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आसमान में भारतीय शक्ति का नया प्रतीक: अब ब्रह्मोस से लैस होगा स्वदेशी राफेल
1 Sep, 2025 12:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश-दुनिया के बदलते हालात को देखते हुए आर्म्ड फोर्सेज को और सशक्त बनाने की कोशिशें जारी हैं। मिसाइल, ड्रोन, फाइटर जेट के साथ ही स्वदेशी तकनीक से एयर डिफेंस सिस्टम डेवलप किया जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने भारत की सैन्य ताकत देखी। ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल से लेकर आकाश मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने अपनी ताकत दिखाई। भारत डिफेंस सेक्टर में नए सिरे से मील का पत्थर रखने की दहलीज पर खड़ा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी एचएएल तमाम तरह की लेट लतीफी के बाद सितंबर में दो तेजस मार्क-1ए फाइटर जेट की डिलीवरी कर सकता है। यह देसी ‘राफेल’ ब्रह्मोस मिसाइल से लैस होगा। बता दें सरकार ने एचएएल को तेजस फाइटर जेट के लिए कुल मिलाकर 1.15 लाख करोड़ रुपए का ठेका दिया है। देश में स्वदेशी रक्षा उत्पादन को नई गति मिलने जा रही है। रक्षा सचिव आरके सिंह ने कहा कि एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) अगले महीने भारतीय वायुसेना को दो तेजस मार्क-1ए लड़ाकू विमान सौंपेगी।
उन्होंने बताया कि सरकार दो विमानों की डिलीवरी के बाद 97 अतिरिक्त तेजस लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए एचएएल के साथ एक और अनुबंध करने जा रही है। उन्होंने कहा कि संभावना है कि सितंबर के अंत तक दो तेजस विमान वेपन इंटीग्रेशन के साथ एयरफोर्स को मिल जाएंगे। बता दें मौजूदा समय में इंडियन एयरफोर्स के पास 38 तेजस लड़ाकू विमान सेवा में हैं, जबकि 80 से ज्यादा का काम जारी है। फरवरी 2021 में रक्षा मंत्रालय ने 83 तेजस एमके-1ए विमानों की खरीद के लिए एचएएल के साथ 48 हजार करोड़ का करार किया था। हालांकि इन विमानों की डिलीवरी में देरी हो रही है, क्योंकि अमेरिकी रक्षा कंपनी जीई एयरोस्पेस ने इंजन सप्लाई के कई डेडलाइन को चूक दिया है। पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने करीब 67 हजार करोड़ रुपए की लागत से 97 अतिरिक्त तेजस विमानों की खरीद को मंजूरी दी थी। इस पर रक्षा सचिव ने कहा कि एचएएल को साफ कर दिया है कि यह करार तभी साइन होगा जब एचएएल दो तेजस विमानों को संपूर्ण पैकेज के साथ सौंप देगा।
डिफेंस सेक्रेट्री ने भरोसा जताया कि आने वाले सालों में तेजस भारतीय वायुसेना की रीढ़ बनेगा। उन्होंने कहा कि एचएएल के पास अब चार से पांच साल का ऑर्डर बुक रहेगा। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि वे इस प्लेटफॉर्म को परफेक्ट करेंगे, इसमें रडार और भारतीय हथियारों का एकीकरण करेंगे ताकि यह सुखोई के साथ मिलकर वायुसेना का मुख्य आधार बन सके। रक्षा सचिव ने कहा कि वर्तमान में स्क्वाड्रन की संख्या 31 है, जबकि अधिकृत ताकत 42 स्क्वाड्रन की है। इसको पाटने के लिए हमें अन्य विकल्प भी तलाशने होंगे। तेजस एक सिंगल-इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जिसे वायु रक्षा, समुद्री टोही और स्ट्राइक मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है। इसे वायुसेना के पुराने हो चुके मिग-21 विमानों की जगह लेने के लिए विकसित किया गया है।
बुलेट की रील बनाकर उड़ाया ट्रैफिक नियमों का मज़ाक, 13 हजार का चालान थमा
1 Sep, 2025 12:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बुलंदशहर। रील बनाने का बढ़ता कल्चर और उसे वायरल करने के लिए किसी भी हद तक जाना कई बार नुकसानदायक हो जाता है। यूपी के बुलंदशहर से एक वीडियो सामने आया है। जिसमें एक युवती बुलेट के आगे बैठी है और युवक बाइक चला रहा है। उधर, वीडियो के वायरल होने पर पुलिस मामले को संज्ञान में लिया और बाइक का 13 हजार का चालान कर दिया।
रविवार की सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से एक वीडियो यूपी पुलिस व बुलंदशहर पुलिस को टैग किया। इस वीडियो में एक युवक बुलेट बाइक पर एक युवती को बाइक की टंकी पर बैठाकर चलाता हुआ नजर आ रहा है। युवक बार-बार बुलेट से हाथ छोड़कर उसे दौड़ा रहा है। युवक और युवती दोनों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं लगाया हुआ है। इसकी शिकायत मिलते ही बुलंदशहर पुलिस ने जांच शुरू की तो युवक व युवती यूट्यूबर निकले, जो आए दिन तरह तरह की वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड करते हैं।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर कर लोग कार्रवाई की मांग की। उधर, पुलिस ने आरोपी युवक की पहचान कर उसके घर पहुंच कर बाइक का विभिन्न मदों में करीब 13 हजार रुपये का चालान कर दिया है। वहीं, इस मामले में एएसपी ऋजुल कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो कोतवाली देहात क्षेत्र का है। मामले में बाइक का चालान कर दिया गया है।
रील बनाने के दौरान नदी में गिरे छात्र
उधर, बागपत के छपरौली क्षेत्र का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जहां यमुना के उफान की रील बनाने के चक्कर में कुछ छात्र ढांग गिरने से नदी में जा गिरे। वहीं, मौके पर मौजूद अन्य युवकों ने बिना कोई देरी करे अपनी जान की परवाह किए बगैर यमुना में छलांग लगा दी और साथी छात्रों द्वारा इन छात्रों को बचाया लिया।
एयरपोर्ट पर सुविधाओं में सुधार: स्वच्छ टॉयलेट और बिना कतार के मिलेगा सामान
1 Sep, 2025 11:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश तमाम हवाई अड्डो पर अब साफ सुथरे शौचालय होंगे और यात्रियों को अपने सामान के लिए कतार में भी नहीं लगना पड़ेगा। ये सब कुछ ऐसी दिक्कतें है, जो यात्रियों को परेशान करती रही हैं लेकिन एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी ने अब सभी एयरपोर्ट्स पर इस तरह की बदइंतजामी पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। रिपोर्ट के मुताबिक एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी ने सभी प्रमुख हवाई अड्डों के लिए एक समान प्रदर्शन मानक बनाने और इसे टैरिफ संरचनाओं से जोड़ने के लिए एक परामर्श पत्र जारी किया है। प्रस्ताव के मुताबिक, सुझाए गए मानकों से बेहतर प्रदर्शन करने पर हवाई अड्डों को इनाम भी दिए जाएँगे और मानकों का पालन न करने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि मानकों का अनुपालन सही ढंग से हो रहा है या नहीं, इसका तीसरे पक्ष द्वारा ऑडिट कराया जाएगा।
प्रस्तावित मानकों में सभी हवाई अड्डों पर स्वच्छता, बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और इमिग्रेशन ई-गेट जैसी तकनीकों के उपयोग का भी आकलन किया जाएगा। अथॉरिटी ने कहा, ये मानक यात्रियों के हितों की रक्षा करने, जवाबदेही बढ़ाने और हवाई अड्डे के संचालन में निरंतर सुधार को बढ़ावा देने में सहायक होंगे। बुनियादी ढाँचे और परिचालन संबंधी जटिलता में अंतर का हवाला देते हुए अथॉरिटी ने 60 लाख से अधिक यात्रियों को संभालने वाले हवाई अड्डों को अलग-अलग कैटगराइज्ड करने की भी योजना बनाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अथॉरिटी की प्रस्तावित योजना में हरेक टचपॉइंट पर यात्रियों के लिए अधिकतम प्रतीक्षा समय को भी शामिल किया गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि हवाई अड्डा सेवाओं की विशेषता एकाधिकार या सीमित प्रतिस्पर्धा किस्म की है, जहाँ यात्रियों के पास विकल्प सीमित होते हैं। ऐसे माहौल में, नियामक की भूमिका टैरिफ निर्धारण से आगे बढ़कर यह सुनिश्चित करने तक पहुँच जाती है कि यात्रियों को दी जाने वाली सेवाएँ कुशलतापूर्वक, पारदर्शी रूप से और ऐसे मानक पर उपलब्ध हों जो परिचालन और उपयोगकर्ता दोनों की अपेक्षाओं को पूरा करे।
गृह मंत्रालय ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए मूल्यांकन दल गठित किया
1 Sep, 2025 08:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर गृह मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, बाढ़, अचानक बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन से हुए नुकसान के आकलन के लिए अंतर-मंत्रालयी केन्द्रीय दलों का गठन किया है। ये केन्द्रीय दल मौके पर जाकर स्थिति और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों का आकलन करेंगे।गृह मंत्रालय के अनुसार, केन्द्रीय दल अगले सप्ताह की शुरुआत में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बाढ़ या भूस्खलन प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे। दरअसल, मौजूदा मानसून सीजन के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश, अचानक बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में पहले ही एक दल और एक बहु-क्षेत्रीय दल दौरा कर चुका है। इन केन्द्रीय दलों का नेतृत्व गृह मंत्रालय/राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे और इनमें व्यय, कृषि और किसान कल्याण, जल शक्ति, ऊर्जा, सड़क परिवहन और राजमार्ग, ग्रामीण विकास मंत्रालयों/विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। गृह मंत्रालय इन राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में है और आवश्यक लॉजिस्टिक सहायता प्रदान कर रहा है, जिसमें एनडीआरएफ, सेना और वायु सेना के हेलीकॉप्टरों की तैनाती शामिल है, जो खोज और बचाव कार्यों तथा आवश्यक सेवाओं की बहाली में सहायता कर रहे हैं।
ट्रंप के टैरिफ से निपटने का रास्ता सरकार ने निकाला, नहीं आएगी कोई बड़ी समस्या
31 Aug, 2025 07:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी जिद और अड़ियल रवैए के कारण भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाकर दबाव बनाने की कोशिश की थी। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने इसका समाधान निकालते हुए ऐसे कई कदम उठाए जा रहे हैं जिससे अमेरिकी टैरिफ का भारत पर कोई असर न पड़े। रिपोर्ट के मुताबिक दो सीनियर अधिकारियों ने बताया कि सरकार सबसे पहले नकदी की समस्या का समाधान निकालने पर विचार कर रही है। वहीं निर्यात और रोजगार बचाने के लिए सरकार कोविड स्टाइल में योनजाएं चलाना चाहती है। ट्रंप के टैरिफ की वजह से कई तरह के दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे कि भुगतान में देरी, देर से सामान का पहुंचना, ऑर्डर रद्द होना। वहीं निर्यात को बरकरार रखने के लिए नई मार्केट की जरूरत है। जब तक नई मार्केट नहीं मिलती, निर्यातकों को ऑपरेशन जारी रखने के लिए राहत देना जरूरी है।
अधिकारियों ने कहा कि टैक्स से जुड़ी भी कई राहत देने पर सरकार विचार कर रही है। इसमें जीएसटी रिफॉर्म भी शामिल है। अगले सप्ताह होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में टैक्स घटाने से संबंधित कई फैसले हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर मजबूती की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था को खतरा नहीं है। टैरिफ जैसे बाहरी फैक्टर भारत की अर्थव्यवस्था को ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाएंगे। अधिकारियों ने कहा कि घरेलू उपभोग की वजह से अर्थव्यवस्ता लचीली है। निर्यात अर्थव्यवस्ता के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन यह भारत की जीडीपी 4.12 ट्रिलियन डॉलर का छोटा हिस्सा है। निर्यात का जीडीपी में योगदान केवल 10 फीसदी यानी 438 मिलियन डॉलर का ही है। ऐसे में जून में समाप्त होने वाली तिमाही में भी आर्थिक वृद्धि दर 7.8 फीसदी रही।
सरकार कर सकती है राहत पैकेज का ऐलान
अधिकारियों के मुताबिक सरकार ने कोरोना लॉकडाउन के दौरान जिस तरह के राहत पैकेज का ऐलान किया था, उसी तरह के राहत पैकेज का एक बार फिर ऐलान हो सकता है। उद्योगों में नकदी की समस्या, खास तौर पर लघु और मध्यम उद्योगों के लिए इस तरह की योजनाएं जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इमर्जेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम जैसी योजनाओं पर फोकस करना चाहती है जो कि 100 फीसदी गारंटी के साथ बिना जमानत के लोन उपलब्ध करवा सकें। इससे लाखों छोटे और मध्यम उद्योग दीवालिया होने से बच जाएंगे। लॉकडाउन के दौरान जब 68 दिनों के लिए औद्योगिक गतिविधियां ठप हो गई थीं, तब इसी योजना ने उद्योगों को बचा लिया था।अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा समस्या और उसके समाधान को देखते हुए इन योजनाओं में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि तत्काल राहत के साथ सरकार चरणबद्ध तरीके से भी योजानाएं लागू करेगी जिससे लंबी अवधि की रणणनीति तैयार हो सके। नकदी उपलब्ध करवाने के साथ ही मौजूदा व्यापार समझौतों को मजबूत करने और नई मार्केट में अवसरों की तलाश का काम भी तेज होगा।
वैष्णो देवी हादसा- एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत, 2 बच्चों की हालत गंभीर
31 Aug, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए भूस्खलन हादसे में दिल्ली के बुराडी क्षेत्र के केशव नगर कॉलोनी के एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई। जबकि दो बच्चे गंभीर रुप से घायल है उनका इस्पताल में इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, बुराड़ी के केशव नगर में रहने वाला 45 वर्षीय अजय, उसका छोटा भाई 38 वर्षीय राजा, राजा की पत्नी पिंकी और उनकी 12 वर्षीय बेटी दीपांशी हादसे का शिकार हो गए। इनके साथ गए रिश्तेदारों की दो बेटियां- 17 वर्षीय तानिया और 23 वर्षीय पुकार (निवासी गाजियाबाद) की भी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार के साथ यात्रा पर गईं बुजुर्ग राजकुमारी और एक छोटी बच्ची सुरक्षित बच गईं। राजकुमारी पालकी में थीं और बच्ची को भी पालकी में बिठा दिया गया था, जिससे वे अर्धकुंवारी तक पहुंच गईं। इसी वजह से वे भूस्खलन की चपेट में नहीं आईं।
अब इस घर में सिर्फ बुजुर्ग माता-पिता और दो छोटे बच्चे ही बचे हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि हादसे ने उनकी पूरी दुनिया उजाड़ दी है। दो बच्चों में से एक मासूम बच्चा अब भी आईसीयू में भर्ती है। हादसे के बाद परिजनों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से पर्याप्त मदद नहीं मिल रही। शवों के अंतिम संस्कार के समय भी परिवार को आर्थिक मदद नहीं मिली और शमशान घाट की फीस रिश्तेदारों को मिलकर देनी पड़ी। परिजनों का कहना है कि आपदा प्राकृतिक थी, लेकिन उसके बाद परिवार की देखरेख करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, जो अब तक पूरी नहीं की जा रही। बता दें कि वैष्णो देवी मार्ग पर हाल ही में हुए भूस्खलन में कई लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में कई लोग घायल भी हुए थे।
इस बार ला-नीना से भारत में पड़ेगी जोरदार सर्दी! अरब सागर में बन रहा नया सिस्टम
31 Aug, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। इस साल मानसून ने पूरे देश में मेहरबान नजर आ रहा है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में लगातार नए सिस्टम बन रहे हैं, जिससे मानसून पूरे सीजन में मजबूत बना रहा। नतीजतन उत्तर से लेकर दक्षिण और पूरब से लेकर पश्चिम तक सभी हिस्सों में अच्छी और जोरदार बारिश हुई है। मौसम विशेषज्ञ मानते हैं कि इस बार मानसून की ताकत के पीछे एक अहम कारण है प्रशांत महासागर क्षेत्र में एल-नीनो के बजाय ला-नीना का सक्रिय होना। यही जलवायु पैटर्न आने वाली सर्दियों पर भी असर डालेगा।
अमेरिका की एजेंसी ने पूर्वानुमान में कहा है कि सितंबर से नवंबर के बीच ला-नीना बनने की संभावना करीब 53 फीसदी है, जबकि साल के अंत तक यह संभावना 58 फीसदी तक जा सकती है। एक बार सक्रिय होने पर यह स्थिति सर्दियों के ज्यादातर समय तक बनी रह सकती है और शुरुआती वसंत तक असर डाल सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार सक्रिय होने वाला ला-नीना अपेक्षाकृत कमजोर रहेगा, जिसका मतलब है कि इसके प्रभाव हर जगह स्पष्ट तौर पर दिखाई न दें, लेकिन यह सर्दियों का एक मजबूत खाका जरूर तैयार करेगा।
ला-नीना एक प्राकृतिक जलवायु प्रणाली है, जिसमें भू-मध्यरेखीय प्रशांत महासागर का सतही जल सामान्य से ठंडा हो जाता है। इसका सीधा असर ऊपरी वायुमंडलीय पैटर्न पर पड़ता है और वैश्विक मौसम प्रभावित होता है। इसके विपरीत, एल-नीनो के दौरान समुद्र का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है। दोनों ही परिस्थितियां उत्तरी गोलार्ध की सर्दियों में सबसे ज्यादा असर डालती हैं। आमतौर पर ला-नीना भारत में सामान्य या उससे ज्यादा मानसून लाता है और इसके चलते कड़ाके की ठंड भी पड़ती है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक ला-नीना के असर पूरी दुनिया में अलग-अलग रूप में दिखाई देते हैं। भारत और एशिया के कई हिस्सों में यह भारी बारिश और कड़ाके की सर्दियां लेकर आता है। अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में यह सूखा पैदा करता है, जबकि अटलांटिक क्षेत्र में तूफानों की तीव्रता बढ़ा देता है। वहीं एल-नीनो भारत में भीषण गर्मी और सूखे की वजह बनता है, जबकि दक्षिणी अमेरिका में अतिरिक्त बारिश का कारण बनता है।
पिछले दशक में 2020 से 2022 तक लगातार तीन साल ला-नीना सक्रिय रहा, जिसे “ट्रिपल डिप ला-नीना” कहा गया। इसके बाद 2023 में एल-नीनो ने दस्तक दी। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से अब एल-नीनो और ला-नीना जैसी घटनाएं पहले से ज्यादा बार और ज्यादा तीव्रता के साथ सामने आ सकती हैं। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए भारत में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ने की पूरी संभावना है और मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को इसके लिए तैयार रहने की सलाह दी है।
पुरी रथ यात्रा के पहिए संसद परिसर में लगाए जाएंगे, लोकसभा अध्यक्ष ने दी सहमति
31 Aug, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुरीः भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की वार्षिक रथ यात्रा के दौरान उपयोग किए जाने वाले तीनों रथों के पवित्र पहिये जल्द ही नई दिल्ली स्थित संसद परिसर में रखे जाएंगे. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के उस प्रस्ताव पर सहमति दे दी है जिसमें पुरी रथ यात्रा के रथों के तीन पहिये (तीनों पवित्र रथों का एक-एक पहिया) संसद परिसर में स्थापित करने का प्रस्ताव दिया था.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद परिसर में रथ के तीन पहिये रखने का श्रीमंदिर प्रशासन का प्रस्ताव लाने के लिए श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक अरविंद पाधी के प्रति आभार व्यक्त किया है. एसजेटीए के मुख्य प्रशासक अरबिंद के पाधी ने यह जानकारी दी. श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है. इससे पहले रथ को ओडिशा विधानसभा भवन और राज्य अतिथि गृह में रखा गया था.
पाधी ने सुझाव दिया कि दिव्य चक्रों को भारत की विरासत में ओडिशा के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक योगदान के स्थायी प्रतीक के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए. जहां तालध्वज (भगवान बलभद्र का रथ) और दर्पदलन (देवी सुभद्रा का रथ) के विखंडन का कार्य पूरा हो चुका है, वहीं नंदीघोष (भगवान जगन्नाथ का रथ) के विखंडन की प्रक्रिया अभी चल रही है. विखंडन के बाद, पहियों को सुरक्षित रखा जाएगा और बाद में स्थापना के लिए दिल्ली ले जाया जाएगा.
मंदिर के सेवकों ने दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर में रथ के तीनों पहिए रखे जाने के फैसले का स्वागत किया है. श्रीमंदिर के देवापति सेवक बिनायक दास महापात्र ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "महाप्रभु के रथ के पहिए संसद भवन परिसर में रखे जाने का फैसला निश्चित रूप से स्वागत योग्य है." अगर महाप्रभु के रथ के पहिये वहां रखे जाएं, तो जगन्नाथ संस्कृति का और अधिक प्रचार-प्रसार होगा.
एक अन्य सेवक अनत दास महापात्र ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि ओडिशा के विभिन्न मठों, मंदिरों और विभिन्न स्थानों पर रथ के पहिए पहले से ही रखे हुए हैं. रथ के पहियों को एक जुलूस के माध्यम से ले जाया गया और सभी रीति-रिवाजों और नियमों का पालन करते हुए रथ के पहियों को वहां रखा गया. हम रथ के पहियों को ठाकुर का अंग मानते हैं. इसलिए, जिस स्थान पर रथ के पहिए रखे जाते हैं, वहां सभी प्रकार की पवित्रता बनाए रखने की परंपरा है.
श्री मंदिर सेवायत गौरहरि प्रधान ने फोन पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "महाप्रभु का रथ चक्र दिल्ली स्थित संसद भवन में स्थापित किया जाएगा. यह एक स्वागत योग्य कदम है. इससे महाप्रभु की संस्कृति का और अधिक प्रसार होगा. वहां सभी को रथ चक्र तक पहुंच मिलेगी. सभी लोग रथ यात्रा के बारे में और अधिक जान सकेंगे. महाप्रभु की संस्कृति का और अधिक प्रसार होना चाहिए. इसलिए, सेवायत इस कदम का स्वागत करते हैं."
चूंकि महाप्रभु स्वयं रथ पर विराजमान होते हैं, इसलिए रथ का पहिया अत्यंत पवित्र माना जाता है. कई भक्त इसे अपने घर में भी रखते हैं. नंदीघोष रथ के 16 पहिये, तालध्वज रथ के 14 पहिये और देवदलन रथ के 12 पहिये बनाए जाते हैं. तीनों रथों के लिए कुल 42 पहिये बनाए जाते हैं. महाराणा विश्वकर्मा रथ के पहिये बनाते हैं. रथ के पहिये की ऊंचाई 7 फीट होती है. सभी 42 पहिये लकड़ी के बने होते हैं.
रथ यात्रा के बाद, श्री मंदिर प्रशासन भक्तों को रथ के पहिये बेचता है. इसके लिए एक निश्चित मूल्य निर्धारित होता है. भक्त श्री मंदिर कार्यालय आकर श्री मंदिर कार्यालय से संपर्क करते हैं और निर्धारित मूल्य पर रथ के अन्य भागों के साथ रथ के पहिये खरीदने की व्यवस्था करते हैं. श्री मंदिर प्रशासन के अनुसार, नंदीघोष रथ के एक पहिये की कीमत 3 लाख रुपये है. इसी तरह, तालध्वज रथ के पहिये की कीमत 2 लाख रुपये और देवी दलन रथ के पहिये की कीमत 1.5 लाख रुपये है.
हालांकि, महाप्रभु ने जिन रथों को विराजमान किया था, वे अत्यंत पवित्र हैं. इसलिए, रथ के अलग होने के बाद, कई भक्त रथ के विभिन्न पुर्जे और लकड़ी लेने में रुचि रखते हैं. परंपरा के अनुसार, हर साल भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के लिए लकड़ी से तीन बिल्कुल नए रथ बनाए जाते हैं. पुराने रथ को रखना परंपरा के विरुद्ध है. श्री जीउ के तीनों रथों के लिए कुल 865 नगों की आवश्यकता होती है. इसलिए हर साल खोरधा, नयागढ़, दसपल्ला, भंजनगर, घुमुसर आदि के जंगलों से लकड़ियां इकट्ठी की जाती हैं. विभिन्न प्रकार की लकड़ियां लाकर तीनों रथ बनाए जाते हैं.
रथ के टुकड़े-टुकड़े होने के बाद बची हुई लकड़ी का उपयोग महाप्रभु के मंदिर में दैनिक प्रसाद बनाने के लिए ईंधन के रूप में किया जाता है. रथ के पुर्जे, घुड़सवार, प्रभा और पहिए भक्तों को बेचे जाते हैं. इसे खरीदने के लिए पहले मंदिर प्रशासन के पास आवेदन करना होता है. स्वीकृति मिलने के बाद, राशि जमा करनी होती है. इसे मंदिर कार्यालय में जमा करना होता है.
फिर रथ सामग्री लेने वाले व्यक्ति के लिए नियम हैं. जहां रथ का पहिया या अन्य सामग्री रखी जाती है, वहां कोई भी अमीश (नव-शाकाहारी) व्यवसाय नहीं होगा. वह रथ के पहिये और अन्य सामग्री की पूजा करेगा. इसे कोई भी ले जा सकता है. इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है. फिर रथ सामग्री लेने वाला व्यक्ति इसकी पवित्रता बनाए रखेगा. इस वर्ष नंदीघोष रथ के पहिये की कीमत 3 लाख रुपये है.
छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच महानदी हल करने के लिए नई दिल्ली में हुई बैठक
31 Aug, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच महानदी के पानी के बंटवारे को लेकर नई दिल्ली में आज एक अहम बैठक हुई। इसमें दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों और जल संसाधन विभाग के सचिवों ने हिस्सा लिया। महानदी देश की एक प्रमुख नदी है, जो छत्तीसगढ़ से निकलती है और ओडिशा से होकर बंगाल की खाड़ी तक जाती है। बैठक में दोनों राज्यों ने माना कि यह समस्या बहुत पुरानी और कठिन है, लेकिन लोगों और दोनों राज्यों के भले के लिए इसका समाधान मिल-बैठकर निकालना ही होगा।
बैठक में यह भी तय हुआ कि सितंबर 2025 से दोनों राज्यों की तकनीकी समितियां हर हफ्ते बैठक करेंगी। इन तकनीकी समितियों में इंजीनियर और विशेषज्ञ शामिल होंगे। साथ ही ये समितियां मुख्य मुद्दों को पहचानेंगी और उनका हल निकालने की कोशिश करेंगी। साथ ही वे यह भी देखेंगी कि कैसे दोनों राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सकता है।
अक्टूबर 2025 में दोनों राज्यों के मुख्य सचिव एक और बैठक करेंगे। इसमें जल संसाधन सचिव भी शामिल होंगे। अगर सब कुछ ठीक रहा तो दिसंबर तक दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री भी मुलाकात कर सकते हैं और आगे की दिशा तय करेंगे।
इन राज्यों में भारी बारिश को लेकर IMD का ऑरेंज अलर्ट, जानें आज के मौसम का हाल
31 Aug, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: मौसम विभाग के अनुसार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते रविवार को जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब में भारी बारिश के आसार हैं. इसके चलते इन इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
इसी के साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण में भी बारिश का अनुमान है. सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भीषण बारिश की उम्मीद है. इसे देखते हुए इन इलाकों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. राजस्थान, हरियाणा, कच्छ में भी बारिश बारिश की संभावना है.
देश के उत्तर-पश्चिम हिस्से में अगले 4-5 दिनों के दौरान विभिन स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा जारी रहने के आसार हैं. रविवार और सोमवार के बीच जम्मू, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा हो सकती है. कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात और तटीय कर्नाटक में अगले 7 दिनों तक भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है.
पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश का हाल
गुजरात, उप-हिमालयी पश्चिमी क्षेत्र, बंगाल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, जम्मू, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान,पंजाब, हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मराठवाड़ा, तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हुई.
मौसम पूर्वानुमान और चेतावनियाँ
उत्तर-पश्चिम भारत
जम्मू- कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अलगे दो तीन दिनों के दौरान सामान्य से भारी बारिश होने की संभावना है. इसी के साथ कुछ जगहों पर गरज और बिजली गिरने की संभावना है.
पश्चिम भारत
गुजरात, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, सौराष्ट्र कच्छ में अलग-अलग स्थानों पर अगले दो से तीन दिनों के दौरान अत्यंत अधिक बारिश होने की संभावना है.
पूर्वी और मध्य भारत
ओडिशा, झारखंड,पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिमी बंगाल, सिक्किम, विदर्भ में कुछ स्थानों अगले दो से तीन दिनों के दौरान भारी वर्षा होने के आसार हैं.
पूर्वोत्तर भारत
देश के पूर्वोत्त राज्यों में शामिल असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में अगले चार से पांच दिनों के दौरान बारिश जारी रहने की संभावना है. इनमें से कई स्थानों पर गरज और बिजली गिरने की संभावना है.
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत
केरल, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और यनम के कुछ हिस्सों में अगले तीन से चार दिनों के दौरान सामान्य से भारी बारिश होने के आसार हैं.
टैरिफ वार के बीच पीएम मोदी और जिनपिंग आज करेंगे बैठक, भारत-चीन संबंधों को सुधारने की कोशिश
31 Aug, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तियानजिन: भारत समेत दुनिया भर की लगभग सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित करने वाले विवादित अमेरिकी टैरिफ के बीच रविवार को चीन होने वाला दो दिवसीय शिखर सम्मेलन और भी महत्वपूर्ण हो गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को चीन पहुँचे जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया. वह सात साल से अधिक के अंतराल के बाद चीन की यात्रा पर गए हैं. प्रधानमंत्री मोदी रविवार को यहां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. यह बैठक उनकी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के तहत होगी.
वार्ता में पीएम मोदी और शी जिनपिंग द्वारा भारत-चीन आर्थिक संबंधों का जायजा लेने तथा पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद के बाद तनाव में आए संबंधों को और सामान्य बनाने के कदमों पर विचार-विमर्श किए जाने की उम्मीद है.
पीएम मोदी ने चीन पहुंचने के तुरंत बाद एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि वह एससीओ शिखर सम्मेलन को लेकर उत्सुक हैं. इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर वैश्विक नेताओं के साथ बातचीत होगी.
पीएम मोदी का उनके होटल में कलाकारों के एक समूह ने भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया. एससीओ शिखर सम्मेलन के इतर पीएम मोदी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और कई अन्य नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर सकते हैं.
भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने तियानजिन में प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया और विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा चीन-भारत संबंधों में नई गति लाएगी. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का चीन में हार्दिक स्वागत है. हमे विश्वास है कि यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में प्रगति लाएगी.'
तियानजिन की अपनी यात्रा से पहले, पीएम मोदी ने कहा कि विश्व आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए भारत और चीन का मिलकर काम करना जरूरी है. पीएम मोदी ने शुक्रवार को प्रकाशित साक्षात्कार में कहा, 'विश्व अर्थव्यवस्था में मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और चीन के लिए विश्व आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है.'
पीएम मोदी की चीन यात्रा चीनी विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा के एक पखवाड़े से भी कम समय बाद हो रही है. विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ वांग की व्यापक वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने दोनों पक्षों के बीच स्थिर, सहयोगात्मक और दूरदर्शी संबंधों के लिए कई उपायों की घोषणा की.
इन उपायों में विवादित सीमा पर शांति बनाए रखना, सीमा व्यापार को फिर से खोलना और जल्द से जल्द सीधी उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू करना शामिल था. पिछले कुछ महीनों में दोनों पक्षों ने अपने संबंधों को फिर से स्थापित करने के लिए कई उपाय किए हैं, जो जून 2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई घातक झड़पों के बाद गंभीर तनाव में आ गए थे.
बता दें कि प्रधानमंत्री पिछली बार जून 2018 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन गए थे. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अक्टूबर 2019 में दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए भारत आए थे.
एससीओ में दस सदस्य हैं. भारत के अलावा रूस, चीन, बेलारूस, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान इसके सदस्य हैं. इसके अलावा, कई संवाद साझेदार और पर्यवेक्षक भी हैं. भारत 2017 से एससीओ का सदस्य है और 2005 से पर्यवेक्षक रहा है.
अमेरिकी टैरिफ पर भारत का जवाब: व्यापार के नए रास्ते तलाशेंगे
30 Aug, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार (29 अगस्त, 2025) को अमेरिकी टैरिफ को लेकर कहा कि भारत, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ के आगे नहीं झुकेगा, बल्कि नए बाजारों की ओर रूख करेगा.
उन्होंने दिल्ली में निर्माण उद्योग से जुड़े एक कार्यक्रम सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत हमेशा से ही मुक्त व्यापार समझौते के लिए तैयार है, लेकिन भारत ना तो झुकेगा और ना ही कभी कमजोर दिखेगा. हम साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे और नए बाजारों पर कब्जा करते रहेंगे.
2024-25 के निर्यात आंकड़ों को भारत करेगा पार
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि इस साल भारत का निर्यात 2024-25 के आंकड़ों को भी पार कर जाएगा. केंद्र सरकार आने वाले दिनों में हर क्षेत्र को समर्थन देने और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई घोषणा करने वाला है.
मंत्री ने कहा, 'हम वाणिज्य मंत्रालय में, अपने दूतावासों के माध्यम से दुनिया के अन्य हिस्सों तक पहुंच रहे हैं, ताकि उन अन्य अवसरों की तलाश की जा सके, जिनका हम लाभ उठा सकते हैं. हम घरेलू खपत को बढ़ावा देने पर भी विचार कर रहे हैं.'
अच्छे व्यापार समझौते के लिए भारत तैयार
उन्होंने कहा, 'आप जल्द ही अगले सप्ताह जीएसटी परिषद की बैठक देखेंगे, ताकि इन बदलावों का प्रभाव आप सभी को बहुत जल्दी महसूस हो सके और इससे पूरे घरेलू विनिर्माण क्षेत्र में मांग को तेजी से बढ़ावा मिल सके.' गोयल ने कहा कि अगर कोई देश भारत के साथ अच्छा व्यापार समझौता करना चाहता है तो हम उसके लिए हमेशा तैयार हैं. गोयल ने कहा, 'देश ने अतीत में कोविड-19 वैश्विक महामारी और परमाणु प्रतिबंधों जैसे संकटों का सफलतापूर्वक सामना किया है.
निर्माण क्षेत्र के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में लगभग 10 लाख मकानों की मांग है. उन्होंने भारतीय व्यवसायों, श्रमिकों और विशेषज्ञों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया और कहा कि ऑस्ट्रेलिया भारत से वित्तीय सहयोग, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता और कार्यबल समर्थन के लिए तैयार है.
रूसी तेल की भारी खरीद को लेकर भारत पर दंडात्मक कार्रवाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में भारत की ओर से रूसी तेल की भारी खरीद के दंडात्मक उपाय के रूप में अमेरिका में आयातित कई भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क लगा दिया. ये शुल्क इसी हफ्ते लागू हुए और ये यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के लिए मास्को पर दबाव बनाने के अमेरिकी प्रयासों का हिस्सा हैं.
भारत की एयरस्ट्राइक से सहमा पाकिस्तान, जवाबी हमले में हुआ बेनकाब
30 Aug, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और गुलाम कश्मीर में स्थित आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर तबाह कर दिया था। इसके बौखलाए पाकिस्तान ने भारत पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागने का दुस्साहस किया, लेकिन जवाबी हमले से कुछ ही दिन में वह घुटने पर आ गया।
अब वायुसेना के उप प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े कुछ नए विवरण साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना में पाकिस्तान पर 50 हथियार भी नहीं दागे और वह सीजफायर के लिए गिड़गिड़ाने लगा। एयर मार्शल ने बात-बात पर गीदड़भभकी देने वाले पाकिस्तान की सारी कलई खोल कर रख दी।
'50 से भी कम हथियार दागे'
कार्यक्रम डिफेंस समिट 2025 में एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी ने कहा कि पाकिस्तान को सीजफायर की मेज पर लाने के लिए 50 से भी कम हथियार दागने पड़े। उन्होंने कहा, 'युद्ध शुरू करना बहुत आसान है। लेकिन उसे खत्म करना आसान नहीं है। यह बात ध्यान में रखनी होती है कि हमारी फोर्स सक्रिय रहे, तैनात रहे और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे।'
बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की तरफ से हुई हिमाकत का भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया। 4 दिनों तक दोनों तरफ से मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए गए। लेकिन इतने ही समय में पाकिस्तान की कमर टूट गई। भारतीय वायुसेना ने 10 मई की सुबह पाक एयरफोर्स के कुछ प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाकर ब्रह्मोस मिसाइलें दागीं।
पाकिस्तान और गुलाम कश्मीर में स्थित जैकोबाबाद, भोलारी और स्कार्दू में कुछ हमलों की पुष्टि हुई। इसके बाद शाम होते-होते पाकिस्तान ने भारत से सीजफायर की गुजारिश की और फिर दोनों देशों के बीच सीजफायर हो गया।
राजनाथ सिंह का कूटनीतिक संदेश, बदलते हालात पर दी बड़ी सीख
30 Aug, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच राजनीति गरमाई हुई है। ट्रंप टैरिफ के बाद भारत में स्वदेशी चीजों और आत्मनिर्भर भारत पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। इसी बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता, केवल स्थायी हित होते है। इसके साथ ही उन्होंने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए भारत के प्रयासों के बारे में बताया।
आईएनएस हिमगिरी और आईएनएस उदयगिरी का जलावतरण
एनडीटीवी डिफेंस समिट 2025 में राजनाथ सिंह का बयान संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ टैरिफ तनाव और भारत-चीन संबंधों में आई नरमी की पृष्ठभूमि में आया है। भारत के रक्षा मंत्री ने स्वदेशीकरण में हुई महत्वपूर्ण प्रगति का भी उल्लेख किया, जिसमें स्थानीय स्तर पर डिजाइन किए गए नीलगिरि श्रेणी के दो स्टील्थ फ्रिगेट, आईएनएस हिमगिरि और आईएनएस उदयगिरि का जलावतरण भी शामिल है।
घरेलू स्तर पर किया रहा सभी युद्धपोतों का निर्माण
राजनाथ सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भरता की दिशा में देश अब सभी युद्धपोतों का निर्माण घरेलू स्तर पर कर रहा है। नौसेना ने किसी अन्य देश से युद्धपोत न खरीदने, बल्कि उन्हें भारत में ही बनाने का संकल्प लिया है कहीं और नहीं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भारत की स्वदेश निर्मित रक्षा प्रणाली सुदर्शन चक्र शीघ्र ही वास्तविकता बन जाएगी।
कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं
राजनाथ सिंह ने भारत की विदेश और रक्षा नीति को तैयार करते हुए कहा कि कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता, केवल स्थायी हित होते हैं। रक्षा मंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारतीय आयात पर लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क का जिक्र करते हुए कहा, वैश्विक स्तर पर, इस समय व्यापार के लिए युद्ध जैसी स्थिति है। उन्होंने कहा कि विकसित देश तेजी से संरक्षणवादी हो रहे हैं, लेकिन साथ ही कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा भारत किसी को अपना दुश्मन नहीं मानता, लेकिन अपने लोगों के हितों से समझौता नहीं करेगा। राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को जापान की दो दिवसीय यात्रा समाप्त करने के बाद एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन पहुंच गए है।
आत्मनिर्भरता एक आवश्यकता
राजनाथ सिंह ने दोहराया कि अस्थिर भू-राजनीति के बीच आत्मनिर्भरता केवल एक लाभ नहीं, बल्कि एक आवश्यकता बन गई है। उन्होंने कहा कि आज की बदलती भू-राजनीति ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि रक्षा के क्षेत्र में बाहरी निर्भरता अब हमारे लिए कोई विकल्प नहीं है। वर्तमान स्थिति में आत्मनिर्भरता हमारी अर्थव्यवस्था और हमारी सुरक्षा, दोनों के लिए आवश्यक है।
सुदर्शन चक्र
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत भविष्य के सभी युद्धपोतों का निर्माण घरेलू स्तर पर करेगा और सुदर्शन चक्र रक्षा प्रणाली का जल्द ही अनावरण किया जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर ने स्वदेशी ताकत का प्रदर्शन किया
ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के सटीक हमलों की सफलता ने स्वदेशी रक्षा प्रणालियों की प्रभावशीलता को उजागर किया।
भारत के रक्षा निर्यात में वृद्धि
राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि भारत का रक्षा निर्यात 2014 में 700 करोड़ रुपये से बढ़कर आज लगभग 24,000 करोड़ रुपये हो गया है जो देश के आयातक से उभरते निर्यातक के रूप में बदलाव को दर्शाता है।
जापान-भारत रिश्तों में गर्मजोशी, मोदी ने दिए खास गिफ्ट्स
30 Aug, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री मोदी भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से दो दिवसीय दौरे पर टोक्यो पहुंचे. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा को खास तोहफा भेंट किया. पीएम मोदी ने जापान के पीएम को चॉपस्टिक के साथ रेमन बाउल गिफ्ट किया है. पीएम मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री की पत्नी को भी उपहार दिया है. पीएम ने उन्हें पश्मीना शॉल दी है.
शिगेरु इशिबा को दिया यह विंटेज कटोरा सेट भारतीय शिल्पकला और जापानी पाक कला परंपरा का एक अनूठा संगम प्रस्तुत करता है. इसमें एक बड़ा भूरे रंग का मूनस्टोन कटोरा शामिल है, जिसे चार छोटे कटोरों और चांदी की चॉपस्टिक्स के साथ सजाया गया है. इस डिजाइन की प्रेरणा जापान के पारंपरिक डोनबुरी और सोबा रीति-रिवाजों से ली गई है. मुख्य कटोरे में प्रयुक्त मूनस्टोन आंध्र प्रदेश से प्राप्त की गई है जो अपनी चमक के साथ प्रेम, संतुलन और सुरक्षा का प्रतीक मानी जाती है. इस कटोरे का आधार राजस्थान के प्रसिद्ध मकराना संगमरमर से बना है जिस पर पारंपरिक पर्चिन कारी शैली में अर्ध-कीमती पत्थर जड़े हुए हैं.
जापान के पीएम की पत्नी के लिए खास पश्मीना शॉल
जापान के प्रधानमंत्री की पत्नी को प्रधानमंत्री ने उपहार में पेपर माचे बॉक्स में पश्मीना शॉल दी है. लद्दाख की चंगथांगी बकरी के बारीक ऊन से तैयार की गई यह पश्मीना शॉल अपनी बेमिसाल गर्मी और हल्केपन के लिए दुनिया भर में मशहूर है. इसे कश्मीरी कारीगरों द्वारा पारंपरिक तरीके से हाथ से बुना गया है. यह शॉल सदियों पुरानी विरासत को जीवित रखे हुए है जिसे कभी शाही परिवारों द्वारा अपनाया जाता था.
इस शॉल में हाथीदांत की भव्यता झलकती है जिस पर जंग लगे, गुलाबी और लाल रंगों के कोमल पुष्प और पैस्ले लगे हैं. यह शॉल एक हस्तनिर्मित डिब्बे में प्रस्तुत की जाती है जो हाथ से रंगे कागज की लुगदी से बनाया गया है. डिब्बे पर सुंदर फूलों और पक्षियों की आकृतियां उकेरी गई हैं जो इसकी खूबसूरती और सांस्कृतिक महत्त्व को और भी बढ़ा देती हैं. यह शॉल और डिब्बा दोनों मिलकर इसके सांस्कृतिक महत्त्व को और भी बढ़ा देते हैं.
भारत-जापान आर्थिक मंच
भारत और जापान के दोनों प्रधानमंत्री आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में भारत-जापान आर्थिक मंच पर एकत्रित हुए. जापान के पीएम इशिबा ने पीएम मोदी का औपचारिक स्वागत किया. जिसके बाद दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत हुई.
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