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गर्भवती महिला कर्मचारी को वर्क फ्रॉम होम देने से कंपनी ने किया इनकार
24 Mar, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। एक कंपनी को अपनी गर्भवती कर्मचारी के साथ लापरवाही बरतने के मामले में भारी कीमत चुकानी पड़ी। अमेरिका में कोर्ट ने कंपनी को करीब 22.5 मिलियन डॉलर यानी करीब 200 करोड़ रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मामला चेल्सी वॉल्श नाम की महिला से जुड़ा है, जो टोटल क्वालिटी लॉजिस्टिक्स में काम करती थीं। चेल्सी की प्रेग्नेंसी हाई-रिस्क थी और डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने को कहा था। उन्होंने कंपनी से वर्क फ्रॉम होम की अनुमति मांगी, लेकिन कंपनी ने इनकार कर दिया और कहा कि या तो वह ऑफिस आकर काम करें या बिना वेतन की छुट्टी लें।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बिना वेतन छुट्टी लेने का मतलब था उनकी आय और हेल्थ इंश्योरेंस खत्म होना, इसलिए मजबूरी में उन्होंने ऑफिस जाकर काम जारी रखा। कुछ ही दिनों बाद उन्हें समय से पहले प्रसव पीड़ा हुई और उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन जन्म के कुछ घंटों बाद ही बच्ची की मौत हो गई। यह प्रीमैच्योर डिलीवरी थी, जो तय समय से करीब 18 हफ्ते पहले हो गई थी। इसके बाद चेल्सी ने कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया और उसे इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार ठहराया। कोर्ट की जूरी ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कंपनी को दोषी माना और भारी जुर्माना लगाया। यह फैसला कर्मचारियों के अधिकारों, खासकर गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर एक अहम मिसाल माना जा रहा है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बयानबाजी ने पकड़ा जोर
24 Mar, 2026 11:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन|अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब अपने चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू करने के फैसले की जिम्मेदारी अपने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ पर डाल दी है। टेनेसी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप के एक बयान ने वाशिंगटन के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
क्या हेगसेथ ने की थी युद्ध की वकालत?
दरअसल सोमवार को मेम्फिस सेफ टास्क फोर्स की एक बैठक में ट्रंप ने संकेत दिया कि हेगसेथ उनके प्रशासन के पहले वरिष्ठ अधिकारी थे जिन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का सुझाव दिया था। ट्रंप ने अपने बगल में बैठे हेगसेथ की ओर इशारा करते हुए कहा, 'पीट, मुझे लगता है कि आप सबसे पहले बोलने वाले व्यक्ति थे और आपने कहा था, 'चलो यह करते हैं क्योंकि आप उन्हें परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दे सकते'।' ट्रंप ने आगे बताया कि ऑपरेशन को मंजूरी देने से पहले उन्होंने हेगसेथ, जनरल केन और कई अन्य महत्वपूर्ण लोगों को फोन किया था।
युद्ध का चेहरा बने हेगसेथ
फरवरी के अंत में शुरू हुए इस युद्ध का उद्देश्य ईरान के मिसाइल कार्यक्रम, ड्रोन उत्पादन और नौसैनिक शक्ति को नष्ट करना बताया गया है। पीट हेगसेथ इस युद्ध के सबसे प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे हैं। वे नियमित रूप से पेंटागन में मीडिया को ब्रीफिंग दे रहे हैं और अमेरिकी सैन्य उद्देश्यों का बचाव कर रहे हैं। हाल ही में जब उनसे युद्ध की समयसीमा के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कोई निश्चित तारीख बताने से इनकार कर दिया और कहा कि मिशन सही रास्ते पर है और ट्रंप ही इसके अंत का फैसला करेंगे।
ट्रंप प्रशासन के भीतर मतभेद
रिपोर्ट्स के अनुसार, युद्ध शुरू करने के फैसले पर ट्रंप प्रशासन के भीतर गहरे मतभेद थे। ट्रंप ने स्वीकार किया था कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस अभियान को लेकर बहुत उत्साहित नहीं थे। दूसरी ओर कथित तौर पर इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और मीडिया मुगल रूपर्ट मर्डोक जैसे लोग अमेरिका पर सैन्य कार्रवाई के लिए दबाव बना रहे थे। इन आंतरिक तनावों का पहला बड़ा परिणाम तब दिखा जब नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर के पूर्व प्रमुख जो केंट ने पिछले हफ्ते अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वे इस युद्ध के विरोध में इस्तीफा देने वाले पहले वरिष्ठ अधिकारी हैं।
युद्ध में हुआ है भारी नुकसान
चार हफ्तों के इस संघर्ष में अब तक भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। आंकड़ों के अनुसार, युध्द में ईरान के 1,500 से अधिक, लेबनान में 1,000 से अधिक, इस्राइल में 15 और अमेरिका के 13 सैनिक मारे गए हैं। ट्रंप ने यह भी कहा है कि प्रशासन युद्ध समाप्त करने और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को फिर से खोलने के लिए बातचीत की संभावनाएं तलाश रहा हैं। उन्होंने कूटनीति के लिए ईरान को दी गई समयसीमा 5 दिन के लिए बढ़ा दी है, हालांकि ईरानी अधिकारियों ने किसी भी तरह की बातचीत होने से साफ इनकार किया है।
ईरान ने डिएगो गार्सिया द्वीप पर अमेरिका-ब्रिटेन के सैन्य अड्डे पर दागीं मिसाइलें
24 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान की मिसाइल कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को और गहरा कर दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया द्वीप पर अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे को निशाना बनाते हुए लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि ये मिसाइलें अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकीं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डिएगो गार्सिया द्वीप पर स्थित यह सैन्य अड्डा रणनीतिक रूप से अत्यंत अहम है। बताया जा रहा है कि यह हमला मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच पहली बार इतनी लंबी दूरी की मिसाइलों के इस्तेमाल का संकेत देता है। इजराइल डिफेंस फोर्स के मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद इस स्तर की क्षमता का प्रदर्शन पहली बार देखा गया है। हालांकि ईरान ने आधिकारिक रूप से इस हमले की पुष्टि नहीं की है। ईरानी मीडिया भी इस संबंध में विदेशी स्रोतों के हवाले से ही रिपोर्टिंग कर रहा है। अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने अज्ञात अधिकारियों के हवाले से इस घटना की जानकारी दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस असफल हमले के बावजूद इसकी रणनीतिक अहमियत कम नहीं है। इससे यह संकेत मिलता है कि ईरान अपनी मिसाइल क्षमता का दायरा बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। वर्तमान में चागोस द्वीपसमूह ईरान से करीब 3800 किलोमीटर दूर है, जो इसकी मारक क्षमता का एक अहम संकेतक है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या भविष्य में यूरोप के प्रमुख शहर जैसे लंदन, पेरिस और बर्लिन भी इस दायरे में आ सकते हैं। हालांकि, ब्रिटेन के एक कैबिनेट मंत्री ने कहा है कि फिलहाल इस बात का कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि ईरान के पास इतनी लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें हैं।
बता दें हाल ही में ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर वैश्विक स्तर पर वार्ता चल रही थी, लेकिन इस घटनाक्रम ने उस प्रक्रिया को भी प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात इसी तरह बिगड़ते रहे, तो यह क्षेत्रीय संघर्ष एक व्यापक वैश्विक संकट का रूप ले सकता है।
फायर ब्रिगेड और आपातकालीन सेवाएं मौके पर तुरंत पहुंचीं
24 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टेक्सास|अमेरिका में टेक्सास तट के पास सोमवार को एक तेल रिफाइनरी में विस्फोट हुआ। इस धमाके के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और आसमान में धुएं का भारी गुबार छा गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्थानीय निवासियों को घरों के भीतर ही रहने का आदेश जारी किया है।
राहत बचाव कार्य जारी
यह विस्फोट ह्यूस्टन से लगभग 145 किलोमीटर पूर्व में स्थित पोर्ट आर्थर की वैलेरो रिफाइनरी में हुआ। पोर्ट आर्थर की मेयर चार्लोट एम. मोसेस ने जानकारी दी कि इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ है सभी सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि दमकलकर्मी मौके पर पहुंच चुके हैं और जल्द से जल्द आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। मेयर ने शहर के पश्चिमी हिस्से के लोगों से अपील की है कि वे घरों से बाहर न निकलें।
क्या बोले स्थानीय निवासी?
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और तस्वीरों में रिफाइनरी से आग की लपटें और काला धुआं निकलता दिखाई दे रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि उनके घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। प्रशासन ने फेसबुक के जरिए संदेश दिया है कि जब तक आपातकालीन सेवाओं की ओर से खतरा टलने की घोषणा का संकेत न मिल जाए, तब तक लोग सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
टेक्सास के राज्य प्रतिनिधि क्रिश्चियन मैनुअल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि 'टेक्सास कमीशन ऑन एनवायर्नमेंटल क्वालिटी' की टीम वायु निगरानी उपकरणों के साथ रिफाइनरी पहुंच गई है। उन्होंने निवासियों को सलाह दी है कि वे बाहरी गतिविधियों को सीमित करें और अपने घरों के खिड़की-दरवाजे बंद रखें।
वैलेरो की वेबसाइट के अनुसार, इस रिफाइनरी में लगभग 770 कर्मचारी काम करते हैं और इसकी क्षमता प्रतिदिन लगभग 4,35,000 बैरल तेल संसाधित करने की है। यह प्लांट कच्चे तेल से गैसोलीन, डीजल और जेट ईंधन तैयार करता है। गौरतलब है कि यह विस्फोट ऐसे समय में हुआ है जब ईरान युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में अनिश्चितता बनी हुई है और गैस की कीमतों में पहले से ही भारी उछाल देखा जा रहा है। फिलहाल वैलेरो कंपनी की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
ट्रंप की ईरान को 48 घंटे वाली चेतावनी.............ताकत से ही शांति आएगी
24 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध को तीन हफ्ते पूरे हो चुके हैं, लेकिन शांति की जगह संघर्ष बढ़ता जा रहा है। 28 फरवरी से शुरू हुई भीषण जंग ने न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को हिला दिया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी संकट में डाल दिया है। लेबनान में मौतों का आंकड़ा 1029 तक पहुँच गया है, जबकि ईरान और इजरायल दोनों तरफ जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए मिसाइल हमलों ने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों को चौंका दिया है। डिमोना इजरायल का अत्यंत संवेदनशील रणनीतिक केंद्र माना जाता है। इन हमलों के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि अब सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया जा रहा है। युद्ध का सबसे भयावह असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पड़ा है। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के बाधित होने से कच्चे तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है। दर्जनों टैंकर समुद्र में फंसे हुए हैं, जिससे दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल की आशंका है। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख दिखाकर ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप का स्पष्ट संदेश है कि ताकत से ही शांति आएगी। अगर 48 घंटों के भीतर होर्मुज का रास्ता साफ नहीं किया गया, तब अमेरिकी सेना ईरान के पावर प्लांट्स को तबाह करना शुरू कर देगी।
इधर ट्रंप की धमकी के जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने भी जैसे को तैसा वाली चेतावनी दी है। आईआरजीसी ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान के बिजलीघरों पर हमला हुआ, तब वे न केवल इजरायल के पावर ग्रिड को निशाना बनाएंगे, बल्कि उन ठिकानों को भी तबाह कर देने वाले हैं, जो मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य अड्डों को बिजली की आपूर्ति करते हैं। वर्तमान स्थिति को देखकर संघर्ष एक एनर्जी वॉर में तब्दील होता दिख रहा है। यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए, आने वाले 48 घंटे दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए निर्णायक साबित हो सकते है।
इराक में सुरक्षा स्थिति बिगड़ने का खतरा, अमेरिकी दूतावास सतर्क
24 Mar, 2026 09:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन|अमेरिका के विदेश विभाग ने कहा है कि ईरान समर्थित उग्रवादी संगठन इराक में अमेरिकी नागरिकों और अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर व्यापक हमले कर रहे हैं। विभाग ने अपने नागरिकों को तत्काल इराक छोड़ने की सलाह दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा एक बयान में कहा गया, 'इराक में ईरान समर्थित उग्रवादियों ने अमेरिकी नागरिकों और अमेरिका से जुड़े लक्ष्यों पर व्यापक हमले किए हैं, जिनमें इराकी कुर्दिस्तान क्षेत्र भी शामिल है। अमेरिकी नागरिक तुरंत इराक छोड़ दें। इराक में अमेरिकी मिशन नागरिकों की सहायता के लिए खुला है।'
'दूतावास जाने के दौरान भी हो सकता है हमला'
बयान में आगे कहा गया कि मौजूदा सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास या एरबिल स्थित वाणिज्य दूतावास जाने की कोशिश न करें, क्योंकि इराकी हवाई क्षेत्र में मिसाइल, ड्रोन और रॉकेट हमलों का खतरा बना हुआ है। सभी नियमित कांसुलर सेवाएं, जिसमें वीजा सेवाएं भी शामिल हैं, फिलहाल निलंबित हैं। आपात स्थिति में अमेरिकी नागरिकों को संबंधित ईमेल के जरिए संपर्क करने की सलाह दी गई है।
इराक की यात्रा न करने की चेतावनी
अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों की इराक की यात्रा न करने की चेतावनी भी दोहराई है और कहा है कि किसी भी कारण से इराक की यात्रा न करें, और यदि वहां मौजूद हैं तो तुरंत देश छोड़ दें। इससे पहले शनिवार को अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों के लिए वैश्विक चेतावनी जारी की थी। इसमें कहा गया था कि ईरान समर्थक समूह अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना सकते हैं।
चेतावनी में कहा गया, 'दुनियाभर में, विशेष रूप से पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी नागरिक अतिरिक्त सतर्कता बरतें। विदेश में रह रहे अमेरिकी नागरिक नजदीकी अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। समय-समय पर हवाई क्षेत्र बंद होने से यात्रा प्रभावित हो सकती है।'
IRGC के बयान से क्षेत्रीय राजनीतिक खेल में नई रणनीति सामने
24 Mar, 2026 09:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान|पश्चिम एशिया में जारी युद्ध चौथे सप्ताह में पहुंच गया है लेकिन स्थिति कहीं से भी सामान्य होती नहीं दिख रही है। एक तरफ ईरान ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत हमलों की एक नई और भीषण लहर शुरू की है। वहीं दूसरी तरफ सऊदी अरब और यूएई जैसे देश भी अब इस संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल होने की तैयारी करते दिख रहे हैं।
ईरान शुरू किया ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 का 78वॉ चरण
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने मंगलवार को ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के 78वें चरण की घोषणा की। इसके तहत इस्राइल के डिमोना, तेल अवीव और ईलाट जैसे अत्यधिक संवेदनशील ठिकानों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान ने इन हमलों में इमाद और काद्र (मल्टी-वारहेड) मिसाइल प्रणालियों और हमलावर ड्रोनों का इस्तेमाल किया है। आईआरजीसी का दावा है कि हालिया हमलों में डिमोना और अराद शहर में 200 से अधिक लोग हताहत हुए थे।
सऊदी अरब-यूएई के रुख में बदलाव
दूसरी ओर वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, सऊदी अरब और यूएई ने ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने के संकेत दिए हैं। सऊदी अरब ने अमेरिका को अपने किंग फाहद एयर बेस तक पहुंच प्रदान करने पर सहमति जताई है, जबकि पहले वह अपने एयर बेस के इस्तेमाल से इनकार करता रहा था। कूटनीतिक मोर्चे पर सऊदी ने ईरान के सैन्य अताशे और चार दूतावास कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। वहीं, यूएई ने ईरान के मालिकाना हक वाले एक अस्पताल और क्लब को बंद कर दिया है, जो तेहरान के लिए अहम माने जाते थे। यूएई की हवाई रक्षा प्रणाली भी ईरानी हमलों को रोकने में जुटी है। कुछ वीडियो से यह भी संकेत मिले हैं कि ईरान पर हमलों के लिए बहरीन से मिसाइलें दागी गई थीं।
कुवैत में बिजली संकट
इस युद्ध की आग में पड़ोसी देशों भी झुलस रहे हैं। मंगलवार तड़के कुवैत में हवाई रक्षा प्रणालियों द्वारा मिसाइलों को रोकने के दौरान गिरे मलबे से सात बिजली ट्रांसमिशन लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है। अधिकारी बिजली सेवा बहाल करने में जुटे हैं।
ट्रंप ने होर्मुज खोलने की समयसीमा बढ़ाई
इस तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए दी गई समयसीमा बढ़ा दी है और पांच दिनों के लिए ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमले टाल दिए हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान समझौता करना चाहता है और उनके दूत स्टीव विटकॉफ व जेरेड कुशनर एक ईरानी नेता के साथ बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने फिलहाल किसी भी बातचीत से इनकार किया है।
बता दें कि अब तक इस युद्ध में 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा गई है, तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई मार्गों पर खतरा पैदा हो गया है।
विमान हादसे में पायलट और को-पायलट की मौत, आडियो में कंट्रोलर कह रहा...........रुको, रुको, रुको! ट्रक
24 Mar, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यूयॉर्क। अमेरिका के न्यूयॉर्क के व्यस्त ला ग्वार्डिया एयरपोर्ट पर सोमवार को एक विमान हादसा हुआ। एयर कनाडा का एक यात्री विमान रनवे पर एक फायर ट्रक से टकराया। इस हादसे में पायलट और को-पायलट की मौत हो गई। अब हादसे से ठीक पहले का एक ऑडियो सामने आया है।
मॉन्ट्रियल ट्रूडो इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आए एयर कनाडा के विमान करीब 100 लोग सवार थे। आंकड़ों के मुताबिक, टक्कर के समय विमान करीब 39 किलोमीटर प्रति घंटा (24 मील प्रति घंटा) की रफ्तार से चल रहा था। वहीं हादसे से ठीक पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) और पायलटों के बीच हुई बातचीत का एक दर्दनाक ऑडियो सामने आया है। इसमें कंट्रोलर को चिल्लाते हुए साफ सुना जा सकता है। कंट्रोलर चेतावनी देकर कहता है, रुको, रुको, रुको! ट्रक
तभी विमान को खतरे से बचाने की कोशिश की गई। डेल्टा एयरलाइंस के विमान को तुरंत लैंडिंग रद्द करने का निर्देश दिया। टक्कर के कुछ ही पलों बाद कंट्रोलर ने कहा, डेल्टा 2603, चक्कर लगाएं, मैं देख रहा हूं कि आप एक गाड़ी से टकरा गए हैं, बस अपनी स्थिति बनाए रखें।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, फायर ट्रक में सवार दो लोगों के हाथ-पैर टूट गए हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर है। हादसे के तुरंत बाद ला ग्वार्डिया एयरपोर्ट को पूरी तरह बंद किया गया। आने वाली उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर दिया गया है। न्यूयॉर्क सिटी इमरजेंसी मैनेजमेंट ने कहा है कि लोग मानकर चलें कि उड़ानें कैंसिल हो सकती हैं, सड़कें बंद रह सकती हैं और ट्रैफिक जाम भी हो सकता है।
बरवाला-टोहाना रोड पर भीषण दुर्घटना: एक ही परिवार के चार लोगों की मौत
24 Mar, 2026 08:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बरवाला- टाेहाना। मार्ग पर सोमवार शाम गांव गैबीपुर के एक बाइक सामने से आई पिकअप गाड़ी से टकरा गई। इससे बाइक चालक और उसकी तीन बेटियाें की मौके पर ही माैत हाे गई। पत्नी को गंभीर हालत में अग्राेहा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दाखिल करवाया है। देर रात तक इस संबंध में पुलिस को शिकायत नहीं दी गई थी। गांव मोहब्बतपुर के सरपंच सुभाष मंडा ने बताया कि गांव निवासी मुकेश (30) फर्नीचर का काम करता था। वह पिछले कुछ समय से अपने बच्चों के साथ बरवाला में रह रहा था। सोमवार को पत्नी आरती और तीन बेटियाें 6 साल की दिव्या, 4 साल की निशु और डेढ़ साल की दीक्षा के साथ बाइक पर गांव प्रभुवाला की ओर से बरवाला आ रहा था। गैबीपुर के पास उसकी बाइक सामने से आ रही पिकअप से टकरा गई। इससे पांचों को गंभीर चोटें आईं। राहगीरों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही घायलों को बरवाला के सरकारी अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकाें ने मुकेश, दिव्या व निशु काे मृत घाेषित कर दिया। आरती और दीक्षा को अग्राेहा रेफर कर दिया जहां उपचार के दौरान दीक्षा ने भी दम तोड़ दिया। बरवाला थाने के जांच अधिकारी एसआई अशोक ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और शवों को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भिजवाया। दुर्घटना के बाद पिकअप चालक भाग गया। फिलहाल शिकायत नहीं मिली है। परिजनों के बयान दर्ज कर आगे कार्रवाई की जाएगी।
राहत की खबर: कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति बहाल, 5 किलो सिलिंडर भी उपलब्ध
24 Mar, 2026 08:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद हरियाणा में मंगलवार से वाणिज्यिक गैस सिलिंडरों की सप्लाई बहाल कर दी गई है। प्रदेश में रोजाना 848 सिलिंडरों की खपत के मुकाबले तेल कंपनियों के पास करीब 25 दिनों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। इसके साथ ही प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो के छोटे गैस सिलिंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में फिलहाल 1,79,566 वाणिज्यिक सिलिंडर उपलब्ध हैं, जबकि घरेलू श्रेणी में 9,82,212 सिलिंडरों का स्टॉक मौजूद है जो करीब 6.3 दिन की मांग के बराबर है। इसी व्यवस्था को मंगलवार से पड़ोसी राज्य पंजाब में भी लागू किया जाएगा। इससे पहले प्रदेश में वाणिज्यिक सिलिंडरों की सप्लाई केवल 30 प्रतिशत तक सीमित थी, जिसके तहत स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों को प्राथमिकता दी जा रही थी। अब 20 प्रतिशत अतिरिक्त आपूर्ति बहाल होने के बाद रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग इकाइयों, डेयरी, सरकारी सब्सिडी कैंटीन और कम्युनिटी किचन को प्राथमिकता के आधार पर सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत सभी वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को तेल विपणन कंपनियों में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। कंपनियां उपभोक्ताओं की खपत और उपयोग का रिकॉर्ड रखेंगी। साथ ही उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करना और उसे अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाना होगा। पीएनजी अपनाने की प्रक्रिया शुरू करने वाले उपभोक्ताओं को ही अतिरिक्त एलपीजी आवंटन का लाभ दिया जाएगा। हरियाणा के खाद्य आपूर्ति विभाग के एसीएस जे. गनेशन की अध्यक्षता में मंगलवार को चंडीगढ़ में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक भी आयोजित की जाएगी, जिसमें सप्लाई व्यवस्था और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
ट्रंप के ऐलान के बाद भी हमले जारी, ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार किया
24 Mar, 2026 08:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका और इजराइल के द्वारा ईरान पर शुरू किए गए हमले का आज मंगलवार को 25वां दिन है. इन चार हफ्तों के घटनाक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से कई गई घोषणा अहम है. उन्होंने 5 दिनों के लिए हमले रोकने का ऐलान किया है. ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान ने परमाणु हथियार न रखने पर सहमति जताई है. ट्रंप ने आगे कहा कि अब, ईरान के पास अमेरिका और हमारे सहयोगियों के लिए अपने खतरों को खत्म करने का एक और मौका है और हमें उम्मीद है कि वे इसका लाभ उठाएँगे. चाहे कुछ भी हो, अमेरिका और पूरी दुनिया जल्द ही कहीं ज्यादा सुरक्षित होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने उनके रक्षा औद्योगिक आधार को पूरी तरह से तबाह कर दिया है और उनकी नौसेना को खत्म कर दिया है. हालांकि हालाँकि ईरान की संसद के स्पीकर एम.बी. गालिबफ ने ट्रंप की कड़ी आलोचना की. उन्होंने तेहरान और वॉशिंगटन के बीच चल रही बातचीत के बारे में ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है. गालिबफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को खारिज करते हुए कहा कि ये बयान वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने के लिए दिए गए. इनमें इस संघर्ष के बीच काफी उथल-पुथल देखने को मिली है. इस बीच युद्ध को लेकर पूरे पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बना हुआ है.
जयशंकर ने मार्को रूबियो से ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा की
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ फोन पर विस्तार से बातचीत की जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर इसके असर पर खास तौर पर चर्चा हुई. एक्स पर एक पोस्ट में जयशंकर ने कहा कि दोनों नेताओं ने संघर्ष के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर पर भी चर्चा की. अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रूबियो के साथ फोन पर विस्तार से बातचीत हुई. पोस्ट में लिखा, 'हमारी चर्चा पश्चिम एशिया संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर इसके असर पर केंद्रित थी. हमने खास तौर पर ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं पर बात की. संपर्क में बने रहने पर सहमति बनी.' यह चर्चा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आज पहले किए गए उस ऐलान के बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने अमेरिकी युद्ध विभाग को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा स्थलों के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई को पांच दिनों के लिए टाल दिया जाए. उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच तेहरान के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत का हवाला देते हुए यह निर्देश दिया. ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में 'बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत' हुई है. इसका मकसद इस क्षेत्र में आपसी दुश्मनी को खत्म करना है.
हम ईरान और लेबनान दोनों जगहों पर हमले जारी रखे हुए हैं: नेतन्याहू
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्वीट किया, 'आज इससे पहले मैंने अपने मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात की. राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि अमेरिकी सेना के साथ हमने जो जबरदस्त उपलब्धियाँ हासिल की है, उनका लाभ उठाकर समझौते में तय युद्ध के उद्देश्यों को पूरा करने का एक अवसर है. एक ऐसा समझौता जो हमारे अहम हितों की रक्षा करेगा. साथ ही, हम ईरान और लेबनान, दोनों जगहों पर हमले जारी रखे हुए हैं. हम मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु कार्यक्रम को कुचल रहे हैं और हिज्बुल्लाह पर लगातार कड़े प्रहार कर रहे हैं. कुछ ही दिन पहले, हमने दो और परमाणु वैज्ञानिकों को मार गिराया और हमारा हाथ अभी भी आगे बढ़ा हुआ है. हम किसी भी स्थिति में अपने अहम हितों की रक्षा करेंगे.'
अमेरिकी नेताओं के ईरानी अधिकारियों से मुलाकात पर प्रेस सेक्रेटरी ने दिया ये जवाब
न्यूज एजेंसी एएनआई ने व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट से संपर्क किया और पूछा कि क्या अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वैंस, शांति मिशन के लिए अमेरिका के विशेष राष्ट्रपति दूत स्टीव विटकॉफ और बिजनेसमैन व अमेरिका के राष्ट्रपति के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर इस हफ़्ते इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने जवाब दिया, 'ये संवेदनशील कूटनीतिक बातचीत है और अमेरिका प्रेस के जरिए बातचीत नहीं करेगा. यह एक बदलती हुई स्थिति है और मुलाकातों के बारे में लगाए जा रहे अंदाजों को तब तक अंतिम नहीं माना जाना चाहिए, जब तक कि व्हाइट हाउस द्वारा उनकी औपचारिक घोषणा न कर दी जाए.'
ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार किया
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने इस बात से इनकार किया कि तेहरान ने वाशिंगटन के साथ बातचीत की है. उन्होंने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य और युद्ध खत्म करने की शर्तों पर इस्लामिक गणराज्य का रुख नहीं बदला है. बाकाई ने सोमवार को सरकारी समाचार एजेंसी ईरना( IRNA) को बताया कि फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले की शुरुआत के बाद से ईरान का वाशिंगटन के साथ न तो कोई संपर्क हुआ है और न ही होर्मुज और थोपे गए युद्ध को खत्म करने की शर्तों पर उसका रुख बदला है. इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने युद्ध विभाग को ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमले पांच दिनों के लिए टालने का आदेश दिया है. उन्होंने दावा किया कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच 'सार्थक बातचीत' हुई. ट्रंप ने यह चेतावनी दी थी कि तेहरान ने होर्मुज में हालात सामान्य नहीं बनाए तो उसके ऊर्जा सुविधाओं पर हमले करेगा. इसके जवाब में ईरान ने फारसी खाड़ी में स्थित उन बिजली स्टेशनों और ऊर्जा सुविधाओं की एक सूची जारी की जिन्हें वह निशाना बनाया जा सकता था.
दक्षिण एशिया में बढ़ी अमेरिकी सक्रियता, श्रीलंका दौरे पर पहुंचे सर्जियो गोर
24 Mar, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलंबो। अमेरिका के दक्षिण एशिया के विशेष दूत सर्जियो गोर अपनी पहली क्षेत्रीय यात्रा पर श्रीलंका पहुंचे हैं। इस यात्रा को विशेषज्ञ हिंद महासागर क्षेत्र में अमेरिका की बढ़ती रणनीतिक सक्रियता के रूप में देख रहे हैं।
अमेरिकी विशेष दूत सर्जियो गोर की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब ईरान को लेकर वैश्विक तनाव बढ़ा हुआ है। माना जा रहा है कि अमेरिका इस पूरे क्षेत्र में अपनी उपस्थिति और प्रभाव को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। गोर जल्द ही मालदीव का भी दौरा करेंगे और इसके बाद उनके बांग्लादेश और पाकिस्तान जाने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार ने इस दौरे पर अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन यात्रा से पहले गोर ने अजीत डोभाल से मुलाकात की थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारत इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
श्रीलंका की स्थिति भी इस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीलंका ने अपनी “तटस्थ नीति” का पालन करते हुए अमेरिकी दबाव के बावजूद ईरान से जुड़े कुछ मुद्दों पर स्वतंत्र रुख अपनाया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि श्रीलंका रणनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
पूर्व विदेश सचिव निरुपमा मेनन राव ने इस यात्रा को कोई बड़ी सफलता नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संकेत बताया है। उनके अनुसार, हिंद महासागर क्षेत्र में अमेरिका अपनी मौजूदगी को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। गोर की यात्रा के दौरान उन्होंने कोलंबो पोर्ट, नौसैनिक अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थलों का दौरा किया। हालांकि इस दौरे में कोई बड़ा समझौता सामने नहीं आया है, लेकिन इसे भविष्य की रणनीतिक साझेदारी की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम, ट्रंप ने हमलों को रोकने की बात कही
23 Mar, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को फिलहाल टाल दिया है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से चली बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि रक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सभी सैन्य हमलों को 5 दिनों के लिए रोक दिया जाए।ट्रम्प ने कहा कि अगर बातचीत सफल रहती है, तो मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है।दरअसल ट्रम्प ने दो दिन पहले ईरान को धमकी दी थी कि अगर 48 घंटे में होर्मुज रूट नहीं खोला गया तो वो ईरान के पावर प्लांट पर बड़ा हमला करेंगे।
दावा- सीजफायर के लिए ईरान की 3 और शर्तें
ईरान ने सीजफायर के लिए 3 नई शर्तें रखीं हैं। ईरान के एक बड़े अधिकारी ने लेबनानी मीडिया अल मयादीन से रविवार को कहा कि उनका देश पहले से तय योजना के हिसाब से काम कर रहा है।
ईरान की तीन नई शर्त-
इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद किया जाए, होर्मुज स्ट्रेट के लिए नए नियम बनाए जाएं और ईरान के खिलाफ माने जाने वाले मीडिया से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जाए और उनका प्रत्यर्पण किया जाए। जबकि इससे पहले ईरान कहा था कि सीजफायर के लिए भविष्य में दोबारा युद्ध न होने की गारंटी दी जाए, नुकसान का मुआवजा दिया जाए और पूरे क्षेत्र में चल रहे युद्ध खत्म किए जाएं। ईरानी अधिकारी का कहना है कि उनका देश तब तक कार्रवाई जारी रखेगा, जब तक दुश्मनों को सबक नहीं सिखा देता।
हरियाणा के बहादुरगढ़ में तेज रफ्तार कैंटर का कहर, 7 लोग चपेट में; 3 की गई जान
23 Mar, 2026 03:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बहादुरगढ़। में सोमवार को एक लापरवाह कैंटर चालक ने शहर में दो अलग-अलग स्थानों पर हादसे कर दहशत फैला दी। इन भीषण दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से महिला को रोहतक के पीजीआईएमएस में रेफर किया गया है। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहला हादसा दिल्ली-रोहतक रोड पर आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र स्थित मामा चौक पर दोपहर के समय करीब साढ़े 12 बजे हुआ। यहां तेज रफ्तार कैंटर ने सड़क पार कर रहे दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान अशोक (32) निवासी आलियासपुर, जिला छपरा (बिहार) और शंभू (22) निवासी मांझी, जिला छपरा के रूप में हुई है। दोनों बहादुरगढ़ में रहकर नौकरी करते थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद भी कैंटर चालक नहीं रुका और बहादुरगढ़ बाईपास की ओर भाग गया। वहां उसने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार योगेंद्र (30) निवासी कानोंदा की मौत हो गई, जबकि उसका साथी प्रवीण घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान कैंटर ने एक ऑटो को भी टक्कर मार दी, जिसमें तीन लोग सवार थे। हादसे में ऑटो में सवार प्रेम (महिला) निवासी लाइनपार, उनके पति कृष्ण और ऑटो चालक जयवीर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से महिला को रोहतक पीजीआईएमएस रेफर कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी कैंटर चालक की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
Pitbull के हमले से घायल हुआ बच्चा, रोहतक में मालिक और बेटी पर FIR
23 Mar, 2026 02:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक। के लाढ़ौत रोड पर रविवार सुबह कोऑपरेटिव बैंक के ब्रांच मैनेजर बसंत विहार निवासी सुनील नेहरा के 12 वर्षीय बेटे दीपांशु पर पिटबुल कुत्ते ने हमला कर दिया। घायल को पीजीआई के ट्रामा सेंटर में दाखिल कराया गया है। उसके पेट पर तीन सेंटीमीटर तक गहरे घाव आए हैं। पुरानी सब्जी मंडी थाने में मां-बेटी के खिलाफ लापरवाही बतरने की एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक वसंत विहार निवासी सुनील नेहरा ने बताया कि रविवार सुबह करीब नौ बजे उसका बेटा दीपांशु व पूर्व अपने मामा भैयापुर निवासी संदीप से लस्सी लेने लाढ़ोत रोड पर आए थे। दोनों सड़क किनारे खड़े होकर मामा का इंतजार कर रहे थे। अचानक एक मकान से दो पिटबुल कुत्ते निकल कर आए। एक कुत्ते ने उसके छोटे बेटे 10 वर्षीय पूर्व पर हमला कर दिया। दीपांशु ने छोटे भाई का बचाव किया तो कुत्ते ने उसके ऊपर भी हमला कर दिया। दीपांशु को जमीन पर गिराकर पेट पर दांत गड़ा दिए। शोर सुनकर पड़ोस का युवक विक्रम आ गया। विक्रम ने डंडे से कुत्ते पर हमला कर दीपांशु को छुड़वाया। सूचना पाकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। तब तक मामा भी लस्सी लेकर आ गया। उन्होंने ही दीपांशु को अस्पताल में दाखिल कराया।
पेट पर 20 घाव, दो जख्म तीन सेंटीमीटर तक गहरे
दीपांशु के पिता सुनील नेहरा ने बताया कि वे सुबह अपनी पत्नी के साथ जींद जा रहे थे। अचानक पड़ोस से फोन आया कि उसके बेटे को कुत्ते ने काट लिया। वह रोहतक वापस आया और बेटे दीपांशु के पास पीजीआई के ट्रामा सेंटर पहुंचा। बेटे के पेट पर 20 के करीब जख्म हैं। इसमें दो जख्म तो तीन सेंटीमीटर तक गहरे हैं। डॉक्टर ने अपनी एमएलआर रिपोर्ट में बताया कि पेट के दाहिने तरफ नाभि से लगभग 5 सेमी की दूरी पर कई छोटे खरोंच व काटने के निशान हैं। इनसे सक्रिय रक्तस्राव हो रहा है। चिकित्सक और सर्जन की राय लेने की सलाह दी गई है।
बच्चे को संभालने की जगह दरवाजा कर लिया बंद
शिकायतकर्ता ने बताया कि जिस मकान से पिटबुल कुत्ते निकल कर आए थे। वहां से एक महिला व उसकी बेटी निकल कर आई। बेटी घायल दीपांशु को संभालने के बजाय कुत्ते को अंदर घर में ले गई और दरवाजा बंद कर लिया। घायल दीपांशु के पिता सुनील नेहरा के बयान पर महिला शर्मिला व उसकी बेटी मुस्कान के खिलाफ बीएनएस की धारा 291,125(A) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छह माह की कैद तक की हो सकती है कैद
वरिष्ठ वकील दीपक भारद्वाज ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 291 'पशु के प्रति लापरवाहीपूर्ण आचरण' से संबंधित है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर या लापरवाही से अपने पालतू जानवर (जैसे कुत्ता) को असुरक्षित छोड़ता है। इससे मानव जीवन या सुरक्षा को खतरा हो तो 6 महीने तक की जेल या 5,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
2018 में औमेक्स सिटी में हो चुका है छह साल की बच्ची पर हमला
विदेशी नस्ल के कुत्ते का लाढ़ौत पर रोड पर पहला हमला नहीं है। 2018 में बुल टेरिअर कुत्ते ने छह साल की बच्ची को औमेक्स सिटी पर हमला कर दिया था। दो मिनट में बच्ची को 60 जगह से काटा गया था। इसके बावजूद शासन व प्रशासन सख्त कदम नहीं उठा रहा है। नियमों के तहत पालतू कुत्तों का नगर निगम में पंजीकरण कराना होता है। नगर नगर में यह जिम्मेदारी सफाई ब्रांच के पास है। निगम में अगर कोई लिखित में पंजीकरण के लिए आवेदन करता है तो उसका पंजीकरण कर लिया जाता है। अगर कोई पंजीकरण नहीं करवाता तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।
खतरनाक किस्म के होते हैं पिटबुल
पशु चिकित्सक डॉ. ओम आहूजा ने बताया कि पिटबुल खतरनाक प्रजाति का कुत्ता है। यह अपने मालिक पर भी हमला कर सकता है। एक बार पकड़ने बाद आसानी से नहीं छोड़ता। इस नस्ल के कुत्तों को पालने से बचना चाहिए।
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