उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकालेश्वर के दरबार में हाल ही में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने मंदिर की सुरक्षा और धार्मिक मर्यादाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक मुस्लिम युवक अपनी हिंदू महिला मित्र के साथ दर्शन करने पहुँचा था, लेकिन उसकी वेशभूषा ने सभी को हैरान कर दिया। युवक ने मंदिर में प्रवेश पाने और अपनी पहचान छिपाने के लिए माथे पर तिलक लगा रखा था, शरीर पर भगवा कपड़े धारण किए थे और गले में रुद्राक्ष की माला पहनी हुई थी। वह पूरी तरह से एक सनातनी श्रद्धालु के रूप में नजर आ रहा था ताकि किसी को उस पर संदेह न हो। वह एक युवती के साथ उज्जैन आया था। नानाखेड़ा क्षेत्र में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पकड़कर उससे पूछताछ की और बाद में मारपीट की। बजरंग दल को सूचना मिली थी कि अलग-अलग राज्यों से आए युवक-युवती एक होटल में ठहरे हुए हैं। होटल के बाहर धोती-कुर्ता पहने जफर खान नाम के युवक को कार्यकर्ताओं ने पकड़ लिया।

इस खुलासे के बाद मंदिर परिसर में हड़कंप मच गया। युवक पर आरोप है कि उसने जानबूझकर अपनी पहचान छिपाई और हिंदू धर्म के पवित्र प्रतीकों का गलत इस्तेमाल किया। संगठनों ने इसे मंदिर की पवित्रता के साथ खिलवाड़ और 'लव जिहाद' का संदिग्ध मामला बताते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, साथ आई युवती ने पूछताछ में बताया कि वे दोनों दोस्त हैं और युवक उसे दर्शन कराने लाया था।

सूचना मिलते ही महाकाल थाना पुलिस मौके पर पहुँची और युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि युवक का असली मकसद क्या था और क्या उसने मंदिर में प्रवेश के लिए किसी फर्जी दस्तावेज का सहारा लिया था। इस घटना के बाद महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। अब मंदिर में प्रवेश के लिए आधार कार्ड की जांच को अनिवार्य और अधिक सख्त बनाया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी अप्रिय स्थिति या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली घटना से बचा जा सके।