'करगिल विजय दिवस' के रूप में मनाया जाता है. इस दिन, भारतीय सेना के जवान एक बड़े से मैदान में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. इसे हम करगिल विजय स्मारक के नाम से जानते हैं.
यह स्मारक मुख्य करगिल शहर से सड़क मार्ग की 60 किलोमीटर की दूर पर स्थित द्रास कस्बे में बना है. मुख्य यह स्मारक साल भर पर्यटकों और विजिटर्स के लिए दर्शनीय स्थल बना रहता है. हालांकि, 26 जुलाई को करगिल दिवस के अवसर पर यह स्मारक मुख्य आकर्षण का केंद्र होता है.
इस दिन शहीद सैनिकों के परिवार, इस युद्ध में लड़ने वाले रिटायर्ड सैनिक और गंभीर रूप से घायल होने के बाद जीवित बचे सैनिक और अधिकारी, शहीदों को श्रद्धांजलि देने और युद्ध के दौरान उनके शानदार बलिदान और लड़ाई को याद करने के लिए द्रास लाए जाते हैं. इसके अलावा, कई कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित की जाती हैं जिनमें कारगिल के स्थानीय निवासी भाग लेते हैं और अलग-अलगसांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं जो केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की पहचान बनाते हैं.
स्थानीय कलाकार द्रास के खेल मैदान में नृत्य, गायन जैसी आर्य सांस्कृतिक गतिविधियां प्रस्तुत करते हैं. जबकि खिलाड़ी विभिन्न खेल गतिविधियां करते हैं, जिनमें से मुख्य आकर्षण लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश का एक लोकप्रिय खेल, हॉर्स पोलो है.
स्मारक में ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाता है. इसमें सेना के टॉप अधिकारी भाग लेते हैं, जबकि शहीद सैनिकों के परिवार अपने नायकों को याद करते हुए दुःख और गर्व के साथ इस विजय यात्रा को देखते हैं. परिवार और यहां आने वाले लोग स्मारक पर उन सभी शहीद सैनिकों के नाम याद करने आते हैं जिनके नाम बहुरंगी मोमबत्तियों से सजी दीवार पर अंकित हैं.
करगिल युद्ध के प्रमुख नायकों मेजर राजेश अधिकारी, मेजर पी. आचार्य, मेजर विवेक गुप्ता, कैप्टन विक्रम बत्रा, कैप्टन अनुज नैयर, कैप्टन कीशिंग क्लिफोर्ड नोंग्रुम, कैप्टन नीकेझोउ केंगुरसे और लेफ्टिनेंट मनोज पांडे की प्रतिमाएं 'विजयपथ' पर स्थापित हैं, जो स्मारक के मुख्य द्वार से दीवार तक जाने वाला मुख्य मार्ग है।. करगिल युद्ध के बाद कैप्टन बत्रा और लेफ्टिनेंट पांडे को परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था, जबकि अन्य छह शहीदों को महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था.
भारतीय सेना युद्ध में इस्तेमाल किए गए अपने हथियारों का भी प्रदर्शन करती है. बोफोर्स तोपें, क्यूएफ 25-पाउंडर तोपें मुख्य आकर्षण के केंद्र होते हैं, जबकि अन्य हथियार और गोला-बारूद भी वहां मौजूद लोगों को दिखाए जाते हैं. प्रत्येक डेस्क पर एक सेना का जवान तैनात रहता है जो विजिटर्स और मीडियाकर्मियों को इन हथियारों की उपयोगिता और महत्व के बारे में बताता है.
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में मेरा युवा भारत, शनिवार को द्रास में शहीद हुए काग्रिल को श्रद्धांजलि देने के लिए 'कारगिल विजय दिवस पदयात्रा' का आयोजन करेगा. केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ इस पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे. इस पदयात्रा में एक हजार युवा, पूर्व सैनिक, सशस्त्र बल कर्मी, शहीदों के परिवार और नागरिक समाज के सदस्य भाग लेंगे.
अधिकारियों का कहना है कि, यह पदयात्रा व्यापक विकसित भारत पदयात्रा पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश भर में स्मारक और सहभागी कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देना, नागरिक जुड़ाव को गहरा करना और युवाओं में एकता की भावना को मजबूत करना है.
राष्ट्रनिर्माण में जनभागीदारी के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप, यह पहल युवाओं से लेकर दिग्गजों तक सभी हितधारकों को राष्ट्रीय स्मरण के एक साझा कार्य में एक साथ लाती है, जिससे राष्ट्र निर्माण में नागरिकों, विशेष रूप से अमृत पीढी की भूमिका को बल मिलता है.
हर साल, देश के रक्षा मंत्री स्मरणोत्सव के समापन दिवस पर स्मारक का दौरा करते हैं. शनिवार को, उप-सेना प्रमुख (रणनीति) और सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई करगिल विजय स्मारक जाकर कारगिल के नायकों को श्रद्धांजलि देंगे. करगिल के लिए उड़ान भरने से पहले, लेफ्टिनेंट जनरल घई ने आज जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की और केंद्र शासित प्रदेश में मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की.
ड्रोन से मिसाइल अटैक का सफल परीक्षण, भारत की रक्षा शक्ति को मिली नई धार
26 Jul, 2025 11:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली, भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए ड्रोन से लांच की जाने वाली लक्ष्यभेदी मिसाइल (यूएलपीजीएम)-वी3 का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा आंध्र प्रदेश के कर्नूल स्थित नेशनल ओपन एरिया रेंज में किया गया। यह मिसाइल आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है, जिसमें दुश्मन के ठिकानों को न्यूनतम जोखिम के साथ नष्ट करने की क्षमता शामिल है। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने अपनी गति, सटीकता और लक्ष्य को नष्ट करने की क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता पर डीआरडीओ और इसके पार्टनर्स को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारत की रक्षा क्षमताओं को एक बड़ा बढ़ावा मिला है। डीआरडीओ ने यूएवी लांच्ड प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल (यूएलपीजीएम)-वी3 के फ्लाइट ट्रायल को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
यह सफलता दर्शाती है कि भारतीय उद्योग अब महत्त्वपूर्ण रक्षा तकनीकों को आत्मसात करने और उत्पादन करने में सक्षम है। यूएलपीजीएम-वी3 का यह वर्जन पूर्ववर्ती वी2 वेरिएंट का एडवांस रूप है, जिसे डीआरडीओ की टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लैबोरेटरी द्वारा तैयार किया गया था। वी2 वेरिएंट में मल्टीपल वॉरहेड कॉन्फिगरेशन की सुविधा थी, जबकि वी3 में और अधिक एडवांस तकनीकें शामिल की गई हैं, जैसे कि इमेजिंग इन्फ्रारेड सीकर और ड्यूल थ्रस्ट प्रोपल्शन सिस्टम, जिससे इसकी रेंज और मारक क्षमता दोनों में वृद्धि हुई है। यह मिसाइल विशेष रूप से मानव रहित हवाई वाहनों यानी यूएवी के माध्यम से लांच की जा सकती है, जिससे यह दुश्मन की चौकसी के बावजूद गुप्त हमले करने में सक्षम बनती है।
जस्टिस वर्मा पर महाभियोग प्रस्ताव खारिज, राज्यसभा ने नहीं दी मंजूरी
26 Jul, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली, पिछले दिनों उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। माना जा रहा है कि उनके इस कदम के पीछे जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ राज्यसभा में महाभियोग प्रस्ताव को अनुमति देना था। अब सूत्रों ने बताया है कि राज्यसभा ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा राज्यसभा के सभापति के रूप में स्वीकार किए गए विपक्ष समर्थित प्रस्ताव को सदन में औपचारिक तौर पर पेश नहीं मानते हुए खारिज कर दिया जाएगा।
इस मामले पर सरकार अब लोकसभा में प्रस्ताव पेश करेगी। इस बीच, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि हमें किसी भी संदेह में नहीं रहना चाहिए, जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने की कार्यवाही यानी महाभियोग लाने की प्रक्रिया लोकसभा में शुरू होगी। इसके तहत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला जस्टिस वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए एक समिति गठित करेंगे। उस समिति को अगर पर्याप्त कारण मिलते हैं तो वह जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने की सिफारिश करेगी। फिर सदन में उसे पेश किया जाएगा।
सीडीएस चौहान का संदेश: ऑपरेशन सिंदूर के बीच सैन्य सतर्कता में कोई ढील नहीं
26 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने शुक्रवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और देश की सैन्य तैयारी 24 घंटे और पूरे वर्ष यानी 365 दिन बहुत उच्च स्तर पर बनी रहनी चाहिए। राजधानी दिल्ली के सुब्रतो पार्क में आयोजित एक रक्षा संगोष्ठी में अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में सेना को सूचना योद्धाओं, प्रौद्योगिकी योद्धाओं और विद्वान योद्धाओं की भी जरूरत होगी। सीडीएस ने कहा कि और युद्ध के इस बदलते परिदृश्य में भविष्य के सैनिक को सूचना, तकनीक और विद्वान योद्धाओं तीनों का मिश्रण होना आवश्यक होगा। सीडीएस ने कहा कि युद्ध में कोई उपविजेता नहीं होता है और किसी भी सेना को लगातार सतर्क रहना चाहिए और उच्च स्तर की तैयारी बनाए रखनी चाहिए।
जनरल चौहान ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर इसका एक उदाहरण है, जो अभी भी जारी है। हमारी तैयारी का स्तर बहुत ऊंचा होना चाहिए, चौबीसों घंटे, पूरे साल। भारत ने सात मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था और पाकिस्तान तथा पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में कई आतंकी ढांचों को ध्वस्त कर दिया। पाकिस्तान ने भी भारत के खिलाफ हमले किए और उसके बाद भारत द्वारा किए गए सभी जवाबी हमले भी ऑपरेशन सिंदूर के तहत ही किए गए। 10 मई की शाम को एक समझौते पर पहुंचने के बाद दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसियों के बीच सैन्य संघर्ष रुक गया। सीडीएस ने ‘शास्त्र’ (युद्ध) और ‘शास्त्र’ (ज्ञान प्रणाली) दोनों के बारे में सीखने के महत्त्व पर भी जोर दिया।
पुंछ में बड़ा हादसा: लैंड माइन विस्फोट में अग्निवीर की जान गई, दो घायल
25 Jul, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Landmine blast in Poonch: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। हवेली तहसील के सलोत्री गांव में विक्टर पोस्ट के पास भारतीय सेना की 7 जाट रेजिमेंट के जवान गश्त कर रहे थे, तभी जमीन में दबी बारूदी सुरंग (M-16 माइन) अचानक फट गई। अग्निवीर ललित कुमार की शहादत ने देश को एक और वीर सपूत खो दिया है। सेना ने उनके बलिदान को सलाम करते हुए कहा कि देश उनकी शहादत को कभी नहीं भूलेगा।
अग्निवीर ललित कुमार शहीद
इस हादसे में अग्निवीर ललित कुमार शहीद हो गए, जबकि नायब सूबेदार हरी राम और हवलदार गजेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। विस्फोट शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे हुआ जब जवान सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत इलाके में नियमित गश्त कर रहे थे।
घायलों को एयरलिफ्ट कर अस्पताल भेजा गया
हादसे में घायल जवानों को तत्काल एयरलिफ्ट कर उधमपुर स्थित आर्मी बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है, और सेना के डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है।
जांच में जुटी सेना
सेना और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। LoC पर घुसपैठ रोकने के लिए बारूदी सुरंगें बिछाई जाती हैं, लेकिन खराब मौसम और घास की ओट में ये बारूदी सुरंगें कभी-कभी अपनी ही सेना के लिए घातक बन जाती हैं।
तिरुवनंतपुरम में इस साल मनाया जाएगा नौसेना दिवस, ऑपरेशन ट्राइडेंट की होगी याद
25 Jul, 2025 02:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय नौसेना इस वर्ष 4 दिसंबर को नौसेना दिवस 2025 तिरुवनंतपुरम में मनाएगी. अरब सागर के किनारे स्थित इस शहर को लंबे विचार-विमर्श के बाद चुना गया है. यह निर्णय सरकार की उस पहल के अनुरूप लिया गया है जिसके तहत देश के विभिन्न हिस्सों में महत्वपूर्ण दिवसों का आयोजन किया जा रहा है. हर साल 4 दिसंबर को नौसेना दिवस मनाया जाता है ताकि ऑपरेशन ट्राइडेंट के दौरान भारतीय नौसेना की भूमिका को याद किया जा सके.
यह ऑपरेशन अपनी सटीकता, साहसिक क्रियान्वयन और युद्ध के परिणाम पर पड़ने वाले शक्तिशाली प्रभाव के लिए जाना जाता है. इस वर्ष के आयोजन में तिरुवनंतपुरम के मनोरम तट पर व्यापक परिचालन प्रदर्शन और तमाम जन-संपर्क गतिविधियां शामिल होने की उम्मीद है. ये कार्यक्रम जनता को भारत की समुद्री सेनाओं की शक्ति और मिशन की बेहतर समझ प्रदान करेंगे और साथ ही भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमताओं और तत्परता का भी प्रदर्शन करेंगे.
इस ऑपरेशन में भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के चार जहाज डुबोए थे, जिनमें पीएनएस खैबर भी शामिल था. ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह भारतीय नौसेना का एक बड़ा सार्वजनिक आयोजन होगा, जब नौसेना अरब सागर में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक अभियान के लिए पूरी तरह तैयार थी. नौसेना दिवस 2024 ओडिशा के पुरी में मनाया गया था.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद ये आयोजन अहम
वहीं, महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2023 नौसेना दिवस समारोह में हिस्सा लिया था. ऐतिहासिक सिंधुदुर्ग किले के पास आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रभावशाली नौसैनिक प्रदर्शनों के लिए एक नाटकीय पृष्ठभूमि प्रदान की और नौसेना की रणनीतिक तैयारियों के साथ-साथ भारत के पश्चिमी तट की समृद्ध समुद्री विरासत के बारे में जागरूकता बढ़ाई. साथ ही ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय नौसेना की महत्वपूर्ण भूमिका के बाद नौसेना दिवस 2025 और भी महत्वपूर्ण हो जाता है.
इस हालिया ट्राई-सर्विस प्रतिक्रिया के दौरान भारतीय थलसेना और वायुसेना ने गतिशील अभियान चलाए, जबकि नौसेना अरब सागर में पूरी तरह तैयार रही. 35 से ज्यादा युद्धपोतों, पनडुब्बियों, समुद्री गश्ती विमानों और हवाई पूर्व चेतावनी प्रणालियों की तैनाती के साथ विमानवाहक युद्धपोत आईएनएस विक्रांत के नेतृत्व में नौसेना ने तनाव को बढ़ने से रोकने में अहम भूमिका निभाई.
इंदिरा गांधी से आगे निकले नरेंद्र मोदी, अब नेहरू हैं सिर्फ एक कदम दूर
25 Jul, 2025 01:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक और नया रिकॉर्ड अपने नाम करने जा रहे हैं. मोदी सबसे ज्यादा लंबे समय तक लगातार पीएम रहने वाले दूसरे नेता बनने वाले हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय में 4 हजार 78 दिन पूरे कर लिए हैं. जिसके बाद उन्होंने देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी पीछे छोड़ दिया है.
नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को इंदिरा गांधी को पीछे छोड़कर सबसे ज्यादा लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने वाले दूसरे नेता बन जाएंगे. अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को पीएम मोदी ने अपने ऑफिस में 4,078 दिन पूरे करने वाले हैं. इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए 4,077 दिन पूरे किए थे. वो 24 जनवरी, 1966 से लेकर 24 मार्च 1977 तक लगातार 4,077 दिनों तक प्रधानमंत्री पद रही थीं.
पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अपनी पार्टा को 3 लोकसभा चुनावों में जीत दिलाई थी. लगातार 3 बार पार्टी को जीत दिलवाने का रिकॉड उनके नाम पहले से ही दर्ज है, प्रधानमंत्री के रूप में जवाहरलाल नेहरू ने 6,130 दिनों तक देश की सेवा की. वो 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक प्रधानमंत्री के पद पर रहे. जिनका कार्यकाल 16 वर्ष 9 महीने और 12 दिन तक रहा, लेकिन नरेंद्र मोदी ने जवाहरलाल नेहरू की बराबरी कर ली है. उन्होंने भी अपनी पार्टी को लगातार 3 लोकसभा के चुनावों में जीत दिलवाई है.
नरेंद्र मोदी ने जवाहरलाल नेहरू की बराबरी की
गुजरात में जन्में नरेन्द्र मोदी 2024 में प्रधानमंत्री बने और अभी तक वो प्रधानमंत्री पद संभाले हुए हैं. 2001 में वो गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे लंबे समय तक देश की सेवा करने वाले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बन चुके हैं. अधिकारियों के अनुसार, वह दो पूर्ण कार्यकाल पूरे करने वाले पहले और इकलौते गैर-कांग्रेसी नेता भी हैं.
सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी भारत के एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्होंने एक ही पार्टी के प्रतिनिधि के रूप में लगातार छह बड़े चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. गुजरात विधानसभा चुनावों में 2002, 2007 और 2012 में, और फिर देशव्यापी आम चुनावों में 2014, 2019 और 2024 में.
वैकल्पिक नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट में अड़चन, सुरंग परियोजना से जुड़ा गहरा नाता
25 Jul, 2025 11:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू: उधमपुर जिले के सुधमहादेव और डोडा जिले के मरमत क्षेत्र के बीच दो स्वीकृत सुरंगों के निर्माण की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है. इस वजह से चेनानी-डोडा-किश्तवाड़-अनंतनाग के रास्ते कश्मीर तक जाने वाले वैकल्पिक राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में बाधा उत्पन्न हो गई है.
इससे पहले भी टेंडर जारी की गई थीं. उसमें अजरबैजान की एक कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बोली जीती थी. हालांकि, बाद में जब भारत सरकार ने कंपनी को मंजूरी देने से इनकार कर दिया, तो टेंडर प्रोसेस स्थगित कर दी गई. उसके बाद से कोई नई प्रक्रिया शुरू नहीं की गई.
नेशनल हाइवे इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के अधिकारियों ने ईटीवी भारत को बताया कि लगभग दो साल पहले दो सुरंगों की 2500 करोड़ रुपये की परियोजना की टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी. यहां तक कि बोली भी अजरबैजान की एक कंपनी ने जीती थी, लेकिन गृह मंत्रालय ने कंपनी को मंजूरी नहीं दी थी. जिसके बाद एनएचआईडीसीएल को प्रक्रिया को रोकना पड़ा था.
एक अधिकारी ने कहा, कंपनी को मंजूरी नहीं मिलने के बाद से से यह प्रक्रिया ठंडे बस्ते में पड़ी है और उच्च अधिकारियों की ओर से इसे फिर से शुरू करने के लिए कोई सूचना नहीं मिली है. परियोजना की लागत बढ़कर 3490 करोड़ रुपये हो गई है, जिसके लिए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय से अनुमोदन की आवश्यकता है."
उन्होंने कहा कि एनएचआईडीसीएल वित्त मंत्रालय से सूचना का इंतजार कर रहा है. जैसे ही मंत्रालय से हरी झंडी मिलेगी, दोबारा टेंडर जारी की जाएंगी. अधिकारी ने आगे कहा कि, हाल ही में टॉप स्तर से कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं. ऐसे में उम्मीद है कि एक-दो महीने में प्रक्रिया फिर से शुरू हो जाएगी और अगले साल की शुरुआत तक वास्तविक निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा.
इन दोनों सुरंगों की कुल लंबाई लगभग 7.5 किलोमीटर होगी. पहली सुरंग 2.5 किलोमीटर लंबी होगी और फिर 100 मीटर लंबी सड़क और दूसरी पांच किलोमीटर लंबी सुरंग, जो डोडा के मरमत इलाके को उधमपुर जिले के सुधमहादेव इलाके से जोड़ेगी.
चेनानी-डोडा-किश्तवाड़-अनंतनाग मार्ग जम्मू से कश्मीर जाने वाला वैकल्पिक राष्ट्रीय राजमार्ग होगा. यह डोडा और किश्तवाड़ जिलों को जम्मू और श्रीनगर, दोनों राजधानी शहरों से बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करेगा. इससे मौजूदा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर भीड़भाड़ भी कम होगी और रणनीतिक रूप से भी यह मार्ग सुरक्षा बलों को NH44 पर यातायात बाधित किए बिना कश्मीर घाटी तक पहुंचने के लिए सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगा.
उधमपुर जिले में चेनानी से सुधमहादेव तक, डोडा जिले में मरमत से खेलनी और पुल-डोडा से थाथरी तक, किश्तवाड़ जिले में द्रशल्ला से किश्तवाड़ और भंडारकोट से चतरू तक काफ़ी सतही कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, बस कुछ ही हिस्से बाकी हैं.
किश्तवाड़ के चतरू क्षेत्र के सिंहपोरा से अनंतनाग जिले के कोकरनाग के वैलू क्षेत्र तक एक और सुरंग परियोजना निर्माणाधीन है, जिससे राजमार्ग की लंबाई और कम हो जाएगी और यह सभी मौसमों में संपर्क योग्य हो जाएगा. लेकिन इस सुरंग को अभी भारत सरकार से निर्माण की मंजूरी नहीं मिली है.
इंसानियत शर्मसार: मां और प्रेमी को बच्चों की हत्या पर उम्रकैद की सजा
25 Jul, 2025 10:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांचीपुरम: तमिलनाडु में कांचीपुरम प्रधान जिला अदालत ने गुरुवार (24 जुलाई) को एक महिला और उसके प्रेमी को 2018 में अपने दो बच्चों को जहर देकर मारने का दोषी ठहराया. कोर्ट ने दोनों को मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई.
कांचीपुरम के प्रधान जिला न्यायाधीश पा यू चेम्मल ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अबिरामी और उसके प्रेमी मीनाची सुंदरम दोनों को मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा काटनी होगी. यहां अदालत ने फैसले के वक्त मृत्युदंड का विकल्प नहीं चुना था. हालांकि, महिला और उसके प्रेमी ने अदालत में तर्क दिया कि वे पहले ही सात साल जेल में बिता चुके हैं. इसलिए उन्होंने अदालत से कम से कम सजा की मांग की थी.
अपराध की गंभीरता को देखते हुए, दोनों को सिर्फ आजीवन कारावास की सजा देना पर्याप्त नहीं होगा. न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि दोषियों को मृत्यु तक जेल में रहना होगा.
क्या है पूरा मामला
विजय कांचीपुरम जिले के कुंद्राथुर के पास मूनराम कट्टलाई इलाके का रहने वाला है. उसकी पत्नी अबिरामी है. दंपती का एक 7 साल का बेटा और एक 4 साल की बेटी थी. अबिरामी अक्सर उसी इलाके की एक दुकान से बिरयानी खरीदा करती थी. उसी दौरान अबिरामी और बिरयानी की दुकान में काम करने वाले शख्स सुंदरम से दोस्ती हो गई.
बच्चों को नींद की गोलियों से जहर दिया गया
अबिरामी के पति, विजय को मालूम नहीं था कि, आने वाले दिन में उसके जीवन में क्या कुछ होने वाला है. वह एक दुखद घटनाक्रम में अपने सात साल के बेटे और चार साल की बेटी को घर पर मृत पाकर स्तब्ध रह गए. बच्चों के मुंह से झाग निकल रहा था. उसकी पत्नी मौके से गायब थी. हालात को समझते हुए उन्होंने तुरंत कुंद्राथुर पुलिस को सूचित किया. सरकारी अस्पताल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुष्टि की कि बच्चों ने नींद की गोलियों वाला दूध पी लिया था.
केरल में नए जीवन की योजना बना रहे थे ये जोड़े
विजय ने पुलिस को बताया कि अबिरामी का सुंदरम के साथ विवाहेतर संबंध था. उसकी मुलाकात एक रेस्टोरेंट में हुई थी. उसने पहले ही परिवार छोड़ दिया था और उसके साथ रहने की इच्छा जताई थी. हालांकि, विजय ने उसे मना लिया और वापस घर ले आया. आरोप है कि अबिरामी अपने दोनों बच्चों को अपने विवाहेतर संबंध में रुकावट मानती थी और उन्हें अपने रास्ते से हटाना चाहती थी.
सुंदरम से पूछताछ करने पर, पुलिस को पता चला कि अबिरामी नागरकोइल गई थी, जहां से दोनों केरल में एक नई ज़िंदगी शुरू करने की योजना बना रहे थे. सुंदरम की गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने अबिरामी की गतिविधियों पर नजर रखी और उसे चेन्नई के कोयम्बेडु बस अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया, जब वह केरल यात्रा के लिए उसके साथ आने वाली थी.
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