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उत्तरकाशी धराली आपदा में रेस्क्यू के लिए जा रही टीम धरासू बैंड पर लैंडस्लाइड होने से फंसी.
6 Aug, 2025 08:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तरकाशी: धराली में आई आपदा के बाद सड़क मार्ग से मदद पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. चिन्यालीसौड़, उत्तरकाशी जिला मुख्यालय और उससे आगे भी जगह-जगह पर सड़कें बंद हैं. लगातार राहत बचाव दल और अधिकारियों को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है. पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण जगह-जगह पर सड़क मार्ग बंद है.
उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे पर धरासू बैंड भी लैंडस्लाइड कारण बंद है. पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर आ रहे हैं. आलम ये है कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, रिजर्व पुलिस फोर्स के अधिकारी और एसडीआरएफ के जवान फंसे हुए हैं. ये सभी अधिकारी और जवान धराली आपदा में रेस्क्यू करने के लिए रवाना हुए हैं. इसके अलावा धरासू बैंड पर मार्ग बाधित होने के कारण तमाम स्थानीय लोग भी फंसे हुए हैं.
हवाई मार्ग एकमात्र विकल्प: धराली आपदाग्रस्त क्षेत्र में सड़क से पहुंचना काफी चुनौती भरा हो रहा है. जगह-जगह लैंडस्लाइड और बोल्डर गिरने से मार्ग बंद है. हालांकि, जेसीबी और पोकलेन मशीन से बोल्डर और मलबा हटाने का काम किया जा रहा है. वहीं भटवाड़ी में भी सड़क का 30 मीटर हिस्सा धंस जाने के कारण बड़ी चुनौती बना हुआ है. ऐसे में वायु मार्ग से राहत बचाव पहुंचाने को लेकर तैयार किए जा रहे प्लान के बारे में आपदा प्रबंधन से बातचीत की.
आपदा प्रबंधन AECO ऑपरेशन राजकुमार नेगी ने हमें बताया कि एयरपोर्ट से लगातार संपर्क किया जा रहा है. कुछ ही देर में MI-17 के दो हेलीकॉप्टर और एक चिनूक हेलीकॉप्टर जौलीग्रांट पर उतरेंगे. जहां से आपदा के क्षेत्र में कुछ जरूरी उपकरण और सामान लेकर ग्राउंड जीरो की ओर उड़ान भरेंगे. वहीं वायु सेना की ऑप्शनल गतिविधि कहां से होगी? इसको लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है.
उफान पर भागीरथी: जैसे-जैसे ईटीवी भारत की टीम धराली घटनास्थल पर ग्राउंड जीरो की ओर बढ़ रही है, वैसे-वैसे भागीरथी नदी का बहाव अधिक देखने को मिल रहा है. चिन्यालीसौड़ से नीचे टिहरी झील में भागीरथी का जल शांत देखने को मिल रहा है. लेकिन जैसे-जैसे ऊपर की तरफ जा रहे हैं, भागीरथी का उफान अत्यधिक देखने को मिल रहा है. जल का प्रवाह और वेग काफी तेज देखने को मिल रहा है.
गौर है कि 5 अगस्त दोपहर उत्तरकाशी की खीर गंगा में भारी तादाद में मलबा आने के कारण आपदा आ गई. इस हादसे में 40 से 50 घर बह गए, जबकि कई लोग लापता हो गए. साथ ही धराली बाजार पूरी तरह तबाह हो गया है. धराली गांव में कई फीट तक मलबा और बड़े बड़े बोल्डर जमा हो गए हैं. मौके पर फंसे लोगों को बचाने का कार्य जारी है. अभी तक 6 डेड बॉडी मिली हैं. 135 लोगों को रेस्क्यू किया गया है. धराली गांव में फंसे 200 लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है.
फिल्म ‘छावा’ का ज़िक्र कर भागवत बोले- जिम्मेदारी से जीएं धर्म
6 Aug, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि धर्म सत्य है और एक पवित्र कार्य है. जिम्मेदारी के साथ इस रास्ते पर चलने से समाज को शांतिपूर्ण बनाए रखने में मदद मिलेगी.
नागपुर में धर्म जागरण न्यास कार्यालय के उद्घाटन के मौके पर मोहन भागवत ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, धर्म का पालन और उसके प्रति प्रतिबद्ध रहने से लोगों को संकट के समय में रास्ता निकालने के लिए साहस और संकल्प प्राप्त करने में मदद मिलती है.
क्यों किया छावा फिल्म का जिक्र?
मोहन भागवत ने कहा, अगर धर्म के प्रति आपकी प्रतिबद्धता मजबूत है, तो आप कभी हिम्मत नहीं हारेंगे. उन्होंने इस मौके पर छावा फिल्म का भी जिक्र किया. आरएसएस प्रमुख ने कहा, छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म ‘छावा’ सभी ने देखी है. सिर्फ बड़े नाम ही नहीं, बल्कि आम लोगों ने भी धर्म के प्रति समर्पित रहने के लिए बलिदान दिया है.
भागवत ने कहा कि यह समाज की जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि लोग धर्म के मार्ग से विचलित न हों. उन्होंने कहा, दुनिया को ऐसे धर्म की जरूरत है जो हिंदू धर्म की तरह विविधताओं को मैनेज करे. धर्म हमें अपनापन सिखाता है और विविधताओं को स्वीकार करने की अनुमति देता है. हम विविध हैं, लेकिन एक-दूसरे से अलग नहीं हैं. अंतिम सत्य यह है कि हम अलग दिख सकते हैं, लेकिन हम एक ही हैं.
दिल्ली में हो रही तीन-दिवसीय मीटिंग
आरएसएस की दिल्ली में तीन दिवसीय लेक्चर सीरीज होगी. यह 26, 27 और 28 अगस्त को राजधानी में होगी, जिसके बाद अन्य राज्यों में भी इसका आयोजन होगा. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 26 अगस्त से शुरू होने वाली तीन दिन की लेक्चर सीरीज के लिए प्रमुख विपक्षी दलों से संपर्क कर सकता है, जिसे सरसंघचालक मोहन भागवत संबोधित करेंगे. यह कार्यक्रम संघ अपने शताब्दी वर्ष समारोह के तहत आयोजित किए जा रहे एक बड़े आउटरीच कार्यक्रम का हिस्सा है.
इस वर्ष विजयादशमी पर आरएसएस अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करेगा. शताब्दी समारोह से पहले, आरएसएस 26 से 28 अगस्त तक दिल्ली में ‘संघ यात्रा के 100 वर्ष – नए क्षितिज’ शीर्षक से तीन दिवसीय राष्ट्रीय संवाद का आयोजन करेगा.
कर्तव्य पथ पर नई शुरुआत, पीएम मोदी ने कर्तव्य भवन-3 देश को समर्पित किया
6 Aug, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर नवनिर्मित कर्तव्य भवन का उद्घाटन किया। विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को एक साथ लाकर कर्तव्य भवन में शिफ्ट किया जाएगा जिससे दक्षता, नवाचार और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इसमें गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी), पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय/विभाग और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) के कार्यालय होंगे।
सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों के लिए ऐसे कुल 10 भवनों का निर्माण होना है। इनमें से कर्तव्य भवन-3 बनकर तैयार हो गया है, इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। साथ ही वह शाम छह बजे कर्तव्य पथ पर एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे। परियोजना पूरी होने के बाद किराये के तौर पर खर्च होने वाले 1500 करोड़ रुपये की बचत होगी।
कर्तव्य भवन में क्या है खास
लगभग 1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस अत्याधुनिक कार्यालय परिसर में दो बेसमेंट और सात मंजिलें (भूतल+6 मंजिल) हैं। वर्तमान में, कई प्रमुख मंत्रालय 1950 और 1970 के दशक के बीच निर्मित शास्त्री भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन और निर्माण भवन जैसी पुरानी इमारतों से काम करते हैं, जो 1950-70 के दशक में बनाई गई थीं।
भवन में सुरक्षित और आईटी-सक्षम कार्यस्थल, स्मार्ट एंट्री सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और कमांड सेंटर, सोलर पैनल, सौर वॉटर हीटर और ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं हैं। यह पर्यावरण के अनुकूल निर्माण को भी बढ़ावा देता है, जिसमें अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग, ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली शामिल हैं। इमारत को ठंडा रखने और बाहरी ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए इसमें कांच की विशेष खिड़कियां लगाई गई हैं।
30 फीसदी कम ऊर्जा का खपत
कर्तव्य भवन को 30 प्रतिशत कम ऊर्जा खपत के लिए तैयार किया गया है। ऊर्जा की बचत करने वाली एलईडी लाइटें, जरूरत न होने पर लाइटें बंद करने वाले सेंसर, बिजली बचाने वाली स्मार्ट लिफ्ट्स और बिजली के उपयोग को प्रबंधित करने की एक उन्नत प्रणाली लगाई गई है।
जल्द ही अन्य भवन भी हो जाएंगे पूरी तरह तैयार
शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को नवनिर्मित कर्तव्य भवन-3 के सभागार में पत्रकारों से चर्चा में बताया कि अगले महीने तक कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 भी बनकर तैयार जाएंगे। दोनों का काम लगभग अंतिम चरण में है। प्रस्तावित अन्य सात भवन भी अप्रैल 2027 तक बनकर तैयार हो जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंत्रालयों के लिए बनाए जा रहे इन भवनों में तकनीक, सुरक्षा व पर्यावरण अनुकूलता का पूरा ख्याल रखा गया है। पूरे भवन की निगरानी के लिए एक कमांड सीसीटीवी सेंटर भी बनाया गया है,जहां से परिसर व अंदर के गलियारों पर पैनी नजर रखी जाएगी। खास बात यह है कि केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों के लिए नवनिर्मित इन नए भवनों को पहले कामन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (सीसीएस) नाम दिया गया था। इन कर्तव्य भवनों को मेट्रो लाइन से जोड़ने के लिए इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन से एक नई लाइन बनाने का प्रस्ताव किया गया है।
मौजूदा भवन हैं 75 साल पुराने
मंत्री खट्टर ने एक सवाल के जवाब में बताया कि मंत्रालयों के नए और अत्याधुनिक भवनों को बनाने की जरूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि जो मौजूदा भवन हैं वह 1950 से 1970 के बीच बनाए गए थे। ये सभी पुराने हो गए है, इनका सालाना रखरखाव काफी महंगा हो गया था। गौरतलब है कि मौजूदा समय में केंद्र सरकार के पास करीब 55 मंत्रालय और 93 विभाग मौजूद है। ये अभी नार्थ और साउथ ब्लाक के साथ कृषि भवन, शास्त्री भवन, उद्योग व निर्माण भवन आदि शामिल है।
नार्थ और साउथ ब्लाक होगा पूरा खाली
कर्तव्य भवनों के तैयार होते ही नार्थ और साउथ ब्लाक में मौजूद सभी मंत्रालयों को वहां से स्थानांतरित कर दिया जाएगा। दोनों ही ब्लाक को खाली कराकर इनमें भारत संग्रहालय बनाया जाएगा। इस दौरान ढांचे के साथ किसी तरह का छेड़छाड़ किए बगैर इसमें महाभारत काल से लेकर देश के आज तक के इतिहास, कला व संस्कृति आदि को प्रदर्शित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि सेंट्रल विस्टा परियोजना का यह काम दिसंबर 2031 तक पूरा कर लिया जाएगा। इनमें ही प्रधानमंत्री के लिए नए आवास व कार्यालय भी बनाए जा रहे है। इसके लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कर्तव्य भवन-3 : एक नजर में
⦁ कुल क्षेत्रफल- 1.50 लाख वर्ग मीटर
⦁ भूतल क्षेत्रफल- 40 हजार वर्ग मीटर
⦁ कुल तल- दो भूतल सहित कुल दस तल
⦁ पार्किंग क्षमता- 600 कारों की
⦁ बैठने की व्यवस्था- वर्क हाल और केबिन
⦁ कॉमन सुविधा- योगा, क्रेच,मेडिकल रूम, कैफे, मल्टीपरपज हॉल
⦁ 24 मुख्य कांफ्रेंस हाल, क्षमता- प्रत्येक में 45 व्यक्तियों के बैठने की
⦁ 26 छोटे कांफ्रेंस हाल, क्षमता-प्रत्येक में 25 व्यक्तियों के बैठने की
⦁ 67 मीटिंग रूम या वर्क हाल, प्रत्येक की क्षमता नौ लोगों की
⦁ लिफ्ट- 27, सेंट्रलाइज एयर कंडीशन, स्वचालित सीढियां- दो
जल्द ही टूटेंगे कृषि, उद्योग, निर्माण और शास्त्री भवन
सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत जल्द ही कृषि भवन, उद्योग भवन, शास्त्री भवन और निर्माण भवन टूटेंगे। इनमें मौजूद सभी मंत्रालयों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन दौरान कुछ मंत्रालय अगले दो साल के लिए किराए भवन में भी शिफ्ट हो रहे है। माना जा रहा है कि जैसे ही नए कर्तव्य भवनों का निर्माण होगा, वैसे-वैसे इन सभी मंत्रालयों और विभागों को इनमें शिफ्ट किया जाएगा।
भारत का पहला एनालॉग अंतरिक्ष स्टेशन शुरू, ISRO ने खोला लद्दाख में HOPE
6 Aug, 2025 01:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ISRO का HOPE Analog Mission: अंतरिक्ष में जीवन की तैयारी, लद्दाख में बना पहला ‘ग्रह निवास स्टेशन’
नई दिल्ली / लद्दाख:
इसरो (ISRO) ने अंतरिक्ष मिशनों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए लद्दाख के दुर्गम त्सो कार क्षेत्र में भारत का पहला HOPE स्टेशन (Himalayan Outpost for Planetary Exploration) स्थापित किया है। यह स्टेशन चंद्रमा और मंगल जैसे ग्रहों पर संभावित जीवन और मानव उपस्थिति के लिए एक प्रशिक्षण और परीक्षण स्थल के रूप में कार्य करेगा।
यह कोई साधारण रिसर्च सेंटर नहीं है। यह एक एनालॉग मिशन है — यानी ऐसा कृत्रिम वातावरण, जो अंतरिक्ष की वास्तविक परिस्थितियों का अनुकरण करता है। समुद्र तल से 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह इलाका शून्य से नीचे तापमान, कम ऑक्सीजन, बंजर जमीन और निम्न वायुदाब जैसी परिस्थितियों के चलते मंगल ग्रह जैसी स्थिति पैदा करता है।
क्या है HOPE स्टेशन?
यह स्टेशन दो मुख्य मॉड्यूल से मिलकर बना है — 8 मीटर व्यास का क्रू हाउसिंग मॉड्यूल , 5 मीटर व्यास का यूटिलिटी मॉड्यूल, जो संचालन और सपोर्ट गतिविधियों के लिए है। दोनों मॉड्यूल एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, जिससे लंबी अवधि के मिशन का अभ्यास हो सके। HOPE मिशन का संचालन ISRO के मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र (HSFC) द्वारा किया जा रहा है।
मानव व्यवहार और जीवन समर्थन प्रणालियों का होगा परीक्षण
HOPE मिशन के अंतर्गत दो एनालॉग क्रू सदस्य 10 दिनों तक इस वातावरण में रहेंगे। इस दौरान वैज्ञानिक संस्थान उनकी एपिजेनेटिक, जीनोमिक, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रियाओं का परीक्षण करेंगे। ये अध्ययन भारत के भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों जैसे गगनयान या चंद्र-मंगल अन्वेषण की तैयारी के लिए बेहद अहम साबित होंगे।
अनुसंधान संस्थानों की भागीदारी
इस मिशन में कई प्रमुख संस्थानों ने भागीदारी की है: IIST और RGCB, तिरुवनंतपुरम, IIT हैदराबाद और IIT बॉम्बे , इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन, बेंगलुरु।
HOPE मिशन का उद्देश्य क्या है?
चंद्रमा, मंगल और उससे आगे के अंतरिक्ष मिशनों के लिए मानव जीवन की व्यवहार्यता को जांचना। जीवन रक्षक प्रणालियों, स्पेस सूट, नमूना संग्रह तकनीक और स्वास्थ्य निगरानी प्रणालियों का परीक्षण। भविष्य के लॉन्ग ड्यूरेशन इंटरप्लैनेटरी मिशनों के लिए प्रोटोकॉल और बुनियादी ढांचे को डिजाइन करना।
लद्दाख का चयन क्यों हुआ?
त्सो कार घाटी का वातावरण मंगल ग्रह जैसा माना जाता है: उच्च UV विकिरण ,अत्यधिक ठंड, कम वायुदाब और खारा पर्माफ्रॉस्ट, इन विशेषताओं ने इसे HOPE एनालॉग मिशन के लिए एक आदर्श स्थान बना दिया।
31 जुलाई को इसरो प्रमुख ने किया उद्घाटन
31 जुलाई 2025 को इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने HOPE स्टेशन का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में "नई आशा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक" बताया।
गंगोत्री हाईवे लैंडस्लाइड से बंद, फंसे यात्रियों को निकालने में जुटी टीमें
6 Aug, 2025 11:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तरकाशी: जिले के धराली में मंगलवार को आई प्राकृतिक आपदा के बाद आज बुधवार 6 अगस्त को भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. सेना के साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस राहत और बचाव कार्य में लगी है. उत्तराखंड के पिछले 48 घंटे से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है. जिसका असर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में देखने को मिल रहा है. उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने की वजह से बनी आपदा जैसी स्थिति शासन- प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. इन चुनौतियों से निपटने के लिए सभी विभाग आपसी तालमेल बनाकर कार्रवाई कर रहे हैं.आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की ड्यूटी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लगाने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने 11 डॉक्टर्स की टीम को भी रवाना कर दिया है. धराली आपदा में 4 लोगों की मौत हो चुकी है. बड़ी संख्या में लोग लापता हैं. 20 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है. इसके साथ ही आर्मी कैंप को भी नुकसान पहुंचा है. कई सैनिकों के लापता होने की खबर आ रही है. सेना के जनसम्पर्क अधिकारी मनीष श्रीवास्तव ने ये जानकारी दी है.
उत्तरकाशी में कई जगह लैंडस्लाइड, गंगोत्री नेशनल हाईवे बंद
आपदाग्रस्त उत्तरकाशी जिले में बारिश जारी है. जनपद में नेताला से लेकर भटवाड़ी के पापड़गाड़ तक दो स्थानों के पास सड़क धंसी है. गंगोत्री हाईवे पर नेताला और मनेरी-ओंगी के बीच नदी से सड़क पर कटाव हो रहा है. पापड़गाड़ में आज सड़क का खुलना मुश्किल.
मौसम विभाग बोला बादल नहीं फटा, जियोलॉजिस्ट ने किया ये दावा
उत्तराखंड का मौसम विभाग उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा को बादल फटने से हुई आपदा मानने से इनकार कर चुका है. मौसम विभाग का कहना है कि बादल नहीं फटा था. देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने यह साफ कहा है कि फिलहाल उत्तरकाशी में बादल फटने जैसी कोई भी घटना का डाटा रिकॉर्ड नहीं किया गया है. लिहाजा सीधे तौर पर इसे बादल फटना नहीं कहा जा सकता. इधर उत्तराखंड के उत्तरकाशी धराली में आई भीषण आपदा के कारणों की एक्सक्लूसिव तस्वीर सामने आई हैं. भूटान में PHP-1 के वरिष्ठ जियोलॉजिस्ट इमरान खान ने उस ग्लेशियर डिपोजिट स्लाइड की तस्वीरें साझा की हैं.
जियोलॉजिस्ट इमरान खान ने बताया कि-
धराली गांव से लगभग 7 किमी ऊपर की ओर, समुद्र तल से लगभग 6,700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, ग्लेशियर डिपाजिट डेबरी का एक बड़ा हिस्सा टूटने से मलबा तेजी से नीचे घाटी की ओर आया. सैटेलाइट इमेज के अनुसार ग्लेशियर मलबे की मोटाई 300 मीटर और क्षेत्रीय विस्तार तकरीबन 1.12 वर्ग किलोमीटर का बताया गया है. जिसके कारण निचले इलाकों में तबाही मची है.-इमरान खान, जियोलॉजिस्ट, भूटान में चल रहे PHPA-1 में सेवारत-
बीस करोड़ की धनराशि जारी, आज धराली जाएंगे सीएम धामी
राज्य आपदा मोचन निधि से धराली में आपदा राहत एवं बचाव कार्य के लिए 20 करोड़ की धनराशि जारी की गई है. आज सीएम धामी उत्तरकाशी धराली आपदाग्रस्त क्षेत्र का दौरा करेंगे. सीएम धामी मौके पर जाकर राहत बचाव कार्यों का जायजा लेंगे. मुख्यमंत्री आपदा पीड़ितों से मुलाकात भी करेंगे. इससे पहले मंगलवार को सीएम धामी अपना आंध्र प्रदेश का दौरा बीच में ही छोड़कर उत्तराखंड लौट आए. देहरादून पहुंचते ही ही सीएम सीधे आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे. उन्होंने आपदा में हुए नुकसान और राहत बचाव कार्यों का अपडेट लिया. इधर उत्तरकाशी के धराली में आई भीषण दैवीय आपदा के बाद कांग्रेस ने चार सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल को प्रभावितों की सहायता के लिए घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने पार्टी के चार वरिष्ठ नेताओं को यह जिम्मेदारी दी है. प्रतिनिधि मंडल में कांग्रेस प्रदेश महामंत्री घनानंद नौटियाल, जिला अध्यक्ष उत्तरकाशी मनीष राणा, अनुसूचित जाति के पूर्व अध्यक्ष दर्शन लाल और पूर्व नगर अध्यक्ष उत्तरकाशी दिनेश गौड़ शामिल हैं.
भारतीय जियोलॉजिस्ट इमरान खान ने सेटेलाइट इमेज के जरिये उत्तरकाशी धराली आपदा को लेकर तस्वीरें साझा की
6 Aug, 2025 10:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देहरादून, धीरज सजवाण: उत्तराखंड के उत्तरकाशी धराली में आई भीषण आपदा के कारणों की एक्सक्लूसिव तस्वीर सामने आई हैं. भूटान में PHP-1 के वरिष्ठ जियोलॉजिस्ट इमरान खान ने उस ग्लेशियर डिपोजिट स्लाइड की तस्वीरें साझा की हैं.
जियोलॉजिस्ट इमरान खान ने बताया धराली गांव से लगभग 7 किमी ऊपर की ओर, समुद्र तल से लगभग 6,700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, ग्लेशियर डिपाजिट डेबरी का एक बड़ा हिस्सा टूटने से मलबा तेजी से नीचे घाटी की ओर आया. सैटेलाइट इमेज के अनुसार ग्लेशियर मलबे की मोटाई 300 मीटर और क्षेत्रीय विस्तार तकरीबन 1.12 वर्ग किलोमीटर का बताया गया है. जिसके कारण निचले इलाकों में तबाही मची है.
उत्तराखंड के उत्तरकाशी धराली में 5 अगस्त को आई भीषण आपदा के पीछे के असल कारणों का खुलासा वरिष्ठ जियोलॉजिस्ट इमरान खान द्वारा साझा की गई तस्वीरों से हुआ है. बता दें कि वरिष्ठ भारतीय जियोलॉजिस्ट इमरान खान भूटान में चल रहे PHPA-1 में सेवारत हैं. सोशल मीडिया पर उनके द्वारा साझा की गई जानकारी में उत्तरकाशी धारली में हुई घटना की विस्तृत जानकारी दी गई है. जिसमें कई तकनीकी पहलू भी शामिल हैं.
वरिष्ठ जियोलॉजिस्ट इमरान खान की जानकारी के अनुसार
धराली मलबा प्रवाह का पहला त्वरित आंकलन कुल अनुमानित आयतन 360 मिलियन घन मीटर है.
प्रारंभिक भूवैज्ञानिक आंकलन - धराली में अचानक आई बाढ़, उत्तरकाशी के पीछे संभावित कारण
प्रथम दृष्टया अवलोकन: धराली गांव से लगभग 7 किमी ऊपर की ओर, समुद्र तल से लगभग 6,700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, हिमनदों से बने मोटे तलहटी निक्षेपों का एक महत्वपूर्ण समूह पाया गया है. इन निक्षेप अनुमानित ऊर्ध्वाधर मोटाई 300 मीटर है. इसका क्षेत्रीय विस्तार 1.12 वर्ग किमी है. इसकी संरचना अनुमानित हिमोढ़ और हिमनद-नदी पदार्थ की है.अवस्था की बात करें तो एक लटकते हिमनद गर्त के भीतर स्थित असंगठित पिंड है.
एनकाउंटर में मारा गया PLFI सुप्रीमो, 15 लाख का था इनाम घोषित
6 Aug, 2025 09:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: पीपल्स लिब्रेसन फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएलएफआई को बहुत बड़ा झटका लगा है. गुमला पुलिस ने पीएलएफआई सुप्रीमो मार्टिन केरकेट्टा को एनकाउंटर में मार गिराया है. मार्टिन पर झारखंड पुलिस ने 15 लाख का इनाम घोषित कर रखा था. गुमला के कामडारा में मार्टिन गुमला एसपी हारिश बिन जमा और उनकी टीम के साथ हुए एनकाउंटर में मारा गया है.
कारोबारी से वसूलने आया था लेवी
गुमला पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मार्टिन अपनी टीम के साथ कामडारा में किसी कारोबारी से लेवी लेने के लिए पहुंचा था, जिसकी सूचना गुमला एसपी को मिली थी. मिली सूचना के आधार पर गुमला एसपी के द्वारा एक टीम का गठन कर मार्टिन की घेराबंदी की गई.
पुलिस को अपनी तरफ आता देख मार्टिन के द्वारा पुलिस पर फायरिंग की गई, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें मार्टिन मारा गया. मार्टिन के पास से हथियार भी बरामद किया गया है. एनकाउंटर में केवल गुमला पुलिस की टीम ही शामिल थी.
गुमला पुलिस की कारवाई में 15 लाख का इनामी पीएलएफआइ का सुप्रीमो मार्टिन केरकेटा मारा गया है- हारिश बिन जमा, गुमला एसपी
दिनेश गोप के बाद मार्टिन बना था सुप्रीमो
गौरतलब है कि एनआईए और झारखंड पुलिस के संयुक्त प्रयास के बाद पीएलएफआई के सुप्रीमो दिनेश गोप को नेपाल से गिरफ्तार किया गया था. दिनेश गोप के जेल जाने के बाद मार्टिन को संगठन का सुप्रीमो बनाया गया था. दिनेश गोप पर भी 25 लाख रुपए का इनाम घोषित था. दिनेश गोप के गिरफ्तार होने के बाद मार्टिन ही पीएलएफआई की पूरी कमान संभाल रहा था और जगह-जगह पर वारदातों को अंजाम दिलवा कर पीएलएफआई के नाम पर खौफ पैदा कर रहा था. मार्टिन के द्वारा सबसे ज्यादा रंगदारी मांगने की वारदातों को अंजाम दिए जा रहे थे.
फिलीपींस के राष्ट्रपति आर. मार्कोस का 4 से 8 अगस्त तक भारत की पहली राजकीय यात्रा पर
6 Aug, 2025 08:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर मार्कोस जूनियर 4 से 8 अगस्त तक भारत की यात्रा पर हैं. भारत और फिलीपींस के बीच संबंधों की सराहना करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि दोनों देश "अपनी पसंद से दोस्त और नियति से साझेदार" हैं. इससे पहले, फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर मार्कोस जूनियर का राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया गया.
मंगलवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर मार्कोस जूनियर के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने मेहमान नेता का गर्मजोशी से स्वागत किया. कहा कि दोनों देश 2025 में राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाएंगे. उन्होंने कहा, "हिंद महासागर से लेकर प्रशांत महासागर तक, हम साझा मूल्यों से एकजुट हैं. हमारी दोस्ती सिर्फ़ अतीत की दोस्ती नहीं है, यह भविष्य के लिए एक वादा है."
मनीला जाना हुआ आसानः
फिलीपींस के राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की थी. प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा करने के लिए फिलीपींस के राष्ट्रपति और उनकी सरकार का भी आभार व्यक्त किया. पीएम मोदी ने मनीला द्वारा भारतीय पर्यटकों को वीज़ा-मुक्त प्रवेश देने के फ़ैसले का स्वागत किया. भारत ने भी फिलीपींस के पर्यटकों को मुफ्त ई-वीजा सुविधा देने का फैसला किया है. इस साल दिल्ली और मनीला के बीच सीधी उड़ानें शुरू करने की योजना है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फिलीपींस के बीच बढ़ते रक्षा संबंध गहन आपसी विश्वास का प्रतीक हैं. उन्होंने घोषणा की कि भारत और फिलीपींस अंतरिक्ष क्षेत्र में भी सहयोग करेंगे. पीएम मोदी ने कहा, "पृथ्वी पर हमारी साझेदारी पहले से ही मजबूत है और हमने अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए भी तैयारी शुरू कर दी है. इस संबंध में आज एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं."
द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहाः
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फिलीपींस ने द्विपक्षीय तरजीही व्यापार समझौते की दिशा में काम करने का फैसला किया है. पीएम मोदी ने कहा, "यह प्रसन्नता की बात है कि आज हमने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है. हमारा द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है और तीन अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है. इसे और मज़बूत करने के लिए, भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा जल्द से जल्द पूरी करना हमारी प्राथमिकता होगी."
फिलीपींस के राष्ट्रपति ने भी प्रेस को संबोधित कियाः
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर मार्कोस जूनियर ने प्रेस बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारत फिलीपींस के लिए पांचवां रणनीतिक साझेदार बन गया है. मार्कोस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उन्होंने रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में आगे सहयोग करने पर सहमति व्यक्त की है. उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी और मैंने पिछले एक घंटे में दूरगामी, उत्पादक और दूरदर्शी चर्चा की. हम रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में अपने सहयोग को और आगे बढ़ाने पर सहमत हुए."
भारत आकर खुशी हो रही हैः
मार्कोस ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प की भी सराहना की. उन्होंने कहा, "मैं हमारी द्विपक्षीय साझेदारी के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आया हूं. आज, हमारे संबंध एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी और मैंने औपचारिक रूप से फिलीपींस और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की है. महामहिम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, इस राजकीय यात्रा पर इतने शालीनता और आतिथ्य के साथ हमारा स्वागत करने के लिए धन्यवाद. भारत आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है."
भारत की यात्रा करनेवाले पांचवें राष्ट्रपतिः
मार्कोस ने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें भारत आने वाले फिलीपींस के पांचवें राष्ट्रपति बना दिया है. उन्होंने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए यह यात्रा की है, जो भारत आने वाले फिलीपींस के पहले राष्ट्रपति थे. उन्होंने कहा, "एक सहस्राब्दी से भी अधिक समय से सभ्यतागत, सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंधों ने हमारी भौगोलिक दूरियों को पाट दिया है. ये हमारी मित्रता का स्थायी आधार बने रहेंगे और हम ऐसा सुनिश्चित करने के लिए नीतियां बनाएंगे."
पहलगाम आतंकी हमले की निंदाः
मार्कोस ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की भी निंदा की, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे. उन्होंने कहा, "अपने लोगों के दूत के रूप में, मैं अपने साथ फिलीपीनी राष्ट्र की स्थायी मित्रता लेकर आया हूं. मैं इस साल की शुरुआत में पहलगाम में हुए दुखद हमले और आतंकवाद के खिलाफ व्यापक लड़ाई में भारत के साथ हमारी एकजुटता का संदेश लेकर आया हूं."
6 साल बाद भी असंतोष बरकरार: जम्मू-कश्मीर पर केंद्र के फैसले के खिलाफ विपक्ष का काला दिवस
5 Aug, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू। केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 हटाए जाने और जम्मू-कश्मीर को राज्य से केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) बनाए जाने के फैसले को 5 अगस्त 2025 को छह साल पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी और कई सामाजिक संगठनों ने इसे ‘काला दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की है।
दरअसल 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था। हालांकि तब से लेकर अब तक राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया गया, जिसको लेकर राजनीतिक दलों और कई सामाजिक संगठनों में नाराजगी बनी हुई है।
कांग्रेस का गंभीर आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने कहा कि, हमारे राज्य से राज्य का दर्जा छीन लिया गया है, यहां के संसाधनों का इस्तेमाल केंद्र सरकार कर रही है और युवाओं को नौकरियों से वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि इसी के विरोध में कांग्रेस और कई सामाजिक संगठन 5 अगस्त को विरोध प्रदर्शन कर इसे ‘काला दिवस’ के तौर पर मना रहे हैं।
राज्य के लिए आवाज़ें तेज़
इस मुद्दे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, आप, और कई अन्य स्थानीय दल भी लगातार राज्य के दर्जे की बहाली की मांग करते आए हैं। हाल के महीनों में केंद्र सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है, जिससे क्षेत्र में असंतोष और बढ़ा है।
जम्मू-कश्मीर राज्यत्व याचिका पर 8 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
5 Aug, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट 8 अगस्त को केंद्र सरकार को जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के निर्देश देने की मांग याचिका पर सुनवाई करेगा। वरिष्ठ अधिवक्ता ने इस याचिका को सीजेआई वीआर गवई के सामने उठाया और आग्रह किया कि इसे तय तिथि 8 अगस्त की सूची से हटाया न जाए। न्यायमूर्ति गवई ने यह अनुरोध स्वीकार कर लिया। यह मामला धारा 370 के निरस्तीकरण से संबंधित है, जिसके तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा मिला था। यह याचिका उस पुराने मामले से जुड़ी एक मिक्स्ड एप्लिकेशन के रूप में दायर की गई है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2023 में अपने ऐतिहासिक फैसले में धारा 370 को हटाने को वैध ठहराया था। हालांकि उस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की संवैधानिक वैधता पर कोई टिप्पणी नहीं की थी, क्योंकि सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को आश्वस्त किया था कि राज्य का दर्जा शीघ्र बहाल किया जाएगा। कोर्ट ने उस समय कहा था कि राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए, लेकिन कोई ठोस समयसीमा तय नहीं की गई थी।
इस मामले में ताजा याचिका एक कॉलेज के शिक्षक जाहूर अहमद भट और सामाजिक कार्यकर्ता खुर्शीद अहमद मलिक द्वारा दायर की गई है। यह याचिका एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड एजाज मकबूल के जरिए से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसला आए करीब 11 महीने बीत चुके हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जबकि क्षेत्र में विधानसभा चुनाव भी शांतिपूर्ण तरीके से हो चुके हैं।
बता दें इधर सोमवार को हुई उच्चस्तरीय बैठकों से अटकलें तेज हो गई हैं कि केंद्र सरकार राज्य का दर्जा बहाल करने की प्रक्रिया जल्द शुरू कर सकती है। रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बीच हुई मुलाकातों और मंगलवार सुबह एनडीए सांसदों की बैठक ने इन अटकलों को और हवा दी है। सोमवार को संसद भवन परिसर में हुई अहम बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, आईबी प्रमुख तपन कुमार डेका और गृह सचिव गोविंद मोहन शामिल हुए थे।
इस बैठक से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। अब निगाहें 8 अगस्त की सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो सकता है कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा देने के लिए क्या रोडमैप तय करती है।
उत्तरकाशी की धराली में प्राकृतिक कहर: बादल फटने से भारी नुकसान
5 Aug, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
धराली में बादल फटा......पहाड़ से मलबे के भारी सैलाब से 20-25 होटल और होम स्टे बहे
कई लोगों के लापता होने और मारे जाने की आंशका
डीएम ने शुरुआती तौर पर चार लोगों के मौत की पुष्टि की
उत्तरकाशी । उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बादल फटने से भारी तबाही मच गई है। उत्तरकाशी जिले के धराली में बादल फटने से पहाड़ से मलबे का भारी सैलाब आया जिसमें दर्जनों मकान और होटल दब गए हैं। प्रारंभिक सूचना के मुताबिक करीब 20-25 होटल और होम स्टे इस सैलाब में बह गए हैं। घटना के बाद कई लोग लापता हैं और बहुत से लोगों के मारे जाने की आशंका है। इस बीच सेना और आईटीबीपी ने राहत और बचाव कार्य के लिए मोर्चा संभाल लिया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि खीर गंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बादल फटने से विनाशकारी बाढ़ आई। पहाड़ से गिरे मलबे में गांव का अधिकतर हिस्सा मलबे के ढेर में बदल गया है। कई मकान, 20-25 होटल और होम स्टे भी मलबे में दब गए हैं। घटना में कई लोगों के मारे जाने की आशंका है। उत्तरकाशी के डीएम ने शुरुआती तौर पर चार लोगों के मौत की पुष्टि की है। लेकिन आकंड़ा बढ़ने की आशंका से इंकार नहीं किया है। उन्होंने बताया कि बादल फटने की खबर सामने आते ही सेना और आईटीबीपी ने राहत और बचाव कार्य के लिए मोर्चा संभाल लिया। प्रशासन लगातार लोगों को बचाने के लिए जुटा हुआ है।
बताया जा रहा है कि बादल फटने की घटना दोपहर करीब डेढ़ बजे हुई, इसके बाद तेजी से मलबा पहाड़ से नीचे की तरफ आया। रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला सका। ऊपरी इलाकों में मौजूद कुछ लोगों ने खौफनाक घटना को कैमरों में कैद किया और इस दौरान वह मंजर देखकर लोग चीखते-चिल्लाते रहे। जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर गांव में बड़ी संख्या में होटल और होम स्टे हैं। गंगोत्री जाने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इन होटलों में रुकते हैं। बताया जा रहा है कि 20 से 25 होटल भी बह गए हैं और मलबे में दब गए। कई घोड़े, खच्चर और कई वाहन भी दब गए हैं।
उधर उत्तरकाशी जनपद के हर्षिल क्षेत्र के धराली गांव में बादल फटने की घटना से हुए जन-धन के नुकसान की सूचना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुःख जताकर प्रभावितों के प्रति संवेदना प्रकट की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। सेना,एसडीआरएफ,एनडीआरफ , जिला प्रशासन और अन्य संबंधित टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। इस बीच गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री धामी से बात की है।
पाकिस्तान को ब्रह्मोस ने दिखाया असली दम, ऑपरेशन सिंदूर बना टर्निंग पॉइंट
5 Aug, 2025 04:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली : भारत और पाकिस्तान के बीच मई में संघर्ष छिड़ गया था. इस दौरान भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था. इस ऑपरेशन में ब्रह्मोस मिसाइल ने अहम भूमिका निभाई थी. भारत ने ऑपरेशन में ब्रह्मोस मिसाइल से ही पाकिस्तान पर हमला किया था.
ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत को देखते हुए अब भारतीय सेनाएं ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइलों के लिए बड़े ऑर्डर दे रही हैं. रक्षा सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्रालय की एक उच्चस्तरीय बैठक में भारतीय नौसेना के युद्धपोतों के लिए बड़ी संख्या में ब्रह्मोस मिसाइलों की खरीद को मंजूरी मिलने की उम्मीद है. साथ ही भारतीय वायु सेना के लिए इन हथियारों के जमीनी और हवाई संस्करणों की भी जल्द ही खरीद की जाएगी.
ऑपरेशन सिंदूर में मिसाइल ने दिखाई ताकत
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ था. इस हमले में 26 निहत्थे लोगों को गोली मार दी गई थी. इसी अटैक के बाद भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ सबक सिखाने के लिए 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था. 4 दिन के संघर्ष के दौरान पूरे पाकिस्तान में स्थित पाकिस्तानी हवाई अड्डों और सेना की छावनियों पर मिसाइलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया था. 4 दिन तक चले संघर्ष के बाद 10 मई को दोनों देशों के बीच युद्धविराम हुआ था.
IAF-NAVY दे रहे बड़े ऑर्डर
सूत्रों ने बताया कि नौसेना इन मिसाइलों का इस्तेमाल अपने वीर श्रेणी (Veer-class) के युद्धपोतों को सुसज्जित करने के लिए करेगी, जबकि भारतीय वायु सेना इनका इस्तेमाल अपने रूसी मूल के सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू जेट बेड़े को सुसज्जित करने के लिए करेगी.
PM ने की स्वदेशी हथियारों की प्रशंसा
हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियार प्रणालियों के प्रदर्शन की तारीफ की थी. उन्होंने कहा था, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने हमारे स्वदेशी हथियारों की क्षमताओं को देखा. हमारी वायु रक्षा प्रणालियों, मिसाइलों और ड्रोनों ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ताकत साबित की है, खासकर ब्रह्मोस मिसाइलों ने.
भारत ने जब 7 मई को पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. तब ब्रह्मोस मिसाइल भारतीय वायु सेना का मुख्य पसंदीदा हथियार था, जिसने लक्ष्यों पर बड़ी सटीकता से प्रहार किया. ब्रह्मोस ने पाकिस्तानी हवाई ठिकानों को नुकसान पहुंचाया. साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस मिसाइल की अहम भूमिका रही है. साथ ही उन्होंने कहा, ब्रह्मोस अब एक मिसाइल नहीं, भारत के सैन्य आत्मविश्वास की पहचान बन चुका है.
फिलीपींस राष्ट्रपति की भारत यात्रा से रिश्तों में नई ऊर्जा
5 Aug, 2025 03:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर इन दिनों भारत की पांच दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। वह सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे, जहां विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने उनका औपचारिक स्वागत किया। यात्रा के दूसरे दिन मंगलवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी विशेष रूप से मौजूद रहीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद हाउस में राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर का पारंपरिक और गर्मजोशी से स्वागत किया। इस भेंट में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने के लिए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता की। इस बातचीत में व्यापार, रक्षा, क्षेत्रीय सुरक्षा, तकनीकी सहयोग, और आपसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।
विदेश मंत्रालय ने इस मुलाकात की जानकारी एक्स (पूर्व ट्विटर) पर साझा की। मंत्रालय ने लिखा, "भारत और फिलीपींस के बीच गहरे और ऐतिहासिक संबंध हैं, जो हमारी सभ्यता, संस्कृति और लोगों के आपसी जुड़ाव पर आधारित हैं।"
यह दौरा विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भारत-फिलीपींस के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। 2022 में राष्ट्रपति बनने के बाद यह फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर की पहली भारत यात्रा है।
इससे एक दिन पहले, सोमवार शाम को राष्ट्रपति मार्कोस ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की थी। इस भेंट की जानकारी भी जयशंकर ने एक्स पर साझा की और विश्वास जताया कि पीएम मोदी से होने वाली बातचीत द्विपक्षीय साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
अमित शाह ने तोड़ा आडवाणी का रिकॉर्ड, गृह मंत्रालय में रचा नया कीर्तिमान
5 Aug, 2025 12:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश के मौजूदा गृह मंत्री अमित शाह ने एक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. इस रिकॉर्ड के साथ ही वे सबसे ज्यादा समय तक गृह मंत्री के पद पर रहने वाले नेता बन गए हैं. 30 मई 2019 से लेकर अब तक अमित शाह देश के गृहमंत्री हैं. उन्होंने 6 साल और 65 दिनों का कार्यकाल पूरा कर लिया है. इसके साथ ही शाह ने बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है.
अमित शाह ने साल 2019 में 30 मई को गृह मंत्री पद संभाला था. वे तभी से इस पद पर बने हुए हैं. NDA के तीसरे कार्यकाल में भी उन्हें ये पद दिया गया. कार्यभार संभालने के बाद से 2,258 दिनों तक पद पर रहने के साथ शाह ने अब वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है.
अमित शाह ने ये रिकॉर्ड भी ऐसे दिन बनाया है. ठीक आज ही के दिन 6 साल पहले जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाया गया था. NDA की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शाह की इस उपलब्धि का जिक्र किया और अमित शाह की जमकर तारीफ की.
शाह से पहले इन नेताओं के नाम था ये रिकॉर्ड
अमित शाह के इस रिकॉर्ड से पहले कांग्रेस के गोविंद वल्लभ पंत और बीजेपी के लाल कृष्ण आडवाणी इस पद पर सबसे ज्यादा समय तक रहे हैं. आडवाणी ने 2256 दिनों तक देश के गृहमंत्री रहे हैं. लाल कृष्ण आडवाणी ने गृह मंत्री पद को साल 1998 में संभाला था और 22 मई 2004 तक इस पद पर बने रहे थे. इसके अलावा गोविंद वल्लभ पंत की बात करें तो उन्होंने इस पद पर 6 साल और 56 दिनों का कार्यकाल पूरा किया है. वे 10 जनवरी 1955 को देश के गृह मंत्री बने थे और 7 मार्च 1961 तक इस पद बने रहे थे.
कैसा है शाह का राजनीतिक सफर?
देश की राजनीति में आज के समय में अमित शाह का नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं है. उन्हें भारतीय जनता पार्टी का चाणक्य भी कहा जाता है. यही कारण है कि पार्टी ने उन्हें साल 2019 में गृह मंत्री का पद दिया था. इससे पहले शाह गुजरात के गृहमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं. शाह ने पार्टी अध्यक्ष रहते हुए भारतीय जनता पार्टी को देश में एक अलग पहचान दिलाई है.
गृहमंत्री रहते हुए शाह का अब तक का सबसे बड़ा फैसला जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने का है. उन्होंने आज से ठीक 6 साल पहले जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन विधेयक पेश किया था. इस विधेयक के बाद ही जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाया गया था और दो केंद्र शासित प्रदेशों को बनाया गया था.
स्वदेशी शक्ति का लोहा मान रहा दुनिया, चीन के दुश्मन देश ने मांगा भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम
5 Aug, 2025 10:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर में शानदार प्रदर्शनों के बाद भारत के स्वदेशी हथियारों की बाजार में डिंमाड़ है। पाकिस्तान के घर घुसकर उसकी कब्र खोदने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलों की खरीद की डील कई देशों से हुई है। अब भारतीय सेना के उस ब्रह्मास्त्र की डिमांड भी बढ़ रही है, जिसने पाकिस्तान की फतेह-1 जैसी मिसाइल को धूल चटाई थी। ये ब्रह्मास्त्र भारत का स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम आकाश-1एस है। फिलीपींस की सेना ने भारत के कारगर स्वदेशी आकाश-1एस एयर डिफेंस सिस्टम को खरीदने में गहरी रुचि दिखाई है।
बता दें कि आकाश-1एस मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम है, जिसे भारत ने एडवांस बैलिस्टिक मिसाइलों और आर्टिलरी रॉकेट्स को न्यूट्रलाइज करने के लिए बनाया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान से सैन्य टकराव में भारत ने इसके इस्तेमाल किया था, जो अपने शानदार प्रदर्शन की वजह से चर्चा में आ गया था। अब फिलीपींस अपने सुरक्षा सिस्टम को चीन के खतरे से बचाने के लिए आकाश-1एस को भारत से खरीदना चाहता है।
आकाश एयर डिफेंस सिस्टम की मैक्सिमम रेंज 45 किलोमीटर है, लेकिन ये आसमान में 20 किलोमीटर की ऊंचाई तक किसी ए़डवांस मिसाइल को इंटरसेप्ट कर सकता है। आकाश डिफेंस सिस्टम की सबसे खास बात इसका स्वदेशी एक्टिव रेडियो फ्रीक्वेंसी सीकर है। ये तेजी से उड़ने वाले, कम ऊंचाई वाले लक्ष्यों जैसे ड्रोन, क्रूज मिसाइल और गाइडेड आर्टिलरी रॉकेट के खिलाफ सटीक निशाना साधता है।
इसमें लगे राजेन्द्र फेज्ड-ऐरे रडार की क्षमता एक साथ 64 टार्गेट ट्रैक करने और 12 मिसाइलों को एक साथ गाइड करने की है। कुल मिलाकर ये डिफेंस सिस्टम मल्टी-डायरेक्शनल थ्रेट्स से निपटने के लिए शानदार है। आकाश-1 का गाइडेड रॉकेट और कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ प्रदर्शन की क्षमता पर पूरी दुनिया की नजर जा चुकी है।
बात दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आकाश-1एस ने पाकिस्तान के फतह-1 गाइडेड रॉकेट को मार गिराया। पाकिस्तान के नेशनल डेवलपमेंट कॉम्प्लैक्स के बनाए फतह-1 की रेंज 140 किलोमीटर की है। इसकी स्पीड काफी ज्यादा है और लो-फ्लाइट प्रोफाइल होने के साथ साथ इसका रडार सिग्नेचर भी कम है। अकाश-1एस ने इस 5 किलोमीटर की ऊंचाई पर हवा में ही नष्ट किया था, जिसका सबूत भारतीय वायुसेना ने फतह 1 के मलबे के तौर पर प्रदर्शित किया था।
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