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दर्जी समय पर ब्लाउज नहीं दे सका, अदालत ने 7,000 रुपये का जुर्माना लगाया
29 Oct, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद। एक दर्जी (Tailor) का टूटा हुआ वादा उसे 7,000 रुपये का घाटा करा गया, क्योंकि वह शादी (Marriage) के लिए ब्लाउज (Blouse) समय पर नहीं दे सका। इस घटना ने एक खुशहाल पारिवारिक समारोह (Family Function) को उपभोक्ता अदालत (Consumer Court) के मामले में बदल दिया। उपभोक्ता अदालत ने टेलर पर सात हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
अहमदाबाद की एक महिला ग्राहक ने अपने रिश्तेदार की शादी के लिए 24 दिसंबर 2024 को पहनने हेतु एक पारंपरिक ब्लाउज सिलवाने का ऑर्डर दिया था। उसने पिछले महीने ही दर्जी को ₹4,395 अग्रिम में दे दिए थे। लेकिन जब वह 14 दिसंबर को ऑर्डर लेने गई, तो पाया कि ब्लाउज उसकी बताई गई डिज़ाइन के अनुसार नहीं सिला गया था। दर्जी ने उसे भरोसा दिलाया कि वह गलती सुधार देगा, लेकिन 24 दिसंबर बीत गया और ब्लाउज कभी नहीं मिला।
इसके बाद महिला ने दर्जी को कानूनी नोटिस भेजा, उपभोक्ता शिकायत दर्ज की लेकिन दर्जी उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, अहमदाबाद (अतिरिक्त) में पेश नहीं हुआ। आयोग ने दर्जी की ओर से ब्लाउज न देने को “सेवा में स्पष्ट कमी” माना, जिससे शिकायतकर्ता को “मानसिक उत्पीड़न” झेलना पड़ा। अदालत ने आदेश दिया कि दर्जी 4,395 रुपये राशि 7% वार्षिक ब्याज सहित लौटाए, साथ ही मानसिक कष्ट और वाद व्यय के लिए अतिरिक्त मुआवजा भी अदा करे।
लड़की को जिंदा जलाया, फिर खड़े होकर देखता रहा! जब घर से निकलने लगा धुआं तो…
29 Oct, 2025 11:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ठाणे: ठाणे (Thane) के कपूरबावड़ी इलाके (Kapurbawdi Area) से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां 17 साल के एक नाबालिग लड़के (Minor Boy) ने अपनी महिला मित्र (Female Friend) को आग (Fire) के हवाले कर दिया. इस घटना में लड़की करीब 80 प्रतिशत तक झुलस गई है और उसकी हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है. दरअसल, मामला 24 अक्टूबर का है, लड़की अपने घर में अकेली थी, तभी अचानक घर से धुआं उठने लगा. आसपास के लोगों ने तुरंत इसकी खबर परिवार को दी. जब परिजन पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि लड़की आग में जल रही थी और उसी समय उसका दोस्त भी घर के अंदर मौजूद था.
पुलिस जांच में पता चला है कि दोनों के बीच कुछ दिनों से विवाद चल रहा था. कुछ दिन पहले चेंबूर इलाके में भी दोनों का झगड़ा हुआ था, जिसमें लड़के ने लड़की को धमकी दी थी कि वह उसे जिंदा नहीं छोड़ेगा. पुलिस के मुताबिक, घटना के वक्त आरोपी लड़का लड़की के घर पहुंचा और उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी. जब लड़की चिल्लाने लगी और मदद की गुहार करने लगी, तब भी आरोपी वहीं खड़ा रहा. उसने उसे बचाने की कोशिश नहीं की.
लड़की को पहले ठाणे के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे मुंबई के केईएम अस्पताल रेफर किया गया. डॉक्टरों ने बताया कि लड़की का शरीर 80 प्रतिशत तक जल चुका है और वह अभी भी खतरे से बाहर नहीं है. कपूरबावड़ी पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी नाबालिग को हिरासत में ले लिया है. पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 109 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया है. अधिकारी ने बताया कि यह हमला पहले हुए झगड़े और गुस्से के कारण किया गया था.
महात्मा गांधी की मूर्ति को लेकर केरल में बवाल, मैच नहीं हो रहा चेहरा; लोगों ने उठाए सवाल
29 Oct, 2025 10:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क: केरल (Kerala) के गुरुवायुर नगर पालिका (Guruvayur Municipality) में हाल ही में अनावरण की गई गांधी प्रतिमा (Gandhi Statue) को देखकर स्थानीय निवासी दंग रह गए. नगर पालिका के बायो पार्क में अनावरण (Exposure) की गई इस प्रतिमा में महात्मा गांधी को लेकर कोई समानता नहीं दिखी. गांधी की इस प्रतिमा में न ही उनके विशिष्ट चश्मे, न ही छड़ी और न ही चेहरे में कोई समानता है.
पिछले कई दिनों से गुरुवायुर नगर पालिका के बायो पार्क में गांधीजी की प्रतिमा लगाने का काम चल रहा था. सोमवार (27 अक्टूबर, 2025) को जब गांधी प्रतिमा का अनावरण हुआ, तो स्थानीय लोग और समारोह में मौजूद लोग इसे देखकर दंग रह गए. जाहिर है कि इससे पहले किसी ने भी महात्मा गांधी की ऐसी प्रतिमा नहीं देखी होगी. त्रिशूर बीजेपी के उत्तर जिला समिति सदस्य सुमेश कुमार और स्थानीय लोगों ने कहा कि सिर्फ चश्मा और लाठी जोड़ देने से कोई गांधी नहीं बन जाता.
स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि यह प्रतिमा भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रतिष्ठित व्यक्तियों में से एक महात्मा गांधी से बहुत कम मिलती-जुलती है. कई लोग इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या यह प्रतिमा वास्तव में राष्ट्रपिता का प्रतिनिधित्व करती है.
किसान को थार से कुचलने के आरोपी नेता को BJP ने किया निष्कासित, आलाकमान ने लिया बड़ा एक्शन
29 Oct, 2025 09:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुना: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के गुना जनपद (Guna District) में रविवार को जमीनी विवाद (Land Dispute) में भाजपा नेता (BJP leader) महेंद्र नागर ने और उसके साथियों ने किसना रामस्वरूप और उसके परिवार पर जानलेवा हमला (Deadly Attack) किया था. यही नहीं उसे थार गाड़ी (Thar Vehicle) से रौंद दिया था. जिसमें किसान की मौत हो गयी थी. इस घटना से बीजेपी पर सवाल उठने के बाद पार्टी ने नागर पर एक्शन लेते हुए निलंबित कर दिया है. पुलिस ने इस मामले में अब 14 लोगों के खिलाफ FIR की है, जबकि महेंद्र नागर अभी फरार बताया जा रहा है.
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य का संसदीय क्षेत्र होने की वजह से ये मामला और ज्यादा तूल पकड़ गया. गुना बीजेपी जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिकरवार ने सोमवार को पत्र जारी कर सूचना दी कि महेंद्र नागर जोकि पार्टी का ग्राम गणेशपुर का बूथ अध्यक्ष है तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. कारण किसान परिवार के साथ अपराधिक कृत्य बताया गया है. इस मामले में भाजपा की खासा किरकिरी हुई है, क्यूंकि प्रदेश में भाजपा सरकार और जिस तरह की दबंगई महेंद्र नागर ने दिखाई उसने कई सवाल खड़े कर दिए थे.
बता दें कि थाना फतेहगढ़ क्षेत्र के गांव गणेशपुर में रविवार 26 अक्टूबर को 50 वर्षीय किसान रामस्वरूप धाकड़ अपनी पत्नी के साथ खेत जा रहे थे, तभी बीजेपी बूथ अध्यक्ष महेंद्र नागर अपने साथियों हरीश, गौतम और अन्य के साथ मौके पर पहुंचे. पीड़ित परिवार के मुताबिक महेंद्र नागर ने जमीन हड़पने के इरादे से रामस्वरूप को घेर लिया. पहले लाठियों और रॉड से उनकी बेरहमी से पिटाई की गई, हाथ-पैर तोड़ दिए गए. जब रामस्वरूप जमीन पर गिर पड़े, तब महेंद्र नागर ने अपनी थार जीप चढ़ाकर उन्हें कुचल दिया. अस्पताल ले जाते वक़्त उनकी मौत हो गयी. आरोप है कि जब रामस्वरूप की बेटियां अपने पिता को बचानें आयीं तो महेंद्र नागर और उसके साथियों ने उन्हें भी पीटा और कपड़े फाड़ दिए. इस घटना से पूरे गांव में दहशत फ़ैल गयी.
शादी के 11 महीने बाद महिला की मौत, ससुराल वालों पर धीमा जहर देकर मारने का आरोप; 6 गिरफ्तार
29 Oct, 2025 08:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मुंबई (Mumbai) के खार इलाके (Khar Area) में रहने वाली 24 वर्षीय नेहा गुप्ता (Neha Gupta) उर्फ़ रिंकी की अचानक हुई मौत ने पूरे खार को स्तब्ध कर दिया है। खार पुलिस (Police) ने नेहा के पति अरविंद (Husband Arvind) और उसके परिवार के पांच सदस्यों को दहेज हत्या (Dowry Death) के संदिग्ध आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस, FSL के नतीजों और अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, इसलिए मौत का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
दरअसल, मूल रूप से यूपी की रहने वाली नेहा ने 16 नवंबर, 2024 को खार के एक बैंक कर्मचारी अरविंद (27) से अरेंज मैरिज की थी। बमुश्किल ग्यारह महीने बाद, उसकी असामयिक मृत्यु हो गई। नेहा की मौत से घरेलू दुर्व्यवहार और दहेज उत्पीड़न का संदेह उठने लगा है। नेहा के पिता राधेश्याम ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, शादी के दो महीने बाद ही नेहा का उत्पीड़न शुरू हो गया था।
नेहा के पिता ने शिकायत में बताया कि 9 लाख रुपये नकद, 18 तोले सोना, दो किलो से ज़्यादा चांदी और कई घरेलू सामान सहित अच्छा-खासा दहेज देने के बावजूद, नेहा के ससुराल वाले कथित तौर पर और पैसे और एक लग्ज़री बुलेट मोटरसाइकिल की मांग करते रहे। जब उसके परिवार ने इनकार कर दिया, तो नेहा को कथित तौर पर बार-बार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
एक चौंकाने वाले आरोप में, नेहा के परिवार ने उसके पति और उसके रिश्तेदारों पर उसे धीरे-धीरे जहर देकर मारने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि नेहा को खाने में अज्ञात दवाएं मिलाकर दी गईं, जिससे वह बार-बार बेहोश हो जाती थी। उसने अक्सर अपने माता-पिता को बताया था कि वह मानसिक रूप से अस्थिर और अस्वस्थ महसूस करती है। शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि पति के परिवार के लगातार दुर्व्यवहार और दबाव के कारण उसे गर्भपात कराने के लिए मजबूर होना पड़ा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अस्पताल के रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आई हैं। 16 अक्टूबर की रात को नेहा को पहले भाभा अस्पताल और बाद में कूपर अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे सुबह लगभग 4:30 बजे डिस्चार्ज कर दिया गया। हालांकि, घर लौटने पर उसकी हालत बिगड़ गई। जब उसे वापस अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उसे “मृत” घोषित कर दिया।
खार पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि नेहा को उसके ससुराल वालों द्वारा लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना सहनी पड़ी थी। पुलिस अब एफएसएल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसकी मौत जहर से हुई या किसी और वजह से। पुलिस ने बीएनएस की धारा 80 (दहेज हत्या), धारा 123 (ज़हर देकर नुकसान पहुंचाना) और उत्पीड़न व आपराधिक धमकी से संबंधित अन्य धाराओं सहित कठोर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। नेहा के पति समेत सभी छह आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और जांच जारी है।
चक्रवाती तूफान मोंथा का खौफ! विशाखापट्टनम हवाई अड्डे की 32 फ्लाइट्स हुईं कैंसिल
28 Oct, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क: चक्रवाती तूफान मोंथा (Cyclone Montha) की वजह से आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) और ओडिशा (Odisha) के तटीय इलाके (Coastal Areas) काफी प्रभावित होंगे. इसके आने से पहले चेन्नई में कई राहत केंद्र बनाए गए हैं. अब तूफान को देखते हुए मंगलवार को विशाखापट्टनम हवाई अड्डे (Visakhapatnam Airport) से संचालित होने वाली कुल 32 उड़ानें रद्द (Flights Cancelled) कर दी गईं.
रिपोर्ट के मुताबिक विशाखापट्टनम हवाई अड्डे के निदेशक एन. पुरुषोत्तम ने कहा कि 27 अक्टूबर को एअर इंडिया एक्सप्रेस की दो उड़ानें रद्द कर दी गई थीं. उन्होंने कहा, ”हम हर दिन 30 से 32 उड़ानें संचालित कर रहे हैं, जिनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों शामिल हैं. आज वे सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं.” उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे ने भारतीय विशाखापट्टनम प्राधिकरण के दिशानिर्देशों के अनुसार भीषण चक्रवाती तूफान से बचाव के लिए सावधानियां बरती हैं, जिसमें चक्रवात से पहले और बाद के चरण शामिल हैं.
इसी तरह, विजयवाड़ा हवाई अड्डे ने 16 फ्लाइट्स कैंसिल कर दीं, लेकिन पांच फ्लाइट्स संचालित कीं. विजयवाड़ा हवाई अड्डे के निदेशक लक्ष्मीकांत रेड्डी ने कहा, ”कल (सोमवार) विशाखापट्टनम के लिए केवल एक उड़ान रद्द हुई थी, लेकिन आज दिल्ली और मुंबई सहित देश भर के कई जगहों के लिए 16 उड़ानें रद्द कर दी गईं.”
रेड्डी के अनुसार, एयरलाइनों ने मंगलवार के लिए परिचालन स्थगित करने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि बुधवार की उड़ानों के संचालन के बारे में शाम तक स्थिति स्पष्ट हो सकती है. इसी तरह, तिरुपति हवाई अड्डे पर चार उड़ानें रद्द कर दी गईं. इस बीच, एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि दक्षिण मध्य रेलवे जोन में 27 अक्टूबर और मंगलवार को कुल 120 ट्रेनें रद्द कर दी गईं.
बता दें कि एनडीआरएफ ने चक्रवात मोंथा को देखते हुए राहत और बचाव कार्यों के लिए बचाव कर्मियों की 45 टीम तैनात की हैं. मोंथा मुख्य रूप से तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा को प्रभावित करेगा तथा इसके कारण झारखंड और तमिलनाडु में भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
आठवें वेतन आयोग को मंजूरी, 50 लाख कर्मचारियों को छठ पर केंद्र सरकार का तोहफा
28 Oct, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: केंद्र सरकार (Central Government) ने मंगलवार को 8th Pay Commission की Terms of Reference को मंजूरी दे दी. इस फैसले से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों (Employees) और 69 लाख पेंशनर्स (Pensioners) की उम्मीदें एक कदम और आगे बढ गई हैं. I&B मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग (Cabinet Briefing) में बताया कि आठवां वेतन आयोग अपनी सिफारिशें 18 महीने में सौंप देगा. छठ के समय आए इस अपडेट से कर्मचारियों की सालों पुरानी मांग पूरी होती दिख रही है. सरकार ने जनवरी में ही कमिशन सेटअप करने की मंजूरी दे दी थी. अब ToR मिलते ही कमिशन का काम औपचारिक रूप से शुरू माना जा रहा है. यह कमिशन सैलरी स्ट्रक्चर, पेंशन और एलाउंस में जरूरी अपडेट सुझाएगा.
नए वेतन आयोग की कमेटी में कौन-कौन?
कैबिनेट नोट के अनुसार, 8th Central Pay Commission एक टेम्पररी बॉडी होगी. इसमें एक चेयरपर्सन, एक पार्ट टाइम मेंबर और एक मेंबर सेक्रेटरी शामिल होंगे. सरकार ने बताया कि ToR तैयार करने में मंत्रालयों, राज्यों और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से कंसल्टेशन किया गया है.
नए पे कमीशन की कमेटी में जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई चेयरमैन होंगी. उनके साथ प्रोफेसर पुलक घोष और पंकज जैन शामिल किए गए हैं. उम्मीद है कि इससे सैलरी स्ट्रक्चर और एलाउंसेज में सुधार होगा.
कमिशन अपनी फाइनल रिपोर्ट 18 महीने में देगा. जरूरत होने पर इंटेरिम रिपोर्ट भी सबमिट की जा सकती है. रिपोर्ट्स में यह ध्यान रखा जाएगा कि देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव न बढे और सरकारी खर्च संतुलित रहे.
किन बातों पर फोकस करेगा
देश की आर्थिक हालत और फिस्कल डिसिप्लिन.
डेवलपमेंट और वेलफेयर खर्च के लिए पर्याप्त रिसोर्स.
नॉन कॉन्ट्रिब्यूटरी पेंशन स्कीम्स का भार.
राज्यों की फाइनेंशियल हेल्थ क्योंकि वे भी अक्सर सिफारिशें अपनाते हैं.
सेंट्रल पीएसयू और प्राइवेट सेक्टर में कर्मचारियों की सैलरी तुलना.
कब मिलेगा फायदा?
सरकार ने साफ कहा है कि नए वेतनमान तभी लागू होंगे जब कमिशन की रिकमेंडेशन तैयार हो जाए और सरकार उसे मंजूरी दे दे. फिलहाल टाइमलाइन 1 जनवरी 2026 की है. कर्मचारियों की यूनियन लंबे समय से यह मांग कर रही थी. इसलिए ToR मिलने के बाद उनके बीच खुशी का माहौल है. पेंशनर्स को भी इस बदलाव से राहत मिल सकती है.
गला घोंटकर मारा, शव पर लगाया घी-शराब, फिर…UPSC अभ्यर्थी की जान लेने वाली लिव-इन पार्टनर की खुली पोल
28 Oct, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: यूपीएससी का एक अभ्यर्थी जो आईएएस बनना चाहता था, उसे उसी के कमरे में उसी की लिव-इन पार्टनर (live-in partner) ने मार डाला. दिल्ली पुलिस ने जब इस घटना का खुलासा किया तो कई सनसनीखेज तथ्य सामने आए. इस घटना में कुल 3 किरदार शामिल थे लेकिन बाद में चौथा भी जुड़ गया. अमृता चौहान, रामकेश मीणा और सुमित कश्यप, ये दिल दहला देने वाली कहानी इन्हीं तीनों के आसपास घूमती है.. इस कहानी के चौथे किरदार का नाम है संदीप कुमार.
अमृता और रामकेश दिल्ली के गांधी विहार में रहते थे. रामकेश यूपीएससी की तैयारी करता था और अमृता बीएससी फॉरेंसिक साइंस की स्टूडेंट है. दोनों लिव इन में थे लेकिन बीच में किसी वजह से अमृता रामकेश से अलग हो गई और वह संदीप कुमार, जो अमृता के होम डिस्ट्रिक मुरादाबाद का रहने वाला है, उसके साथ रहने लगी.
अमृता चाहती थी कि रामकेश के साथ उसकी पुराने वक्त की सभी यादें मिट जाएं. लेकिन वह ऐसा करने को राजी नहीं हुआ क्योंकि रामकेश के पास उसके कुछ प्राइवेट वीडियो थे. बस यहीं से अमृता ने खून की साजिश रची और इसके लिए उसने अपने बॉयफ्रेंड संदीप की मदद ली. बता दें कि संदीप एसएससी सीजीएल का अभ्यर्थी है.
संदीप ने अपने एक और दोस्त सुमित को भी इसमें शामिल किया. सुमित एलपीजी डीलर है और यूपी के मुरादाबाद का ही रहने वाला है. 6 अक्टूबर को सुमित और अमृता प्लान के मुताबिक रामकेश के घर पहुंचे और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. सुमित ने गैस सिलेंडर खोलकर रामकेश के पास ऐसे रखा कि एक निश्चित वक्त के बाद उसमें धमाका हो जाए.
इन दोनों ने रामकेश के शव पर घी, शराब और कमरे में जो भी ज्वलनशील पदार्थ था, सब लगा दिया ताकी यह हत्या नहीं हादसा लगे. 6 अक्टूबर को घटना को अंजाम देकर दोनों वहां से निकले. सबकुछ प्लान के मुताबिक ही हुआ. धमाका हुआ. आग लग गई और प्लान सक्सेसफुल हो गया. लेकिन दिल्ली पुलिस ने जब पड़ताल शुरू की तो कैमरे बोल उठे और मोबाइल गवाही देने लगा कि यह हादसा नहीं हत्या है.
32 साल का नौजवान जो आईएएस बनने का सपना देखता था. दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी करता था. लेकिन एक दिन कमरे में उसकी जली हुई लाश मिलती है. आग इतनी भयावह थी कि कमरे में रखा सारा सामान जल गया. पुलिस को पहला सुराग सीसीटीवी फुटेज से मिला, जिसमें कुछ ऐसा दिखा जिससे पुलिस को शक हुआ कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या है.
गांधी विहार के जिस मकान में रामकेश की हत्या हुई उसी मकान के कैमरे ने अमृता चौहान के खूनी प्लान का भांडा फोड़ दिया. घटना वाले दिन दो नकाबपोश बिल्डिंग के अंदर घुसते हैं और कुछ देर बाद दोनों बाहर निकल जाते हैं. उनके निकलते ही वहां धमाका हो जाता है. ये दोनों नकाबपोश कोई और नहीं बल्कि अमृता चौहान और सुमित कश्यप थे.
दिल्ली पुलिस ने जब कड़ियों को जोड़ना शुरू किया तो परतें खुलने लगीं. रामकेश बिल्डिंग के चौथे फ्लोर पर रहता था. अमृता और सुमित रात के अंधेरे में रामकेश के कमरे में पहुंचे और उसकी हत्या कर दी. उन्होंने ऐसा दिखाने का प्रयास किया यह हत्या नहीं हादसा है. चूंकि सुमित ए़लपीजी डीलर है इसलिए उसे इसका अच्छी तरह ज्ञान था कि कितनी गैस खोलनी है, कितनी दूरी से खोलनी है और धमाका कितनी देर में होगा.
सुमित और अमृता बिल्डिंग से बाहर निकले लेकिन निकलते वक्त अमृता ने अपना फॉरेंसिक साइंस वाला दिमाग लगाया और दरवाजे को ऐसे बंद किया कि लगे रूम अंदर से ही लॉक था. दिल्ली पुलिस ने इस खूनी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है. फॉरेंसिक एक्सपर्ट और टेक्निकल एडवांस सिस्टम का इस्तेमाल करके दिल्ली पुलिस अपराधियों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया.
छठ की तैयारियों के बीच दर्दनाक हादसा, घाट बनाने के दौरान गंगा में डूबने से चार बच्चों की मौत
28 Oct, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। लोक आस्था के महापर्व छठ (Chhath) की तैयारियों के बीच भागलपुर (Bhagalpur) से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। नवगछिया अनुमंडल के इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के नवटोलिया गांव में छठ घाट बनाने के दौरान गंगा नदी में डूबने से चार बच्चों की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार की दोपहर गांव के कुछ बच्चे गंगा किनारे छठ घाट तैयार करने पहुंचे थे। घाट की सफाई और सजावट के बाद चारों बच्चे नदी में स्नान करने लगे। इस दौरान एक बच्चा अचानक गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के लिए बाकी तीनों बच्चे भी नदी में उतर गए, लेकिन वे सभी तेज धारा में बह गए और देखते ही देखते पानी में समा गए।
स्थानीय लोगों ने शोर सुनकर गोताखोरों की मदद से सभी को किसी तरह बाहर निकाला और आनन-फानन में इस्माइलपुर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान नवटोलिया गांव निवासी मिथिलेश कुमार का पुत्र प्रिंस कुमार (11) और किशोरी मंडल का पुत्र नंदन कुमार (10) के रूप में हुई है। अन्य दो बच्चे पास के छठठु टोला के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही इस्माइलपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से पूछताछ की। वहीं, गोपालपुर के निर्दलीय प्रत्याशी गोपाल मंडल भी अस्पताल पहुंचे और शोक संतप्त परिवारों से मिलकर संवेदना व्यक्त की। मृतकों के घरों में कोहराम मचा हुआ है। माताएं अपने बच्चों के शवों से लिपटकर बिलखती रहीं। छठ की खुशियां मातम में बदल गईं और पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
CM योगी ने मुस्तफाबाद का नाम बदला, अब इस नाम से जाना जाएगा
28 Oct, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखीमपुर। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लखीमपुर-खीरी (Lakhimpur-Kheri) से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। सीएम योगी (CM Yogi) ने यहां के गांव मुस्तफाबाद (Mustafabad village) का नाम बदल (Change Name) दिया है। अब इस गांव को कबीरधाम (Kabirdham) के नाम से जाना जाएगा। सीएम योगी ने खुद लखीमपुर-खीरी में मंच से जनता को संबोधित करते हुए इस बात का ऐलान किया।
सीएम योगी ने कहा, “मैं जब यहां पर आया और मैंने गांव के बारे में पूछा तो मुझे बताया गया कि गांव का नाम मुस्तफाबाद है। मैंने पूछा कि यहां पर कितनी मुस्लिम आबादी रहती है? तो मुझे पता लगा कि यहां एक भी मुस्लिम आबादी नहीं है। लेकिन नाम मुस्तफाबाद हो गया। हमने कहा कि अब ये नाम बदलना चाहिए और इसका नाम मुस्तफाबाद नहीं, कबीरधाम रख दो। हम यहां से प्रस्ताव मंगाएंगे और प्रस्ताव मंगाकर कार्यक्रम को आगे बढ़ा देंगे।”
सीएम योगी ने कहा, “बहनों और भाईयों, यही आत्मीयता का भाव है। उन लोगों ने अयोध्या को फैजाबाद किया था, प्रयागराज को इलाहाबाद किया था, कबीरधाम को मुस्तफाबाद किया था और ये हमारी सरकार है जो फैजाबाद को अयोध्या बना रही है, इलाहाबाद को प्रयागराज बना रही है और मुस्तफाबाद को कबीरधाम स्थल बनाकर के उस गौरव की दोबारा स्थापना कर आपको उससे जोड़ रही है।”
सूर्य उपासना और लोक आस्था के महापर्व छठ का समापन, आज 36 घंटे के निर्जला व्रत का पारण
28 Oct, 2025 09:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छपरा: चार दिवसीय लोक आस्था के महापर्व छठ का आज मंगलवार को उदयाचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही समापन हो गया. छठ व्रतियों ने सुबह की पहली किरणों में नदी-तालाबों के घाटों पर खड़े होकर दूध, जल और मौसमी फलों से सूर्य देव को नमन किया, जिसके बाद 36 घंटे से चला आ रहा निर्जला उपवास तोड़ा गया.
तोड़ा गया 36 घंटे का निर्जला उपवास: सबसे पहले व्रतियों ने घी मिश्रित चाय का सेवन किया, जो इस कठिन तप के समापन की परंपरा का प्रतीक है. छठ व्रत को अत्यंत कठिन तप माना जाता है, जिसमें शुद्धता, संयम और भक्ति का अनुपम संगम होता है. छठ व्रति 36 घंटे तक निर्जला उपवास को आज तोड़ने के साथ अन्न ग्रहण करती हैं.
नहाय-खाय से उषा अर्घ्य तक की पवित्र यात्रा: इस चार दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत पहले दिन नहाय-खाय से होती है, जब व्रतधारी सात्विक भोजन के रूप में दाल-चावल और कद्दू की सब्जी ग्रहण करते हैं. दूसरे दिन खरना का आयोजन होता है, जिसमें साठी चावल की खीर, रोटी और केले का प्रसाद बनाया जाता है, जिसे व्रतियों द्वारा ग्रहण करने के बाद परिजनों और आसपास के लोगों में वितरित किया जाता है. खरना के बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास आरंभ होता है, जो तीसरे दिन षष्ठी को संध्या अर्घ्य और चौथे दिन सप्तमी को उषा अर्घ्य तक चलता है. सोमवार शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया गया था और आज सुबह दूसरा अर्घ्य अर्पित कर पर्व का भावपूर्ण समापन हुआ.
छठ का धार्मिक महत्व: भगवान सूर्य की उपासना का यह पर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष में मनाया जाने वाला शारदीय छठ कहलाता है, जो जीवन शक्ति, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक है. साल में दो बार होने वाला यह पर्व अप्रैल मास में चैत्र छठ के रूप में भी उत्साहित होता है. मौसमी फलों, ठेकुओं और कलसूप में रखे प्रसाद को नदी, तालाब या पोखर के जल में खड़े होकर सूर्य को अर्पित किया जाता है. मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त कोशी भराई करते हैं, जिसमें मिट्टी के हाथी के चारों ओर दीप जलाकर गन्ना स्थापित किया जाता है.
घाटों पर साफ-सफाई और भव्य तैयारी: छठ पर्व की पवित्रता को बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और स्थानीय युवाओं ने सभी छठ घाटों पर व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाया, साथ ही रोशनी की आकर्षक व्यवस्था की गई. प्रसाद निर्माण में शुद्धता का विशेष ध्यान रखा गया, जो इस त्यौहार की आत्मा है. घाटों पर पारंपरिक गीतों की धुनें गूंजती रहीं, जो आस्था के सागर में श्रद्धालुओं को डुबोती रहीं. इस वर्ष भी यह पर्व पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक एकता को मजबूत करने का माध्यम बना.
NDRF, SDRF और पुलिस की तैनाती: सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने सभी घाटों पर दंडाधिकारियों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल, NDRF और SDRF की टीमें तैनात की. विद्युत आपूर्ति की निर्वाध व्यवस्था सुनिश्चित की गई, ताकि रात्रि जागरण और अर्घ्य के समय कोई असुविधा न हो. जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक और स्थानीय विधायक स्वयं घाटों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेते रहे, जिससे लाखों श्रद्धालु बिना किसी हादसे के पर्व मना सके.
छपरा जिले में 350 घाटों पर उमड़ी भक्तों की भीड़: छपरा जिले में इस वर्ष लगभग 350 घाटों पर छठ व्रतियों ने भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया, जिनमें से 100 से अधिक घाट खतरनाक होने के बावजूद सुरक्षा कवच के कारण सुरक्षित रहे. मांझी से सोनपुर तक सरयू-गंगा, पानापुर से सोनपुर तक गंडक नदी और जिले के तालाबों पर लाखों भक्त एकत्र हुए. सोमवार शाम और मंगलवार सुबह के अर्घ्यों के समय घाट आस्था के सैलाब से पटे रहे, जहां “जय छठी मइया” के उद्घोष से वातावरण गुंजायमान हो गया.
12,000 स्पेशल ट्रेनों से बिहार पहुंचे लाखों प्रवासी: रेल मंत्रालय ने छठ उत्साह को देखते हुए बिहार के लिए 12,000 से अधिक स्पेशल ट्रेनें संचालित कीं, जो 28 अक्टूबर से 30 नवंबर तक चलेगीं. यह संख्या पिछले वर्ष से 50 प्रतिशत अधिक है, जिससे प्रवासी मजदूरों को घर लौटने में आसानी हुई. पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर जैसे स्टेशनों पर छठ भक्ति गीत बजाए गए, जबकि चिकित्सा बूथ और भीड़ प्रबंधन से यात्रा सुगम बनी. इस पहल से त्यौहार की चमक और बढ़ गई.
चुनावी हलचल के बीच आस्था का संगम: विधानसभा चुनाव 2025 के एक हफ्ते बाद होने के कारण विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता इस छठ महापर्व में सक्रिय दिखे, जो जनसंपर्क का माध्यम बना. विपक्षी दलों ने भीड़भाड़ वाली ट्रेनों पर सवाल उठाए, लेकिन रेल मंत्री ने स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था का बचाव किया. यह पर्व न केवल धार्मिक एकता का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी मजबूत किया, जो आगामी चुनावी माहौल में शांति का संदेश देता है.
चक्रवाती तूफान मोंथा: इन इलाकों में बरपाएगा कहर, 110 किमी. की रफ्तार से चलेगी हवा, रेड अलर्ट जारी
28 Oct, 2025 08:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद: मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान मोंथा के बंगाल खाड़ी से बढ़कर इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और आज (28 अक्टूबर) की सुबह तक एक गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है.
इन इलाकों में कहर बरपाएगा चक्रवाती तूफान मोंथा
उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर आगे बढ़ते हुए इसके आज शाम या फिर रात के दौरान एक भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंध्र प्रदेश के तटों पर टकराने का अनुमान है. इस दौरान चक्रवाती तूफान मोन्था प्रभावित इलाकों में कहर बरपा सकता है. इसका सबसे अधिक प्रभाव आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और ओडिशा के तटीय इलाकों पर पड़ेगा.
तूफान की रफ्तार बढ़कर 110 किमी होने का अनुमान
आईएमडी के अनुसार चक्रवाती तूफान मोन्था के मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के आसपास आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की प्रबल संभावना है. इस दौरान इसकी रफ्तार 90-100 किमी प्रति घंटे की गति से बढ़कर 110 किमी प्रति घंटे तक होने का अनुमान है.
इन इलाकों में भीषण बारिश का अनुमान
मौसम विभाग (आईएमडी) ने भविष्यवाणी की है कि चक्रवात मोन्था एक गंभीर चक्रवात में बदल सकता है क्योंकि यह मंगलवार शाम तक आंध्र प्रदेश के तटीय तटों से टकराएगा. एएनआई से बात करते हुए आईएमडी हैदराबाद के अधिकारी जीएनआरएस श्रीनिवास राव ने कहा, 'मंगलवार शाम या रात तक मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा क्षेत्र के आसपास आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की उम्मीद है. आंध्र प्रदेश के अधिकांश जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा और तेज हवा चलेगी.
उन्होंने आगे कहा, 'हमने तीन जिलों, पेड्डापल्ली, जयशंकर भूपलपल्ली और मुलुगु में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बाकी सभी पूर्वोत्तर जिले येलो अलर्ट पर हैं.' चक्रवात मोन्था के बारे में आर्यपल्ली स्थित मरीन पुलिस स्टेशन की प्रभारी निरीक्षक विद्याभारती नायक ने कहा, 'आंध्र प्रदेश से आई मछली पकड़ने वाली नावें चक्रवात के कारण वापस नहीं लौट पा रही हैं.
तूफान से निपटने की तैयारी
उन्होंने कहा, 'हमारे गंजम जिला कलेक्टर ने उन सभी को बंदरगाह में बसने का आदेश दिया है. हमने गोपालपुर बंदरगाह पर 30 नावों को आश्रय प्रदान किया है. जब तक चक्रवात जारी रहेगा, वे वहीं रहेंगी.' चक्रवात मोन्था के पूर्वी तट के करीब पहुँचने के साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को तटीय क्षेत्रों में लोगों की जान बचाने और नुकसान को कम करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को अतिरिक्त रूप से संवेदनशील तटीय क्षेत्रों के निवासियों को पुनर्वास केंद्रों में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने पुनर्वास केंद्रों में उच्च गुणवत्ता वाला भोजन और सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने इन केंद्रों के कामकाज की निगरानी के लिए विशेष अधिकारियों की नियुक्ति का भी आदेश दिया. उन्होंने कहा, 'पेयजल के प्रदूषण को रोकने के लिए सावधानियां बरती जानी चाहिए.'
आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जिला कलेक्टरों को चक्रवात राहत उपायों की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसमें तालाबों और सिंचाई चैनलों में दरारों की निगरानी भी शामिल है.
बंगाल सरकार का बड़ा फैसला: कई जिलों के अफसरों का तबादला, विपक्ष ने उठाए सवाल
27 Oct, 2025 03:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिम बंगाल सरकार ने SIR के ऐलान से ठीक पहले राज्य में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया है. नबन्ना (स्टेट सेक्रेटेरिएट) ने एक आदेश जारी कर कुल 64 IAS अधिकारियों समेत 10 जिलाधिकारियों (DM) और 5 WBCS अधिकारियों का तबादला किया है. इसके अलावा कई ADM और SDO को भी तबादले की इस कार्रवाई का सामना करना पड़ा है.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह फैसला उन अधिकारियों को लंबे समय से एक ही पद पर तैनात रहने की वजह से किया गया है, कहना है कि इस कदम से प्रशासनिक संतुलन बनाए रखना में मदद मिलेगी. लेकिन इस निर्देश की समय सीमा इसका अलग ही मतलब निकलवा रही है.
राजनीतिक हलकों में शुरू हुई चर्चा
राज्य में विपक्षी दलों ने इस कदम को राजनीतिक मोड़ दे दिया है. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि SIR से पहले ममता सरकार ने ने अपने ‘वफादार’ अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं. गौरतलब है कि दोनों 24 परगना, मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे सीमावर्ती जिलों में भी बदलाव किए गए हैं. जहां कई दक्षिणपंथियों ने दावा किया कि यहां बांग्लादेशी वोट हैं.
कुछ प्रमुख जिलों में नए जिलाधिकारी
तबादले की इस कवायद में कुछ प्रमुख जिलों में नए जिलाधिकारी बनाए गए हैं. उत्तर 24 परगना में शरद कुमार द्विवेदी को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है. उनकी जगह IAS शशांक नए जिलाधिकारी बनाए गए हैं.
दक्षिण 24 परगना में सुमित गुप्ता को कोलकाता नगर निगम (KMC) का Municipal Commissioner बनाया गया है. मालदा में शेटी को उत्तर 24 परगना का नया जिलाधिकारी बनाया गया है.
मुर्शिदाबाद में नितिन सिंघानिया नए जिलाधिकारी बने हैं. बीरभूम में ढवल जैन को जिले का नया जिलाधिकारी बनाया गया है. यह बड़े पैमाने पर तबादला प्रशासनिक कार्यों में नई गति लाने के सरकार के इरादे का संकेत दे रहा है, लेकिन विपक्ष इसे SIR जैसी बड़ी परियोजनाओं से जोड़ के देख रहा है.
भारत मित्र देशों के साथ मजबूती से खड़ा, हम ग्लोबल साउथ का अहम हिस्सा…PM मोदी ने ASEAN शिखर सम्मेलन को किया संबोधित
27 Oct, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने रविवार को 47वें ASEAN शिखर सम्मेलन (ASEAN Summit) को वर्चुअली संबोधित किया है. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ASEAN मिलकर दुनिया की 25 प्रतिशत जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं. यह दिखाता है कि भारत और ASEAN के अन्य देश कितना मजबूत हैं. उन्होंने कहा कि भारत से इन देशों के गहरे और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ASEAN परिवार के साथ जुड़ने पर खुशी जताई और सम्मेलन की सफल मेजबानी के लिए मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को बधाई दी.
पीएम मोदी ने जोर दिया कि आसियान भारत की “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” का स्तंभ है और दोनों के बीच सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि के लिए अहम है. उन्होंने कहा कि भारत और आसियान “ग्लोबल साउथ” के सारथी हैं और भारत हर आपदा के समय अपने आसियान मित्र देशों के साथ मजबूती से खड़ा रहता है. उन्होंने कहा कि भारत अपने हर मित्र देश को किसी भी हालत में अकेला नहीं छोड़ता है. अगर मित्र देश को हमारी जरूरत है तो भारत उनके साथ खड़ा दिखाई देता है.
पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘मैं तिमोर-लेस्ते का ASEAN के सबसे नए सदस्य के तौर पर स्वागत करता हूं. मैं थाईलैंड की महारानी मां के निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. भारत और ASEAN मिलकर दुनिया की एक-चौथाई आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं. हम न केवल भूगोल साझा करते हैं, बल्कि गहरे ऐतिहासिक संबंध और साझा मूल्य भी साझा करते हैं. हम ग्लोबल साउथ का हिस्सा हैं. हम न केवल व्यापारिक संबंध, बल्कि सांस्कृतिक संबंध भी साझा करते हैं.’
वहीं कुआलालंपुर में रविवार से शुरू हो रहे 47वें आसियान (ASEAN) शिखर सम्मेलन से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मलेशिया पहुंच गए हैं. माना जा रहा है कि ट्रंप की यह यात्रा व्हाइट हाउस में दोबारा सत्ता में लौटने के बाद एशिया की उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है. इसे अमेरिका की इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोबारा सक्रिय भागीदारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. अमेरिकी टैरिफ और व्यापार नीतियों के असर से क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव है, और यह शिखर सम्मेलन उस समय हो रहा है जब ASEAN की तटस्थता और सामूहिकता की परीक्षा हो रही है.
इस साल का सम्मेलन कई दृष्टि से ऐतिहासिक माना जा रहा है. पूर्वी तिमोर-लेस्ते को औपचारिक रूप से ASEAN का 11वां सदस्य देश बना दिया गया है. यह ब्लॉक का 26 साल बाद पहला विस्तार है. लगभग 14 लाख की आबादी वाला यह छोटा देश अब ASEAN के व्यापार, निवेश और विकास ढांचे का हिस्सा बनेगा.
70 यात्रियों से भरी डबल डेकर बस में लगी भीषण आग, दिल्ली से जा रही थी UP
27 Oct, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) से 70 यात्रियों को लेकर उत्तर प्रदेश के गोंडा (Gonda, Uttar Pradesh) जा रही डबल डेकर बस लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे (Lucknow-Agra Expressway) पर आग का गोला बन गई. टायर फटने से बस में आग लगी और तुरंत पूरी बस धू धूकर जलने लगी. गनीमत यह रही कि आग की चपेट में आने से पहले ही सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. काकोरी थाना क्षेत्र में आगरा एक्सप्रेस वे टोल प्लाजा से पहले यह घटना हुई. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीमों ने आग पर काबू पाया.
गौरतलब है कि इससे पहले आंध्रप्रदेश के कुरनूल में बस में आग लगने से बाइक सवार समेत 20 लोगों की मौत हो गई थी, उससे पहले इसी महीने राजस्थान के जबलपुर में चलती बस में आग लगने से काफी यात्रियों को जान गंवानी पड़ी थी.
बस में हादसा सुबह 5 बजे के काकोरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते आगरा एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा से ठीक पहले हुआ. प्राइमरी जांच रिपोर्ट के मुताबिक, चलती बस का टायर फटने के कारण लगी. देखते ही देखते पूरी गाड़ी में फैल गई. चालक और यात्रियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए बाकी लोगों को बाहर निकाला.
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस कुछ ही मिनटों में भीषण आग में बदल गई और एक्सप्रेसवे पर घना धुआं फैल गया. दमकलकर्मी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया. किसी के घायल होने या हताहत होने की खबर नहीं है. अधिकारी लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर लगी आग के कारणों की जांच कर रहे हैं.
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