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ट्रंप ने 80 साल पुराने लिंकन बाथरूम को दिया सोने और संगमरमर का रूप
1 Nov, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका में करीब एक महीने से सरकारी शटडाउन लगा हुआ है. लाखों परिवार सरकारी मदद के इंतजार में हैं, लेकिन इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने भव्य निर्माण कार्यों को लेकर सुर्खियों में हैं. व्हाइट हाउस में 300 मिलियन डॉलर की लागत से एक विशाल नया बॉलरूम तैयार हो रहा है, जिस पर अब पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने तीखा हमला बोला है.
हैरिस ने कहा कि जब देश के गरीब परिवार मुश्किल में हैं, ट्रंप करदाताओं के पैसे से अपने शाही शौक पूरे कर रहे हैं.यह घोर अनुचित है. सिर्फ नया बॉलरूम ही नहीं, बल्कि राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस के लिंकन बाथरूम को भी पूरी तरह नया रूप दे दिया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि अब यह बाथरूम संगमरमर और सोने की सजावट से चमक रहा है.
यह बाथरूम व्हाइट हाउस के दूसरे माले पर स्थित है. ठीक उस हिस्से में जहाँ लिंकन बेडरूम है. कहा जाता है कि यहीं पर कभी अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन काम करते थे. करीब 80 साल पुराने इस बाथरूम में पहले हल्के हरे रंग की टाइलें और साधारण स्ट्रिप लाइटें लगी थीं.
ट्रंप बोले- पुराना डिजाइन लिंकन युग के लायक नहीं था
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि लिंकन बाथरूम 1940 के दशक में ग्रीन टाइल और आर्ट डेको स्टाइल में बना था, जो लिंकन के दौर के लिए बिल्कुल अनुपयुक्त था. उनके अनुसार, अब बाथरूम को काले-सफेद स्टैच्यूरी संगमरमर, सोने के नल, और गोल्ड फ्रेम वाले शीशों से सजाया गया है. ट्रंप ने दावा किया कि यह डिजाइन लिंकन युग की भावना के अनुरूप है और संभव है कि वही संगमरमर इस्तेमाल हुआ हो जो मूल रूप से वहाँ था.
विवाद बढ़ा, समर्थन भी मिला
व्हाइट हाउस में ट्रंप के बदलावों को लेकर अब बहस छिड़ गई है. उनके समर्थक कहते हैं कि ट्रंप ऐतिहासिक विरासत को नया जीवन दे रहे हैं, जबकि आलोचकों का मानना है कि यह दिखावे और विलासिता का प्रदर्शन है. कई विश्लेषक मानते हैं कि सरकारी शटडाउन और आर्थिक दबाव के बीच ऐसे शाही नवीनीकरण आम जनता को गलत संदेश देते हैं.
तूफान की तबाही के बाद खाने की तलाश में लोग, जमैका में राहत कार्य धीमे
1 Nov, 2025 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैरेबियाई देश जमैका का बंदरगाह शहर ब्लैक रिवर आज भुखमरी, तबाही और बेबसी की तस्वीर बना हुआ है. इसके पीछे वजह है तीन दिन पहले आया कैटेगरी-5 तूफान मेलिसा. लोग मलबे और टूटी दुकानों में से खाने-पीने की चीजें खोजने को मजबूर हैं. बिजली, पानी और संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है. मदद पहुंचने में देरी से लोगों की हालत और बिगड़ती जा रही है.
तेज हवाओं और समुद्री लहरों ने सड़कों, घरों और दुकानों को तहस-नहस कर दिया. नावें सड़क किनारे उलटी पड़ी हैं, दीवारें टूट चुकी हैं और बिजली के खंभे गिर चुके हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक कोई राहत ट्रक इस इलाके तक नहीं पहुंचा है. लोग सड़क किनारे और खंडहर बने सुपरमार्केट में से जो भी मिल जाए, उसी से पेट भरने की कोशिश कर रहे हैं.
भूख से लड़ते लोग, टूटी दुकानों में तलाश
लोगों को जो कुछ भी सड़क पर दिखता है, उसी से काम चला रहे हैं. हालात ये हैं कि ये मजबूरी अब अराजकता में बदल चुकी है. बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक कई लोगों ने एक स्थानीय फार्मेसी से दवाएं और शराब निकाल लीं. लोग कीचड़ में लिपटी चीजें उठा रहे हैं. चाहे वो दवा हो या शराब.
90% घर तबाह, प्रशासन लाचार
ब्लैक रिवर के मेयर रिचर्ड के मुताबिक, शहर का कोई इंच भी सुरक्षित नहीं बचा. लोग मजबूरी में लूटपाट कर रहे हैं, और प्रशासन के पास हालात संभालने के सीमित साधन हैं. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि करीब 90% मकान नष्ट हो गए हैं. अस्पताल, पुलिस स्टेशन और फायर स्टेशन तक बर्बाद हो चुके हैं. जमैका सरकार ने पुष्टि की है कि तूफान में 19 लोगों की मौत हुई है. हैती में भी 30 लोगों की मौत की खबर है.
राहत की आस और जिंदा रहने की जंग
किंग्सटन से राहत सामग्री पहुंचने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन सड़कों और छोटे हवाई अड्डों के क्षतिग्रस्त होने से ब्लैक रिवर अब भी कट चुका है.शुक्रवार को जब सेना के हेलीकॉप्टर पहुंचे, तो थोड़ी उम्मीद जागी. लेकिन स्थिति अभी भी बेहद नाजुक है.
पोक्रोवस्क पर कब्ज़े की तैयारी में रूस, 1.7 लाख सैनिक तैनात: जेलेंस्की का दावा
1 Nov, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शुक्रवार को कहा कि रूस ने उनके देश के पूर्वी डोनेत्स्क क्षेत्र में लगभग 1,70,000 सैनिकों को तैनात किया है, जहां वे युद्धक्षेत्र में जीत हासिल करने के लिए पोक्रोवस्क शहर पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं. जेलेंस्की ने कहा कि पोक्रोवस्क में स्थिति कठिन है. साथ ही, उन्होंने रूस के उन हालिया दावों को खारिज कर दिया कि एक साल से ज़्यादा की लड़ाई के बाद तबाह हुए शहर की घेराबंदी की गई है.
उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ रूसी टुकड़ियां शहर में घुसपैठ कर चुकी हैं, लेकिन जोर देकर कहा कि यूक्रेनी रक्षक उन्हें खदेड़ रहे हैं. उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा कि पोक्रोवस्क में रूसी हैं.
यूक्रेन ने कुछ स्थानों से अपनी सेना हटाई
रूस द्वारा अपने पड़ोसी पर व्यापक आक्रमण शुरू करने के लगभग चार वर्षों के दौरान हुई पिछली घेराबंदी में, यूक्रेन ने सैनिकों के नुकसान से बचने के लिए कुछ स्थानों से अपनी सेना हटा ली है. रूस की बड़ी सेना के सामने यूक्रेनी सेनाएं बेहद कम संख्या में हैं. रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने हाल ही में दावा किया कि रूसी सेनाएं युद्ध के मैदान में महत्वपूर्ण प्रगति कर रही हैं, हालांकि उनकी प्रगति धीमी रही है और सैनिकों एवं बख्तरबंद वाहनों के मामले में उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है.
रूसी सैन्य के सामने टिक नहीं सकता यूक्रेन
पुतिन अमेरिका को, जो चाहता है कि वह शांति समझौते की ओर कदम बढ़ाए, यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि यूक्रेन रूसी सैन्य श्रेष्ठता के सामने टिक नहीं सकता. यूक्रेन सैन्य आपूर्ति को बाधित करने और रूसी नागरिकों को युद्ध के प्रभावों का एहसास कराने के लिए रूस के अंदर लक्ष्यों पर हमला करके जवाबी कार्रवाई कर रहा है.
160 से ज्यादा सफल लंबी दूरी के हमले
यूक्रेन की सुरक्षा सेवा के प्रमुख, वासिल मालियुक ने बताया कि इस साल की शुरुआत से, यूक्रेन ने रूस के तेल निष्कर्षण और शोधन सुविधाओं पर 160 से ज़्यादा सफल लंबी दूरी के हमले किए हैं. इस बीच, अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि रूसी ड्रोन ने रात भर पूर्वोत्तर शहर सुमी में अपार्टमेंट समूहों पर हमला किया, जिसमें चार बच्चों सहित 11 लोग घायल हो गए और दक्षिणी ओडेसा क्षेत्र के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा.
यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता समन्वयक, मथायस श्माले ने शुक्रवार को कहा कि इस साल का युद्ध नागरिकों के लिए 2024 की तुलना में अधिक घातक रहा है, और अब तक हताहतों की संख्या में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने दी सफाई: ‘हिंदू पत्नी का धर्म बदलने का इरादा नहीं’
1 Nov, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से एक दक्षिण एशियाई महिला ने उनकी आस्था और उनकी पत्नी उषा वेंस के साथ अंतर-धार्मिक विवाह के साथ-साथ इमिग्रेशन पर ट्रंप प्रशासन की नीतियों को लेकर सवाल किया. इस दौरान जेडी वेंस के अपनी पत्नी उषा को धर्म परिवर्तन करने के लिए प्रेरित करने वाले बयान पर विवाद छिड़ गया. हालांकि अब जेडी वेंस ने इस मामले में सफाई दी है.
दोनों के बीच संवाद सोशल मीडिया पर सामने आया है जिसमें, बुधवार को यूनिवर्सिटी आफ मिसिसिपी में एक टर्निंग प्वाइंट यूएसए कार्यक्रम में बिंदी लगाए महिला, वेंस से सवाल पूछती दिख रही है. वेंस को संबोधित करते हुए महिला ने कहा कि आपने अभी जो कुछ कहा, मैं उनमें से कई बातों से सहमत नहीं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि मेरा मुद्दा यहां इस पर चर्चा करना है.
उषा वेंस के पति हैं जेडी वेंस
महिला ने कहा कि वेंस का विवाह उषा वेंस से हुआ है, जो ईसाई नहीं हैं और वह एक हिंदू परिवार में पली-बढ़ी हैं. उन्होंने कहा कि आप तीन बच्चों का पालन-पोषण एक अंतर-सांस्कृतिक और अंतर धार्मिक परिवार में कर रहे हैं. आप अपने बच्चों को कैसे संभाल रहे हैं या कैसे सिखा रहे हैं कि वे आपके धर्म को अपनी मां के धर्म से आगे न रखें. आप इसमें कैसे संतुलन बना रहे हैं?
हिंदू परिवार में पली-बढ़ी हैं उषा
अपने परिवार के बारे में पूछे गए निजी सवाल का जवाब देते हुए वेंस ने कहा, ‘हां, मेरी पत्नी ईसाई धर्म में पली-बढ़ी नहीं हैं. मुझे लगता है कि यह कहना उचित होगा कि वह एक हिंदू परिवार में पली-बढ़ी हैं, लेकिन किसी विशेष धार्मिक परिवार में नहीं.’ अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि जब वह उषा से मिले थे, तो वे दोनों नास्तिक थे. उन्होंने कहा, हमारी यह सहमति इस तरह बनी कि वह मेरी सबसे अच्छी दोस्त हैं. हम एक-दूसरे से इस बारे में बात करते हैं. इसलिए हमने अपने बच्चों को ईसाई धर्म में पालने का फैसला किया है.
वेंस ने बताया कि अधिकांश रविवार को उषा उनके साथ चर्च जाती हैं. वेंस और महिला के बीच यह संवाद सोशल मीडिया पर सामने आया और वेंस की टिप्पणियों की काफी आलोचना हुई. इसके जवाब में वेंस ने शुक्रवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उषा की ईसाई धर्म अपनाने की कोई योजना नहीं है.
मेरे जीवन का सबसे अद्भुत आशीर्वाद
वेंस ने अपनी टिप्पणी की आलोचना करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट पर पलटवार करते हुए कहा, ‘सबसे पहले, यह सवाल मेरे बाईं ओर बैठे एक व्यक्ति ने मेरे अंतरधार्मिक विवाह के बारे में पूछा था. मैं एक सार्वजनिक व्यक्ति हूं और लोग उत्सुक रहते हैं, इसलिए मैंने सवाल को टाला नहीं. उन्होंने कहा कि मेरी पत्नी-जैसा कि मैंने टीपीयूएसए में कहा था-मेरे जीवन का सबसे अद्भुत आशीर्वाद है. उसने स्वयं कई साल पहले मुझे अपने धर्म के साथ फिर से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया था.
धर्म परिवर्तन करने का कोई इरादा नहीं
उन्होंने कहा कि वह ईसाई नहीं है और उनका धर्म परिवर्तन करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन अंतर्धार्मिक विवाह या किसी भी अंतर्धार्मिक रिश्ते में रहने वाले कई लोगों की तरह, मुझे उम्मीद है कि एक दिन वह भी चीजों को मेरी तरह देख पाएंगी. इसके बावजूद, मैं उनसे प्यार और उनका समर्थन करता रहूंगा और उनसे आस्था, जीवन और बाकी सभी चीज़ों के बारे में बात करता रहूंगा, क्योंकि वह मेरी पत्नी है.
इमिग्रेशन नीतियों पर उठाया सवाल
महिला ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोलाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में प्रवासियों पर कड़ी कार्रवाई के बीच प्रशासन की आव्रजन नीतियों पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि और जब आप यहां बहुत अधिक प्रवासियों की बात करते हैं, तो आपने यह संख्या कब तय की? आपने हमें सपने क्यों दिखाये? आपने हमें अपनी जवानी, अपनी दौलत इस देश में खर्च करने पर मजबूर किया और हमें एक सपना दिया.
महिला ने कहा कि हमने जो कुछ हासिल किया है उसके लिए हमने कड़ी मेहनत की है, फिर आप एक उपराष्ट्रपति के रूप में यह कैसे कह सकते हैं कि हम अब बहुत सारे हैं और हम उन लोगों को निकाल देंगे? आपने हमें रास्ता दिखाया और अब आप इसे कैसे रोक सकते हैं और हमें कैसे कह सकते हैं कि अब हमारा यहां कोई हक़ नहीं है?
वेंस ने कहा कि अमेरिका को भविष्य में अपने आव्रजन के स्तर को कम करना चाहिए, साथ ही इस बात का सम्मान भी करना चाहिए कि ऐसे लोग हैं जो वैध आव्रजन मार्गों के माध्यम से देश में आए हैं और उन्होंने इसमें योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि बहुत से लोग अमेरिका आना चाहते हैं और उनका काम अमेरिका के लोगों का ध्यान रखना है, न कि ‘पूरी दुनिया’ के हितों का.
H-1B वीजा शुल्क पर पुनर्विचार की मांग, अमेरिकी सांसदों ने ट्रम्प प्रशासन को लिखा पत्र
1 Nov, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अनुरोध किया है कि वे एच1-बी वीजा को लेकर जारी अपने आदेश पर पुनर्विचार करें, जिसमें 1,00,000 अमेरिकी डॉलर शुल्क भी शामिल है. सांसदों ने कहा कि भारतीय नागरिक अमेरिका के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षेत्र में अमेरिका के नेतृत्व के केंद्र में हैं और इस तरह की प्रतिबंधात्मक नीतियां अमेरिका और भारत के बीच संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव डालेंगी.
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा सदस्य जिमी पनेटा के साथ ही कांग्रेस सदस्यों अमी बेरा, सालुद कार्बाजल और जूली जॉनसन ने गुरुवार को ट्रंप को पत्र लिखा.
गैर-प्रवासी कामगारों के प्रवेश पर पाबंदी
सांसदों ने एच1-बी वीज़ा कार्यक्रम को लेकर ट्रंप की ‘कुछ गैर-प्रवासी कामगारों के प्रवेश पर पाबंदी’ संबंधी घोषणा पर चिंता जतायी, जिसके तहत अन्य पाबंदियों के अलावा नए आवेदनों पर 100,000 अमेरिकी डॉलर का शुल्क लगाया गया है. उन्होंने ट्रंप से आग्रह किया कि वे इस निर्णय पर अमेरिका-भारत संबंधों पर संभावित नकारात्मक प्रभावों के मद्देनजर पुनर्विचार करें.
एच-1बी कार्यक्रम का महत्व
उन्होंने कहा कि हाल ही में भारत गए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के रूप में, हम न केवल अमेरिकी अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रतिस्पर्धात्मक लाभ के लिए, बल्कि भारत के साथ हमारे संबंधों और हमारे द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने वाले भारतीय-अमेरिकी समुदायों के लिए भी एच-1बी कार्यक्रम के महत्व को समझते हैं.
सांसदों ने पत्र में कहा, ‘हम आपसे सम्मानपूर्वक अनुरोध करते हैं कि आप 19 सितंबर की घोषणा को स्थगित करें और ऐसी किसी भी नीति पर पुनर्विचार करें जो एच-1बी कार्यक्रम तक उचित पहुंच को कमतर करती हो.
आक्रामक रूप से निवेश कर रहा चीन
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस टेक्नोलॉजी में आक्रामक रूप से निवेश कर रहा है, अमेरिका को अपने इनोवेशन इकोसिस्टम को बनाए रखने, रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करने और अपनी दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को बनाए रखने’ के लिए दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करना जारी रखना चाहिए.
उन्होंने कहा कि भारत के मामले में, जो पिछले साल 71 प्रतिशत एच-1बी धारकों का मूल देश था, इस प्रतिभा को आकर्षित करने से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख लोकतांत्रिक साझेदार के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी भी मजबूत होती है.
गंजेपन की समस्या से निजात दिलाने लाया गया...............हेयर ग्रोथ सीरम
31 Oct, 2025 08:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ताईपे । अगर आप गंजेपन से परेशान हैं और हर नए प्रोडक्ट को आजमाने के बाद निराश हो चुके हैं, तब यह खबर आपके लिए जरुरी है। हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक ऐसा हेयर ग्रोथ सीरम तैयार किया है, जिसके बारे में दावा किया गया है कि यह सिर्फ 20 दिनों में गंजी खोपड़ी पर बाल उगाने की ताकत रखता है। यह सीरम नेचर जर्नल में प्रकाशित एक शोध का हिस्सा है।
यह एक रब-ऑन सीरम है, जिसे सीधे सिर की त्वचा पर लगाया जाता है। इसमें प्राकृतिक फैटी एसिड का इस्तेमाल किया गया है, जो त्वचा की वसा कोशिकाओं को सक्रिय करता है। ये सेल्स बालों के रोम को पुनर्जीवित करती हैं, जिससे नए बाल उगने लगते हैं। दरअसल गंजेपन की समस्या तब होती है जब बालों के रोम निष्क्रिय हो जाते हैं या मर जाते हैं। यह सीरम उन निष्क्रिय रोमों को फिर से सक्रिय करता है। वैज्ञानिकों ने चूहों पर सीरम का परीक्षण किया, जिसमें 20 दिनों के भीतर बालों की ग्रोथ देखी गई। यह सीरम बालों की जड़ों में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे पोषण बेहतर तरीके से पहुंचता है।
यह शोध नेचर जर्नल में प्रकाशित हुआ है, जो विश्व की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिकाओं में से एक है। वैज्ञानिकों ने बताया कि यह सीरम न सिर्फ बाल उगाता है, बल्कि बालों को मजबूत भी बनाता है। इसमें किसी प्रकार के स्टेरॉयड या हानिकारक रसायन नहीं हैं, जिससे साइड इफेक्ट की संभावना कम है।
दुनिया के सबसे उम्रदराज राष्ट्राध्यक्ष बने पॉल बिया, कैमरुन की आठवीं बार संभालेंगे कमान
31 Oct, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैमरुन । आपको जानकार हैरानी होगी कि दुनिया के सबसे उम्रदराज राष्ट्राध्यक्ष पॉल बिया ने फिर कैमरून के राष्ट्रपति चुनाव में धमाकेदार जीत दर्ज करके पूरी दुनिया को चौंका दिया है। चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा के बाद उन्हें देश का विजेता और निर्वाचित राष्ट्रपति घोषित किया गया। इस जीत के बाद पॉल बिया अपना आठवां कार्यकाल शुरू करने जा रहे हैं। अनुमान है कि मौजूदा कार्यकाल पूरा होने तक उनकी उम्र 100 वर्ष के करीब होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक बिया को 53.66 फीसदी वोट मिले हैं, जबकि उनके पूर्व सहयोगी रहे विरोधी नेता तचिरोमा बेकरी को 35.19 प्रतिशत वोट मिले हैं। बिया वर्ष 1982 से कैमरून की सत्ता में हैं और अब तक वे अफ्रीका के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले नेताओं में से एक बन चुके है। उनकी यह ऐतिहासिक जीत फिर से दुनिया का ध्यान उनकी उम्र और नेतृत्व क्षमता की ओर आकर्षित किया है। आख़िर कोई नेता 100 साल की उम्र के करीब होते हुए भी देश का नेतृत्व करेगा। यह अपने आप में एक अनोखी बात हो सकती है।
कैमरून में हुए राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों ने फिर इतिहास रच दिया है। 92 वर्षीय पॉल बिया, जो 1982 से लगातार सत्ता में बने हैं उन्होंने फिर से राष्ट्रपति का चुनाव जीता है। पॉल बिया बीते 43 वर्षों से देश की बागडोर संभाले हुए हैं और उन्हें एक और कार्यकाल मिल गया है। पॉल बिया ने वर्ष 2008 में संविधान संशोधन के जरिए राष्ट्रपति पद की कार्यकाल सीमा समाप्त कर दी थी। इसकारण अब उन्हें अनिश्चितकाल तक चुनाव लड़ने का अधिकार मिल गया। तब से लेकर अब तक उन्होंने हर चुनाव में जीत हासिल की है और सत्ता पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है।
विरोधी खेमा वोटों की गिनती में धांधली का आरोप लगा रहा है। 12 अक्टूबर को हुए चुनाव के दो दिन बाद ही तचिरोमा ने जीत का दावा किया था। उन्होंने वोटों की एक टैली दिखाकर कहा था कि उन्हें 54.8 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि पॉल बिया को 31.3 प्रतिशत वोट मिले थे।
अफगानिस्तान से बढ़ते तनाव के बीच मुनीर ने की जिरगा सभा, मजहबी दुहाई दी
31 Oct, 2025 08:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। विदेश यात्रा से लौटे पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने खैबर पख्तूनख्वा में जिरगा बुलाई। जिरगा यानी कबायली बुजुर्ग नेताओं की सभा। इस जिरगे में इस्लामी मौलानाओं और बुजुर्ग मुसलमानों की पंचायत बैठी। आर्मी लिबास में पहुंचे आसिम मुनीर ने मजहब के पाकिस्तानी ब्रांड की दुहाई दी। उन्होंने अफगानिस्तान के आरोपों को खारिज किया। पाकिस्तान में हो रहे हमलों के लिए एक बार फिर भारत समर्थित तत्वों को जिम्मेदार ठहराया।अपने करतूतों पर पर्दा डालने के लिए पाकिस्तान इसे फितना-अल-ख्वारिज और फितना अल हिन्दुस्तान का नाम देता है।
आसिम मुनीर ने कहा कि काबुल के साथ संबंध सुधारने के प्रयासों के बावजूद अफगान धरती इन आतंकवादियों के लिए सुरक्षित शरणस्थली बनी हुई है। लेकिन उन्होंने एक बार भी नहीं कहा कि पाकिस्तानी सेना सीमाई इलाकों में अपने नागरिकों पर विमानों से हमला क्यों करती है। पिछले दिनों ऐसे हमले में दर्जनों बेगुनाह मारे गए। यह जिरगा पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव के बीच महत्वपूर्ण था। हाल के दिनों में सीमा पर घुसपैठ और आतंकी हमले बढ़े हैं। जिरगे के बाद मुनीर ने कबायली बुजुर्गों के साथ फोटो खिंचवाई।
वहीं पाकिस्तान की चुनौती स्वीकार करते हुए अफगानिस्तान के गृह मंत्री खलीफा सिराजुद्दीन हक्कानी ने कहा कि हमारे सब्र का इम्तिहान न लिया जाए। अन्यथा नतीजे विनाशकारी होंगे। उन्होंने अफगानी हौसले की दुहाई दी। साफ कहा कि अफगानिस्तान के पास लंबी दूरी की मिसाइलें या भारी हथियार नहीं हैं। फिर भी हमले का जवाब देने के लिए हम चट्टान की तरह डटे हैं।हक्कानी ने आगे कहा कि क्षेत्र की रक्षा हमारी प्राथमिकता है। आपसी समझ का रास्ता खुला है। लेकिन आक्रमण हुआ तो हम दुनिया के बादशाहों से लड़ चुके हैं। क्षेत्र रक्षा हमारे लिए मुश्किल नहीं। कतर और तुर्की में पाकिस्तान के साथ बैठकों में साफ कह दिया गया कि उनकी आंतरिक समस्याओं को अफगानिस्तान से नहीं जोड़ा जाए। समस्या आपकी है। समाधान आपके पास है। इसे हमसे क्यों जोड़ते हैं? किसी देश का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि कुछ देश हितों के लिए दूसरे के क्षेत्र का उल्लंघन करते हैं। अफगानों ने युद्ध में खुद को साबित किया है। सहनशीलता की परीक्षा ली तो प्रतिक्रिया विनाशकारी होगी। पाकिस्तान को अब पानी की चिंता सता रही है। तालिबान ने कुनार नदी पर बांध बनाने की तैयारी शुरू की है। इससे पाकिस्तान की पानी सप्लाई प्रभावित होगी। आशंका देखते हुए पाकिस्तान ने तालिबान को चेतावनी दी। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि तालिबान पाकिस्तान के जल अधिकारों की अनदेखी नहीं कर सकता। इस्लामाबाद के पास दबाव के हथियार मौजूद हैं। हिबतुल्लाह अखुंदज़ादा के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए आसिफ ने दोहराया कि जल अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी।
ब्रिटिश राजा चार्ल्स ने अपने भाई से राजकुमार की उपाधि छीनी
31 Oct, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने अपने छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू से सभी शाही उपाधियां और सम्मान छीनने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही उन्हें विंडसर स्थित रॉयल लॉज छोड़ने का आदेश भी दिया गया है, जहां वे पिछले दो दशकों से रह रहे थे। राजा के आदेश के बाद एंड्रयू का शाही निवास अधिकार भी खत्म कर दिया गया है। पैलेस ने बताया कि रॉयल लॉज की लीज खत्म करने का नोटिस उन्हें थमा दिया गया है। वे अब किंग चार्ल्स की निजी संपत्ति सैंडरिंगहैम एस्टेट (नॉरफॉक) में रहने के लिए शिफ्ट होंगे। किंग चार्ल्स ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब 65 वर्षीय एंड्रयू एक बार फिर विवादों में घिरे हुए हैं, खासकर अमेरिकी अरबपति और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से उनकी दोस्ती को लेकर।
बकिंघम पैलेस ने गुरुवार को जारी बयान में कहा, आज महामहिम ने प्रिंस एंड्रयू के ‘स्टाइल, टाइटल्स और ऑनर्स’ हटाने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की है। अब वे ‘एंड्रयू माउंटबैटन विंडसर’ के नाम से जाने जाएंगे।हाल में वर्जीनिया गिफ्रे की मरणोपरांत किताब ‘नोबॉडीज गर्ल’ के प्रकाशन के बाद जनता में गुस्सा फिर भड़क गया। गिफ्रे, जिसने अप्रैल में आत्महत्या कर ली थी, ने दावा किया था कि किशोरावस्था में उसका यौन शोषण एंड्रयू ने किया था। हालांकि, एंड्रयू ने इन सभी आरोपों को लगातार खारिज किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में एंड्रयू ने गिफ्रे के साथ करोड़ों डॉलर के समझौते से यह मामला शांत करने की कोशिश की थी, लेकिन जनता का गुस्सा थमा नहीं। बकिंघम पैलेस ने कहा कि यह कार्रवाई एंड्रयू के ‘गंभीर निर्णयगत चूकों’ के कारण की गई है, भले ही वे आरोपों से इनकार करते रहे हों। सूत्रों के मुताबिक, किंग चार्ल्स अब एंड्रयू के ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क, अर्ल ऑफ इनवर्नेस और बैरन ऑफ किलीलिआ’ जैसे खिताबों को भी रद्द करने के लिए रॉयल वॉरंट जारी करेंगे। इसके लिए संसद की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। राजा ने यह भी स्पष्ट किया कि एंड्रयू की बेटियाँ प्रिंसेस बीट्रिस और प्रिंसेस यूजिनी अपने शाही खिताब रख सकेंगी। यह 1917 में किंग जॉर्ज पंचम की ओर से बनाए गए नियमों के अनुसार है, जो शासक के पुत्रों के बच्चों को स्वचालित रूप से राजसी सम्मान देता है।
माइक्रोवेव में खाना गर्म करने से कैंसर का कोई प्रमाण नहीं
31 Oct, 2025 07:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन । विश्व स्वास्थ्य संगठन और विभिन्न कैंसर रिसर्च संस्थानों के अनुसार, माइक्रोवेव में खाना गर्म करने से कैंसर का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। माइक्रोवेव रेडिएशन केवल खाने को गर्म करने के लिए होता है और यह खाने में रेडियोएक्टिविटी नहीं पैदा करता। लेकिन कुछ गलतियों से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। सबसे जरूरी है कि माइक्रोवेव में हमेशा “माइक्रोवेव सेफ” बर्तनों का इस्तेमाल किया जाए। गलत बर्तन, जैसे कुछ प्लास्टिक कंटेनर, गर्म होने पर हानिकारक केमिकल छोड़ सकते हैं। एल्यूमिनियम फॉयल या किसी भी तरह के धातु के बर्तन कभी माइक्रोवेव में न डालें। विशेष रूप से प्रेग्नेंट महिलाओं को प्लास्टिक बर्तनों से बचना चाहिए क्योंकि इनमें मौजूद केमिकल शरीर में जाकर स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। इसके बजाय कांच या सिरेमिक के बर्तन अधिक सुरक्षित माने जाते हैं। कई लोग मानते हैं कि माइक्रोवेव में खाना गर्म करने से पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि पोषक तत्वों का नुकसान माइक्रोवेव में उतना ही होता है जितना स्टोव या उबालने में। सही तापमान और समय पर खाना गर्म करने से पोषण सुरक्षित रहता है। इसके अलावा, खाना ज्यादा देर तक माइक्रोवेव में गर्म करना न केवल स्वाद और पोषण को प्रभावित करता है, बल्कि बर्तन और ओवन को भी नुकसान पहुंचा सकता है। खाना गर्म करते समय ढक्कन को पूरी तरह बंद न करें; हल्का खुला रहने से भाप बाहर निकल जाती है और डब्बा फटने या ओवरफ्लो होने का खतरा कम होता है। ओवन की सफाई और समय-समय पर उसकी जांच करना भी जरूरी है। खराब माइक्रोवेव या गंदे ओवन में खाना गर्म करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
संक्षेप में, माइक्रोवेव में खाना गर्म करना पूरी तरह सुरक्षित है, बशर्ते आप सही बर्तन का उपयोग करें, समय और तापमान का ध्यान रखें, और ओवन को साफ-सुथरा रखें। इन सरल सावधानियों के साथ आप माइक्रोवेव का फायदा उठा सकते हैं और स्वास्थ्य जोखिम से बच सकते हैं। बता दें कि आज के समय में माइक्रोवेव हर घर की रसोई का अहम हिस्सा बन गया है। ऑफिस, घर या होटल हर जगह इसका इस्तेमाल बढ़ गया है। खासकर सर्दियों में, जब खाने को जल्दी और आसानी से गरम करने की जरूरत होती है, माइक्रोवेव बेहद काम आता है। हालांकि, कई लोगों में यह धारणा है कि माइक्रोवेव से निकलने वाला रेडिएशन खाने को रेडियोएक्टिव बना सकता है और इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
3I/ATLAS: दूसरी दुनिया से आया रहस्यमयी धूमकेतु, क्या दिसंबर में धरती से टकराएगा?
31 Oct, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दुनिया भर के वैज्ञानिकों (scientists) की नजर धूमकेतु 3I/ATLAS पर है। यह हमारे सौरमंडल (Solar System) के बाहर से आया है। वैज्ञानिक इसकी अनोखी विशेषताओं को समझने और अंतरिक्ष सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए इस पर लगातार नजर रख रहे हैं। यह हमारे सौरमंडल में आने वाला तीसरा अंतरतारकीय धूमकेतु है। सूर्य के करीब से गुजरने के बाद अब यह 19 दिसंबर 2025 को पृथ्वी के सबसे करीब आएगा। धूमकेतु 3I/ATLAS को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं।
नासा के वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह धूमकेतु आज सूरज के करीब से गुजरा। इस दौरान इसकी दूरी 21 करोड़ किमी रही। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके व्यवहार से ब्रह्मांड के कई अनसुलझे रहस्यों से पर्दा उठ सकता है। इस धूमकेतु को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एटलस टेलीस्कोप ने खोजा था। यह अपने दुर्लभ गुणों, जैसे ‘ऐंटी टेल’ और कार्बन डाइऑक्साइड की अधिकता की वजह से वैज्ञानिकों के लिए रहस्य बना हुआ है।
नासा के मुताबिक, सूर्य और धरती के करीब से गुजरने के बाद भी इसके टकराने का कोई खतरा नहीं है। इससे पहले हमारे सौर मंडल में बाहर से आने वाले रहस्यमयी ‘ओउमुआमुआ’ (2017) और बोरिसोव (2019) धूमकेतु थे। हालांकि, वैज्ञानिकों की पकड़ में 3I/ATLAS धूमकेतु जल्दी आ गया।
कब हुई थी इसकी खोज?
चिली में नासा के एटलस टेलीस्कोप ने इसे सबसे पहले 1 जुलाई 2025 को खोजा था। इसकी कक्षा अतिपरवलयिक(Hyperbolic) है। इसका मतलब है कि यह गुजर जाएगा और कभी लौटकर नहीं आएगा। 30 अक्तूबर यानी आज यह धूमकेतु सूर्य के सबसे करीब रहा। इस दौरान सूर्य की गर्मी से इसकी बर्फीली सतह पिघल गई। इससे एक चमकदार कोमा(धुंधला आवरण) और एक लंबी पूंछ बन गई।
क्या धरती से होगी टक्कर?
3I/ATLAS धूमकेतु 19 दिसंबर 2025 को धरती के करीब से गुजरेगा। हालांकि, इस दौरान यह करीब 27 करोड़ किमी की बेहद सुरक्षित दूरी पर रहेगा। यह दूरी इतनी ज्यादा है कि किसी भी तरह के टक्कर कोई संभावना नहीं है। नासा ने 3I/ATLAS के रास्ते की बहुत ध्यान से कैलकुलेशन किया है। इससे स्पष्ट हो गया है कि पृथ्वी या किसी अन्य ग्रह को कोई खतरा नहीं है।
वैज्ञानिकों का चौंकाने वाला खुलासा
वैज्ञानिकों को इसमें कुछ असामान्य व्यवहार दिखा है। हार्वर्ड विश्वविद्यालय के खगोलशास्त्री एवी लोएब ने इसके अप्राकृतिक उत्पत्ति की संभावना जताई थी जिसके बाद कुछ अटकलें लगीं। लेकिन नासा के वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि यह एक प्राकृतिक वस्तु है और यह अटकलें अभी तक साबित नहीं हुई हैं। 3I/ATLAS वैज्ञानिकों को हमारे सौरमंडल के बाहर की चीजों को करीब से स्टडी करने का एक अच्छा मौका देता है। नासा के वैज्ञानिकों ने साफ कर दिया है कि यह कोई एलियन स्पेसक्राफ्ट नहीं है।
हरियाणा में पानी हुआ ‘महंगा सौदा’, 6.38 रुपये प्रति किलोलीटर तक बढ़ा रेट
31 Oct, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा सरकार ने नगर निगमों के दायरे में आने वाले शहरों में नई पेयजल तथा सीवरेज लाइन बिछाने में खर्च की गई रकम की भरपाई के लिए नया रास्ता निकाला है।
गुरुग्राम, फरीदाबाद तथा सोनीपत और पानीपत सहित कई जिलों में नवंबर से पानी के बिलों में डबल बढ़ोतरी होने जा रही है। गुरुग्राम नगर निगम ने तो पेयजल और सीवरेज के नए रेट तय करते हुए एक नवंबर से नई दर लागू करने की तैयारी कर ली है।
अन्य जिलों में तैयारी की जा रही है। ऐसे में लोगों को पानी को व्यर्थ बहने से बचाना होगा, क्योंकि बिल की रकम हर घर और कनेक्शन लेने वाले की जेब पर असर डालेगी।
घरेलू कनेक्शन लेने वाले लोगों को दो गुना रकम देनी होगी। एक से 20 किलोलीटर पानी खर्च करने पर अब डबल रकम देनी होगी। पहले लोगों को 3.19 रुपये किलोलीटर की दर से पैसे देने पड़ते थे लेकिन अब 6.38 रुपये किलोलीटर की दर से भुगतान करना होगा।
20 से 40 किलोलीटर तक पानी का रेट 6.38 रुपये से बढ़ाकर 10.21 रुपये प्रति किलोलीटर कर दिया गया है, जिसमें 60 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।
40 किलोलीटर से अधिक पानी खर्च करने पर 10.21 रुपये की बजाय 12.76 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से भुगतान करना होगा। बल्क और व्यवसायिक कनेक्शन में भी बिल की रकम बढ़ाई गई है।
यदि किसी का पानी का बिल पांच रुपया आया तो उसे सीवरेज के बिल के रूप में 250 रुपये सीवरेज चार्ज के रूप में अलग से देने होंगे। निगम अधिकारियों का कहना है कि पेयजल के नेटवर्क को मजबूत करने तथा 24 घंटे पानी देने पर खर्च बढ़ गया है, जिसके चलते बिल की दरें बढ़ानी पड़ी हैं।
पानी की मात्रा पहले की दर- बढ़ी हुई दर - प्रतिशत में बढ़ोत्तरी
0 से 2000 लीटर- 3.19 रुपये 6.38 रुपये - 100 प्रतिशत
2000 से 4000 लीटर- 6.38 रुपये - 10.21 - 60 प्रतिशत
4000 लीटर से अधिक- 10.21 रुपये - 12.76 रुपये 25 प्रतिशत
रूस ने तोड़ी यूक्रेन की रक्षा दीवार: किया शहर पर कब्जा, ट्रंप नहीं सुन रहे गुहार
30 Oct, 2025 12:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को। रूस-यूक्रेन युद्ध में रूस की बढ़त स्पष्ट हो रही है। यूक्रेन लगातार अमेरिका से उन्नत हथियार मांग रहा है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे। रणक्षेत्र में यूक्रेन की स्थिति बिगड़ रही है। इसका प्रमाण पोक्रोव्स्क शहर पर रूस का लगभग पूर्ण नियंत्रण है। दो वर्षों से रूस इस रणनीतिक शहर को लक्ष्य बना रहा था; अब इसकी विजय युद्ध का रुख बदल सकती है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने स्वीकार किया कि रूसी सेना ने पोक्रोव्स्क में निर्णायक बढ़त हासिल कर ली है। हालात अत्यंत कठिन हैं। रूसी सैनिक यूक्रेनी बलों से आठ गुना अधिक संख्या में हैं, जिसे रोकना असंभव लग रहा है। जेलेंस्की ने कहा, “रूस ने सभी लक्ष्य हासिल नहीं किए, लेकिन संख्या और शक्ति से हमें घेर लिया है।
पोक्रोव्स्क डोनबास का प्रमुख सप्लाई और परिवहन केंद्र है। पूर्वी मोर्चे पर सैनिकों, हथियारों व राहत सामग्री की आपूर्ति यहीं से होती है। रूस का कब्जा पूरे डोनेत्सक क्षेत्र पर नियंत्रण की दहलीज खोलेगा। सैटेलाइट चित्रों से पता चला कि 200 से अधिक रूसी सैनिक शहर में घुस चुके हैं। भीषण संघर्ष जारी है; रूसी तोड़फोड़ दल कई इलाकों में सक्रिय हैं। यूक्रेनी कैप्टन ह्रीगोरी शापोवाल के अनुसार, रूस ने आसपास भारी सैन्य तैनाती की है। बख्तरबंद वाहनों से पैदल सैनिकों को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसे रोकना चुनौतीपूर्ण है। पोक्रोव्स्क के पतन से कुराखोवे, स्लोवियांस्क, कोस्त्यांतिनिव्का और द्रुझ्किव्का जैसे शहरों की रक्षा दीवार ढह जाएगी। ये डोनबास के प्रवेश द्वार हैं।
जेलेंस्की ने ट्रंप से चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर दबाव डालने की गुहार लगाई है ताकि चीन रूस को सहायता बंद करे। ट्रंप इस सप्ताह दक्षिण कोरिया में शी से मिलेंगे। जेलेंस्की बोले, ट्रंप यदि चीन को रूस से ऊर्जा आयात घटाने के लिए राजी कर लें, तो यह बड़ी राहत होगी। वर्तमान में रूस समझौते को तैयार नहीं; परिस्थितियां विकट हैं। पोक्रोव्स्क डोनेत्सक ओब्लास्त में फ्रंटलाइन से मात्र 40 किमी पश्चिम है। यह यूक्रेन की मुख्य सप्लाई लाइन है। रूस का कब्जा इसे विच्छिन्न कर डोनबास में यूक्रेनी स्थिति कमजोर करेगा। रूस पहले ही डोनेत्सक-लुहांस्क के बड़े भाग पर काबिज है। यह शहर दोनों पक्षों के लिए प्रतिष्ठा का प्रतीक है, इसका पूर्ण नियंत्रण पूर्वी मोर्चे का मानचित्र बदल देगा। युद्ध अब रूस के पक्ष में झुक रहा है, यूक्रेन की रक्षा दीवार टूटने की कगार पर है।
ट्रंप ने पीएम मोदी की तारीफ कर..............उन्हें कठोर और मजबूत नेता बताया
30 Oct, 2025 10:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफों के पुल बांधे हैं। दक्षिण कोरिया में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) शिखर सम्मेलन से पहले दिए भाषण में ट्रंप ने पीएम मोदी को ‘नाइस लुकिंग मैन’ यानी ‘सबसे अच्छे दिखने वाले व्यक्ति’ बताया, जिन्हें देखकर लगता है जैसे ‘आपके पिता हों’, लेकिन साथ ही उन्हें ‘किलर’ यानी कठोर और मजबूत नेता करार दिया।
ट्रंप ने अपने भाषण में भारत-पाकिस्तान तनाव का जिक्र कर कहा, ‘अगर आप भारत और पाकिस्तान की बात करें, तब मैं भारत के साथ व्यापार सौदा कर रहा था। मुझे प्रधानमंत्री मोदी के प्रति बहुत सम्मान और प्यार है। वे दोनों एक-दूसरे पर हमला करने की तैयारी में थे। मैंने दोनों देशों के नेतृत्व को कहा कि अगर वे लड़ते रहते हैं, तब अमेरिका उनके साथ कोई व्यापार नहीं करेगा।’ ट्रंप ने दावा किया कि उनकी मध्यस्थता से भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम हो गया था, हालांकि भारत सरकार लगातार ट्रंप के इन दावों को खारिज कर सकता है।
इसतरह मोदी की छवि का जिक्र कर ट्रंप ने कहा, वह सबसे अच्छे दिखने वाले व्यक्ति हैं, आपको लगेगा कि जैसे वे आपके पिता हैं। लेकिन वे किलर हैं। मोदी ने एक बार कहा था कि नहीं, हम लड़ेंगे। मैंने कहा, ‘वोह, क्या ये वहीं इंसान है जिसे मैं जानता हूं? ट्रंप ने मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताकर कहा कि उनकी दोस्ती बहुत मजबूत है। यह बयान ट्रंप के उस संबोधन का हिस्सा था, जिसमें उन्होंने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर जोर दिया। ट्रंप बुधवार को सियोल पहुंचे, जहां वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित कई विश्व नेताओं से मुलाकात करने वाले हैं।
ट्रंप की यह टिप्पणी तब आई है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक वार्ता जारी है। ट्रंप प्रशासन ने भारतीय आयात पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जिनमें से 25 प्रतिशत टैरिफ अगस्त से लागू हैं। ये अतिरिक्त टैरिफ भारत के रूस से तेल आयात को लेकर लगाए गए हैं। भारत ने अपनी ऊर्जा नीति का बचाव कर कहा है कि उसकी तेल खरीद पूरी तरह बाज़ार की परिस्थितियों और राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यकताओं पर आधारित है, किसी भू-राजनीतिक दबाव पर नहीं।
ट्रंप का यह नया बयान उनके हालिया बयानों से काफी अलग है। उन्होंने वाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान पीएम मोदी को ‘ग्रेट पर्सन’ और ‘ग्रेट फ्रेंड’ बताया था। उन्होंने कहा था, ‘मैं भारत के लोगों को अपनी शुभकामनाएं देना चाहता हूं। मैंने आज ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। हमारी बातचीत शानदार रही।
ट्रंप किम से मुलाकात को बेकरार.......उधर तानाशाह ने क्रूज मिसाइल का परीक्षण कर साफ किए इरादे
30 Oct, 2025 09:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किम जोंग-उन से मुलाकात करने के बार-बार प्रस्ताव दिए हैं। अगर यह मुलाकात होती है, तब यह छह साल से अधिक समय में उनकी पहली मुलाकात होगी। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के प्रस्तावों के बीच, उत्तर कोरिया ने पीले सागर में समुद्र से सतह पर मार करने वाली सामरिक क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया। विश्लेषकों और विशेषज्ञों ने क्रूज मिसाइल परीक्षण को ट्रंप के प्रस्ताव को ठुकराने के रूप में देखा है। क्यूंगनाम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर लिम यूल-चुल ने इस किम द्वारा ट्रंप के दृढ़ बैठक प्रस्तावों को अस्वीकार करने की पुष्टि बताया है। प्रोफेसर लिम यूल-चुल का मानना है कि अमेरिका-उत्तर कोरिया बैठक की संभावना कम हो गई है, हालांकि जब तक ट्रंप कोरियाई प्रायद्वीप में हैं, तब तक इसकी बहुत कम उम्मीद के साथ संभावना बनी रह सकती है। किम ने पहले कहा था कि अगर वाशिंगटन परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग छोड़ देता है, तो उत्तर कोरिया अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि वे प्रतिबंधों में ढील के लिए किसी भी तरह की लेनदेन वाली बातचीत में शामिल नहीं होने वाले है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि उत्तर कोरिया बातचीत शुरू करने से पहले दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास स्थगित करने जैसे किसी बड़े समझौते की वाशिंगटन की पेशकश का इंतजार कर रहा होगा। उत्तर कोरिया ने यह मिसाइल परीक्षण राष्ट्रपति ट्रंप के दक्षिण कोरिया पहुंचने से कुछ घंटे पहले किया, जहां वह एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीए) कार्यक्रमों में भाग लेने वाले थे। ट्रंप बुधवार से गुरुवार तक दक्षिण कोरिया की यात्रा पर है। बुधवार की सुबह तक किम से मुलाकात को लेकर उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने चुप्पी साध रखी थी।
जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
यात्रियों को झटका, कुछ ट्रेनें रद्द तो कुछ का बदला शेड्यूल
नियमों को ठेंगा दिखाकर निजी कंपनी का प्रमोशन, सरगुजा के दो स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस
हनुमानताल पुलिस को भनक तक नहीं, CSP ने मारा छापा
