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किसी की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर, तो किसी के जबड़े में चोट, यात्री ने स्पाइसजेट के कर्मचारियों को पीटा
3 Aug, 2025 04:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: श्रीनगर से दिल्ली जाने वाली उड़ान संख्या SG-386 के बोर्डिंग गेट पर एक यात्री के स्पाइसजेट के कर्मचारियों पर हमला करने का मामला सामने आया है. 26 जुलाई 2025 को हुई इस घटना में एयरलाइंस के चार कर्मचारियों के घायल होने की खबर है.
इस संबंध में स्पाइसजेट के एक प्रवक्ता ने कहा, "26 जुलाई 2025 को श्रीनगर से दिल्ली जाने वाली उड़ान संख्या SG-386 के बोर्डिंग गेट पर एक यात्री ने स्पाइसजेट के चार कर्मचारियों पर गंभीर हमला किया. हमारे कर्मचारियों को लात और घूंसे से मारा गया और कतार में खड़ा कर दिया गया, जिससे एक कर्मचारी की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर और जबड़े में गंभीर चोटें आईं."
घायल कर्मचारियों को अस्पताल ले जाया गया
एयरलाइंस ने कहा कि स्पाइसजेट का एक कर्मचारी बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा, लेकिन यात्री ने बेहोश कर्मचारी को लात-घूंसे मारना और पीटना जारी रखा. इस बीच एक अन्य कर्मचारी अपने बेहोश हुए सहकर्मी की मदद करने के लिए नीचे झुका तभी उसके जबड़े पर जोरदार लात मारी गई, जिससे उसकी नाक और मुंह से खून बहने लगा. घायल कर्मचारियों को अस्पताल ले जाया गया और गंभीर चोटों के कारण उनका इलाज किया गया.
एयरोब्रिज में जबरदस्ती घुसा पैसेंजर
प्रवक्ता ने बताया कि एक यात्री, जो एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी था. वह दो केबिन बैगेज ले जा रहा था जिनका कुल वजन 16 किलोग्राम था, जो अनुमत सीमा 7 किलोग्राम से दोगुना से भी ज्यादा था. जब उसे विनम्रतापूर्वक एक्स्ट्रा सामान के बारे में बताया गया और लागू शुल्क का भुगतान करने के लिए कहा गया, तो यात्री ने इनकार कर दिया और बोर्डिंग प्रक्रिया पूरी किए बिना ही जबरदस्ती एयरोब्रिज में घुस गया- जो विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल का स्पष्ट उल्लंघन था.
FIR दर्ज की गई
इसके बाद एक CISF अधिकारी उसे वापस गेट तक ले गया. गेट पर यात्री का व्यवहार और भी आक्रामक हो गया और उसने स्पाइसजेट ग्राउंड स्टाफ के चार सदस्यों के साथ मारपीट की. स्थानीय पुलिस में एक FIR दर्ज कर ली गई है और एयरलाइन ने नागरिक उड्डयन नियमों के अनुसार यात्री को नो-फ्लाई लिस्ट में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
स्पाइसजेट ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर अपने कर्मचारी पर हुए जानलेवा हमले की जानकारी दी है और यात्री के खिलाफ उचित कार्रवाई का अनुरोध किया है. एयरलाइन ने हवाईअड्डा अधिकारियों से घटना का सीसीटीवी फुटेज हासिल कर पुलिस को सौंप दिया है.
यूपी में भीषण सड़क हादसा: गोंडा में 15 सवारियों से भरी बुलेरो नहर में पलटी, 11 की मौत
3 Aug, 2025 01:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोंडाः पृथ्वीनाथ मंदिर में जल चढ़ाने जा रहे 15 श्रद्धालुओं से भरी बुलेरो रविवार को नहर में पलट गई. इस हादसे में 11 लोगों की मौत डूबने से हो गई. वहीं कई लोग घायल हो गए. सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतकों के शव निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं. वहीं, घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस मृतकों की शिनाख्त में जुट गई है. मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण भी पहुंच गए हैं. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद गोंडा में हुए सड़क हादसे का संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. इसके साथ मृतकों को परिजनों को 5-5 लाख रुपए की सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं. साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.
जानकारी के मुताबिक, गोंडा जिले में इटियाथोक थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलवा बहुता मजरा रेहरा में एक बड़ा हादसा हुआ है. यहां मोतीगंज थाना क्षेत्र के सीहागांव से खरगूपुर के पृथ्वी नाथ मंदिर में जल चढ़ाने के लिए बोलेरो कार से 15 लोग जा रहे थे. अचानक उनकी कार अनियंत्रित होकर नहर में पलट गई. इस हादसे में 11 लोगों की डूबने से मौत हो गई. हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई.
रास्ते में जा रहे राहगीरों ने सरयू नहर में कार को डूबता देखकर तत्काल स्थानीय थाने की पुलिस और स्थानीय लोगों को सूचना दी. मौके पर पहुंची इटियाथोक थाने की पुलिस द्वारा मृतकों के शव बाहर निकलवाए गए. सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
घायल को अस्पताल भेजा गया है. बताया जा रहा है कार में कुल 15 लोग सवार थे. पुलिस शवों की शिनाख्त में जुट गई है. अभी तक शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी है. वहीं अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है. पुलिस मौके से दुर्घटनाग्रस्त वाहन को निकलवाने में जुटी हुई है. घटनास्थाल पर बड़ी संख्या में लोग और पुलिस बल मौजूद है.
अमरनाथ यात्रा एक हफ्ते पहले बंद, भारी बारिश से बालटाल और पहलगाम दोनों रास्ते हुए खराब
3 Aug, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा को रविवार से रोक दिया गया है। यात्रा नौ अगस्त तक चलनी थी, लेकिन भारी बारिश के कारण रास्ते खराब होने की वजह से इसे तीन अगस्त को ही रोकने का फैसला लिया गया है।
कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर विजय कुमार बिधूड़ी ने बताया कि यात्रा मार्गों को बारिश के कारण काफी नुकसान पहुंचा है। बालटाल और पहलगाम दोनों रास्तों पर मरम्मत का काम होगा, इसलिए यात्रा को रोकना पड़ा है। रास्तों पर मशीनों और कर्मियों की लगातार तैनाती के चलते यात्रा फिर से शुरू करना संभव नहीं है।
अब एक साथ तीन दुश्मनों से भारत की लड़ाई.. आर-पार की जंग, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से है कनेक्शन
3 Aug, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली, ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को जिस तरह से मुंह की खानी पड़ी शायद ही वह कभी इसे भूल पाएगा। इस जंग के बाद भारत कूटनीतिक मोर्चे भी बेहद एक्टिव नजर आ रहा। यही वजह है कि भारत ने एससीओ समिट यानी शंघाई सहयोग संगठन की आगामी बैठक में तुर्की और अजरबैजान की उपस्थिति पर आपत्ति जता दी है। यह बैठक चीन के तियानजिन शहर में होने वाली है। भारत ने बैठक से पहले ही एससीओ में डायलॉग पार्टनर्स तुर्की और अजरबैजान की मौजूदगी पर सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे को चीन के सामने भी उठाया है। रिपोर्ट के मुताबिक एससीओ शिखर सम्मेलन से पहले भारत ने मेजबान चीन को अपनी आपत्तियों से अवगत करा दिया है। चूंकि एससीओ आम सहमति से काम करता है, इसलिए किसी एक सदस्य की ओर से किसी मुद्दे पर आपत्ति निर्णायक कारक हो सकती है। भारत को तुर्की और अजरबैजान के पाकिस्तान के साथ संबंधों पर आपत्ति है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान तुर्की और अजरबैजान ने पाकिस्तान का समर्थन किया था। भारत ने इस बारे में चीन से बात की है। एससीओ में कोई भी फैसला सभी सदस्यों की सहमति से होता है। इसलिए, भारत की आपत्ति महत्त्वपूर्ण है। भारत और चीन इस मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं।
तुर्की ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को ड्रोन जैसे रक्षा उपकरणों से सहायता प्रदान की थी। वहीं, अजरबैजान ने पाकिस्तान को राजनीतिक सपोर्ट किया था। पाकिस्तान ने भी अजरबैजान को आर्मेनिया के खिलाफ उसके क्षेत्रीय विवादों में मदद की थी। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के ड्रोन को मार गिराया था। जांच में पता चला कि इन ड्रोन को तुर्की ने बनाया था। इसके बाद भारत में, पाकिस्तान को समर्थन देने के कारण तुर्की और अजरबैजान का बहिष्कार करने की मांग बढ़ गई। भारत में तुर्की और अजरबैजान के सामानों का बहिष्कार शुरू हो गया। लोग चाहते थे कि इन देशों से व्यापार बंद किया जाए।
नवमीं पर शक्तिपीठों में झुके 1.22 लाख श्रद्धालु, अष्टमी पर 50.71 लाख नकद चढ़ावा
3 Aug, 2025 10:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिमला, प्रदेश के पांच शक्तिपीठों में शनिवार को नवरात्र मेले के दौरान नवमीं पर चिंतपूर्णी, ज्वालाजी, नयनादेवी, बज्रेश्वरी देवी, चामुंडा देवी मंदिर में एक लाख 22 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। प्रदेश के शक्तिपीठों में दिन भर मइया के जयकारे गूंजते रहे। विभिन्न राज्यों से हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठों में मइया के दर्शनों को पहुंच रहे श्रद्धालु मां के चरणों में दिल खोलके चढ़ावा चढ़ा रहे हैं। वहीं अष्टमी के दिन प्रदेश के चार शक्तिपीठों में मां के भक्तों ने मइया के चरणों में 50 लाख 71 हजार 788 रुपए का नकद चढ़ावा चढ़ाया है। (एचडीएम)
मंदिरों में गंूजे मइया के जयकारे, अष्टमी पर 50.71 लाख नकद चढ़ावा
चामुंडा मंदिर में 11 हजार भक्तों ने टेका माथा
चामुंडा देवी मंदिर में नवरात्र मेले के दौरान नवमीं पर 11 हजार श्रद्धालुओं ने मइया के चरणों में शीष नवाया। मंदिर अधिकारी राकेश कुमार ने मंदिर न्यास की ओर से श्रद्धालुओं के लिए बेहतर प्रबंध किए गए हैं।
ज्वालामुखी मंदिर में 5.07 लाख रुपए अर्पित
ज्वालाजी मंदिर में आठवें नवरात्र पर श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में पांच लाख सात हजार 136 रुपए का नकद चढ़ावा चढ़ाया है। मंदिर अधिकार मनोहर लाल शर्मा ने बताया कि नवमीं के दिन ज्वालाजी मंदिर में 15 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
चिंतपूर्णी में 45 हजार श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद
चिंतपूर्णी मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि मंदिर में श्रावण मेले के दौरान अष्टमी पर 22 लाख 49 हजार 708 रुपए चढ़े है। नवमीं पर 45 हजार श्रद्धालुओं ने शीष नवाया।
मां बजे्रश्वरी मंदिर में 1.76 लाख का चढ़ावा
बज्रेश्वरी देवी मंदिर में नवमीं पर छह हजार श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में माथा टेका है। मंदिर अधिकारी नीलम राणा ने बताया कि अष्टमी पर मां के भक्तों ने एक लाख 76 हजार 529 रुपए का नकद चढ़ाए हैं
नयनादेवी में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर प्रबंध
नयनादेवी मंदिर में नवमीं पर 45 हजार श्रद्धालुओं ने मइया के चरणों में शीष नवाया। अष्टमी पर 21 लाख 38 हजार 415 रुपए का चढ़ावा प्राप्त हुआ है। मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर प्रबंध किए गए हैं।
रेप केस में पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा के पोते को उम्रकैद, 10 लाख का जुर्माना भी लगा
3 Aug, 2025 09:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मैसूरु, बंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने शनिवार को पूर्व जेडीएस सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना को नौकरानी से रेप केस में उम्र कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने रेवन्ना पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। साथ ही पीडि़त को सात लाख रुपए का मुआवजा देने का भी आदेश दिया। कोर्ट ने शुक्रवार को रेवन्ना को दोषी ठहराया था।
रेवन्ना ने कोर्ट में कम सजा देने की अपील करते हुए दावा किया था कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। दरअसल, रेवन्ना के परिवार के फार्महाउस में काम करने वाली 47 साल की महिला ने पिछले साल अप्रैल में रेवन्ना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें रेवन्ना पर 2021 से कई बार रेप करने और किसी को भी घटना के बारे में बताने पर वीडियो लीक करने की धमकी देने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने 18 जुलाई को इस मामले की सुनवाई पूरी की थी। रेवन्ना के खिलाफ रेप, ताक-झांक, आपराधिक धमकी और अश्लील तस्वीरें लीक करने सहित कई धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उसके खिलाफ रेप के कुल चार मामले दर्ज हैं। इनमें से यह पहला केस है, जिसमें उसे दोषी ठहराया गया है।
भयंकर बारिश ने डुबो दिया ऊना; छह घंटे में टूटा 38 साल का रिकार्ड, दहशत में लोग
3 Aug, 2025 08:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ऊना, ऊना शहर में शनिवार को मूसलाधार बारिश ने 38 वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया। छह घंटे की बारिश से ऊना में सैकड़ों घर जलमग्र हो गए। दर्जनों सरकारी कार्यालयों सहित लालसिंगी से लेकर रक्कड़ कालोनी तक कई दुकानों में पानी घुस गया। छह घंटे में कुल 222.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इससे पहले वर्ष 1988 में 198 मिलीमीटर बारिश हुई थी। उस दौरान दो दिन लगातार बारिश से ऊना में बाढ़ आ गई थी। उस समय की भयावह स्थिति को देखते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी स्वयं स्थिति का जायजा लेने के लिए ऊना पहुंचे थे। अब शनिवार को हुई बारिश ने जिला में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। शनिवार तडक़े दो बजे से सुबह आठ बजे तक हुई बारिश ने ऊना शहर की सूरत ही बदल दी।
निचले इलाकों में पानी भर गया, दर्जनों घरों और दुकानों में पानी घुस गया। सडक़ों पर नदियों जैसा दृश्य देखने को मिला। गाडिय़ों का आवागमन बंद हो गया। इससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऊना का सारा निचला क्षेत्र जलमग्र हो गया। कोटला खुर्द-लालसिंगी व रामपुर-नीलाघाट खड्डों सहित ऊना शहर के समस्त नाले उफान पर आ गए। कोटला खुर्द व नीलाघाट में खड्डों का पानी पुलों के ऊपर से गुजर गया। उक्त वाक्या को देख लोग पुलों से गुजरने से भी डर रहे थे। बता दें कि वर्ष 1988 में दो दिन लगातार मूसलाधार बारिश हुई थी। उस दौरान जहां लगातार छह घंटों में 198 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। वहीं दो दिन में कुल 400 एमएम बारिश दर्ज हुई थी। उस दौरान बारिश ने जिलावासियों को गहरे जख्म दिए थे। बारिश ने सभी पुलों को तोड़ दिया था। उस समय जिला ऊना थम सा गया था। लोग अब भी उस मंजर को याद कर कांप जाते है, लेकिन अब शनिवार को हुई बारिश ने पुराने दिलों की याद दिला दी है। इस बारिश ने वर्ष 1988 के फ्लड को पीछे छोड़ दिया है।
तब
1988 में छह घंटे में हुई थी 198 एमएम बारिश
फ्लड आने से टूट गए थे सारे पुल, थम गई थी रफ्तार
पीएम राजीव गांधी खुद आए थे नुकसान का जायजा लेने
अब
छह घंटे में 222.8 एमएम बरसी आसमानी आफत
निचले इलाके पानी में डूबे, दर्जनों कार्यालयों में भरा पानी
लालसिंगी से लेकर रक्कड़ कालोनी तक दुकानें जलमग्न
सैकड़ों घर जलमग्न, खड्ड बन गईं सडक़ें
ऊना में बारिश लोगों के लिए आफत बनकर बरसी। बारिश के चलते लालसिंगी से लेकर रामपुर तक सैकड़ों घरों में पानी घुस गया। नाले टूटने से संपर्क मार्गों व गलियों ने खड्डों का रूप धारण कर लिया था। ऊना में इतना पानी देखकर लोग भी भयभीत हो रहे थे।
एक ही दिन में 27.11 करोड़ का नुकसान
डीसी ऊना जतिन लाल ने बताया कि जिला ऊना में भारी बारिश के चलते शनिवार को सिर्फ 12 घंटे में 27.69 करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं पूरे मानसून सीजन में अब तक जिला में 111.45 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। प्रशासन लोगों को राहत देने में जुटा हुआ है।
हिमाचल में दो दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट
शिमला। आसमानी आफत का सामना कर रहे हिमाचल के पांच जिलों में अगले दो दिनों तक ऑरेंज अलर्ट रहेगा और अत्यधिक बारिश होगी। मौसम विज्ञान विभाग ने चार व पांच अगस्त को ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू व सिरमौर जिला के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा शेष जिलों हमीरपुर, चंबा, मंडी, शिमला व सोलन के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
पौंग बांध से छोड़ा पानी पंजाब तक अलर्ट
धर्मशाला। कांगड़ा जिला में स्थित पौंग बांध में जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि के बाद भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने बांध के स्पिलवे से शनिवार देर रात अतिरिक्त पानी छोड़ दिया है, जिसके चलते हिमाचल प्रदेश और पंजाब के निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
'मोदी-योगी का नाम लेने को कहा, मना किया तो किया गया मानसिक उत्पीड़न' – साध्वी प्रज्ञा
2 Aug, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली : मालेगांव ब्लास्ट केस में बरी हो चुकीं बीजेपी की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने शनिवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि जांच एजेंसियों ने उन्हें पूछताछ के दौरान टॉर्चर किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई लोगों का नाम लेने का दबाव बनाया। मुंबई की सेशंस कोर्ट में जमानती औपचारिकता पूरी करने पहुंचीं साध्वी ने मीडिया से बातचीत में यह बात कही।
प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि उनसे जबरदस्ती प्रधानमंत्री मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, इंद्रेश कुमार और राम माधव जैसे नेताओं का नाम लेने को कहा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुझे धमकी दी गई कि अगर मैंने ये नाम नहीं लिए तो मुझे टॉर्चर किया जाएगा। लेकिन मैंने झूठ बोलने से इनकार कर दिया।
कोर्ट में नहीं मानी गई टॉर्चर की बात
हालांकि, विशेष एनआईए अदालत के न्यायाधीश एके लाहोटी ने अपने 1036 पन्नों के फैसले में साध्वी के टॉर्चर के आरोपों को खारिज किया है। कोर्ट ने कहा कि उनके पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उन्हें अवैध हिरासत में रखा गया या टॉर्चर किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने भी 2011 में उनके आरोपों को खारिज कर दिया था।
महाराष्ट्र एटीएस पर लगाए थे आरोप
साध्वी ने उस समय के महाराष्ट्र एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे, एसीपी परमबीर सिंह और अधिकारी सुखविंदर सिंह पर झूठे आरोप लगाने और टॉर्चर करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा था कि इन लोगों ने बहुत कोशिश की कि मैं झूठ बोलूं, लेकिन मैंने नहीं बोला। यह सनातन धर्म और हिंदुत्व की जीत है।
2008 के ब्लास्ट केस में सबूत नहीं मिले
गौरतलब है कि मालेगांव के नासिक जिले में 29 सितंबर 2008 को हुए धमाके में छह लोगों की मौत और 101 लोग घायल हुए थे। लेकिन एनआईए की विशेष अदालत ने 31 जुलाई को प्रज्ञा ठाकुर, कर्नल पुरोहित और पांच अन्य को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में नाकाम रहा।
पूर्व पीएम के पोते प्रज्वल रेवन्ना को उम्रकैद की सजा
2 Aug, 2025 06:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
3 हजार सेक्स क्लिप से खुला मामला, फॉरेंसिक रिपोर्ट बनी निर्णायक , SIT ने पेश की 2000 पन्नों की चार्जशीट, 123 सबूतों के आधार पर सुनाई गई सजा
बेंगलुरु।
जनता दल सेक्युलर (JDS) नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना को बलात्कार के गंभीर मामले में अदालत ने उम्रकैद की सजा और 10 लाख रुपये का जुर्माना सुनाया है। यह फैसला शनिवार को बेंगलुरु की विशेष अदालत ने सुनाया। रेवन्ना को एक दिन पहले दोषी करार दिया गया था।
सजा सुनते ही फूट-फूटकर रोने लगे प्रज्वल
न्यायाधीश संतोष गजानन भट ने आईपीसी की धारा 376(2)(एन) और 376(2)(के) के तहत रेवन्ना को दो आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जो मृत्यु तक चलेगी। कोर्ट ने कुल 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया, जिसमें से 7 लाख रुपये पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे। सजा सुनाए जाते वक्त रेवन्ना हाथ जोड़कर खड़े थे और रोने लगे।
सेक्स क्लिप वायरल होने से खुला मामला
यह मामला तब सामने आया जब 24 अप्रैल 2024 को हासन स्टेडियम में कई पेन ड्राइव पड़ी मिलीं, जिनमें प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े करीब 3 हजार आपत्तिजनक वीडियो क्लिप थे। वीडियो वायरल होते ही पूरे राज्य और देश में हलचल मच गई थी।
फोरेंसिक रिपोर्ट ने किया बलात्कार की पुष्टि
मुकदमे के दौरान पीड़िता ने एक साड़ी साक्ष्य के रूप में पेश की, जिसमें फोरेंसिक जांच में शुक्राणु की पुष्टि हुई। यह सबूत बलात्कार की पुष्टि में निर्णायक साबित हुआ।
SIT ने 2000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की
31 दिसंबर 2024 को मामला दर्ज होने के बाद, सीआईडी की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) ने इंस्पेक्टर शोभा के नेतृत्व में 123 सबूत एकत्र किए और 2000 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की। मुकदमे के दौरान 23 गवाहों से पूछताछ की गई।
रास्ता नहीं, सुविधा नहीं—ओडिशा के गांव में बुनियादी ढांचे की पोल खुली
2 Aug, 2025 05:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रास्ता नहीं, सुविधा नहीं—ओडिशा के गांव में बुनियादी ढांचे की पोल खुली
कंधमाल (ओडिशा)।
ओडिशा के कंधमाल जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां सड़क नहीं होने के कारण एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी, और एक बेटी को अपनी मां को पीठ पर लादकर पांच किलोमीटर जंगलों के रास्ते पैदल चलना पड़ा। यह घटना जिले के तुमडिबंध ब्लॉक के मुंडिगाड़ा पंचायत के डुमेरिपाड़ा गांव की है।
शुक्रवार रात बालामाडू माझी नामक महिला को सोते समय सांप ने काट लिया। परिवार ने तुरंत एम्बुलेंस बुलवाई, लेकिन गांव में सड़क नहीं होने के कारण एम्बुलेंस केवल आठ किलोमीटर दूर सरमुंडी तक ही पहुंच पाई।
जंगल के रास्ते मां को पीठ पर लादकर चली रजनी
कोई विकल्प न होने पर रजनी माझी ने साहसिक निर्णय लिया और अपनी मां को पीठ पर लादकर पांच किलोमीटर जंगलों के बीच उबड़-खाबड़ रास्तों से पैदल चली। इसके बाद उसने एक बाइक की मदद से तीन किलोमीटर का सफर और तय किया और मां को एम्बुलेंस तक पहुंचाया।
उन्हें पहले तुमडिबंध के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर बालिगुडा उप-मंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बालामाडू को मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम के बाद खाट पर शव लेकर घर लौटा परिवार
पोस्टमार्टम के बाद परिवार को बालामाडू का शव खाट पर घर ले जाना पड़ा, क्योंकि इलाके में सड़क और परिवहन की कोई सुविधा नहीं थी। गांव वालों और मृतका के परिजनों ने खराब सड़कों और समय पर इलाज न मिलने को मौत का कारण बताया है।
रजनी माझी के तीन भाई भी हैं। परिवार ने बताया कि कुछ साल पहले बालामाडू के पति की भी इसी तरह की चिकित्सा लापरवाही के चलते मौत हुई थी।
इस घटना ने आदिवासी समुदाय में गुस्से की लहर पैदा कर दी है, और उपेक्षित क्षेत्रों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास की मांग को फिर से ज़ोर दिया है।
दिल्ली के रहने वाले रोहित की IIT बॉम्बे में मौत, संस्थान ने बताया ‘दुर्घटना’
2 Aug, 2025 02:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
IIT बॉम्बे छात्र की रहस्यमयी मौत: हादसा या आत्महत्या? पुलिस जांच में जुटी
मुंबई | भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के एक अंतिम वर्ष के छात्र रोहित सिन्हा की शुक्रवार देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 26 वर्षीय रोहित दिल्ली का निवासी था और मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग और मटेरियल साइंस विभाग में पढ़ाई कर रहा था। घटना रात 1 से 2.30 बजे के बीच हुई जब वह हॉस्टल नंबर 17 की छत से नीचे गिर गया।
संस्थान ने इस घटना को एक दुर्घटना बताया है, जबकि एक अन्य छात्र ने दावा किया है कि उसने रोहित को खुद छत से कूदते हुए देखा। फिलहाल, पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज कर ली है और मामले की जांच जारी है।
प्रशासन का दावा: नशे की हालत में था छात्र
IIT प्रशासन के अनुसार, रोहित घटना के समय नशे की हालत में था। उसे छत से गिरने के तुरंत बाद नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक छात्र के अनुसार, वह रात को छत पर फोन पर बात कर रहा था और उसी दौरान उसने रोहित को छत से छलांग लगाते देखा। हालांकि, पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का रहस्य
पुलिस ने बताया कि संस्थान की सूचना के बाद उन्हें घटना की जानकारी मिली। रोहित के माता-पिता को सूचित कर दिया गया है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जो मौत के कारण पर स्पष्टता ला सकती है। IIT बॉम्बे ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर छात्र की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए इसे “दुर्घटना” बताया है। पोस्ट में लिखा गया, "अत्यंत दुःख के साथ सूचित किया जाता है कि हमारे अंतिम वर्ष के छात्र श्री रोहित सिन्हा का कल रात एक दुखद दुर्घटना में असामयिक निधन हो गया।"
विवाद और चिंता
घटना के बाद परिसर में छात्रों और फैकल्टी के बीच चिंता का माहौल है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह आत्महत्या थी या दुर्भाग्यवश हुई दुर्घटना। सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं।
करोड़ों खर्च ओलम्पिक पर, लेकिन कोचिंग के लिए खाली हैं स्टेडियम
2 Aug, 2025 01:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मैदानों में खिलाड़ी बढ़े, लेकिन कोच नहीं; 140 पदों पर अब मिली मंजूरी
नई दिल्ली। राजस्थान में पिछले 13 वर्षों से खेल प्रशिक्षकों की स्थायी भर्ती अटकी हुई है। प्रदेश में खिलाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए मैदानों में कोचों का घोर अभाव है। हर सरकार ने नियुक्तियों का आश्वासन दिया, लेकिन बदलती नीतियों और प्रक्रियाओं के कारण ये भर्तियां धरातल पर नहीं उतर सकीं।
हाल ही में राज्य सरकार ने 140 प्रशिक्षकों की भर्ती के लिए मंजूरी दी है। राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद को वित्त विभाग से अनुमति मिलने के बाद यह जिम्मा अब कर्मचारी चयन बोर्ड को सौंपा गया है।
2012 के बाद कोई नियमित भर्ती नहीं
विशेषज्ञों का कहना है कि 2012 के बाद कोई नियमित भर्ती नहीं हुई है। इससे खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों और मैदानों का लाभ नहीं मिल पा रहा। सरकार द्वारा दो बार भर्तियों की घोषणा हुई — 2012 और 2023 में, लेकिन दोनों ही बार ये प्रक्रिया अधूरी रह गई। पिछली बार अक्टूबर 2023 में आवेदन लिए गए, लेकिन चुनाव आचार संहिता के चलते भर्ती रुक गई।
खेल आयोजनों पर करोड़ों का खर्च, लेकिन कोच नहीं
वर्ष 2022 में ग्रामीण ओलंपिक पर ₹40.92 करोड़ और 2023 में शहरी व ग्रामीण ओलंपिक पर ₹1.55 अरब खर्च किए गए। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इतनी राशि से हजारों प्रशिक्षकों की नियुक्ति और नए स्टेडियम संभव थे।
खिलाड़ियों की व्यथा
निजी अकादमी का सहारा: सरकारी कोच न होने से क्रिकेट खिलाड़ी निजी अकादमियों में जाने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग के कोच अटैच नहीं: स्कूलों में भर्तियां हुईं लेकिन उन्हें क्रीड़ा परिषद से नहीं जोड़ा गया, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग नहीं हो पा रहा।
दूसरे राज्यों से तुलना में पिछड़ रहा राजस्थान
हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में कोचों की भर्तियों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके कारण राजस्थान के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पिछड़ जाते हैं।
विशेषज्ञ की राय
खेल मामलों के जानकार राजवीर सिंह शेखावत का कहना है, “सरकार को प्रशिक्षकों की स्थायी भर्ती के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। संसाधन हैं, मैदान हैं, लेकिन प्रशिक्षकों की कमी से वे बेकार हो जाते हैं।”
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अधिसूचना 7 अगस्त को जारी होगी , 9 सितंबर को मतदान संभावित
2 Aug, 2025 01:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली।
उपराष्ट्रपति पद के निर्वाचन की प्रक्रिया आगामी 7 अगस्त (गुरुवार) से प्रारंभ होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान श्री नवीन महाजन ने जानकारी दी कि निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त (गुरुवार) निर्धारित की गई है।
नामांकन पत्रों की जांच 22 अगस्त (शुक्रवार) को की जाएगी, जबकि उम्मीदवार 25 अगस्त (सोमवार) तक अपना नामांकन वापस ले सकेंगे।
यदि आवश्यक हुआ, तो मतदान 9 सितंबर (मंगलवार) को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कराया जाएगा। मतदान के बाद इसी दिन मतगणना भी की जाएगी और परिणाम की घोषणा की जाएगी।
निर्वाचन प्रक्रिया का यह शेड्यूल भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित किया गया है।
पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र कर भावुक हुए पीएम, बोले- बेटियों की पीड़ा दिल को चीर गई
2 Aug, 2025 12:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काशी में भावुक हुए पीएम मोदी: "पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत से मेरा हृदय तकलीफ से भर गया"
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर पहुँचे। बनौली में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले का ज़िक्र किया और कहा, "26 निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या ने मेरे दिल को गहरी पीड़ा दी।
पीएम मोदी ने बताया कि यह दौरा 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता के बाद काशी का उनका पहला दौरा है। उन्होंने कहा, "मैंने अपनी बेटियों के सिंदूर का बदला लेने का जो वचन दिया था, वो महादेव के आशीर्वाद से पूरा हुआ। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को बाबा विश्वनाथ के चरणों में समर्पित करता हूं।"
उन्होंने कहा, "काशी के मेरे मालिक जनता-जनार्दन, सावन का महीना हो, काशी हो और देशभर के किसानों से जुड़ने का अवसर मिले, इससे बड़ा सौभाग्य क्या हो सकता है।" उन्होंने भोजपुरी में जनता से जुड़ते हुए कहा, "हम काशी के हर परिवार जन के प्रणाम करत हईं।"
2200 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी को 2200 करोड़ रुपये की 52 परियोजनाओं की सौगात दी। इसके साथ ही देशभर के 9.7 करोड़ से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त (₹20,500 करोड़) जारी की गई। उन्होंने दालमंडी पुनर्विकास परियोजना की भी आधारशिला रखी।
योगी आदित्यनाथ ने किया स्वागत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम का स्वागत करते हुए कहा, "ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पीएम का काशी आगमन यह दर्शाता है कि आज का भारत आतंकवादियों को उनके घर में घुसकर मारने में सक्षम है।"
टीटीडी ने तिरुमाला में रील बनाकर अपलोड करने वालों के खिलाफ श्रद्धालुओं को चेतावनी दी
1 Aug, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुमाला: तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने तिरुमाला में श्रीवारी मंदिर और माडा स्ट्रीट के आसपास सोशल मीडिया पर रील बनाने और अपलोड करने के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है. ट्रस्ट प्रबंधन ने कहाकि आपत्तिजनक फोटो वीडियों को लेकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
मंदिर निकाय ने कहा कि इस तरह की हरकतें आध्यात्मिक माहौल को बिगाड़ती हैं. साथ ही श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है. गौर करें तो मंदिर में भगवान का दर्शन करने वाले यहां तरह-तरह के रील बनाकर सोशल साइट्स पर अपलोड कर रहे हैं. इसकी वजह से भक्तों की भावनाएं आहत हो रही हैं.
गुरुवार को जारी एक बयान में टीटीडी ने कहा कि उसने कई लोगों को वीडियो बनाते और उन्हें रील के रूप में ऑनलाइन शेयर करते देखा है. बयान में कहा गया है, "तिरुमाला जैसे पवित्र स्थान पर ऐसा व्यवहार अनुचित है."
इसमें आगे कहा गया है, "श्रद्धालुओं से अपेक्षा की जाती है कि वे मंदिर की पवित्रता बनाए रखें और दर्शन के लिए आने वाले साथी तीर्थयात्रियों की भावनाओं का सम्मान करें. इसका उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा."
टीटीडी ने यह भी घोषणा की कि उसके सतर्कता और सुरक्षा कर्मी ऐसी गतिविधियों पर सक्रिय रूप से नजर रख रहे हैं. साथ ही अपराधियों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई के लिए जोर लगाएंगे.
गौर करें तो तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम मंदिर दुनिया के सबसे धनाढ्य मंदिर है. यह मंदिर करीब हर साल 500 करोड़ रुपये से अधिक की रकम बैंक में जमा करता है. तिरुमाला मंदिर ट्रस्ट ने अकेले 2024 में ही 1161 करोड़ रुपए की एफडी कराई थी. बता दें कि ट्रस्ट के बैंक एकाउंट में कुल 13287 करोड़ रुपये की एफडी जमा है. साथ ही यह अब तक की सबसे ज्यादा रकम वाली एफडी है.
इस पवित्र मंदिर का निर्माण राजा तोंडमान ने कराया था. यह टेंपल आंध्र प्रदेश के सेशाचलम पर्वत पर स्थित है. इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 11वीं सदी में रामानुजाचार्य ने की थी.
गौर करें तो आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में स्थित तिरुमाला मंदिर के सामने वीडियो बनाने का सिलसिला थम नहीं रहा है. कुछ शरारती तत्व मंदिर परिसर में वीडियो बैन होने के बावजूद धड़ल्ले से वीडियो बना रहे हैं. साथ ही रील बनाकर सोशल मीडिया पर फैला दे रहे हैं. रील बनाने वालों की इस हरकत से आजित आकर टीटीडी ने कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है. टीटीडी का कहना है कि प्रशासन मंदिर की पवित्रता कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है.
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