देश
केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट की दोटूक, कहा… सुविधाएं नहीं दे सकते, तो खत्म कर दें सभी ट्रिब्यूनल
17 Sep, 2025 09:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर सरकार ट्रिब्यूनल (अद्र्ध-न्यायिक निकाय) के सदस्यों को बुनियादी सुविधाएं नहीं दे सकती, तो इन सभी ट्रिब्यूनल को खत्म कर दिया जाए और उनके मामलों की सुनवाई हाई कोर्ट में कराई जाए। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की बैंच ने कहा कि हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज पोस्ट-रिटायरमेंट ट्रिब्यूनल में नियुक्ति लेने से हिचकिचा रहे हैं, क्योंकि उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलतीं। इस दौरान बैंच ने कहा कि ये जज या तो हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस होते हैं या सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज। उन्हें स्टेशनरी तक के लिए बार-बार अनुरोध करना पड़ता है। यहां तक कि जो कार उन्हें दी जाती है, वह विभाग की सबसे खराब कार होती है। आप इन पूर्व चीफ जस्टिस और जजों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों कर रहे हैं।
जब सुविधाएं ही नहीं दे सकते, तो ऐसे ट्रिब्यूनल बनाने का क्या फायदा। कोर्ट ने केंद्र से कहा कि कृपया उन पूर्व चीफ जस्टिस और हाई कोर्ट के जजों को गरिमा के साथ व्यवहार दें, जो आपके प्रस्तावित पद स्वीकार करते हैं। एक समिति बनाई जाए, जिसमें अलग-अलग मंत्रालय, खासकर कार्मिक विभाग (डीओपीटी) शामिल हों, ताकि कमियों और खामियों को दूर किया जा सके। सभी ट्रिब्यूनल में सुविधाएं और ढांचा एक समान होना चाहिए। कोर्ट में मौजूद अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी ने अदालत को भरोसा दिलाया कि वह यह संदेश केंद्र तक पहुंचाएंगे। मामला एनजीटी बार एसोसिएशन वेस्टर्न जोन की याचिका से जुड़ा है, जिसमें ट्रिब्यूनल में खाली पदों का मुद्दा उठाया गया था। केंद्र ने अदालत को बताया कि दो पूर्व जजों ने नियुक्ति के बाद भी कार्यभार नहीं संभाला, जिससे प्रक्रिया को फिर से शुरू करना पड़ेगा और इसमें समय लगेगा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।
यूं ही नहीं बनता कोई यशस्वी महानायक : कृष्णमोहन झा
16 Sep, 2025 08:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत के यशस्वी महानायक नरेंद्र मोदी का आज जन्म दिवस है। प्रधानमंत्री की 75 वीं वर्षग्रंथि पर उन्हें हार्दिक बधाई और अनंत शुभकामनाएं देने की मंशा से जब मैं अपने इस लेख की शुरुआत कर रहा हूं तब बरबस ही मुझे दिवंगत राष्ट्रकवि श्री मैथिलीशरण गुप्त की निम्नलिखित पंक्तियां याद आ रही हैं -
जितने कष्ट कंटकों में है,
जिनका जीवन सुमन खिला।
गौरव -गंध उन्हें उतना ही
यत्र - तत्र - सर्वत्र मिला ।
नामुमकिन को मुमकिन बनाने की सामर्थ्य का वरदान देकर ईश्वर ने जिस महामानव को आज से तीन चौथाई शती पूर्व भारत की पावन धरा पर भेजा था उसने अपना सफर शून्य से शुरू किया और पृथ्वी पर अपने जीवन को सार्थक बनाने के संकल्प के साथ हिंदी के मूर्धन्य कवि स्व. श्री ब्रजराज पांडेय की निम्नलिखित पंक्तियों को अपने जीवन का आदर्श बना लिया -
कर्मवीर के आगे पथ का ,
हर पत्थर साधक बनता है,
दीवारें भी दिशा बतातीं में
जब मानव आगे बढ़ता है।
विधाता ने बालक नरेन्द्र को दिए गए वरदान की पात्रता सिद्ध करने के लिए बचपन से ही उसके इम्तहान लेना शुरू कर दिए लेकिन बेहद गरीबी के दिनों में भी उस मासूम बालक ने कभी हार नहीं मानी । पग पग पर उसे भयावह मुसीबतों का सामना करना पड़ा लेकिन उसके बालमन में तो मानों सुप्रसिद्ध गीतकार नीरज की इन पंक्तियों ने वह अटूट साहस और आत्मविश्वास कूट कूट कर भर दिया था जो आगे चलकर उसके जीवन में आश्चर्यजनक उपलब्धियों का मूल मंत्र बन गया-
कांटों कंकड़ भरी डगर हो,
या प्याले में भरा जहर हो,
पीड़ा जिसकी पटरानी है,
उसको हर मुश्किल मरहम है।
बालक नरेन्द्र ने जब युवावस्था में प्रवेश किया तो तन मन धन से मातृभूमि की सेवा करने का संकल्प ले लिया और अपने इस पुनीत संकल्प को पूरा करने के लिए नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए और आज भी खुद को सबसे पहले संघ का स्वयं सेवक कहलाना पसन्द करते हैं। नरेंद्र मोदी कहते हैं कि संघ में मिले संस्कारों ने ही आज उन्हें उस मुकाम तक पहुंचाया है जहां कोटि कोटि जनता के हृदय सम्राट के रूप में उनकी पहचान बन चुकी है। आज वे देश के सर्वाधिक लोकप्रिय राजनेता माने जाते हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में जो करिश्माई लोकप्रियता अर्जित की है उसे चुनौती देने का साहस समकालीन किसी राजनेता में नहीं है। नरेंद्र मोदी ने उल्लेखनीय उपलब्धियों के कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अपने साहसिक फैसलों से नामुमकिन को मुमकिन बनाने में उन्होंने समय समय पर जो ऐतिहासिक सफलताएं अर्जित की हैं उनसे विपक्ष भी दांतों तले अंगुली दबाने के लिए विवश हुआ है। पिछले ग्यारह वर्षों में केंद्र सरकार ने अनेकों ऐसे फैसले लिए हैं जो प्रधानमंत्री की अद्भुत इच्छा शक्ति के परिचायक हैं। अयोध्या विवाद का शांतिपूर्ण समाधान, तीन तलाक़ कानून की समाप्ति और संविधान में जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद का निष्प्रभावी करण इसी श्रेणी में रखे जा सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के फैसलों ने यह साबित कर दिया है कि वे उनके लिए महिलाओं, किसानों और युवाओं के हित सर्वोपरि हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्रों की कतार में अग्रणी स्थान पर प्रतिष्ठित करने का जो सुनहरा स्वप्न संजोया है उसके साकार करने के लिए वे प्राणपण से जुटे हैं। पूर्व उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने एक बार विनोद के लहजे में कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी न तो खुद सोते हैं,न ही अपने सहयोगियों को सोने देते हैं। एक कहावत है कि "लीक छोड़ तीनों चलें शायर सिंह सपूत" , मां भारती के अनन्य सपूत नरेंद्र मोदी की विलक्षण कार्यशैली पर यह कहावत पूरी तरह चरितार्थ होती है। वे किसी की लकीर को छोटा करने के लिए खुद बड़ी लकीर खींचने में विश्वास रखते हैं। उनकी अद्भुत नेतृत्व क्षमता ने विश्व के बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्षों को भी उनके निकटतम मित्र परिवार में शामिल कर दिया है। आज अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मोदी की राय अहम साबित होती है। मोदी जब भारत के साथ शरारत करने वाले पड़ोसी देशों को कठोर सबक सिखाने की ठान लेते हैं तो दुनिया भारत के पक्ष में आ खड़ी होती है। यही मोदी होने के मायने हैं । मोदी के प्रेरक व्यक्तित्व के इन्हीं दुर्लभ गुणों ने उन्हें यशस्वी महानायक बनाया है। इस लेख के अंत में मैं यह जिक्र अवश्य करना चाहूंगा कि मोदी के बहुमुखी व्यक्तित्व की खूबियों को उजागर करने वाली जो दो पुस्तकें मैंने अतीत में लिखी थीं वे यशस्वी मोदी और महानायक मोदी शीर्षक से ही प्रकाशित हुईं थीं। तब मेरे अनेक मित्रों ने कहा था कि दोनों किताबों के इससे बेहतर शीर्षक नहीं हो सकते थे।
(लेखक "यशस्वी मोदी" महानायक मोदी किताब के लेखक है)
मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में आत्मनिर्भर व विकसित भारत : सुरेश पचौरी
16 Sep, 2025 08:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का 17 सितम्बर को 75 वां जन्मदिवस है। गुजरात के मेहसाणा जिले के एक छोटे से गांव बड़नगर से शुरू हुई उनकी जीवन यात्रा में आए तमाम उतार-चढ़ाव के बीच अपनी लगन, निष्ठा, परिश्रम, त्याग, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रप्रेम के चलते वे भारतीय राजनीति के शलाका पुरूष बन चुके हैं। वे आज सिर्फ भारत के प्रधानमंत्री के रूप में ही नहीं जाने-पहचाने जाते, वरन आज वे विश्व के अग्रणी शीर्ष नेताओं में शुमार हो चुके हैं। श्री नरेन्द्र मोदी का जीवन संघर्ष की गाथा से भरा हुआ है, वस्तुत: वे संघर्षो की उपज हैं। वे ऐसे तपे-तपाए जननेता हैं, जिनमें कुंदन की कठोरता भी है और चंदन की शीतलता भी विद्यमान है। उनके चिंतन में राष्ट्र, राष्ट्रबोघ एवं राष्ट्रहित सर्वोपरि है और इसी उदात्त भावना से ओतप्रोत होकर उन्होंने किशोरावस्था में अपना घर-द्वार छोड़कर जनसेवा की ओर जो कदम बढ़ाए, वे आज तक नहीं रूके।प्रधानमंत्री के रूप में विगत 11 वर्षों के दौरान मोदी जी ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन कार्ययोजनाओं को अमली जामा पहनाया, जिसका भाजपा चुनाव घोषणा पत्र में वादा किया गया था। चाहे वह सामाजिक-आर्थिक बदलाव हों, चाहे प्राकृतिक संसाधनों, खनिजों, सांस्कृतिक धरोहरों आदि का संरक्षण हो या फिर देश के किसानों के कल्याण के लिए कृषि पर आधारित अर्थव्यवस्था हो, सब पर विशेष ध्यान दिया गया। महिला सशक्तिकरण की दिशा में मोदी सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे करोड़ों महिलाओं को लाभ मिल रहा है। मोदी जी के मार्गदर्शन में युवाओं में नवाचार और आत्मनिर्भरता की भावना बढ़ाने के लिए स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया और डिजिटल स्किल इंडिया जैसी योजनाओं का सूत्रपात हुआ है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना और महिला स्व सहायता समूहों को सशक्त कर उन्होंने सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में परिणाममूलक कदम उठाए। श्री नरेन्द्र मोदी के ग्यारह वर्षों के प्रधानमंत्री के कार्यकाल पर नजर दौड़ाएं तो बहुत स्पष्ट दिखता है कि इस दौरान देश ने प्रगति की दिशा में तेज रफ्तार पकड़ी, आम आदमी के जीवन में खुशहाली आई, समाज के कमजोर वर्गों के लोगों के जीवन में सुधार आया, देश की अर्थव्यवस्था बेहतर हुई, दुनिया में भारत के मान-सम्मान में वृद्धि हुई, पड़ोसी दुश्मन देश पाकिस्तान को ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान मुंह की खानी पड़ी और सबसे बड़ी बात तो यह कि अमेरिका जैसा संप्रभुता संपन्न राष्ट्र मोदी जी के कसीदे पढ़ने लगा। श्री मोदी देश हित में इतने दृढ़ प्रतिज्ञ हैं कि दुनिया की कोई ताकत आज तक उन्हें सिद्धांतों से न तो डिगा सकी है और न ही झुका सकी है। उनका यह आत्मबल न सिर्फ करोड़ों भारतवासियों बल्कि विश्व के दीगर मुल्कों में रहने वाले भारतवासियों को संबल प्रदान करता है। ‘यह नया भारत है, दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारता है’, ऐसे सिंहनाद से देश का आम जनमानस खुद को सुरक्षित तो महसूस करता ही है, साथ ही नये भारत की उपलब्धियों पर उसे गर्व भी होता है।निःसंदेह, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। देश में चहुंमुखी प्रगति हो रही है। हमारी जीडीपी की दर भी संतोषजनक है। रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। देश विरोधियों और भ्रष्टाचारियों के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति परिणाममूलक है। देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ की काट के लिए मोदी जी द्वारा स्वदेशी अपनाने का जो आहवान किया गया, लोगों का इस दिशा में झुकाव बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सरकार की योजनाओं के केन्द्र बिन्दु में हमेशा ‘आम आदमी’ को रखा। इस सोच के साथ गरीब कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। मसलन, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देश के करोड़ों परिवारों को पक्के घर दिए गये। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत लाखों शौचालयों का खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कराया गया। उज्जवला योजना के माध्यम से गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन प्रदान कर उनके स्वास्थ्य और गरिमा की रक्षा की। बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के मद्देनजर आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई, जिससे 50 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य बीमा का सुरक्षा कवच मिला। जल जीवन मिशन से हर घर को नल से जल उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया जा रहा है। आधारभूत संरचना की बात की जाये तो प्रधानमंत्री ने इसे राष्ट्र की रीढ़ मानते हुए इसमें भारी निवेश किया। सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों, हवाई अड्डों और डिजिटलीकरण में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिल रही है। ग्रामीण भारत में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में मेट्रो और स्मार्ट सिटी जैसी योजनाएं मूर्तरूप ले रही हैं। मोदी जी की दृष्टि में देश का अन्नदाता किसान सदैव प्राथमिकता में रहा है। उन्होंने किसानों की आर्थिक दशा सुधारने के लिए अनेक योजनाओं का प्रावधान किया। उनकी सोच बहुत स्पष्ट है कि कृषि आजीविका का साधन मात्र न रहे, बल्कि यह लाभ का व्यवसाय बने। फिलहाल किसानों के सम्मान स्वरूप उन्हें दी जाने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से सालाना 6 हजार रूपये की सीधी सहायता दी जा रही है। ई-नाम पोर्टल द्वारा कृषि मंडियों को ऑनलाइन जोड़ा गया है, जिससे लाखों किसान लाभान्वित हो रहे हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड, परम्परागत कृषि विकास योजनाओं जैसी जनहितैषी पहल से उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार हुआ है। श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में रेल नेटवर्क का व्यापक विस्तार हो रहा है। जम्मू-कश्मीर सहित पूर्वोत्तर राज्यों में अभूतपूर्व रेल क्रांति दिखाई दे रही है। ये राज्य पर्यटन के नक्शे में प्रमुखता से दर्ज होने लगे हैं, मिजोरम जैस दुर्गम एवं पहाड़ी राज्य में बैराबी–सैरांग रेल परियोजना मिजोरम को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली ऐतिहासिक उपलब्धि है।
मोदी सरकार के कार्यकाल में राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऑपरेशन सिन्दूर के बाद तो भारत रक्षा मामलों में विश्व का सिरमौर बन गया है। भारत आज रूस,अमेरिका, फ्रांस सहित 100 से अधिक देशों को सैन्य हथियार और रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है। रक्षा मंत्रालय की तरफ से वित्तीय वर्ष 2023-2024 के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार साल 2004 से 2014 तक जो एक्सपोर्ट मात्र 4,312 करोड़ का हुआ करता था, वह 2014-2024 में बढ़कर 88,319 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, पिछले दस साल में यह रफ्तार इतनी तेजी से बढी कि अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत की सैन्य शक्ति को सदैव न केवल प्रोत्साहित किया बल्कि रक्षा निर्यात को बढ़ाने पर बल दिया। आज भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 23,622 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों में बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट पिछले साल के मुकाबले 12.04 प्रतिशत बढ़ा है। साल 2023-2024 में डिफेंस एक्सपोर्ट 21,083 करोड़ रुपये था, इसमें 2539 करोड़ का इजाफा हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने विगत 11 वर्षों के दौरान भारत को गौरवशाली भारत बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने 12 बार लाल किले पर तिरंगा फहराया, जो एक मजबूत, स्थिर और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक है। उनकी सरकार 25 करोड़ भारतीयों को गरीबी रेखा से बाहर लाई। यह 'नये भारत' की वास्तविक तस्वीर है। रक्षा उत्पादन में 175 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। रक्षा निर्यात में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, स्वदेशी के प्रति मोदी जी की पक्षधरता जगजाहिर है, फलतः देश की 65 प्रतिशत रक्षा आवश्यकताएं अब भारत में पूरी हो रही हैं। एक साधारण परिवार में जन्में तथा गांव के परिवेश में पले-बड़े नरेन्द्र मोदी का जीवन प्रेरणास्पद है। उनकी सोच में एक ऐसा भारत बसता है, जिसकी पहचान वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के रूप में बनें। उन्होंने हमेशा कहा - 'सबका साथ,सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' इसी मूल मंत्र के साथ उनके नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने हर वर्ग को साथ लेकर चलने की नीति अपनाई, जिसका सुखद परिणाम देखने को मिल रहा है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के कर्णधार नरेन्द्र मोदी सर्वाधिक अवधि तक प्रधानमंत्री पद को सुशोभित करने वाले दूसरे प्रधानमंत्री हैं। उन्हें सर्वाधिक कार्यकाल तक गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री होने का सौभाग्य प्राप्त है। उनकी राजनैतिक यात्रा पर विहंगम दृष्टि डालें तो वे एक अविश्रांत, अविचल, ध्येयनिष्ठ व कर्मयोगी पथिक के रूप में नजर आते हैं, जिनका लक्ष्य है समाज की अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति के आंसू पोंछना और मोदी जी 'कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन्' की भावना के साथ अपने ध्येय के प्रति समर्पित हैं। आज संपूर्ण विश्व में मोदी जी की ख्याति गूंज रही है। वे जिस भी देश के दौरे पर जाते हैं, उस देश के सर्वोच्च सम्मान से नवाजे जाते हैं। वैश्विक प्रभावी नेता की छवि बना चुके श्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता तथा प्रभुत्व का यह आलम है कि दुनिया के 27 देश उन्हें अपने देश के प्रतिष्ठापूर्ण शिखर सम्मान से सम्मानित कर चुके हैं। उनके पास जनविश्वास की सबसे बड़ी पूंजी है और यही वजह है कि भारत की जनता ने उनके ऊपर भरोसा जताते हुए तीसरी बार उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में सत्ता के सबसे उच्च आसन पर आरूढ़ किया। मोदी जी को उनके 75वें जन्मदिवस के शुभ प्रसंग पर कोटिश: बधाई, अनंत आत्मीय मंगलकामनाएं एवं हार्दिक अभिनंदन।
(लेखक भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री हैं)
मंदिर के पैसों से नहीं बन सकते शादी हॉल, सुप्रीम कोर्ट का फैसला
16 Sep, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा मंदिरों को अर्पित की गई राशि का उपयोग विवाह हॉल जैसी व्यावसायिक सुविधाओं के निर्माण के लिए नहीं किया जा सकता. अदालत ने मद्रास हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें तमिलनाडु सरकार द्वारा मंदिर निधियों से विवाह हॉल बनाने की योजना को रद्द कर दिया गया था.
तमिलनाडु सरकार ने राज्य के 27 मंदिरों में विवाह हॉल बनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसके लिए लगभग 80 करोड़ रुपये की मंदिर निधि का उपयोग किया जाना था. सरकार का तर्क था कि यह योजना हिंदू समाज को किफायती विवाह स्थल उपलब्ध कराने के लिए है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को लाभ होगा.
हालांकि, इस योजना के खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच में एक याचिका दायर की गई, जिसमें कहा गया कि मंदिर निधियों का उपयोग केवल धार्मिक और धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए. याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि इस तरह का निर्माण हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्त अधिनियम, 1959 की धाराओं 35, 36 और 66 का उल्लंघन करता है.
हाई कोर्ट ने 19 अगस्त को अपने फैसले में कहा कि मंदिरों की निधि का इस्तेमाल विवाह हॉल जैसी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता क्योंकि यह धार्मिक उद्देश्य की परिभाषा में नहीं आता. इस निर्णय को तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.
सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता शामिल थे, ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि, "श्रद्धालु मंदिरों को जो धन देते हैं, वह धार्मिक आस्था से प्रेरित होता है. वे यह पैसा विवाह हॉल जैसे निर्माण के लिए नहीं देते."
कोर्ट ने आगे यह भी सवाल उठाया कि यदि मंदिर परिसरों में विवाह आयोजनों के दौरान अश्लील गीत या अशोभनीय गतिविधियां होती हैं, तो क्या यह मंदिर की पवित्रता और गरिमा के अनुकूल होगा?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि मंदिरों के पास अधिशेष निधि है, तो उसका उपयोग शिक्षा, चिकित्सा और समाज सेवा जैसे कार्यों के लिए किया जाना चाहिए, जिससे समाज का कल्याण हो सके. हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ताओं को कोई अंतरिम राहत नहीं दी है लेकिन मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए अगली तारीख 19 नवम्बर 2025 तय की गई है.
अहमदनगर रेलवे स्टेशन का नाम बदला, अब अहिल्यानगर नाम से जाना जाएगा
16 Sep, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के अहमदनगर रेलवे स्टेशन का नाम बदल दिया गया है. अब यह रेलवे स्टेशन अहिल्यानगर के नाम से जाना जाएगा. अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर को श्रद्धांजलि स्वरूप अहमदनगर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर अहिल्यानगर रखा गया है.
गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने पहले अहमदनगर जिले का नाम बदलकर अहिल्यानगर कर दिया था. साल 2023 में, सरकार ने औरंगाबाद का नाम बदलकर छत्रपति संभाजीनगर और उस्मानाबाद का नाम बदलकर धाराशिव कर दिया था.
पिछले हफ्ते, महाराष्ट्र सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद अहमदनगर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर अहिल्यानगर करने की अधिसूचना जारी की. इसके बाद मध्य रेलवे ने एक विज्ञप्ति में कहा, "पहले अहमदनगर के नाम से जाना जाने वाला रेलवे स्टेशन अब आधिकारिक तौर पर अहिल्यानगर कर दिया गया है."
विज्ञप्ति में कहा गया है, "स्टेशन कोड में कोई बदलाव नहीं होगा और अहिल्यानगर का स्टेशन कोड ANG ही रहेगा."
पिछले महीने, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि रेलवे स्टेशन का नाम शहर के नए नाम के अनुरूप रखा जाए. दरअसल, शहर का नाम अहिल्यानगर रखे जाने के बाद कई संगठन और नागरिक रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग कर रहे थे.
पिछले साल मार्च में तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार ने अहमदनगर शहर का नाम बदलकर 'अहिल्यानगर' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. इसके अलावा मुंबई के सात उपनगरीय रेलवे स्टेशनों के नाम भी बदलने का फैसला लिया था. इसी तरह, पुणे जिले के वेल्हे तालुका का नाम ऐतिहासिक किले के नाम पर 'राजगढ़' रखा गया था.
इन उपनगरीय स्टेशनों के नाम बदले गए
करी रोड स्टेशन का नाम बदलकर लालबाग स्टेशन किया गया
सैंडहर्स्ट रोड स्टेशन का नाम बदलकर डोंगरी स्टेशन
मरीन लाइन्स का नाम बदलकर मुंबादेवी स्टेशन किया गया
चर्नी रोड का नाम गिरगांव स्टेशन रखा गया है
कॉटन ग्रीन का नाम कालाचौकी स्टेशन किया गया
डॉकयार्ड का नाम बदलकर मझगांव स्टेशन किया गया
किंग्स सर्कल का नाम बदलकर तीर्थंकर पार्श्वनाथ स्टेशन रखा गया
लेक्चरर से सिविल सेवा तक का सफर : नूपुर बोरा
16 Sep, 2025 05:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुवाहाटी। असम में सिविल सेवा (ACS) की महिला अधिकारी नूपुर बोरा को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के विशेष सतर्कता दल ने उनके दो ठिकानों पर छापेमारी कर करीब 2 करोड़ रुपये की नकदी और जेवरात बरामद किए। कार्रवाई विवादित जमीन सौदों में उनकी कथित संलिप्तता को लेकर हुई। पिछले छह महीनों से उन पर निगरानी रखी जा रही थी।
छापेमारी में क्या मिला?
गुवाहाटी स्थित नूपुर बोरा के मुख्य आवास से 92 लाख रुपये नकद और करीब 1 करोड़ रुपये के जेवरात मिले। वहीं, बरपेटा स्थित किराए के घर से भी 10 लाख रुपये नकद बरामद हुए। उनकी कुल संपत्ति सरकारी वेतन से कहीं अधिक होने पर गंभीर सवाल उठे हैं।
नूपुर बोरा कौन हैं?
जन्म : 31 मार्च 1989, गोलाघाट जिला (असम)
शिक्षा : गुवाहाटी विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में स्नातक, कॉटन कॉलेज से उच्च शिक्षा
करियर : DIET में लेक्चरर रहने के बाद 2019 में असम सिविल सेवा में चयन
पोस्टिंग : करबी अंगलॉं में असिस्टेंट कमिश्नर, बरपेटा और कामरूप जिलों में सर्कल ऑफिसर
सिर्फ 6 साल की सेवा में नूपुर बोरा ने करोड़ों की संपत्ति जमा की, जिससे भ्रष्टाचार के शक गहराए हैं।
सहयोगी भी जांच के घेरे में
बरपेटा रेवेन्यू सर्कल ऑफिस में तैनात लाट मंडल सुरजीत डेका पर भी कार्रवाई हुई है। आरोप है कि नूपुर बोरा की मदद से उन्होंने कई जमीन सौदे किए। उनके घर पर भी छापेमारी की गई और जांच जारी है।
जांच जारी
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में बोरा की आय और संपत्ति में बड़ा अंतर मिला है। यह पता लगाने के लिए गहन जांच की जा रही है कि संपत्ति अवैध स्रोत से तो अर्जित नहीं की गई।
AI का नया खतरा: Google Gemini ने दिखाई अदृश्य डिटेल्स
16 Sep, 2025 05:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फोटो एडिटिंग से आगे बढ़ा AI, दिखाई असल जिंदगी की डिटेल्स
नई दिल्ली। इंटरनेट पर इन दिनों गूगल जेमिनी (Google Gemini) का ‘Banana AI Saree Trend’ खूब वायरल हो रहा है। इसमें लोग अपनी फोटो अपलोड करके एआई से साड़ी पहनी हुई तस्वीर जनरेट कर रहे हैं।
लेकिन इसी बीच एक महिला का अनुभव सोशल मीडिया पर सनसनी मचा रहा है। महिला ने इंस्टाग्राम पर वीडियो डालकर बताया कि जेमिनी से बनी उसकी साड़ी वाली फोटो में शरीर पर ऐसा तिल (मोल) नजर आया, जो उसकी असली फोटो में बिल्कुल नहीं था। महिला ने कहा, “ये डरावना और अजीब है। समझ नहीं आया कि AI को यह डिटेल कैसे मिली।”
70 लाख से ज्यादा व्यूज
महिला के इस वीडियो को अब तक करीब 70 लाख लोग देख चुके हैं। कई यूजर्स ने भी कमेंट कर ऐसे ही अनुभव साझा किए। एक यूजर ने लिखा, “मेरे साथ भी ऐसा हुआ। मेरी फोटो में टैटू नहीं था, लेकिन AI इमेज में टैटू दिखा।” दूसरे यूजर ने कहा, “जेमिनी आपके इंटरनेट पर डाले गए पुराने फोटो-वीडियो से डिटेल ले लेता है।”
तकनीकी कारण भी बताए गए
विशेषज्ञों का मानना है कि AI सिर्फ अपलोड की गई तस्वीर पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इंटरनेट पर मौजूद आपकी डिजिटल हिस्ट्री, पब्लिक फोटो और डेटा से भी जानकारी जोड़ सकता है। इसी वजह से तस्वीरें ज़्यादा रियल और डिटेल्ड नजर आती हैं।
क्या है Gemini Nano Banana?
गूगल का Gemini Nano Banana असल में एक इमेज-एडिटिंग फीचर है। शुरुआत में यह 3D फिगर जैसी तस्वीरें बनाने के लिए मशहूर हुआ था, लेकिन अब साड़ी ट्रेंड की वजह से चर्चा में है।
महिला की चेतावनी
महिला ने लोगों को सलाह दी कि सोच-समझकर ही अपनी तस्वीरें AI टूल्स या सोशल मीडिया पर अपलोड करें, क्योंकि यह टेक्नॉलॉजी आपके बारे में आपकी सोच से कहीं ज्यादा जान सकती है।
सीबीएसई 10वीं-12वीं परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि घोषित, छात्रों में उत्साह
16 Sep, 2025 04:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
22 सितंबर तक ऑफलाइन और 30 सितंबर तक ऑनलाइन जमा होंगे फॉर्म
बेतिया। सीबीएसई बोर्ड ने कक्षा 10वीं और 12वीं की आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए फॉर्म भरने की अंतिम तिथियां घोषित कर दी हैं। जिले के सीबीएसई स्कूलों में फॉर्म भरने की प्रक्रिया जोर-शोर से जारी है।
महत्वपूर्ण तिथियां
ऑफलाइन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि: 22 सितंबर 2025
ऑनलाइन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि: 30 सितंबर 2025
फीस संरचना
कक्षा 10वीं (6 विषयों के लिए): ₹1920
कक्षा 10वीं (5 विषयों के लिए): ₹1620
कक्षा 12वीं (सामान्य परीक्षा शुल्क): ₹1600
प्रैक्टिकल विषय शुल्क: प्रति विषय ₹160 अतिरिक्त
इस बार जिले के लगभग 5 हजार विद्यार्थी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। सभी स्कूलों को बोर्ड द्वारा जारी एलओसी (लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स) भी प्राप्त हो चुकी है।
स्कूलों की तैयारी
स्कूल प्रबंधन छात्रों को समय पर फॉर्म भरने और शुल्क जमा कराने में सहयोग कर रहा है। एजी चर्च स्कूल के प्राचार्य सपन जोसेफ ने बताया कि छात्रों को सकारात्मक माहौल देने के साथ-साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी बच्चा अंतिम तिथि से वंचित न रह जाए।
जैसे-जैसे आखिरी तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे छात्रों और अभिभावकों की सक्रियता भी बढ़ रही है। परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया ने अब बोर्ड परीक्षा की उलटी गिनती शुरू कर दी है।
सीमांचल की कनेक्टिविटी को मिली नई रफ्तार
16 Sep, 2025 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार को सोमवार को वंदे भारत एक्सप्रेस का नया तोहफा मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दानापुर–जोगबनी वंदे भारत ट्रेन का उद्घाटन किया। यह हाईस्पीड ट्रेन पटना से सीमांचल और कोसी क्षेत्र की यात्रा को तेज़, आरामदायक और आधुनिक बनाएगी। ट्रेन का नियमित परिचालन 17 सितंबर से शुरू होगा और टिकट बुकिंग भी जारी है।
रूट और समय
वंदे भारत एक्सप्रेस दानापुर से जोगबनी के बीच 453 किमी की दूरी तय करेगी। ट्रेन नंबर 26302 दानापुर से शाम 5:10 बजे खुलेगी और अगले दिन सुबह 1:20 बजे जोगबनी पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 26301 जोगबनी से सुबह 3:25 बजे खुलेगी और दिन में 11:30 बजे दानापुर पहुंचेगी। मुख्य स्टॉपेज: दानापुर, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, अररिया कोर्ट, फारबिसगंज और जोगबनी।
किराया
रेलवे ने चेयर कार (CC) और एग्जीक्यूटिव क्लास (EC) के लिए अलग-अलग दरें तय की हैं:
दानापुर–जोगबनी: CC ₹1320, EC ₹2375
दानापुर–मुजफ्फरपुर: CC ₹490, EC ₹925
दानापुर–समस्तीपुर: CC ₹555, EC ₹1060
दानापुर–खगड़िया: CC ₹925, EC ₹1600
दानापुर–पूर्णिया: CC ₹1185, EC ₹2120
सुविधाएं
ट्रेन अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। इसमें आरामदायक सीटें, स्वच्छता, समय पर संचालन और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था होगी। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं दी जाएंगी।
फायदे
वंदे भारत एक्सप्रेस से सीमांचल और कोसी क्षेत्र को शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और पर्यटन में नई रफ्तार मिलेगी। लंबी और थकाऊ यात्रा अब कम समय में पूरी हो सकेगी।
ED की ताबड़तोड़ कार्रवाई: क्रिकेटर और एक्टर पूछताछ के घेरे में
16 Sep, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध बेटिंग ऐप 1xBet से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसी ने क्रिकेटर युवराज सिंह, रॉबिन उथप्पा और अभिनेता सोनू सूद को पूछताछ के लिए तलब किया है।
युवराज सिंह को 23 सितंबर को दिल्ली मुख्यालय बुलाया गया है। रॉबिन उथप्पा को 22 सितंबर और
सोनू सूद को 24 सितंबर को पेश होने के लिए कहा गया है।
पहले भी कई सितारे तलब
इस केस में ईडी पहले ही क्रिकेटर्स सुरेश रैना, शिखर धवन और हरभजन सिंह से पूछताछ कर चुकी है। वहीं, बंगाली अभिनेता अंकुश हाजरा ईडी दफ्तर में पेश हो चुके हैं और टीएमसी की पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती से भी सवाल-जवाब किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, अभिनेत्री उर्वशी रौतेला के रुख का अभी इंतजार है।
क्या है मामला?
ईडी की जांच कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स से जुड़ी है। आरोप है कि 1xBet के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी और टैक्स चोरी हुई। हालांकि, कंपनी का दावा है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित वैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है, जो 70 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है और हजारों खेल आयोजनों पर दांव लगाने की सुविधा देता है।
आर्थिक तंगी की वजह से दंपति ने दो बच्चों के साथ आत्महत्या का प्रयास किया
16 Sep, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। कर्नाटक के होस्कोटे में शिवकुमार और मंजुला नाम के दंपति ने आर्थिक तंगी की वजह से अपने दो बच्चों की हत्या करने के बाद आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, गोनाकनहल्ली में हुई घटना में शिवकुमार (32) और उनके दो बच्चों, एक 11 साल की बेटी और एक 7 साल के बेटे की मौत हो गई। यह घटना इसलिए हुई क्योंकि शिवकुमार को एक दुर्घटना में पैरों में गंभीर चोटें आईं थीं, जिसके बाद परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। उनकी पत्नी, मंजुला, की कम कमाई से घर चलाना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने अपने बेटे के इलाज के लिए भी कर्ज लिया हुआ था। कथित तौर पर, दंपति ने पहले बच्चों को बारी-बारी से घर के अंदर बुलाया और उनका गला घोंट दिया, ताकि वे उनके मरने के बाद अनाथ न हों। इसके बाद, जब मंजुला घर से बाहर गई थी, तब शिवकुमार ने फांसी लगा ली। जब मंजुला वापस आई, तो उसने भी आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन पड़ोसियों ने शव देखकर पुलिस को सूचित कर दिया, जिससे पत्नी को बचा लिया गया। पुलिस ने मंजुला (30) को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
एम्स ऋषिकेश की स्टडी में सामने आई सडक़ हादसों की चौंकाने वाली रिपोर्ट
16 Sep, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत में सडक़ हादसे हर साल लाखों लोगों की जान ले रहे हैं। अक्सर कहा जाता है कि तेज रफ्तार, खराब सडक़ें हैं या ओवरलोडिंग के कारण ये हादसे हो रहे हैं। लेकिन एम्स ऋषिकेश की नई स्टडी ने कुछ और कारण खोज निकाले हैं, जिस पर गंभीरता से सोचना होगा। इस स्टडी में सामने आया है कि सडक़ पर होने वाले आधे से ज्यादा हादसों में शराब जिम्मेदार होती है, वहीं हर पांचवें हादसे में गांजा या ड्रग्स और हर चौथे हादसे में थकान या नींद की झपकी का रोल होता है।
एम्स ऋषिकेश के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हुए 383 ड्राइवर पीडि़तों पर रिसर्च में सामने आया कि 57.7 प्रतिशत ड्राइवर शराब पीकर गाड़ी चला रहे थे। वहीं 18.6 प्रतिशत ने गांजा और दूसरी साइकोट्रॉपिक दवाएं ली थीं। इसके अलावा 14.6 प्रतिशत ड्राइवर शराब और ड्रग्स दोनों के असर में थे। 21.7 प्रतिशत को दिन में जरूरत से ज्यादा नींद की समस्या थी। बाकी 26.6 प्रतिशत को थकान और नींद से जुड़ी दिक्कतें थीं। एम्स के न्यूरोसाइकेट्री विभाग के विशेषज्ञ डॉ. रवि गुप्ता बताते हैं कि एम्स में हमने हर मरीज का ब्लड और यूरिन टेस्ट किया और उनकी नींद का पैटर्न समझा। इससे जो नतीजे वो बताते हैं कि भारत में सडक़ हादसे केवल सडक़ और ट्रैफिक नियमों से जुड़े मुद्दे नहीं हैं बल्कि नशा और नींद की दिक्कतें भी इसमें सीधे जिम्मेदार हैं।
झपकी बनी मौत की वजह
एक रिपोर्ट के मुताबिक हर साल लाखों हादसे ऐसे होते हैं जिनमें ड्राइवर का झपकी लेना एक बड़ी वजह होती है। परिवहन मंत्रालय के अनुसार 27 प्रतिशत एक्सीडेंट ड्राइवर की नींद आने से होते हैं। कई हादसों में ड्राइवर ने खुद माना कि लंबी ड्यूटी और नींद न मिलने से कंट्रोल खो गया। आपको बता दें कि ड्राइवरों ने बातचीत में खुद माना कि ट्रक और बस ड्राइवर कई बार 24-30 घंटे लगातार गाड़ी चलाते हैं, जबकि नियम है कि एक दिन में 8 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं होनी चाहिए। देखा जाए तो नियम-कानून तो हैं, लेकिन जमीनी सच अलग है।
नहीं हो रहा नियमों का पालन
परिवहन नियम कहते हैं कि एक ड्राइवर सप्ताह में 45 घंटे से ज्यादा गाड़ी नहीं चला सकता लेकिन निजी कंपनियां इन नियमों का कितना पालन करती हैं, ये किसी से छुपा नहीं है। सच्चाई ये है कि बस और ट्रक मालिक ड्राइवरों से कम से कम 220 से 250 किलोमीटर प्रतिदिन गाड़ी चलवाते हैं। सडक़ सुरक्षा परिषद के आंकड़े बताते हैं कि 40 से 45 प्रतिशत हादसे थकान और नींद की वजह से होते हैं।
नशा और नींद का खतरनाक मेल
एम्स ऋषिकेश की स्टडी से स्पष्ट है कि सडक़ पर उतरने वाला ड्राइवर अगर नशे में है और थका हुआ है तो हादसा लगभग तय है। केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी कई बार कह चुके हैं कि ड्राइवरों की थकान और नींद को लेकर कंपनियों और राज्य सरकारों को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इन नियमों का सडक़ों पर कितना पालन हो रहा, ये सोचने वाली बात है।
हर थाने में सीसीटीवी जरूरी
16 Sep, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे की कमी मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि थानों में सीसीटीवी न होने से निगरानी में मुश्किल हो रही है। कोर्ट इस मामले में 26 सितंबर को फैसला सुनाएगा। बेंच अपने आदेश में पुलिस थानों और जांच एजेंसियों में सीसीटीवी कैमरों को लेकर राज्यों और केंद्र सरकार को भी निर्देश दे सकती है।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि यह मुद्दा निगरानी का है। कल को अधिकारी थाने में कैमरे बंद कर सकते हैं। लेकिन हम एक ऐसे नियंत्रण कक्ष के बारे में सोच रहे थे, जिसमें कोई मानवीय हस्तक्षेप न हो। बेंच ने कहा कि कोर्ट यह सुनिश्चित करना चाहता है कि पुलिस थानों में पारदर्शिता बनी रहे और मानवाधिकारों का उल्लंघन न हो। जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि पुलिस थानों का भी स्वतंत्र एजेंसी की ओर से निरीक्षण किया जाना चाहिए। हम आईआईटी को शामिल कर ऐसी व्यवस्था बनाने पर विचार कर सकते हैं, जिससे सीसीटीवी फुटेज की निगरानी बिना किसी हस्तक्षेप के की जा सके। दरअसल, 4 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लिया था, जिसमें राजस्थान में पिछले 8 महीनों में 11 पुलिस कस्टडी मौतें हुईं, जिनमें से 7 सिर्फ उदयपुर डिवीजन में थीं।
उत्तराखंड में सोनप्रयाग और केदारनाथ के बीच रोपवे बनाएगा अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड
16 Sep, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । अडाणी समूह की प्रमुख कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) को उत्तराखंड में सोनप्रयाग और केदारनाथ के बीच रोपवे प्रोजेक्ट के लिए नेशनल हाइवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) से लेटर ऑफ अवार्ड (एलओए) हासिल हुआ है। एईएल के सड़क, मेट्रो, रेल और जल (आरएमआरडब्ल्यू) डिविजन की तरफ से चलाए जा रहे इस प्रोजेक्ट में 4,081 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। कंपनी की तरफ से एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि 12।9 किलोमीटर लंबे इस रोपवे से भारत की सबसे चुनौतीपूर्ण तीर्थयात्राओं में से एक केदारनाथ यात्रा में यात्रा का समय वर्तमान 8 से 9 घंटे से घटकर सिर्फ 36 मिनट रह जाएगा।
कंपनी ने जानकारी दी है कि पूरा होने के बाद, यह रोपवे प्रति घंटे दिशा में 1,800 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगा। ऐसे में हर साल केदारनाथ मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की कठिन यात्रा आसान हो जाएगी। केदारनाथ में हर साल करीब 20 लाख तीर्थयात्री आते हैं। इस नए रोपवे से न सिर्फ यात्रा सुरक्षित और तेज होगी बल्कि ओवरऑल तीर्थयात्री अनुभव भी बेहतर होगा। यह प्रोजेक्ट भारत सरकार के नेशनल रोपवे डेवलपमेंट प्रोग्राम पर्वतमाला के तहत आता है। इसे एनएचएलएमएल के साथ रेवेन्यू शेयरिंग के आधार पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड पर पूरा किया जाएगा। कंपनी के अनुसार इसके निर्माण में छह साल लगने का अनुमान है, जिसके बाद एईएल 29 सालों तक रोपवे को ऑपरेट करेगा।
मानसून की राजस्थान से विदाई, मुंबई की सड़कें पानी-पानी; यूपी और तेलंगाना में बाढ़ से हाहाकार
15 Sep, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश में मानसून अब विदाई की ओर है, लेकिन कई राज्यों में अभी भी भारी बारिश और बाढ़ का कहर जारी है। एक तरफ जहां राजस्थान से मानसून की विदाई तीन दिन पहले 14 सितंबर से शुरु हो गई तो वहीं दूसरी तरफ यूपी और तेलंगाना में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। मुंबई में रात से ही बारिश शुरु हो गई, जिस कारण सोमवार सुबह कई सड़कों में पानी भर गया।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) द्वारा दी गई जानकारी अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी पश्चिमी राजस्थान से तय समय से तीन दिन पहले ही 14 सितंबर को शुरू हो गई है। आमतौर पर मानसून 17 सितंबर से लौटना शुरू करता है और 15 अक्टूबर तक देश से पूरी तरह विदा हो जाता है। यहां मौसम विभाग ने मुंबई में अगले तीन घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया था। यहां तेज बारिश के साथ 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान लगाया गया। यहां रविवार रात को भारी बारिश के कारण सोमवार सुबह से ही सेंट्रल रेलवे की मेन और हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेनें करीब 10 मिनट की देरी से चल रही हैं। नवी मुंबई में भी कई सड़कों पर पानी भर गया है।
यूपी के उन्नाव में 80 गांव जलमग्न
जानकारी अनुसार उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में गंगा के उफान से 80 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। हालत यह है कि गांवों में सड़कों पर नावें चल रही हैं। बाढ़ के चलते अधिकाशं क्षेत्रों में जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोगों ने सुरक्षित स्थलों का रुख किया है, शासन-प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं।
मणिपुर और तेलंगाना में बाढ़-लैंडस्लाइड
मणिपुर में रविवार को हुई भारी बारिश से कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं, हैदराबाद में मूसलधार बारिश के बाद अफजलसागर इलाके में दो लोगों के बह जाने की आशंका है, जबकि एक और व्यक्ति लापता है। आईएमडी ने तेलंगाना के हैदराबाद, निजामाबाद, महबूबनगर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
उत्तराखंड, हिमाचल और पंजाब में नुकसान
उत्तराखंड और तेलंगाना में भी रविवार को जोरदार बारिश दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश में इस मॉनसून सीजन में बारिश और भूस्खलन से अब तक 404 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, पंजाब में बारिश और बाढ़ से लगभग 14,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
मानसून का पैटर्न
आईएमडी के मुताबिक, इस बार मानसून ने 24 मई को केरल में दस्तक दी थी, जो 2009 के बाद से सबसे जल्दी आगमन था। 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लिया गया था, जो सामान्य तिथि से नौ दिन पहले है। अब वापसी भी समय से पहले शुरू हो गई है। इस सीजन में देश में औसतन 836.2 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य बारिश (778.6 मिमी) से सात प्रतिशत अधिक है।
शाही ठाठ-बाट: 1.5 लाख मेहमान, टनों खाना—मदुरै की भव्य शादी चर्चा में
शिव साधना का खास राज: महादेव जपते हैं राम का यह मंत्र, आप भी जानें विधि
श्रीराम मंत्र की शक्ति: जानें अर्थ, फायदे और सही तरीके से जप कैसे करें
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
