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मोदी-जापान पीएम की दोस्ती से मजबूत हुआ एशियाई साझेदारी का संदेश
30 Aug, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जापान की यात्रा के लिए रवाना हुए थे. जापान की दो दिन की यात्रा पूरी करने के बाद शनिवार को वह चीन के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वह SCO की बैठक में हिस्से लेंगे. इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. दोनों देशों के प्रधानमंत्री आर्थिक सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से भारत-जापान आर्थिक मंच में एक साथ आए.
जापान के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी का बड़ी ही धूमधाम से स्वागत किया. साथ ही जापान के पीएम ने मोदी के सम्मान में रात के खाने का आयोजन भी किया था. दूसरे दिन पीएम मोदी ने पीएम के साथ टोक्यो से सेंडाइ तक शिंकानसेन बुलेट ट्रेन में एक साथ यात्रा की, खाना खाया, और एक इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री का दौरा भी किया. जापान के प्रधानमंत्री ज्यादा से ज्यादा समय पीएम मोदी के साथ ही रहे.
कई एतिहासिक समझौतों पर किए गए हस्ताक्षर
पीएम मोदी की इस यात्रा के बाद भारत और जापान के रिश्तों में और अधिक मजबूती आएगी. जापान ने भारत में अगले 10 सालों में 10 ट्रिलियन जापानी येन के निवेश करने की घोषणा की है. इसका केंद्र इंडियाजापान जॉइंट विजन फॉर द नेक्स्ट डिकेड है, जिसमें आर्थिक विकास, सुरक्षा, तकनीक, नवाचार, स्वास्थ्य, स्थिरता, मोबिलिटी और लोगों के बीच आपसी संबंध जैसे अहम क्षेत्रों को शामिल किया गया है.
इसके अलावा रक्षा और मानव संसाधन आदान-प्रदान से लेकर डिजिटल नवाचार, जरूरी खनिजों, स्वच्छ ऊर्जा, अंतरिक्ष अनुसंधान और सांस्कृतिक सहयोग तक, कई अहम समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए.
सभी दलों का मिला समर्थन
प्रधानमंत्री की इस यात्रा की सबसे खास बात थी कि जापान में सभी दल के नेताओं का समर्थन मिला. पीएम मोदी ने जापान के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों, योशीहिदे सुगा और फुमियो किशिदा से भी मुलाकात की. उन्होंने सांसदों के एक समूह के साथ-साथ संसद के स्पीकर से भी मुलाकात की.
इसके अलावा 16 प्रांतों के राज्यपाल प्रधानमंत्री मोदी से मिलने टोक्यों आए और उन्होंने मोदी से मुलाकात की. यह राज्य स्तरीय सहभागिता जापान और भारत के मजबूत होते रिश्तों का एक अनूठा उदाहरण है.
7 साल बाद चीन में मोदी, SCO समिट में भारत का रखेंगे पक्ष
30 Aug, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में होने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की जापान यात्रा के बाद चीन के तिंयाजिन पहुंच चुके हैं. वे रविवार को तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में हिस्सा लेंगे.
इस दौरान PM मोदी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति पुतिन और अन्य नेताओं से भी मुलाकात करेंगे. इस बार का सम्मेलन राजनयिक नजरिए से महत्वपूर्ण है. पीएम मोदी चीन करीब 7 साल बाद पहुंचे हैं.
समिट अहम क्यों है
समिट ऐसे समय हो रही है जब रूस-यूक्रेन और इजराइल-हमास जंग जारी है. दक्षिण एशिया और एशिया प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा तनाव बना हुआ है और ट्रंप ने ग्लोबल ट्रेड वॉर छेड़ दी है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका लगभग हर देश के साथ अपने संबंध खराब कर रहा है. ऐसे में चीनी राष्ट्रपति के लिए खुद को ग्लोबल पावर के तौर पर स्थापित करने का एक अच्छा समय है.
SCO- एशिया का बड़ा मंच
साल 2001 में बने SCO में अब 9 सदस्य देश हैं चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और ईरान. बेलारूस, अफगानिस्तान और मंगोलिया इसके ऑब्ज़र्वर हैं. ये मंच एशिया में राजनीति, सुरक्षा और व्यापार के लिए बहुत अहम माना जाता है.
2019 में भारत आए थे जिनपिंग
मोदी और जिनपिंग ने आखिरी बार अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स समिट के दौरान मुलाकात की थी. इस दौरान दोनों के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी हुई थी. वहीं शी जिनपिंग आखिरी बार 2019 में भारत दौरे पर आए थे. तब दोनों नेताओं ने तमिलनाडु के महाबलीपुरम में मुलाकात थी.
पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ को अब पूर्व विधायक पेंशन का लाभ मिलेगा
30 Aug, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जयपुर: भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राजस्थान विधानसभा के पूर्व विधायक के तौर पर पेंशन पाने के लिए आवेदन किया है। धनखड़ 1993 से 1998 तक अजमेर जिले के किशनगढ़ क्षेत्र से विधायक रहे थे। उपराष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद अब उन्होंने इस पेंशन के लिए औपचारिक अर्जी दी है। विधानसभा सचिवालय ने उनके आवेदन पर प्रक्रिया शुरू कर दी है। विधानसभा सचिवालय सूत्रों के अनुसार, फिलहाल जगदीप धनखड़ के आवेदन की पात्रता जांच की प्रक्रिया जारी है।
जगदीप धनखड़ का राजनीतिक सफर
जगदीप धनखड़ का राजनीतिक जीवन लंबा और विविध रहा है। वे 1989 से 1991 तक झुंझुनू से जनता दल के सांसद रहे और चंद्रशेखर सरकार में संसदीय कार्य राज्य मंत्री भी बने। इसके बाद 1993 में वे कांग्रेस के टिकट पर किशनगढ़ से विधायक चुने गए। 2019 से 2022 तक उन्होंने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में काम किया और फिर 2022 से 2025 तक देश के उपराष्ट्रपति रहे। अब पूर्व विधायक के नाते उन्होंने पेंशन की मांग की है।
जगदीप धनखड़ को पेंशन के साथ क्या क्या सुविधाएं मिलेंगी?
राजस्थान सरकार के नियमों के अनुसार, पूर्व विधायकों को उनके कार्यकाल की अवधि के हिसाब से पेंशन और अन्य सुविधाएं मिलती हैं। धनखड़ के मामले में उनके 1993 से 1998 तक के विधायक कार्यकाल को आधार माना जाएगा। अगर उनकी अर्जी मंजूर हो जाती है, तो उन्हें हर महीने करीब 42 हजार रुपये की पेंशन मिलेगी। इसके अलावा उन्हें चिकित्सा सुविधा, यात्रा भत्ता और कुछ प्रशासनिक फायदे भी मिल सकते हैं।
राजस्थान में पूर्व विधायकों को मिलनी वालीं सुविधाएं
राजस्थान में पूर्व विधायकों को पेंशन के साथ-साथ कई और सुविधाएं भी मिलती हैं। इसमें उनके परिवार के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा, सरकारी काम या विधानसभा से जुड़ी यात्राओं के लिए भत्ता और विधानसभा कार्यक्रमों में भागीदारी जैसी सहूलियतें शामिल हैं।
भारत-जापान संबंधों को नई उड़ान, PM मोदी बोले- साझेदारी से साझा प्रगति होगी तेज
30 Aug, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टोक्यो में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान जापान के 16 प्रान्तों के राज्यपालों से मुलाकात की और भारत-जापान राज्य-प्रान्त साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा की. उन्होंने दोनों देशों के बीच राज्य-स्तर पर सहयोग को बढ़ावा देने की अपील की जो 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान शुरू की गई राज्य-प्रान्त साझेदारी पहल के तहत आता है. इस बातचीत में विशेष रूप से प्रौद्योगिकी, नवाचार, निवेश, कौशल विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) स्टार्टअप और मध्यम उद्यमों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई.
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे भारतीय राज्य और जापानी प्रान्त आपसी ताकतों का उपयोग करते हुए साझा विकास और समृद्धि की दिशा में काम कर सकते हैं. विदेश मंत्रालय ने एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने टोक्यो में जापान के 16 प्रांतों के राज्यपालों से मुलाकात की, जिससे भारत-जापान के मजबूत होते संबंधों को नई गति मिली. विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के राज्यों और जापान के प्रांतों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया.
भारत-जापान राज्य-प्रान्त साझेदारी की संभावनाएं
विदेश मंत्रालय ने आगे लिखा कि उन्होंन 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान शुरू की गई राज्य-प्रांत साझेदारी पहल के तहत ठोस कदम उठाने का आग्रह करते हुए इसे साझा प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में प्रकाश डाला कि भारत-जापान के संबंध जो सदियों पुरानी सभ्यताओं पर आधारित हैं वो लगातार मजबूत हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि टोक्यो और नई दिल्ली के बीच पारंपरिक केंद्रित संबंधों से आगे बढ़कर राज्य-प्रांत स्तर पर सहयोग को नई दिशा दी जाए.
विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोर देते हुए कहा कि राज्य-प्रांत साझेदारी पहल व्यापार, प्रौद्योगिकी, पर्यटन, कौशल विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करेगी.
मौसम विभाग का पूर्वानुमान: पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा
30 Aug, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: मॉनसून की बारिश पहाड़ों से मैदानों तक जारी है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में तो बहुत बुरे हालात हैं। यहां भारी बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं। लोगों के घरों में पानी घुस गया है। कई नदियों ने इतना रौद्र रूप धारण कर लिया है कि उन पर बने पुल तक बह गए हैं। कुछ इलाकों में एनडीआरएफ के जवानों को रेस्क्यू ऑपरेशन तक चलाना पड़ रहा है। बारिश और बाढ़ की वजह से कई लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है। पहाड़ी राज्यों के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में भी बारिश का दौर जारी है। इस बीच मौसम विभाग ने आज भी कई राज्यों में बारिश की चेतावनी जारी की है।
दिल्ली में कैसा रहेगा आज मौसम
दिल्ली एनसीआर में एक दिन पहले हुई बारिश के बाद लोगों को उमस से कुछ हद तक राहत मिली है। इस बीच मौसम विभाग ने आज यानी 30 अगस्त को भी कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आज बारिश एक बार फिर दिल्ली के लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है। मौसम विभाग ने आज पूर्वी दिल्ली, मध्य दिल्ली, दक्षिण पूर्वी दिल्ली और शाहदरा जैसे इलाकों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राजधानी के अन्य इलाकों में पूरे दिन बूंदाबांदी की आशंका जताई गई है।
उत्तर प्रदेश में आज कैसा रहेगा मौसम
यूपी के लोगों को आज एक बार फिर बारिश से दो-चार होना पड़ेगा। मौसम विभाग ने आज यानी 30 अगस्त को पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कुछ इलाकों में झमाझम के आसार जताए हैं। इस बीच गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने का अलर्ट भी जारी किया गया है। बता दें कि इस समय यूपी में जारी भारी बारिश के कारण 17 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इनमें प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, शाहजहांपुर, उन्नाव, मिर्जापुर, गोंडा, मुजफ्फरनगर, बलिया, बहराइच, बदायूं, चंदौली, कानपुर नगर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कासगंज, लखीमपुर खीरी शामिल हैं।
बिहार में आज मौसम कैसा रहेगा
मॉनसून की बारिश एक बार फिर बिहार में लोगों की मुश्किलें बढ़ाने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक आज बिहार के कई इलाकों में बारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। IMD के मुताबिक पूर्वी और पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और भागलपुर भारी बारिश की चेतावनी है। इस दौरान आकाशीय बिजली और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है।
मध्य प्रदेश में कल मौसम कैसा रहेगा
एमपी के कई इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी है। आज भी कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में धार, खरगोन, बेतुल, खंडवा, बड़वानी, अलीराजपुर, हर्दा, होशंगाबाद, छिंदवाड़ा बुरहानपुर शामिल है।
हार्वर्ड की सबसे बड़ी लाइब्रेरी भी नालंदा के सामने छोटी लगती है - सिंधिया
30 Aug, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आईआईआईटी दिल्ली के टेक फेस्ट ईएसवाई को संबोधित करते हुए युवाओं से भारत के अगले अध्याय के निर्माता बनने और भारत को विश्वगुरु के रूप में स्थापित करने का आह्वान किया। भारत की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ”शून्य के आविष्कार से लेकर आयुर्विज्ञान और शल्य चिकित्सा की प्रगति तक, नालंदा और तक्षशिला जैसी विश्वविद्यालयों तक, ज्ञान की यह खोज हमारे डीएनए में है। हार्वर्ड की सबसे बड़ी लाइब्रेरी भी नालंदा के सामने छोटी लगती है। वह चिंगारी आज भी हमारे भीतर जीवित है।” केंद्रीय मंत्री ने इस आयोजन को ‘सपनों को हकीकत’ बनाने का लॉन्च पैड बताते हुए छात्रों से कहा कि वे नए रास्ते तलाशें और नवाचार करें, क्योंकि अब भारत का युवा देश का विकास ही नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व करने की क्षमता रखता है। केंद्रीय संचार मंत्री ने कहा कि जो काम 40 वर्ष पूर्व आईटी ने किया था और विश्व की रूपरेखा बदली थी, वही काम आज एआई कर रहा है। हालांकि, लक्ष्य केवल एआई नहीं, बल्कि जिम्मेदार एआई बनाना है जो मानव लक्ष्यों को पूरा करे और उस पर हावी न हो। उन्होंने बताया कि टेलीकॉम टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड के तहत 120 से अधिक भविष्य की परियोजनाओं में निवेश किया जा चुका है, जिनमें क्वांटम कंप्यूटिंग, टेराहर्ट्ज़ कम्युनिकेशन, बायो-नैनो सिस्टम्स, स्वदेशी चिपसेट और एन्क्रिप्टेड राउटर्स शामिल हैं। भारत 6जी तकनीक में दुनिया का नेतृत्व करेगा और साल 2030 तक दुनिया के कम से कम 10 प्रतिशत पेटेंट भारत के नाम होंगे।
ऑपरेशन सिंदूर से मिले सबक: नौसेना को चाहिए लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक क्षमता
29 Aug, 2025 06:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पड़ोसी देशों के साथ भारत की सामरिक चुनौती लगातार बनी हुई है. सरकार इस लगातार मजबूत बनाने में लगी है. साथ ही समुद्री सीमाओं पर भी भारतीय नौसेना की नजर है. नौसेना धीरे-धीरे हिंद महासागर की महाशक्ति बनती जा रही है. पाकिस्तान के खिलाफ मई में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी तत्परता का जबरदस्त प्रदर्शन किया था. वाइस एडमिरल ने बताया कि संघर्ष शुरू होने के बाद 15 मिग-29K एयरक्राफ्ट के जरिए पाकिस्तानी नौसेना को उनके ही क्षेत्र में घेर लिया गया था.
मध्य प्रदेश के डॉ. आंबेडकर नगर स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित त्रि-सेवा संवाद रण संवाद-2025 में डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (DCNS) वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने नौसेना की तेज और निर्णायक कार्रवाई के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना पूरी तरह युद्ध मोड में आ गई थी. ऑपरेशन सिंदूर 7 से 10 मई के बीच हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया था.
INS विक्रांत बना ऑपरेशन की रीढ़
दरअसल, उस समय भारतीय नौसेना का बड़ा युद्धाभ्यास TROPEX पहले से ही चल रहा था और कई युद्धपोत पश्चिमी समुद्र तट पर तैनात थे. हमले की खबर मिलते ही महज 96 घंटे में ही सभी ऑपरेशनल जहाज समुद्र में तैनात कर दिए गए. गोला-बारूद और जरूरी चीजों से लैस कर जहाजों और पनडुब्बियों को युद्ध के लिए तैयार किया गया.
इस पूरे ऑपरेशन का केंद्र था भारत का स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत, जिस पर 15 मिग-29K लड़ाकू विमान तैनात किए गए थे. विक्रांत के साथ विध्वंसक (डिस्ट्रॉयर), फ्रिगेट और पनडुब्बियों की टास्क फोर्स बनाई गई. इस ताकतवर तैनाती की वजह से ही कराची के दक्षिण में अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में पाकिस्तान नौसेना अपने बंदरगाहों तक सीमित होकर रह गए.
पाक नौसेना ‘तट से बंधी’ रह गई
वाइस एडमिरल सोबती ने कहा, हमारा मकसद साफ था, एक फॉरवर्ड और डिटरेंट पोस्चर बनाना ताकि पाकिस्तानी नौसेना न हमारी तटरेखा को खतरा दे सके और न ही हमारे व्यापारिक रास्तों तथा समुद्री आर्थिक लाइनों को.
भारतीय नौसेना की इस मजबूत तैनाती के बाद पाकिस्तानी नौसेना समुद्र में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पाई और अपने तट तक ही सीमित होकर रह गई. भारतीय नौसेना ने बिना सीधी लड़ाई किए ही उसे पूरी तरह दबाव में ला दिया.
‘नॉन-कॉन्टैक्ट वॉरफेयर’
ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया कि भारतीय नौसेना सैटेलाइट, ड्रोन, तटीय रडार और लंबी दूरी की मिसाइलों की मदद से दुश्मन को उसकी सीमा में ही रोक सकती है. इसे नॉन-कॉन्टैक्ट वॉरफेयर कहा जाता है, जहां बिना सीमा पार किए ही रणनीतिक बढ़त हासिल कर ली जाती है.
वाइस एडमिरल सोबती ने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन से हमें कई सबक भी मिले हैं. इसमें सबसे अहम है, लॉन्ग-रेंज प्रिसिजन स्ट्राइक क्षमता बढ़ाना, ड्रोन और काउंटर- ड्रोन सिस्टम्स को और मजबूत करना.
साथ ही उन्होंने बताया कि आजकल कम कीमत वाले ड्रोन बड़े खतरे बन रहे हैं, जैसे हूती विद्रोहियों ने रेड सी और अदन की खाड़ी में किया. इसलिए नौसेना को ऐसे सिस्टम चाहिए जो कम खर्च में इन ड्रोन को नष्ट कर सकें.
एक और चुनौती है काउंटर-ड्रोन जैमर्स की वजह से नौसेना के रडार सिस्टम पर असर पड़ना. जहाज पहले से ही तकनीकी उपकरणों से भरे होते हैं, ऐसे में और जैमर लगाने से इलेक्ट्रॉनिक दिक्कतें आ सकती हैं. इसलिए इसके लिए बेहतर मैनेजमेंट और सिस्टम इंटीग्रेशन भी ज़रूरी है.
उनका कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया कि भारतीय नौसेना न सिर्फ तेजी से युद्ध के लिए तैयार हो सकती है, बल्कि दुश्मन को उसके तट तक बांधकर, बिना लड़ाई किए ही रणनीतिक बढ़त हासिल कर सकती है.
चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हड़कंप, रेस्टोरेंट के पास टूटा कांच
29 Aug, 2025 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। चेन्नई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां पर एक कांच का पैनल टूटकर गिर गया। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
हादसे के कारण एअरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों को असुविधा हुई। हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने इस संबंध में कोई हताहत नहीं हुआ है और एअरपोर्ट पर सभी सेवाएं जारी हैं।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
ध्यान देने योग्य है कि चेन्नई एअरपोर्ट पर कांच टूटने की घटना पहली नहीं है। यहां पर पहले भी इस प्रकार की घटना देखी जा चुकी है। बताया जा रहा है कि गुरुवार को हुई यह घटना 89वीं घटना थी।
तेज आवाज के कारण डर गए यात्री
बताया जा रहा है कि यह घटना एअरपोर्ट पर रेस्टोरेंट के पास हुई। इसकी आवाज इतनी तेज थी कि वहां पर मौजूद यात्री डर गए। घटना की जानकारी होते ही मौके पर हवाई अड्डे के कर्मचारी पहुंचे। यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए उस क्षेत्र में बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं।
गलवान के बाद पहली बार चीन यात्रा पर जाएंगे प्रधानमंत्री
29 Aug, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली/बीजिंग। पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग रविवार को तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन के मौके पर द्विपक्षीय बैठक करेंगे। पीएम मोदी जापान की अपनी दो दिवसीय यात्रा खत्म करने के बाद चीन पहुंचेंगे। पीएम मोदी की पिछले सात सालों में पहली चीन यात्रा होगी और जून 2020 में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद पहली यात्रा होगी।
दोनों नेताओं की मुलाकात पिछले साल 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हुई थी। भारत और चीन के बीच करीब 3500 किलोमीटर लंबी एलएसी पर गश्त को लेकर समझौते के बाद चार साल पुराने सीमा विवाद खत्म होने के कारण यह द्विपक्षीय बातचीत संभव हो सकी थी। 21 अगस्त को भारत में चीन के राजदूत ने कहा था कि पीएम मोदी की तियानजिन यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने और विकास में नई गति प्रदान करेगी। चीन और भारत का एक कार्य समूह इस यात्रा को सफल बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। बता दें 19 अगस्त को चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने नई दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात की थी। उन्होंने 31 अगस्त से शुरू होने वाले दो दिवसीय एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति शी जिनपिंग का संदेश सौंपा था।
इस मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा था- विदेश मंत्री वांग यी से मिलकर खुशी हुई। पिछले साल कजान में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मेरी मुलाकात के बाद से भारत-चीन संबंधों में एक-दूसरे के हितों और संवेदनाओं का सम्मान करते हुए लगातार प्रगति हुई है। मैं एससीओ शिखर सम्मेलन के मौके पर तियानजिन में हमारी अगली मुलाकात का इंतजार कर रहा हूं। भारत और चीन के बीच स्थिर, विश्वसनीय और रचनात्मक संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक शांति व समृद्धि में अहम योगदान देंगे।
बैठक में पीएम मोदी ने सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया और सीमा विवाद के निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। पीएमओ द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी ने पिछले साल कजान में राष्ट्रपति शी के साथ मुलाकात के बाद से आपसी सम्मान, हित और संवेदनशीलता के आधार पर द्विपक्षीय संबंधों में स्थिर और सकारात्मक प्रगति का स्वागत किया है, जिसमें कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली भी शामिल है।।
बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी ने एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति शी के निमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया और इसे स्वीकार करने की बात कही। पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि भारत और चीन के बीच स्थिर, अनुमानित और रचनात्मक संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और समृद्धि में अहम योगदान देंगे। एससीओ एक स्थायी अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना 15 जून, 2001 को शंघाई में हुई थी। एससीओ के सदस्य देशों में चीन, रूस, भारत, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, पाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस हैं।
जापान पहुंचे पीएम मोदी, तकनीक और निवेश पर होगी बड़ी साझेदारी
29 Aug, 2025 12:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दो दिवसीय दौरे पर जापान पहुंचे हैं. पीएम 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इसके बाद पीएम मोदी चीन के लिए रवाना होंगे. इस यात्रा में जहां जापान के साथ तकनीकी और निवेश सहयोग को नई दिशा देने पर जोर रहेगा, वहीं चीन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में बहुपक्षीय मुद्दों पर भारत अपनी सक्रिय भूमिका पेश करेगा. चीन के साथ संबंधों को सामान्य बनाने पर जोर दिए जाने की संभावना है.
जापान में वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के आमंत्रण पर 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे. दोनों देशों के बीच स्पेशल स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप को अगले चरण तक ले जाने पर फोकस होगा. इस बातचीत के मुख्य एजेंडे के तहत आर्थिक और निवेश संबंधों का विस्तार, साथ ही AI और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग पर बल दिया जाएगा. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-जापान की सभ्यतागत और सांस्कृतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने का भी प्रयास किया जाएगा.
चीन में SCO शिखर सम्मेलन
जापान की यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे चीन के तियानजिन शहर जाएंगे, जहां वो राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे. पीएम मोदी ने कहा कि भारत SCO का एक सक्रिय और रचनात्मक सदस्य है और अपनी अध्यक्षता के दौरान नवाचार, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे नए विचारों को बढ़ावा दिया है. पीएम मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति पुतिन और अन्य प्रमुख नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकातें भी करेंगे.
यात्रा का महत्व: राष्ट्रीय और वैश्विक प्रभाव
प्रधानमंत्री मोदी ने भरोसा जताया है कि यह दौरा न सिर्फ भारत के राष्ट्रीय हितों को मजबूत करेगा, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर शांति, सुरक्षा और सतत विकास की दिशा में भी नई राह खोलेगा.
लाडली बहना योजना में बड़ा खुलासा: अपात्र लाभार्थियों पर कार्रवाई की तैयारी
29 Aug, 2025 12:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Maharashtra Mukhyamantri Meri Ladli Behen Scheme : महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) में भारी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि करीब 26 लाख 34 हजार अपात्र महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही थीं। योजना के तहत मिलने वाली 1500 रुपये की किश्त भी हर महीने उनके खाते में जमा हो रही थी। इससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। हालांकि सरकार ने अब इस पर सख्त कदम उठाते हुए राज्यभर में सभी लाभार्थियों की ई-केवायसी के जरिए दोबारा जांच करने का फैसला किया है।
महाराष्ट्र के वित्त राज्यमंत्री आशीष जायसवाल (Ashish Jaiswal) ने साफ कहा है कि अपात्र पाई गई महिलाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और उनसे पैसा वापस लेने पर सरकार विचार नहीं कर रही है। सिर्फ उन्हें योजना से बाहर किया जाएगा। उन्होंने कहा, एक रुपये में फसल बीमा योजना का भी कई अपात्र किसानों ने लाभ उठाया था। सभी महाराष्ट्र के नागरिक हैं, ऐसे अपात्र लाभार्थी बड़ी संख्या में हैं, तो सवाल खड़ा होता है कि आखिर कार्रवाई किस-किस पर की जाए?
लाडकी बहीन योजना (Mukhyamantri Ladki Bahin Yojana) के लिए 2 करोड़ 63 लाख महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया था, जिनमें से करीब 2 करोड़ 41 लाख पात्र पाए गए। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद बचे 11 लाख आवेदनों की जांच करने पर 7 लाख 76 हजार आवेदन अपात्र पाए गए। जून में सरकार ने इस योजना की गहन समीक्षा करने का फैसला किया। महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा सभी विभागों से जानकारी मंगवाई गई और फिर यह बड़ा घोटाला सामने आया।
कहां मिले कितने अपात्र लाभार्थी?
लाडली बहना योजना (लाडकी बहीण योजना) में पुणे जिले के सबसे अधिक 2 लाख 4 हजार फर्जी लाभार्थी पाए गए। जबकि ठाणे में 1 लाख 25 हजार 300, अहमदनगर में 1 लाख 25 हजार 753, नाशिक में 1 लाख 86 हजार 800, छत्रपति संभाजीनगर में 1 लाख 4 हजार 700, कोल्हापुर में 1 लाख 1 हजार 400, मुंबई उपनगर में 1 लाख 13 हजार, नागपुर में 95 हजार 500, बीड में 71 हजार, लातूर में 69 हजार, सोलापुर में 1 लाख 4 हजार, सातारा में 86 हजार, सांगली में 90 हजार, पालघर में 72 हजार, नांदेड में 92 हजार, जालना में 73 हजार, धुले में 75 हजार, जबकि अमरावती में 61 हजार फर्जी लाभार्थी सामने आए।
गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीन योजना (Ladki Bahin Yojana) पिछले साल शुरू की गई थी और पात्र महिलाओं के खातों में जुलाई 2025 तक कुल 19,500 रुपये जमा किए जा चुके हैं। जबकि अगस्त महीने की 14वीं किस्त की 1500 रुपये की राशि कब जमा होगी, इसके बारे में सरकार ने जानकारी नहीं दी है।
सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट: पाकिस्तानी आतंकी बिहार में सक्रिय, पूरे देश में अलर्ट
29 Aug, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में नेपाल के रास्ते तीन पाकिस्तानी आतंकियों ने घुसपैठ की है। सभी आतंकियों के जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने की खबर है। पुलिस मुख्यालय ने तीनों आतंकियों की फोटो रिलीज की है, जिनमें उनकी पहचान हसनैन अली, आदिल हुसैन और मोहम्मद उस्मान के रूप में की गई है। हसनैन रावलपिंडी, आदिल उमरकोट और उस्मान बहावलपुर का रहने वाला है। पुलिस हेडक्वार्टर ने सभी जिलों को खुफिया तंत्र को एक्टिव रखने, इनपुट जुटाने और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने का आदेश दिया है। वहीं मोतिहारी पुलिस ने तीनों आतंकियों पर 50 हजार रुपए इनाम की घोषणा की है। बिहार में घुसे तीनों आतंकियों का पासपोर्ट भी सामने आया है। बताया जाता है कि तीनों आतंकी मोतिहारी के रक्सौल बॉर्डर से बिहार में घुसे हैं।
उधर, बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के खिलाफ राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा चल रही है। गुरुवार को राहुल गांधी मोतिहारी में ही थे, जहां से आतंकियों के घुसने की बात कही जा रही है। आतंकी अलर्ट के बाद राहुल गांधी की यात्रा में बदलाव किया गया है। सीतामढ़ी में वह जिस कैंप में रुके थे, वहां से सीधे जानकी मंदिर पहुंचे। यहां कई जगहों पर स्वागत मंच बनाए गए थे, लेकिन राहुल वहां नहीं रुके। मंदिर में दर्शन के बाद राहुल गांधी का रोड शो भी था, लेकिन वह रद्द कर दिया गया है। राहुल गांधी ने ओपन जीप की जगह बंद गाड़ी से यात्रा की।
उत्तराखंड में कुदरत का कहर: बसुकेदार में बादल फटने से तबाही, कई मकान और वाहन ध्वस्त
29 Aug, 2025 10:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रुद्रप्रयाग: जनपद रुद्रप्रयाग की तहसील बसुकेदार अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने की घटना हुई है. इस आपदा के चलते मलबा आने से कुछ क्षेत्रों में नुकसान की सूचना प्राप्त हुई है. जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है.
बसुकेदार तहसील में बादल फटा: रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्यूर इलाके में एक मकान क्षतिग्रस्त होने एवं बोलेरो वाहन बहने की सूचना है. बड़ेथ, बगड़धार और तालजामनी गांवों के दोनों ओर गदेरे में पानी और मलबा आने की सूचना मिली है. किमाणा में खेती की भूमि एवं सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा आने की सूचना मिली है. अरखुण्ड में मछली तालाब एवं मुर्गी फार्म बहे हैं.
बादल फटने से भारी नुकसान: इसके साथ ही छेनागाड़ के बाजार क्षेत्र में मलबा भरने एवं वाहनों के बहने की भी खबर है. छेनागाड़ डुगर गांव में कुछ लोगों के गुमशुदा होने की सूचना मिली है. इधर जौला बड़ेथ में कुछ लोगों के गुमशुदा होने की सूचना.
सरकारी एजेंसियां राहत और बचाव कार्य में जुटीं: रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता एवं सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है. राहत और बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीमें लगातार जुटी हुई हैं.
रुद्रप्रयाग डीएम खुद कर रहे हैं मॉनिटरिंग: जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन आपदा कंट्रोल रूम से लगातार अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं. आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती की जा रही है. जिलाधिकारी ने राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के दिशा-निर्देश दिए हैं.
युद्ध स्तर पर है रास्ता खोलने का अभियान: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सभी जिलास्तरीय अधिकारी जिला आपदा कंट्रोल रूम में परस्पर समन्वय के साथ लगातार कार्य कर रहे हैं. प्रभावित क्षेत्रों में NH, PWD, PMGSY की अलग अलग टीमें रास्ता खोलने के लिए जुटी हुई हैं. आपदा प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित कर और राहत एवं बचाव दल भेजे जा रहे हैं. जिला स्तर से विभिन्न अधिकारियों को संबंधित राजस्व निरीक्षक एवं अन्य कार्मिकों के साथ प्रभावित ग्रामों में तत्काल कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है.
पहाड़ में हो रही भारी बारिश के कारण अलकनंदा भी उफान पर है. बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर सिरोबगड़ के पास मिनी गोवा बीच में अलकनंदा का पानी राजमार्ग पर आ चुका है. इससे खतरा बना हुआ है. भारी बारिश और जगह-जगह भूस्खलन के कारण राज्य भर में सड़कों पर आवाजाही मुश्किल हो गई है. कई राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गए हैं. लोक निर्माण विभाग की टीमें मलबा हटाने और सड़कें खोलने का काम कर रही हैं.
चमोली आपदा: भारी बारिश से मोपाटा में घर ढहा, पति-पत्नी मलबे में दबे
29 Aug, 2025 09:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चमोली (उत्तराखंड): चमोली जिले में भारी बारिश लोगों पर आफत बनकर टूर रही है. भारी बारिश के कारण भूस्खलन की चपेट में कई लोग आ रहे हैं. वहीं चमोली के देवाल विकासखंड के दूरस्थ गांव मोपाटा में भूस्खलन से आए मलबे में पति-पत्नी दब गए. जबकि दो लोग भूस्खलन की चपेट में आने से घायल हो गए. घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल लाया गया, जहां घायलों का इलाज चल रहा है.
मलबे में दबे पति-पत्नी: भारी बारिश के कारण चमोली में हाईवे जगह-जगह बंद हैं. भारी बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है. क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति फिलहाल ठप है. पेयजल समस्या से यहां के स्थानीय ग्रामीण विगत कई दिनों से जूझ रहे हैं. टैंकरों के माध्यम से थराली सहित आसपास के क्षेत्र में पानी की व्यवस्था की जा रही है. वहीं चमोली के देवाल विकासखंड के दूरस्थ गांव मोपाटा में भूस्खलन से आए मलबे में पति-पत्नी दब गए. दो अन्य घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल लाया गया, जहां घायलों का इलाज चल रहा है. वहीं मलबे की चपेट में करीब 20 मवेशी भी आए हैं.
भारी बारिश से कई मार्ग बंद : गौर हो कि भारी बारिश से चमोली में नंदप्रयाग, कमेड़ा, भनेरपानी, पागलनाला, गुलाकोटी और ग्वालदम हाईवे सिमलसैंण और कुलसारी के पास बाधित है. हाईवे को BRO के द्वारा सुचारू करने का काम किया जा रहा है. मूसलाधार बारिश के चलते थराली समेत आसपास के क्षेत्र में लगातार भूस्खलन की घटनाएं देखने को मिल रही हैं. ऐसे में फिलहाल तमाम मार्गों पर आवाजाही बंद होने से राहगीर परेशान हैं. बता दें कि बीते दिनों थराली में अतिवृष्टि से बारी तबाही मची थी. उसके बाद अब भूस्खलन वाले क्षेत्रो में लोग खौफ के साए में जी रहे हैं.
घायलों का हॉस्पिटल में चल रहा इलाज: थराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास भूस्खलन होने के कारण मलबा लोगों के घरों तक पहुंच गया है. प्रशासन ने पहले ही यहां से अस्पताल को खाली करवा दिया था. थराली उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि देवाल के मोपाटा में भूस्खलन के चपेट में आने से पति-पत्नी मलबे में दब गए, 2 अन्य लोग भी मलबे की चपेट में आये थे, जो घायल हुए हैं.
घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल लाया गया है, जहां घायलों का इलाज चल रहा है. मोपाटा में रेस्क्यू टीम भेजी गई है. मूसलाधार बारिश के चलते कालेश्वर में पहाड़ी से गिरा मलबा लोगों के घरों में घुस गया. जेसीबी मशीन के द्वारा मलबा हटाने का प्रयास किया जा रहा है. मौके पर राहत कार्य के लिए पुलिस भी मौजूद है.
मयूराक्षी नदी में दर्दनाक हादसा, चार छात्र डूबे; रेस्क्यू अभियान जारी
29 Aug, 2025 08:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुमका: जिले के जामा थाना क्षेत्र अंतर्गत मयूराक्षी नदी में स्नान करने गए चार छात्र डूब गए. इनमें से एक छात्र कृष्ण सिंह का शव बरामद किया गया है. अगल-बगल से गोताखोर बुलाए गए हैं. तीनों छात्र की तलाश की जा रही है. घटनास्थल से चार मोबाइल और चार लड़कों के कपड़े पुलिस ने बरामद किया है.
कल शाम घर से निकले थे छात्र
दरअसल, दुमका शहर के रहने वाले ये चार दोस्त कल शाम घर से निकले थे और घर नहीं पहुंचे. रात में परिवार वालों ने खोजबीन की लेकिन कुछ पता नहीं चला. इधर देर रात जामा थाना के हरिपुर गांव के लोगों ने देखा कि कुछ लड़कों के कपड़े नदी के किनारे रखे हुए हैं पर वे गायब हैं. अनहोनी की आशंका से उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी.
इधर, परिजनों को भी यह सारी जानकारी प्राप्त हुई तो वे नदी किनारे पहुंचे. फिलहाल शहर के बक्शी बांध इलाके के रहने वाले कृष्ण सिंह (उम्र 17) वर्ष जो स्थानीय जिला स्कूल में 12वीं का छात्र है उसका शव बरामद किया गया है. अन्य जिन छात्रों के लापता होने की बात कही जा रही है उनके नाम है - आर्यन कुमार, कृष और आर्यन.
नदी में अत्यधिक पानी होने की वजह से हो रही है परेशानी
दरअसल, पिछले दो महीने से लगातार बारिश की वजह से मयूराक्षी नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है. लगभग 20 फीट पानी नदी में बताई जा रही है. इस वजह से अन्य छात्रों को निकालने में काफी परेशानी हो रही है. मौके पर जामा थाना की पुलिस पहुंच गई है.
2016 में यहीं डूबे थे छह छात्र
मयूराक्षी नदी में जिस जगह यह हादसा हुआ है उसे लोग स्थानीय भाषा में मिनी गोवा कहते हैं क्योंकि पूरे वर्ष यहां काफी पानी रहता है. इसी जगह पर वर्ष 2016 में स्नान करने गए छह छात्रों की डूबने से मौत हो गई थी. उनमें से पांच का तो शव बरामद किया गया था पर आज तक एक छात्र की डेड बॉडी मिल नहीं पाई थी. इस तरह से यह दूसरा अवसर है जब मयूराक्षी नदी में इतना बड़ा हादसा हुआ है.
एसपी ने दी जानकारी
इस पूरे मामले पर दुमका एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने जानकारी दी कि रात में ही इस हादसे की सूचना मिली. उसके बाद से छात्रों की खोजबीन की जा रही है. गोताखोरों की और टीम बुलाई गई है, जिसे जल्द नदी में उतारा जाएगा
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