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पीएम मोदी आज दिल्ली में आयोजित ज्ञान भारतम पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में लेंगे भाग
12 Sep, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 सितंबर, 2025 को सायं लगभग 4:30 बजे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ज्ञान भारतम् पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेंगे। वे ज्ञान भारतम् पोर्टल का भी शुभारंभ करेंगे, जो पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, संरक्षण और सार्वजनिक पहुंच में तेज़ी लाने के लिए एक समर्पित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है। इस अवसर पर वह उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।
यह सम्मेलन 11 से 13 सितंबर तक पांडुलिपि विरासत के माध्यम से भारत के ज्ञान धरोहर की पुनःप्राप्ति विषय-वस्तु पर आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन भारत की अद्वितीय पाण्डुलिपि संपदा को पुनर्जीवित करने और इसे वैश्विक ज्ञान संवाद के केंद्र में रखने के उपायों पर विचार-विमर्श करने के लिए अग्रणी विद्वानों, संरक्षणवादियों, प्रौद्योगिकीविदों और नीति विशेषज्ञों को एक साथ लाएगा। इसमें दुर्लभ पांडुलिपियों की एक प्रदर्शनी और पांडुलिपि संरक्षण, डिजिटलीकरण प्रौद्योगिकियों, मेटाडेटा मानक, कानूनी संरचनाओं, सांस्कृतिक कूटनीति और प्राचीन लिपियों के अर्थ-निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विद्वानों की प्रस्तुतियां भी शामिल होंगी।
नौसेना गुरुग्राम में INS अरावली के साथ अपनी समुद्री क्षेत्र जागरूकता क्षमता को करेगी मजबूत
12 Sep, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भारतीय नौसेना 12 सितंबर 2025 को नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी की उपस्थिति में गुरुग्राम में आईएनएस अरावली को कमीशन करेगी।
आईएनएस अरावली, जिसका नाम अविचल अरावली पर्वतमाला से लिया गया है, भारतीय नौसेना के विभिन्न सूचना और संचार केंद्रों को सहायता प्रदान करेगा, जो भारत और भारतीय नौसेना के कमांड, नियंत्रण और समुद्री डोमेन जागरूकता (एमडीए) ढांचे के लिए महत्वपूर्ण हैं।
‘सामुद्रिकसुरक्षायाः सहयोगं’ या सहयोग के माध्यम से समुद्री सुरक्षा के आदर्श वाक्य से प्रेरित होकर, नौसेना बेस सहायक और सहयोगी लोकाचार का उदाहरण प्रस्तुत करता है, जो नौसेना इकाइयों, एमडीए केंद्रों और संबद्ध हितधारकों के साथ सहजता से काम करता है।
बेस के शिखर पर केंद्रीय पर्वतीय छवि है जो अटूट और मजबूत अरावली पर्वतमाला का प्रतीक है और उगता हुआ सूर्य शाश्वत सतर्कता, सशक्तता और ऊर्जा का प्रतीक है, साथ ही संचार और समुद्री विकास के क्षेत्र में विशिष्ट तकनीकी क्षमताओं के उदय का भी प्रतीक है। इस प्रकार, यह शिखर भारत के समुद्री हितों की रक्षा के लिए शाश्वत सतर्कता को सुगम बनाने हेतु बेस की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
लालू की राजनीति के खिलाफ कांग्रेस की रणनीति तैयार
11 Sep, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल भले ही अभी नहीं बजा हो, लेकिन महागठबंधन में सीटों की सौदेबाजी शुरू हो चुकी है। इस बार कांग्रेस ने कमर कस ली है और साफ कर दिया है कि वो लालू यादव की चतुराई में उलझने वाली नहीं। पिछले चुनाव में RJD ने कांग्रेस को 70 सीटें तो दी थीं, लेकिन उनमें से ज्यादातर ऐसी थीं, जहां जीत का कोई चांस ही नहीं था। इस बार कांग्रेस का मंत्र है, सीटें कम, लेकिन जीत पक्की।
पिछली बार क्या हुआ था?
2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन ने RJD के नेतृत्व में जोरदार मुकाबला किया था। RJD ने 144 और कांग्रेस ने 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे। बाकी 29 सीटें वामपंथी दलों के खाते में गईं. नतीजा? RJD ने 75 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का तमगा हासिल किया, लेकिन कांग्रेस सिर्फ 19 सीटों पर सिमट गई। हार का ठीकरा कांग्रेस के सिर फोड़ा गया, क्योंकि लालू ने चालाकी से उन्हें ऐसी सीटें थमा दी थीं, जहां NDA का दबदबा था।शहरी इलाकों और NDA के गढ़ वाली 45 सीटें ऐसी थीं, जहां कांग्रेस पिछले चार चुनावों से हार रही थी। यही नहीं, 2019 के लोकसभा चुनाव में इनमें से 67 सीटों पर NDA को बढ़त मिली थी।
कांग्रेस की नई रणनीति
इस बार कांग्रेस कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि वो कम सीटों पर लड़ेगी, लेकिन सिर्फ उन सीटों पर, जहां जीत की संभावना हो. बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अलावरू ने कहा, “सीट बंटवारे की बातचीत अच्छी चल रही है। सबको थोड़ा-थोड़ा झुकना होगा, लेकिन हमारा फोकस जीत पर है। कांग्रेस की नजर मिथिलांचल और सीमांचल जैसे इलाकों पर है, जहां उनकी पकड़ पहले मजबूत रही है। पिछले चुनाव में सीमांचल में पार्टी ने ठीक-ठाक प्रदर्शन किया, लेकिन मिथिलांचल में खाता तक नहीं खुला। इस बार पार्टी इन इलाकों में खास रणनीति बना रही है। साथ ही, ओवैसी के AIMIM जैसे फैक्टर्स से भी निपटने की तैयारी है, जिसने पिछले चुनाव में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया था।
नए सहयोगी, नई चुनौती
इस बार महागठबंधन में RJD और कांग्रेस के अलावा लेफ्ट पार्टियां, मुकेश सहनी की VIP, पशुपति पारस की LJP और हेमंत सोरेन की JMM भी शामिल हैं. नए दोस्तों के आने से सीटों का बंटवारा और पेचीदा हो गया है। RJD और कांग्रेस को अपनी कुछ सीटें इन नए सहयोगियों को देनी पड़ेंगी, जिससे सियासी समीकरण और मजेदार हो गए हैं।
कांग्रेस का ‘वोट बैंक’ गेम
कांग्रेस इस बार अपने वोट बैंक को और मजबूत करने की जुगत में है। 2020 में पार्टी ने 70 में से 32 सीटों पर सवर्ण उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन इस बार फोकस दलित, OBC और मुस्लिम वोटरों पर है। यही वजह है कि पार्टी ने सवर्ण नेता अखिलेश सिंह को हटाकर दलित नेता राजेश राम को बिहार कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया है। ये कदम साफ बताता है कि कांग्रेस अब जातीय समीकरणों को ध्यान में रखकर मैदान में उतरेगी।
क्या बदलेगा खेल?
बिहार की सियासत में इस बार का चुनाव बेहद रोमांचक होने वाला है। कांग्रेस की सतर्कता और नई रणनीति क्या RJD की चाल को मात दे पाएगी? क्या महागठबंधन इस बार NDA को कड़ी टक्कर दे पाएगा? ये सवाल हर सियासी गलियारे में गूंज रहा है। फिलहाल, सीट बंटवारे की बातचीत जारी है और आने वाले दिन इस सियासी पहेली को और साफ करेंगे।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, विरोध प्रदर्शन शुरू
11 Sep, 2025 05:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के बाद अब भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करने का मामला सामने आया है। गाजीपुर में हुई घटना में घायल हुए सियाराम उपाध्याय की मौत हो गई। आरोप है कि थाने में धरना दे रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाइट बंद करके लाठीचार्ज किया गया। जिसमें एक कार्यकर्ता की मौत हो गई. वहीं पुलिस का कहना है कि लाठीचार्ज से युवक की मौत नहीं हुई है। हालांकि एसपी का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है, अगर कोई दोषी है तो उसको सजा दी जाएगी।
बिजली का खंभा लगाने को लेकर हुआ था विवाद
पूरा मामला नोनहरा थाना क्षेत्र के गठिया गांव का है. बताया जा रहा है कि बिजली का खंभा लगाने को लेकर प्रधान और पूर्व प्रधान के बीच विवाद हुआ था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एक पक्ष के 20 से ज्यादा लोग थाने में पहुंचकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे, इस दौरान अचानक लाइट चली गई। इसके बाद सभी लोग थाना परिसर से चले गए थे। लेकिन बाद में बता चला कि उनमें से एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई।
भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
वहीं भाजपा कार्यकर्ता सियाराम उपाध्याय की मौत के बाद इलाके में काफी तनाव है। गुस्साए लोगों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है और साथ ही दोषी पुलिकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि किसी भी कार्यकर्ता के खिलाफ हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी. न्याय जरूर मिलेगा।
मामले में जांच की जा रही, दोषियों पर होगी कार्रवाई
वहीं घटना के बाद एसपी का कहना है कि अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस की टीम मामले में जांच कर रही है। सभी सबूतों और तथ्यों को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
10 लाख कुत्तों पर चिप लगाकर नियंत्रण और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी
11 Sep, 2025 03:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट व रेबीज के मामलों को नियंत्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दिल्ली एनिमल वेलफेयर बोर्ड की बैठक में अगले दो वर्षों में करीब 10 लाख स्ट्रीट डॉग्स को माइक्रोचिप लगाने का निर्णय लिया गया। यह योजना संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के सहयोग से लागू की जाएगी, जिससे कुत्तों की सटीक गिनती, स्वास्थ्य निगरानी और बीमारी नियंत्रण संभव हो सकेगा। सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद यह एक्शन प्लान और भी प्रासंगिक हो गया है, जो आवारा कुत्तों को शेल्टर में स्थानांतरित करने पर जोर देता है।
बैठक का में लिए गए प्रमुख निर्णय
दिल्ली सचिवालय में मंगलवार को दिल्ली एनिमल वेलफेयर बोर्ड की बैठक आयोजित की, जिसकी अध्यक्षता विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने की। बैठक में राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम पर विशेष चर्चा हुई। विश्व रेबीज दिवस (28 सितंबर) को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने स्टेट एक्शन प्लान तैयार करने का फैसला किया। इस बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। जिसमें मुख्य निर्णयों में शामिल है- करीब 10 लाख आवारा कुत्तों को माइक्रोचिप लगाना, जो कुत्तों की आबादी प्रबंधन और निगरानी के लिए क्रांतिकारी कदम साबित होगा। मिश्रा ने कहा- ‘इससे न केवल कुत्तों की सटीक गिनती होगी, बल्कि उनकी सेहत और स्थान का ट्रैकिंग भी आसान हो जाएगा। बैठक में पालतू कुत्तों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन और सभी पेट शॉप्स का पंजीकरण भी तय किया गया।
माइक्रोचिपिंग का उद्देश्य और लाभ
माइक्रोचिपिंग योजना UNDP के सहयोग से अगले दो वर्षों में पूरी की जाएगी। प्रत्येक चिप कुत्तों के कान या गले में लगाई जाएगी, जो रेडियो फ्रीक्वेंसी से काम करेगी। इससे डॉग सेंसस, टीकाकरण की डिजिटल ट्रैकिंग और डॉग बाइट मामलों की रोकथाम संभव होगी। मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया- ‘रेबीज जैसी घातक बीमारी पर काबू पाने के लिए यह आवश्यक है। दिल्ली में हर साल हजारों डॉग बाइट केस दर्ज होते हैं, जो 2025 में 143% बढ़ चुके हैं। इसके अलावा, हर जिले में एनिमल वेलफेयर कमेटी गठित की जाएगी, जो स्थानीय स्तर पर निगरानी करेगी. गौशालाओं की क्षमता बढ़ाने और फीडिंग गाइडलाइंस बनाने पर भी जोर दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का प्रभाव
यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के 11 अगस्त के फैसले से प्रेरित है, जिसमें दिल्ली-NCR से सभी आवारा कुत्तों को 8 सप्ताह में शेल्टर होम में स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया था। कोर्ट ने नसबंदी, टीकाकरण और शेल्टर निर्माण पर सख्ती बरतने को कहा। हालांकि, डॉग लवर्स ने इसका विरोध किया, जिसके चलते दिल्ली पुलिस ने चार FIR दर्ज कीं। MCD के अधिकारियों के मुताबिक, 10 लाख कुत्तों के लिए शेल्टर बनाना चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि वर्तमान में केवल 20 पशु नियंत्रण केंद्र हैं, जो 5,000 कुत्तों को ही समाहित कर सकते हैं। दैनिक रखरखाव पर 11 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है, मेनका गांधी ने भी नसबंदी केंद्रों को आधुनिक बनाने का सुझाव दिया है।
12 घंटे शिफ्ट लागू, क्या बढ़ेगी काम की दबाव और थकान?
11 Sep, 2025 02:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गांधी नगर। गुजरात में औद्योगिक क्रांति की हवा चल रही है। दरअसल, गुजरात विधानसभा ने एक नया कानून पास किया, जिसका नाम है ‘द फैक्ट्रिज (गुजरात संशोधन) बिल 2025।यह बिल फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कई बड़े बदलाव लेकर आया है। इसमें काम के घंटों से लेकर महिलाओं के लिए रात की शिफ्ट तक, कई नई बातें शामिल हैं।
बढ़ गए काम के घंटे
नए कानून के तहत अब फैक्ट्रियों में कर्मचारी एक दिन में 9 की जगह 12 घंटे तक काम कर सकते हैं, जिसमें आराम का समय भी शामिल है। लेकिन घबराइए मत, हफ्ते में कुल काम के घंटे 48 घंटे से ज्यादा नहीं होंगे। मजेदार बात ये है कि अगर आप चार दिन तक 12-12 घंटे काम कर लेते हैं, तो बाकी के तीन दिन आपको पेड लीव यानी सवेतन छुट्टी मिलेगी! यानी मेहनत का फल और आराम, दोनों एक साथ!
ओवरटाइम का बोनस
अगर आप 12 घंटे से ज्यादा काम करते हैं या छुट्टी के दिन काम पर आते हैं, तो आपको डबल सैलरी मिलेगी। इतना ही नहीं, पहले जहां तीन महीने में 75 घंटे ओवरटाइम मिलता था, अब यह बढ़कर 125 घंटे हो गया है। यानी मेहनती कर्मचारियों की जेब और भारी होने वाली है।
महिलाओं के लिए नई आजादी
इस बिल में सबसे खास बात है महिलाओं को रात में काम करने की इजाजत। अब महिलाएं शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक की शिफ्ट में काम कर सकती हैं। लेकिन चिंता न करें, सरकार ने उनकी सुरक्षा का पूरा इंतजाम किया है।सीसीटीवी, महिला सिक्योरिटी गार्ड और सुरक्षित ट्रांसपोर्ट जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। और हां, यह पूरी तरह से उनकी मर्जी पर है। अगर कोई महिला रात में काम करना चाहें तो काम करने के लिए लिखित सहमति जरूरी होगी।
गुजरात की राह पर कई राज्य
यह कोई नई बात नहीं है कि गुजरात उद्योगों को बढ़ावा देने में सबसे आगे रहता है। आंध्र प्रदेश, गोवा और झारखंड जैसे राज्यों ने भी ऐसे ही नियम लागू किए हैं, और अब खबर है कि महाराष्ट्र भी जल्द ही इस राह पर चल सकता है।यह बिल पहले जारी एक अध्यादेश की जगह लेगा और गुजरात को औद्योगिक निवेश का हब बनाने में मदद करेगा।
कर्मचारियों और उद्योगों, दोनों के लिए फायदा
गुजरात के उद्योग मंत्री बलवंतसिंह राजपूत ने बताया कि यह बिल न सिर्फ कर्मचारियों को ज्यादा कमाई का मौका देगा, बल्कि उद्योगों को भी तेजी से बढ़ने में मदद करेगा। ज्यादा काम के घंटे और लचीले नियमों से कंपनियां उत्पादन बढ़ा सकेंगी, जिससे गुजरात की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान मिलेगी।
TMC का दावा – उपराष्ट्रपति चुनाव में पैसों से प्रभावित हुआ मतदान
11 Sep, 2025 01:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश के उप-राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आए कुछ ही दिन हुए हैं, लेकिन इस चुनाव को लेकर राजनीति का पारा अभी भी हाई है। अब इस पूरे मामले में एक और नया मोड़ आ गया है,पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बीजेपी पर एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला आरोप लगाया है। TMC का दावा है कि भारतीय जनता पार्टी ने उप-राष्ट्रपति चुनाव में वोट खरीदने के लिए 15 से 20 करोड़ रुपये प्रति सांसद खर्च किए।TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी ने लोगों के जनादेश को बाजार में बिकने वाली किसी वस्तु की तरह बना दिया है। उन्होंने कहा, “मैंने कुछ लोगों से बात की और मुझे पता चला कि बीजेपी ने वोट खरीदने के लिए हर सांसद पर 15 से 20 करोड़ रुपये खर्च किए। जो लोग लोगों के विश्वास और भावनाओं को बाजार की कमोडिटी की तरह बेच रहे हैं, वे मूर्खों की दुनिया में जी रहे हैं।
क्या कहते हैं चुनाव के आंकड़े?
इस चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन ने विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को हरा दिया था।राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि रेड्डी को 300 वोट चुनाव में कुल 767 सांसदों ने वोट डाले, जिनमें से 15 वोट अवैध घोषित कर दिए गए। TMC ने दावा किया कि उनके सभी 41 सांसदों ने विपक्ष के उम्मीदवार को वोट दिया।
क्रॉस-वोटिंग और ‘ऑपरेशन लोटस’ का जिक्र
अभिषेक बनर्जी ने स्वीकार किया कि इस बात की संभावना है कि कुछ सांसदों ने क्रॉस-वोटिंग की हो, यानी उन्होंने अपनी पार्टी के खिलाफ जाकर वोट दिया हो। उन्होंने कहा, “यह कहना मुश्किल है कि अवैध घोषित किए गए 15 वोट किस खेमे के थे। लेकिन अगर इन वोटों में से आधे-आधे भी बांटें, तो भी कुछ सांसदों ने क्रॉस-वोटिंग की होगी.” TMC ने बीजेपी पर केवल उप-राष्ट्रपति चुनाव में ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और झारखंड के पिछले विधानसभा चुनावों में भी पैसे का इस्तेमाल कर विधायकों को खरीदने का आरोप लगाया। बनर्जी ने इस तरह की घटनाओं को “ऑपरेशन लोटस” का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी नेताओं का मानना है कि वे पैसे के बल पर नेताओं को खरीद सकते हैं, लेकिन वे बंगाल के लोगों को नहीं खरीद सकते। यह आरोप-प्रत्यारोप का खेल भारतीय राजनीति में कोई नया नहीं है। लेकिन उप-राष्ट्रपति चुनाव जैसे महत्वपूर्ण पद को लेकर 20 करोड़ रुपये जैसे बड़ी रकम का आरोप लगना, कई सवाल खड़े करता है।
हाईकोर्ट नाराज़: सबरीमला मंदिर की सोने की परत हटाने पर देवस्वोम बोर्ड को कड़ी चेतावनी
10 Sep, 2025 05:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एर्नाकुलम: केरल हाईकोर्ट ने सबरीमला मंदिर में द्वारपालक की मूर्तियों पर लगी सोने की परत हटाने के लिए त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड की आलोचना की है. हाईकोर्ट की देवस्वोम पीठ ने कहा कि बिना अनुमति के सोने की परत हटाना अनुचित और न्यायालय के आदेशों के खिलाफ है. हाईकोर्ट ने देवस्वोम बोर्ड को शुक्रवार तक एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया.
हाईकोर्ट ने माना है कि सबरीमला मंदिर के सामने द्वारपालक की मूर्तियों पर लगी सोने की परत को बिना अनुमति के हटाना और मरम्मत के लिए ले जाना अनुचित है. पहले भी ऐसे आदेश दिए गए हैं जिनके तहत मूर्तियों की मरम्मत सहित अन्य कार्यों के लिए सबरीमला विशेष आयुक्त और देवस्वोम पीठ से पूर्व अनुमति लेनी पड़ती है. हालांकि, हाईकोर्ट ने इन आदेशों का उल्लंघन करने के लिए देवस्वोम बोर्ड की भी आलोचना की.
मंदिर के तंत्री ने कुछ दिन पहले विशेष आयुक्त को सूचित किया था कि द्वारपालक की स्वर्ण परत की मरम्मत की जानी चाहिए. हाईकोर्ट ने पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद पूर्व अनुमति न लेने के लिए देवस्वोम बोर्ड की भी आलोचना की. इसके बाद हाईकोर्ट ने देवस्वोम आयुक्त, कार्यकारी अधिकारी और देवस्वोम बोर्ड को शुक्रवार तक एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.
यह कार्रवाई सबरीमला ट्रस्ट के विशेष आयुक्त द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें बताया गया है कि देवस्वोम बोर्ड सबरीमला में द्वारपालक की मूर्तियों पर लगी सोने की परत को बिना अनुमति के मरम्मत के लिए चेन्नई ले गया था, जो एक गंभीर चूक थी.
सबरीमला श्री कोविल (गर्भगृह) में द्वारपालक की दो मूर्तियों पर लगी सोने की परत को हाईकोर्ट की अनुमति के बिना हटाए जाने की आलोचना के बाद, देवस्वोम बोर्ड के अध्यक्ष पीएस प्रशांत ने कहा, "मुझे मीडिया में ऐसी खबरें मिलीं जिनमें कहा गया था कि सबरीमला मंदिर में गर्भगृह के सामने लगे स्वर्ण द्वारपालकों को बिना अनुमति के हटाकर चेन्नई ले जाया गया. यह खबर निराधार है. असल में मरम्मत के लिए द्वारपालकों के दोनों ओर लगी सोने की परत चढ़ी तांबे की प्लेटों को ले जाया गया था. तंत्री और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड की अनुमति से उन्हें चेन्नई स्थित उस संस्थान को भेज दिया गया जिसने मूल रूप से इन्हें बनाया था."
प्लेटों को सुरक्षित रूप से चेन्नई तक एक टीम द्वारा पहुंचाया गया, जिसमें तिरुवभरणम आयुक्त (भगवान अयप्पा के पवित्र आभूषणों के प्रभारी), सबरीमला प्रशासनिक अधिकारी, सबरीमला सहायक कार्यकारी अधिकारी, देवस्वोम स्मिथ ( Devaswom Smith), एक सतर्कता पुलिस उप-निरीक्षक, देवस्वोम सतर्कता के दो पुलिसकर्मी, दो देवस्वोम गार्ड और प्रायोजक के एक प्रतिनिधि शामिल थे, जिन्होंने मूल रूप से प्लेटें दान की थीं.
2023 से, द्वारपालकों, सोपानम सीढ़ियों और मंदिर के द्वारों की मरम्मत करने का निर्देश जारी किया गया है. द्वारों की मरम्मत का काम पहले ही पूरा हो चुका है. बाद में, द्वारपालकों की प्लेटों की मरम्मत का निर्देश जारी किया गया. प्रशांत ने स्पष्ट किया कि इसी निर्देश के आधार पर प्लेटों को मरम्मत के लिए हटा दिया गया है.
बिहार में विकास की रफ्तार तेज, मोदी सरकार ने दिए दो मेगा प्रोजेक्ट्स की मंजूरी
10 Sep, 2025 04:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: कैबिनेट ने बिहार में बक्सर-भागलपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के मोकामा-मुंगेर खंड के निर्माण को हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) पर मंजूरी दे दी है. इस परियोजना की कुल लंबाई 82.4 किलोमीटर है और इसका कुल खर्च 4,447.38 करोड़ रुपये है.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडियाकर्मियों को जानकारी देते हुए बताया कि यह खंड मोकामा, बड़हिया, लखीसराय, जमालपुर, मुंगेर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय शहरों से होकर गुजरता है या उन्हें भागलपुर से जोड़ता है.
उन्होंने कहा, "पूर्वी बिहार में मुंगेर-जमालपुर-भागलपुर बेल्ट एक प्रमुख इंडस्टेरियल रीजन के रूप में उभर रहा है, जो आयुध कारखाने (मौजूदा बंदूक कारखाना और रक्षा द्वारा आयुध कारखाना गलियारे के हिस्से के रूप में प्रस्तावित एक और कारखाना), लोकोमोटिव वर्कशॉप (जमालपुर में), फूड प्रोसेसिंग (मुंगेर में आईटीसी) और संबंधित रसद और भंडारण केंद्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है."
'यातायात में वृद्धि होने की उम्मीद'
उन्होंने आगे कहा कि भागलपुरी सिल्क (भागलपुर में प्रस्तावित टेक्सटाइल इको सिस्टम का विवरण) के नेतृत्व में एक कपड़ा और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में उभर रहा है. बड़हिया फूड पैकेजिंग, प्रोसेसिंग और कृषि-गोदाम के लिए एक क्षेत्र के रूप में उभर रहा है. इस क्षेत्र में बढ़ती आर्थिक गतिविधि से भविष्य में मोकामा-मुंगेर खंड पर माल ढुलाई और यातायात में वृद्धि होने की उम्मीद है.
मंत्री ने कहा कि 100 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड के साथ 80 किमी/घंटा की औसत वाहन गति का समर्थन करने वाले कम टोलिंग के साथ 4-लेन का एक्सेस-कंट्रोल कोरिडोर कुल यात्रा समय को लगभग 1.5 घंटे तक कम कर देगा. साथ ही यात्री और मालवाहक वाहनों दोनों के लिए सुरक्षित, तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा.
प्रस्तावित परियोजना से रोजगार होंगे पैदा
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि 82.40 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित परियोजना से डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रोजगार पैदा होंगे. वैष्णव ने बताया कि प्रस्तावित कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के कारण यह परियोजना अतिरिक्त रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी.
एक अन्य परियोजना में, केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने बताया कि बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट सिंगल रेलवे लाइन सेक्शन (177 किलोमीटर) के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी गई है, जिसकी कुल लागत 3,169 करोड़ रुपये है.
ढांचागत विकास संभव होगा
उन्होंने बताया, "लाइन क्षमता में वृद्धि से गतिशीलता में सुधार होगा, जिससे भारतीय रेलवे की दक्षता और सेवा विश्वसनीयता बढ़ेगी. मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव परिचालन को आसान बनाएगा और भीड़भाड़ को कम करेगा, जिससे भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त खंडों पर आवश्यक बुनियादी ढांचागत विकास संभव होगा."
बंगाल के पांच जिलों को कवर करेगी परियोजना
यह परियोजना तीन राज्यों बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के पांच जिलों को कवर करेगी, जिससे भारतीय रेलवे का मौजूदा नेटवर्क लगभग 177 किलोमीटर बढ़ जाएगा. परियोजना खंड देवघर (बाबा बैद्यनाथ धाम) और तारापीठ (शक्ति पीठ) जैसे प्रमुख स्थलों को भी रेल संपर्क प्रदान करता है, जो देश भर से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. उन्होंने कहा कि मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं लगभग 441 गांवों और लगभग 28.72 लाख आबादी और तीन आकांक्षी जिलों (बांका, गोड्डा और दुमका) तक संपर्क बढ़ाएंगी."
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसरो के 400 से अधिक वैज्ञानिकों ने चौबीसों घंटे काम किया
10 Sep, 2025 11:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। इसरो यानी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अध्यक्ष वी नारायणन ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सहायता देने के लिए 400 से अधिक वैज्ञानिकों ने चौबीसों घंटे काम किया। उन्होंने बताया कि सैन्य अभियान के समय पृथ्वी अवलोकन और संचार उपग्रहों के माध्यम से मदद की गई थी।
अखिल भारतीय प्रबंधन संघ के 52वें राष्ट्रीय प्रबंधन सम्मेलन को संबोधित कर इसरो चीफ नारायणन ने कहा कि इसरो ने राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यकताओं के लिए उपग्रह डेटा उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सभी उपग्रह चौबीसों घंटे सक्रिय थे और सभी आवश्यकताओं को पूरा कर रहे थे। नारायणन ने कहा, 400 से अधिक वैज्ञानिक दिन-रात, पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे थे और मिशन के दौरान सभी पृथ्वी अवलोकन और संचार उपग्रह पूरी तरह से सक्रिय थे।
इसरो प्रमुख ने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सशस्त्र संघर्षों में अंतरिक्ष क्षेत्र की भूमिका पर विशेष ध्यान गया। इस दौरान ड्रोन और स्वदेशी आकाश तीर जैसी वायु रक्षा प्रणालियों की क्षमताओं की व्यापक जांच हुई।
इस मौके पर इसरो प्रमुख ने बताया कि मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान परियोजना के तहत अब तक 7,700 से अधिक जमीनी परीक्षण पूरे हो चुके हैं और आगामी मानव अंतरिक्ष उड़ान से पहले 2,300 परीक्षण और किए जाएंगे। गगनयान मिशन के तहत इसरो बिना चालक दल वाले तीन मिशन संचालित करेगा, जिनमें पहला मिशन इस वर्ष दिसंबर में अपेक्षित है। इसके बाद दो और मानव रहित मिशन होने है।
गगनयान परियोजना के तहत दो मानवयुक्त मिशनों के संचालन के लिए भी अनुमोदन मिल चुका है। नारायणन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसरो को 2035 तक भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने और 2040 तक एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा पर उतारने का लक्ष्य सौंपा है।
विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी के बाद पीएम मोदी का बयान
10 Sep, 2025 10:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश और पंजाब दौरे से लौटने के बाद एक महत्वपूर्ण सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें नेपाल में हो रही हिंसक घटनाओं पर गंभीरता से चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल में जारी अस्थिरता, विशेष रूप से युवाओं की मौत पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे हृदय विदारक बताते हुए कहा कि नेपाल में हुई हिंसा से उनका मन व्यथित है।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में लिखा कि हिमाचल प्रदेश और पंजाब से लौटने पर आज सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में नेपाल के घटनाक्रम पर चर्चा हुई। नेपाल में हिंसा हृदयविदारक है।
उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का दुःख है कि कई युवाओं ने अपनी जान गंवाई है। नेपाल की स्थिरता, शांति और समृद्धि हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मैं नेपाल के सभी भाइयों और बहनों से विनम्रतापूर्वक शांति का समर्थन करने की अपील करता हूं।
बता दें कि नेपाल में फैले हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों को वहां की यात्रा स्थगित करने की सलाह दी।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को एक एडवाइजरी जारी कर कहा कि भारतीय नागरिक तब तक नेपाल न जाएं जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती।
अब तक 19 लोगों की गई जान
इन विरोध प्रदर्शनों में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है और नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि नेपाल की स्थिति को देखते हुए भारतीय नागरिकों को वहां की यात्रा स्थगित करने की सलाह दी जाती है। जो भारतीय नागरिक इस समय नेपाल में हैं, वे अपने आवास पर ही रहें, सड़कों पर न निकलें और पूरी सतर्कता बरतें।
साथ ही मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नागरिक स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों, नेपाल सरकार और भारत के काठमांडू स्थित दूतावास द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में दूतावास के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की अपील भी की गई।
अगले 5 दिन तक बारिश का खतरा, IMD ने जारी किया अलर्ट
10 Sep, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
IMD Rain Alert: राजस्थान में अब मानसून रवानगी की ओर है। राजस्थान में मंगलवार से बारिश का दौर खत्म हो गया है। मौसम केन्द्र के अनुसार 11 सितंबर से प्रदेश में एक सप्ताह के लिए बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। हालांकि उसके बाद भी वेदर सिस्टम एक्टिव रहने के कारण कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। ऐसे में मानसून की विदाई से पहले भी मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है।
अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। इसी के साथ पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर, जयपुर, अजमेर, उदयपुर संभाग के अधिकांश भागों में छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है।
इधर बारिश का दौर थमने के बाद दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। जिलों में पांच डिग्री तक अधिकतम तापमान बढ़ा है।
17 सितंबर को पीएम मोदी ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ और 8 वें पोषण माह का शुभारंभ करेंगे
10 Sep, 2025 08:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने एक्स पर अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 17 सितंबर 2025 को ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ का शुभारंभ होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी दिन से आठवें राष्ट्रीय पोषण माह की भी शुरुआत की जा रही है, जो 16 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। उन्होंने समस्त देशवासियों से यह आग्रह किया कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में इस जागरूकता अभियान का हिस्सा अवश्य बनें।
अपनी एक्स पर किए गए पोस्ट पर अन्नपूर्णा देवी ने कहा :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों से 17 सितंबर 2025 को ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ का शुभारंभ होने जा रहा है। इसी दिन से आठवें राष्ट्रीय पोषण माह की भी शुरुआत होगी, जो 16 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। इस वर्ष का प्रमुख उद्देश्य एवं थीम निम्नलिखित हैं–
* मोटापा घटाने पर ज़ोर देते हुए चीनी और तेल का सीमित सेवन
* प्रारंभिक बचपन की देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) – “पोषण भी, पढ़ाई भी”
* शिशु एवं छोटे बच्चों की आहार पद्धतियां (IYCF)
* पोषण और बच्चों की देखभाल में पुरुषों की भागीदारी (Men-streaming)
* स्थानीय पौष्टिक खाद्य संसाधनों को बढ़ावा (Vocal for Local)
इसके साथ-साथ, देशभर में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में आवेदन हेतु विशेष पंजीकरण मुहिम तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, CHC आदि में 75,000 हेल्थ कैंप आयोजित किए जाएंगे, जहाँ विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। मेरा समस्त देशवासियों से यह आग्रह है कि आप सभी अपने-अपने क्षेत्रों में इस जागरूकता अभियान का अवश्य हिस्सा बनें।
हिमाचल प्रदेश के लिए 1500 करोड़ की आर्थिक मदद का ऐलान
9 Sep, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हिमाचल प्रदेश के बाढ़ और बारिश प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने कांगड़ा में एक आधिकारिक बैठक की जिसमें हिमाचल प्रदेश में हुए नुकसान का आकलन करने के साथ-साथ राहत और पुनर्वास उपायों की समीक्षा की गई। इस मौके पर पीएम मोदी ने हिमाचल प्रदेश के बाढ़ और बारिश प्रभावित इलाकों के लिए 1500 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। वहीं, आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपए और घायलों के लिए 50 हजार रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। इस दौरान पीएम मोदी ने प्रभावित परिवारों से भी मुलाकात की और अपनी संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा मित्र स्वयंसेवकों से भी मुलाकात की और उनके प्रयासों की सराहना की। केंद्र सरकार ने प्रभावित इलाकों में बुनियादी ढांचे के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
प्रधानमंत्री ने की ये घोषणाएं
पीएम मोदी ने कहा कि एसडीआरएफ और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की दूसरी किस्त अग्रिम रूप से जारी की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मंजूरी, राष्ट्रीय राजमार्गों का जीर्णोद्धार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के तहत राहत का प्रावधान और पशुधन के लिए मिनी किट भी जारी किए जाएंगे।
कृषि समुदाय को सहायता प्रदान करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता को देखते हुए, विशेष रूप से उन किसानों को अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी जिनके पास वर्तमान में बिजली कनेक्शन नहीं हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत, क्षतिग्रस्त घरों की जियोटैगिंग की जाएगी। इससे नुकसान का सटीक आकलन करने और प्रभावित लोगों तक सहायता शीघ्र पहुंचाने में मदद मिलेगी।
निर्बाध शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए, स्कूल नुकसान की सूचना दे सकेंगे और जियोटैग कर सकेंगे, जिससे समग्र शिक्षा अभियान के तहत समय पर सहायता मिल सकेगी।
वर्षा जल संग्रहण और भंडारण में सहायता के लिए जल संचयन हेतु पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इन प्रयासों से भूजल स्तर में सुधार होगा और बेहतर जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।
केंद्र सरकार ने नुकसान का आकलन करने के लिए हिमाचल प्रदेश का दौरा करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल पहले ही भेज दिए हैं और उनकी विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर आगे की सहायता पर विचार किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने आपदा से प्रभावित परिवारों से भी मुलाकात की। उन्होंने जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना और गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस कठिन समय में राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी और हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने बाढ़ और प्राकृतिक आपदा में मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि राज्यों को अग्रिम भुगतान सहित आपदा प्रबंधन नियमों के तहत सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने तत्काल राहत और बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, राज्य प्रशासन और अन्य सेवा-उन्मुख संगठनों के कर्मियों के प्रयासों की सराहना की।
केंद्र सरकार राज्य के ज्ञापन और केंद्रीय दलों की रिपोर्ट के आधार पर आकलन की आगे समीक्षा करेगी। प्रधानमंत्री ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि केन्द्र सरकार स्थिति से निपटने के लिए सभी प्रयास करेगी।
PM मोदी ने मतदान कर लोकतंत्र को दिया संदेश, कहा – हर वोट की अहमियत है
9 Sep, 2025 11:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश के 15वें उपराष्ट्रपति के लिए वोटिंग शुरू हो गई है. संसद भवन के कमरा नंबर एफ-101, वसुधा में 10 बजे से वोटिंग हो रही है। उपराष्ट्रपति पद के लिए NDA के उम्मीदवार CP राधाकृष्णन और INDIA गठबंधन के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी के बीच मुकाबला है। सबसे पहले वोट डालने के लिए PM नरेंद्र मोदी पहुंचे। वोटिंग शुरू होने से पहले CP राधाकृष्णन सुबह 9.30 बजे ब्रेकफास्ट मीटिंग में शामिल हुए। बता दें कि 15वें उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए लोकसभा के 542 और राज्यसभा के 239 सदस्य वोट डालेंगे। वहीं, राज्यसभा के 12 नामित सदस्य भी इसमें वोटिंग करेंगे. वोटिंग शाम 5 बजे तक होगी। इसके बाद शाम 6 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी।
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