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जम्मू-कश्मीर में आईटीबीपी की बस नदी में गिरी, चालक घायल—हथियारों की तलाश जारी
30 Jul, 2025 04:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गंदेरबल: जम्मू-कश्मीर के गंदेरबल जिले में बुधवार को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की बस सिंध नदी में गिर गयी. गनीमत रही कि हादसे के वक्त बस में कोई जवान मौजूद नहीं था. चालक को मामूली चोट आयी है. उसका इलाज कराया जा रहा है.
अधिकारियों के अनुसार, जो बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है वह बुधवार तड़के आईटीबीपी के जवानों को लेने जा रही थी. कुल्लन पुल के पास बस सड़क से फिसलकर नदी में गिर गई. हादसे के समय बस में कोई भी जवान सवार नहीं था. चालक को मामूली चोटें आई हैं. उसे अस्पताल ले जाया गया है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है.
देरबल पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, "सुबह के समय, गंदेरबल के रेजिन कुल्लान में, आईटीबीपी के जवानों को ले जाने के लिए निर्धारित एक खाली बस, एक मोड़ पर पहुंचते समय सिंध नदी में फिसल गई. चालक को मामूली चोटें आईं और उसकी हालत स्थिर है."
दुर्घटना के बाद, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) गंदेरबल, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा संयुक्त खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया. वाहन को निकालने और इलाके को सुरक्षित करने के प्रयास जारी हैं.
अधिकारियों ने बताया कि बस में हथियार ले जाए जा रहे थे. बस के नदी में गिरने के बाद कुछ हथियार गायब हो गए. बस में कितने हथियार थे, इस बारे में आधिकारिक सूचना नहीं दी गयी है. अधिकारियों ने बताया कि अब तक नदी से तीन हथियार बरामद किए गए हैं. हथियारों की तलाश की जा रही है.
दुर्घटना का सटीक कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है. लेकिन, अधिकारियों ने बताया है कि यह हादसा मूसलाधार बारिश के कारण हुई. बारिश के कारण फिसलन की स्थिति बन गयी है. ऑपरेशन अभी भी जारी है.
शोल्डर ब्लेड्स की ताकत से कार को घसीटा, बना डाले दो विश्व रिकॉर्ड
30 Jul, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर : शहर के अभिषेक चौबे किसी पहचान के मोहताज नहीं है, उनके नाम 2 वर्ल्ड रिकॉर्ड हैं. खास बात ये है कि उनके रिकॉर्ड तोड़ने की चुनौती कोई दूसरा नहीं दे पा रहा है. दरअसल अभिषेक अपने शोल्डर ब्लेड्स (स्कैपुला) के जरिए भारी भरकम गाड़ियां खींच लेते हैं. इसके साथ ही शोल्डर ब्लेड्स से भारी वजन भी उठा लेते हैं. इन दोनों मामलों में वो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम कई साल पहले दर्ज करा चुके हैं, लेकिन उनका रिकॉर्ड तोड़ने अब तक कोई सामने नहीं आया है.
अभिषेक के हुनर को लेकर चिकित्सा जगत भी हैरान है. डॉक्टर अभिषेक की लगन और मेहनत को तो मानते ही है, लेकिन कहते हैं कि स्कैपुला की विशेष बनावट के कारण अभिषेक ऐसा कर पा रहे हैं. खास बात ये है कि हिंदुस्तान में अब तक कोई अभिषेक को चुनौती नहीं दे पाया है.
कौन है अभिषेक और क्या है खास?
सागर के राजीव नगर में रहने वाले अभिषेक चौबे देश और दुनिया के बडे-बडे चैनल पर अपने हुनर के कारण अक्सर नजर आते रहते हैं. इनकी खासियत ये है कि ये महज 10-11 साल की उम्र से अपने शोल्डर ब्लेडर (स्कैपुला) के जरिए भारी भरकम गाड़ियां खींच लेते हैं. साथ ही वे भारी भरकम वजन भी उठा लेते हैं. पहले तो लोग अभिषेक को आम हुनरबाज या कलाकार के तौर पर देखते थे, लेकिन जब उन्होंने 2-2 गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में रिकार्ड दर्ज कराए और पूरी दुनिया में उन्हें अपने हुनर के चलते शो के लिए बुलाया जाने लगा, तब लोगों को विश्वास हुआ कि अभिषेक कुछ हटकर है. इनका हुनर आम हुनर नहीं, बल्कि उनकी शारीरिक बनावट और मेहनत की दम पर है.
अभिषेक चौबे में क्या है खास?
आमतौर पर ऐसे करतब और कारनामे दिखाने वाले लोग अपने बालों, दांतों और कंधों के दम पर ऐसा करते हैं. लेकिन अभिषेक चौबे की खासियत ये है कि वो अपने हाथों की शोल्डर ब्लेड्स के जरिए ऐसा कमाल करते हैं. अपनी इस खासियत के बारे में अभिषेक को बचपन में खेलते हुए पता चला, जब अभिषेक के शोल्डर ब्लेड्स अपने साथियों से अलग नजर आए.
उन्होंने खेल-खेल में शोल्डर ब्लेड्स में अपने दोस्तों के हाथ फंसा कर छुड़ाने, बाइक खींचने और वजन उठाना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे अभिषेक को लगा कि वो कुछ बड़ा कर सकते हैं. इस शारीरिक मजबूती के लिए उन्होंने वर्क आउट के साथ-साथ रोजाना अभ्यास शुरू कर दिया और फिर ऐसे कारनामे किए कि आज वो पूरी दुनिया में मशहूर हैं.
अभिषेक के नाम 2 गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स
शोल्डर ब्लेड्स के जरिए सबसे भारी वाहन खींचना: अभिषेक का ये रिकॉर्ड गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स शामिल है. ये अपनी तरह का पहला रिकॉर्ड है, जिसे अभिषेक ने अपने शोल्डर ब्लेड्स के जरिए सागर में 2017 में बनाया था. इस रिकॉर्ड में 1070 किलो वजन की गाड़ी को 27 मीटर खींचकर कायम किया था. खास बात ये है कि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में इससे पहले इस तरह का कोई भी रिकॉर्ड गिनीज या किसी दूसरी रिकॉर्ड बुक में दर्ज नहीं था.
इतना ही नहीं, ये रिकॉर्ड कायम करने के बाद अभिषेक चौबे ने अपना ही रिकॉर्ड 2023 में इटली के शो "lo show dei record" में तोड़ा था. यहां अभिषेक ने अपने पिछले 1070 किलो वजन वाली गाड़ी को खींचने का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 1294 किलो वजन की गाड़ी को खींचकर नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया, जो अब तक कोई नहीं तोड़ पाया है. हालांकि इस रिकॉर्ड को 2021 में क्यूबा के क्रिश्चियन एनमैनुएल कैस्टेलानोस ने तोड़ने की कोशिश की, जो असफल रहे. इसके बाद किसी दूसरे ने अब तक प्रयास नहीं किया है.
शोल्डर ब्लेड्स से भारी वजन उठाना
अपने शोल्डर ब्लैड्स से गाड़ी खींचने का रिकॉर्ड कायम करने के बाद अभिषेक ने वजन उठाने का रिकार्ड भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया है. हालांकि, ये रिकॉर्ड चीन के फेंग इक्सी के नाम था. उन्होंने 2012 में अपने शोल्डर ब्लेड्स से 51.4 किलोग्राम वजन 7 सेकंड के लिए उठाया था. इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए अभिषेक ने काफी मेहनत की और 2018 में उन्होंने ये रिकार्ड तोड़कर नया रिकॉर्ड बनाया, जिसको अब तक कोई चुनौती नहीं मिली है. 2018 में अभिषेक ने करीब 6-7 महीने कड़ी मेहनत करने के बाद 55.4 किलो का वजन चीन के फेंग इक्सी का रिकॉर्ड तोड़ दिया. इस रिकॉर्ड को भी अब तक कोई चुनौती नहीं मिली है.
क्या कहते हैं मेडिकल साइंस के विशेषज्ञ
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. सुरेन्द्र पडरया बताते है कि "मैं पर्सनली तो अभिषेक से नहीं मिला, लेकिन मैंने उनके वीडियो सोशल मीडिया पर देखे हैं. जिसको देखकर लगता है कि उनकी स्कैपुला और स्पाइन के बीच जगह कुछ ज्यादा है. इस वजह से वह दोनों के बीच में ब्लॉक फंसा लेते हैं. इसके साथ ही उन्होंने बहुत कम उम्र से शारीरिक श्रम करके मसल्स को मजबूत किया है और ट्रेनिंग के जरिए वजन खींचना और उठाने का अभ्यास किया है. मेरा मानना है कि शारीरिक संरचना विशेष होने के कारण ब्लॉक फंस जाता है. बाकी उन्होंने मेहनत और लगातार अभ्यास कर शरीर को इस लायक बनाया है."
प्रलय मिसाइल टेस्ट सफल, भारत की ताकत में इजाफा
30 Jul, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डीआरडीओ ने कहा- लक्ष्य पर सटीक हमला
नई दिल्ली। भारत को रक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी मिली है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीरडीओ) ने जानकारी दी है कि भारत की स्वदेशी मिसाइल प्रलय का 28 और 29 जुलाई 2025 को लगातार दो बार सफल परीक्षण किया गया। ये परीक्षण सेना की जरूरतों के मुताबिक किए गए थे ताकि यह देखा जा सके कि मिसाइल कम और ज्यादा दूरी तक कितनी सटीकता से मार कर सकती है।
दोनों दिनों में मिसाइल ने तय दिशा में उड़ान भरी और अपने लक्ष्य को बिल्कुल सही तरीके से भेदा। डीआरडीओ ने बताया कि यह परीक्षण सभी तय मानकों और उद्देश्यों पर खरा उतरा है। यानी मिसाइल ने जैसा उससे उम्मीद की गई थी, ठीक वैसा ही प्रदर्शन किया।
प्रलय एक आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल
बता दें कि प्रलय एक आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे कम दूरी के लिए बनाया गया है। यह जमीन से जमीन पर मार कर सकती है और दुश्मन के खास ठिकानों को बहुत कम समय में तबाह कर सकती है। इसके साथ ही यह मिसाइल पूरी तरह से भारत में बनाई गई है। इस सफल परीक्षण के बाद भारत की सैन्य ताकत को और मजबूती मिली है और यह मिसाइल आने वाले समय में सेना का एक अहम हिस्सा बन सकती है।
इसरो-नासा का ‘निसार’ सैटेलाइट: आज रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा
30 Jul, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसियों—इसरो (इसरो) और नासा (नासा) की साझा परियोजना निसार अब लांच के अंतिम चरण में है। इस सैटेलाइट को 30 जुलाई को भारत के जीएसएलपवी-एफ 16 रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इसकी लागत करीब 1.3 बिलियन डॉलर (लगभग 11,240 करोड़ रुपये) है। यह अब तक का सबसे महंगा पृथ्वी अवलोकन उपग्रह माना जा रहा है।
इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने बताया कि निसार एक उच्च तकनीकी रडार सैटेलाइट है, जो हर मौसम और दिन-रात पृथ्वी की निगरानी करने में सक्षम है। यह सैटेलाइट 740 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित होगा और दुनिया के तमाम क्षेत्रों में होने वाले भौगोलिक परिवर्तनों को रिकॉर्ड करेगा।
निसार की प्रमुख विशेषताएं: इस इसरो और नासा द्वारा मिलकर विकसित किया गया है। नासा का योगदान लगभग 1.15 बिलियन डॉलर, जबकि इसरो ने करीब 800 करोड़ रुपये का निवेश किया। सैटेलाइट का कुल भार 2,392 किलोग्राम है। इसमें नासा का एल-बैंड और इसरो का एस-बैंड रडार शामिल है, जिससे सतह और उप-सतह दोनों का विश्लेषण संभव है। जालीदार रिफ्लेक्टर एंटीना स्कूल बस के आकार का है, जो इसे अधिक सतह कवर करने में सक्षम बनाता है। यह सैटेलाइट हर 12 दिन में पूरे ग्लोब का स्कैन करेगा और डेटा भेजेगा।
मुंबई पुलिस की ड्रग तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, कर्नाटक में 390 करोड़ रुपये का ड्रग्स जब्त, चार गिरफ्तार
30 Jul, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मुंबई के अँधेरी की साकीनाका पुलिस स्टेशन के एंटी-नारकोटिक्स सेल ने ड्रग तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कर्नाटक के मैसूर शहर में एमडी ड्रग्स की एक गुप्त फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में अब तक कुल 192.53 किलोग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 390 करोड़ रुपये है। पुलिस ने इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार साकीनाका पुलिस स्टेशन के एंटी-नारकोटिक्स सेल के अधिकारियों ने मैसूर शहर पुलिस की मदद से एमडीएमए ड्रग्स बनाने वाली एक फैक्ट्री पर छापा मारा। इस फैक्ट्री में एमडी ड्रग्स का निर्माण किया जा रहा था। शनिवार को इस फैक्ट्री पर छापा मारा गया, इस छापेमारी में 390 करोड़ रुपये मूल्य की 192.53 किलोग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की गई। पुलिस ने इस कार्रवाई में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने मैसूर पुलिस के साथ मिलकर महाराष्ट्र पुलिस द्वारा चलाए गए इस कार्रवाई की खबर की पुष्टि की है। दावणगेरे में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने इस कार्रवाई की जानकारी दी। पत्रकारों से बात करते हुए, परमेश्वर ने कहा, यह हमारे राज्य में हुआ है। वे इन ड्रग्स की आपूर्ति कहाँ करते थे? वे कब से काम कर रहे थे? क्या यह नई शुरू हुई थी? इन सब बातों की जाँच की जाएगी। यह फ़ैक्टरी कब से चल रही थी? इसकी भी जाँच की जाएगी।
- कामण से शुरू हुई जाँच मैसूर पहुँची
24 अप्रैल, 2025 को मुंबई की साकीनाका पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह मामला एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ दर्ज किया गया था जो ड्रग्स बेचने आया था। प्रारंभिक जाँच के दौरान, मुंबई से सटे पालघर के कामण गाँव से 4.053 किलोग्राम एमडी और ड्रग निर्माण उपकरण ज़ब्त किए गए, जिनकी कीमत लगभग 8.04 करोड़ रुपये थी। इसमें शुरुआत में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
- सलीम लंगड़ा की सूचना के बाद कार्रवाई
इसके बाद, इस सिंडिकेट के एक अन्य आरोपी सलीम इम्तियाज़ शेख उर्फ सलीम लंगड़ा (उम्र 45, निवासी बांद्रा पश्चिम, मुंबई) को 25 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान, सलीम ने खुलासा किया कि वह कर्नाटक के मैसूर से एमडी ड्रग्स खरीद रहा था। इस सूचना के आधार पर, पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी की मदद से मैसूर रिंग रोड पर एक गुप्त फैक्ट्री पर छापा मारा। मैसूर में एमडी बनाने की यह फैक्ट्री एक गैरेज के पीछे नीले शेड में चल रही थी। इसे इस तरह छिपाया गया था कि बाहर से किसी को इसकी भनक तक न लगे। आख़िरकार साकीनाका पुलिस ने वहाँ से भारी मात्रा में ड्रग्स और बनाने की सामग्री ज़ब्त की।
अब भारत डोजियर नहीं, डोज देगा, अनुराग बोले, यह नया भारत, विपक्ष को जमकर लताड़ा
29 Jul, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली, लोकसभा में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा में सरकार की ओर से हिस्सा लेते हुए भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर जबरदस्त हमला बोला है। अनुराग ठाकुर ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि, अब तक जितने भी विपक्षी सांसदों ने यहां बात की है, उनमें से एक भी सांसद ने खड़े होकर यह नहीं कहा कि इस आतंकी हमले में लोगों से उनका धर्म पूछा गया, कलमा पढऩे को कहा गया, उनकी पैंट उतारी गई और फिर उन्हें मार दिया गया। मुझे बताइए कि विपक्षी सांसदों को ऐसा कहने में क्या दर्द था? जब रक्षा मंत्री भारतीय सेना की उपलब्धियों पर चर्चा कर रहे थे, तब कोई तालियां नहीं बज रही थीं, कोई मेज नहीं थपथपा रहा था। अनुराग ठाकुर ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद मोदी जी के नेतृत्व में 140 करोड़ देशवासी एकजुट रहे। इन आतंकियों ने हमारी सरकार, हमारी सेना को चुनौती देने का काम किया।
पीएम मोदी ने कहा था कि साजिशकर्ताओं को भारत उनकी कल्पना से भी परे सजा देगा। सात मई को हमने इन दुश्मनों को जवाब देते हुए आतंकी ठिकानों पर अचूक और निर्णायक प्रहार किया। ये भारत का आतंकवाद के खिलाफ शंखनाद था। अब भारत डोजियर नहीं, डोज देगा। ये नया भारत है और आतंकवाद पर यह न्यू नॉर्मल है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी को एलओपी नहीं एलओबी होना चाहिए। एलओबी का मतलब लीडर ऑफ ओपोसिंग भारत। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी दो बार तो एलओपी भी नहीं बन पाए। एक बार उन्हें मौका मिला तो वह एलओपी नहीं एलओबी बन गए, यानी लीडर ऑफ ओपोसिंग भारत। राहुल गांधी ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सबूत मांग रहे थे, ऐसे लोगों से क्या उम्मीद कर सकते हैं।
नशे के लिए नहीं थे पैसे, नशेड़ी पति ने 2.20 लाख में बेच दी पत्नी, पुलिस ने भी नहीं की सुनवाई
29 Jul, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक नशेड़ी पति ने नशे के लिए अपनी पत्नी को दो लाख 20 हजार रुपए में बेच डाला। महराजगंज थाना प्रभारी अमित कुमार पांडेय ने मंगलवार को बताया कि अनुसूचित जाति की शोभावती (34) ने प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि उसकी शादी करीब 15 साल पहले सिंगरामऊ थाना क्षेत्र के खानपुर निवासी राजेश के साथ हुई थी। उसके दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। उसका पति नशा करता है और उसने किसी दूसरी महिला से भी संबंध बना रखे थे।
पीड़िता ने बताया कि नशे के लिए करीब डेढ़ वर्ष पहले आरोपी ने उसे 2.20 लाख रुपए में बेच दिया था। चार फरवरी को खरीददारों के चंगुल से वह बच कर भाग निकली। पीड़ित महिला का आरोप है कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व राशन कार्ड बनवाने के बहाने उसका पति राजेश उसे बदलापुर थाना क्षेत्र के अशोक कुमार के यहां ले गया फिर उसे वहीं उनके हाथों 2.20 लाख रुपए में बेच दिया। विरोध करने पर अशोक कुमार और उसके साथियों ने असलहे के बल पर धमाकाया और वहीं पीड़िता को बंधक बनाकर रखा।
कुछ समय बाद शोभावती का भाई गुड्डू एक दिन ससुराल पहुंचा तो पीड़िता का पति राजेश ने कह दिया कि उसकी बहन बच्चों के साथ कहीं भाग गई। इस बात पर गुड्डू को विश्वास नहीं हुआ और शंका होने पर गुड्डू थाने गया, लेकिन उसकी थाने पर सुनवाई नहीं हुई। मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम शिल्पी की अदालत में पहुंचा तो न्यायाधीश ने संग्यान लिया और तत्काल प्रभाव से पीड़िता के पति राजेश, खरीदार अशोक, मुंशी हरिजन और एक अज्ञात के खिलाफ बेचने, मारपीट, चोट पहुंचाने, षड्यंत्र रचने, धमकी देने समेत आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज करने को आदेश दिया। एएसपी ग्रामीण आतिष सिंह ने बताया कि इस मामले में जांच कराया जा रहा है, दोषियों को सख्त सजा देने के साथ ही इसमें जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाये जायेंगे,उनके खिलाफ भी कार्रवाई कराई जाएगी।
बिहार में एसआईआर पर फिलहाल कोई रोक नहीं
29 Jul, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई करते हुए बिहार में वोटर लिस्टों के हो रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा है कि आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड को मतदाता पहचान के लिए स्वीकार क्यों नहीं किया जा रहा है। चुनाव आयोग ने कहा कि राशन कार्ड पर विचार नहीं किया जा सकता। यह बहुत बड़े पैमाने पर बना है, फर्जी होने की संभावना अधिक है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर बात फर्जीबाड़े की है, तो धरती पर कोई ऐसा डॉक्यूमेंट नहीं है, जिसकी नकल नहीं हो सके।
ऐसे में 11 दस्तावेजों के आपके सूचीबद्ध करने का क्या आधार है। कोर्ट ने चुनाव आयोग से आधार कार्ड और वोटर आईडी को शामिल करने पर विचार करने और मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे तक जवाब देने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि कल हम सुनवाई करेंगे और बताएंगे कि इस मामले पर विस्तार से सुनवाई कब होगी।
DRDO ने किया ‘प्रलय’ मिसाइल का परीक्षण, दुश्मनों को देगी करारा जवाब
29 Jul, 2025 04:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेशी प्रलय मिसाइल के लगातार दो सफल उड़ान टेस्ट किए. ये सफल सफल परीक्षण 28 और 29 जुलाई को एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किए. ये उड़ान टेस्ट मिसाइल सिस्टम की अधिकतम और न्यूनतम दूरी की क्षमता जांचने के लिए किए गए थे. मिसाइलों ने तय किए गए रास्ते (प्रक्षेप पथ) को सही तरीके से अपनाया और बिल्कुल सटीक तरीके से अपने लक्ष्य पर पहुंचीं.
इस तरह सभी परीक्षण लक्ष्य पूरे हो गए. मिसाइल सिस्टम के सभी हिस्सों (उप-प्रणालियों) ने उम्मीद के मुताबिक काम किया. यह बात उस डेटा से साबित हुई जो अलग-अलग ट्रैकिंग सेंसरों ने रिकॉर्ड किया था. इनमें वो उपकरण भी शामिल थे जो एक जहाज पर लगाए गए थे और लक्ष्य के पास रखे गए थे.
प्रलय मिसाइल की खासियत
प्रलय एक स्वदेशी मिसाइल है जो ठोस ईंधन से चलती है और कुछ हद तक बैलिस्टिक (अर्ध-बैलिस्टिक) होती है. यह मिसाइल अपने टारगेट को बहुत सटीकता से मारने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करती है, जैसे कि स्मार्ट गाइडेंस और नेविगेशन सिस्टम. प्रलय मिसाइल अलग-अलग तरह के हथियार ले जा सकती है और कई तरह के टारगेट्स पर हमला कर सकती है.
इस मिसाइल को रिसर्च सेंटर इमारत (Research Centre Imarat) ने बनाया है. इसमें DRDO की कई दूसरी प्रयोगशालाएं भी शामिल थीं, जैसे कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, उन्नत प्रणाली प्रयोगशाला, आयुध अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, रक्षा धातुकर्म अनुसंधान प्रयोगशाला, टर्मिनल बैलिस्टिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (इंजीनियरिंग), और आईटीआर (एक टेस्ट रेंज). इस प्रोजेक्ट में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, और कई अन्य कंपनियों और छोटे-छोटे उद्योगों का भी सहयोग रहा है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई
मिसाइल के सफल टेस्ट को DRDO के सीनियर वैज्ञानिकों, भारतीय वायु सेना और भारतीय थल सेना के उपयोगकर्ता प्रतिनिधियों इसके अलावा उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने देखा. इसके सफल परीक्षणों की सराहना करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO सशस्त्र बलों और उद्योग क्षेत्र के सभी विशेषज्ञों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक तकनीकों से लैस यह मिसाइल सिस्टम सशस्त्र बलों की क्षमता को बढ़ाएगा.
DRDO के अध्यक्ष और रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग के सचिव डॉ. समीर वी. कामत ने इस सफलता के लिए सभी टीमों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि पहले चरण की टेस्टिंग की सफलता से यह साफ हो गया है कि इस सिस्टम को जल्दी ही हमारे सशस्त्र बलों में शामिल किया जा सकेगा.
गृह मंत्री का संसद में बयान: पहलगाम के गुनहगारों को नहीं छोड़ा गया
29 Jul, 2025 01:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संसद में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर लोकसभा में जारी चर्चा के दूसरे दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के जिम्मेदार आंतकवादियों को मार गिराया गया है. इनके खात्मे के लिए एक ‘संयुक्त ऑपरेशन महादेव’ चलाया गया जिसमें तीन आतंकी ढेर कर दिए गए. मारे गए आतंकी का नाम सुलेमान, जिबरान और अबू हमजा हैं. लश्कर आतंकी सुलेमान पहलगाम आतंकी हमले में शामिल था. इसके ढेर सारे सबूत हमारे पास हैं.
ऑपरेशन महादेव के बारे में बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “एक संयुक्त ऑपरेशन महादेव जिसमें भारतीय सेना के अलावा CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहलगाम आतंकी हमले में शामिल तीन आतंकवादियों को मार गिराया है.” ये तीनों आतंकी बैसरण में थे और तीनों मारे गए. उन्होंने बताया, “संयुक्त ऑपरेशन महादेव” की शुरुआत 22 मई 2025 को की गई, वैसे इसकी शुरुआत आतंकी हमले के तुरंत बाद ही सुरक्षा बैठक की गई थी. एक्शन का काम तुरंत शुरू कर दिया गया था.
1055 लोगों से 3 हजार घंटे की पूछताछ
अमित शाह ने कहा, “22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद ही हमने तय कर दिया कि मामले में की जांच एनआईए करेगा. आतंकी हमले के बाद 23 अप्रैल को सुरक्षा मीटिंग की गई. उस मीटिंग में तय किया गया कि किसी भी कीमत पर आतंकी पाकिस्तान भागने न पाएं. फिर हमने लंबी जांच प्रक्रिया शुरू की.”
“पर्यटकों के परिजनों, कैमरामैन, खच्चर वालों समेत 1055 लोगों से करीब 3 हजार घंटे की लंबी पूछताछ की गई. फिर आतंकवादियों का स्क्रैच बनाया गया. फिर 22 जून 2025 को बशीर और परवेज की पहचान की गई. ये वे लोग हैं जिन्होंने आतंकी घटना के अगले दिन आतंकवादियों को पनाह दी थी. अपने घर पर रखा था. फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. वो अभी कस्टडी में हैं.”
“उनसे पूछताछ में पता चला कि 21 अप्रैल की रात 8 बजे 3 आतंकवादी बैसरण के पास आए थे और उनके पास एके 47 तथा M9 टर्बाइन हथियार थे. वहां खाना खाया और फिर खाने का कुछ सामान लेकर चले गए.”
6 वैज्ञानिकों ने भी की पुष्टिः अमित शाह
आतंकियों को पकड़ने के लिए चलाए गए अभियान के बारे में अमित शाह ने कहा, “22 मई से 22 जुलाई तक लगातार उनके सिग्नैल ट्रैक किए जा रहे थे. फिर 22 जुलाई को हमें सेंसर के माध्यम से पुष्टि भी हो गई. इसके बाद हमने एक साथ आतंकियों को घेरने का काम किया. फिर कल इन तीनों आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया. मारे गए आतंकी अफगान, सुलेमान, जिबरान हैं. इनकी मौत के बाद 4 लोगों ने इनके बारे में पहचान की, हां ये वही आतंकी थे. घटनास्थल से जो कारतूस जो मिले थे, उसकी एफएसएल रिपोर्ट तैयार की गईं. जो कारतूस मिले वो एके-47 और एम-9 के मिले. कल रात इसकी जांच के लिए सैंपल चंडीगढ़ भेजी गई. और सारी रात इसका मिलान किया गया. सुबह 4 बजे के करीब 6 वैज्ञानिकों से वीडियो फोन के जरिए से बात की और उन्होंने कहा कि ये वही गोलिया हैं. सभी वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि ये वही गोलियां थीं.”
लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “कल के ऑपरेशन में तीनों आतंकवादी (सुलेमान, अफगान और जिबरान) मारे गए. जो लोग उन्हें खाना पहुंचाते थे, उन्हें पहले ही हिरासत में ले लिया गया था. जब इन आतंकवादियों के शव श्रीनगर लाए गए, तो हमारी एजेंसियों द्वारा हिरासत में रखे गए लोगों ने भी उनकी पहचान की.”
देवघर में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया,18 कांवड़ियों की दर्दनाक मौत
29 Jul, 2025 11:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देवघर । झारखंड के देवघर में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। बिहार से कांवरियों को लेकर आ रही एक बस की ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई. यह हादसा सुबह करीब 7:15 बजे देवघर-बासुकीनाथ रोड पर जमुनिया चौक के पास हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के परखच्चे उड़ गए।
गया और बेतिया के रहने वाले थे सभी मृतक
इस हादसे में 18 कांवरियों की मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हैं। हालांकि, कुछ अन्य रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 6 और 30 से अधिक घायलों का जिक्र है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। मृतक और घायल बिहार के बेतिया और गया के रहने वाले बताए जा रहे हैं। घायलों को तुरंत देवघर के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग और पुलिस ने मिलकर बचाव कार्य शुरू किया।
सांसद निशिकांत दुबे का ट्वीट
इस बीच सांसद निशिकांत दुबे ने ट्वीट किया है कि मेरे लोकसभा के देवघर में श्रावण मास में कांवर यात्रा के दौरान बस और ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण 18 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। बाबा बैद्यनाथ जी उनके परिजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।
जेपी नड्डा का बयान: भारत हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी पर कर रहा निर्णायक प्रगति
29 Jul, 2025 11:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि भारत हेपेटाइटिस जैसी खतरनाक बीमारी के खिलाफ मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सोमवार को विश्व हेपेटाइटिस दिवस के मौके पर बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के जरिए देशभर में लोगों की जान बचाने और बीमारी को खत्म करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन लोगों में हेपेटाइटिस की जानकारी और उसकी रोकथाम के उपायों को लेकर जागरूकता फैलाने का बड़ा अवसर है।
गौरतलब है कि हर साल 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य वायरल हेपेटाइटिस के बारे में जानकारी बढ़ाना और इससे निपटने के लिए रोकथाम, जांच और इलाज के प्रयासों को मजबूत करना होता है। जेपी नड्डा ने इस साल की थीम ‘हेपेटाइटिस : लेट्स ब्रेक इट डाउन’ पर कहा कि यह थीम उन सामाजिक रुकावटों को खत्म करने पर जोर देती है, जो इस बीमारी के उन्मूलन में बाधा बनती हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक भारत हेपेटाइटिस बी और सी मामलों में चीन के बाद दुनिया में दूसरे स्थान पर है। साल 2022 के आंकड़ों के मुताबिक भारत में 2.98 करोड़ लोग हेपेटाइटिस बी और 55 लाख लोग हेपेटाइटिस सी से पीड़ित थे। यह संख्या वैश्विक हेपेटाइटिस मामलों का लगभग 11.6% है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि देश में हेपेटाइटिस के खिलाफ लड़ाई के लिए जागरूकता और समय पर जांच व इलाज को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हमें नए तरीकों से लोगों को इसके रोकथाम के उपायों की जानकारी देनी होगी। भारत का राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम जांच, इलाज और बचाव की सुविधा मुहैया कराकर इस लड़ाई को मजबूती दे रहा है।
हेपेटाइटिस एक ऐसी बीमारी है, जिसमें लिवर (यकृत) में सूजन आ जाती है और यह गंभीर लिवर रोग या कैंसर का रूप ले सकती है। यह बीमारी पांच प्रकार के वायरस -ए, बी, सी, डी और ई से होती है, जिनके फैलने के तरीके, गंभीरता और इलाज अलग-अलग होते हैं। विश्व हेपेटाइटिस दिवस समाज में फैले कलंक, जानकारी की कमी और इलाज तक सीमित पहुंच जैसी समस्याओं को दूर करने की जरूरत को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय पर जांच और इलाज की सुविधा बढ़ाई जाए, तो हेपेटाइटिस बी और सी के मामलों में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है। वैश्विक लक्ष्य है कि साल 2030 तक हेपेटाइटिस को खत्म किया जाए, जिसके लिए भारत को जांच और इलाज की पहुंच को और मजबूत करना होगा।
A female doctor was digitally arrested and duped of Rs 19.24 crore, one accused arrested
29 Jul, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गांधीनगर | गुजरात में डिजिटल गिरफ्तारी का सबसे बड़ा मामला गांधीनगर से सामने आया है। एक महिला डॉक्टर डिजिटल गिरफ्तारी का शिकार हो गई है। आरोपियों ने महिला डॉक्टर को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी देकर उसे तीन महीने के लिए डिजिटली अरेस्ट कर लिया और 35 बैंक खातों में 19.24 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने महिला डॉक्टर का घर, जेवर, एफडी और शेयर सर्टिफिकेट बेचकर पैसे ऐंठ लिए थे। जांच के दौरान इस धोखाधड़ी का कंबोडिया कनेक्शन सामने आया है। इस मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक गांधीनगर की एक महिला डॉक्टर डिजिटल गिरफ्तारी का शिकार हुई हैं। आरोपियों ने महिला डॉक्टर को 3 महीने तक डिजिटल रूप से बंधक बनाकर 35 खातों में 19.24 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इस मामले में शिकायत के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने सूरत से लालजी बलदानिया नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि लालजी बलदाणिया के खाते में एक करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। पूछताछ के बाद मिली जानकारी के अनुसार आरोपी ने 19 मार्च को महिला डॉक्टर को पहला वीडियो कॉल किया और उसे फेमा और पीएमएलए के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद आरोपियों ने महाराष्ट्र और राजस्थान समेत देश के विभिन्न राज्यों में डॉक्टर के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। आरोपी ने महिला डॉक्टर को इतना डरा दिया था कि उसने अपना घर, गहने, एफडी, शेयर सर्टिफिकेट बेचकर पैसे आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दिए। राज्य साइबर क्राइम एसपी धर्मेंद्र शर्मा के मुताबिक इस मामले में एक हफ्ते पहले शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसलिए त्वरित जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। इस मामले में एक करोड़ रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए, जिससे आरोपी लालजी बलदानिया की गिरफ्तारी हुई। आरोपी ने मार्च से जून तक महिला डॉक्टर को डिजिटल तरीके से ठगा था। आशंका है कि इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है। हमारी टीम आगे की जाँच कर रही है।
एस. जयशंकर का खुलासा: मोदी और ट्रम्प के बीच दो महीनों तक नहीं हुई चर्चा
29 Jul, 2025 09:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में चर्चा के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि 22 अप्रैल से 17 जून तक ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बातचीत नहीं हुई ऐसे में किसी मध्यस्थता का सवाल ही पैदा नहीं होता। भारत और पाकिस्तान के बीच किसी ने मध्यस्थता नहीं की। हमारे और पाकिस्तान के बीच कोई भी बात द्विपक्षीय है।
जयशंकर ने कहा कि भारत का एक ही संदेश था कि हम आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा के अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। 7 मई को जिन ठिकानों पर हमला हुआ, वे आतंकवादी हेडक्वार्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर थे।
जयशंकर ने आगे कहा- हम परमाणु ब्लैकमेल के आगे कभी नहीं झुकेंगे। हम पाकिस्तानी सैन्य हमलों का जवाब इसलिए दे रहे हैं क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के बाद उन्होंने हमारे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। हम पाकिस्तानी सेना पर हमले जारी रखेंगे।
विदेश मंत्री ने कहा- विपक्ष पूछ रहा है कि पहलगाम हमले पर दुनिया ने भारत के पक्ष पर क्या कहा। मैं बताना चाहूंगा कि जर्मन विदेश मंत्री ने कहा कि भारत को आतंकवाद से अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है और वह हमारा समर्थन करेगा। फ्रांस और यूरोपीय संघ ने भी ऐसा ही कहा है। क्वाड और ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय समूहों ने 22 अप्रैल के पहलगाम हमले की निंदा की।
जयशंकर ने कहा- 25 अप्रैल के सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्यों ने पहलगाम हमले की कड़े शब्दों में निंदा की थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद किसी भी रूप में अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है।
विदेश मंत्री के संबोधन के दौरान विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। इसपर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- भारत का विदेश मंत्री यहां बयान दे रहा है, पर विपक्ष को उन पर भरोसा नहीं है। किसी और देश पर भरोसा है। विदेश मंत्री पर भरोसा क्यों नहीं करते। इसलिए विपक्ष में बैठे हैं। और 20 साल वहीं पर बैठेंगे।
एस जयशंकर ने कहा- 9 मई को अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री को फोन किया और बताया कि पाकिस्तान हमला करने वाला है। पीएम मोदी ने साफ कहा था कि अगर पाकिस्तान ने हमला किया, तो भारत चुप नहीं बैठेगा। ऐसा ही हुआ। भारत ने जवाब दिया। इस पर कुछ कहने की जरूरत नहीं है। पाकिस्तान में जो तबाही हुई, उसकी सैटेलाइट तस्वीरें सभी ने देखीं।
उन्होंने आगे कहा- किसी भी स्टेज पर अमेरिका से बातचीत के दौरान व्यापार पर बातचीत नहीं हुआ। दूसरी बात, 22 अप्रैल से 17 जून तक ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बातचीत नहीं हुई।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा- आप में से किसने सोचा था कि बहावलपुर और मुरीदके जैसे उनके आतंकी ठिकाने इस तरह ध्वस्त हो जाएंगे? मोदी सरकार से पहले इन ठिकानों को नष्ट करने का विचार कैसे खारिज कर दिया गया था।
पहलगाम हमले के अगले दिन भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई सख्त फैसले लिए। इसमें सिंधु जल संधि सस्पेंड करना, पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द करना, इस्लामाबाद हाई कमीशन के राजनयिकों को अवांछित घोषित करना और अटारी बॉर्डर बंद करना शामिल हैं।
विदेश मंत्री जयशंकर ने लोकसभा में कहा- ऑपरेशन सिंदूर अपने उद्देश्यों में सफल रहा। भारतीय नागरिकों का सुरक्षित बचाव मुश्किल परिस्थितियों में किया गया और यह मिशन भारत की क्षमताओं और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
जयशंकर ने आगे बताया कि पाकिस्तानी धरती से पनप रहे सीमा पार आतंकवाद पर भारत का जवाब ऑपरेशन सिंदूर तक सीमित नहीं रहेगा। पाकिस्तानी नागरिकों के लिए भारत में वीजा प्रतिबंध जारी रहेंगे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा- हमने दुनिया को पाकिस्तान का असली चेहरा दिखाया। पहलगाम के बाद दुनिया भारत के साथ थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लोकसभा में कहा- हमारी रेड लाइन पार की गई। हमने बहुत सख्त कदम उठाए। दुनिया में हमने पाकिस्तान में आतंक के इतिहास के उजागर किया। हमने दो संदेश दिए- आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और आतंक से नागरिकों की सुरक्षा का अधिकार।
अमरनाथ यात्रा में आस्था का सैलाब: अब तक 3.77 लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन
29 Jul, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। 3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा में अब तक 3.77 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं को बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने बताया कि रविवार को श्रीनगर स्थित दशनामी अखाड़ा भवन के श्री अमरेश्वर मंदिर में ‘छड़ी स्थापना’ समारोह संपन्न हुआ। 29 अगस्त को नाग पंचमी के अवसर पर इसी मंदिर में छड़ी पूजन किया जाएगा और 4 अगस्त को छड़ी मुबारक की अंतिम यात्रा पवित्र गुफा की ओर रवाना होगी।
इस बार अमरनाथ यात्रा के लिए प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं। सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ 180 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियों को तैनात किया गया है। भगवती नगर यात्री निवास से लेकर गुफा मंदिर तक के पूरे मार्ग और सभी पारगमन शिविरों को सुरक्षा बलों ने सुरक्षित कर लिया है।
पहलगाम मार्ग से यात्रा करने वाले श्रद्धालु 46 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं, जिसमें चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी शामिल हैं। यह यात्रा आमतौर पर चार दिन में पूरी होती है। दूसरी ओर, बालटाल मार्ग से श्रद्धालुओं को 14 किलोमीटर पैदल चलकर गुफा तक पहुंचना होता है और वे उसी दिन वापस लौट सकते हैं।
सुरक्षा कारणों से इस साल तीर्थयात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं कराई गई है। अमरनाथ यात्रा 38 दिनों तक चलेगी और 9 अगस्त को समाप्त होगी, जो श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन का दिन है। अमरनाथ गुफा हिंदू धर्म की सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में मानी जाती है, क्योंकि मान्यता है कि यहीं भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरता और शाश्वत जीवन का रहस्य बताया था।
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