देश
कोलकाता गेस्ट हाउस में भीषण आग, अफरा-तफरी मच गई
25 Sep, 2025 05:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एक चार मंजिला इमारत की चौथी मंजिल में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। दक्षिणी कोलकाता में इमारत के चौथी मंजिल पर ब्लू चेरी गेस्ट हाउस में गुरुवार दोपहर दो बजे आग लगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, आग लगने से किसी भी जान-माल के नुकसान की तत्काल कोई जानकारी नहीं मिली है। फायर ब्रिगेड के कर्मचारी आग बुझाने में लगे हुए हैं।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आग बुझाने का काम जारी है, यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई अंदर फंसा न हो। उन्होंने बताया कि पहली नजर में आग शॉर्ट सर्किट के लगने की आशंका जताई जा रही है। जांच जारी है।
बारिश के बाद अब आग ने बढ़ाई चिंता
भारी बारिश की मार झेल रहे कोलकाता में आग लगने से चिंता बढ़ गई है। इससे पहले बंगाल में बाशिर के कारण 11 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 9 लोग बारिश के कारण करंट की चपेट में आने से मौत की चपेट में आ गए वहीं दो लोगों की पड़ोसी जिले में मौत हुई है।
भारी बारिश के कारण सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं। यातायात प्रभावित हो रहा है। बारिश के कारण मेट्रो और रेल सेवाओं को बाधित कर दिया है साथ ही हवाई यात्रा को भी अस्त-व्यस्त कर दिया है। सीएम ममता बनर्जी ने बारिश के कारण जान गंवाने वालों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का एलान किया है।
261 किलो वजन उठाकर हरक्यूलिस पिलर्स चैलेंज में रचा इतिहास
25 Sep, 2025 05:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। मशहूर भारतीय मार्शल आर्टिस्ट विस्पी खराड़ी को स्टील मैन ऑफ इंडिया के नाम से जाना जाता है। हमेशा वह अपने नए कीर्तिमान से दुनिया को हैरान करते हैं। इन सब के बीच उन्होंने एक बार फिर से कुछ ऐसा किया, जिसने पूरी दुनिया को हैरान किया है।
दरअसल, विस्पी खराड़ी ने अपनी ताकत से नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने हरक्यूलिस पिलर्स चैलेंज में 261 किलोग्राम (575.4 पाउंड) का वजन सफलतापूर्वक उठाया। बताया जाता है कि इस श्रेणी में किसी पुरुष द्वारा उठाया गया सबसे भारी वज़न का रिकॉर्ड है। पंजाब के अटारी बॉर्डर पर पंजाब के अटारी बॉर्डर पर को उन्होंने ये कर दिखाया।
एक मिनट तक उठाया ये वजब
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, दोनों खंभे का वजन करीब आधे पोलर बीयर के बराबर था। इसके 1 मिनट तक उठाना था। विस्पी ने इससे अधिक ही इस वजन को उठाए रखा। इस रिकॉर्ड ने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया। बाद में इन खंभों को कई लोगों ने मिलकर दूसरी जगह पर रखा।
इस उपलब्धि को विस्पी ने भारतीय सशस्त्र बलों को समर्पित किया
अपनी इस बड़ी उपलब्धि को विस्पी खराड़ी भारतीय सशस्त्र बलों को समर्पित किया। इस दौरान उन्होंने अपने गुरु शिहान और हंशी को उनके निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। बता दें कि विस्पी का यह 17वां गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
बता दें कि विस्पी का हरक्यूलिस पिलर्स के साथ एक मजबूत इतिहास रहा है। साल 2024 नवंबर में उन्होंने 166.7 किलोग्राम और 168.9 किलोग्राम वजन के साथ, 2 मिनट 10.75 सेकंड में हरक्यूलिस पिलर्स (पुरुष) को सबसे लंबे समय तक थामे रखने का रिकॉर्ड बनाया।
गर्दन से लोहा मोड़क बनाया था रिकॉर्ड
गौरतलब है कि उससे पहले एक रिकॉर्ड में उन्होंने एक मिनट में अपनी गर्दन से 21 लोहे की सलाखों को मोड़ दिया। इसके अलावा कीलों के बिस्तर पर 528 किलोग्राम कंक्रीट तोड़ना (2022), और 2025 में अपने शरीर पर 1,819 किलोग्राम वजन, लगभग एक जिराफ के वजन को सहन करना भी उनके रिकॉर्ड में शामिल है।
पीएम ने कहा – पहले घंटों बिजली गायब रहती थी, अब हालात बदले
25 Sep, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पीएम मोदी ने बांसवाड़ा में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने संबोधित भी किया. पीएम मोदी ने कहा कि राजस्थान की धरती से आज बिजली क्षेत्र में भारत के सामर्थ्य का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है. देश बिजली की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. इस रफ्तार में देश का हर हिस्सा शामिल है. हर राज्य को प्राथमिकता दी जा रही है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकास के लिए बिजली उत्पादन जरूरी है. देश अपने उर्जा क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है. 21वीं सदी में जिस देश को तेजी से विकास करना है, उसे अपने यहां बिजली उत्पादन बढ़ाना ही होगा. इसमें सबसे सफल वही देश होंगे, जो स्वच्छ ऊर्जा में आगे रहेंगे इसलिए हमारी सरकार स्वच्छ ऊर्जा के अभियान को जनआंदोलन बनाकर आगे बढ़ा रही है.
2014 से पहले तक घंटों तक बिजली नहीं रहती थी
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने विकास का काम नहीं किया. उसने बिजली के महत्व पर ध्यान ही नहीं दिया. 2014 से पहले तक घंटों तक बिजली नहीं रहती थी. जब 2014 में आपने मुझे सेवा का अवसर दिया और जब मैंने दायित्व संभाला, तब भारत के 2.5 करोड़ घर ऐसे थे जहां बिजली का कनेक्शन नहीं था. 2014 में हमने इन हालातों को बदलने का संकल्प लिया और हमने देश के हर गांव तक बिजली पहुंचाई.
कांग्रेस राज में राजस्थान पेपर लीक का केंद्र बन गया
पीएम मोदी ने कहा कि हमने 2.5 करोड़ घरों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिया और जहां-जहां तार पहुंचे, वहां बिजली भी पहुंची. इससे लोगों की जिंदगी आसान हुई और नए-नए उद्योग भी स्थापित हुए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में राजस्थान में पेपर लीक होता था.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जल जीवन मिशन को भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया था. महिलाओं पर अत्याचार चरम पर था और बलात्कारियों को संरक्षण दिया जा रहा था. कांग्रेस सरकार में बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ जैसी जगहों पर अपराध और अवैध शराब का कारोबार खूब पनपा. जब आपने बीजेपी को मौका दिया, तब हमने कानून व्यवस्था को मजबूत किया और विकास परियोजनाओं में तेजी लाई.
आज पूरा भारत GST उत्सव मना रहा
पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरा भारत जीएसटी उत्सव मना रहा है. जीएसटी रिफॉर्म से लोगों को फायदा हुआ है. उपयोग की सारी चीजें अब सस्ती हो गई हैं. 2017 में हमने GST लागू कर देश को टैक्स और टोल के जंजाल से मुक्ति दिलाई. पीएम मोदी ने कहा कि हमारा एक और लक्ष्य है कि हम किसी और पर निर्भर न रहें, यह बहुत आवश्यक है. इसका रास्ता स्वदेशी के मंत्र से जाता है और इसलिए हमें स्वदेशी के मंत्र को कभी नहीं भूलना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमें वही सामान खरीदना चाहिए जिसमें हमारी मिट्टी की खूशबू हो या स्वदेशी हो.
चीन पर CDS का बड़ा बयान, 1962 के युद्ध में वायुसेना मददगार होती
25 Sep, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच 1962 के युद्ध में यदि भारतीय वायुसेना (आईएएफ) का उपयोग किया जाता, तो चीनी हमले को काफी हद तक रोका जा सकता था। यह बात चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कही है।
उन्होंने कहा कि उस समय वायुसेना का इस्तेमाल उग्र माना जाता था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं, जैसा कि हालिया ऑपरेशन सिंदूर में देखा गया।
जनरल चौहान ने यह टिप्पणी लेफ्टिनेंट जनरल एसपीपी थोराट की संशोधित आत्मकथा 'रेवेली टू रिट्रीट' के पुणे में विमोचन के दौरान एक वीडियो संदेश में की।
जनरल चौहान ने कहा कि 1962 में अपनाई गई 'फॉरवर्ड पॉलिसी' को लद्दाख और नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (एनईएफए, वर्तमान अरुणाचल प्रदेश) में एकसमान लागू करना गलत था। इन दोनों क्षेत्रों का विवाद का इतिहास और भौगोलिक स्थिति बिल्कुल अलग थी।
फॉरवर्ड पॉलिसी की गलती
सीडीएस ने कहा कि फॉरवर्ड पॉलिसी को लागू करने में एकरूपता ठीक नहीं थी। लद्दाख में चीन पहले ही भारतीय क्षेत्र पर कब्जा कर चुका था, जबकि एनईएफए में भारत का दावा मजबूत था। दोनों क्षेत्रों के लिए एक जैसी नीति अपनाना रणनीतिक भूल थी। जनरल चौहान ने बताया कि भू-राजनीति और सुरक्षा स्थिति अब पूरी तरह बदल चुकी है, जिसके चलते उस समय के फैसलों को आज के संदर्भ में आंकना मुश्किल है।
उन्होंने यह भी कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल थोराट ने वायुसेना के इस्तेमाल पर विचार किया था, लेकिन तत्कालीन सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी। वायुसेना की तैनाती से न केवल चीनी आक्रमण धीमा पड़ता, बल्कि सेना को तैयारी के लिए अधिक समय भी मिलता।
'तब वायुसेना का इस्तेमाल उग्र माना जाता था'
जनरल चौहान ने बताया कि 1962 में वायुसेना का उपयोग न करना एक बड़ा अवसर चूकना था। छोटे टर्नअराउंड समय, अनुकूल भूगोल और अधिकतम पेलोड की क्षमता के कारण वायुसेना चीनी सेना पर भारी पड़ सकती थी। उस समय इसे "उग्र" माना गया, लेकिन मई 2025 के ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया कि अब वायुसेना का उपयोग सामान्य रणनीति का हिस्सा है। इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए वायु शक्ति का उपयोग किया था।
जम्मू-कश्मीर में नई आतंकी साजिश, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
25 Sep, 2025 11:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को बंद करने और जम्मू-कश्मीर में हमले करने के लिए एक नया संगठन बनाने की फिराक में है।
पाकिस्तान को बचाने के लिए टीआरएफ को बंद करने पर भी विचार
भारतीय एजेंसियों का कहना है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) और जम्मू-कश्मीर पुलिस टीआरएफ के बारे में इतनी जानकारी इकट्ठा कर चुकी हैं कि आइएसआइ के लिए यह शर्मिंदगी की बात हो रही है। उसे उम्मीद नहीं थी कि भारतीय एजेंसियां इतनी तेजी से वित्तीय लेन-देन से जुड़े आंकड़े इकट्ठा कर लेंगी।
पहलगाम हमले की जिम्मेदारी रेजिस्टेंस फ्रंट ने ली थी
आज खुफिया जानकारी जुटाने की क्षमताएं बदल गई हैं। इसके अलावा, नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा आतंकवाद के प्रति जीरो टालरेंस पर जोर देने से एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं। खुली छूट मिलने से एजेंसियां बेहतर समन्वय कर सकती हैं और रिकार्ड गति से जानकारियां एकत्र कर सकती हैं।
पहलगाम हमले के बाद द रेजिस्टेंस फ्रंट ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। हालांकि, जिस तरह से उसने इतनी जल्दी अपना बयान पलटा, उससे यही लगता है कि आइएसआइ इस संगठन से जुड़े हर निशान को मिटा देना चाहती थी।
एनआइए को जांच का काम सौंपा गया था
एनआइए को जांच का काम सौंपा गया था। उसने पहलगाम हमले के बाद से इस संगठन के वित्तीय संबंधों से जुड़ी ठोस जानकारी जुटाई है। 400 से ज्यादा कॉल रिकॉर्ड सामने आए हैं जो मलेशिया और खाड़ी देशों में किए गए थे। ये सभी काल संगठन के लिए धन जुटाने से संबंधित थे।
एनआइए को पता चला है कि ज्यादातर धन इन्हीं देशों से आया है, और ज्यादातर दान के रूप में। यासिर हयात नामक एक मलेशियाई नागरिक इस संगठन को कथित तौर पर नौ लाख रुपये देने के आरोप में रडार पर है। पहलगाम हमले के बाद फिलहाल टीआरएफ को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है।
एनआइए का मुख्य ध्यान फंडिंग का पता लगाने पर है
इस संगठन को पूरी तरह से रडार से हटाने और अंतत: इसे खत्म करने की यह आइएसआइ की एक सोची-समझी चाल है। हालांकि, भारतीय एजेंसियों का कहना है कि अगर आइएसआइ इस संगठन को खत्म भी कर देती है, तो भी वह अंतत: जम्मू-कश्मीर में अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक नया संगठन बना लेगी।
पहलगाम हमले की व्यापक साजिश की जांच करते हुए एनआइए का मुख्य ध्यान फंडिंग का पता लगाने पर है। यह मुख्य रूप से वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) के समक्ष केस मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है ताकि पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाला जा सके।
पाकिस्तान नहीं उठाएगा जोखिम
पाकिस्तान फिलहाल एफएटीएफ की सूची में बने रहने का जोखिम नहीं उठा सकता क्योंकि चीन और अमेरिका के मामले में उसकी कई प्रतिबद्धताएं हैं। ज्यादा चिंता चीन की ओर से है जिसने पाकिस्तान से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा परियोजना 2.0 (सीपीईसी) के लिए धन जुटाने को कहा है।
सीपीईसी 1 के दौरान बीएलए और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के हमलों के कारण चीन को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। पाकिस्तानी सेना इन संगठनों पर लगाम लगाने में नाकाम रही है।
एक खनिज समझौते पर हस्ताक्षर
ऐसी स्थिति में जब पाकिस्तान ने सीपीईसी 2.0 और अमेरिका के साथ एक खनिज समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, वह ग्रे लिस्ट में जाने का जोखिम नहीं ले सकता। न तो अमेरिका और न ही चीन ऐसी स्थिति चाहेगा, जहां पाकिस्तान आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए एफएटीएफ की जांच के दायरे में आए।
65,000 करोड़ की योजनाओं की समीक्षा, अटकी परियोजनाएं जल्द पूरी होंगी
25 Sep, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को 15 राज्यों में फैली 65,000 करोड़ रुपये के कुल निवेश वाली आठ महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की। इसमें अधिकारियों से कहा गया कि वे परियोजनाओं में आने वाली बाधाओं को जल्द दूर करें ताकि समय से काम पूरा हो सके।
पीएम ने आठ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की
'सक्रिय शासन और समय पर क्रियान्वयन' (प्रगति) मंच की 49वीं बैठक में समीक्षा की गई ये परियोजनाएं रेलवे, बिजली, खान और जल संसाधन सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी हुई थीं।
प्रधानमंत्री ने केंद्रीय और राज्य स्तर के अधिकारियों से रिजल्ट ओरिएंटेंड अप्रोच (परिणाम लाने वाला दृष्टिकोण) अपनाने का अनुरोध किया ताकि अवसरों को लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार में बदला जा सके। साथ ही नागरिकों के लिए जीवन की सुगमता और उद्यमों के लिए व्यापार करने की सुगमता के लक्ष्यों को भी आगे बढ़ाया जा सके।
मोदी ने कहा कि क्रियान्वयन में देरी से दोहरी लागत आती है
पीएम मोदी ने कहा कि क्रियान्वयन में देरी से दोहरी लागत आती है। साथ ही नागरिकों को आवश्यक सेवाओं एवं बुनियादी ढांचे तक समय पर पहुंच से वंचित होना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को भी प्रमुख परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और निगरानी के लिए अपने स्तर पर संस्थागत प्रणाली विकसित करनी चाहिए ताकि समय पर क्रियान्वयन और बाधाओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।
उभरते अवसरों का तेजी से लाभ उठाने में सक्षम हों
प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों से प्रतिस्पर्धी क्षमता में सुधार, दक्षता को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में नवोन्मेष को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सुधारों को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन सुधारों के माध्यम से बेहतर तैयारी हमें उभरते अवसरों का तेजी से लाभ उठाने में सक्षम बनाएगी।
प्रधानमंत्री को मिले उपहारों की नीलामी में हिस्सा लें लोग: मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को लोगों से अपील की कि वे उन स्मृति चिन्हों और उपहारों की आनलाइन नीलामी में हिस्सा लें, जो उन्हें प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि नीलामी से मिलने वाली राशि नमामि गंगे मिशन को दी जाएगी।
बता दें कि पीएम को मिले उपहारों की 2019 से हर वर्ष नीलामी हो रही है। देश-दुनिया से मिले 1300 उपहारों की आनलाइन नीलामी 17 सितंबर यानी पीएम की जन्मतिथि से शुरू हुई और दो अक्बूबर तक चलेगी।
नीलामी से प्राप्त राशि नमामि गंगे मिशन को दी जाएगी
पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'पिछले कुछ दिनों से मेरे विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान मिले उपहारों की ऑनलाइन नीलामी चल रही है। इस नीलामी में भारत की संस्कृति और रचनात्मकता को दर्शाने वाले कई कृतियां शामिल हैं। नीलामी से प्राप्त राशि नमामि गंगे मिशन को दी जाएगी। आप सभी इस नीलामी में जरूर भाग लें।'
फिर लौटेगा मॉनसून! अगले हफ्ते जमकर बरसेंगे मेघ
25 Sep, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश के लगभग आधे हिस्से में अगले कुछ दिनों में फिर से भारी बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और म्यांमार के पास बने सिस्टम का असर अगले सप्ताह तक देश के कई हिस्सों में दिखाई देगा। मौसम विभाग (आइईएमडी) ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम अभी से उठा लें।
मैदानी इलाकों में बारिश का दौर लगभग खत्म
उत्तर भारत के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी के साथ पश्चिमी हवा पूर्व की ओर बढ़ रही है, जिससे उत्तर के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश का दौर लगभग खत्म हो गया है। लेकिन यह स्थिति लंबे समय तक नहीं रहेगी, क्योंकि बंगाल की खाड़ी में लगातार एक के बाद एक सिस्टम विकसित हो रहे हैं।
तेजी से बढ़ रही पश्चिमी हवाओं को बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त पूर्वी हवाएं पीछे की ओर लौटने के लिए मजबूर करेंगी। म्यांमार के पास चीन सागर में बने डिप्रेशन से इन हवाओं को नई ऊर्जा मिल रही है।
अगले तीन यहां होगी भारी बारिश
इसके असर से उत्तर-पूर्व भारत, बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में अगले दो-तीन दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी ओडिशा और बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में पहले से सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र इस बारिश में मुख्य भूमिका निभाएगा। इसके अलावा, 25-26 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी में एक और निम्न दबाव बनने की संभावना है, जिससे ओडिशा से गुजरात तक बारिश का दायरा बढ़ सकता है। 26 से 30 सितंबर के बीच महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा में भी भारी बारिश होने की आशंका है।
बंगाल की खाड़ी से निकलने वाली नमी युक्त हवाओं का असर मैदानी इलाकों तक भी पहुंचेगा और उत्तर प्रदेश के झांसी तक बारिश की स्थितियां बन सकती हैं। हालांकि, इससे मानसून की वापसी पर कोई स्थायी असर नहीं पड़ेगा। बंगाल की खाड़ी में लगातार सिस्टम बनने के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा और मध्य भारत में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
दिल्ली से मानसून की विदाई
बुधवार को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून लौट गया। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों से भी मानसून की वापसी हो चुकी है। अगले दो-तीन दिनों में यह और पूर्व की ओर खिसक सकता है।
रुस से भविष्य में एस-500 और सु-57 फाइटर जेट की खरीद भी संभव.......एशिया में शक्ति संतुलन बनाएगा भारत
24 Sep, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भारत की रक्षा जरुरतें केवल वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों से निपटने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आने वाले दशकों की सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तय होती हैं। इसी संदर्भ में रूस की ओर से भारत को मिल रहे आधुनिक हथियार, विशेषकर एस-400 वायु रक्षा प्रणाली और भविष्य में संभावित एस-500 तथा सु-57 लड़ाकू विमानों का महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है।
बात दें कि 2018 में भारत और रूस के बीच हुए 5.5 अरब डॉलर के समझौते के तहत पाँच एस-400 ट्रायम्फ वायु रक्षा प्रणालियाँ खरीदी गईं। अब तक रुस से चार प्रणालियाँ मिल चुकी हैं और अंतिम आपूर्ति 2026 तक होगी। यह प्रणाली लंबी दूरी तक दुश्मन के लड़ाकू विमान, ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। इसका महत्व मई 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान स्पष्ट रूप से सामने आया था जब भारतीय वायु रक्षा बलों ने पाकिस्तान से दागी गई मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया था। यदि आने वाले वर्षों में अतिरिक्त एस-400 या और भी उन्नत एस-500 भारत को मिलत हैं, तब चीन और पाकिस्तान दोनों के खिलाफ भारत को बड़ी रणनीतिक बढ़त मिलेगी।
अब चर्चा रूस के पाँचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान सु-57 की है। रूस ने भारत को इसकी आपूर्ति और लोकल उत्पादन का प्रस्ताव दिया है। यदि भारत इस प्रस्ताव को स्वीकार करता हैं तब वायुसेना को न केवल स्टेल्थ और सुपरमैनेवरेबिलिटी जैसी अत्याधुनिक क्षमताएँ मिलेंगी, बल्कि स्वदेशी उत्पादन से तकनीकी आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी। बता दें कि भारत ने पहले अमेरिका से एफ-35 जैसे स्टेल्थ फाइटर हासिल करने की कोशिश की थी, लेकिन राजनीतिक व सामरिक कारणों से संभव नहीं हुआ है। इसके बाद सु-57 भारत की जरूरतों को पूरा करने का एक ठोस विकल्प बन सकता है।
बता दें कि रूस से भविष्य में भारत को जिन हथियारों की आपूर्ति होनी है, उसमें एस-500 मिसाइल प्रणाली और सु-57 फाइटर जेट्स सबसे अहम हैं। इसके अलावा, ब्रह्मोस मिसाइल का नया हाइपरसोनिक संस्करण और एडवांस सबमरीन तकनीक पर भी बातचीत जारी है। वहीं दूसरी ओर, भारत फ्रांस से 26 राफेल-एम नौसैनिक लड़ाकू विमान खरीदने जा रहा है, जो विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर तैनात होने है। अमेरिका से प्रीडेटर-बी ड्रोन का सौदा अंतिम चरण में है। इज़राइल से और अधिक हेरोन-टीपी ड्रोन तथा आयरन डोम जैसी तकनीकों पर सहयोग की संभावनाएँ बढ़ रही हैं। एस-400 प्रणाली पहले ही भारत की वायु रक्षा को नई ऊँचाई दे चुकी है। यदि सु-57 और एस-500 जैसी प्रणालियाँ भी भारत को मिलती हैं, तब आने वाले दशक में भारतीय सैन्य शक्ति एशिया में न केवल संतुलन बनाए रखेगी, बल्कि एक निर्णायक बढ़त पा लेगी।
तिरुपति मंदिर में भक्तों के दर्शन का अनुभव बदलेगा, एआई संभालेगा भीड़ का नियंत्रण
24 Sep, 2025 03:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुमाला। तिरुपति मंदिर में भक्तों की भीड़ को मैनेज करने के लिए अब मंदिर प्रशासन ने एआई की मदद लेने का फैसला किया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू तिरुमाला तिरुपति मंदिर में एक नए, अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर (आईसीसी) का उद्घाटन करेंगे।
मंदिर में भीड़ प्रबंधन को लेकर क्रांतिकारी बदलाव होगा
यह भारत में इस पैमाने के मंदिर के लिए अपनी तरह की पहली पहल है और दावा किया जा रहा है कि इससे पवित्र पहाड़ी मंदिर में भीड़ प्रबंधन और तीर्थयात्री सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
वैकुंठम-1 परिसर में स्थापित किया एआई सेंटर
वैकुंठम-1 परिसर में स्थापित नया आईसीसी, टीटीडी अधिकारियों को वास्तविक समय के आंकड़े और जानकारी प्रदान करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का लाभ उठाएगा। केंद्र में एक विशाल डिजिटल स्क्रीन मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से लाइव फीड प्रदर्शित करेगी, जिसकी निगरानी 25 से अधिक तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम करेगी।
चेहरे की पहचान करने की क्षमता वाले एआई-संचालित कैमरे कतार में खड़े तीर्थयात्रियों की संख्या पर नजर रखेंगे और दर्शन के लिए प्रतीक्षा समय का अनुमान लगाएंगे, जिससे अधिकारियों को श्रद्धालुओं के प्रवाह को अधिक कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने में मदद मिलेगी।
इस तरह प्रणाली करेगी काम
यह प्रणाली जमीनी स्तर की स्थिति दिखाने के लिए 3डी मानचित्र भी तैयार करेगी और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की पहचान करेगी साथी भीड़भाड़ को रोकने का काम भी करेगी। नई प्रणाली चोरी या अन्य अप्रिय घटनाओं में शामिल व्यक्तियों की पहचान करने में मदद करेगी।
गुमशुदा व्यक्तियों का पता लगाने में होगी आसानी
साथ ही यह प्रणाली गुमशुदा व्यक्तियों का पता लगाने में भी मदद कर सकती है, और अलीपिरी जैसे रणनीतिक स्थानों पर अतिरिक्त कैमरे लगाने से, एआई यात्रा की शुरुआत से ही तीर्थयात्रियों की भीड़ पर नजर रख सकता है। साथ ही भगवान के दर्शन में भक्तों को कम समय मिलेगा।
जम्मू-कश्मीर: 24 अक्टूबर को राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव, उसी दिन शाम को आएंगे नतीजे
24 Sep, 2025 02:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर की चार खाली पड़ी राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इन सीटों पर मतदान और मतगणना 24 अक्टूबर को ही पूरी कर ली जाएगी।
गौरतलब है कि ये चारों राज्यसभा सीटें फरवरी 2021 से खाली हैं। आयोग ने बताया कि चुनाव की अधिसूचना 6 अक्टूबर को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर तय की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 14 अक्टूबर तक की जाएगी और उम्मीदवार 16 अक्टूबर तक अपना नामांकन वापस ले सकेंगे।
चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान 24 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। इसके बाद शाम 5 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी और उसी दिन नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे।
जम्मू-कश्मीर में राज्यसभा सीटों पर यह उपचुनाव लंबे समय से लंबित था। फरवरी 2021 से रिक्त पड़ी इन सीटों के भरने के साथ राज्यसभा में केंद्रशासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व फिर से तय होगा।
भारत-कनाडा संबंधों में नई शुरुआत, SJF के खिलाफ कनाडा की बड़ी कार्रवाई
24 Sep, 2025 01:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कनाडा के खालिस्तान समर्थक पीएम जस्टिन ट्रूडो के जमाने में भारत-कनाडा के जिन संबंधों में दरार आ गई थी अब नए पीएम मार्क कार्नी के शासन में उसको पाटने के प्रयास शुरू किए जा चुके हैं।
एसएफजे के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है
कनाडा में खालिस्तानी आतंकी इंदरजीत सिंह गोसाल की गिरफ्तारी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि जांच एजेंसियों ने सिख फार जस्टिस (एसएफजे) के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इसका सीधा असर अजीत डोभाल और नाथाली जी ड्राइन की द्विपक्षीय बैठक के बाद देखने को मिला है।
सूत्रों के अनुसार कनाडा की खुफिया एजेंसियों के यह रिपोर्ट देने के बाद कि खालिस्तानी आतंकी तत्व अपनी आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने में कनाडा की जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं, इस सकारात्मक संकेत के बाद भारत को भी लगने लगा है कि कनाडा ने आतंकवाद के खिलाफ काम करने के मुद्दे को गंभीरता से लेना शुरू किया है।
18 सितंबर को नई दिल्ली में एनएसए अजीत डोभाल और उनकी समकक्ष नाथाली जी ड्राइन के बीच बैठक के बाद उन्होंने कहा, ''हमने अपनी सुरक्षा ¨चताओं पर चर्चा की और गैर-हस्तक्षेप का वचन दिया है।''
अजीत डोभाल की टीम कनाडा की टीम के साथ मिलकर इस दिशा में काम कर रही है। इसी का नतीजा है कि गोसाल की गिरफ्तारी कनाडा में हुई है।
ध्यान रहे कि खालिस्तानी आतंकी गोसाल कनाडा में प्रतिबंधित एसएफजे का मुख्य समन्वयक है और वह पंजाब से अलग खालिस्तान राष्ट्र के लिए समर्थन जुटाने के लिए कई जनमत संग्रह आयोजित करने के लिए जिम्मेदार था।
भारतीय एजेंसियां नियमित रूप से कनाडा में अपने समकक्षों के साथ खुफिया जानकारी साझा कर रही हैं। जबकि बब्बर खालसा इंटरनेशनल जैसे संगठनों के बारे में जानकारी साझा की जा रही है, इस बार ध्यान मुख्य रूप से एसएफजे पर केंद्रित है।
एसएफजे संगठन कहीं अधिक खतरनाक है
भारतीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि एसएफजे, बब्बर खालसा इंटरनेशनल के विपरीत सशस्त्र संघर्ष नहीं कर रहा है, लेकिन यह सच है कि खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा नेतृत्व किए जाने वाला यह संगठन कहीं अधिक खतरनाक है।
एसएफजे खालिस्तान आंदोलन का प्रचार विंग चलाता है। अधिकांश अभियानों का केंद्र खालिस्तान निर्माण के इर्द-गिर्द घूमता है। इसने बार-बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लक्षित किया और उनकी हत्या की मांग की है।
एसएफजे भारत में किसानों के विरोध प्रदर्शनों घुसने की कोशिश कर रहा था
एसएफजे भारत में किसानों के विरोध प्रदर्शनों में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा था, जिसका उद्देश्य सिख समुदाय को उग्र बनाना और उन्हें भारत सरकार के खिलाफ हथियार उठाने के लिए प्रेरित करना था। भारत ने कई मौकों पर यह इंगित किया है कि यदि कनाडा ने कार्रवाई नहीं की, तो यह जल्द ही उनके लिए हानिकारक हो जाएगा।
गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ने से नासिक में बाढ़ का खतरा
24 Sep, 2025 11:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नासिक । गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ने से नासिक में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। रामकुंड क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गया है। दुतोंड्या मारुति मंदिर परिसर में पानी का बहाव कमर से ऊपर पहुंच गया है, जो बाढ़ की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। गंगापुर बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके कारण गोदावरी नदी में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। वर्तमान में बांध से 6356 क्यूसेक की गति से पानी का प्रवाह जारी है, और हाल ही में 6335 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की भी जानकारी मिली है।
रामकुंड के आसपास कई छोटे-बड़े मंदिर पानी में डूब गए हैं। तालकुटेश्वर महादेव मंदिर में पूजा करने गए चार लोग अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण फंस गए थे।= प्रशासन ने गोदावरी नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। दमकल विभाग ने त्वरित बचाव अभियान चलाकर मंदिर में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। वहीं, बीड में बाढ़ में फंसे 30 से 40 लोगों को बचाने के लिए सेना और पुलिस-प्रशासन ने मिलकर एक बचाव अभियान शुरू किया है। ये लोग बिंदुसार और सिंदफना नदियों में आई बाढ़ में फंसे हुए हैं। बचाव दल उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहा है।
सिविल जज भर्ती के लिए 3 साल की प्रैक्टिस की अनिवार्यता खत्म, MP हाईकोर्ट का आदेश रद्द
24 Sep, 2025 10:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पारित उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें सिविल जज के पदों पर भर्ती के लिए तीन साल की लीगल प्रैक्टिस अनिवार्य कर दी गई थी. जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया.
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे ने पीठ के समक्ष तर्क दिया कि दोबारा परीक्षा कराना "असंवैधानिक और अव्यावहारिक" है. दुबे ने जोर देकर कहा कि इससे मुकदमेबाजी का सिलसिला शुरू हो जाएगा. आवेदनों पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट द्वारा अपनी खंडपीठ के फैसले को चुनौती देने वाली अपील को स्वीकार कर लिया.
सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा 13 जून, 2024 को अपनी खंडपीठ द्वारा पारित उस आदेश के खिलाफ दायर अपील पर पारित किया, जिसमें उसे 14 जनवरी, 2024 को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में उन सभी सफल उम्मीदवारों को छांटने या बाहर करने का निर्देश दिया गया था, जो संशोधित नियमों के तहत पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करते थे.
पिछले साल, सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें तीन साल की लीगल प्रैक्टिस की अनिवार्य आवश्यकता के बिना सिविल जजों के पदों पर भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी.
मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा नियम, 1994 में 23 जून, 2023 को संशोधन किया गया था, ताकि राज्य में सिविल जज भर्ती परीक्षा में बैठने के लिए तीन साल की प्रैक्टिस अनिवार्य हो सके. उच्च न्यायालय ने संशोधित नियमों को बरकरार रखा. हालांकि, भर्ती परीक्षा में चयनित नहीं होने वाले दो उम्मीदवारों द्वारा संशोधित नियमों के लागू होने पर पात्र होने का दावा करने और कट-ऑफ की समीक्षा की मांग करने के बाद मुकदमा शुरू हो गया.
उच्च न्यायालय ने इस पद पर भर्ती पर रोक लगाते हुए, संशोधित भर्ती नियमों के तहत पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करने वाले प्रारंभिक परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को परीक्षा से बाहर करने का निर्देश दिया था.
महाप्रभु के आभूषण पुरी जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में किया गया शिफ्ट, 1978 में हुआ था आभूषणों का अंतिम मूल्यांकन
24 Sep, 2025 08:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुरी: भगवान जगन्नाथ के रत्न मूल रत्न भंडार में शिफ्ट कर दिए गए हैं. मंदिर प्रशासन ने पूर्व निर्णय के अनुसार रत्नों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है. नियमों के मुताबिक, एक चाबी मंदिर प्रशासन को, एक चाबी गजपति महाराज के प्रतिनिधि को और एक चाबी कोषाध्यक्ष को दी गई है.
रत्नों के जीर्णोद्धार के लिए, 18 जुलाई, 2024 को आंतरिक और बाहरी रत्न भंडार के सभी रत्नों को मंदिर के अंदर खातशेज और चांगडा घरों में बने एक अस्थायी स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा में रखा गया है.
मंदिर के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी की जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह 10:55 बजे से दोपहर 2:55 बजे तक सभी रत्नों को अस्थायी स्ट्रांग रूम से मूल रत्नभंडार में स्थानांतरित कर दिया गया. इसके बाद, आंतरिक रत्नभंडार (भीतरा रत्नभंडार) को सील कर दिया गया और राज्य सरकार की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार, पुरी जिला कलेक्टर की देखरेख में रत्नभंडार की चाबियां जिला कोषागार में जमा कर दी गईं.
वहीं, नियम के मुताबिक, एक चाबी मंदिर प्रशासन को, एक चाबी गजपति महाराज के प्रतिनिधि को और एक चाबी कोषाध्यक्ष को दी गई है. हालांकि, रत्नों और आभूषणों का मूल्यांकन राज्य सरकार द्वारा आगे के निर्देश जारी होने के बाद नए दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाएगा.
आज, रत्नों और आभूषणों को खजाने में शिफ्ट करने की प्रक्रिया से पहले, खजाने की उच्च-स्तरीय समिति के अध्यक्ष, न्यायमूर्ति बिश्वनाथ रथ, मंदिर के मुख्य प्रशासक, पुरी के जिला मजिस्ट्रेट, एसपी और मंदिर के मुख्य प्रशासक द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि ने पहले मंदिर के किनारे स्थित देवताओं के दर्शन किए और फिर भगवान के दर्शन किए.
उन्होंने भगवान से रत्नों और आभूषणों के सुचारू हस्तांतरण के लिए प्रार्थना की. इसके बाद, सुबह 10:55 बजे, आंतरिक और बाहरी दोनों खजानों के सभी रत्न और आभूषण मंदिर के अंदर अस्थायी स्ट्रांग रूम से मुख्य खजाने में शिफ्ट कर दिए गए. बता दें कि, 24 जुलाई, 2024 को सबसे पहले रत्न भंडार खोला गया और उसकी स्थिति की जांच की गई. बाद में, 18 जुलाई को, बाहरी और आंतरिक दोनों रत्न भंडार के सभी रत्न और आभूषण कड़ी सुरक्षा में अलमारियों और संदूकों सहित मंदिर के अंदर एक अस्थायी स्ट्रांग रूम में रख दिए गए.
बाद में, रत्न भंडार को जीर्णोद्धार के लिए एएसआई को सौंप दिया गया. रत्न भंडार उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विश्वनाथ रथ ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "जुलाई 2025 में रत्न भंडार का जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने के बाद, एएसआई ने मंदिर का प्रशासन रत्न भंडार को सौंप दिया." हालांकि, सरकार की नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) आने के बाद, रत्न भंडार के सभी रत्नों और आभूषणों का मूल्यांकन किया जाएगा.
रत्नों और आभूषणों का अंतिम मूल्यांकन 1978 में हुआ था, और आने वाले दिनों में मूल्यांकन के दौरान उस सूची का मिलान किया जाएगा. रत्नों और आभूषणों को रत्न भंडार में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया के लिए आज सुबह 9:30 बजे से भक्तों के लिए दर्शन बंद कर दिए गए थे. पुलिस ने मंदिर में त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था अपनाई है. हालांकि, रत्नों और आभूषणों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया आज सफलतापूर्वक पूरी हो जाने के बाद, जगन्नाथ भक्त अब रत्नों और आभूषणों के मूल्यांकन का इंतजार कर रहे हैं.
हवाई क्षेत्र पर पाबंदी: भारत ने पाकिस्तानी विमानों की एंट्री की बंद
23 Sep, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। आए दिन कुछ न कुछ भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देता नजर आता है। उसकी हरकतों के चलते भारत ने पाकिस्तान के हवाई जहाजों को भारत के हवाई क्षेत्र में घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया है। नया नोटिस टू एयरमेन (नोटम) भारत की एविएशन अथॉरिटी की ओर से जारी किया गया। यह कदम पाकिस्तान के नोटम के कुछ दिनों बाद उठाया गया है, जिसमें पाकिस्तान ने भारतीय विमानों और एयरलाइंस के लिए अपने हवाई क्षेत्र को उसी समय तक बंद करने की घोषणा की थी।
बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान ने दो दिन पहले अपने ताजा नोटम के साथ हवाई क्षेत्र बंदी को बढ़ाया था, जो पिछले बंदी नोटिस के 24 सितंबर को समाप्त होने से कुछ दिन पहले जारी किया गया था। पाकिस्तान के इस विस्तार के बाद पिछले भारतीय नोटम के तहत अपने हवाई क्षेत्र की बंदी को बढ़ाने की संभावना थी। भारत की ओर से जारी नया नोटम पिछले नोटिसों के समान है। भारत अपने हवाई क्षेत्र को पाकिस्तानी एयरलाइंस और विमानों (सैन्य उड़ानें भी शामिल) के लिए 24 अक्टूबर को सुबह 5:29 बजे तक बंद रखेगा। पाकिस्तान का ताजा नोटम भी हवाई क्षेत्र बंदी के लिए उसी तारीख और समय को दर्शाता है।
अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच संबंधों में तनाव बढ़ा हुआ है। पाकिस्तान ने 24 अप्रैल को हवाई क्षेत्र बंद करने की शुरुआत की। शुरू में एक महीने के लिए भारतीय विमानों और एयरलाइंस को पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरने से रोक गया। भारत ने 30 अप्रैल को जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी विमानों और एयरलाइंस के लिए अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया। तब से, दोनों देश मासिक आधार पर नोटम जारी करके इस बंदी को बढ़ा रहे हैं। भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे की एयरलाइंस और विमानों पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन उनके हवाई क्षेत्र दूसरे देशों की एयरलाइंस और विमानों को लेकर उड़ान भरने के लिए खुले हुए हैं।
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