इस एक प्रेरणादायक पंक्ति से नारी के जीवन को प्रकट करने की कुछ हद तक कोशिश की गई है मुझे पता है कि नारी का अस्तित्व इतना बड़ा है कि शायद स्वयं संसार रचेयता भी इसका सुलभ प्रस्तुतिकरण नहीं कर सकता है लेकिन नारी ने अपने निभाए हुए किरदारों से इस संसार में अपने जीवन को त्याग, समर्पण, शक्ति, साहस, ममत्व और विश्वास की परिभाषा में बदलकर रख दिया है साथ ही मानव जीवन के हर किरदार में अपने आपको उत्कृष्ट सिद्ध किया है |

इस संसार में नारी की भूमिका के इतने किस्से भरे पड़े है की उन्हें ना तो बोलना संभव है और ना ही लिखना संभव है नारी के समर्पण को सिर्फ एक नारी ही समझ सकती है | अतुलनीय और अकल्पनीय जीवन यात्रा में एक नारी ना जाने कितने पड़ावों को समझदारी और विश्वास के साथ पार करती है| सबसे बड़ी बात यह है कि जंहा मानव जीवन अपने से कभी ऊपर नहीं उठता है वहां केवल नारी ही परिवार और समाज को साथ रखने का निरंतर काम करती है नारी ने सामाजिक रूढ़ियों को तोड़कर पारिवारिक जीवन के साथ सार्वजनिक जीवन में अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर हर क्षेत्र में विजय श्री हासिल की |

रानी लक्ष्मीबाई (झांसी की रानी), रानी दुर्गावती, झलकारी बाई, बेगम हज़रत महल, अवंति बाई लोधी, सरोजिनी नायडू, अरुणा आसफ़ अली, लक्ष्मी सहगल ये वो नाम है जिनके कारण आज हम आजाद हैं| वहीँ आजाद भारत में राजनैतिक मोर्चे पर झंडा फहराने वाली सफलतम महिलाओं में पहली महिला प्रधानमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, भारत की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल, वर्त्तमान राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, सुषमा स्वराज विदेश मंत्री ने अपने अपने पदों की शोभा बढ़ाई तो वहीं विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कल्पना चावला अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय मूल की महिला बनी, भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में रिकॉर्डधारी बनी, टीसीए अंशु ISRO में मिशन डायरेक्टर, ने उपग्रह प्रक्षेपण में विशेष योगदान दिया तो डॉ. टेसी थॉमस नेमिसाइल वुमन ऑफ इंडिया’, अग्नि-IV और अग्नि-V प्रोजेक्ट डायरेक्टर बनकर अतुलनीय योगदान दिया |

भारतीय खेल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाईयां दिलाने वाली पी.टी. ऊषा को कौन नहीं जनता है तो वहीं बैडमिंटन की विश्व रैंकिंग में नं. 1 स्थान पर रहने वाली सायना नेहवाल, टेनिस में डबल्स और मिक्स्ड डबल्स ग्रैंड स्लैम विजेता, सानिया मिर्ज़ा, छह बार की विश्व चैंपियन बॉक्सर मेरी कॉम, महिला क्रिकेट टीम की कप्तान, सर्वाधिक रन बनाने वाली महिला खिलाड़ी मिताली राज, ओलंपिक पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक जैसी सफलतम महिलाएं आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है | तो वहीं साहित्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में लेखक महाश्वेता देवी, भारत रत्न से सम्मानित स्वर कोकिला लता मंगेशकर, भारतीय सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्रियां मधुबाला, वैजयंतीमाला, हेमा मालिनी, माधुरी दीक्षित और लोक गायन में तीजन बाई शारदा सिन्हा अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं|

व्यवसाय और नेतृत्व के क्षेत्र में नई पटकथा लिखने वाली पेप्सिको की CEO और विश्व की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में शामिल इंदिरा नूई, बायोकॉन कंपनी की संस्थापक, बायोटेक इंडस्ट्री की अग्रणी किरण मजूमदार-शॉ, बालाजी टेलीफिल्म्स की डायरेक्टर एकता कपूर तो वही समाजसेवा और अन्य क्षेत्रों में अपना जीवन लगाने वाली मिशनरीज ऑफ चैरिटी की संस्थापक, नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मदर टेरेसा, पर्यावरण कार्यकर्ता और लेखक, वंदना शिवा, पहली महिला IPS अधिकारी, तिहाड़ जेल सुधारक किरण बेदी, कृषि और ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्र में चेतना सिन्हा महाराष्ट्र मन्न देशी बैंक और मन्न देशी फाउंडेशन की संस्थापक ने ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय सशक्तिकरण में मदद की, संतोष देवी हरियाणा जैविक खेती और महिला किसानों के संगठन की नेता ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान हासिल किया, सिंधुताई सपकाल महाराष्ट्रअनाथों की माँके रूप में जानी जाती हैं जिन्होंने 1,000 से अधिक अनाथ बच्चों की परवरिश की, मध्यप्रदेश की गोंड जनजाति की चित्रकार भूरी बाई ने कला के जरिए अपनी आजीविका और समुदाय का विकास किया, केरल की भगीरथी अम्मा ने 105 वर्ष की उम्र में परीक्षा देकर शिक्षा का महत्व दिखाया और ग्रामीण शिक्षा की प्रेरणा बनी |

महिलाओ के योगदान को हम ना ही कभी किसी रूप में नाप सकते है और ना ही कभी उनके द्वारा किये गए कार्यो की हम बराबरी कर सकते हैं महिलाओ का पूरा जीवन ही प्रेरणा से ओतप्रोत है जिससे हम हमेशा सीख ही सकते हैं |

 

 

विनीत श्रीवास्तव

संपादक
(Gramin bharat ki pukar patrika)

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