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ईरान ने अब्राहम लिंकन पर दागीं क्रूज़ मिसाइलें, अमेरिका ने की तस्वीर जारी
27 Mar, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान,। मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-अमेरिका युद्ध लगातार खतरनाक मोड़ लेता जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने अमेरिकी नौसेना के दैत्याकार विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर मिसाइल दागा। ईरान का कहना है कि उसने चाबहार के निकट, अपनी तटरेखा से करीब 250–300 किलोमीटर दूर अब्राहम लिंकन की ओर क्रूज़ मिसाइलें दागीं। हालांकि अमेरिका ने इस हमले से हुए नुकसान की पुष्टि नहीं की है और तस्वीरें जारी कर अपने जहाज को सुरक्षित बताया है।
रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले ईरान ने चेतावनी दी थी कि अगर यह अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर उसकी मिसाइल रेंज में आया, तो उसे निशाना बनाया जाएगा। ईरान के इस हमले से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इस बीच साउथ कोरिया के किम जोन उन ने भी अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध “स्टेट स्पॉन्सर्ड टेररिज्म” जैसा है। यह बयान वैश्विक स्तर पर इस संघर्ष को और राजनीतिक बना रहा है। वहीं होर्मूज को लेकर भी स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ईरान ने कहा है कि केवल “मित्र देशों के” जहाजों को ही इस रास्ते से गुजरने दिया जाएगा। इस जलमार्ग से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है, इसलिए इसका असर वैश्विक बाजार पर पड़ रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने दावा किया है कि उसके न्यूक्लियर पॉवर प्लान के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरा। हालांकि इसमें किसी तरह का नुकसान या कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन यह घटना न्यूक्लियर सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा करती है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया ने भी सुरक्षा कारणों से कुछ ईरानी वीजा धारकों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है। कुल मिलाकर, हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। एक तरफ सैन्य हमले और चेतावनियां हैं, तो दूसरी तरफ कूटनीतिक बयानबाजी और वैश्विक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो रही हैं। इससे साफ है कि यह संघर्ष अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक संकट बनता जा रहा है।
शादी से लौट रहे दोस्तों की कार हादसे का शिकार, दो की मौत, तीन गंभीर
27 Mar, 2026 11:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार-हांसी। बाईपास पर देर रात एक तेज रफ्तार टाटा सियरा कार ट्रैक्टर-ट्रॉले में जोरदार टकरा गई। इस दर्दनाक हादसे में फतेहाबाद जिले के गांव मोची चौबारा के दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।मृतकों की पहचान महावीर (42) और मनोज (38) के रूप में हुई है। दोनों दोस्त भिवानी जिले के बड़सी गांव में एक शादी समारोह में शामिल होकर वापस लौट रहे थे।
हादसे का विवरण
हादसा 26 मार्च की रात करीब 2:30 बजे हांसी बाईपास पर सैनीपुरा फ्लाईओवर के पास हुआ। हिसार की ओर जा रही टाटा सियरा कार ने आगे चल रहे ट्रैक्टर-ट्रॉले में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में महावीर और मनोज की मौके पर ही मौत हो गई। कार में सवार अन्य तीन लोगों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें उपचार के लिए हिसार मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सभी लोग बड़सी गांव में विवाह कार्यक्रम में शामिल होने गए हुए थे और रात में वापस मोची चौबारा लौट रहे थे।मृतकों के शवों को नागरिक अस्पताल हांसी में रखवाया गया है। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ईरान के लोग चाहते हैं मैं उनका सुप्रीम लीडर बन जाऊं और हंस दिए ट्रंप
27 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में कहा कि वे ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं। उनका दावा है कि जंग जल्दी खत्म करने के लिए दोनों तरफ से बातचीत जारी है। हालांकि ट्रंप के दावों को ईरान ने खारिज कर दिया। इन सब के बीच ट्रंप ने एक बात और कही जिसने सबका ध्यान खींचा। उन्होंने कहा कि ईरान के कुछ लोग उनसे अनौपचारिक रूप से कह रहे थे कि आप हमारे अगले सुप्रीम लीडर बन जाओ। ट्रंप ने हंसते हुए कहा कि मैंने मना कर दिया। दुनिया में किसी देश का नेता ईरान का सुप्रीम लीडर बनना नहीं चाहता होगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने ये भी कहा कि अमेरिका ने ईरान को बहुत बुरी तरह हरा दिया है। उन्होंने कहा कि हम इतनी बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं कि किसी ने पहले कभी नहीं देखा। ईरान अब बहुत जल्दी समझौता करना चाहता है, लेकिन डर रहा है। डर इसलिए कि अगर उसने समझौता किया तो उसके अपने लोग उसे मार सकते हैं और हमें भी डर है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका ने ईरान को 15 सूत्र वाला प्रस्ताव भेजा है। इसमें कहा गया है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करे, हिजबुल्लाह जैसे गुटों को सपोर्ट न करे और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोल दे।
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को मानने से साफ इनकार कर दिया। ईरान के एक अधिकारी ने कहा कि ट्रंप अपने आप से बात कर रहे हैं क्या? हम उनके साथ कोई डील कभी नहीं करेंगे। न अब, न भविष्य में। ईरान ने अपना खुद का 5 सूत्र वाला जवाब दिया और कहा है कि जंग उसी की शर्तों पर खत्म होगी।
23 गांवों में पानी की बड़ी सौगात, 24x7 सप्लाई; सर्वे करेगा जल-स्वच्छता संगठन
27 Mar, 2026 10:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नारनौल। प्रदेश के 23 गांवों में 24 घंटे पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों से एक-एक गांव चयनित हुआ है। इन गांवों में अब 24 घंटे पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। इसको लेकर शुक्रवार को जनस्वास्थ्य विभाग के सभी जिलों के अधिकारियों की बैठक होगी जिसमें आगामी रणनीति बनाई जाएगी। 24 घंटे पानी की आपूर्ति के लिए महेंद्रगढ़ जिले के सिगड़ी गांव का चयन हुआ है। यहां पहले से ही वाटर टैंक बना है। इसके अलावा घर-घर नल भी लगे हैं। हालांकि 11 मार्च तक प्रदेश के 6 जिलों ने गांवों की सूची नहीं भेजी थी। इसके बाद उन्हें ऐसे गांवों का चयन कर जल्द सूची उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया था। अब प्रदेश के 23 जिलों से एक-एक गांव का चयन किया जा चुका है। इन गांवों में 24 घंटे पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत आवश्यक तकनीक और प्रबंधन संबंधी सुधार किए जाएंगे। प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र में 2841428 और शहरी क्षेत्र में 995691 पेयजल उपभोक्ता हैं। इनमें महेंद्रगढ़ जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में कुल 153845 उपभोक्ता हैं।
जल और स्वच्छता सहायता संगठन गांव में करेगा सर्वे
महेंद्रगढ़ जिले के सिगड़ी गांव में अब जल एवं स्वच्छता सहायता संगठन की तरफ से घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा। अगर किसी के घर में नल पर टोटी नहीं मिली तो लगवाई जाएगी। वहीं, पानी की एक-एक बूंद बचाने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।
प्रदेश में इन जिलों से एक-एक गांव का किया गया चयन
जिला गांव
अंबाला टेपला
भिवानी रूपाना
चरखी दादरी नोरंगाबास राजपूतान
फरीदाबाद बहादुरपुर
फतेहाबाद उदयपुर
गुरुग्राम खेड़ा
हांसी मोहला
हिसार फ्रांसी
झज्जर लंगरपुर/देसलपुर
जींद सुंदरपुरा
कैथल सलीमपुर महमूद
करनाल यूनिसपुर
कुरुक्षेत्र अरुनाई/रामगढ़ रोर
महेंद्रगढ़ सिगड़ी
नूंह खोरी खुर्द
पलवल रसूलपुर
पंचकूला बरवाला
पानीपत थिराना
रेवाड़ी साबन
रोहतक सिंहपुरा खुर्द
सिरसा नकोरा
सोनीपत नहरा
यमुनानगर अलाहर
अधिकारी के अनुसार
गांव सिगड़ी में हर घर में नल पर टोली लगी हुई या नहीं, इसको लेकर सर्वे करवाया जाएगा। जिला सलाहकार मंगतूराम सरसवा की अध्यक्षता में एक टीम बनाई जाएगी। लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। गांव सिगड़ी में पहले से ही वाटर टैंक बना हुआ है।
नेपाल में पेट्रोल, केरोसीन और डीजल की कीमतों में 15 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी
27 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू। दुनिया की अर्थव्यवस्था पर ईरान और अमेरिका-इजराइल हमले का असर दिख रहा है। तेल की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है। कई देशों में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और पेट्रोल स्टेशन पर राशनिंग शुरू कर दी गई है। नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन (एनओसी) ने पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है।
मीडिया रिपोर्ट में एनओसी के हवाले से कहा गया है कि नेपाल में पेट्रोल, केरोसीन और डीजल की कीमतों में 15 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जो आज आधी रात से लागू हो जाएगी। पिछली बार कीमतों में बदलाव 15 मार्च को किया गया था। नए बदलाव के बाद पेट्रोल की कीमतें अब पहली कैटेगरी में 184.50 रुपए प्रति लीटर, दूसरी कैटेगरी में 186 रुपए और तीसरी कैटेगरी में 187 रुपए प्रति लीटर हो गई हैं। इसी तरह डीजल और केरोसिन पहली श्रेणी में 164.50 रुपए प्रति लीटर, दूसरी श्रेणी में 166 रुपए प्रति लीटर और तीसरी श्रेणी में 167 रुपए प्रति लीटर बेचा जाएगा।
एनओसी ने साफ कहा है कि घरेलू पेट्रोलियम कीमतों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाल की वृद्धि के साथ संरेखित करने के लिए मूल्य वृद्धि जरुरी थी। इसी तरह डीजल और केरोसिन पहली श्रेणी में 164.50 रुपए प्रति लीटर, दूसरी श्रेणी में 166 रुपए प्रति लीटर और तीसरी श्रेणी में 167 रुपए प्रति लीटर बेचा जाएगा। सुरखेत और डांग दूसरी कैटेगरी में आते हैं, जबकि काठमांडू, पोखरा और दीपायल तीसरी कैटेगरी में शामिल हैं। एनओसी के मुताबिक इंटरनेशनल मार्केट में हाल की बढ़ोतरी के साथ घरेलू पेट्रोलियम कीमतों को अलाइन करने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी जरूरी थी।
मीडिया के मुताबिक बांग्लादेश एनर्जी रेगुलेटरी कमीशन ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल युद्ध से जुड़े वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव का हवाला देते हुए कंज्यूमर लेवल पर जेट फ्यूल की कीमतों में 80 फीसदी की भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। बांग्लादेश में डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए जेट फ्यूल की कीमत 112.41 टका से बढ़कर 202.29 टका प्रति लीटर तय की गई है। वहीं, इंटरनेशनल विमान के लिए जेट फ्यूल की कीमत 0.738 डॉलर प्रति लीटर से बढ़कर 1.3216 डॉलर प्रति लीटर होगी। अमेरिका में भी तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला।
वहीं पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 20-25 फीसदी तक उछाल आया। इसके अलावा, यूरोपीय देशों, खासकर जर्मनी में गैस और पेट्रोल के दाम 10-15 फीसदी तक बढ़ गए और थाईलैंड में पेट्रोल स्टेशनों पर राशनिंग शुरू कर दी गई है। पेट्रोल स्टेशन पर राशनिंग का मतलब है कि ईंधन की बिक्री पर सीमा तय करना। जब किसी देश में तेल की भारी कमी हो जाती है या कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ जाती हैं, तो सरकार या पेट्रोल पंप मालिक यह नियम लागू करते हैं कि एक व्यक्ति एक बार में कितना तेल खरीद सकता है।
अबू धाबी में गिरा मिसाइल का मलबा, दो की मौत, तीन घायल
27 Mar, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अबू धाबी। संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में मिसाइल का मलबा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई जबकि तीन घायल हो गए। गुरुवार को मीडिया कार्यालय ने अपने आधिकारिक एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने पोस्ट में बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक रोकने के बाद, स्वेइहान स्ट्रीट में मलबा गिरा। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई जबकि तीन घायल हो गए और कई वाहनों क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके साथ ही लोगों को सलाह दी गई कि वे केवल आधिकारिक सोर्स से ही जानकारी लें, अफवाहें फैलाने से बचें और अपडेट का इंतजार करें।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले यूएई के रक्षा मंत्रालय की ओर से एक बयान जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। एक्स पोस्ट में बताया गया कि यूएई का एयर डिफेंस सिस्टम ईरान से होने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रहा है और देश के अलग-अलग हिस्सों में सुनाई देने वाली आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने, साथ ही फाइटर जेट द्वारा ड्रोन और घूमते हुए हथियारों को इंटरसेप्ट करने का नतीजा है।
जब से ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल संघर्ष शुरू हुआ है, तब से यूएई में ईरानी स्ट्राइक में करीब 10 लोगों की मौत हो चुकी है। 21 मार्च को यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि आठ लोग मारे गए हैं, जिनमें सेना के दो सदस्य और पाकिस्तानी, नेपाली, बांग्लादेशी और फिलिस्तीनी देशों के छह आम नागरिक शामिल हैं।
मातम में बदलीं ईद की खुशियां: ढाका लौट रही बस नदी में गिरी, 26 यात्रियों की मौत
27 Mar, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका,। बांग्लादेश में एक भीषण सड़क हादसे ने ईद की खुशियों को गहरे सदमें के साथ ही मातम में बदल दिया। राजबाड़ी जिले में हुए इस बस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। प्रधानमंत्री रहमान ने मृतकों के प्रति गहरा शोक व्यक्त करते हुए दुर्घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
इस बस दुर्घटना में अब तक 26 यात्रियों के मरने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य यात्री अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत कार्य में लगी फायर सर्विस के अनुसार, 23 शव बस के अंदर से निकाले गए हैं, जिनमें 11 महिलाएं, 8 पुरुष समेत 5 बच्चे भी शामिल हैं। इस हादसे में अब तक 8 लोगों को जिंदा बचाया गया, लेकिन उनमें से 3 लोगों की बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। लापता हुए कुछ लोगों की तलाश जारी है। इस बीच खबर है कि 22 मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
बस में सवार अधिकांश यात्री ईद की छुट्टियां मनाकर राजधानी ढाका लौट रहे थे, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हादसा बुधवार शाम लगभग 5:15 बजे राजबाड़ी जिले के दौलतदिया टर्मिनल पर हुआ। बताया जा रहा है कि बस एक फेरी (नाव) पर चढ़ने की कोशिश कर रही थी, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से वह सीधे पद्मा नदी में जा गिरी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
हादसे के तुरंत बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। सेना, पुलिस, अग्निशमन सेवा और तटरक्षक बल की संयुक्त टीमों ने खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद करीब छह घंटे तक लगातार अभियान चलाया। क्रेन की मदद से बस को नदी से बाहर निकाला गया। जब बस को बाहर निकाला गया, तो उसमें से 14 शव बरामद हुए, जबकि इससे पहले गोताखोरों ने दो महिलाओं के शव निकाल लिए थे। मृतकों की संख्या बढ़कर अब कुल 26 हो गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस जब फेरी पर चढ़ रही थी, उसी दौरान एक छोटी यूटिलिटी नाव पोंटून से टकरा गई। इस टक्कर के कारण बस चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और बस सीधे नदी में गिर गई। कुछ यात्री तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि कुछ को स्थानीय लोगों ने बचा लिया। हालांकि, कई यात्री बस के भीतर ही फंस गए, जिससे उनकी जान नहीं बच सकी।
बताया जा रहा है कि बस में सवार कई यात्री एक ही परिवार के थे, जिससे हादसे का दर्द और भी गहरा हो गया। जो लोग बस के बाहर थे, वे सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके अपने ही लोग पानी में समा गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने तत्काल अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की और हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने मृतकों के प्रति गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। इस घटना में लापता हुए लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया गया है।
जंग के बीच ईरान की बड़ी घोषणा: 5 देशों के जहाज होर्मुज स्ट्रेट से पार कर सकेंगे
26 Mar, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
युद्ध के बीच ईरान ने भारत समेत पांच देशों के जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि भारत उन पांच देशों में से एक है जिन्हें कमर्शियल शिपिंग के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का इस्तेमाल करने की इजाजत दी गई है।
भारत के अलावा, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान के जहाजों को भी होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत मिली है। पांचों देश को 'दोस्त' बताते हुए ईरानी विदेश मंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि ईरान के विरोधियों से जुड़े जहाजों को इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
भारत के लिए यह घटनाक्रम बहुत अहम है, क्योंकि पश्चिम एशिया उसके ऊर्जा आयात का एक बड़ा जरिया बना हुआ है। भारत का मानना है कि होर्मुज में लंबे समय तक रुकावट के चलते देश में ईंधन और उर्वरक की कमी हो सकती है।
ट्रंप की ईरान को चेतावनी
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक और बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि ईरान उनके सामने गिड़गिड़ा रहा है और वो डील की भीख मांग रहा है।
ट्रंप का यह भी कहना है कि ईरानी वार्ताकार बहुत अजीब हैं। उन्होंने धमकी भरे अंदाज में कहा है कि तेहरान को "जल्द ही गंभीर हो जाना चाहिए, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए।
ट्रंप ने क्या कहा?
अपने ट्रुथ सोशल ऐप पर ट्रंप ने कहा- ईरानी वार्ताकार बहुत अलग और अजीब हैं। वे हमसे डील करने के लिए गुजारिश कर रहे हैं, जो उन्हें करना चाहिए क्योंकि वो सैन्य रूप से खत्म हो चुके हैं और वापसी का कोई मौका उनके पास नहीं हैट्रंप ने आगे कहा- ईरान को जल्द ही गंभीर हो जाना चाहिए, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, क्योंकि एक बार ऐसा हो गया, तो पीछे मुड़ना मुमकिन नहीं है, और यह अच्छा नहीं होगा।
ईरान ने क्या कहा?
उधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि उनकी सरकार ने युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत नहीं की है और न ही उनकी किसी बातचीत की योजना है। हालांकि उन्होंने माना कि यूएस ने दूसरे देशों के जरिए ईरान को संदेश भेजने की कोशिश की थी, उन्होंने कहा कि यह न तो बातचीत थी और न ही कोई नेगोशिएशन।
ईरान के सख्त रुख से कूटनीतिक समीकरण बदलते नजर आए
26 Mar, 2026 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईरान|ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में मध्यस्थों के माध्यम से ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच विभिन्न संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है, जबकि पिछले महीने के अंत में देश पर अमेरिकी और इजरायली हमलों की शुरुआत के बाद से तेहरान ने वाशिंगटन के साथ कोई बातचीत नहीं की है. उन्होंने सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी को दिए एक इंटरव्यू में यह टिप्पणी की|
अराघची ने कहा, "कुछ दिनों पहले से अमेरिकी पक्ष विभिन्न मध्यस्थों के माध्यम से अलग-अलग संदेश भेज रहा है. जब मित्र देशों के माध्यम से हमें संदेश भेजे जाते हैं और हम जवाब में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हैं या आवश्यक चेतावनी जारी करते हैं तो इसे न तो बातचीत कहा जाता है और न ही संवाद. यह केवल हमारे मित्रों के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान है और हमने अपने सैद्धांतिक रुख को दोहराया है|"
हम ऐसे खत्म करेंगे कि फिर दोबारा जंग न हो- अराघची
शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, उन्होंने आगे कहा कि कुछ संदेशों में ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका को अपने बुनियादी ढांचे पर हमला करने के खिलाफ चेतावनी दी थी, जिसके कारण वाशिंगटन ने 48 घंटों के भीतर ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमला करने की अपनी चेतावनी वापस ले ली. अराघची ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता और इस बात पर जोर दिया, "हमने इस युद्ध की शुरुआत नहीं की और हम इसे इस तरह से समाप्त करना चाहते हैं कि यह दोबारा न हो|"
अराघची बोले- ईरान नहीं चाहता सीजफायर, अपनी शर्तों पर खत्म करेंगे जंग
अराघची ने कहा कि ईरान युद्धविराम नहीं चाहता, क्योंकि यह बातचीत, युद्ध और फिर से शांति के उसी "दुष्चक्र" की पुनरावृत्ति होगी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हम इस युद्ध का अंत अपनी शर्तों पर चाहते हैं. अराघची ने कहा कि ईरान की मौजूदा नीति प्रतिरोध जारी रखने और देश की रक्षा करने की है और बातचीत करने की कोई योजना नहीं है. उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर कहा कि इस जलमार्ग को ईरान और ओमान के प्रादेशिक जल का हिस्सा माना जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन के लिए नई व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रहा है|
ट्रंप ने कहा था ईरान सीजफायर को बेताब
ईरानी विदेश मंत्री की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है और युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौता चाहता है. इजरायल और यूएस ने 28 फरवरी को तेहरान और ईरान के कई अन्य शहरों पर संयुक्त हमले किए, जिनमें ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के साथ-साथ वरिष्ठ सैन्य कमांडर और नागरिक मारे गए. ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मध्य पूर्व में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों को निशाना बनाकर मिसाइलों और ड्रोन हमलों की झड़ी लगा दी, और होर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़ा नियंत्रण स्थापित कर इजरायल और अमेरिका से संबंधित या उनसे संबद्ध जहाजों को सुरक्षित मार्ग की अनुमति नहीं दी|
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव: ईरान ने पाकिस्तानी जहाज को रोका
26 Mar, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी ईरान और अमेरिका-इजराइल सैन्य तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और गहरा गया है। ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने पाकिस्तान के कराची की ओर जा रहे एक जहाज को इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने से रोक दिया।
आईआरजीसी के नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी ने बताया कि ‘सेलेन’ नामक इस जहाज के पास होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की आवश्यक अनुमति नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस रणनीतिक मार्ग से गुजरने वाले हर जहाज को पहले ईरानी अधिकारियों से औपचारिक अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जबकि पाकिस्तान इस क्षेत्रीय संघर्ष में मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशिकयान से फोन पर बातचीत कर हालात को शांत करने के प्रयास किए थे। इसके बावजूद समुद्री गतिविधियों पर ईरान का कड़ा रुख इस बात का संकेत है कि वह अपनी सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर किसी तरह की ढील देने के पक्ष में नहीं है।
इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच भारत के लिए राहत की खबर यह है कि अब तक उसके पांच एलपीजी और तेल टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। इन जहाजों में ‘जग वसंत’, ‘पाइन गैस’, ‘शिवालिक’, ‘नंदा देवी’ और ‘जग लाडकी’ शामिल हैं। यह घटनाक्रम भारत के ऊर्जा आपूर्ति तंत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है।
संघर्ष समाप्त होने के लिए कौन-कौन सी शर्तें मानी जाएंगी?
26 Mar, 2026 11:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईरान|खाडी युद्ध पर लिखने के लिए कुछ भी नया नही है सिवाय इसके कि जंग कब रुकेगी और किसकी शर्तों पर रुकेगी? अमेरिका एकतरफा पांच दिवसीय युद्ध विराम का ऐलान कर चुका है जबकि ईरान ने सशर्त युद्ध विराम की बात कही है.युद्ध की वजह से शिकार और शिकारी ही नहीं अडोसी-पडौसी भी हलाककान हैं|
इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ छेडी गई जंग खरामा-खरामा एक महीने की होने वाली है. 27 दिन तो पूरे हो ही गए हैं, किंतु युद्ध समाप्त होना तो दूर अभी इसमें विराम भी लगता नहीं दिखाई दे रहा.दोनों ओर से जंग जारी है.खाडी में जंग कोई नयी बात नही है, लेकिन ये पहली बार हुआ है कि किसी मुल्क ने पारंपरिक हथियारों के साथ ही भूगोल का इस्तेमाल भी हथियार के रूप में किया है. होर्मुज नाम के इस हथियार ने हमलावर मुल्कों के साथ ही हमलावरों के शुभचिंतक तमाम मुल्कों की नींद हराम कर दी है|
ईरान को सबक सिखाने के लिए किए गए हमले से पहले हमलावरों को ये उम्मीद न थी कि ईरान इतने दिन युद्ध में टिक पाएगा. ईरान ने हमलावरैं के तमाम अनुमान गलत साबित कर दिए और युद्ध को चौथे सप्ताह तक खींच दिया. हमलावरों को यकीन था कि ईरान अयातुलल्लाह खोमेनी की हत्या के बाद पस्त होकर समर्पण कर देगा. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. ईरान में सत्ता का परिवर्तन भी नही हुआ और ईरान घुटनों के बल बैठा भी नहीं. ईरान लगातार लड रह है|
ये पहली बार हुआ है कि हमलावरों ने अपनी ओर से युद्धविराम का ऐलान किया है अन्यथा युद्धविराम का सफेद परचम तो हमेशा पीडित मुल्क की ओर से दिखाया जाता है.अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्धविराम की पेशकश के जबाब में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि ‘कई दिनों से अमेरिका ने अलग-अलग मध्यस्थों के ज़रिए संदेश भेजना शुरू कर दिया है.’अराग़ची ने ईरान के सरकारी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में यह बयान दिया है.उनका कहना है कि ये संदेश “मित्रवत देशों के ज़रिए भेजे गए”, और ईरान ने अपनी “स्थिति बताई है और चेतावनी देकर” इसका जवाब दिया है|
अराग़ची ने कहा, “यह न तो बातचीत है, न मोल-भाव और न ही ऐसा कुछ है.”उन्होंने कहा, “ईरान की नीति अब भी अपनी सुरक्षा करने की है और ‘’अभी बातचीत का कोई इरादा नहीं’ है.”अराग़ची ने आगे कहा, “यह इसराइल की लड़ाई है और अमेरिका के साथ ही इस इलाक़े के लोग इसकी कीमत चुका रहे हैं|”
सब जानते हैं कि हर जंग का नतीजा विनास और बाद में युद्धविराम होता है. ब देखना ये है कि युद्धवाराम किस की शर्तों पर होता है. अमेरिका ने एक तरफ युद्ध विराम की पेशकश की है और दूसरी तरफ 7 हजार अतिरिक्त सैनिक भी ईरान के आसपास उतार दिए हैं, इससे ईरान को अमेरिका की पेशकश संदिग्ध लग रही है. अमेरिका बातचीत के लिए जिन मुल्कों को मध्यस्थ बनाना चाहता है उनकी कोई हैसियत नहीं है.बिना पंचों के बातचीत कैसे शुरू होगी?
इस युद्ध में हालांकि अभी तक परमाणु बम का इस्तेमाल नही हुआ है लेकिन खाडी का तेल ही आधी दुनिया का तेल निकाले दे रहा है. 146 करोड की आबादी के भारत समेत तमाम देशों का तेल निकलने लगा है.नौबत ऊर्जा आपातकाल लागू होने तक की आ गई है.चीन और रूस इस जंग में फायदे में हैं वे मूक दर्शक भी हैं और नहीं भी. दोनों बीच -बीच में घुडकी देते रहते हैं
बहरहाल दुनिया की नजर है इस खाडी जंग पर. ये जंग भी वियतनाम और अफगानिस्तान की जंग की तरह समाप्त होगी. खाडी की जंग रूस और यूक्रेन की जंग नहीं है जो चार साल तक खिंच जाए. यदि खाडी जंग चार महिने भी खिंच गई तो आधी दुनिया का अर्थशास्त्र चौपट हो जाएगा|
गैस संकट पर क्रिएटिव रील्स, इंटरनेट पर छाया LPG सिलिंडर
26 Mar, 2026 11:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार। टटीरी गाने में आपत्तिजनक शब्दों के प्रयोग से गुस्से से उबल रही सोशल मीडिया के लिए गैस सिलिंडरों की किल्लत ठंडी हवा का झोंका लाई है। डीडीएलजे, कभी खुशी कभी गम, गदर, बॉर्डर, जिद्दी, जुदाई, जोधा अकबर, विजयपथ, दीवार और कारवां जैसी फिल्मों के गानों-संवादों से हंसी और परेशानी बयां की जा रही हैं। सिंलिडर खत्म होने पर मातम का माहौल दर्शाकर व्यथा के दौर को कटाक्ष का तड़का लगाकर पेश किया जा रहा है। कोई प्रेस पर रोटी सेंक रहा है तो कहीं ब्रीफकेस उठाकर महिलाएं मायके की राह पकड़ रही हैं। कंधों पर सिलिंडर लेकर पहुंच रहे घर के सदस्य या डिलीवरी बॉय के स्वागत में बैंड-बाजा और ढोल बज रहे हैं। फूल बरस रहे हैं। तिलक लगाया जा रहा है। आरती की जा रही है। ऐसे माहौल में लगभग भूला दिए गए उपलों को अनमोल धरोहर के रूप में पेश किया जा रहा है। एक रील में तो उपले बेच रही महिला गैस एजेंसी संचालक को हड़काते हुए खुले पैसे लेकर आने और केवाईसी कराने के लिए कह रही है।
सुनो, सुनो, सुनो...दहेज में पांच सिलिंडर दिए जाएंगे
एक युवक रिक्शा पर सिलिंडर लादकर लाउड स्पीकर पर यह कहते हुए आगे बढ़ रहा है कि सुनो, सुनो, सुनो...जो भी मेरी बहन से शादी करेगा उसको दहेज में पांच सिलिंडर दिए जाएंगे। एक अन्य रील में दूल्हा शादी के बाद दुल्हन को साथ ले जाने से मना करता है। परिजन कहते हैं- दामाद जी, सब तो दे दिया आपको। पांच लाख रुपये, सोने की अंगूठी, सोने की चेन और स्पलेंडर। दूल्हा बना युवक तपाक से कहता है- स्पलेंडर नहीं सिलिंडर चाहिए। एक और रील में सिलिंडर पर बैठा युवक कह रहा है- भरो सिलिंडर पड़ो है आपणै घरा। रिश्ता आला की लाइन लाग री है।
इतरा रहीं समीरा...मार लिया मैदान
कॉमेडी फिल्म दे दनादन की अभिनेत्री समीरा रेड्डी भी अपनी रील से सिलिंडर किल्लत से बनी स्थिति में हास्य भाव का समावेश कर लोगों को गुदगुदा रही हैं। ताज धारण किए सिलिंडर के साथ समीरा घर में प्रवेश करती हैं। इस पर नोटों की गड्डी वारी जाती है। चाय का कप परोसा जाता है। फूलों से अभिवादन करती नजर आ रही हैं। सेल्फी ले रहीं अभिनेत्री इस कदर इतरा रही हैं जैसे सिलिंडर पाकर बड़ा मैदान पर लिया हो।
लोग दीया लेकर ढूंढ रहे गोसे...
एक महिला उपले बनाते हुए कटाक्ष कर रही है। मोदी तन्ने एक काम तो बढ़िया करो। बहुत खुश हूं। मेरो तो दिल गार्डन-गार्डन होगो। मैं तो कहूं यो सिलिंडर तू 5 हजार को कर दे। बेरो लाग ज्या। जो ये इतरावै है ना आज कल की, हम न तो कदे चूल्हो ना देखो। हम ना कदे चूल्हो चलायो ना। एक अन्य रील में महिला तंज कस रही है, 12 साल में कुरड़ी के दिन भी फिर ज्यां, या कहावत आज सच होगी। सिलिंडर खत्म होते ही लोग दीया लेकर ढूंढ रहे गोसे (उपले) ।
बादशाह का सिलिंडर हो गया गायब...
अपने विवादित बोल से चर्चा में आए रैपर बादशाह का किस्सा भी परेशानी के इस दौर में हंसी की फुहार बिखेर रहा है। एक रील में बादशाह नाम का युवक बाइक पर सिलिंडर लेकर जाता दिखाया गया है। युवक कहता है- सरपंच साहब राम राम। अभिवादन करते हुए सरपंच उक्त युवक से सिलिंडर कितने में लाने की बात पूछते हैं। जबाव मिलता है-यो पड़ग्या ब्लेक म्ह (कालाबाजारी से) 2070 का। बातचीत के दौरान सरपंच उक्त युवक पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कटाक्ष करता है। इस बीच बाइक पर रखे सिलिंडर की जगह उपलों से भरा कट्टा नजर आता है। युवक ताकता रह जाता है।
सीनेट में टकराव, ट्रंप से जुड़ी जांच को रिपब्लिकन नेताओं ने मॉडर्न वॉटरगेट करार दिया
26 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिकी सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ी जांच को लेकर राजनीतिक टकराव हो गया। रिपब्लिकन नेताओं ने इस जांच को मॉडर्न वॉटरगेट करार देते हुए इसे सत्ता का दुरुपयोग बताया, जबकि डेमोक्रेट्स ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए जांच को सामान्य कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीनेट की ज्यूडिशियरी सबकमेटी की एक बैठक के दौरान टेक्सास के रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने आरोप लगाया कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में जस्टिस डिपार्टमेंट ने बेहद व्यापक जांच की अनुमति दी थी जिसमें करीब एक लाख निजी संचार तक पहुंच बनाई गई। उन्होंने दावा किया कि इस जांच का असर एक दर्जन से ज्यादा सीनेटरों और हजारों लोगों की निजी जिंदगी पर पड़ा। क्रूज ने कहा कि यह एक मॉडर्न वॉटरगेट है और दावा किया कि यह पहले के घोटालों से भी आगे है, क्योंकि इसे सरकारी शक्तियों के तहत पूरी तरह अधिकृत और लागू किया गया।
रिपब्लिकन नेताओं ने आरोप लगाया कि इस जांच के तहत करीब 200 कानूनी नोटिस जारी किए गए, जिनमें 400 से ज्यादा रिपब्लिकन समर्थित व्यक्तियों और संगठनों को निशाना बनाया गया। इनमें राजनीतिक समूह, डोनर, वकील और ट्रंप से जुड़े कैंपेन और अन्य संगठन शामिल बताए गए।
सीनेटर माइक ली ने इसे चौंकाने वाली घटना बताया, जबकि जॉन केनेडी ने सवाल उठाया कि टेलीकॉम कंपनियों ने इन आदेशों का पालन क्यों किया। क्रूज ने आरोप लगाया कि एफबीआई ने फोन टोल रिकॉर्ड्स हासिल किए जिनमें कई प्रतिनिधियों के डेटा भी शामिल थे। उनके मुताबिक, सीनेट के करीब 20 फीसदी रिपब्लिकन सदस्यों का डेटा इकट्ठा किया, जिसे उन्होंने अभूतपूर्व दखल बताया।
वहीं डेमोक्रेट्स ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। रोड आइलैंड के सीनेटर शेल्डन व्हाइटहाउस ने कहा कि फोन रिकॉर्ड के लिए सबपोएना जारी करना किसी भी जांच का सामान्य हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि लगभग हर जांच में टोल रिकॉर्ड्स के लिए सबपोएना लिया जाता है।
व्हाइटहाउस ने यह भी कहा कि काश पटेल और सुसी वाइल्स जैसे लोग जांच के लिए प्रासंगिक थे। काश पटेल खुद फैक्ट विटनेस बन चुके थे, जबकि वाइल्स का जिक्र ट्रंप से जुड़े क्लासिफाइड डॉक्यूमेंट केस में भी हुआ था। डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन से मांग की कि वे स्पेशल काउंसल जैक स्मिथ को गवाही के लिए बुलाएं। व्हाइटहाउस ने कहा उन्हें क्यों नहीं बुलाते? सीधे उनसे ही सुन लेते हैं।
एक अन्य डेमोक्रेटिक सीनेटर ने इस सुनवाई को बेबुनियाद राजनीतिक अभियान बताया, जबकि हवाई की सीनेटर मेजी हिरोनो ने कहा कि रिपब्लिकन पुराने मुद्दों को फिर से उछाल रहे हैं। इस बीच, गवाह के तौर पर पेश हुए पूर्व एफबीआई अधिकारी क्रिस्टोफर ओ’लेरी ने एजेंसी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि एफबीआई की जांच तथ्यों, खुफिया जानकारी और सबूतों पर आधारित होती है, न कि किसी राजनीतिक विचारधारा पर। ओ’लेरी ने यह भी चेतावनी दी कि हाल के समय में एफबीआई कर्मचारियों की बर्खास्तगी से राष्ट्रीय सुरक्षा, खासकर काउंटर इंटेलिजेंस ऑपरेशंस को पीढ़ीगत नुकसान पहुंचा है।
ईरान से जंग खत्म करने बातचीत के लिए पाकिस्तान जाएंगे अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस
26 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत हो सकती है, लेकिन शांति वार्ता से पहले जो शर्तें रखी गई हैं उन्हें देखने से पता चलता है कि शायद इन शर्तों को मानना अमेरिका के लिए नामुमकिन होगा। अमेरिकी शर्तें भी ऐसी ही हैं जो शायद ही तेहरान कबूल करे। इसीलिए ट्रंप जो युद्ध से हर हाल में भागना चाह रहे हैं क्या वह तेहरान की इन शर्तों को मानेंगे ये बड़ा सवाल है। अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस शांति वार्ता पर बात करने पाकिस्तान जा रहे हैं और उससे पहले ईरान ने अपनी शर्तें बता दी हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि ईरान के साथ अच्छी बातचीत चल रही है। हालांकि पहले तेहरान ने उनके दावों का मजाक उड़ाया था लेकिन बाद में उसने माना कि उसे कुछ मित्र देशों से संदेश मिले हैं जिनमें युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत की अमेरिकी गुजारिश का जिक्र है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जिसमें सूत्रों का हवाला दिया गया है, ईरान के रुख का मूल संदेश यह है कि सिर्फ युद्ध खत्म करना ही काफी नहीं होगा। यदि बातचीत आगे बढ़ती है तो उसकी मुख्य मांगों में कई मांगे ऐसी हैं जिसपर शायद ही सहमति बन सकती है।
बता दें ईरान ने युद्धविराम के लिए अमेरिका के सामने जो प्रमुख मांगे रखी हैं उनमें फारस की खाड़ी और पश्चिम एशिया में सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद किया जाए। होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी व्यापारिक जहाजों से शुल्क वसूलने का अधिकार उसे मिले। ठीक वैसे ही जैसे स्वेज नहर में होता है। युद्ध के दौरान अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान को जो भी नुकसान हुआ है उसकी भरपाई अमेरिका और इजराइल करें। ईरान ने मांग की है कि उसके ऊपर लगाए गये सभी प्रतिबंध हटाए जाएं। भविष्य में ईरान के खिलाफ कोई भी युद्ध थोपा नहीं जाए। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने कहा है कि वह बगैर किसी बातचीत के अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों का निर्माण जारी रखेगा और ईरानी मिसाइलों के लिए कोई रेंज नहीं होगी। लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ होने वाले इजराइली हमलों को रोका जाए।
ईरान की इन मांगों को मानना अमेरिका और इजराइल के लिए मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन लग रहा है। जैसे आर्थिक मुआवजे को ही मान लें। हालांकि ईरान ने आधिकारिक तौर पर अभी तक कोई आंकड़ा नहीं रखा है, लेकिन कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मुआवजे की ये राशि 500 अरब डॉलर से ज्यादा हो सकती है। इतना ज्यादा मुआवजा कौन देगा? इसके अलावा बैलिस्टिक मिसाइल की रेंज। ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के पीछे ट्रंप ने जिन वजहों के बारे में बताया था उनमें से एक उसकी बैलिस्टिक मिसाइल का खतरा भी था यानि जिस वजह से अमेरिका ने युद्ध शुरू किया क्या उस वजह को ही युद्धविराम की शर्तों से हटाकर वह युद्ध खत्म करेगा?
ग्लोबल सर्वे में चीन का दबदबा, इंडस्ट्रियल इनोवेशन की तारीफ
26 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चीन। वर्ष 2026 चोंगुक्वानछुन मंच का वार्षिक सम्मेलन बुधवार को पेइचिंग में उद्घाटित हुआ। यह मंच चीन की वैज्ञानिक व तकनीकी प्रगति की स्थिति को जानने की अहम खिड़की माना जाता है।चाइना मीडिया ग्रुप के अधीन सीजीटीएन द्वारा वैश्विक नेटिजनों के बीच किए गए सर्वे के मुताबिक 90 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि सृजन से केंद्रित वैज्ञानिक व तकनीकी स्पर्द्धा चतुर्मुखी राष्ट्रीय शक्ति की स्पर्द्धा का फोकस है।वर्ष 2007 में स्थापित इस मंच का शाश्वत मुख्य विषय सृजन और विकास है ।इस साल के सम्मेलन में 100 से अधिक देशों और क्षेत्रों के करीब एक हजार अतिथि इस में भाग ले रहे हैं ।सीजीटीएन के इस सर्वे के परिणामों से जाहिर है कि 84.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं का विचार है कि चोंगक्वानछुन मंच विश्व के वैज्ञानिकों ,उद्यमियों और निवेशकों के लिए आदान-प्रदान का मंच है। 89.4 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि यह मंच न सिर्फ चीनी वैज्ञानिक व तकनीकी उपलब्धियों को दिखाने का मंच है ,बल्कि वैश्विक वैज्ञानिक व तकनीकी शासन में चीन की भागीदारी की अहम खिड़की है। अगले पाँच वर्षों में चीन के पूरे समाज के अनुसंधान और विकास का खर्च प्रति साल 7 प्रतिशत से बढ़ जाएगा ।वैज्ञानिक व तकनीकी नवाचार चीनी आधुनिकीकरण के केंद्रीय स्थान पर रखा गया है ।इस सर्वे में 92.8 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने विश्वास जताया कि चीन संसाधन एकत्र कर महत्वपूर्ण क्षेत्रों की तकनीकी चुनौतियों को दूर कर सकता है। 84.1 प्रतिशत लोगों का विचार है कि चीन की विशाल आबादी और विशाल बाजार वैज्ञानिक व तकनीकी उपलब्धियों को वास्तविक प्रयोग में लाने के लिए स्थिति तैयार करेगा ।इसके अलावा इस सर्वे में 84.9 प्रतिशत लोगों ने माना कि चीन वैज्ञानिक व तकनीकी नवाचार में जिस तरह के खुलेपन,सहयोग और साझी जीत का रुख अपनाता है ,वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अधिक मौके प्रदान करेगा।
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