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टोल प्लाजा के पास ही उखड़ी सड़कें, फिर भी पूरी वसूली : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद कंपनियां वसूल रहीं टैक्स
19 Sep, 2025 08:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। इस मानसून की बारिश ने देश के अनेक राज्यों से होकर गुजरने वाले नेशनल हाइवे की हालत खस्ता कर दी है। मध्यप्रदेश में ही नेशनल और स्टेट हाईवे जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। बावजूद इसके टोल प्लाजा पर कंपनियां पूरी वसूली कर रही हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश की सीधी अवहेलना है, जिसमें साफ कहा गया था कि जर्जर और अधूरी सड़कों पर टोल टैक्स नहीं लिया जा सकता।
यहां पर यदि मध्य प्रदेश की ही बात कर लें तो प्रदेश से होकर गुजरने वाले एनएच-46 (ग्वालियर–बैतूल), एनएच-47 (नागपुर–औबेदुल्लागंज), एनएच-45 (जयपुर–जबलपुर) के अलावा स्टेट हाईवे-18 (भोपाल–विदिशा), एसएच-63 (दमोह–सागर) और हरदा का एनएच-47 इन दिनों सबसे ज्यादा खराब हालत में है। मीडिया रिपोर्टों में खुलासा हो चुका है कि इन हाईवे पर रोजाना लाखों की वसूली हो रही है, जबकि वाहन चालकों को हर कुछ सौ मीटर पर गड्ढों से जूझना पड़ रहा है। जानकारी अनुसार गुना बायपास (एनएच-46): 12 किमी लंबे इस हिस्से पर हर 300 मीटर पर आठ–दस इंच गहरे गड्ढे हैं। रोजाना यहां से करीब 20 लाख रुपये टोल टैक्स लिया जा रहा है। दमोह–सागर (एसएच-63): पांच किमी हिस्से में जगह-जगह गड्ढे, फिर भी दो टोल नाकों से प्रतिदिन साढ़े छह लाख की वसूली की जाने की बात सामने आई है। इसी प्रकार शिवपुरी बायपास: दोनों आरओबी की 1–1 किमी एप्रोच रोड उखड़ी हुई, ट्रैफिक वन-वे चल रहा है, फिर भी रोजाना 20 लाख रुपये की वसूली की खबर है। बैतूल–इटारसी हाईवे: 72 किमी में से 20 किमी बदहाल, कोर्ट स्टे के कारण 21 किमी अधूरा, फिर भी कुंडी टोल नाका पर रोज 3 लाख की वसूली। रायसेन (एनएच-45): 2021 में बनी सड़क अब दरारों और गड्ढों से भरी, रोज 10 से 12 लाख रुपये वसूली। हरदा (एनएच-47): 700 करोड़ की लागत से बनी सड़क बनने के साथ ही उखड़ने लगी। आठ दिन पहले शुरू हुए टोल पर चार पहिया से 75 रुपये वसूले जा रहे हैं।
एनएचएआई अथार्टी का इस मामले में अपना ही तर्क है, वो नियमों में खरे उतरने की बात करते देखे जाते हैं, जबकि हकीकत यह है कि जिन सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे और अधूरे काम हैं, वहां भी रोजाना करोड़ों की वसूली हो रही है। इसलिए सवाल उठाए जा रहे हैं कि जब सड़कें खुद टोल नाकों के पास ही बदहाल हैं, तब यात्रियों से पूरा टैक्स वसूलने का औचित्य क्या है? क्या यह सीधे-सीधे अदालत के आदेश की अवहेलना नहीं है? इस पर जिस तरह से टोल प्लाजा में बसूली की जाती है वह खुद अपने आप में सवालों के घेरे में है।
केमिकल फैक्ट्री में विस्फोट, एक मजदूर की मौत और चार घायल
19 Sep, 2025 06:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र के पालघर में एक केमिकल फैक्ट्री में गुरुवार शाम विस्फोट हो गया। इस विस्फोट में एक मजदूर की मौत हो गई और 4 घायल हो गए। धमाका लिंबानी साल्ट इंडस्ट्रीज में गुरुवार शाम को हुआ था। मीडिया रिपोर्ट में अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे फैक्ट्री में विस्फोट हो गया, जब धातु और एसिड को मिलाया जा रहा था। इस वक्त वहां 5 मजदूर मौजूद थे।
रिपोर्ट के मुताबिक पालघर जिला आपदा प्रबंधन सेल के प्रमुख ने कहा कि यह अत्यधिक रिएक्टिव प्रोसेस था, जिसके कारण विस्फोट हुआ। उन्होंने कहा कि एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तुरंत अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। दो मजदूरों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। धमाके के बाद अग्निशमन दल और आपदा प्रबंधन कर्मियों सहित आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं और हालात पर काबू पाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गयाजी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी पिंडदान, ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव
19 Sep, 2025 04:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गयाजी: बिहार के गयाजी में चल रहे विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष महासंगम 2025 के मौके पर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गयाजी का दौरा करेंगी। राष्ट्रपति शनिवार, 20 सितंबर को अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए पिंडदान और तर्पण का कर्मकांड पूरा करेंगी। उनके इस दौरे को लेकर गया जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
विशेष ट्रैफिक प्लान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन के मद्देनजर, गया जिला प्रशासन ने एक विस्तृत रूट मैप और ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। उनके आगमन के दिन, गया एयरपोर्ट से विष्णुपद मंदिर तक के विभिन्न मार्गों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। राष्ट्रपति का काफिला डोभी-गया मुख्यमार्ग, पांच नंबर गेट बाईपास, घुघड़ी ताड़ बाईपास, नारायणी पुल और बंगाली आश्रम होते हुए विष्णुपद मंदिर पहुंचेगा। वापसी का रूट भी यही रहेगा।
सुरक्षा व्यवस्था टाइट
सुरक्षा कारणों से, इन मार्गों पर आम वाहनों का परिचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। विशेष रूप से, दोमुहान से सिकड़िया मोड़, पांच नंबर गेट से सिटी पब्लिक स्कूल, और चांद चौरा चौराहा से घुघड़ी ताड़ बाईपास तक सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन बंद रहेगा। इन क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी और बैरिकेडिंग की जाएगी।
आम लोगों के लिए व्यवस्था
राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान आम जनता को असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है। बोधगया से आने वाले वाहन फोरलेन गया-पटना मार्ग होते हुए गुलरिया चेक मोड़, चाकंद रेलवे गुमटी, कंडी नवादा बाईपास, कुकड़ा मोड़ और मेहता पेट्रोल पंप से होते हुए अपने गंतव्य तक जा सकेंगे। वापसी के लिए भी यही रूट लागू होगा। इसी तरह, अन्य महत्वपूर्ण रास्तों पर भी ड्रॉप गेट बनाए गए हैं, जहां से वाहनों का परिचालन नियंत्रित किया जाएगा। इन स्थानों में सिटी पब्लिक स्कूल, भूंडा मोड़, मानपुर सीताकुंड, मानपुर पुल हनुमान मंदिर और एयरपोर्ट मोड़ शामिल हैं।
राष्ट्रपति का गया दौरा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा गया और बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है, जो पितृपक्ष महासंगम के धार्मिक महत्व को भी उजागर करता है। प्रशासन का उद्देश्य है कि इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनी रहे और कोई अप्रिय घटना न हो।
हिमाचल में देर रात फिर फटे बादल, कई गाड़ियां बहीं, मकान ढहे
19 Sep, 2025 04:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
किन्नौर। हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से थाच गांव में भारी बाढ़ आई। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 12 बजकर 10 मिनट पर हुई इस घटना से तीन नदियों उफन गईं। बाढ़ से दो गाड़ियां बह गईं और खेतों बगीचों और घरों को भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज बारिश के चलते दहशत में लोग अपने घरों से भागकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। मस्तान गांव में घरों के कुछ हिस्से और एक गौशाला बाढ़ के पानी में बह गई। कई बगीचे बर्बाद हो गए। कई ग्रामीणों के घर ढहने के कगार पर हैं।
राज्य की राजधानी शिमला में एडवर्ड स्कूल के पास भूस्खलन के कारण यातायात बाधित हो गया और शहर के महत्वपूर्ण सर्कुलर रोड को बंद करना पड़ा। इस बीच एक तीन मंजिला मकान ढह गया। अब तक हिमाचल प्रदेश में आपदाओं ने 424 लोगों की जान ले ली है और राज्य में नुकसान बढ़ता ही जा रहा है। इस सप्ताह की शुरुआत में 17 सितंबर को, राज्य के कई हिस्सों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन में चार लोगों की मौत हो गई और छह लापता हो गए। प्रदेश में तीन राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 650 से ज्यादा सड़कें बंद है। इससे संपर्क और बिजली और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंच बाधित हुई है।
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश को आपदा प्रभावित राज्य घोषित किया है। पिछले तीन सालों में 20,000 करोड़ रुपए से जयादा के संचयी नुकसान का अनुमान लगाया गया है। राज्य ने केंद्र से तत्काल वित्तीय सहायता और व्यापक राहत सहायता की अपील की है।
प्रधानमंत्री मोदी अहमदाबाद जिले के लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर की प्रगति का करेंगे निरीक्षण
19 Sep, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पीएम मोदी आगामी 20 सितंबर को गुजरात के दौरे पर रहेंगे। पीएम मोदी का ये दौरा एक दिन का होगा। पीएम मोदी शनिवार को सबसे पहले गुजरात के भावनगर पहुंचेंगे, जहां पर वह सुबह के करीब 10 बजे रोड शो करेंगे।
अपने गुजरात दौरे के दौरान पीएम मोदी एक रोड शो, एक जनसभा और प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे साथ ही विरासत विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।
पीएम मोदी के कार्यक्रम का शेड्यूल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक दिवसीय गुजरात यात्रा की शुरुआत भावनगर से होगी। यहां पर पीएम मोदी एक रोड शो करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री जवाहर मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।
बता दें कि भावनगर के कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी डेढ़ लाख करोड़ रुपये की शिपिंग और समुद्री परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। इस दौरान वह शहर को 100 करोड़ से अधिक रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात भी देंगे।
पीएम मोदी शनिवार को दोपहर के करीब 1 बजे अहमदाबाद जिले के लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (एनएमएचसी) की प्रगति की समीक्षा करने जाएंगे।
इस परिसर को भारत की प्राचीन समुद्री शक्ति का प्रतीक माना जाता है। करीब 4500 करोड़ रुपये से अधिक की ये परियोजना प्रधानमंत्री के "विरासत भी, विकास भी" के दृष्टिकोण को करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम है।aA
अमेरिका ने भारत को फिर दिया झटका, ईरान के चाबहार बंदरगाह पर दी छूट वापस ली
19 Sep, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली : अमेरिका ने ईरान के चाबहार बंदरगाह को विकसित करने की अनुमति देने वाली 2018 की प्रतिबंध छूट को रद्द कर दिया है. इसके साथ ही 29 सितंबर से अमेरिकी ट्रेजरी चाबहार बंदरगाह का ऑपरेशन संभालती है तो उस पर अमेरिका में प्रतिबंध लग जाएगा. इस रणनीतिक बंदरगाह के एक टर्मिनल के विकास में भारत के शामिल है. लिहाजा इसे भारत के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है.
वहीं अमेरिकी प्रतिबंध से न सिर्फ निवेश डूबने का खतरा है, बल्कि भारत की रणनीतिक तैयारियों को भी झटका लगेगा. इससे पहले अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाकर आर्थिक चोट पहुंचाई है.
अमेरिका ने चाबहार बंदरगाह पर लगाया प्रतिबंध
अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा, "ईरानी शासन को अलग-थलग करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अधिकतम दबाव नीति के अनुरूप, उसने अफगानिस्तान पुनर्निर्माण सहायता और आर्थिक विकास के लिए ईरान स्वतंत्रता और प्रसार रोधी अधिनियम (IFCA) के तहत 2018 में जारी प्रतिबंध छूट को रद्द कर दिया है, जो 29 सितंबर, 2025 से प्रभावी है." इस प्रतिबंध के प्रभावी होने के बाद, चाबहार बंदरगाह का संचालन करने वाले या आईएफसीए में वर्णित अन्य गतिविधियों में संलग्न व्यक्ति आईएफसीए के तहत प्रतिबंधों के अधीन हो सकते हैं."
ईरान की दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों को रोकना
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, "अमेरिका, हांगकांग और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित कई व्यक्तियों और संस्थाओं के साथ-साथ एक अंतरराष्ट्रीय अवैध वित्तीय नेटवर्क को भी प्रतिबंधित करके ईरान की अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियों का मुकाबला कर रहा है."
साथ ही बयान में कहा गया, “इन नेटवर्क ने ईरानी तेल की बिक्री को सुगम बना दिया है, जिससे प्राप्त होने वाली आय से ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर क़ुद्स फ़ोर्स (आईआरजीसी-क्यूएफ) और रक्षा एवं सशस्त्र बल रसद मंत्रालय (एमओडीएएफएल) को लाभ हुआ है.” अमेरिका ईरान की दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों को वित्तपोषित करने वाले अवैध वित्तपोषण को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है.
भारत के लिए चाबहार बंदरगाह अहम क्यों
अमेरिका के इस निर्णय का प्रभाव भारत पर भी पड़ेगा, क्योंकि वह ओमान की खाड़ी में स्थित चाबहार बंदरगाह पर एक टर्मिनल के विकास में शामिल है. इतना ही नहीं 13 मई, 2024 को भारत ने इस बंदरगाह के संचालन के लिए 10 साल के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए, जिससे उसे मध्य एशिया के साथ व्यापार बढ़ाने में मदद मिलेगी. यह पहली बार था जब भारत किसी विदेशी बंदरगाह का प्रबंधन अपने हाथ में ले रहा था.
भारत इस बंदरगाह को अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) के एक हिस्से के रूप में विकसित कर रहा है, जो रूस और यूरोप को मध्य एशिया के माध्यम से जोड़ने वाली एक पारगमन परियोजना है. चाबहार बंदरगाह पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह के करीब स्थित है, जिससे यह भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है. ईरान के संदिग्ध परमाणु कार्यक्रम की वजह से उस पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण बंदरगाह के विकास की गति धीमी हो गई थी.
चाबहार बंदरगाह परियोजना के तहत 100 करोड़ रूपये आवंटित
भारत ने इस बंदरगाह का इस्तेमाल 2023 में अफगानिस्तान को 20,000 टन गेहूं भेजने और 2021 में ईरान को पर्यावरण-अनुकूल कीटनाशक आपूर्ति के लिए किया था.
चाबहार बंदरगाह संचालन पर दीर्घकालिक द्विपक्षीय अनुबंध भारत की इंडियन पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (आईपीजीएल) और ईरान की पोर्ट एंड मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन (पीएमओ) के बीच हस्ताक्षरित किया गया, जो चाबहार बंदरगाह विकास परियोजना के तहत शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल के संचालन को 10 वर्षों की अवधि के लिए सक्षम बनाता है. विदेश मंत्रालय ने 2024-25 के लिए चाबहार बंदरगाह परियोजना के तहत 100 करोड़ रूपये आवंटित किए हैं, जो ईरान के साथ भारत की संपर्क परियोजनाओं पर विशेष ध्यान को दर्शाता है.
रामोजी ग्रुप के चेयरमैन चेरुकुरी किरण ने पीएम मोदी से की मुलाकात, भेंट किए स्मृति चिन्ह
19 Sep, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली : रामोजी ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) चेरुकुरी किरण ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ ईनाडु के गोल्डन जुबली समारोह के पर्ल जुबली समारोह की खुशियां साझा कीं.
सीएमडी चेरुकुरी किरण ने कहा, "मुझे प्रधानमंत्री से मिलने का अवसर मिला और मैंने उन्हें ईनाडु के 50 साल और ईटीवी के 30 साल पूरे होने पर स्मृति चिन्ह भेंट किया.
चेयरमैन चेरुकुरी किरण ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी रामोजी ग्रुप के संस्थापक चेयरमैन स्वर्गीय रामोजी राव से मुलाकात के समय की यादें ताजा करके बहुत खुश हुए. गुजराती भाषा में प्रसारित होने वाले 'अन्नदाता' प्रोग्राम को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम के प्रति अपने लगाव को जाहिर किया. चेरुकुरी किरण ने उन्हें बताया कि आज भी इस लोकप्रिय कार्यक्रम का प्रसारण जारी है. उन्होंने कहा, "हमने उन्हें बताया कि हम इसे तेलुगु में अभी भी जारी रख रहे हैं."
सीएमडी चेरुकुरी किरण ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुलाकात के दौरान हाल ही में लॉन्च किए गए सबला (रामोजी ग्रुप का मिलेट्स आधारित फूड ब्रांड) के बारे में जानकारी साझा की. उन्होंने पीएम मोदी से इस बारे में उनका बहुमूल्य सुझाव भी मांगा. उन्होंने बताया, "हमने उनसे प्रोडक्ट्स के बारे में बहुमूल्य सलाह देने का अनुरोध किया और उन्होंने विनम्रता से अपनी सहमति भी दे दी."
सीएमडी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि हम बाजरा (millet) की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करके गरीब कृषक समुदाय को बढ़ावा दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने रामोजी ग्रुप को अपनी शुभकामनाएं दीं.
उत्तराखंड में बारिश ने 48 घंटे में मचाई तबाही और दहशत, कई लोगों की गई जान, जानिए कहां-कहां मिले जख्म!
19 Sep, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
किरनकांत शर्मा, देहरादून: उत्तराखंड में 48 घंटे के भीतर मौसम ने जो भयानक जख्म और दर्द दिए हैं, वो शायद भूलने में या इन जख्मों को भरने में सालों लग जाए. अभी तक पहाड़ों में ऐसी तबाही देखने को मिलती थी, लेकिन इस बार मैदान में त्रासदी देखने को मिली है. बारिश ने तो देहरादून की तस्वीर ही बदल कर रख दी. पहले देहरादून और उसके आसपास के क्षेत्र बारिश से बेहाल हुए. उसके बाद चमोली के नंदानगर क्षेत्र में तबाही देखने को मिली. अभी तक सरकार उत्तरकाशी और चमोली के साथ-साथ अन्य जगह हुए नुकसान की भरपाई और उसका आकलन कर ही रही थी कि अचानक देहरादून फिर चमोली में आफत के बादल टूट पड़े. जिसमें कई लोगों की जान चली चली गई.
देहरादून रही इस बार तबाही का सेंटर: देहरादून में बादल फटने और मूसलाधार बारिश ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है. यहां अभी तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि, 15 लोग अब भी लापता हैं. इसके अलावा चमोली, मसूरी समेत अन्य जगहों पर भूस्खलन और पुल टूटने से हालात बिगड़े हुए हैं. प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार रेस्क्यू कर रही हैं, लेकिन भारी बारिश और बंद रास्तों के कारण बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं. देहरादून में हुई बादल फाड़ तबाही ने आस पास के कई इलाकों को भारी नुकसान पहुंचाया है.
कहां-कहां हुआ सबसे ज्यादा नुकसान: देहरादून जिले में बरसी आफत से सहस्त्रधारा और मालदेवता समेत उसके आस पास के कई गांव का संपर्क शहर से पूरी तरह से कट गया. सहस्त्रधारा क्षेत्र में अतिवृष्टि से नदी उफान पर आ गई. तेज बहाव में कई होटल, दुकानें और घर बह गए. मालदेवता क्षेत्र के 12 से ज्यादा गांव बाहरी दुनिया से कट गए. यहां पुल बह गए, सड़कों पर मलबा भर गया और लोग अपने ही घरों में कैद होकर रह गए. ऐसा ही हाल देहरादून में सबसे बड़े धार्मिक स्थल टपकेश्वर महादेव मंदिर में देखने को मिला. जहां एक रात की बारिश ने मंदिर परिसर में तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल बह गया.
इतना ही नहीं आज तक जिन इलाकों में या यूं कहें मंदिर तक पानी नहीं पहुंचा था, वहां तक पानी पंहुचा और सब कुछ बहा कर ले गया. मंदिर के कमरे आदि सब मलबे में दब गए. आपदा प्रबंधन विभाग की मानें तो पिछले 48 घंटे में देहरादून जिले में बारिश से 62 सड़कें और 8 पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. इसमें देहरादून-हरिद्वार को जोड़ने वाले नेशनल हाइवे के साथ हिमाचल को जोड़ने वाली सड़क और मसूरी रोड भी शामिल है.
मसूरी को गहरे मिले जख्म: ऐसा नहीं है कि सिर्फ देहरादून शहर में ही तबाही हुई है. बल्कि, क्वीन ऑफ हिल्स मसूरी में भी इस बारिश ने हाहाकार मचाया हुआ है. मसूरी में बीते 48 घंटे से लगातार बारिश हो रही है. मसूरी–देहरादून मार्ग कई बार भूस्खलन की वजह से बंद हुआ. जिसको खोलने का काम लगातार जारी है. अभी इतना ही मार्ग खुल सका है, जितना लोग पैदल आ जा सके.
गाड़ियों के लिए मार्ग पूरी तरह से बंद है. बारिश का ऐसा असर रहा कि इस बार मसूरी, धनोल्टी और कैंपटी मार्ग घंटों तक बंद रहे. हालांकि, बाद में उन्हें खोला गया और पर्यटक सुरक्षित स्थान पर आ सके. यहां भी कई पुल बहे हैं. जिसके चलते घंटों तक होटल में पर्यटक फंसे रहे. कुछ लोग अपनी गाड़ी छोड़ कर नीचे उत्तर आए हैं.
चमोली में हाहाकार: इसके अलावा बीते 48 घंटे में चमोली में भी भारी तबाही मची. जहां नंदानगर ब्लॉक के कुंतरी लगा फाली, सरपाणी और धुर्मा में अतिवृष्टि की घटना ने तबाही मचा दी. इस घटना में कई घर मलबे में दब गए. कई 14 लोग लापता बताए जा रहे हैं. जिस वक्त ये घटना हुई, उस वक्त लोग अपने घरों में सो रहे थे. तभी अचानक मलबा आ गया. जिसमें सब कुछ तबाह हो गया.
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी चमोली के मुताबिक, कुंतरी लगा फाली में 1 व्यक्ति की मौत हुई. जबकि, 4 लोग लापता चल रहे हैं. वहीं, 11 लोगों का रेस्क्यू किया गया है. जिसमें मलबे में दबे 1 व्यक्ति रेस्क्यू भी शामिल है. सरपाणी में भी 1 व्यक्ति की मौत हुई है. जबकि, 1 व्यक्ति लापता है. धुर्मा में किसी की मौत नहीं हुई है, लेकिन 2 लोग लापता चल रहे हैं. वहीं, मलबे में दबे 1 व्यक्ति का रेस्क्यू किया गया है.
रूस, यूक्रेन और अमेरिका से आए श्रद्धालुओं ने किया पिंडदान, बोले- 'सनातन से मिली आत्मशांति'
19 Sep, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गया : बिहार के गयाजी में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2025 चल रहा है. यहां देश के कोने-कोने से तीर्थ यात्री पहुंच रहे हैं. वहीं सात समुंदर पार रूस, अमेरिका, स्पेन और यूक्रेन से भी पिंडदानी आए हैं. विदेशी तीर्थ यात्री अपने पितरों की मुक्ति की कामना के लिए पिंडदान कर रहे हैं.
विष्णुपद मंदिर में विदेशी कर रहे पिंडदान : विष्णुपद मंदिर के समीप पिंडवेदी पर विदेशी पिंडदानियों का जत्था नजर आया. 14 महिलाएं और तीन पुरुष पूरे विधि-विधान से कर्मकांड कर रहे थे. उनके मुख से भगवान विष्णु, गायत्री और महामृत्युंजय मंत्र गूंज रहे थे. यह दृश्य देखकर हर कोई ठिठक रहा था, जैसे कोई सपना सच होते देख रहे हों.
तीन दिवसीय श्राद्ध में शामिल विदेशी : ये विदेशी पिंडदानी तीन दिवसीय पिंडदान श्राद्ध में जुटे हैं. फल्गु, सीता कुंड, प्रेतशिला, रामशिला, काकबली और विष्णुपद पर पिंडदान किया गया है. शुक्रवार को अक्षयवट और अन्य वेदियों पर भी पिंडदान होगा. इनके साथ रूस, जर्मनी और अन्य देशों से आए श्रद्धालु भी जुड़े हैं.
रिसर्च के बाद पहुंचे गया जी : ये विदेशी महज पर्यटन के लिए नहीं आए बल्कि पिंडदान और सनातन धर्म पर गहरा शोध करके पहुंचे हैं. इन्होंने सनातनी मंत्रों के प्रभाव पर अध्ययन किया और उससे प्रभावित होकर पिंडदान के लिए गया जी आना तय किया. साथ ही चार धाम यात्रा का भी संकल्प लिया है.
''इन्होंने पिंडदान पर काफी शोध किया और इसके बाद खुद को गया जी आने से नहीं रोक सके. यह गया जी में पिंडदान कर रहे हैं. वहीं चार धाम की यात्रा पर भी जाएंगे. इनका कहना है, कि उन्होंने अपने शोध के दौरान पाया कि सनातनी धर्म के मंत्रोच्चार का काफी प्रभाव है. प्रत्यक्ष -अप्रत्यक्ष रूप से इसका प्रभाव देखने समझने को मिलता है.'' - अभिनव सिंह, काशी धाम की एक संस्था से जुड़े आचार्य
रुद्राक्ष-तिलक और ऊं श्री विष्णुये नमः का जाप : विदेशी पिंडदानियों ने सनातनी परंपरा के अनुसार गले में रुद्राक्ष, ललाट पर तिलक धारण किया है. वे खुद सामग्री जुटाकर पिंड बना रहे हैं और हर मंत्रोच्चार के साथ "ऊं श्री विष्णुये नमः" का जाप कर रहे हैं. उनकी आस्था देखकर स्थानीय लोग भी भाव-विभोर हो रहे हैं.
रूस की ओदा ने सुनाया गायत्री मंत्र : रूस की पिंडदानी ओदा ने मीडिया के सामने भगवान विष्णु का मंत्र और गायत्री मंत्र का जाप सुनाया. उन्होंने बताया कि इन मंत्रों से जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है और सुख-समृद्धि मिलती है.
काशी धाम से जुड़ाव और सनातन संस्कृति का प्रभाव : काशी धाम से जुड़े आचार्य अभिनव सिंह ने बताया कि ये विदेशी कई वर्षों से सनातन संस्कृति से प्रभावित हैं. अपने घरों में शिवलिंग स्थापित कर पूजा करते हैं और शाकाहार अपनाए हुए हैं. इन्हें विष्णु मंत्र, गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र और गणेश मंत्र कंठस्थ हैं.
''यह विदेशी पिंडदानी रूस, अमेरिका, स्पेन और यूक्रेन के हैं. इन्होंने पिंडदान तर्पण श्राद्ध के बारे में पढ़ा जाना और रिसर्च किया. फिर सनातनी भाव लेकर यहां आए हैं. यह सभी शिव और शक्ति की भी आराधना करते हैं. पितरों का कल्याण के लिए पिंडदान तर्पण श्राद्ध कर रहे हैं.''- अभिनव सिंह, काशी धाम की एक संस्था से जुड़े आचार्य
पंडा समाज ने भी जताई खुशी : गयापाल पंडा बंधुलाल टईया ने बताया कि ये विदेशी पहली बार गया जी पहुंचे हैं. इनकी आस्था और सनातनी भाव देखकर गयाजी में हर कोई गौरव महसूस कर रहा है.
सीजेआई गवई ने भगवान विष्णु पर टिप्पणी को लेकर मचे विवाद पर दे सफाई, बोले – बयान को गलत तरीके से पेश किया गया
18 Sep, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई भगवान विष्णु को लेकर की गई अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में आए, जिस कारण उन्हें सफाई देनी पड़ी है। दरअसल खजुराहो के जावरी मंदिर में स्थित विष्णु जी की खंडित मूर्ति की मरम्मत को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था, कि अगर आप भगवान विष्णु के इतने कट्टर भक्त हैं तो उन्हीं से प्रार्थना कीजिए।
सीजेआई की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल होते ही कई धार्मिक संगठनों और खासकर विश्व हिंदू परिषद ने आपत्ति जताई। मामला बढ़ता देख चीफ जस्टिस ने खुद सफाई दी। उन्होंने कहा, मेरे बयान को सोशल मीडिया पर गलत ढंग से पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी ने अगले दिन मुझे बताया कि मेरी टिप्पणी को सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं और सभी धार्मिक स्थलों पर जाता हूं।
सॉलिसिटर जनरल और कपिल सिब्बल का समर्थन
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह गवई को 10 सालों से जानते हैं और वे हमेशा हर धर्म का आदर करते हैं। उन्होंने कहा, कि आजकल हर ऐक्शन पर सोशल मीडिया में गलत रिएक्शन हो जाता है। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने भी कहा कि ऐसे मामलों का सामना रोज होता है और किसी को बदनाम करने की यह सही वजह नहीं है।
वीएचपी की कड़ी प्रतिक्रिया
विवाद बढ़ने पर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर कहा, कि न्यायालय न्याय का मंदिर है और समाज की आस्था इससे जुड़ी है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि इस आस्था को मजबूत बनाए रखें। आगे कहा, कि हम सबको अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिए, विशेष रूप से न्यायालय के भीतर। न्यायाधीशों को भी इस पर ध्यान देना होगा। इसी के साथ वीएचपी ने कहा, कि मौखिक टिप्पणी से हिंदू धर्म की आस्थाओं का उपहास हुआ है और भविष्य में ऐसे वक्तव्यों से बचा जाना चाहिए।
पीएम मोदी ने पीएम सुशीला कार्की से फोन पर बात की....हर संभव मदद का भरोसा दिया
18 Sep, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की अंतरिम सरकार की मुखिया पीएम सुशीला कार्की से फोन पर बात की है। पीएम मोदी ने पड़ोसी देश के राष्ट्राध्यक्ष को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। पड़ोसी देश नेपाल में सोशल मीडिया बैन से जेन जी के सब्र का बांध टूट गया और वे सड़क पर उतर कर नेपाल सरकार के कदम का विरोध करने लगे। बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार की वजह से असंतोष की आग पहले से ही सुलग रही थी, सोशल मीडिया बैन ने इस आग को हवा दे दी। युवाओं का विरोध देखते ही देखते उग्र और हिंसक हो गया। राजधानी काठमांडू सहित देश के कई हिस्सों में हिंसा भड़क उठी। हालात को देखकर तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी। इसके बाद नेपाल सुप्रीम कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को देश के अंतरिम प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल की अंतरिम पीएम सुशीला कार्की को फोन कर बात की है। पीएम मोदी ने पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा, ‘नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के साथ गर्मजोशी से बातचीत हुई। हाल ही में हुई दुखद जनहानि पर हार्दिक संवेदना व्यक्त की और शांति एवं स्थिरता बहाल करने के उनके प्रयासों के प्रति भारत के दृढ़ समर्थन की पुष्टि की।
जॉर्जिया बॉर्डर पर भारतीयों के साथ अमानवीय व्यवहार, 5 घंटे ठंड में सड़क पर बैठाया
18 Sep, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। जॉर्जिया बॉर्डर पर भारतीयों के साथ गलत बर्ताव करने की खबर वायरल हो रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक महिला ने दावा किया है कि जब वह आर्मेनिया से जॉर्जिया में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे तो 56 भारतीयों के साथ जॉर्जियन अधिकारियों ने बेहद अमानवीय व्यवहार किया। इंस्टाग्राम पर एक यूजर ने लिखा कि पूरे ग्रुप के पास ई-वीजा और सही दस्तावेज थे, फिर भी उन्हें घंटों तक अपमान सहना पड़ा। यात्रियों को आर्मेनिया और जॉर्जिया के बीच मुख्य चेकपोस्ट पर 5 घंटे से ज्यादा वक्त तक ठंड में खड़ा रखा। खाने-पीने के लिए कुछ नहीं दिया और टॉयलट भी नहीं जाने दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने यात्रियों के पासपोर्ट दो घंटे से ज्यादा समय के लिए जब्त कर लिए और कोई जानकारी नहीं दी। उन्हें फुटपाथ पर पशुओं की तरह बैठा दिया। यूजर ने लिखा- जॉर्जिया भारतीयों के साथ ऐसा व्यवहार करता है। शर्मनाक और निंदनीय है। बता दें पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जब जॉर्जिया जाने वाले भारतीय नागरिकों को बेहद बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा है। कई पर्यटक शिकायत कर चुके हैं कि जॉर्जिया जाने पर उनके साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया जाता है। पूरे दस्तावेज होने के बाद भी उन्हें देश में एंट्री नहीं दी जाती है। इस बार भी भारतीय नागरिकों को अमानवीयता झेलनी पड़ी है।
एअर इंडिया क्रैश: पीड़ित परिवारों ने बोइंग-हनीवेल पर ठोका केस
18 Sep, 2025 07:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद। एअर इंडिया फ्लाइट 171 दुर्घटना में मारे गए चार यात्रियों के परिवारों ने अमेरिकी विमान निर्माता बोइंग और तकनीकी कंपनी हनीवेल के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। परिजनों का आरोप है कि कंपनियों की लापरवाही और खराब फ्यूल कटऑफ स्विच (Fuel Cutoff Switch) की वजह से विमान क्रैश हुआ। यह हादसा 12 जून को अहमदाबाद से लंदन उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हुआ था, जिसमें 260 लोगों की मौत हुई थी।
डेलावेयर कोर्ट में केस दर्ज
डेलावेयर सुपीरियर कोर्ट में दायर शिकायत में कहा गया है कि बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर पर लगे ईंधन कटऑफ स्विच का लॉकिंग मैकेनिज्म गलती से बंद हो सकता था, जिससे ईंधन की आपूर्ति रुकने और टेकऑफ के समय थ्रस्ट घटने का खतरा था।
FAA की चेतावनी के बावजूद लापरवाही
परिजनों का आरोप है कि बोइंग और हनीवेल 2018 में अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) की चेतावनी के बाद भी इस खामी से वाकिफ थे, लेकिन इसे दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
हादसे में 260 मौतें, सिर्फ एक यात्री बचा
इस त्रासदी में 229 यात्री, 12 क्रू मेंबर और जमीन पर मौजूद 19 लोग मारे गए थे। केवल एक यात्री जीवित बचा। मुकदमे में चार मृत यात्रियों—कांताबेन धीरूभाई पघदल, नाव्या चिराग पघदल, कुबेरभाई पटेल और बेबीबेन पटेल—के परिजनों ने हर्जाने की मांग की है।
जांच अब भी अधूरी
भारत, ब्रिटेन और अमेरिका की जांच एजेंसियां अभी तक हादसे के असली कारण का पता नहीं लगा पाई हैं। भारतीय जांच ब्यूरो की प्रारंभिक रिपोर्ट में कॉकपिट कंफ्यूजन को बड़ा कारण बताया गया था। वहीं FAA ने जुलाई में कहा था कि यांत्रिक खराबी की संभावना बेहद कम है।
बोइंग का विवादित इतिहास
बोइंग पहले भी बड़े विवादों में घिर चुकी है। 737 मैक्स विमानों की 2018 और 2019 की दो घातक दुर्घटनाओं के बाद कंपनी को 20 महीने तक उड़ान पर रोक झेलनी पड़ी थी और उसे 20 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ा था।
भारत ने फिर बढ़ाया मदद का हाथ, मालदीव को मिली बड़ी राहत
18 Sep, 2025 06:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत ने मालदीव को बड़ी राहत देते हुए 5 करोड़ अमेरिकी डॉलर के सरकारी ट्रेजरी बिल के रीपेमेंट की समयसीमा एक साल और बढ़ा दी है। यह फैसला मालदीव सरकार के अनुरोध पर लिया गया है।
भारतीय उच्चायोग ने गुरुवार (18 सितंबर 2025) को बताया कि यह कदम आपातकालीन वित्तीय सहायता के तौर पर उठाया गया है। भारत मार्च 2019 से एसबीआई के जरिए मालदीव को ऐसे कई ट्रेजरी बिल उपलब्ध कराता आ रहा है और हर साल उन्हें ब्याज मुक्त रूप से आगे बढ़ाता है।
इस फैसले से भारत-मालदीव रिश्तों में मजबूती आएगी। बुधवार (17 सितंबर 2025) को मालदीव के वित्त मंत्री मूसा जमीर ने भारत के उच्चायुक्त जी. बालासुब्रमण्यन और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक में व्यापार संबंधों को और मज़बूत करने और विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण पर चर्चा हुई।
मालदीव वित्त मंत्रालय ने कहा कि यह कदम भारत के निरंतर विश्वास और सहयोग को दर्शाता है।
बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 जुलाई 2025 को मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इसे दोनों देशों के रिश्तों में आए बदलाव और तनाव खत्म होने के संकेत के रूप में देखा गया था।
हाइड्रोजन बम आने वाला है’ – वोट धांधली पर राहुल गांधी का बड़ा बयान
18 Sep, 2025 01:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बिहार चुनाव से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर वोट चोरी का मुद्दा उठाते हुए चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार (18 सितंबर) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में नाम हटाए जा रहे हैं और इसका सबूत उनके पास मौजूद है।
राहुल ने कहा, “सबसे पहले, यह हाइड्रोजन बम नहीं है, हाइड्रोजन बम आने वाला है। यह युवाओं को दिखाने का एक और मील का पत्थर है कि चुनावों में किस तरह धांधली हो रही है।”
कर्नाटक से कटे 6018 वोट
राहुल गांधी ने उदाहरण देते हुए कहा कि कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र में वोटर लिस्ट से 6018 नाम हटाने की कोशिश हुई। उन्होंने दावा किया कि यह काम मतदाताओं की जानकारी के बिना किया गया। एक बूथ लेवल अधिकारी को तब शक हुआ जब उसके चाचा का नाम लिस्ट से गायब मिला। जांच में सामने आया कि आवेदन किसी और ने फर्जी तरीके से दाखिल किया था।
सॉफ्टवेयर और मोबाइल नंबरों से हटाए गए वोट
राहुल के मुताबिक, वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया और अलग-अलग राज्यों के मोबाइल नंबरों से फर्जी आवेदन दाखिल किए गए।
चुनाव आयोग पर सीधा निशाना
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त वोट चोरों की रक्षा कर रहे हैं। वो उन ताकतों को बचा रहे हैं जिन्होंने लोकतंत्र को नष्ट किया है।”
राहुल ने चेतावनी दी कि यह मुद्दा अभी शुरुआत है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और सबूत सामने लाए जाएंगे।
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