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वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनने की राह पर भारत
4 Sep, 2025 11:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के लेख पर प्रकाश डाला है, लेख में बताया गया है कि भारत जल्द ही पूरी सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के लिए एक वैश्विक केंद्र बनने की राह पर है। यह प्रगति सेमीकॉन इंडिया समिट 2025 जैसे आयोजनों में भी दिखाई देगी।
इस लेख में बताया गया हैं कि इन्हें स्टील और बिजली जैसे बुनियादी क्षेत्रों का हिस्सा माना जाता है। ये करीब हर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण में छिपे होते हैं, और भविष्य में इनकी मांग लगातार बढ़ेगी। भारत में 65 करोड़ से अधिक स्मार्टफोन उपयोगकर्ता हैं। हमारा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सालाना 12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके अलावा, एआई-आधारित सिस्टम, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक वाहन भी सेमीकंडक्टर की मांग बढ़ा रहे हैं। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत, 10 सेमीकंडक्टर प्लांट्स को मंजूरी दी गई है। इसमें से पहली मेड इन इंडिया चिप इसी साल बाजार में आने की उम्मीद है। साणंद में एक पायलट प्लांट पहले ही शुरू हो चुका है, और अगले एक साल में चार और प्लांट्स उत्पादन शुरू करने वाले है। एप्लाइड मैटेरियल्स, लैम रिसर्च और मर्क जैसी वैश्विक कंपनियां भारत में निवेश कर रही हैं, जिससे एक मजबूत इकोसिस्टम बन रहा है।
भारत में वैश्विक चिप डिजाइन वर्कफोर्स का 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। एक अनुमान के अनुसार, अगले दशक में सेमीकंडक्टर पेशेवरों की कमी होने की आशंका है, जिसे भारत पूरा करने की तैयारी कर रहा है। मोदी सरकार 350 संस्थानों को इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (ईडीए) टूल्स मुफ्त में दे रही है, जिसका उपयोग 60,000 से अधिक छात्र और स्टार्टअप कर रहे हैं।
माइंडग्रोव टेक्नोलॉजीज जैसे स्टार्टअप स्वदेशी प्रोसेसर पर आधारित चिप्स बना रहे हैं। नेत्रसेमी जैसे स्टार्टअप ने रिकॉर्ड 107 करोड़ रुपये की फंडिंग हासिल की है, जो इस क्षेत्र में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी के स्पष्ट दृष्टिकोण, कार्यान्वयन पर ध्यान, पेशेवरों के हाथों में निर्णय लेने की प्रक्रिया, वैश्विक सहयोग और राज्य सरकारों का मजबूत समर्थन इस सफलता के मुख्य कारक हैं।
बस पर गिरी चट्टानें, दो की मौत
4 Sep, 2025 10:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिमला। उपमंडल कुमारसैन के तहत आने वाले नेशनल हाईवे पांच काली मिट्टी के पास बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे चलती बस पर पहाड़ी से भारी भरकम चट्टान आ गिरी। एकाएक पहाड़ी से बस के ऊपर गिरी चट्टान की चपेट में बस में बैठी सवारियां आ गई, जिनमें से दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 सवारियां घायल हो गई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक निजी बस विशाल कोच नंबर एचपी 63ए- 1891 शिमला से रामपुर की ओर आ रही थी। बिथल के समीप काली मिट्टी के पास पहाड़ी से चट्टान बस पर गिर गई और इस हादसे में लक्ष्मी विरानी, पुत्री रामचरण, निवासी जलगांव, महाराष्ट्र और नेपाली मूल की महिला की मौत हो गई, जिसकी अब तक पहचान नहीं हो पाई है। वहीं, हादसे में 15 सवारियों को हल्की चोटें आई हैं, जिन्हें उपचार के लिए रामपुर के महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल पहुंचाया गया है।
नासिक में 6,125 जिलेटिन छड़ें, 2,200 डेटोनेटर, और 150 मीटर डी.एफ. तार जब्त
4 Sep, 2025 09:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । महाराष्ट्र के नासिक जिले के सरुल शिवर गांव में वाडीवरहे थाना पुलिस ने बिना अनुमति रखे गए विस्फोटकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 6,125 जिलेटिन छड़ें, 2,200 डेटोनेटर, और 150 मीटर डी.एफ. तार जब्त किए। इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि सरुल शिवर में खनन के लिए विस्फोटक सप्लाई करने वाली एक कंपनी से जुड़े लोग अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री जमा कर रहे हैं। छापेमारी में 49 डिब्बों में अमोनियम नाइट्रेट युक्त 6,125 जिलेटिन छड़ें और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। ये विस्फोटक खनन साइट के ऑफिस और आरोपियों के घरों के पीछे टिनशेड में लापरवाही से रखे गए थे, जिसके लिए कोई अनुमति नहीं थी।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास विस्फोटकों के भंडारण और उपयोग का कोई लिखित ब्योरा नहीं था, जो सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यह छापेमारी की गई, जिसके बाद वाडीवरहे पुलिस स्टेशन में सात आरोपियों के खिलाफ भारतीय विस्फोटक अधिनियम के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया।
जांच में पता चला कि ये विस्फोटक स्थानीय खदानों में खनन के लिए उपयोग किए जाते थे, लेकिन इन्हें बिना उचित अनुमति और सुरक्षा मानकों के रखा गया था। पुलिस ने जब्त सामग्री को सुरक्षित कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
17 साल से जेल में बंद अंडरवर्ल्ड डान अरुण गवली हुआ रिहा
4 Sep, 2025 08:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। अंडरवर्ल्ड डान और राजनेता अरुण गवली उर्फ डैडी को 17 साल से अधिक जेल में बिताने के बाद बुधवार को नागपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने 2007 के एक हत्या के मामले में गवली को जमानत दे दी। वह मुंबई शिवसेना नगरसेवक कमलाकर जामसांडेकर की हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। मुंबई के गैंगस्टर से विधायक बने अरुण गवली के जीवन का यह सबसे बड़ा मोड़ है। गवली के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा लगाए गए नियमों और शर्तों के अधीन अरुण गवली को जमानत दे दी। गवली ने 9 दिसंबर, 2019 के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, जिसने निचली अदालत द्वारा उसे दी गई आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा था। अरुण गवली 2004 से 2009 तक मुंबई के चिंचपोकली विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रहे। अगस्त 2012 में मुंबई सत्र न्यायालय ने उन्हें एक मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 17 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
- अरुण गवली का डान से नेता तक का सफर
अरुण गवली का जन्म 17 जुलाई 1955 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के कोपरगांव में हुआ था। उनका जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता गुलाबराव ने बाद में मुंबई में सिंप्लेक्स मिल में मजदूर के रूप में काम किया। उनकी मां लक्ष्मीबाई एक गृहिणी थीं। आर्थिक तंगी के कारण गवली ने 10वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी और कम उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया। 1980 और 1990 के दशक में मुंबई में अंडरवर्ल्ड का बड़ा आतंक था। इसी दौरान अरुण गवली गैंगस्टर बन गया 1980 के दशक में गवली ने दाऊद इब्राहिम के साथ काम किया, लेकिन 1988 में रामा नाइक की हत्या के बाद दोनों दुश्मन बन गए। गवली ने स्थानीय मराठी समुदाय में लोकप्रियता हासिल की। 1990 के दशक में, मुंबई पुलिस के बढ़ते दबाव और गैंगवार से बचने के लिए अरुण गवली ने राजनीति में प्रवेश किया। अरुण गवली ने अखिल भारतीय सेना नामक एक पार्टी की स्थापना की। 2004 में, उन्होंने चिंचपोकली से विधानसभा चुनाव जीता और विधायक बने। अरुण गवली मुंबई का एक पूर्व गैंगस्टर और राजनेता है। वह राजनीतिक दल अखिल भारतीय सेना के संस्थापक हैं और 2004 से 2009 तक चिंचपोकली विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। उन्होंने भायखला के दगड़ी चॉल क्षेत्र से प्रसिद्धि प्राप्त की। अरुण गवली को 2007 में शिवसेना नगरसेवक कमलाकर जामसांडेकर की हत्या के मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत दोषी ठहराया गया था। अगस्त 2012 में सत्र न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास और 17 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। आख़िरकार अरुण गवली को 17 साल से ज़्यादा जेल में रहने के बाद बुधवार दिनांक 3 सितंबर को नागपुर सेंट्रल जेल से रिहा किया गया।
दिल्ली-कोलकाता फ्लाइट में नशे में वकील ने मचाई अफरा-तफरी
3 Sep, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंडिगो ने दर्ज की औपचारिक शिकायत और जताई शून्य-सहिष्णुता नीति का पालन
नई दिल्ली। 1 सितंबर 2025 को दिल्ली से कोलकाता जा रही इंडिगो फ्लाइट 6E 6571 में हंगामा मच गया, जब एक वकील कथित तौर पर नशे में होकर ‘हर हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने लगा। इस घटना से फ्लाइट में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सीट 31D पर बैठे वकील ने किया उत्पात
सूत्रों के अनुसार, फ्लाइट दिल्ली हवाई अड्डे के पार्किंग बे में 30 मिनट से अधिक समय तक खड़ी थी। इसी दौरान वकील ने न केवल धार्मिक नारे लगाए, बल्कि केबिन क्रू के साथ दुर्व्यवहार किया और अन्य यात्रियों को परेशान किया।
शराब की बोतल और विवाद
इंडिगो एयरलाइन ने बताया कि वकील ने एक सॉफ्ट ड्रिंक की बोतल में शराब छिपाकर फ्लाइट में लाया था। जब महिला क्रू मेंबर ने इसकी जांच की, तो उसने कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। नशे में होने के कारण उसने सह-यात्रियों को भी धार्मिक नारे लगाने के लिए उकसाया।
तीन घंटे से अधिक विलंब से पहले ही फ्लाइट में यात्रियों में बेचैनी थी, और इस घटना ने स्थिति और खराब कर दी। इंडिगो ने बयान में कहा कि यात्री ने क्रू के साथ दुर्व्यवहार किया और अन्य यात्रियों को परेशान किया।
सुरक्षा कार्रवाई और शिकायत
कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फ्लाइट उतरने के बाद वकील को सुरक्षा कर्मियों के हवाले कर दिया गया। इंडिगो ने उसके खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज की और कहा कि एयरलाइन शून्य-सहिष्णुता नीति का पालन करते हुए सभी यात्रियों और क्रू के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करेगी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
वकील का दावा
वकील ने इंडिगो के आरोपों का खंडन करते हुए जवाबी शिकायत दर्ज की। उसने कहा कि उसने फ्लाइट में शराब नहीं पी, बल्कि दिल्ली हवाई अड्डे पर एक बीयर खरीदी थी, जिसकी रसीद उसके पास है। उसने दावा किया कि ‘हर हर महादेव’ का नारा उसने केवल अभिवादन के तौर पर लगाया था, किसी को उकसाने के लिए नहीं। साथ ही उसने क्रू पर उत्पीड़न और बुनियादी सेवाओं से वंचित करने का आरोप भी लगाया।
12% और 28% स्लैब खत्म करने की तैयारी, अब रहेंगे सिर्फ 3 GST स्लैब
3 Sep, 2025 08:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली में आज जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक हो रही है। बैठक में टैक्स स्लैब को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद रोजाना इस्तेमाल होने वाली कई चीजों पर से जीएसटी पूरी तरह हटा दिया जाएगा। पीएम मोदी ने 15 अगस्त को अपने संबोधन में जीएसटी स्लैब में बदलाव का संकेत दिया था। अब इस मीटिंग में उस पर मुहर लग सकती है।
किन चीजों पर लगेगा 0% टैक्स?
सूत्रों के मुताबिक जीएसटी काउंसिल आम जनता की जेब हल्की करने के लिए 47 रोजमर्रा की वस्तुओं को 0% टैक्स स्लैब में लाने पर विचार कर रही है। इस सूची में शामिल हैं:
दूध
बिना पैकेट वाली पनीर
पिज्जा ब्रेड
खाखरा
रोटी और पराठा
पेंसिल और बॉक्स जैसे शैक्षणिक सामान
👉 फिलहाल इन पर 5% से 18% तक जीएसटी लग रहा था, लेकिन अब पूरी तरह टैक्स फ्री किए जाने की संभावना है। इससे छात्रों और आम उपभोक्ताओं दोनों को राहत मिलेगी।
जीएसटी स्लैब में बड़े बदलाव
बैठक में स्लैब स्ट्रक्चर में भी बड़ा सुधार किया जा सकता है।
28% और 12% स्लैब खत्म किए जाएंगे।
28% स्लैब की 90% चीजें 18% में लाई जाएंगी।
12% स्लैब की 99% चीजें 5% में शिफ्ट होंगी।
अब केवल 5% और 18% के दो प्रमुख स्लैब रह जाएंगे।
तीसरा 40% का स्लैब सिर्फ लग्जरी सामान पर लागू होगा।
आम जनता को फायदा
इस फैसले से खाने-पीने और रोजमर्रा की ज्यादातर चीजें सस्ती हो जाएंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम महंगाई से जूझ रहे आम उपभोक्ताओं को सीधी राहत देगा।
हाईकोर्ट बोला– गवाह डरे हुए हैं, सुरक्षा सुनिश्चित करें
3 Sep, 2025 07:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने अहम निर्देश दिए हैं। अब 17 लोगों के कॉल रिकॉर्डिंग की जांच कराई जाएगी। इन लोगों में डॉक्टर, अनुसंधान अधिकारी जैसे लोग शामिल हैं। जानिए क्या है पूरा मामला
पश्चिम बंगाल के पूर्व मिदनापुर के खेजुरी में जलसा देखने गए दो भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत के मामला गहराता जा रहा है। इस घटना में दो बार अलग-अलग पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने कड़ा रुख अपनाया और कड़े सवाल खड़े किए। कोर्ट ने कहा, दो पोस्टमार्टम रिपोर्ट अलग-अलग आई हैं। अगर ऐसा ही हुआ तो लोगों का विश्वास पूरे सिस्टम से उठ जाएगा। न्यायमूर्ति देबांशु बसाक और न्यायमूर्ति सब्बर रसिदी की खंडपीठ ने मामले में कुल 17 लोगों के कॉल रिकॉर्ड की जांच करने का निर्देश दिया। अदालत ने साफ किया कि सीबीआई जांच होनी चाहिए या नहीं, इसका फैसला मुख्य याचिका की सुनवाई के दौरान होगा। दरअसल, 12 जुलाई को जलसा देखने गए भाजपा कार्यकर्ता सुजीत दास और सुजीत पाइक की मौत हो गई थी। मिदनापुर मेडिकल कॉलेज की पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुलिस ने दावा किया था कि दोनों की मौत बिजली का झटका लगने से हुई। इसके बाद मृतकों के परिवार ने इसे हत्या बताया और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
दोबारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशान
इसके बाद अदालत के आदेश पर एसएसकेएम अस्पताल में दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया, जहां शव पर चोट के निशान पाए गए। इसी आधार पर बुधवार को अदालत ने कड़े सवाल उठाए। न्यायमूर्ति बसाक ने टिप्पणी की, दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्याचार के निशान कैसे मिले। इतने बड़े मेले में इतनी गंभीर घटना हो गई, फिर भी किसी प्रत्यक्षदर्शी का बयान क्यों नहीं है। यह साफ है कि गवाह डरे हुए हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने आगे कहा, यह कहना मुश्किल है कि बिजली के खंभे से गिरने से मौत हुई, क्योंकि शरीर पर अन्य चोटें भी थीं, जो दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई हैं।
जिनके नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ जांच शुरू होनी चाहिए
न्यायमूर्ति बसाक ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा, दो पोस्टमार्टम रिपोर्ट अलग-अलग आई हैं। अगर ऐसा ही हुआ तो लोगों का विश्वास पूरे सिस्टम से उठ जाएगा। कोर्ट ने निर्देश दिया कि डॉक्टर, जांच अधिकारी (आईओ), थाना प्रभारी (ओसी) समेत 17 लोगों के मोबाइल फोन की कॉल रिकॉर्डिंग की जांच की जाए। साथ ही, जिन 17 लोगों के नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ कम से कम जांच शुरू की जानी चाहिए।
असम में सीमेंट कंपनी को 3 हजार बीघा जमीन आवंटित की, जज भी हैरान
3 Sep, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुवाहाटी। गौहाटी हाई कोर्ट ने असम के आदिवासी बहुल दीमा हसाओ जिले में एक निजी सीमेंट कंपनी को 3,000 बीघा जमीन आवंटित किए जाने पर नाराजगी जताते हुए पूछा कि एक निजी कंपनी 3,000 बीघा जमीन कैसे खरीद सकती है। हाईकोर्ट ने छठी अनुसूची के तहत आने वाले इस क्षेत्र के 22 निवासियों की एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि एक निजी कंपनी द्वारा इतने बड़े भू-भाग की खरीद से ‘परेशान और स्तब्ध’ हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने पूछा था कि क्या इस परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी ली गई है। जस्टिस संजय कुमार मेधी और राज्य के महाधिवक्ता देबोजीत सैकिया के बीच इस पर लंबी बहस हुई कि क्या छठी अनुसूची क्षेत्र के उमरंगसो में कारखाना स्थापित करने के लिए महाबल सीमेंट को इतनी ज्यादा जमीन दी जानी चाहिए। सुनवाई का हाईकोर्ट के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर सीधा प्रसारण किया गया।
सुनवाई के दौरान जस्टिस मेधी ने कहा कि अदालत 3,000 बीघा जमीन के आवंटन से परेशान है। हम सिर्फ यह रिकॉर्ड देखना चाहते हैं कि नीति कैसे बनाई गई। इस दौरान असम के महाधिवक्ता सैकिया ने कोर्ट को बताया कि एक सीमेंट कंपनी ने 2 लाख रुपए प्रति बीघा की दर से जमीन खरीदी है। महाधिवक्ता के बार-बार अनुरोध के बाद कोर्ट ने सरकार से अपना हलफनामा दाखिल करने को कहा।
सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय कुमार मेधी 3,000 बीघा की बात सुनकर हैरान रह गए। पूरा जिला? क्या हो रहा है? एक निजी कंपनी को 3,000 बीघा जमीन दी जा रही है। इस दौरान एनसी हिल्स स्वायत्त परिषद के वकील, जिनके पास भूमि का अधिकार क्षेत्र है, उन्होंने दीमा हसाओ में एक सीमेंट कंपनी को 3,000 बीघा भूमि के आवंटन से संबंधित कुछ कागजात प्रस्तुत किए हैं, लेकिन कोर्ट ने उन्हें पूरी फाइल पेश करने का निर्देश दिया है, जिसमें छठी अनुसूची क्षेत्र में भूमि के बड़े हिस्से को निजी फर्म को आवंटित करने का फैसला शामिल है।
रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस मेधी ने कहा कि एनसीएचएसी के वकील ने कुछ कागजात पेश किए। पिछले आदेश का उद्देश्य कुछ कागजात देखना नहीं था, बल्कि उस फाइल को देखना था जिसमें जमीन के बड़े हिस्से को आवंटित करने का फैसला शामिल है। उन्होंने एनसीएचएसी को अगली सुनवाई में फाइल पेश करने का निर्देश दिया। महाधिवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी और उसने रिपोर्ट सौंप दी है।
साढ़े 3 एकड़ का पंडित नेहरु का बंगला 1100 करोड़ में बिका
3 Sep, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली,।राजधानी के बेहद वीवीआईपी इलाके लुटियंस बंगलो ज़ोन में स्थित एक बंगला इन दिनों खूब सुर्खियों में है। यह बंगला देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का पहला आधिकारिक आवास था। लुटियंस दिल्ली के 17 मोतीलाल नेहरू मार्ग (पहले यॉर्क रोड) पर स्थित यह बंगला इस 14,973 वर्ग मीटर (करीब 3.7 एकड़) में फैला है। इस बंगले को अब बेच दिया गया है। यह सौदा देश की अब तक की सबसे महंगी प्रॉपर्टी डील बताई जा रही है। सूत्रों के हवाले से बताया, इस बंगले के मालिकों ने 1,400 करोड़ रुपये मांगे थे। हालांकि भारतीय पेय उद्योग से जुड़े एक बड़े कारोबारी ने लगभग 1,100 करोड़ रुपये में डील को फाइनल कर दिया है। बता दें कि यह संपत्ति लुटियंस बंगलो ज़ोन में स्थित है, जिसे ब्रिटिश आर्किटेक्ट एडविन लुटियंस ने 1912 से 1930 के बीच डिजाइन किया था। करीब 28 वर्ग किलोमीटर में फैले इस क्षेत्र में लगभग 3,000 बंगले हैं, जिनमें ज्यादातर मंत्री, जज और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी रहते हैं। यहां लगभग 600 निजी संपत्तियां भी हैं, जो भारत के सबसे अमीर लोगों की झोली में हैं। इस डील के पूरा होने के बाद 17 मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित यह बंगला देश की सबसे महंगी आवासीय प्रॉपर्टी बिक्री का नया रिकॉर्ड कायम करेगा।
कौन हैं इस बंगले के मालिक?
राजकुमारी कक्कड़ और बीना रानी इस बंगले की मौजूदा मालिक है। ये दोनों राजस्थान के एक शाही परिवार से ताल्लुक रखते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कानूनी प्रक्रिया के अंतिम चरण के तहत एक नामी लॉ फर्म ने सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है, ‘हमारे क्लाइंट इस संपत्ति (प्लॉट नंबर 5, ब्लॉक नंबर 14, 17, मोतीलाल नेहरू मार्ग) को खरीदने के इच्छुक हैं। इस संपत्ति के मौजूदा मालिक राजकुमारी कक्कड़ और बीना रानी हैं। अगर किसी अन्य व्यक्ति का इस संपत्ति पर कोई हक या दावा है तो वह सात दिनों के भीतर दस्तावेज़ी सबूत के साथ हमें सूचित करें। वरना यह माना जाएगा कि इस संपत्ति पर किसी का कोई विरोधी दावा नहीं है।’
लोहा पुल से ट्रेनों की आवाजाही भी बंद, 206.86 मीटर पहुंचा यमुना का जलस्तर
3 Sep, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली में बुधवार सुबह 7 बजे तक यमुना का जलस्तर 206.86 मीटर पहुंच गया है। खादर में पानी का फैलाव होने लगा है। पुराना उस्मानपुर गांव और गढ़ी मांडू गांव के करीब तक पानी आ गया है। सुरक्षा के मद्देनजर यमुना के लोहा पुल से ट्रेनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। इससे पहले, मंगलवार शाम को यमुना का जलस्तर 206 मीटर के पार पहुंचने पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। वहीं, आज सुबह 6.30 बजे से ट्रेन परिचालन भी बंद कर दिया गया। आज रात से यमुना का जलस्तर कम होने के आसार हैं।
पुलिस ने वाहन चालकों को हिदायत दी है कि गांधी नगर से पुरानी दिल्ली जाने वाले वाहन चालक गीता कॉलोनी फ्लाईओवर से होते हुए जाएं। यमुना बाजार के पुराना हनुमान मंदिर से यमुनापार की तरफ जाने वाले वाहन चालक कश्मीरी गेट होते हुए शाहदरा जीटी रोड से होते हुए जाएं। गांधी नगर की साइड लोहा पुल के पास डीडीए की जमीन अवैध गोशाला बनी हुई है। गोशाला में पानी भरने की वजह से सभी गायों को वहां से निकाला गया है। प्रशासन का कहना है कि इतनी गायों को सड़कों पर छोड़ नहीं सकते हैं। इसलिए पुल के अंदर उन गायों को छोड़ दिया गया है। वहीं पर उन्हें गोशाला के लोग चारा दे देंगे। यमुना का जलस्तर 206 मीटर से अधिक पहुंचने पर मंगलवार दोपहर शाहदरा जिला प्रशासन ने पुराना लोहा पुल वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड लगाकर पुल को बंद किया है।इसके साथ ही यहां पुलिस व अर्धसैनिक बल के जवान तैनात कर दिए गए हैं। पुल के बंद होने से शास्त्री पार्क पुश्ता रोड व गांधी नगर रोड पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। पुल के अंदर गोशाला की 400 गायों को छोड़ दिया गया है। पुलिस ने पुल बंद करने से पहले वाहन चालकों के लिए एडवाइजरी जारी की थी। दोपहर 3:45 बजे पुलिस ने पुल को बंद किया।
एयर इंडिया विमान से फिर आया मेडे कॉल, टेकऑफ के बाद मची अफरा-तफरी, सुरक्षित लौटा
3 Sep, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इंदौर के लिए उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एयर इंडिया के विमान में तकनीकी खामी आ गई। पायलट ने तुरंत मेडे कॉल देकर आपात स्थिति घोषित की, जिससे हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि विमान को सुरक्षित दिल्ली एयरपोर्ट पर वापस उतार लिया गया।
जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या एआई-2913 ने रविवार को दिल्ली से इंदौर के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान के थोड़ी देर बाद ही कॉकपिट को दाहिने इंजन (इंजन संख्या-2) में आग लगने का अलर्ट मिला। इसके बाद पायलट ने तुरंत एटीसी से संपर्क किया और मेडे कॉल भेजा। एटीसी ने फौरन फुल इमरजेंसी घोषित करते हुए दमकल और राहतकर्मियों को अलर्ट पर रखा। करीब आधे घंटे हवा में रहने के बाद विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतार लिया गया। सभी यात्रियों समेत क्रू मेंबर सुरक्षित रहे और इसी के साथ यात्रियों को इंदौर भेजने के लिए एयर इंडिया ने वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की।
इस घटना की जांच डीजीसीए और डीआरडीओ करेंगे। इंजन में आग लगने की वजहों का पता लगाने के लिए विमान को एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया है। गौरतलब है कि इसी साल 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरने वाला एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर टेकऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गया था। उस दर्दनाक हादसे में 242 में से 241 यात्रियों की मौत हो गई थी।
लिपस्टिक, काजल, ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव्स, कंडोम, लाइटर, सिगरेट, वेप्स शराब...स्कूल में सरप्राइज बैग चेक में आया सामने
3 Sep, 2025 11:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बीते दिनों एक हायर सेकेंडरी स्कूल के एक छात्र की चाकू मारकर की गई हत्या ने शहर के स्कूलों को अपने कैंपस की सुरक्षा पर फिर से विचार करने पर मजबूर किया है। इसका एक तत्काल परिणाम यह हुआ है कि कई संस्थानों में सरप्राइज बैग चेक फिर से शुरु किए हैं, जो चुपचाप लेकिन सख्ती से हो रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, टीचर और मैनेजमेंट बैग के अंदर जो चीजें पा रहे हैं, वे चौंकाने वाली हैं। इस बड़े सीबीएसई स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा, “यह आश्चर्यजनक और चिंताजनक है। यह दिखाता है कि छात्रों का जीवन क्लासवर्क से कितना आगे निकल आया है। अपेक्षित किताबों और टिफिन के अलावा, मोबाइल, टैबलेट, लाइटर, सिगरेट, वेप्स (इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट) और एक दुर्लभ मामले में पानी की बोतल में शराब बरामद हुई है।
इतनी ही नहीं एक अन्य स्कूल प्रिंसिपल ने कहा, “हमें व्हाइटनर, लिपस्टिक, काजल, नेल फाइलर, डियोडरेंट, ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव्स, कंडोम और इतना ही नहीं स्पेयर कपड़े और जूते भी मिले। कई स्कूल मैनेजमेंट टीमों को ब्लेड, पेपर कटर और यहां तक कि चेन भी मिली।
वहीं, सेवेंथ-डे स्कूल की घटना के बाद, एक स्कूल ने कैंची और राउंडर्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध किया है। एक शिक्षक ने साझा किया, “जब तक माता-पिता को स्कूल से इन वस्तुओं को भेजने के लिए लिखित सूचना नहीं मिलती, उन्हें इन्हें नहीं भेजना चाहिए। स्कूल मैनेजमेंट ने प्लेइंग कार्ड्स, रोमांटिक या पोर्नोग्राफिक उपन्यास, महंगे पेन, चमकदार ज्वेलरी, जर्नल और सामान्य 100-200 रुपये की सीमा से अधिक नकदी भी जब्त की।
एक स्कूल प्रिंसिपल ने बताया कि “माता-पिता को जब्त वस्तुओं के बारे में तुरंत सूचित किया जाता है, उन्हें पैरेंट-टीचर मीटिंग्स के दौरान चीजें सौंपी जाती हैं। लेकिन, कुछ माता-पिता गोपनीय रूप से बताते हैं कि उनके बच्चे उनकी बात नहीं मानते। एक शिक्षक ने जोड़ा “कुछ माता-पिता ‘एडल्ट बुक्स’ मिलने पर भी सहज होते हैं और उन्हें बड़े होने का हिस्सा मानते हैं।
कुछ मामलों में, माता-पिता छात्रों को स्कूल के बाद ट्यूशन जाते समय संपर्क में बने रहने के लिए मोबाइल को रखना सही मानते है। ड्रग्स या तेज हथियारों से जुड़े मामलों में, स्कूल मामले को जिला शिक्षा कार्यालय (डीईओ) या पुलिस को सौंप देता है।
बैग में मिली इम्पोर्टेड एनर्जी ड्रिंक
शायद सबसे ध्यान आकर्षित करने वाली चीज 1,500 रुपये का इम्पोर्टेड एनर्जी ड्रिंक है। एक प्रमुख स्कूल के मैनेजमेंट ने स्वीकार किया, “इम्पोर्टेड एनर्जी ड्रिंक अब बार्टर सिस्टम का हिस्सा है। छात्र इस एनर्जी ड्रिंक को पानी की बोतलों में छिपाकर लाते हैं और सिप्स के बदले में एहसान लेते हैं, जैसे होमवर्क करना, प्रोजेक्ट पूरा करना और यहां तक कि क्लास में सीट सुरक्षित करना।
वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. प्रशांत भिमानी ने बताया, “पीयर प्रेशर की बड़ी भूमिका है। अगर एक छात्र कुछ लाता है, तब अन्य अक्सर उसका अनुसरण करते हैं। पॉपुलर कल्चर, खासकर के-पॉप और वेब सीरीज, व्यवहार को प्रभावित करती है, जो किशोरों के लिए स्क्रीन पर देखी गई एडल्ट आदतों को सामान्य बनाती है।
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों में भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में 4 लोगों की मौत
3 Sep, 2025 10:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिमला। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में मॉनसून के कारण भारी बारिश हुई है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारी बारिश के कारण बीते 24 घंटों में भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में 4 लोगों की मौत हुई है, जबकि पिछले 48 घंटों में कुल 6 लोगों की जान गई है। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है, इसकारण शिमला, सोलन, मंडी, चंबा, सिरमौर, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और ऊना सहित कई जिलों में स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रहने वाले है। शिक्षकों को भी ऑनलाइन कक्षाएं लेने का निर्देश दिया गया है। बारिश और भूस्खलन के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। 4 राष्ट्रीय राजमार्ग और 1277 सड़कें बंद हैं। सबसे ज़्यादा सड़कें शिमला (267), मंडी (256) और चंबा (239) में बंद हैं। कालका-शिमला हेरिटेज रेलवे ट्रैक पर मलबा गिरने से 2 से 5 सितंबर तक सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। कुल्लू जिले में 133 केवी लाइन पर भूस्खलन के खतरे के कारण ब्लैकआउट की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की चेतावनी पर ध्यान दें। लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन से सड़क मार्ग बाधित होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला चंबा में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मंगलवार सुबह तक चंबा-पठानकोट रोड कई स्थानों पर अवरुद्ध है। चंबा मुख्यालय और सदर चंबा में लगातार बारिश हो रही है और यहां चंबा-पठानकोट मार्ग कई जगहों पर बंद है। चुवाड़ी क्षेत्र में लाहड़ू-चुवाड़ी रोड कलीघर में, लाहड़ू-सिहुंटा रोड नर्गड़ा में और लाहड़ू-नूरपुर रोड टिक्कर में बंद पड़ी है। खैरी और किहार में मौसम बादलों से घिरा है लेकिन यातायात सुचारू है। वहीं टिस्सा से भंजराड़ू होते हुए चंबा तक सिर्फ हल्के वाहनों (एलएमवी) की आवाजाही हो पा रही है। भरमौर में कई स्थानों पर सड़कें बंद हैं।
कई राज्यों में भीषण बारिश को लेकर रेड अलर्ट, फ्लैश फ्लड का खतरा, जानें आज के मौसम का हाल
3 Sep, 2025 09:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 घंटों के दौरान जम्मू- कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तरी पंजाब, उत्तरी हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तर-पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में सामान्य से भीषण बारिश होने का पूर्वानुमान है. साथ ही जम्मू- कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल में फ्लैश फ्लड को लेकर चेतावनी जारी की है.
आईएमडी के अनुसार अगले 2 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत में भारी से बहुत भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है. साथ ही देश के पूर्वोत्तर राज्यों और कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र में अगले दो से तीन दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश के आसार हैं. वहीं 4से 6 सितंबर के दौरान गुजरात के कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है.
फ्लैश फ्लड की चेतावनी
आईएमडी ने फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है. आज उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में फ्लैश फ्लड की आशंका है.
उत्तराखंड के जोखिम वाले ये जिले में शामिल हैं
अल्मोड़ा, बागेश्वर,चमोली,देहरादून,पौड़ी,पिथौरागढ़,रुद्रप्रयाग,टिहरी,उत्तरकाशी
जम्मू-कश्मीर के जोखिम क्षेत्र
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अनंतनाग, डोडा, कठुआ, किस्तवार, कुलगाम, पंच, रामबन, रियासी, उधमपुर
हिमाचल प्रदेश के खतरे वाले क्षेत्र
चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहुल-स्पीति, मंडी, शिमला, सिरमौर
मौसम विभाग ने सुरक्षा के लिए नालियों, पुलियों और गिरी हुई बिजली लाइनों से बचने की सलाह दी है. नदी के निकट बाढ़ संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने के लिए आगाह किया है.
पिछले 24 घंटों का मौसम का हाल
पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा हुई. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, विदर्भ, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल में अलग-अलग स्थानों पर भी भारी बारिश हुई.
इसी के साथ जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, मणिपुर, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई है.
मौसम पूर्वानुमान और चेतावनियां
उत्तर-पश्चिम भारत
पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तराखंड, पूर्वी और पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर अगले दो से तीन दिनों के दौरान सामान्य से भारी बारिश होने के आसार हैं.
पश्चिम भारत
गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में अगले दो से तीन दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है. इस दौरान इस क्षेत्र में कुछ स्थानों पर गरज और बिजली के साथ हल्की बारिश होने की भी संभावना है.
पूर्वी और मध्य भारत
ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, झारखंड, सिक्किम, पश्चिमी गंगा क्षेत्र, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर अगले दो से तीन दिनों के दौरान अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है. इस दौरान इस क्षेत्र में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा, गरज, बिजली गिरने की भी संभावना है.
पूर्वोत्तर भारत
देश पूर्वोत्तर हिस्से में फिलहाल बारिश जारी रहेगी. यहां के असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों के दौरान सामान्य से भारी बारिश होने के आसार हैं. इस दौरान कई स्थानों पर गरज और बिजली के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना है.
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत
तेलंगाना, केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तटीय कर्नाटक में अगले दो से तीन दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है. इस दौरान इस क्षेत्र में कुछ स्थानों पर गरज, बिजली के साथ हल्की बारिश होने की संभावना.
177 रेल पुल और करीब 5 सुरंगों से होकर गुजरी....तानाशाह किम जोंग उन की हरी बुलेटप्रूफ ट्रेन
3 Sep, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन फिर अपनी प्रसिद्ध हरी बुलेटप्रूफ़ ट्रेन में सवार होकर चीन पहुंचे हैं। वह यहां बीजिंग में सैन्य परेड में शामिल होने पहुंचे है। यह परेड दूसरा विश्व युद्ध समाप्त होने की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर हो रही है, जिसमें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हो रहे है।
किम जोंग-उन इसके पहले 2023 में ट्रेन पर सवार होकर पुतिन से मिलने मॉस्को गए थे। यह वहीं प्रसिद्ध हरी ट्रेन है जिसका इस्तेमाल उनके पिता किम जोंग इल और दादा किम इल-सुंग भी विदेशी दौरों के लिए करते थे। प्योंगयांग से बीजिंग तक का यह सफर सिर्फ राजनीतिक महत्व का नहीं, बल्कि भौगोलिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी बेहद दिलचस्प है।
किम जोंग उन की ट्रेन में 20 से अधिक डिब्बे हैं। यह दुनिया की सबसे धीमी ट्रेनों में एक है, जो उत्तर कोरिया की पटरियों पर महज 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है,वहीं चीन पहुंचकर उसकी रफ्तार बढ़कर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार होती है। इस ट्रेन को प्योंगयांग से बीजिंग तक पहुंचने में 20 घंटे तक का वक्त लग जाता है। उनकी की बीजिंग यात्रा की शुरुआत प्योंगयांग रेलवे स्टेशन से हुई। यह ट्रेन पहले उत्तर कोरिया की प्योंगुई लाइन पर चलती है, जो राजधानी को उत्तर-पश्चिमी सीमा शहर सिनुइजु से जोड़ती है। यही वह बिंदु है, जहां उत्तर कोरिया और चीन की सीमाएं मिलती हैं। सिनुइजु से यह ट्रेन यालू नदी को पार करती है। इस नदी पर बना चीन-उत्तर कोरिया मैत्री पुल दोनों देशों को जोड़ता है। जैसे ही ट्रेन इस पुल को पार करती है, वह चीन के शहर डांडोंग में प्रवेश कर जाती है।
सीमा पार करने के बाद ट्रेन चीन के लियाओनिंग से गुजरती है। यह इलाका पहाड़ियों, नदी घाटियों और औद्योगिक शहरों से भरा हुआ है। डांडोंग से आगे ट्रेन शेनयांग जैसे बड़े शहरों से होकर निकलती है और फिर धीरे-धीरे उत्तर-पूर्वी चीन की मांचुरिया की पहाड़ी भूमि और औद्योगिक इलाकों को पार करती हुई बीजिंग की ओर बढ़ती है। इस रास्ते में 177 रेल पुल और करीब 5 सुरंगे पड़ती हैं। इसी रेल रूट पर उत्तर कोरिया का सबसे लंबा रेल ब्रिज भी है, जिसकी लंबाई 1200 मीटर से भी अधिक है।
चलता-फिरता किला है यह ट्रेन
किम जोंग उन की यह ट्रेन सामान्य नहीं है। यह एक तरह से चलता-फिरता किला है। गहरे हरे रंग की ट्रेन को बुलेटप्रूफ़ कवच से ढका गया है और इसमें आधुनिक संचार प्रणाली, कॉन्फ्रेंस रूम, लक्ज़री सुइट्स और सुरक्षा इंतज़ाम मौजूद रहते हैं। आम तौर पर उनकी इस ट्रेन के डिब्बे तीन हिस्सों में बंटे होते हैं… सबसे आगे सुरक्षा की जांच वाले डिब्बे, बीच में किम जोंग उन के कोच और पीछे उनका सामान ढोने वाले डिब्बे होते है।
चीन लंबे समय से उत्तर कोरिया का बड़ा मददगार रहा है। अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच बीजिंग ही उसकी अर्थव्यवस्था को चलाता रहा है। हाल ही में, किम रूस के भी करीब आए हैं। अमेरिका और दक्षिण कोरियाई अधिकारियों का कहना है कि प्योंगयांग ने यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध में अपने हथियार और सैनिक उपलब्ध कराए हैं। अब बीजिंग की परेड में पुतिन और जिनपिंग के साथ किम जोंग उन की मौजूदगी तीनों नेताओं के बीच मजबूत होते संबंधों को दिखाती।
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