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जीएसटी में बदलाव से खेती की लागत कम होगी, किसानों का बढ़ेगा मुनाफा
7 Sep, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जीएसटी सुधारों के गिनाए लाभ
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश दौरे में पत्रकारों से बातचीत में जीएसटी को लेकर कहा कि जीएसटी सुधारों का कृषि क्षेत्र पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा, जिससे छोटे और मध्यम किसानों को लाभ होगा। उन्होंने बताया कि कृषि उपकरणों पर जीएसटी दरों में कमी से खेती की लागत कम होगी और किसानों का मुनाफा बढ़ेगा।
चौहान ने कहा कि जैव-कीटनाशकों और सूक्ष्म पोषक तत्वों पर जीएसटी कम किया गया है, जिससे किसानों को फायदा होगा। साथ ही रासायनिक उर्वरकों से जैव-उर्वरकों की ओर किसानों का रुझान बढ़ेगा। डेयरी क्षेत्र में दूध और पनीर पर अब जीएसटी नहीं लगेगा, जिससे न केवल आम जनता को लाभ होगा, बल्कि किसानों, पशुपालकों और दूध उत्पादकों को भी फायदा होगा। उनहोंने कहा कि पीएम मोदी और सरकार यह तय करने की कोशिश कर रही है कि आम जनता को कोई परेशानी न हो। कृषि मंत्री ने पीएम को धन्यवाद देते हुए कहा कि हमारा संकल्प है कि कृषि में उत्पादन लागत कम हो और उत्पादन बढ़े। इससे किसानों का मुनाफा बढ़ेगा।
चौहान ने कहा कि जीएसटी सुधारों से किसानों को कई लाभ होंगे। कुछ कंपनियों ने इसकी शुरुआत कर दी है। कृषि उपकरणों जैसे ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और रोटावेटर पर जीएसटी को 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया गया है। उदाहरण के तौर पर 9 लाख रुपए का ट्रैक्टर अब 65,000 रुपए सस्ता हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे देश में किसानों की जोत छोटी है। इसलिए हम एकीकृत खेती को बढ़ावा दे रहे हैं, ताकि किसान खेती के साथ-साथ संबद्ध क्षेत्रों में भी काम कर सकें। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र में मक्खन, घी और दूध के डिब्बों पर भी जीएसटी कम किया गया है, जिससे स्वदेशी उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी और डेयरी क्षेत्र को प्रगति मिलेगी।
उनहोंने कहा कि 12 जैविक कीटनाशकों और सूक्ष्म पोषक तत्वों पर भी जीएसटी कम किया गया है। उर्वरकों के कच्चे माल जैसे अमोनिया, सल्फ्यूरिक एसिड और नाइट्रिक एसिड पर जीएसटी 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया गया है। इससे उर्वरकों की कीमतें कम होंगी और किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
मुंबई में गणेश विसर्जन में हादसा, हाईटेंशन तार गिरने से एक की मौत, कई झुलसे
7 Sep, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मुंबई में गणेश विसर्जन के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अधिकारियों ने बताया कि गणपति विसर्जन जुलूस के दौरान एक हाईटेंशन तार गणपति ट्रॉली पर गिर गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो नाबालिगों सहित पांच लोग झुलस गए। जानकारी के मुताबिक यह घटना खैरानी रोड पर गजानन मित्र मंडल के विसर्जन के दौरान हुई। जब जुलूस साकीनाका पुलिस स्टेशन क्षेत्र में खैरानी रोड पर संमन होटल के पास पहुंचा, तो गणपति ट्रॉली से तार हटाने की कोशिश के दौरान 6 लोगों को बिजली का झटका लगा।
अधिकारियों के मुताबिक घटना में झुलसे पांच लोगों को साकीनाका के पैरामाउंट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर है। एक अन्य व्यक्ति को अंधेरी (पूर्व) के सेवन हिल्स अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान 36 साल के बिनु सुकुमारन के रूप में हुई, जो खैरानी रोड इलाके का निवासी था। घायलों में धर्मराज सुखदेव गुप्ता (49), तुषार दिनेश गुप्ता (20) और शंभु नव नाथ कामी (20) के अलावा एक 14 साल के करण कनोजिया और 6 साल का बच्चा अनुष गुप्ता शामिल है।
इससे पहले कर्नाटक के विजयपुरा में भी इस तरह की एक घटना हुई है। हफ्ते की शुरुआत में विजयपुरा में गणपति प्रतिमा विसर्जन के दौरान बिजली के तार की चपेट में आने से एक युवक की जान चली गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। यह दुर्घटना डोबले गली के पास गांधी चौक पर हुई, जब तीनों लोग लाठी से बिजली का तार को हटा रहे थे। इसी दौरान वाहन और डीजे सिस्टम तार की चपेट में आ गए। मरने वाले की पहचान रामप्रसाद गली निवासी शिवाजी उर्फ शुभम सकपाल (21) के रूप में हुई, जबकि लखन चव्हाण और प्रभु जगते को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था।
छात्रावास में मृत मिला छात्र, पोस्टमार्टम से खुला राज मानसिक रुप से था बीमार
7 Sep, 2025 11:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अब तक बिट्स परिसर में यह पांचवीं मौत, तीन कर चुके हैं आत्महत्या
पणजी। गोवा स्थित बिरला टैक्नोलॉजी एवं साइंस इंस्टीट्यूट (बिट्स) पिलानी के परिसर में छात्रावास के कमरे में मृत मिला 20 साल का छात्र मानसिक स्वास्थ्य उपेक्षा का सामना कर रहा था। एक जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से दी गई। पुलिस के मुताबिक छात्र ऋषि नायर गुरुवार सुबह करीब 10.45 बजे पर अपने कमरे में मृत मिला था। वह मोबाइल फोन पर कॉल का जवाब नहीं दे रहा था जिसके बाद अधिकारियों ने दरवाजा तोड़कर कमरे में दाखिल हुए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण गोवा जिला अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि वह मानसिक रुप से बीमार था। छात्र की मौत सोते समय हुई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि छात्र की मौत आत्महत्या से नहीं हुई है और सही कारण का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि दिसंबर से अब तक बिट्स परिसर के छात्रावास में यह पांचवीं मौत है, जिनमें से तीन आत्महत्या के मामले थे।
एसपी ने कहा कि पांच छात्रों की मौत में से तीन की मौत आत्महत्या के कारण हुईं। पुलिस ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बिट्स पिलानी प्रबंधन के साथ बैठक की। प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।
सीएम प्रमोद सावंत ने कहा था कि इन घटनाओं की जांच के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं और दोबारा नहीं होनी चाहिए। राज्य सरकार समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे कदम उठाएगी।
पंजाब और जम्मू में बाढ़, बारिश, भूस्खलन से 40 साल में सबसे बड़ी तबाही!
7 Sep, 2025 10:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
30,000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान, 400 से ज्यादा लोगों की गई जान
नई दिल्ली। इस साल देश में मानसून का कहर हर तरफ देखने को मिल रहा है। खासकर उत्तर भारत के कई इलाकों हुई भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में तबाही मचाई। उत्तर भारत के ज्यादातर राज्य लगातार भारी बारिश और फ्लैश फ्लड से तबाह हो गए हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने पहाड़ों को कीचड़ भरी नदियों और मैदान को विशाल समुद्रों में बदल दिए हैं। अधिकारियों और मौसम वैज्ञानिकों ने इसे पिछले चार दशकों में उत्तर भारत की सबसे भयावह बाढ़ बताया है। इस प्राकृतिक आपदा में 400 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और दस लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। वहीं तीनों राज्यों में कुल आर्थिक नुकसान 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है।
इस आपदा ने तीन राज्यों में हुई आर्थिक तबाही के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। राज्य सरकारों और केंद्रीय गृह मंत्रालय के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, तीनों राज्यों में कुल आर्थिक नुकसान 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है। इसी बीच बीमा कंपनियां हजारों करोड़ के क्लेम की तैयारी कर रही हैं। इस नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार ने 3,000 करोड़ रुपये की अंतरिम राहत जारी की है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि पुनर्निर्माण के लिए इससे कहीं अधिक की जरूरत पड़ेगी, क्योंकि सडक़ें, पुल, बिजली लाइनें, सिंचाई नहरें और पेयजल ढांचा तबाह हो चुका है। इस प्राकृतिक आपदा में 400 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और दस लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। स्कूल और कॉलेज बंद हैं, राहत शिविर भरे हुए हैं और स्वास्थ्य अधिकारियों ने जलजनित बीमारियों की चेतावनी दी है। फिलहाल हिमाचल, पंजाब और जम्मू के लोग अपने घरों-गलियों से मलबे को समेट रहे हैं, पानी के उतरने और मदद के सरकारी वादों के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
बढ़ रही हैं प्रकृतिक आपदाएं
जलवायु वैज्ञानिक इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि ऐसी चरम घटनाएं जो कभी 50 साल में एक बार होने की आशंका थी, अब लगातार बढ़ती जा रही हैं। हिमालय, वैश्विक औसत से लगभग दोगुनी गति से गर्म हो रहा है और तेजी से बर्फ और बर्फ पिघल रही है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। साथ ही वनों की कटाई, खनन और नदी तटों और बाढ़ के मैदानों पर बेतहाशा निर्माण ने धरती के प्राकृतिक आघात अवशोषक को नष्ट कर दिया है। इस बाढ़ ने साल 1998 के पंजाब बाढ़ की यादों को ताजा कर दिया है, जब सिंधु जल सिस्टम की नदियों ने खेतो और कस्बों को डुबो दिया था, लेकिन इस बार जलवायु परिवर्तन, अनियोजित शहरीकरण और जर्जर बुनियादी ढांचे ने इस प्रकृति प्रकोप को बढ़ावा दिया है। इस बार भी सिंधु नदी प्रणाली (जिसमें सिंधु, रावी, सतलुज, झेलम, चिनाब और ब्यास शामिल हैं) उफान पर हैं।
कुल्लू-मंडी और किन्नौर में भारी तबाही
इसका सबसे पहले दंश हिमाचल प्रदेश ने झेला, जहां लगातार बादल फटने के कारण कुल्लू, मंडी और किन्नौर जिलों की खड़ी ढलानें ढह गईं और चट्टानें-मलबा नदियों में बह गया। इसके अलावा ब्यास और सतलज नदियों ने कई जगहों पर तटबंध तोड़ दिए। बाढ़ में 250 से ज्यादा सडक़ें बह गई, जिनमें चंडीगढ़-मनाली राजमार्ग का हिस्सा भी शामिल है। सतलुज पर नाथपा झकरी जैसे बड़े जलविद्युत संयंत्रों में गाद भरने से टर्बाइन बंद करनी पड़ी हैं। उधर, शिमला और कुल्लू के सेब के बाग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। हिमाचल के अधिकारियों का अनुमान है कि 10,000 हेक्टेयर से ज्यादा बागवानी जमीन बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों की आय को कम से कम दो सीजन पीछे चली गई है। 31 अगस्त तक हिमाचल में 220 से अधिक लोगों की मौत और 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति का नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
राजौरी-पूंछ में टूटे पुल
जम्मू में चिनाब और झेलम नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। राजौरी और पूंछ में पुल टूट गए, जिससे कई गांव अलग-थलग पड़ गए। श्रीनगर में लोग 2014 की बाढ़ की यादों के साथ झेलम के खतरे के निशान तक पहुंचने की आशंका से डरे रहे। हालांकि। इस बार तटबंध टिके रहे, फिर भी हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा। जम्मू-कश्मीर में 40,000 घर और 90,000 हेक्टेयर धान की फसलें बर्बाद हो गई हैं। शुरुआती सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य को 6,500 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान का अनुमान है।
पंजाब के 1800 गांव जलमग्न
वहीं, नहर-नालों से घिरे पंजाब में तबाही का बड़ा मंजर देखने को मिला है, जहां भाखड़ा नांगल बांध से छोड़े गए अतिरिक्त पानी से सतलज नदी में उफान आ गया। इस पानी से रोपड़, लुधियाना, जालंधर और फिरोजपुर में भीषण तबाही मचा दी तो घग्गर और रावी ने स्थिति को और भी बदतर कर दिया, जिससे प्रशासन की मुसीबत बढ़ गई हैं। 30 अगस्त तक 1800 से ज्यादा गांव जलमग्न हो चुके हैं, 250,000 हेक्टेयर खेतों में पानी भर गया, जिससे 9000 करोड़ रुपये की फसलें नष्ट हो गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार पंजाब में कटाई के लिए तैयार धान, कपास और गन्ने की फसलें कई दिनों तक पानी में डूबी रहीं। जालंधर और कपूरथला में पोल्ट्री फार्मों ने दस लाख से अधिक पक्षियों की मराने जानी की सूचना दी है। इसके अलावा डेयरी सहकारी समितियों ने दूध की कमी की चेतावनी दी है। 120,000 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए और हजारों घर पूरी तरह बह गए, जिससे लाखों लोग राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं। वहीं, पंजाब के उद्योग भी प्रभावित हुए हैं, लुधियाना का होजरी उद्योग बंद हो गया और फगवाड़ा व अमृतसर के खाद्य प्रसंस्करण केंद्र जलमग्न हो गए हैं।
लाल किला से 1 करोड़ के कलश चोरी
7 Sep, 2025 09:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली के लाल किला परिसर में जैन धार्मिक आयोजन के दौरान दो स्वर्ण कलश और 1.5 करोड़ रुपए के सामान चोरी हो गए। घटना 3 सितंबर की है। इसका सीसीटीवी शनिवार को सामने आया है। इसमें एक चोर जैन पुजारी के वेश में आया और कीमती सामान से भरा बैग लेकर चला गया। पुलिस ने कहा है कि संदिग्ध की पहचान कर ली गई है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एक स्वर्ण कलश पर लगभग 760 ग्राम का सोने का नारियल लगा था। 115 ग्राम के दूसरे कलश पर हीरे, पन्ने और माणिक जड़े थे। इन्हें जैन धर्म में पवित्र माना जाता है और ये अनुष्ठानों में काम आते हैं।
मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा नवरात्रि महाकुंभ, 10 लाख हवन आहुतियां, 1 करोड़ मंत्रों का जाप
7 Sep, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर: इस वर्ष नवरात्रि के पावन अवसर पर इंदौर एक भव्य और अद्वितीय धार्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है. 22 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक वीआईपी परस्पर नगर में विशाल नवरात्रि महामहोत्सव का आयोजन किया जाएगा. इस आयोजन में कृष्णगिरी पीठाधीश्वर, वसंत विजयानंद गिरिजी महाराज पूजा करेंगे. हजारों भक्त 10 लाख हवन आहुतियां के दौरान एक करोड़ मंत्रों का जाप करेंगे. इस आयोजन के लिए शहर के परस्पर नगर में विशाल नवरात्रि महामहोत्सव के लिए पहली बार भारी भरकम तैयारी की जा रही है.
अध्यात्म और भव्यता का अनुपम संगम
22 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक होने वाले आयोजन को लेकर कृष्णगिरी पीठाधीश्वर पूज्यपाद जगतगुरु आचार्य वसंत विजयानंद गिरिजी महाराज ने बताया, ''मध्य प्रदेश में अपनी तरह के पहले इस आयोजन में 30000 किलो शुद्ध मेवे एवं औषधियां, 20000 किलो पीले, सफेद लाल चंदनादि पवित्र वृक्षों की समिधाएं, 7000 किलो देसी गाय का घी, खजूर, किशमिश, आंवला जैसे दिव्य फल और दुर्लभ जड़ी-बूटियां और अन्य दिव्य सामग्री उपयोग में लाई जाएगी. जो इसे अध्यात्म और भव्यता का अनुपम संगम बनाएंगे.''
10 लाख हवन आहुतियां, 1 करोड़ मंत्र का जाप
उन्होंने कहा, इस दौरान देवी भागवत कथा का भावपूर्ण पाठ एवं व्याख्यान होगा. जिसमें 1 करोड़ कुमकुम अर्चन के अलावा 1 करोड़ मंत्र जाप होगा. वहीं, हवन में शामिल होने वाले भक्तों द्वारा 10 लाख हवन आहुतियां दी जाएगी. 23 रूपों में मां दुर्गा और 12 ज्योतिर्लिंगों की भव्य झांकी का निर्माण किया जाएगा. 11,000 स्वर्ण-लेपित अष्टलक्ष्मी कलशों को 1 करोड़ मंत्र जाप के लिए 10 लाख आहुतियों से सिद्ध किया जाएगा.''
सभी 11,000 कलशों में से प्रत्येक कलश में महालक्ष्मी को आकर्षित करने के लिए विभिन्न दिव्य वस्तुएं रखी जाएंगी. जिनमें दक्षिणावर्ती शंख, नव रत्न, 32 प्रकार के उपरत्न, 32 प्रकार के रत्न, दो दुर्लभ रुद्राक्ष, 999 शुद्धता वाला महालक्ष्मी मुद्रित 5 ग्राम का चांदी का सिक्का, पंचधातु (सोना, चांदी, तांबा, पीतल, कांसा), 154 प्रकार की दुर्लभ औषधियां और ऐसी कुल 451 दिव्य सामग्रियां रखी जाएंगी.
चंद्र ग्रहण के कारण अयोध्या में रामलला और अन्य प्रमुख मंदिरों के दर्शन 9 घंटे तक बंद रहेंगे
7 Sep, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अयोध्या । 7 सितंबर, रविवार को चंद्र ग्रहण के कारण अयोध्या में रामलला और अन्य प्रमुख मंदिरों के दर्शन 9 घंटे तक बंद रहेंगे। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भक्तों से अपील की है कि वे इस अवधि के दौरान अयोध्या न आएं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है, जिसे अशुभ माना जाता है। यह सूतक काल 7 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे से शुरू होगा, जिसके कारण अयोध्या के सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
चंद्र ग्रहण रात 9:59 बजे शुरू होगा और 1:29 बजे तक चलेगा। सूतक काल ग्रहण के बाद ही समाप्त होता है। इस वजह से, रविवार को रामलला के दर्शन संभव नहीं होंगे। सूतक काल समाप्त होने के बाद, सोमवार की सुबह मंगला आरती के साथ मंदिरों के कपाट फिर से खोले जाएंगे। उसके बाद ही भक्त भगवान के दर्शन कर पाएंगे।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को छोड़कर किसी को भी भोजन करने की अनुमति नहीं होती है। इस समय को प्रभु का भजन-कीर्तन, मंत्रजाप और ध्यान करने के लिए सबसे शुभ माना जाता है। ट्रस्ट ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस बदलाव को ध्यान में रखते हुए ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
पंचमहल हादसा: रोपवे गिरने से 6 लोगों की मौत, जांच शुरू
6 Sep, 2025 07:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंचमहल (गुजरात): शनिवार (6 सितंबर) दोपहर करीब 3:30 बजे पंचमहल जिले के पावागढ़ में बड़ा हादसा हो गया। यहां निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाला मालवाहक रोपवे अचानक गिर गया, जिससे 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
यह रोपवे मांची से निज मंदिर तक निर्माण सामग्री ले जाने के लिए उपयोग किया जाता था। हादसे में 2 लिफ्ट ऑपरेटर, 2 कर्मचारी और 2 अन्य लोगों की मौत हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। शवों को बाहर निकाल लिया गया है।
हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है ताकि हादसे की असली वजह का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटना रोकी जा सके।
इंफाल हवाई अड्डे से कंगला किले तक सड़क और पेड़ों का सौंदर्यीकरण चल रहा
6 Sep, 2025 03:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मणिपुर दौरे की तैयारी: इंफाल में पीएम मोदी के संभावित कार्यक्रम के लिए मंच निर्माण और सौंदर्यीकरण जारी
इंफाल/चुराचंदपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे की संभावना के मद्देनज़र इंफाल और चुराचंदपुर में तैयारी जोरों पर है। कंगला किले में भव्य मंच बनाया जा रहा है, और आसपास क्षेत्र में सफाई, रंगाई-पुताई तथा सौंदर्यीकरण का काम जारी है।
अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि मंच के सामने 15,000 से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। निर्माण कार्य में 100 से अधिक मजदूर लगे हुए हैं, और सामग्री राज्य के बाहर से मंगाई जा रही है। सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है, और किले में प्रवेश करने वाले आगंतुकों की पहचान दर्ज की जा रही है।
इंफाल हवाई अड्डे और कंगला किले के बीच सड़क के मध्य भाग को भी पुनः रंगा जा रहा है और पेड़ों की छंटाई की जा रही है। चुराचंदपुर के पीस ग्राउंड में भी इसी तरह की तैयारियां चल रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा 13 सितंबर को हो सकता है और यह राज्य में मेइती और कुकी के बीच जातीय हिंसा के बाद उनका पहला दौरा होगा। मई 2023 से जारी इस संघर्ष में 260 से अधिक लोग मारे गए और हजारों लोग बेघर हुए। मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफा देने के बाद केंद्र ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाया और राज्य विधानसभा को निलंबित कर दिया।
भाजपा के नेताओं का कहना है कि यदि पीएम मोदी का दौरा तय होता है तो उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। वहीं, विपक्षी दल इस दौरे को लेकर भाजपा पर निशाना साध रहे हैं।
कौन बनेगा करोड़पति में इंदौरी पोहा, अमिताभ बच्चन ने तुरंत की डिमांड
6 Sep, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। TV के फेमस क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति (KBC) में एक बार फिर इंदौर के पोहे की धूम देखने को मिली. शो की हॉट सीट पर इंदौर के रहने वाले आसिफ बैठे हुए थे। इस दौरान एक सवाल पर जब पोहे का जिक्र छिड़ा तो सिर्फ आसिफ और उनकी दोनों बच्चियां ही नहीं बल्कि बिग बी यानी अमिताभ बच्चन भी खुद को रोक नहीं पाए। तुरंत उन्होंने स्टेज से ही पोहे की डिमांड कर दी, इतना ही नहीं उसमें स्पेशली आलू और नींबू की एडवाइस भी दी।
जब KBC पर छिड़ा इंदौरी पोहे का जिक्र…
कौन बनेगा करोड़पति (KBC) शो के होस्ट अमिताभ बच्चन सामने हॉट सीट पर बैठे इंदौर के आसिफ से एक सवाल पूछ रहे थे। इस सवाल में डोसा, जलेबी और जैसे ही पोहे का जिक्र आया तो आसिफ ने इंदौरी पोहे के बारे में बोल दिया। शो में आसिफ के साथ उनकी दो बेटियां भी आई है,. जब बिग बी ने उनकी बेटियों से इंदौरी पोहे को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि वह वहां पर इंदौरी पोहे को बहुत मिस कर रही हैं।
स्टेज से की पोहे की डिमांड
यह सुन तुरंत अमिताभ बच्चन ने दोनों बच्चियों के लिए घर से पोहा बनवाकर भेजने की डिमांड कर दी। उसमें स्पेशली आलू और नींबू की डिमांड भी की, साथ ही कहा कि वह खुद भी घर जाकर अब पोहा ही खाने वाले हैं।
हॉट सीट पर इंदौर के आसिफ
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले रहने वाले आसिफ KBC की हॉट सीट पर बैठे. चंदन नगर, स्कीम 71 निवासी आसिफ पेशे से कंस्ट्रक्शन साइट पर लेबर का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि वह कंस्ट्रक्शन साइट पर बीम और कॉलम बनाने का काम करते हैं।आसिफ की 3 बेटियां हैं. उनके साथ दो बेटियां शो में भी उनके साथ आई हैं। बता दें कि आसिफ का एपिसोड 5 सितंबर को ऑन एयर हुआ।
दिल्ली में जलभराव, सीवर बैकफ्लो ने बढ़ाई मुश्किलें; पंजाब में हजारों गांव जलमग्न
6 Sep, 2025 10:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। उत्तर भारत के कई राज्य इस समय भारी बारिश और बाढ़ की चपेट में हैं। इस बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। दिल्ली में यमुना नदी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही है, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में ‘जल प्रलय’ जैसे हालात बन गए हैं। मयूर विहार, अक्षरधाम और यहां तक कि सचिवालय जैसे इलाकों में पानी घुस गया है. दूसरी ओर, पंजाब में सदी की सबसे भयावह बाढ़ ने 2000 से अधिक गांवों को जलमग्न कर दिया है, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही अब बाढ़ प्रभावित राज्यों का दौरा कर हालात का जायजा लेंगे और राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे।
पीएम मोदी का दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा जैसे बाढ़ प्रभावित राज्यों का दौरा करेंगे. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब कई राज्य सरकारों ने केंद्र से वित्तीय सहायता की मांग की है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में पंजाब के प्रभावित इलाकों का दौरा किया और केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। पीएम मोदी के दौरे से राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार राज्य सरकारों और राहत एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर आपदा प्रबंधन को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
दिल्ली में यमुना का रौद्र रूप
दिल्ली में यमुना नदी के उफान ने मयूर विहार, अक्षरधाम और मॉनेस्ट्री मार्केट जैसे इलाकों को जलमग्न कर दिया है। यह इलाके नदी के किनारे से 3-4 किलोमीटर दूर हैं, सचिवालय तक पानी पहुंचने से प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हुआ है। निचले इलाकों में हालात बदतर हैं, जहां लोगों को बचाने के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है। राहत शिविरों में भी पानी घुसने से प्रभावित लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। दिल्ली के जल संसाधन मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि कुछ इलाकों में जलभराव से यह नहीं माना जा सकता कि पूरी दिल्ली डूब गई है, लेकिन हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है।
पंजाब में 3.84 लाख लोग प्रभावित
पंजाब में सतलुज, ब्यास, और रावी नदियों के उफान ने 23 जिलों के 2000 गांवों को पानी में डुबो दिया है। इस आपदा को 1988 के बाद की सबसे भयावह बाढ़ माना जा रहा है। लगभग 3.84 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, और 1.71 लाख हेक्टेयर में फैली फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। गुरदासपुर, कपूरथला, फिरोजपुर और फाजिल्का जैसे जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। सेना, NDRF और स्थानीय प्रशासन ने अब तक 20,972 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, लेकिन 43 लोगों की मौत हो चुकी है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र से 60,000 करोड़ रुपये के रुके हुए फंड को जारी करने और किसानों को 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की है। इस बाढ़ के लिए जलवायु परिवर्तन और खराब ड्रेनेज सिस्टम मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। हिमालयी क्षेत्र में बादल फटने और मॉनसून के बदलते पैटर्न ने बारिश की तीव्रता को बढ़ा दिया है। पोंग, भाखड़ा और रंजीत सागर जैसे डैमों से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण भी स्थिति बिगड़ी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि शहरी नियोजन में कमी और डूब क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण ने दिल्ली और पंजाब में जलभराव की समस्या को और गंभीर कर दिया है।
अबू धाबी जा रही इंडिगो फ्लाइट को कोच्चि हवाई अड्डे पर वापस उतारा गया
6 Sep, 2025 09:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोच्चि। अबू धाबी जाने वाली इंडिगो की एक उड़ान दो घंटे से ज्यादा समय तक हवा में रहने के बाद तकनीकी खराबी के कारण शनिवार तड़के कोच्चि लौट आई। विमान में 180 से ज्यादा यात्री और चालक दल के छह सदस्य सवार थे। इंडिगो की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई। सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि उड़ान 6E-1403 (COK-AUH) शुक्रवार रात 11.10 बजे कोच्चि से रवाना हुई और तकनीकी खराबी के कारण शनिवार सुबह लगभग 1.44 बजे शहर लौटी। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रियों को एक अन्य विमान से अबू धाबी ले जाया गया, जिसने लगभग 3.30 बजे उड़ान भरी और उड़ान का संचालन नए चालक दल की ओर से किया गया, क्योंकि उड़ान ड्यूटी समय प्रतिबंधों के कारण पहले के चालक दल को बदलना पड़ा था।
बीते दिन एअर इंडिया की फ्लाइट हुई थी डायवर्ट
इससे पहले बीते दिन ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के विमान की लैंडिंग शुक्रवार सुबह खराब मौसम के कारण भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर नहीं हो सकी थी। खराब मौसम की वजह से विमान को कोलकाता डायवर्ट कर दिया गया था। भुवनेश्वर हवाई अड्डे के निदेशक प्रसन्ना प्रधान ने बताया था कि खराब मौसम की वजह से ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को ले जा रहे विमान को कोलकाता डायवर्ट कर दिया गया। एअर इंडिया के एक प्रवक्ता ने बताया था, '5 सितंबर को दिल्ली से भुवनेश्वर जाने वाली उड़ान संख्या AI473 कोलकाता डायवर्ट करनी पड़ी। विमान जब अपने गंतव्य के करीब था, तो भुवनेश्वर में प्रतिकूल मौसम के कारण हवाई यातायात नियंत्रण की ओर से उसे कोलकाता की ओर मोड़ने का निर्देश दिया गया। भुवनेश्वर के लिए रवाना करने से पहले कोलकाता में विमान में ईंधन भरा गया, जहां विमान 12:59 बजे उतरा।
मौसम विभाग की चेतावनी: भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना
5 Sep, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कई राज्यों में इस साल बारिश से भारी तबाही हुई है। लोग बेघर हो गए और खेती-वाड़ी को भी भारी नुकसान हुआ है। इसके बाद भी ये बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी से भारी बारिश होने का अनुमान बताया है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भारी बारिश हुई है। बाढ़ जैसी स्थिति के कारण शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और व्यापार ठप हो गया है। मूसलाधार बारिश ने उत्तरी राज्यों को भी प्रभावित किया। हिमाचल प्रदेश मॉनसून की शुरुआत से ही प्राकृतिक आपदा की चपेट में है और यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से दिल्ली भी प्रभावित हुई है।
देश के विभिन्न हिस्सों में मॉनसून की सक्रियता के कारण अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण में है। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। पश्चिम भारत में गुजरात, सौराष्ट्र, गोवा और महाराष्ट्र में 8 सितंबर तक भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 10 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और अंडमान-निकोबार में 10 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश भी व्यापक रूप से होने की संभावना है। हिमाचल के राज्य आपात परिचालन केंद्र के अनुसार राज्य में कुल 1,292 सड़कें बंद हैं जिनमें से 294 मंडी, 226 कुल्लू, 216 शिमला, 204 चंबा और 91 सिरमौर ज़िले में हैं। स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार और शनिवार को राज्य के कुछ स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली कड़कने के साथ बारिश की आशंका को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। हिमाचल में अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं और सड़क हादसों में 343 लोगों की मौत हो चुकी है और 43 लोग लापता हैं।
भीषण बाढ़ से जूझ रहा पंजाब
पंजाब वर्तमान में दशकों में आई सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के साथ-साथ मौसमी नालों के उफान पर आने यह बाढ़ आई है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक सैलाब में 37 लोगों की मौत हुई है और 3.55 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। 1.75 लाख हेक्टेयर से अधिक की कृषि भूमि पर फसलें नष्ट हो गई हैं।
राजधानी दिल्ली में भी अलर्ट
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के कुछ इलाकों में गुरुवार को भी बारिश हुई। आगे और बारिश होने के अनुमान को देखते हुए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि पूर्व, दक्षिण, मध्य, नयी दिल्ली, उत्तर, दक्षिण-पश्चिम और पश्चिमी दिल्ली में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को आसमान में बादल छाए रहने और बारिश होने का अनुमान लगाया है। आज अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 33 डिग्री सेल्सियस और 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। गुरुवार को शहर के सफदरजंग प्राथमिक मौसम केंद्र ने शाम साढ़े पांच बजे तक 2 मिमी बारिश दर्ज की, जबकि रिज और लोधी रोड केंद्रों ने 5 मिमी और 2.4 मिमी बारिश दर्ज की।
दुबई के साईं भक्त ने 1 करोड़ 58 लाख रुपये का सोना दान किया
5 Sep, 2025 07:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिरडी। श्रद्धा और धैर्य का महामंत्र देने वाले शिरडी के साईं बाबा के दर्शन के लिए हर साल देश-विदेश से करोड़ों भक्त शिरडी आते हैं। इस अवसर पर भक्त साईं बाबा को उदारतापूर्वक दान देते हैं। शिरडी के साईं बाबा को 2008 में हैदराबाद के आदिनारायण रेड्डी ने एक स्वर्ण सिंहासन भेंट किया था। तब से, इसे साईं बाबा को मिला सबसे बड़ा दान माना जाता था। लेकिन 17 साल बाद, आज एक बार फिर, दुबई के एक साईं भक्त ने 1 किलो 623 ग्राम 600 मिली ग्राम वजन के दो सुनहरे ओम साईं राम पत्र भेंट किए हैं। इसका मूल्य 1 करोड़ 58 लाख रुपये है और इस भक्त ने गुप्त दान किया है और साईं बाबा संस्थान से अपना नाम उजागर न करने का अनुरोध किया है। संस्थान से जुड़े सूत्र बताते हैं कि दुबई का ये भक्त, जिन्होंने साईं बाबा को सोना चढ़ाया है, साईं बाबा की समाधि के दर्शन के लिए हर महीने शिरडी आते हैं। वे आरती में भी शामिल होते हैं। साईं दर्शन के बाद, वे हमेशा संस्थान को लगभग 1 लाख रुपये का दान देते हैं। वे कई वर्षों से साईं बाबा को सोने की कोई वस्तु दान करना चाहते थे। आखिरकार, गुरुवार के पावन दिन, उन्होंने दो सुनहरे ओम साईं राम पत्र अर्पित करके अपनी इच्छा पूरी की। दुबई के इस भक्त द्वारा दिए गए स्वर्ण दान को साईं बाबा संस्थान ने समाधि मंदिर के दोनों द्वारों पर स्थापित किया है जहाँ से भक्त दर्शन के बाद बाहर निकलते हैं। इससे भक्त मंदिर से बाहर निकलते समय ॐ साईं राम का जाप करते हैं। इस दान की जानकारी देते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडिलकर ने कहा, यह भक्त चाहता था कि उसका दान गुप्त रहे। इसलिए, उसके नाम की घोषणा नहीं की गई है। इस अवसर पर संस्थान द्वारा भक्त को शॉल, साईं मूर्ति और उदी भेंटकर सम्मानित किया गया।
कुल्लू त्रासदी: मलबे में दबे कश्मीरी मजदूर, बचाव कार्य जारी
5 Sep, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू । हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां एक भीषण भूस्खलन में कम से कम 7 कश्मीरी मजदूरों के मारे जाने की आशंका है। अधिकारियों के अनुसार यह सभी मजदूर जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले के तुलैल क्षेत्र के निवासी थे और कुल्लू में रोज़गार के लिए आए थे। गुरुवार को हुई इस आपदा में दो मकान पूरी तरह मलबे में दब गए, जिससे लगभग 12 से 13 लोग फंस गए। मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में लगी राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम ने अब तक तीन घायलों को सुरक्षित निकाल लिया है, जबकि एक शव बरामद किया गया है। बाकी लोगों की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। यह घटना पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं और प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
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