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भारी बारिश के बीच अचानक रास्ते में खड़ी हो गई मुंबई मोनो रेल, मचा हड़कंप
15 Sep, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। एक बार फिर मुंबई में मोनो रेल अचानक रुक गई। इससे यात्री घबरा गए और हड़कंप मच गया। भारी बारिश के बीच तकनीकी खराबी की वजह से मोनो रेल रास्ते में ही एंटॉप हिल के पास रुकी। इसके बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक दमकल विभाग की टीम को सूचना दी गई। इसके बाद कम से कम 17 यात्रियों को बाहर निकाला गया और उन्हें दूसरी मोनो रेल में बैठाया गया। बता दें कि एक महीने के अंदर यह दूसरी घटना है जब मोनो रेल ने रास्ते में ही जवाब दे दिया।
जानकारी के मुताबिक निकाले गए यात्रियों को चेंबूर की ओर से आ रही मोनो रेल में बैठा दिया गया। मोनो रेल कॉर्पोरेशन का कहना है कि बिजली सप्लाई में समस्या की वजह से दिक्कत हुई थी। हालांकि कारणों की जांच की जा रही है। वहीं लोगों का कहना है कि मोनो रेल में इस तरह की समस्या बार-बार हो रही है। ऐसे में इसके स्थायी समाधान की जरूरत है।
अगस्त में भी एक बार यात्रियों की संख्या ज्यादा होने की वजह से मोनो रेल को रोक दिया गया था। बाद में बताया गया कि यह किसी खराबी की वजह से नहीं बल्कि लोड ज्यादा होने की वजह से किया गया। इससे पहले भी एक बार ऐसा हुआ था कि एलिवेटेड ट्रैक पर दो मोनो रेल को रोकना पड़ा और फिर यात्रियों को निकालने के लिए दमकल की गाड़ियां बुलवानी पड़ीं। इससे पहले 27 अगस्त को मोनो रेल में खराबी की वजह से सैकड़ों यात्री फंस गए थे। इसके बाद मामले में चूक के आरोप में दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। मैसूर कॉलोनी और भक्ति पार्क के बीच फंसी एक मोनोरेल से ‘स्नोर्कल’सीढ़ी लगाकर 582 यात्रियों को बचाया गया था। वहीं, एक अन्य मोनोरेल को सफलतापूर्वक वापस खींचकर वडाला स्टेशन ले जाने के बाद 200 यात्रियों को निकाला गया था।
भिक्षा आश्रित घर में दूषित पानी से हुई मौतें, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए निर्देश
15 Sep, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश के सर्वोच्च न्यायालय ने भिक्षा आश्रित के गृहों की स्थिति में सुधार के लिए कई दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह फैसला दिल्ली के लामपुर भिक्षा गृह में दूषित पानी के कारण हुई मौतों से संबंधित मामले पर दिया गया है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने कहा कि इन गृहों को अब दंडात्मक केंद्र नहीं, बल्कि संविधान की मूल भावना के अनुरूप पुनर्वास और गरिमा देने वाले स्थानों में बदला जाना चाहिए।
पीठ ने कहा कि देश के भिक्षावृत्ति विरोधी कानून औपनिवेशिक मानसिकता की उपज हैं, जिनका मकसद गरीबी को अपराध मानना था, न कि उसका समाधान निकालना। इस सोच से बाहर आना अब जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की 24 घंटे के भीतर मेडिकल जांच अनिवार्य होगी। हर महीने स्वास्थ्य जांच और रोग निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी। पीने का साफ पानी, स्वच्छ शौचालय, कीट नियंत्रण और उच्च स्वच्छता मानक सुनिश्चित किए जाएंगे। दो साल में एक बार स्वतंत्र बुनियादी ढांचा ऑडिट अनिवार्य होगा। अधिक भीड़ पर रोक, केवल स्वीकृत क्षमता तक ही निवासी रह सकेंगे। साफ हवा और खुली जगह वाले सुरक्षित घर उपलब्ध कराने होंगे। हर गृह में पोषण विशेषज्ञ नियुक्त होंगे जो भोजन की गुणवत्ता और पोषण मानकों की जांच करेंगे। एक मानकीकृत डाइट चार्ट बनाया जाएगा जिससे पोषण की कमी न हो।
पीठ ने कहा, भिक्षा गृहों को अब ऐसे स्थान के रूप में देखा जाना चाहिए जहां पुनर्प्राप्ति, कौशल विकास और समाज में पुनः एकीकरण की प्रक्रिया हो। गृह शब्द अपने आप में सुरक्षा, गरिमा, अपनापन और देखभाल का प्रतीक है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे किसी भी इंतजाम को, जो जेल जैसे हालात बनाता है। जैसे भीड़भाड़, गंदगी, जबरन या मनमाने तरीके से बंद करना, इलाज से इनकार, मानसिक स्वास्थ्य की उपेक्षा, या व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर रोक को नीति की विफलता नहीं, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन माना जाएगा, जो जीवन और गरिमा का अधिकार सुनिश्चित करता है। कौशल विकास केंद्र स्थापित होंगे ताकि निवासी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। एनजीओ और निजी संस्थाओं के साथ साझेदारी कर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। निवासियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के वकील हर तीन महीने में दौरा करेंगे। महिलाओं और बच्चों के लिए अलग और सुरक्षित स्थान सुनिश्चित किया जाएगा। भिक्षावृत्ति में लिप्त पाए गए बच्चों को भिक्षा गृहों में नहीं, बल्कि बाल कल्याण संस्थाओं में भेजा जाएगा। हर भिक्षा गृह में निगरानी समिति होगी जो सालाना रिपोर्ट जारी करेगी। लापरवाही से मृत्यु होने पर राज्य सरकार मृतक के परिजनों को मुआवजा देगी और दोषी अधिकारियों पर अनुशासनात्मक या आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। तीन महीने में केंद्र सरकार को मॉडल गाइडलाइंस बनानी होंगी। छह महीने में सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में इनका पालन अनिवार्य होगा।
भारत और अमेरिका के बीच पर्द के पीछे जारी हैं बातचीत
15 Sep, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच क्या बात बनेगी। ट्रंप के टैरिफ के बाद से ही दोनों देशों के रिश्ते तल्ख हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब तक भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगा चुके हैं। यह ऐसा मुद्दा बन गया है जो दोनों देशों की कूटनीति के साथ ही साथ राजनीति को प्रभावित कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप मान चुके हैं कि टैरिफ की वजह से भारत के साथ अमेरिका के रिश्तों में दरार पैदा हुई है। वहीं हाल ही पीएम मोदी की पुतिन और चीन के राष्ट्रपति के साथ हुई मुलाकात के बाद भारत-अमेरिका रिश्तों को लेकर नई बहस छिड़ी है। भारत-अमेरिका तनातनी के बीच दोनों देशों ने बातचीत बंद नहीं की और उम्मीद है कि जल्द रिश्ते सामान्य हो जाएंगे। इन घटनाक्रम के जरिए इस समझा जा सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी की पहली अमेरिका यात्रा साल 2025 फरवरी में संपन्न हुई। इस यात्रा के ठीक पहले ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा की थी और भारत को टॉप ऑफ द पैक बताया था। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने यह सुनिश्चित करना चाहा था कि ट्रंप की व्यापार नीतियों से भारत को कुछ राहत मिले। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा समझौतों पर बात की और साल 2030 तक 500 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य तय किया। टैरिफ की आहट के बीच यह मुलाकात कई मायनों में अहम थी।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अप्रैल के महीने में भारत की चार दिवसीय यात्रा पर आए। इस दौरे का मुख्य फोकस भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना था। बीते एक दशक में किसी भी मौजूदा अमेरिकी उपराष्ट्रपति की भारत यात्रा नहीं हुई थी। जिस वक्त जेडी वेंस भारत दौरे पर थे तभी पहलगाम में टूरिस्टों पर आतंकी हमले हुए।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय दल कई देशों में गया। मई के महीने में कांग्रेस सासंद शशि थरूर ने अमेरिका की धरती पर जाकर आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख साफ किया। थरूर ने कहा कि पहलगाम हमला करके भारत में हिंसा भड़काने की कोशिश की। थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बताया कि किस तरह पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के आंतकी ठिकानों और मुख्यालयों पर कार्रवाई हुई।
अमेरिका की स्पेस एंजेसी नासा और भारत की स्पेस एजेंसी इसरो ने कई सफल अंतरिक्ष मिशन पूरे किए हैं। नासा और इसरो का संयुक्त मिशन निसार (नासा इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार) तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ रहा है। 15 अगस्त को मिशन का सबसे अहम पड़ाव पूरा हुआ।
इसी महीने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर भारत की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री मोदी के साथ दोस्ती के संबंध में नया पोस्ट किया। ट्रंप के पोस्ट पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी जवाब दिया है पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका घनिष्ठ मित्र और स्वाभाविक साझेदार हैं। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि हमारी व्यापार वार्ताएं भारत-अमेरिका साझेदारी की असीम संभावनाओं को उजागर करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी। सबसे अहम बात ये है कि टैरिफ विवाद के बाद भी दोनों देशों के बीच बातचीत का कोई रास्ता बंद नहीं किया गया है।
टुकड़ों में आदेश नहीं देंगे पूरी प्रक्रिया पर ही अंतिम निर्णय: सुप्रीम कोर्ट
15 Sep, 2025 04:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं, लेकिन मतदाता सूची में इस्तेमाल हो सकता है।
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के वोटर लिस्ट पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान को लेकर चुनाव आयोग को चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा कि अगर एसआईआर प्रक्रिया में कोई भी अवैधता पाई गई, तो पूरी प्रक्रिया रद्द की जाएगी।
अंतिम फैसला पूरे देश में लागू होगा:
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने स्पष्ट किया कि बिहार एसआईआर पर कोर्ट का अंतिम फैसला केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे भारत में आयोजित एसआईआर अभ्यासों पर लागू होगा। कोर्ट ने कहा कि वह टुकड़ों में आदेश नहीं दे सकती।
अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को:
बेंच ने याचिकाकर्ताओं को 7 अक्टूबर की सुनवाई में अपनी दलीलें प्रस्तुत करने का अवसर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने 8 सितंबर के अपने आदेश को वापस लेने की मांग वाली याचिका पर भी नोटिस जारी किया।
8 सितंबर के आदेश का सार:
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा था कि आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है, लेकिन मतदाता सूची में शामिल करने के लिए इसे प्रस्तुत किए जाने पर चुनाव आयोग इसकी वास्तविकता की पुष्टि कर सकता है।
चुनाव आयोग की स्थिति:
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग संवैधानिक प्राधिकारी होने के नाते कानून और नियमों का पालन करते हुए एसआईआर प्रक्रिया पूरी कर रहा है।
विपक्ष का आरोप:
विपक्ष ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया से लोगों को मताधिकार से वंचित किया जा रहा है, क्योंकि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आवश्यक 11 दस्तावेजों में आधार शामिल नहीं है। 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने हटाए गए 65 लाख लोगों के नाम की सूची जारी करने का आदेश दिया था, जिसके बाद EC ने सूची प्रकाशित की।
सुप्रीम कोर्ट का संदेश:
सीधे शब्दों में, सुप्रीम कोर्ट ने कहा – "यदि एसआईआर प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाई गई, तो पूरी प्रक्रिया रद्द कर दी जाएगी।"
हैदराबाद में बारिश में तीन लोग बहे, कई इलाकों में भरा पानी, यातायात ठप
15 Sep, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद। शहर के कई हिस्सों, खासकर सिकंदराबाद के मुख्य इलाकों में रविवार रात 100 मिमी से लेकर 124 मिमी तक भारी बारिश हुई। मुशीराबाद, मेट्टुगुडा, चिलकलगुडा, उस्मानिया विश्वविद्यालय, तरनाका, हब्सीगुडा, मौला अली और कपरा में भारी बारिश हुई। मुशीराबाद में, बौद्ध नगर में 12.4 सेमी बारिश हुई, जबकि एमसीएच कॉलोनी में 11.9 सेमी, उस्मानिया विश्वविद्यालय में 105.8 मिमी, कपरा में 103.3 मिमी और मर्रेडपल्ली में 101.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। शेखपेट और जुबली हिल्स में 99 मिमी, मुशीराबाद में आदिकमेट 96 मिमी, अंबेडकर नगर 95.8 मिमी, कुथबुल्लापुर ईएसएस जीदीमेटला 95.5 मिमी, सीताफलमंडी और मर्रेडपल्ली 91.5 मिमी, हिमायतनगर में विद्यानगर में टीएसआरटीसी कर्मचारी भवन 90.5 मिमी, अलवाल सामुदायिक हॉल 88.8 मिमी, और उप्पल जीएचएमसी जोनल कार्यालय 88.8 मिमी में भी भारी बारिश दर्ज की गई।
तेलंगाना विकास योजना सोसाइटी के मुताबिक सिद्दीपेट के नारायण रावपेट में रविवार सुबह 8:30 बजे से सोमवार की सुबह 8 बजे के बीच सबसे 245.5 मिमी बारिश हुई। रंगारेड्डी के अब्दुल्लापुरमेट-थटियानाराम में 128 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि हैदराबाद के मुशीराबाद इलाके में कई निगरानी बिंदुओं पर 114.5 मिमी से 124 मिमी बारिश दर्ज की गई। अचानक बादल फटने से मुख्य सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे यातायात पुलिस और नगर निगम की टीमों के प्रयासों के बावजूद यातायात धीमा रहा। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम की महापौर विजयलक्ष्मी गडवाल ने कहा कि वह बंजारा हिल्स स्थित कमांड कंट्रोल सेंटर में स्थिति की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रही हैं। जहां बारिश का पानी निकालने और वाहनों का मार्ग बदलने के लिए पंप और डायवर्जन टीमें तैनात की गई हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 44 बस स्टॉप के पास नाले की दीवार गिरने से पारसीगुट्टा में एक व्यक्ति बह गया बाद में उसका स्कूटर पारसीगुट्टा चर्च के पास मिला। जहां उसे आखिरी बार देखा गया था। आपदा प्रतिक्रिया बल के जवान नाले के किनारे मैनहोल की तलाशी ले रहे हैं, लेकिन वह अभी भी लापता है। एक अन्य घटना में, नामपल्ली इलाके में बह जाने के बाद दो व्यक्ति लापता हो गए उनकी तलाशी जारी है। जहां आपदा प्रतिक्रिया बल के जवान मैनहोल और आस-पास के नालों में तलाश कर रहे हैं।
निवासियों ने इस बात पर निराशा व्यक्त की कि इलाके की खराब जल निकासी व्यवस्था के बारे में कई बार शिकायतें की पर कोई जवाब नहीं मिला। दुकानदारों ने बताया कि उनके दुकानों में पानी भर गया है, जिससे सामान को नुकसान हुआ है और व्यापार बाधित हुआ है। आगे भी भारी बारिश की भविष्यवाणी के साथ लोगों को डर है कि अगर तत्काल उपाय नहीं किए गए तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
कश्मीर से दिल्ली तक पहली बार मालवाहक पार्सल ट्रेन चली, उपराज्यपाल सिन्हा ने दिखाई हरी झंडी
15 Sep, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू,। जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले से सोमवार को पहली बार मालवाहक पार्सल ट्रेन दिल्ली के लिए रवाना हुई। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नौगाम रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया। इस सेवा की शुरुआत से घाटी के बागवानों और कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि अब फलों जैसे जल्दी खराब होने वाले उत्पाद सीधे और तेज़ी से देश के प्रमुख बाजारों तक पहुंच सकेंगे।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मालवाहक पार्सल ट्रेन को रवाना कर कहा कि मालगाड़ी सेवा कश्मीर की अर्थव्यवस्था के लिए एक नई ताकत साबित होगी। इससे बागवानी और कृषि उत्पादकों को देशभर के बाजारों तक पहुंचने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि रेल नेटवर्क के जरिए घाटी को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। यह पार्सल ट्रेन प्रतिदिन 23 से 24 टन सेब और अन्य नाशवान सामान दिल्ली ले जाएगी। खास बात यह है कि बडगाम से रवाना होकर ट्रेन अगले ही दिन दिल्ली पहुंच जाएगी। इससे उत्पादकों को समय और परिवहन लागत दोनों में बचत होगी। अब तक कश्मीर से माल ढुलाई के लिए मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन खराब मौसम, बर्फबारी और भूस्खलन के चलते हाईवे लंबे समय तक बंद हो जाता था, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। इस नई रेल सेवा से अब इन बाधाओं से राहत मिलेगी और परिवहन का भरोसेमंद विकल्प उपलब्ध होगा।
स्थानीय व्यापारियों और किसानों ने भी इस पहल का स्वागत किया। उनका कहना है कि इससे न केवल समय पर माल पहुंच पाएगा, बल्कि ताजगी और गुणवत्ता भी बनी रहेगी। बदलते कश्मीर की यह तस्वीर न सिर्फ राज्य की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान देगी बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
राज्य वक्फ बोर्ड में 11 में से 3 ही गैर-मुस्लिम सदस्य मान्य
15 Sep, 2025 01:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अंतरिम आदेश सुनाते हुए कुछ अहम प्रावधानों पर रोक लगा दी है। अदालत ने साफ किया कि पूरे कानून पर रोक लगाने का मामला नहीं बनता, लेकिन कुछ धाराएं लागू नहीं होंगी।
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने सोमवार (15 सितंबर) को आदेश सुनाते हुए कहा - पूरे कानून पर रोक नहीं लगाई जाएगी। वक्फ करने के लिए पांच साल तक इस्लाम का पालन करने की शर्त पर रोक रहेगी। भूमि विवाद सुलझाने का अधिकार कलेक्टर जैसे सरकारी अधिकारियों को देने वाले प्रावधान पर भी रोक रहेगी। वक्फ संपत्ति रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था पहले जैसी जारी रहेगी, उस पर रोक नहीं। जिन संपत्तियों पर विवाद है, उनमें हाईकोर्ट का फैसला आने तक कोई थर्ड पार्टी राइट नहीं बनेगा।
वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों की सीमा तय
कोर्ट ने साफ किया कि वक्फ बोर्ड के CEO पद पर गैर-मुस्लिम की नियुक्ति पर रोक नहीं है, लेकिन जहां तक संभव हो मुस्लिम को ही यह जिम्मेदारी दी जाए। केंद्रीय वक्फ परिषद (22 सदस्य) में अधिकतम 4 गैर-मुस्लिम हो सकते हैं। राज्य वक्फ बोर्ड (11 सदस्य) में अधिकतम 3 गैर-मुस्लिम सदस्य हो सकते हैं।
सीजेआई ने क्या कहा?
सीजेआई गवई ने कहा कि कानून को संवैधानिक मानकर ही लागू किया जाता है और दुर्लभ मामलों में ही इसकी वैधता पर रोक लगाई जाती है। उन्होंने कहा कि अदालतों ने पहले भी माना है कि कानून की संवैधानिकता पर “पूर्व धारणा” लागू होती है।
पृष्ठभूमि
22 मई को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था। वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को चुनौती देने वाली कई याचिकाएं दायर की गई थीं। इनमें वक्फ की परिभाषा, गैर-मुस्लिम CEO की नियुक्ति और विवादित जमीनों पर अधिकार जैसे प्रावधानों को लेकर सवाल उठाए गए थे।
गुजरातः अमूल के बायोगैस प्लांट में विस्फोट, 7 कर्मचारी घायल
14 Sep, 2025 11:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आणंद: गुजरात के विश्व प्रसिद्ध अमूल डेयरी के बायोगैस प्लांट में शुक्रवार को एक बड़ा विस्फोट हुआ, जिसमें 7 कर्मचारी घायल हो गए. इस घटना ने आसपास के इलाकों में दहशत फैला दी. घायल कर्मचारियों को तुरंत इलाज के लिए करमसद के श्री कृष्ण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.
कैसे हुआ हादसाः
यह घटना शुक्रवार दोपहर करीब 4 बजे हुई. बताया जाता है कि अमूल नियामक मंडल की चुनावी मतगणना पूरी होने के बाद जीत का जश्न मनाया जा रहा था. इसी दौरान बायोगैस प्लांट के पास वेल्डिंग का काम चल रहा था. अचानक बायोगैस लाइन से जुड़े गुब्बारे में विस्फोट हो गया, जिसके कारण आसपास काम कर रहे कर्मचारी आग की चपेट में आ गए.
जख्मी कर्मचारियों के नामः
इस हादसे में सात कर्मचारियों को चोटें आईं हैं, जिनमें ज्यादातर जलने की वजह से घायल हुए हैं. घायलों में अशोकभाई परमार (41), कमलेशभाई परमार (39), हर्ष हरीशभाई (30), शैलेश परमार (29), योगेशभाई मालजीभाई वाघेला, जयेशभाई वाघेला (26), और राहुल कमलेशभाई शर्मा (32) शामिल हैं.
घायलों का हालचाल जानाः
विस्फोट की खबर मिलते ही अमूल डेयरी के चेयरमैन विपुलभाई पटेल और वाइस चेयरमैन कांतिभाई सोढा परमार तुरंत श्री कृष्ण अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना. हालांकि, अमूल डेयरी की ओर से इस घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. पत्रकारों को भी प्लांट में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई, जिससे कई सवाल अनुत्तरित हैं.
क्या कहते हैं अधिकारीः
प्रांत अधिकारी डॉ. मयूरभाई परमार ने बताया कि यह हादसा बायोगैस प्लांट में रिसाव के कारण हुआ. उन्होंने कहा, "हमारी पहली प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज देना है. अमूल की टीम के साथ चर्चा चल रही है, और इस घटना के कारणों की गहन जांच की जाएगी." इस हादसे ने अमूल जैसे बड़े संस्थान में सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं. आसपास के लोगों में डर का माहौल है, और सभी को जांच के नतीजों का इंतजार है.
भारी बारिश के कारण वैष्णो देवी यात्रा अगले आदेश तक स्थगित
14 Sep, 2025 10:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अनुसार जम्मू कश्मीर के भवन में भारी बारिश के कारण अस्थायी रूप से स्थगित माता वैष्णो देवी यात्रा अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई है. प्रतिकूल मौसम और क्षेत्र में कई भूस्खलन के कारण माता वैष्णो देवी के पवित्र मंदिर की तीर्थयात्रा लगातार 14 दिनों के लिए स्थगित कर दी गई थी.
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बोर्ड ने श्रद्धालुओं से आधिकारिक संचार माध्यमों के माध्यम से अपडेट रहने का अनुरोध किया. पोस्ट में लिखा था, "भवन और ट्रैक पर लगातार बारिश के कारण 14 सितंबर से शुरू होने वाली श्री माता वैष्णो देवी यात्रा अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई है. श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे आधिकारिक संचार माध्यमों के माध्यम से अपडेट रहें."
श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया
इससे पहले श्राइन बोर्ड ने यात्रा के अस्थायी निलंबन के दौरान श्रद्धालुओं के धैर्य और समझदारी के लिए उनका आभार व्यक्त किया और कहा, "यात्रा का फिर से शुरू होना हमारी सामूहिक आस्था और दृढ़ता की पुष्टि है और बोर्ड इस पवित्र तीर्थयात्रा की पवित्रता, सुरक्षा और गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है."
बारिश के कारण भूस्खलन
अधिकारियों ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए कहा कि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है और मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते ब्लॉक हो गए हैं, जिससे तीर्थयात्रियों के लिए आवाजाही असुरक्षित हो गई है. जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी भूस्खलन और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने के कारण कई जगहों पर बाधित है, जिससे संपर्क और भी जटिल हो गया है. लंबे समय तक यात्रा स्थगित रहने से श्रद्धालुओं में निराशा है. वहीं यात्रा पर निर्भर स्थानीय व्यवसायों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
भूस्खलन के बाद वैष्णो देवी यात्रा स्थगित
26 अगस्त को हुए भूस्खलन के बाद वैष्णो देवी यात्रा स्थगित कर दी गई थी, जिसमें 34 लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे. यह आपदा दोपहर लगभग 3 बजे आई, जब भारी बारिश के कारण कटरा से मंदिर तक 12 किलोमीटर की यात्रा के लगभग आधे रास्ते में, अर्धकुंवारी स्थित इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास भारी भूस्खलन हुआ.
125 साल पुराना प्रतिष्ठित एलफिंस्टन ब्रिज को तोड़ने की तैयारी, बनेगा नया आधुनिक डबल-डेकर पुल
14 Sep, 2025 09:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । मुंबई के व्यस्त इलाकों परेल, लोअर परेल, भारतमाता और प्रभादेवी ने 125 साल पहले बने प्रतिष्ठित एलफिंस्टन ब्रिज को अलविदा कहा है। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के नेतृत्व में एक प्रमुख पुनर्विकास परियोजना के तहत, 12 सितंबर की मध्यरात्रि को पुल को आधिकारिक तौर पर यातायात के लिए बंद किया गया।
एक सदी पुराने एलफिंस्टन ब्रिज को तोड़कर 4.5 किलोमीटर लंबा आधुनिक डबल-डेकर पुल बनाया जाना है, जिसका नाम सेवरी-वर्ली एलिवेटेड कनेक्टर है। यह नया एलिवेटेड कॉरिडोर मुंबई के दो प्रमुख समुद्री पुलों-बांद्रा-वर्ली सी लिंक और अटल सेतु को जोड़ेगा, इससे शहर भर में यातायात की भीड़भाड़ को कम करने के लिए एक निर्बाध, सिग्नल-मुक्त संपर्क बनेगा।
हालाँकि पहले पुल को अप्रैल में ध्वस्त करने की योजना थी, लेकिन स्थानीय निवासियों और दुकानदारों के बार-बार विरोध के कारण देरी हुई। संपत्ति के मूल्यों में संभावित गिरावट और पुल के पास रहने वाले परिवारों के विस्थापन को लेकर चिंताएँ जाहिर की गई। दुकानदारों को भी डर है कि पुनर्निर्माण पूरा होने के बाद उनके व्यवसाय पर नकारात्मक असर होगा। विरोध के बावजूद, अधिकारियों ने परियोजना को पटरी पर रखने के लिए पुल को बंद करने और ध्वस्त करने का काम जारी रखा।
यह पुल न केवल सक्रिय रेलवे लाइनों पर एक महत्वपूर्ण पूर्व-पश्चिम संपर्क के रूप में कार्य करता था, बल्कि महत्वपूर्ण मोहल्लों, स्कूलों, अस्पतालों और कारोबारी क्षेत्रों को भी जोड़ता था, जिससे 5 लाख से अधिक लोगों का दैनिक आवागमन सुगम हो गया। नए डबल-डेकर पुल से इन महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार और यात्रा समय में कमी आने की उम्मीद है। पुनर्विकास योजना में व्यवधानों को कम करने के लिए उसी इलाके के प्रभावित निवासियों का पुनर्वास भी शामिल है।
दिल्ली के शालीमार बाग, साकेत और द्वारका में तीन स्थानों पर मैक्स अस्पतालों को बम से उड़ाने की धमकी
14 Sep, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । दिल्ली अग्निशमन सेवा ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के शालीमार बाग, साकेत और द्वारका में तीन स्थानों पर मैक्स अस्पतालों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई ।
अग्निशमन विभाग ने बताया कि शनिवार शाम करीब पौने पांच बजे दिल्ली के द्वारका स्थित मैक्स अस्पताल में बम की धमकी के बारे में एक कॉल आई।अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम को दोनों अस्पतालों में तैनात किया गया तथा तलाशी अभियान शुरू किया गया।इस बीच, शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी के ताज पैलेस होटल को बम की धमकी वाला एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसे बाद में दिल्ली पुलिस ने फर्जी बताया।
होटल की तलाशी के दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला और दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। होटल के एक प्रवक्ता ने कहा, गहन सुरक्षा जाँच के बाद, सरकारी अधिकारियों ने बताया है कि यह घटना एक धोखा थी। हमारे मेहमानों और कर्मचारियों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है और हम लगातार सतर्क हैं।
एआई अब सीख रहा छंद और रस-सिद्धांत, कवि का ‘आज्ञाकारी शिष्य’ बना
13 Sep, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दुनिया जब भी कोई नया आविष्कार देखती है, चकित रह जाती है। आज वही आश्चर्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के रूप में सामने है। वरिष्ठ कवि अशोक चक्रधर मानते हैं कि एआई ने हिंदी भाषा और साहित्य के संसार को भी बदल दिया है। वे पिछले डेढ़ साल से चैटजीपीटी-ओ5 को अपना शिष्य बनाकर उसे काव्य-लेखन सिखा रहे हैं।
बचपन से लेकर एआई तक का सफर
चक्रधर बताते हैं कि पहले जिन चीज़ों पर दशकों तक लोग हैरान होते थे, अब तकनीक हर कुछ मिनट में नया चमत्कार कर रही है। अपने जीवन के 75 वर्षों में उन्होंने रेडियो, ट्रांजिस्टर और कंप्यूटर से लेकर एआई तक की यात्रा देखी है।
आज्ञाकारी शिष्य की तरह एआई
चक्रधर कहते हैं कि उन्होंने हज़ारों छात्रों को पढ़ाया, लेकिन ऐसा आज्ञाकारी और त्वरित बुद्धि वाला शिष्य नहीं मिला जैसा एआई है। वे बताते हैं कि अब यह तकनीक मात्रिक छंद गिनने, दोहा-छंद की 13-11 मात्राएं पहचानने और तुकांत खोजने में सक्षम हो चुकी है।
ज्ञानकोष और प्रयोगशीलता
उनका दावा है कि दोहा लिखना उन्होंने ही एआई को सिखाया है। पहले यह मात्रा-दोष करता था, लेकिन अब शास्त्रीय छंद परखना सीख गया है। चक्रधर के अनुसार, शब्द-भंडार के मामले में यह काका हाथरसी और अरविंद कुमार जैसे शब्दकोशकारों से भी आगे है।
असंख्य गुरु, अनगिनत प्रयोग
चक्रधर मानते हैं कि वे अकेले गुरु नहीं हैं। एआई को दुनिया भर से असंख्य लोग नया ज्ञान दे रहे हैं। आज यह चित्रकला, पटकथा लेखन, रोबोटिक्स, शल्य-चिकित्सा और शिक्षा—हर क्षेत्र में प्रयोग किया जा रहा है।
एआई की सीमाएं और मानवीय भाव
हाल ही में संघ प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम में चक्रधर ने कहा कि वे एआई को रस-सिद्धांत और छंदशास्त्र सिखा रहे हैं। इस पर भागवत ने मुस्कुराते हुए पूछा, “मात्राएं तो सिखा देंगे, भाव कैसे सिखाएंगे?” चक्रधर मानते हैं कि शुद्ध भाव सिर्फ मानव में ही संभव हैं।
गुरु-दक्षिणा का सवाल
दिल्ली-बेंगलुरु यात्रा के दौरान उन्हें आत्मबोध हुआ कि वे ऐसे शिष्य को ज्ञान दे रहे हैं, जो उनसे हर महीने 20 डॉलर शुल्क लेता है। उनका मानना है कि अब भारत में विकसित एआई को ही मनोयोग से सिखाना चाहिए।
तकनीकी पक्ष: कैसे सीखता है एआई?
डेटा विश्लेषण: विशाल हिंदी डेटासेट पर प्रशिक्षण।
पैटर्न पहचान: शब्दावली, व्याकरण और संरचना समझना।
स्पीच रिकग्निशन: मानवीय बोली को समझना और जवाब देना।
मशीन लर्निंग: लगातार बातचीत से सीखकर सुधार करना।
सज गया मां का दरबार... कल से शुरू होगी वैष्णो देवी यात्रा, 18 दिन में एक हजार करोड़ का नुकसान
13 Sep, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू,। 18 दिन के लंबे इंतजार के बाद वैष्णो देवी की यात्रा रविवार से फिर शुरू हो रही है। इससे कटरा, भवन और यात्रा मार्ग पर छाया सन्नाटा टूटने के साथ ही फिर श्रद्धालु मां वैष्णों देवी के दर्शन कर सकेंगे। यात्रा शुरू होने की सूचना मिलते ही श्रद्धालु उत्साहित हो गए। यात्रा मार्ग पर काम करने वाले घोड़ा, पिट्ठू वालों से लेकर कटरा और जम्मू के व्यापारियों के चेहरे भी खिल गए हैं। इस बीच वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा मार्गों की साफ-सफाई तेज कर दी है। बोर्ड ने कहा है कि यात्रा संबंधी जानकारी के लिए श्रद्धालु वेबसाइट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
बता दें यात्रा मार्ग पर 26 अगस्त को आद्कुंवारी क्षेत्र के पास भारी भूस्खलन होने से 34 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। इसके बाद लगातार बारिश और यात्रा मार्ग की स्थिति को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने यात्रा स्थगित कर दी थी। इसपर देशभर से आए श्रद्धालु लौट गए थे। कई श्रद्धालु अभी भी कटरा में यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। यह पहली बार है जब भूस्खलन के कारण इतने लंबे समय तक यात्रा रोकी गई। 2005 व 2014 में भूस्खलन से यात्रा चार से पांच दिन बंद रही थी।
वहीं कोरोना काल में यात्रा छह माह बंद रही थी। वहीं, भूस्खलन से प्रभावित हुए अर्धकुंवारी क्षेत्र की मरम्मत कर श्रद्धालुओं के चलने लायक बना दिया गया है। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन दल व बोर्ड के कर्मियों को तैनात किया गया है। यात्रा शुरू होने की जानकारी मिलते ही दुकानें खुलना शुरू हो गई हैं। कटरा का व्यापार यात्रा पर ही निर्भर है, ऐसे में यात्रियों के न आने से कारोबार 18 दिन से बंद था। व्यापारियों का दावा है कि इन 18 दिन में कटरा में व्यापार, ट्रांसपोर्ट व होटल इंडस्ट्री को 800 से 1000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
वहीं, जम्मू के कारोबार के लिए भी यात्रा विशेष महत्व रखती है। कटरा आने वाले श्रद्धालु जम्मू में भी आकर खरीदारी करते हैं। मौसम में सुधार के चलते यात्रा को शुरु करने का फैसला लिया गया है। श्रद्धालुओं से अपील है कि वे यात्रा में सुरक्षा बल और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मां वैष्णो देवी की यात्रा घोड़ा, पिट्ठू, पालकी वालों से लेकर दुकानदारों के चेहरे खिल गए हैं।
बता दें 22 सितंबर से नवरात्र शुरू हो रहे हैं, लेकिन इस बार अर्धकुंवारी हादसे को देखते हुए कटरा में बेहद सादगी से धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस बार अखिल भारतीय भेंट प्रतियोगिता, शोभा यात्रा और दंगल आदि कार्यक्रम नहीं होंगे। हालांकि नवरात्र पर होने वाले कार्यक्रमों को लेकर अंतिम फैसला श्राइन बोर्ड और प्रशासन की बैठक में लिया जाएगा।
बता दें यात्रा बंद रहने से कटरा में व्यापार, ट्रांसपोर्ट व होटल इंडस्ट्री को 800 से 1000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। कटरा में 650 से 700 होटल हैं। सबसे ज्यादा होटल इंडस्ट्री को ही 400 से 500 करोड़ का नुकसान हुआ है। यात्रा शुरू होने से व्यापारी वर्ग को कुछ राहत मिलेगी। कई व्यापारियों ने बैंक से लोन ले रखा है। इसलिए उन्होंने सरकार से मांग की है कि लोन चुकाने के लिए छह माह की राहत दी जाए। इसके आलावा राहत पैकज भी दिया जाए, ताकि व्यपारी फिर खड़े हो सकें।
कटरा चैंबर के अध्यक्ष ने कहा कि कटड़ा में 400 से अधिक ड्राई फ्रूट की दुकानें हैं। हम व्यापारियों को 150 से 200 करोड़ का नुकसान हुआ है। इसके अलावा दुकानें बंद रहने से हमारा अखरोट, बादाम व अन्य ड्राई फ्रूट भी खराब हो गया है। यात्रा शुरू होना राहत की बात है। यात्रा मार्ग पर करीब 12 हजार घोड़े, पिट्टू और पालकी मजदूरों की रोजी-रोटी श्रद्धालुओं से ही चलती है। 18 दिन मजदूरों की कमाई का साधन बंद हो गया, जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है। कई मजदूरों के पास घर चलाने के लिए भी पैसे नहीं हैं।
मोदी-ट्रंप वार्ता के बाद अंतिम चरण में पहुँचा रक्षा समझौता
13 Sep, 2025 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बीच भारत और अमेरिका के बीच 6 अतिरिक्त P-8I मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट की डील लगभग तय हो गई है। करीब 4 अरब डॉलर की इस डील को अंतिम रूप देने के लिए 16 से 19 सितंबर के बीच अमेरिकी रक्षा और बोइंग अधिकारियों का प्रतिनिधि मंडल दिल्ली पहुंचेगा।
अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल
इस प्रतिनिधि मंडल में यूएस डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस, बोइंग, नेवी इंटरनेशनल प्रोग्राम्स ऑफिस (NIPO), मैरीटाइम पेट्रोल एंड रिकग्निशन एयरक्राफ्ट प्रोग्राम ऑफिस (PMA 290) और डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (DSCA) के अधिकारी शामिल होंगे। ये संस्थान वैश्विक मैरीटाइम साझेदारी और एयरक्राफ्ट अधिग्रहण की देखरेख करते हैं।
भारतीय नौसेना की ज़रूरतें
भारतीय नौसेना के पास अभी 12 P-8I एयरक्राफ्ट हैं। चीन के बढ़ते समुद्री प्रभाव के मद्देनज़र नौसेना को निगरानी और एंटी-सबमरीन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए और एयरक्राफ्ट की जरूरत है। इसके साथ ही, नौसेना MQ-9B ड्रोन का भी इस्तेमाल कर रही है, जिससे 2029 तक कुल 31 ड्रोन मिल जाएंगे।
P-8I की तकनीकी क्षमता
P-8I एयरक्राफ्ट लंबी दूरी की निगरानी और पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता से लैस हैं। यह 41,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है और 8,300 किमी की दूरी तय कर सकता है। इसमें एंटी-शिप मिसाइल, क्रूज मिसाइल, टॉरपीडो और एंटी-सबमरीन वॉरफेयर चार्ज लगाए जा सकते हैं।
भारत-अमेरिका संबंधों पर असर नहीं
हाल ही में अमेरिका द्वारा भारत पर तेल खरीद को लेकर हाई टैरिफ लगाए जाने के बावजूद इस रक्षा डील पर कोई असर नहीं पड़ा। फरवरी में पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान जारी संयुक्त बयान में ही यह साफ हो गया था कि यह समझौता अंतिम चरण में है।
नेपाल में फंसी भारतीय वॉलीबॉल टीम को सुरक्षित निकाला गया, भारतीय दूतावास की कार्रवाई
13 Sep, 2025 01:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। नेपाल में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बीच, भारतीय दूतावास ने फंसी हुई भारतीय वॉलीबॉल टीम को सुरक्षित निकाल लिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब टीवी प्रेजेंटर उपासना गिल का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने मदद की गुहार लगाई थी।
बात दें कि उपासना गिल नेपाल में एक वॉलीबॉल लीग के लिए गई थीं और पोखरा में अचानक फैली हिंसा में फंस गईं। उन्होंने वीडियो जारी कर भारतीय दूतावास से मदद मांगी। उन्होंने बताया कि जिस होटल में वे ठहरी थीं, उस होटल को प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया। वह स्पा में थीं और बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचा सकी। इस हमले में उनका सारा सामान जलकर खाक हो गया। जैसे ही यह वीडियो सामने आया, भारतीय दूतावास ने तुरंत हरकत में आकर वॉलीबॉल टीम को पोखरा से काठमांडू में एक सुरक्षित जगह पर शिफ्ट कर दिया। दूतावास लगातार टीम के संपर्क में रहा और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की। टीम के ज़्यादातर सदस्य भारत लौट चुके हैं और बाकी सदस्यों की वापसी की तैयारी चल रही है।
नेपाल में ये प्रदर्शन सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के बाद शुरू हुए थे, जो बाद में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के खिलाफ बड़े जन आंदोलन में बदल गए। इन प्रदर्शनों के कारण प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों और होटलों को निशाना बनाया, जिससे आम लोगों और पर्यटकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
भारतीय दूतावास ने नेपाल में फंसे अन्य भारतीयों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। काठमांडू स्थित कंट्रोल रूम लगातार सक्रिय है और किसी भी आपात स्थिति में सहायता उपलब्ध करा रहा है। इस कार्रवाई से यह साबित हुआ है कि भारत सरकार संकट में विदेशों में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालना अपनी प्राथमिकता मानती है।
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