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बिहार के दुलारचंद हत्याकांड में EC की बड़ी कार्रवाई, SP समेत 4 अफसरों का तबादला, 1 सस्पेंड
2 Nov, 2025 09:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) से पहले मोकामा में जन सुराज पार्टी समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या (Murder of Dular Chand Yadav) के मामले में भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने सख्त कार्रवाई की है. आयोग ने बाढ़ और मोकामा के तीन अधिकारियों का तत्काल तबादला कर दिया, जबकि एक अधिकारी को निलंबित करने का आदेश जारी किया है. इसके साथ ही स्थानीय एसपी का भी तबादला कर दिया गया है.
ईसीआई ने बिहार के डीजीपी विनय कुमार से कल दोपहर 12:00 बजे तक एक्शन टेकेन रिपोर्ट (कार्रवाई की रिपोर्ट) मांगी है. ईसीआई के शनिवार को जारी आदेश के अनुसार, बाढ़ के सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) सह 178-मोकामा विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर चंदन कुमार को हटा दिया गया है. उनकी जगह आईएएस आशीष कुमार को लाया गया है, जो वर्तमान में पटना नगर निगम के अतिरिक्त नगर आयुक्त हैं.
इसी तरह, राकेश कुमार, एसडीपीओ बाढ़-1, और अभिषेक सिंह, एसडीपीओ बाढ़-2 का तबादला कर दिया गया है और उनकी जगह 2022 आरआर बैच के आनंद कुमार सिंह और आयुष श्रीवास्तव को नियुक्त किया गया है. चुनाव आयोग ने हटाए गए तीन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही का भी निर्देश दिया है. पटना ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया कि यह कार्रवाई दो स्टेशन हाउस अधिकारियों (SHO) – घोसवारी एसएचओ मधुसूदन कुमार और भदौर एसएचओ रवि रंजन को इसी मामले के सिलसिले में दिन में निलंबित किए जाने के बाद की गई है.
बता दें कि 30 अक्टूबर को चुनाव प्रचार के दौरान दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच हुई गोलीबारी में दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी. पुलिस ने इस हत्याकांड में तीन एफआईआर दर्ज की हैं और दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दुलारचंद की मौत कार्डियोरेस्पिरेटरी फेलियर से बताई गई है. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इसे ‘जंगल राज’ की वापसी बताते हुए प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी हिंसा की निंदा की और ईसीआई से त्वरित कार्रवाई की मांग की.
मोकामा लंबे समय से बिहार की राजनीति में बाहुबलियों का गढ़ रहा है, जिनमें अनंत कुमार सिंह, उनके भाई दिलीप सिंह और सूरजभान सिंह शामिल हैं. इस सीट पर 6 नवंबर को पहले चरण में मतदान होना है. जेडीयू के अनंत सिंह और राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार वीणा देवी के बीच कड़ा मुकाबला है. वीणा देवी पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी हैं. अनंत सिंह और सूरजभान दोनों भूमिहार समुदाय से आते हैं, जिससे राजनीतिक विरासत का सीधा टकराव पैदा हो गया है. 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होगा. नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे.
विज्ञापन देख झांसे में आया बिजनेसमैन और गंवा दिए 11 लाख रुपये, जानें क्या है मामला…
2 Nov, 2025 08:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे. महाराष्ट्र (Maharashtra) के पुणे जिले में एक कॉन्ट्रैक्टर ‘प्रेग्नेंट जॉब’ (‘Pregnant Job’) नामक साइबर ठगी (cyber fraud) का शिकार हो गया. ठगों ने उसे एक ऑनलाइन विज्ञापन (advertisement) के जरिए झांसा दिया, जिसमें लिखा था ‘एक पुरुष की तलाश है जो मुझे प्रेग्नेंट कर सके. विज्ञापन देखकर कॉन्ट्रैक्टर ने संपर्क किया और इसी के बाद उसके साथ 11 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी हो गई.
झांसे में आकर गंवाये 11 लाख रुपये
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने खुद को महिला बताकर पहले वीडियो भेजा और फिर रजिस्ट्रेशन, मेंबरशिप, गोपनीयता और प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर ठगी शुरू कर दी. धीरे-धीरे पीड़ित से अलग-अलग खातों में कुल 11 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए गए.
पुलिस इंस्पेक्टर चंद्रशेखर सावंत ने बताया कि यह मामला एक बड़े साइबर नेटवर्क से जुड़ा है, जिसे ‘प्रेग्नेंट जॉब’ या ‘प्लेबॉय सर्विस’ रैकेट कहा जाता है. यह गिरोह 2022 से देशभर में सक्रिय है और खासतौर पर बेरोजगार या आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को निशाना बनाता है.
फेसबुक, व्हाट्सएप और टेलीग्राम से शिकार बनाते हैं ठग
यह गैंग फेसबुक, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को ऐसे ऑफर देता है जिसमें कहा जाता है कि ‘बांझ महिलाओं को गर्भवती बनाकर वो 5 से 25 लाख तक कमा सकते हैं. पीड़ितों से आधार, पैन और सेल्फी मांगी जाती है और फिर सिक्योरिटी फीस, टैक्स और होटल बुकिंग जैसे बहाने बनाकर लाखों रुपये ऐंठे जाते हैं.
ठग फर्जी एग्रीमेंट, नकली सर्टिफिकेट और यहां तक कि सेलिब्रिटीज के नाम से साइन किए गए दस्तावेज़ दिखाकर भरोसा दिलाते हैं. बाद में पीड़ितों को पुलिस कार्रवाई की धमकी देकर और पैसे वसूलते हैं.
जांच में पता चला है कि इस रैकेट का मुख्य अड्डा बिहार के नवादा जिले में है. यहां से पूरे देश में इस तरह की ठगी का नेटवर्क चलाया जा रहा है. पुलिस का मानना है कि इस गैंग ने अब तक करोड़ों रुपये की ठगी की है.
ईमेल में धमकी: हैदराबाद एयरपोर्ट पर बम का खतरा, सुरक्षा कड़ी
1 Nov, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद में राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आरजीआईए) को शनिवार सुबह बम की धमकी वाला ईमेल मिला, जिसके बाद अधिकारियों ने इंडिगो की फ्लाइट को पास के एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर दिया।
राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एक अधिकारी के अनुसार, "01.11.2025 को APOC से एक मैसेज मिला कि कस्टमर सपोर्ट RGIA को एक ईमेल मिला है। Customersupport@gmrgroup.in पर ईमेल आईडी पपीता राजन से 05.25 बजे ये मेल भेजा गया जिसका सब्जेक्ट था: इंडिगो 68 की हैदराबाद जाने वाली लैंडिंग रोकें।"
धमकी भरे मेल में क्या लिखा?
ईमेल में लिखा था, "LTTE-ISI के गुर्गों ने 1984 के मद्रास एयरपोर्ट कार्यप्रणाली शैली में एक बड़ा धमाका करने की योजना बनाई है। यह धमाका RGIA पोर्ट के फ्यूजलेज और माइक्रोबॉट्स से फिक्स किए गए फ्यूल टैंक पर किया जाएगा। आईईडी में ताकतवर नर्व गैस होगी। फ्रैंकफर्ट ऑपरेशन उपायों का अध्ययन के लिए एक टेस्ट है। आईईडी की लोकेशन की जानकारी के लिए कृपया नीचे दिया गया स्टेग्नोग्राफिक डॉक्यूमेंट पढ़ें, लाइनों के बीच में पढ़ें।"
फ्लाइट को किया गया डायवर्ट
धमकी मिलने के बाद बम खतरा आकलन समिति (बीटीएसी) ने एक वर्चुअवली मीटिंग की और इसे एक खास खतरा बताया। समिति ने फैसला लिया कि फ्लाइट को सबसे पास वाले एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया जाएगा और फ्लाइट के कैप्टन को एटीसी के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। कैप्टन लैंडिंग की जानकारी एयरपोर्ट को देगा। साथ ही जीएमआर सिक्योरिटी पुलिस में शिकायत दर्ज करेगी।
डायना पुंडोले: पहली भारतीय महिला जो फेऱारी रेसिंग वर्ल्ड में मचाएंगी धमाल
1 Nov, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत की महिला फेरारी कार रेसर और नेशनल चैम्पियन डायना पुंडोले इतिहास रचने की तैयारी में हैं. 32 साल की डायना पहली भारतीय महिला कार रेसर होंगी, जो इंटरनेशनल लेवल पर फेरारी कार रेसिंग में भारत को रिप्रेजेंट करेंगी. वे फेरारी क्लब चैलेंज मीडिल ईस्ट के तहत नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 तक होने वाली मोटरस्पोर्ट रेंसिंग चैम्पियनशिप में हिस्सा लेंगी.
फेरारी की सबसे एडवांस कार दौड़ाएंगी
चैम्पियनशिप के तहत डायना इंटरनेशनल F1 ट्रैक्स पर फेरारी 296 चैलेंज कार, जो फेरारी कंपनी की सबसे एडवांस कारों में से एक हैं और अपनी रफ्तार के लिए मशहूर है. दुबई, अबू धाबी, बहरीन, कतर और सऊदी अरब में मिडिल ईस्ट के बड़े फॉर्मूला वन सर्किट्स हैं, जहां डायना अपने हुनर क प्रदर्शन करेंगी और रेस को जीतकर भारत का नाम इंटरनेशनल लेवल पर चमकाने का प्रयास करेंगी.
कौन हैं फेरारी कार रेसर डायना पुंडोले?
भारतीय महिला कार रेसर डायना पुंडोले महाराष्ट्र के पुणे शहर में 15 अगस्त 1993 को जन्मी थीं और 2 बच्चों की मां हैं. वे पेशे से टीचर थीं और उनके पिता को रेसिंग का शौक था, जो ऐसे ही सड़कों पर दोस्तों के साथ रेस लगाया करते थे. इसी शौक के चलते वे फेरारी कार रेसिंग देखते थे. उन्होंने ही डायना को कार रेसिंग के लिए प्रेरित किया. डायना की पहली कोच मां रही हैं, जिन्होंने उन्हें ड्राइविंग के गुर सिखाए.
यूरोपीय देशों में ली कार रेसिंग की ट्रेनिंग
डायना बताती हैं कि पिता ने उन्हें रेसिंग के गुर सिखाए थे, लेकिन कार रेसिंग में आगे बढ़ने का उनका सफर वे देख नहीं पाए और छोड़कर चले गए. डायना यूरोपीय देश इटली के मुगेलो, मॉन्जा और दुबई ऑटोड्रोम जैसे इंटरनेशनल सर्किट्स पर कार रेसिंग की ट्रेनिंग ले चुकी हैं. डायना ने साल 2018 में जेके टायर वूमन इन मोटरस्पोर्ट कार्यक्रम में हिस्सा लेकर कार रेसिंग वर्ल्ड में एंट्री की और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.
ये हैं डायना पुंडोले की खास उपलब्धियां
साल 2018 में जेके टायर वूमन इन मोटरस्पोर्ट प्रोग्राम के लिए 200 महिला रेसर्स में से सेलेक्ट हुईं और टॉप-6 में रहीं. साल 2024 में डायना ने नेशनल चैम्पियनशिप जीती. अगस्त 2024 में चेन्नई के मद्रास इंटरनेशनल सर्किट पर MRF इंडियन नेशनल कार रेसिंग चैम्पियनशिप में हिस्सा लिया और जीतकर कार रेसिंग वर्ल्ड में पुरुषों के बराबर महिलाओं का वर्चस्व कायम किया और अब इंटरनेशनल चैम्पियनशिप में हिस्सा लेंगी.
फेरारी क्बल चैलेंज की मेंबरशिप डायना पुंडोले पोर्श 911 GT3 कप, फेरारी 488 चैलेंज, BMW M2 कंपीटिशन और रेनॉल्ट Clio कप जैसी हाई-प्रोफाइल रेसिंग चैम्पियनशिप में हिस्सा ले चुकी हैं.
भारत का बड़ा सैन्य कदम: पूर्वोत्तर सीमा पर वायुसेना का मेगा अभ्यास घोषित
1 Nov, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय वायुसेना ने अपने पूर्वोत्तर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर एयर एक्सरसाइज (वायु अभ्यास) की घोषणा की है. यह अभ्यास भारत की चीन, भूटान, म्यांमार और बांग्लादेश से सटी सीमाओं पर किया जाएगा. इस संबंध में सरकार ने NOTAM (Notice to Airmen) जारी कर दिया है.
सूत्रों के मुताबिक, यह वायु अभ्यास छह अलग-अलग तारीखों पर आयोजित किया जाएगा-
6 नवंबर 2025 (14:0018:29 UTC), 20 नवंबर 2025 (14:0018:29 UTC), 04 दिसंबर 2025 (14:0018:29 UTC), 18 दिसंबर 2025 (14:0018:29 UTC), 01 जनवरी 2026 (14:0018:29 UTC), 15 जनवरी 2026 (14:0018:29 UTC)
सूत्रों के अनुसार, यह अभ्यास सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और नगालैंड सहित पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में किया जाएगा. इसमें वायुसेना के फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और ड्रोन शामिल रहेंगे. यह अभ्यास रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है, क्योंकि यह क्षेत्र सिक्किम (2020) और तवांग (2022) जैसी भारत-चीन सीमा झड़पों का गवाह रह चुका है. वहीं डोकलाम क्षेत्र जो भारत, चीन और भूटान की सीमा पर स्थित है, तीनों देशों के बीच तनाव का केंद्र बना रहा है.
रक्षा सूत्रों के अनुसार, इस अभ्यास का उद्देश्य सीमा पर हवाई निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और बहु-डोमेन संचालन की तैयारी को परखना है. यह अभ्यास सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे भारत का चिकन नेक कहा जाता है, उससे लेकर अरुणाचल प्रदेश के न्यिंगची सेक्टर तक फैले हवाई क्षेत्र में होगा. यह कदम भारत का एक स्पष्ट संदेश है कि देश की पूर्वी सीमाओं पर किसी भी आपात स्थिति या आक्रामक गतिविधि का जवाब देने के लिए वायुसेना पूरी तरह तैयार है.
भारत का साफ संदेश.. तैयारी और आत्मनिर्भरता का प्रदर्शन
भारत यह दिखाना चाहता है कि उसकी वायुसेना किसी भी दिशा से आने वाले खतरे के लिए तैयार है चाहे वह चीन की सीमा से हो, पाकिस्तान की ओर से, या फिर पूर्व में बांग्लादेश-म्यांमार के पार समुद्री इलाके से. इस युद्धाभ्यास के ज़रिए भारत यह संदेश देता है कि हमारा पूर्वोत्तर इलाका न सिर्फ़ संवेदनशील है, बल्कि हमारी ताकत का भी केंद्र है.
चीन के लिए संदेश.. सीमा पर हवाई प्रभुत्व कायम
* यह अभ्यास उन इलाकों के पास हो रहा है जहां भारत-चीन टकराव (जैसे तवांग और सिक्किम) पहले हो चुके हैं. * चीन लगातार तिब्बत और न्यिंगची क्षेत्र में मिसाइल व एयरबेस तैनात कर रहा है. * भारत यह बताना चाहता है कि अगर कभी जरूरत पड़ी, तो IAF कुछ ही मिनटों में प्रतिक्रिया दे सकती है. यह चीन के लिए एक संतुलित लेकिन सख्त संदेश है भारत अब केवल रक्षा नहीं, बल्कि डिटरेंस (रोकथाम की शक्ति) पर ध्यान दे रहा है.
पाकिस्तान के लिए कड़ा संदेश .. दो मोर्चों पर तैयार सेना
हालांकि यह अभ्यास पूर्वी क्षेत्र में है पर पाकिस्तान के लिए अप्रत्यक्ष संदेश साफ़ है कि भारत दो फ्रंट (चीन और पाकिस्तान) पर एक साथ कार्रवाई करने की क्षमता रखता है. यानी अगर पश्चिम में कोई तनाव बढ़ता है, तो भी भारत की पूर्वी कमांड पूरी तरह सक्रिय और मजबूत है.
बांग्लादेश और म्यांमार के लिए संदेश..सहयोग और सुरक्षा
भारत का मकसद इन दोनों पड़ोसी देशों को धमकाना नहीं, बल्कि यह दिखाना है कि हमारा उद्देश्य स्थिरता और साझा सुरक्षा है भारत यह भी चाहता है कि ISI या चीन के प्रभाव में आकर पूर्वोत्तर में कोई अस्थिरता न फैले.
कुल मिलाकर रणनीतिक संकेत:
भारत पूर्वी सीमा पर पूर्ण हवाई नियंत्रण सुनिश्चित करना चाहता है. यह अभ्यास तीन देशों (चीन-भूटान-म्यांमार) से सटे क्षेत्रों में सामरिक संतुलन बनाने की दिशा में कदम है. साथ ही, यह दिखाता है कि भारत की वायुसेना अब रिएक्टिव नहीं, बल्कि प्रोएक्टिव रणनीति पर काम कर रही है.
55 साल बाद सतना स्कूल में गूंजा जनरल द्विवेदी का संदेश- 'भारत को चाहिए एकजुट नागरिक'
1 Nov, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी शनिवार को अपने बचपन के विद्यालय सरस्वती हायर सेकेंडरी स्कूल, सतना पहुंचे। पूरे 55 वर्ष बाद अपने पुराने स्कूल लौटे जनरल द्विवेदी का छात्रों, शिक्षकों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
मंच पर पहुंचते ही वे भावुक हो उठे और कहा कि “यही वह स्थान है, जहां से मैंने जीवन में निर्णय लेने की क्षमता सीखी, जिसने आगे चलकर मुझे सेना में कई निर्णायक सफलताएं दिलाईं, जिनमें ऑपरेशन सिंदूर सबसे महत्वपूर्ण रहा।” जनरल द्विवेदी ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि, “इस ऑपरेशन का उद्देश्य केवल दुश्मन पर विजय प्राप्त करना नहीं था, बल्कि देश की अखंडता, संप्रभुता और शांति की पुनः स्थापना करना था।
इस अभियान ने पूरे समाज को एक सूत्र में बांध दिया। जिस तरह ‘मां, बहन और बेटी’ जब भी अपने माथे पर सिंदूर लगाती हैं तो एक सैनिक को याद करती हैं, उसी भावना ने इस अभियान का नाम ‘सिंदूर’ रखा। यह अभियान हर भारतीय के मन में राष्ट्रभक्ति का सिंदूर बन गया।”
धर्म युद्ध था "आपरेशन सिंदूर"
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर एक धर्म युद्ध था एक ऐसा युद्ध, जिसमें नैतिकता, सिद्धांत और तकनीक का समन्वय था। “हमने किसी भी निर्दोष को नुकसान नहीं पहुंचाया, न ही नमाज या प्रार्थना के समय हमला किया। यह हमारे भारतीय संस्कारों का प्रतीक है”।
एकजुटता से ही 2047 में भारत होगी विकसित
थल सेना प्रमुख ने कहा कि जब देश के नागरिक एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे, तब ही 2047 का विकसित भारत का सपना साकार होगा। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों और समाजसेवियों की भारी उपस्थिति रही। जनरल द्विवेदी का सम्मान विद्यालय परिवार की ओर से किया गया। उनका सतना आगमन पूरे शहर के लिए गौरव का क्षण बन गया, जिसने न केवल उनके बचपन के विद्यालय को, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया।
55 वर्षो बाद ताजा हुई यादें
जनरल द्विवेदी ने बताया कि वर्ष 1971-72 में चौथी कक्षा में वे इसी विद्यालय में पढ़े थे। इतने वर्षों बाद लौटकर उन्होंने विद्यालय के परिसर में कदम रखते ही बचपन की यादें ताजा कर लीं। उन्होंने विद्यालय परिवार और शिक्षकों का आभार जताया, जिन्होंने उनके व्यक्तित्व और राष्ट्र सेवा के संकल्प को आकार दिया।
विद्यार्थी जीवन मे रखी सफलता की नींव
छात्रों को प्रेरित करते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि सफलता की नींव विद्यार्थी जीवन में ही रखी जाती है। “जो विद्यार्थी आज परिश्रम करता है, वही कल राष्ट्र निर्माण का आधार बनता है। आप चाहे वर्दी में हों या सिविल ड्रेस में, लेकिन राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र सेवा का भाव कभी कम नहीं होना चाहिए।
जनरल द्विवेदी ने सफलता का एक नया मंत्र “थी ए (THE A)” बताया —
Attitude (एटीट्यूड) से सकारात्मक दृष्टिकोण और ऊर्जा मिलती है,
Adaptability (एडॉप्टिबिलिटी) से व्यक्ति समय के साथ खुद को ढालना सीखता है,
Ability (एबिलिटी) से हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है।
टोल प्लाजा कर्मचारियों के बच्चों के लिए नई पहल, मिलेगी पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद
1 Nov, 2025 04:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश के विभिन्न राज्यों के सड़क मार्ग पर तैनात टोल प्लाजा सभी कर्मचारियों , सुपरवाइजर , गार्ड, के लिए यह अच्छी खबर है। इन कर्मचारियों के बच्चों को पढ़ाई के लिए विशेष आर्थिक सहायता मिलेगी। यह आर्थिक सहायता ” आरोहण स्कालरशिप प्रोग्राम 2025 ” के अन्तर्गत दी जाएगी। इसके लिए में निर्धारित फार्म भरना होगा।आरोहण स्कालरशिप प्रोग्राम 2025 पूरे भारत के किसी भी टोल प्लाज़ा पर कार्यरत कर्मचारियों के आश्रित बच्चों के लिए है। इस योजना के अंतर्गत 11वीं–12वीं एवं उच्च शिक्षा (UG/PG) के विद्यार्थियों को ₹12,000 से ₹50,000 तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। साथ ही छात्रों को कैरियर मार्गदर्शन और मेंटरशिप सहायता भी दी जाएगी। इस स्कॉलरशिप प्रोग्राम में TC, सुपरवाइज़र या अन्य कोई भी कर्मचारी जो टोल प्लाज़ा पर कार्यरत हैं, वे आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के माता/पिता/पोषक में से किसी एक का टोल प्लाज़ा पर कार्यरत होना आवश्यक है, तथा परिवार की वार्षिक आय ₹8 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। आरोहण स्कालरशिप प्रोग्राम में आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवम्बर 2025 है।
इस दिनांक तक टोल प्लाजा पर काम करने वाले कर्मचारियों के बच्चे बेहतर शिक्षा में सहयोग के लिए आवेदन कर सकते हैं
देवास भोपाल टोल प्लाजा के मेनेजर अजय मिश्रा ने देश , प्रदेश के टोल प्लाजा पर काम करने वाले सुपरवाइजर , गार्ड एवं अन्य कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएँ और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक कदम बढ़ाएं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए उमाशंकर पांडेय से 8770136937 से संपर्क किया जा सकता है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर करना और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करना है। इस पहल के शुभारंभ पर बोलते हुए, एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने कहा कि प्रोजेक्ट आरोहण टोल प्लाज़ा कर्मचारियों और उनके परिवारों के प्रति एनएचएआई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य छात्रों की प्रतिभा को निखारना है, जो देश के विकास को गति प्रदान करेंगे। इस परियोजना का लक्ष्य कक्षा 11 से स्नातक के अंतिम वर्ष तक के पाँच सौ छात्रों को शामिल करना है। प्रत्येक छात्र को वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 12 हज़ार रुपये की वार्षिक छात्रवृत्ति मिलेगी। इसके अतिरिक्त, स्नातकोत्तर और उच्च शिक्षा के इच्छुक पचास मेधावी छात्रों को 50-50 हज़ार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसके लिए छात्रों को शैक्षणिक रिकॉर्ड, आय प्रमाण, जाति प्रमाण पत्र, पहचान पत्र जैसे प्रासंगिक दस्तावेज़ जमा करने होंगे।
आंध्र श्रीकाकुलम में पवित्र वेंकटेश्वर मंदिर में हादसा, श्रद्धालुओं की भगदड़ ने ली 9 जिंदगियां
1 Nov, 2025 02:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रीकाकुलम। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। भगदड़ मचने से 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अधिकारियों ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है. फिलहाल, राहत एवं बचाव कार्य अभियान जारी है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा “श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ की घटना से गहरा सदमा पहुंचा है। इस दुखद घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु अत्यंत हृदयविदारक है। मैंने अधिकारियों को घायलों को शीघ्र और उचित उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए हैं”। घायलों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया. प्रदेश के कृषि मंत्री के. अत्चन्नायडू भी घटना का जायजा लेने तुरंत मौके पर पर पहुंचे हैं। मंदिर के अधिकारियों से बात की गई. मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश में वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ पर दुख जताया है। साथ ही उन्होंने मृतक के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान भी किया है। पीएम ने लिखा कि ‘मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने लोगों को खोया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से हर एक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।’ PM ने घायलों को स्वस्थ होने की कामना भी की।
आंध्र प्रदेश CMO ने दी हादसे की जानकारी
आंध्र प्रदेश CMO की तरफ से अभी तक भगदड़ में कुछ लोगों के घायल होने की बात कही गई। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा उस वक्त हुआ, जब एकादशी के मौके पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई। इसके चलते अचानक भगदड़ का माहौल बन गया। बता दें कि घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा, राज्य के कृषि मंत्री के. अत्चन्नायडू भी भगदड़ वाली जगह पर पहुंचे। उन्होंने घटना की जानकारी के लिए मंदिर के अधिकारियों से भी बातचीत की। उनका कहना है कि ‘यहां पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।’
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी जताया दुख
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी इस घटना पर दुख जाहिर करते हुए एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि ‘मंदिर में मची भगदड़ में 9 श्रद्धालुओं की जान चली गई है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएगी कि इस घटना में घायलों को बेहतर इलाज उपचर मिले।’
'जंग सिर्फ हथियारों से नहीं जीती जाती' — कर्नल सोफिया ने समझाया ऑपरेशन सिंदूर का असली मकसद
1 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को उसकी औकात बताने वालीं कर्नल सोफिया कुरैशी ने इसे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की मल्टी-डोमेन वॉरफेयर क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से भारत की युद्ध रणनीति में बड़ा बदलाव आया है।
दरअसल, कर्नल सोफिया कुरैशी नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में आयोजित भारतीय सेना के प्रमुख चाणक्य रक्षा संवाद 2025 में यंग लीडर्स फोरम में स्पीकर के तौर पर पहुंची थीं। यहां उन्होंने भारत की युद्ध रणनीति में युवाओं की भूमिका पर अपनी बात रखी।
फेक न्यूज से बचने की सलाह
कर्नल सोफिया कुरैशी ने युवाओं को डिजिटल साक्षरता बढ़ाने और फेक न्यूज से बचने की सलाह दी हैं। उन्होंने युवाओं को ABC of KIDS का मंत्र दिया और युवा शक्ति को देश की सुरक्षा और विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। कुरैशी ने कहा कि सेना युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षित कर रही है। इसके लिए आईआईटी, डीआरडीओ तथा अन्य संस्थानों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।
जंग केवल बंकरों-गोलियों से नहीं
कर्नल सोफिया कुरैशी ने युवाओं से कहा- आप भारत की युवा शक्ति हैं- आप फायरपावर में ही नहीं, बल्कि फायरवॉल्स में भी प्रशिक्षित हैं। अब युद्ध केवल बंकरों या गोलियों से नहीं, बल्कि बाइट्स और बैंडविड्थ से भी लड़ा जाता है।
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में तीनों सेनाओं की भूमिका
कर्नल सोफिया कुरैशी ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि यह तीनों सेनाओं के तालमेल, आत्मनिर्भरता और नवाचार के कारण संभव हुआ।
भारत में 65 प्रतिशत युवाओं की आबादी
कर्नल ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। भारत की 65 प्रतिशत आबादी 35 साल से कम उम्र की है और यह स्ट्रेटेजिक रिजर्व है। जो देश की ‘स्ट्रैटेजिक रिजर्व’ यानी रणनीतिक शक्ति है। युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और जिम्मेदारी देश की सुरक्षा और विकास में अहम भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य आपके (युवाओं) हाथ में है। चाहे आप सैनिक हों, शिक्षक, कोडर या डिजाइनर, प्रयास से सफलता मिलती है।
मोहन भागवत का बड़ा आदेश — राष्ट्रहित में स्वयंसेवक करें SIR प्रक्रिया में भागीदारी
1 Nov, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में दूसरे दिन देश के विभिन्न राज्यों में शुरू हुए विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान में सहयोग करने पर चर्चा हुई।
राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दे पर स्वयंसेवकों को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने को कहा गया ताकि घुसपैठियों की पहचान उजागर हो सके। खासतौर पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर संघ चिंतित है। शुक्रवार को बैठक तीन सत्रों में हुई, जिसमें पंच परिवर्तन के विषयों समेत जनसंख्या असंतुलन, गो हत्या जैसे मामलों पर बात की गई।
बैठक में सरसंघचालक डा. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की मौजूदगी में प्रस्तावों पर चर्चा हुई। संघ ने साफ किया कि पंच परिवर्तन का विषय व्यापक है, जिसका कार्य होना है। इसके जरिए मजबूत राष्ट्र और समाज का निर्माण संभव है। पंच परिवर्तन के पांच आयाम के बल पर समाज में सकारात्मक और स्थायी बदलाव संभव है।
बैठक में सरकार्यवाह द्वारा श्री गुरुतेगबहादुर के 350वें बलिदान दिवस और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर वक्तव्य जारी किए गए।स्वदेशी पर दें जोरराष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए संघ ने पंच परिवर्तन के चौथे मूल स्व-भाव जागरण के तहत विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। प्रस्ताव में तय हुआ कि स्वदेशी उत्पादों को गौरव से जोड़कर लोगों को भी प्रेरित किया जाए ताकि देश का पैसा देश में रहे।
ये हैं पंच परिवर्तन के मूल
सामाजिक समरसता: मंदिर, श्मशान और जलस्त्रोत जैसे सार्वजनिक स्थान सभी के लिए समान हों। जाति और भेदभाव की दीवारों को मिटाकर, समाज को एक परिवार के रूप में जोड़ना ही इसका मुख्य लक्ष्य है।
कुटुंब प्रबोधन: व्यस्त जिंदगी में परिवार टूट रहे हैं। संघ चाहता है कि परिवारों में मूल्य आधारित जीवन, आपसी सम्मान और संवाद कायम रहे, ताकि अगली पीढ़ी को अच्छे संस्कार मिलें।
पर्यावरण संरक्षण: पौधारोपण, जल संरक्षण और प्लास्टिक के कम उपयोग जैसी पहल को बढ़ावा देना। लक्ष्य है हर व्यक्ति में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता पैदा करना।
स्व-भाव जागरण: लोग आत्मनिर्भर बनें और भारतीय संस्कृति पर गर्व करें। विदेशी प्रभाव से हटकर देशी उत्पादों को अपनाना और अपनी परंपराओं को सम्मान देना ही सच्चा राष्ट्र गौरव है।
नागरिक कर्तव्य: कर भुगतान, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और स्वच्छता जैसे कर्तव्यों पर जोर दिया गया है। संघ का मानना है कि देश तब आगे बढ़ता है जब हर नागरिक अपने कर्तव्य को समझकर निभाता है।
मौसम विभाग की चेतावनी: कई राज्यों में 6 नवंबर तक बारिश के आसार
1 Nov, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। नवंबर की शुरुआत देश में झमाझम बारिश के साथ हो सकती है। मौसम विभाग ने 1-6 नवंबर तक यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, दिल्ली एनसीआर के आसपास के राज्यों में भी 4 नवंबर तक हल्की बारिश की संभावना है। इस उत्तर भारत में तापमान तेजी से लुढ़क सकता है और लोगों को ठंड का सितम उठाना पड़ सकता है।
बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवाती तूफान मोंथा के कारण कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अगले दो दिनों के लिए मध्यम से तेज बरसात का अलर्ट जारी किया है।
पहाड़ों पर गिरेगी बर्फ
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में नवंबर की शुरुआत शुष्क मौसम के साथ होगी, लेकिन 5 नवंबर से इन राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। IMD ने उत्तराखंड के चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर, रूद्र प्रयाग और पिथौरागढ़ में भारी बारिश के साथ बर्फबारी होने का अनुमान लगाया है।
दिल्ली में प्रदूषण का कहर
राजधानी दिल्ली समेत एनसीआर के कई इलाकों में बढ़ती ठंड के साथ वायु प्रदूषण का कहर देखने को मिल सकता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 268 दर्ज किया गया था। वहीं, गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम में लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। हालांकि, दिल्ली में अभी तेज बारिश की कोई संभावना नहीं है। कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है। वहीं, 4-5 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो जाएगा, जिससे दिल्ली एनसीआर में ठंड बढ़ सकती है।
यूपी में होगी झमाझम बारिश
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। IMD ने 5 नवंबर तक राज्य में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। खासकर कानपुर, इटावा, बाराबंकी, अयोध्या, बलिया, बहराइच, प्रयागराज और गोरखपुर में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, बुंदेलखंड के पूर्वी इलाके में बिजली गिरने के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार में भी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने बिहार की राजधानी पटना समेत गया, भागलपुर, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, किशनगंज, कटिहार, अररिया और पूर्णिया में अगले 24 घंटे के भीतर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं, 2 नवंबर के बाद राज्य में मौसम करवट लेगा, जिससे तापमान कम होने के साथ-साथ सर्दी का सितम बढ़ सकता है।
अन्य राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग ने गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के भी कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। अहमदाबाद, जयपुर और मुंबई समेत कई जिलों में अगले 3-4 दिनों तक बारिश होने की संभावना है, जिससे ठंड बढ़ सकती है।
मोंथा तूफान का असर
पश्चिम बंगाल समेत पूर्वी राज्यों में चक्रवाती तूफान मोंथा का असर देखने को मिल रहा है। कई राज्यों में तेज बारिश से नदियां उफान पर हैं। ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में अगले 2 दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। IMD ने कई जगहों पर बिजली गिरने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की है।
भारत का रणनीतिक ठिकाना रूस-चीन ने मिलकर कराया बंद.. इस देश में रची गई साजिश
31 Oct, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। मध्य एशिया (Central Asia) की ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों में छिपा एक रणनीतिक ठिकाना भारत (India) के लिए पाकिस्तान और चीन (Pakistan and China) के खिलाफ एक ‘ट्रंप कार्ड’ था। लेकिन अब वह ठिकाना हाथ से फिसल चुका है। हम बात कर रहे हैं ताजिकिस्तान (Tajikistan) के आयनी एयरबेस (Ayni Airbase) की। भारत ने मध्य एशिया के रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ताजिकिस्तान के आयनी एयरबेस से अपनी सैन्य मौजूदगी लगभग दो दशकों बाद समाप्त कर दी है। आयनी एयरबेस भारत के लिए दक्षिण एशिया से बाहर एक रणनीतिक ठिकाना था, जिससे नई दिल्ली को मध्य एशिया में अपनी सैन्य उपस्थिति और प्रभाव बनाए रखने का अवसर मिला था। इस ठिकाने के माध्यम से भारत को पाकिस्तान के वायुक्षेत्र को बायपास करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशिया में आवश्यक संचालन की क्षमता प्राप्त थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस और चीन ने मिलकर ताजिकिस्तान पर दबाव डाला, जिससे भारत को अपनी सैन्य उपस्थिति समेटनी पड़ी। क्या ये महज कूटनीतिक दबाव था या एक सुनियोजित साजिश? आइए इसकी इनसाइड स्टोरी समझते हैं।
भारत का पहला विदेशी एयरबेस: एक रणनीतिक सपना
साल 2002। अफगानिस्तान में तालिबान का साया मंडरा रहा था। भारत ने ताजिकिस्तान के साथ सैन्य सहयोग बढ़ाया। आयनी एयरबेस राजधानी दुशांबे से महज 10 किलोमीटर दूर है। यह सोवियत युग का एक पुराना हवाई अड्डा था। भारत ने इसे नया जीवन दिया। लगभग 70-80 मिलियन डॉलर (करीब 500 करोड़ रुपये) खर्च करके रनवे को 3,200 मीटर लंबा बनाया, हैंगर बनवाए, ईंधन डिपो स्थापित किए। माना जाता है कि यह भारत का पहला विदेशी एयरबेस था- कोई स्थायी फाइटर स्क्वाड्रन नहीं, लेकिन दो-तीन Mi-17 हेलीकॉप्टर ताजिकिस्तान को गिफ्ट में दिए गए थे, जिन्हें भारतीय वायुसेना (IAF) के पायलट उड़ा रहे थे।
रणनीतिक महत्व?
आयनी अफगानिस्तान के वाखान कॉरिडोर से सटा है, जो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से महज 20 किलोमीटर दूर है। यानी अगर पीओके पर पाक का कब्जा नहीं होता तो ताजिकिस्तान हमारा पड़ोसी देश होता। आयनी एयरबेस से भारतीय Su-30 MKI जैसे फाइटर जेट्स पेशावर या इस्लामाबाद तक को निशाना बना सकते थे। चीन के शिनजियांग प्रांत से भी सटी सीमा इसे दुश्मनों के लिए दोहरी चुनौती बनाती।
2001 में तालिबान के अफगानिस्तान कब्जे के दौरान भारत ने इसी बेस से अपने नागरिकों को निकाला था। यह न सिर्फ ह्यूमैनिटेरियन मिशनों के लिए था, बल्कि पाकिस्तान-चीन गठजोड़ को नजरअंदाज करने का तरीका। लेकिन शुरुआत से ही इस पर रूस की छाया थी। ताजिकिस्तान रूस-नीत कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (CSTO) का सदस्य है। मानाजाता है कि भारत ने रूस की मंजूरी से ही यहां कदम रखा। 2011 में ताजिकिस्तान ने रूस को ही बेस सौंपने की बात कही। फिर भी, भारत ने 2021 तक लीज बढ़ाने की कोशिश की- यहां तक कि सुखोई (Su-30) जेट्स भी तैनात किए थे।
ताजिकिस्तान की रणनीतिक स्थिति
ताजिकिस्तान कभी सोवियत संघ का हिस्सा था। वह अफगानिस्तान, चीन, किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान की सीमाओं से जुड़ा है। यह क्षेत्र रूस, चीन और भारत जैसे तीनों परमाणु शक्तियों के लिए प्रभाव क्षेत्र का केंद्र बना हुआ है। भारत की वापसी यह संकेत देती है कि मध्य एशिया धीरे-धीरे रूस और चीन के प्रभाव क्षेत्र में और गहराई से समाहित हो रहा है।
बता दें कि रूस-नेतृत्व वाले CSTO में रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, आर्मेनिया और बेलारूस जैसे देश भी शामिल हैं। इसके अलावा, ताजिकिस्तान को चीन, यूरोपीय संघ, भारत, ईरान और अमेरिका से भी सीमा सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी परियोजनाओं के लिए आर्थिक सहायता मिलती है। ताजिकिस्तान में रूस का सबसे बड़ा विदेशी सैन्य ठिकाना भी स्थित है, जबकि चीन भी वहां सुरक्षा निवेश बढ़ा रहा है।
दबाव की शुरुआत: रूस का ‘दोस्ताना’ धोखा
एक रिपोर्ट के अनुसार, ताजिकिस्तान ने 2021 में भारत को सूचित किया था कि आयनी एयरबेस की लीज अब आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। इसके बाद भारत ने 2022 में धीरे-धीरे अपनी सेनाएं और उपकरण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। लीज न बढ़ाने के पीछे आधिकारिक कारण ‘गैर-क्षेत्रीय सैन्य कर्मियों’ की मौजूदगी बताया गया। लेकिन असलियत कुछ और थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रूस और चीन का दबाव असली वजह थी। दरअसल रूस, भारत का ‘ऑल वेदर फ्रेंड’ यानी सदाबहार दोस्त है। वह CSTO के जरिए ताजिकिस्तान को भी कंट्रोल करता है। रूस को चिंता थी कि भारत का झुकाव पश्चिमी देशों की ओर बढ़ रहा है और इससे मध्य एशिया में ‘बाहरी हस्तक्षेप’ बढ़ेगा। 2007 में ही रूस ने भारत को आयनी से हटाने की कोशिश की थी, जब न्यूक्लियर डील के कारण भारत-पश्चिम संबंध मजबूत हो रहे थे।
लोग इसे ‘दोस्ताना धोखा’ बता रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रूस ने पहले फरखोर एयरबेस पर भी ऐसा ही किया जहां भारत ने करोड़ों खर्च किए, फिर रूस ने ताजिकिस्तान को मजबूर कर हमें हटाया और खुद तैनात हो गया। एक पुरानी घटना याद दिलाती है कि रूस का ‘स्फीयर ऑफ इन्फ्लुएंस’ मध्य एशिया में अटल है। भारत के S-400 डील के बावजूद, रूस ने क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी।
चीन का छिपा हाथ: BRI का सामरिक विस्तार
अब चीन की बात करते हैं। चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) ताजिकिस्तान को कर्ज के जाल में फंसा चुकी है। 2019 में सैटेलाइट इमेजेस से पता चला कि चीन ने ताजिकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर सैन्य बेस बनाया- भारत के आयनी बेस से महज कुछ किलोमीटर दूर। चीन को डर था कि आयनी बेस से भारत उसके शिनजियांग में उइगर विद्रोहियों को सपोर्ट कर सकता है। साथ ही, PoK के पास भारत की मौजूदगी CPEC (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) को खतरा साबित हो सकती थी। रूस-चीन की पार्टनरशिप यहां काम आई। दोनों ने CSTO और शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) के जरिए ताजिकिस्तान को अपने पाले में लिया।
‘दुर्भाग्यपूर्ण है… हमें समय बर्बाद करना पड़ रहा है’, आवारा कुत्तों के मामले में बोला सुप्रीम कोर्ट
31 Oct, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार (31 अक्टूबर, 2025) को पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को आवारा कुत्तों (Stray Dogs) के मामले में तीन नवंबर को अदालत के समक्ष डिजिटल माध्यम (Digital Medium) से पेश होने की अनुमति देने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया और कहा कि अदालत के आदेशों का कोई सम्मान नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को तीन नवंबर को उसके समक्ष उपस्थित होकर यह बताने का निर्देश दिया था कि अदालत के 22 अगस्त के आदेश के बावजूद अनुपालन हलफनामा क्यों नहीं दाखिल किया गया.
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने 22 अगस्त के कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि 27 अक्टूबर तक पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और दिल्ली नगर निगम (MCD) को छोड़कर किसी भी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ने अनुपालन हलफनामा दाखिल नहीं किया था. कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पशु जन्म नियंत्रण (ABC) नियमों के बारे में पूछा था.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले का उल्लेख करते हुए बेंच से अनुरोध किया था कि मुख्य सचिवों को तीन नवंबर को अदालत के समक्ष डिजिटल माध्यम से पेश होने की अनुमति दी जाए. तुषार मेहता ने कहा, ‘यह कुत्तों से खतरे का मामला है. हमारी चूक के कारण अदालत मुख्य सचिवों को बुलाने के लिए बाध्य हुई. बस, एक ही अनुरोध है कि क्या वे प्रत्यक्ष रूप से आने के बजाय डिजिटल माध्यम से उपस्थित हो सकते हैं?’
जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि मुख्य सचिवों को अदालत में प्रत्यक्ष रूप से पेश होना होगा. जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा, ‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहां अदालत उन समस्याओं से निपटने की कोशिश में समय बर्बाद कर रही है जिन्हें वर्षों पहले नगर निगमों और राज्य सरकारों को हल कर देना चाहिए था.’ उन्होंने कहा कि संसद ने नियम (ABC) बनाए हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.
जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा, ‘जब हम उनसे अनुपालन हलफनामा दाखिल करने के लिए कहते हैं तो वे बस चुपचाप बैठे रहते हैं. अदालत के आदेश के प्रति कोई सम्मान नहीं. तो ठीक है, उन्हें आने दीजिए.’ बेंच ने स्पष्ट किया कि मुख्य सचिवों को अदालत में उपस्थित होकर यह बताना होगा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अनुपालन हलफनामे क्यों नहीं दाखिल किए.
सुप्रीम कोर्ट ने 30 अक्टूबर को बिहार सरकार के उस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था जिसमें राज्य में विधानसभा चुनाव के कारण वहां के मुख्य सचिव को तीन नवंबर को अदालत में पेश होने से छूट देने का अनुरोध किया गया था. बेंच ने बिहार की ओर से पेश हुए वकील से कहा था, ‘निर्वाचन आयोग है जो इसका ध्यान रखेगा. चिंता न करें. मुख्य सचिव को आने दें.’ बिहार में विधानसभा चुनाव छह और 11 नवंबर को होने हैं और मतों की गिनती 14 नवंबर को होगी.
भारतीय वायुसेना का नया ताकतवर हथियार, ‘मेटेओर’ मिसाइल से राफेल की शक्ति होगी दोगुनी
31 Oct, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । पहलगाम(Pahalgam) में हुए आतंकवादी हमले(terrorist attacks) के बाद भारत(India) ने पाकिस्तान(Pakistan) के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor)के जरिए जवाबी हमला(counter-attack) किया था। इसमें शानदार सफलता भी मिली। इस जीत से गदगद भारतीय वायुसेना अब अपनी मारक क्षमता को और मजबूत करने जा रही है। जल्द ही बड़ी संख्या में ‘मेटेओर’ एयर-टू-एयर मिसाइलें खरीदने की योजना बना रही है। ये मिसाइलें भारत की बियॉन्ड-विजुअल-रेंज (BVR) क्षमता को नई ऊंचाई देंगी। इन यूरोपीय निर्मित मिसाइलों में रैमजेट प्रणोदन प्रणाली है, जो इन्हें उच्च गति, लंबी मारक दूरी और “पहला वार, पहली जीत” में दक्षता प्रदान करती है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, MBDA कंपनी से इन मिसाइलों की खरीद का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय में अंतिम चरण में है। जल्द ही उच्चस्तरीय बैठक में इसे मंजूरी मिलने की संभावना है।
वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास 2016 में फ्रांस से खरीदे गए 36 राफेल लड़ाकू विमानों पर पहले से ही मेटेओर मिसाइलें तैनात हैं। आने वाले वर्षों में भारतीय नौसेना के लिए आदेशित 26 राफेल मरीन जेट्स में भी इन मिसाइलों को शामिल किया जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर में मिला लाभ
मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों और आतंकी अड्डों को सटीक हमलों में नष्ट कर दिया था। भारतीय लड़ाकू विमानों ने लंबी दूरी से दुश्मन ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके बाद पाकिस्तानी वायुसेना (PAF) ने चीनी PL-15 मिसाइलों से जवाबी हमला किया, लेकिन कोई उल्लेखनीय नुकसान नहीं पहुंचा सकी। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने बड़ी संख्या में चीनी PL-15 मिसाइलें दागीं मगर वे भारतीय विमानों को हिट करने में नाकाम रहीं।
भारत ने विदेशी मिसाइलों के साथ-साथ अपनी स्वदेशी मिसाइल प्रणाली को भी सशक्त करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। डीआरडीओ (DRDO) वर्तमान में 700 से अधिक ‘अस्त्र मार्क-2’ मिसाइलें विकसित कर रहा है, जिनकी मारक क्षमता 200 किलोमीटर से अधिक होगी। इन्हें सुखोई-30 और तेजस (LCA) विमानों पर लगाया जाएगा। वहीं, राफेल बेड़े को मेटेओर मिसाइलों के साथ-साथ भविष्य में स्वदेशी एंटी-रेडिएशन मिसाइलें देने की भी योजना है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, मेटेओर मिसाइलों की नई खेप मिलने के बाद भारत की हवाई सीमा सुरक्षा और दुश्मन पर दूर से प्रहार करने की क्षमता में गुणात्मक वृद्धि होगी।
मध्य प्रदेश के दो भाइयों ने उत्तराखंड में उठाया खौफनाक कदम, एक भाई की मौत, दूसरे की हालत गंभीर
31 Oct, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हल्द्वानी (उत्तराखंड): मध्य प्रदेश के दो भाइयों ने नैनीताल जिले के काठगोदाम थाना क्षेत्र में स्थित जंगल में आत्महत्या करने का प्रयास किया है. जिसमें बड़े भाई की मौत हो गई. जबकि, छोटे भाई की हालत नाजुक बनी हुई है. जिसका सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में उपचार चल रहा है. बताया जा रहा कि उनके माता-पिता का भी देहांत हो चुका है.
एक भाई की मौत तो दूसरा अस्पताल में भर्ती: दरअसल, नैनीताल के काठगोदाम थाना क्षेत्र स्थित जंगल में दो भाइयों की ओर से आत्महत्या करने का प्रयास का मामला सामने आया है. हादसे में बड़े भाई की मौत हो गई. जबकि, छोटा भाई हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है.
सड़क किनारे बेसुध पड़े मिले दोनों भाई: पुलिस के मुताबिक, गुरुवार यानी 30 अक्टूबर की सुबह काठगोदाम थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि बलूटी रोड स्थित जंगल के पास दो युवक बेसुध अवस्था में सड़क किनारे पड़े हुए हैं. सूचना मिलते ही आनन-फानन में पुलिस मौके पर पहुंची.
इसके बाद पुलिस की टीम ने तत्काल दोनों को आपातकालीन सेवा 108 के माध्यम से उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी भिजवाया. जहां पर डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया. जबकि, दूसरा युवक जिंदगी की जंग लड़ रहा है.
मध्य प्रदेश के रीवा में है घर: वहीं, दोनों भाइयों की कॉल डिटेल और सीडीआर से जानकारी करने पर पता चला कि दोनों सगे भाई थे. जिनका नाम शिवेश मिश्रा और बृजेश मिश्रा है. जो मध्य प्रदेश के रीवा के रहने वाले हैं. जिसमें बड़े भाई शिवेश मिश्रा की मौत हो गई है.
दोनों भाई संभवतः नैनीताल घूमने आए हुए थे. जो सुबह के समय बलूटी रोड स्थित जंगल के पास सड़क किनारे बेसुध हालत में मजदूरों को पड़े हुए दिखाई दिए. वहीं, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए भेज दिया है. साथ ही घटना की जानकारी परिजनों को दे दी है.
"काठगोदाम थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि दो युवक बेसुध हालत में सड़क किनारे पड़े हुए हैं. इस सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल भिजवाया. जहां डॉक्टरों ने शिवेश मिश्रा को मृत घोषित कर दिया. जबकि, छोटे भाई की हालत नाजुक बनी हुई है. दोनों सगे भाई थे, जो मध्य प्रदेश के रीवा के रहने वाले थे. युवकों के मामा को घटना की जानकारी दे दी गई है. परिजनों के आने के बाद ही असल कारणों की जानकारी हो पाएगी."- मनोज कत्याल, एसपी सिटी
कोहली ने शेयर किया स्कूल का अनुभव, बच्चों से की खुलकर बात
अकादमी उद्घाटन में कोहली की मौजूदगी, युवा खिलाड़ियों को मिला मोटिवेशन
मनुहार न आई काम: पत्नी के सामने पति ने उठाया आत्मघाती कदम
Imran Khan की चौथी आंखों की सर्जरी, रोशनी को लेकर बढ़ी चिंता
उज्जैन यूनिवर्सिटी में सनसनी: धमकी भरा मैसेज और संदिग्ध सामान मिलने से हड़कंप
कोहली के लिए दीवानगी, न मिलने पर बच्चे ने खोया आपा
AAP में एक जैसा रुख: केजरीवाल के बाद सिसोदिया ने भी अदालत में पेश होने से मना किया
पश्चिम बंगाल में चुनावी छापे: 510 करोड़ की नकदी और सामान पकड़ा
