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झमाझम बारिश ने बिगाड़ा हाल, बिजली का करंट बना काल, मेट्रो भी रुकी
23 Sep, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। यहां मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया है, जिसमें करंट भी उतरने की बात सामने आई है। करंट लगने की वजह से अब तक कुल 5 लोगों की मौत हुई है। पिछले 6 घंटों में शहर में 250 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई, जिससे शहर के कई हिस्सों में घुटनों तक पानी भर गया है।
महानायक उत्तम कुमार और रवींद्र सरोबर स्टेशनों के बीच जलभराव हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, शहीद खुदीराम से मैदान स्टेशन के बीच मेट्रो सेवाएं रोक दी गई हैं। दक्षिणेश्वर और मैदान स्टेशनों के बीच मेट्रो सेवाएं कम संख्या में चलाई जा रही हैं। पानी को पंप से बाहर निकाला जा रहा है। मेट्रो रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने के लिए मौके पर पहुंच गए हैं।
आईएमडी के मुताबिक उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण यह बारिश हुई है। रात भर हुई बारिश की वजह से शहर की कई सड़कों में पानी भर गया। कई घरों और आवासीय परिसरों में भी पानी घुस गया है। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के मुताबिक, गरिया कामदाहरी में 332 मिमी, जोधपुर पार्क में 285 मिमी, कालीघाट में 280 मिमी, टॉप्शिया में 275 मिमी, और बालीगंज में 264 मिमी बारिश दर्ज की गई। रात में हुई मूसलाधार बारिश के बाद, हावड़ा स्टेशन यार्ड, सियालदह दक्षिण स्टेशन यार्ड, चितपुर उत्तर केबिन, विभिन्न कार-शेड और सियालदह यार्ड के विभिन्न स्थानों पर जलभराव देखा गया। हावड़ा और सियालदह मंडलों की रेलवे लाइनों पर पानी भर गया है। जमा हुए पानी को निकालने के लिए कई जगहों पर पानी के पंप लगाए गए हैं, लेकिन आस-पास के सिविल क्षेत्र से भी पानी भर जाने के कारण, पानी वापस रेलवे यार्ड में बह रहा है, जिससे और भी मुश्किलें पैदा हो रही हैं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। इससे दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बुधवार तक पूर्ब मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झाड़ग्राम और बांकुरा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उत्तर बंगाल की खाड़ी के आस-पास एक और नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में और बारिश हो सकती है।
पश्चिम बंगाल : दुर्गा पूजा और दशहरा का मजा खराब न कर दें बारिश और बाढ़
23 Sep, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता । पश्चिम बंगाल की दुर्गा पूजा और दशहरा पूरे देश में प्रसिध्द है। इसकी तैयारियां भी काफी पहले से शुरु हो जाती है। इस उत्सव में हजारों की संख्या में लोग शामिल होते हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पूरी तैयारी की जाती है। कुछ इसी तरह की तैयारियां चल रहीं थी तभी एक ऐसा व्यावधान आया कि लोग हैरान रह गए। उनके माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिख रहीं थी कि आखिर अब इस उत्सव का क्या होगा। यहां तक की एक चेतावनी तक जारी करना पड़ी।
कोलकाता में दशहरे के जश्न के बीच लगातार बारिश और तूफान ने काफी खलल पैदा कर दिया है। लगातार बारिश से कई हिस्सों में भारी जलभराव हो गया है। सोशल मीडिया बारिश और जलभराव का वीडियो वायरल हो रहा है। कोलकाता में रात से ही मूसलाधार बारिश हो रही है। कुछ घंटों की बारिश के बाद ही उत्तर कोलकाता और आसपास के उपनगरीय क्षेत्रों की कई सड़कों पर जलभराव हो गया। इसकी वजह से शहर के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में बारिश की तीव्रता ज्यादा रही। गरिया कामदहारी में कुछ ही घंटों में 332 मिलीमीटर बारिश हुई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्से के कई जिलों में 27 सितंबर तक भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। आईएमडी ने कहा कि दक्षिण 24 परगना जिले के एक या दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश (7-20 सेमी) होने की संभावना है और पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, उत्तर 24 परगना, कोलकाता, पूर्व बर्दवान, हावड़ा और हुगली जिलों के एक या दो स्थानों पर भारी बारिश (7-11 सेमी) होगी। आईएमडी ने भविष्यवाणी की है कि इसके बाद बुधवार तक पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झारग्राम और बांकुरा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।
कोलकाता में सोमवार की रात से लगातार बारिश हो रही है। इस बारिश की वजह से दुर्गा पूजा में खलल पड़ा है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति हो गई है। रेल, हवाई, सड़क और मेट्रो सेवा भी बाधित हो गईं हैं। बारिश की वजह से छिटपुट घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि बंगाल की खाड़ी के उत्तरपूर्व में एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है, जिसकी वजह से दक्षिण बंगाल के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बुधवार तक दक्षिण बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर और पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झारग्राम और बांकुड़ा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। कोलकाता के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार, मंगलवार को मध्यम बारिश होने की संभावना जताई थी। इसके अलावा, मौसम विभाग ने रविवार तक बारिश की भविष्यवाणी की है, जो महालया के साथ मेल खाती है, जो त्योहार के मौसम की औपचारिक शुरुआत है।
विमान के लैंडिंग गियर में छिपकर भारत पहुंच 13 साल का बच्चा
23 Sep, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूछताछ के बाद वापस काबुल भेजा
नई दिल्ली । दिल्ली एयरपोर्ट पर हैरान करने वाली घटना देखने को मिली। काबुल से दिल्ली आई एक फ्लाइट में 13 साल का एक बच्चा छिपकर भारत आ गया। यह घटना 21 सितंबर की सुबह करीब 11:10 बजे सामने आई, जब दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट के लैंड करने के बाद एयरलाइन के सुरक्षा स्टाफ ने बच्चे को विमान के पास घूमते हुए देखा। शक होने पर बच्चे से पूछताछ की गई, तब चौंकाने वाला सच सामने आया।
पूछताछ में पता चला कि बच्चा कुंदुज शहर का रहने वाला है और वह बिना किसी वैध दस्तावेज और टिकट के, विमान के लैंडिंग गियर में छिपकर भारत पहुंच गया था। सुरक्षा स्टाफ ने तुरंत मामले की जानकारी एयरलाइन और एयरपोर्ट अधिकारियों को दी। फौरन एयरक्राफ्ट की पूरी तलाशी ली गई। इस दौरान एयरलाइन की सुरक्षा और इंजीनियरिंग टीम ने लैंडिंग गियर एरिया से एक छोटा लाल रंग का ऑडियो स्पीकर भी बरामद किया, जिससे यह अंदेशा जताया गया कि बच्चा अपने साथ कुछ सामान भी लेकर आया था।
इसके बाद बच्चे को दिल्ली एयरपोर्ट के आई-टू-आई (इमीग्रेशन टू इमीग्रेशन) क्षेत्र में लाया गया, जहां सभी संबंधित एजेंसियों ने उससे विस्तृत पूछताछ की। सुरक्षा एजेंसियों ने यह सुनिश्चित किया कि बच्चा अकेले और बिना किसी आपराधिक उद्देश्य के भारत आया है। पूछताछ और जरूरी औपचारिकताओं के बाद उसी दिन दोपहर को कम एयरलाइंस की वापसी फ्लाइट आरक्यू-4402 से बच्चे को वापस काबुल भेज दिया गया।
यूनाइटेड वे गरबा महोत्सव में खिलाड़ियों की मुश्किलें बढ़ीं, हजारों खर्च कर पहुंचे लोग ग्राउंड पर कीचड़ देखकर चौंके, हाय-हाय के नारे गूंजे
23 Sep, 2025 01:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद/वडोदरा: गुजरात के वडोदरा में नवरात्रि के पहले दिन गरबा खेलैया को भारी मुश्किल का सामना करना पड़ा। शहर के अलग-अलग हिस्सों में लगे जाम के बाद जब यूनाइटेड वे गरबा महोत्सव के ग्राउंड में जब लोग पहुंचे तो उनका सामना कीचड़ से हुआ। हजारों रुपये खर्च करके गरबा पास हासिल करने वालों लोगों ने हाय-हाय के नारे लगाए। लोगों ने कहा अतुल पुरोहित (प्रख्यात गायक) से दखल की मांग की। इसके बाद गायक अतुल पुरोहित को बीच बचाव में उतरना पड़ा। गुजरात में नवरात्रि से पहले बारिश हुई थी। इसके चलते गरबा आयोजकों के लिए ग्राउंड तैयार करना बड़ी चुनौती थी। ग्राउंड तैयार नहीं होने के बाद एंट्री पर लोगों ने नाराजगी व्यक्त की। आयोजकों ने खेलैया का गुस्सा देखकर किसी तरह से विवाद को शांत किया। आयोजकों ने एक दिन का समय मांगा और कहा कि मंगलवार को बारिश नहीं हुई तो ग्राउंड ठीक कर देंगे। आईएमडी ने वडोदरा में मंगलवार को भी बारिश की चेतावनी देते हुए येलो अलर्ट में जारी किया है।
सबसे प्रतिष्ठित और बड़ा आयोजन
गुजरात में हजारों की संख्या में गरबा कार्यक्रमों का आयोजन होता है। वडोदरा में तीन सबसे बड़े गरबा कार्यक्रम होते हैं। इनमें यूनाइटेड वे गरबा महोत्सव, लक्ष्मी विलास पैलेस और वडोदरा नवरात्रि फेस्टिवल (VNF) शामिल हैं। यूनाइटेड वे गरबा के आयोजन में पिछले कुछ सालों से लगातार गरबा खेलैया को तकलीफ का सामना करना पड़ा रहा है।
पिछले कुछ सालों से लगातार विवाद
यूनाइटेड वे गरबा के आयोजन में पहली बार विवाद नहीं हुआ है। पिछली बार ग्राउंड में कंकड़ और पत्थर होने पर विवाद हुआ था। पिछले दो सीजन से कीचड़ को लेकर विवाद सामने आ रहे हैं। नवरात्रि के पहले दिन हाय-हाय की नारेबाजी के बाद अतुल पुरोहित और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने मामले को सुलझाया। यूनाइटेड वे वडोदरा गरबा महोत्सव की मुख्य आयोजकों में प्रीति पटेल और मिनेश पटेल हैं। यूनाटेड वे गरबा महोत्सव में भाग लेने की फीस 5600 हजार रुपये हैं।
केदारनाथ रोपवे परियोजना पर पर्यावरणविदों की आपत्ति, पैदल सफर होगा आसान
23 Sep, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देहरादून: उत्तराखंड के चार धामों में से एक विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को रोपवे सुविधा मिलेगी. इसके लिए तैयारी तेजी से चल रही है. केंद्र सरकार ने केदारनाथ रोपवे परियोजना का टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली है. लगभग 4 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली इस परियोजना को देश की एक प्रमुख कंपनी को सौंपा गया है. कंपनी अगले पांच सालों में इस रोपवे का निर्माण करेगी और आने वाले 29 वर्षों तक इसका संचालन और रखरखाव भी करेगी. केदारनाथ में रोपवे का सर्वे से लेकर सभी धरातल के काम लगभग पूरे कर लिए हैं.
12.9 किलोमीटर लंबा होगा रोपवे: पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज से मिली जानकारी के अनुसार, यह रोपवे परियोजना 12.9 किलोमीटर लंबी होगी, जो सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक बनेगी. अभी जहां श्रद्धालुओं को 16 किमी की पैदल चढ़ाई में 8 से 9 घंटे लगते हैं, वहीं रोपवे तैयार होने के बाद यह दूरी केवल 35 से 40 मिनट में पूरी की जा सकेगी. इस परियोजना में आधुनिक मोनोकेबल डिटैचेबल गोंडोला (Monocable Detachable Gondola-MCGD) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जो तारों के सहारे रोपवे को लाने और जाने में मदद करेगा.
क्यों जरूरी है रोपवे: हर साल चारधाम यात्रा के दौरान करीब 15 से 20 लाख श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचते हैं. बारिश और भूस्खलन के कारण यात्रा अक्सर बाधित रहती है. वर्तमान में लोग पैदल, खच्चरों और हेलीकॉप्टर से धाम पहुंचते हैं. लेकिन रोपवे बन जाने के बाद यात्रा सुगम और सुरक्षित होगी. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे यात्रियों की संख्या और अधिक बढ़ सकती है. साथ ही लोगों का समय बचेगा.
पर्यावरणविदों की चिंता: हालांकि, इस पूरे प्रोजेक्ट पर पर्यावरणविद चिंतित हैं. प्रसिद्ध पर्यावरणविद् दिवंगत सुंदरलाल बहुगुणा के पुत्र राजीव नयन बहुगुणा ने इस परियोजना पर सवाल उठाए हैं.
पहाड़ पहले से ही प्राकृतिक आपदाओं के दबाव में है. ऐसे में मशीनों और बड़े पैमाने पर निर्माण कार्यों से केदारनाथ क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी को खतरा हो सकता है. उन्होंने चेताया कि पिछले वर्षों में उत्तराखंड ने कई आपदाएं देखी हैं. इसलिए पहाड़ों पर किसी तरह का बड़ा एक्सपेरिमेंट सही नहीं होगा. उन्होंने कहा कि कोई भी निर्माणकार्य बिना पहाड़ों को काटे और तोड़े नहीं हो सकता है. अगर इसके बिना कुछ होता है तो, बात अलग है.
- राजीव नयन बहुगुणा, पर्यावरणविद् -
सरकार का पक्ष: पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का कहना है कि रोपवे परियोजना से पर्यावरण को नुकसान नहीं, बल्कि फायदा होगा. मंत्री सतपाल की मानें तो जो श्रद्धालु अभी हेलीकॉप्टर से जाते हैं, वो रोपवे का विकल्प चुनेंगे. इससे हेलीकॉप्टर की आवाजाही कम होगी और कार्बन उत्सर्जन भी घटेगा. यात्रियों को आरामदायक सुविधा मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा. मंत्री ने यह भी बताया कि भविष्य में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर हेमकुंड साहिब तक भी रोपवे का निर्माण करेगी.
उत्तराखंड में जितने भी धार्मिक स्थल हैं, सरकार वहां भक्तों के लिए बेहतर सुविधा जुटा रही है. केदारनाथ की चढ़ाई बेहद कठिन है. ऐसे में बहुत से लोग जा पाते हैं और बहुत से लोग नहीं जा पाते. केदारनाथ में इस प्रोजेक्ट की इसलिए भी जरूरत है, ताकि आसानी से श्रद्धालु धाम तक पहुंच सके. हम आगे ओर भी इस तरह के प्रोजेक्ट प्रदेश के ऊंचे इलाकों में बनाने जा रहे हैं.
- सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री, उत्तराखंड -
सर्वे के बाद ही होता है हर काम: पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का कहना है, किसी भी प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले उसका प्रॉपर सर्वे होता है. कोई भी प्रोजेक्ट यूं ही तैयार नहीं होता है. हमारे प्रदेश में रेल मार्ग भी बन रहा है और जल्द तैयार हो जाएगा. सरकार बेहद शानदार तकनीक से सभी प्रोजेक्ट तैयार कर रही है. उत्तराखंड का मनसा देवी या सुरकंडा देवी रोप-वे प्रोजेक्ट भी सर्वे के बाद ही बने हैं. उनमें कोई दिक्कत नहीं, क्योंकि सभी पहलुओं की देख-रेख के बाद ही काम शुरू होता है.
उन्होंने कहा कि, साथ ही समय समय पर रोप-वे और पहाड़ों के हालात परखे जाते हैं. ऐसा नहीं है कि किसी का इससे रोजगार छिनेगा, बल्कि रोजगार बढ़ेगा. यात्रियों की संख्या अधिक आएगी, तो काम भी अधिक लोगों को मिलेगा. इसलिए ये कहना कि रोपवे से किसी का रोजगार खत्म हो जाएगा, गलत है. आज अगर 20 लाख भक्त आ रहे हैं, फिर हो सकता है 30 लाख या उससे कई अधिक आएं.
विपक्ष का मत: पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने दावा किया कि रोपवे की योजना यूपीए सरकार के समय ही बनाई गई थी. उनका कहना है कि हमारी (कांग्रेस) सोच यह थी कि सोनप्रयाग से सीधा रोपवे न बने, बल्कि बीच में गौरीकुंड जैसे धार्मिक स्थल पर एक स्टॉप रखा जाए. इससे स्थानीय व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा और तीर्थ का पारंपरिक स्वरूप बना रहेगा. सीधा रोपवे बनना स्थानीय लोगों के साथ अन्याय होगा.
हम पहले से ही कहते रहे हैं कि उत्तराखंड के पहाड़ इस लायक नहीं हैं कि उनमें इतने बड़े प्रोजेक्ट लाए जाएं. लेकिन फिर भी पहाड़ों को लगातार खोदा और डायनामाइट से तोड़ा जा रहा है. जोशीमठ की घटना हाल ही का उदाहरण है. हर साल बारिश के दौरान केदारनाथ और आसपास की घटना एक चेतावनी है. सरकार टीटमेंट करे लेकिन भारी मशीनें का उपयोग और पहाड़ों को खोदना सही नहीं है. ये सभी पहाड़ बेहद नए हैं और उनमें काम करना सही नहीं है. - बह्म दत्त जोशी, भू वैज्ञानिक -
स्थानीय लोगों की उम्मीदें: अभी तक अधिकांश लोग पैदल या खच्चरों के सहारे धाम तक जाते हैं, जिससे यात्रा सीमित रहती है. लेकिन रोपवे शुरू होने पर अधिक संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे. जिससे रोजगार और पर्यटन दोनों को फायदा होगा.
बहरहाल केदारनाथ रोपवे परियोजना, उत्तराखंड के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकती है. हालांकि, रोपवे से श्रद्धालुओं के लिए केदारनाथ धाम की यात्रा आसान होगी, लेकिन पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति पर इसके प्रभाव को लेकर चिंताएं भी हैं. ऐसे में आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन दोनों पहलुओं के बीच संतुलन कैसे बनाती है.
रुबियो से मुलाकात पर जयशंकर ने दी प्रतिक्रिया- हालात तनावपूर्ण थे, लेकिन अब संभल गए
23 Sep, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) अमेरिका पहुंचे हैं। वह अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में हिस्सा लेंगे। साथ ही 27 सितंबर को महाधिवेशन को संबोधित करेंगे। इसी बीच उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (US Secretary of State Marco Rubio) से मुलाकात की है। दोनों नेताओं की मुलाकात न्यूयॉर्क में हुई है। दोनों नेता ऐसे समय में मिल रहे हैं जब टैरिफ और वीजा के मसलों पर दोनों देशों में तनातनी जारी है।
50 फीसदी टैरिफ के बाद पहली बार मुलाकात
अमेरिकी प्रशासन की ओर से भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाए जाने के बाद रूबियो और जयशंकर के बीच यह पहली आमने-सामने की मुलाकात है। जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट में कहा, 'न्यूयॉर्क में मिलकर अच्छा लगा। हमारी बातचीत में वर्तमान चिंता के कई द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे शामिल रहे। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में प्रगति के लिए निरंतर सहयोग के महत्व पर सहमति बनी। हम संपर्क में बने रहेंगे।' यह बैठक भारत-अमरीका संबंधों को मजबूत करने के निरंतर प्रयास का हिस्सा है, जो हाल के महीनों में तनावपूर्ण हो गए थे, लेकिन अब सुधार के संकेत दे रहे हैं।
क्या कहा रूबियो ने
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत-अमेरिका संबंध को अहम बताया। उन्होंने रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, दवाइयों और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने का वादा किया। रुबियो ने कहा कि अमेरिका के लिए भारत हिंद-प्रशांत इलाके में अहम स्थान रखता है। उन्होंने क्वाड साझेदारी में मिलकर काम करने पर जोर दिया।
पीयूष गोयल भी अमेरिका में
जयशंकर के अलावा वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी अमरीका के दौरे पर रहेंगे। गोयल अपने अमेरिकी समकक्ष से ट्रेड के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। दोनों देशों के बीच ट्रेड और टैरिफ के मसले पर गंभीर चर्चा होने की उम्मीद है।
ट्रंप ने लिए भारत को नुकसान पहुंचाने वाले फैसले
ट्रंप प्रशासन ने बीते कुछ हफ्तों में एक के बाद एक ऐसे फैसले लिए हैं जो सीधे तौर पर भारतीय हितों को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। पहले 7 अगस्त से 25 फीसदी टैरिफ लगाया। फिर 27 अगस्त से रूसी तेल खरीदने पर अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगाया। उसके बाद चाबहार पोर्ट पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद एच-1बी वीजा को लेकर नया नियम बनाया है जिसका सबसे ज्यादा असर भारतीय पेशेवरों पर पड़ने की आशंका है।
डोभाल की कूटनीति रंग लाई: पन्नू का नजदीकी कनाडा में गिरफ्तार
23 Sep, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
NSA अजित डोभाल (NSA Ajit Doval) का कनाडा (Canada) पर दबाव काम कर गया है। भारत (India) और कनाडा के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की बैठक के बाद तुरंत बाद कनाडा में खालिस्तानियों पर बड़ी कार्रवाई की गयी है। कनाडा में खालिस्तानी इंद्रजीत सिंह गोसल को गिरफ्तार कर लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इंद्रजीत सिंह गोसल सिख्स फॉर जस्टिस के नामित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू का पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर होने के साथ ही कनाडा में खालिस्तान को लेकर होने वाले जनमत संग्रह का प्रमुख आयोजक बन गया था।
18 सितंबर को हुई थी डोभाल की नथाली से बातचीत
गौरतलब है कि भारतीय और कनाडाई राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों अजीत डोभाल और नथाली जी ड्रोइन के बीच 18 सितंबर को हुई मुलाकात में ओटावा की ओर से खालिस्तान समर्थक अलगाववादियों की गतिविधियों के प्रति नरम रुख, हरदीप सिंह निज्जर की हत्या, आतंकवाद निरोधक क्षेत्र में सहयोग के साथ-साथ भारत के खिलाफ आतंकवाद और अलगाववादी गतिविधियों में शामिल लोगों को सौंपने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
बैठक में डोभाल ने कनाडा की मार्क कार्नी सरकार पर खालिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव डाला था। इसके तुरंत बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई है। गौरतलब है कि जून 2023 में हरदीप सिंह निज्जर की मौत के बाद इंद्रजीत अमेरिका स्थित खालिस्तानी संगठन- सिख्स फॉर जस्टिस के लिए कनाडा में एक मुख्य आयोजक बन गया था।
हिंदू मंदिर में हुई हिंसक घटना के आरोप में पहले भी हो चुका है गिरफ्तार
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इंद्रजीत सिंह गोसल कनाडा में खालिस्तान के लिए जनमत संग्रह कराने का कॉर्डिनेटर है और उसे अब हथियारों से जुड़े अपराधों के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गौरतलब है कि गुरपतवंत सिंह पन्नू को भारत ने "खालिस्तानी आतंकवादी" के रूप में नामित किया है। इसके पहले भी 36 साल के इंद्रजीत को कनाडा की पुलिस ने पिछले साल नवंबर में ग्रेटर टोरंटो एरिया (जीटीए) में एक हिंदू मंदिर में हुई हिंसक घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में उसे पुलिस ने शर्तों पर रिहा कर दिया।
खालिस्तानी आतंकवाद की फंडिंग, पहली बार ओटावा ने माना
सितंबर महीने की शुरुआत में कनाडाई सरकार ने एक आंतरिक रिपोर्ट में अपनी धरती पर खालिस्तानी आतंकवादी समूहों की मौजूदगी और उन्हें भारत के खिलाफ आतंक के लिए कनाडा में फंडिंग कैसे मिलती है, यह स्वीकार किया था। इन समूहों में बब्बर खालसा इंटरनेशनल और इंटरनेशनल एसवाइएफ (सिख यूथ फेडरेशन) शामिल हैं।
ये दोनों कनाडा के आपराधिक संहिता के तहत आतंकवादी संगठनों के रूप में सूचीबद्ध हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब ये चरमपंथी समूह ज्यादातर व्यक्तियों के छोटे समूहों के माध्यम से काम करते हैं जो किसी विशिष्ट संगठन से बंधे बिना खालिस्तान मुद्दे का समर्थन करते हैं।
दोनों देशों ने संबंधों का नया अध्याय शुरू करने पर जताई सहमति
दोनों देशों के एनएसए की बैठक के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शनिवार को कहा था कि भारत और कनाडा द्विपक्षीय संबंधों में एक नए अध्याय शुरू करने की दिशा में एक सहयोगी दृष्टिकोण अपनाने पर सहमत हुए हैं, जिसमें आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने के लिए मिलकर काम करना शामिल है। साथ ही दोनों देशों के बीच दूतावासों में एक बार फिर से कर्मियों की संख्या बढ़ाने पर सहमति बनी है।
एअर इंडिया विमान हादसा: सुप्रीम कोर्ट ने डीजीसीए से मांगा जवाब
23 Sep, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। 12 जून को हुए एअर इंडिया विमान हादसे पर एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट के कुछ पहलू, जिनमें पायलटों की ओर से चूक का संकेत मिलता है गैरजिम्मेदाराना थे। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने की है। अदालत ने इस मामले में स्वतंत्र, निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग वाली याचिका पर केंद्र और नागरिक उड्डयन महानिदेशक को नोटिस जारी किया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने 12 जुलाई को जारी विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के कुछ पहलुओं पर ध्यान दिया।
एनजीओ सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन की ओर से पेश हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद गठित जांच पैनल में तीन सदस्य विमानन नियामक से थे और इसमें हितों के टकराव का मुद्दा शामिल हो सकता है। उन्होंने विमान के उड़ान डेटा रिकॉर्डर से जानकारी जारी करने की मांग की, जिससे दुर्घटना के कारण का पता चल सके।
दुर्घटना पर अंतिम रिपोर्ट की वकालत करने वाली पीठ ने कहा कि इस मामले में गोपनीयता तथा निजता और गरिमा के पहलू शामिल हैं। इस बात के प्रति आगाह करते हुए कि विशेष प्रकार की सूचना जारी करने का प्रतिद्वंद्वी एयरलाइनों द्वारा फायदा उठाया जा सकता है। पीठ ने कहा कि वह केवल दुर्घटना की स्वतंत्र, निष्पक्ष, स्वतंत्र और शीघ्र जांच के सीमित पहलू पर ही नोटिस जारी कर रही है।
यह याचिका कैप्टन अमित सिंह के नेतृत्व वाले विमानन सुरक्षा एनजीओ द्वारा दायर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आधिकारिक जांच नागरिकों के जीवन, समानता और सच्ची जानकारी तक पहुंच के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है।
याचिका में कहा गया है कि एएआईबी ने 12 जुलाई को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की। इसमें दुर्घटना के लिए ईंधन कटऑफ स्विच को रन से कटऑफ में स्थानांतरित करने को जिम्मेदार ठहराया गया। यह प्रभावी रूप से पायलट की गलती का संकेत देता है।
इसमें आरोप लगाया गया है कि रिपोर्ट में महत्वपूर्ण जानकारी को छिपाया गया। इसमें पूर्ण डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) आउटपुट, टाइम स्टैम्प के साथ पूर्ण कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) ट्रांसक्रिप्ट और इलेक्ट्रॉनिक एयरक्राफ्ट फॉल्ट रिकॉर्डिंग (ईएएफआर) डेटा शामिल हैं। याचिका के अनुसार, आपदा की पारदर्शी और वस्तुनिष्ठ समझ के लिए ये अपरिहार्य हैं।
12 जून को एयर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों और चालक दल सहित 265 लोगों की मौत हो गई। 241 मृतकों में 169 भारतीय, 52 ब्रिटिश, सात पुर्तगाली नागरिक, एक कनाडाई और 12 चालक दल के सदस्य शामिल थे। दुर्घटना में जीवित बचे एकमात्र व्यक्ति ब्रिटिश नागरिक विश्वाशकुमार रमेश थे।
पितृ पक्ष मेले में आए 30 लाख श्रद्धालु, 16 दिनों में हुआ 600 करोड़ रूपये से अधिक का कारोबार
22 Sep, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गयाजी। विश्व प्रसिद्ध मोक्ष की भूमि गयाजी में 16 दिवसीय पितृ पक्ष महासंगम का समापन हो गया। इस साल 6 सितंबर से शुरू हुए मेले का समापन 21 सितंबर को हुआ। इस साल अनुमानित 600 करोड़ रूपये से अधिक का कारोबार हुआ। पूजा सामग्री, होटल व्यवसाय, टूर एंड ट्रेवल्स, भोजन और पटवा टोली के कपड़े की बिक्री सबसे अधिक रही। सेंट्रल बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स गयाजी के उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार भदानी ने कहा कि सिर्फ तीन सेक्टरों में ही लगभग 350 से 400 करोड़ का कारोबार हुआ। इसमें बर्तन, विशेषकर पीतल के बर्तन, पूजा सामग्री में सबसे ज्यादा बिके। इस बार पीतल का भाव 700 से 900 रुपए प्रति किलो रहा। एक अनुमान के अनुसार करीब 30 लाख श्रद्धालु गयाजी आए, जिससे भोजन से संबंधित कारोबार 90 से 100 करोड़ तक पहुंचा। पूजा सामग्री और बर्तन में भी 100 करोड़ से अधिक का व्यापार हुआ। दान-दक्षिणा जोड़ने पर यह आंकड़ा 200 करोड़ तक पहुंच गया। मान्यता के अनुसार पूर्णिमा के दिन आभूषण और सोने-चांदी का दान देने की परंपरा निभाई जाती है। होटल संगठन के महासचिव सुदामा कुमार के अनुसार इस बार होटल और टूर एंड ट्रेवल्स का कारोबार लगभग 75 करोड़ रहा। हालांकि पिछले साल की तुलना में कमी दर्ज की गई क्योंकि बड़ी संख्या में पिंडदानी धर्मशालाओं और प्रशासनिक टेंट सिटी में ठहरे। पिंडदानियों की आवाजाही से स्थानीय स्तर पर गाड़ियों की बुकिंग भी खूब रही। चार पहिया वाहन, ऑटो और टूर एंड ट्रेवल्स कंपनियों की आय बढ़ी। सिर्फ ट्रांसपोर्टिंग में ही लगभग 50 लाख का कारोबार हुआ।
* इस साल वीवीआईपी और विदेशों से खूब आए पिंडदानी
इस साल 520 से अधिक वीवीआईपी गयाजी पहुंचे, जिनमें राष्ट्रपति, उद्योगपति मुकेश अंबानी और कई राज्यों के मंत्री शामिल रहे। विदेशों से भी 40 पिंडदानी आए और पिंडदान किया। जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने कहा कि पहली बार काउंटिंग मशीन से श्रद्धालुओं की गिनती की गई। आंकड़े के अनुसार 30 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। प्रशासन ने 75 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की, जिसमें 2500 बेड वाला टेंट सिटी भी शामिल था। स्वास्थ्य विभाग ने मेले के दौरान 1 लाख 25 हजार लोगों को मुफ्त चिकित्सा दी। सामाजिक संगठनों ने भी सेवा केंद्र चलाए। 8 लाख 50 हजार श्रद्धालुओं को मुफ्त टोटो रिक्शा सेवा और 2.5 लाख श्रद्धालुओं को गंगाजल उपलब्ध कराया गया।
* सुरक्षा का रहा अभूतपूर्व इंतजाम
इस साल गयाजी में पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा का अभूतपूर्व इंतजाम किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार ने कहा कि सुरक्षा के लिए 6 हजार पुलिस बल लगाया गया था। राष्ट्रपति समेत कई वीवीआईपी के आने के बावजूद श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत नहीं हुई। प्रशासन और पुलिस कर्मियों के सेवा भाव की हर जगह सराहना हुई।
मानसून हो रहा विदा, आधे राजस्थान समेत तीन राज्यों से हुई वापसी
22 Sep, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब वापसी की राह पकड़ चुका है। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान, पंजाब और गुजरात से मानसून की विदाई शुरू हो चुकी है। वहीं, मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा और 30 सितंबर के बाद धीरे-धीरे वापसी होगी। बिहार में अगले एक हफ्ते तक बारिश जारी रहने की उम्मीद है, जबकि यूपी के कई जिलों में नदियां उफान पर हैं और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
यहां राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों में हल्की बारिश का सिलसिला जारी है। उदयपुर, राजसमंद, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और झालावाड़ में रविवार को वर्षा दर्ज की गई। उदयपुर में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश हुई। उधर, पश्चिमी राजस्थान में तापमान बढ़ने लगा है। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसी के साथ ही आधे राजस्थान से मानसून ने विदाई ले ली है।
मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों तक हल्की बारिश का अनुमान है। भोपाल, इंदौर और जबलपुर समेत कई जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है। 25-26 सितंबर को तेज बारिश की संभावना जताई गई है। उसके बाद मानसून की वापसी शुरू होगी। इस सीजन में प्रदेश में सामान्य से 18 फीसद तक अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है।
बिहार में यलो अलर्ट तो यूपी में बाढ़ के हालात
बिहार में अगले सात दिनों तक यलो अलर्ट जारी है और भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं, यूपी के बलिया, गोंडा, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी समेत 8 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। अब तक 1412 मकान ढह चुके हैं। लखीमपुर खीरी में 48 घंटे के भीतर 8 मकान नदी में समा गए। आज 29 जिलों में बारिश का अलर्ट है।
यहां छत्तीसगढ़ के 16 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट है। राजनांदगांव में बीते 24 घंटे में 60 मिमी वर्षा हुई। उधर, पंजाब में मानसून की वापसी धीमी है और बठिंडा-फाजिल्का में अटका हुआ है। बाढ़ से प्रभावित इलाकों में पानी उतरने के बाद लोग अब घर लौट रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो मानसून की वापसी में इस बार 5 से 7 दिन की देरी हुई है, जिसके चलते कई राज्यों में मौसम में असामान्य उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
शारदेय नवरात्र शुरु, मंदिरों में लगने लगी भीड़, खुल गए शक्तिपीठों के कपाट
22 Sep, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सोमवार से शारदेय नवरात्र शुरु हो गया है। सुबह से ही देवी मंदिरों में पूजा-पाठ शुरु हो गई। लोग मंदिरों में पहुंचने लगे हैं। हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठों के कपाट आधी रात से ही खोल दिए गए। बिलासपुर में मां नैना देवी मंदिर के कपाट रात 2 बजे, ऊना में मां चिंतपूर्णी मंदिर के सुबह 4 बजे, कांगड़ा में मां ज्वाला, मां ब्रजेश्वरी और मां चामुंडा देवी के कपाट सुबह 5 बजे खोल दिए गए हैं।
वहीं यूपी के मिर्जापुर के विध्यांचल और फिरोजाबाद के राजराजेश्वरी कैला देवी मंदिर में पैर रखने की जगह नहीं मिल रही थी। काशी में दुर्गा मंदिर में 1किमी लंबी लाइन लगी है। देशभर में दुर्गा पंडाल सज गए हैं। दक्षिण कोलकाता अशोक नगर संघ ने दुर्गा पूजा पंडाल को बांग्ला, आमार मां आर भाषा थीम पर डिजाइन किया है, जिसका अर्थ है बांगला मेरी मातृभाषा है।
इस बार नवरात्रि 10 दिनों की रहेगी, क्योंकि चतुर्थी तिथि दो दिन तक रहेगी। दुर्गाष्टमी 31 सितंबर और महानवमी 1 अक्टूबर को रहेगी। 2 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा। चेतला अग्रणी क्लब का दुर्गा पूजा पंडाल इस साल भी भव्य सजावट और पारंपरिक आभा के लिए चर्चा का विषय बन गया है। महालया के अवसर पर सीएम ममता बनर्जी ने यहां पहुंचकर देवी दुर्गा की प्रतिमा पर चक्षुदान किया और माथे पर सजावटी बिंदु लगाया। दक्षिण कोलकाता का एक प्रतिष्ठित आयोजन माना जाता है, जिसकी थीम हर साल विशेष आकर्षण का केंद्र होती है।
टैरिफ और एच-1बी वीजा को लेकर जयशंकर-गोयल की अमेरिका यात्रा बेहद अहम
22 Sep, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते पिछले कुछ महीनों से तनाव में हैं। खासतौर पर टैरिफ और एच-1बी वीजा के जरिये भारत को जिस तरह का तनाव झेलना पड़ रहा है, उसके बाद दोनों देशों के रिश्तों पर असर पड़ रहा है। इसी बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल अमेरिका पहुंचे हैं, जिससे उम्मीद है कि नए व्यापार समझौते पर बातचीत हो रही है। 16 सितंबर को अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय की टीम भारत आई थी, जहां समझौते के कई पहलुओं पर चर्चा हुई।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के जाने के बाद तुरंत वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भारत के प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका दौरे पर हैं। यहां वे सोमवार को अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक से मुलाकात करेंगे और व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने पर चर्चा करेंगे। वहीं जयशंकर भी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से रात 8 बजे मुलाकात करेंगे। अमेरिका और भारत के बीच इस वक्त जो मुद्दा चर्चा में हैं उनमें टैरिफ मुद्दा है। भारत पर अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने पर अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगा रखा है। इसकी वजह से दोनों देशों के बीच व्यापार प्रभावित हो रहा है।
भारत के कुछ सेक्टर्स पर तो इस टैरिफ का काफी बुरा असर पड़ा है। ऐसे में कोशिश होगी कि इस मामले में दोनों देश मिलकर कुछ बीच का रास्ता निकाल पाएं। इसे लेकर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ बातचीत करेंगे। दूसरा मुद्दा ये है कि भारत-अमेरिका की ट्रेड डील पर बात आगे बढ़े, जो टैरिफ वॉर की वजह से अटकी नजर आ रही थी। तीसरा बड़ा मुद्दा अब एच-1बी वीजा है, जो अमेरिका में काम करने वाले भारतीयों पर सीधा असर डाल रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और भारत के विदेश मंत्रियों मार्को रुबियो और एस जयशंकर के बीच यह तीसरी मुलाकात होगी। जनवरी में पहली बार रूबियो और जयशंकर क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में मिले थे। इसके बाद जुलाई में क्वाड बैठक में दोनों विदेश मंत्रियों की मुलाकात हुई थी। हालांकि इस बार जब दोनों नेता मिलेंगे, तो परिस्थितियां काफी उतार-चढ़ाव भरी हैं। ऐसे में ये बैठक दोनों देशों के रिश्तों को लेकर बेहद अहम मानी जा रही है।
जम्मू-कश्मीर में सीमा से सटे इलाकों में नजर आया संदिग्ध ड्रोन, सर्च अभियान तेज
22 Sep, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में सीमा से सटे इलाकों में फिर ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं बढ़ी हैं। इस इलाके में इस महीने चौथी बार ड्रोन देखा गया है। इस घटना के बाद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने इलाके में सर्च अभियान तेज कर दिया है। बीएसएफ को शक है कि पाक ड्रोन ने या तो ड्रग्स या हथियारों की खेप सप्लाई की है।
मीडिया रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि जम्मू जिले के आरएस पुरा स्थित एक गाँव के पास अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब एक ड्रोन की गतिविधि देखने के बाद बीएसएफ ने तलाशी अभियान शुरू किया है। इस महीने में यह चौथी बार देखा गया ड्रोन, एक दिन पहले शाम करीब 7 बजे भारतीय सीमा में मंडराता हुआ देखा गया था।
अधिकारियों को शक है कि संदिग्ध ड्रोन ने इस इलाके में या तो हथियार या फिर ड्रग्स की संभावित सप्लाई की है। हथियारों या नशीले पदार्थों की किसी भी संभावित हवाई गिरावट की संभावना को खारिज करने के लिए इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पांच दिन पहले भी सीमा सुरक्षा बलों ने संदिग्ध गतिविधि देखने के बाद तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान बीएसएफ के जवानों ने सीमा चौकी क्षेत्र में बाड़ के आगे एक एके-सीरीज़ की असॉल्ट राइफल और एक मैगज़ीन बरामद की थी।
इससे पहले 13 सितंबर को भी राज्य पुलिस को शहर के बाहरी इलाके अखनूर में थर्मल पेलोड वाला एक ड्रोन मिला था। 6 सितंबर को भी सांबा जिले में एक सैन्य छावनी के ऊपर एक संदिग्ध ड्रोन देखे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया था।
नवरात्र के मौके पर GST 2.0 का तोहफा, अमित शाह ने बताया बचत का बड़ा अवसर
22 Sep, 2025 03:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। जीएसटी का नया टैक्स स्लैब आज से लागू हो गया है, जिससे रोजमर्रा की कई चीजें सस्ती हो गई हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जीएसटी में बदलाव पूरे देश को बधाई दी है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि नवरात्र के शुभ अवसर पर माताओं और बहनों को अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार का तोहफा मिला है।
गृह मंत्री ने क्या कहा?
केंद्रीय गृह मंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, "नवरात्र के खास मौके पर मोदी सरकार ने देश की सभी माताओं और बहनों को अगली पीढ़ी के जीएसटी रिफॉर्म का तोहफा दिया है। जीएसटी पर मोदी जी ने देशवासियों से जो वादा किया था, उसकी शुरुआत आज से हो चुकी है।"
जीएसटी की दरों में ऐतिहासिक रूप से कमी होने के बाद 390 से ज्यादा चीजें सस्ती हो गई हैं। खासकर खाने और घर से जुड़े सामानों की कीमत में गिरावट देखने को मिलेगी। इसके अलावा ऑटोमोबाइल, मैटेरियल, कृषि, खिलौने, खेल, शिक्षा, हैंडीक्राफ्ट, मेडिकल, स्वास्थ्य और बीमा की टैक्स दरों में लोगों को राहत मिलेगी।
GST 2.0 आज से लागू
बता दें कि 3 सितंबर को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में केंद्र सरकार ने लोगों को बड़ी राहत देने का एलान किया था। रोजमर्रा की कई वस्तुओं को टैक्स फ्री कर दिया गया था। वहीं, जीएसटी के 4 टैक्स स्लैब को हटाकर 2 टैक्स स्लैब ही रखे गए हैं। ज्यादातर वस्तुओं पर अब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत का ही टैक्स लगेगा। लक्जरी वस्तुओं पर 40 प्रतिशत जीएसटी देना होगा।
नौसेना का सबसे बड़ा युद्धपोत प्रोजेक्ट शुरू, 80,000 करोड़ की ताकत से लैस होंगे LPDs
22 Sep, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय नौसेना अपनी समुद्री ताकत को नई दिशा देने जा रही है. सूत्रों के मुताबिक नौसेना ने करीब 80,000 करोड़ रुपये की लागत से चार अत्याधुनिक लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक्स (LPDs) बनाने की योजना तैयार की है. इसके लिए रक्षा मंत्रालय जल्द ही टेंडर जारी करेगा. यह अब तक का भारत का सबसे बड़ा सतही युद्धपोत निर्माण प्रोजेक्ट माना जा रहा है.
डिफेंस सूत्रों के मुताबिक रक्षा मंत्रालय की उच्चस्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा. योजना के अनुसार, इन जहाजों का निर्माण पूरी तरह भारत में ही होगा.
इसमें देश की बड़ी शिपबिल्डिंग कंपनियां जैसे लार्सन एंड टुब्रो (L&T), मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) और हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) शामिल होंगी. इनके साथ तकनीकी सहयोग के लिए स्पेन, फ्रांस और इटली की नामी कंपनियां भी जुड़ेंगी.
मिशन में बड़ी भूमिका निभाएंगे जहाज
ये नए जहाज बहुउद्देशीय होंगे, जिन्हें फ्लोटिंग बेस भी कहा जाता है. इनसे सैनिकों और सैन्य वाहनों की तैनाती के अलावा नेवल ड्रोन ऑपरेशन, एयर डिफेंस, लंबी दूरी की मिसाइल हमले और बड़े पैमाने पर कमांड एंड कंट्रोल ऑपरेशन किए जा सकेंगे. यानी युद्ध के साथ-साथ ये जहाज आपदा राहत और मानवीय मिशनों में भी अहम भूमिका निभाएंगे.
हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ेगी भारत ताकत
रक्षा सूत्रों के अनुसार, चीन की नौसेना हिंद महासागर में अक्सर निगरानी जहाज और पनडुब्बियां भेजती रही है. वहीं पाकिस्तान लगातार अपने नौसैनिक बेड़े को चीन की मदद से मजबूत कर रहा है. भारत के इन नए LPDs से न सिर्फ भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल क्षमता बढ़ेगी बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारत की बढ़त और पुख्ता होगी.
चीन और पाकिस्तान की चुनौतियों को सीधा जवाब
रक्षा सूत्रों का कहना है कि हर जहाज में एयर डिफेंस सिस्टम, एंटी-शिप मिसाइलें और ड्रोन स्वार्म्स लगाए जाएंगे. इनकी मदद से नौसेना लंबी दूरी तक ऑपरेशन चला सकेगी और जरूरत पड़ने पर सेना और वायुसेना के साथ मिलकर संयुक्त अभियान भी कर पाएगी.
यह कदम सिर्फ नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि चीन और पाकिस्तान की बढ़ती चुनौतियों का सीधा जवाब है. हिंद महासागर में चीन लगातार अपनी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ा रहा है. श्रीलंका और पाकिस्तान के बंदरगाहों पर भी उसकी पकड़ मजबूत हो रही है. ऐसे में भारत के लिए इन नए वारशिप का महत्व और बढ़ जाता है.
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