देश
गैंगस्टर छोटा राजन को सुप्रीम कोर्ट से झटका, जमानत को रद्द कर दिया
18 Sep, 2025 12:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर छोटा राजन (राजेंद्र सदाशिव निकलजे) को बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत को रद्द कर दिया है। यह फैसला होटल कारोबारी जया शेट्टी की 2001 में हुई हत्या के मामले में आया है, जिसमें छोटा राजन को उम्रकैद की सजा मिली थी। जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने सीबीआई की दलीलों पर यह आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि छोटा राजन पहले से ही चार अन्य मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है और 27 साल तक फरार रहा था। इसके बाद उसकी सजा को निलंबित करने का कोई कारण नहीं है।
वहीं छोटा राजन के वकील ने दावा किया कि यह मामला सबूतों के बिना है और 71 में से 47 मामलों में सीबीआई को उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले थे। हालांकि, वकील ने यह स्वीकार किया कि यह हत्या के मामले में उसकी दूसरी सजा है।
हत्या का मामला: जया शेट्टी, जो दक्षिण मुंबई के गोल्डन क्राउन होटल के मालिक थे, को छोटा राजन के गिरोह से रंगदारी की धमकियाँ मिल रही थीं। मई 2001 में, उन्हें उनके कार्यालय के बाहर गोली मार दी गई थी, क्योंकि उन्होंने गिरोह को पैसे देने से मना कर दिया था। 2024 में, मुंबई की एक विशेष मकोका अदालत ने छोटा राजन को इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। छोटा राजन को अक्टूबर 2015 में इंडोनेशिया के बाली में गिरफ्तार किया गया था और फिर उसे भारत लाया गया था। महाराष्ट्र में उसके खिलाफ कुल 71 मामले दर्ज थे, जिन्हें बाद में सीबीआई को सौंप दिया गया था।
भारत-यूएस ट्रेड डील रही सकरात्मक, ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इंस्टीट्यूट का दावा
18 Sep, 2025 11:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। इस बीच ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इंस्टीट्यूट का दावा है कि अमेरिका ने भारत पर जो 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है उसे घटाकर 10-15 प्रतिशत किया जा सकता है। गौरतलब है कि अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस के अधिकारियों ने नई दिल्ली में अमेरिका के मुख्य वार्ताकर ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व में भारत के साथ टे्रड डील पर चर्चा की। भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा कि चर्चाएं सकारात्मक रहीं और दोनों पक्षों ने पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के शीघ्र निष्कर्ष के लिए प्रयास तेज करने का फैसला लिया है। यह बातचीत उस दौर के बाद आगे बढऩे के संकेत मानी जा रही है जब अमेरिका ने भारत पर 27 अगस्त से 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगा दिए थे।
यह कदम भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने के कारण उठाया गया था जिसके चलते अमेरिका ने व्यापार वार्ता रोक दी थी। फिलहाल भारत पर ट्रंप ने कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। ट्रेड डील पर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी हैं। कुछ दिनों पहले वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि दोनों देशों के बीच नवंबर 2025 तक ट्रेड डील का पहला चरण फाइनल हो जाएगा।
भारत सबसे बड़ा डेटा सप्लायर
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इंस्टीट्यूट का कहना है कि दोनों देशों के बीच डील इसीलिए हो रही है ताकि टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 10-15 प्रतिशत या शायद और कम हो जाए। दरअसल, दुनिया के सबसे बड़े डेटा जेनरेटर देश चीन और भारत हैं। भारत अमेरिका के लिए सबसे बड़ा डेटा सप्लायर है, उनका जितना भी डिवेलपमेंट है जैसे कि सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल, वो सब इंडिया से है और काफी महत्वपूर्ण है। इसलिए वो चाहते हैं कि भारत डेटा फ्लो पर कभी भी कोई प्रतिबंध, टैक्स ना लगाए। उनकी सबसे बड़ी उम्मीद है कि भारत फ्री फ्लो ऑफ डेटा रखे। आरबीआई का नियम है कि फाइनेंस डेटा देश के सर्वर में ही रखा जाए, लेकिन अमेरिका ऐसा नहीं चाहता। इसलिए भारत को अपने हित में देखना चाहिए और दोनों पक्षों की सहमति से इसका एक हल देखना पड़ेगा। फ्री फ्लो ऑफ डेटा से भारत का डिवेलपमेंट नहीं हो सकेगा।
मेक इन इंडिया पर कोई असर नहीं
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इंस्टीट्यूट का कहना है कि भारत-यूएसए ट्रेड डील से मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल पर कोई असर नहीं पड़ेगा। असर होगा तो सिर्फ पॉजिटिव ही होगा क्योंकि यूएस इंडस्ट्रियल पावर नहीं है। अमेरिका एग्रीकल्चर पावर है या इंडस्ट्री में बहुत हाई-टेक चीजें बनाता है- जैसे बोइंग। लेकिन सामान्य प्रोडक्ट्स जैसे टैक्सटाइल्स, लेदर, केमिकल्स में यूएस कहीं नहीं है। इसलिए हमारे मेक इन इंडिया को चाइना के इंपोर्ट से खतरा है, यूएस के साथ होने वाली डील से बिल्कुल भी नहीं। वहीं आम उपभोक्ता पर डील का कोई असर नहीं होगा। सरकार ने रेड लाइन (एग्रीकल्चर और डेयरी) तय की हैं और अभी तक मेंटेन की है और आगे भी रखेगी। अमेरिका इंडस्ट्रियल पावर है नहीं तो कोई असर आम ग्राहकों पर नहीं होगा।
करोड़ों का कैश, फ्लैट, 6 प्लॉट्स और फार्मलैंड, इंजीनियर के घर....नोटों का जखीरा बरामद
18 Sep, 2025 10:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद। तेलंगाना के हैदराबाद में एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने टीजीएसपीडीसीएल के असिस्टेंट डिविजनल इंजीनियर (एडीई) अम्बेडकर एरुगु के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज हुआ है। एसीबी की छापेमारी में उनके और उनके रिश्तेदारों के घरों से करोड़ों रुपये की नकदी बरामद हुई है। एसीबी टीम की छापेमारी में 2.18 करोड़ नकद, एक फ्लैट, एक जी+5 बिल्डिंग, 10 एकड़ जमीन पर एक कंपनी, 6 प्लॉट्स, एक फार्मलैंड के कागज मिले हैं। साथ ही दो फोर व्हीलर्स, सोने के जेवर और बैंक में जमा रुपयों का पता चला है। एसीबी अधिकारियों ने कहा, तलाशी से पता चला कि इंजीनियर ने अपने पद का दुरुपयोग करके ये चल-अचल संपत्तियां बनाई हैं। तलाशी अभी भी जारी है। संपत्तियों का बाजार मूल्य उनके आधिकारिक मूल्य से कहीं ज़्यादा है। आरोपी इंजीनियर को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बता दें कि यह एक महीने से भी कम समय में एसीबी द्वारा पकड़ा गया आय से अधिक संपत्ति का दूसरा बड़ा मामला है। 19 अगस्त को एसीबी ने एक तहसीलदार पर छापे के दौरान 5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का पता लगाया था। अधिकारियों ने वारंगल जिले के वारंगल फोर्ट मंडल के तहसीलदार बांदी नागेश्वर राव से जुड़े सात स्थानों पर तलाशी ली।
कोर्ट मैरिज के बाद उत्सव मनाने पति से मांगा पैसा......गला घोंटकर मार डाला
18 Sep, 2025 09:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भुवनेश्वर। ओडिशा के भुवनेश्वर में 6 सितंबर से लापता ट्रैफिक महिला कांस्टेबल शुभमित्रा साहू की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस कमिश्नर सुरेश देवदत्त सिंह ने बताया कि शुभमित्रा की हत्या उनके पति और पुलिस कांस्टेबल दीपक राउत ने ही की है। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, शुभमित्रा 6 सितंबर को ड्यूटी करने के बाद से लापता थीं। 7 सितंबर को उनके परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवा दी थी। मामले में शुरू से ही शक के घेरे में पति दीपक राउत, जो कि खुद पुलिस विभाग में कांस्टेबल हैं अब मुख्य आरोपी के रूप में सामने आ चुका हैं।
कमिश्नर सिंह ने बताया कि शुभमित्रा और दीपक की कोर्ट मैरिज जुलाई 2024 में हुई थी। शुभमित्रा चाहती थीं कि उनकी शादी को सामाजिक स्वीकृति दिलाने के लिए कार्यक्रम या उत्सव आयोजित करे। इसके लिए वह दीपक से पैसे की मांग कर रही थीं। मगर दीपक ने पैसे देने से साफ मना कर दिया, जिससे दोनों के बीच विवाद गहराता चला गया। पुलिस ने बताया कि शुभमित्रा का झुकाव धार्मिक कार्यों की ओर था और वह पहले मथुरा, काशी और पुरी की यात्रा कर चुकी थीं। इसकारण पुलिस ने शुरुआती जांच में शुभमित्रा को मठों और धार्मिक स्थलों पर भी उन्हें खोजा, पर कोई सुराग नहीं मिला।
लेकिन आखिरकार जांच के दौरान सबूत मिलने लगे कि दीपक ने ही शुभमित्रा की हत्या की। आरोपी दीपक ने गला दबाकर उसकी जान ली और फिर शव को अपनी कार में डालकर कीओंझर जिले के घटगांव इलाके के जंगल में दफना दिया। दीपक ने पुलिस की पूछताछ में जुर्म कबूल कर लिया है। अब पुलिस की टीम आरोपी पति को लेकर घटनास्थल पर गई है, जहां क्राइम सीन रीक्रिएशन और शव की बरामदगी की कोशिशें जारी हैं।
कमिश्नर ने बताया कि घटगांव के जिस इलाके में शव को दफनाया गया है, वहां भारी बारिश के चलते जांच अभियान धीमा हो गया है। हालांकि पुलिस टीम पूरी सतर्कता से सबूत इकट्ठा कर रही है। मौके पर गवाहों को भी बुलाया गया है, ताकि पूरी घटना की पुष्टि की जा सके। कोर्ट मैरिज के बाद उत्सव मनाने की इच्छा रखना किसी भी नवविवाहित जोड़े के लिए आम बात है, लेकिन शुभमित्रा के लिए यह इच्छा जानलेवा साबित हुई।
प्रंचड गर्मी के बाद मूसलाधार बारिश.........अब कपकंपा देने वाली ठंड के लिए तैयार रहे
18 Sep, 2025 08:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भारतीय मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस साल के अंत तक ला नीना के कारण मौसम का पैटर्न प्रभावित होगा और इसकारण भारत में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ेगी है। एक अमेरिकी मौसम एजेंसी ने कहा कि अक्टूबर से दिसंबर के बीच ला नीना बनने की प्रबल उम्मीद बन रही है। मौसम विभाग ने बताया कि ला नीना प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय हिस्से में समुद्र सतह के तापमान के ठंडा होने की स्थिति है, इसका असर पूरी दुनिया के मौसम पर दिखाता है और इसकारण भारत में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ सकती है।
आईएमडी ने बताया कि अभी स्थितियां सामान्य बनी हुई हैं, लेकिन भारतीय मौसम विभाग का मानना है कि मॉनसून के बाद ला नीना की संभावना बढ़ेगी। एक वरिष्ठ आईएमडी अधिकारी ने कहा, हमारे मॉडल अक्टूबर-दिसंबर में ला नीना विकसित होने की 50 प्रतिशत से अधिक संभावना दिखा रहे हैं। ला नीना के दौरान भारत में सर्दियां सामान्य से ठंडी होती हैं। हालांकि जलवायु परिवर्तन के कारण गर्माहट कुछ असर कम कर सकती है, लेकिन ठंडी लहरें बढ़ सकती हैं।
वहीं भारतीय निजी मौसम एजेंसी ने कहा कि ला नीना की स्थिति से इंकार नहीं कर सकते है। उन्होंने बताया, प्रशांत महासागर का तापमान पहले ही सामान्य से ठंडा है। यदि यह -0.5 डिग्री सेल्सियस से नीचे तीन तिमाहियों तक बना रहता है, तब इस ला नीना घोषित कर दिया जाएगा। 2024 के अंत में भी ऐसी ही स्थिति बनी थी जब नवंबर से जनवरी तक अल्पकालिक ला नीना रहा था। उन्होंने कहा, इस बार अमेरिका में सूखी सर्दियों का खतरा है, जबकि भारत में कड़ाके की ठंड और हिमालयी क्षेत्रों में अधिक बर्फबारी हो सकती है।
आईआईएसईआर मोहाली और नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस रिसर्च, ब्राजील ने भी अपने अध्ययन में पाया है कि ला नीना वर्षों में उत्तर भारत में ठंडी लहरें अधिक और लंबी अवधि तक चलती हैं। अध्ययन के अनुसार, ला नीना के दौरान निचले स्तर पर बनने वाली चक्रीय हवाएं उत्तरी अक्षांशों से ठंडी हवा भारत की ओर खींच लाती हैं।
उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीर से पारदर्शिता और बढ़ेगी : चुनाव आयोग
17 Sep, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चुनाव आयोग ने पारदर्शी और सुविधाजनक मतदान प्रक्रिया के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। अब ईवीएम (EVM) पर उम्मीदवार के नाम और चुनाव चिन्ह के साथ उनकी कलर फोटो भी लगी होगी। आयोग का कहना है कि यह बदलाव सबसे पहले बिहार विधानसभा चुनाव से लागू किया जाएगा।
वोटर कंफ्यूजन दूर करने की कोशिश
आयोग ने बताया कि कई बार उम्मीदवारों के नाम एक जैसे होने से मतदाताओं को भ्रम हो जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए अब बैलेट पेपर शीट पर तीन-चौथाई हिस्से में उम्मीदवार की रंगीन तस्वीर लगाई जाएगी। इससे वोटर को अपने सही उम्मीदवार की पहचान करने में आसानी होगी।
NOTA और सीरियल नंबर को भी मिली प्राथमिकता
नई गाइडलाइन के अनुसार, ईवीएम पर NOTA बटन को भी प्रमुखता से दिखाया जाएगा। आयोग का कहना है कि नोटा और उम्मीदवारों की फोटो एक समान स्पष्टता के साथ दिखाई देंगी ताकि मतदाता को किसी तरह की परेशानी न हो।
देशभर में शुरू होगा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)
चुनाव आयोग ने यह भी घोषणा की है कि जल्द ही पूरे देश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू किया जाएगा। इसके तहत मतदाता सूची की समीक्षा की जाएगी। आयोग का कहना है कि अधिकतर मतदाताओं को नए दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि उनके नाम पहले से तैयार मतदाता सूची में दर्ज हैं।
आयोग ने बताया कि कई राज्यों में पिछला SIR वर्ष 2002 और 2004 में हुआ था। नए पुनरीक्षण के दौरान उन्हीं सूचियों को आधार मानकर काम आगे बढ़ेगा। कुछ राज्यों ने तो अपनी वेबसाइट पर मतदाता सूची पहले ही उपलब्ध करा दी है।
ब्रिटिश अधिकारियों को श्रेय देने वाली पट्टिका सारनाथ से हटाई गई, उठे नए सवाल
17 Sep, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने बताया बाबू जगत सिंह ने खुदाई कर महत्ता को उजागर किया
सारनाथ । यूनेस्को की टीम के सारनाथ दौरे से पहले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। दरअसल बौद्ध धर्म से जुड़े ऐतिहासिक स्थल को भारत ने विश्व धरोहर सूची के लिए नामित किया है। इसी कड़ी में एएसआई अब वहां एक “सुधार की गई” पट्टिका लगाने जा रहा है, जिसमें स्थल के संरक्षण का श्रेय ब्रिटिश अधिकारियों को नहीं बल्कि तत्कालीन स्थानीय शासक परिवार के सदस्य बाबू जगत सिंह को मिलेगा।
फिलहाल सारनाथ में लगी मुख्य पट्टिका पर यह लिखा है कि साइट के पुरातात्विक महत्व को सबसे पहले 1798 में डंकन और कर्नल ई. मैकेंजी द्वारा उजागर किया गया, जिसके बाद अलेक्जेंडर कनिंघम (1835-36), मेजर किट्टो (1851-52), एफ.ओ. ओर्टेल (1904-05), सर जॉन मार्शल (1907), एम.एच. हरग्रेव्स (1914-15) और अंत में दयाराम साहनी द्वारा खुदाई कराई गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अब एएसआई का कहना है कि बाबू जगत सिंह ने 1787-88 में यहां खुदाई कर इस स्थल की पुरातात्विक महत्ता को उजागर किया था। सिंह बनारस के शासक राजा चैत सिंह के वंशज थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, जगत सिंह के वंशजों ने एएसआई को प्रस्ताव भेजकर पट्टिका में सुधार की मांग की थी। परिवार का कहना है कि इतिहास में गलत तरीके से ब्रिटिश अधिकारियों को महान बताया गया है। एएसआई महानिदेशक यदुबीर रावत ने पुष्टि की है कि “स्थल के प्रकाश में आने की तारीख को नए तथ्यों के आधार पर संशोधित किया जाएगा।” जगत सिंह के वंशज प्रदीप नारायण सिंह ने कहा कि उन्होंने एएसआई से सांस्कृतिक नोटिस बोर्ड पर भी संशोधन करने का अनुरोध किया है ताकि “भ्रामक विवरण” हटाया जा सके।
इसके पहले इसी साल एएसआई ने सारनाथ के धर्मराजिका स्तूप पर लगी पट्टिका में भी बदलाव किया था। पुरानी पट्टिका में जगत सिंह को “दीवान” और “स्तूप का विनाशक” बताया गया था। लेकिन संशोधित पट्टिका में उल्लेख है कि यह ढांचा उनके कारण प्रकाश में आया और इस कभी “जगत सिंह स्तूप” भी कहा जाता था। एक अधिकारी ने कहा, 1861 में एएसआई की स्थापना और सारनाथ के संरक्षित स्मारक बनने तक, न वैज्ञानिक शोध हुआ था और न ही दस्तावेजीकरण। इसलिए कई स्मारकों की पट्टिकाओं में ब्रिटिश अधिकारियों के व्यक्तिपरक आकलन हो सकते हैं। दशकों बाद, यदि कुछ अलग पाया जाता है, तब उसे सुधारा जा सकता है।
खुदाई से जुड़े तथ्य और हालिया रिसर्च
एएसआई के सारनाथ संग्रहालय की सूची के अनुसार, जगत सिंह ने अपने भवन निर्माण के लिए प्राचीन टीले से सामग्री निकालने का आदेश दिया था। इसी दौरान यहां से एक बौद्ध अवशेषों से युक्त पात्र मिला था, जिसका एक हिस्सा आज भी एशियाटिक सोसाइटी, कोलकाता के पास संरक्षित है। इसके अलावा, वर्ष 2013-14 में पुरातत्वविद् बी.आर. मणि द्वारा कराई गई खुदाई में यह प्रमाण मिले कि बुद्ध और अशोक के बीच के लगभग 300 वर्षों में भी सारनाथ बौद्ध गतिविधियों का केंद्र बना रहा।
PM मोदी ने दिया स्वदेशी का नया नारा, बोले- गर्व से अपनाएं देशी उत्पाद
17 Sep, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भैंसोला। आने वाले त्योहारों के पहले आज, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को विकसित भारत की दिशा में ले जाने के उद्देश्य से देशवासियों से स्वदेशी अपनाने का आग्रह करते हुए ‘गर्व से कहो, ये स्वदेशी है’ का नया नारा दिया। पीएम मोदी मध्यप्रदेश के धार जिले के भैंसोला में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने देश के पहले ‘पीएम मित्रा’ पार्क की आधारशिला रखी। समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर समेत राज्य के मंत्रिमंडल के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
पीएम मोदी ने कहा कि अब त्योहारों का समय आ रहा है, इस पूरे समय में हमें स्वदेशी का मंत्र लगातार दोहराना है। लोग अपने जीवन में इस मंत्र को उतारें। जो भी खरीदें, देश में ही बना हो, उसमें हिंदुस्तान की मिट्टी की महक हो। उन्होंने व्यापारी वर्ग का आह्वान करते हुए कहा कि ये वर्ग भी देश की मदद करे। 2047 तक हमें देश को विकसित भारत बनाना है, उसका रास्ता ‘आत्मनिर्भर भारत’ से होकर जाता है। व्यापारी जो भी बेचें, भारत में ही बना हो। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वदेशी को आजादी का माध्यम बनाया था, हमें अब स्वदेशी को विकसित भारत का माध्यम बनाना है। लोग अपने बच्चे के लिए खिलौना भी खरीदें, तो वाे भारत का हो। कोई भी चीज़ खरीदने के पहले देखें कि वो देश में बनी हो।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की छलांग, मोदी सरकार की नीतियों से मजबूत हुआ भारत
17 Sep, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता तथा राष्ट्रीय सुरक्षा को समृद्ध और विकसित भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने का मूल मंत्र करार देते हुए पिछले 11 वर्षों में देश की रक्षा और सुरक्षा के मोर्चे पर कई ऐसे बड़े फैसले लिए जिनसे भारत दुनिया में एक बड़ी सैन्य ताकत बनकर उभरा है। इसके साथ-साथ इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की उडान भर हथियारों के सबसे बड़े आयातक के बजाय निर्यातक बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ रहा है। प्रधानमंत्री ने इस बार स्वाधीनता दिवस संबोधन में दस साल में महत्वपूर्ण ठिकानों और आर्थिक सामाजिक प्रतिष्ठानों को हवाई हमलों से बचाने की प्रणालियों वाला ‘सुदर्शन-चक्र’ तैयार करने की घोषणा की है।
वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद से ही मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को विशेष अहमियत देते हुए रक्षा क्षेत्र को अच्छी खासी प्राथमिकता दी। अपने बलबूते देश की सीमाओं की रक्षा का बीड़ा उठाते हुए सरकार ने रक्षा क्षेत्र में बरसों से चले आ रहे कानूनों, परंपरा, नियमों और ढर्रों को बदलते हुए व्यापक सुधार किए। इसके साथ ही सीमावर्ती और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ढांचागत विकास पर विशेष जोर दिया गया।
सरकार ने सेनाओं को किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने में मजबूत बनाने के लिए रक्षा बजट में बढोतरी करते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़े कदम उठाए और सेनाओं को अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों और प्रौद्योगिकी से लैस करने का हरसंभव प्रयास किया। इसके अलावा रक्षा कूटनीति का दायरा बढाते हुए सेनाओं को विकसित तथा बड़े देशों की सेनाओं के साथ अभ्यास तथा सैन्य आदान-प्रदान का मार्ग प्रशस्त किया गया। सरकार ने रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान पर भी बल दिया और रक्षा विनिर्माण में निजी क्षेत्र के लिए दरवाजे खोलकर उन्हें राष्ट्र सेवा में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। सरकार ने रक्षा खरीद प्रक्रिया को भी सरल और पारदर्शी बनाया है जिससे खरीद तेजी से हो रही है।
सरकार के पिछले 11 वर्षों की सुनियोजित और चरणबद्ध नीतियों तथा योजनाओं का असर दिखाई दे रहा है। राष्ट्र पर संकट के समय सेनाओं ने दुश्मन के नापाक इरादों को विफल कर उसे करारा जवाब देते हुए धूल चटाई है। भारत ने न केवल एक बड़ी सैन्य शक्ति बल्कि संकट और आपदा के समय सबसे पहले मदद का हाथ बढाने वाले देश के रूप में अपनी छवि बनायी है।
रक्षा उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि मोदी सरकार के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। वर्ष 2014-15 में भारत का रक्षा उत्पादन लगभग 46429 करोड़ रुपये था और 2023-24 में यह बढ़कर 1,27,434 करोड़ रुपये हो गया है जो लगभग 174 प्रतिशत की वृद्धि है। यह वृद्धि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत रक्षा क्षेत्र को स्वदेशी बनाने के लिए उठाए गए कदमों का नतीजा है। इस दौरान सरकार ने रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा दिय। सरकार ने वर्ष 2029 तक रक्षा उत्पादन तीन लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
भारत सैन्य ताकत बढाने के लिए एस-400 ट्रायम्फ मिसाइल प्रणाली, बराक-8 मिसाइल, आकाश मिसाइल, तेजस हल्के लड़ाकू विमान, और ड्रोन रोधी कई स्वदेशी हथियार प्रणालियों का सफल विकास किया है। अब लगभग 80 से 100 देशों को सैन्य उपकरणों का निर्यात किया जा रहा है। भारत का रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2014-15 में 1,941 करोड़ रुपये से वित्त वर्ष 2024-25 में 23,662 करोड़ रुपये तक 1,100 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया है। रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई नीतिगत सुधार किए हैं, जिससे भारत वैश्विक हथियार बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।
रक्षा बजट में लगातार वृद्धि के साथ-साथ बेहतर प्रबंधन भी मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2014-15 में रक्षा बजट लगभग 2.29 लाख करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर लगभग 6.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस बजट का उपयोग नई तकनीकों के विकास, हथियारों की खरीद, सैनिकों के वेतन और कल्याण, और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने में किया जा रहा है। बजट वृद्धि के साथ ही सरकार ने रक्षा खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज़ बनाया, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हुआ।
सरकार ने रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। रक्षा क्षेत्र में अब 74 प्रतिशत तक विदेशी निवेश की अनुमति दी गई है, जिससे विदेशी कंपनियां भारत में तकनीकी सहयोग और निवेश कर रही हैं। निजी कंपनियों को अडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट , स्वदेशी पनडुब्बी निर्माण, और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली जैसी बड़ी रक्षा परियोजनाओं में शामिल किया गया है। पहले रक्षा खरीद प्रक्रिया लंबी और जटिल होती थी, जिससे हथियारों की आपूर्ति में देरी होती थी। मोदी सरकार ने इसे सरल, पारदर्शी और तेज बनाया है। ‘मेक इन इंडिया’ को प्राथमिकता दी गई है, जिससे घरेलू उद्योगों को बढ़ावा मिला है। इससे सेना को समय पर आवश्यक उपकरण और हथियार मिल रहे हैं।
भारत ने अमेरिका, रूस, फ्रांस, इजराइल, जापान, ऑस्ट्रेलिया और कई अन्य देशों के साथ मजबूत रक्षा साझेदारी की है। इन के तहत तकनीकी सहयोग, हथियारों की खरीद, संयुक्त सैन्य अभ्यास, और रणनीतिक संवाद बढ़े हैं। अमेरिका के साथ ‘लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मैमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग’ (लेमोआ) ‘कॉमप्रिहेंसिव डिफेंस पार्टनरशिप’, और ‘क्वाड’ जैसे मंचों ने भारत की वैश्विक रक्षा साख को मजबूत किया है।
सरकार ने सेना, वायुसेना और नौसेना को कई आधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस किया है। इनमें एस-400 ट्रायम्फ मिसाइल सिस्टम, बराक-8 मिसाइल, आकाश मिसाइल, के9 वज्र-टी हॉवित्जर, एम777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर, राफेल लड़ाकू विमान, तेजस एलसीए और पनडुब्बी आईएनएस कलवरी शामिल हैं। इन हथियार प्रणालियों ने भारत की सैन्य ताकत और युद्ध क्षमता को कई गुना बढ़ाया है। इससे देश की सीमाओं की सुरक्षा और आक्रामक क्षमता दोनों मजबूत हुई हैं।
मोदी सरकार ने सेना में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देकर उन्हें लड़ाकू और कमांडिंग पदों पर भी जिम्मेदारी दी है। यह बदलाव सेना में विविधता लाने के साथ-साथ महिलाओं को सशक्त बनाने का भी प्रयास है। इससे सेना की कार्यक्षमता और समावेशिता दोनों बढ़ी हैं। सैनिकों के कल्याण के लिए भी सरकार ने कई योजनाएं लागू की हैं। वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत सैनिकों को बेहतर पेंशन और कल्याण सुविधाएं दी गई हैं। सैनिकों के परिवारों को बेहतर चिकित्सा, आवास, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। इन सुधारों से सैनिकों का मनोबल बढ़ा है और वे अपने कर्तव्यों को और बेहतर तरीके से निभा पा रहे हैं।
वर्ष 2016 की उरी सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक और 2025 में ऑपरेशन सिंदूर जैसे सफल सैन्य अभियानों ने भारत की सैन्य ताकत को साबित किया है और देश की संप्रभुता की रक्षा की है। सीमाओं की सुरक्षा को पुख्ता बनाने के लिए ड्रोन निगरानी, सीमा बाड़, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और अन्य आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
निरंतर बदलती परिस्थितियों और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरंतर हो रहे बदलावों के साथ कदमताल करते हुए भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, हाइपरसोनिक हथियारों, क्वांटम कंप्यूटिंग और अंतरिक्ष तकनीक में तेजी से काम कर रहा है। रक्षा उपग्रहों की मदद से सेना की निगरानी और संचार प्रणाली को बेहतर बनाया गया है। गगनयान मिशन और स्वदेशी स्पेस स्टेशन विकसित करने की योजना से भारत की रक्षा प्रणाली और अधिक सक्षम बनेगी। यह भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में भारत को सक्षम बनाएगा।
हिंदू राष्ट्र संगोष्ठी का आयोजन महाराष्ट्र के धारा शिवा जिला में संपन्न हुआ।
17 Sep, 2025 06:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
धारा शिवा : पूज्यपाद जगद्गुरु शंकराचार्य गोवर्धन पीठाधीश्वर महाराज जी के कृपा पात्र शिष्य श्री प्रेमचंद्र झा जी के सानिध्य में महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के रूपा माता कंपलेक्स सभागार में हिंदू राष्ट्र संगोष्ठी संपन्न हुआ ।
श्री झा जी ने पूज्य गुरुदेव भगवान के अभियान के बारे में बताया
उन्होंने धर्म नियंत्रित पक्षपात विहीन शोषण विनर मुक्त सर्वहित पद सनातन शासन तंत्र भारत मे स्थापित करने के लिए लोगों से संगठित होकर सेवा, सत्संग, स्वाध्याय एवं संगोष्ठी के माध्यम से जन जागरण करने को कहा. उन्होंने भव्य भारत के निर्माण के लिए जल्द से जल्द भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करवाने के लिए प्रयास करने का आग्रह किया. रूपा माता ग्रुप के अध्यक्ष एडवोकेट वियानकट गोंड पाटिल ने भारत को हिंदू राष्ट्र करवाने के लिए अपने स्तर पर काम करने का आश्वासन दिया एवं पूज्य गुरुदेव के अभियान को अपने क्षेत्र में प्रचार प्रसार के माध्यम से गांव गांव तक ले जाने का आश्वासन दिया .
वारकरी समाज के प्रमुख एडवोकेट लोमटे महाराज जी अपने वक्तव्य में संकीर्तन एवं सेवा के माध्यम से अपने समाज के लोगों में हिंदू राष्ट्र के लिए काम करने का आश्वासन दिया . सुधाकर गोंड पाटिल गुरुजी, कैलाश महाराज जी, मार्गगाने गुरुजी ,डॉक्टर किरण झारखड, श्रीमती शोभा कुलकर्णी, आनंद गलांडे, विजय पार्टनाले , राहुल यादव ,मिलिंद खांडेकर , विकास मंडाले , महेश यादव , अनिल गायकवाड, सागर कुलकर्णी, सम्राट कुलकर्णी, नितिन मुद्गल, विकास अध्यापक एवं अन्य सक्रिय रहे ।हर हर महादेव।
वैष्णो देवी यात्रा बहाल: पहले ही दिन उमड़े भक्त, मंदिर परिसर गूंजा भक्तिरस से
17 Sep, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। अर्धकुंवारी में लैंडस्लाइड की वजह से व्यापक पैमाने पर नुकसान हुआ था, जिसके बाद माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग को बंद कर दिया गया था। पिछले तीन सप्ताह से भी ज्यादा समय से यात्रा मार्ग को दुरुस्त करने का काम चल रहा था। पुनर्निर्माण के काम में जुटे अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रयास रंग लाया और नवरात्रि से ठीक पहले माता वैष्णो देवी मार्ग को बहाल कर दिया गया है। 22 दिन के विराम के बाद शुरू हुई यात्रा को लेकर भक्तों में खास उत्साह देखा जा रहा है। आधार शिविर कटरा स्थित रजिस्ट्रेशन काउंटर पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है एक बार फिर सुनाई देने लगा है।
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के फैसले से श्रद्धालुओं में उत्साह है। कटरा स्थित आधार शिविर स्थित रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भक्तों की भीड़ देखी गई। बता दें कि यात्रा फिर से शुरू करने का यह निर्णय तीर्थयात्रियों के एक समूह द्वारा तीर्थयात्रा फिर से शुरू करने की अपनी मांग के समर्थन में कटरा आधार शिविर में विरोध प्रदर्शन के दो दिन बाद आया। इससे पहले, श्राइन बोर्ड ने 14 सितंबर को यात्रा फिर से शुरू करने का फैसला किया था, लेकिन लगातार बारिश के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था। इससे कुछ श्रद्धालुओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था, जिन्होंने सुरक्षा घेरे को तोड़ने और तीर्थस्थल बोर्ड के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए तीर्थयात्रा करने का बार-बार प्रयास किया था।
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा अनुकूल मौसम की स्थिति में बुधवार को फिर से शुरू हो गई है। श्राइन बोर्ड ने नवरात्रि से पहले देश और विदेश के लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं को बड़ी खुशखबरी दी है। बता दें कि यह तीर्थयात्रा 26 अगस्त को स्थगित कर दी गई थी, इससे कुछ घंटे पहले ही मंदिर जाने वाले मार्ग पर एक बड़ा भूस्खलन हुआ था। इसमें 34 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी और 20 अन्य घायल हो गए थे। इससे पहले श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, ‘जय माता दी…वैष्णो देवी यात्रा अनुकूल मौसम की स्थिति में 17 सितंबर 2025 (बुधवार) से फिर से शुरू होगी। भक्तों से अनुरोध है कि वे आधिकारिक संचार माध्यमों के माध्यम से अपडेट रहें।
बता दें कि पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर के जम्मू संभाग में मौसम का कहर जमकर बरसा। भारी से बहुत भरी बरसात और बादल फटने की ताबड़तोड़ घटनाओं ने आमलोगों की जिंदगी को पटरी से उतार दिया। घर से लेकर सड़क और दुकान तक सबकुछ तबाह हो गया। माता वैष्णो देवी का यात्रा मार्ग भी इससे बुरी तरह से प्रभावित हुआ था। अर्धकुंवारी के पास भीषण लैंडस्लाइड हुआ था। इस हादसे में तकरीबन 3 दर्जन लोगों की मौत हो गई थी। इसके साथ ही यात्रा मार्ग भी बाधित हो गया था। उस घटना के बाद तीर्थयात्रा मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए बंद करना पड़ गया था। तबसे लगातार मार्ग को दुरुस्त करने का काम चल रहा था। तकरीबन 22 दिनों के बाद अब जाकर वैष्णो देवी यात्रा मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए बुधवार 17 सितंबर 2025 से खोल दिया गया।
26/11 और संसद हमले का मास्टरमाइंड मसूद अजहर : जैश
17 Sep, 2025 03:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी ने बड़ा खुलासा किया है। एक वीडियो में उसने कबूल किया कि दिल्ली संसद हमले और 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड मसूद अजहर ही था। इस कबूलनामे ने पाकिस्तान की पोल खोल दी है और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की नींद उड़ने वाली है।
पाकिस्तान का झूठ बेनकाब
इलियास ने न सिर्फ अजहर की आतंकी गतिविधियों की पुष्टि की, बल्कि यह भी बताया कि जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने बालाकोट और बहावलपुर में रहे हैं। पाकिस्तान अब तक आतंकियों को पनाह देने से इनकार करता रहा है, लेकिन यह बयान उसे दुनिया के सामने बेनकाब कर रहा है।
बालाकोट एयरस्ट्राइक का जिक्र
कमांडर ने कबूल किया कि अजहर का ठिकाना बालाकोट में था, जिसे भारत ने 2019 की एयरस्ट्राइक में ध्वस्त कर दिया था। उसने कहा – “दिल्ली और मुंबई को दहलाने वाला मौलाना मसूद अजहर बालाकोट की मिट्टी पर ही नजर आता है।”
पाकिस्तान सेना की मिलीभगत
इलियास ने यह भी खुलासा किया कि 7 मई को भारतीय वायुसेना ने बहावलपुर में जैश के मुख्यालय और मस्जिद पर एयरस्ट्राइक की थी, जिसमें मसूद अजहर के कई रिश्तेदार मारे गए। उसने कहा कि पाकिस्तान सेना के शीर्ष अधिकारियों को आदेश दिया गया था कि वे मारे गए आतंकियों के अंतिम संस्कार में शामिल हों।
ओसामा बिन लादेन को बताया ‘शहीद’
बयान में मसूद इलियास ने ओसामा बिन लादेन को भी ‘शहीद’ बताया। इस कबूलनामे से साफ है कि पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देने और उनका साथ देने से कभी पीछे नहीं हटा।
देहरादून में बादल फटा, मंदिर, दुकानों-घरों में मलबा घुसा
17 Sep, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिमला, देहरादून । उत्तराखंड के देहरादून में मंगलवार सुबह 5 बजे बादल फटा। इससे तमसा, कारलीगाड़, टोंस और सहस्त्रधारा नदी में जलस्तर बढ़ गया। सहस्त्रधारा समेत आसपास के इलाके तपोवन, आईटी पार्क, घंगौरा, घड़ी कैंट इलाकों में पानी भर गया। कई सडक़ें बह गईं।
तमसा नदी के किनारे बने टपकेश्वर महादेव मंदिर में पानी भर गया। यहां मौजूद दुकानें बह गईं। 2 लोग लापता हैं। सहस्त्रधारा में 5 लोगों को बचाया गया। विकास नगर में टोंस नदी में पानी का बहाव अचानक तेज हो गया। इस दौरान मजदूरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में बह गई। इसमें 8 लोगों की मौत और 4 के लापता होने की खबर है।
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। टपकेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी ने बताया कि सुबह 5 बजे नदी में बाढ़ आई, पूरा मंदिर डूब गया, कई मूर्तियां बह गईं। हालांकि, गर्भगृह सुरक्षित है। पानी उतरने पर मंदिर में 2 फीट मलबा दिखा।
उधर, हिमाचल के मंडी के धर्मपुर बस स्टैंड में भी रात में हुई बारिश के बाद मलबा भर गया। बाढ़ में कई बसें दूर तक बह गईं। राज्य में 3 नेशनल हाईवे बंद हैं। 493 सडक़ों पर आवाजाही ठप है। मंडी के ही निहरी में लैंडस्लाइड के कारण 3 की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, पास की एक चट्टान का मलबा एक घर पर गिर गया, जिससे वह ढह गया। इसमें एक ही परिवार के 5 लोग मलबे में दब गए।
ट्रेड डील पर सात घंटे तक मंथन, भारत-अमरीका के बीच सकारात्मक रही बैठक, आगे भी होगी चर्चा
17 Sep, 2025 11:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: भारत और अमरीका के बीच ट्रेड डील पर मंगलवार को बैठक सात घंटे तक चली। दोनों देशों के बीच बैठक सकारात्मक रही और आगे भी टैरिफ जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होगी। इस बैठक में अमरीका की तरफ से चीफ नेगोशिएटर ब्रेंडन लिंच और भारत की ओर से एडिशनल सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल थे। दरअसल, व्यापार समझौते को लेकर अमरीकी टीम दिल्ली में लंबी बातचीत हुई। यह बैठक एकदिवसीय थी। अब अमरीकी टीम वापस चली जाएगी। हालांकि जल्द ही अगली बैठक होने वाली है। वाणिज्य मंत्रालय की ओर से दिए गए बयान में कहा गया है कि मंगलवार को सात घंटे तक बैठक में ट्रेड डील के विभिन्न पहलुओं पर सकारात्मक और दूरदर्शी चर्चा हुई। इस बैठक में व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने के लिए कोशिश तेज करने का फैसला लिया गया है। भारत और अमरीका के बीच व्यापार तनाव को कम करने को लेकर भी बैठक में बातचीत हुई।
वहीं भारत लगातार टैरिफ का मुद्दा उठा रहा है। संभव है कि बैठक के दौरान टैरिफ को लेकर भी चर्चा हुई होगी। इसके अलावा, भारत अमरीका में अपने छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने की भी चर्चा कर सकता है। इस बैठक में अमरीका ने भी संभवत अपना पक्ष रखा, जिसमें भातीय बाजार में एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टर के लिए ओपेन एंट्री की डिमांड करना शामिल हो सकता है। अमरीकी अपने डेयरी और एग्रीकल्चर उत्पाद को भारत में बेचना चाहता है, जिसे लेकर वह भारत पर दबाव बढ़ाता आ रहा है। ऐसे में अमरीका की तरफ से इस मुद्दे पर चर्चा होना लाजमी है।
तत्काल के बाद जनरल रिजर्वेशन में भी ई-आधार वेरिफिकेशन जरूरी, कालाबाजारी कम होगी
17 Sep, 2025 10:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: इंडियन रेलवे पहली अक्तूबर से ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव करने जा रही है। रेल मंत्रालय ने ऐलान किया है कि अब तत्काल टिकट की तरह ही जनरल रिजर्वेशन (सामान्य आरक्षण) टिकट की बुकिंग करते वक्त भी ई-आधार वेरिफिकेशन जरूरी होगा। रेल मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर इसकी जानकारी दी है। मंत्रालय के अनुसार आईआरसीटीसी वेबसाइट या ऐप पर जनरल रिजर्वेशन खुलने के पहले 15 मिनट में टिकट बुक करने के लिए आधार वेरिफिकेशन जरूरी होगा। इससे फर्जी आईडी, एजेंट्स की टिकटों की कालाबजारी और बॉट्स की बुकिंग पर लगाम लगेगी।
अगर आपका आईआरसीटीसी अकाउंट पहले से आधार से लिंक है, तो बुकिंग आसान रहेगी। वेटिंग कम होगी, और टिकट्स जल्दी कन्फर्म होंगे। रेलवे के कम्प्यूटरीकृत पीआरएस काउंटरों पर जनरल रिजर्वेशन टिकट बुक करने का पुराना शेड्यूल वही रहेगा। साथ ही, रेलवे के अधिकृत टिकटिंग एजेंट्स के लिए पहले दिन टिकट बुकिंग पर 10 मिनट की पाबंदी भी बिना किसी बदलाव के जारी रहेगी।
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