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बारिश और लैंडस्लाइड से भारी तबाही, वैष्णो देवी से चारधाम यात्रा तक सब बंद
3 Sep, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। इस साल बारिश और लैंडस्लाइड ने ऐसी तबाही मचाई है कि कई धार्मिक यात्राएं तक रोकनी पड़ी हैं। लगातार भूस्खलन ने इस बार श्रद्धालुओं के कदम रोक दिए हैं। देशभर के कई बड़े धार्मिक स्थलों पर यात्राएं रोकने की नौबत आ गई है। प्रशासन को सुरक्षा को देखते हुए कई रूट बंद करने पड़े हैं। मौसम की मार ने न सिर्फ आस्था की राह रोक दी है, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की उम्मीदों को भी अधूरा छोड़ दिया है।
वैष्णो देवी से लेकर चारधाम, अमरनाथ और आदि कैलाश तक फिलहाल यात्राएं रुकी हुई हैं। यही वजह है कि दूर-दूर से आए श्रद्धालु और पर्यटक अब इस इंतजार में हैं कि कब मौसम सामान्य होगा और वो दोबारा यात्रा पर निकलेंगे।
वैष्णो देवी यात्रा आठवें दिन भी ठप
जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम की वजह से श्रद्धालुओं की आस्था पर ब्रेक लग गया है। क्योंकि भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे के चलते वैष्णो देवी यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। इतना ही नहीं सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने होटलों और धर्मशालाओं को खाली कराने का आदेश दिया है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में बड़ा नुकसान न हो। 26 अगस्त को आई तबाही ने कई लोगों की जान ले ली थी, उसके बाद फिलहाल यात्रा रुकी हुई है। यह पहला मौका है जब वैष्णो देवी यात्रा लगातार आठवें दिन बंद रही है। इससे पहले 2020 में कोरोना महामारी के दौरान यह यात्रा छह महीने तक रुकी थी। वहीं 2021 की दूसरी लहर में श्रद्धालुओं की संख्या बेहद कम रही, लेकिन तब यात्रा पूरी तरह बंद नहीं हुई थी।
चारधाम पर 5 सितंबर तक रोक
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश की वजह से चारधाम यात्रा भी रोकनी पड़ी है। कई इलाकों में भूस्खलन और मलबा गिरने से रास्ते बंद हो गए हैं। मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) पर 5 सितंबर तक रोक लगा दी है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए हेमकुंड साहिब की यात्रा भी फिलहाल रोक दी गई है।
अमरनाथ यात्रा समय से पहले समाप्त
हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान अमरनाथ यात्रा पर जाते हैं। इस बार यह यात्रा 9 अगस्त तक चलनी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण इसे एक हफ्ते पहले ही रोकना पड़ा था। 3 जुलाई से शुरू हुई यात्रा में अब तक 4.14 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। हालांकि मौसम को देखते हुए 3 अगस्त से अब किसी भी नए श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं दी जा रही है।
आदि कैलाश मार्ग भूस्खलन से बंद
उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में स्थित पवित्र आदि कैलाश धाम तक जाने का रास्ता भी बारिश की वजह से बाधित है। समुद्र तल से 5,945 मीटर की ऊंचाई पर बसे इस तीर्थ तक पहुंचना मानसून में और मुश्किल हो जाता है, क्योंकि यहां लगातार भूस्खलन होता रहता है। इसी साल 20 मई को हुए एक बड़े भूस्खलन में कई यात्री और स्थानीय लोग फंस गए थे। फिलहाल यात्रा के दूसरे चरण की तैयारी चल रही है और 15 सितंबर से इनर लाइन परमिट जारी किए जाएंगे।
लगातार आठवां दिन स्थगित रही श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा
2 Sep, 2025 08:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में लगातार खराब मौसम के कारण श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा मंगलवार को भी भी स्थगित रही। यह लगातार आठवां दिन था जब यात्रा रोकी गई थी। लगातार बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण एहतियात के तौर पर कटरा से यात्रा रोक दी गई है। खराब मौसम और भूस्खलन की वजह से सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है।
बात दें कि प्रशासन और श्राइन बोर्ड के अधिकारी स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं और क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत का काम चल रहा है। 27 अगस्त को हुए भूस्खलन में 34 लोगों की मौत के बाद, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना की जांच के लिए एक तीन-सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति दो हफ्तों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जम्मू-कश्मीर का दौरा कर बाढ़ और पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की है।
यात्रा कब शुरू हो सकती है?
अभी यात्रा फिर से शुरू होने की कोई निश्चित तारीख़ नहीं जाहिर की गई है। यह पूरी तरह से मौसम की स्थिति और मरम्मत कार्यों के पूरा होने पर निर्भर करेगा। जैसे ही हालात सुरक्षित होते हैं, अधिकारियों द्वारा यात्रा फिर से शुरू करने की घोषणा की जाएगी। आप यात्रा से जुड़ी नई जानकारी के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया चैनलों पर नज़र रख सकते हैं।
मुंबईकरों के लिए बड़ी राहत: खत्म होगा मनोज जरांगे का मराठा आंदोलन, सरकार ने मानीं मांगें
2 Sep, 2025 07:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मराठा क्रांति मोर्चा के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने मंगलवार देर रात बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनकी प्रमुख मांगों को मानने के बाद आंदोलन समाप्त किया जाएगा। उन्होंने उपवास खत्म करने की भी घोषणा की और कहा कि हम जीत गए हैं।
दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने जरांगे की सभी अहम मांगों पर सहमति जताई है। इसमें हैदराबाद राजपत्र को तत्काल लागू करने, सतारा राजपत्र को एक महीने के भीतर लागू करने, मराठा-कुनबी को एक करने की प्रक्रिया तेज करने, दर्ज मामलों को वापस लेने और प्रदर्शन के दौरान जान गंवाने वाले 5 प्रदर्शनकारियों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं। राज्य मंत्रिमंडल की उप-समिति ने मंगलवार को जरांगे से मुलाकात की और नया मसौदा पेश किया। सरकार की ओर से आश्वासन मिलने के बाद हाईकोर्ट ने भी आजाद मैदान में 3 सितंबर तक आंदोलन की अनुमति दी थी।
आधिकारिक घोषणा के बाद लौट जांएगे गांव
जरांगे ने कहा कि जैसे ही सरकारी प्रस्ताव (जीआर) आधिकारिक तौर पर जारी होगा, आंदोलन खत्म कर गांव लौटेंगे और पूरे राज्य में जश्न मनाया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि यह जीत केवल उनकी नहीं बल्कि पूरे मराठा समाज की है। इस फैसले को मराठा समुदाय के आरक्षण संघर्ष का ऐतिहासिक पड़ाव माना जा रहा है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में हर गांव में जश्न का माहौल होगा और लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता खत्म होगी।
पटरी पर लौट रहे हैं भारत-चीन संबंध, एससीओ समिट के बाद बोले मंत्री पीयूष गोयल
2 Sep, 2025 06:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत-चीन संबंध धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और जैसे-जैसे सीमा से जुड़े मुद्दों का समाधान होगा, तनाव भी कम होता जाएगा।
उन्होंने बताया कि हाल ही में हुए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच सकारात्मक चर्चा हुई। बैठक में दोनों देशों ने भारत-चीन सीमा विवाद का निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान खोजने पर सहमति जताई। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक नेताओं की मौजूदगी में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई ‘मानवता के प्रति कर्तव्य’ है।
बैठक में दोनों देशों ने एक-दूसरे की अर्थव्यवस्थाओं की वैश्विक व्यापार स्थिरता में भूमिका को मान्यता दी और व्यापार एवं निवेश संबंधों को और बढ़ाने का संकल्प लिया।
पत्रकारों ने जब गोयल से पूछा कि क्या भारत-चीन संबंधों में सुधार के बाद प्रेस नोट-3 (पीएन3) नियम में ढील दी जाएगी, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा एससीओ बैठक का हिस्सा नहीं था। उन्होंने कहा, कि गलवान की घटना के बाद कुछ तल्खी आई थी, लेकिन सीमा मुद्दे सुलझने के साथ स्थिति का सामान्य होना स्वाभाविक है।
गौरतलब है कि अप्रैल 2020 में जारी प्रेस नोट-3 (पीएन3) के तहत चीन समेत सभी सीमावर्ती देशों से आने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए सरकारी मंजूरी अनिवार्य कर दी गई थी।
आधे भारत में भारी बारिश का अलर्ट, कई राज्यों में स्कूलों की करना पड़ी छुट्टी
2 Sep, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। आधे भारत के ज्यादातर राज्यों में सितंबर की शुरुआत भारी बारिश के साथ हुई है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सोमवार सुबह से शुरू हुई बारिश देर रात तक जारी रही। इस वजह से सड़कों पर लंबा जाम लग गया और लोग जगह-जगह जलभराव की समस्या से जूझते हुए भी नजर आए। नोएडा और गुरुग्राम में लोग कई घंटों तक जाम में फंसे रहे। इसी स्थिति और मौसम विभाग के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए आज कई जिलों में स्कूल बंद रहेंगे।
पिछले कई दिनों से जम्मू-कश्मीर में बारिश और बाढ़ से हालात खराब हैं। कई इलाकों में बादल फटने की घटनाएं भी देखी गईं। मौसम की स्थिति को देखते हुए 2 सितंबर को स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है। उत्तराखंड के चमोली में भी आज 1 से 12वीं तक की कक्षाएं समेत आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की गई है। हिमाचल प्रदेश और पंजाब के भी यही हाल हैं। पंजाब की मान सरकार ने भारी बारिश के अलर्ट के चलते 3 सितंबर 2025 तक स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 3 सितंबर 2025 तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम को देखते हुए कई जिलों में 2 सितंबर को स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है। मेरठ, बरेली, मुरादाबाद, रायबरेली और अलीगढ़ के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही, जौनपुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, बागपत, मेरठ, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, मैनपुरी, इटावा, औरैया, अमरोहा, संभल, बदायूं और आस-पास के इलाकों में आज भी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में सोमवार सुबह शुरू हुई बारिश देर रात तक जारी रही। आज भी कई जगहों पर बारिश का अलर्ट है। मौसम और शहर में जाम की स्थिति को देखते हुए कई स्कूलों को आज बंद रखने का फैसला लिया गया है। गुरुग्राम प्रशासन ने स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस और ऑफिस में वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी है। बीती शाम को बारिश और जलभराव की वजह से गुरुग्राम में 5-5 किमी जाम की समस्या हो गई थी। इसे देखते हुए ही यह फैसला लिया गया है।
सपा नेता गुलशन यादव पर दर्ज हैं 53 मुकदमे, पुलिस ने इनाम बढ़ाकर किया एक लाख
2 Sep, 2025 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता माने जाने वाले गुलशन यादव की अब मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। यादव पर हत्या, लूट, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में कुल 53 मुकदमे दर्ज हैं। इतने गंभीर आरोप होने के बाद भी उत्तर प्रदेश पुलिस उन्हे तलाशने में कामयाब नहीं हो पा रही है। इसके लिए इनाम बढ़ाकर एक लाख किया गया है। पहले ये इनाम 50,000 था, जिसे अब प्रयागराज जोन के एडीजी संजीव गुप्ता ने दोगुना कर दिया है।
प्रतापगढ़ पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें बनाई हैं और लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। एएसपी संजय राय ने कहा कि गुलशन की तलाश दिन-रात चल रही है और जनता से भी सहयोग मांगा गया है। गुलशन यादव की अवैध संपत्तियों पर भी पुलिस का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। अब तक उनकी करीब 3 करोड़ की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है, जिसमें लखनऊ और प्रतापगढ़ में बने मकान और प्लॉट शामिल हैं। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत, कुल 7 करोड़ की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया गया है। एएसपी संजय राय ने कहा कि प्रतापगढ़ पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। गुलशन यादव की गिरफ्तारी और उनकी संपत्तियों की कुर्की के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस अब गुलशन यादव के 1998 से अब तक दर्ज सभी केसों की गहराई से जांच कर रही है, जिनमें से ज्यादातर केस प्रतापगढ़ और प्रयागराज में दर्ज हैं।
अब अखिलेश यादव के करीबी हैं गुलशन
गुलशन यादव कभी राजा भैया (रघुराज प्रताप सिंह) के करीबी माने जाते थे। 2022 विधानसभा चुनाव में उन्होंने कुंडा सीट से सपा उम्मीदवार के रूप में राजा भैया के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए। वर्तमान में वे समाजवादी पार्टी के कार्यवाहक जिला अध्यक्ष हैं और अखिलेश यादव के करीबी भी माने जाते हैं।
बिहार के मंच से हुए अपमान पर पहली बार बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
2 Sep, 2025 02:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पीएम मोदी ने मंगलवार को बिहार में एक वर्चुअल कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड का शुभारंभ किया। लेकिन इस मौके पर PM का दर्द छलक पड़ा। बिहार की लाखों माताओं-बहनों को संबोधित करते हुए PM ने कहा, मां हमारा संसार है, हमारा गर्व है। लेकिन RJD-कांग्रेस के मंच से मेरी मां को भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं। ये सिर्फ मेरी मां का अपमान नहीं, बल्कि देश की हर मां, बहन और बेटी का अपमान है।
PM का भावुक संदेश
पीएम मोदी ने कहा, मेरी मां का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था फिर भी उन्हें निशाना बनाया गया। PM ने भावुक होकर कहा, मेरी मां ने मुझे देश की सेवा के लिए आशीर्वाद दिया था। उन्होंने मुझे अपने कर्तव्यों से मुक्त कर देशसेवा के लिए भेजा, लेकिन आज उसी मां को गालियां दी गईं। ये सुनकर बिहार की हर मां को दुख हुआ होगा. मैं आपका दर्द समझता हूं, क्योंकि मेरा दिल भी उतना ही दुखी है। PM ने बिहार की महिलाओं से कहा, आज जब मैं आप सभी माताओं-बहनों को देख रहा हूं, तो मेरा मन हल्का हो रहा है। आपके आशीर्वाद से मैं इस दुख को सहन कर पाऊंगा।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर
पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत का विकास तभी संभव है, जब देश की महिलाएं सशक्त होंगी। जीविका निधि जैसे कार्यक्रमों से महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में बिहार के दरभंगा में कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान एक मंच से PM मोदी और उनकी मां के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। अब PM मोदी ने इसे देश की हर मां, बहन और बेटी का अपमान बताया है। हालांकि, पीएम मोदी और उनकी मां के खिलाफ की गई टिप्पणी को बिहार में बीजेपी ने बड़ा मुद्दा बनाया। बीजेपी ने कांग्रेस और आरजेडी के खिलाफ कई थानों में रिपोर्ट भी दर्ज कराई। इतना ही नहीं, बिहार कांग्रेस दफ्तर के बाहर प्रदर्शन के दौरान बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प भी हुई थी।
यमुना उफान पर: दिल्ली में बाढ़ की आशंका तेज
2 Sep, 2025 11:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर मंगलवार सुबह खतरे के निशान से करीब आधा मीटर ऊपर पहुंच गया निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार आज सुबह आठ बजे दिल्ली के पुराने रेलवे ब्रिज पर यमुना का जलस्तर 205.80 मीटर दर्ज किया गया और यह लगाता बढ़ रहा है। यहां खतरे का निशान 205.33 मीटर पर है।
दिल्ली और आसपास के इलाकों में सोमवार को हुई भारी बारिश और हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगातार बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण राष्ट्रीय राजधानी में यह स्थिति बनी है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण यमुनानगर जिला स्थित हथिनीकुंड बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
यमुना के बढ़ते जलस्तर के बीच दिल्ली में प्रशासन ने बचाव दल एवं अन्य संबंधित एजेंसियां को स्टैंड-बाय मोड में रखा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे यमुना किनारे न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। डूब क्षेत्र में और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को इन इलाकों को खाली करने की चेतावनी दी जा रही है। उल्लेखनीय है कि यमुना में अब तक सबसे अधिक जलस्तर 208.66 मीटर रहा है जो 13 जुलाई 2023 को दर्ज किया गया था।
तेलंगाना का MBBS कोटा नियम बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी: अब 4 साल का निवास अनिवार्य
2 Sep, 2025 10:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली : देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार यानी पहली सितंबर को तेलंगाना हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेने के लिए राज्य के डोमिसाइल नीति को रद्द कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए अगर कोई कैंडिडेट डोमिसाइल कोटे का लाभ उठाना चाहता है, तो उसे लगातार चार वर्षों तक तेलंगाना में निवास या अध्ययन करना ही होगा। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चार साल की अनिवार्यता की नीति मनमाना और असंवैधानिक नहीं है। इससे पहले हाई कोर्ट ने मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए राज्य के अधिवास नियम को रद्द कर दिया था।
तेलंगाना राज्य एवं अन्य बनाम कल्लूरी नागा नरसिम्हा अभिराम एवं अन्य मामले की सुनवाई करते हुए सीजेआई गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने तेलंगाना सरकार के उस अधिवास नियम को बरकरार रखा, जिसके तहत 12वीं कक्षा तक लगातार पिछले चार वर्ष से राज्य में पढ़ाई कर रहे छात्रों को ही राज्य कोटे के तहत मेडिकल एवं डेंटल कॉलेज में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। राज्य सरकार के इस निर्णय को मनमाना और असंवैधानिक बताते हुए तेलंगाना हाई कोर्ट ने इस नियम को खारिज करते हुए कहा था कि राज्य के स्थायी निवासियों को केवल इसलिए मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का लाभ नहीं देना गलत है कि वे कुछ समय तक राज्य से बाहर रहे हैं।
हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ थी अपील
सीजेआई जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने राज्य सरकार की अपील स्वीकार कर ली और तेलंगाना मेडिकल एवं डेंटल कॉलेज प्रवेश नियम, 2017 को बरकरार रखा, जिसे 2024 में संशोधित किया गया है। तेलंगाना सरकार ने ‘तेलंगाना मेडिकल एवं डेंटल कॉलेज प्रवेश नियम, 2017 को 2024 में संशोधित करते हुए यह प्रावधान जोड़ा था कि केवल वे छात्र जो कक्षा 12 तक पिछले लगातार चार वर्षों से राज्य में पढ़ाई कर रहे हों, उन्हें ही राज्य के कोटे के तहत मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा।
चारधाम यात्रा 5 सितंबर तक स्थगित, प्रशासन ने जारी की नई एडवाइजरी
1 Sep, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 5 सितंबर, 2025 तक स्थगित कर दी गई है। यह निर्णय राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश, भूस्खलन और मलबा आने के कारण लिया गया है, जिससे कई सड़कें बाधित हो गई हैं। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा को यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 5 सितंबर तक स्थगित कर दिया गया है। यात्रियों से आग्रह किया गया है कि वे फिलहाल यात्रा पर न निकलें और प्रशासन द्वारा जारी की गई सलाह का पालन करें। सरकार और स्थानीय प्रशासन सड़कों को साफ करने और यात्रियों की निगरानी के लिए काम कर रहे हैं। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अगले 24-48 घंटे महत्वपूर्ण हैं और सभी विभाग अलर्ट पर हैं। मुख्यमंत्री धामी ने यह भी बताया कि आपदा प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता दी जा रही है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। राहत शिविर भी स्थापित किए गए हैं। मौसम सामान्य होने और रास्ते पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा फिर से शुरू की जाएगी।
भुवनेश्वर में प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान भिड़ंत, 4 लोग अस्पताल में भर्ती
1 Sep, 2025 07:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ओडिशा में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान तीन अलग-अलग घटनाओं में एक शख्स की मौत और 14 लोग घायल हो गए हैं। वहीं करंट लगने से तीन युवक जख्मी हैं, जबकि एक महिला नदी में बह गई है।
ओडिशा में गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान झड़प की अलग-अलग घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हो गई। 14 घायल हो गए। जुलूस में डीजे वाहन पर चढ़ते समय करंट लगने से तीन अन्य युवक घायल हुए, जबकि प्रतिमा विसर्जन बाद नदी में नहाते समय महिला बह गई। नयागढ़ जिले में रविवार रात प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान संगीत बजाने को दो समूहों में हुई झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई। 10 घायल हो गए। पुलिस अधिकारी ने सोमवार को बताया कि मृतक की पहचान हरिहर स्वैन के रूप में हुई है।
लोगों ने प्रदर्शन कर आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग की
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हरिहर स्वैन की उस समय हत्या कर दी गई जब वह अपने बेटे को हमलावरों से बचाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने बताया कि यह घटना फतेहगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के करदापल्ली गांव में पथापुर और करदापल्ली क्षेत्रों के लोगों के बीच जुलूस के दौरान हुए विवाद के बाद हुई। लोगों ने भापुर बाजार में प्रदर्शन कर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।मामले में अधिकारी ने बताया कि घायलों को स्थानीय अस्पताल भेज दिया गया है, जबकि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। नयागढ़ की पुलिस अधीक्षक ने कहा, 'हमने स्थानीय पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। जांच जारी है और चार संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है।'
पुरानी दुश्मनी को लेकर दो समूहों के बीच झड़प
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि रविवार रात भुवनेश्वर के पत्रापाड़ा में प्रतिमा विसर्जन जुलूस में पुरानी रंजिश को लेकर दो समूहों के बीच झड़प में चार लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि घायलों को एम्स-भुवनेश्वर और कैपिटल अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर काबू पाया गया।
करंट लगने से तीन अन्य युवक जख्मी
इस बीच पुलिस ने बताया कि पुरी जिले के कोणार्क में विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे वाहन पर चढ़ते समय तार की चपेट में आने से तीन युवक घायल हो गए। गंभीर हालत में एक घायल को भुवनेश्वर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि एक घायल की हालत गंभीर होने पर उसे राज्य की राजधानी भुवनेश्वर के एक चिकित्सा संस्थान में स्थानांतरित कर दिया गया है।
फर्जी डिप्टी CM बनकर रेलवे अधिकारियों पर रौब झाड़ा, RPF ने किया गिरफ्तार
1 Sep, 2025 05:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूरत। गुजरात के औद्योगिक शहर सूरत में एक युवक ने खुद को मध्यप्रदेश का डिप्टी सीएम बताकर रेलवे अफसरों को धमकाने की कोशिश की। मगर आरपीएफ की सतर्कता से उसकी चाल बेनकाब हो गई और पूरा मामला पुलिस तक पहुंच गया।
बिना टिकट पकड़ा गया युवक
यह घटना 29 अगस्त की है। सूरत स्टेशन पर टीटीई ने रणजीत यादव नामक युवक को बिना टिकट यात्रा करते पकड़ा और नियमानुसार जुर्माना लगाया। इसके कुछ समय बाद आरपीएफ उप निरीक्षक कुलदीप सिंह के मोबाइल पर फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को एमपी डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला बताते हुए कहा कि आपने मेरे परिचित रणजीत यादव को क्यों पकड़ा, तुरंत छोड़ दीजिए। फोन पर बातचीत का लहजा और रवैया देखकर उप निरीक्षक को शक हुआ। जांच में साफ हुआ कि यात्री पर सिर्फ जुर्माना लगाया गया है। इसके बाद भी फोन करने वाला शख्स धमकी देने लगा और बोला कि आप एक परिचित को नहीं संभाल सकते, रसीद कैसे काट दी। अगले दिन यानी 30 अगस्त को पुलिस ने रणजीत यादव को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। पहले तो उसने खुद को डिप्टी सीएम का करीबी बताया लेकिन जब सख्ती से सवाल हुए तो उसने कबूल किया कि फोन उसी ने किया था। वह दूसरे मोबाइल नंबर से खुद को डिप्टी सीएम बताकर अफसरों को गुमराह कर रहा था।
आरपीएफ की जांच में सामने आई सचाई
युवक की पहचान रणजीत मिट्टुलाल यादव (21) निवासी रघुराजनगर, जिला सतना, मध्यप्रदेश के रूप में हुई। मोबाइल की जांच में कई नेताओं, मंत्रियों, पुलिस अफसरों और आरपीएफ अधिकारियों के नंबर मिले। इससे साफ हुआ कि वह लंबे समय से इस तरह की फर्जी पहचान बनाकर अफसरों पर दबाव डालने की कोशिश कर रहा था।
मोबाइल में मिले नेताओं और अफसरों के नंबर
सूरत आरपीएफ ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 204, 319(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(डी) में केस दर्ज कर उसे रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने और कहां-कहां इस तरह का खेल रचा है।
26 साल से पेट में था पेन का ढक्कन, खून की उल्टी के बाद हुआ बड़ा खुलासा
1 Sep, 2025 01:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में बेहद चौंकाने वाला और दुर्लभ मामल प्रकाश में आया है। यहां 33 साल के एक युवक के फेफड़े से डॉक्टरों ने 26 साल पुराना पेन का ढक्कन निकाला। यह कैप तब फेफड़े में पहुंच गया था जब वहां बच्चा महज 7 साल का था। करीब 26 साल पहले यह लड़का खेलते-खेलते पेन का ढक्कन मुंह में डाल बैठा। अचानक खांसी के दौरान ढक्कन उसके गले में चला गया। परिवार घबरा गया और तुरंत डॉक्टर के पास ले गए। लेकिन तब एक्स-रे नहीं हुआ और कोई गंभीर लक्षण भी नहीं दिखाने पर, ऐसा मान लिया गया कि ढक्कन पेट में चला गया होगा और पाचन के साथ बाहर निकल गया होगा।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय तक उस युवक को किसी भी तरह की तकलीफ नहीं हुई। वह सामान्य जीवन जीता रहा, ना खांसी, ना सांस लेने में दिक्कत, ना कोई संक्रमण। मगर हाल ही में अचानक युवक को खून की उल्टियां होने लगीं। जब डॉक्टरों ने सीटी स्कैन कराया, तब पता चला कि उसके फेफड़े में कोई ठोस चीज फंसी हुई है।
इसके बाद डॉक्टरों ने सर्जरी करने का फैसला किया। ऑपरेशन थिएटर में जब युवक के फेफड़े को खोला गया, तब अंदर से जो निकला, उसने ऑपरेशन कर रही डॉक्टरों की टीम को चौंका दिया। दरअसल, वहां से 26 साल पुराना वही प्लास्टिक का पेन का ढक्कन निकला जो बचपन में निगला गया था।
सर गंगाराम अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों का कहना है कि यह मामला भारत में अपनी तरह का पहला और सबसे लंबा दर्ज किया गया केस हो सकता है, जिसमें कोई बाहरी चीज इतने लंबे समय तक फेफड़े में बिना किसी गंभीर लक्षण के मौजूद रही।
थोरेसिक सर्जरी विभाग के चेयरमैन डॉ. सब्यसाची बल ने बताया कि आमतौर पर जब कोई बाहरी वस्तु फेफड़े में चली जाती है, तब तुरंत लक्षण दिखने लगते हैं जैसे खांसी, संक्रमण, सांस लेने में परेशानी, या बार-बार निमोनिया। लेकिन इस युवक के केस में ऐसा कुछ नहीं हुआ, जो मेडिकल साइंस के लिए भी एक आश्चर्य है।
डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों में फॉरेन बॉडी एस्पिरेशन यानी किसी बाहरी चीज का सांस के जरिए फेफड़े में फंस जाना एक आम समस्या है। लेकिन अगर सही समय पर जांच न हो तब यह जानलेवा भी बन सकता है।
सर्जरी के बाद युवक की तबीयत में सुधार है और अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि अगर बच्चे कुछ निगल जाएं या सांस में अटकने की शिकायत करें, तब तुरंत जांच करानी चाहिए और हल्के में न लें। यह मामला न केवल मेडिकल साइंस के लिए एक अनोखा उदाहरण है, बल्कि यह भी सिखाता है कि बचपन की छोटी सी लापरवाही भी वर्षों बाद बड़ी समस्या बन सकती है।
खाद्य कीमतों को स्थिर रखने में मददगार साबित होगी एलपीजी दामों में कटौती
1 Sep, 2025 12:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। 1 सितंबर से तेल विपणन कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) ने 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 51.50 रुपये की कटौती की है। नए दाम लागू हो चुके हैं, जिससे होटल, रेस्तरां और ढाबों जैसे व्यवसायों को राहत मिलेगी।
नए रेट (19 किलो कमर्शियल सिलेंडर)
दिल्ली: ₹1,580 (पहले ₹1,631.50)
मुंबई: ₹1,532 (पहले ₹1,583.50)
कोलकाता: ₹1,691.50 (पहले ₹1,743)
चेन्नई: ₹1,742 (पहले ₹1,793.50)
यह लगातार तीसरा महीना है जब कमर्शियल सिलेंडर के दाम घटे हैं। जुलाई में 58.50 रुपये और अगस्त में 33.50 रुपये की कटौती के बाद अब सितंबर में भी राहत मिली है। इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय ईंधन कीमतों में कमी और अनुकूल विदेशी मुद्रा दरें प्रमुख कारण हैं।
घरेलू गैस के दाम स्थिर
14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 1 सितंबर तक गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडर के रेट इस प्रकार हैं:
दिल्ली: ₹853
मुंबई: ₹852.50
कोलकाता: ₹879
चेन्नई: ₹868.50
आखिरी बार 14 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 8 अप्रैल को बदली गई थी। तब से अब तक इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
उज्ज्वला योजना का लाभ जारी
सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 2025-26 तक प्रति सिलेंडर ₹300 सब्सिडी जारी रखने का फैसला किया है। इससे लाखों गरीब परिवारों को राहत मिलती रहेगी।
व्यवसायों को राहत
कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कटौती से होटल, रेस्तरां और छोटे- मध्यम उद्यमों की परिचालन लागत कम होगी। उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि इससे खाद्य कीमतें स्थिर रखने और मुद्रास्फीति का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
आसमान में भारतीय शक्ति का नया प्रतीक: अब ब्रह्मोस से लैस होगा स्वदेशी राफेल
1 Sep, 2025 12:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश-दुनिया के बदलते हालात को देखते हुए आर्म्ड फोर्सेज को और सशक्त बनाने की कोशिशें जारी हैं। मिसाइल, ड्रोन, फाइटर जेट के साथ ही स्वदेशी तकनीक से एयर डिफेंस सिस्टम डेवलप किया जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने भारत की सैन्य ताकत देखी। ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल से लेकर आकाश मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने अपनी ताकत दिखाई। भारत डिफेंस सेक्टर में नए सिरे से मील का पत्थर रखने की दहलीज पर खड़ा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी एचएएल तमाम तरह की लेट लतीफी के बाद सितंबर में दो तेजस मार्क-1ए फाइटर जेट की डिलीवरी कर सकता है। यह देसी ‘राफेल’ ब्रह्मोस मिसाइल से लैस होगा। बता दें सरकार ने एचएएल को तेजस फाइटर जेट के लिए कुल मिलाकर 1.15 लाख करोड़ रुपए का ठेका दिया है। देश में स्वदेशी रक्षा उत्पादन को नई गति मिलने जा रही है। रक्षा सचिव आरके सिंह ने कहा कि एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) अगले महीने भारतीय वायुसेना को दो तेजस मार्क-1ए लड़ाकू विमान सौंपेगी।
उन्होंने बताया कि सरकार दो विमानों की डिलीवरी के बाद 97 अतिरिक्त तेजस लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए एचएएल के साथ एक और अनुबंध करने जा रही है। उन्होंने कहा कि संभावना है कि सितंबर के अंत तक दो तेजस विमान वेपन इंटीग्रेशन के साथ एयरफोर्स को मिल जाएंगे। बता दें मौजूदा समय में इंडियन एयरफोर्स के पास 38 तेजस लड़ाकू विमान सेवा में हैं, जबकि 80 से ज्यादा का काम जारी है। फरवरी 2021 में रक्षा मंत्रालय ने 83 तेजस एमके-1ए विमानों की खरीद के लिए एचएएल के साथ 48 हजार करोड़ का करार किया था। हालांकि इन विमानों की डिलीवरी में देरी हो रही है, क्योंकि अमेरिकी रक्षा कंपनी जीई एयरोस्पेस ने इंजन सप्लाई के कई डेडलाइन को चूक दिया है। पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने करीब 67 हजार करोड़ रुपए की लागत से 97 अतिरिक्त तेजस विमानों की खरीद को मंजूरी दी थी। इस पर रक्षा सचिव ने कहा कि एचएएल को साफ कर दिया है कि यह करार तभी साइन होगा जब एचएएल दो तेजस विमानों को संपूर्ण पैकेज के साथ सौंप देगा।
डिफेंस सेक्रेट्री ने भरोसा जताया कि आने वाले सालों में तेजस भारतीय वायुसेना की रीढ़ बनेगा। उन्होंने कहा कि एचएएल के पास अब चार से पांच साल का ऑर्डर बुक रहेगा। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि वे इस प्लेटफॉर्म को परफेक्ट करेंगे, इसमें रडार और भारतीय हथियारों का एकीकरण करेंगे ताकि यह सुखोई के साथ मिलकर वायुसेना का मुख्य आधार बन सके। रक्षा सचिव ने कहा कि वर्तमान में स्क्वाड्रन की संख्या 31 है, जबकि अधिकृत ताकत 42 स्क्वाड्रन की है। इसको पाटने के लिए हमें अन्य विकल्प भी तलाशने होंगे। तेजस एक सिंगल-इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जिसे वायु रक्षा, समुद्री टोही और स्ट्राइक मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है। इसे वायुसेना के पुराने हो चुके मिग-21 विमानों की जगह लेने के लिए विकसित किया गया है।
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